*खाकी वर्दी वालो के कारनामे-जनता की जुवानी * सफेद कुर्ते वाले नेताओ के कारनामे-जनता की जुवानी "upnewslive.com" पर, आप के पास है कोई जानकारी तो आप भी बन सकते है सिटी रिपोर्टर हमें मेल करे info@upnewslive.com पर या 09415508695 फ़ोन करे , मीडिया ग्रुप पेश करते है <UPNEWS>मोबाईल sms न्यूज़ एलर्ट के लिए अगर आप भी कहते है अपने और प्रदेश की खबरे अपने मोबाईल पर तो अपना <नाम-, पता-, अपना जॉब,- शहर का नाम, - टाइप कर 09415508695 पर sms, प्रदेश का पहला हिन्दी न्यूज़ पोर्टल जिसमे अपने प्रदेश की खबरें सरकार की योजनाएँ,प्रगति,मंत्रियो के काम की प्रगति www.upnewslive.com पर

Archive | राष्ट्रीय

नई दिल्ली में नीति आयोग की शासी परिषद की बैठक सम्पन्न

Posted on 24 April 2017 by admin

उ0प्र0 सरकार ने ’सबका साथ सबका विकास’ की अवधारणा को अंगीकृृत करते हुए परिवर्तन और विकास के एक नये युग का प्रारम्भ किया है

केन्द्र सरकार के सहयोग से प्रदेश के सभी वर्गो का उत्थान किया जायेगा (योगी आदित्यनाथ)  मुख्यमन्त्री उ0प्र0
c-fgj_vwaae1wkuनई दिल्ली स्थित राष्ट्रपति भवन में आयोजित नीति आयोग की शासी परिषद की बैठक में उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने अपने सम्बोधन में बताया कि उ0प्र0 सरकार ’सबका साथ-सबका विकास’ की अवधारणा को अंगीकृृत करते हुए प्रदेश को स्वच्छ, स्वस्थ, समर्थ तथा देश का सर्वोत्तम प्रदेश बनाने के लिए कृृत संकल्पित है। नई सरकार के गठन से प्रदेश में परिवर्तन, विकास एवं गरीबों के सशक्तिकरण के लिए एक नये युग का प्रारम्भ हुआ है। उन्होंने बैठक में आयोग के द्वारा निर्धारित एजेन्डे के आधार पर पक्ष रखते हुए कहा कि प्रदेश में भूमि अर्जन, पुनर्वासन, पुनव्र्यवस्थापन, उचित प्रतिकर और पारदर्शिता पर बल देते हुए बताया कि प्रदेश सरकार द्वारा नियमावली प्रख्यापित कर अधिनियम को लागू किया गया है, जिससे किसानों की भूमि को उनकी सहमति से तथा राज्य सरकार की परियोजना हेतु कम से कम अधिग्रहण एवं क्रय के लिए आपसी सहमति की प्रक्रिया अपनायी गयी है।
मुख्यमंत्री द्वारा स्वरोजगार योजना की दिशा में स्थापित उ0प्र0 कौशल विकास मिशन की महत्ता का उल्लेख करते हुए कहा कि प्रदेश स्तर पर इस योजना के प्रभावी समन्वय एवं अनुश्रवण के लिए त्रिस्तरीय व्यवस्था राज्य, जनपद तथा विकास खण्ड स्तर पर की गई है तथा अधिकांश प्रशिक्षण प्रदाता निजी व सरकारी प्रशिक्षण संस्थायें आउटसोर्स के माध्यम से प्रशिक्षण देती है, जिसके लिए पर्याप्त वित्तीय संसाधनों की आवश्यकता है। उ0प्र0 के आकार, जनसंख्या एवं रोजगार संसाधनों को दृृष्टिगत रखते हुए स्कूलो, काॅलेजों के योग्य शिक्षकों को कैरियर काउन्सिलिंग का प्रशिक्षण देकर उन संस्थाओं के छात्र-छात्राओं को प्रशिक्षित किये जाने की आवश्यकता है। सरकार का प्रयास है कि मिशन के अन्तर्गत प्रत्येक इच्छुक परिवार में कम से कम एक सदस्य को कौशल विकास प्रशिक्षण से युक्त किया जाये। इस प्रक्रिया में अभी तक 50 लाख युवाओं का पंजीकरण किया जा चुका है। कौशल विकास मिशन के अन्तर्गत वर्ष 2014-15 से 2016-17 तक विभिन्न प्रशिक्षण कार्यक्रमों में चयनित लगभग 5 लाख युवाओं में से 3.5 लाख युवा प्रशिक्षण प्राप्त कर चुके हैं तथा लगभग 1.5 लाख युवा रोजगार पा चुके है।
श्री योगी ने कहा कि स्वच्छ भारत मिशन के क्रियान्वयन की दिशा में प्रदेश सरकार प्रभावी कदम उठा रही है, जिसमें प्रदेश की 59 हजार ग्राम पंचायतों में से लगभग 3500 ग्राम पंचायतों को खुले में शौच से मुक्त कर दिया गया है तथा दिसम्बर, 2017 तक 30 जनपद खुले में शौच से मुक्त हो जायेंगे। प्रदेश सरकार का यह भी संकल्प है कि 02 अक्टूबर, 2018 तक सम्पूर्ण प्रदेश को खुले में शौच से मुक्त कर दिया जाये। गरीबी उन्मूलन पर केन्द्र सरकार की संस्तुतियां उचित है, लेकिन गरीबी रेखा के निर्धारण के लिए किसी स्वतंत्र संस्था के माध्यम से प्रत्येक 5 वर्षों में बी0पी0एल0 सर्वे कराया जाना भी समीचीन प्रतीत होता है, जिससे केन्द्र व राज्य की योजनाओं का मानक के अनुरूप उपयोग हो सके।
मुख्यमंत्री द्वारा कृृषि विकास पर गठित टास्कफोर्स की संस्तुतियां तथा खेती का कार्य कर रहे बटाईदारों को भी अनुदान का लाभ दिये जाने पर भी विचार व्यक्त किया गया। प्रदेश सरकार भारत सरकार द्वारा लागू किये जा रहे जी0एस0टी0 बिल, डिजिटल इण्डिया, आधार लिंक भीम एप, स्टार्टअप इण्डिया एवं मेक इन इण्डिया जैसी महत्वपूर्ण योजनाओं में भी सक्रिय सहभागिता तथा प्रदेश सरकार द्वारा उठाये गये महत्वपूर्ण निर्णयों की जानकारी दी।
श्री योगी ने प्रदेश सरकार के गठन के उपरान्त संकल्प-पत्र में लिये गये वादों को पूरा करने तथा लिये गये महत्वपूर्ण निर्णयों से भी अवगत कराया। जैसेः- मंत्रिमण्डल की प्रथम बैठक में किसानों के ऋणमाफी का ऐतिहासिक फैसला, आलू उत्पादकों को समर्थन मूल्य देकर क्रय व्यवस्था, गेहूं उत्पादन के लिए 80 लाख मैट्रिक टन का लक्ष्य निर्धारण कर 5 हजार गेहूं क्रय केन्द्रों की स्थापना, गन्ना उत्पादकों के लिए चीनी मिलों द्वारा भुगतान सुनिश्चित करने की दिशा में अब तक 4,900 करोड़ रुपये का रिकाॅर्ड भुगतान, जनपद, तहसील एवं ग्रामीण क्षेत्रों में विद्युत आपूर्ति सुनिश्चित करने के निर्देश, निर्धारित अवधि में क्षतिग्रस्त ट्रान्सफार्मर बदलने की व्यवस्था, कृृषकों को नवीन तकनीक की जानकारी के उद््देश्य से 20 नये कृृषि विज्ञान केन्द्र की स्थापना, बुन्देलखण्ड में सिंचाई व पेयजल व्यवस्था को सुदृृढ़ करना आदि अनेक ऐसे महत्वपूर्ण निर्णय लिये गये हैं, जिससे प्रदेश में समग्र विकास, गरीबी उन्मूलन, रोजगार सृृजन, पर्यावरण संरक्षण, समाजोत्थान, न्यूनतम आवश्यकता कार्यक्रमों का क्रियान्वयन, क्षेत्रीय असन्तुलन का निवारण तथा आर्थिकता के नये आयाम सृृजन की दिशा में प्रदेशवासियों की दशा और दिशा में भी अपेक्षित सुधार सम्भव होगा।
प्रदेश सरकार द्वारा 15 जून, 2017 तक 86 हजार कि0मी0 सड़कों को गड््ढा मुक्त करने का निर्णय लिया गया है, जिसमें लगभग 4,500 करोड़ का व्यय अनुमानित है। लगभग 3 हजार कि0मी0 राष्ट्रीय मार्ग की मरम्मत कार्य प्रदेश सरकार द्वारा किया जायेगा, जिसके लिए केन्द्र सरकार से आर्थिक सहायता उपलब्ध कराया जाना जरूरी है। प्रदेश में विगत वर्षो में लगभग 978 नये न्यायालयों का सृृजन किया गया है तथा न्याय प्रक्रिया को सरल एवं सुगम बनाने हेतु 125 नये न्यायालयों का सृृजन प्रस्तावित है। एकात्म मानववाद तथा अन्त्योदय योजना के प्रणेता पं0 दीनदयाल उपाध्याय की शताब्दी वर्ष के रूप में प्रदेश सरकार द्वारा गरीबों के कल्याण तथा उनके उत्थान के लिए विभिन्न योजनाओं का क्रियान्वयन किया जायेगा। बैठक में मुख्यमंत्री जी द्वारा प्रधानमंत्री तथा सभी प्रतिभागी महानुभावों के प्रति आभार व्यक्त किया गया तथा प्रदेश के पक्ष को प्रभावी एवं सारगर्भित ढंग से प्रस्तुत किया गया। इस अवसर पर प्रमुख सचिव नियोजन श्री मुकुल सिंहल भी मौजूद थे।

Comments (0)

श्री अनिल बलूनी एवं श्रीसंजय मयूख को राष्ट्रीय मीडिया विभाग के प्रमुख एवं सह प्रमुख बनाये गये

Posted on 01 April 2017 by admin

भारतीय जनता पार्टी के प्रदेश सह मीडिया प्रभारी आलोक अवस्थी ने बताया कि भारतीय जनता पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष माननीय श्री अमित शाह ने श्री अनिल बलूनी, राष्ट्रीय प्रवक्ता को मीडिया विभाग का राष्ट्रीय प्रमुख और श्री संजय मयूख, सदस्य बिहार विधान परिषद को मीडिया विभाग का राष्ट्रीय सह प्रमुख नियुक्त किया है। भारतीय जनता पार्टी, उ0प्र0 के मीडिया विभाग ने इस नियुक्ति पर हर्ष व्यक्त किया और श्री अनिल बलूनी एवं संजय मयूख जी को शुभकामनायें दी। प्रदेश प्रवक्ता डा0 चन्द्रमोहन, राकेश त्रिपाठी, मनीष शुक्ला, शलभ मणि त्रिपाठी, डा0 मनोज मिश्र, अनिला सिंह, प्रदेश मीडिया प्रभारी हरिश्चन्द्र श्रीवास्तव, सह मीडिया प्रभारी आलोक अवस्थी, हिमांशु दुबे, समीर सिंह, प्रदेश संपर्क प्रमुख मनीष दीक्षित, प्रदेश सह संपर्क प्रमुख डा0 तरूणकांत त्रिपाठी, नवीन श्रीवास्तव ने नव नियुक्त राष्ट्रीय मीडिया प्रमुख एवं राष्ट्रीय सह मीडिया प्रमुख को शुभकामनाएं प्रेषित की।

Comments (0)

श्री राधा मोहन सिंह ने उत्तर प्रदेश सरकार से मृदा स्वास्थ्य कार्ड योजना में तेजी लाने का आग्रह किया

Posted on 02 January 2016 by admin

केंद्रीय कृषि एवं किसान कल्याण मंत्री श्री राधा मोहन सिंह ने उत्तर प्रदेश सरकार से मृदा स्वास्थ्य कार्ड योजना में तेजी लाने का आग्रह किया है तथा राज्य के मुख्यमंत्री से सर्वोच्च स्तर पर इस कार्यक्रम की निगरानी करने की अपील की है जिससे कि इसे उचित प्राथमिकता प्राप्त हो सके।

उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री को लिखे एक पत्र में श्री राधा मोहन सिंह ने कहा है कि मृदा स्वास्थ्य कृषि के सर्वाधिक महत्वपूर्ण पहलुओं में से एक है और मृदा के स्वास्थ्य में गिरावट का उत्पादकता पर दीर्घकालिक लिहाज से प्रतिकूल प्रभाव पड़ता है। सरकार समेकित पोषण प्रबंधन के द्वारा मृदा के स्वास्थ्य को बेहतर बनाने पर काफी जोर देती रही है। सरकार ने मृदा नमूनों का संग्रह करनेए विश्लेषण संचालित करने तथा समयबद्ध तरीके से मृदा स्वास्थ्य कार्ड जारी करने के कार्यक्रम की भी घोषणा की है। जब 19 फरवरीए 2015 को इस योजना की घोषणा की गई थी तो परिकल्पना की गई थी कि तीन वर्षों की अवधि में 47ण्70 लाख किसानों से मृदा नमूने संग्रहित कर लिए जाएंगे और उन नमूनों की जांच करने के बाद उन्हें मृदा स्वास्थ्य कार्ड जारी कर दिए जाएंगे। 10 सितंबरए 2015 को सरकार द्वारा फैसला किया गया कि यह महत्वपूर्ण कार्य तीन वर्षों की जगह दो वर्षों में पूरा कर लिया जाना चाहिए। इसी के अनुरूप उत्तर प्रदेश सरकार को 14 एवं 17 सितंबरए 2015 को भेजे गए पत्रों में मृदा स्वास्थ्य कार्ड जारी करने के लक्ष्य को 2015.16 के 15ण्90 लाख बढ़ाकर 18 लाख कर दिये जाने का आग्रह कर दिया गया था। ठीक इसी प्रकार 2016.17 के लिए उत्तर प्रदेश के लक्ष्य को 15ण्90 लाख से बढ़ाकर 29ण्70 लाख कर दिया गया था।

उन्होंने कहा है कि विभिन्न राज्य सरकारों के प्रदर्शन की एक समीक्षा प्रदर्शित करती है कि उत्तर प्रदेश अपनी क्षमता के अनुरूप प्रदर्शन नहीं कर रहा है। 9 दिसंबरए 2015 तक 18 लाख नमूनों के लक्ष्य के मुकाबले केवल 4ण्68 लाख नमूने ही संग्रहित किए गए हैं और केवल 22ए894 नमूनों का ही विश्लेषण किया गया है।

श्री राधा मोहन सिंह ने कहा है कि मृदा स्वास्थ्य कृषि में विशेष रूप से सिंचित क्षेत्रों मेंए जहां यूरिया के व्यापक उपयोग का दुष्परिणाम मृदा स्वास्थ्य में गिरावटए निक्षालन एवं सक्रियकरण के रूप में सामने आया है। इसे देखते हुए आपसे आग्रह किया जाता है कि आप कृपया इस कार्यक्रम की अपने स्तर पर निगरानी करें जिससे कि उत्तर प्रदेश के लिए निर्धारित लक्ष्य अर्जित किये जा सकें एवं इस कार्यक्रम को उतनी प्राथमिकता प्राप्त हो सके जितने का यह हकदार है।

सुरेन्द्र अग्निहोत्री
agnihotri1966@gmail.com
sa@upnewslive.com

Comments (0)

प्रधानमंत्री ने दिल्ली . मेरठ एक्सप्रेसवे की आधारशिला फलक का अनावरण किया

Posted on 02 January 2016 by admin

प्रधानमंत्री ने दिल्ली . मेरठ एक्सप्रेसवे की आधारशिला फलक का अनावरण किया
प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी ने आज नोएडा के सेक्टर 62 में दिल्ली . मेरठ एक्सप्रेसवे की आधारशिला फलक का अनावरण किया।

इस अवसर पर प्रधानमंत्री ने ब्रितानी शासन से आजादी के लिए 1857 के आंदोलन में मेरठ की भूमिका का स्मरण किया और कहा कि दिल्ली.मेरठ एक्सप्रेसवे प्रदूषण से मुक्ति प्रदान करेगा।

विकास के लिए लोगों की आकांक्षाओं का जिक्र करते हुए प्रधानमंत्री ने कहा कि अच्छी सड़कें विकास की प्रथम पूर्व. शर्तों में से एक हैं। उन्होंने कहा कि यह एक्सप्रेसवे पश्चिमी उत्तर प्रदेश में विकास को बढ़ावा देगा। उन्होंने पूर्व प्रधानमंत्री श्री अटल बिहारी वाजपेयी की स्वर्णिम चतुर्भुज परियोजना एवं प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना के जरिये देश को आपस में जोड़ने के विजन का स्मरण किया।

प्रधानमंत्री ने किसानों के लिए पर्याप्त सिंचाई सुविधाएं सुनिश्चित करने के लिए प्रधानमंत्री कृषि सिंचाई योजना समेत अन्य विकास योजनाओं की चर्चा की।

प्रधानमंत्री ने कहा कि श्रेणी . प्प्प् एवं श्रेणी . प्ट वर्गों में सरकारी नौकरियों के लिए साक्षात्कार को खत्म करने के द्वारा सरकार 1 जनवरीए 2016 को देश के युवाओं को एक अनोखा उपहार दे रही है।

प्रधानमंत्री ने सभी राजनीतिक दलों से 2016 में एक संकल्प करने की अपील की कि वे संसद का कार्य चलने देंगे और गरीबों के लाभ के लिए काम करेंगे। उन्होंने कहा कि भारत के नागरिकों ने अपने प्रतिनिधियों का निर्वाचन संसद में बहस करनेए परिचर्चा करने एवं विचार.विमर्श करने के लिए किया है इसलिए यह उनका दायित्व है।

इस अवसर पर उत्तर प्रदेश के राज्यपाल श्री राम नाईकए केंद्रीय मंत्री श्री नितिन गडकरीए केंद्रीय राज्य मंत्री ;स्वतंत्र प्रभारद्ध डॉण् महेश शर्मा एवं केंद्रीय राज्य मंत्री श्री पी राधाकृष्णन भी उपस्थित थे।

सुरेन्द्र अग्निहोत्री
agnihotri1966@gmail.com
sa@upnewslive.com

Comments (0)

प्रधानमंत्री तथा नेपाल के प्रधानमंत्री के पी शर्मा ओली के बीच टेलीफोन पर बातचीत

Posted on 02 January 2016 by admin

प्रधानमंत्री तथा नेपाल के प्रधानमंत्री के पी शर्मा ओली के बीच टेलीफोन पर बातचीत
नेपाल के प्रधानमंत्री के पी शर्मा ओली ने आज प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी को टेलीफोन किया तथा उन्हें नेपाल के राजनीतिक घटनाक्रमों की जानकारी दी।

प्रधानमंत्री ने नेपाल के सामने आ रही राजनीतिक समस्याओं का एक दीर्घकालिक समाधान ढूंढने के महत्व पर बल दिया जो सर्वसम्मति या ष्सहमतिष् पर आधारित हो।

प्रधानमंत्री ने नव वर्ष 2016 के लिए नेपाल के लोगों को अपनी शुभकामनाएं व्यक्त कीं।

सुरेन्द्र अग्निहोत्री
agnihotri1966@gmail.com
sa@upnewslive.com

Comments (0)

नव वर्ष के अवसर पर राष्ट्र्पति का बधाई संदेश

Posted on 02 January 2016 by admin

राष्ट्र पति श्री प्रणब मुखर्जी ने नव वर्षए 2016 की पूर्व संध्या् पर राष्ट्रे को बधाई दी है। अपने बधाई संदेश में राष्ट्रुपति ने कहा कि नव वर्ष के उल्लाीसपूर्ण अवसर पर मैं देश और विदेश में रहने वाले सभी देशवासियों को हार्दिक बधाई और शुभकामनाएं देता हूं। मेरी यही दुआ है कि नव वर्ष आप सब के लिए खुशियां और समृद्धि लाएं।

नव वर्ष के अवसर पर आप नई शुरूआत करें और व्यकक्तिगत तथा सामूहिक विकास के लिए नया संकल्पर लें। आइये हम समावेशी समाज का निर्माण करने के लिए अपने आप में प्रेमए करूणाए सहिष्णुसता का समावेश करें ताकि समाज में शांति और सद्भाव कायम रहे। यह सभ्य ता के उन मूल्योंण को मजबूत करने का समय हैए जो आधुनिक भारत की जटिल विविधता को एक सूत्र में बांधते हैं और हमारे लोगों और दुनिया के बीच इन मूल्योंि को बढ़ावा देते हैं।

आइए हम सब 2016 को ऐसा बनाने का संकल्प  लें जिसमें देश की जनता मानव और प्रकृति के दरम्यायन सहजीवी संबंध का संरक्षण करने की दिशा में कार्य करे। हमें अपने देश को स्वरच्छय और हरा.भरा तथा पर्यावरण प्रदूषण से मुक्तक बनाने के लिए जोरदार प्रयास करना है।

सुरेन्द्र अग्निहोत्री
agnihotri1966@gmail.com
sa@upnewslive.com

Comments (0)

बीकानेर के कोटड़ी गांव में राज्यपाल ने सुनीं ग्रामीणों की समस्याएं

Posted on 12 December 2015 by admin

राज्यपाल एवं कुलाधिपति श्री कल्याण सिंह ने कहा है कि देश के विकास में गांवों की भूमिका अहम् है, वहां विकृतियां नही रहनी चाहिए। विकसित गांव से ही विकसित देश की परिकल्पना को साकार किया जा सकता है। राज्य के विश्वविद्यालयों ने गांव गोद लेने की अभिनव पहल की है। इसके सार्थक परिणाम आ रहे हैं।
श्री सिंह शुक्रवार को बीेकानेर के महाराजा गंगासिंह विश्वविद्यालय द्वारा गोद लिए गए गांव कोटड़ी (जोड़बीड़) में स्थानीय ग्रामीणों से चर्चा कर रहे थे। उन्होंने कहा वे स्वयं गांव में पैदा हुए हैं तथा गांव की प्रत्येक समस्या से वाकिफ हैं। गांवों में आधारभूत सुविधाएं शिक्षा, चिकित्सा की विशेष व्यवस्थाएं करना जरूरी है।
उन्होंने कुलाधिपति का कार्यभार ग्रहण करने के बाद प्रत्येक विश्वविद्यालय को कम से कम एक-एक गांव गोद लेने के निर्देश दिए। प्रत्येक विश्वविद्यालय अपनी क्षमता के अनुसार गांव के विकास में सहयोग कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि प्रत्येक विश्वविद्यालय के दीक्षांत समारोह के दौरान वे उस विश्वविद्यालय द्वारा गोद लिए गांव का दौरा जरूर करते हैं।
बालिका शिक्षा पर दिया जोर
राज्यपाल श्री सिंह ने कहा कि ग्रामीण क्षेत्रों की साक्षरता दर बढ़ाने और महिलाओं की स्थिति में सुधार करने की जरूरत है। उन्हांेने कहा कि हमें यह संकल्प लेना होगा कि कोई बेटी निरक्षर नहीं रहे। बेटी को पराया धन नहीं समझना चाहिए बल्कि उसे अच्छी से अच्छी शिक्षा दिलाएं, जिससे शादी के बाद वह दूसरे घर में जाए, तो वहां भी अपने कुल का नाम रोशन करे।
गांवों में ना रहे विकृतियां
राज्यपाल ने कहा कि हमें नशाखोरी मुक्त, अपराध मुक्त और मुकदमा मुक्त गांवों की परिकल्पना को साकार करना होगा। इसके लिए सामूहिक प्रयासों की जरूरत है। उन्होंने बाल विवाह और मृत्युभोज जैसी कुरीतियांे को खत्म करने का आह्वान किया। उन्होंने कहा कि गांवों में सभी मिलजुल कर भाईचारे के साथ रहें तथा गांव आदर्श गांव बनें।
लिखित में भेजें समस्याएं, प्राथमिकता से होगा निराकरण
श्री सिंह ने कहा कि विश्वविद्यालय द्वारा गोद लिए गए गांव से संबंधित समस्याओं को लिखित में जिला कलक्टर को प्रस्तुत करें। जिला स्तर की प्रत्येक समस्या का समाधान कलक्टर द्वारा करवाया जाएगा। उन्होंने कहा कि जो समस्याएं राज्य स्तर की हैं, उनके समाधान के लिए राजभवन की रिपोर्ट के साथ संबंधित विभाग को लिखा जाएगा।
बदल गई है कोटड़ी की तस्वीर
राज्यपाल ने महाराजा गंगासिंह विश्वविद्यालय द्वारा गांव में आधारभूत सुविधाओं के लिए किए गए कार्यों की सराहना की तथा कहा कि पिछले आठ-दस महिनों में कोटड़ी की तस्वीर बदल गई है। उन्होंने कहा कि यह शुरूआत है, अभी गांव में और अधिक कार्य होंगे।
सुनीं समस्याएं, दिए निस्तारण के निर्देश
राज्यपाल ने ग्रामीणों की विभिन्न समस्याओं को सुना। ग्रामीणों ने कोटड़ी में श्मशान भूमि की चारदीवारी निर्माण, खेल मैदान बनाने, विद्यालय को उच्च प्राथमिक से माध्यमिक तक क्रमोन्नत करने, कोटड़ी को राजस्व गांव का दर्जा दिलाने, पानी की टंकी तथा पशुचिकित्सालय बनवाने, गोपालकों के लिए भूमि आवंटित करवाने सहित विभिन्न समस्याएं रखीं। राज्यपाल ने सभी जनसमस्याओं को सुना और जिला कलक्टर को इनकी वस्तुस्थिति की जानकारी तथा निस्तारण के निर्देश दिए।
विकास कार्यों का किया लोकार्पण
राज्यपाल श्री कल्याण सिंह ने कोटड़ी के सामुदायिक भवन के जीर्णोद्धार, चारदीवारी एवं अन्य निर्माण कार्यों का लोकार्पण किया। उन्होंने विश्वविद्यालय द्वारा विकसित उच्च प्राथमिक विद्यालय के कम्प्यूटर कक्ष और पुस्तकालय का फीता काटकर उद्घाटन किया तथा प्रधानाचार्य कक्ष एवं खेलकूद कक्ष का अवलोकन किया।

सुरेन्द्र अग्निहोत्री
agnihotri1966@gmail.com
sa@upnewslive.com

Comments (0)

त्यौहारों के इस सीज़न में ग्रुप एसईबी इंडिया की बाजार से उम्मीदें

Posted on 28 October 2015 by admin

त्यौहारों के इस सीज़न में ग्रुप एसईबी इंडिया की बाजार से उम्मीदें

    पूरे भारत में उच्च बिक्री की उम्मीद, विशेषकर उत्तर एवं पूर्व भारत के बाजारों से
    सोशल मीडिया के जरिए ग्राहकों तक पहुंच में बढ़त
    ईकाॅमर्स बिक्री के लिए बड़ा माध्यम बन कर उभरा

नई दिल्ली,   अक्टूबर 2015ः छोटे घरेलू उपकरणों (ैक्।) में विश्व लीडर ग्रुप एसईबी इंडिया त्यौहारों के इस सीजन में अपने भारतीय ब्रांड - महाराजा व्हाइटलाइन से बिक्री में भारी वृद्धि की उम्मीदें लगाए हुए है। बेहद सफल 2014 के बाद यह ब्रांड इस साल भी बदस्तूर कामयाबी के रास्ते पर आगे बढ़ रहा है। इस वर्ष कई नए उत्पाद लांच किए गए तथा गर्मियों के मौसम में बिक्री बहुत दमदार रही। अब इन त्यौहारों के सीजन में महाराजा व्हाइटलाइन का लक्ष्य अपने अच्छे प्रदर्शन को बेहतर करने और सेल्स रेवेन्यू बढ़ाने का है। पिछले तीन वर्षों में महाराजा व्हाइटलाइन ने अपना व्यवसाय तिगुना कर लिया है। उत्तर भारत में, फूड प्रिपेरेशन कैटेगरी में नंबर एक पोजि़शन के साथ महाराजा व्हाइटलाइन अब इन त्यौहारों में देश के अन्य क्षेत्रों में भी अपनी सफलता के माॅडल को दोहराने के लिए तैयार है। इस साल फूड प्रिपेरेशन के साथ ही ब्रांड अपनी होम कम्फर्ट रेंज के जरिए भी बाजार में अच्छा प्रदर्शन करने की कोशिश में है।

यह वर्ष का वो समय है जब बाजारों में सबसे ज्यादा खरीददारी होती है; जाहिर सी बात है कि त्यौहारों पर लोग उपहार देते हैं और घर के लिए नई चीजें खरीदते हैं और इसीलिए इन दिनों विभिन्न ब्रांड व ईकाॅमर्स पोर्टल बहुत से आॅफर एवं डिस्काउंट भी पेश करते हैं। इन सभी मापदंडों के आधार पर महाराजा व्हाइटलाइन ब्रांड एक विशद मार्केटिंग योजना पर काम करता आ रहा है जिसमें फेस्टिव सीजन पर खास ध्यान दिया गया है। इस योजना में शामिल हैंः सोशल मीडिया के जरिए ग्राहकों तक पहुंच विस्तार, ईकाॅमर्स के माध्यम से बिक्री बढ़ाना, विशेष फेस्टिव गिफ्टिंग रेंज का लांच और जमीनी स्तर पर प्रचार।

ग्रुप एसईबी इंडिया छोटे घरेलू उपकरण उद्योग में सबसे तेजी से बढ़ती कंपनी है। 2014 में कंपनी की समग्र वृद्धि 40ः तथा 2015 में 30ः रही है। एक ओर परम्परागत कारोबार काफी तेजी से बढ़ रहा है (पारम्परिक कारोबार 31ः, माॅडर्न रिटेल $55ः व टीवी शाॅपिंग $45ः) और दूसरी तरफ ईकाॅमर्स चैनल 8 गुना बढ़ गया है, इस प्रकार कंपनी को अतिरिक्त कारोबार हासिल हुआ है।

त्यौहारों में मुनाफा कमाने के लिए ईकाॅमर्स चैनलों के बीच जबरदस्त प्रतिस्पर्धा चल रही है जो कि खरीददारों एवं विक्रेताओं दोनों के ही लिए फायदे का सौदा है। महाराजा व्हाइटलाइन की मौजूदगी बहुत से ईकाॅमर्स पोर्टलों पर है और हाल ही में ब्रांड ने अग्रणी ईकाॅमर्स प्लेटफाॅम्र्स के लिए कई ऐक्सक्लूसिव उत्पाद लांच किए हैं जो त्यौहारों के इस मौसम में उपलब्ध होंगे। इस बारे में ग्रुप एसईबी इंडिया (प्रा.) लि. के वाइस प्रेसिडेंट-मार्केटिंग श्री इमैन्युएल सेरो अल्मेरास ने कहा, ’’ईकाॅमर्स साइट्स के जरिए हम दमदार बिक्री की उम्मीद कर रहे हैं। ग्राउंड स्टोर और हमारी वैबसाइट से होने वाली बिक्री में भी काफी इजाफा हुआ है। पिछले साल के शानदार प्रदर्शन को आगे बढ़ाते हुए इस साल हम अपने बैनर को और भी ऊंचा ले जाएंगे, खासकर उत्तरी भारत में; जहां हम फूड प्रिपेरेशन कैटेगरी में पहले ही नंबर-1 ब्रांड हैं।’’

इस सीजन भी कंपनी को भारी बिक्री की आशा है इसलिए लाॅजिस्टिक्स, बैक ऐंड इन्वेंट्री आदि सारा इंतजाम इसी मुताबिक किया गया है। श्री अल्मेरास ने बताया, ’’सोशल मीडिया रीचआउट के मोर्चे पर बहुत सारे डिजिटल ऐक्टिवेशन की योजना तय की जा चुकी है। हमारा मानना है कि लघु घरेलू उपकरण उद्योग में हम सबसे ज्यादा डायनमिक डिजिटल ब्रांड हैं क्योंकि फेसबुक पर हमारे 2.70 लाख से ज्यादा प्रशंसक हैं, हमारे यूट्यूब चैनल पर 1.2 मीलियन से ज्यादा व्यूज़ हैं और हमारा ऐंगेजमेंट लैवल काफी अच्छा है। अपने बड़े डिजिटल फैन-बेस का फायदा उठाने के लिए हमने अपने बहुत से नए उत्पादों के वीडियो यूट्यूब पर डाले हैं और अपनी पहुंच बढ़ाने के लिए हम फेस्टिवल स्पेशल कैम्पेन भी चला रहे हैं।’’

इन त्यौहारों के सीजन के दौरान ब्रांड की बाजार अपेक्षाओं के बारे में ग्रुप एसईबी इंडिया (प्रा.) लि. के सीईओ श्री सुनील वाधवा ने कहा, ’’महाराजा व्हाइटलाइन हमेशा से उपभोक्ताओं का पसंदीदा रहा है, खास कर फूड प्रिपेरेशन कैटेगरी में। हमारी केन्द्रित विपणन रणनीति और फूड एवं होम कम्फर्ट श्रेणियों में नए उत्पादों के जुड़ने से हमें विश्वास है कि त्यौहारों के इस सीजन में हम काफी अच्छा प्रदर्शन करेंगे।’’

हालांकि फूड प्रिपेरेशन श्रेणी में महाराजा व्हाइटलाइन बहुत मजबूत है, पर अब यह ब्रांड होम कम्फर्ट रेंज में बहुत से नए उत्पाद लांच कर के अपनी पहुंच का विस्तार कर रहा है। सर्दियां करीब हैं तो ब्रांड ने रूम एवं वाटर हीटरों की उत्कृष्ट रेंज प्रस्तुत कर दी है। कई नए लांच हुए हैं जो निश्चित तौर पर आधुनिक भारतीय परिवारों को पसंद आएंगे जैसे नया क्रांतिकारी मार्वेलो ओटीजी, वेक्टो डीलक्स रूम हीटर, वाटर हीटर की क्लेमियो रेंज आदि। ग्राहकों को आकर्षित करने के लिए ब्रांड ने विशेष फेस्टिव कलेक्शन भी पेश किया है जिसमें केसरिया और सफेद रंगों के संयोजन वाले घरेलू उपकरण भी शामिल हैं। इसके अलावा, हर किसी के बजट के मुताबिक उपहारों के भी बहुत से विकल्प हैं- हैंड ब्लेंडर, मिक्सर ग्राइंडर, इंडक्शन कुकटाॅप, गारमेंट स्टीमर आदि की विस्तृत रेंज में से आप चयन कर सकते हैं। ये सभी उत्पाद भारत में निर्मित हैं और बेहतरीन अतंर्राष्ट्रीय क्वालिटी के साथ आते हैं।

इन सभी नई पेशकशों, स्पेशल फेस्टिव कैम्पेन और सभी जानेमाने ईकाॅमर्स चैनलों पर उपलब्धता के साथ महाराजा व्हाइटलाइन ब्रांड त्योहारों के इस मौसम के लिए बिल्कुल तैयार है।

अधिक जानकारी के लिए कृपया विजिट करेंः ूूूण्उंींतंरंूीपजमसपदमण्बवउ

ग्रुप एसईबी इंडिया के बारे में
ग्रुप एसईबी इंडिया मिक्सर ग्राइंडर, जूसर मिक्सर ग्राइंडर, एयर कूलर और रूम हीटर श्रेणियों में मार्केट लीडर है। 22 ब्रांच आॅफिस, 500 वितरक और 35000 डीलरों के साथ कंपनी समग्र भारत में फैली हुई है। कंपनी का मुख्यालय दिल्ली में है और इसकी इन-हाउस विनिर्माण सुविधा हिमाचल प्रदेश के बद्दी में स्थित है, जो 10 एकड़ से भी ज्यादा खुले क्षेत्र में फैली हुई है। कंपनी किचन ऐप्लायंसिस, होम कम्फर्ट व गारमेंट केयर - इन तीन श्रेणियों में अपने उत्पाद प्रस्तुत करती है।

सुरेन्द्र अग्निहोत्री
agnihotri1966@gmail.com
sa@upnewslive.com

Comments (0)

जब चाटुकारिता और प्रशासनिक आरोपी हों सिरमौर तो ऐसे में कैसे भला होगा हिन्दी का !

Posted on 11 September 2015 by admin

bhopal

मध्यप्रदेश की राजधानी भोपाल में विश्व हिन्दी सम्मेलन का शुभारंभ देश विदेश के हजारों हिन्दी प्रेमी शिरकत कर रहे हैं। हिन्दी भाषी देश के लिये विश्व हिन्दी सम्मेलन की मेजबानी  और उसके प्रचारू आभामण्डल से मध्यप्रदेश का गौरव बढऩा स्वाभाविक है। इस कार्यक्रम की सफलता के लिये प्रदेश सरकार तथा इसके अधीनस्थ कार्यरत अधिकारियोंए कर्मचारियों ने रात.दिन जी तोड़ मेहनत कर कार्यक्रम की सफलता को सुनिश्चित किया। इस आयोजन को भव्यता प्रदान करने के लिये भारी मात्रा में धन राशि ब्यय की गई। स्वाभाविक है कि आपाधापी में ब्यय की जाने वाली राशियों में गड़बड़ी भी होती है। ऐसा एक नहीं कई आयोजनों में हो चुका है और सीएजी की रिपोर्ट में भी इसका खुलासा किया है। मातृभाषा हिन्दी के लिये तो देश की जनता इतनी कुर्बानी तो दे ही सकती हैए हाँ सफेद पोश आयोजकोंएओहदेदार अधिकारियों एवं भ्रष्ठ ठेकेदारों की अवश्य ऐसे सुअवसरों पर चांदी हो जाती हैए तीन दिन तक चलने वाले विश्व हिन्दी सम्मेलन का ढोल भी जमकर पीटा जायेगा। प्रदेश में इस कार्यक्रम के सुचारू संचालन की जिम्मेदारी मप्रण्संस्कृति विभाग ने संभाल रखी है। यह विभाग भी मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान के पास है इसके प्रमुख सचिव मनोज श्रीवास्तव है। अजात् शत्रु श्रीवास्तव  आयुक्त की कुर्सी पर विराजमान है। प्रमुख सचिव मनोज श्रीवास्तव स्वयं को महान साहित्यकार की श्रेणी में मानते हैए गाहे बगाहे स्थानीय छुट.पुट कार्यक्रमों में अपनी उपस्थिति भी दर्ज कराते रहते हैं। कुछ वरिष्ठ पत्रकारों से उनकी काफी निकटता है इसी निकटता का लाभ उठाते हुए समय.समय पर पत्रकारों से अपने नाम से आलेख लिखवाते हैं तथा अपनी महानता का बखान स्वयं तथा उनके कुछ चाटुकार करते फिरते हैं। हिन्दी के इतने बड़े ज्ञाता है कि इनके विभाग को यह भी पता नहीं है कि अमीर खुसरो सही नाम है या आमिर खुसरो मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान का सिर्फ एक ही मकसद रहता है राष्ट्रीय नेताओं को साधों और अपनी कुर्सी सलामत रखो। एक तरह से उन्होंने विश्व हिन्दी सम्मेलन के बहाने प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी का विश्वास हासिल करने का हर संभव प्रयास किया हैए बहरहाल वे अपने मकसद में कितने सफल या असफल हुये यह तो वे या श्री मोदी ही जाने। वहीं संस्कृति संचालनालय के आयुक्त अजातशत्रु श्रीवास्तव की कार्यशैली जग जाहिर है। ये पद पर रहते हुए हिन्दी साहित्य प्रकाशन और लेखन रॉयल्टी के नाम से बड़ा खेल खेल रहे है। इनके पास संग्रहालय के अधीन प्रदेश के लेखकों द्वारा लिखित पुरातत्विक साहित्य संकलन छपवाने का जिम्मा है जिसमें इन्होंने भारी घाल.मेल कर रखा है। इसमें लेखकोंं को रायल्टी दिये जाने का भी प्रावधान है पर अजात् शत्रुजी ने ऐसा परम्परागत व्यवस्था को कायम रखते हुए कारनामा कर दिखलाया कि देखने वाले दंग रह जाये। लेखक कोईए छपे किसी के नाम से और आजीवन रॉयल्टी ले कोई। ये लेखक अधिकांशतरू सरकारी अधिकारी होते है और रायल्टी भी इन्हीं के खाते में जाती रही। छपाई का काम मध्यप्रदेश माध्यम जो कि मण्प्रण् जनसंपर्क विभाग के अधीन चिटफंड कंपनी तर्ज पर संचालित होने वाला रखैल रूपी संस्थान है। जिसके चेयरमेन स्वयं मुख्यमंत्री है। पूरा साहित्य अजात शत्रु श्रीवास्तव के आदेश पर छापता है। कुछ सौ किताब छपती है और हजारों  पुस्तकों के प्रिटिंग बिल बनाये जाते है। इस तरह साहित्यकारों और लेखकों  के नाम पर जमकर कलाधन.सफेद धन का खेल वर्षो से चल रहा है।  इनके विभाग द्वारा इस संबंध में यह जानकारी मांगने पर कि प्रकाशन छपे और कहां कितने बटेएउपलब्ध प्रकाशनों की सूची आदि आदि ण्ण्ण्यह इनके विभाग के पास उपलब्ध नहीं है। इसके पुख्ता प्रमाण स्वराज्य न्यूज के पास मौजूद है। तीसरी पारी की शुरूआत में मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने पहली कैविनेट बैठक में भष्टाचार मुक्त प्रशासन देने के लिए जीरोटारलेस की घोषणा की थी और प्रदेश की जनता को उनसे कुछ ऐसी उम्मीद भी थी। समय बीतने के साथ ही मुख्यमंत्री स्वयं अपने वायदे को भूल गये है और उनके इर्द.गिर्द पूरी भ्रष्टाचारियों की जमात जुट गई है कुछ के खिलाफ तो उच्च न्यायालय तक ने भी सख्त टिप्पणियां की है और उनके खिलाफ आपराधिक कृत्य को दृष्टिगत रखते हुए प्राथमिकी दर्ज करके कार्यवाही की अनुसंसा भी की हैए पररन्तु ये सबके सब मुख्यमंत्री जी के नाक के बाल बने हुए है और प्रदेश की जनता की छाती पर मंूग दलते नजर आ रहे हैं। हर जगह मुख्यमंत्री को गुमराह कर स्वयं के स्वार्थ सिद्धि में जुटे रहते हैं। संस्कृति महकमे के मठाधीशों को यह भी याद नहीं रहा कि हिन्दी को राष्ट्र भाषा का दर्जा दिलाने के अहम किरदार रहे गोविंद वल्लभ पंत जो कि उत्तर प्रदेश के निवासी थे तथा आजादी प्राप्त होने के बाद उत्तर प्रदेश जैसे राज्य के प्रथम मुख्यमंत्री भी बने थेए हिन्दी को राष्ट्रभाषा घोषित कराने के लिये लंबा संघर्ष किया थाए राष्ट्रीय राजनीति में आने के बाद उन्हें पंण् जवाहर लाल नेहरू के मंत्रिमंडल में गृहमंत्री बनाया गया थाए उनके संघर्ष के कारण हिन्दी को राष्ट्र भाषा का दर्जा हासिल हुआ। ऐसे महान पुरूष का 10 सितम्बर जन्मदिन है प्रदेश के सस्कृति विभाग के पुरोधाओं ने यह भी उचित नहीं समझा कि कार्यक्रम के दौरान कहीं एक जगह भी उनके नाम का उल्लेख तक कर दें।  पूरे शहर में मोदी ही मोदी की तस्वीर छाई रहीं वह भी हिन्दी के नाम पर हिन्दी की सेवा में प्रण.प्राण से जुटे पुरोधा को इतने बड़े शहर में एक फोटो या बैनर तक मुहैया नहीं हो सका। दूसरी ओर मण्प्रण् के कई ऐसे साहित्यकार भी है जो पद्श्री अलंकरण से संम्मानित हो चुके है परन्तु उन्हें इस भव्य आयोजन से उन्हें दूर रखा गया है । क्या यह हिन्दी प्रेमी
और साहित्यकारों का सुनियोजित अपमानित करने की चेष्टा तो नही है। इन सरकारी चाटुकारों की वजह से हिन्दी भाषाए भारतीय चिकित्सा पद्धति तथा रामराज्य की कल्पना करना बेमानी है। ये चाटुकार खाते तो हिन्दी की है पर इनकी औलादें विदेशों में अंग्रेजियत की गुलाम बनी हुई है। जितने भी आज हिन्दी के नाम पर हिन्दी.हिन्दी खेल रहे हैं इनमें से कितनों की औलादें हिन्दी माध्यम या सरकारी स्कूलों में पढ़ी है। क्या इसका जबाव है किसी के पास। ये तो येन.केन प्रक ारेण से जनता के खून.पसीनों की कमाई को ठिकाने लगाने में पारंगत हैं और राजनेताओं को गुमराह करने में महारत हासिल किये हुए हैं। जिसकी वजह से ये ऊँचे ओहदों की कुर्सियों को हथियाये हुए हैंए राजनेताओं को उंगलियों पर नचा अपना उल्लू सीधा कर रहे हैं। ऐसा में भला ऐसे अधिकारियों के नेतृत्व में हिन्दी का कितना विकास होगाए यह सोच का विषय है।

Comments (0)

दलितों की ज़मीन ग़ैर-दलितों द्वारा ख़रीदे जाने पर लगी क़ानूनी रोक समाप्त करने का उ.प्र. सपा सरकार का फैसला ’’घोर दलित-विरोधी व उसकी जातिवादी सोच व साजि़श का परिणाम’’।

Posted on 13 August 2015 by admin

दलितों की ज़मीन ग़ैर-दलितों द्वारा ख़रीदे जाने पर लगी क़ानूनी रोक समाप्त करने का उ.प्र. सपा सरकार का फैसला ’’घोर दलित-विरोधी व उसकी जातिवादी सोच व साजि़श का परिणाम’’। दलितों को आजीवन शोषित-पीडि़त व भूमिहीन एवं खेतिहर मज़दूर ही बनाये रखने की सपा की ज़हरीली साजि़श: बी.एस.पी. प्रमुख व पूर्व मुख्यमंत्री, उत्तर प्रदेश सुश्री मायावती जी

बहुजन समाज पार्टी की राष्ट्रीय अध्यक्ष, सांसद (राज्यसभा) व पूर्व मुख्यमंत्री, उत्तर प्रदेश सुश्री मायावती जी ने उत्तर प्रदेश में दलितों की ज़मीन ग़ैर-दलितों द्वारा ख़रीदे जाने पर लगी क़ानूनी रोक को समाप्त करने सम्बंधी प्रदेश समाजवादी पार्टी (सपा) सरकार द्वारा हाल ही में लिये गये फैसले की तीखी आलोचना करते हुये कहा कि यह घोर दलित- विरोधी फैसला वास्तव में दलितों को पूर्ण रूप से भूमिहीन बनाये रखने की जातिवादी सोच व साजि़श का ही परिणाम है और इससे अब ख़ासकर सपा के गुण्डों व माफि़याओं द्वारा प्रदेश भर में दलितों की ज़मीन पर जबरन क़ब्ज़ा करने की होड़ लग जाने की आशंका बढ़ गयी है।

बी.एस.पी. प्रमुख सुश्री मायावती जी ने आज यहाँ जारी एक बयान में कहा कि वैसे तो दलित समाज के लोग इस देश में व्याप्त वर्ण व्यावस्था के कारण सदियों से ही भूमिहीन रहे हैं, परन्तु परमपूज्य बाबा साहेब डा. भीमराव अम्बेडकर के अथक प्रयासों के कारण यहाँ देश में उनके द्वारा बनाये गये मानवतावादी संविधान व उसमें आरक्षण की व्यावस्था के कारण देश की आज़ादी के बाद इस शोषित वर्ग के लोग जो थोड़ी भूमि अपनी रोज़ी-रोटी के लिये अर्जित कर पाये हैं, उसे भी उत्तर प्रदेश की सपा सरकार अपनी जातिवादी सोच व ज़हरीली नीति के कारण उन दलितों से छीन करके उन्हें आजीवन भूमिहीन ही बने रहने को विवश करना चाहती है। इसी कारण सम्बन्धित क़ानून में संशोधन करने का प्रस्ताव प्रदेश मंत्रिमंण्डल द्वारा दिनांक 4 अगस्त सन् 2015 को पारित किया गया है।

जबकि उत्तर प्रदेश ज़मीनदारी विनाश एवं भूमि व्यवस्था क़ानून, 1950 की धारा 157 (क) में स्पष्ट प्रावधान है कि अनुसूचित जाति के भूमिधर व्यक्ति कलेक्टर की पूर्व स्वीकृत के बिना दलित वर्ग के व्यक्ति के अलावा किसी अन्य व्यक्ति को ना तो ज़मीन बेच सकते हैं और ना ही दान, बंधक, या पट्टा द्वारा अंतरित कर सकते हैं। साथ ही, कलेक्टर दलित समाज के व्यक्ति को किसी अन्य वर्ग के लोगों को ज़मीन बेचने की अनुमति तभी दे सकते हैं जब दलित के पास कम-से-कम  1.26 हेक्टेयर से अधिक ज़मीन हो। यही नहीं, बेचने के बाद भी इतनी ही ज़मीन उसके पास बची भी रहनी चाहिये।

इसी ही क़ानूनी प्रतिबन्ध के कारण दलित समाज के कुछ लोगों के पास आज थोड़ी भूमि बच पायी है, वरना इस वर्ग की ज़्यादातर आबादी भूमिहीन हैं और खेतिहर मज़दूरी व दैनिक मजदूरी करके अपना जीवन किसी प्रकार गुज़र-बसर करने को विवश हैं।
ठीक ऐसे समय में जबकि आरक्षण की संवैधानिक व्यवस्था को निष्क्रिय व निष्प्रभावी बनाकर दलित समाज के लोगों को सरकारी नौकरियों से भी वंचित रखने का षड़यंत्र रचा जा रहा है व साथ ही वर्षो पहले प्रमोशन पाने वाले सरकारी कर्मचारियों को नीचे के पद पर ढकेलने का जुल्म ढाया जा रहा है, उत्तर प्रदेश सपा सरकार द्वारा दलित वर्ग के लोगों को भूमिहीन बनाये रखने का फैसला दलित वर्ग के लोगों के हितों पर एक बड़े कुठारघात जैसा है।

निश्चित रूप से वर्तमान सपा सरकार का यह फैसला भी उन फैसलों जैसा ही है जोे बी.एस.पी. सरकार बनने पर उसे फौरन ही रद्द करके कूड़े की टोकरी में डाल दिये जाने योग्य है। वर्तमान में भी विधानमण्डल सत्र के दौरान इस विधेयक का डटकर विरोध करके इसे पारित होने से रोकने का हर संभव लोकतांत्रिक प्रयास किया जायेगा।

सुरेन्द्र अग्निहोत्री
agnihotri1966@gmail.com
sa@upnewslive.com

Comments (0)

Advertise Here

Advertise Here

 

April 2017
M T W T F S S
« Mar    
 12
3456789
10111213141516
17181920212223
24252627282930
-->




 Type in