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Archive | गोरखपुर

मुख्यमंत्री ने ब्रह्मलीन महन्त दिग्विजयनाथ जी महाराज व ब्रह्मलीन महन्त अवैद्यनाथ जी महाराज की पुण्यतिथि समारोह के अवसर पर गोरखनाथ मन्दिर में आयोजित साप्ताहिक श्रीराम-कथा ज्ञान यज्ञ का शुभारम्भ किया

Posted on 04 September 2017 by admin

धर्म से सदाचार की प्रेरणा मिलती है तथा धार्मिक कथाएं हमें
सदाचार की भावना से जोड़ती हैं: मुख्यमंत्री

मुख्यमंत्री ने व्यापारियों और समाजसेवियों द्वारा
बाढ़ पीड़ितों की मदद की भी सराहना की

press-11उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ जी ने ब्रह्मलीन महन्त दिग्विजयनाथ जी महाराज व ब्रह्मलीन महन्त अवैद्यनाथ जी महाराज की पुण्यतिथि समारोह के अवसर पर गोरखनाथ मन्दिर में आयोजित साप्ताहिक श्रीराम-कथा ज्ञान यज्ञ का शुभारम्भ किया। उन्होंने कहा कि धर्म से सदाचार की प्रेरणा मिलती है तथा धार्मिक कथाएं हमें सदाचार की भावना से जोड़ती हैं। उन्होंने अपने उद्बोधन में श्रीराम-कथा के विभिन्न प्रसंगों पर भी प्रकाश डाला।press-2
मुख्यमंत्री जी ने इस अवसर पर गोरखपुर में आयी बाढ़ के सम्बन्ध में गोरखपुर के व्यापारियों और समाजसेवियों द्वारा बाढ़ पीड़ितों की मदद की भी सराहना की। उन्होंने कहा कि यहां के लोग प्रतिदिन बड़ी संख्या में खाद्य सामग्री के पैकेट बाढ़ पीड़ितों को भेजते थे, जिससे कुशीनगर, देवरिया, महराजगंज व सिद्धार्थनगर के बाढ़ पीड़ितों को दुःख की घड़ी में सहायता मिली। यह एक धर्म कार्य है, जो बाढ़ की विभीषिका के दौरान देखने को मिला।
इस दौरान दिगम्बर अखाड़ा के महन्त सुरेशदास जी महराज, कथा वाचक रामानन्द जी महराज सहित बड़ी संख्या में सन्त, जनप्रतिनिधिगण एवं वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित रहे।

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मुख्यमंत्री ने गोरखपुर में बाढ़ राहत शिविर का निरीक्षण किया

Posted on 25 August 2017 by admin

बाढ़ग्रस्त लोगों को वितरित की राहत सामग्री

बाढ़ से डूबे गांवों में स्टीमर से पहुंचे मुख्यमंत्री

ccउत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ जी ने आज गोरखपुर के बुरी तरह से बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों तहसील चैरी-चैरा के कोना सोनबरसा, तहसील कैम्पियरगंज के कुड़िया गांव, तहसील बांसगांव के बेलदारी टोला तथा सदर तहसील के सिक्टौर गांव का स्टीमर से जाकर निरीक्षण किया। उन्होंने बाढ़ग्रस्त लोगों के बीच जाकर उनके कष्ट और दर्द में शामिल हुए तथा उन्हें राहत/खाद्य सामग्री का वितरण किया और बाढ़ग्रस्त लोगों से मिलकर संवेदना व्यक्त की तथा आश्वासन दिया कि उ0प्र0 सरकार इस आपदा की घड़ी में पूरी तरह से आपके साथ है और हर सम्भव मदद आपको मुहैया करायी जायेगी। बाढ़ग्रस्त इलाकों के लोगों को राहत में किसी तरह की कोताही नही बरतने का निर्देश दिया गया है, राहत/खाद्य सामग्री वितरण में कोताही नही बरतने वाले अधिकारी/कर्मचारी दण्ड के भागी होंगे। मुख्यमंत्री ने खड़खड़िया गांव में चन्द्रबलि, राजकुमार व सुरेश को मकान ध्वस्त होने के कारण 95100 रुपए की सहायता राशि प्रदान की।bs-2
मुख्यमंत्री जी ने बाढ़ग्रस्त लोगों को आश्वस्त किया कि शासन/प्रशासन विपदा की इस घड़ी में आपके साथ है और इस आपदा की घड़ी में आप लोगों की पूरी मदद की जायेगी। उन्होंने कहा कि जिनके पक्के मकान बाढ़ के कारण क्षतिग्रस्त हो गये है उनके खाते में 95100 रुपए सीधे भेजे जायेंगे तथा जिनकी झोपड़ी या कच्चे मकान ध्वस्त हो गये है, उनका सर्वे करके अनुमन्य सहायता राशि प्रदान की जायेगी और जिनकी फसलें क्षतिग्रस्त हो गयी है उनका सर्वे कर उचित मआवजा दिया जायेगा एवं जिन व्यक्तियों की बाढ़ में मृत्यु हुई है उन्हें 4 लाख रुपए की सहायता भी प्रदान की जायेगी। उन्होंने जिला प्रशासन को निर्देश दिया कि बाढ़ में पशु हानि का भी सर्वे कराकर तत्काल पशुपालकों को अनुमन्य सहायता प्रदान की जाये। उन्होंने कहा कि बाढ़ की समस्या का स्थायी निदान के लिए कार्य योजना बनाई जा रही है तथा प्रदेश में बाढ़ प्रभावित जनपदों में प्रभारी मंत्री को भेज कर राहत कार्यों की समीक्षा भी की जा रही है। उन्होंने वरिष्ठ अधिकारियों को को निर्देश दिया कि बाढ़ से किसी भी परिवार को समस्या न हो इसके लिए युद्ध स्तर पर बचाव कार्य किया जाये। जिन गांव में नाव नही पहुंच पा रही है वहां एयरफोर्स के माध्यम से राहत सामग्री पहुंचाई जा जाये। उन्होंने कहा कि बाढ़ राहत कार्यों में जो भी लोग बचाव कार्य कर रहे है वे प्रशंसा के पात्र है।kmp-2bs
इस अवसर पर मुख्यमंत्री जी ने कहा कि बाढ़ पीड़ितों को राहत/खाद्य सामग्री उपलब्ध कराना सर्वोच्च प्राथमिकता है। इस आपदा की घड़ी में समाज के सभी वर्ग सहयोग करें। उन्होंने कहा कि प्रशासन को स्पष्ट निर्देश दिया गया है कि राहत/खाद्य सामग्री पर्याप्त मात्रा में प्रत्येक बाढ़ पीड़ित परिवार को पहुंचे। प्रत्येक गांव में नाव लगाकर तथा सुरक्षा के जवानों को लगाकर सुरक्षा का पूरा इन्तेजाम किया जाये। आपदा के समय में धैर्य से कार्य करें। उन्होंने जनपद के सभी स्वंय सेवी संगठनों, समाज सेवियों से अपील की गयी है कि वे बाढ़ पीड़ितों का सहयोग करें।cc-4bs-31
मुख्यमंत्री जी ने कहा कि राहत/खाद्य वितरण के समय अधिकारी/कर्मचारी की डियूटी अवश्य लगाई जाये तथा प्रत्येक बाढ़ पीड़ित को समान रूप से बिना भेदभाव के खाद्यान्न उपलबध कराया जाये। उन्होंने हिदायत दी कि यदि वितरण व्यवस्था में कही भी गड़बड़ी की शिकायत मिली तो संबंधित के विरुद्ध दण्डात्मक कार्यवाही होगी। उन्होंने राहत वितरण कार्य में लगे सभी के प्रति धन्यवाद ज्ञापित करते हुए कहा कि प्रदेश सरकार बाढ़ पीड़ितों के सहयोग हेतु हर संभव मदद को तैयार है।cc-1
इस अवसर पर सांसद बासगांव श्री कमलेश पासवान, विधायक सुश्री संगीता यादव, विधायक श्री फतेह बहादुर, विधायक श्री विमलेश पासवान, मण्डलायुक्त श्री अनिल कुमार, जिलाधिकारी श्री राजीव रौतेला सहित अन्य संबंधित अधिकारी उपस्थित रहे।

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मुख्यमंत्री ने गोरखपुर में ’स्वच्छ उ0प्र0, स्वस्थ उ0प्र0’ के तहत स्वच्छता अभियान की शुरुआत की

Posted on 19 August 2017 by admin

dsc_0039मुख्यमंत्री ने मलिन बस्ती की सड़कों पर
झाड़ू लगाकर लोगों को स्वच्छता के प्रति प्रेरित किया

स्वच्छता जेई/एईएस बीमारी से बचाव के लिए एक अच्छा उपाय: मुख्यमंत्री

इंसेफलाइटिस बीमारी से बचाव के लिए
38 जनपदों में 93 लाख बच्चों का टीकाकरण किया गया

31 दिसम्बर, 2017 तक गोरखपुर को तथा 02 अक्टूबर, 2018 तक
प्रदेश को खुले में शौच से मुक्त करने की समय सीमा तय की गयी है

स्वच्छ भारत अभियान के तहत स्वच्छ उ0प्र0 का
विशेष अभियान 17 से 25 अगस्त, 2017 तक चलाया जा रहा हैdsc_0037

उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ जी ने आज गोरखपुर के गोरखनाथ क्षेत्र में मलिन बस्ती अंधियारीबाग मोहल्ले से ’’स्वच्छ उत्तर प्रदेश, स्वस्थ उत्तर प्रदेश’’ के तहत स्वच्छता अभियान की शुरुआत की। इस अवसर पर उन्होंने बाबा साहब डाॅ0 भीमराव अम्बेडकर की प्रतिमा पर माल्यार्पण किया तथा मलिन बस्ती की सड़कों पर झाड़ू लगाकर लोगों को स्वच्छता के प्रति प्रेरित किया।
इस अवसर पर वहां पर उपस्थित जनसमूह हो सम्बोधित करते हुए मुख्यमंत्री जी ने कहा कि स्वच्छता जेई/एईएस बीमारी से बचाव के लिए एक अच्छा उपाय है। जेई/एईएस बीमारी के तथ्यों की जांच करने पर ज्ञात हुआ कि इसका प्रमुख कारण गंदगी एवं दूषित जल है। स्वच्छता से जेई/एईएस के विषाणुओं को पनपने से रोकने में काफी मदद मिलेगी, जिससे मासूम बच्चों की असमय होने वाली मौत पर काबू पाया जा सकेगा। उन्होंने कहा कि इंसेफलाइटिस बीमारी से बचाव के लिए 38 जनपदों में 93 लाख बच्चों का टीकाकरण किया गया है।dsc_0028-1
मुख्यमंत्री जी ने कहा कि 31 दिसम्बर, 2017 तक जनपद गोरखपुर को तथा 02 अक्टूबर, 2018 तक प्रदेश को खुले में शौच से मुक्त (ओ0डी0एफ0) करने की समय सीमा तय की गयी है। प्रदेश में सरकार बनने के बाद से ही लगातार लोगों को स्वच्छता के प्रति जागरूक करने के लिए कार्य किया जा रहा है। ओ0डी0एफ0 अभियान के तहत खुले में शौच से मुक्त करने के तहत गंगा के तट पर बसे गांवों को ओ0डी0एफ0 करा दिया गया है। उन्होंने कहा कि स्वच्छता का एक विशेष अभियान चलाकर डेंगू व कालाजार जैसी भयानक बीमारियों से बचाव किया जा सकता है।
मुख्यमंत्री जी ने कहा कि स्वच्छ भारत अभियान के तहत स्वच्छ उत्तर प्रदेश का एक विशेष अभियान 17 से 25 अगस्त, 2017 तक चलाया जा रहा है। इस अभियान में आमजन की सहभागिता बहुत महत्वपूर्ण है। उन्होंने कहा कि जनपद के विभिन्न मोहल्लों/वाॅर्डों में विभिन्न संगठनों, समाज सेवियों, स्वंय सेवकों एवं आमजन को जोड़ते हुए कमेटी का वाॅर्डवार गठन किया जाए, जिससे यह समिति अभियान चलाकर लोगों में सफाई के प्रति जारूकता लाए। उन्होंने कहा कि नगर निगम, गोरखपुर विकास प्राधिकरण, जिला प्रशासन एवं स्वयंसेवी संगठन मिलकर इस अभियान में काम करेंगे तो निश्चित रूप से अभियान में सफलता मिलेगी। उन्होंने कहा कि उनके (मुख्यमंत्री जी के) अगले दौरे पर जनपद में ऐसा प्रतिस्पर्धा का माहौल रहे कि कौन सा वाॅर्ड सफाई में सबसे आगे है तथा अच्छी सफाई वाले वाॅर्ड को पुरस्कृत भी किया जायेगा।
इस अवसर पर जनप्रतिनिधि तथा शासन-प्रशासन के वरिष्ठ अधिकारी भी उपस्थित थे।

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मुख्यमंत्री ने केन्द्रीय स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्री के साथ बी0आर0डी0 मेडिकल काॅलेज, गोरखपुर का निरीक्षण किया

Posted on 13 August 2017 by admin

मुख्यमंत्री ने चिकित्सकों को मरीजों के बेहतर इलाज के निर्देश दिए

किसी भी मरीज की मृत्यु उपचार के अभाव में नहीं होनी चाहिए: मुख्यमंत्री

गोरखपुर ही नहीं, प्रदेश में कहीं भी लापरवाही के कारण जनहानि होगी, तो सरकार सम्बन्धित के विरुद्ध कठोर कार्यवाही करेगी: मुख्यमंत्री

01कोई भी चिकित्सक प्राइवेट पै्रक्टिस करते पाया गया,
तो उसके विरुद्ध सख्त कार्रवाई होगी: योगी आदित्यनाथ

प्रधानमंत्री द्वारा इस पूरे प्रकरण की जानकारी
लेने हेतु चिकित्सकों की उच्चस्तरीय टीम भेजी गयी

भारत सरकार हर तरह की चिकित्सकीय सुविधा देने के
लिए कटिबद्ध: केन्द्रीय स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्री

मुख्यमंत्री ने गोरखपुर में आयोजित प्रेस-वार्ता को सम्बोधित किया

उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ जी ने आज केन्द्रीय स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्री श्री जगत प्रकाश नड्डा के साथ बी0आर0डी0 मेडिकल काॅलेज, गोरखपुर का निरीक्षण किया।
निरीक्षण के दौरान मुख्यमंत्री जी ने बी0आर0डी0 मेडिकल काॅलेज के जे0ई0/ए0ई0एस0 वाॅर्ड का आकस्मिक निरीक्षण किया। उन्होंने चिकित्सा कक्ष, आई0सी0यू0, नवजात शिशु सघन कक्ष में बेड-टू-बेड जाकर मरीजों का हाल जाना तथा आॅक्सीजन, दवा की उपलब्धता, चिकित्सकीय व्यवस्था, साफ-सफाई आदि को देखा। चिकित्सकों को मरीजों के बेहतर इलाज के निर्देश देते हुए उन्होंने कहा कि किसी भी मरीज की मृत्यु उपचार के अभाव में नहीं होनी चाहिए।press-14
मुख्यमंत्री जी ने बी0आर0डी0 मेडिकल काॅलेज परिसर में आयोजित प्रेस-वार्ता में बताया कि इस प्रकरण की जांच मुख्य सचिव की अध्यक्षता में गठित उच्चस्तरीय कमेटी द्वारा की जाएगी, जिसमें मौत के कारणों की विस्तृत जानकारी मिलेगी। उन्होंने कहा कि गोरखपुर ही नहीं, प्रदेश में कहीं भी लापरवाही के कारण जनहानि होगी, तो सरकार सम्बन्धित के विरुद्ध कठोर कार्यवाही करेगी। उन्होंने यह भी कहा कि चिकित्सा सुविधा के अभाव में जन हानि नहीं होनी चाहिए। यदि कोई भी चिकित्सक प्राइवेट पै्रक्टिस करते हुए पाया गया, तो उसके विरुद्ध सख्त कार्रवाई की जाएगी।
योगी जी ने बताया कि प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी जी इस घटना से काफी दुःखी व चिन्तित हैं। उन्होंने आश्वस्त किया है कि भारत सरकार प्रदेश सरकार को स्वास्थ्य, विकास आदि में सहयोग के लिए निरन्तर तत्पर है। इसके अतिरिक्त, प्रधानमंत्री द्वारा इस पूरे प्रकरण की जानकारी लेने हेतु चिकित्सकों की उच्चस्तरीय टीम भेजी गयी है। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री जी के निर्देश पर कल केन्द्रीय स्वास्थ्य राज्यमंत्री श्रीमती अनुप्रिया पटेल आयी थीं और आज केन्द्रीय स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्री श्री जे0पी0 नड्डा आए हैं। मुख्यमंत्री जी ने कहा कि घटना की जानकारी होने के पश्चात कल प्रदेश के चिकित्सा मंत्री एवं चिकित्सा शिक्षा मंत्री को मेडिकल काॅलेज भेजकर रिपोर्ट प्राप्त की गयी थी।
मुख्यमंत्री जी ने कहा कि जनपद में जे0ई0 के विरुद्ध एक अभियान के तहत टीकाकरण कराया गया था, यह अभियान जे0ई0 प्रभावित 35 जनपदों में चलाया गया था। उन्होंने यह भी बताया कि सभी सी0एच0सी0 पर ई0टी0सी0 की व्यवस्था की गयी है, ताकि मरीज का तात्कालिक इलाज किया जा सके। उन्होंने कहा कि ‘102’ एवं ‘108’ एम्बुलेंस सेवा को बेहतर बनाए रखने एवं उसकी निगरानी रखने हेतु नोडल अधिकारी नामित करने के निर्देश दिए जा चुके हैं। उन्होंने कहा कि 950 बेड का बी0आर0डी0 मेडिकल काॅलेज इस क्षेत्र की पाँच करोड़ आबादी को स्वास्थ्य सेवाएं उपलब्ध कराने के लिए अत्यन्त महत्वपूर्ण है।
केन्द्रीय स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्री श्री जगत प्रकाश नड्डा ने कहा कि भारत सरकार हर तरह की चिकित्सकीय सुविधा देने के लिए कटिबद्ध है। उन्होंने कहा कि गोरखपुर में लगभग 85 करोड़ रुपए की लागत से पूर्णरूपेण राष्ट्रीय विषाणु संस्थान (वाइरोलाॅजी सेण्टर) बनाया जाएगा, जो जे0ई0/ए0ई0एस0 के कारकों पर रिसर्च करेगा। इस सेण्टर की स्थापना से जनता को काफी लाभ होगा। उन्होंने कहा कि भारत सरकार हर सम्भव सहयोग को तैयार है।
इसके पश्चात, मुख्यमंत्री जी ने बी0आर0डी0 मेडिकल काॅलेज के विभिन्न वाॅर्डों का निरीक्षण किया और मरीजों के परिजनों व चिकित्सकों से बात करके फीडबैक लिया।
इस अवसर पर जनप्रतिनिधिगण, शासन-प्रशासन के वरिष्ठ अधिकारी एवं चिकित्सक मौजूद थे।

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मेडिकल कालेज का दौरा किया

Posted on 12 August 2017 by admin

गोरखपुर मेडिकल कालेज में आक्सीजन की कमी के कारण दर्जनों बच्चों की मौत पर कांग्रेस पार्टी की राष्ट्रीय अध्यक्ष श्रीमती सोनिया गांधी जी के निर्देश पर कंाग्रेस पार्टी का एक उच्च स्तरीय प्रतिनिधिमंडल राष्ट्रीय महासचिव-प्रभारी उ0प्र0 श्री गुलाम नबी आजाद के नेतृत्व में आज गोरखपुर मेडिकल कालेज पहंुचकर दौरा किया तथा आक्सीजन की कमी के चलते हुई बच्चों की मौत की जानकारी प्राप्त की एवं पीडि़त परिजनों तथा वार्ड में अन्य मरीजों से जिनके बच्चे अभी भी मेडिकल कालेज में जिन्दगी-मौत से जूझ रहे हैं, मुलाकात कर सांत्वना देते हुए कहा कि दुःख की इस घड़ी में पूरी कांग्रेस पार्टी आपके साथ है।
प्रदेश कंाग्रेस के महामंत्री एवं प्रवक्ता द्विजेन्द्र त्रिपाठी ने बताया कि प्रतिनिधिमंडल में प्रदेश कंाग्रेस अध्यक्ष श्री राजबब्बर सांसद, सांसद श्री प्रमोद तिवारी एवं डॉ0 संजय सिंह, पूर्व केन्द्रीय मंत्री श्री आर0पी0एन0 सिंह एवं कांग्रेस विधानमंडल दल के नेता श्री अजय कुमार लल्लू के साथ ही तमाम स्थानीय वरिष्ठ नेता शामिल रहे।
श्री त्रिपाठी ने बताया कि मेडिकल कालेज में मरीजों एवं उनके परिजनों से मुलाकात के उपरान्त श्री गुलाम नबी आजाद ने प्रेस प्रतिनिधियों से बात करते हुए कहा कि प्रदेश के मुख्यमंत्री 48 घंटे पूर्व ही गोरखपुर आये थे और मेडिकल कालेज का दौरा किया था। उत्तर प्रदेश सरकार इसके लिए पूरी तरह से जिम्मेदार है और इसकी जिम्मेदारी प्रदेश के मुख्यमंत्री को लेनी होगी। श्री आजाद ने मुख्यमंत्री से मांग की है कि इस सम्बन्ध में स्वास्थ्य मंत्री, स्वास्थ्य सचिव सहित सभी जिम्मेदार लोगों को तत्काल बर्खास्त करना चाहिए और उन्हें खुद इसकी जिम्मेदारी लेते हुए पूरे देश से माफी मांगनी चाहिए।
प्रवक्ता ने कहा कि श्री आजाद ने कहा कि यूपीए शासनकाल में इंसेफेलाइटिस को लेकर कई बार कांग्रेस के नेता एवं राष्ट्रीय उपाध्यक्ष श्री राहुल गांधी जी एवं स्वास्थ्य मंत्री के रूप में मैंने खुद न सिर्फ कई बार मेडिकल कालेज का दौरा किया बल्कि कई सौ करोड़ रूपये भी दिये। प्रदेश में गैर कंाग्रेसी सरकार होने के कारण केन्द्र से जो भी धन दिया गया उसका सही व समुचित सदुपयोग नहीं किया गया जिसके कारण तमाम तरह की बीमारियों से मरने वाले बच्चों एवं मरीजों की संख्या लगातार बढ़ती जा रही है। उन्होने कहा कि सिर्फ मेडिकल कालेज प्रशासन एवं चिकित्सकों के ऊपर जिम्मेदारी डालकर सरकार बच नहीं सकती क्योंकि जितने संसाधन उनको दिये जाते हैं उतने में ही उन्हें काम करना पड़ता है। यह बात प्रशासनिक तौर पर भी साबित हो गयी है कि गैस एजेन्सी का 70 लाख रूपया बकाया था जिसकी वजह से आक्सीजन की आपूर्ति नहीं हुई। यह पूरी तरह से प्रशासनिक विफलता है।

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मुख्यमंत्री ने गोरखपुर मण्डल की कानून-व्यवस्था की समीक्षा की

Posted on 01 May 2017 by admin

थानों पर परिश्रमी, निष्ठावान तथा समर्पण भाव
से कार्य करने वाले पुलिस अफसरों को तैनात किया जाए, जो
कानून-व्यवस्था पर नियंत्रण रख सकें: मुख्यमंत्री

पुलिस के वरिष्ठ अधिकारी प्रातः 9 से 11 बजे तक अपने
कार्यालय में उपस्थित रहकर जन समस्याएं सुनें और उनका
निस्तारण भी सुनिश्चित करें: योगी आदित्यनाथ

पुलिस अधिकारी अपने क्षेत्र, पुलिस चैकियों तथा थानों का नियमित निरीक्षण करें

गुण्डों, असामाजिक तत्वों एवं माफियाओं को चिन्हित कर
उनके विरुद्ध कठोर कार्यवाही करें, जिसमें जेल भेजना भी शामिल है

पुलिसकर्मी थाने पर आने वाले पीड़ित लोगों के साथ सद्व्यवहार करें: मुख्यमंत्री
cm-yogi-gorakhpur उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री श्री योगी आदित्यनाथ ने आज गोरखपुर में जी0डी0ए0 के सभागार में मण्डल की कानून-व्यवस्था की समीक्षा करते हुए पुलिस महानिरीक्षक एवं पुलिस अधीक्षकों को निर्देशित किया कि थाने की बागडोर उसे दी जाए, जो परिणाम दे, चाहे वह उपनिरीक्षक हो या निरीक्षक। उन्होंने कहा कि थानों पर परिश्रमी, निष्ठावान तथा समर्पण भाव से कार्य करने वाले पुलिस अफसरों को तैनात किया जाए, जो कानून-व्यवस्था पर नियंत्रण रख सकंे।
मुख्यमंत्री ने पुलिस के वरिष्ठ अधिकारियों से यह भी कहा कि वे प्रातः 9 से 11 बजे तक अपने कार्यालय में बैठकर जन समस्याएं सुनकर उनका निस्तारण सुनिश्चित करें और उसके बाद अपने क्षेत्र, पुलिस चैकियों तथा थानों का नियमित निरीक्षण करें। उन्होंने कहा कि जिन थानों पर आगंतुकों के लिए बैठने की व्यवस्था नहीं है, वहां आगन्तुक कक्ष बनाने के लिए जन सहयोग तथा विधायक निधि का उपयोग कर इसका निर्माण करवाएं। थाने पर आने वाले पीड़ित लोगों के साथ सद्व्यवहार करें और उनकी समस्याओं/शिकायतों को गंभीरता से सुनें तथा उनका निराकरण करें।
बैठक में उन्होंने यह भी कहा कि गुण्डों, असामाजिक तत्वों एवं माफियाओं को चिन्हित कर उनके विरुद्ध कठोर कार्यवाही करें, जिसमें जेल भेजना भी शामिल है। सभी पुलिसकर्मी निडर होकर न्यायोचित कार्य करें और किसी के दबाव में न आएं। उन्होंने यह भी कहा कि जनपद की प्रत्येक तहसील पर एक अग्निशमन केन्द्र और मुख्यालयों पर न्यूनतम 3 अग्निशमन केन्द्र बनाने के लिए शासन को अतिशीघ्र प्रस्ताव भेजें। बैठक में एण्टी रोमियो स्कवायड पर भी चर्चा हुई, जिस पर आई0जी0 पुलिस श्री मोहित अग्रवाल ने सुझाव दिया कि लड़कियों के स्कूलों के गेटों पर सी0सी0टी0वी0 कैमरे लगाये जाएं। उन्होंने यह भी सुझाव दिया कि दीवारों पर यह सूचना कि ‘आप कैमरे की जद में हैं’ लिखी रहेगी। मुख्यमंत्री ने इस पर अपनी सहमति प्रदान की।
इस बैठक में पुलिस महा निरीक्षक गोरखपुर परिक्षेत्र श्री मोहित अग्रवाल सहित संबंधित पुलिस अधिकारी मौजूद थे।

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विकास परियोजनाओं में गति लाने के लिए समन्वय बनाकर कार्य करें वरिष्ठ अधिकारी: मुख्यमंत्री

Posted on 01 May 2017 by admin

मुख्यमंत्री ने स्कूलों में अध्यापकों की फोटो लगाने के निर्देश दिये

गोरखपुर में साॅलिड वेस्ट मैनेजमेंट स्कीम को तत्काल लागू किया जाए

दुधारू जानवरों से दूध लेकर उन्हें सड़कों पर आवारा घूमने के लिए छोड़
देने वाले गोपालकों के विरुद्ध सख्त कार्रवाई की जाए

विषाणु जनित बीमारी से किसी की मौत नहीं होनी चाहिए

स्वच्छता अभियान व्यापक स्तर पर चलाया जाए

मुख्यमंत्री ने गोरखपुर में विकास कार्यों सहित अन्य परियोजनाओं की समीक्षा की
cm-yogiउत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री श्री योगी आदित्यनाथ ने आज गोरखपुर के जी0डी0ए0 सभागार में विकास कार्यों एव अन्य परियोजनाओं की प्रगति पर चर्चा करते हुए वरिष्ठ अधिकारियांे को निर्देशित किया कि वे आपसी समन्वय बनाकर कार्य करें ताकि विकास योजनाओं में गति आ सके। उन्होंने नगर आयुक्त को गोरखपुर में साॅलिड वेस्ट मैनेजमेंट स्कीम को तत्काल लागू करने के निर्देश दिये। उन्होंने उन गोपालकों के खिलाफ सख्त कार्यवाही करने के निर्देश दिये, जो दुधारू जानवरों से दूध लेकर उन्हें सड़कों पर आवारा घूमने के लिए छोड़ देते हैं। ऐसे गोपालकों को चिन्हित कर उनपर भारी जुर्माना लगाने के भी निर्देश दिये। उन्होंने मण्डलायुक्त को निर्देश दिये कि वे अधिकारियों के साथ अतिशीघ्र मधुबलिया (महराजगंज) जाकर उस स्थल का निरीक्षण करें जहां काफी संख्या में आवारा गोवंश रखे जा सकते हैं। उन्होंने इसे संचालित करने के लिए समर्पित लोगों की टीम बनाने के निर्देश दिये।
बैठक में मुख्यमंत्री ने प्रदेश में परिषदीय प्राईमरी तथा जूनियर हाईस्कूलों में गिरते शिक्षा के स्तर पर नाराजगी व्यक्त करते हुए कहा कि सरकार शीघ्र ही इन सभी स्कूलों में अध्यापकों से लेकर प्रधान अध्यापकों की फोटो लगवाएगी और अधिकारियों को निर्देशित किया जायेगा कि वे अपने निरीक्षण के दौरान छात्र/छात्राओं से इस बात की जानकारी लें कि जिन अध्यापकों के फोटो स्कूल में लगे हैं वे पढ़ाने आते हैं या नहीं ? उन्होंने यह भी कहा कि संज्ञान में आया है कि कुछ सरकारी अध्यापक स्कूलों में अध्यापन कार्य नहीं करते हंै तथा अपने स्थान पर कम पैसे में किसी दूसरे व्यक्ति को पढ़ाने के लिए भेज देते हैं, ऐसे अध्यापकों के प्रति कठोर कार्यवाही की जाएगी।
मण्डलायुक्त ने गोरखपुर मण्डल के लिए मुख्यमंत्री के निर्देश पर शुरू की गयी योजनाओं को बिन्दुवार प्रस्तुत किया। उन्होंने गोरखपुर फर्टिलाइजर फैक्ट्री के बारे में बताया कि एच0यू0आर0एल0 को चिलुआताल से पानी उपलब्ध कराने की अनुमति दी जा चुकी है। एफ.सी.आई0एल0 से एच.यू.आर.एल. के पक्ष में भूमि स्थानान्तरित करने हेतु राज्य सरकार से अनापत्ति प्रमाण पत्र अभी प्राप्त होना बाकी है। इसी प्रकार लीज डीड में देय स्टाम्प ड्यूटी माफ किये जाने हेतु भी राज्य सरकार की अनुमति चाहिए।
श्री योगी ने इण्डियन बाॅटलिंग प्लाण्ट, एम्स गोरखपुर की स्थापना एवं गन्ना संस्थान को स्थानान्तरित किये जाने के कार्य की समीक्षा की। उन्होंने स्पष्ट कहा कि पिपराइच में नयी शुगर मिल पुरानी शुगर मिल के स्थान पर ही बनेगी इसलिए शेष बची जमीन पर गन्ना संस्थान अतिशीघ्र शिफ्ट किया जाए। उन्होंने गोरखपुर में रामगढ़ताल परियोजना में निर्माणाधीन बहुउपयोगी प्रेक्षागृह एवं सांस्कृतिक केन्द्र के परिसर में 250 सीट के एक अन्य आॅडिटोरियम, आर्ट गैलरी एवं मीडिया सेण्टर के निर्माण का निर्देश दिया। उन्होंने गोरखपुर हवाई अड्डे के सिविल टर्मिनल का नामकरण महा योगी गोरखनाथ एयरपोर्ट करने के साथ-साथ सिविल टर्मिनल के विस्तार पर भी चर्चा की।
मुख्यमंत्री ने रामगढ़ताल एवं उसके समीप अवस्थापना एवं सौन्दर्यीकरण के विभिन्न कार्यों की समीक्षा करते हुए इसे सितम्बर तक पूर्ण करने के निर्देश दिये। उन्होंने रामगढ़ताल में वाॅटर स्पोर्टस एक्टिविटी तथा रामगढ़ताल में सिल्ट निकालने तथा प्रदूषण नियंत्रण एवं संरक्षण हेतु कार्य को समयबद्ध तरीके से पूर्ण करने के निर्देश दिये। उन्होंने कहा कि जल निगम अपनी सुस्ती छोड़कर सक्रिय भूमिका अदा करे। उन्होंने आर0के0बी0के0 से पैडलेगंज तक बनने वाली सड़क पर गंभीरता से पहल करने एवं उसकी बाधाएं दूर करने के भी निर्देश दिये। प्राणि एवं जन्तु उद्यान के निर्माण पर भी चर्चा की गयी।
श्री योगी ने गोरखपुर वाराणसी मार्ग के निर्माण कार्य की चर्चा करते हुए निर्देश दिये कि बाघा गाढ़ा से सड़क निर्माण शुरू किया जाए और काम में तेजी लाई जाए। उन्होंने कालेसर से जंगल कौड़िया नये बाईपास (एन0एच0-29ई) सेक्शन के निर्माण की समीक्षा करते हुए इसे बरसात से पूर्व पूर्ण करने के निर्देश दिये। मोहद्दीपुर-गोरखनाथ मंदिर-जंगल कौड़िया फोरलेन सी0सी0 रोड के प्रस्ताव पर निर्देश दिये कि पहले बिजली के पोल को पूरी सड़क से शिफ्ट किया जाये फिर कार्य शुरू किया जाए। नन्दानगर रेलवे क्राॅसिंग अण्डरपास के निर्माण पर बढ़ती लागत पर नाराजगी व्यक्त करते हुए उन्होंने रेलवे और लो0नि0वि0 के अभियंताओं को निर्देश दिये कि कार्य को 6 माह के अन्दर पूरा किया जाए। इसके साथ ही उन्होंने सूरजकुण्ड एवं तरंग के पास अन्य अण्डरपास बनाने के लिए सर्वे करने के निर्देश दिये।
बैठक में श्री योगी ने नवीन गल्ला मण्डी की दुर्दशा पर नाराजगी व्यक्त करते हुए मण्डी के अधिकारियों को निर्देश दिये कि वे व्यापारियों से जो टैक्स वसूलते हैं उसका उपयोग मण्डी में बिजली, सड़क, नाले-नालियों की सफाई, व्यापारियों की सुविधाओं तथा जलापूर्ति पर खर्च करें। उन्होंने मण्डी में चल रही चोरी पर भी नियंत्रण रखने के निर्देश दिये।
मुख्यमंत्री ने पूर्वान्चल में विषाणु जनित बीमारियों की रोकथाम के लिए अधिकारियों को गंभीर प्रयास करने के निर्देश दिये। उन्होंने स्पष्ट कहा कि इससे किसी व्यक्ति की मौत नहीं होनी चाहिए, इसकी रोकथाम के लिए अभी से हर संभव तैयारी शुरू कर दें। जिला चिकित्सालय से लेकर प्राथमिक स्वास्थ केन्द्र, सामुदायिक स्वास्थ केन्द्रों पर इस बीमारी के उपचार के लिए प्रबंध किया जाए, ताकि मेडिकल काॅलेज पर ज्यादा दबाव न पड़े। उन्होंने इन बीमारियों से रोकथाम के लिए व्यापक स्तर पर पूरे पूर्वान्चल में सफाई अभियान चलाने के निर्देश दिये, जिसमें नालियों, नालों, पोखरों एवं तालाबों की सफाई भी शामिल है। उन्होंने बरसात के दिनों में लोगों से स्वच्छ पेयजल पीने और पानी को उबालकर ठंढा कर पीने के लिए भी जागरूक करने के निर्देश दिये।
श्री योगी ने राप्ती नदी के पूर्वी तट पर पक्का स्नान घाट बनाने का सुझाव दिया। बैठक में मौजूद प्रमुख सचिव सूचना एवं पर्यटन ने वरिष्ठ अधिकारियों को प्रारम्भिक सर्वे रिपोर्ट भेजने के निर्देश दिये। मुख्यमंत्री ने बैठक में गोरखपुर मण्डल के विकास के लिए विभागीय योजनाओं की चर्चा की और उनपर केन्द्र से सहयोग लेने का आश्वासन दिया।
मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को याद दिलाया कि उ0प्र0 में समस्त सड़कों को गड्ढामुक्त करने के लिए 15 जून का समय निर्धारित किया गया है जिसमें लो0नि0वि0 के अलावा गन्ना विभाग, मण्डी, जिला पंचायत, नगर निगम, नगर पंचायतें, आर.ई.एस. आदि विभाग भी शामिल हैं जो अपनी सड़कों को इस तिथि तक गड्ढामुक्त कराना सुनिश्चित करें। उन्होंने गन्ना मूल्य और गेहूं क्रय के मूल्यों को समय सीमा के अन्दर भुगतान कराने के निर्देश दिये।
बैठक में प्रमुख सचिव सूचना एवं पर्यटन, मण्डलायुक्त, आई0जी0 पुलिस, जिलाधिकारी, उपाध्यक्ष जीडीए, नगर आयुक्त, उप निदेशक सूचना सहित मण्डल के समस्त जिलाधिकारी एवं अन्य वरिष्ठ अधिकारी मौजूद थे।

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गोरखपुर की काॅरपोरेट पार्क परियोजना में सिंचाई विभाग के जीर्ण-शीर्ण निरीक्षण भवन व भूमि को प्रेक्षागृह के निर्माण हेतु संस्कृति विभाग को निःशुल्क हस्तान्तरित करने सम्बन्धी प्रस्ताव मंजूर

Posted on 26 April 2017 by admin

मंत्रिपरिषद ने गोरखपुर विकास प्राधिकरण की काॅरपोरेट पार्क परियोजना के मध्य स्थित 3.54 एकड़ क्षेत्र में सिंचाई विभाग के जीर्ण-शीर्ण निरीक्षण भवन व भूमि को प्रेक्षागृह के निर्माण हेतु संस्कृति विभाग को निःशुल्क हस्तान्तरित किए जाने सम्बन्धी प्रस्ताव को मंजूरी प्रदान कर दी है। उक्त भवन व भूमि की उपयोगिता सिंचाई विभाग के लिए शून्य है। प्रेक्षागृह के निर्माण से सांस्कृतिक गतिविधियों का संचालन होगा, जिससे जनसामान्य लाभान्वित होंगे।

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केन्द्र सरकार की भांति उत्तर प्रदेश सरकार भी ‘सबका साथ, सबका विकास’ की तर्ज पर कार्य करेगी: मुख्यमंत्री

Posted on 26 March 2017 by admin

  • विकास में प्रदेश की समस्त जनता की सहभागिता होगी
  • कानून व्यवस्था के साथ कोई भी खिलवाड़ करेगा, तो वह कठोर दण्ड का भागी होगा
  • उत्तर प्रदेश में ऐसा वातावरण बनेगा, जिसमें प्रत्येक नागरिक अपने को सुरक्षित महसूस करेगा
  • किसानों से शत-प्रतिशत गेहूं खरीद तथा गेहूं मूल्य के तत्काल  भुगतान के लिए शासन स्तर पर कार्य योजना बनाई जा रही है
  • बेरोजगार नौजवानों के पलायन को रोका जाएगा और शासन की योजनाओं को अन्तिम व्यक्ति तक पहुंचाया जाएगा
  • समाज के हर वर्ग का विकास किया जाएगा और किसी का तुष्टिकरण नहीं होगा
  • उत्तर प्रदेश में भ्रष्टाचार मुक्त शासन होगा और अराजकता का कहीं कोई स्थान नहीं होगा
  • मुख्यमंत्री ने गोरखपुर में आयोजित स्वागत एवं अभिनन्दन समारोह को सम्बोधित किया

मुख्यमंत्री श्री योगी आदित्यनाथ ने कहा है कि केन्द्र सरकार की भांति उत्तर प्रदेश सरकार भी ‘सबका साथ, सबका विकास’ की तर्ज पर कार्य करेगी। विकास में प्रदेश की समस्त जनता की सहभागिता होगी और यह प्रयास होगा कि समाज के जिस वर्ग के कल्याण के लिए जो भी योजना बने, उसका शत-प्रतिशत लाभ पात्र व्यक्तियों तक अवश्य पहुंचे।
dsc_4247मुख्यमंत्री आज गोरखपुर भ्रमण के दौरान महाराणा प्रताप इण्टर काॅलेज के मैदान में आयोजित स्वागत एवं अभिनन्दन समारोह को सम्बोधित कर रहे थे। उन्होंने प्रचण्ड बहुमत के लिए उत्तर प्रदेश की जनता का आभार व्यक्त करते हुए कहा कि राज्य में कानून व्यवस्था बनाए जाने के लिए कठोर कार्यवाही करने के निर्देश दिए गए हैं। कानून व्यवस्था के साथ कोई भी खिलवाड़ करेगा, तो वह कठोर दण्ड का भागी होगा। उत्तर प्रदेश में ऐसा वातावरण बनाया जाएगा, जिसमें प्रत्येक नागरिक अपने को सुरक्षित महसूस करेगा। उन्होंने कहा कि प्रदेश में अवैध बूचड़खानों पर पाबन्दी का अभियान शुरू हो गया है और इसके परिणाम दिखाई पड़ने लगे हैं।

press-11श्री योगी ने कहा कि राज्य सरकार ने निर्णय लिया है कि उत्तर प्रदेश से जो भी व्यक्ति कैलाश मानसरोवर की यात्रा पर जाएगा, उसे 01 लाख रुपए का आर्थिक अनुदान दिया जाएगा। उन्होंने कहा कि लोक निर्माण विभाग के वरिष्ठ अधिकारियों को निर्देश दिए गए हैं कि हर हाल में प्रदेश की सड़कों को 15 जून तक गड्ढ़ा मुक्त बनाया जाए। उन्होंने यह भी कहा कि किसानों से शत-प्रतिशत गेहूं खरीद तथा गेहूं मूल्य के तत्काल भुगतान के लिए शासन स्तर पर कार्य योजना बनाई जा रही है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि उत्तर प्रदेश का नौजवान रोजगार के अभाव में पलायन कर रहा था, महिलाएं असुरक्षित महसूूस कर रही थीं। अब उत्तर प्रदेश की जनता अपने-आप को उपेक्षित महसूस नहीं कर सकती। बेरोजगार नौजवानों के पलायन को रोका जाएगा। शासन की योजनाओं को अन्तिम व्यक्ति तक पहुंचाया जाएगा। उन्होंने कहा कि समाज के हर वर्ग का विकास किया जाएगा और किसी का तुष्टिकरण नहीं होगा। लोक कल्याण संकल्प पत्र के सभी वादों को शत-प्रतिशत पूरा किया जाएगा। उत्तर प्रदेश में भ्रष्टाचार मुक्त शासन होगा और अराजकता का कहीं कोई स्थान नहीं होगा। उन्होंने कानून का राज स्थापित करने में सभी से सहयोग करने की अपील की।

इसके पूर्व, मुख्यमंत्री के गोरखपुर आगमन पर वहां की जनता द्वारा उनका भव्य और ऐतिहासिक स्वागत किया गया। एयरपोर्ट से लेकर मुख्य कार्यक्रम स्थल महाराणा प्रताप इण्टर काॅलेज तक सड़क के दोनों ओर लाखों लोगों ने मुख्यमंत्री का स्वागत और अभिनन्दन किया। उन्होंने जनता को आश्वस्त किया कि परिश्रम और जनसहयोग के आधार पर वे उत्तर प्रदेश के सर्वांगीण विकास के लिए कोई कोर-कसर बाकी नहीं रखेंगे।

इस अवसर पर मंत्रिगण, जनप्रतिनिधिगण, शासन-प्रशासन के वरिष्ठ अधिकारीगण सहित बड़ी संख्या में गणमान्य नागरिक उपस्थित थे।

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एनआईआईटी युनिवर्सिटी द्वारा इंजीनियरिंग करने के इच्छुक छात्रों के लिए गोरखपुर में कैरियर काउंसिलिंग सेशन का आयोजन

Posted on 25 April 2015 by admin

छात्रों को इंजीनियरिंग के विविध विषयों में मौजूद संभावनाओं से परिचित कराने के निजी काउंसिलिंग सेशन
ज्ञान आधारित अर्थव्यवस्था के उभरते क्षेत्रों में उच्चतर शिक्षा और शिक्षण में नवीनतम लाने के ध्येय से स्थापित अलाभकारी एनआईआईटी युनिवर्सिटी (एनयू) द्वारा 28 अप्रैल 2015 को प्रातः 10 बजे से एनआईआईटी सेन्टर, 6-बी, प्रथम तल, एसएएस हाउस, सप्रू मार्ग, हजरतगंज, लखनऊ में इंजीनियरिंग के इच्छुक छात्रों के लिए करियर काउंसिलिंग सेशन का आयोजन किया जाएगा, जिससे इंजीनियरिंग सेक्टर में अपनी पहचान बनाने के इच्छुक छात्रों को बहुत फायदा होगा।
यह करियर काउंसिलिंग सेशन, एनआईआईटी युनिवर्सिटी की सीनियर फैकल्टी द्वारा आयोजित किया जाएगा। इस सेशन से छात्रों को इंजीनियरिंग में करियर सफल बनाने के लिए ज़रूरी विविध कौशल समझने में मदद मिलेगी, और इंजीनियरिंग कोर्स पूरा करने के बाद इस सेक्टर में मिलने वाली विविध नौकरियों के बारे में भी जानकारी होगी। जिन छात्रों ने हाल ही में बारहवीं कक्षा की परीक्षा दी हैं वे इस सेशन में आ सकते हैं।
एनआईआईटी युनिवर्सिटी द्वारा कम्प्यूटर साइंस इंजीनियरिंग, इलेक्ट्रानिक्स एंड कम्युनिकेशन, इंजीनियरिंग एंड बायोटेक्नोलाॅजी में बी.टेक प्रोग्राम (4वर्ष) और बीटेक-एमटेक इंटिग्रेटेड ड्युअल डिग्री प्रोग्राम (5वर्ष) चलाए जाते हैं। युनिवर्सिटी द्वारा एक अत्याधुनिक पाठ्यक्रम के जरिए भविष्य की तकनीकों का ज्ञान कराया जाता है जिसके लिए उद्योग जगत से संबंधित, तकनीक पर आधारित, शोध प्रेरित और अखंड शिक्षा देने के बुनियादी सिद्धान्तों का पालन किया जाता है। युनिवर्सिटी के छात्रों को भारत व विदेशों की प्रतिष्ठित कंपनियों में इंटर्नशिप करने के मौके मिलते हैं। बीटेक के छात्रों को पास आउट होने से पहले 6 महीने का कार्य अनुभव हासिल करने का भी अवसर मिलता है।
एनआईआईटी युनिवर्सिटी जियोग्राफिक इन्फाॅर्मेशन सिस्टम (जीआईएस) और एजुकेशन टेक्नोलाॅजी (ईटी) में 2 साल का एम.टेक प्रोग्राम भी चलाती है। एम.टेक -जीआईएस प्रोग्राम 2 साल का आवासीय कार्यक्रम है, जिसमें नौकरी पाने के मौके भी दिलाए जाते हैं। एम.टेक ईटी प्रोग्राम ऐसे शिक्षा विशेषज्ञों और शिक्षा के क्षेत्र के प्रोफेशनल लोगों के लिए है जो ज्ञान की दुनिया में अपनी विशेष पहचान बनाना चाहते हंै।
एनआईआईटी युनिवर्सिटी 2 साल का फुलटाइम एमबीए प्रोग्राम भी चलाती है, जो डिजिटल मार्केटिंग, बिजनेस एनालिटिक्स, ईकाॅमर्स, मैनेजमेंट आॅफ टेक्नोलाॅजी और बैंकिंग विषयों पर आधारित है।
एनयू में एमबीए प्रोग्र्राम छात्रों को आज के व्यावसायिक परिवेश में विविध पहलुओं की जानकारी हासिल करने और जुडने के मौके देता और प्रोत्साहित करता है।
एनआईआईटी युनिवर्सिटी ने हाल ही में युनिवर्सिटी आॅफ मिसौरी, कंसास सिटी, यूएसए के अकादमिक समझौता भी किया है, जिससे छात्र एनआईआईटी युनिवर्सिटी से अपना बीटेक और कम्प्यूटर साइंस में एम.एस 5 वर्षों में पूरा कर सकते हैं। एनयू, राजस्थान सरकार के 2010 के अधिसूचना सं 5 द्वारा अधिसूचित है और यूजीसी अधिनियम की धारा 2 (एफ) के अधीन है।

सुरेन्द्र अग्निहोत्री
agnihotri1966@gmail.com
sa@upnewslive.com

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