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Archive | November, 2015

प्रदेश की राजधानी पर अपराधियों का राज - डा0 मनोज मिश्र

Posted on 25 November 2015 by admin

भारतीय जनता पार्टी ने प्रदेश की ध्वस्त कानून व्यवस्था पर सपा सरकार को जर्बदश्त तरीके से घेरा। पार्टी के प्रदेश प्रवक्ता डा0 मनोज मिश्र ने सपा सरकार की ध्वस्त कानून व्यवस्था पर हमला करते हुए कहा कि दिन दहाड़े स्टेट बैंक की लूट सपा सरकार के मुँह पर जोरदार तमाचा है। पूरा प्रदेश अपराधियों के आंतक से थर्रा रहा है। प्रदेश की राजधानी पर अपराधियों का राज चल रहा है।
प्रवक्ता डा0 मिश्र ने कहा कि जब दिन दहाड़े अपराधी गार्ड की हत्या कर बैंक लूट रहे है तो प्रदेश की हालात का अन्दाज लगाया जा सकता है। एक दो दिन पहले ही बाप-बेटे की गोली मारकर हत्या कर दी गई। प्रतापगढ़ में इसपेक्टर की गोली मारकर हत्या कर दी गई। नमन तथा अज्ञात युवती की हत्या कर दी गई और पुलिस उसे एक्सीडेण्ट बताती रही। हत्या को एक्सीडेंट बताना राजधानी पुलिस की कार्यक्षमता का नया आयाम है। अपराधी पूरे प्रदेश में अपराध का आतंक कायम हुए है। राजधानी तक अपराधियों के आतंक से थर्रा रही है।
डा0 मिश्र ने सपा सरकार पर हमला करते हुए कहा कि अब अपराधी दिन-दहाड़े अपराध कर रहे है। लखनऊ में ही हत्या या लूट की वारदाते दिन दहाड़े हो रही है। एटीएम लूट और हत्याकाण्ड का खुलासा अभी तक राजधानी पुलिस नहीं कर पाई। पूरा प्रदेश हत्या, लूट और बलात्कार की घटनाओं से त्रस्त है।
डा0 मिश्र ने सपा सरकार को चेताते हुए कहा कि प्रदेश की ध्वस्त कानून का शिकार आज नागरिक हो रहा है। ध्वस्त कानून व्यवस्था प्रदेश के विकास में बाधा बन रही है। सपा सरकार कानून व्यवस्था के फ्रण्ट पर पूरी तरह से असफल है। सरकार का साढ़े तीन साल का कार्यकाल ध्वस्त कानून व्यवस्था का कार्यकाल है। पुलिस और प्रशासन न केवल निष्क्रिय है वरन् मूक दर्शक है।

सुरेन्द्र अग्निहोत्री
agnihotri1966@gmail.com
sa@upnewslive.com

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कार्तिक पूर्णिमा की गोधूलि में गोमती की महाआरती संग हजारों दीपक देवताओं की आराधना में प्रज्ज्वलित किये जायेंगे।

Posted on 25 November 2015 by admin

कार्तिक पूर्णिमा की गोधूलि में गोमती की महाआरती संग हजारों दीपक देवताओं की आराधना में प्रज्ज्वलित किये जायेंगे। देव दीपावली के अवसर पर मनकामेश्वर उपवन स्थित गोमती तट पर राष्ट्र रक्षा-प्रकृति रक्षा का संकल्प भी लिया जायेगा। मनकामेश्वर मठ-मन्दिर की श्रीमहन्त देव्या गिरि जी महाराज ने प्रेस वात्र्ता के दौरान उक्त जानकारी दी।
भोलेनाथ से जुड़ी है देव दीपावली
पौराणिक कथा के अनुसार भगवान शंकर ने देवताओं की प्रार्थना पर महाबली दैत्य त्रिपुरासुर का वध किया था, जिसके उल्लास में देवताओं ने दीपावली मनाई। एक अन्य कथा के अनुसार राजर्षि विश्वामित्र ने त्रिशंकु को अपने तपोबल से स्वर्ग भेजा था किन्तु देवराज ने उन्हें स्वर्ग से बाहर निकाल दिया। अधर में लटके त्रिशंकु की स्थिति से कुपित विश्वामित्र ने तपोबल से नई सृष्टि की रचना आरम्भ कर दी परन्तु देवताओं की अभ्यर्थना के फलस्वरुप उनका कोप शान्त हुआ तथा नई सृष्टि की रचना पर विराम लगा। इस अवसर पर तीनों लोक में दीपावली मनाई गई। मान्यता है कि कार्तिक पूर्णिमा पर दीपावली मनाने के लिए देवता स्वर्ग से नदी के पावन तटों पर अदृश्य रुप से अवतरित होते हैं।
मनकामेश्वर उपवन के तट पर होगी मां गोमती की महाआरती
काशी व हरिद्वार में होने वाली गंगा आरती की तर्ज पर लखनऊ में मां गोमती की महाआरती होगी। मनकामेश्वर उपवन स्थित गोमती तट पर लखनऊ विकास प्राधिकरण द्वारा 11 आरती मंच तैयार किये गये हैं। योजना है कि गोमा की दैनिक आरती तथा प्रत्येक पूर्णिमा को भव्य महाआरती का आयोजन किया जाय।
आटे के दीये से होगा दीपदान
देव दीपावली पर आटे से बने 11111 दीपक प्रज्ज्वलित किये जायेंगे। महिला श्रद्धालुओं द्वारा भारी संख्या में आटे के दीपक तैयार किये जा रहे हैं। श्रीमहन्त जी ने बताया कि दीपदान के बाद सभी दीये गोमती में प्रवाहित किये जायेंगे। इससे एक ओर जहां मछली आदि जलचरों को भोजन प्राप्त होगा वहीं गोमती को प्रदूषणमुक्त बनाने के अभियान को सम्बल भी प्राप्त होगा। व्यवस्था की दृष्टि से लगभग 200 परिवारों को एक एक टेबल की व्यवस्था सौंपी गई है।
गोमती के समग्र कायाकल्प का अभियान है ‘नमोस्तुते मां गोमती’
गोमती के समग्र कायाकल्प हेतु ‘नमोस्तुते मां गोमती’ अभियान आरम्भ किया गया है। गोमती की शुचिता हेतु उद्भव स्थल से गंगा मिलन स्थल तक गोमती की सभी सहायक नदियों को साफ करने हेतु जनजागरण व श्रमदान का कार्य किया जा रहा है।
लिया जायेगा राष्ट्र रक्षा का संकल्प
आयोजन में सामूहिक रुप से राष्ट्र गान व राष्ट्र गीत गाये जायेंगे। राष्ट्र रक्षा, प्रकृति रक्षा और सामाजिक सद्भाव के लिए सामूहिक संकल्प भी लिया जायेगा।
मंच पर होगी मनमोहक सांस्कृतिक प्रस्तुति
समस्त देवताओं के आह्वान, पूजन-अर्चन से आरम्भ होने वाले इस महत आयोजन में एक ओर जहां नृत्य आधारित सांस्कृतिक प्रस्तुति होगी वहीं पहली महिला बैण्ड ‘मेरी जिन्दगी’ की युवतियां भी मंचीय प्रस्तुति देंगी।
श्रीमहन्त देव्या गिरि ने उत्तर प्रदेश सरकार से गोमती को राज्य नदी घोषित करने की मांग करते हुए आदि गंगा गोमती को संवारने की अपील की।
प्रेस वात्र्ता के दौरान सर्वश्री नवाब मीर जाफर अब्दुल्ला, अमरनाथ मिश्र, पार्षद रणजीत सिंह, मनीष खेमका, रेहान खान, रुद्र प्रताप दुबे, जगदीश गुप्ता, डा. सौरभ, एस.के.गोपाल, प्रेम तिवारी, अजय तिवारी, पवन तलवार, सुरेश कुमार ओझा, अपराजिता मेहरा, जया त्रिपाठी, धर्मेन्द्र निगम, डा.अनिल गुप्ता समेत आयोजन से जुड़े अनेक लोग उपस्थित रहे।

सुरेन्द्र अग्निहोत्री
agnihotri1966@gmail.com
sa@upnewslive.com

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बी.एस.पी केन्द्रीय कार्यालय द्वारा जारी प्रेस विज्ञप्ति-दिनांक 23.11.2015

Posted on 25 November 2015 by admin

1.     असम राज्य के राज्यपाल श्री पी. बी. आचार्य के इस असंवैधानिक व अत्यंत ही गै़र-जि़म्मेदाराना बयान कि हिन्दुस्तान केवल हिन्दुओं के लिए है’, तीखी आलोचना व भत्र्सना करते हुए उन्हें तत्काल बखऱ्ास्त करके उनके खिलाफ नियमानुसार क़ानूनी कार्रवाई करने की बी.एस.पी. की राष्ट्रीय अध्यक्ष, सांसद (राज्यसभा) व पूर्व मुख्यमंत्री, उत्तर प्रदेश सुश्री मायावती जी माँग।

2.    देश में लगातार बढ़ती जा रही असहिष्णुता व असहनशीलता के साथ-साथ उग्र, अमर्यादित व घृणा भरी बयानबाज़ी करने से मुल्क में हर तरफ अशान्ति व अफरा-तफरी फैलाना देश के समक्ष एक ’’नई घातक बीमारी’’: सुश्री मायावती जी।

नई दिल्ली, 23 नवम्बर, 2015: बी.एस.पी. की राष्ट्रीय अध्यक्ष, सांसद (राज्यसभा) व पूर्व मुख्यमंत्री, उत्तर प्रदेश सुश्री मायावती जी ने असम राज्य के राज्यपाल श्री पी. बी. आचार्य के इस असंवैधानिक व अत्यंत ही गै़र-जि़म्मेदाराना बयान कि हिन्दुस्तान केवल हिन्दुओं के लिए है’, तीखी आलोचना व भत्र्सना करते हुए उन्हें तत्काल बखऱ्ास्त करके उनके खिलाफ नियमानुसार क़ानूनी कार्रवाई करने की माँग की है।
आज यहाँ जारी एक बयान में सुश्री मायावती जी ने कहा कि एक संवैधानिक पद पर बैठे व्यक्ति को यह थोड़ा भी शोभा नहीं देता है कि वे संविधान के विपरीत जा कर अत्यंत ही विवादित व अमार्यादित बयान दें। परन्तु दुर्भाग्यवश भाजपा की केन्द्र सरकार ने इसी ही प्रकार की दूषित सोच व ग़लत मानसिकता रखने वाले   आर.एस.एस. से सम्बद्ध अनेक लोगों को उच्च संवैधानिक पदों पर बैठाया हुआ है, जो हमेशा ही संविधान की मूल व सही मंशा से काम नहीं करते हुए, उसके खि़लाफ ही बोलते व काम करते रहते हैं।
उन्होने कहा कि भारत विभिन्न जातियों व विभिन्न धर्मों से जुड़ा हुआ देश है और ’’अनेकता में एकता’’ ही हमेशा ही इसकी खूबसूरती व शक्ति भी रही है। भारत को किसी एक जाति व किसी एक धर्म से जोड़ना भारतीय आदर्श, परम्परा व भारतीय संविधान की गरिमा के पूरी तरह से विरूद्व होगा।
भारत को आर.एस.एस. व श्री गोलवालकर की संकुचित व संकीर्ण सोच व विचारधारा से जोड़ने का प्रयास हमेशा ही देश की जनता ने नापसंद किया और  ऐसे तत्वों को एक सीमा से ज्यादा कभी भी नहीं आगे बढ़ने दिया है और यह पूर्णरूप से देश हित में ही है कि हर जाति व धर्म के मानने वाले लोगों को बराबरी व न्याय का उसका संवैधानिक हक मिले और कानूनी व संविधान की मंशा के विपरीत कार्य करने वाले ख़ासकर उच्च पदों पर बैठे लोगों के खिलाफ तत्काल उचित कार्रवाई हो ताकि वैसे व्यक्तियों द्वारा अनर्गल, विवादित व अमार्यादित बयानबाज़ी करके अपने पद की गरिमा समाप्त करने का वर्तमान में जारी सिलसिला बन्द हो। साथ ही, इस प्रकार की कार्रवाई करके प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी यह साबित करें कि वे खाली उपदेश नहीं देते हैं, बल्कि अपनी कथनी के प्रति थोड़ा संवेदनशील व गंभीर भी हैं।
ख़ासकर असम के राज्यपाल श्री पी.बी. आचार्य के मामले में सख़्त कार्रवाई करके श्री नरेन्द्र मोदी सरकार को यह साबित करना चाहिए कि विदेशी दौरों में भी वे सस्ती लोकप्रियता व केवल वाहवाही लूटने वाली बातें नही करते हैं, बल्कि अब लगभग डेढ़ वर्ष के अपने कार्यकाल के बाद थोड़ा गंभीर हैं और आर.एस.एस. के डिकटैट से ज़्यादा उन्हें देशहित की चिन्ता है।
असहनशीलता: देश में लगातार बढ़ती जा रही असहिष्णुता व असहनशीलता के साथ-साथ उग्र, अमर्यादित एवं घृणा भरी बयानबाज़ी करने मुल्क में हर तरफ अशान्ति व अफरा-तफरी फैलाने की ’’नई घातक बीमारी’’ के सम्बन्ध में उन्होंने कहा कि देश की ऐसी परिस्थिति पर चिन्तित होना और उसके समाधान का रास्ता तलाश करने हेतु गंभीर बहस करना एक स्वाभाविक प्रक्रिया है, क्योंकि देश का हित इन मामलों से सीधा-सीधा जुड़ा हुआ है।
इस बारे में हमारी पार्टी का यह कहना है कि वैसे तो असहिष्णुता व असहनशीलता एवं उपेक्षित व लाचार लोगों को दबाकर रखना, उन्हें अनेकों प्रकार से प्रताडि़त करना व शोषण का शिकार बनाना आदि, यह सब एक प्रकार की ’’सामाजिक बीमारी’’ के रूप में जाना और समझा जाता रहा है और इस सम्बन्ध में सरकारों की यह जि़म्मेदारी व कर्तव्य रहा है कि ऐसे उग्र व आसामाजिक तत्वों के खि़लाफ ’’समुचित कानूनी कार्रवाई’’ की जाये तथा इन पर अंकुश लगाकर इन्हें और आगे बढ़ने से हर प्रकार से रोका जाये।
हालांकि यह प्रवृत्ति भी आम रही है कि विरोधी पार्टियों की सरकारें अगर खुलेआम नहीं तो चोरी-छुपे ही सही ऐसे नापाक तत्वों असामाजिक तत्वों को सहायता व संरक्षण देती रही हैं, लेकिन इसके बावजूद भी इस प्रकार का ग़लत संरक्षण पाने वाले आसामाजिक व उग्र तत्वों की हिम्मत कभी भी इतनी ज़्यादा नहीं बढ़ पायी थी कि वे एक प्रकार से ’’आराजक तत्व’’ बन जाये, जो देश के लोग उद्ववेलित कर दे।
परन्तु जबसे भाजपा के नेतृत्व में केन्द्र में एन.डी.ए. की नई सरकार बनी है, तबसे ना केवल भाजपा एण्ड कम्पनी के लोग व इनकी संरक्षक संस्था के लोग इतने ज़्यादा असहनशील, असहिष्णु व उग्र हो गये हैं कि पूरे देश का सामाजिक व साम्प्रदायिक माहौल काफी ज़्यादा बिगड़ने लगा है। इतना ही नही, बल्कि पराकाष्ठा यह है कि काफी बड़े व ऊंचे जि़म्मेदार पदों पर बैठे लोगों के बयान भी इतने ज़्यादा अमर्यादित व विवादास्पद एवं गैर-संवैधानिक होते हैं कि उन्हें यहाँ पर दोहराया जाना भी मुश्किल ही है।
कुल मिलाकर आज देश में जो इस प्रकार की ’’विचित्र व अभूतपूर्व परिस्थिति’’ का निर्माण होता जा रहा है उससे देश की जनता आज नहीं तो कल ज़रूर निपट लेगी, परन्तु, इससे देश की जो जग-हंसाई हो रही है और देश की इमेज व प्रतिष्ठा पर जो आघात लगातार लग रहा है, उसका क्या होगा, उसकी भरपाई कैसे होगी? यह एक गंभीरतापुर्वक सोचने वाली बात है।
सुश्री मायावती जी ने कहा कि इस बारे में जैसा कि जग-ज़ाहिर ही है कि देश की बहुसंख्यक शान्ति-प्रिय जनता के साथ-साथ श्रमजीवी व बुद्धिजीवी वर्ग के लोगों की चिन्ता यह नहीं है कि कुछ मुट्ठीभर असहष्णिु, असहनशील व उग्र रवैये व बयानबाज़ी करने वाले लोग बेख़ौफ हो गये हैं, बल्कि उनकी वास्तविक चिन्ता व बेचैनी इस बात को लेकर है कि केन्द्र की नई एन.डी.ए. सरकार ऐसे घोर आसामाजिक व आपराधिक तत्वों को ना केवल रोक पाने में जान-बूझ कर विफल साबित हो रही है, अपितु उनको हर प्रकार से उचित मानकर उनको हर स्तर पर सरकारी संरक्षण व सुरक्षा तक मुहैया करा रही है।
केन्द्र व भाजपा-शासित राज्य की सरकारों द्वारा जिन लोगों को जनता के गाढ़े पैसे की कमाई पर सरकारी सुरक्षा दी गई है, उस सूची का विश्लेषण कर लिया जाये तो पूरा मामला साफ तौर पर सामने आ जायेगा कि किस प्रकार का ग़लत रवैया भाजपा की सरकारों ने अपनाया हुआ है। यही कारण है कि देश की जनता ने भाजपा की कथनी और करनी में भयावह अन्तर को समझ लिया है और इससे पी.एम. तक की इमेज दाव पर लग गई है, ऐसा जनता के रवैये से साफ तौर पर मालूम पड़ता है।
परन्तु माननीय प्रधानमंत्री जी को इसकी परवाह नहीं है, यह भी स्पष्ट तौर पर झलकता है। इसकी ख़ास वजह यह है कि मा. प्रधानमंत्री जी व केन्द्र की सरकार में बैठे लोग बार-बार अपने आपको उस आर.एस.एस. का ’’स्वयंसेवक’’ कहते हुये गर्व का अनुभव करते हैं, जिस संस्था की सोच व विचारधारा, भारत की मूल आत्मा ’’हिन्दुस्तान केवल हिन्दुओं का नहीं बल्कि सभी जाति व धर्म को मानने वाले समस्त देशवासियों का है तथा अनेकता में एकता’’ के सिद्धान्त में विश्वास नहीं करती है। साथ ही, उनका यह मानना है कि केवल ’’हिन्दू राष्ट्र’’ में रहने वाले हिन्दू समाज के लोग ही केवल देश भक्त हो सकते हैं।
वैसे तो और भी बहुत सी बातें हैं, परन्तु क्या ऐसी ’’संकीर्ण व उग्र ग़ैर-मानवतावादी सोच व विचारधारा’’ के तहत काम करने वाली संस्था के लोगों से आप एक ’’धर्मनिरपेक्ष समता व मानवतावादी सरकार’’ की कल्पना कर सकते हैं क्या? यही कारण है कि इस प्रकार की संकीर्ण व उग्र सोच व विचारधारा रखने वाले लोगों के विपरीत, संवैधानिक सोच रखने वाले हमारे देश के राष्ट्रपति व उपराष्ट्रपति आदि इस बारे में जब कुछ बोलते हैं तो उसका प्रभाव होता है और लोग गम्भीर होकर उनकी बातों पर सोचते हैं। परन्तु उसी प्रकार की बात जब वर्तमान एन.डी.ए. सरकार के लोग बोलते हैं तो उसमें वज़न नहीं होता, बल्कि उस उपदेश का उन्हीं के लोग हर तरफ खुलेआम धज्जियां उड़ाते हुये नज़र आते हैं।
इस बारे में हमारी पार्टी का यही कहना है कि भारत का मानवतावादी संविधान, हमारी देश की तमाम सामाजिक, आर्थिक व राजनैतिक समस्याओं का समाधान प्रदान करता है। इसमें ग़लत कारणों से ख़ामियां या त्रुटियां निकालकर उसमें अनुचित संशोधन करने का प्रयास व इस संविधान के तहत ’’आरक्षण’’ जैसे मानवीय प्रावधानों को निष्क्रिय व निष्प्रभावी बनाने वालों को देश की जनता ने हमेशा उचित सबक़ सिखाया है। और अगर इस पवित्र संविधान को इसकी सही मंशा के तहत् लागू करने का प्रयास नहीं किया गया तो इससे मुल्क का बड़ा भारी नुक़सान होगा और देश अनेको प्रकार की समस्याओं से घिरकर कभी भी आपेक्षित उन्नति व तरक्की नहीं कर पायेगा, जैसाकि काफी कुछ असर अब लोगों को दिखने भी लगा हैे।

सुरेन्द्र अग्निहोत्री
agnihotri1966@gmail.com
sa@upnewslive.com

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आज दिनांक 22 नवम्बर, 2015 को ‘राज्य कर्मचारी साहित्य संस्थान’, उ0प्र0 के तŸवावधान में जयशंकर प्रसाद सभागार

Posted on 25 November 2015 by admin

आज दिनांक 22 नवम्बर, 2015 को ‘राज्य कर्मचारी साहित्य संस्थान’, उ0प्र0 के तŸवावधान में जयशंकर प्रसाद सभागार, राय उमानाथ बली प्रेक्षाग्रह, कैसरबाग, लखनऊ में वर्ष 2015 में आयोजित लेख/निबन्ध प्रतियोगिता के प्रतिभागियों को पुरस्कृत एवं सम्मानित किया गया। कार्यक्रम की अध्यक्षता डा0 हरशरण दास, मा0 अध्यक्ष, राज्य कर्मचारी साहित्य संस्थान, उ0प्र0 ने की, कार्यक्रम मंे मुख्य अतिथि श्री शिवाकान्त द्विवेदी, विशेष सचिव, प्राविधिक शिक्षा विभाग, उ0प्र0 शासन एवं विशिष्ट अतिथि श्री हर्षवर्धन अग्रवाल, फाउन्डर ट्रस्टी, हेल्प यू ट्रस्ट, हजरतगंज, लखनऊ थे। कार्यक्रम का सफल संचालन श्री विजय त्रिपाठी  ने किया तथा अतिथियों का स्वागत श्री विनोद चन्द्र पाण्डेय ‘विनोद’ द्वारा किया गया।
उक्त समारोह में संस्थान द्वारा बनाये गये जाने माने वरिष्ठ साहित्यकार स्व0 डाॅ0 रामाश्रय सविता की साहित्यिक साधना पर आधारित वृत्त चित्र का लोकार्पण एवं प्रदर्शन भी किया गया। उक्त वृत्तचित्र का लेखन डाॅ0 रश्मिशील ने किया है। इसके अतिरिक्त श्रीमती इन्द्रासन सिंह ‘इन्दु’ की सद्य प्रकाशित पुस्तक ‘नारियों का महाभारत’ का भी लोकार्पण किया गया।
संस्थान द्वारा राज्यकर्मी साहित्यकारों हेतु एक निबन्ध/लेख प्रतियोगिता का आयोजन किया गया था जिसके विषय 1. हिन्दी भाषा के प्रचार प्रसार में चलचित्रों का योगदान 2. हमारा प्रिय कवि, थे:-
इस प्रतियोगिता में पुरस्कार योग्य पाये गये 10 लेखकों/निबन्धकारों को रु0 1,000.00 का पुरस्कार तथा अन्य 10 लेखक/निबन्धकारों को भी अच्छे लेखों के लिए रु0 500.00 के पुरस्कार प्रदान किये गये जिनका विवरण निम्नलिखित है:-
हिन्दी भाषा के प्रचार-प्रसार में चलचित्रों का योगदान
1. श्री के0पी0 वर्मा, संयुक्त आयुक्त, कामर्शियल टैक्स, मुख्यालय, लखनऊ, सम्प्रति, उपाध्यक्ष, जी0एस0टी0एन0, नई दिल्ली।
2. श्री आलोक कुमार मिश्रा, मुंसरिम/रीडर, अपर सिविल जज (जू0डि0) कोर्ट नं0 1, खीरी प्रतिनियुक्त, कम्प्यूटर अनुभाग जिला जज, लखीमपुर-खीरी।
3. श्री जयभारत, सहायक राजस्व लेखाकार, वरिष्ठ लिपिक, कलेक्ट्रेट, बदायूँ।
4. श्री पद्म प्रकाश शर्मा, संयुक्त सचिव, उ0प्र0 विधान सभा, उ0प्र0 सचिवालय।
5. श्री अखिलेश कुमार श्रीवास्तव, सहायक समीक्षा अधिकारी कार्यालय मा0 नेता सदन, विधान सभा (मुख्यमंत्री संसदीय कार्य) उत्तर प्रदेश।
प्रोत्साहन पुरस्कार
1. श्रीमती सुधा शुक्ला, उपसचिव, महिला एवं बाल विकास, उ0प्र0 सचिवालय, लखनऊ।
2. श्री अशोक कुमार पाण्डेय, अनुभाग अधिकारी, वित्त (वेतन आयोग) अनुभाग-1, उ0प्र0 सचिवालय, लखनऊ।
3. श्री आत्म प्रकाश पाण्डेय, समीक्षा अधिकारी आबकारी विभाग,
4. डाॅ0 चांदनी बाला, सहायक समीक्षा अधिकारी राजस्व-3 (लेखा) उ0प्र0 सचिवालय, लखनऊ।
5. श्रीमती अन्जुम शहनाज़, सहायक समीक्षा अधिकारी, सचिवालय प्रशासन (बजट) अनुभाग, उ0प्र0 सचिवालय।
6. डा0 रमेश चन्द्र तिवारी, अनुभाग अधिकारी, पर्यावरण अनुभाग, उ0प्र0 सचिवालय लखनऊ।
हमारा प्रिय कवि
1. श्री विकास कुमार, क्षेत्रीय खाद्य अधिकारी, हजरतगंज, लखनऊ।
2. डाॅ0 भारती सिंह, एसोसिएट प्रोफेसर/अध्यक्ष, हिन्दी विभाग महाराजा बिजली पासी राजकीय स्नातकोत्तर महाविद्यालय, आशियाना लखनऊ।
3. सुश्री उपमा गुप्ता, समीक्षा अधिकारी, भाषा अनु0-4 भाषा विभाग, उ0प्र0 सचिवालय।
4. श्री दीपक श्रीवास्तव, प्रोग्रामर, राजकीय पाॅलीटेक्नीक, बाराबंकी।
5. श्री दिनेश कुमार, अनुसेवक, उ0प्र0 सचिवालय।
प्रोत्साहन पुरस्कार
1.  श्री रामफेर, पुस्तकालयाध्यक्ष, केन्द्रीय पुस्तकालय निदेशालय पशुपालन विभाग, बादशाह बाग, लखनऊ।
2. कु0 शिल्पा, अनुसेविका, महिला बाल विकास विभाग, उ0प्र0 सचिवालय।
3. डाॅ0 दीपक कोहली, अनुसचिव, सचिवालय प्रशासन विभाग, उ0प्र0 सचिवालय लखनऊ।
4. श्री विजय कुमार पाण्डेय, समीक्षा अधिकारी, कारागार प्रशासन एवं सुधार अनुभाग-1 उ0प्र0 सचिवालय।
इस अवसर पर कार्यक्रम के मुख्य अतिथि श्री शिवाकान्त द्विवेदी, विशेष सचिव, प्राविधिक शिक्षा विभाग, उ0प्र0 शासन ने अपने विचार प्रकट करते हुए कहा साहित्य से ज्ञान और ज्ञान से समाज को दिशा प्राप्त होती है अतः साहित्य लेखन आवश्यक है। जैसी चेतना जाग्रत होगी वैसा सृजन होता है और लोकमंगल की कामना से साहित्य सृजन करना चाहिए। इसी क्रम में विशिष्ट अतिथि श्री हर्ष वर्धन अग्रवाल, फाउन्डर ट्रस्टी, हेल्प यू ट्रस्ट, हजरतगंज, लखनऊ ने अपने विचार व्यक्त करते हुए कहा कि स्व0 रामाश्रय सविता एक कुशल अध्यापक एवं साहित्यकार थे और उनके जीवन से यह पता चलता है कि सरलता और सादगी से ही अनुकरणीय व्यक्तित्व का निर्माण होता है। इसके पश्चात समारोह के अध्यक्ष डा0 हरशरण दास, मा0 अध्यक्ष, राज्य कर्मचारी साहित्य संस्थान ने अपने विचार इस प्रकार प्रकट किये कि मैं सविता जी का व इस प्रकार के व्यक्तित्व वाले किसी भी व्यक्ति का सम्मान करता हूँ तथा सभी साहित्यकारों से आग्रह किया कि वे अच्छा, समाज को प्रेरणा प्रदान करने वाला साहित्य लिखें और आपसी सहयोग/सामन्जस्य से सभी के हित के लिए रचनायें रचें और यह भी कहा कि किसी भी साहित्यकार को जब कोई सम्मान प्राप्त होता है तो उसका समाज के प्रति दायित्व और बढ़ जाता है।
अन्त में संस्थान के संगठन मंत्री, श्री बुद्धराम विमल ने सभी आगन्तुक अतिथियों को धन्यवाद ज्ञापित किया।

सुरेन्द्र अग्निहोत्री
agnihotri1966@gmail.com
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रायबरेली, प्रदेश सरकार के कैबिनेट मंत्री व समाजवादी पार्टी के प्रबुद्ध सभा के प्रदेश अध्यक्ष व ऊॅचाहार विधायक डा0 मनोज कुमार पाण्डेय ने आज

Posted on 25 November 2015 by admin

रायबरेली, प्रदेश सरकार के कैबिनेट मंत्री व समाजवादी पार्टी के प्रबुद्ध सभा के प्रदेश अध्यक्ष व ऊॅचाहार विधायक डा0 मनोज कुमार पाण्डेय ने आज अपनी विधान सभा क्षेत्र ऊॅचाहार के ग्राम सभा उण्डवा में सपा मुखिया श्री मुलायम सिंह यादव के जन्म दिवस पर समरस्ता दिवस के रूप मे विशाल आयोजन किया इस अवसर पर विधान सभा ऊॅचाहार के उण्डवा ग्राम सभा मे लगभग दस हजार से भी अधिक लोगो ने समरस्ता भोज मे भाग लिया।़़
श्री पाण्डेय जी ने कहा की नेता जी की पहचान देश के गांव-गांव मे गरीबों और किसानो के लिए संहर्ष करने वाले वीर पुरूषों में जाने जाते है। नेता जी ने किसानों, नौजवानों, पिछडो और गरीबांे को अपनी समस्त योजनाओ में हमेशा प्राथमिकता दी है। श्री पाण्डेय जी ने कहा की नेता जी का जीवनकाल केवल गांव की खुशहाली समाजिक एकता धर्मनिर्पेक्षता और गैर बराबरी के विरू़़द्ध संहर्ष मे बीता है। श्री पाण्डेय जी समेत सभी लोगो ने नेता जी के दीर्घायु व स्वस्थ रहने की कामना की व इस अवसर पर एक कवि सम्मेलन का आयोजन हुआ।
कार्यक्रम मंे प्रमुख रूप से राम नरेश यादव, देशराज यादव, शिवनरायन सिंह, रमेश मिश्रा, मुन्ना मिश्रा, मुन्ना सिंह, बुधेन्द्र सिहं, राधे पासी जिला पंचायत सदस्य, मैकू पासी, शिव दर्शन पासी, गोविन्द, पकंज सिंह, के के पटेल, राकेश, प्रशान्त शुक्ला आदि हजारो की संख्या मे लोग उपस्थित रहे।

सुरेन्द्र अग्निहोत्री
agnihotri1966@gmail.com
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सैफई (इटावा) सैफई के ग्रामीण आर्युविज्ञान एवं अनुसंधान संस्थान में सपा मुखिया मुलायम सिंह का जन्म दिन बडी धूम धाम से मनाया गया।

Posted on 25 November 2015 by admin

सैफई (इटावा) सैफई के ग्रामीण आर्युविज्ञान एवं अनुसंधान संस्थान में सपा मुखिया मुलायम सिंह का जन्म दिन बडी धूम धाम से मनाया गया। मुख्यमंत्री अखिलेश यादव, सांसद रामगोपाल यादव, सांसद धर्मेन्द्र यादव, सांसद तेजप्रताप यादव की मौजूदगी में मुलायम सिंह यादव ने केक काटा। जन्म दिन पर मौजूद चारो धर्मो के धर्म गुरूओं ने मुलायम सिंह की लम्बी उम्र की कामना की है।
सैफई रिम्स एण्ड आर संस्थान की तरफ से मनाये गये जन्म दिन समारोह में मुलायम सिंह यादव ने कहा कि सपा सरकार ने घोषणा पत्र के सभी वादे पूरे किये है। दवा पढाई मुफ्त है उन्होने डाक्टरो से अपील की कि मरीज की नजर में डाक्टर भगवान होता है अगर मरीज का डाक्टर प्यार से हाथ पकड़ ले तो मरीज आधा ठीक हो जाता है। इसलिये डाक्टर मरीजो से सहानुभूति से पेश आये।
उन्होने कहा कि सपा सराकर लडकियो को आगे वढाने का और प्रयास करे जब लडकियाॅ आगे वढेगी तभी देश आगे बढेगा।
मुख्यमंत्री अखिलेश यादव ने कहा कि सपा सरकार किसी गरीब की धन अभाव में मृत्यु नही होने देगी। बडी से बडी बीमारी का इलाज सरकार करायेगी। सैफई में मेडीकल यूनीवर्सिटी बनाये जाने की की पूर्व मे की गयी घोषणा पर सैफई के मेडीकल कालेज को यूनीवर्सिटी कैसे बनाये इस पर प्रक्रिया चल रही है। डाक्टरो को और बेहतर सुबिधाये मिल सके इसके लिये भी प्रयास किया जा रहा है। मुख्यमंत्री ने कहा कि डाक्टर जीवनदाता होता है इसलिये मरीजो के इलाज में लापरवाही ना करे। इस अबसर पर सांसद रामगोपाल यादव, धर्मेन्द्र यादव, तेजप्रताप यादव, मुख्य सचिव आलोक रंजन, निदेशक डा0 टी0 प्रभाकर, कोर कमेटी के जनरल शाही, प्रशासनिक अधिकारी के0 बी अग्रवाल,डा0 राजमंगल यादव, डा0 रमाकान्त यादव, डा0 राजेश यादव ने सपा मुखिया को शाल उढाकर सम्मान किया। निदेशक डा0 टी0 प्रभाकर ने व बृहम कुमारी बहिनो ने मुलायम सिंह यादव को प्रतीक चिहन देकर सम्मानित किया। मेडीकल कालेज के छात्र छात्राओं ने गीत संगीत नृत्य से मनोरंजन किया।

सुरेन्द्र अग्निहोत्री
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सरकार के मुखिया द्वारा रोजगार की चिन्ता पर सवाल - हरिष्चन्द्र श्रीवास्तव

Posted on 17 November 2015 by admin

भारतीय जनता पार्टी  ने आज सपा सरकार के मुखिया द्वारा रोजगार पर व्यक्त की गई चिन्ता पर सवाल किया है। पार्टी के प्रदेश प्रवक्ता ने सवाल किया कि आखिर सरकार के मुखिया को किन लोगो से रोजगार का खतरा नजर आ रहा है? और विकास कार्यों में व्यवधान डालने वाले अधिकारियों के खिलाफ कार्यवाही करने में उनकी परेशानी क्या है?
हरिश्चन्द्र श्रीवास्तव ने कहा कि सपा सुप्रीमों सरकार के मुखिया और उनके समतुल्य वरिष्ठ कबीना मंत्री द्वारा कभी पार्टी पदाधिकारियों, कभी विधायको-कार्यकर्ताओं और कभी सरकारी अधिकारियों का बार-बार  नसीहत दी जा रही है किन्तु सरकार का इकबाल बहाल होने का नाम नही ले रहा है।
प्रदेश प्रवक्ता ने कहा कि सरकार ईमानदारी  से अपने कार्यो की समीक्षा  क्यों नही करती? हरिश्चन्द्र श्रीवास्वतव ने कहा कि लोकलुभावन योजनाओं के अतिरिक्त भी सरकार के कई अहम दायित्व है। कानून व्यवस्था से लेकर विकास के पैमाने पर सरकार की लाचारी सर्वविदित है। भ्रष्टाचार के खिलाफ सरकार आज तक कोई कार्यवाही नहीं कर सकी। खनिज माफियाओं का खेल प्रदेश में किसी से छिपा नहीं है नियुक्यिों में भ्रष्टाचार और जाति वर्ग के लोगो को ही नौकरी से प्रदेश का बेरोजगार प्रतिभाशाली युवा त्रस्त है। ऐसे में सपा सुप्रीमों से लेकर सरकार के मुखिया और वरिष्ठ कबीना मंत्री की नसीहते केवल सरकार की नाकामी से जनता का ध्यान हटाना मात्र है। हरिश्चन्द्र श्रीवास्तव ने कहा कि सरकार के मुखिया सरकार के कार्यों की असलियत भांप कर ही डेढ़ वर्ष पहले ही रोजगार की चिन्ता सताने लगी है।

सुरेन्द्र अग्निहोत्री
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इलाहाबाद में काग्रेस छात्र संगठन का वैनर काग्रेस का असली चेहरा:-डाॅ0 बाजपेयी

Posted on 17 November 2015 by admin

भारतीय जनता पार्टी ने पूर्व प्रधानमंत्री  पं0 जवाहरलाल नेहरू के जन्मदिन पर काग्रेस पार्टी के छात्र संगठन द्वारा इलाहाबाद में लगाये गये बैनर पर कड़ी प्रतिक्रिया व्यक्त की है। भाजपा प्रदेश अध्यक्ष डाॅ0 लक्ष्मीकान्त बाजपेयी ने कहा कि पोस्टर पर लिखी स्लोगन ‘‘कहां राजा भोज कहां गंगू तेली‘‘ असहिष्णुता की पराकष्ठा है और काग्रेसी सोच की असलियत को उजागर करता है।
डाॅ0 बाजपेयी ने कहा कि गरीब और आम आदमी के बीच से उभरे नेतृत्व  के प्रति काग्रेस की सोच देश के सामने है। सोच चाहे मणिशंकर अय्यर की रही हो जिन्होंने कहा था कि ‘‘मोदी चाय बेच सकते है प्रधान मंत्री नही बन सकते‘‘ चाहे कागें्रस  अध्यक्षा द्वारा ‘‘मौत का सौदागार‘‘ कहना रहा हो या अब प्रधानमंत्री को ‘‘गंगूतेली‘‘ बताना हो। कागे्रस  की अमर्यादित सोच और टिप्पणी का जवाब देश की जनता ने पूर्व में दिया है और इस सोच का भी करारा जबाब जनता काग्रेस को देगी।
डाॅ0 बाजपेयी ने कहा कि आजादी के लगभग 60 वर्षो  तक राज करने वाली काग्रेस के इसी सोच के कारण भारत  विश्व के पटल पर गरीब देशो की कतार में खड़ा रहा। डाॅ0 बाजपेयी ने कहा कि काग्रेस का गरीबी हटाओं का नारा महज देश  की जनता को भ्रमित करने के लिए एक शिगुफा मात्र था। यही कारण है कि देश गरीब का गरीब बना रहा और काग्रेसी सत्ता बल के सहारे समृद्ध होते रहे।
प्रदेश अध्यक्ष डाॅ0 लक्ष्मीकान्त बाजपेयी ने कहा कि यही कारण कि काग्रेस पार्टी देश को विकास के रास्ते ले जाने की प्रधानमंत्री की मुहिम को अवरूद्ध करने में पूरी ताकत के साथ लगी है। डाॅ0 बाजपेयी ने कहा निहित स्वार्थी सत्तालोलुप राजनीतिक षडयन्त्रों को देश की जनता वखूबी समझती है और वह काग्रेस को  उसका जवाब देगी ।

सुरेन्द्र अग्निहोत्री
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गन्ना किसानों के बकाये भुगतान के न होने, गन्ने का समुचित समर्थन मूल्य घोषित न किये जाने एवं

Posted on 17 November 2015 by admin

गन्ना किसानों के बकाये भुगतान के न होने, गन्ने का समुचित समर्थन मूल्य घोषित न किये जाने एवं पेराई सत्र शुरू होने के बाद भी चीनी मिलों को समय से न चलाये जाने आदि गन्ना किसानों की विभिन्न समस्याओं को लेकर उ0प्र0 कंाग्रेस कमेटी के अध्यक्ष डाॅ0 निर्मल खत्री के आवाहन पर आगामी 18नवम्बर, 2015 को प्रदेश की समस्त जिला/शहर कांग्रेस इकाइयांे द्वारा संयुक्त रूप से प्रदेश के सभी जिला मुख्यालयों पर धरना-प्रदर्शन किया जायेगा।
प्रदेश कंाग्रेस के कम्युनिकेशन विभाग के चेयरमैन-पूर्व मंत्री सत्यदेव त्रिपाठी ने आज जारी बयान में कहा कि प्रदेश की समाजवादी पार्टी सरकार के शासनकाल के दौरान प्रदेश का किसान सबसे अधिक पीडि़त है। एक तरफ जहां बेमौसम ओलावृष्टि एवं अतिवृष्टि से किसानों की रवी की फसल बर्बाद हो गयी और अभी तक किसानों को आर्थिक मुआवजा नहीं मिल सका है वहीं खरीफ की फसल सूखे के चलते पूरी तरह नष्ट हो गयी है किन्तु केन्द्र व प्रदेश सरकार द्वारा किसानों को आर्थिक मुआवजा दिये जाने की घोषणा नहीं की गयी। गन्ना किसानों को दोहरी मार का सामना करना पड़ रहा है। किसान भुखमरी की कगार पर है और त्रस्त है। कंाग्रेस पार्टी किसानों के हितों के लिए सदैव संघर्ष करती रही है।
श्री त्रिपाठी ने बताया कि गन्ना किसानेां की समस्याओं को लेकर पूरे प्रदेश में 18नवम्बर को होने वाले इस आन्दोलन के तहत राजधानी लखनऊ में जिला/शहर कंाग्रेस कमेटी के संयुक्त तत्वावधान में आयोजित इस आन्दोलन का नेतृत्व प्रदेश कंाग्रेस अध्यक्ष डाॅ0 निर्मल खत्री जी स्वयं करेंगे। इसके अलावा सम्बन्धित जनपदों में जिला/शहर अध्यक्षों सहित वरिष्ठ नेतागण आन्दोलन का नेतृत्व करेंगे।

सुरेन्द्र अग्निहोत्री
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मुख्यमंत्री के निर्देश पर 213 दिवंगत अधिवक्ताओं के आश्रितों को कुल 10 करोड़ 33 लाख 50 हजार रु0 की धनराशि वितरित की गई

Posted on 09 November 2015 by admin

उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री श्री अखिलेश यादव के निर्देश पर प्रदेश के 213 दिवंगत अधिवक्ताओं के आश्रितों को कुल 10 करोड़ 33 लाख 50 हजार रुपए की धनराशि वितरित की गई। इनमें 206 दिवंगत अधिवक्ताओं के आश्रितों को क्रमशः 05-05 लाख रुपए तथा 07 अधिवक्ता आश्रितों को 50-50 हजार रुपए प्रदान किए गए।
यह जानकारी देते हुए प्रदेश के महाधिवक्ता श्री विजय बहादुर सिंह ने आज यहां बताया कि यह धनराशि मुख्यमंत्री द्वारा मृतक अधिवक्ता आश्रितों को प्रदान की गई 85 लाख रुपए के अतिरिक्त है। उन्होंने बताया कि उत्तर प्रदेश देश का एक मात्र ऐसा राज्य है, जहां वर्तमान मुख्यमंत्री के प्रयासों के फलस्वरूप अधिवक्ता की स्वाभाविक या आकस्मिक मृत्यु 60 वर्ष की उम्र के पूर्व होने पर उसके आश्रित को 05 लाख रुपए की धनराशि प्रदान की जा रही है। राज्य सरकार ने प्रति वर्ष निश्चित रूप से 40 करोड़ रुपए की धनराशि अधिवक्ता कल्याण निधि को देने का निर्णय लेते हुए धनराशि उपलब्ध करा रही है। भविष्य में मृतक अधिवक्ता आश्रितों के जो प्रस्ताव प्राप्त होंगे, उन्हें उत्तर प्रदेश बार काउन्सिल द्वारा सम्यक जांचोपरान्त के बाद उत्तर प्रदेश अधिवक्ता कल्याण निधि समिति द्वारा उन्हें 05 लाख रुपए की आर्थिक सहायता देने का निर्णय लिया जाएगा।
ज्ञातव्य है कि राज्य सरकार समस्त न्यायालयों में सी0सी0 टीवी कैमरे लगाने हेतु 75 करोड़ रुपए की धनराशि पहले ही स्वीकृत कर चुकी है। प्रत्येक बार एसोसिएशन की लाइबे्ररी का डिजिटलाइजेशन, अधिवक्ताओं के चैम्बर्स व अन्य अवश्यक सुविधाएं सुनिश्चित करने के लिए राज्य सरकार काम कर रही है।

सुरेन्द्र अग्निहोत्री
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