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Archive | मध्य प्रदेश

जब चाटुकारिता और प्रशासनिक आरोपी हों सिरमौर तो ऐसे में कैसे भला होगा हिन्दी का !

Posted on 11 September 2015 by admin

bhopal

मध्यप्रदेश की राजधानी भोपाल में विश्व हिन्दी सम्मेलन का शुभारंभ देश विदेश के हजारों हिन्दी प्रेमी शिरकत कर रहे हैं। हिन्दी भाषी देश के लिये विश्व हिन्दी सम्मेलन की मेजबानी  और उसके प्रचारू आभामण्डल से मध्यप्रदेश का गौरव बढऩा स्वाभाविक है। इस कार्यक्रम की सफलता के लिये प्रदेश सरकार तथा इसके अधीनस्थ कार्यरत अधिकारियोंए कर्मचारियों ने रात.दिन जी तोड़ मेहनत कर कार्यक्रम की सफलता को सुनिश्चित किया। इस आयोजन को भव्यता प्रदान करने के लिये भारी मात्रा में धन राशि ब्यय की गई। स्वाभाविक है कि आपाधापी में ब्यय की जाने वाली राशियों में गड़बड़ी भी होती है। ऐसा एक नहीं कई आयोजनों में हो चुका है और सीएजी की रिपोर्ट में भी इसका खुलासा किया है। मातृभाषा हिन्दी के लिये तो देश की जनता इतनी कुर्बानी तो दे ही सकती हैए हाँ सफेद पोश आयोजकोंएओहदेदार अधिकारियों एवं भ्रष्ठ ठेकेदारों की अवश्य ऐसे सुअवसरों पर चांदी हो जाती हैए तीन दिन तक चलने वाले विश्व हिन्दी सम्मेलन का ढोल भी जमकर पीटा जायेगा। प्रदेश में इस कार्यक्रम के सुचारू संचालन की जिम्मेदारी मप्रण्संस्कृति विभाग ने संभाल रखी है। यह विभाग भी मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान के पास है इसके प्रमुख सचिव मनोज श्रीवास्तव है। अजात् शत्रु श्रीवास्तव  आयुक्त की कुर्सी पर विराजमान है। प्रमुख सचिव मनोज श्रीवास्तव स्वयं को महान साहित्यकार की श्रेणी में मानते हैए गाहे बगाहे स्थानीय छुट.पुट कार्यक्रमों में अपनी उपस्थिति भी दर्ज कराते रहते हैं। कुछ वरिष्ठ पत्रकारों से उनकी काफी निकटता है इसी निकटता का लाभ उठाते हुए समय.समय पर पत्रकारों से अपने नाम से आलेख लिखवाते हैं तथा अपनी महानता का बखान स्वयं तथा उनके कुछ चाटुकार करते फिरते हैं। हिन्दी के इतने बड़े ज्ञाता है कि इनके विभाग को यह भी पता नहीं है कि अमीर खुसरो सही नाम है या आमिर खुसरो मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान का सिर्फ एक ही मकसद रहता है राष्ट्रीय नेताओं को साधों और अपनी कुर्सी सलामत रखो। एक तरह से उन्होंने विश्व हिन्दी सम्मेलन के बहाने प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी का विश्वास हासिल करने का हर संभव प्रयास किया हैए बहरहाल वे अपने मकसद में कितने सफल या असफल हुये यह तो वे या श्री मोदी ही जाने। वहीं संस्कृति संचालनालय के आयुक्त अजातशत्रु श्रीवास्तव की कार्यशैली जग जाहिर है। ये पद पर रहते हुए हिन्दी साहित्य प्रकाशन और लेखन रॉयल्टी के नाम से बड़ा खेल खेल रहे है। इनके पास संग्रहालय के अधीन प्रदेश के लेखकों द्वारा लिखित पुरातत्विक साहित्य संकलन छपवाने का जिम्मा है जिसमें इन्होंने भारी घाल.मेल कर रखा है। इसमें लेखकोंं को रायल्टी दिये जाने का भी प्रावधान है पर अजात् शत्रुजी ने ऐसा परम्परागत व्यवस्था को कायम रखते हुए कारनामा कर दिखलाया कि देखने वाले दंग रह जाये। लेखक कोईए छपे किसी के नाम से और आजीवन रॉयल्टी ले कोई। ये लेखक अधिकांशतरू सरकारी अधिकारी होते है और रायल्टी भी इन्हीं के खाते में जाती रही। छपाई का काम मध्यप्रदेश माध्यम जो कि मण्प्रण् जनसंपर्क विभाग के अधीन चिटफंड कंपनी तर्ज पर संचालित होने वाला रखैल रूपी संस्थान है। जिसके चेयरमेन स्वयं मुख्यमंत्री है। पूरा साहित्य अजात शत्रु श्रीवास्तव के आदेश पर छापता है। कुछ सौ किताब छपती है और हजारों  पुस्तकों के प्रिटिंग बिल बनाये जाते है। इस तरह साहित्यकारों और लेखकों  के नाम पर जमकर कलाधन.सफेद धन का खेल वर्षो से चल रहा है।  इनके विभाग द्वारा इस संबंध में यह जानकारी मांगने पर कि प्रकाशन छपे और कहां कितने बटेएउपलब्ध प्रकाशनों की सूची आदि आदि ण्ण्ण्यह इनके विभाग के पास उपलब्ध नहीं है। इसके पुख्ता प्रमाण स्वराज्य न्यूज के पास मौजूद है। तीसरी पारी की शुरूआत में मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने पहली कैविनेट बैठक में भष्टाचार मुक्त प्रशासन देने के लिए जीरोटारलेस की घोषणा की थी और प्रदेश की जनता को उनसे कुछ ऐसी उम्मीद भी थी। समय बीतने के साथ ही मुख्यमंत्री स्वयं अपने वायदे को भूल गये है और उनके इर्द.गिर्द पूरी भ्रष्टाचारियों की जमात जुट गई है कुछ के खिलाफ तो उच्च न्यायालय तक ने भी सख्त टिप्पणियां की है और उनके खिलाफ आपराधिक कृत्य को दृष्टिगत रखते हुए प्राथमिकी दर्ज करके कार्यवाही की अनुसंसा भी की हैए पररन्तु ये सबके सब मुख्यमंत्री जी के नाक के बाल बने हुए है और प्रदेश की जनता की छाती पर मंूग दलते नजर आ रहे हैं। हर जगह मुख्यमंत्री को गुमराह कर स्वयं के स्वार्थ सिद्धि में जुटे रहते हैं। संस्कृति महकमे के मठाधीशों को यह भी याद नहीं रहा कि हिन्दी को राष्ट्र भाषा का दर्जा दिलाने के अहम किरदार रहे गोविंद वल्लभ पंत जो कि उत्तर प्रदेश के निवासी थे तथा आजादी प्राप्त होने के बाद उत्तर प्रदेश जैसे राज्य के प्रथम मुख्यमंत्री भी बने थेए हिन्दी को राष्ट्रभाषा घोषित कराने के लिये लंबा संघर्ष किया थाए राष्ट्रीय राजनीति में आने के बाद उन्हें पंण् जवाहर लाल नेहरू के मंत्रिमंडल में गृहमंत्री बनाया गया थाए उनके संघर्ष के कारण हिन्दी को राष्ट्र भाषा का दर्जा हासिल हुआ। ऐसे महान पुरूष का 10 सितम्बर जन्मदिन है प्रदेश के सस्कृति विभाग के पुरोधाओं ने यह भी उचित नहीं समझा कि कार्यक्रम के दौरान कहीं एक जगह भी उनके नाम का उल्लेख तक कर दें।  पूरे शहर में मोदी ही मोदी की तस्वीर छाई रहीं वह भी हिन्दी के नाम पर हिन्दी की सेवा में प्रण.प्राण से जुटे पुरोधा को इतने बड़े शहर में एक फोटो या बैनर तक मुहैया नहीं हो सका। दूसरी ओर मण्प्रण् के कई ऐसे साहित्यकार भी है जो पद्श्री अलंकरण से संम्मानित हो चुके है परन्तु उन्हें इस भव्य आयोजन से उन्हें दूर रखा गया है । क्या यह हिन्दी प्रेमी
और साहित्यकारों का सुनियोजित अपमानित करने की चेष्टा तो नही है। इन सरकारी चाटुकारों की वजह से हिन्दी भाषाए भारतीय चिकित्सा पद्धति तथा रामराज्य की कल्पना करना बेमानी है। ये चाटुकार खाते तो हिन्दी की है पर इनकी औलादें विदेशों में अंग्रेजियत की गुलाम बनी हुई है। जितने भी आज हिन्दी के नाम पर हिन्दी.हिन्दी खेल रहे हैं इनमें से कितनों की औलादें हिन्दी माध्यम या सरकारी स्कूलों में पढ़ी है। क्या इसका जबाव है किसी के पास। ये तो येन.केन प्रक ारेण से जनता के खून.पसीनों की कमाई को ठिकाने लगाने में पारंगत हैं और राजनेताओं को गुमराह करने में महारत हासिल किये हुए हैं। जिसकी वजह से ये ऊँचे ओहदों की कुर्सियों को हथियाये हुए हैंए राजनेताओं को उंगलियों पर नचा अपना उल्लू सीधा कर रहे हैं। ऐसा में भला ऐसे अधिकारियों के नेतृत्व में हिन्दी का कितना विकास होगाए यह सोच का विषय है।

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125 कन्याओं का विवाह सम्पन्न हुआ

Posted on 10 March 2013 by admin

उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री श्री अखिलेश यादव एवं उनकी पत्नी तथा कन्नौज की सांसद श्रीमती डिम्पल यादव आज मध्य प्रदेश के जनपद टीकमगढ़ के निवाड़ी कस्बे में आयोजित सर्वजातीय कन्या विवाह यज्ञ में सम्मिलित हुए। यह विवाह कार्यक्रम जनपद झांसी के गरौठा विधानसभा क्षेत्र से विधायक
श्री दीपनारायण यादव एवं उनकी पत्नी तथा निवाड़ी विधानसभा (मध्य प्रदेश) क्षेत्र से विधायक श्रीमती मीरा यादव द्वारा आयोजित किया गया था, इसमें 125 कन्याओं का विवाह सम्पन्न हुआ।
7इस अवसर पर नव वर-वधू को सुखमय दाम्पत्य जीवन के लिए शुभकामनाएं एवं आशीर्वाद देते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि गरीब, बेसहारा एवं आर्थिक रूप से कमजोर लोगों की कन्याओं के विवाह में मदद करना अत्यन्त पुनीत सामाजिक कार्य है। इस पुनीत कार्य के लिए विधायक श्री दीपनारायण एवं उनकी विधायक पत्नी बधाई के पात्र है। ऐसे सर्वजातीय वैवाहिक कार्यक्रमों के लिए समाज के सक्षम लोगों को आगे आना चाहिए। इस तरह के कार्यक्रमों से, जहां गरीब लोगों की मदद होगी, वहीं दहेज प्रथा जैसी सामाजिक बुराई पर रोक लगेगी।
इस अवसर पर उमड़े लाखों के जन सैलाब को सम्बोधित करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि उत्तर प्रदेश की सरकार ने पिछले एक वर्ष में प्रदेश के हर क्षेत्र एवं समाज के हर वर्ग की भलाई के लिए महत्वपूर्ण कार्य किये हैं। प्रदेश सरकार अपने बजट का 74 प्रतिशत गांवों एवं किसानों की भलाई के लिए खर्च कर रही है। उन्होंने कहा कि पिछली सरकार द्वारा खाली खजाना उन्हें विरासत में मिला था। सीमित संसाधनों के बावजूद वर्तमान प्रदेश सरकार ने विकास के अनेक चरणबद्ध कार्यक्रम लागू किये हंै। बेरोजगारों को बेरोजगारी भत्ता दिया जा रहा है, जिससे वे अपनी बेरोजगारी दूर करने के लिए मार्ग प्रशस्त कर सकें। बालिकाओं के लिए कन्या विद्या धन योजना लागू की गई है। प्रदेश की सभी बालिकाओं को निःशुल्क शिक्षा की व्यवस्था प्रदान की गई है। मुस्लिम बालिकाओं की पढ़ाई एवं विवाह के अनुदान की व्यवस्था की गई है। प्रदेश में स्वास्थ्य सेवाएं बेहतर बनाई गई है तथा बिजली की व्यवस्था सुधारने के लिए निरन्तर प्रयास किए जा रहे हैं।
मुख्यमंत्री ने कहा कि 11 मार्च 2013 से पात्र विद्यार्थियों को लैपटाॅप वितरण प्रारम्भ किया जायेगा, इससे जहां बच्चों को तकनीकी शिक्षा मिलेगी, वहीं शहर व गांव की बच्चों के बीच की दूरी कम होगी। उन्होंने कहा कि किसानों को उनकी उपज का समुचित मूल्य प्रदान किया जायेगा। मुख्यमंत्री ने कहा कि उत्तर प्रदेश गन्ना, दूध, गेहूं, आम के उत्पादन में देश में प्रथम स्थान पर है और यह समस्त चीजें किसानों द्वारा ही उत्पाादित की जाती है। अतः किसानों को इनका उचित मूल्य दिलाना प्रदेश सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता है। इसी को दृृष्टिगत रखते हुए मुफ्त सिचांई की व्यवस्था प्रदान की गई है और किसानों की कर्ज माफी के लिए 1650 करोड़ रुपए का वित्तीय प्राविधान किया गया है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रदेश में औद्योगीकरण के लिए अनुकूल माहौल बनाया जा रहा है और निकट भविष्य में प्रदेश में अनेक उद्योग लगेंगे। उन्होंने कहा कि कुछ तत्व प्रदेश का माहौल बिगाड़ना चाहते हैं, लेकिन उनकी मंशा को किसी भी हाल में सफल नहीं होने दिया जायेगा। इस अवसर पर सांसद सर्वश्री घनश्याम अनुरागी, श्री आर0के0 पटेल, विधायक मऊरानीपुर डाॅ0 रश्मि आर्या, अन्य जनप्रतिनिधिगण, जिलाधिकारी झांसी श्री तनवीर ज़फर अली सहित अन्य प्रशासनिक एवं पुलिस अधिकारी उपस्थित थे।

सुरेन्द्र अग्निहोत्री
agnihotri1966@gmail.com
sa@upnewslive.com

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