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लोक कल्याण के प्रति समर्पित होकर राज्य सरकार बगैर किसी भेदभाव के समाज के सभी वर्गों के लिए कार्य कर रही है: मुख्यमंत्री

Posted on 28 June 2017 by admin

प्रधानमंत्री के ‘सबका साथ, सबका विकास’ करने के संकल्प का
अनुसरण करते हुए प्रदेश सरकार जनता की सेवा कर रही है

मुख्यमंत्री ने राज्य सरकार की 100 दिनांे की उपलब्धियों पर संतोष व्यक्त किया

वर्तमान सरकार ने परिवर्तन और प्रगति के संकल्प के साथ 19 मार्च को शपथ ग्रहण की

राज्य सरकार ने प्रदेश को विकास और खुशहाली के रास्ते पर
तेजी से आगे ले जाने के लिए प्रभावी प्रयास प्रारम्भ किए

‘अन्त्योदय’ के स्वप्न को साकार करना हमारा लक्ष्य भी है और संकल्प भी

लोक कल्याण संकल्प पत्र के वादों को पूरा करने की दिशा में महत्वपूर्ण निर्णय लिए गए

उ0प्र0 सरकार के 100 दिन पूरे होने के अवसर पर आयोजित प्रेसवार्ता में मुख्यमंत्री का सम्बोधन

मुख्यमंत्री ने सूचना विभाग द्वारा प्रकाशित पुस्तिका ‘100 दिन विश्वास के’ तथा लघु फिल्म
‘कर्ज माफी से होगा किसान खुशहाल’ का विमोचन किया
उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ जी ने कहा कि राज्य सरकार लोक कल्याण के प्रति समर्पित होकर बगैर किसी भेदभाव के समाज के सभी वर्गों के लिए कार्य कर रही है। इसके लिए शासन-प्रशासन को संवेदनशील और जवाबदेह बनाया गया है। वर्तमान सरकार प्रदेश को विकसित एवं समृद्ध बनाने के लिए विकास योजनाओं का लाभ समाज के अन्तिम व्यक्ति तक पहुंचाने के लिए कृतसंकल्पित है।
प्रदेश सरकार के 100 दिन पूरे होने के अवसर पर मुख्यमंत्री जी आज यहां लोक भवन में आयोजित प्रेस वार्ता में मीडिया प्रतिनिधियों को सम्बोधित कर रहे थे। इस अवसर पर उन्होंने सूचना एवं जनसम्पर्क विभाग द्वारा प्रकाशित पुस्तिका ‘100 दिन विश्वास के’ तथा एक लघु फिल्म ‘कर्ज माफी से होगा किसान खुशहाल’ का भी विमोचन किया।
राज्य सरकार की 100 दिनों की उपलब्धियों पर संतोष व्यक्त करते हुए मुख्यमंत्री जी ने कहा कि किसी भी राज्य में परिवर्तन, विकास और प्रगति के लिए 100 दिन की अवधि एक छोटा कार्यकाल है। सीमित संसाधनों के बीच उत्तर प्रदेश जैसे बड़े राज्य के लिए यह एक चुनौती भी है, जिसे प्रदेश सरकार ने स्वीकार किया है।
विधान सभा चुनाव में प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी जी के नेतृत्व में केन्द्र सरकार की उपलब्धियों तथा पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष श्री अमित शाह की नीतियों पर भरोसा करते हुए भारतीय जनता पार्टी को ऐतिहासिक बहुमत प्रदान करने के लिए राज्य की जनता को बधाई देते हुए योगी जी ने कहा कि वर्तमान सरकार ने परिवर्तन और प्रगति के संकल्प के साथ 19 मार्च, 2017 को शपथ ग्रहण की।
मुख्यमंत्री जी ने कहा कि प्रदेश को एकात्म मानववाद के प्रणेता पं0 दीन दयाल उपाध्याय जी की जन्मभूमि के साथ-साथ कर्मभूमि होने का गौरव प्राप्त है। उनके जन्म-शती वर्ष में वर्तमान सरकार ने कार्यभार ग्रहण किया है। उपाध्याय जी के अन्त्योदय के स्वप्न को साकार करने की दिशा में 100 दिनों का कार्यकाल एक प्रभावी पहल है। उन्होंने कहा कि ‘अन्त्योदय’ के स्वप्न को साकार करना हमारा लक्ष्य भी है और संकल्प भी।
मुख्यमंत्री जी ने मीडिया के माध्यम से प्रदेशवासियों को आश्वस्त किया कि राज्य सरकार प्रदेश को विकास और खुशहाली के रास्ते पर तेजी से आगे ले जाने के लिए प्रभावी प्रयास प्रारम्भ कर चुकी है। अपने इस लक्ष्य को हासिल करने के लिए राज्य सरकार ने लोक कल्याण संकल्प पत्र में किए गए वादों को पूरा करने की दिशा में महत्वपूर्ण निर्णय लिए हैं। उन्होंने कहा कि यह सरकार हर वर्ग, हर तबके के कल्याण के लिए कृतसंकल्पित है। उन्होंने मीडिया से इस कार्य मंे सकारात्मक सहयोग प्रदान करने का अनुरोध किया।
योगी जी ने कहा कि प्रधानमंत्री जी के कुशल नेतृत्व में केन्द्र सरकार ने सुशासन के माध्यम से ‘सबका साथ, सबका विकास’ करने का जो संकल्प लिया है, उसका पूरी तरह अनुसरण करते हुए प्रदेश सरकार भी राज्य की जनता की सेवा कर रही है। उन्होंने कहा कि पिछले 14-15 वर्ष के दौरान प्रदेश प्रगति के पथ पर काफी पिछड़ गया था। इस अवधि में यहां सत्ता पर काबिज रही अन्य दलों की सरकारों के कार्यकाल में भ्रष्टाचार और परिवारवाद के साथ-साथ बदहाल कानून-व्यवस्था ने राज्य तथा यहां की जनता का भारी नुकसान किया। इसलिए राज्य सरकार ने जनता के कल्याण और उत्थान के लिए अविलम्ब प्रभावी कार्यवाही शुरू की। प्रदेश सरकार सुशासन के माध्यम से राज्य को विकास पथ पर आगे बढ़ाने का गम्भीरता से कार्य कर रही है।
योगी जी ने कहा कि प्रदेश सरकार लोगों की भोजन, आवास, सड़क, पेयजल और शौचालय जैसी मूलभूत आवश्यकताओं की पूर्ति के साथ-साथ कानून-व्यवस्था को चाक-चैबन्द रखने के लिए निरन्तर सजग है। प्रदेश में शिक्षा का उन्नयन हो, युवाओं के लिए रोजगार के अवसरों में वृद्धि हो, आम जनता को स्वास्थ्य और परिवहन की अच्छी सुविधा मिले राज्य सरकार ने इस दिशा में भी ठोस प्रयास किए हैं। प्रदेश सरकार द्वारा वर्ष 2017 को ‘गरीब कल्याण वर्ष’ के रूप में मनाने का फैसला लिया गया है। इसके अलावा, हर साल 24 जनवरी को ‘उत्तर प्रदेश दिवस’ के रूप में मनाने का निर्णय भी लिया गया है। समाज के निर्माण में सभी क्षेत्रों एवं वर्गाें के महत्वपूर्ण योगदान का उल्लेख करते हुए उन्होंने कहा कि राज्य सरकार भी केन्द्र सरकार की भांति, ‘सबका साथ-सबका विकास’ की अवधारणा के अनुरूप जनता की सेवा करने के लिए प्रतिबद्ध है।
मुख्यमंत्री जी ने कहा कि प्रदेश की अर्थव्यवस्था मूलतः कृषि पर आधारित है। इसलिए जब तक गांव एवं किसान की वर्तमान स्थिति में सुधार नहीं आएगा, तब-तक राज्य तेजी से प्रगति के पथ पर आगे नहीं बढ़ेगा। इसको दृष्टिगत रखते हुए राज्य सरकार किसानों के हितों को प्राथमिकता दे रही है। किसानों को खाद, बीज के साथ-साथ अन्य कृषि निवेशों की उपलब्धता सुनिश्चित करायी जा रही है।
किसानों को उनकी उपज का लाभकारी मूल्य दिलाने के लिए 05 हजार से अधिक गेहूं क्रय केन्द्रों की स्थापना करते हुए, गत वर्ष की अपेक्षा इस वर्ष साढ़े चार गुना अधिक गेहूं की खरीद हुई। इसी प्रकार कई पेराई सत्रों का लम्बित भुगतान गन्ना किसानों को कराया जा रहा है। अब तक गन्ना किसानों को 22 हजार 517 करोड़ रुपए से अधिक के बकाया गन्ना मूल्य का भुगतान हो चुका है। प्रदेश में पहली बार आलू उत्पादक किसानों के आलू को खरीदकर उन्हें राहत पहुंचाने का कार्य किया गया है। इसके अलावा, प्रधानमंत्री आवास योजना के तहत इस वर्ष 9 लाख 70 हजार से अधिक आवासहीन परिवारों को ग्रामीण क्षेत्र में लाभान्वित किया जा रहा है।
मुख्यमंत्री जी ने कहा कि अपनी पहली कैबिनेट बैठक में राज्य सरकार ने 31 मार्च, 2016 तक के, लघु एवं सीमांत किसानों के 01 लाख रुपए सीमा तक के फसली ऋण को माफ करने का निर्णय लिया। इस निर्णय से 86 लाख किसान लाभान्वित हुए हैं। इसी के साथ राज्य सरकार ने यह भी स्पष्ट कर दिया था कि फैसले का प्रभाव आम जनता एवं विकास कार्यों पर कतई पड़ने नहीं दिया जाएगा। प्रदेश सरकार 36 हजार करोड़ रुपए के अतिरिक्त बोझ को अनावश्यक खर्चों को कम करके पूरा करेगी।
योगी जी ने कहा कि विगत कई वर्षों से राज्य की खनन प्रक्रिया काफी विवादास्पद एवं पक्षपात पूर्ण रही है। राज्य सरकार द्वारा तकनीक आधारित एवं पूरी तरह से पारदर्शी नयी खनन नीति लागू की गई है। भूतत्व एवं खनिकर्म विभाग का ई-वेब पोर्टल लाँच किया गया है, जिससे अब खनिजों के परिवहन के लिए ई-ट्रांज़िट पास की व्यवस्था उपलब्ध हो गई है। सरकारी ठेकों में भ्रष्टाचार समाप्त करने और पारदर्शिता लाने के उद्देश्य से ई-टेण्डरिंग व्यवस्था को सभी विभागों में लागू कर दिया गया है।
मुख्यमंत्री जी ने कहा कि राज्य सरकार ने विरासत में मिली 01 लाख 21 हजार किलोमीटर से अधिक गड्ढायुक्त सड़कों को गड्ढ़ा मुक्त करने, तथा प्रदेश के सभी जनपदों को समान रूप से बिजली आपूर्ति करने जैसे महत्वपूर्ण निर्णय लेते हुए प्रभावी कार्यवाही की है। जिला मुख्यालयों को 24 घण्टे, तहसील मुख्यालयों तथा बुन्देलखण्ड क्षेत्र को 20 घण्टे और ग्रामीण क्षेत्रों को 18 घण्टे बिजली दी जा रही है। इसके अलावा, 24 घण्टे बिजली उपलब्ध कराने के उद्देश्य से केन्द्र सरकार से 24ग7 ‘पावर फाॅर आॅल’ अनुबन्ध हस्ताक्षरित किया गया है। अयोध्या, देवीपाटन, चित्रकूट, शाकुंभरी देवी, विन्ध्याचल, नैमिषारण्य जैसे धार्मिक स्थलों पर अनवरत बिजली आपूर्ति का निर्णय लिया गया है। बी0पी0एल0 परिवारों को मुफ्त बिजली कनेक्शन दिए जाने का निर्णय लिया गया है। शहरी क्षेत्रों में खराब ट्रांसफार्मर को 24 घण्टे व ग्रामीण क्षेत्रों में 48 घण्टे में बदलने की व्यवस्था लागू है।
उत्तर प्रदेश एवं राजस्थान के बीच हस्ताक्षरित अन्तर्राज्यीय परिवहन समझौते का उल्लेख करते हुए उन्होंने कहा कि इससे दोनों राज्यों के मध्य सड़क परिवहन सुगम हो जाएगा और जनता को बेहतर बस सेवाएं उपलब्ध हांेगी। पर्यटन विभाग के वन स्टाॅप टूरिज्म साॅल्यूशन पोर्टल का शुभारम्भ किया गया है। कैलाश मानसरोवर यात्रियों की अनुदान राशि को 50 हजार रुपए से बढ़ाकर 01 लाख रुपए प्रति यात्री कर दिया गया है।  राज्य सरकार ने गाजियाबाद में कैलाश मानसरोवर भवन के निर्माण का फैसला लिया है। प्रयाग अर्द्धकुम्भ, 2019 के आयोजन से पूर्व गंगा जी को स्वच्छ बनाने का काम युद्धस्तर पर जारी है। नमामि गंगे कार्यक्रम के तहत झूंसी, नैनी, फाफामऊ और वृन्दावन की कुल 600 करोड़ रुपए की योजनाएं केन्द्र सरकार से स्वीकृत कराई गई हैं।
राज्य सरकार प्रदेश को माफियामुक्त, गुण्डामुक्त तथा भ्रष्टाचारमुक्त कराने के लिए कृत संकल्प है। इसके तहत भू-माफियाओं के विरुद्ध कार्रवाई के लिए एण्टी भू-माफिया टास्क फोर्स का गठन किया गया है। एण्टी भू-माफिया पोर्टल को लाँच किया गया है। भू-माफियाओं से अब तक करीब 5,895 हेक्टेयर अतिक्रमित भूमि अवमुक्त कराई गई है। वी0आई0पी0 कल्चर को समाप्त करने के लिए आपातकालीन सेवाओं को छोड़कर राज्य में लाल व नीली बत्ती के प्रयोग को पूरी तरह समाप्त किया गया है।
प्रदेश सरकार महिलाओं एवं बालिकाओं को पूरी सुरक्षा देने के साथ-साथ उनके सामाजिक एवं आर्थिक सशक्तिकरण के लिए प्रतिबद्ध है। इसके दृष्टिगत सत्ता में आते ही प्रदेश सरकार द्वारा ‘एण्टी रोमियो स्क्वाॅयड’ के गठन जैसे कई प्रभावी कदम उठाए गए हैं, जिनका असर पूरे प्रदेश में हुआ है। अब महिलाएं तथा बच्चियां पहले से अधिक सुरक्षित महसूस कर रही हैं।
महिलाओं एवं बालिकाओं में सुरक्षा की भावना और सुदृढ़ करने तथा उनके सामाजिक, आर्थिक सशक्तिकरण के दृष्टिगत, कन्या भ्रूण हत्या के विरुद्ध प्रभावी कार्यवाही करने के लिए ‘मुखबिर योजना‘ की शुरुआत की गई है। राज्य सरकार द्वारा महिला हेल्पलाइन ‘181’ का संचालन किया जा रहा है। ‘181’ एक टोल-फ्री नम्बर है, जिस पर 24 घण्टे में किसी भी समय काॅल करके,कोई भी पीड़ित महिला अथवा बालिका सहायता प्राप्त कर सकती है। ‘181’ हेल्पलाइन के तहत ‘64 रेस्क्यू वाहन को लाँच किया गया है। इस प्रकार, प्रदेश के समस्त 75 जिलों में अब यह वाहन महिलाओं की सहायता के लिए उपलब्ध हो गए हैं।
तृतीय अन्तर्राष्ट्रीय योग दिवस के अवसर पर राष्ट्रीय स्तर का मुख्य कार्यक्रम लखनऊ के रमाबाई अम्बेडकर मैदान में सफलतापूर्वक आयोजित किया गया। इस आयोजन में प्रधानमंत्री जी के साथ 51 हजार से अधिक साधकों ने उत्साह और उमंग के साथ योगाभ्यास किया। प्रधानमंत्री जी द्वारा शुरू किये गये स्वच्छ भारत अभियान में लोगों की सहभागिता सुनिश्चित करायी जा रही है। दिसम्बर, 2017 तक प्रदेश के 30 जिलों को ओ0डी0एफ0 अर्थात् खुले में शौच मुक्त घोषित करने का लक्ष्य निर्धारित किया गया है। इसी प्रकार पूरे प्रदेश को अक्टूबर, 2018 तक ओ0डी0एफ0 घोषित करने का लक्ष्य है।
जेवर में अन्तर्राष्ट्रीय हवाई अड्डा बनाए जाने की सैद्धान्तिक सहमति केन्द्र सरकार द्वारा प्रदान की गई। वर्षों से लम्बित यह प्रकरण राज्य सरकार की प्रभावी पैरवी से केन्द्र का अनुमोदन पाने में सफल रहा। स्मार्ट सिटी मिशन के तहत प्रदेश की राजधानी लखनऊ के साथ-साथ वाराणसी, कानपुर व आगरा को पहले ही चयनित किया जा चुका है। वर्तमान सरकार के प्रयास से झांसी, अलीगढ़ एवं इलाहाबाद को स्मार्ट सिटी मिशन के तहत शामिल किया गया है। मेरठ, सहारनपुर, रामपुर, गाजियाबाद और रायबरेली को भी इस मिशन में सम्मिलित कराने के लिए गम्भीरता से प्रयास किये जा रहे हैं।
शिक्षा व्यवस्था में आमूलचूल परिवर्तन करने की दिशा में कार्य शुरू कर दिया गया है। स्कूली बच्चों को यूनीफार्म, पुस्तकें, जूता, मोजा तथा थैला उपलब्ध कराया जाएगा। उच्च शिक्षा में एक समान पाठ्यक्रम की दिशा में कार्रवाई की जा रही है। प्रदेश में 166 पं० दीन दयाल उपाध्याय माॅडर्न स्कूल खोले जाएंगे। राज्य सरकार गुणवत्तापरक शिक्षा सुलभ कराने तथा कौशल विकास के माध्यम से युवाओं को रोजगार के सुगम अवसर उपलब्ध कराने का भी कार्य करेगी।
इंसेफेलाइटिस रोग से प्रदेश के सर्वाधिक संवेदनशील 38 जनपदों के 01 से 15 वर्ष तक के वंचित बच्चों के लिए टीकाकरण का अभियान चलाया गया है। जनता को आपातकालीन चिकित्सा सुविधा उपलब्ध कराने के लिए ‘एडवांस लाइफ सपोर्ट एम्बुलेंस सेवा’ के तहत 150 एम्बुलेंस संचालित की जा रही हैं।
वर्तमान सरकार प्रदेश के सभी क्षेत्रों के विकास के लिए काम कर रही है। बुन्देलखण्ड और पूर्वांचल में आधारभूत ढांचे के विकास के लिए जरूरी कदम उठाए जा रहे हैं। बुन्देलखण्ड एक्सप्रेस-वे बनाने की योजना के साथ-साथ पूर्वांचल एक्सप्रेस-वे का निर्माण भी किया जाएगा। लखनऊ मेट्रो रेल का संचालन शीघ्र प्रारम्भ हो जाएगा। इलाहाबाद, मेरठ, आगरा, गोरखपुर तथा झांसी में मेट्रो रेल परियोजना की संस्तुति की गई है। अयोध्या तथा मथुरा एवं वृन्दावन को नगर निगम का दर्जा दिया गया है।
प्रदेश की नई औद्योगिक नीति तैयार की जा रही है। इसके माध्यम से निवेश को बढ़ावा देते हुए राज्य का संतुलित औद्योगिक विकास किया जाएगा। इसके माध्यम से जहां एक ओर प्रदेश का आर्थिक विकास होगा, वहीं दूसरी ओर हमारे नौजवानों को राज्य में ही रोजगार के अवसर प्राप्त होंगे। पूर्ववर्ती सरकारों के 15 वर्ष के बदहाल शासन का खामियाजा प्रदेश की युवा पीढ़ी को भुगतना पड़ा है। पूर्ववर्ती सरकारों के कार्यकाल में भर्तियों में भ्रष्टाचार का बोलबाला था। इसे समाप्त करते हुए पारदर्शी तरीके से चयन किए जाने का निर्णय लिया गया है।

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उत्तर प्रदेश पर्यटन की दृष्टि से अत्यन्त समृद्ध राज्य है: मुख्यमंत्री

Posted on 26 June 2017 by admin

पर्यटन को उद्योग के रूप में विकसित कर बड़े पैमाने पर लोगों को रोजगार मुहैया कराया जा सकता है
भारत को विश्व पर्यटन मानचित्र में प्रमुखता के साथ स्थापित करने में उत्तर प्रदेश की प्रमुख भूमिका होगी
वर्ष 2019 में प्रयाग अर्द्धकुम्भ से पहले हुगली से प्रयाग तक पानी के जहाज से आवागमन की सुविधा उपलब्ध कराने का प्रयास
उड़ान योजना के तहत जेवर में स्थापित किए जा रहे हवाई अड्डे से पर्यटकों को सुविधा होगी और पर्यटन को बढ़ावा मिलेगा
मुख्यमंत्री ने पर्यटन विकास पर आयोजित सेमिनार को सम्बोधित किया
मुख्यमंत्री ने पर्यटन पर केन्द्रित सेमिनार अन्य शहरों में भी आयोजित करने के निर्देश दिए

press-011मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ जी ने कहा कि उत्तर प्रदेश पर्यटन की दृष्टि से अत्यन्त समृद्ध राज्य है, परन्तु अभी तक इसकी पूर्ण क्षमता का दोहन नहीं हो पाया है। उन्होंने कहा कि वर्तमान राज्य सरकार उत्तर प्रदेश को पर्यटन के क्षेत्र में देश में प्रथम स्थान दिलाने के लिए कार्य कर रही है और भविष्य में यह राज्य यह मुकाम हासिल कर लेगा। आधारभूत सुविधओं और अर्थव्यवस्था के विकास से पर्यटन की गतिविधियां बहुत तेजी से बढ़ रही हैं, जो पर्यटन के विस्तार में महत्वपूर्ण योगदान दे सकती हैं। पर्यटन को उद्योग के रूप में विकसित करने पर बड़े पैमाने पर लोगों को रोजगार मुहैया कराया जा सकता है। राज्य सरकार इस दिशा में कार्य कर रही है।
मुख्यमंत्री जी ने यह विचार आज यहां होटल रेनेसां में पर्यटन विकास पर आयोजित सेमिनार को सम्बोधित करते हुए व्यक्त किए। उन्होंने कहा कि प्राचीनकाल से ही भारतवर्ष में तीर्थाटन पर्यटन का अभिन्न अंग रहा है। अयोध्या, काशी, मथुरा, विंध्याचल, चित्रकूट, नैमिषारण्य इत्यादि धार्मिक स्थलों पर लोग तीर्थाटन के लिए निरन्तर आते-जाते रहते हैं। इसी प्रकार शारदीय और ग्रीष्म नवरात्रि के दौरान लोग बड़ी सख्या में विंध्याचल पहुंचते हैं। चित्रकूट का अपना एक अलग स्थान है। उन्होंने कहा कि चित्रकूट का इतिहास लगभग आठ हजार वर्ष पुराना है। धर्म में आस्था रखने वाले तमाम लोग चित्रकूट की यात्रा करते हैं। स्पष्ट है कि धार्मिक पर्यटन इस क्षेत्र की एक महत्वपूर्ण गतिविधि है, जिसे और प्रोत्साहन दिए जाने की आवश्यकता है। राज्य सरकार द्वारा प्रदेश के प्रमुख धार्मिक स्थलों को 24 घण्टे बिजली आपूर्ति की पहल सत्ता में आते ही कर दी गई थी, ताकि तीर्थाटन के लिए आने वाले पर्यटकों को कोई असुविधा न हो। साथ ही, इन स्थलों पर साफ-सफाई सुनिश्चित करने तथा जनसुविधाएं विकसित करने के भी निर्देश दिए गये हैं।
योगी जी ने कहा कि भारतीय संस्कृति विश्व की प्राचीनतम संस्कृति है। ऐसे में, भारत को विश्व पर्यटन मानचित्र में प्रमुखता के साथ स्थापित करना होगा, जिसमें उत्तर प्रदेश की प्रमुख भूमिका होगी। उन्होंने कहा कि उत्तर प्रदेश में प्राकृतिक, ऐतिहासिक, धार्मिक तथा सांस्कृतिक महत्व के अनेक आकर्षक पर्यटन स्थल हैं, जहां पर पर्यटकों का आना-जाना लगातार बना रहता है। प्रदेश में अनेक वन्य जीव अभ्यारण्य मौजूद हैं, जहां बड़ी संख्या में पर्यटक आते हैं। उन्हांेने कहा कि पर्यटकों की सुविधा के लिए इनका और अधिक विकास किया जाना चाहिए। इसी प्रकार ऐतिहासिक स्थलों पर जनसुविधाओं इत्यादि के विकास पर भी कार्य किया जाना चाहिए।press-02
मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार ने पर्यटन के विकास के लिए कई योजनाएं प्रस्तावित की हैं। नई योजनाओं में केन्द्रीय योजना के अन्तर्गत प्रासाद स्कीम तथा स्वदेश दर्शन स्कीम के अलावा अन्य चालू योजनाएं शामिल हैं। उन्होंने कहा कि लोक कल्याण संकल्प पत्र के अनुरूप अयोध्या, गोरखपुर, इलाहाबाद, नैमिषारण्य, वाराणसी आदि स्थलों के लिए वृहद योजना तैयार की जा रही है। पर्यटक स्थलों पर विभिन्न जन सुविधाओं का विकास कराया जा रहा है, ताकि पर्यटकों को कोई असुविधा न हो।
योगी जी ने कहा कि राज्य सरकार द्वारा विभिन्न सांस्कृतिक पर्यटन सर्किटों जैसे राम सर्किट, कृष्ण सर्किट, बुद्ध सर्किट आदि का विकास करके इनकी अवस्थापना सुविधाएं और बेहतर की जाएंगी। इसके अलावा पर्यटकों की सुविधा के लिए मथुरा, वृंदावन, अयोध्या, प्रयाग, विंध्याचल, नैमिषारण्य, चित्रकूट, कुशीनगर और वाराणसी आदि में पर्यटन सुविधाओं का विकास किया जाएगा। उन्होंने कहा कि प्रदेश में बड़ी संख्या में मौजूद बौद्ध धर्म स्थलों का विकास किया जाएगा, ताकि बौद्ध अनुयायियों के अलावा अन्य पर्यटक भी इन स्थलों की ओर आकर्षित हो सकें।
योगी जी ने कहा कि उड़ान योजना के तहत जेवर में स्थापित किए जा रहे हवाई अड्डे से पर्यटकों को बहुत सुविधा होगी और पर्यटन को बढ़ावा मिलेगा। इसके अलावा कुशीनगर हवाई अड्डे को भी अपग्रेड किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि पर्यटकों की सुविधा के लिए प्रदेश के प्रमुख शहरों को हवाई सेवाओं से जोड़ने की दिशा में भी कार्य चल रहा है। इसके अलावा हेलीकाॅप्टर सेवा शुरू करने के भी प्रयास हो रहे हैं। केन्द्र सरकार तथा राज्य सरकार द्वारा यह प्रयास किया जा रहा है कि वर्ष 2019 में प्रयाग में होने वाले अर्द्धकुम्भ से पहले हुगली से प्रयाग तक पानी के जहाज से आवागमन की सुविधा उपलब्ध कराई जाए। उन्होंने कहा कि प्रयाग मंे एक अच्छे होटल की आवश्यकता महसूस की गई है। राज्य सरकार यह कोशिश करेगी कि यह अर्द्धकुम्भ से पहले निर्मित हो जाए।
मुख्यमंत्री जी ने कहा कि पर्यटन विभाग को राज्य में पर्यटन के विकास के लिए और योजनाएं बनाने के लिए कहा। उन्हांेने पर्यटन पर केन्द्रित ऐसे ही सेमिनार अन्य शहरों में भी आयोजित करने के भी निर्देश दिए।
कार्यक्रम को सम्बोधित करते हुए पर्यटन मंत्री श्रीमती रीता बहुगुणा जोशी ने कहा कि भारत की संस्कृति विश्व की सबसे प्राचीनतम है। प्रदेश में पर्यटन की बड़ी सम्पदा और सम्भावनाएं मौजूद हैं, जिनके माध्यम से प्रदेश का आर्थिक विकास किया जा सकता है। विगत सरकारों ने पर्यटन के विकास के लिए कोई कार्य नहीं किया। वर्तमान सरकार प्रदेश का पर्यटन के क्षेत्र में शीर्ष पर स्थापित करने के लिए कटिबद्ध है। पर्यटन विकास के लिए सरकार और निजी क्षेत्र की भागीदारी आवश्यक है। उन्होंने राज्य में पर्यटन को बढ़ावा देने के लिए अच्छे टूर पैकेजों की आवश्यकता पर बल दिया। प्रयाग में आयोजित होने वाले अर्द्धकुम्भ 2019 को अन्तर्राष्ट्रीय स्तर पर कैसे स्थान दिलाया जाए इस पर काम करना होगा। उन्होंने कहा कि भविष्य में बुन्देलखण्ड पर्यटन का उभरता हुआ क्षेत्र बनेगा। उन्होंने आशा व्यक्त की कि पर्यटन के विस्तार और विकास से 10 लाख रोजगार निर्मित होंगे।
इससे पूर्व प्रमुख सचिव पर्यटन श्री अवनीश अवस्थी ने सेमिनार को सम्बोधित करते हुए पर्यटन विभाग द्वारा इसके विकास और विस्तार के लिए किए जा रहे कार्यों के विषय में जानकारी दी। उन्होंने कहा कि आज का यह सेमिनार राज्य सरकार के 100 दिन पूरे होने के उपलक्ष्य में आयोजित किया गया है। पर्यटन के क्षेत्र मंे उत्तर प्रदेश देश में इस समय दूसरे स्थान पर है। इसके अलावा विदेशी पर्यटकों द्वारा उत्तर प्रदेश आने के सम्बन्ध में उत्तर प्रदेश देश में तीसरे स्थान पर है। रामायण सर्किट, बद्धिस्ट सर्किट, नैमिषारण्य, वन्य जीव स्थल इत्यादि पर्यटकों के प्रिय गन्तव्य हैं। राज्य का पर्यटन विभाग प्रदेश में पर्यटन के विकास और विस्तार के लिए कार्य कर रहा है और नई योजनाओं पर भी काम चल रहा है। उन्होंने कहा कि राज्य में पर्यटन के विकास में सरकार के अलावा पर्यटन से जुड़ी निजी संस्थाओं जैसे, टूर आॅपरेटर्स इत्यादि की महत्वपूर्ण भूमिका होगी। कार्यक्रम को पर्यटन निगम के प्रबन्ध निदेशक ने भी सम्बोधित किया।
इससे पूर्व सेमिनार का शुभारम्भ मुख्यमंत्री ने दीप प्रज्ज्वलित कर किया। कार्यक्रम के दौरान मुख्यमंत्री ने ‘वन स्टाॅप ट्रैवेल साॅल्यूशन पोर्टल’ का भी शुभारम्भ किया। पर्यटकों के लिए यह पोर्टल आठ भाषाआंे में उपलब्ध होगा।
कार्यक्रम के दौरान शासन-प्रशासन के वरिष्ठ अधिकारी, बड़ी संख्या में पर्यटन से जुड़े निजी क्षेत्र के लोग तथा गणमान्य नागरिक मौजूद थे।

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राज्य सरकार महिलाओं एवं बालिकाओं को पूरी सुरक्षा देने के साथ-साथ उनके सामाजिक और आर्थिक सशक्तीकरण के लिए कृतसंकल्प: मुख्यमंत्री

Posted on 25 June 2017 by admin

महिलाआंे को सम्मान देने वाला समाज ही प्रगति कर सकता है

महिलाआंे को सुरक्षा व भयमुक्त वातावरण उपलब्ध कराने के साथ ही उन्हें स्वावलम्बी बनाने के लिए राज्य सरकार पूरी तरह गम्भीर

समाज की एक ज्वलन्त समस्या है घटता लिंगानुपात

मुख्यमंत्री ने ‘181’ महिला हेल्पलाइन के ‘64 रेस्क्यू वाहनों के फ्लैग आॅफ’ तथा ‘मुखबिर योजना’ के शुभारम्भ कार्यक्रम को सम्बोधित किया

64 जनपदों हेतु रेस्क्यू वैन सेवा के विस्तारीकरण से
अब प्रदेश के सभी जनपद इस सेवा से आच्छादित हो गयेpress-52
उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ जी ने कहा है कि राज्य सरकार महिलाओं एवं बालिकाओं को पूरी सुरक्षा देने के साथ-साथ उनके सामाजिक और आर्थिक सशक्तीकरण के लिए कृतसंकल्प है। कोई भी समाज बिना महिलाओं के योगदान के विकास नहीं कर सकता। इसके दृष्टिगत सत्ता में आते ही प्रदेश सरकार द्वारा एण्टी रोमिया स्क्वायड जैसे कई प्रभावी कदम उठाये गये हैं। महिलाआंे को सम्मान देने वाला समाज ही प्रगति कर सकता है। महिलाआंे को सुरक्षा व भयमुक्त वातावरण उपलब्ध कराने के साथ ही उन्हें स्वावलम्बी बनाने के लिए राज्य सरकार पूरी तरह से गम्भीर है।
मुख्यमंत्री जी आज यहां अपने सरकारी आवास पर ‘181’ महिला हेल्पलाइन के ‘64 रेस्क्यू वाहनों के फ्लैग आॅफ’ तथा कन्या भ्रूण हत्या रोकने हेतु ‘मुखबिर योजना’ के शुभारम्भ कार्यक्रम को सम्बोधित कर रहे थे। उन्होंने कहा कि कोई भी राष्ट्र तभी समृद्ध हो सकता है, जब समाज में स्त्री और पुरुष दोनों की भागीदारी सुनिश्चित हो। राज्य सरकार द्वारा लखनऊ में स्थित केन्द्रीकृत काॅल सेण्टर के माध्यम से महिला हेल्पलाइन ‘181’ का संचालन किया जा रहा है। यह एक टोल-फ्री नम्बर है, जिस पर 24 घण्टे काॅल की सुविधा उपलब्ध रहेगी। उन्होंने कहा कि कोई भी पीड़ित महिला अथवा बालिका इससे सहायता प्राप्त कर सकती है। ‘181’ महिला हेल्पलाइन पर फोन करने वाली पीड़िता को काॅल रिसीव होते ही तत्काल आवश्यक परामर्श उपलब्ध कराया जाता है।press-9
योगी जी ने कहा कि काॅल करने वाली पीड़ित महिला के सबसे नजदीक उपलब्ध जी०पी०एस० युक्त रेस्क्यू वैन के माध्यम से ‘181’ हेल्पलाइन की टीम घटना स्थल पर पहुंचकर सहायता प्रदान करती है। इस वैन में एक प्रशिक्षित महिला परामर्शदाता के साथ-साथ एक महिला पुलिस आरक्षी भी तैनात रहती है, जो पीड़ित महिलाओं को विषम परिस्थितियों से बचाने व परामर्श देने का कार्य भी करती है। उन्होंने कहा कि वर्तमान समय में 11 जनपदों में ‘181’ महिला हेल्पलाइन एवं रेस्क्यू वैन का संचालन हो रहा है। आज प्रदेश के शेष 64 जनपदों हेतु रेस्क्यू वैन सेवा का विस्तारीकरण किया गया है। अब इस सेवा से प्रदेश के सभी जनपद आच्छादित हो गये।
मुख्यमंत्री जी ने कहा कि इस सेवा का सम्पूर्ण प्रदेश में विस्तारीकरण के दृष्टिगत लखनऊ में संचालित केन्द्रीकृत काॅल सेण्टर की क्षमता 6 सीटर से बढ़ाकर 30 सीटर कर दी गयी है, जिसकी सहायता से सम्पूर्ण प्रदेश से आने वाली टेलीफोन काॅल्स के आधार पर तत्काल सहायता उपलब्ध करायी जा सकेगी।
योगी जी ने कहा कि घटता हुआ लिंगानुपात आज समाज की एक ज्वलन्त समस्या है। इसके दृष्टिगत राज्य सरकार द्वारा ‘मुखबिर योजना’ का शुभारम्भ किया गया है। घटते लिंगानुपात को रोकने के लिए जनजागरूकता व कानून की आवश्यकता है। प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी जी ने बेटियों पर होने वाले भेदभाव को समाप्त करने तथा बेटियों को उनका हक दिलाने के लिए ‘बेटी बचाओ, बेटी पढ़ाओ’ योजना संचालित की है। मुख्यमंत्री जी ने कहा कि लिंग परीक्षण करके बालिका भ्रूण हत्या रोकने का कार्य जन सहयोग के बिना सम्भव नहीं है। इसके लिए राज्य सरकार ने ‘मुखबिर योजना’ शुरू की है। लिंग चयन एवं लिंग चयन के पश्चात विशेष लिंग की भ्रूण हत्या के अवैध कार्य में संलिप्त व्यक्तियों, केन्द्रों, संस्थाओं की गोपनीय रूप से जांच की जाए तथा ऐसे व्यक्तियों, केन्द्रों, संस्थाओं को डिक्वाॅय आॅपरेशन के माध्यम से प्राप्त सूचना के आधार पर दण्डित किया जाएगा। इस योजना के माध्यम से भ्रूण हत्या के सम्बन्ध में जनता से गोपनीय रूप से सूचना प्राप्त की जाएगी। ऐसे व्यक्तियों और संस्थाओं के विरुद्ध कार्रवाई करके उन्हें कानून के शिकंजे में लाया जाएगा, जो तकनीक का दुरुपयोग भ्रूण का लिंग पता करके बेटियों को जन्म लेने से रोक रहे हैं।
मुख्यमंत्री जी ने कहा कि ‘मुखबिर योजना’ में आम जनता का सहयोग प्राप्त होने से उन चिकित्सकों में भय पैदा होगा, जो बेटी के जन्म लेने से पहले ही भ्रूण हत्या करते हैं। इस योजना के कार्यान्वयन होने से घटते लिंगानुपात पर प्रभावी रोक लगेगी। उन्होंने कहा कि प्रदेश के कुछ जनपदों में लिंगानुपात बहुत कम है वहां पर लघु फिल्म, लघु नाटक, गोष्ठियों आदि कार्यक्रमों के माध्यम से जनजागरूकता अभियान चलाया जाए।
महिला कल्याण एवं परिवार कल्याण मंत्री श्रीमती रीता बहुगुणा जोशी ने कार्यक्रम को सम्बोधित करते हुए कहा कि वर्तमान सरकार लिंगानुपात की बेहतरी के लिए कार्य कर रही है। इसके लिए राज्य सरकार द्वारा भ्रूण हत्या के सम्बन्ध में गोपनीय रूप से आम जनता से भी सूचना प्राप्त की जाएगी। इसके लिए उन्हें प्रेरित किया जाएगा। मुखबिर योजना से पी०सी०पी०एन०डी०टी० अधिनियम को और प्रभावी रूप से लागू किया जा सकेगा। उन्होंने कहा कि गोपनीय सूचना देने वाले को 2 लाख रुपये तक की प्रोत्साहन धनराशि दी जाएगी। साथ ही, सूचना देने वाले का नाम भी गोपनीय रखा जाएगा।
चिकित्सा एवं स्वास्थ्य मंत्री श्री सिद्धार्थ नाथ सिंह ने कहा कि वर्तमान सरकार महिलाओं के सशक्तीकरण के प्रति बेहद गम्भीर है। इस अवसर पर कृषि मंत्री श्री सूर्य प्रताप शाही, स्टाम्प एवं रजिस्ट्रेशन शुल्क मंत्री श्री नन्द गोपाल गुप्ता नन्दी, सूचना प्रौद्योगिकी राज्य मंत्री श्री मोहसिन रजा, अल्पसंख्यक कल्याण राज्य मंत्री श्री बलदेव ओलख, महिला कल्याण राज्य मंत्री श्रीमती स्वाती सिंह व प्रमुख सचिव महिला कल्याण सुश्री रेणुका कुमार सहित अन्य गणमान्य नागरिक उपस्थित थे।

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मुख्यमंत्री ने स्मार्ट सिटी मिशन में प्रदेश के 03 नये नगरों को शामिल किये जाने पर प्रधानमंत्री तथा केन्द्रीय शहरी विकास मंत्री को धन्यवाद ज्ञापित करते हुए केन्द्र सरकार के प्रति आभार जताया

Posted on 24 June 2017 by admin

वीरांगना रानी लक्ष्मीबाई का शहर झांसी, क्राॅफ्ट नगरी अलीगढ़ एवं संगम नगरी इलाहाबाद स्मार्ट सिटी मिशन में शामिल
नये नगरों को सम्मिलित करते हुए प्रदेश में स्मार्ट सिटी मिशन के तहत शामिल शहरों की संख्या 07
मेरठ, रायबरेली, गाजियाबाद, सहारनपुर व रामपुर को स्मार्ट सिटी मिशन परियोजना में शामिल कराने के लिए राज्य सरकार गम्भीरता से प्रयास करेगी: मुख्यमंत्री

उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ जी ने स्मार्ट सिटी मिशन में प्रदेश के 03 नये नगरों को शामिल किये जाने पर प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी जी तथा केन्द्रीय शहरी विकास मंत्री श्री एम० वेंकैया नायडू जी को धन्यवाद ज्ञापित करते हुए केन्द्र सरकार के प्रति आभार जताया है।
मुख्यमंत्री जी ने आश्वस्त किया कि प्रदेश सरकार स्मार्ट सिटी मिशन के तहत चयनित नगरों के विकास के लिए तत्परता से काम शुरू कर उन्हें समय से पूरा कराने का हर सम्भव प्रयास करेगी। आज प्रदेश के जिन 03 नगरों को स्मार्ट सिटी मिशन में शामिल किया गया है, उनमें वीरांगना रानी लक्ष्मीबाई का शहर झांसी, क्राफ्ट नगरी अलीगढ़ एवं संगम नगरी इलाहाबाद शामिल हैं।
मुख्यमंत्री जी ने कहा कि स्मार्ट सिटी मिशन के तहत प्रदेश की राजधानी लखनऊ के साथ-साथ वाराणसी, कानपुर व आगरा को पहले ही सूचीबद्ध किया जा चुका है। मिशन के अनुरूप इन नगरों में कई परियोजनाओं को अन्तिम रूप देने की कार्रवाई तेजी से चल रही है। 5 मई, 2017 को लखनऊ में केन्द्रीय शहरी विकास मंत्री के साथ सम्पन्न बैठक का उल्लेख करते हुए उन्होंने कहा कि इस बैठक में प्रदेश के अन्य नगरों को स्मार्ट सिटी परियोजना के तहत आच्छादित कराने के लिए सम्भावित नगरों में तैयारी शुरू करने की बात कही गयी थी। उन्होंने इस बात पर खुशी जाहिर की कि श्री वेंकैया जी ने अपने आश्वासन के अनुरूप मिशन के तहत चयनित किये जाने वाले सम्भावित नगरों पर गम्भीरता से विचार करते हुए इन्हें स्मार्ट सिटी मिशन के तहत आच्छादित करने की स्वीकृति प्रदान कर दी है। नये नगरों को सम्मिलित करते हुए उत्तर प्रदेश में स्मार्ट सिटी मिशन के तहत अब नगरों की संख्या 07 हो गयी है। मुख्यमंत्री जी ने कहा कि शेष 05 नगरों-मेरठ, रायबरेली, गाजियाबाद, सहारनपुर व रामपुर को स्मार्ट सिटी मिशन परियोजना में शामिल कराने के लिए राज्य सरकार द्वारा गम्भीरता से प्रयास किये जाएंगे।
योगी जी ने कहा कि स्मार्ट सिटी मिशन के तहत आच्छादित नगरों में आधारभूत सुविधाओं एवं सेवाओं का विकास मानक के अनुरूप कराने के लिए कार्य शुरू कर दिया गया है। उन्होंने स्पष्ट किया कि राज्य सरकार इन नगरों के विकास में लापरवाही बरतने वाले अधिकारियों एवं कार्यदायी संस्थाओं के विरुद्ध सख्त कार्रवाई करने में कतई नहीं हिचकेगी। उन्होंने कहा कि स्मार्ट सिटी मिशन के तहत कराये गये कार्याें एवं उपलब्ध करायी जाने वाली सेवाओं के फलस्वरूप नगरों की स्थिति में पर्याप्त सुधार होगा, जिससे यहां के निवासियों को विश्वस्तरीय सुविधाएं उपलब्ध हो सकेंगी।
ज्ञातव्य है कि स्मार्ट सिटी मिशन के तहत प्रत्येक नागरिक को किफायती घर, प्रत्येक तरह की आधारभूत सुविधा, 24 घण्टे पानी एवं विद्युत आपूर्ति की व्यवस्था, शिक्षा के पर्याप्त विकल्प, सुरक्षा की आधुनिक सुविधा, मनोरंजन और खेल-कूद के साधन सहित अच्छे स्कूल और अस्पताल के अलावा, आसपास के क्षेत्रों से अच्छी और तेज कनेक्टिविटी की सुविधा उपलब्ध कराने की योजना बनायी गयी है।

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पुरुषार्थ का कोई विकल्प नहीं हो सकता: मुख्यमंत्री

Posted on 23 June 2017 by admin

press-62मेधावी विद्यार्थियों की सफलता में उनके परिवार तथा शिक्षकों का महत्वपूर्ण योगदान है
राज्य सरकार 01 से 15 जुलाई तक ‘खूब पढ़ो, आगे बढ़ो’ अभियान चलाने का निर्णय लिया
जीवन पलायन नहीं अपितु संघर्ष, परिश्रम एवं पुरुषार्थ का नाम है
बालिकाओं को समान ही अवसर दिया जाए तो वे सभी क्षेत्रों में उल्लेखनीय कार्य कर सकती हैं
राज्य सरकार माध्यमिक शिक्षा बोर्ड में बदलाव कर एन०सी०ई०आर०टी० पैटर्न पर शिक्षा उपलब्ध कराने के प्रति गम्भीरता से काम कर रही है
प्रदेश में 166 पं० दीन दयाल उपाध्याय माॅडर्न स्कूल खोले जाएंगे
शैक्षिक सत्र 2017-18 में रानी लक्ष्मीबाई कोष से 500 मेधावी छात्र-छात्राओं को हाॅस्टल व शिक्षा शुल्क आदि सुविधाएं राज्य सरकार देगी
मुख्यमंत्री ने उ०प्र० माध्यमिक शिक्षा परिषद सहित तीनों बोर्डाें के 147 मेधावी छात्र-छात्राओं को रानी लक्ष्मीबाई पुरस्कार से सम्मानित किया
सभी विद्यार्थियों को एक-एक लाख रु० का चेक, एक-एक टैबलेट एवं प्रशस्ति-पत्र दिया गया
मेधावी विद्यार्थियों के माता-पिता के साथ-साथ तीनों बोर्डाें के प्रथम 7 स्थान प्राप्त करने वाले संस्था के प्रधानाचार्य को भी सम्मानित किया गया
मुख्यमंत्री ने मेधावी छात्र-छात्राओं के सम्मान समारोह को सम्बोधित किया

press-34उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ जी ने कहा है कि पुरुषार्थ का कोई विकल्प नहीं हो सकता। उन्होंने जीवन में सफलता के लिए संघर्ष को एक मात्र उपाय बताते हुए कहा कि जीवन से पलायन करना कायरता है। उन्होंने कहा कि कोई भी समाज अपनी प्रतिभाओं को प्रोत्साहित कर आने वाली पीढ़ी के लिए भविष्य का खाका तैयार कर सकती है। उन्होंने मेधावी विद्यार्थियों को आश्वस्त किया कि वर्तमान राज्य सरकार नौजवानों की प्रगति के लिए बेहतर वातावरण बनाने का काम करेगी।
मुख्यमंत्री जी आज यहां लोक भवन में प्रदेश के मेधावी छात्र-छात्राओं के सम्मान समारोह में बोल रहे थे। इस अवसर पर उन्होंने उत्तर प्रदेश माध्यमिक शिक्षा परिषद की हाईस्कूल एवं इण्टरमीडिएट की परीक्षा में प्रथम 10 स्थान पाने वाले 117, आई०सी०एस०ई० संस्था द्वारा संचालित कक्षा 10 व 12 के शीर्ष स्थान प्राप्त करने वाले 19 तथा सी०बी०एस०ई० बोर्ड के कक्षा 12 के 11 मेधावी विद्यार्थियों अर्थात् कुल 147 मेधावी छात्र-छात्राओं को रानी लक्ष्मीबाई पुरस्कार से सम्मानित किया। सभी मेधावी छात्र-छात्राओं को एक-एक लाख रुपये का चेक, एक-एक टैबलेट एवं प्रशस्ति-पत्र दिया गया। इस अवसर पर मेधावी छात्र-छात्राओं के माता-पिता एवं प्रत्येक बोर्ड के प्रथम स्थान प्राप्त करने वाले 7 छात्र-छात्राओं की संस्थाओं के प्रधानाचार्य/प्रधानाचार्या को भी सम्मानित किया गया।7
इस अवसर पर योगी जी ने कहा कि सत्ता में आने के बाद इस सरकार द्वारा माध्यमिक शिक्षा परिषद की बोर्ड परीक्षाओं में नकल को रोकने के लिए अभियान चलाया गया था। लेकिन बिहार माध्यमिक शिक्षा परिषद के परिणामों को देखते हुए यह आशंका व्यक्त की जा रही थी कि यहां के भी परिणाम बिहार की तर्ज पर होंगे। परन्तु उत्तर प्रदेश माध्यमिक शिक्षा परिषद की बोर्ड परीक्षाओं के परिणाम आने के बाद यह स्पष्ट हुआ कि प्रदेश के विद्यार्थियों ने मेहनत के साथ पढ़ाई की है। इसीलिए राज्य सरकार ने प्रदेश के प्रतिभावान छात्र-छात्राओं को प्रोत्साहित करने के लिए सम्मान समारोह आयोजित करने का निर्णय लिया। उन्होंने छात्रों को सलाह देते हुए कहा कि सकारात्मक एवं अच्छी सोच के साथ परिश्रम करने पर सफलता की मंजिल तक पहुंचने से कोई रोक नहीं सकता है।
मुख्यमंत्री जी ने कहा कि मेधावी विद्यार्थियों की सफलता में उनके साथ-साथ उनका परिवार तथा शिक्षकों ने भी एकनिष्ठ होकर प्रयास किया है। शिक्षा जगत में अच्छे एवं कर्मठ अध्यापकों की कमी नहीं है। लेकिन उन्हें कार्य करने का बेहतर वातावरण उपलब्ध कराना होगा। समाज में एक स्वस्थ प्रतिस्पर्धा का वातावरण तैयार करना होगा। राज्य सरकार अच्छे अध्यापकों एवं प्रतिभाशाली छात्रों को हर सम्भव सहायता एवं माहौल देने का हर सम्भव प्रयास करेगी।
योगी जी ने कहा कि राज्य सरकार ने 01 से 15 जुलाई, 2017 तक ‘खूब पढ़ो, आगे बढ़ो’ अभियान चलाने का निर्णय लिया है, जिससे प्रदेश का कोई भी बालक-बालिका स्कूल जाने से वंचित न होने पाए। कक्षा 8 तक के प्रत्येक विद्यार्थी को राज्य सरकार यूनीफाॅर्म, जूता-मोजा, बैग एवं पुस्तकें उपलब्ध कराने का काम करेगी। उन्होंने कहा कि उत्तर प्रदेश पूरे देश को नेतृत्व देने की क्षमता रखता है। अगर भारत को बुलन्दियों पर पहुंचाना है तो इसका रास्ता उत्तर प्रदेश से ही होकर जाएगा।
मुख्यमंत्री जी ने कहा कि शिक्षा को संस्कारों से जोड़े बिना विकास सम्भव नहीं है। शिक्षा ऐसी होनी चाहिए जो व्यक्ति को स्वावलम्बी बनाने के साथ-साथ उसके सर्वांगीण विकास में भी मदद करे। इन तमाम उद्देश्यों को प्राप्त करने के लिए वर्तमान राज्य सरकार गम्भीरता से काम कर रही है। इसी कड़ी में राज्य सरकार ने प्रदेश के मेधावी छात्र-छात्राओं को सम्मानित करने का काम किया है। उन्होंने कहा कि प्रदेश के नौजवानों को जब भी मौका मिला है उन्होंने पूरी दुनिया में अपनी प्रतिभा का परचम लहराया है। ‘अयोग्यो पुरुषोनास्ति योजकः तत्र दुर्लभः’ सूत्र वाक्य का उल्लेख करते हुए उन्होंने कहा कि समाज में कोई अयोग्य नहीं हो सकता और यदि अयोग्य है तो इसका तात्पर्य वहां कोई मार्ग दर्शक नहीं हैं। उन्होंने कहा कि योजक के रूप में शिक्षकों एवं अभिभावकों की भूमिका महत्वपूर्ण हो जाती है। यदि बच्चों की कमी बचपन में ही पहचान कर उनको सही मार्ग पर चलने के लिए प्रेरित किया जाए तो सफलता निश्चित रूप से मिलेगी।8
योगी जी ने विद्यार्थियों को सलाह देते हुए कहा कि जीवन में सफलता प्राप्त करने के लिए कभी शाॅर्टकट का सहारा नहीं लेना चाहिए। पुरुषार्थ से ही भाग्य बदला जा सकता है। जीवन में निराशा पैदा करने वाली भावनाओं को दूर कर आशाभाव से आगे बढ़ने के लिए कठोर परिश्रम करना चाहिए। जीवन पलायन नहीं अपितु संघर्ष, परिश्रम एवं पुरुषार्थ का नाम है। उन्होंने इस बात पर खुशी जाहिर की कि जिन 147 मेधावी छात्र-छात्राओं को सम्मानित किया जा रहा है, उनमें 99 बालिकाएं हैं। उन्होंने कहा कि बालिकाएं सभी क्षेत्रों में अच्छा कार्य कर रही हैं।
मुख्यमंत्री जी ने कहा कि बालिकाओं को लेकर समाज के कतिपय लोगों में जो गलत धारणा बन गयी है उसे बदलना होगा। विभिन्न बोर्ड के परिणामों को प्रदेश के लिए सुखद बताते हुए उन्होंने कहा कि कई राज्यों में बालकों की अपेक्षा बालिकाओं की संख्या घट रही है। इसीलिए प्रधानमंत्री जी को ‘बेटी बचाओ, बेटी पढ़ाओ’ का अभियान चलाना पड़ा। उन्होंने भू्रण हत्या एवं बालिकाओं को विद्यालय न भेजने वालों के कृत्य को निन्दनीय बताते हुए इस धारणा में परिवर्तन की सख्त जरूरत पर बल दिया। उन्होंने इस बात पर प्रसन्नता व्यक्त किया कि प्रदेश में बालिकाएं सभी क्षेत्रों में आगे बढ़ रही हैं। स्पर्धा में अपने को सक्षम बनाते हुए अच्छा स्थान प्राप्त कर रही हैं। इससे स्पष्ट है कि अगर बालिकाओं को बालकों के समान ही अवसर दिया जाए तो वे सभी क्षेत्र में उल्लेखनीय कार्य कर सकती हैं।
ज्ञातव्य है कि मुख्यमंत्री जी ने अपने सम्बोधन मंे माध्यमिक शिक्षा परिषद की हाईस्कूल परीक्षा में प्रथम स्थान प्राप्त करने वाली सुश्री तेजस्वी देवी, इण्टरमीडिएट परीक्षा की टाॅपर सुश्री प्रियांशी तिवारी, आई0एस0सी0 (कक्षा-12) की टाॅपर सुश्री आयुषी श्रीवास्तव तथा सी०बी०एस०ई० की कक्षा 12वीं की आॅल इण्डिया टाॅपर सुश्री रक्षा गोपाल का विशेष रूप से उल्लेख किया।
उप मुख्यमंत्री डाॅ० दिनेश शर्मा ने कार्यक्रम को सम्बोधित करते हुए कहा कि वर्तमान राज्य सरकार शिक्षा में सुधार के लिए लगातार चिन्तन-मनन कर रही है। राज्य सरकार ‘खूब पढ़ो, आगे बढ़ो’ के अभियान को एक जुलाई, 2017 से शुरू करने जा रही है। इससे शत-प्रतिशत साक्षरता दर प्राप्त की जा सकेगी। उन्होंने कहा कि विश्वविद्यालयों में शैक्षिक कैलेण्डर में 220 दिन पढ़ाई के लिए होंगे तथा 20 दिन माॅनिटरिंग के लिए होंगे। राज्य सरकार कोचिंग सिस्टम को भी कम करने का प्रयास कर रही है। आने वाले समय में माध्यमिक शिक्षा बोर्ड में बदलाव कर एन०सी०ई०आर०टी० पैटर्न पर शिक्षा उपलब्ध कराने के प्रति गम्भीरता से काम कर रही है। उन्होंने कहा कि प्रदेश में 166 पं० दीन दयाल उपाध्याय माॅडर्न स्कूल भी खोले जाएंगे।
महिला कल्याण मंत्री श्रीमती रीता बहुगुणा जोशी ने मेधावी छात्र-छात्रओं को सम्बोधित करते हुए कहा कि आज का दिन इन मेधावियों के लिए विशेष महत्व का है। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार पढ़ाई की बेहतरी के लिए कार्य कर रही है और पढ़ाई का वातावरण तैयार कर रही है, जिससे बच्चों में पढ़ाई के प्रति लगन बढ़ी है। उन्होंने कहा कि अगले शैक्षिक सत्र 2017-18 में रानी लक्ष्मीबाई कोष के माध्यम से 500 मेधावी छात्र-छात्राओं को हाॅस्टल व शिक्षा शुल्क सहित अन्य सुविधाएं राज्य सरकार देगी।
इस अवसर पर माध्यमिक शिक्षा राज्य मंत्री श्री संदीप सिंह, अपर मुख्य सचिव माध्यमिक एवं उच्च शिक्षा श्री संजय अग्रवाल, प्रमुख सचिव सूचना श्री अवनीश कुमार अवस्थी, प्रमुख सचिव महिला कल्याण सुश्री रेणुका कुमार, शिक्षणगण सहित अन्य गणमान्य लोग उपस्थित थे।

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राज्यपाल और मुख्यमंत्री ने रमाबाई अम्बेडकर रैली मैदान का निरीक्षण किया

Posted on 20 June 2017 by admin

राज्यपाल और मुख्यमंत्री ने पूर्वाभ्यास भी देखा
मुख्यमंत्री ने सामूहिक योगाभ्यास कार्यक्रम के सम्बन्ध में अधिकारियों को दिशा-निर्देश दिए
तृतीय अन्तर्राष्ट्रीय योग दिवस की तैयारी

up-yog-divasउत्तर प्रदेश के राज्यपाल श्री राम नाईक जी और मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ जी ने तृतीय अन्तर्राष्ट्रीय योग दिवस के अवसर पर यहां रमाबाई अम्बेडकर रैली मैदान पर सम्पन्न होने वाले सामूहिक योगाभ्यास कार्यक्रम की तैयारियों का आज निरीक्षण किया। उल्लेखनीय है कि 21 जून, 2017 को आयोजित होने वाले इस कार्यक्रम में प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी जी रमाबाई अम्बेडकर रैली मैदान में योग साधकों के साथ योग करेंगे।
कार्यक्रम की तैयारियों का जायजा लेने के साथ ही, राज्यपाल जी और मुख्यमंत्री जी ने पूर्वाभ्यास भी देखा। निरीक्षण के दौरान मुख्यमंत्री जी ने वरिष्ठ अधिकारियों को सामूहिक योगाभ्यास कार्यक्रम के सम्बन्ध में दिशा-निर्देश भी दिए।
press-15निरीक्षण के दौरान मुख्य सचिव श्री राहुल भटनागर, स्वास्थ्य सचिव भारत सरकार श्री सी0के0 मिश्रा, प्रमुख सचिव गृह श्री अरविन्द कुमार, पुलिस महानिदेशक श्री सुलखान सिंह, प्रमुख सचिव सूचना श्री अवनीश कुमार अवस्थी, मण्डलायुक्त लखनऊ श्री अनिल गर्ग, सूचना निदेशक श्री अनुज कुमार झा सहित अन्य वरिष्ठ अधिकारी मौजूद थे।

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मुख्यमंत्री ने जनता की समस्याओं को सुना

Posted on 11 June 2017 by admin

समस्याओं के त्वरित निस्तारण के लिए अधिकारियों को निर्देशित किया

press-61उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ जी ने आज अपने सरकारी आवास पर जनता की समस्याओं को सुना। प्रदेश के दूर-दराज क्षेत्रों से आए लोगों ने अपनी विभिन्न समस्याओं से सम्बन्धित आवेदन पत्र मुख्यमंत्री जी को दिए। मुख्यमंत्री जी ने जनता को उनकी शिकायतों पर शीघ्र कार्रवाई का भरोसा दिया तथा अधिकारियों को जनसमस्याओं के त्वरित निस्तारण के निर्देश दिए।
press-7जनपद सीतापुर से आयीं सुश्री निर्मला शुक्ला ने मुख्यमंत्री से दिव्यांग पेंशन दिलाने का आग्रह किया। सिद्धार्थनगर से आयीं सुश्री जुलेबा देवी ने अपने बेटे की किडनी के इलाज के लिए आर्थिक सहायता का निवेदन किया। मुरादाबाद से आये श्री रईस ने अपनी जमीन की चकबन्दी के लिए मुख्यमंत्री जी से अनुरोध किया। कानपुर से आये श्री बलवन्त सिंह ने अपने पुत्र पर लगे गलत आरोपों के सम्बन्ध में मुख्यमंत्री जी को अवगत कराते हुए निष्पक्ष जांच करवाने का निवेदन किया।
इनके अलावा, भी बड़ी संख्या में लोगों ने मुख्यमंत्री जी से भेंट कर अपनी समस्याओं को बताया। उन्होंने सभी मामलों में प्रभावी कार्रवाई करने के निर्देश भी दिए।

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अन्तर्राष्ट्रीय योग दिवस कार्यक्रम से पूर्व, लखनऊ में साफ-सफाई का कार्य 19 जून तक अभियान चलाकर पूरा किया जाए: मुख्यमंत्री

Posted on 11 June 2017 by admin

राजधानी की सड़कों व सार्वजनिक स्थलों पर एल०ई०डी० बल्ब तत्काल लगाये जाएं अवैध होर्डिंगों को अविलम्ब हटाया जाए
19 जून, 2017 को रमाबाई अम्बेडकर मैदान में कार्यक्रम का पूर्वाभ्यास आयोजित करने के निर्देश
जिलों में सम्पन्न होने वाले कार्यक्रम में प्रभारी मंत्री प्रतिभाग करेंगे
योगासन पर आधारित कट-आउट्स प्रमुख स्थानों पर स्थापित किये जाएं
मुख्यमंत्री द्वारा तृतीय अन्तर्राष्ट्रीय योग दिवस पर आयोजित होने वाले कार्यक्रम की तैयारियों की समीक्षा

press-14उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ जी ने 21 जून, 2017 को तृतीय अन्तर्राष्ट्रीय योग दिवस के अवसर पर लखनऊ में आयोजित होने वाले कार्यक्रम से पूर्व, शहर में साफ-सफाई का कार्य 19 जून, 2017 तक अभियान चलाकर पूरा करने के निर्देश दिये हैं। उन्होंने कहा है कि राजधानी की सड़कों एवं अन्य सार्वजनिक स्थलों पर कम बिजली खपत वाले एल०ई०डी० बल्ब तत्काल लगाये जाएं।
मुख्यमंत्री जी आज यहां शास्त्री भवन में आहूत एक उच्चस्तरीय बैठक में अन्तर्राष्ट्रीय योग दिवस पर आयोजित होने वाले कार्यक्रम की तैयारियों की समीक्षा कर रहे थे। इस अवसर पर भारत सरकार के आयुष विभाग के राज्य मंत्री (स्वतंत्र प्रभार) श्री श्रीपद यशोनाईक भी उपस्थित थे।
मुख्यमंत्री जी ने अधिकारियों को सचेत करते हुए कहा कि अन्तर्राष्ट्रीय योग दिवस पर लखनऊ सहित प्रदेश के सभी जिलों में आयोजित होने वाले कार्यक्रमों को सुव्यवस्थित ढंग से संचालित करने के लिए सभी जरूरी प्रबन्ध समय से सुनिश्चित करें। इस सम्बन्ध में किसी भी स्तर पर उदासीनता बर्दाश्त नहीं की जाएगी। लापरवाही बरतने वालों की जिम्मेदारी तय करते हुए ऐसे कर्मियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी।
योगी जी ने कहा कि अन्तर्राष्ट्रीय योग दिवस पर लखनऊ के रमाबाई अम्बेडकर मैदान में सम्पन्न कराये जाने वाले कार्यक्रम में प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी जी सहित बड़ी संख्या में लोग प्रतिभाग करेंगे। इस अवसर पर देश-विदेश के मीडिया प्रतिनिधि तथा अन्य गणमान्य व्यक्ति भी उपस्थित रहेंगे। इसके दृष्टिगत यह आवश्यक है कि स्वच्छता अभियान चलाकर शहर को साफ-सुथरा बनाया जाए। अवैध रूप से तथा बेतरतीब ढंग से स्थापित होर्डिंगों को भी अविलम्ब हटाया जाए। उन्होंने 19 जून, 2017 को रमाबाई अम्बेडकर मैदान में कार्यक्रम का पूर्वाभ्यास आयोजित करने के निर्देश देते हुए कहा कि वे स्वयं इसमंे सम्मिलित होंगे। उन्होंने प्रतिभागियों की डाटा फीडिंग करते हुए समय से प्रतिभागियों को परिचय-पत्र उपलब्ध कराने के भी निर्देश दिये।
मुख्यमंत्री जी ने कहा कि लखनऊ में अन्तर्राष्ट्रीय योग दिवस का कार्यक्रम रमाबाई अम्बेडकर मैदान सहित शहर के 11 पार्काें में भी आयोजित होगा। इन पार्काें की व्यवस्थाओं को सुनिश्चित कराने के लिए वरिष्ठ अधिकारियों को नोडल अधिकारी नामित किया जाए। मुख्य आयोजन स्थल तथा इन चिन्हित पार्काें में साफ-सफाई, स्वच्छ पेयजल, शौचालय, पब्लिक एड्रेस सिस्टम, चिकित्सा, अग्निशमन, विद्युत एवं सुरक्षा की पुख्ता व्यवस्था की जाए। मुख्य कार्यक्रम स्थल तक प्रतिभागियों को निःशुल्क लाने तथा वापस ले जाने हेतु बसों का भी मुकम्मल इंतजाम किया जाए। बसों में पुलिसकर्मियों की ड्यूटी लगायी जाए तथा महिला प्रतिभागियों को लाने वाले वाहनों में महिला कांस्टेबलों की अनिवार्य रूप से तैनाती की जाए।
योगी जी ने कहा कि यह कार्यक्रम प्रातःकाल आयोजित होगा, जिसके दृष्टिगत मुख्य कार्यक्रम स्थल के लिए बसों का संचालन देर रात प्रारम्भ हो जाएगा। ऐसे में यह आवश्यक होगा कि वाहन चालकों को सावधानीपूर्वक वाहन चलाने के लिए पहले से ही आगाह कर दिया जाए। उपयोग में लाए जाने वाले वाहनों की भी फिटनेस सम्बन्धी जांच समय से सुनिश्चित कर ली जाए। वाहनों की रवानगी की व्यवस्था इस प्रकार की जाए, जिससे प्रतिभागीगण समय से कार्यक्रम स्थल पहुंच सकें। अधिकारी यह भी ध्यान रखें कि  ट्रैफिक व्यवस्था सुदृढ़ रहे तथा प्रतिभागियों को आवागमन में कोई असुविधा न हो। उन्होंने कहा कि कार्यक्रम से पूर्व तथा उसके बाद भी बिजली की सुचारु आपूर्ति की व्यवस्था भी सुनिश्चित की जाए।
योगी जी ने कहा कि सभी जिलों में सम्पन्न होने वाले कार्यक्रम में सम्बन्धित जनपद के प्रभारी मंत्री प्रतिभाग करेंगे। इसके अलावा, सांसद एवं विधायकगण भी अपने-अपने क्षेत्र में होने वाले कार्यक्रम में शामिल होंगे। अन्तर्राष्ट्रीय योग दिवस एवं योग के सम्बन्ध में जागरूकता लाने के लिए प्रचार-प्रसार पर बल देते हुए उन्होंने कहा कि लखनऊ सहित सभी जिलों में होर्डिंग्स लगायी जाएं। इसके अलावा, योगासन पर आधारित कट-आउट्स/होर्डिंग्स भी प्रमुख स्थानों पर स्थापित किये जाएं।
बैठक में अवगत कराया गया कि अन्तर्राष्ट्रीय योग दिवस कार्यक्रम में प्रतिभाग करने हेतु विभिन्न विभागों एवं संस्थाओं को 55,000 से अधिक फाॅर्म उपलब्ध कराये गये हैं। योग दिवस कार्यक्रम में हिस्सा लेने वाले प्रतिभागियों को योग संस्थाओं द्वारा प्रशिक्षित किया जा रहा है। सभी संस्थाओं को व्हाट्सएप ग्रुप पर भी जोड़ा गया है। मुख्य कार्यक्रम स्थल पर प्रतिभागियों को ले जाने एवं वापस लाने के लिए परिवहन विभाग तथा राज्य सड़क परिवहन निगम के माध्यम से बसों की व्यवस्था करायी जा रही है। प्रत्येक बस से लगभग 50 प्रतिभागी को लाने की व्यवस्था रहेगी। मुख्य कार्यक्रम स्थल पर सूचना विभाग द्वारा मीडिया सेण्टर की स्थापना की जा रही है। मुख्य आयोजन स्थल तथा 11 चिन्हित पार्काें में लाइव टेलीकास्ट हेतु एल०ई०डी० स्क्रीन लगवायी जाएंगी। दूरदर्शन द्वारा मुख्य आयोजन का लाइव टेलीकास्ट किया जाएगा।
बैठक में राज्य सरकार के मंत्री श्री आशुतोष टण्डन सहित भारत सरकार एवं राज्य सरकार के वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित थे।

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फसली ऋण माफी योजना के क्रियान्वयन के सम्बन्ध में मुख्यमंत्री की अध्यक्षता में उच्च स्तरीय बैठक सम्पन्न, वित्त विभाग को प्रभावी निर्देश

Posted on 10 June 2017 by admin

  • राज्य सरकार का बजट पारित होने के फौरन बाद लघु व सीमान्त किसानों की फसली ऋण माफी की समतुल्य धनराशि बैंकों को उपलब्ध कराते हुए,  किसानों को ऋण माफी सम्बन्धी प्रमाण-पत्र प्रदान किये जाएं: मुख्यमंत्री
  • कर्ज माफी प्रमाण-पत्र 86 लाख लघु एवं सीमान्त  किसानों के बीच जाकर उपलब्ध कराए जाएंगे
  • सभी बैंकों को यह निर्देश दे दिये जाएं कि राज्य सरकार का बजट पास होने तक वे इस योजना से लाभान्वित होने वाले किसानों को कोई नोटिस न जारी करें
  • योजना के प्रभावी क्रियान्वयन के लिए जनपद स्तर पर  जिलाधिकारी की अध्यक्षता में एक समिति गठित
  • योजना से लाभान्वित होने वाले किसानों के बैंक खातों को आधार से लिंक कराया जाए
  • यह सरकार किसानों के कल्याण व उनकी खुशहाली के लिए संकल्पबद्ध

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ जी ने फसली ऋण योजना के क्रियान्वयन के सम्बन्ध में एक उच्च स्तरीय बैठक की अध्यक्षता करते हुए वित्त विभाग को प्रभावी निर्देश दिए हैं।
मुख्यमंत्री जी ने राज्य सरकार का वर्ष 2017-18 का बजट पारित होने के तत्काल बाद लघु व सीमान्त किसानों की फसली ऋण माफी की समतुल्य धनराशि बैंकों को उपलब्ध कराते हुए, किसानों को ऋण माफी सम्बन्धी प्रमाण-पत्र प्रदान किये जाने के निर्देश दिये हैं। उन्होंने कहा कि कर्ज माफी प्रमाण-पत्र 86 लाख लघु एवं सीमान्त किसानांे के बीच जाकर उपलब्ध कराए जाएंगे।
मुख्यमंत्री ने आज यहां शास्त्री भवन में लघु व सीमान्त किसानों की फसली ऋण माफी योजना के क्रियान्वयन के सम्बन्ध में एक उच्चस्तरीय बैठक की अध्यक्षता करते हुए निर्देश दिए कि संवैधानिक व्यवस्था के तहत बजट पारित कराकर योजना को लागू किया जाए।
योगी जी ने कहा कि सभी बैंकों को स्पष्ट निर्देश दे दिये जाएं कि राज्य सरकार का बजट पास होने तक वे इस योजना से लाभान्वित होने वाले किसानों को ऋण अदाएगी के लिए कोई नोटिस न जारी करें। उन्होंने निर्देशित किया कि तत्काल राज्यस्तरीय बैंकर्स समिति की बैठक आहूत कर इस योजना का प्रभावी क्रियान्वयन सुनिश्चित किया जाए।
योजना का प्रभावी क्रियान्वयन किये जाने के निर्देश देते हुए मुख्यमंत्री जी ने कहा कि इसके लिए जनपद स्तर पर सम्बन्धित जिलाधिकारी की अध्यक्षता में एक समिति गठित की जाए, जिसमें कृषि तथा विकास से जुड़े विभागों एवं सूचना विभाग के जिलास्तरीय अधिकारी सदस्य के रूप में नामित किये जाएं। जिला कृषि अधिकारी इस समिति के सदस्य सचिव होंगे। जिलाधिकारी यह सुनिश्चित करेंगे कि योजना का लाभ प्रत्येक लाभान्वित होने वाले किसान तक पहुंचे और सूचना वृहद् रूप से गांव-गांव तक पहुंचाई जाए।
यह भी तय किया गया कि योजना से लाभान्वित होने वाले किसानों के बैंक खातों को आधार से लिंक कराया जाए। ऐसे किसानों से अपने बैंक खातों को आधार से जोड़े जाने की अपील करते हुए मुख्यमंत्री जी ने अधिकारियों को निर्देशित किया कि वे इस सम्बन्ध में बैंकों से आवश्यक समन्वय बनाते हुए आवश्यकतानुसार किसानों की के०वाई०सी० औपचारिकताएं भी पूर्ण करवाएं।
योगी जी ने कहा कि यह सरकार किसानों के कल्याण व उनकी खुशहाली के लिए संकल्पबद्ध है। वर्तमान सरकार ने अपनी पहली कैबिनेट बैठक में लघु व सीमान्त किसानों के 31 मार्च, 2016 तक के एक लाख रुपये तक के फसली ऋण को माफ किये जाने का ऐतिहासिक निर्णय लिया था।
यह उल्लेखनीय है कि प्रदेश में मूल्य समर्थन योजना के तहत अब तक
32.16 लाख मीट्रिक टन गेहूं की खरीद की गई है, जो पिछले साल से 04 गुना अधिक है। अब तक गन्ना किसानों को 22,190 करोड़ रुपये से अधिक के गन्ना मूल्य का भुगतान कराया जा चुका है। प्रदेश में चीनी का रिकाॅर्ड उत्पादन हुआ है।
बैठक में वित्त मंत्री श्री राजेश अग्रवाल, मुख्य सचिव श्री राहुल भटनागर, अपर मुख्य सचिव वित्त डाॅ० अनूप चन्द्र पाण्डेय तथा प्रमुख सचिव कृषि श्री रजनीश गुप्ता उपस्थित थे।

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मुख्यमंत्री ने जन शिकायतों के समयबद्ध निस्तारण में लापरवाही बरतने और उदासीनता दिखाने के कारण 10 वरिष्ठ अधिकारियों से स्पष्टीकरण मांगे जाने के निर्देश दिए

Posted on 10 June 2017 by admin

मुख्यमंत्री ने सचिव बेसिक शिक्षा परिषद (इलाहाबाद), निदेशक बेसिक शिक्षा, निदेशक माध्यमिक शिक्षा, अपर निदेशक माध्यमिक शिक्षा तथा अपर निदेशक बेसिक शिक्षा से स्पष्टीकरण मांगने के निर्देश दिए
महानिदेशक चिकित्सा एवं स्वास्थ्य, निदेशक समाज कल्याण, निदेशक पंचायती राज, प्रमुख अभियन्ता लोक निर्माण विभाग तथा प्रमुख अभियन्ता सिंचाई एवं जल संसाधन विभाग से भी स्पष्टीकरण मांगा जाए
जन-शिकायतों का समयबद्ध तथा गुणवत्तापूर्ण निस्तारण राज्य सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकताओं में शामिल, इस सम्बन्ध में लापरवाही बरतने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई होगी: मुख्यमंत्री
उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ जी ने जन शिकायतों के समयबद्ध निस्तारण में सबसे ज्यादा खराब प्रदर्शन करने वाले 10 वरिष्ठ अधिकारियों से स्पष्टीकरण मांगे जाने के निर्देश दिए हैं। उन्होंने जिन अधिकारियों से स्पष्टीकरण मांगे जाने के निर्देश दिए हैं, उनमें सचिव बेसिक शिक्षा परिषद इलाहाबाद, महानिदेशक चिकित्सा एवं स्वास्थ्य, निदेशक बेसिक शिक्षा, निदेशक माध्यमिक शिक्षा, निदेशक समाज कल्याण, निदेशक पंचायती राज, अपर निदेशक माध्यमिक शिक्षा (इलाहाबाद), अपर निदेशक बेसिक शिक्षा (इलाहाबाद), प्रमुख अभियन्ता लोक निर्माण विभाग तथा प्रमुख अभियन्ता सिंचाई एवं जल संसाधन विभाग शामिल हैं।
मुख्यमंत्री जी ने मुख्य सचिव को निर्देशित किया है कि वे इन अधिकारियों का स्पष्टीकरण प्राप्त करते हुए जन-शिकायतों के निस्तारण में अपेक्षित गति लाया जाना सुनिश्चित करें। ज्ञातव्य है कि मुख्यमंत्री जी द्वारा लोक-शिकायतों के निस्तारण की समीक्षा की गई थी। उन्होंने अधिक संख्या में संदर्भाें के अनिस्तारित रहने को चिन्ताजनक बताते हुए इन अधिकारियों से स्पष्टीकरण तलब किए जाने का फैसला लिया है। उन्होंने कहा है कि जन-शिकायतों का निर्धारित समय सीमा में गुणवत्तापूर्ण निस्तारण राज्य सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकताओं में शामिल है और इस सम्बन्ध में लापरवाही बरतने वालों के विरूद्ध सख्त कार्रवाई होगी।

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