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Archive | स्वास्थ्य

सुरक्षित प्रसव को सुनिश्चित कराने के लिए जिला महिला अस्पतालों का विस्तार एवं उच्चीकरण कार्य प्रगति पर: मुख्य सचिव

Posted on 03 March 2013 by admin

  • प्रदेश के जिला महिला अस्पतालों में पूर्व से उपलब्ध 4930 बेडों  की संख्या को बढ़ाकर 10030 किया जायेगा तथा 12 सीएचसी पर 50 बेडेड मैटरनिटी विंग्स एवं 78 सीएचसी पर 30 बेडेड मैटरनिटी विंग्स का भी निर्माण कराया जा रहा है: जावेद उस्मानी
  • क्रिटिकल केसों के समुचित उपचार हेतु लखनऊ में  200 बेडयुक्त स्टेट एपेक्स रिफरल हास्पिटल फाॅर मैटरनल एण्ड चाइल्ड हेल्थ बनाये जाने की योजना: मुख्य सचिव
  • जननी शिशु सुरक्षा कार्यक्रम विगत वर्ष 141 अस्पतालों में लागू था, जिन्हें मुख्यमंत्री जी के निर्देशन में बढ़ाकर 566 अस्पतालांे में कार्यक्रम  लागू कराकर लाभान्वित कराया जा रहा है: जावेद उस्मानी
  • वर्ष 2013-14 में जननी शिशु सुरक्षा कार्यक्रम के तहत सभी 985 ब्लाक स्तरीय अस्पतालों में सुविधाएं उपलब्ध करायी जायेगी: मुख्य सचिव

उत्तर प्रदेश के मुख्य सचिव श्री जावेद उस्मानी ने बताया कि सुरक्षित प्रसव को सुनिश्चित कराने के लिए जिला महिला अस्पतालों का विस्तार एवं उच्चीकरण कराया जा रहा है। प्रदेश में नए मैटरनिटी विंग्स का निर्माण कराते हुए प्रदेश के जिला महिला अस्पतालों में पूर्व से उपलब्ध 4930 बेडों की संख्या को बढ़ाकर 10030 किया जायेगा तथा 12 सीएचसी पर 50 बेडेड मैटरनिटी विंग्स एवं 78 सीएचसी पर 30 बेडेड मैटरनिटी विंग्स का भी निर्माण कराया जा रहा है। इन सभी कार्याें के लिए 1300 करोड़ रूपये स्वीकृत किए गए हैं। क्रिटिकल केसों के समुचित उपचार हेतु लखनऊ में 200 बेडयुक्त स्टेट एपेक्स रिफरल हास्पिटल फाॅर मैटरनल एण्ड चाइल्ड हेल्थ स्वीकृत कर दिया गया है। जननी सुरक्षा योजना के तहत आगामी वर्ष में प्रदेश की लगभग 28.5 लाख गर्भवती महिलाएं लाभान्वित कराए जाने का लक्ष्य निर्धारित किया गया है। जननी शिशु सुरक्षा कार्यक्रम विगत वर्ष 141 अस्पतालों में लागू था, जिन्हें मुख्यमंत्री जी के निर्देशन में बढ़ाकर 566 अस्पतालांे में कार्यक्रम लागू कराकर लाभान्वित कराया जा रहा है। वर्ष 2013-14 में जननी शिशु सुरक्षा कार्यक्रम के तहत सभी 985 ब्लाक स्तरीय अस्पतालों में सुविधाएं उपलब्ध करायी जायेगी।
मुख्य सचिव ने आज यहां हिन्दुस्तान टाइम्स द्वारा आयोजित चाइल्ड सर्वाइवल सम्मिट के पूर्वान्ह सत्र पर यह जानकारी दी। उन्होंने कहा कि जननी शिशु सुरक्षा कार्यक्रम के अन्तर्गत गर्भवती महिलाओं का मुफ्त उपचार, दवाइयां, जांचें, उन्हें घर से अस्पताल तक लेकर आने तथा उन्हें वापस उनके घर तक पहुंचाने की सुविधा और अस्पताल में भर्ती रहने के दौरान मुफ्त भोजन उपलब्ध कराया जा रहा है। उन्होंने कहा कि गर्भवती महिलाओं के साथ-साथ नवजात शिशु को भी बेहतर चिकित्सा सुविधा उपलब्ध कराने हेतु सीएचसी एवं पीएससी में आवश्यक सुविधाए मुहैय्या करायी गयी हैं। उन्होंने कहा कि आवश्यकता है कि प्रदेश सरकार की योजनाओं का व्यापक प्रचार-प्रसार सुनिश्चित कराकर अधिक से अधिक लोगों को लाभान्वित कराया जाए, जिसके लिए आमजन की भी भागीदारी अवश्य सुनिश्चित होनी चाहिए।
श्री उस्मानी ने कहा कि बेहतर चिकित्सा सुविधा उपलब्ध कराने हेतु लगभग 01 लाख आशा बहुओं की तैनाती की गयी है तथा आकस्मिक चिकित्सा सुविधा उपलब्ध कराने हेतु निःशुल्क एम्बुलेन्स भी उपलब्ध कराने की व्यवस्था की गयी है। उन्होंने कहा कि प्रदेश सरकार आम नागरिकों को बेहतर चिकित्सा सुविधा उपलब्ध कराने हेतु प्रयत्नशील है। उन्होंने कहा कि शिशु मृत्युदर को घटाने के लिए हर सम्भव प्रयास सुनिश्चित कराने के लिए पर्याप्त चिकित्सा व्यवस्था उपलब्ध करायी जा रही है। उन्होंने कहा कि आवश्यकता इस बात की है कि प्रदेश सरकार द्वारा उपलब्ध करायी जा रही सुविधाओं का अधिकाधिक उपयोग सुनिश्चित किया जाये।
चाइल्ड सर्वाइवल सम्मिट में डाॅ0 पी0के0 प्रभाकर, उप आयुक्त, चाइल्ड हेल्थ एम0ओ0एच0एफ0एफ0, श्रीमती एडिले खुद्र, चीफ फील्ड आॅफिस, यूनीसेफ डाॅ0 विश्वजीत कुमार, सीईओ, कम्यूनिटी इम्पावरमेन्ट लैब, प्रो0 ए0के0 द्विवेदी, निदेशक एएमएस, श्री अखिलेश वाधवानी उप निदेशक बीएमजीएफ, डाॅ0 राजीव टण्डन सीनियर एडवाइजर स्वास्थ्य एवं पोषण, सेव द चिल्ड्रन ने भी अपने विचार व्यक्त किए।

सुरेन्द्र अग्निहोत्री
agnihotri1966@gmail.com
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आयुर्वेद आदि वर्तमान में प्रचलित चिकित्सा पद्यतियों से अधिक प्रभावशाली है

Posted on 03 March 2013 by admin

sdc14690प्राचीन भारतीय चिकित्सा पद्यातियाँ योग, आयुर्वेद आदि वर्तमान में प्रचलित
चिकित्सा पद्यतियों से अधिक प्रभावशाली है। यह कथन प्रसिद्द हृदय चिकित्सक
पद्म भूषण प्रोफेसर बी0 एम0 हेगड़े के थे, जिन्होंने  किंग जार्ज चिकित्सा
विश्वविद्यालय, लखनऊ तथा समष्टि फाउंडेशन के समग्र प्रयास से प्रथम बार  किंग
जार्ज चिकित्सा विश्वविद्यालय में आयोजित एक दिवसीय योग की कार्यशाला में
बतलाया कि  हमें अपनी संस्कृतिक धरोहर को अपनाना चाहिए तथा इस क्षेत्र में
विभिन्न  प्रयोग किये जाने चाहिए। इसके अतिरिक्त इस कार्यक्रम के विशिष्ट
अतिथि पतंजलि विश्वविद्यालय के उप कुलपति करतार सिंह ने योग को न केवल
रोगोपचार अपितु रोगों के रोकथाम का साधन भी बतलाया। इस अवसर पर चिकित्सा
विश्वविद्यालय के कुलपति प्रोफ़ेसर डी0 के0 गुप्ता ने विभिन्न रोगों के निदान
हेतु योग को सम्मिलित किये जाने पर बल दिया तथा विश्वविद्यालय में इस सन्दर्भ
में नवीन विभाग स्थापित करने करने का आश्वासन दिया। इस अवसर पर लोगो को योग के
क्रियात्मक तथा उपचारात्मक स्वरुप से परिचित करवाने के लिए समष्टि फ़ाउंडेशन की
तरफ से राहुल द्विवेदी तथा अमित खन्ना द्वारा नेति, आसन, प्राणायाम तथा ध्यान
के प्रारूप की चर्चा हुई। इस कार्यक्रम का सञ्चालन डा0 वाणी गुप्ता द्वारा
किया गया। इस अवसर पर उपस्थित अन्य प्रमुख अतिथि प्रो0 एस0 के0 सिंघल, प्रो0
बलराज चौहान, डा0 ए0 एन0 श्रीवास्तव, डा0 यू0 एस0 पाल आदि थे। कार्यक्रम के
अंत में डा0 शैलेन्द्र यादव तथा डा0 सत्येन्द्र मिश्र ने सभी आगंतुक अतिथियों
का धन्यवाद् ज्ञापित किया।

सुरेन्द्र अग्निहोत्री
agnihotri1966@gmail.com
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एन0आर0एच0एम0 के आयुष चिकित्सकों को एलोपैथी के समान वेतन की माँग

Posted on 18 February 2013 by admin

आयुष पद्धति की केन्द्रीय परिषदों के प्रतिनिधियों ने सरकार से राष्ट्रीय ग्रामीण स्वास्थ्य मिषन के अन्र्तगत कार्यरत आयुष चिकित्साधिकारियों एलोपैथिक चिकित्साधिकरियों के समान वेतन देने की माँग की है।
केन्द्रीय होम्योपैथी परिषद के सदस्य डा0 अनुरुद्ध वर्मा एवं सी0सी0आई0एम0 के सदस्य डा0 पी0सी0 चैधरी ने बताया कि मिषन के अन्र्मगत प्रदेष में 2008 से आयुष चिकित्सकों की तैनाती प्रारम्भ हुई थी। प्रारम्भ में आयुष एवं एलोपैथिक चिकित्साधिकारियो का वेतन रु. 24000 प्रतिमाह था बाद में एलोपैथिक चिकित्साधिकारियों का वेतन तो बढ़ाकर 36000 रुपया प्रतिमाह कर दिया गया परन्तु आयुष अधिकारियों के वेतन में कोई बढ़ोत्तरी नहीं हुई जिससे उनमें ऊपेक्षा का भाव व्याप्त है।
उन्होने बतािया कि दोनो पद्धतियों के चिकित्साधिकरियों का कार्य एवं दायित्व समान है इस लिए समान कार्य के लिए समान वेतन के प्राकृतिक सिद्धान्त को ध्यान में रखते हुये आयुष चिकित्सकों का वेतन भी एलोपैथिक चिकित्साधिकारियों के वेतन के बराबर 36000 रुपये प्रति माह किया जाना चाहिए।
उन्होने कहा कि आयुष पद्धतियां राष्ट्रीय ग्रामीण स्वास्थ्य मिषन के लक्ष्यों को प्राप्त करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रही है तथा जनता में आयुष पद्धतियों की लोकप्रियता लगातार बढ़ रही है इस लिए आयुष पद्धतियों एवं आयुष चिकित्साधिकारियों को अधिक प्रोत्साहन दिया जाना चहिए जिससे प्रदेष में सभी को स्वास्थ्य का संकल्प पूरा करने में आयुष पद्धतियों का पूरा-पूरा योगदान प्राप्त हो सके। उन्होने आयुष पद्धति के चिकित्सकों का नवीनीकरण हर वर्ष करने के वजाय पाँच वर्ष पर करने की मांग की

सुरेन्द्र अग्निहोत्री
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रक्तदान शिविरों के आयोजन की कार्य योजना बनाकर क्रियान्वयन सुनिश्चित कराया जाए

Posted on 16 February 2013 by admin

उत्तर प्रदेश के प्रमुख सचिव चिकित्सा एवं स्वास्थ्य श्री संजय अग्रवाल ने समस्त जिलाधिकारियों एवं मुख्य चिकित्सा अधिकारियों को निर्देश दिए हैं कि जनपद के रक्तकोषों द्वारा स्वैच्छिक रक्तदान शिविरों के आयोजन की कार्य योजना बनाकर क्रियान्वयन सुनिश्चित कराया जाए। चैरिटेबिल संस्थाओं को भी स्वैच्छिक रक्तदान शिविर आयोजित करने की अनुमति जिलाधिकारी एवं मुख्य चिकित्साधिकारी द्वारा किए जाने का प्राविधान अब कर दिया गया है। उन्होंने यह भी निर्देश दिए हैं कि ब्लड यूनिट संग्रहण के निर्धारित लक्ष्य के सापेक्ष प्राप्ति करने के लिए हर सम्भव प्रयास किए जाएं। उन्होंने स्वैच्छिक रक्तदान पर जोर देते हुए कहा कि प्रतिस्थानी (रिप्लेसमेन्ट) रक्त संग्रहण तथा व्यवसायिक रक्त संग्रहण को पूरी तरह से समाप्त कर दिया जाए। उन्होंने कहा कि भारत सरकार द्वारा स्वैच्छिक रक्तदान का लक्ष्य 90 प्रतिशत निर्धारित किया गया है, जिसकी प्राप्ति के लिए कार्य योजना के तहत विभिन्न स्वयंसेवी संगठनों, युवा वर्ग, विद्यालयों तथा विश्वविद्यालयों के साथ समन्वय स्थापित कर स्वैच्छिक रक्तदान शिविर आयोजित किए जाएं।
प्रमुख सचिव चिकित्सा एवं स्वास्थ्य आज योजना भवन में वीडियो काॅन्फ्रेंसिंग के माध्यम से निर्देश दे रहे थे। उन्होंने कहा कि जो ब्लड बैंक पूर्ण रूप से कार्य नहीं कर रहे हैं या अभी तक शुरु नहीं हुए हैं, उन्हें भी जल्द शुरु कराया जाए। उन्होंने कहा कि रक्तदान शिविर से लक्षित समूह को संवेदीकृत करने हेतु व्यापक जागरूकता अभियान भी चलाया जाए। उन्होंने कहा कि स्वैच्छिक रक्तदान शिविरों के आयोजन की कार्य योजना की प्रति परियोजना निदेशक, राज्य एड्स नियंत्रण सोसायटी को उपलब्ध कराई जाए।
परियोजना निदेशक राज्य एड्स नियंत्रण सोसायटी श्री आशीष गोयल ने बताया कि राज्य रक्त संचरण परिषद द्वारा स्वैच्छिक सेंटरों को दिए गए आउट डोर स्वैच्छिक रक्तदान शिविर की अनुमति दिए जाने के फलस्वरूप मुख्य चिकित्साधिकारियों द्वारा वर्ष में दो स्वैच्छिक रक्तदान शिविरों, सम्बन्धित जिलाधिकारियों द्वारा वर्ष में 3 से 4 स्वैच्छिक रक्तदान शिविरों तथा एड्स नियंत्रण सोसायटी द्वारा वर्ष में 5 या अधिक स्वैच्छिक रक्तदान शिविरों के आयोजन की व्यवस्था सुनिश्चित की गई है। उन्होंने कहा कि रक्तकोष की उपलब्धियों की समीक्षा कर योजनाबद्ध तरीके से जनपद में स्वैच्छिक रक्तदान को बढ़ाने हेतु विभिन्न संस्थाओं का सहयोग लेते हुए आगामी डेढ़ माह में अधिक से अधिक कैम्प आयोजित कराए जाएं।
श्री गोयल ने निर्देश दिए हैं कि आजमगढ़, आगरा, इलाहाबाद, गौतमबुद्ध नगर, चित्रकूट, देवरिया, लखनऊ, कौशाम्बी, उन्नाव, वाराणसी आदि 43 जनपदों के मेडिकल काॅलेजों एवं अस्पतालों में नाको द्वारा स्वीकृत रिक्त चिकित्सक, टेक्निकल/नाॅन टेक्निकल पदों पर भर्तियां यथाशीघ्र पारदर्शिता से नियमानुसार कार्यवाही कर सुनिश्चित कराई जाए। उन्होंने कहा कि एड्स नियंत्रण कार्यक्रम के विभिन्न घटकों के अन्तर्गत समय-समय पर संस्थाओं को आवंटित अग्रिम धनराशि के समायोजन की रिपोर्ट प्रत्येक त्रैमास के अन्त में उपयोगिता प्रमाण पत्र सहित प्रस्तुत की जाए।
वीडियो कांफ्रेंसिंग के समय मिशन निदेशक एन0आर0एच0एम0 श्री अमित घोष, एड्स कंट्रोल के अपर परियोजना निदेशक श्री संतोष कुमार एवं वित्त अधिकारी श्री मनोज तिवारी तथा संयुक्त निदेशक रक्त सुरक्षा डाॅ. अशोक शुक्ला सहित अन्य विभागीय अधिकारीगण उपस्थित थे।

सुरेन्द्र अग्निहोत्री
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मौनी अमावस्या की भीड़ को दृष्टिगत रखते हुए स्वास्थ्य विभाग ने की विषेष व्यवस्था

Posted on 10 February 2013 by admin

ऽ    4 रीवर एम्बुलेंस, 4 संगम सहित 94 एम्बुलेन्स की तैनाती।
ऽ    सम्पूर्ण मेला क्षेत्र में चूने व ब्लीचिंग पाउडर का छिड़काव 50 ट्रक से अधिक प्रतिदिन कूडेे़ का निस्तारण।

स्वास्थ्य विभाग द्वारा कुंभ मेला के मौनी अमावस्या के महत्वपूर्ण स्नान को ध्यान में रखते हुए सभी 14 सेक्टर में चिकित्सालय स्थापित किये गये है और अब तक चिकित्सालय के वाह्य रोगी विभाग द्वारा 201947 मरीजों का उपचार किया जा चुका है एवं 20 प्राथमिक उपचार केन्द्रों द्वारा 52299 मरीजों का उपचार भी किया गया है। मौनी अमावस्या के दृष्टिगत 94 एम्बुलेंस को पुलों के किनारे पर एवं विभिन्न पुलिस थानों, इलाहाबाद के आने वाले समस्त हाईवे सड़कों के अलावा संगम घाट के लिए 4 एम्बुलेंस की तैनाती की गयी है। 221 चिकित्सकों को कुंभ मेले में तैनात किया गया है। 737 पैरामेडिकल एवं हेल्थ वर्कर आदि चिकित्सीय एवं स्वास्थ्य व्यवस्था हेतु तैनात किये गये है। 4 रीवर एम्बुलेन्स की भी तैनाती की गयी है ताकि नदी में होने वाली दुर्घटना के समय तत्काल राहत पहुंचाई जा सके।
उक्त जानकारी अपर निदेषक स्वास्थ्य एवं चिकित्सा कुंभ ने बताया कि कुंभ मेला क्षेत्र में 34000 टायलेट शीट विभिन्न प्रकार के शौचालयों के माध्यम से बनायी गयी है। जिसमें 336 जन-षौचालय बनाये गये है एवं 1500 पेषाब घरों को बनवाया गया है। सम्पूर्ण मेला क्षेत्र को मक्खी-मच्छर विहीन बनाये रखने हेतु निरन्तर लार्वा रोधी कार्यवाही की जाती है एवं निरन्तर डी0डी0टी0 का छिड़काव मैलिथियान का छिड़काव एवं फागिंग की जा रही है। मौनी अमावस्या के दृष्टिगत रखते हुए मेला क्षेत्र के समस्त सेक्टरों में सुबह-षाम फागिंग की विषेष व्यवस्था की गयी है। समस्त मेला क्षेत्र में सफाई की बेहतर व्यवस्था हेतु 7200 सफाई कर्मी तैनात किये गये है जो लगातार मेले की सफाई में लगे है। सफाई स्थल का प्रतिदिन निरीक्षण किया जाता है तथा पूरे मेले में विषेष अभियान के रूप में चूने एवं ब्लीचिंग पाउडर का छिड़काव सम्पूर्ण मेला क्षेत्र में किया जा रहा है।
श्री द्विवेदी ने बताया कि  मौनी अमावस्या के महास्नान में साफ-सफाई की बेहतर वयवस्था हेतु 40 से 50 ट्रक कूडे़ का निस्तारण मेला क्षेत्र से प्रतिदिन नियमानुसार किया जा रहा है। आपदा प्रबन्धन हेतु विभाग द्वारा भगदड़, आगजनी, नदी में डूब जाने एवं बम विस्फोट आदि की आकस्मिक घटना घटित होने पर विषिष्ट व्यवस्था की गयी है साथ ही शहर के सभी सरकारी अस्पतालों में 30 से 50 बेड आरक्षित किये गये है ताकि किसी भी प्रकार की अनहोनी अथवा आकस्मिक घटना होने पर मरीज का शीघ्र समुचित इलाज किया जा सके।

सुरेन्द्र अग्निहोत्री
agnihotri1966@gmail.com
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स्वास्थ्य बीमा योजना की समस्याओं को दूर करें-मण्डलायुक्त

Posted on 06 February 2013 by admin

राष्ट्रीय स्वास्थ्य बीमा योजना के अन्तर्गत बी0पी0एल0 कार्ड धारकों के परिवारों को मण्डल के जनपदों में निःशुल्क चिकित्सा सुविधा उपलब्ध कराने के लिए बनाये जा रहे कार्डस में आ रही समस्याओं की जांच के लिए अपर निदेशक, स्वास्थ्य को व्यापक जांच के लिए निर्देशित किया गया है।

मण्डल के जनपदों में बीमा योजना के कार्यों की समीक्षा करते हुए मण्डलायुक्त प्रदीप भटनागर ने उक्त निर्देशजारी किये।

मण्डलायुक्त ने जनपद मैनपुरी की स्थिति पर विशेष रूप से अप्रसन्नता व्यक्त करते हुए बीमा प्रदाता कम्पनी रायल सुन्दरम् को कार्य प्रणाली में सुधार लाने की चेतावनी भी दी।

बैठक में अवगत कराया गया कि मैनपुरी में मात्र 33 प्रतिशत पात्र लोगों को लाभान्वित किया गया है जबकि आगरा और मथुरा में यह प्रतिशत 45.11 तथा 51.37 तक रहा है।

अपर निदेशक स्वास्थ्य ने जनपद के मुख्य चिकित्सा अधिकारियों को इस योजना का व्यापक प्रचार-प्रसार कराये जाने के निर्देश दिये ताकि योजना के पात्र लोग लाभान्वित हो सके।

सुरेन्द्र अग्निहोत्री
agnihotri1966@gmail.com
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खसरा से बचाव के लिए टीकाकरण अवश्य करायें-सी0एम0ओ0

Posted on 06 February 2013 by admin

जनपद में खसरा(मिजिल्स) प्रतिरक्षण अभियान 1 फरवरी से चल रहा है । इस अभियान के अन्र्तगत जनपद के शहर तथा  ग्रामीण क्षेत्रों में तीन सप्ताह तक 9 माह से 10 वर्ष तक के सभी बच्चों को खसरा (मिजिल्स) का टीका लगाया जायेगा।

मुख्य चिकित्साधिकारी डा0 निर्मला यादव ने छोटे बच्चों के माता पिता को सलाह दी है कि जिन बच्चों को (0 से 10 वर्ष तक) खसरा का टीका लग चुका है और ऐसे बच्चें जिनको पहले खसरे की बीमारी हो चुकी है ऐसे सभी बच्चों को इस अभियान के दौरान टीका लगाया जाना अति आवश्यक है।

उन्होंने बताया कि खसरा (छोटी माता/मिजिल्स) एक प्रकार की बीमारी है जोकि वायरस/एक दूसरे में खंासी एवं छीक द्वारा फैलती है, जिससे बच्चों में दस्त एवं निमोनिया होने की प्रबल सम्भावना होती है जोकि घातक बीमारी का रूप धारण कर लेती हैं। इस बीमारी को मीजल्स की वैक्सीन देकर रोका जा सकता है।

जिला प्रतिरक्षण अधिकारी डा0 अनुपन भाष्कर ने बताया कि इस अभियान में बच्चों का टीकाकरण स्कूल और कम्युनिटी (समुदाय) जैसे निश्चित स्थान पर एक ही जगह किया जायेगा। अभियान के प्रथम सप्ताह में बच्चों का टीका करण स्कूलों में कराया जा रहा है,, जो छोटे बच्चें स्कूल नही जाते है उनका टीकाकरण अभियान द्वितीय एवं तृतीय सप्ताह में ग्राम/मोहल्लों /कम्युनिटी में निर्धारित स्थान पर कराया जायेगा।

सुरेन्द्र अग्निहोत्री
agnihotri1966@gmail.com
sa@upnewslive.com

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नर्सिंग हमारे स्वास्थ्य रक्षा तंत्र का एक महत्वपूर्ण अंग: मुख्य सचिव

Posted on 02 February 2013 by admin

प्रशिक्षित नर्सांे की कमी तथा उनकी बढ़ती मांग को देखते हुए नर्सिंग कालेज तथा प्रशिक्षण संस्थानों को अपगे्रड कर बेहतर सुविधाएं प्रदान किये जाने की आवश्यकता: जावेद उस्मानी
संजय गांधी आयुर्विज्ञान संस्थान (पी0जी0आई0) में नर्सिंग कालेज का छठा स्थापना दिवस समारोह

उत्तर प्रदेश के मुख्य सचिव श्री जावेद उस्मानी ने कहा कि नर्सिंग हमारे स्वास्थ्य रक्षा तंत्र का एक महत्वपूर्ण अंग है और प्रशिक्षित नर्सांे की कमी तथा उनकी बढ़ती मांग को देखते हुए नर्सिंग कालेज तथा प्रशिक्षण संस्थानों को अपगे्रड कर बेहतर सुविधाएं प्रदान किये जाने की आवश्यकता है, ताकि आयुर्विज्ञान के क्षेत्र में हो रहे तकनीकी सुधारों का लाभ उठाया जा सके।
प्रदेश के मुख्य सचिव आज संजय गांधी आयुर्विज्ञान संस्थान (पी0जी0आई0) में नर्सिंग कालेज के छठे स्थापना दिवस के अवसर पर दीप प्रज्जवलित करने के उपरान्त अपने उद्गार व्यक्त कर रहे थे।
मुख्य सचिव ने प्रदेश में स्वास्थ्य रक्षा तंत्र के लिए संसाधनों में पर्याप्त वृद्धि के अपने संकल्प को दोहराते हुए स्पष्ट किया कि राज्य सरकार इस क्षेत्र में आवश्यक योगदान करने से पीछे नही हटेगी। उन्होंने कहा कि देश में आंकड़ों के अनुसार प्रति तीन डाक्टर केवल दो नर्सांे की उपलब्धता है, जबकि विकसित देशों में एक डाक्टर के विपरीत तीन नर्सों की सेवाएं सुलभ होती हंै। संजय गांधी आयुर्विज्ञान संस्थान में वर्ष 2008 में स्थापित किये गये नर्सिंग कालेज की स्थापना के पीछे यही भावना रही है कि प्रदेश को बेहतर ढंग से प्रशिक्षित नर्सो की उपलब्धता हो सके।
मुख्य सचिव जो आयुर्विज्ञान संस्थान के अध्यक्ष भी हंै, ने नर्सिंग कालेज की स्थापना दिवस के अवसर पर संस्थान को उसकी शैक्षिणिक, प्रशिक्षण तथा शोधपरक गतिविधियों के लिए बधाई देते हुए आशा व्यक्त की कि उससे नर्सिंग, तकनीकी एवं पैरामेडिकल स्टाफ की बढ़ती आवश्यकताओं को पूरा करने में योगदान प्राप्त होता रहेगा। उन्होंने यह भी आशा व्यक्त की कि नर्सिग के बी0एस0सी0 छात्र-छा़त्राओं का यह बैच अपने क्षेत्र में बेहतर योगदान कर नाम कमायेगा।
उन्होंने संस्थान के निदेशक प्रो0 आर0के0 शर्मा, डीन प्रो0 आर0एन0 मिश्रा, मुख्य चिकित्सा अधीक्षक प्रो0 पी0के0 सिंह, श्रीमती देवी देव प्रधानाचार्य, नर्सिंग कालेज तथा संकाय सदस्यों को उनके द्वारा किये जा रहे बेहतर कार्यों के लिए बधाई दी।
उल्लेखनीय हैं कि संस्थान द्वारा आरम्भिक रूप से एक वर्षीय नर्सिंग डिप्लोमा के रूप में कार्यरत कालेज को सन् 2010 में चार वर्षीय बी0एस0सी0 डिग्री प्रदान करने वाले नर्सिग कालेज के रूप में उच्चीकृत किया गया है। वर्तमान में इसमें 3 बैच में 88 छात्र प्रशिक्षण ले रहे हैं।
कालेज के तृतीय बैच के विद्यार्थियों द्वारा दीप प्रज्जवलित कर विश्व प्रसिद्ध फलोरेंस नाइटेंगल को याद कर शपथ ली गयी कि हम आजीवन मरीजों की निःस्वार्थ सेवा करेंगे और उनके दुःख एवं तकलीफों को अपनी सेवा से कम करने का अथक प्रयास करेंगे।
कार्यक्रम में निदेशक पी0जी0आई0, प्रो0 आर0के0 शर्मा, डीन प्रो0 आर0एन0 मिश्रा, मुख्य चिकित्सा अधीक्षक प्रो0 पी0के0 सिंह, श्रीमती देवी देव प्रधानाचार्य, नर्सिग कालेज ने भी अपने विचार व्यक्त किए। कार्यक्रम में छात्र-छात्राओं ने सरस्वती वंदना एवं सांस्कृतिक कार्यक्रम भी प्रस्तुत किए।

सुरेन्द्र अग्निहोत्री
agnihotri1966@gmail.com
sa@upnewslive.com

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दो बूंद जिन्दगी की

Posted on 22 January 2013 by admin

राष्ट्रीय पल्स पोलियो प्रतिरक्षण अभियान के अन्तर्गत सहारा इंडिया परिवार की सामाजिक विकास इकाई सहारा वेलफेयर फाउण्डेशन के तत्वावधान में आज राजधानी में 15 पोलियो केन्द्रों, जिसमें से चार पर केवल टेन्टेज व्यवस्था थी, पर बच्चों को पिलायी गयी ‘दो बूंद जिन्दगी की’। कपूरथला स्थित सहारा इंडिया टाॅवर केन्द्र पर प्रातः 9 से सायं 4 बजे तक बच्चों को पोलियो ड्राॅप पिलाने में सहारा मुस्कान की सदस्याओं ने बढ़-चढ़ कर हिस्सा लिया।
सभी 15 पोलियो केन्द्रों पर 1087 बच्चों को सहारा इंडिया परिवार के वरिष्ठ सदस्यों और कर्मचारियों ने पोलियो ड्राॅप पिलाने में मदद की। इन केन्द्रों पर प्रातः 9 बजे से सायं 3 बजे तक बच्चों को पोलियो ड्राॅप पिलाने का कार्यक्रम चला। उल्लेखनीय है कि अपनी सामाजिक जिम्मेदारी के तहत सहारा इंडिया परिवार वर्ष 1997 से लखनऊ महानगर में चलाये जा रहे राष्ट्रीय पोलियो प्रतिरक्षण अभियान में सक्रिय रूप से हिस्सेदारी निभाता आ रहा है।

सुरेन्द्र अग्निहोत्री
agnihotri1966@gmail.com
sa@upnewslive.com

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ओपन हाट्र्र सर्जरी द्वारा नया जीवन दिया

Posted on 09 December 2012 by admin

dsc_2934निजी क्षेत्र के शेखर हाट्र्र लंग सेन्टर में से दिल की बिमारी परेशान बनारस के लालता प्रसाद यादव का ओपन हाट्र्र सर्जरी द्वारा नया जीवन दिया गया। निजी क्षेत्र के शेखर हाट्र्र लंग सेन्टर में  धडकते दिल की सर्जरी की गयीdsc_2895
अखिल भारतीय स्तर पर धडकते दिल की सर्जरी काफी अच्छी मानी जाती है लेकिन निजी क्षेत्र मे ओपन हाट्र्र सर्जरी की सुविधा न होने से दिल की बिमारी से परेशान मरीजो को परेशान होना पडता था
डाॅ0 अम्बरीश कुमार के नेत्रत्व मे डाॅ0 अक्षय प्रधान डाॅ0 पी पी सिह की टीम ने  भूरि-भूरि प्रशंसा के लायक धडकते दिल की सर्जरी की साथ में डाॅ0 रिचा मिश्रा की महत्वपूर्ण भूमिका रही।

सुरेन्द्र अग्निहोत्री
agnihotri1966@gmail.com
sa@upnewslive.com

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