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Archive | सिनेमा

इस्लाम बेगुनाहों को कत्ल करने की इजाजत नहीं देता - शाहरूख

Posted on 22 January 2010 by admin

लखनऊ- मुस्लिम बच्चों को ज्यादा से ज्यादा शिक्षा ग्रहण करना चाहिए और अरबी उर्दू के साथ मौजूदा तरक्की की पढ़ाई को जरूर प्राप्त करना चाहिए। इस्लाम बेगुनाहों को कत्ल करने की कभी इजाजत नहीं देता।

उक्त बातें देश भर से आये चुनिन्दा लगभग 20 सहाफी के बीच सिने अभिनेता शाहरूख खान ने अपने बान्द्रा (मुम्बई) स्थित मन्नत आवास पर कही।

उर्दू सहाफियों से एक आसान मुलाकात मेंश्री खान ने कहा कि खासकर मुस्लिम समाज की जो पूरी दुनिया में गलत तस्वीर पेश की जा रही है उससे खासे नाराज दिखे। उन्होंने कहा कि समाज के एक दो लोग अगर खराब हैं तो उससे पूरे मुस्लिम समाज को जोड़कर देखना गलत है। मसलन कोई ईसाई अगर खराब है तो क्या पूरी ईसाई कौम खराब है, कोई हिन्दू खराब है तो क्या पूरी हिन्दू कौम खराब है। उन्होंने कहा कि जेहाद पर जो बातें की जाती है और जो बताई जाती हैं जेहाद के माने यह बताया जाता है कि कत्ल करना इस्लाम में है। इस्लाम बेगुनाहों को कत्ल करने की कभी इजाजत नहीं देता। इस्लाम अमन व शान्ति का मजहब है उन्होंने यह भी कहा कि मोहम्मद साहब ने मुस्लिम समाज की पढ़ाई पर काफी जोर दिया था और कहा था कि अगर पढ़ाई के लिए चीन जाना हो तो भी जाओ। इसका मतलब यह है कि पढ़ाई के लिए या इल्म हासिल करने के लिए वतन भी छोड़ना पड़े तो वतन को छोड़ो और अपनी शिक्षा से अपनी व देश की तरक्की करो।

शाहरुख खान ने खासकर मुस्लिम बच्चों से कहा कि अगर अरबी उर्दू पढ़ते हो तो उसके साथ-साथ नई टेक्नोलॉजी की पढ़ाई जरूर करें - अल्लाह मियां को याद रखें और कालेज भी जाए।

श्री खान ने अपनी नई फिल्म माई नेम इज खान की चर्चा करते हुए कहा कि यह फिल्म ऐसी है जो हिन्दू-मुस्लिम दोनों किरदारों को पर्दे पर उतारती है। उन्होंने कहा कि इस फिल्म का टाइटिल पहले खान रखना चाहते थे लेकिन यह टाइटिल मनोज कुमार साहब के पास रजिस्टर्ड था इस वजह से इस फिल्म का नाम माई नेम इज खान रखना पड़ा। जबकि मेरा स्वयं का किरदार है कि जरा से दबा कर व हकला कर मैं कई बार माई नेम इज खान कहता हूं। माई नेम इज खान करन जौहर की पिक्चर है जो मेरे अच्छे दोस्तों में से हैं और हम लोगों ने इस पर काफी मेहनत की है।

शाहरूख ने कहा कि किसी के नाम में सरनेम खान लगा होता है तो उसे हर जगह रोका जाता है मेरा किरदार इस फिल्म में एक रिजवान खान नाम के लड़के का है जिसके नाम के आगे खान होने के कारण एअरपोर्ट पर रोक दिया जाता है कि कहीं वह आतंकवादी तो नहीं।

शाहरुख ने यह भी बताया कि मैं 7 फरवरी को लखनऊ भी आ रहा हूं और इसी बीच अलीगढ़ जाने की भी बात कही। शाहरुख खान लखनऊ से गये डेढ़ दर्जन पत्रकारों से अपनी बात बड़े ही खुलूस और मोहब्बत से अपने घर पर रखी।

शाहरुख ने कहा कि काजोल बहुत ही अच्छी अदाकारा हैं और वे अच्छी ढंग से अपने किरदार को इतनी आसानी से अदा कर देती हैं यही उनका बडप्पन है। शाहरुख ने कहा इस फिल्म को लोग जरूर देखें यह आतंकवादियों पर फिल्म नहीं है, यह एक अलग स्टोरी पर आधारित फिल्म है।

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3 इडिएट फिल्म से लौटी सिनेमा घर की रौनक

Posted on 18 January 2010 by admin

0 मनचाही शिक्षा थोपने वाले अभिभावकों के लिए सन्देश बनी फिल्म
0 छात्रों को अभिभावकों के दबाव में नहीं करनी चाहिए पढ़ाई रूचिपूर्ण हो पढ़ाई
0 फिल्म को टैक्स फ्री करने की मांग

सुलतानपुर - नगर स्थित नेशनल टाकीज में वर्षो बाद 3 इडिएट ने रौनक ला दी है। युवाओं के साथ शिक्षा जगत से जुडे़ लोगों में यह फिल्म अधिक पसन्द की जा रही है। इस फिल्म ने सिनेमा हाल के साथ मनोरंजन विभाग का राजस्व भी बढ़ा दिया है।3-idiat-2

नेशनल सिनेमा घर के प्रबन्धक रज्जन ने बताया कि इस फिल्म को देखने के लिए इन दिनों युवाओं की भीड़ के साथ शिक्षा जगत से जुड़े लोग भी देखने आ रहे है। फिल्म देखने वालों ने बताया कि यह फिल्म खासकर उन लोगों के लिए प्रेणना प्रदान करेगी जो अपने बच्चों पर अपने मन की शिक्षा को थोपकर उससे शिक्षा ग्रहण करने को बाध्य करते हैं। आज कल सामान्य सा लोगों का विचार बन गया है कि उनका बच्चा इंजीनियरए डाक्टर अथवा  आई..एस. ,पी.सी.एस. ही बने। इसके लिए अभिभावक अपने बच्चों को बकायदा बाध्य करते हैं जबकि पढ़ाई जिस बच्चें को करनी है उसकी इच्छा जानने की जहमत नहीं की जाती है।

फिल्म में दर्शाया गया है कि छात्रों को उनकी रूचि के अनुसार क्षेत्र विशेष में पढ़ाई करने की पूरी छूट दी जानी चाहिए। साथ ही शिक्षकों के लिए भी सन्देश है कि किताबी कीड़ा बने रहने के बजाय शिक्षा के व्यवहारिक पक्ष पर भी ध्यान दिया जाय। किताब में लिखे अक्षरों को रट कर परीक्षा पास करना ही बड़ी बात नहीं है उसके मायने भी समझ में आने चाहिए। अन्यथा फिल्म के पात्र चतुर की तरह मंच से अर्थ का अनर्थ बोलेगें और हंसी का पात्र बनेगा। इसके अलावा पूरी फिल्म में हास्टल जीवन के वास्तविक स्थिति को दर्शाकर हंसाया गया है। अभिभावकों द्वारा अपनी मंशा को अपने बच्चों पर थोपने का जो नुकशान है उससे बचने का पूरा उपाय दर्शाया गया है।

सुरेन्द्र अग्निहोत्री
मो0 9415508695

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Vikas Sharma
upnewslive.com
E-mail :editor@bundelkhandlive.com
Ph-09415060119

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