Posted on 02 September 2010 by admin
लखनऊ - कांग्रेस अध्यक्ष श्रीमती सोनिया गांधी के कांग्रेस अध्यक्ष पद पर पुन: निर्वाचन हेतु उ0प्र0 कांग्रेस की ओर से आज चार सेटों में नामांकन केन्द्रीय चुनाव प्राधिकरण के समक्ष दाखिल किया गया।
श्रीमती गांधी के नामांकन में उ0प्र0 प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष डॉ0 रीता बहुगुणा जोशी, कांग्रेस विधान मण्डल दल के नेता श्री प्रमोद तिवारी, श्री जगदिम्बका पाल, श्री एम.एल.फोतेदार, श्री बेनी प्रसाद वर्मा, कांग्रेस विधान परिषद दल के नेता श्री नसीब पठान सहित उ0प्र0 से केन्द्र सरकार के कई मन्त्री, सांसद एवं वरिष्ठ विधायक प्रस्तावक के रूप में शामिल थे।
यह जानकारी उ0प्र0 कांग्रेस के मुख्य प्रवक्ता सुबोध श्रीवास्तव ने आज यहां जारी प्रेस विज्ञप्ति में दी है।
सुरेन्द्र अग्निहोत्री
मो0 9415508695
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Posted on 19 August 2010 by admin
भारत रत्न- पूर्व प्रधानमन्त्री स्व0 राजीव गांधी जी का 66वां जन्मदिवस(20अगस्त) उत्तर प्रदेश कांग्रेस कमेटी `सद्भावना दिवस´ के रूप में मनायेगी।
यह जानकारी देते हुए प्रदेश कांग्रेस के मीडिया सचिव विजय सक्सेना ने बताया कि कल दिनांक 20अगस्त को राजीव गांधी जी के जन्मदिवस(सद्भावना दिवस) पर उ0प्र0 कांग्रेस कमेटी की अध्यक्ष डॉ0 रीता बहुगुणा जोशी जी प्रात: 10.30बजे कालीदास मार्ग स्थित राजीव जी की प्रतिमा पर माल्यार्पण करेंगी। तदुपरान्त 10.45बजे माल एवेन्यू स्थित राजीव चौक पर राजीव जी की प्रतिमा पर माल्यार्पण करेंगी व पूर्वान्ह 11बजे प्रदेश कांग्रेस मुख्यालय पर आयोजित कार्यक्रम में भाग लेंगी।
सुरेन्द्र अग्निहोत्री
मो0 9415508695
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Posted on 16 August 2010 by admin
राष्ट्रपिता महात्मा गांधी जिस स्वतंत्रता की बात करते थे, उसमें समाज के आखिरी आदमी के हित का लक्ष्य था। गांवों को स्वावलम्बी बनाने की बात थी। स्वराज ही नहीं, सुराज के लिए संघर्ष की बात थी। एक ऎसे आजाद भारत राष्ट्र का सपना था, जिसमें गांवों को रोजगार के लिए शहरों का मुंह नहीं ताकना पड़े। सभी देशवासी परस्पर मिलजुलकर रहें, सभी समान हों, सभी के साथ न्याय हो, किसी भी तरह की हिंसा या परस्पर भेदभाव का कोई स्थान न हो। वह लक्ष्य पाया नहीं जा सका। बेशक, आज देश के कुछ लोग दुनिया के अमीरों में गिने जाने लगे हैं, लेकिन इसे विकास का पैमाना कतई नहीं माना जा सकता। विकास तो हुआ है लेकिन अंधाधुंध। शहरों की ओर पलायन बढ़ा है। नैतिक मूल्यों का ह्रास हुआ है।
राष्ट्र प्रेम, राष्ट्र सेवा की चर्चा और उस पर भाषण एक बात है, लेकिन उसे जीवन में आचरण में लाना दूसरी बात। दुर्भाग्य से नेता राष्ट्र की स्वतंत्रता को मजबूत करने के बजाय खुद को ही मजबूत करने में लगे हैं। यह तो स्वतंत्रता का सरासर दुरूपयोग है! राजनीति में सेवा का जज्बा ही गायब हो गया। अब यह एक प्रोफेशन है। नेता समाज और देश के प्रति उत्तरदायी हैं, यह बात शायद वे भूलते जा रहे हैं।
लोग अन्याय और अनीति देखकर भी चुप कैसे रहते हैं? हम सिर्फ तमाशबीन भीड़ में तब्दील होते जा रहे हैं। माना जा चुका है कि भ्रष्टाचार के इसी माहौल में जीना हमारी नियति है। समूचा वातावरण विषाक्त-सा हो गया, लगता है। आश्चर्य होता है कि लोग कैसे सहन कर रहे हैं। ऎसा लगता है कि देश में लापरवाह लोगों की पूरी फौज बना ली गई है। राष्ट्रमंडल खेलों की तैयारियों में घालमेल के आरोप बेहद शर्मनाक हैं। हम दुनिया के सामने भारत की कैसी तस्वीर पेश करना चाहते हैं? राजनीति में अपराधियों का बोलबाला बढ़ता जा रहा है। विधानसभा की बात छोड़ो, संसद तक में अपराधी व दागी लोग धड़ल्ले से पहुंच रहे हैं। यह भला कैसी स्वतंत्रता है? जब ये फंसते हैं, तो इन्हें बचाने के लिए वकीलों की फौज खड़ी कर दी जाती है। इनका बहिष्कार होना चाहिए। समाज इन्हें स्वयं अस्वीकार करे। नेताओं और अपराधियों की दुरभिसंधि को रोकना ही होगा। राष्ट्र में स्वतंत्रता की वास्तविक या सच्ची चेतना को पुनर्जीवित करना होगा।
येन-केन-प्रकारेण और रातोरात धन कमाने की प्रवृत्ति देश के लिए बहुत घातक है। एक बात मैं दावे के साथ कह सकती हूं, जो व्यक्ति अपने देश या अपने समाज के लिए समर्पित नहीं है, वह किसी का साथी नहीं हो सकता। भ्रष्टाचार कभी खत्म होगा, यह तो आज सोचा भी नहीं जा सकता। कम हो जाए, तो बड़ी बात।
मैं एक ऎसे भारत की कल्पना करता हूं, जिसमें युवा अपने अधिकारों से ज्यादा अपने कर्तव्यों के प्रति जागरूक होे। जिनके सामने कोई, अन्याय, अत्याचार, अनाचार की हिम्मत नहीं कर सकेगा। जो कहीं भी हो, इस देश का सिपाही होगा। माटी का सपूत, देश का रखवाला। युवाओं को यह समझना चाहिए कि आजादी का मतलब भोग-विलास के अपार साधन जुटाने का अवसर नहीं है। आजादी के पहले यदि देश के जवानों ने यही सब किया होता, तो देश आज भी गुलाम होता। उनके बलिदान को व्यर्थ नहीं जाने देना है और पूरी दुनिया के सामने भारत का सिर ऊंचा रहे, हम सभी का यही प्रयास होना चाहिए।
ढेर सारी विसंगतियों के बावजूद हमारे देश की कुछ ऎसी खूबियां हैं, जो हमें आशान्वित व आश्वस्त करती हैं। सामूहिकता व सहअस्तित्व हमारी विशेषता है। एक-दूसरे के लिए त्याग, समर्पण, सहयोग व सम्मान की जो भावना है, इसे अक्षुण्ण रखना होगा। दूसरे देश में लोग अलग-थलग पड़ जाते हैं। वहां किसी के लिए त्याग की बात कोई नहीं सोचता। हमारे यहां वसुधैव कुटुम्बकम की जड़ें गहरी हैं और आज भी यह बिरवा हरा-भरा है।
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Vikas Sharma
Editor
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Posted on 10 August 2010 by admin
मावेन्स बायोटे• लि. ने बैंगलुरु •े गुरुड़ समूह
•े साथ समझौता ज्ञापन पर ç•ए हस्ताक्षर
नई दिल्ली, 6 अगस्त, 2010। टिशू •ल्चर प्लांट9स व जैव सूचना •े व्यवसाय से जुड़े बीएसई सूचीबद्ध मावेन्स बायोटे• लि. ने रियल एस्टेट, टाउनशिप डेवलपमेंट, •म लागत •े आवास निर्माण, विद्युत व अन्य बुनियादी ढांचा से सम्बंधित क्षेत्रों •ी परियोजनाओं •ो संयुक्त रुप से वि•सित •रने •े लिए आज बैंगलुरु आधारित गरुड़ समूह •े साथ समझौता ज्ञापन पर हस्ताक्षर ç•ए हैं। इस संयुक्त उद्यम ने पहले ही बैंगलुरु शहर में और इस•े आसपास मॉल, होटल व •न्वेंशन सेंटर व ए• बड़ी टाउनशिन जैसी तीन बड़ी परियोजनाओं •ो वि•सित •रने •ी पहचान •र ली है।
मावेन्स बायोटे• लि. •े डायरेक्टर श्री अनिल जैन ने •हा- क्वक्वये संयुक्त उद्यम ाारत •े इंफ्रास्ट्रक्चर क्षेत्र में •ंपनी •े विविधी•रण •ो दर्शाता है, जो ç• वि•ास •े लिए तैयार है। आगे बढ़ते हुए, इस क्षेत्र •ो राजस्व व लाा •े लिए महत्वपूर्ण योगदान देना शुरु •र देना चाहिए।ंं
सुरेन्द्र अग्निहोत्री
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Posted on 10 August 2010 by admin
मउई जिम की ‘ाुरुआत एक छोटी कम्पनी के रूप में 1980 के दशक के आरम्भ में मउई, हवाई में सनग्लास बेचने से हुई। आज यह दुनिया की सबसे तेज विकसित होती पोलराइज्ड सनग्लस उत्पादक है।हवाई की तेज धूप के मद्देनज़र और हानिकारक यूवी किरणों से सुरक्षा के लिहाज से स्थानीय मांग बढ़ी तो कम्पनी ने एक निजी गुणवत्ता, पोलराइज्ड प्लस, का इस तरह विकास किया कि लोग हवाई के खूबसूरत नजारे का जी भर कर आनन्द ले सकें।
मउ जिम का “जन्म´´ सनग्लास के 7 स्टाइल के साथ हुआ। पहले ये केवल मउ, हवाई में बिकते थे। 1991 में हीस्टर इंटरप्राइज ने कम्पनी को खरीदा और 1994 में हीस्टर ने आएलआई विज़न कॉर्पोरेशन, प्योरिया, इलिन्वा को मउइ जिम सनग्लास का मुख्य स्थानीय वितरक नियुक्त किया।
मउइ जिम, इंक. की स्थापना दिसम्बर 1996 में हुई जब मउ जिम सनग्लासेज़ ने आरएलआई विजऩ का अधिग्रहण किया। इससे प्राप्त वित्तीय संसाधन और आधारभूत सुविधाओं के बल पर मउ जिम को बिक्री के मामले में जो सफलता मिली वह एक इतिहास है।
आज कम्पनी 72 से अधिक स्टाइल और 200 एसकेयू की बिक्री में संलग्न है। यह दुनिया में पोलराइज्ड सनग्लास की सबसे तेज विकसित कम्पनी है। मउइ जिम के वितरण कार्यालय अमेरिका, कनाडा, आस्ट्रेलिया, यूके, मेिक्सको, फ्रांस, जम्रनी, इटली, स्वीडेन, दुबई और भारत में हैं।
सुरेन्द्र अग्निहोत्री
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Posted on 10 August 2010 by admin
राष्ट्रमंडल खेल से जुड़ी परियोजनाओं में भारी भ्रष्टाचार होने के आरोपों के बीच सरकार ने शुक्रवार को कहा कि वह कथित अनियमितताओं की सीबीआई से जांच कराने को तैयार है
शहरी विकास मंत्री एस जयपाल रेड्डी ने कहा, ‘वास्तविक खर्च 11,500 करोड़ रुपये का है। 50,000 करोड़ और एक लाख करोड़ रुपए के आंकड़े पूरी तरह से गलत हैं।’ राष्ट्रमंडल खेलों से जुड़ी परियोजनाओं में अनियमितताएं और भ्रष्टाचार होने के आरोपों के बारे में रेड्डी ने कहा, ‘हो सकता है कि सरकारी एजेंसियों ने कुछ अनियमितताएं की हों। हर एक आरोप की जांच की जाएगी। यहां तक कि हम सीबीआई से भी इसकी जांच करने को कह सकते हैं।’
रेड्डी ने इन आरोपों से भी इनकार किया कि राष्ट्रमंडल खेल की आयोजन समिति ने अनियमितताएं की हैं। उन्होंने कहा कि आयोजन समिति भारतीय क्रिकेट कंट्रोल बोर्ड [बीसीसीआई] की ही तरह स्वतंत्र संगठन है। अगर कुछ समस्याएं हैं या आयोजन समिति के बारे में भ्रष्टाचार के आरोप हैं तो सरकार जांच शुरू कर सकती है। अगर ऐसा है तो सभी जांच एजेंसियां, केंद्रीय सतर्कता ब्यूरो, नियंत्रक और महालेखा परीक्षक, प्रवर्तन निदेशालय कार्रवाई करेगा तथा विदेशी विनिमय प्रबंधन अधिनियम के तहत भी कदम उठाए जाएंगे।
विपक्ष के उन्हें लोकसभा में अपनी बात नहीं रखने देने के बारे में मंत्री ने कहा कि वह आरोपों का जवाब देना चाहते थे क्योंकि वह राष्ट्रमंडल खेल संबंधी मंत्री समूह के अध्यक्ष हैं। उन्होंने कहा, ‘मैं पिछले 42 साल से विधायक या सांसद रहा हूं। मैंने ऐसा कभी नहीं देखा कि एक मंत्री जब बोलना चाह रहा हो तो उसे विपक्ष ने नहीं बोलने दिया हो।’ कुछ भाजपा सदस्यों द्वारा दिल्ली में इस खेल आयोजन पर सवाल उठाए जाने के संदर्भ में रेड्डी ने कहा कि खेलों की मेजबानी करने का फैसला 2003 में अटल बिहारी वाजपेई की तत्कालीन सरकार ने किया था। जब संप्रग सत्ता में आया तो यह कर्तव्य पूरा करना उसकी नैतिक तथा राजनीतिक जिम्मेदारी थी।
रेड्डी ने फिर जोर दिया कि खेल आयोजन के लिए सिर्फ 11,500 करोड़ रुपये की राशि ही खर्च की जा रही है। दिल्ली में बुनियादी विकास से जुड़ी परियोजनाओं और खेल परियोजनाओं के बीच असमंजस हो सकता है। उन्होंने कहा कि मेट्रो को नोएडा, गुड़गांव तथा हवाई अड्डे तक विस्तार देने के खर्च को राष्ट्रमंडल खेल की तैयारियों के खाते में नहीं डाला जा सकता। रेड्डी ने कहा, ‘विपक्षी सदस्यों को पूरी जानकारी नहीं है।’ बहरहाल, उन्होंने कहा, ‘अगस्त अंत तक सभी परियोजनाएं पूरी कर ली जाएंगी। राष्ट्रमंडल खेल का आयोजन अच्छी तरह से करने की हमारी काबिलियत को लेकर कोई संदेह नहीं है।’
रेड्डी ने कहा कि श्यामा प्रसाद मुखर्जी तैराकी परिसर दुनिया में श्रेष्ठ है। उन्होंने जवाहरलाल नेहरू स्टेडियम के वास्तुशिल्प को भी श्रेष्ठ करार दिया। राष्ट्रमंडल खेल संबंधी कुछ परियोजनाओं में विलंब को विपक्ष द्वारा राष्ट्रीय शर्म का विषय बताए जाने पर रेड्डी ने कहा, ‘जब इतनी सारी परियोजनाएं एकसाथ चल रही हों तो दो महीने का विलंब होना शर्म का विषय नहीं है।’
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Vikas Sharma
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Posted on 09 August 2010 by admin
राष्ट्रमंडल खेल से जुड़ी परियोजनाओं में भारी भ्रष्टाचार होने के आरोपों के बीच सरकार ने शुक्रवार को कहा कि वह कथित अनियमितताओं की सीबीआई से जांच कराने को तैयार है
शहरी विकास मंत्री एस जयपाल रेड्डी ने कहा, ‘वास्तविक खर्च 11,500 करोड़ रुपये का है। 50,000 करोड़ और एक लाख करोड़ रुपए के आंकड़े पूरी तरह से गलत हैं।’ राष्ट्रमंडल खेलों से जुड़ी परियोजनाओं में अनियमितताएं और भ्रष्टाचार होने के आरोपों के बारे में रेड्डी ने कहा, ‘हो सकता है कि सरकारी एजेंसियों ने कुछ अनियमितताएं की हों। हर एक आरोप की जांच की जाएगी। यहां तक कि हम सीबीआई से भी इसकी जांच करने को कह सकते हैं।’
रेड्डी ने इन आरोपों से भी इनकार किया कि राष्ट्रमंडल खेल की आयोजन समिति ने अनियमितताएं की हैं। उन्होंने कहा कि आयोजन समिति भारतीय क्रिकेट कंट्रोल बोर्ड [बीसीसीआई] की ही तरह स्वतंत्र संगठन है। अगर कुछ समस्याएं हैं या आयोजन समिति के बारे में भ्रष्टाचार के आरोप हैं तो सरकार जांच शुरू कर सकती है। अगर ऐसा है तो सभी जांच एजेंसियां, केंद्रीय सतर्कता ब्यूरो, नियंत्रक और महालेखा परीक्षक, प्रवर्तन निदेशालय कार्रवाई करेगा तथा विदेशी विनिमय प्रबंधन अधिनियम के तहत भी कदम उठाए जाएंगे।
विपक्ष के उन्हें लोकसभा में अपनी बात नहीं रखने देने के बारे में मंत्री ने कहा कि वह आरोपों का जवाब देना चाहते थे क्योंकि वह राष्ट्रमंडल खेल संबंधी मंत्री समूह के अध्यक्ष हैं। उन्होंने कहा, ‘मैं पिछले 42 साल से विधायक या सांसद रहा हूं। मैंने ऐसा कभी नहीं देखा कि एक मंत्री जब बोलना चाह रहा हो तो उसे विपक्ष ने नहीं बोलने दिया हो।’ कुछ भाजपा सदस्यों द्वारा दिल्ली में इस खेल आयोजन पर सवाल उठाए जाने के संदर्भ में रेड्डी ने कहा कि खेलों की मेजबानी करने का फैसला 2003 में अटल बिहारी वाजपेई की तत्कालीन सरकार ने किया था। जब संप्रग सत्ता में आया तो यह कर्तव्य पूरा करना उसकी नैतिक तथा राजनीतिक जिम्मेदारी थी।
रेड्डी ने फिर जोर दिया कि खेल आयोजन के लिए सिर्फ 11,500 करोड़ रुपये की राशि ही खर्च की जा रही है। दिल्ली में बुनियादी विकास से जुड़ी परियोजनाओं और खेल परियोजनाओं के बीच असमंजस हो सकता है। उन्होंने कहा कि मेट्रो को नोएडा, गुड़गांव तथा हवाई अड्डे तक विस्तार देने के खर्च को राष्ट्रमंडल खेल की तैयारियों के खाते में नहीं डाला जा सकता। रेड्डी ने कहा, ‘विपक्षी सदस्यों को पूरी जानकारी नहीं है।’ बहरहाल, उन्होंने कहा, ‘अगस्त अंत तक सभी परियोजनाएं पूरी कर ली जाएंगी। राष्ट्रमंडल खेल का आयोजन अच्छी तरह से करने की हमारी काबिलियत को लेकर कोई संदेह नहीं है।’
रेड्डी ने कहा कि श्यामा प्रसाद मुखर्जी तैराकी परिसर दुनिया में श्रेष्ठ है। उन्होंने जवाहरलाल नेहरू स्टेडियम के वास्तुशिल्प को भी श्रेष्ठ करार दिया। राष्ट्रमंडल खेल संबंधी कुछ परियोजनाओं में विलंब को विपक्ष द्वारा राष्ट्रीय शर्म का विषय बताए जाने पर रेड्डी ने कहा, ‘जब इतनी सारी परियोजनाएं एकसाथ चल रही हों तो दो महीने का विलंब होना शर्म का विषय नहीं है।’
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Posted on 09 August 2010 by admin
देश की राजधानी दिल्ली में दो महीने बाद 19वें राष्ट्रमंडल खेलों का आयोजन होना है। इतने बड़े अवसर के लिए दिल्ली में सुरक्षा तो चाक चौबंद की ही जा रही है तो वही प्रशासन एक और बात का ध्यानरखे है। खेलों के दौरान सेक्स वर्कर्स के बढ़ने पर भी पुलिस की कड़ी नजर है। स्वयं सेवी संस्थाओं, पुलिस और टूर ऑपरेटर्स का मानना है कि गेम्स के समय राजधानी में दुनियाभर से आए लोगों को
लुभाने का सेक्स वर्कर्स पुरजोर कोशिश करेंगे पोस इलाको में माकन किराये पर ले कर सेक्स वर्कर्स इनमे अपना के ठिकाने बना सकते है जो की देशी और विदेशी भी होंगे । इस समय वैश्यावृत्ति के प्रकरण भी बढ़ने की संभावना है। इसलिए प्रशासन पहले से ही इन्हें नियंत्रित करने के प्रयासों में जुट गया है। इंडियन एसोसिएशन ऑफ टूर ऑपरेटर्स ने इस संदर्भ में पर्यटन मंत्रालय से इन गतिविधियों पर निगरानी रखने की गुहार लगाई है। संघ के अध्यक्ष विजय ठाकुरने कहा, खेलों के दौरान उक्रेन, जियोर्जिया, कजाकिस्तान, उजबेकिस्तान, किर्गिजिस्तान और अन्य जगहों से सेक्स वर्कर्स भारत आ सकते हैं।
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Vikas Sharma
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Posted on 29 July 2010 by admin
उत्तर प्रदेश सरकार ने राष्ट्रीय झील संरक्षण कार्यक्रम के अन्तर्गत जनपद गोरखपुर के रामगढ़ ताल की प्रदूषण नियन्त्रण परियोजना के लिए तीन करोड़, 72 लाख, 85 हजार, आठ सौ रूपए की धनराशि स्वीकृत की है।
नगर विकास विभाग ने इस सम्बन्ध में शासनादेश जारी कर दिया है। राष्ट्रीय झील संरक्षण कार्यक्रम के अन्तर्गत रामगढ़ ताल की प्रदूषण नियन्त्रण परियोजना के लिए केन्द्र सरकार ने 8.70 करोड़ रूपए की धनराशि अवमुक्त कर दी है। इस ताल को प्रदूषण मुक्त करने के लिए राज्य सरकार एवं केन्द्र सरकार द्वारा सामूहिक परियोजना बनाई गई थी, जिसमें से 30 प्रतिशत राज्यांश के रूप में तीन करोड़, 72 लाख, 85 हजार, 8 सौ रूपये की धनराशि स्वीकृत की गई है।
सुरेन्द्र अग्निहोत्री
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Posted on 28 June 2010 by admin
आई0ए0एस0 प्रारिम्भक परीक्षा-2011 सत्र में प्रवेश हेतु आवेदन पत्र 10 जुलाई तक जमा करें
प्रवेश परीक्षा 20 जुलाई-2010 को
पी0सी0एस0 प्रारिम्भक परीक्षा प्रवेश हेतु आवेदन पत्र जमा करने की अन्तिम तिथि 20 जुलाई
पी0सी0एस0 प्रारिम्भक प्रवेश परीक्षा 30 जुलाई को
लखनऊ - उत्तर प्रदेष सरकार द्वारा अनुसूचित जाति/अनुसूचित जनजाति एवं अन्य पिछड़ी जाति के निर्धन वर्ग के मेधावी अह्र पुरूश अभ्यर्थियों हेतु प्रशासनिक सेवाओं की परीक्षाओं के पूर्व नि:शुल्क कोचिंग की व्यवस्था उपलब्ध कराई जा रही है।
यह जानकारी आज यहॉ उप निदेशक श्री महेन्द्र प्रताप सिंह छत्रपति शाहूजी महाराज शोध एवं प्रषिक्षण संस्थान, भागीदारी भवन, गोमती नगर, लखनऊ ने दी है। उन्होंने बताया कि संस्थान में आगामी अगस्त 2010 से आई0ए0एस0 एवं पी0सी0एस0 प्रारिम्भक परीक्षा 2011 के पूर्व कोचिंग सत्र चलाया जाना प्रस्तावित है। जो छात्र आई0ए0एस0 प्रारिम्भक परीक्षा-2011 की कोचिंग सत्र में प्रवेष लेना चाहते हैं वह अपना आवेदन पत्र आगामी 10 जुलाई तक संस्थान में जमा कर सकते हैं। उन्होंने बताया कि कोचिंग प्रवेष परीक्षा आगामी 20 जुलाई को होगी।
श्री सिंह ने बताया कि इसी प्रकार पी0सी0एस0 प्रारिम्भक परीक्षा-2011 की कोचिंग हेतु आवेदन पत्र जमा करने की अन्तिम तिथि आगामी 20 जुलाई निर्धारित की गई है। उन्होंने बताया कि पी0सी0एस0 प्रारिम्भक परीक्षा-2011 के पूर्व प्रवेष परीक्षा आगामी 30 जुलाई को होगी। प्रवेष परीक्षा में चयनित अभ्यर्थियों को नि:शुल्क- आवास, वातानुकूलित-व्याख्यान कक्ष, पुस्तकालय एवं मेस सुविधा उपलब्ध करायी जायेगी। उन्होंने बताया कि इच्छुक छात्र विस्तृत जानकारी संस्थान के सूचना पट तथा वेबसाइट पर प्राप्त कर सकते हैं।
सुरेन्द्र अग्निहोत्री
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