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Archive | December 6th, 2017

संविधान निर्माण में बाबा साहब के योगदान को भारतवासी युगों-युगों तक स्मरण करेंगे: राज्यपाल

Posted on 06 December 2017 by admin

डाॅ0 आंबेडकर ने सामाजिक बुराइयों का सामना करते हुए उच्च शिक्षा
प्राप्त की और समाज के सामने एक मानक प्रस्तुत किया: मुख्यमंत्री

उत्तर प्रदेश के राज्यपाल श्री राम नाईक जी ने कहा कि डाॅ0 भीमराव आंबेडकर बेहद प्रतिभाशाली एवं अनोखे व्यक्तित्व के धनी थे। उन्होंने बहुत कष्ट उठाकर उच्च शिक्षा प्राप्त की और महान शिक्षाविद्, कानूनवेत्ता और समाज सुधारक बने। वर्तमान समय में उनके संघर्ष को समझ पाना भी कठिन है। बाबा साहब भारतीय संविधान की ड्राफ्टिंग कमेटी के अध्यक्ष थे, जो कि अत्यन्त चुनौतपूर्ण कार्य था। संविधान निर्माण में बाबा साहब के योगदान को भारतवासी युगों-युगों तक स्मरण करेंगे। उन्होंने कहा कि प्रायः बाबा साहब का नाम भीम राव अम्बेडकर लिखा जाता है, जो कि सही नहीं है। उन्होंने संविधान की हिन्दी मूल प्रति पर बाबा साहब द्वारा किए गए हस्ताक्षर भीमराव रामजी आंबेडकर को सही बताते हुए सभी से इसे ऐसे ही अपनाने का आह्वान किया। press-22
राज्यपाल जी आज यहां बाबा साहब डाॅ0 भीमराव अम्बेडकर महासभा में डाॅ0 आंबेडकर के परिनिर्वाण दिवस पर आयोजित कार्यक्रम में उन्हें श्रद्धांजलि अर्पित करने के पश्चात अपने विचार व्यक्त कर रहे थे। इस मौके पर उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ जी ने बाबा साहब डाॅ0 भीमराव आंबेडकर को भारतीय संविधान का शिल्पी बताते हुए कहा कि आज पूरा देश भारत माता के इस सपूत को अपनी श्रद्धांजलि दे रहा है।
मुख्यमंत्री जी ने कहा कि छोटे से बड़ा होना महानता का लक्षण है। बाबा साहब ने महानता अपने कृतित्व से अर्जित की। मध्यकाल में पैदा हुई छुआ-छूत और अस्पृश्यता की विकृति का शिकार बाबा साहब को भी अपने बचपन में होना पड़ा। किन्तु उन्होंने सामाजिक बुराइयों का सामना करते हुए उच्च शिक्षा प्राप्त की और समाज के सामने एक मानक प्रस्तुत किया। आजादी के संघर्ष सहित भारत के संविधान में उनका अभूतपूर्व योगदान अविस्मरणीय एवं अभिनन्दनीय है। उन्होंने कहा कि प्रदेश के हर सरकारी कार्यालय में डाॅ0 भीमराव रामजी आंबेडकर की तस्वीर सम्मानजनक ढंग से स्थापित की जाएगी।4
प्रधानमंत्री जी द्वारा कल 07 दिसम्बर, 2017 को नई दिल्ली में आंबेडकर भवन के उद्घाटन की जानकारी देते हुए योगी जी ने कहा कि केन्द्र और प्रदेश सरकार डाॅ0 आंबेडकर के दलितों को मुख्य धारा से जोड़ने के सपने को साकार करने के लिए कटिबद्ध है। वर्ष 2014 में आदरणीय प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी जी के नेतृत्व में भारतीय जनता पार्टी की सरकार बनने के बाद डाॅ0 आंबेडकर से जुड़े स्थलों यथा मध्य प्रदेश राज्य में उनकी जन्मभूमि, इंग्लैण्ड में उनका शिक्षा स्थल, दिल्ली में राजकीय भूमि, मुम्बई में चैत्य भूमि आदि को महत्व देकर पंचतीर्थ के रूप में विकसित किया गया है। स्टैण्डअप योजना के तहत प्रत्येक बैंक की ब्रांच को कम से कम एक दलित को उद्यमिता के लिए प्रोत्साहित करने के लिए कहा गया है। इससे हजारों की संख्या में दलित नौजवानों को आगे बढ़ने का मौका मिला है। इस योजना के तहत प्रदेश में प्रत्येक वर्ष 35 हजार उद्यमी लाभान्वित होंगे।
मुख्यमंत्री जी ने कहा कि हाथ से मैला उठाने की प्रथा को समाप्त करने के लिए राज्य सरकार प्रत्येक व्यक्ति को शौचालय उपलब्ध कराने के लिए प्रतिबद्ध है। ग्रामीण इलाकों में 48 लाख शौचालयों का निर्माण कराया गया है। अनुसूचित जाति एवं जनजाति के छात्रों के खाते में छात्रवृत्ति की शत-प्रतिशत धनराशि अंतरित की गई है। राज्य सरकार ने शादी आदि अनुदानों को कार्यक्रम से पहले दिए जाने की व्यवस्था की है।
योगी जी ने कहा कि सामाजिक, आर्थिक विषमता समाज के लिए अभिशाप है। इसलिए हम सभी समतामूलक समाज के निर्माण के लिए प्रयासरत हैं। डाॅ0 आंबेडकर जैसे व्यक्तित्व और कृतित्व के महापुरुष को पाठ्यक्रम में स्थान मिलना चाहिए। महापुरुषों के नाम पर होने वाली छुट्टियों के स्थान पर ऐसे दिवसों पर स्कूलों में सम्बन्धित महापुरुष के बारे में विद्यार्थियों को जानकारी दी जानी चाहिए, जिससे भावी पीढ़ी महापुरुष के व्यक्तित्व एवं कृतित्व के बारे में जानकर उनसे प्रेरणा प्राप्त करे।
कार्यक्रम को श्रम मंत्री स्वामी प्रसाद मौर्य तथा बाबा साहब डाॅ0 भीमराव अम्बेडकर महासभा के राष्ट्रीय अध्यक्ष श्री लालजी प्रसाद निर्मल ने भी सम्बोधित किया। कार्यक्रम के अन्त में उप मुख्यमंत्री डाॅ0 दिनेश शर्मा ने अतिथियों के प्रति आभार प्रकट किया।
इससे पूर्व, राज्यपाल व मुख्यमंत्री ने डाॅ0 अम्बेडकर महासभा परिसर में स्थापित तथागत बुद्ध की प्रतिमा पर माल्यार्पण तथा डाॅ0 आंबेडकर के अस्थिकलश पर पुष्पांजलि भी अर्पित की। इस दौरान राज्यपाल जी और मुख्यमंत्री जी ने भारतरत्न बोधिसत्व बाबासाहब डाॅ0 भीमराव अम्बेडकर महासभा परिसर में स्थापित अनुसूचित जाति/जनजाति उत्पीड़न निवारण एवं सशक्तिकरण केन्द्र का उद्घाटन भी किया।
इस अवसर पर राज्य सरकार के मंत्रिगण आशुतोष टण्डन, बृजेश पाठक, दारा सिंह चैहान, धर्मपाल सिंह, गिरीश यादव, सुरेश राणा, श्रीमती स्वाती सिंह सहित जनप्रतिनिधिगण प्रमुख सचिव सूचना अवनीश कुमार अवस्थी अन्य अधिकारीगण एवं गणमान्य व्यक्ति मौजूद थे।

सुरेन्द्र अग्निहोत्री, लखनऊ

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श्री त्रिपाठी के काव्य संग्रहों का लोकार्पण

Posted on 06 December 2017 by admin

साहित्य यानि सकारात्मक सोच - राज्यपाल

जयपुर, 6 दिसम्बर। राज्यपाल श्री कल्याण सिंह ने कहा है कि सकारात्मक सोच बनाने वाला लेखन ही साहित्य होता है। उन्होंने कहा कि जीवन की टेड़ी-मेड़ी राहों से सुगम मार्ग बनाने में साहित्य सहयोगी होता है।photo-1-6

राज्यपाल श्री सिंह ने बुधवार को यहां राजभवन में पश्चिम बंगाल के राज्यपाल श्री केशरी नाथ त्रिपाठी की कृतियां ‘‘खयालों का सफर‘‘ और ‘‘जख्मों पर शबाब‘‘ के राजस्थानी में अनुदित काव्य संग्रहों का लोकार्पण किया।

राज्यपाल श्री सिंह ने कहा कि श्री त्रिपाठी पचास वर्षों से उनके मित्र हैं। हमारे मत व मन में कभी भिन्नता नही आई। सदैव मधुर सम्बन्ध रहे। बहुमुखी प्रतिमा के धनी श्री त्रिपाठी की कविताओं में जीवन की गहराइयां हंै। राज्यपाल ने कहा कि इन काव्य संग्रहों का अनुवाद सम्यक है। उन्होंने कहा कि श्री त्रिपाठी ने राजनीति, वकालात, कविता और मित्रता में मिशाल कायम की है।
पश्चिम बंगाल के राज्यपाल श्री केशरी नाथ त्रिपाठी ने कहा कि श्री कल्याण सिंह से उनके सम्बन्ध हाथ की लकीरों की तरह हैं। उन्होंने कहा कि यह कविताएं थल, नभ, जल में रचित हुई हैं। कविताएं अनायास ही बन जाती हैं। कविता का स्रोत कैसे व कहां से उत्पन्न होता है, उसका पता ही नही चलता है।
श्री कला नाथ शास्त्री, काव्य संग्रहों की अनुवादक डाॅ. जेबा रशीद व श्री सुन्दरम शांडिल्य ने काव्य संग्रहों के बारे में चर्चा की। राज्यपाल श्री त्रिपाठी ने उनके कार्य में सहयोग के लिए श्री रामेश्वर लाल गोयल, डाॅ. रणजीत सिंह चैहान व श्री विवेक बैद का सम्मान किया। संचालन व स्वागत उद्बोधन डाॅ. प्रकाश त्रिपाठी ने किया।

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हाजी महबूब के बयान से खुली कांग्रेस की पोल - राकेश त्रिपाठी

Posted on 06 December 2017 by admin

लखनऊ 06 दिसम्बर 2017, भारतीय जनता पार्टी प्रदेश प्रवक्ता राकेश त्रिपाठी ने हाजी महबूब के बयान का सहारा लेकर कांग्रेस पर निशाना साधा। श्री त्रिपाठी ने कहा कि हाजी महबूब के बयान से स्पष्ट हो गया कि सुन्नी वक्फ वोर्ड भी राम मंदिर मसले का जल्द निपटारा चाहता है। सुन्नी वक्फ बोर्ड के वकील की हैसियत से पूर्व मंत्री और वरिष्ठ कांग्रेसी नेता कपिल सिब्बल ने सुन्नी वक्फ बोर्ड का पक्ष रखने के बजाय कांग्रेस का पक्ष रखा। वकील के तौर पर कपिल सिब्बल को कानूनी प्रावधानों का उल्लेख करना चाहिए था लेकिन कपिल सिब्बल ने योजनाबद्ध तरीके से अपने मुवक्किल की इच्छा के विपरीत सुनवाई टालने के लिए विशुद्ध सियासी दलील रखी।
श्री त्रिपाठी ने कहा कि हाजी महबूब के बयान से कांग्रेस की पोल खुल गई है। कांग्रेस के इस तर्क को हाजी महबूब ने खारिज कर दिया कि कपिल सिब्बल की दलील एक वकील के तौर पर थी। वकील मुवक्किल की मंशा के अनुरूप ही दलील रखता है जबकि कपिल सिब्बल ने कांग्रेस की मंशा के अनुरूप राम मंदिर निर्माण के मार्ग में रोड़े अटकाने की नीयत से सुनवाई टालने की वकालत की।
श्री त्रिपाठी ने कहा कि सैकड़ों वर्षो से रामलला के भक्त अन्याय झेलने को मजबूर रहे है। दासता का प्रतीक विवादित ढांचा तो 25 वर्ष पहले गिर गया लेकिन करोड़ो हिन्दूओं के ईष्ट प्रभु राम की जन्मभूमि अब भी न्याय की बाट जोह रही है। न्याय की अंतिम चैखट पर जब फैसला आने में कुछ ही समय बचा है तब भी कांगे्रस अपने कुत्सित प्रयास से बाज नहीं आ रही है। कपिल सिब्बल की सुनवाई टालने की दलील ने बहुसंख्यक हिन्दू जनमानस को ठेस पहुंचाई है।

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इग्नू ट्रान्सजेण्डर विद्यार्थियों को देगा पढने का मौका

Posted on 06 December 2017 by admin

लखनऊ: 06 दिसम्बर, 2017
इन्दिरा गाँधी राष्ट्रीय मुक्त विश्वविद्यालय किन्नर समुदाय के लोगों को शिक्षा के मुख्य धारा से जोड़ने हेतु निःशुल्क शिक्षा प्रदान कर रहा है। यह योजना जुलाई सत्र 2017 से लागू की गयी है और जनवरी सत्र 2018 में इसे व्यापक रूप से प्रसारित किया जायेगा, जिससे अधिक से अधिक किन्नर समुदाय उच्च शिक्षा से जुड सके।

डाॅ0 मनोरमा सिंह, क्षेत्रीय निदेशक ने बताया कि जनवरी 2018 सत्र से ट्रान्सजेन्डर विद्यार्थियों का नामांकन अवध गल्र्स पी0जी0 काॅलेज, लखनऊ में स्थित इग्नू अध्ययन केन्द्र पर किया जायेगा। यह अध्ययन केन्द्र हाल में ही केवल महिलाओं हेतु स्थापित किया गया था, जिससे लखनऊ एवं निकटतम् क्षेत्र के महिला विद्यार्थियों का इग्नू के अनेक पाठ्यक्रमों का लाभ ले सकें। इसके अतिरिक्त इस महाविद्यालय में अनेक रोजगारपरक पाठ्यक्रम प्रारम्भ किये गये हैं, जिसके माध्यम से महाविद्यालय की छात्रायें अपने मूल विषय के साथ इन पाठ्यक्रमों में प्रवेश लेकर अपने ज्ञान का संवर्धन एवं रोजगारपरकता बढ़ा सकती हैं।

अवध गल्र्स पी0जी0 काॅलेज स्थित इग्नू अध्ययन केन्द्र पर ट्रान्सजेन्डर विद्यार्थियों के प्रवेश हेतु अनुरोध सुश्री ज़रीन वीकाजी, अध्यक्ष, प्रबन्धन समिति, अवध गल्र्स पी0जी0 काॅलेज से इग्नू अधिकारियों द्वारा किया गया और उन्होंने सहर्ष अपनी स्वीकृति प्रदान की। इस सम्बन्ध में इग्नू अधिकारियों ने प्रो0 निशी पाण्डेय, प्रबन्धक, अवध गल्र्स पी0जी0 काॅलेज से भी वार्ता की उन्होने भी इस कदम का स्वागत किया। इग्नू अधिकारियों श्री अंशुमान उपाध्याय एवं डाॅ0 अमित कुमार श्रीवास्तव, सहायक क्षेत्रीय निदेशकों ने महाविद्यालय में प्राचार्य एवं अन्य शिक्षकगणों से इस सम्बन्ध में वार्ता की एवं डाॅ0 उपमा चतुर्वेदी, प्राचार्य ने किन्नर समुदाय के विद्यार्थियों को पूर्ण अकादमिक सहयोग देने का आश्वासन दिया।

अंशुमान उपाध्ययन ने बताया कि अवध गल्र्स पी0जी0 काॅलेज स्थित इग्नू अध्ययन केन्द्र पर 04 पाठ्यक्रम परास्नातक स्तर के संचालित किये जा रहे हैं, जिनमें से मानव शास्त्र, दर्शन शास्त्र, अंग्रेजी एवं ग्रामीण विकास विषय प्रमुख है। बी0ए0, बी0काॅम0 के अतिरिक्त 6 माह का बैचलर्स प्रीप्रेट्री प्रोग्राम संचालित किया जा रहा है, जिनके माध्यम से वे सभी इच्छुक विद्यार्थी जिन्होंने औपचारिक शिक्षा न ग्रहण की हो फिर भी वे मुख्य शिक्षा की धारा से जुड सकते हैं। इस कार्यक्रम को पूर्ण करने के पश्चात विद्यार्थी इग्नू से बी0ए0, बी0काॅम0 एवं अन्य पाठ्यक्रम कर सकते हैं। यह कार्यक्रम ट्रान्सजेन्डर समुदाय के विद्यार्थियों हेतु मुख्यधारा से जुड़ने के लिए अत्यन्त लाभदायक रहेगा। जनवरी 2018 सत्र में प्रवेश की अन्तिम तिथि 31 दिसम्बर 2017 है तथा इग्नू के लगभग सभी पाठ्यक्रमों में प्रवेश आॅनलाईन onlineadmission.ignou.ac.in से प्राप्त किये जा सकते हैं।

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प्रवास कार्यक्रम

Posted on 06 December 2017 by admin

लखनऊ 06 दिसम्बर 2017, भारतीय जनता पार्टी प्रदेश अध्यक्ष डा0 महेन्द्र नाथ पाण्डेय गुजरात में चुनाव प्रचार के लिए सूरत पहुंचे। प्रदेश अध्यक्ष डा0 पाण्डेय ने 06 दिसम्बर को गुजरात के विभिन्न नगरों में भाजपा प्रत्याशियों के समर्थन में चुनाव प्रचार किया। 07 दिसम्बर को स्थानीय योजनानुसार कार्यक्रमों में सहभागिता करेंगे।

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लखनऊ 06 दिसम्बर 2017, उपमुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य दिनांक 07 दिसम्बर को दोपहर 01 बजे पीडब्ल्यूडी सर्किट हाउस औरैया में कार्यकर्ताओं के साथ भेंट करेंगे। दोपहर 02 बजे कानपुर देहात में सिकन्दरा बिरहाना मार्ग पर कार्यकर्ता सम्मेलन को सम्बोधित करेंगे। सायं 04.40 बजे लखनऊ पहुंचेंगे।

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उपन्यास ‘मदारीपुर जंक्शन’ का विमोचन

Posted on 06 December 2017 by admin

दिनांक 04.12.2017 को सांय 7 बजे इरम गल्र्स इ0का0 इन्दिरा नगर, लखनऊ में श्री बालेन्दु कुमार द्विवेदी द्वारा लिखित उपन्यास ‘मदारीपुर जंक्शन’ का विमोचन श्री बृजेश पाठक व श्रीमती रीता बहुगुणा जोशी, मा0 कैबिनट मंत्री उ0प्र0 सरकार तथा अन्य सम्मानित व्यक्तियों की उपस्थिति में किया गया। श्री अरुण माहेश्वरी, श्री ओम निश्चल, श्री अशोक चक्रधर आदि ने उपन्यास पर परिचर्चा की।whatsapp-image-2017-12-05-at-12
श्री अशोक चक्रधर ने उपन्यास पर बोलते हुए कहा कि प्रथम दृष्टया और कुल मिलाकर अत्यन्त पठनीय उपन्यास बन पड़ा है लगता ही नहीं है कि किसी उपन्यासकार का पहला उपन्यास है। इसके अतिरिक्त विभिन्न समीक्षकों ने उपन्यास पर अपनी प्रतिक्रिया भेजी जिसे कवि रतिनाथ योगेश्वर ने पढ़कर उपस्थित लोगों को सुनाया। श्री काशीनाथ सिंह ने उपन्यास की सराहना करते हुए कहा है कि यह उपन्यास अपनी लोकप्रियता के शिखर को छुए और बालेन्दु द्विवेदी को हिन्दी साहित्य जगत में एक युवा समर्थ साहित्यकार के रूप में वह स्वागत व स्वीकार्यता मिले, जिसके वे वास्तव में हक़दार हैं। श्री नित्यानन्द तिवारी का कहना है कि गाँव की विविध स्थितियों और व्यक्तियों की कथा कहने वाला अच्छा उपन्यास है। श्री विश्वनाथ त्रिपाठी ने अपने विचार व्यक्त करते हुए कहा है कि बालेन्दु जी ने गाँव को बहुत नज़दीक से और बड़ी आत्मीयता से देखा है उन्होंने ग्रामीण जीवन की वैविध्य को बहुत डूबकर देखा और लिखा है। श्री रामदरश मिश्र के शब्दों में होरी और बावनदास की मृत्यु में जैसी सृजनशील संभावनाएं हैं वैसी ही संभावना मेघा की मृत्यु में है। इस दृष्टि सम्पन्न रचना के लिये आपको बहुत बहुत बधाई।
उक्त मौके पर मदारिसे अरबिया, लखनऊ व बाराबंकी की तरफ से एक मुशायरा एवं कवि सम्मेलन का आयोजन किया गया जिसमें देश के नामी शयरों एवं कवियों सर्व श्री अशोक चक्रधर, राहत इंदौरी, ओम निश्चल, खुशबीर सिंह शाद, रतीनाथ योगेश्वर, मनीष शुक्ला, शबीना अदीब, सबा बलरामपुरी, जौहर कानपुरी, कुँवर रंजीत सिंह चैहान, श्रीरंग, अज़्म शाकिरी, वक़ार बाराबंकवी, सग़ीर नूरी आदि ने प्रतिभाग कर अपनी शायरी व रचनाऐं प्रस्तुत कर श्रोताओं की तालियां बटोरी।

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