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Archive | राज्य

फेरी पटरी कानून 2014 के उल्लंघन और दुकानदारों के उत्पीड़न के खिलाफ नगर निगम सिगरा कार्यालय का हुआ घेराव। उत्पीड़न बंद करो और वेंडर कानून लागु करने के लगे नारे

Posted on 21 April 2017 by admin

बनारस के ठेला पटरी दुकानदारों ने फेरी पटरी कानून 2014 लागु न होने एवं उत्पीड़न के प्रतिरोध में नगर निगम कार्यालय सिगरा वाराणसी का जोरदार घेराव किया। पूर्व सुचना के अनुसार सुबह 9 बजे से नगर निगम मुख्यद्वार पर पटरी दुकानदार जमा होने लगे और 10 बजते बजते अच्छी संख्या में पथ विक्रेता नगर निगम गेट पर घेराव कर दिए। घेराव के साथ ही दुकानदारों ने सभा शुरू किया और कहा की 2014 में एक लम्बे क़ानूनी और जमीनी लड़ाई के बाद आया हुआ फेरी पटरी कानून हम वेंडरों के लिए आशा की किरण लेकर आया था बाकि कानून बनने के बावजूद न तो हमारी कोई व्यवस्था हुई और न ही कोई सरकार हमें पूछने आई। बाकी पुलिस और नगर निगम के अतिक्रमण हटाओ दस्ते के अधिकारी उसी तरह दबाव , धमकी और उत्पीड़न करते रहे। यूपी चुनाव के कुछेक महीनो पहले कोई कम्पनी अख़बार के माध्यम से सामने आई की उसे सरकार की ओर से सर्वेक्षण के लिए नामित किया गया है और यह संस्था डूडा के सहयोग से काम करेगी। आनन् फानन में शहर में वेंडिंग जोन भी कागज़ी खाना पूर्ति कर बना दिए गए।  शहर के प्रबुद्ध समाजसंघर्ष कर्ताओ और फेरी पटरी दूकान समितियो के आपत्ति दर्ज कराने पर पथ विक्रेता समिति ( टाउन वेंडिंग कमिटी ) की बैठक करके सब काम लीपापोती किया गया।  जबकि कानून कहता है जिले के आला अधिकारियो की उपस्थिति में नगर निगम के नेतृत्व में शहर के चुने हुए पथ विक्रेता और नागरिक समाज के प्रतिनिधियों से बनी टाउन वेंडिंग कमिटी सर्वे लाइसेंसिकरण पहचानपत्र देने से लेकर वेंडिंग जोन से लेकर नो वेंडिंग जोन का निर्धारण करेगी। बाकी पैसो का  अनाप शनाप खर्च ( जिसके बारे में नगर निगम और डूडा दोनों ही आरटीआई के तहत भी जवाब नहीं दे रहे है) किया गया है। पथ विक्रेता समिति सदस्य (TVC ) बतौर लंका फेरी पटरी समिति की ओर से चिंतामणि सेठ लगातार इस काम में धांधली का अंदेशा जता रहे थे बाकी उनकी सुनी नहीं गयी। सरकार बदली और पूर्व में हुए सर्वे और सभी कवायदों को ताक पर रखते हुए पुलिस भेज कर लाठी के जोर पर बाजारों को साफ़ करवाया जाने लगा। नगर विकास मंत्री,  मंडलायुक्त , जिलाधिकारी, पुलिस कप्तान से लेकर नगर निगम आदि सभी सम्भव दरवाजो पर एडिया रगड़ के पथ विक्रेता तंग आ चुके है और पिछले 23 मार्च से लँका पर दुकाने बंद होने की वजह से सपरिवार बी भुखमरी के कगार पर है और इन वजहों से सिवाय आंदोलन के कोई विकल्प शेष नहीं है और यह घेराव उसी प्रतिरोध दर्ज करने की , अपना   आक्रोश व्यक्त करने की एक जुगत मात्र है। पूर्वसूचना के साथ पंहुचे पटरी व्यवसाइयों के पास नगर आयुक्त स्वयं मिलने नहीं आए और अचानक से बीच सभा में अपने कार्यालय से निकले और बिना बात किए ही जाने को हुए तो मुख्यद्वार फेरी पटरी दुकानदारों द्वारा जाम किए जाने से खफा भी हो गए और फिर लगातार वेंडर कानून लागू करो ! हम अपना अधिकार माँगते नहीं किसी से भीख माँगते ! आवाज़ दो ! हम एक है !!  और लड़ेंगे जीतेंगे के नारो के बीच कार से निकलकर धरना स्थल पर आए और ज्ञापन लिया। प्रतिवादी स्वर की उग्रता भाप कर हम सब के बीच आये,लेकिन तेवर वही था । पटरी दुकानदारों , साझा संस्कृति मञ्च के समाजसंघर्ष कर्मियों और बीएचयू छात्रों के तेवर को देख बातचीत के स्तर पर आए और जटिल व्यवस्था का हवाला देकर नगर आयुक्त जी कहे की ” पटरी दुकानदारों को हटाने में नगर निगम की कोई भूमिका नहीं है और न ही हम लोगो से कोई सलाह भी लिया गया है।  घेराव कर रहे लोगो में आस्चर्य था की शहर के संचलन को मुख्य जिम्मेदार संस्था नगर निगम से बिना बात किए इतना बड़ा अतिक्रमण हटाओ अभियान और वेंडरों का उत्पीड़न एक केंद्रीय कानून को ताक कर शहर में कैसे चल रहा है ? डीएम मंडलायुक्त के साथ महत्वपूर्ण बैठक का हवाला देते हुए जाने की अनुमति चाहे साथ ही मण्डलायुक्त,जिलाधिकारी और अन्य अधिकारियो से समस्या समाधान की बात कर कल तक सूचित करने की बात कही ।

नगर आयुक्त के आश्वाशन पर आंदोलन /घेराव एक दिन के लिए स्थगित कर दिया गया। लेकिन वेंडरों के बीच सवाल वैसे ही पड़ा हुआ रहा की 2014 के कानून पर अमल क्यों नहीं हुआ आज तक और गत 23 मार्च सेलँका पर जो पटरी व्यवसायी गैर क़ानूनी प्रशासनिक गुंडई से हटाए गए है उनका पेट कैसे भरेगा उनकी रोजी रोटी कैसे चलेगी ?
घेराव व जनसभा में मुख्य रूप से चिंतामणि सेठ,सोनू सोनकर पार्षद ,एस पी राय, डॉ.आनन्द प्रकाश तिवारी,संजीव सिंह,धनन्जय त्रिपाठी,प्रेम सोनकर,अनूप श्रमिक,दिवाकर,विनय सिंह , रामजन्म, राजेश्वरी देवी, मुन्नी , बसंत , रिंकू सेठ, बाबू सोनकर ,सूरज ,राजेश, रेशमी,हीरावती रामजी अदि शामिल थे ।

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मा0 उच्चतम न्यायालय के आदेशों का अनुपालन कड़ाई से सुनिश्चित कराते हुये ऐसी आबकारी दुकानों को शैक्षिक संस्थानों, चिकित्सालयों, धार्मिक स्थलों एवं बस्तियों से नियमानुसार दूरी पर राजस्व, पुलिस एवं आबकारी विभाग के वरिष्ठ अधिकारियों की गठित संयुक्त टीम द्वारा स्थल का निरीक्षण कर ही स्थानान्तरण कराना हो सुनिश्चित: मुख्य सचिव

Posted on 06 April 2017 by admin

  • प्रदेश में शांति व्यवस्था बनाये रखने हेतु कानून व्यवस्था से खिलवाड़ करने वाले अराजक तत्वों के विरुद्ध की जाये कड़ी कार्यवाही: राहुल भटनागर
  • स्थानीय स्तर पर समस्याओं का समाधान सुनिश्चित कराने हेतु  जनपदीय अधिकारी आम लोगों से स्थापित करें सीधा संवाद: मुख्य सचिव
  • मा0 उच्चतम न्यायालय के आदेशों से आच्छादित न होने वाली तथा  आबकारी नियमों के तहत संचालित आबकारी दुकानों की लूट-पाट एवं  आगजनी की घटनायें कतई नहीं होनी चाहिये: राहुल भटनागर

उत्तर प्रदेश के मुख्य सचिव श्री राहुल भटनागर ने प्रदेश के समस्त
मण्डलायुक्तों, जिलाधिकारियों, पुलिस अधिकारियों सहित आबकारी अधिकारियों को
कड़े निर्देश दिये हैं कि प्रदेश में शांति व्यवस्था बनाये रखने हेतु आवश्यक
कार्यवाहियां स्थानीय स्तर पर समय से सुनिश्चित कराने में कोई कोताही न बरती
जाये। उन्होंने कहा कि जनपदीय अधिकारी आम नागरिकों से सीधा संवाद स्थापित कर
स्थानीय स्तर पर उठायी जा रही समस्याओं का समाधान नियमानुसार प्राथमिकता से
कराना सुनिश्चित करें।
श्री भटनागर ने यह भी निर्देश दिये कि मा0 उच्चतम न्यायालय के आदेशानुसार
राष्ट्रीय/राज्य राजमार्गों पर स्थित अथवा इनकी सर्विस लेन से 500 मीटर की
दूरी तक स्थित आबकारी दुकानों को शैक्षिक संस्थानों, चिकित्सालयों, धार्मिक
स्थलों एवं बस्तियों से नियमानुसार दूरी पर स्थानान्तरण सुनिश्चित कराने हेतु
राजस्व, पुलिस एवं आबकारी विभाग के वरिष्ठ अधिकारियों की गठित संयुक्त टीम
द्वारा स्थल का निरीक्षण कर ही स्थानान्तरण कराना सुनिश्चित करायें। उन्होंने
कहा कि उपयुक्त स्थान चिन्हित न होने पर स्थानान्तरित न होने की स्थिति पर मा0
उच्चतम न्यायालय के आदेशों का अनुपालन सुनिश्चित कराने हेतु ऐसी आबकारी
दुकानों को तत्काल बंद करा दिया जाये।
मुख्य सचिव ने यह निर्देश आज योजना भवन में वीडियो कान्फ्रेन्सिंग के माध्यम
से दे रहे थे। उन्होंने कहा कि मा0 उच्चतम न्यायालय के आदेशों से आच्छादित न
होने वाली तथा आबकारी नियमों के तहत संचालित आबकारी दुकानों की लूट-पाट एवं
आगजनी की घटनायें कतई नहीं होनी चाहिये।
श्री भटनागर ने यह भी निर्देश दिये कि किसी भी जनपद में अवैध शराब की तस्करी,
निर्माण एवं बिक्री होने तथा जहरीली शराब पीने से कोई अप्रिय घटना घटित होने
पर सम्बन्धित अधिकारियों की जिम्मेदारी नियत कर कड़ी कार्यवाही सुनिश्चित करायी
जायेगी। उन्होंने कहा कि स्थानीय जनपदीय अधिकारियों की जिम्मेदारी होगी कि
बेहतर शांति व्यवस्था बनाये रखने हेतु मा0 उच्चतम न्यायालय द्वारा पारित
निर्देशों का कड़ाई से अनुपालन सुनिश्चित कराया जाये। उन्होंने कहा कि मा0
उच्चतम न्यायालय के आदेशों के अनुपालन में आच्छादित न होने वाली तथा उ0प्र0
आबकारी नियमावली-2008 के नियमों के तहत संचालित होने वाली आबकारी दुकानों की
लूट-पाट एवं आगजनी की घटनायें रोकने हेतु स्थानीय स्तर पर कठोर कदम उठाये
जायें।
वीडियो कान्फ्रेन्सिंग में अपर मुख्य सचिव आबकारी श्री दीपक त्रिवेदी, प्रमुख
सचिव गृह श्री देबाशीष पण्डा, पुलिस महानिदेशक श्री जावीद अहमद, आबकारी आयुक्त
श्री मृत्युंजय कुमार नारायण सहित अन्य वरिष्ठ अधिकारीगण उपस्थित थे।

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प्रदेश में संचालित अवैध पशु वधशालाओं को बन्द करने एवं यांत्रिक पशु वधशालाओं पर प्रतिबन्ध लगाए जाने के सम्बन्ध में निर्गत शासनादेशों को सख्ती से लागू करने का फैसला

Posted on 06 April 2017 by admin

मंत्रिपरिषद ने प्रदेश में संचालित अवैध पशु वधशालाओं को बन्द करने एवं यांत्रिक पशु वधशालाओं पर प्रतिबन्ध लगाए जाने के सम्बन्ध में निर्गत शासनादेशों को सख्ती से लागू करने का फैसला लिया है। इस सम्बन्ध में शासनादेश संख्या-760/नौ-8-2017-29ज/2017 दिनांक 22 मार्च, 2017 तथा शासनादेश संख्या-838/नौ-8-2017-29ज/2017 दिनांक 27 मार्च, 2017 पूर्व में ही जारी किए जा चुके हैं।
प्रदेश के समस्त जनपदों में स्थित पशु वधशालाओं का निरीक्षण किए जाने तथा अवैध रूप से संचालित पशु वधशालाओं को तत्काल प्रभाव से बन्द किए जाने तथा दोषी व्यक्तियों के विरुद्ध सुसंगत प्राविधानों के अनुसार दण्डात्मक कार्रवाई के आदेश 22 मार्च, 2017 के शासनादेश के माध्यम से राज्य के सभी मण्डलायुक्तों, पुलिस महानिरीक्षकों, जिलाधिकारियों, पुलिस उप महानिरीक्षकों, वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक/पुलिस अधीक्षक तथा नगर आयुक्तों को दिए गए थे। इसी सम्बन्ध में 27 मार्च, 2017 के शासनादेश द्वारा प्रदेश में संचालित यांत्रिक पशु वधशालाओं के सम्बन्ध में यह आदेश भी दिया गया था कि ‘यांत्रिक पशुवधशालाओं पर प्रतिबन्ध’ का आशय उन यांत्रिक पशु वधशालाओं से है, जो 22 मार्च, 2017 के शासनादेश में उल्लिखित विभिन्न अधिनियमों एवं प्राविधानों में वर्णित निर्धारित मापदण्डों को पूरा नहीं करती हैं।
आज मंत्रिमण्डल की बैठक के पश्चात मीडिया प्रतिनिधियों से वार्ता करते हुए ऊर्जा मंत्री श्री श्रीकान्त शर्मा तथा स्वास्थ्य एवं चिकित्सा मंत्री श्री सिद्धार्थनाथ सिंह ने बताया कि प्रदेश में अभी तक कुल 26 अवैध वधशालाएं बन्द की गई हैं। अधिकारियों द्वारा अति उत्साह में बन्द की गई वधशालाओं को वस्तुतः बन्द नहीं किया गया है। राज्य सरकार अवैध वधशालाओं के विषय में सुप्रीम कोर्ट और एन0जी0टी0 के आदेशों को लेटर एण्ड स्प्रिट में लागू करेगी। उन्होंने कहा कि जिन वधशालाओं के लाईसेन्स रिन्यू के आवेदन आएंगे, उन्हें रिन्यू किया जाएगा।

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रबी विपणन वर्ष 2017-18 में मूल्य समर्थन योजना के तहत गेहूं क्रय नीति को मंजूरी

Posted on 06 April 2017 by admin

मंत्रिपरिषद ने रबी विपणन वर्ष 2017-18 में मूल्य समर्थन योजना के तहत गेहूं क्रय नीति को मंजूरी प्रदान कर दी है। कृषकों को मूल्य समर्थन योजना के माध्यम से अधिकतम लाभ उपलब्ध कराने के लिए 31 मार्च, 2017 को इस सम्बन्ध में शासनादेश जारी करके 1 अप्रैल, 2017 से गेहूं की खरीद प्रारम्भ की जा चुकी है।
मंत्रिपरिषद के निर्णय के अनुसार भारत सरकार द्वारा घोषित गेहूं का न्यूनतम समर्थन मूल्य 1625 रुपए प्रति कुन्तल की दर पर रखा गया है। वर्ष 2017-18 में प्रदेश के लिए राज्य सरकार द्वारा 40 लाख मी0टन गेहूं क्रय का न्यूनतम लक्ष्य रखा गया है, किन्तु किसानों को मूल्य समर्थन योजना का अधिकाधिक लाभ दिलाने के उद्देश्य से निर्धारित न्यूनतम लक्ष्य को बढ़ाकर 80 लाख मी0टन गेहूं क्रय का कार्यकारी लक्ष्य प्राप्त करने के सार्थक एवं प्रभावी प्रयास किए जाएंगे। 09 क्रय संस्थाओं द्वारा गेहूं क्रय किया जा रहा है। गेहूं क्रय हेतु प्रदेश के विभिन्न जनपदों में 5000 क्रय केन्द्र स्थापित किए गए हैं।
गेहूं क्रय के तहत आ रही कठिनाईयों के निवारण हेतु मुख्यमंत्री को अधिकृत किया गया है। गेहूं क्रय के अनुश्रवण हेतु आयुक्त, खाद्य एवं रसद के कार्यालय में नियंत्रण कक्ष बनाया गया है। जारी शासनादेश में दिनांक 1 अप्रैल, 2017 से 15 जून, 2017 तक गेहूं क्रय किए जाने का प्रावधान किया गया है।

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प्रत्येक जनपद में एण्टी रोमियो, स्क्वायड के गठन और संचालन सम्बन्धी प्रस्ताव को मंजूरी

Posted on 06 April 2017 by admin

मंत्रिपरिषद ने प्रदेश के प्रत्येक जनपद में एण्टी रोमियो, स्क्वायड के गठन और संचालन सम्बन्धी प्रस्ताव को मंजूरी प्रदान कर दी है।
एण्टी रोमियो स्क्वायड को केवल ऐसे व्यक्तियों के विरुद्ध कार्य करने के निर्देश हैं, जो राह चलते बालिकाओं/महिलाओं को किसी भी प्रकार से परेशान करते हैं। ऐसे जोड़ों या व्यक्तियों, जो सामाजिक परम्पराओं के दायरे में रहते हुए पारस्परिक सहमति से पार्क/माॅल/काॅफी हाउस/सिनेमाघर इत्यादि में मिल-जुल रहे हैं, के विरुद्ध कार्यवाही नहीं करने के निर्देश हैं।
सार्वजनिक स्थानों (स्कूल, काॅलेज, बाजार, माॅल, पार्क, बस स्टैण्ड, रेलवे स्टेशन आदि) पर आपत्तिजनक हरकत करने वाले तत्वों पर निगरानी रखने के लिए सादे वस्त्रों में महिला पुलिस कर्मियों को तैनात किया गया है तथा ऐसे तत्वों को चिन्ह्ति करने के बाद उनके विरुद्ध कार्यवाही करने के निर्देश दिए गए हैं। यह स्क्वायड क्षेत्राधिकारी के निकट पर्यवेक्षण में कार्य कर रहे हैं तथा जनपद के अन्य वरिष्ठ अधिकारियों द्वारा उनके कार्य-कलापों का अनुश्रवण किया जा रहा है। प्रतिदिन अभियान हेतु निकलने से पूर्व एण्टी रोमियो स्क्वायड की ब्रीफिंग वरिष्ठ अधिकारियों द्वारा की जाती है।
किसी भी सार्वजनिक स्थान पर बैठे हुए जोड़ों से अनायास आई0कार्ड मांगना, पूछताछ करना, तलाशी लेना, उठक-बैठक करवाना, मुर्गा बनवाना जैसी कार्यवाही न किए जाने के निर्देश दिए गए हैं। अभियान में संलग्न टीमों द्वारा इस कार्यवाही में प्राईवेट व्यक्तियों को शामिल नहीं किया जाएगा। आपत्तिजनक गतिविधियों में लिप्त व्यक्तियों को कड़ी हिदायत देते हुए प्राथमिक रूप से उनके विरुद्ध सुधारात्मक कार्यवाही के निर्देश हैं।
ज्ञातव्य है कि प्रदेश के नागरिकों को, विशेष रूप से महिलाओं, कमजोर एवं वंचित वर्ग को, सुरक्षित एवं भयमुक्त वातावरण उपलब्ध कराना राज्य की सर्वोच्च प्राथमिकता है। निकट अतीत में प्रदेश में महिलाओं, विद्यालयों, महाविद्यालयों, विश्वविद्यालयों में अध्ययरन छात्राओं, नव युवतियों एवं कामकाजी महिलाओं के साथ अश्लील व्यवहार करने, अश्लील टिप्पणियां करने एवं उनके साथ छेड़छाड़ करने की घटनाएं दैनन्दिन जीवन का अंग बनती जा रही थी, जो भारतीय सामाजिक परिवेश, परम्पराओं साथ ही सामान्य सुरक्षा तथा कानून एवं व्यवस्था के मापदण्डों के विपरीत तो थीं ही साथ ही, राज्यतंत्र के लिए एक चुनौती भी थीं।
सरकार के बागडोर संभालने के साथ ही इस चुनौती का सामना करने के लिए दृढ़ संकल्पित होकर प्रदेशव्यापी अभियान संचालित करने की आवश्यकता का अनुभव किया गया तथा इसको मूर्तरूप देने के लिए सभी सार्वजनिक स्थलों, चैराहों, बाजारों, शाॅपिंग माॅल, पार्क एवं अन्य स्थानों को महिलाओं/बालिकाओं के लिए सुरक्षित करने हेतु जनपदों में ‘एण्टी रोमियो स्क्वायड’ बनाए गए हैं। इन स्क्वायड में उपलब्धता के अनुसार अधिक से अधिक संख्या में महिला काॅन्सटेबल की ड्यूटी सादे वस्त्रों में लगाई गई है।

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जनपद गाजीपुर में नवीन स्टेडियम की स्थापना में उच्च विशिष्टियां के प्रयोग को मंजूरी

Posted on 06 April 2017 by admin

मंत्रिपरिषद ने जनपद गाजीपुर में नवीन स्टेडियम की स्थापना में स्ट्रक्चर ग्लेजिंग एवं मैटालिक फाॅल्स सीलिंग उच्च विशिष्टियां के प्रयोग को मंजूरी प्रदान कर दी है।
प्रस्तावित स्टेडियम के अन्तर्गत एक बास्केट बाॅल कोर्ट तथा दर्शक दीर्घा का निर्माण कराया जाना है। नवीन स्टेडियम की स्थापना के लिए उ0प्र0 राजकीय निर्माण निगम लि0, वाराणसी ईकाई-2 द्वारा 826.19 लाख रुपए लागत का आगणन उपलब्ध कराया गया था। पी0एफ0ए0डी0 द्वारा इस कार्य की लागत 470.44 लाख रुपए आकलित की गई है।
ज्ञातव्य है कि जनपद गाजीपुर में स्पोट्र्स स्टेडियम का निर्माण वर्ष 1972 में लगभग 3 एकड़ भूमि पर किया गया था, जिस पर प्रशासनिक भवन एवं बहुउद्देशीय क्रीडा हाॅल निर्मित है। परन्तु वर्तमान स्टेडियम में भूमि की कमी के कारण मानक के अनुसार एथेलेटिक्स टैªक, फुटबाॅल एवं हाॅकी मैदान नहीं बन सकता। इसलिए जनपद गाजीपुर में उदीयमान खिलाड़ियों को खेल अवसर उपलब्ध कराए जाने के लिए नवीन स्टेडियम की स्थापना कराया जाना आवश्यक है।

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नई उद्योग नीति के निर्माण तथा अवैध खनिज व्यापार पर अंकुश के सम्बन्ध में नीति बनाने के लिए मंत्री समूहों के गठन का निर्णय

Posted on 06 April 2017 by admin

  • आलू उत्पादक किसानों को राहत देने के उपायों पर विचार करने के लिए कमेटी के गठन का फैसला
  • राष्ट्रीय पिछड़ा वर्ग आयोग को संवैधानिक दर्जा प्रदान किए जाने के फैसले के लिए मंत्रिपरिषद ने प्रधानमंत्री को बधाई दी, इस भावना से उन्हें अवगत कराने के लिए मुख्यमंत्री को अधिकृत किया

उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री श्री योगी आदित्यनाथ की अध्यक्षता में आज लोक भवन में सम्पन्न मंत्रिमण्डल की बैठक में नई उद्योग नीति के निर्माण तथा अवैध खनिज व्यापार पर अंकुश के सम्बन्ध में नीति बनाने के लिए मंत्री समूहों के गठन तथा आलू उत्पादक किसानों को राहत देने के उपायों पर विचार करने के लिए एक कमेटी के गठन का फैसला लिया गया है।

मंत्रिमण्डल की बैठक के पश्चात मीडिया प्रतिनिधियों से वार्ता के दौरान यह जानकारी देते हुए ऊर्जा मंत्री श्री श्रीकान्त शर्मा तथा स्वास्थ्य एवं चिकित्सा मंत्री श्री सिद्धार्थनाथ सिंह ने बताया कि प्रदेश में बड़ी मात्रा मंे पूंजी निवेश आकर्षित करने, उद्योगों को बढ़ावा देने तथा प्रदेश के नौजवानों को राज्य में ही रोजगार के समुचित अवसर उपलब्ध कराने के लिए नई उद्योग नीति बनाने का फैसला लिया गया है। इसके लिए उप मुख्यमंत्री डाॅ0 दिनेश शर्मा की अध्यक्षता में एक मंत्री समूह का गठन किया गया है। वित्त मंत्री श्री राजेश अग्रवाल, औद्योगिक विकास मंत्री श्री सतीश महाना, स्टाम्प तथा न्यायालय शुल्क मंत्री श्री नन्द गोपाल नन्दी तथा ऊर्जा मंत्री श्री श्रीकान्त शर्मा इस मंत्री समूह के सदस्य होंगे।

मंत्रिगण ने बताया कि मंत्री समूह बेहतर उद्योग नीतियों वाले राज्यों जैसे-गुजरात, मध्य प्रदेश, महाराष्ट्र आदि भ्रमण कर, इन नीतियों की बारीकियों का अध्ययन करेगा तथा सिंगल विण्डो सिस्टम के माध्यम से प्रदेश के लिए एक अच्छी उद्योग नीति बनाई जाएगी। इस कार्य के लिए 15 दिन की समय सीमा निर्धारित की गई है।

अवैध खनिज व्यापार पर अंकुश लगाने के लिए गठित मंत्री समूह की अध्यक्षता उप मुख्यमंत्री श्री केशव प्रसाद मौर्य करेंगे। संसदीय कार्य मंत्री श्री सुरेश खन्ना तथा वन एवं पर्यावरण मंत्री श्री दारा सिंह चैहान इस मंत्री समूह के सदस्य होंगे। यह मंत्री समूह एक सप्ताह में अपनी रिपोर्ट सौंपेगा।
प्रदेश के आलू उत्पादक किसानों को राहत देने के उपायों पर विचार करने के लिए गठित कमेटी में उप मुख्यमंत्री श्री केशव प्रसाद मौर्य, कृषि मंत्री श्री सूर्य प्रताप शाही तथा वन एवं पर्यावरण मंत्री श्री दारा सिंह चैहान शामिल हैं।

राष्ट्रीय पिछड़ा वर्ग आयोग को संवैधानिक दर्जा प्रदान किए जाने के फैसले के लिए मंत्रिपरिषद ने प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी को बधाई देते हुए अपनी इस भावना से उन्हें अवगत कराने के लिए मुख्यमंत्री श्री योगी आदित्यनाथ को अधिकृत करने का निर्णय भी लिया है।

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केन्द्र सरकार की भांति उत्तर प्रदेश सरकार भी ‘सबका साथ, सबका विकास’ की तर्ज पर कार्य करेगी: मुख्यमंत्री

Posted on 26 March 2017 by admin

  • विकास में प्रदेश की समस्त जनता की सहभागिता होगी
  • कानून व्यवस्था के साथ कोई भी खिलवाड़ करेगा, तो वह कठोर दण्ड का भागी होगा
  • उत्तर प्रदेश में ऐसा वातावरण बनेगा, जिसमें प्रत्येक नागरिक अपने को सुरक्षित महसूस करेगा
  • किसानों से शत-प्रतिशत गेहूं खरीद तथा गेहूं मूल्य के तत्काल  भुगतान के लिए शासन स्तर पर कार्य योजना बनाई जा रही है
  • बेरोजगार नौजवानों के पलायन को रोका जाएगा और शासन की योजनाओं को अन्तिम व्यक्ति तक पहुंचाया जाएगा
  • समाज के हर वर्ग का विकास किया जाएगा और किसी का तुष्टिकरण नहीं होगा
  • उत्तर प्रदेश में भ्रष्टाचार मुक्त शासन होगा और अराजकता का कहीं कोई स्थान नहीं होगा
  • मुख्यमंत्री ने गोरखपुर में आयोजित स्वागत एवं अभिनन्दन समारोह को सम्बोधित किया

मुख्यमंत्री श्री योगी आदित्यनाथ ने कहा है कि केन्द्र सरकार की भांति उत्तर प्रदेश सरकार भी ‘सबका साथ, सबका विकास’ की तर्ज पर कार्य करेगी। विकास में प्रदेश की समस्त जनता की सहभागिता होगी और यह प्रयास होगा कि समाज के जिस वर्ग के कल्याण के लिए जो भी योजना बने, उसका शत-प्रतिशत लाभ पात्र व्यक्तियों तक अवश्य पहुंचे।
dsc_4247मुख्यमंत्री आज गोरखपुर भ्रमण के दौरान महाराणा प्रताप इण्टर काॅलेज के मैदान में आयोजित स्वागत एवं अभिनन्दन समारोह को सम्बोधित कर रहे थे। उन्होंने प्रचण्ड बहुमत के लिए उत्तर प्रदेश की जनता का आभार व्यक्त करते हुए कहा कि राज्य में कानून व्यवस्था बनाए जाने के लिए कठोर कार्यवाही करने के निर्देश दिए गए हैं। कानून व्यवस्था के साथ कोई भी खिलवाड़ करेगा, तो वह कठोर दण्ड का भागी होगा। उत्तर प्रदेश में ऐसा वातावरण बनाया जाएगा, जिसमें प्रत्येक नागरिक अपने को सुरक्षित महसूस करेगा। उन्होंने कहा कि प्रदेश में अवैध बूचड़खानों पर पाबन्दी का अभियान शुरू हो गया है और इसके परिणाम दिखाई पड़ने लगे हैं।

press-11श्री योगी ने कहा कि राज्य सरकार ने निर्णय लिया है कि उत्तर प्रदेश से जो भी व्यक्ति कैलाश मानसरोवर की यात्रा पर जाएगा, उसे 01 लाख रुपए का आर्थिक अनुदान दिया जाएगा। उन्होंने कहा कि लोक निर्माण विभाग के वरिष्ठ अधिकारियों को निर्देश दिए गए हैं कि हर हाल में प्रदेश की सड़कों को 15 जून तक गड्ढ़ा मुक्त बनाया जाए। उन्होंने यह भी कहा कि किसानों से शत-प्रतिशत गेहूं खरीद तथा गेहूं मूल्य के तत्काल भुगतान के लिए शासन स्तर पर कार्य योजना बनाई जा रही है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि उत्तर प्रदेश का नौजवान रोजगार के अभाव में पलायन कर रहा था, महिलाएं असुरक्षित महसूूस कर रही थीं। अब उत्तर प्रदेश की जनता अपने-आप को उपेक्षित महसूस नहीं कर सकती। बेरोजगार नौजवानों के पलायन को रोका जाएगा। शासन की योजनाओं को अन्तिम व्यक्ति तक पहुंचाया जाएगा। उन्होंने कहा कि समाज के हर वर्ग का विकास किया जाएगा और किसी का तुष्टिकरण नहीं होगा। लोक कल्याण संकल्प पत्र के सभी वादों को शत-प्रतिशत पूरा किया जाएगा। उत्तर प्रदेश में भ्रष्टाचार मुक्त शासन होगा और अराजकता का कहीं कोई स्थान नहीं होगा। उन्होंने कानून का राज स्थापित करने में सभी से सहयोग करने की अपील की।

इसके पूर्व, मुख्यमंत्री के गोरखपुर आगमन पर वहां की जनता द्वारा उनका भव्य और ऐतिहासिक स्वागत किया गया। एयरपोर्ट से लेकर मुख्य कार्यक्रम स्थल महाराणा प्रताप इण्टर काॅलेज तक सड़क के दोनों ओर लाखों लोगों ने मुख्यमंत्री का स्वागत और अभिनन्दन किया। उन्होंने जनता को आश्वस्त किया कि परिश्रम और जनसहयोग के आधार पर वे उत्तर प्रदेश के सर्वांगीण विकास के लिए कोई कोर-कसर बाकी नहीं रखेंगे।

इस अवसर पर मंत्रिगण, जनप्रतिनिधिगण, शासन-प्रशासन के वरिष्ठ अधिकारीगण सहित बड़ी संख्या में गणमान्य नागरिक उपस्थित थे।

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कल 23 मार्च को पूर्वान्ह 10 बजे समस्त अपर मुख्य सचिव, प्रमुख सचिव एवं सचिवों सहित विभागीय अधिकारियों एवं कर्मियों कोे विभागीय मंत्री द्वारा दिलाई जायेगी स्वच्छता शपथ

Posted on 22 March 2017 by admin

  • प्रदेश के मुख्यमंत्री जी केनिर्देशों का पालन कड़ाई से  सुनिश्चित कराया जाये: मुख्य सचिव
  • स्वच्छता शपथ कार्यक्रम हेतु स्थल निर्धारित कर विभागीय  मंत्री को भी आमंत्रित किया जायः राहुल भटनागर
  • समस्त अधिकारियों एवं कर्मचारियों को निर्धारित  समय पर कार्यालय में पहुंचकर शासकीय दायित्वों का निर्वहन करना तथा लंच हेतु निर्धारित समय को छोड़कर सम्पूर्ण कार्यावधि में अवश्य उपस्थित रहकर शासकीय कार्यों का निस्तारण नियमानुसार प्राथमिकता से सुनिश्चित करना होगा: मुख्य सचिव
  • डग्गामार बसों एवं टैम्पों का संचालन कतई नहीं, शहरों में चलने वाले टेम्पो का रूट निर्धारित कर यह सुनिश्चित कराना होगा कि सम्बंधित रूट की टेम्पो निर्धारित अपने स्टैण्ड पर ही सवारी उठाने एवं उतारने का कार्य सुनिश्चित हो: राहुल भटनागर
  • विभागीय वेबसाइट पर अद्यावधिक आवश्यक सूचनाओं के साथ समय-समय पर अपलोड न होने पर होगी कड़ी कार्यवाही: मुख्य सचिव
  • मा0 मुख्यमंत्री जी के निर्देशानुसार विभागीय योजनाओं एवं प्रगति की जानकारी मा0 मंत्रिपरिषद के समक्ष आगामी कुछ दिनों के उपरान्त  निर्धारित दिवस को प्रजेण्टेशन कर अवगत कराना होगा: राहुल भटनागर

उत्तर प्रदेश के मुख्य सचिव श्री राहुल भटनागर ने समस्त अपर मुख्य सचिवों, प्रमुख सचिवों एवं सचिव को निर्देश दिये हैं कि कल 23 मार्च, 2017 को पूर्वान्ह 10 बजे विभागीय अधिकारियों एवं कर्मियों के साथ स्वच्छता शपथ लिया जाना सुनिश्चित किया जाये। उन्होंने कहा कि स्वच्छता शपथ ग्रहण हेतु स्थल निर्धारित कर विभागीय मंत्री को भी आमंत्रित किया जाये। उन्होंने यह भी निर्देश दिये हैं कि प्रत्येक दशा में सुनिश्चित किया जाये कि विभागीय अधिकारी एवं कर्मचारी कार्यालय के निर्धारित समय पूर्वान्ह 09ः30 बजे से सायं 06ः00 बजे तक अपने प्रभागों एवं कार्यालयों में लंच हेतु निर्धारित आधे घण्टे के समय के अतिरिक्त शेष कार्यावधि में अनिवार्य रूप से उपस्थित रहकर शासकीय कार्यों का निस्तारण नियमानुसार प्राथमिकता से सुनिश्चित करायें।

मुख्य सचिव आज अपने कार्यालय कक्ष के सभागार में समस्त अपर मुख्य सचिवों, प्रमुख सचिवों एवं सचिव की बैठक कर मा0 मुख्यमंत्री जी द्वारा दिये गये निर्देशों का अनुपालन सुनिश्चित कराने हेतु निर्देश देते हुए कहा है कि प्रदेश के मा0 मुख्यमंत्री जी के निर्देशों का पालन कड़ाई से सुनिश्चित कराया जाये। उन्होंने कहा  कि कार्यालयों एवं प्रभागों में गंदगी पाये जाने पर सम्बंधित अनुभाग अधिकारियों एवं वरिष्ठ सहायकों की जिम्मेदारी नियत की जाये। उन्होंने कहा कि सम्बंधित वरिष्ठ अधिकारी स्वयं अपने अधीनस्थ कार्यालयों एवं प्रभागों का औचक निरीक्षण कर स्वच्छता एवं कर्मियों की उपस्थिति सुनिश्चित करायें। उन्होंने कहा कि शासकीय भवनों के किसी भी काॅरीडोर में पड़े हुए पुराने फर्नीचर एवं पत्रावलियां कतई न रखी होनी चाहिए। वाश बेसिन, प्रसाधन कक्षों की सफाई व्यवस्था का विशेष ध्यान रखा जाये। उन्होंने यह भी निर्देश दिये हैं कि विभागीय वरिष्ठ अधिकारी सचिवालय प्रशासन के वरिष्ठ अधिकारियों एवं राज्य सम्पत्ति अधिकारी से समन्वय स्थापित कर आगामी 15 दिन के अंदर काॅरीडोर में रखे पुराने फर्नीचर एवं पत्रावलियों का नियमानुसार वीडआउट कराने के साथ-साथ प्रभागों में सफाई व्यवस्था सुनिश्चित कराने हेतु विभागीय नोडल अधिकारी तैनात किये जायें।    श्री भटनागर ने यह भी निर्देश दिये हैं कि संचालित परियोजनाओं के अपूर्ण कार्यों को पूर्ण कराये जाने हेतु स्वीकृति धनराशि में से निर्गत की जाने वाली अवशेष धनराशि को निर्गत किये जाने के पूर्व विभागीय मंत्री को अवगत कराने के उपरान्त ही स्वीकृतियां निर्गत की जायंे। उन्होंने कहा कि डग्गामार बसों एवं टैम्पों का संचालन कतई नहीं होना चाहिए। उन्होंने कहा कि शहरों में चलने वाले टेम्पो का रूट निर्धारित कर यह सुनिश्चित किया जाये कि सम्बंधित रूट की टेम्पो निर्धारित अपने स्टैण्ड पर ही सवारी उठाने एवं उतारने का कार्य सुनिश्चित करें ताकि अनावश्यक रूप से यातायात बाधित न हो सके।

मुख्य सचिव ने यह भी निर्देश दिये हैं कि समस्त विभागों की विभागीय वेबसाइट निर्धारित आवश्यक सूचनाओं के साथ समय-समय पर अवश्य अपलोड होनी चाहिए। उन्होंने कहा कि किसी विभाग की वेबसाइट पर अपूर्ण एवं गलत सूचना अपलोड होने पर सम्बंधित अधिकारी की जिम्मेदारी नियत कर कड़ी कार्यवाही सुनिश्चित होगी। उन्होंने यह भी निर्देश दिये हैं कि मा0 मुख्यमंत्री जी के निर्देशानुसार विभागीय योजनाओं एवं प्रगति की जानकारी मा0 मंत्रिपरिषद के समक्ष आगामी कुछ दिनों के उपरान्त निर्धारित दिवस को प्रजेण्टेशन कर अवगत कराना होगा।

बैठक में समस्त अपर मुख्य सचिव एवं प्रमुख सचिव एवं सचिवगण सहित अन्य वरिष्ठ अधिकारीगण उपस्थित थे

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मण्डलायुक्तों, जिलाधिकारियों सहित वरिष्ठ पुलिस अधिकारियों को जनपदों में स्थित पशुवधशालाओं का निरीक्षण कर अवैध रूप से संचालित पशुवधशालाओं को तत्काल प्रभाव से बंद कराना होगा: मुख्य सचिव

Posted on 22 March 2017 by admin

पशुवधशालाओं में अवैध रूप से हो रहे पशु वध को रोके जाने हेतु  जिलाधिकारी की अध्यक्षता में समिति का गठन: राहुल भटनागर
पशुवधशालाओं के निरीक्षण के समय पुलिस अधीक्षकों को आवश्यकतानुसार पुलिस बल उपलब्ध कराना होगा अनिवार्य: मुख्य सचिव
निरीक्षण की सूचना का सारांश प्रतिदिन पूर्वान्ह 11ः00 बजे तक अपर मुख्य सचिव एवं प्रमुख सचिव पर्यावरण एवं नगर विकास को मेल एवं फैक्स के माध्यम से देना अनिवार्य: राहुल भटनागर

उत्तर प्रदेश के मुख्य सचिव श्री राहुल भटनागर ने समस्त मण्डलायुक्तों, जिलाधिकारियों सहित पुलिस विभाग के वरिष्ठ अधिकारियों एवं नगर आयुक्तों को कड़े निर्देश दिये हैं कि जनपदों में स्थित पशुवधशालाओं का निरीक्षण कर अवैध रूप से संचालित पशुवधशालाओं को तत्काल प्रभाव से बंद कराया जाना सुनिश्चित किया जाये। उन्होंने कहा कि ऐसे दोषी व्यक्तियों क विरूद्ध अधिनियमों एवं नियमों के सुसंगत प्राविधानों के अंतर्गत दण्डात्मक कार्यवाही प्रत्येक दशा में सुनिश्चित करायें। उन्होंने पशुवधशालाओं में अवैध रूप से हो रहे पशु वध को रोके जाने हेतु जिलाधिकारी की अध्यक्षता में एक समिति का गठन किया गया है, जिसमें वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक/पुलिस अधीक्षक, क्षेत्रीय अधिकारी उत्तर प्रदेश प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड, मुख्य पशुचिकित्साधिकारी, सम्भागीय परिवहन अधिकारी/सहायक सम्भागीय परिवहन अधिकारी, श्रम प्रवर्तन अधिकारी, जिला पंचायत राज अधिकारी, मुख्य चिकित्साधिकारी, खाद्य सुरक्षा एवं औषधि प्रशासन के विहित प्राधिकारी, सम्बंधित नगर आयुक्त/अधिशाषी अधिकारी, नगर पालिका परिषद/नगर पंचायत/जिला पंचायत को सदस्य नामित किया गया है।

मुख्य सचिव ने आज समस्त मण्डलायुक्तों, जिलाधिकारियों, पुलिस महानिरीक्षक, पुलिस उप महानिरीक्षक, वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक सहित  नगर आयुक्तों को परिपत्र जारी कर यह निर्देश दिये हैं। उन्होंने कहा कि समिति द्वारा जनपद में संचालित पशुवधशालाओं में प्रतिदिन वध किये जाने वाले पशुओं की संख्या, वहां पर पशुधन की उपलब्धता का वास्तविक एवं अद्यतन आंकड़ों के परिप्रेक्ष्य आकलन करते हुए, पशुवधशालाओं के विषय में निर्गत विभिन्न शासनादेशों, अधिनियमों, नियमों तथा दिशा निर्देशों के आधार पर पशुवधशालाओं के संचालन में पाई गई कमियों के परिप्रेक्ष्य में निरीक्षण आख्या/स्पष्ट संस्तुति जिलाधिकारी के माध्यम से शासन को 07 दिन के अंदर उपलब्ध कराई जाये। उन्होंने कहा कि पशुवधशालाओं के निरीक्षण के समय समस्त वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक/पुलिस अधीक्षक द्वारा आवश्यकतानुसार पुलिस बल उपलब्ध कराना सुनिश्चित किया जाये। उन्होंने कहा कि किसी भी दशा में गोवंशीय पशुओं का वध व तस्करी न हो। उन्होंने निर्देश दिये हैं कि सार्वजनिक मार्गों के किनारे खुले रूप से या अवैध रूप से वधशालाओं का संचालन कतई न होने पाये। साथ ही लाइसेन्स की शर्तों का उल्लंघन करने वाली पशुवधशालाओं के विरूद्ध कानूनों के अधीन कठोर कार्यवाही की जाये।

श्री भटनागर ने निर्देश दिये हैं कि जिलाधिकारी की अध्यक्षता में गठित समिति द्वारा पशुवधशालाओं के निरीक्षण के दौरान यदि ऐसी कमियां, अनियमिततायें या उल्लंघन पाये जायें जिनमें कोई दण्डात्मक, निरोधात्मक या अभियोजन की कार्यवाही वांछित हो तो इसे तत्काल किया जाये। उन्होंने कहा कि सम्बंधित समस्त अपर मुख्य सचिव/प्रमुख सचिव/सचिव अपने-अपने विभागों हेतु नोडल अधिकारी नामित करते हुए तद्नुसार नामित नोडल अधिकारी के नाम, पदनाम, मो0 नं0 एवं आवासीय पता आदि का विवरण पर्यावरण/नगर विकास विभाग को तत्काल उपलब्ध करायें। उन्होंने यह भी निर्देश दिये हैं कि उक्त निर्देशों के क्रम में किये गये निरीक्षणों की सूचना का सारांश प्रतिदिन पूर्वान्ह 11ः00 बजे तक अपर मुख्य सचिव/प्रमुख सचिव, पर्यावरण विभाग को ई-मेल-  एवं फैक्स नं0-0522-2235206 पर तथा प्रमुख सचिव/ सचिव, नगर विकास विभाग को ई-मेल- एवं फैक्स नं0-0522-2238263 पर उपलब्ध कराया जाना सुनिश्चित किया जाये।

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