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Archive | राज्य

मुख्यमंत्री ने गोरखपुर में ’स्वच्छ उ0प्र0, स्वस्थ उ0प्र0’ के तहत स्वच्छता अभियान की शुरुआत की

Posted on 19 August 2017 by admin

dsc_0039मुख्यमंत्री ने मलिन बस्ती की सड़कों पर
झाड़ू लगाकर लोगों को स्वच्छता के प्रति प्रेरित किया

स्वच्छता जेई/एईएस बीमारी से बचाव के लिए एक अच्छा उपाय: मुख्यमंत्री

इंसेफलाइटिस बीमारी से बचाव के लिए
38 जनपदों में 93 लाख बच्चों का टीकाकरण किया गया

31 दिसम्बर, 2017 तक गोरखपुर को तथा 02 अक्टूबर, 2018 तक
प्रदेश को खुले में शौच से मुक्त करने की समय सीमा तय की गयी है

स्वच्छ भारत अभियान के तहत स्वच्छ उ0प्र0 का
विशेष अभियान 17 से 25 अगस्त, 2017 तक चलाया जा रहा हैdsc_0037

उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ जी ने आज गोरखपुर के गोरखनाथ क्षेत्र में मलिन बस्ती अंधियारीबाग मोहल्ले से ’’स्वच्छ उत्तर प्रदेश, स्वस्थ उत्तर प्रदेश’’ के तहत स्वच्छता अभियान की शुरुआत की। इस अवसर पर उन्होंने बाबा साहब डाॅ0 भीमराव अम्बेडकर की प्रतिमा पर माल्यार्पण किया तथा मलिन बस्ती की सड़कों पर झाड़ू लगाकर लोगों को स्वच्छता के प्रति प्रेरित किया।
इस अवसर पर वहां पर उपस्थित जनसमूह हो सम्बोधित करते हुए मुख्यमंत्री जी ने कहा कि स्वच्छता जेई/एईएस बीमारी से बचाव के लिए एक अच्छा उपाय है। जेई/एईएस बीमारी के तथ्यों की जांच करने पर ज्ञात हुआ कि इसका प्रमुख कारण गंदगी एवं दूषित जल है। स्वच्छता से जेई/एईएस के विषाणुओं को पनपने से रोकने में काफी मदद मिलेगी, जिससे मासूम बच्चों की असमय होने वाली मौत पर काबू पाया जा सकेगा। उन्होंने कहा कि इंसेफलाइटिस बीमारी से बचाव के लिए 38 जनपदों में 93 लाख बच्चों का टीकाकरण किया गया है।dsc_0028-1
मुख्यमंत्री जी ने कहा कि 31 दिसम्बर, 2017 तक जनपद गोरखपुर को तथा 02 अक्टूबर, 2018 तक प्रदेश को खुले में शौच से मुक्त (ओ0डी0एफ0) करने की समय सीमा तय की गयी है। प्रदेश में सरकार बनने के बाद से ही लगातार लोगों को स्वच्छता के प्रति जागरूक करने के लिए कार्य किया जा रहा है। ओ0डी0एफ0 अभियान के तहत खुले में शौच से मुक्त करने के तहत गंगा के तट पर बसे गांवों को ओ0डी0एफ0 करा दिया गया है। उन्होंने कहा कि स्वच्छता का एक विशेष अभियान चलाकर डेंगू व कालाजार जैसी भयानक बीमारियों से बचाव किया जा सकता है।
मुख्यमंत्री जी ने कहा कि स्वच्छ भारत अभियान के तहत स्वच्छ उत्तर प्रदेश का एक विशेष अभियान 17 से 25 अगस्त, 2017 तक चलाया जा रहा है। इस अभियान में आमजन की सहभागिता बहुत महत्वपूर्ण है। उन्होंने कहा कि जनपद के विभिन्न मोहल्लों/वाॅर्डों में विभिन्न संगठनों, समाज सेवियों, स्वंय सेवकों एवं आमजन को जोड़ते हुए कमेटी का वाॅर्डवार गठन किया जाए, जिससे यह समिति अभियान चलाकर लोगों में सफाई के प्रति जारूकता लाए। उन्होंने कहा कि नगर निगम, गोरखपुर विकास प्राधिकरण, जिला प्रशासन एवं स्वयंसेवी संगठन मिलकर इस अभियान में काम करेंगे तो निश्चित रूप से अभियान में सफलता मिलेगी। उन्होंने कहा कि उनके (मुख्यमंत्री जी के) अगले दौरे पर जनपद में ऐसा प्रतिस्पर्धा का माहौल रहे कि कौन सा वाॅर्ड सफाई में सबसे आगे है तथा अच्छी सफाई वाले वाॅर्ड को पुरस्कृत भी किया जायेगा।
इस अवसर पर जनप्रतिनिधि तथा शासन-प्रशासन के वरिष्ठ अधिकारी भी उपस्थित थे।

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मुख्यमंत्री ने जनपद सिद्धार्थनगर में बाढ़ प्रभावित परिवारों को खाद्यान्न एवं राहत सामग्री वितरित की

Posted on 18 August 2017 by admin

press4बाढ़ प्रभावित परिवारों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाने के साथ ही, प्रत्येक पीड़ित परिवार को पर्याप्त मात्रा में
खाद्यान्न एवं राहत सामग्री उपलब्ध करायी जाए: मुख्यमंत्री

कोई भी बाढ़ प्रभावित व्यक्ति किसी भी दशा में भूखा न रहने पाए

सभी प्रभावित परिवारों को खाद्यान्न, राहत सामग्री का
वितरण बिना किसी भेदभाव के किया जाए

बाढ़ प्रभावित परिवारों को किसी भी कठिनाई का सामना न करना पड़े

किसानों की फसलें बाढ़ से प्रभावित होने की दशा में
सर्वे कराकर उन्हें मुआवजा दिया जाए

मुख्यमंत्री ने 02 मृतक आश्रितों को आर्थिक सहायता प्रदान कीpress-23

उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ जी ने अधिकारियों को निर्देश दिये हंै कि बाढ़ प्रभावित परिवारों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाने के साथ ही, प्रत्येक पीड़ित परिवार को पर्याप्त मात्रा में खाद्यान्न एवं राहत सामग्री उपलब्ध करायी जाए। कोई भी बाढ़ प्रभावित व्यक्ति किसी भी दशा में भूखा न रहने पाए। सभी प्रभावित परिवारों को खाद्यान्न, राहत सामग्री का वितरण बिना किसी भेदभाव के किया जाए। बाढ़ प्रभावित परिवारों को किसी भी कठिनाई का सामना न करना पड़े।
मुख्यमंत्री जी ने ये निर्देश आज जनपद सिद्धार्थनगर के लोहिया कला भवन में बाढ़ प्रभावित परिवारों को खाद्यान्न एवं राहत सामग्री वितरित करने के दौरान दिये। उन्होंने कहा कि जनपद सिद्धार्थनगर से गुजरने वाली सभी नदियां पहाड़ों से निकली हैं। ऐसी स्थिति में भारी वर्षा होने के पश्चात बाढ़ की भयावह स्थिति उत्पन्न हो जाती है। ऐसी स्थिति से निपटने के लिए प्रदेश सरकार स्थायी समाधान के लिए कार्य योजना तैयार कर रही है।img-20170818-wa0083
योगी जी ने जिला प्रशासन को निर्देश दिये कि बाढ़ पीड़ित परिवारों को पर्याप्त मात्रा में खाद्यान्न सामग्री उपलब्ध करायी जाए। उन्होंने कहा कि हेलीकाप्टर की मदद से जनपद में बाढ़ग्रस्त गांवों में राहत सामग्री उपलब्ध करायी जा रही है। उन्होंने बाढ़ में फंसे लोगों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाने के निर्देश भी दिये। उन्होंने जिला प्रशासन को निर्देश दिये कि जिन किसानों की फसलें पानी में डूब गयी हैं, उनका सर्वे कराकर उन्हें मुआवजा दिया जाए।img-20170818-wa0084
मुख्यमंत्री जी ने कहा कि जनपद के बाढ़ग्रस्त क्षेत्रों के क्षतिग्रस्त मकानों का सर्वे कराकर उनकी क्षतिपूर्ति की जाए और मकान निर्माण हेतु धनराशि उपलब्ध करायी जाए। बाढ़ पीड़ितों को सहायता उपलब्ध कराये जाने में पूरी पारदर्शिता बरती जाए। भ्रष्टाचार की शिकायत मिलने पर दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी। बाढ़ में जिन लोगों के मकान क्षतिग्रस्त हुए हैं, प्रशासन उन्हें सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाना सुनिश्चित करे।
योगी जी ने कहा कि बाढ़ से घिरे व्यक्तियों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाने के लिए जनपद में एन0डी0आर0एफ0 और पी0ए0सी0 बटालियन की टीमें युद्धस्तर पर कार्य कर रही हैं। उन्होंने जनपद के सभी जनप्रतिनिधियों से अपेक्षा की कि वे राहत कार्याें की माॅनीटरिंग करते हुए बाढ़ पीड़ित परिवारों को खाद्यान्न सामग्री एवं अन्य आवश्यक सुविधाएं उपलब्ध कराने में प्रशासन का सहयोग करें। स्थिति सामान्य होने तक सभी जनप्रतिनिधिगण द्वारा अपने-अपने क्षेत्रों में निरन्तर भ्रमण किये जाने से राहत कार्याें में सुविधा होगी।
वितरण कार्यक्रम के दौरान मुख्यमंत्री जी ने स्वयं श्रीमती गीता देवी पत्नी स्व0 अखिलेश कुमार तथा अयोध्या पुत्र सूरत को 4-4 लाख रुपये की आर्थिक सहायता प्रदान की। उन्होंने पीड़ितों को खाद्यान्न सहित अन्य आवश्यक राहत सामग्री जैसे मोमबत्तियां, माचिस के पैकेट, नमक के पैकेट इत्यादि भी उपलब्ध कराए। इस अवसर पर जिला प्रशासन द्वारा एक हजार बाढ़ पीड़ित परिवारों को खाद्यान्न एवं राहत सामग्री वितरित की गयी।
इसके उपरान्त मुख्यमंत्री जी द्वारा जनपद सिद्धार्थनगर की तहसील शोहरतगढ़ के तहत सिसवा गांव में भी बाढ़ प्रभावित परिवारों को राहत सामग्री उपलब्ध करायी गयी। उन्होंने जिलाधिकारी तथा पुलिस अधीक्षक को निर्देशित किया कि वे यह सुनिश्चित करें कि बाढ़ पीड़ितों को कोई समस्या न हो। सभी पीड़ित परिवारों को पर्याप्त मात्रा में राहत सामग्री उपलब्ध करायी जाए।
इस मौके पर उत्तर प्रदेश सरकार के मंत्रिगण श्री जय प्रताप सिंह, श्री सुरेश राणा सहित जिला प्रशासन के अनेक वरिष्ठ अधिकारी मौजूद थे।

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मुख्यमंत्री ने जनपद लखीमपुर खीरी के बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों में राहत और बचाव कार्य युद्धस्तर पर चलाने के निर्देश दिए

Posted on 16 August 2017 by admin

प्रभावित क्षेत्रों में एन0डी0आर0एफ0 और पी0ए0सी0 की फ्लड पलाटून को पर्याप्त संख्या में लगाया जाए

कोई भी बाढ़ प्रभावित राहत प्राप्त करने से वंचित न रहने पाए

मुख्यमंत्री ने 07 कटान प्रभावित व्यक्तियों को
गृह अनुदान स्वीकृति पत्र प्रदान किए

बाढ़ पीड़ितों को खाद्यान्न किट भी वितरित

press-13आपदा राहत कोष में पर्याप्त धनराशि उपलब्ध: मुख्यमंत्री

उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ जी ने प्रत्येक बाढ़ पीड़ित को राहत सामग्री समय से उपलब्ध कराने तथा बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों में राहत और बचाव कार्य युद्धस्तर पर चलाने के निर्देश दिए हैं। उन्होंने कहा कि राहत कार्य में किसी भी स्तर पर लापरवाही बर्दाश्त नहीं होगी। यदि किसी भी स्तर पर लापरवाही की बात सामने आती है, तो दोषियों के खिलाफ शासन स्तर पर कठोर कार्रवाई की जाएगी।
मुख्यमंत्री जी आज जनपद लखीमपुर खीरी की तहसील धौरहरा के ओ0एन0जी0सी0 मैदान में बाढ़ पीड़ितों का हाल चाल जानने और राहत सामग्री वितरण के उपरान्त अपने विचार व्यक्त कर रहे थे। उन्होंने कहा कि बाढ़ एक प्राकृतिक आपदा है। इस आपदा की पहले ही व्यवस्थित तैयारी करके समाधान निकला जाना चाहिए। इसलिए बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों में वह स्वयं, प्रभारी मंत्री, सिंचाई मंत्री निरन्तर दौरे कर रहे हैं। इसके अलावा, अधिकारियों को भी भेजा रहा है, जिससे बाढ़ जैसी प्राकृतिक आपदा का समयबद्ध ढंग से स्थायी समाधान निकाला जा सके।
योगी जी ने कहा कि सीमावर्ती जनपद होने कारण नेपाल से नदियों में पानी छोड़े जाने से जनधन की भारी हानि होती है। इसके स्थायी समाधान की दिशा में ठोस प्रयास किए जाने की आवश्यकता है। उन्होंने जिला प्रशासन को यह सुनिश्चित करने के निर्देश दिए कि बाढ़ और कटान के कारण कहीं भी जनहानि न होने पाए। जहां बचाव कार्य हो सकते हैं, वहां राहत कार्य युद्धस्तर पर किए जाएं। उन्होंने कहा कि बाढ़ राहत एवं बचाव कार्यों हेतु धन की कमी किसी भी जिले में नहीं होनी चाहिए। इसके लिए प्रदेश सरकार ने पूर्व में ही धनराशि उपलब्ध करायी है। उन्होंने कहा कि आपदा राहत कोष में पर्याप्त धनराशि उपलब्ध है।press-22
मुख्यमंत्री जी ने कहा कि किसी भी जनपद में आपदा से पीड़ित कोई भी व्यक्ति कहीं भी अभाव में न रहने पाए। इस कार्य को जिला प्रशासन स्वयं सुनिश्चित कर ले। जनपद के प्रभावित क्षेत्रों में खाद्यान्न प्रत्येक दशा में पर्याप्त मात्रा में वितरित किए जाएं। आवश्यकतानुसार प्रभावित क्षेत्रों में लंगर चलाकर पीड़ितों को खाने की व्यवस्था करायी जाए तथा रात्रि में प्रकाश हेतु पर्याप्त मात्रा मंे कैरोसिन की उपलब्धता सुनिश्चित करायी जाए।
योगी जी ने कहा कि इस आपदा में जिनके घर टूट अथवा नष्ट हो गये हैं उनकी अस्थायी व्यवस्था कराते हुए प्लास्टिक तिरपाल तात्कालिक रूप से उपलब्ध करायी जाएं। उन्होंने अधिकारियों को निर्देशित करते हुए कहा कि ऐसे लोगों को सूचीबद्ध कराते हुए प्रधानमंत्री आवास योजना के तहत आच्छादित कराते हुए समयबद्ध ढंग से आवास उपलब्ध कराने की कार्यवाही की जाए।। उन्होंने जिला प्रशासन को निर्देशित करते हुए कहा कि राहत कार्यों को युद्धस्तर पर चलाया जाए। एन0डी0आर0एफ0 और पी0ए0सी0 की फ्लड पलाटून को प्रभावित क्षेत्रों में पर्याप्त संख्या में लगाया जाए। उन्होंने जनप्रतिनिधियों से भी राहत और बचाव कार्य में सहयोग प्रदान करने का आह्वान किया।
मुख्यमंत्री जी ने जिला प्रशासन को निर्देशित करते हुए कहा कि प्रत्येक दशा में यह सुनिश्चित करे कि कोई भी बाढ़ प्रभावित राहत प्राप्त करने से वंचित न रहने पाए। उन्होंने कहा कि बाढ़ पीड़ितों को शुद्ध पेयजल, खाद्यान्न, दवाइयां, पशुओं के लिए चारा सहित अन्य सभी जरूरी वस्तुओं की उपलब्धता प्रत्येक स्थिति में सुनिश्चित की जाए।
योगी जी ने 07 कटान प्रभावित व्यक्तियों को गृह अनुदान स्वीकृति पत्र वितरित किए। इनमें से बाढ़ से आवासीय झोपड़ी के नष्ट होने के कारण 05 लाभार्थियों को 4,100 रुपए का गृह अनुदान तथा 02 लाभार्थियों को पक्का आवासीय मकान नष्ट होने के कारण 95,100 रुपए की गृह अनुदान स्वीकृति पत्र प्रदान के साथ-साथ खाद्यान्न किट भी वितरित किए। कार्यक्रम के उपरान्त तहसील धौरहरा के कटान प्रभावित क्षेत्रों के कुल 500 लाभार्थियों को खाद्यान्न किट का वितरण किया गया।
इस अवसर पर समाज कल्याण राज्यमंत्री श्रीमती गुलाबो देवी सहित अन्य जनप्रतिनिधिगण तथा शासन-प्रशासन के वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित थे।

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मुख्यमंत्री ने जनपद पीलीभीत के बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों का हवाई सर्वेक्षण किया

Posted on 16 August 2017 by admin

बाढ़ राहत एवं बचाव कार्याें की समीक्षा भी की

1-1बाढ़ राहत चौकियांे पर सभी आवश्यक व्यवस्थाएं सुनिश्चित की जाएं

बाघ के हमले की घटनाओं को रोकने के
लिए अधिकारी हर सम्भव उपाय करंे

जंगल के किनारे स्थित लगभग 232 गांवों के परिवारों को
उज्ज्वला योजना के तहत रसोई गैस के सिलेण्डर उपलब्ध कराए जाएं

इन ग्रामीण क्षेत्रों में शौचालयों की व्यवस्था सुनिश्चित की जाए

लखनऊ: 16 अगस्त, 2017
उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ जी ने आज जनपद पीलीभीत के बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों का हवाई सर्वेक्षण करने के बाद जनपद मुख्यालय पहुंचकर बाढ़ राहत एवं बचाव कार्याें की समीक्षा की। इस सम्बन्ध में आहूत एक बैठक में उन्होंने जिला प्रशासन के प्रबन्धों की जानकारी लेते हुए अधिकारियों को निर्देशित किया कि बाढ़ राहत चौकियांे पर सभी आवश्यक व्यवस्थाएं सुनिश्चित करें। इसमंे किसी भी स्तर पर शिथिलता नहीं होनी चाहिए।press2
मुख्यमंत्री जी ने जनपद में बाघ के हमले की घटनाओं पर चिन्ता व्यक्त करते हुए अधिकारियों को ऐसी घटनाओं को रोकने के लिए हर सम्भव उपाए करने के निर्देश दिए। उन्होंने जंगल के किनारे स्थित लगभग 232 गांवों के परिवारों को उज्ज्वला योजना के तहत रसोई गैस के सिलेण्डर उपलब्ध कराने को कहा। साथ ही इन ग्रामीण क्षेत्रों में शौचालयों की व्यवस्था को भी सुनिश्चित करने के लिए निर्देशित किया। उन्होंने कहा कि जंगल के किनारे तार फेसिंग की व्यवस्था भी अतिशीघ्र करवाई जाए। उन्होंने बाघ के हमले की हाल ही की घटना के पीड़ित चार परिवारों को पांच-पांच लाख रुपए के राहत स्वीकृति पत्र भी प्रदान किये।
इसके तहत मुख्यमंत्री जी ने तहसील अमरिया के ग्राम डांग निवासी श्रीमती रेशमा बेगम, ग्राम सरैदा पट्टी निवासी श्रीमती साबिया तथा इसी तहसील के ग्राम बेहरी निवासी श्रीमती ओम देवी तथा सदर तहसील के ग्राम शिवपुरिया निवासी श्रीमती भागवती को सहायता राशि के स्वीकृति पत्र प्रदान किए।
इस अवसर पर मुख्यमंत्री जी द्वारा दैवीय आपदा से पीड़ित चार परिवारों को सहायता अनुदान भी प्रदान किया गया। इसमें तहसील पूरनपुर के ग्राम नहरोसा निवासी गुरनाम सिंह, श्रीमती प्यार कौर तथा तहसील कलीनगर के ग्राम मझारा निवासी श्री पुरपेज सिंह तथा इसी गांव के श्री हरजीत सिंह को दैवीय आपदा राहत दी गई।
मुख्यमंत्री जी ने बैठक में उपस्थित विधायकगण से भी बाढ़ की आपदा के सम्बन्ध में जानकारी हासिल की। उन्होंने अधिकारियों को शारदा नदी द्वारा हो रही कटान की दैनिक रूप से निगरानी करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों में किसी भी दशा में लापरवाही न बरती जाए, अन्यथा दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी।

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कैथी के किसानो ने सम्पूर्ण समाधान दिवस में प्रमुख सचिव राजस्व से मिल कर गुहार लगाई

Posted on 16 August 2017 by admin

खतौनी में अवैध आदेशों के चलते भूमिधर किसान कागजों पर बने भूमिहीन

व्यापक फर्जीवाड़े से भूमाफियाओं की चांदी

राजमार्ग 29 के चौडीकरण में मुआवजा निर्धारण की प्रक्रिया लम्बित

अवैध आदेशों को निरस्त कर मूल खतौनी तैयार करने और उसी के आधार पर मुआवजा वितरित करने की मांग की गयी.

वाराणसी की पूर्वी सीमा पर गंगा गोमती संगम पर स्थित कैथी गाँव मार्कंडेय महादेव धाम के कारण सुविख्यात है, संगम स्थल देखने में बहुत ही सुरम्य है और पर्यटन की दृष्टि से इसका महत्व बहुत बढ़ता जा रहा है. जहाँ लेकिन गोमती नदी के इस संगम का वास्तविक स्थान इससे कहीं बहुत आगे है, ऐसा गोमती द्वारा वर्ष 1978 में किये गये धारा परिवर्तन के कारण हुआ है, नदी की कटान के कारण कैथी की सैकड़ों एकड़ भूमि नदी के उस पार चली गयी और गोमती ने कैथी गाँव की आबादी की तरफ अपना रुख करते हुए गंगा में एक नये स्थान पर संगम बना लिया. तभी से आज तक यहाँ के किसान उस कटान का दंश झेल रहे हैं. गाजीपुर जिले के कुसहीं और खरौना गाँव के लोग जमीनों पर अवैध तरीके से काबिज होने कि कोशिश करने लगे आये दिन मारपीट, फौजदारी होने लगी यहाँ तक कि एक किसान की मौत भी भी हो गयी, इस प्रकार उत्पन्न वाराणसी गाजीपुर जनपद के बीच सीमा विवाद के निस्तारण के लिए ग्राम कैथी के सभी राजस्व अभिलेख सन 1979 में रिकार्ड आपरेशन के लिए सहायक अभिलेख अधिकारी बलिया को हस्तांतरित कर दिया गया. इस सम्बन्ध में एक वाद माननीय उच्च न्यायालय में आज भी लम्बित है. उक्त विवाद के कारण कैथी गाँव की चकबंदी नही हो सकी. आज किसानो की दूसरी पीढ़ी न्याय की गुहार लगाते लगाते थक चुकी है.

गोमती नदी की कटान के कारण उत्पन्न गाजीपुर वाराणसी जनपद सीमा विवाद के कारण ग्राम कैथी के राजस्व अभिलेख वर्ष 1979 में सहायक अभिलेख अभिलेख अधिकारी, बलिया को रिकार्ड आपरेशन के लिए हस्तांतरित कर दिए गये थे. उक्त खतौनी पर वहां कतिपय राजस्व कर्मचारियों द्वारा तमाम अनाधिकार एवं अवैध आदेश दर्ज कर दिए गये हैं जिससे अनेक भूस्वामी आज कागजों पर भूमिहीन हो गये हैं वहीँ भूमाफिया प्रकृति के लोग काबिज हो चुके हैं. वर्तमान में खतौनी जीर्णशीर्ण, अस्पष्ट एवं अपठनीय हो गयी है, मूल खतौनी के दर्जनों पन्ने गायब कर दिए गये हैं. जिस कारण राष्ट्रीय राजमार्ग 29 के चौडीकरण में होने वाले भूमि अधिग्रहण से प्रभावित होने वाले कैथी के किसानो की सूची का प्रकाशन संभव नही हो पा रहा है और मुआवजा लम्बित है.

कैथी के किसानो ने आज प्रमुख सचिव राजस्व श्री रजनीश दूबे से मिल कर उन्हें समस्या बताते हुए गुहार लगाई कि सहायक अभिलेख अधिकारी, बलिया के यहाँ रिकार्ड आपरेशन के लिए रखी गयी कैथी ग्राम की खतौनी (1383-85 फसली) में हुए अवैध एवं अनाधिकार आदेशों को हटाते हुए खतौनी को मूल रूप में तैयार कराने, 35 वर्षो से लम्बित कैथी गाँव की रिकार्ड आपरेशन की प्रक्रिया को तत्काल पूर्ण कराने के साथ ही तहसीलदार सदर, वाराणसी महोदय के अभिलेखागार में उपलब्ध ग्राम कैथी की वर्ष 1380-82 फसली की खतौनी में वैधानिक वरासत, बैनामे और हिस्सेदारी को दर्ज कराते हुए अधिग्रहण से प्रभावित किसानो की सूची का धारा 3 घ के तहत प्रकाशन कराने और प्राप्त आपत्तियों का निस्तारण कर भूम अधिग्रहण का मुआवजा का वितरण सुनिश्चित कराने की कृपा करें. प्रमुख सचिव ने सहृदयता पूर्वक मामले को सुनते हुए तत्काल कार्यवाही का आश्वासन दिया.

प्रतिनिधिमंडल में श्यामाचरण पाण्डेय, वल्लभाचार्य पाण्डेय, कैप्टन सुरेश प्रताप सिंह, निर्मल सिंह, अशोक कुमार यादव एवं अजीत सिंह शामिल रहे.

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मुख्यमंत्री ने जनपद बहराइच के बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों का हवाई सर्वेक्षण किया

Posted on 14 August 2017 by admin

press-31जनपद के बाढ़ प्रभावित 12 ग्राम पंचायतों के बाढ़ पीड़ित 1068 लोगों
को राहत सामग्री, 32 को प्रधानमंत्री आवास योजना के स्वीकृति पत्र
तथा 04 लोगों को गृह अनुग्रह राशि का चेक प्रदान किया

प्रदेश सरकार बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों मंे
युद्धस्तर पर बचाव एवं राहत कार्य करा रही है

बाढ़ पीड़ितों के बचाव एवं राहत कार्य में किसी भी
प्रकार की शिथिलता क्षम्य नहीं होगी: मुख्यमंत्री

बाढ़ की समस्या के स्थायी समाधान के लिए प्रभावी कार्य योजना तैयार की जाए

press-16उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ जी ने आज जनपद बहराइच के बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों का हवाई सर्वेक्षण किया। उन्होंने जनपद की तहसील महसी के ग्राम एरिया के प्राथमिक विद्यालय मंे आयोजित कार्यक्रम के दौरान बाढ़ प्रभावित 12 ग्राम पंचायतों के बाढ़ पीड़ित 1068 लोगों को राहत सामग्री, 32 को प्रधानमंत्री आवास योजना के स्वीकृति पत्र तथा 04 लोगों को गृह अनुग्रह राशि का चेक प्रदान किया।
मुख्यमंत्री जी ने इस अवसर पर बताया कि प्रदेश सरकार बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों मंे युद्धस्तर पर बचाव एवं राहत कार्य करा रही है। उन्होंने अधिकारियों को सचेत करते हुए कहा कि बाढ़ पीड़ितों के बचाव एवं राहत कार्य में किसी भी प्रकार की शिथिलता व कोताही क्षम्य नहीं होगी। इस सम्बन्ध में दोषी पाए जाने पर सम्बन्धित के खिलाफ कठोर कार्रवाई की जाएगी।
योगी जी ने बाढ़ पीड़ितों को समुचित चिकित्सा सुविधा उपलब्ध कराने के निर्देश दिए। पशुओं के चारे आदि की भी सुचारू व्यवस्था सुनिश्चित की जाए। उन्होंने कहा कि बाढ़ एक प्राकृतिक आपदा है, आपदा की इस घड़ी मंे जनपद के मंत्री, सांसद, विधायक प्रशासन के साथ मिलकर मानवीय दृष्टिकोण के साथ बाढ़ पीड़ितों की समस्याओं का समाधान कराएं। उन्होंने बाढ़ पीड़ितों के प्रति संवेदना व्यक्त करते हुए कहा कि बचाव एवं राहत कार्य में शिकायत मिलने पर दोषी बख्शे नहीं जाएंगे।
मुख्यमंत्री जी ने सिंचाई विभाग को निर्देश दिए कि बाढ़ की समस्या के स्थायी समाधान के लिए प्रभावी कार्य योजना तैयार की जाए। बाढ़ समाप्ति के तत्काल बाद योजनाबद्ध ढंग से युद्धस्तर पर बाढ़ बचाव सम्बन्धी कार्यों को पूर्ण कर लिया जाए, ताकि बाढ़ की विभीषिका को रोका जा सके और आमजन को दिक्कतों का सामना न करना पडे़। उन्होंने बताया कि प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी जी की मंशा के अनुरूप प्रदेश मंे लगभग 10 लाख प्रधानमंत्री आवासों का निर्माण कराया जाएगा। कार्यक्रम के दौरान स्वास्थ्य शिविर का भी आयोजन किया गया।
इस अवसर पर सिंचाई मंत्री श्री धर्मपाल सिंह, सहकारिता मंत्री श्री मुकुट बिहारी वर्मा, बेसिक शिक्षा, बाल विकास एवं पुष्टाहार राज्यमंत्री (स्वतंत्र प्रभार) श्रीमती अनुपमा जायसवाल, अन्य जनप्रतिनिधिगण, शासन-प्रशासन के वरिष्ठ अधिकारी एवं बड़ी संख्या में गणमान्य नागरिक उपस्थित थे।

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मुख्यमंत्री द्वारा जनपद श्रावस्ती के बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों का भ्रमण

Posted on 14 August 2017 by admin

प्रदेश सरकार बाढ़ पीड़ितों के दुःख-दर्द में उनके साथ: मुख्यमंत्री

जिला प्रशासन युद्धस्तर पर बाढ़ पीड़ितों को हर सम्भव सहायता प्रदान करे तथा बिना भेदभाव के बाढ़ से पीड़ित लोगों को सभी सुविधाएं उपलब्ध कराए

जो गांव पूरी तरह से बाढ़ से घिर गए हैं, वहां पर
नावों की संख्या बढ़ाकर राहत कार्य में तेजी लाई जाए

सभी बाढ़ चैकियों, सी0एच0सी0, पी0एच0सी0 पर सांप व
बिच्छू की काटने से बचाव की दवाएं पर्याप्त मात्रा में मौजूद रहें

बाढ़ के दौरान जिन गरीबों व असहायों के मकान गिर गए हैं
या क्षतिग्रस्त हो गए हैं, उनका सर्वे कराकर प्रधानमंत्री ग्रामीण आवास
योजना के अन्तर्गत उन्हें मकान मुहैया कराया जाए

बाढ़ का स्थायी समाधान निकालने के लिए सरकार प्रयासरत

जनपद श्रावस्ती में मुख्यमंत्री ने बाढ़ पीड़ितों को राहत सामग्री प्रदान की

उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ जी ने कहा कि बाढ़ पीड़ितों के दुःख-दर्द में प्रदेश सरकार उनके साथ है। बाढ़ से हुई क्षतियों का आकलन कराकर आर्थिक सहायता उपलब्ध कराई जाएगी। उन्होंने बाढ़ पीड़ितों से कहा कि राज्य सरकार द्वारा उन्हें सभी राहत सुविधाएं मुहैया करायी जाएंगी। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि जिला प्रशासन युद्धस्तर पर बाढ़ पीड़ितों को हर सम्भव सहायता प्रदान करे तथा बिना भेदभाव के बाढ़ से पीड़ित लोगों को सभी सुविधाएं उपलब्ध कराए।
मुख्यमंत्री जी आज जनपद श्रावस्ती के बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों के भ्रमण अवसर पर इकौना के चैधरी राम बिहारी बुद्ध इण्टर काॅलेज के प्रांगण में आयोजित कार्यक्रम को सम्बोधित कर रहे थे। उन्होंने इस अवसर पर बाढ़ पीड़ितों को राहत सामग्री भी प्रदान की। उन्होंने कहा कि जो गांव पूरी तरह से बाढ़ से घिर गए हैं, वहां पर नावों की संख्या बढ़ाकर राहत कार्य में तेजी लाई जाए। साथ ही, सभी बाढ़ पीड़ितों को बाढ़ चैकियों पर दिन-रात सहायता की जाए। उन्होंने कहा कि लंच पैकेट, मिट्टी का तेल, मोमबत्ती, पेयजल, पशुओं के लिए चारा एवं खाद्यान्न सहित अन्य जरूरत की वस्तुएं समय से मुहैया कराएं, ताकि बाढ़ पीड़ितों को किसी भी प्रकार की दिक्कत न हो।
योगी जी ने जिला प्रशासन को यह भी निर्देश दिए कि सभी बाढ़ चैकियों, सी0एच0सी0, पी0एच0सी0 पर सांप व बिच्छू की काटने से बचाव की दवाएं पर्याप्त मात्रा में मौजूद रखें। साथ ही, बाढ़ पीड़ितों को शत-प्रतिशत स्वास्थ्य सुविधाएं भी मुहैया कराई जाएं। उन्होंने बाढ़ चैकी, बाढ़ राहत शिविर में पर्याप्त प्रकाश हेतु पेट्रोमेक्स व बैट्री से संचालित लाइटों की व्यवस्था कराने के भी निर्देश दिए।
मुख्यमंत्री जी ने कहा कि बाढ़ के दौरान जिन गरीबों व असहायों के मकान गिर गए हैं या क्षतिग्रस्त हो गए हैं, उनका सर्वे कराकर प्रधानमंत्री ग्रामीण आवास योजना के अन्तर्गत उन्हें मकान मुहैया कराया जाए। उन्होंने जिला प्रशासन को यह भी निर्देश दिए कि जनप्रतिनिधियों के साथ बाढ़ प्रभावितों को राहत सामग्री उपलब्ध कराएं। आपदा के दौरान राहत पहुंचाने के कार्य में राज्य सरकार धन की कमी नहीं होने देगी। जिलाधिकारी स्तर से भी धनराशि आहरित कर बाढ़ पीड़ितों को राहत प्रदान की जा सकती है। उन्होंने जिलाधिकारी को यह भी निर्देश दिए कि बाढ़ आपदा से सम्बन्धित किसी भी समस्या के सम्बन्ध में प्रमुख सचिव राजस्व एवं राहत आयुक्त को तत्काल अवगत कराएं, ताकि समस्या का समाधान किया जा सके। उन्होंने कहा कि बाढ़ का स्थायी समाधान निकालने के लिए सरकार प्रयासरत है।
मुख्यमंत्री जी ने जिला प्रशासन द्वारा चलाए जा रहे राहत कार्यों की समीक्षा की। उन्होंने यह निर्देश दिए कि राहत कार्य में और तेजी लायी जाए। यदि आपदा राहत कार्य मंे किसी भी अधिकारी व कर्मचारी द्वारा लापरवाही पायी गई, तो सम्बन्धित के खिलाफ कठोर कार्यवाही की जाएगी। इस मौके पर उन्होंने बाढ़ पीड़ितों में इकौना क्षेत्र के श्रीमती कोयला देवी, श्री सैफुल, श्रीमती हरजाना, श्री असगर अली, श्री राम समोखन, श्री दिनेश कुमार यादव, श्री विद्याराम, श्री लोकई, श्री धर्मराज सहित तमाम बाढ़ पीड़ितों को राहत सामग्री वितरित की।
img-20170814-wa0039इस अवसर पर जिलाधिकारी ने मुख्यमंत्री जी को राहत कार्य के सम्बन्धित सभी व्यवस्थाओं से अवगत कराया। जिलाधिकारी ने मुख्यमंत्री जी को अवगत कराया कि पड़ोसी देश नेपाल से पानी आ जाने के कारण जनपद में बाढ़ आ गई है, जिससे जिले के लगभग 122 गांव प्रभावित हैं। उन्होंने बताया कि राहत व बचाव कार्य युद्धस्तर पर जारी है। सभी बाढ़ पीड़ितों को खाद्यान्न सामग्री, लंच पैकेट, पानी, त्रिपाल, दवा सहित अन्य उपयोगी वस्तुएं उपलब्ध करायी जा रही हैं। साथ ही, दिन-रात बाढ़ चैकियों पर नोडल अधिकारी कैम्प कर रहे हैं।
इस अवसर पर कृषि राज्यमंत्री श्री रणवेन्द्र प्रताप सिंह (धुन्नी सिंह), अन्य जनप्रतिनिधिगण, शासन-प्रशासन के वरिष्ठ अधिकारी एवं बड़ी संख्या में गणमान्य नागरिक उपस्थित थे।

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मुख्यमंत्री ने बाढ़ राहत कार्यों में लापरवाही बरतने वाले गोण्डा के प्रभारी जिला पूर्ति अधिकारी, पशुधन प्रसार अधिकारी तथा प्राथमिक स्वास्थ्य केन्द्र करनैलगंज के चिकित्साधिकारी को निलम्बित करने के निर्देश दिए

Posted on 14 August 2017 by admin

गोण्डा की मुख्य चिकित्सा अधिकारी को
तत्काल प्रभाव से स्थानान्तरित करने के निर्देश

मुख्य पशु चिकित्साधिकारी को चेतावनी

जनपद बाराबंकी में बाढ़ सम्बन्धी ड्यूटी में शिथिलता
बरतने वाले 03 चिकित्साधिकारियों को कठोर चेतावनी

बहराइच जनपद के पशुधन अधिकारी तथा
आपूर्ति निरीक्षक को भी कठोर चेतावनी

बाढ़ ड्यूटी करने वाले सभी अधिकारी व कर्मचारी अपने
दायित्वों का निष्ठापूर्वक निर्वहन करें, इसमें किसी भी
प्रकार की लापरवाही बर्दाश्त नहीं: मुख्यमंत्री

उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ जी ने बाढ़ राहत कार्यों में लापरवाही बरतने वाले गोण्डा के प्रभारी जिला पूर्ति अधिकारी श्री पूरन सिंह, पशुधन प्रसार अधिकारी श्री के0पी0 द्विवेदी तथा प्राथमिक स्वास्थ्य केन्द्र करनैलगंज के चिकित्साधिकारी डाॅ0 अजीत प्रताप को निलम्बित करने के निर्देश दिए हैं।
जनपद गोण्डा के बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों के भ्रमण के दौरान मुख्यमंत्री जी के संज्ञान में आया कि पशुधन प्रसार अधिकारी श्री के0पी0 द्विवेदी बाढ़ ड्यूटी से अनुपस्थित चल रहे हैं। इसी प्रकार, बाढ़ राहत केन्द्र भटपुरा में तैनात डाॅ0 अजीत प्रताप के बारे में शिकायतें मिलीं कि वे भी अक्सर गायब रहते हैं। प्रभारी जिला पूर्ति अधिकारी श्री पूरन सिंह के बारे में बताया गया कि वे 02 अगस्त, 2017 से बिना सूचना के अनुपस्थित चल रहे हैं। इस पर सख्त रुख अपनाते हुए मुख्यमंत्री जी ने इन अधिकारियों के निलम्बन का निर्णय लिया।
मुख्यमंत्री जी ने बाढ़ राहत कार्यों में लापरवाही पाए जाने पर गोण्डा की मुख्य चिकित्सा अधिकारी डाॅ0 आभा आशुतोष को तत्काल प्रभाव से स्थानान्तरित करने के निर्देश दिए। पशुओं की चारा व्यवस्था में ढिलाई बरते जाने के कारण उन्होंने मुख्य पशु चिकित्साधिकारी डाॅ0 सुभाष चन्द्र जायसवाल को चेतावनी देने के निर्देश दिए।
मुख्यमंत्री जी ने जनपद बाराबंकी में बाढ़ सम्बन्धी ड्यूटी में शिथिलता बरतने वाले चिकित्साधिकारी डाॅ0 लईक अहमद, डाॅ0 वी0के0 सिंह तथा डाॅ0 धर्मेन्द्र राय को कठोर चेतावनी दिए जाने के निर्देश दिए हैं। उन्होंने बहराइच जनपद के पशुधन अधिकारी डाॅ0 राहुल गुप्ता तथा आपूर्ति निरीक्षक श्री साहब लाल यादव को भी कठोर चेतावनी प्रदान करने के निर्देश दिए हैं।
मुख्यमंत्री जी ने बाढ़ ड्यूटी करने वाले सभी अधिकारियों एवं कर्मचारियों को सचेत किया है कि वे अपने दायित्वों का जनहित में निष्ठापूर्वक निर्वहन करें। इसमें किसी भी प्रकार की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों में खाद्यान्न, पेयजल, औषधि, अन्य आवश्यक सामग्री सहित पशुओं के चारे की सुचारू व्यवस्था प्रत्येक दशा में सुनिश्चित की जाए तथा लोगों को राहत पहुंचाने एवं बचाव कार्य के लिए पर्याप्त संख्या में नाव की उपलब्धता सुनिश्चित रखी जाए।

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मुख्यमंत्री ने केन्द्रीय स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्री के साथ बी0आर0डी0 मेडिकल काॅलेज, गोरखपुर का निरीक्षण किया

Posted on 13 August 2017 by admin

मुख्यमंत्री ने चिकित्सकों को मरीजों के बेहतर इलाज के निर्देश दिए

किसी भी मरीज की मृत्यु उपचार के अभाव में नहीं होनी चाहिए: मुख्यमंत्री

गोरखपुर ही नहीं, प्रदेश में कहीं भी लापरवाही के कारण जनहानि होगी, तो सरकार सम्बन्धित के विरुद्ध कठोर कार्यवाही करेगी: मुख्यमंत्री

01कोई भी चिकित्सक प्राइवेट पै्रक्टिस करते पाया गया,
तो उसके विरुद्ध सख्त कार्रवाई होगी: योगी आदित्यनाथ

प्रधानमंत्री द्वारा इस पूरे प्रकरण की जानकारी
लेने हेतु चिकित्सकों की उच्चस्तरीय टीम भेजी गयी

भारत सरकार हर तरह की चिकित्सकीय सुविधा देने के
लिए कटिबद्ध: केन्द्रीय स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्री

मुख्यमंत्री ने गोरखपुर में आयोजित प्रेस-वार्ता को सम्बोधित किया

उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ जी ने आज केन्द्रीय स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्री श्री जगत प्रकाश नड्डा के साथ बी0आर0डी0 मेडिकल काॅलेज, गोरखपुर का निरीक्षण किया।
निरीक्षण के दौरान मुख्यमंत्री जी ने बी0आर0डी0 मेडिकल काॅलेज के जे0ई0/ए0ई0एस0 वाॅर्ड का आकस्मिक निरीक्षण किया। उन्होंने चिकित्सा कक्ष, आई0सी0यू0, नवजात शिशु सघन कक्ष में बेड-टू-बेड जाकर मरीजों का हाल जाना तथा आॅक्सीजन, दवा की उपलब्धता, चिकित्सकीय व्यवस्था, साफ-सफाई आदि को देखा। चिकित्सकों को मरीजों के बेहतर इलाज के निर्देश देते हुए उन्होंने कहा कि किसी भी मरीज की मृत्यु उपचार के अभाव में नहीं होनी चाहिए।press-14
मुख्यमंत्री जी ने बी0आर0डी0 मेडिकल काॅलेज परिसर में आयोजित प्रेस-वार्ता में बताया कि इस प्रकरण की जांच मुख्य सचिव की अध्यक्षता में गठित उच्चस्तरीय कमेटी द्वारा की जाएगी, जिसमें मौत के कारणों की विस्तृत जानकारी मिलेगी। उन्होंने कहा कि गोरखपुर ही नहीं, प्रदेश में कहीं भी लापरवाही के कारण जनहानि होगी, तो सरकार सम्बन्धित के विरुद्ध कठोर कार्यवाही करेगी। उन्होंने यह भी कहा कि चिकित्सा सुविधा के अभाव में जन हानि नहीं होनी चाहिए। यदि कोई भी चिकित्सक प्राइवेट पै्रक्टिस करते हुए पाया गया, तो उसके विरुद्ध सख्त कार्रवाई की जाएगी।
योगी जी ने बताया कि प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी जी इस घटना से काफी दुःखी व चिन्तित हैं। उन्होंने आश्वस्त किया है कि भारत सरकार प्रदेश सरकार को स्वास्थ्य, विकास आदि में सहयोग के लिए निरन्तर तत्पर है। इसके अतिरिक्त, प्रधानमंत्री द्वारा इस पूरे प्रकरण की जानकारी लेने हेतु चिकित्सकों की उच्चस्तरीय टीम भेजी गयी है। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री जी के निर्देश पर कल केन्द्रीय स्वास्थ्य राज्यमंत्री श्रीमती अनुप्रिया पटेल आयी थीं और आज केन्द्रीय स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्री श्री जे0पी0 नड्डा आए हैं। मुख्यमंत्री जी ने कहा कि घटना की जानकारी होने के पश्चात कल प्रदेश के चिकित्सा मंत्री एवं चिकित्सा शिक्षा मंत्री को मेडिकल काॅलेज भेजकर रिपोर्ट प्राप्त की गयी थी।
मुख्यमंत्री जी ने कहा कि जनपद में जे0ई0 के विरुद्ध एक अभियान के तहत टीकाकरण कराया गया था, यह अभियान जे0ई0 प्रभावित 35 जनपदों में चलाया गया था। उन्होंने यह भी बताया कि सभी सी0एच0सी0 पर ई0टी0सी0 की व्यवस्था की गयी है, ताकि मरीज का तात्कालिक इलाज किया जा सके। उन्होंने कहा कि ‘102’ एवं ‘108’ एम्बुलेंस सेवा को बेहतर बनाए रखने एवं उसकी निगरानी रखने हेतु नोडल अधिकारी नामित करने के निर्देश दिए जा चुके हैं। उन्होंने कहा कि 950 बेड का बी0आर0डी0 मेडिकल काॅलेज इस क्षेत्र की पाँच करोड़ आबादी को स्वास्थ्य सेवाएं उपलब्ध कराने के लिए अत्यन्त महत्वपूर्ण है।
केन्द्रीय स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्री श्री जगत प्रकाश नड्डा ने कहा कि भारत सरकार हर तरह की चिकित्सकीय सुविधा देने के लिए कटिबद्ध है। उन्होंने कहा कि गोरखपुर में लगभग 85 करोड़ रुपए की लागत से पूर्णरूपेण राष्ट्रीय विषाणु संस्थान (वाइरोलाॅजी सेण्टर) बनाया जाएगा, जो जे0ई0/ए0ई0एस0 के कारकों पर रिसर्च करेगा। इस सेण्टर की स्थापना से जनता को काफी लाभ होगा। उन्होंने कहा कि भारत सरकार हर सम्भव सहयोग को तैयार है।
इसके पश्चात, मुख्यमंत्री जी ने बी0आर0डी0 मेडिकल काॅलेज के विभिन्न वाॅर्डों का निरीक्षण किया और मरीजों के परिजनों व चिकित्सकों से बात करके फीडबैक लिया।
इस अवसर पर जनप्रतिनिधिगण, शासन-प्रशासन के वरिष्ठ अधिकारी एवं चिकित्सक मौजूद थे।

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मेडिकल कालेज का दौरा किया

Posted on 12 August 2017 by admin

गोरखपुर मेडिकल कालेज में आक्सीजन की कमी के कारण दर्जनों बच्चों की मौत पर कांग्रेस पार्टी की राष्ट्रीय अध्यक्ष श्रीमती सोनिया गांधी जी के निर्देश पर कंाग्रेस पार्टी का एक उच्च स्तरीय प्रतिनिधिमंडल राष्ट्रीय महासचिव-प्रभारी उ0प्र0 श्री गुलाम नबी आजाद के नेतृत्व में आज गोरखपुर मेडिकल कालेज पहंुचकर दौरा किया तथा आक्सीजन की कमी के चलते हुई बच्चों की मौत की जानकारी प्राप्त की एवं पीडि़त परिजनों तथा वार्ड में अन्य मरीजों से जिनके बच्चे अभी भी मेडिकल कालेज में जिन्दगी-मौत से जूझ रहे हैं, मुलाकात कर सांत्वना देते हुए कहा कि दुःख की इस घड़ी में पूरी कांग्रेस पार्टी आपके साथ है।
प्रदेश कंाग्रेस के महामंत्री एवं प्रवक्ता द्विजेन्द्र त्रिपाठी ने बताया कि प्रतिनिधिमंडल में प्रदेश कंाग्रेस अध्यक्ष श्री राजबब्बर सांसद, सांसद श्री प्रमोद तिवारी एवं डॉ0 संजय सिंह, पूर्व केन्द्रीय मंत्री श्री आर0पी0एन0 सिंह एवं कांग्रेस विधानमंडल दल के नेता श्री अजय कुमार लल्लू के साथ ही तमाम स्थानीय वरिष्ठ नेता शामिल रहे।
श्री त्रिपाठी ने बताया कि मेडिकल कालेज में मरीजों एवं उनके परिजनों से मुलाकात के उपरान्त श्री गुलाम नबी आजाद ने प्रेस प्रतिनिधियों से बात करते हुए कहा कि प्रदेश के मुख्यमंत्री 48 घंटे पूर्व ही गोरखपुर आये थे और मेडिकल कालेज का दौरा किया था। उत्तर प्रदेश सरकार इसके लिए पूरी तरह से जिम्मेदार है और इसकी जिम्मेदारी प्रदेश के मुख्यमंत्री को लेनी होगी। श्री आजाद ने मुख्यमंत्री से मांग की है कि इस सम्बन्ध में स्वास्थ्य मंत्री, स्वास्थ्य सचिव सहित सभी जिम्मेदार लोगों को तत्काल बर्खास्त करना चाहिए और उन्हें खुद इसकी जिम्मेदारी लेते हुए पूरे देश से माफी मांगनी चाहिए।
प्रवक्ता ने कहा कि श्री आजाद ने कहा कि यूपीए शासनकाल में इंसेफेलाइटिस को लेकर कई बार कांग्रेस के नेता एवं राष्ट्रीय उपाध्यक्ष श्री राहुल गांधी जी एवं स्वास्थ्य मंत्री के रूप में मैंने खुद न सिर्फ कई बार मेडिकल कालेज का दौरा किया बल्कि कई सौ करोड़ रूपये भी दिये। प्रदेश में गैर कंाग्रेसी सरकार होने के कारण केन्द्र से जो भी धन दिया गया उसका सही व समुचित सदुपयोग नहीं किया गया जिसके कारण तमाम तरह की बीमारियों से मरने वाले बच्चों एवं मरीजों की संख्या लगातार बढ़ती जा रही है। उन्होने कहा कि सिर्फ मेडिकल कालेज प्रशासन एवं चिकित्सकों के ऊपर जिम्मेदारी डालकर सरकार बच नहीं सकती क्योंकि जितने संसाधन उनको दिये जाते हैं उतने में ही उन्हें काम करना पड़ता है। यह बात प्रशासनिक तौर पर भी साबित हो गयी है कि गैस एजेन्सी का 70 लाख रूपया बकाया था जिसकी वजह से आक्सीजन की आपूर्ति नहीं हुई। यह पूरी तरह से प्रशासनिक विफलता है।

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