Posted on 28 August 2010 by admin
भाजपा के कई दिग्गज नेताओं व मन्त्रियों का लगा जमावडा
चित्रकूट- भाजपा का तीन दिनी चिन्ता शिविर दीनदयाल शोध संस्थान परिसर प्रारम्भ हुआ । शिविर का विधिवत उद्धाटन भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन गडकरी ने किया।
इसके अलावा राश्ट्रीय संगठन मन्त्री रामलाल जी, उत्तर प्रदेश संगठन मन्त्री नगेन्द्र जी,म0प्र मुख्य मन्त्री शिवराज सिंह चौहान, म0प्र0 संगठन मन्त्री माखन, व अन्य राज्यों के संगठन मन्त्री और प्रान्त संगठन मन्त्री सहित भाजपा जिलाध्यक्ष दिनेश तिवारी, चन्द्रप्रकाश खरे, लवकुश चतुर्वेदी, राम औतार तिवारी इस अभ्यास वर्ग की शुरुवात में शामिल रहे।
पहले दिन विभिन्य राज्यों से आये पदाधिकारीयों ने चर्चा की । आगे आने वाले चुनाव और अयोध्या मुद्दे को देखते हुये चिन्तन शिविर महत्वपूर्ण माना जा रहा है इसमें देश सभी राज्यों से संगठन मन्त्री के रुप में 185 सदस्य प्रमुख रुप से हिस्सा लेगे।
भाजपा अध्यक्ष गडकरी ने इस कार्यक्रम की शुरुवात की और आगे आने वाले विधान सभा चुनाव में जोर देते हुुये पार्टी की मजबूती के लिये विशेश बल दिया। दो साल के अन्दर होने वाले विधान सभा चुनाव को लेकर रणनीति बनाने व पिछले लोकसभा चुनाव में हार के कारणों की समीक्षा को अभ्यास वर्ग के रुप में भाजपा का चिन्ता शिविर की शुरुवात की।
इसके बाद भाजपा अध्यक्ष व म0प्र0 मुख्यमन्त्री सहित कई मन्त्री ग्रामोदय विश्व विद्यालय में नाना जी के छठमासिक श्राद्व कार्यक्रम में शामिल हुये।
सुरेन्द्र अग्निहोत्री
मो0 9415508695
upnewslive.com
Posted on 10 June 2010 by admin
भू-माफियाओं व अवैध खनन माफियाओं की तर्ज पर विभागीय लोगों से सांठ-गांठ कर वन माफिया भी कर रहे हैं मनमानी
वनों को बचाने के लिए सरकार द्वारा पेड़ आदि काटने पर प्रतिबंध लगाते हुए संज्ञेय अपराध घोषित किया है। लेकिन भू-माफियाओं, अवैध खनन माफियाओं की तर्ज पर जिले के कई इलाकों में वन माफियाओं की भी तूती बोलती हैं जो सम्बंधित लोगों की सांठगांठ के चलते बिना किसी डर के कीमती पेड़ों पर कुल्हाड़े व आरे चला ठिकाने लगाने में जुटे हुए हैं। उनकी इस दबंगई से नाराज ग्रामीणों ने उच्चाधिकारियों से खुफिया जांच करवा उनके खिलाफ कड़ी कार्रवाई करने की मांग की है।
लगातार कई वर्षो से सूखे की मार झेल रहे बुन्देलखण्ड के ग्रामीणों को रोजगार उपलब्ध कराने व पर्यावरण सन्तुलन बनाए रखने के लिए केन्द्र व प्रदेश सरकार द्वारा कई योजनाएं लागू की गई है। जिसमें प्रदेश सरकार द्वारा महत्वाकांक्षी योजना वृहद वृक्षारोपण योजना चलाई जा रही है। जिसमें समय-समय पर वन विभाग सरकारी व सामाजिक संस्थाओं के माध्यम से वृक्षारोपण करवा रहा है। इसके अलावा लोगों को भी वृक्षारोपण और वन संरक्षण का पाठा भी वनाधिकारियों द्वारा पढ़ाया जाता है। जिले में भी इस योजना के तहत लाखों रुपये खर्च कर काफी संख्या में विभिन्न स्थानों में वृक्षारपेण करवाया गया है। और आगे भी यह अभियान समय-समय पर चलाया जाएगा। लेकिन एक मात्रा तहसील मऊ के आस-पास गांवो व जंगली इलाकों में रहने वाले ग्रामीण बताते हैं कि वन विभाग के उद्देश्यों पर कुछ लोगों द्वारा पानी फेरा जा रहा है। ग्रामीणों की माने तो इन क्षेत्रो में भू-माफियाओं और अवैध खनन माफियाओं की तर्ज पर वन माफियाओं द्वारा शीशम, पाकर, यूकेलिप्टस, बबूल, नीम आदि के कीमती पेड़ों पर बिना किसी डर के कुल्हाड़े व आरे चलाए जा रहे हैं। सूत्रो की माने तो उनकी इस करतूत में सम्बंधित विभागीय लोगों की भी मिलीभगत रहती है। जिसके चलते उनके खिलाफ किसी भी प्रकार की कार्रवाई नहीं होती। सूत्रा बताते हैं कि सम्बंधित लोगों की शह पर पेड़ों को ठिकाने लगाने वाले वन माफिया इतने निर्भीक होते हैं कि खुले आम थानों व वन चौकियों के सामने से अवैध लकड़ी से लदे वाहन निकाल कर ले जाते हैं। इतना ही नहीं इनके आरे व कुल्हाड़े उस समय भी रुकते जब कोई सरकारी वाहन उनके कार्यक्षेत्र के आस-पास से गुजरता है। लोगों ने सम्बंधित उच्चाधिकारियों से वन माफियाओं की खुफिया जांच करवा कार्रवाई करने की मांग की है। उधर डीएफओ बी के चोपड़ा कहते हैं कि उन्हें अभी तक पेड़ों के अवैध कटान की शिकायत नहीं मिली है। वे जल्द ही इसका पता लगा वन माफियाओं के खिलाफ सख्त कार्रवाई करेंगे।
Posted on 22 May 2010 by admin
एसपी ने भी साथियों के हाथों मारे जाने की पुष्टि की, मारे गए एक बदमाश की नहीं हो सकी पहचान
अपने साथियों के साथ आतंक के जरिए ददुआ की तरह सरकारी कामों में चौथ वसूली करने वाला साठ हजार का ईनामी डी 11 गैंग सरगना राजू कोल गैंग के दो सदस्यों के साथ गैंगवार में मारा गया। तीनों बदमाशों के गले और सर में गोलियां मारे जाने के निशानों से यह साबित होता है कि गैंग के साथ मौजूद लोगों ने ही राजू और उसके साथियों ने ही ठिकाने लगाया है। दो साथियों सहित उसके मारे जाने की खबर सुन शनिवार की तड़के मौके पर पहुंचे एसपी ने भी उसके गैंगवार में मारे जाने की पुष्टि की। उन्होंने कहा कि जनता अगर जागरूक हो जाएगी तो जिले से बदमाशों सफाया हो जाएगा।
बैरहना पहाड़ में ढेर पड़े बदमाशों के पास से पुलिस ने एक 12 बोर की दोनाली बन्दूक व दैनिक उपयोग का सामान बरामद किया है। उधर दूसरी पुलिस ने यह भी आशंका जताई है कि हो सकता है वर्चस्व को लेकर नवोदित दस्यु शंकर कोल ने ही अपने साथियों के सहयोग से इन तीनों को ठिकाने लगाया हो। मऊ थानान्तर्गत पियरा गांव के बैरहना पहाड़ में घने जंगलों के बीच चल रही राजा पियरा की पत्थर खदान में डी 11 गैंग के सरगना राजू कोल के मारे जाने की सूचना पर शनिवार की तड़के से ही अपर एसपी विपिन बिहारी मिश्रा, एसटीएफ के सीओ आलोक जायसवाल व मऊ एसओ हरिशरण यादव, मानिकपुर एसओ के के मिश्रा दुर्गम जंगल में स्थित खदान पहुंचे जहां दस्यु राजू कोल अपने दो साथियों के साथ पत्थरों में मृत पड़ा हुआ था और नजदीक ही उनकी पिन्नयां व दैनिक उपयोग की सामग्री के साथ 12 बोर की एक दोनाली बन्दूक व 15 ज़िन्दा कारतूस पड़े हुए थे। बदमाशों के गर्दन व सर में गोलियों के निशान देख पुलिस को समझते देर नहीं लगी कि डी 11 गैंग का सरगना राजू कोल पुत्रा पुर्रा उर्फ शिवधारी निवासी सकरौहां थाना मानिकपुर अपने ही प्रतिद्वन्दी या साथी बदमाशों द्वारा ठोंका गया है। इधर एसपी डा. तहसीलदार सिंह भी अपने दलबल के साथ मौके पर पहुंच गए और इस बीच खबर सुन मौके पर पहुंच रहे लोगों से राजू के साथ ढेर हुए दोनों बदमाशों की विधिवत पहचान कराई। जिसमें एक को तो लोगों ने छोटवा उर्फ छोटा कोल पुत्रा रामजियावन निवासी झलमल थाना मानिकपुर बताया। जबकि नजदीक से गोलियां मारे जाने के कारण सर व मुंह बुरी तरह क्षतिग्रस्त हो जाने के कारण तीसरे बदमाश की पहचान नहीं हो सकी। कभी ददुआ गैंग के हार्ड कोर सदस्य रहे राजू कोल ने उसके मारे जाने के बाद ददुआ के दाहिने हाथ दस्यु राधे के साथ काफी समय तक वारदातों को अंजाम देने के बाद बढ़ते पुलिसिया दबाव के चलते शातिर दिमाग के बदमाश राजू कोल ने भी राधे के साथ मध्यप्रदेश के मझगवां थाने में 20 फरवरी 08 को आत्मसमर्पण कर दिया था। लेकिन सरेण्डर होने के कई माह जेल में रहने के बाद राजू कोल पुलिस कर्मियों को उस समय चकमा देकर ओहन स्टेशन के पास सतना पेशी से वापस लौटते समय 7 अगस्त 08 को ट्रेन से कूद कर फरार हो गया था। इसके बाद से तो वह अपना स्वत: गैंग बना पाठा क्षेत्रा समेत जिले के विभिन्न स्थानों व मध्य प्रदेश के रीवां जिले में अपना आतंक कायम करते हुए ददुआ की तर्ज पर सरकारी कार्यों में कमीशन व चौथवसूली करने लगा था। अचानक बढ़े राजू के आतंक के बाद यूपी पुलिस ने इस पर ईनाम बढ़ा कर 50 हजार रुपये व एमपी पुलिस ने दस हजार कर दिया था। लेकिन दो दर्जन से अधिक जघन्य अपराधों समेत ट्रेन में रूसी महिला की हत्या करने वाला राजू कोल लगातार अपना कद बढ़ाते हुए लोगों में दहशत फैला रहा था। इधर एसटीएफ व जिला पुलिस ने भी जिन बदमाशों को अपना प्रमुख टारगेट माना था उसमें राजू दूसरे नंबर पर था। जिसके चलते इधर काफी समय से वह अपने विश्वासपात्रा साथियों के साथ ही चलता था। लेकिन बीते शुक्रवार की रात उसके लिए काल बन कर आई जब अपने ही किसी नजदीकी के हत्थे चढ़ वह अपने दो साथियों के साथ मारा गया। घटना स्थल पहुंचे पुलिस अधीक्षक डा. सिंह ने भी मारे गए बदमाशों की मौत के पीछे गैंगवार की पुष्टि करते हुए कहा कि बदमाशों को आमजनता ही दौड़ा-दौड़ा कर मारेगी तभी जिले के लोगों को डकैतों के आतंक से मुक्ति मिलेगी। उन्होंने कहा कि न्याय और कानून से बड़ा कोई नहीं है।लोगों को जीना मुहाल करने वालों को यही हाल होता है।
श्री गोपाल
09839075109
Posted on 20 May 2010 by admin
बुन्देलखण्ड विशेष पैकेज का सही उपयोग करने की दी सलाह
पानी व अन्ना प्रथा की समस्या से छुटकारा दिलाने के लिए कई योजनाओं पर भी की गई चर्चा दो वर्षो में 6 हजार से अधिक तालाब खोदे जाएंगे
बुन्देलखण्ड विशेष पैकेज के तहत विभागवार बनाई गई योजनाओं का लाभ जनता को अवश्य मिलना चाहिए। यह निर्देश जिला स्तरीय अधिकरियों को केन्द्र की ओर से आई टीम ने दिए। इस दौरान जिले के सिंचाई, लघु सिंचाई, डीपीएपी, वनविभाग, पशुपालन विभाग, दुग्ध विभाग, कृषि विभाग, ग्राम्य विकास विभाग, उद्यान व मण्डी परिषद द्वारा 409.54 करोड़ के प्रस्ताव भी प्रस्तुत किए गए। जिसमें वन विभाग व डीपीएपी को 5.87 करोड़ रुपया बुन्देलखण्ड विशेष पैकेज से प्राप्त भी हो चुके हैं।
गुरुवार को बुन्देलखण्ड विशेष पैकेज के बारे में चर्चा करने के लिए आए केन्द्रीय दल के बी के बहुगुणा प्रशासन एवं वित्त अपर सचिव भारत सरकार व डा. आलोक सिक्का तकनीकी विशेषक/अपर सचिव भारत सरकार ने विभाग वार अधिकारियों से पैकेज पर चर्चा की। उनका कहना था कि इसका लाभ जनता को मिलना चाहिए। साथ ही मुख्यरूप से बुन्देलखण्ड में वर्षा के पानी का सदुपयोग हो तथा अन्ना प्रथा को समाप्त करने के लिए भी सभी मिलकर जागरूकता लाएं। उन्होंने कहा कि वन विभाग वन क्षेत्रा में वृक्षारोपण करे तो लघु व सिंचाई विभाग तथा भूमि संरक्षण और कृषि विभाग इन योजनाओं को इस प्रकार से संचालित करे कि वन व जल संचयन का लाभ लोगों को मिल सके।
बैठक के दौरान मुख्य विकास अधिकारी पी के श्रीवास्तव ने बुंन्देलखण्ड विकास निधि कमेटी के सामने विभागवार केन्द्रांश व राज्यांश के साथ लाभर्थीअंश का जिक्र करते हुए बताया कि जनपद के दस विभागों द्वारा इस योजना में काम किया जाना है जिसमें केन्द्रांश 136.96 करोड़, राज्यांश 10.21 करोड़, लाभर्थी अंश 8.57 करोड़, मनरेगा 65.07 करोड़, एसीए 185. 57 करोड़ रुपये देगा। बैठक के दौरान केन्द्रीय प्रतिनिधि श्री सिक्का ने कहा कि इन योजनाओं को लागू करने में केन्द्र भरपूर सहयोग करेगा। लेकिन उसको सदुपयोगी व कारगर बनाने में मनरेगा की तरह काम न कर समय से पूरा करें। इस बीच उन्होंने कहा कि पानी की कमी को देखते हुए जल संचयन के क्षेत्रा में वर्ष 2010-11 में 3 हजार 91 तालाब व वर्ष 2011-12 में 3 हजार 91 तालाब बनवाए जाए तभी पानी की समस्या से जूझ रहे यहां के लोगों को पानी की समस्या से निजात दिलवाया जा सकेगा।
इसके पूर्व जिलाधिकारी विशाल राय ने केन्द्रीय सचिवों को पुष्पगुच्छ भेंट करते हुए कार्यक्रम का शुभारंभ किया। इस बीच उन्होंने कहा कि योजनाओं को धरातल में उतारने के लिए सभी को प्रोजेक्ट के अनुसार भरपूर मेहनत करनी होगी। तभी यह योजना अपने उद्देश्यों को पूरा कर सकेगी। बैठक में उप कृषि निदेशक एम ए सिद्दीकी, जलनिगम अधिशासी अभियन्ता जे पी सिंह, जिला कृषि अधिकारी एच एन राजपूत, भूमिसंरक्षण अधिकारी जीपी कुशवाहा, अधिशासी अभियन्ता सिंचाई के एस लाल, डीएफओ बीके चोपड़ा समेत सभी सम्बंधित अधिकारी मौजूद रहे।
Posted on 19 May 2010 by admin
तेज आंधी व ओलों की चपेट में आकर चार हुए घायल ,टीनें गिरने से तीन गायों की मौके पर हुई मौत
तेज आंधी के साथ गिरे ओलों से आम की फसल हुई चौपट,ओलों के से सब्जी की बारियों को हुआ नुकसान
भीषण गर्मी झेल रहे लोगों को अचानक बदले मौसम ने थोड़ी सी राहत तो दी लेकिन तूफान के रूप में आई तेज आंधी ने कहर भी खूब बरपाया। तूफान के साथ अचानक गिरे बड़े-बड़े ओलों से लोग चुटहिल भी हुए। लगभग दस मिनट तक चले आंधी और पानी के इस कहर से जहां एक ओर जनजीवन अस्त-व्यस्त रहा वहीं जगह-जगह पेड़ गिरने से राष्ट्रीय राजमार्ग समेत मुख्यालय के कस्बाई रास्ते भी बन्द हो गए। वहीं कच्चे घरों में रहने वालों के लिए तो आंधी बरबादी का आलम ले कर आई। जिसके चलते लोगों के टीन टप्पर व खपरैल तक उड़ गए। इसके अलावा बिजली की तारें टूट जाने से विद्युत आपूर्ति भी बाधित हो गई। विभागीय लोगों की माने तो विद्युत व्यवस्था सुचारू करने में काफी समय लग सकता है। पिछले एक सप्ताह से जनपदवासी भीषण गर्मी कीमार झेल रहे थे। दो दिन से तो पारा उतरने का नाम ही नहीं ले रहा था। बुधवार को भी लोग सबेरे से गर्मी के मारे परेशान हाल हो रहे थे। लेकिन अपराहन बाद लगभग तीन बजे से आसमान में बदली छा जाने से और ठण्डी हवाओं के झोकों से लोगों को राहत मिली और उम्मीद बंधी की जल्द ही बारिश होगी। वहीं शाम चार बजते-बजते हल्की ठण्डी हवाओं के झोकों ने उग्रता से तूफान का रूप धारण कर लिया। इसी के साथ ही अचानक बड़े-बड़े ओले गिरते देख लोग भौचक्के रह गए। ओले गिरने के कुछ ही देर बाद तेज बारिश शुरू हुई जिसने आमजन को गर्मी से थोड़ी देर के लिए निजात दिलाई। लगभग दस मिनट तक चलने वाले तेज आंधी और पानी के दौरान जिले में जगह-जगह पेड़ों के गिरने से नेशनल हाइवे 76 के साथ-साथ जिले के अन्य मार्ग भी जाम हो गए। जिसके चलते सैकड़ों वाहन जहां के तहां रुक गए। इसके अलावा कच्चे माकान में रहने वालों के लिए तो आंधी और पानी कहर बन कर टूट पड़ा । तेज आंधी में खपरैलों के साथ-साथ लोगों के टीन-टप्पर भी उड़ गए। वहीं दूसरी ओर ओलों की मार व पेड़ों के गिरने से जिले में लगभग आधा दर्जन से लोग चुटहिल हो गए। हालांकि तूफान का मुख्य केन्द्र जिला मुख्यालय कर्वी ही रहा लेकिन इससे आस-पास के लगभग 20 किमी तक का इलाका प्रभावित हुआ।
चक्रवाती तूफान के साथ गिरे ओलों ने भयंकर तबाही मचा डाली। इस दौरान जहां बिजली गिरने से एक व्यक्ति बुरी तरह झुलस गया वहीं पेड़ गिरने व माकान का छज्जा टूट जाने से चार लोगों के गम्भीर रूप से घायल होने की खबर मिली है। इसके अलावा चित्रकूट में हनुमान धारा के पास निर्मोही अखाड़ा द्वारा संचालित गोशाला की टीनें गिरने से तीन गायों की मौके पर मौत हो गई जबकि सैकड़ों गायें बुरी तरह घायल हो गई।
बुधवार की शाम लगभग चार बजे आए भयंकर तूफान के साथ ही बड़े-बड़े ओले गिरने लगे। तेज आंधी के दौरान जगह-जगह पेड़ गिर गए वहीं कईयों के माकान भी धराशायी हो गए। आंधी में अपने घर के सामने लगे पेड़ के नीचे खड़े इटरौर भीषमपुर निवासी रामबाबू 30 पुत्र स्व. मोतीलाल अचानक बिजली गिरने से बुरी तरह झुलस गया। परिजनों ने उसे तत्काल जिला अस्पताल में भर्ती कराया। वहीं प्राथमिक उप स्वास्थ्य केन्द्र इटवा डुडैला में तैनात फार्मासिस्ट लक्ष्मी सागर सिंह 40 पुत्र जवाहर निवासी छिपनी बाहर खेरा ड्यूटी से वापस लौट रहा था रास्ते में आंधी आने से बचाव करने के लिए सीतापुर रामायण मेला परिसर के पास लगे पेड़ के नीचे खड़ा हो गया और आंधी में पेड़ गिरने से उसके नीचे दबकर वह गम्भीर रूप से घायल हो गया। जिसे आस-पास के लोगों ने किसी तरह निकाल कर इलाज के लिए अस्पताल भेजा। इसके अलावा पथरौड़ी गांव में आधी के कारण मकान का छज्जा गिर जाने से सखिया 50 पत्नी रघुनन्दन गम्भीर रूप से घायल हो गया। वहीं पथरामानी में बिजली कड़कने की आवाज से 15वर्षीय सब्बू पुत्र बच्छराज बेहोश हो गया। सभी घायलों का इलाज जिला अस्पताल में चल रहा है। वहीं बालक की स्थिति गम्भीर बनी हुई है। इसी तरह चित्रकूट में हनुमान धारा के समीप निर्मोही अखाड़ा द्वारा संचालित गोशाला की टीने आंधी में उड़ कर नीचे आ गिरीं जिनकी चपेट में आने से तीन गायों तो मौके पर ही मौत हो गई जबकि एक सैकड़ा से अधिक गायें चुटहिल हो गईं। इधर मुख्यालय कर्वी के आस-पास क्षेत्रो में केन्द्र बिन्दु बने तूफान व ओले की चपेट में आने से तरौहां कस्बे में भी दर्जनों लोग चुटहिल हुए हैं व कई जानवरों की मौत की खबर मिली है। 
आंधी किसानों के लिए भी खतरनाक साबित हुई। इसके कारण कई वर्षो बाद पेड़ों पर आई आम की अच्छी फसल को भी नुकसान पहुंचा। आंधी में कई कुन्तल छोटे कच्चे आम नीचे आ गिरे। वहीं कुछ लोगों के कटहल के पेड़ों को भी नुकसान हुआ। इसी तरह बड़े-बड़े ओले गिरने से लोगों के द्वारा अपनी रोजी-रोटी के लिए लगाई गई सब्जियों की बारियां भी चौपट हो गईं। इन सबके साथ आंधी ने बिजली विभाग को भी काफी चोट पहुंचाई। तेज आंधी और पानी में सैकड़ों बिजली के खंभे गिर गए व जगह-जगह पर बिजली के तार टूट गए। जिससे बिजली व्यवस्था पूरी तरह ध्वस्त हो गईं। जिसके चलते विभागीय लोगों ने आपूर्ति चालू करने में हाथ खड़े कर दिए। उधर अचानक आए इस तूफान ने कुछ देर के लिए संचार व्यवस्था भी बाधित कर दी। हालांकि दस मिनट तक चले आंधी पानी से लोगों को गर्मी से लोगों को राहत मिली लेकिन उसके बाद उमस भरी गर्मी में लोगों का जीना मुहाल हो गया। दूसरी ओर समाचार लिखे जाने तक नेशनल हाईवे में कपसेठी व नगर के एलआईसी तिराहा और पटेल तिराहा में गिरे भारी भरकम पेड़ों के चलते रास्ता अवरुद्ध रहा। प्रशासनिक अमले के लोग मार्ग चालू कराने के लिए युद्ध स्तर पर पेड़ हटवाने का कार्य जारी किए हुए थे।
Posted on 19 May 2010 by admin
रामायण मेला समिति महामंत्री आचार्य बाबूलाल गर्ग के बेटे को संयुक्त महामंत्री बनाया गया
रामायण मेला भवनम् संरक्षण समिति का भी हुआ गठन
विरासत में मिले पद को कुशलता पूर्वक निभाने का किया वायदा
पूरे देश में ख्याति प्राप्त राष्ट्रीय रामायण मेला के रिक्त चल रहे कार्यकारी अध्यक्ष पद की जिम्मेदारी आखिरकार समिति ने स्व. करवरिया के पुत्र को ही दे दी। साथ ही मेलासमिति के फाउण्डर महामंत्री के बेटे को संयुक्त महामंत्री बनाया गया है। अपने पद का कार्यभार सम्भालते हुए नए कार्यकारी अध्यक्ष ने अपने पिता के पदचिन्हों पर चलते हुए रामायण मेला आयोजन को नई बुलन्दियों तक पहुंचाने का वायदा समिति के लोगों से किया। इसके अलावा उन्होंने पिता के सहयोगी रहे बड़े-बुज़ुर्गो को पिता तुल्य बताते हुए उनकी छत्राछाया में ही अपनी जिम्मेदारी निभाने की बात कही।
गौर तलब है कि प्रभु श्री राम की तपोस्थली चित्रकूट में समाजवादी चिन्तक डा. राममनोहर लोहिया के द्वारा आरम्भ किए गए रामायण मेला महोत्सव को स्थापना काल से ही जुड़े बाद में समिति के कार्यकारी अध्यक्ष बने स्व. गोपाल कृष्ण करवरिया ने पूरी जिम्मेदारी के साथ बाखूबी ऊंचाईयों तक पहुंचाया। उन्हीं की मेहनत का नतीजा है कि आज रामायण मेले को राष्ट्रीय रामायण मेले के नाम ख्याति मिली। और डा. राममनोहर लोहिया का सामाजिक समरसता का सपना नई बुलन्दियों तक पहुंचने लगा। लेकिन बीते माह कार्यकारी अध्यक्ष श्री करवरिया का रामायण मेला परिसर स्थित उनके विश्रामकक्ष में ही अचानक निधन हो गया था। जिसके बाद से समिति मे खाली पड़े कार्यकारी अध्यक्ष पद पर ऐसे व्यक्ति की ताजपोशी करने की चर्चाएं चल रही थी जो चित्रकूट की पहचान बन चुके इस महत्वपूर्ण आयोजन को और ऊंचाईयों पर ले जा सके। जिसको देखते हुए मेला समिति की कार्यकारिणी ने बीती 18 मई को स्व. करवरिया के बड़े पुत्रा राजेश कुमार करवरिया को कार्यकारी अध्यक्ष बनाए जाने का निर्णय लिया था। जिसकी घोषणा बुधवार को रामायण मेला परिसर में समिति के महामंत्री आचार्य बाबूलाल गर्ग ने कहा कि स्व. करवरिया राम के रामायणात्व को जन-जन तक पहुंचाने के लिए शुरू से ही समर्पित भावना से काम करते रहे।
उन्होंने कहा कि उन्हें उम्मीद है कि उत्ताराधिकार के रूप में मिले पद को अब उनके बड़े पुत्र राजेश आगे बढ़ाएंगे। वहीं उन्होंने बताया कि अपनी बढ़ती उम्र के कारण समिति द्वारा उनके पुत्र मनोज मोहन गर्ग को मेला समिति का संयुक्त महामंत्री बनाया गया है और उन्हें आशा है कि विरासत में मिली जिम्मेदारी को वह सही तरीके से पूरी करेंगे। वहीं इस बीच नवनिर्वाचित हुए कार्यकारी अध्यक्ष राजेश करवरिया ने कहा कि वे अपने पिता के पदचिन्हों पर चलते हुए पूरी जिम्मेदारी से रामायण मेले को नई बुलन्दियों तक पहुंचाने का प्रयास करेंगे। इसके अलावा उन्होंने स्व. श्री करवरिया के सहयोगी रहे समिति के वरिष्ठ पदाधिकारियों और सदस्यों के प्रति सम्मान व्यक्त करते हुए कहा कि वे सभी उनके मार्गदर्शक हैं और उन्हीं की सहमति से ही हर निर्णय लिया जाएगा। इस दौरान महामंत्री श्री गर्ग ने बताया कि रामायण मेला भवनम संरक्षण समिति भी बनाई गई है जिसके संरक्षक कार्यकारी अध्यक्ष करवरिया व अध्यक्ष डा. श्याममोहन त्रिपाठी बनाए गए हैं, तथा करुणाशंकर द्विवेदी, हरिशंकर गर्ग व मनोजगर्ग सदस्य नियुक्त किए गए हैं। इस मौके पर डा. श्याम मोहन त्रिपाठी, शिवमंगल शास्त्री, देवीदयाल यादव, मो. यूसुफ, राम प्रकाश श्रीवास्तव, कलीमुद्दीन बेग, प्रशान्त करवरिया आदि मौजूद रहे।
Posted on 19 May 2010 by admin
चित्रकूट-जब आप का बच्चा पैदा हो तब से लेकर हर माह उसकी फोटो जरूर निकलवा कर रखे क्यो कि यदि दुर्भाग्य से आप का बच्चा गुम हो गया तो पुलिस बिना उसकी फोटो के आप की गुमशुदगी की रिर्पोट नही लिख सकेगी।
उक्त जानकारी का खुलासा उस समय हुई जब ग्राम तरौंहा निवासी मुतीबुन निशा बेवा मरहूम जफर खान फरासन टोला इमाम बाडा के पास जिला चित्रकूट अपने नाबालिग बेटे साहिल खा उर्फ बॉबी उम्र 13 साल की गुमशुदगी की रिपोर्ट लिखाने कोतवाली कर्वी गई। डयूटी मे तैनात मुन्शी ने विना फोटो के उनकी प्रथम सूचना लेने से मना कर दिया। बच्चे के गम में दुखी मुतीबुन निशा वापस अपने घर आयीं और फोटो तलाशी और स्टूडियों से 5 फोटो पास पोर्ट साइज और एक पोस्ट कार्ड साइज बनवाकर दी फिर भी डयूटी पर तैनात मुन्शी ने प्रथम सूचना रिपोर्ट का प्रार्थना पत्र नही लिया परन्तु कोतवाली प्रभारी चन्द्रधर गौड की मदाख्लत से गुमशुदगी की रिपोर्ट दर्ज हो सकी।
सुरेन्द्र अग्निहोत्री
मो0 9415508695
upnewslive.com
Posted on 19 May 2010 by admin
चित्रकूट - अचानक हुई बर्फ के पत्थरों की बारिश से जनजीवन थोडी देर के लिए थम सा गया था। पत्थर गिरने से ब्यस्त सडक भी सूनसान हो गई । लोक निमार्ण विभाग कार्यालय के सामने नीम का पेड गिरने से रास्ता जाम हो गया और कोई अनहोनी होने से टल गई।
बुधवार की शाम 4 बजे अचानक आसमान से बर्फ के पत्थर गिरने लगें। राहगीरो ने पत्थरों की मार से बचनें के लिए जहां जगह पायी शरण ली। पत्थरों की गिरने की रफतार इतनी तेज थी कि कुद वाहनों के शीशे चकना चूर हो गये। सार्वजनिक निर्माण विभाग कार्यालय के सामने एक पुड गिर गया जिससे कार्यालय का रास्ता बन्द हो गया। एक नीम का पेड बस स्टैन्ड के पहले गिर गया जिससे भी कोई अनहोनी होने से बच गई। सब्जी के थोक व फुटकर व्यवसायी मोहम्मद शफी ने पत्थरों की रफतार के बारे में बताया कि यह दूकान के अन्दर बैठे थे और एक पत्थर उनके पैर में लगा तो ऐसा लगा कि किसी ने गोली मार दी हो। अजय रिछारिया ने बताया कि पत्थर देख कर छोटे बच्चे डर गये और सहम गये। कुछ लोगों का कयास है कि अब मोसम खुशगवार हो जायेगा।
सुरेन्द्र अग्निहोत्री
मो0 9415508695
upnewslive.com
Posted on 17 May 2010 by admin
60 हजार का ईनामी था राजा खान उर्फ ओमप्रकाश
दाहिने हाथ राहुलपण्डित पर भी था 22 हजार का ईनाम
लोगों ने एसटीएफ टीम को दी बधाई
मानिकपुर - थोड़े ही समय में अपने आतंक का पर्याय बन चुका अंर्तरप्रान्तीय डकैत राजा खान अपने दाहिने हाथ राहुल पण्डित के सहित सोमवार की तड़के एसटीएफ के साथ हुई मुठभेड में प्रशिक्षित कमाण्डों द्वारा ढेर कर दिया गया। 60 हजार के ईनामी बदमाश राजा खान पाठा क्षेत्रा में दूसरे नंबर का बड़ा गैंग लीडर था। मुठभेड़ के दौरान उसके पास से पुलिस से लूटी थ्री नॉट थ्री रायफल व 22 हजार के ईनामी राहुल पण्डित के कब्जे से 12 बोर की दोनाली बन्दूक व भारी मात्रा में कारतूस बरामद हुए हैं।

बड़े गैंगों के सफाए के बाद शान्त हो चुके पाठा इलाके में इधर एक बार फिर छुटभैया डकैतों ने सर उठाना शुरू कर दिया था। जिनमें बड़ी तेजी से उभर कर सामने आए डी 14 गैंग के लीडर दस्यु राजा खान उर्फ ओमप्रकाश यादव ने अपने साथियों सहित पाठा क्षेत्रा में थोड़े ही समय में अपने आतंक के बल पर दहशत फैला दी थी। वह मानिकपुर के ग्रामीण इलाकों में संचालित पत्थर की खदानों में तो वसूली करता ही था साथ ही गांवों हो रहे विकास कार्यों में चौथ न मिलने पर कई काम भी बन्द करवाए थे। उसके आतंक से लोग इतने भयभीत हो गए थे कि मानिकपुर इलाके में काम करवाने की हिम्मत किसी भी ठेकेदार की नहीं होती थी। इसी के चलते विभिन्न विभागों द्वारा संचालित दर्जनों विकास कार्य ठप्प हो गए थे। दस्यु राजा खान द्वारा इधर कई सामाजिक संस्थाओं के कार्यों में भी हस्तक्षेप करते हुए उनसे भी चौथ देने की मांग की जाने लगी थी। उसके डर से पाठा के ग्रामीण इलाकों में समाज कार्य कर रही संस्थाओं के कार्यकर्ताओं ने भी अपना काम बन्द कर दिया था। ग्रामीण इलाकों में घटनाएं दर घटनाएं करते हुए उसने पुलिस की नाक में भी दम कर दिया था। जिसके बाद से जिला पुलिस बदमाशों की तलाश में सघन अभियान चला रही थी। वहीं इसी बीच जिले को ददुआ और ठोकिया से मुक्ति दिलाने वाली एसटीएफ ने भी गैंगों को ठिकाने लगाने के लिए कमर कसते हुए अपना अभियान शुरू कर दिया था। रविवार की देर रात एसटीएफ को उसके सूत्रो से जानकारी मिली कि मारकुण्डी थानान्तर्गत मोटवन जंगल में डी 14 गैंग का लीडर दस्यु राजा खान उर्फ ओम प्रकाश यादव अपने दाहिने हाथ राहुल तिवारी उर्फ राहुल पण्डित के साथ मौजूद है। जिस पर एसटीएफ के डिप्टी एसपी आलोक जायसवाल के नेतृत्व में सोमवार की तड़के लगभग ढाई बजे इंस्पेक्टर ऋषि यादव, उप निरीक्षक एफ आर खान, उपनिरीक्षक महावीर समेत एक दर्जन प्रशिक्षित कमाण्डों से लैस टीम ने बदमाशों की घेराबन्दी करने के लिए जैसे ही नाले को पार किया कि एसटीएफ टीम पर बदमाशों की ओर से फायर होने लगे। एसटीएफ जवानों ने भी अपना बचाव करते हुए जवाबी फायरिंग की। जिसमें कुछ ही देर बाद सामने की ओर फायरिंग रुक जाने पर एसटीएफ टीम ने आड़ लेकर
नजदीक पहुंची तो दस्यु राजा खान उर्फ ओम प्रकाश यादव मर चुका था। जबकि एक बदमाश भागता दिखा जिसे ललकारते हुए रुकने के लिए कहा गया। लेकिन वह एक ढह चुके घर की आड़ लेकर एसटीएफ जवानों पर दोबारा फायर करने लगा। जिसे नाले के दूसरे कोने से आई कमाण्डों की टीम ने तड़के लगभग साढ़े तीन बजे ढेर कर दिया।
जिसकी पहचान राहुल पण्डित उर्फ राहुल तिवारी के रूप में की गई। मुठभेड़ के बाद एसटीएफ के डिप्टी एसपी आलोक जायसवाल ने बताया कि अन्तर्रप्रान्तीय दस्यु सरदार राजा खान के पीछे उनकी टीम पिछले तीन दिनों से लगी हुई थी। जहां कई बार दस्यु उनको चकमा दे कर निकल भागा था। लेकिन रविवार की रात एक बार उन्होंने फिर मारकुण्डी थाना क्षेत्रा के टिकरिया स्टेशन से लगभग डेढ़ किलोमीटर आगे मोटवन जंगल में उसे घेर लिया गया। जहां उनके कमाण्डों ने बिना किसी नुकसान के उसे ठिकाने लगाने में सफलता पाई। उन्होंने बताया कि राजा खान उर्फ ओम प्रकाश यादव निवासी बिलहरी थाना बहिलपुरवा के कब्जे से पुलिस से लूटी गई थ्री नॉट थ्री रायफल और राहुल पण्डित उर्फ राहुल तिवारी निवासी कैलहा थाना बहिलपुरवा के कब्जे से 12 बोर की दो नाली बन्दूक व आधा सैकड़ा विभिन्न बोरों के कारतूस बरामद हुए हैं। उन्होंने कहा कि उत्तर प्रदेश पुलिस द्वारा राजाखान उर्फ ओम प्रकाश के ऊपर 50 हजार का ईनाम था। जबकि मध्यप्रदेश पुलिसा द्वारा दस हजार रुपये का ईनाम घोषित था। वहीं उसके दाहिने हाथ राहुल पण्डित के ऊपर यूपी से 12 हजार और एमपी से 10 हजार रुपये का ईनाम घोषित किया गया था। इधर एसटीएफ के हाथों डी 14 गैंग के लीडर राजा खान के ठोके जाने की खबर मिलते ही पुलिस कप्तान डा. तहसीलदार सिंह, सीओ सिटी उदयशंकर, सीओ मानिकपुर, एसडीएम सदर गुलाब सिंह, कोतवाली प्रभारी सीडी गौड़, मारकुण्डी एसओ भाष्कर मिश्रा, मानिकपुर एसओ के के मिश्रा, मऊ एसओ हरिशरण यादव, भारी पुलिस बल के साथ मौके पर पहुंच गए। साथ ही दस्यु के मरने की खबर फैलते ही सैकड़ों लोगों का हुजूम भी मोटवन जंगल पहुंचा था जो दस्यु राजा खान के ठोके जाने से राहत की सांस लेते हुए एसटीएफ टीम की वाहवाही कर रहा था।
Posted on 17 May 2010 by admin
चित्रकूट,एक्शन एड लखनऊ के सहयोग से प्रगति माध्यम समिति चित्रकूट ने 5 ग्रामों में ग्रेंन बैंक की स्थापना कर दी है। इस ग्रेंन बैंक से कोई भी गरीब जरूरतमन्द अनाज उधार लेकर अपनी भूख शान्त कर सकता है।
उक्त जानकारी प्रगति माध्यम समिति की मुखिया सुश्री शहरोज फातिमा ने दी। सुश्री फातिमा ने आगे बताया कि लगातार कई वर्षो से पड रहे सूखे के कारण किसानों की जिन्दगी में बहुत असर पडा हैं। वह अपना व अपने बच्चों का पेट भरने में मनरेगा योजना का भी लाभ नहीं उठा रहा है।
सुरेन्द्र अग्निहोत्री
मो0 9415508695
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