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राज्य वन विकास अभिकरण, उत्तर प्रदेश के गठन को मंजूरी

Posted on 04 September 2010 by admin

उत्तर प्रदेश की मुख्यमन्त्री सुश्री मायावती की अध्यक्षता में आज यहां सम्पन्न मन्त्रिपरिद् की बैठक में निम्न निर्णय लिए गए

लखनऊ -  उत्तर प्रदेश मन्त्रिपरिद् ने आज राज्य वन विकास अभिकरण के गठन के प्रस्ताव को मंजूरी प्रदान कर दी। साथ ही मन्त्रिपरिद् ने राज्य वन विकास अभिकरण का गठन सोसाइटीज रजिस्ट्रेशन एक्ट-1860 के अन्तर्गत किए जाने तथा सोसाइटी के मेमोरेण्डम ऑफ एसोसिएशन एवं नियमावली को भी अनुमोदित कर दिया है।

गौरतलब है कि प्रदेश में वन क्षेत्रों के कुछ भागों का संरक्षण संवर्धन एवं विकास स्थानीय ग्रामवासियों के साथ सहभागी प्रबन्धन से किया जा रहा है। इसके लिए वित्त पोण राश्ट्रीय वनीय कार्यक्रम के तहत राश्ट्रीय वनीकरण एवं पारिस्थितिकीय विकास बोर्ड, वन एवं पर्यावरण मन्त्रालय, भारत सरकार द्वारा किया जाता है। अब इस कार्यक्रम के संशोधित संचालन मार्ग निर्देश में राज्य स्तर पर वन विकास अभिकरण के गठन करने के निर्देश हैं।

प्रस्तावित राज्य वन विकास अभिकरण, उत्तर प्रदेश के समस्त प्रभागों के वन विकास अभिकरणों के संघ के रूप में कार्य करेगा। पूर्व में प्रभागों द्वारा वन विकास अभिकरण के प्रस्ताव भारत सरकार को अलग-अलग प्रेशित किए जाते थे। वर्तमान निर्देश के अनुसार समस्त वन प्रभागों से सम्बन्धित प्रस्ताव संहत रूप से भारत सरकार को प्रेशित किया जाना है। पूर्व में भारत सरकार द्वारा वित्त पोण सीधे प्रभाग स्तरीय वन विकास अभिकरण को किया जाता था। अब नए मार्ग निर्देश के अनुसार प्रदेश स्तर पर धनरािश भारत सरकार द्वारा राज्य वन विकास अभिकरण को उपलब्ध करायी जायेगी।

लघु उद्यमियों, विशिष्ट हस्तिशल्पियों व निर्यात प्रोत्साहन हेतु संचालित पुरस्कार योजनायें बाबा साहेब डा0 भीमराव अम्बेडकर एवं मान्यवर श्री कांशीराम जी के नाम पर देने का निर्णय

मन्त्रिपरिषद ने लघु उद्यमियों, विशिष्ट हस्तशिल्पियों तथा निर्यात प्रोत्साहन हेतु संचालित पुरस्कार योजनाओं का नामकरण बाबा साहेब डा0 भीमराव अम्बेडकर एवं मान्यवर श्री कांशीराम जी जैसे महानुभावों के नाम पर किये जाने का निर्णय लिया है।

मन्त्रिपरिषद द्वारा लिये गये निर्णय के अनुसार लघु उद्यमी प्रादेशिक पुरस्कार योजना अब `बाबा साहेब डा0 भीमराव अम्बेडकर लघु उद्यमी प्रादेशिक पुरस्कार योजना` के नाम से जानी जायेगी। विशिष्ट हस्त शिल्पियों को दिये जाने वाला प्रादेशिक पुरस्कार योजना भी अब `बाबा साहेब डा0 भीमराव अम्बेडकर विशिष्ट हस्तशिल्पी प्रादेशिक पुरस्कार योजना` के नाम से होगी। इसी प्रकार निर्यात पुरस्कार योजना का नाम `मान्यवर श्री कांशीराम निर्यात पुरस्कार योजना` कर दिया गया है।

ज्ञातव्य है कि उत्तर प्रदेश सूक्ष्म, लघु एवं मध्यम उद्यम के क्षेत्र में एक अग्रणी राज्य हैं। प्रदेश के लघु उद्योग एवं निर्यात प्रोत्साहन विभाग द्वारा प्रदेश के लघु उद्यमियों को लघु उद्योग पुरस्कार, हस्तशिल्पियों को हस्तशिल्प पुरस्कार एवं निर्यातकों को निर्यात पुरस्कार दिये जाने की योजना विद्यमान है। राज्य सरकार ने इन पुरस्कारों को बाबा साहेब डा0 भीमराव अम्बेडकर तथा मान्यवर श्री कांशीराम जी जैसे महानुभावों की स्मृति स्वरूप, इनके नाम पर संचालित करने का फैसला किया है। इन महानुभावों का देश व समाज के उन्नयन में बहुमूल्य योगदान रहा है। मन्त्रिपरिद के निर्णय से जहां एक ओर  इन पुरस्कार योजनाओं का मान बढ़ेगा, वहीं दूसरी ओर इन पुरस्कारों को पाने वाले व्यक्ति स्वयं को गौरवािन्वत महसूस करेंगे।

कृशि विश्वविद्यालयों एवं डीम्ड विश्वविद्यालय, इलाहाबाद के शिक्षकों/समकक्षीय संवर्ग को पुनरीक्षित वेतनमान देने का निर्णय

मन्त्रिपरिद् ने आज कृषि विश्वविद्यालय, मेरठ, फैजाबाद, कानपुर एवं इलाहाबाद एग्रीकल्चरल इन्स्टीट्यूट (डीम्ड विश्वविद्यालय) इलाहाबाद के शिक्षकों/समकक्षीय संवर्ग को छठे वेतन आयोग की संस्तुतियों के अनुरूप वेतनमान पुनरीक्षित करने की अनुमति प्रदान कर दी है।
मन्त्रिपरिद् द्वारा लिए गए निर्णय के अनुसार शिक्षकों/समकक्षीय संवर्ग के वेतनमानों का 01 जनवरी, 2006 से पुनरीक्षण कृषि मन्त्रालय, भारत सरकार के पत्र दिनांक 13 मार्च, 2009 के अनुसार होगा। वेतनमानों का पुनरीक्षण उन्हीं मामलों में अनुमन्य होगा, जिनमें 01 जनवरी, 2006 को भारतीय कृषि अनुसंधान परिद के देय वेतनमान पा रहे थे। पुनरीक्षण वेतनमान का लाभ 01 जनवरी, 2006 से देय होगा तथा अन्य भत्ते उसी प्रकार दिए जायेंगे, जैसा कि राज्य सरकार के कर्मचारियों को स्वीकृत किये जाते हैं।

मन्त्रिपरिद् द्वारा लिए गए निर्णय के अनुसार नए वेतनमानों में नोशनल फिक्सेशन कर भुगतान 01 दिसम्बर, 2008 से देय होगा। पुनरीक्षित वेतनमान के एरियर भुगतान के सम्बन्ध में निर्णय लिया गया है कि 01 जनवरी, 2006 से 30 नवम्बर, 2008 तक के अवशेश/अन्तरवेतन का भुगतान तभी अनुमन्य होगा, जब आई0सी0ए0आर0 (भारत सरकार) दिनांक 01 जनवरी, 2006 से दिनांक 31 मार्च, 2010 तक की अवधि के एरियर के व्यय भार का 80 प्रतिशत वहन करने के लिए सहमति प्रदान करते हुए इस हेतु देय धनरािश अवमुक्त कर दे। देय अवशेश धनराशि का आधा भुगतान वर्ष 2010-11 में एवं शेश आधा भुगतान वर्ष 2011-12 में किया जायेगा। भुगतान की पद्धति राज्य कर्मचारियों के समान ही होगी।

अनुदानित अभियन्त्रण संस्थाओं में संचालित विभिन्न पाठ्यक्रमों हेतु शिक्षण शुल्क का निर्धारण
मन्त्रिपरिषद द्वारा अनुदानित अभियन्त्रण संस्थाओं ( इन्जीनियरिंग कालेज) में संचालित विभिन्न पाठ्यक्रमों में वर्तमान में लागू शुल्क दरों को संशोधित किये जाने के प्रस्ताव को मन्जूरी प्रदान कर दी है।

मन्त्रिपरिषद द्वारा लिये गये निर्णय के अनुसार सरकार द्वारा अनुदानित समस्त अभियन्त्रण संस्थाओं में, एन0आर0आई कोटे की पांच प्रतिशत सीटों को छोड़ते हुए शिक्षण सत्र 2010-11 से बी0 टेक, बी0 आर्क, बी0फार्मा आदि के लिये 40 हजार रू0 प्रति छात्र प्रति वर्ष शुल्क निर्धारित किया गया है। इसी प्रकार एम0सी0ए0, एम0बी0ए0, एम0टेक के लिए 25 हजार रू0 प्रति छात्र प्रति वर्ष शुल्क निर्धारित किया गया है। इस शुल्क में छात्रावास शुल्क तथा परीक्षा शुल्क सम्मिलित नहीं है। छात्रावास शुल्क संस्थाओं द्वारा नियमानुसार अपनी अधिशाशी समिति के माध्यम से निर्धारित की जायेगी। परीक्षा शुल्क प्राविधिक विश्वविद्यालय द्वारा निर्धारित किया जायेगा।

यह शुल्क ऐसे छात्रों से लिया जायेगा, जो शिक्षण सत्र 2010-11 में प्रवेश लेंगे। शिक्षण सत्र 2010-11 से पूर्व के छात्रों पर पुरानी व्यवस्था लागू रहेगी। पिछले शिक्षण सत्र में प्रवेश लेने वाले ऐसे छात्र जो या तो फेल हो गये हैं या किसी अन्य कारण से परीक्षा नहीं दे सके हैं और पुन: सत्र 2010-11 में प्रथम वर्ष में प्रवेश लेते हैं, उन पर नई शुल्क व्यवस्था लागू होगी।

एन0आर0आई0 की अधिकतम पांच प्रतिशत सीटों पर अधिकतम शुल्क 07 हजार यू0एस0 डॉलर प्रति छात्र प्रति वर्ष होगा। इसके अलावा प्रवेश के समय छात्रों से एक बार पांच हजार रू0 की धनराशि प्रतिभूति के रूप में ली जायेगी, जो पाठ्यक्रम के अन्तिम वर्ष के समाप्त होते ही सम्बंधित छात्र को नियमानुसार वापस कर दी जायेगी।

राज्य सरकार द्वारा अनुदानित अभियन्त्रण संस्थाओं में संचालित विभिन्न पाठ्यक्रमों की फीस का निर्धारण भविश्य में आवश्यकता/औचित्य को देखते हुए संस्थान की प्रशासकीय परिद द्वारा किया जायेगा।
ज्ञातव्य है कि राज्य सरकार द्वारा अनुदानित अभियन्त्रण संस्थाओं में बी0टेक0, बी0आर्क तथा बी0 फार्मा पाठ्यक्रमों हेतु 25 हजार रू0 प्रति छात्र प्रतिवर्ष, समस्त स्नात्कोत्तर पाठ्यक्रम हेतु 17 हजार रू0 प्रति छात्र प्रति वर्ष तथा एन0आर0 आई0 सीट हेतु पांच हजार यू0 एस0 डॉलर प्रति छात्र प्रतिवर्ष फीस वर्ष 2003 में निर्धारित की गई थी। अभियन्त्रण संस्थाओं को प्राप्त होने वाला अनुदान वर्ष 1998-99 से फ्रीज है। पिछले सात वर्षो में मुद्रा स्फीति की दरों तथा विभिन्न उपकरणों एवं अन्य जरूरी संसाधनों की कीमतों में हुई वृद्धि एवं छठे वेतन आयोग की संस्तुतियां लागू किये जाने से वित्तीय भार में हुई बढोत्तरी को दृिश्टगत रखते हुए राज्य सरकार ने पूर्व निर्धारित शुल्क को पुनरीक्षित करने का फैसला किया है।
01 अप्रैल, 2005 के पूर्व राज्य सरकार के अधीन किसी पेंशनयुक्त सेवा संवर्ग में नियुक्त ऐसे कर्मी जो 01 अप्रैल, 2005 को अथवा इसके पश्चात राज्य सरकार के अधीन किसी अन्य पेंशनयुक्त सेवा में नियुक्त हों, को पुरानी परिभाशित लाभ पेंशन योजना से आच्छादित माने जाने की अनुमति

उत्तर प्रदेश मन्त्रिपरिद ने आज राज्य कर्मचारियों की पेंशन से सम्बन्धित एक मसले पर महत्वपूर्ण निर्णय लिया, जिसके तहत ऐसे सभी कर्मचारी जिन्होंने राज्य सरकार की अथवा ऐसे समस्त शासन के नियन्त्रणाधीन स्वायत्तशासी संस्थाओं और शासन से सहायता प्राप्त शिक्षण संस्थाओं, जिनमें राज्य कर्मचारियों की पेंशन योजना की भान्ति पेंशन योजना लागू थी और उनका वित्त पोशण राज्य सरकार की समेकित निधि से किया जाता है, की पेंशनयुक्त सेवा में 01 अप्रैल, 2005 को अथवा इसके पश्चात राज्य सरकार की अथवा शासन के नियन्त्रणाधीन उक्त उिल्लखित स्वायत्तशासी संस्थाओं और शासन से सहायता प्राप्त शिक्षण संस्थाओं की पेंशनयुक्त सेवा में अपनी पूर्व सेवा से कार्यमुक्त होकर अथवा तकनीकी त्यागपत्र देकर नियुक्त होते हैं, तो उसी पेंशन योजना से आच्छादित माने जायेंगे, जिस पेंशन योजना से वे दिनांक 01 अप्रैल, 2005 के पूर्व आच्छादित थे।

ज्ञातव्य है कि राज्य सरकार ने 01 अप्रैल, 2005 को अथवा इसके पश्चात नई भर्तियों से आने वाले कर्मियों पर नई परिभाशित अंशदायी पेंशन योजना अनिवार्य रूप से लागू किया है।
उत्तर प्रदेश सचिवालय खान-पान निगम का नाम परिवर्तित कर उ0प्र0 सचिवालय सत्कार सेवा संस्था किया गया

मन्त्रिपरिषद ने उत्तर प्रदेश सचिवालय खान-पान निगम के नाम को परिवर्तित कर उ0प्र0 सचिवालय सत्कार सेवा संस्था किये जाने के प्रस्ताव को अनुमोदित कर दिया है।
बायो पेस्टीसाइड्स, बायो एजेन्ट्स, इको फ्रेण्डली व बीज शोधक रसायनों पर वर्ष 2010-11 में अनुदान दिये जाने का प्रस्ताव स्वीकृत
मन्त्रिपरिषद ने बायोपेस्टीसाइड्स, बायो एजेन्ट्स तथा इको फ्रेण्डली एवं बीज शोधक रसायनों पर वर्ष 2010-11 में अनुदान दिये जाने के प्रस्ताव को स्वीकृत कर दिया है। यह अनुदान वित्तीय वर्ष 2009-10 की भान्ति दिया जायेगा।
मन्त्रिपरिषद के फैसले के अनुसार लघु एवं सीमान्त कृशकों को बायो पेस्टीसाइड्स, बायो एजेन्ट्स पर 90 प्रतिशत तथा इको फ्रेण्डली रसायनों पर 50 प्रतिशत अनुदान दिया जायेगा। इस श्रेणी के कुल लाभार्थियों में 30 प्रतिशत महिलाएं होंगी।

अनुसूचित जाति/जन जाति के कृषकों को बायोपेस्टीसाइड्स तथा बायो एजेन्ट्स पर 90 प्रतिशत तथा इको फ्रेण्डली रसायनों पर 75 प्रतिशत अनुदान दिया जायेगा। इस श्रेणी के कुल लाभार्थियों में भी 30 प्रतिशत महिलाएं होंगी।
बीज शोधक रसायनों पर कृषकों को 90 प्रतिशत अनुदान अनुमन्य होगा।  25 प्रतिशत लाभार्थी अनुसूचित जाति/जनजाति के होंगे जिनमें महिला लाभार्थी 30 प्रतिशत होंगी।

ज्ञातव्य है कि राज्य सरकार द्वारा बायोपेस्टीसाइड्स, बायो एजेन्ट्स तथा इको फ्रेण्डली एवं बीज शोधक रसायनों की खपत में बढ़ोत्तरी के लिए इन पर अनुदान की योजना लागू की गई। इस योजना के लागू होने से फसलों में कीट/रोग नियन्त्रण की नई तकनीक को बढ़ावा मिला है।
उ0प्र0 अधीनस्थ शिक्षा (प्रशिक्षित स्नातक श्रेणी) सेवा (द्वितीय संशोधन) नियमावली-2010 प्रख्यापित

मन्त्रिपरिषद ने उ0प्र0 अधिनस्थ शिक्षा (प्रशिक्षित स्नातक श्रेणी) सेवा (द्वितीय संशोधन) नियमावली-2010 प्रख्यापित करने के प्रस्ताव को मंजूरी प्रदान कर दी है।

उल्लेखनीय है कि उत्तर प्रदेश अधीनस्थ शिक्षा (प्रशिक्षित स्नातक श्रेणी) संवर्ग एक अधीनस्थ अराजपत्रित सेवा है, जिसमें राजकीय विद्यालयों में विभिन्न विषयों का अध्यापन कार्य सम्पादित करने वाले सहायक अध्यापक/सहायक अध्यापिका के पद सम्मिलित है। इस वर्ग के शिक्षकों के लिए उ0प्र0 अधीनस्थ शिक्षा (प्रशिक्षित स्नातक श्रेणी) सेवा नियमावली 1983 तथा उसका प्रथम संशोधन 1992 प्रख्यापित की गई थी।

नियम-8 (यथा संशोधित) में प्रशिक्षित स्नातक श्रेणी के अध्यापकों के विभिन्न पदों पर सीधी भर्ती की शैक्षिक अहर्तायें निर्धारित हैं। सीधी भर्ती के वर्तमान अहर्ताओं में डा0 शकुन्तला मिश्रा पुनर्वास विश्वविद्यालय, लखनऊ द्वारा प्रदत्त बी0एड0 (विशेष शिक्षा) की अहर्ता को कतिपय पदों की सीधी भर्ती की अहर्ता में सम्मिलित किया जाना प्रस्तावित था। यह संशोधन विकलांगों को सेवा योजन का अवसर प्रदान किये जाने के उद्देश्य से किया गया था।

सीधी भर्ती की प्रक्रिया सम्बन्धी नियमों में आवेदन पत्र के साथ ली जाने वाली फीस निर्धारित है। वर्तमान में यह फीस अनुसूचित जाति/अनुसूचित जन जाति के अभ्यर्थियों के लिए 5 रूपये तथा अन्य श्रेणियों के अभ्यर्थियों के लिए 15 रूपये निर्धारित है। यह फीस अनुसूचित जाति/अनुसूचित जनजाति के अभ्यर्थियों के लिए 40 रूपये तथा अन्य श्रेणी के अभ्यर्थियों के लिए 100 रूपये प्रस्तावित किया गया।

उत्तर प्रदेश वेतन समिति-2008 की संस्तुतियों के क्रम में लागू वेतन संरचना में वेतन के आधार पर अग्रिम अनुमन्य किए जाने का निर्णय

मन्त्रिपरिद् ने आज उत्तर प्रदेश वेतन समिति-2008 की संस्तुतियों के क्रम में लागू वेतन संरचना में वेतन के आधार पर राज्य कर्मचारियों को भवन निर्माण/क्रय, भवन मरम्मत/विस्तार, मोटर कार/मोटर साइकिल/स्कूटर/मोपेड तथा व्यक्तिगत कम्प्यूटर क्रय हेतु अग्रिम अनुमन्य किए जाने की मंजूरी प्रदान कर दी है।

मन्त्रिपरिद् द्वारा लिए गए निर्णय के अनुसार भवन निर्माण/क्रय हेतु वेतन बैण्ड में 34 माह का वेतन या अधिकतम रूपये 7.50 लाख अथवा भवन की लागत, जो भी कम हो, भवन मरम्मत/विस्तार हेतु वेतन बैण्ड में 34 माह का वेतन या अधिकतम रूपये 1.80 लाख अथवा विस्तार की लागत, जो भी कम हो, को अनुमति प्रदान कर दी गई है। इसी प्रकार मोटर कार अग्रिम हेतु वेतन बैण्ड में वेतन रूपये 19,530 या अधिक की पात्रता निर्धारित की गई है। मोटर साइकिल/स्कूटर हेतु वेतन बैण्ड में वेतन रूपये 8,560 या अधिक तथा मोपेड/आटो साइकिल हेतु वेतन बैण्ड में वेतन रूपये 5,060 या अधिक पाने वाले कर्मचारियों को अग्रिम देने का निर्णय लिया गया है। साइकिल हेतु वेतन बैण्ड में वेतन रूपये 9,300 या कम की पात्रता निर्धारित की गई है। व्यक्तिगत कम्प्यूटर अग्रिम हेतु वेतन बैण्ड में वेतन रूपये 14,880 या अधिक पाने वाले कर्मियों की पात्रता निर्धारित करने का निर्णय लिया गया है।

ज्ञातव्य है कि विभिन्न अग्रिमों की अधिकतम अनुमन्य राशियों में कोई वृद्धि नहीं की गई है। अग्रिमों से सम्बन्धित यह सभी निर्णय केन्द्र सरकार के वर्तमान में लागू नियमों के आधार पर लिए गए हैं।

विभिन्न विभागों, नागर निकायों, आवास-विकास परिद एवं विकास प्राधिकरणों में कार्यरत वर्कचार्ज व दैनिक वेतनभोगी कर्मियों को विनियमित करने का निर्णय

उत्तर प्रदेश की मुख्यमन्त्री सुश्री मायावती की अध्यक्षता में आज यहां सम्पन्न मन्त्रिपरिषद की बैठक में विभिन्न विभागों, नागर निकायों, आवास-विकास परिषद तथा विकास प्राधिकरणों में वशZ 1991 के पूर्व नियुक्त/कार्यरत समस्त वर्कचार्ज एवं दैनिक वेतनभोगी कर्मचारियों को विनियमित करने का निर्णय लिया गया है।

मन्त्रिपरिषद के निर्णय के अनुसार विभिन्न विभागों में नियुक्त/कार्यरत समस्त वर्कचार्ज तथा दैनिक वेतनभोगी कर्मचारियों के लिए अधिसंख्य पद सृजित किये जायेंगे। इस निर्णय से सरकार पर लगभग 20 करोड़ रूपये का वार्शिक अतिरिक्त व्यय भार आयेगा।

इसी प्रकार नागर निकायों, आवास-विकास परिषद तथा विकास प्राधिकरणों में कार्यरत समस्त वर्कचार्ज तथा दैनिक वेतनभोगी कर्मचारी, जिनकी नियुक्ति 1991 से पहले की है, को सम्बंधित संस्थाओं में अधिसंख्य पद सृजित करते हुए विनियमित किया जायेगा। इन कर्मियों के विनियमितीकरण से स्थानीय निकायों एवं विकास प्राधिकरणों पर लगभग 60 करोड़ रूपये का वार्शिक अतिरिक्त व्यय भार आयेगा, जिसे सम्बंधित निकाय/प्राधिकरण द्वारा वहन किया जायेगा।

ज्ञातव्य है कि वर्तमान में प्रदेश के विभिन्न विभागों में लगभग 10 हजार वर्कचार्ज तथा 9़800 दैनिक वेतनभोगी कर्मचारी वर्ष 1991 के पहले से कार्यरत है। इसी प्रकार नागर निकायों में लगभग 03 हजार दैनिक वेतनभोगी कर्मचारी, आवास-विकास परिशद तथा विभिन्न प्राधिकरणों में लगभग 03 हजार वर्कचार्ज और एक हजार दैनिक वेतनभोगी कर्मचारी वर्ष 1991 से पूर्व कार्य कर रहे हैं। इन सभी कर्मचारियों में से अधिकांश को मा0 उच्च न्यायालय के विभिन्न आदेशो के तहत न्यूनतम वेतन तथा उस पर देय भत्ता प्रदान किया जा रहा है। यह भी ज्ञातव्य है कि शासन द्वारा 29 जून, 1991 के पश्चात् दैनिक वेतन अथवा वर्कचार्ज पर नियुक्ति प्रतिबन्धित है।

राज्य के सभी चतुर्थ श्रेणी कर्मचारियों को 5200-20200 रू0 वेतन बैण्ड तथा 1800 रूपये का ग्रेड-पे देने का निर्णय

सरकार के इस निर्णय से 3 लाख कर्मचारी लाभािन्वत होंगे

उत्तर प्रदेश की मुख्यमन्त्री सुश्री मायावती की अध्यक्षता में आज यहां सम्पन्न मन्त्रिपरिषद की बैठक में राज्य के सभी चतुर्थ श्रेणी कर्मचारियों को छठे वेतन आयोग के तहत केन्द्र सरकार की भान्ति 5200-20200 रूपये वेतन बैण्ड तथा 1800 रूपये का ग्रेड पे देने का निर्णय लिया गया है।

मन्त्रिपरिषद के इस निर्णय से प्रदेश के लगभग 03 लाख चतुर्थ श्रेणी कर्मचारियों को उच्च वेतन बैण्ड का लाभ मिलेगा, जिस पर लगभग 350 करोड़ रूपये का वार्शिक व्यय भार आयेगा। भारत सरकार की भान्ति राज्य सरकार द्वारा समस्त चतुर्थ श्रेणी के पदों पर तात्कालिक प्रभाव से नई भर्ती नहीं करने का निर्णय लिया है।

ज्ञातव्य है कि वर्तमान में चतुर्थ श्रेणी कर्मचारियों को 4440-7440 रूपये का वेतन बैण्ड तथा 1300 रूपये ग्रेड पे रिप्लेसमेंट के रूप में दिया जा रहा है। वेतन समिति द्वारा यह संस्तुति की गई थी कि चतुर्थ श्रेणी कर्मचारियों को 4440-7440 का वेतन बैण्ड दिया जाय तथा ग्रेड पे 1300 रूपये से बढ़ाकर 1400 रूपये किया जाये तथा इनके ऊपर वाले वेतन में ही चतुर्थ श्रेणी कर्मचारी, जिनकी संख्या लगभग 30 हजार होगी, को केन्द्र सरकार की भान्ति 5200-20200 वेतन बैण्ड एवं 1800 ग्रेड पे के रूप में दिया जाये।

सुरेन्द्र अग्निहोत्री
मो0 9415508695
upnewslive.com

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सरकार व पार्टी किसानों की जमीन को जबरिया अधिग्रहण किए जाने के सख्त खिलाफ

Posted on 03 September 2010 by admin

मुख्यमन्त्री ने भूमि अधिग्रहण से प्रभावित किसानों को पुनर्वास एवं पुनस्र्थापन के अतिरिक्त विभिन्न सुविधाएं देने का निर्णय लिया

प्रभावित कृषकों को 33 साल के लिए 20 हजार रूपये प्रति एकड़ की दर से वार्षिकी प्रतिवर्ष 600 रूपये की बढ़ोत्तरी के साथ दी जायेगी, जो भूमि के प्रतिकर के अतिरिक्त होगी

वार्षिकी न लेने पर प्रभावित किसान को एकमुश्त 02 लाख 40 हजार प्रति एकड़ की दर से पुनर्वास अनुदान

भूमि अधिग्रहण करने की स्थिति में 25 प्रतिशत के समतुल्य कम्पनी द्वारा अधिग्रहित जमीन के शेयर प्राप्त करने का विकल्प किसानों को उपलब्ध होगा

प्रभावित मूल काश्तकारों को अधिग्रहीत भूमि की 07 प्रतिशत भूमि आवासीय प्रयोजन के लिए आवंटित होगी,
आवंटित भू-खण्ड का क्षेत्रफल न्यूनतम 120 वर्गमीटर व अधिकतम सम्बन्धित प्राधिकरण द्वारा निर्धारित सीमा तक दिया जायेगा

प्रभावित किसानों को भू-खण्डों के आवंटन में 17.5 प्रतिशत आरक्षण

भूमि अधिग्रहण को लेकर बनाई गई उत्तर प्रदेश की नई नीति पूरे देश की सबसे प्रगतिशील नीति

अधिग्रहण से प्रभावित किसानों को हरियाणा से बेहतर सुविधाएं

लखनऊ -  उत्तर प्रदेश की मुख्यमन्त्री सुश्री मायावती ने देश के किसानों की हर मामले में बदहाली व नक्सलवाद की समस्या के लिए केन्द्र में अभी तक जो भी सरकारें बनी हैं उनको पूरी तरह जिम्मेदार ठहराते हुए कहा है कि भूमि अध्याप्ति कानून में व्याप्त खामियों के चलते ही आज देश के किसानों को आए दिन सड़कों पर उतरना पड़ रहा है। उन्होंने कहा है कि उनकी सरकार व पार्टी किसानों की जमीन को जबरिया अधिग्रहण किए जाने के सख्त खिलाफ हैं।

मन्त्रिमण्डलीय सचिव श्री शशांक शेखर सिंह आज लाल बहादुर शास्त्री भवन स्थित मीडिया सेन्टर में मा0 मुख्यमन्त्री सुश्री मायावती जी द्वारा लिए गए निर्णयों  की पत्रकारों को जानकारी दे रहे थे। उन्होंने कहा कि मा0 मुख्यमन्त्री जी ने भूमि अधिग्रहण, किसानों के पुनर्वास से जुड़े सभी मुद्दों पर गम्भीरता से विचार करते हुए भविष्य में किसानों के पुनर्वास के लिए एक नई व्यवस्था बनाई है, जिसके तहत आगे भूमि अधिग्रहण किए जाने की स्थिति में प्रभावित किसानों को विभिन्न सुविधाएं दिए जाने का निर्णय लिया है।

मुख्यमन्त्री जी ने निर्णय लिया है कि नई नीति के तहत प्रत्येक किसान जिसकी भूमि अधिग्रहीत की जा रही है, को 33 साल के लिए 20 हजार रूपये प्रति एकड़ प्रति वर्ष की दर से वार्षिकी (।ददनपजल) दी जायेगी, जो भूमि के प्रतिकर के अतिरिक्त होगी। 20 हजार रूपये प्रति एकड़ प्रति वर्ष की वार्षिकी पर प्रति एकड़ प्रति वर्ष 600 रूपये की निश्चित दर से वृद्धि की जायेगी, जो प्रत्येक वर्ष जुलाई माह में देय होगी। उन्होंने कहा कि यदि कोई किसान वार्षिकी नहीं लेना चाहता है तो उसे एकमुश्त 02 लाख 40 हजार प्रति एकड़ की दर से पुनर्वास अनुदान दिया जायेगा। किसी कम्पनी के लिए भूमि अधिग्रहण करने की स्थिति में 25 प्रतिशत के समतुल्य कम्पनी द्वारा अधिग्रहित जमीन के शेयर प्राप्त करने का विकल्प किसानों को उपलब्ध होगा।

मुख्यमन्त्री जी ने यह भी निर्णय लिया है कि जिन परियोजनाओं में लैण्ड फॉर डेवलपमेन्ट के लिए भूमि अधिग्रहीत की जा रही है, उनमें प्रभावित मूल काश्तकारों को अधिग्रहीत भूमि की 07 प्रतिशत भूमि आवासीय प्रयोजन के लिए आवंटित की जायेगी। इस आवंटित भू-खण्ड का क्षेत्रफल न्यूनतम 120 वर्गमीटर तथा अधिकतम सम्बन्धित प्राधिकरण द्वारा निर्धारित सीमा दिया जायेगा। प्राधिकरण द्वारा अधिग्रहीत भूमि पर आवासीय योजना क्रियािन्वत किए जाने की स्थिति में अधिग्रहण से प्रभावित किसानों को भू-खण्डों के आवंटन में 17.5 प्रतिशत आरक्षण भी प्रदान किया जायेगा।

मुख्यमन्त्री जी ने कहा कि इस सम्बन्ध में हरियाणा की मिसाल देकर कांग्रेस पार्टी तारीफ करते थकती नहीं है, लेकिन सच तो यह है कि उत्तर प्रदेश सरकार द्वारा अपने प्रदेश के किसानों को हरियाणा से बेहतर सुविधाएं देने की व्यवस्था की गई है। जबकि हरियाणा में प्रत्येक प्रभावित किसान को भूमि प्रतिकर के अतिरिक्त 15 हजार प्रति एकड़ प्रतिवर्ष वार्षिकी 33 वर्षो तक दिया जायेगा, लेकिन उत्तर प्रदेश में यह दर 20 हजार रूपये प्रति एकड़ प्रतिवर्ष है, जो 33 वर्षो तक दी जायेगी। हरियाणा में इस  वार्षिकी पर 500 रूपये प्रतिवर्ष की वृद्धि की व्यवस्था है, जबकि उत्तर प्रदेश में यह वृद्धि 600 रूपये प्रतिवर्ष की गई है। हरियाणा में  वार्षिकी के सापेक्ष एकमुश्त भुगतान का कोई प्राविधान नहीं है, जबकि उत्तर प्रदेश में  वार्षिकी न लेने पर 02 लाख 40 हजार प्रति एकड़ एक मुश्त भुगतान का प्राविधान किया गया है।

मुख्यमन्त्री ने कहा है कि हरियाणा में कम्पनी के लिए अधिग्रहण के मामले में कम्पनी के शेयर देने का कोई प्राविधान नहीं है, जबकि उत्तर प्रदेश में एकमुश्त धनराशि का 25 प्रतिशत, को शेयर के रूप में लेने का विकल्प होगा। इसके अलावा लैण्ड फॉर डेवलपमेन्ट योजना में काश्तकारों को अधिग्रहित भूमि का 07 प्रतिशत आवासीय परियोजना हेतु देने का प्राविधान किया गया है। हरियाणा में इस तरह की व्यवस्था प्रकाश में नहीं आयी है। इस प्रकार उत्तर प्रदेश सरकार द्वारा किसानों के हितों का पूरा ध्यान रखते हुए भूमि अधिग्रहण की  जो नई नीति लागू की गई है, वह पूरे देश की सबसे प्रगतिशील नीति है।

मुख्यमन्त्री जी ने कहा है कि राज्य सरकार द्वारा भूमि अधिग्रहण से भूमिहीन हो रहे किसानों के प्रत्येक परिवार को पांच साल तक कृषि मजदूरी के समतुल्य 01 लाख 85 हजार रूपये से एकमुश्त मजदूरी दिए जाने के आदेश 17 अगस्त, 2010 को दिए जा चुके हैं। राज्य सरकार का यह स्पष्ट निर्णय है कि यदि अलीगढ़ जनपद (टप्पल) के किसान टाउनशिप नहीं चाहते हैं तो, टाउनशिप नहीं बनेगी। उन्होंने कहा है कि जहां तक अलीगढ़ और आगरा के किसानों की जमीन सम्बन्धी समस्या का प्रश्न है, राज्य सरकार ने इन किसानों की समस्याओं का समाधान कर दिया है। इन किसानों को समुचित मुआवजा दे दिया गया है और वह मान भी गये थे, लेकिन अब तो सरकार विरोधी तत्वों द्वारा ही इसकी आड़ में कानून-व्यवस्था को खराब करने का प्रयास किया गया। अभी भी भोले-भाले किसानों को गुमराह करके कानून-व्यवस्था को खराब करने की कोशिश में हैं।

मुख्यमन्त्री जी का सदैव से यह कहना रहा है कि देश में किसानों की हर मामले में बदहाली के लिए और इसके साथ ही देश के उद्योगपतियों को आंख मून्द कर फायदा पहुंचाने व उनके लिए वनभूमियों का अंधा-धुन्ध दोहन के कारण फैले ´´नक्सलवाद´´ के लिए भी केन्द्र की सभी सरकारें जिम्मेदार हैं। इसके अलावा मा0 मुख्यमन्त्री जी ने भूमि अध्याप्ति अधिनियम में संशोधन किए जाने की किसानों की मांग का पूरा समर्थन किया था। साथ ही उन्होंने देश के किसानों का इसी अधिनियम में संशोधन की मांग को लेकर संसद को घेरने के कार्यक्रम का भी समर्थन किया था।

मुख्यमन्त्री ने कहा है कि भूमि अधिग्रहण अधिनियम-1894 में संशोधन की मांग लम्बे समय से की जा रही है, परन्तु किसान विरोधी एवं उद्योगपतियों के हित साधक केन्द्र सरकारों ने इस ओर कभी ध्यान नहीं दिया और इस मामले पर लगभग छ: दशकों से चुप्पी मारे बैठी रहीं। वह हमेशा से इस बात की पक्षधर रहीं हैं कि भारत जैसे कृषि प्रधान देश में आए दिन कानून के बल पर लम्बे समय से भूमि अध्याप्ति अधिनियम के माध्यम से किसानों की जमीन हथियाने की प्रवृत्ति के कारण आज देश के किसानों को आए दिन सड़क पर उतरना पड़ रहा है।

मुख्यमन्त्री ने कहा है कि उनकी सरकार ने हमेशा किसानों के हितों का संरक्षण किया है और किसानों की समस्याओं को दूर करने के लिए हर सम्भव कदम उठाये हैं। उनका किसानों के मामले में स्पष्ट मत है कि किसानों की खुशहाली के बगैर देश की प्रगति सम्भव नहीं है। भूमि अधिग्रहण से जुड़ी विभिन्न समस्याओं के समाधान तथा प्रभावित किसानों के पुनर्वास एवं पुनस्र्थापन के अलावा आज नई नीति के तहत मुख्यमन्त्री जी द्वारा घोषित की गई अतिरिक्त सुविधाओं के फलस्वरूप निश्चित रूप से प्रदेश के किसानों को फायदा पहुंचेगा।

उल्लेखनीय है कि उत्तर प्रदेश की मुख्यमन्त्री सुश्री मायावती ने भूमि अधिग्रहण से प्रभावित परिवारों के पुनर्वास एवं पुनस्र्थापना हेतु आज जो ऐतिहासिक निर्णय लिए हैं, उनकी मिसाल सम्भवत: अन्य किसी प्रदेश में नहीं है। इस अवसर पर प्रमुख सचिव सूचना श्री विजय शंकर पाण्डेय भी उपस्थित थे।

सुरेन्द्र अग्निहोत्री
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चित्रकूट में भाजपा का चिन्तन शिविर का नितिन गडकरी ने किया शुभारम्भ

Posted on 28 August 2010 by admin

भाजपा के कई दिग्गज नेताओं व मन्त्रियों का लगा जमावडा

1-4चित्रकूट- भाजपा का तीन दिनी चिन्ता शिविर दीनदयाल शोध संस्थान परिसर प्रारम्भ हुआ । शिविर का विधिवत उद्धाटन भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन गडकरी ने किया।

इसके अलावा राश्ट्रीय संगठन मन्त्री रामलाल जी, उत्तर प्रदेश संगठन मन्त्री नगेन्द्र जी,म0प्र मुख्य मन्त्री शिवराज सिंह चौहान, म0प्र0 संगठन मन्त्री माखन, व अन्य राज्यों के संगठन मन्त्री और प्रान्त संगठन मन्त्री सहित भाजपा जिलाध्यक्ष दिनेश तिवारी, चन्द्रप्रकाश खरे, लवकुश चतुर्वेदी, राम औतार तिवारी इस अभ्यास वर्ग की शुरुवात में शामिल रहे।

पहले दिन विभिन्य राज्यों से आये पदाधिकारीयों ने चर्चा की । आगे आने वाले चुनाव और अयोध्या मुद्दे को देखते हुये चिन्तन शिविर महत्वपूर्ण माना जा रहा है इसमें देश सभी राज्यों से संगठन मन्त्री के रुप में 185 सदस्य प्रमुख रुप से हिस्सा लेगे।

भाजपा अध्यक्ष गडकरी ने इस कार्यक्रम की शुरुवात की और आगे आने वाले विधान सभा चुनाव में जोर देते हुुये पार्टी की मजबूती के लिये विशेश बल दिया। दो साल के अन्दर होने वाले विधान सभा चुनाव को लेकर रणनीति बनाने व पिछले लोकसभा चुनाव में हार के कारणों की समीक्षा को अभ्यास वर्ग के रुप में भाजपा का चिन्ता शिविर की शुरुवात की।

इसके बाद भाजपा अध्यक्ष व म0प्र0 मुख्यमन्त्री सहित कई मन्त्री ग्रामोदय विश्व विद्यालय में नाना जी के छठमासिक श्राद्व कार्यक्रम में शामिल हुये।

सुरेन्द्र अग्निहोत्री
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प्रख्यात साहित्यकार प. हरि ओम शर्मा `हरि´ द्वारा लिखित पुस्तक `अवेक, एराइज, असेन्ड´ का भव्य विमोचन

Posted on 26 August 2010 by admin

भावी पीढ़ी के लिए संजीवनी बूटी साबित होगी पुस्तक `अवेक, एराइज, असेन्ड´– डा. दिनेश शर्मा, मेयर, लखनऊ

लखनऊ- प्रख्यात साहित्यकार पं. हरि ओम शर्मा `हरि´ द्वारा लिखित एवं युवा पीढ़ी को सकारात्मक विचारों के साथ शून्य से शिखर पर पहुंचने की प्रेरणा देने वाली पुस्तक `अवेक, एराइज, असेन्ड´ का भव्य विमोचन सी.एम.एस. गोमती नगर ऑडिटोरियम में तालियों की जोरदार गड़गड़ाहट के बीच उल्लासपूर्ण वातावरण में सम्पन्न हुआ। मुख्य अतिथि डा. दिनेश शर्मा, मेयर, लखनऊ व अन्य विशिष्ट अतिथियों ने पुस्तक `अवेक, एराइज, असेन्ड´ के मार्गदर्शक व पं. हरि ओम शर्मा `हरि´ के पूज्य माता-पिता श्री मिहीलाल शर्मा व श्रीमती रेशम देवी के चित्र पर माल्यार्पण एवं दीप प्रज्वलन से `विमोचन समारोह´ का विधिवत उद्घाटन किया। जाने-माने शिक्षाविद् व सी.एम.एस. संस्थापक डा. जगदीश गांधी ने समारोह की अध्यक्षता की। इस अवसर पर जहां एक ओर बड़ी संख्या में लेखकों, कवियों, प्रशासनिक अधिकारियों, वरिष्ठ पत्रकारों, शिक्षाविदों, कानूनविदों व लखनऊ के गणमान्य नागरिकों की उपस्थिति ने समारोह को यादगार बना दिया तो वहीं दूसरी ओर मंचासीन साहित्य, शिक्षा, पत्रकारिता जगत के मूर्धन्य विद्वानों की उपस्थिति ने समारोह की गरिमा में चार चान्द लगा दिये। विशिष्ट अतिथियों के रूप में पधारे श्री वीरेन्द्र सक्सेना, सूचना आयुक्त, उ.प्र., श्री के. विक्रम राव, वरिष्ठ पत्रकार व अध्यक्ष, ऑल इण्डिया फेडरेशन ऑफ विर्कंग जर्नलिस्ट, श्री शिव शंकर त्रिपाठी, राष्ट्रीय अध्यक्ष, ऑल इण्डिया स्माल न्यूजपेपर एसोसिएशन, डा. (श्रीमती) विनीता कामरान, प्रधानाचार्या, सी.एम.एस. डिग्री कालेज, श्री के. एस. अटोरिया, आई.ए.एस, श्री उमेश चन्द तिवारी, आई.ए.एस. आदि का पुस्तक प्रेमियों ने जोरदार स्वागत किया। समारोह की संचालनकर्ता एवं सी.एम.एस. प्रधानाचार्या सुश्री अर्चना पाण्डे की सुमधुर एवं ओजस्वी वाणी ने इस समारोह को कभी न भूलने वाला ऐतिहासिक गौरव प्रदान किया। इससे पहले समारोह का शुभारम्भ बदायूं से पधारे प्रख्यात विद्वान डा. गौरी शंकर शर्मा एवं उनके शिष्यों द्वारा प्रस्तुत `ईश वन्दना´ व संस्कृत के श्लोकों द्वारा भारतीय संस्कृति के वातावरण में हुआ।

समारोह का संचालन करते हुए प्रख्यात वक्ता सुश्री अर्चना पाण्डे ने पुस्तक `अवेक, एराइज, असेन्ड´ की विशेषताओं पर प्रकाश डालते हुए कहा कि यह पुस्तक सिर्फ युवाओं व किशोरों के लिए प्रेरणास्रोत ही नहीं है अपितु यह समाज के हर वर्ग, हर आयु के लोगों को आदर्श सामाजिक व्यवस्था से रूबरू कराती है और सकारात्मक दृष्टिकोण के साथ जीवन की बुलिन्दयों को छूने का हौसला देती है। सुश्री पाण्डे ने कहा कि इस पुस्तक के माध्यम से पं. शर्मा ने युवा पीढ़ी के विचारों को विस्तृत स्वरूप देने का अभिनव प्रयोग किया है। किशोरों व युवाओं को नई राह दिखाने वाली यह प्रेरणादायी व संग्रहणीय पुस्तक सामाजिक सरोकारों पर भी पैनी नज़र रखती है एवं समाज के प्रत्येक सदस्य को जीवन के उच्चतम सोपानों पर कदम रखने का सपना दिखाकर उसको मंजिल पर पहुंचने की राह दिखाती है। 70 लेखों व 330 पृष्ठों में रंगीन साज-सज्जा वाली इस पुस्तक में अंग्रेजी भाषा के सरल, सहज व आत्मीय भाव से शब्दों का चयन किया गया है जो बरबस ही पाठक की मन व आत्मा को झकझोर देते हैं। उन्होंने प्रसन्नता व्यक्त करते हुए कहा कि आज पुस्तक `अवेक, एराइज, असेन्ड´ के विमोचन अवसर पर आप सभी पुस्तक प्रेमियों का उमड़ा जन-समूह इस बात का प्रमाण है कि इस पुस्तक ने लखनऊवासियों के दिलो-दिमाग में अपनी उपस्थिति सुनिश्चित कर ली है तथापि आने वाले दिनों में पूरे देश में इसकी गूंज सुनाई देगी।

इस अवसर पर मुख्य अतिथि डा. दिनेश शर्मा, मेयर, मेयर, लखनऊ ने अपने सम्बोधन में कहा कि पुस्तक `अवेक, एराइज, असेन्ड´ किशारों व युवाओं के लिए `संजीवनी बूटी´ की तरह है जो कि युवा पीढ़ी के दिलो-दिमाग पर अमिट छाप छोड़ेगी व सामाजिक विकास में रचनात्मक योगदान हेतु प्रेरित करेगी। मेरा विश्वास है कि यह पुस्तक किशोर व युवा पीढ़ी को एक नई राह दिखाने वाली प्रेरणादायी पुस्तक है, जो पारिवारिक-सामाजिक तानेबाने को और मजबूती प्रदान करेगी। वरिष्ठ पत्रकार के. विक्रम राव ने इस अवसर पर अपने संबोधन में कहा कि पं. शर्मा का लेखन सदैव से ही प्रभावशाली रहा है। आपकी सरल, सुबोध लेखन शैली ही आपकी अपनी पहचान है जो पाठकों को उत्साह से भर देती है। उन्होंने विश्वास व्यक्त किया कि यह पुस्तक निश्चित रूप से अपने नाम को सार्थक कर दुनिया भर को भारत की सभ्यता व संस्कृति से रूबरू करायेगी।

सूचना आयुक्त, श्री वीरेन्द्र सक्सेना ने अपने संबोधन में कहा कि आज हमारे देश को ऐसे ही प्ररेणादायी लेखकों की जरूरत है। आजकल बाजार में गन्दा व अश्लील साहित्य भरा पड़ा है और साफ सुथरे रोचक साहित्यिक लेखों का अभाव है। ऐसे में पं. शर्मा ने प्रेम व भाईचारे को प्राथमिकता दी है। उन्होंने कहा कि यह संग्रहणीय पुस्तक सामाजिक सरोकारों पर भी पैनी नज़र रखती है और समाज के प्रत्येक सदस्य को नई राह दिखाती है। प्रख्यात शिक्षाविद् व क्वालिटी विशेषज्ञ डा. (श्रीमती) विनीता कामरान, प्रधानाचार्या, सी.एम.एस. डिग्री कालेज ने कहा कि पं. शर्मा लेखन के माध्यम से समाज की जो सराहनीय सेवा कर रहे हैं, वह अतुलनीय है। आज समाज को ऐसे ही पथ-प्रदर्शकों की जरूरत है जो आने वाली पीढ़ी को ऊर्जा व उत्साह को समाज के रचनात्मक विकास हेतु प्रेरित कर सके।book-release-ceremony2

समारोह की अध्यक्षता करते हुए प्रख्यात शिक्षाविद् व सी.एम.एस. संस्थापक डा. जगदीश गांधी ने मुख्य अतिथि व विशिष्ट अतिथियों का हादिZक स्वागत करते हुए कहा कि यह मेरा सौभाग्य है कि मुझे आप सबके स्वागत का अवसर मिल रहा है। पं. शर्मा जी पिछले 37 वर्षो से लेखन के क्षेत्र में सक्रिय हैं एवं देश भर में उनके लेख, कविताएं व कहानियां नियमित प्रकाशित होते रहते हैं। इस लम्बी समयावधि में उन्होंने सदैव रचनात्मक व सकारात्मक दृष्टिकोण को ही प्राथमिकता दी है और यही कारण है कि पं. शर्मा सिर्फ लेखक ही नहीं अपितु बच्चों के लिए एक मार्गदर्शक भी हैं। डा. गांधी ने कहा कि आज जहां चारों ओर पैसा कमाने व भौतिकता की अंधी दौड़ में आगे निकलने की होड़ लगी हुई है, वहीं अपनी मौलिक संस्कृति व स्वस्थ परम्पराओं को हम बहुत पीछे छोड़ आये हैं। पं. शर्मा जी की यह पुस्तक हमें आधुनिकता के इस स्वप्न से झकझोर के जगाकर वास्तविकता से हमारा पुन: परिचय कराने का कार्य करती है और हमें आपने जीवन मूल्यों, अधिकारों व कर्तव्यों के प्रति सचेत करती है, जिन्हें पूरा किए बिना हम प्रगति के पथ पर आगे बढ़ने का सपना भी नहीं देख सकते।

पुस्तक `अवेक, एराइज, असेन्ड´ के लेखक पं. हरि ओम शर्मा `हरि´ ने इस अवसर पर उपस्थित  गणमान्य नागरिकों व बुद्धिजीवियों का हादिZक स्वागत करते हुए कहा कि आप सभी की उपस्थिति ने मेरा मनोबल व उत्साह दो गुना नहीं अपितु सौ गुना कर दिया है। हरि ओम शर्मा को पं. हरि ओम शर्मा `हरि´ बनाने वाले तो आप ही हैं। मैं आप सभी का तहे दिल से स्वागत व अभिनन्दन करता हूं। पं. शर्मा ने कहा कि पुस्तक `अवेक, एराइज, असेन्ड´ की प्रेरणा मुझे अपने पूज्य माता-पिता स्व. श्री मिहीलाल शर्मा व श्रीमती रेशम देवी से मिली और यह उन्हीं के आशीर्वाद का सुफल है कि आज इसका विमोचन हो रहा है। इस अवसर पर पं. शर्मा ने अपनी अगली पुस्तक `जड़, जमीन, जहान´ की चर्चा करते हुए घोषणा की कि इस पुस्तक का विमोचन भी डा.दिनेश शर्मा जी के कर कमलों द्वारा व डा. जगदीश गांधी की छत्रछाया में 15 फरवरी 2011 को सम्पन्न होगा। उन्होंने बताया कि यह पुस्तक परिवार को जोड़ने वाली, माता-पिता, बच्चों को अपने कर्तव्य बोध से अवगत कराने वाली व सामाजिक संस्कारों से जुड़ी पुस्तक है।

पुस्तक विमोचन समारोह के अवसर पर प्रख्यात कवियत्री श्रीमती रमा आर्य `रमा´ ने रचना के माध्यम से आदर्श सामाजिक व्यवस्था की पुरजोर अपील की। इसके अलावा पं. हरि ओम शर्मा `हरि´ के लेखन से जुड़े विभिन्न पहलुओं पर आधारित मल्टीमीडिया प्रजेन्टेशन ने भी दर्शकों को मन्त्रमुग्ध कर दिया।

समारोह के संयोजक श्री प्रवीण शुक्ला ने बताया कि पं. हरि ओम शर्मा `हरि´ द्वारा पूर्व में लिखी गई पुस्तक `जागो, उठो, चलो´ बेहद लोकप्रिय रही, जिसने किशोरों व युवाओं का खूब मार्गदर्शन किया। इस प्रेरणादायी पुस्तक का लोकार्पण प्रधानमन्त्री डा. मनमोहन सिंह ने किया था जबकि नेपाल की जनता के लिए इस पुस्तक का लोकार्पण नेपाल के तत्कालीन प्रधानमन्त्री श्री पुष्प कमल दहल प्रचण्ड ने काठमाण्डू में आयोजित एक भव्य समारोह में किया था जबकि मारीशस की जनता के लिए इसी पुस्तक का लोकापर्ण मारीशस के राष्ट्रपति महामहिम सर् अनिरुद्ध जगन्नाथ ने किया था। श्री शुक्ला ने बताया कि हिन्दी साहित्य की अतुलनीय सेवा के लिए पं. शर्मा को विभिन्न प्रतििष्ठत पुरस्कारों से सम्मानित किया गया है। वर्ष 1984 में `पत्रकार गौरव सम्मान´, वर्ष 2007 में `सागरिका सम्मान´ एवं `साहित्य मनीषी सम्मान´, वर्ष 2008 में `साहित्य सागर सम्मान´, वर्ष 2009 में `प्रकृति रत्न सम्मान´ एवं `साहित्य रत्न सम्मान´ एवं वर्ष 2010 में `साहित्य श्री सम्मान´ के अलावा अन्य सम्मानों से भी नवाजा जा चुका है। श्री शुक्ला ने विश्वास व्यक्त किया कि पं. हरि की पुस्तक `जागो, उठो, चलो´ की देश-विदेश में अभूतपूर्व सफलता के बाद अब उनकी दूसरी पुस्तक `अवेक, एराइज, असेन्ड´ भी सफलता के नये कीर्तिमान स्थापित करेगी।

सुरेन्द्र अग्निहोत्री
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अधिवक्ता गरीबों, पीड़ितों और शोषितों को न्याय दिलाने में मदद करें - सतीश चन्द्र मिश्रा

Posted on 21 August 2010 by admin

बच्चे राष्ट्र की धरोहर हैं - अध्यक्ष, राज्य सलाहकार परि

लखनऊ -     उत्तर प्रदेश राज्य सलाहकार परिद के अध्यक्ष श्री सतीश चन्द्र मिश्रा ने कहा है कि अधिवक्ता को गरीबों, पीड़ितों और शोषितों को न्याय दिलाने में मदद करनी चाहिए। उन्होंने कहा है कि कानूनी किताबें अधिवक्ताओं को मुकदमों की तैयारी करने में बेहद मददगार होती हैं, इस कार्य में पुस्तकालयों की महत्वपूर्ण भूमिका होती है।

श्री मिश्रा आज बख्शी का तालाब तहसील परिसर में नवनिर्मित जस्टिस त्रिवेणी सहाय मिश्र अधिवक्ता पुस्तकालय भवन के लोकार्पण समारोह को सम्बोधित कर रहे थे। उन्होंने अधिवक्ताओं के लिए विधि विशयक पुस्तकों की उपयोगिता पर प्रकाश डालते हुए विश्वास व्यक्त किया कि यह पुस्तकालय वकीलों तथा विधि छात्रों के लिए लाभदायक सिद्ध होगा। उन्होंने आश्वस्त किया कि वे पुस्तकालय को समृद्ध बनाने में हर सम्भव मदद करेंगे।

राज्य सलाहकार परिद के अध्यक्ष ने आज ही जस्टिस त्रिवेणी सहाय शिक्षा निकेतन, इटौंजा तथा महाराजा टीकन नाथ शिक्षा निकेतन, मुसपिपरी के भवन का लोकार्पण भी किया। इसी कार्यक्रम में उन्होंने आदर्श नगर योजना के अन्तर्गत नगर पंचायत, इटौंजा के वार्ड संख्या-7, 3, 2 तथा 9 में इण्टर लॉकिंग सर्फेस ड्रेन, के0सी0 ड्रेन, आर0सी0सी0 ड्रेन कवर तथा वार्ड संख्या-8 में बिटुमिन रोड, सर्फेस ड्रेन तथा नगर पंचायत, बख्शी का तालाब की पेयजल योजना का भी शिलान्यास किया।

जस्टिस त्रिवेणी सहाय शिक्षा निकेतन परिसर में आयोजित कार्यक्रम को सम्बोधित करते हुए श्री मिश्रा ने कहा कि राज्य सरकार सभी की शिक्षा के लिए कटिबद्ध है और अपने सीमित संसाधनों से हर सम्भव प्रयास कर रही है। इसके साथ ही संविधान निर्माता डॉ0 भीमराव अम्बेडकर एवं मान्यवर श्री कांशीराम जी ने जो शिक्षा के माध्यम से स्वावलम्बन की परिकल्पना की थी, उसको साकार करने के लिए बच्चों, खासतौर से समाज के दबे-कुचले एवं वंचित वर्गों को शिक्षित करना जरूरी है। उन्होंने कहा कि शिक्षा निकेतन बच्चों में अच्छे संस्कारों का विकास करने में अपनी महत्वपूर्ण भूमिका निभायेगा और इस क्षेत्र के दूर-दराज के बच्चे यहां शिक्षित होकर राश्ट्र के निर्माण में महत्वपूर्ण भूमिका निभायेंगे। उन्होंने कहा कि यह उनके पूर्वजों की कर्म भूमि रही है। उन्होंने आशा व्यक्त की कि इस क्षेत्रों से शिक्षा के लिए किया गया छोटा सा प्रयास नििश्चत रूप से आस-पास की जनता के लिए उपयोगी होगा। उन्होंने कहा कि बच्चे राश्ट्र की धरोहर हैं।

इस अवसर पर प्रदेश के नगर विकास, पर्यावरण एवं मनोरंजन कर मन्त्री श्री नकुल दुबे मौजूद थे। बख्शी का तालाब तहसील में आयोजित कार्यक्रम में प्रदेश के महाधिवक्ता श्री ज्योतिन्द्र मिश्रा, नगर आयुक्त सहित गणमान्य नागरिक एवं शासन एवं प्रशासन के वरिश्ठ अधिकारी मौजूद थे।

सुरेन्द्र अग्निहोत्री
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सरकार की प्राथमिकताओं को नज़रअन्दाज करने वालों को बख्शा नहीं जायेगा

Posted on 18 August 2010 by admin

राज्य स्तरीय समीक्षा बैठक सम्पन्न

उत्तर प्रदेश की मुख्यमन्त्री सुश्री मायावती ने कानून-व्यवस्था को और सुदृढ़ बनाने तथा विकास कार्यों को गति को तेज करने के निर्देश दिए हैं। उन्होंने जनता की स्थानीय समस्याओं के समाधान की व्यवस्था को और भी प्रभावी बनाने के भी निर्देश दिए हैं। उन्होंने इस बात पर असन्तोष व्यक्त किया कि आज भी बड़ी संख्या में लोग अपनी समस्यायें लेकर लखनऊ आते हैं, इससे स्पष्ट है कि जनपद स्तर पर उनकी सभी समस्याओं का प्रभावी निदान नहीं हो रहा है।
मुख्यमन्त्री आज यहां तिलक हाल में आयोजित राज्य स्तरीय समीक्षा बैठक में प्रदेश की कानून-व्यवस्था तथा विकास कार्याें के क्रियान्वयन की गहन समीक्षा कर रही थीं। लगभग दो घण्टे की बिन्दुवार विस्तृत समीक्षा करते हुए उन्होंने अधिकारियों को आवश्यक दिशा-निर्देश दिये।

मुख्यमन्त्री ने अधिकारियों को याद दिलाया कि उन्होंने पहली समीक्षा बैठक में सरकार की प्राथमिकताएं तय करते हुए निर्देश दिए थे कि अन्यायमुक्त, अपराधमुक्त, भयमुक्त तथा विकासयुक्त वातावरण बनाकर कानून द्वारा कानून का राज कायम करने को सर्वाेच्च प्राथमिकता दें। उन्होंने पुन: स्पष्ट किया कि उनकी सरकार कानून व्यवस्था को सर्वाेच्च प्राथमिकता देती है और इस मामले में कोई समझौता नहीं करती। उन्होंने अधिकारियों को सचेत करते हुए कहा कि सरकार की इन प्राथमिकताओं को नज़रअन्दाज करने वालो को किसी भी कीमत पर बख्शा नहीं जायेगा। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि वे जनता से सीधे संवाद कायम करके उनकी समस्याओं का समाधान करें तथा अपने क्षेत्र के बारे में पूरी जानकारी भली-भान्ति रखें। उन्होंने कहा कि यदि इसमें कोई िढलाई बरती गई तो उसे कतई बर्दाश्त नहीं किया जायेगा।

सुश्री मायावती ने कहा कि आगे आने वाले महीनों में विभिन्न त्यौहार, पंचायती चुनाव एवं अन्य संवदेनशील मामलों को देखते हुए कानून-व्यवस्था पर कड़ी निगाह रखी जाए। उन्होंने संवेदनशील स्थलों का पहले से ही चिन्हीकरण करके कानून व्यवस्था के दृष्टिकोण से सभी मुकम्मल तैयारी करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि मौके पर निर्णय लेने में विलम्ब के कारण अक्सर स्थिति खराब हो जाती है, इसलिए इस ओर विशेष ध्यान देने की आवश्यकता है। उन्होंने कहा कि अधिकांश मामले जमीन-जायदाद से जुड़े होते हैं, इसलिए ऐसे मामलों में तुरन्त कार्यवाही करके बड़ी घटनाओं को रोका जाना चाहिए।

उन्होंने साम्प्रदायिक स्थिति उत्पन्न होने पर वरिष्ठ अधिकारियों को तत्काल मौके पर पहुंचकर आवश्यक निर्णय लेने के निर्देश दिए। उन्होंने थाना एवं तहसील दिवस को प्रभावी बनाने के निर्देश देते हुए कहा कि वरिष्ठ अधिकारियों को थानों का नियमित निरीक्षण भी करते रहना चाहिए।

मुख्यमन्त्री ने जेलों की सुरक्षा व्यवस्था की समीक्षा करते हुए निर्देश दिए कि जेलों के निरीक्षण गहनता से किए जाने चाहिए तथा सुरक्षा में तैनात कर्मचारियों पर निगाह रखी जाए। उन्होंने कहा कि जेल में निरूद्ध बिन्दयों की प्रकृति के अनुरूप पर्याप्त सतर्कता बरती जानी चाहिए।

सुश्री मायावती ने कहा कि केन्द्र एवं प्रदेश सरकार द्वारा अनेकों जनहित की योजनाएं लागू की जा रही हैं, जिनका पूरा-पूरा लाभ लोगों को मिलना चाहिए। क्योंकि यह योजनाएं खासतौर से गरीब तबके के लोगों के लिए ही चलायी जा रही हैं और इन योजनाओं में किसी भी तरह का भ्रष्टाचार अक्षम्य होगा। उन्होंने कहा कि प्रदेश सरकार द्वारा प्रारम्भ की गई कुछ महत्वपूर्ण योजनाएं जैसे-सावित्री बाई फुले बालिका शिक्षा मदद योजना, मान्यवर श्री कांशीराम जी शहरी गरीब आवास योजना, डॉ0 अम्बेडकर ग्राम सभा विकास योजना, उत्तर प्रदेश मुख्यमन्त्री महामाया गरीब आर्थिक मदद योजना भी गरीबों, बालिकाओं तथा आम जनता से सीधे जुड़ी हुई हैं। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि इन योजनाओं का लाभ जनता को दिलाने पर बल दिया।
मुख्यमन्त्री ने विद्युत व्यवस्था की समीक्षा करते हुए निर्देश दिए कि ग्रामीण क्षेत्रों में निर्धारित अवधि के अनुसार बिजली की आपूर्ति सुनिश्चित की जानी चाहिए। उन्होंने कहा कि विद्युत विभाग से जुड़ी हुई समस्याओं का तत्परता से निदान किया जाए। उन्होंने अधिकारियों को यह भी निर्देश दिया कि व्यापारियों, कर्मचारियों तथा किसानों से जुड़ी हुई समस्याओं के प्रति सभी लोग संवेदनशील रहें तथा इनकी सभी समस्याओं का त्वरित एवं गुणवत्तापरक निदान सुनिश्चित किया जाए।

सुश्री मायावती ने किसानों की समस्याओं की चर्चा करते हुए अधिकारियों को निर्देश दिए कि उनकी समस्याओं का तत्परता से निस्तारण किया जाना चाहिए। उन्होंने कहा कि सरकार द्वारा भूमि अधिग्रहण से सम्बन्धित मामलों के सम्बन्ध में किसानों की समस्याओं का त्वरित समाधान सुनिश्चित करने के लिए नये दिशा-निर्देश जारी किये हैं। उन्होंने कहा कि उनकी सरकार ने किसानों के हित सुरक्षित करने के लिए और भूमि अधिग्रहण से सम्बन्धित मामलों को तत्परता से निपटाने के लिए दो स्तरीय समिति गठित करने का निर्णय लिया है। उन्होंने कहा कि मण्डल स्तर पर मण्डलायुक्त की अध्यक्षता में एक कमेटी गठित होगी, जिसमें छ: सदस्य होंगे तथा राज्य स्तर पर प्रमुख सचिव, गृह की अध्यक्षता में कमेटी का गठन किया गया है, जिसमें तीन सदस्य होंगे। ।

मुख्यमन्त्री ने कहा कि अब प्रत्येक माह की 10 तारीख को शासन स्तर पर होने वाली समीक्षा बैठक में डी0एम0 और एस0एस0पी0 भी उपस्थित रहेंगे। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि जनता के लिए चलाये जा रहे जनकल्याणकारी कार्यक्रमों का लाभ उन्हें अवश्य दिलाया जाए। उन्होंने आगाह किया कि विकास कार्याें में भ्रष्टाचार कतई बर्दाश्त नहीं किया जायेगा। उन्होंने कहा कि अभी भी अधिकारियों के स्तर से लापरवाही बरतने की शिकायतें प्राप्त हो रही हैं, यह स्थिति अच्छी नहीं है। उन्होंने सचेत करते हुए कहा कि भविष्य में इस प्रकार की शिकायतें मिलने पर उनकी जवाबदेही तय कर कठोर कार्यवाही की जायेगी।

बैठक में समस्त जिलाधिकारी, वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक, पुलिस महानिरीक्षक, उपमहानिरीक्षक, मण्डलायुक्त तथा पुलिस महानिदेशक सहित प्रमुख विभागों के प्रमुख सचिव/सचिव उपस्थित थे।

सुरेन्द्र अग्निहोत्री
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प्रदेश की मायावती सरकार ने विधान सभा में आज वशZ 2010-11 के अनुपूरक बजट के नाम पर लूट और कमीशन की अनुपूरक मांगे रखी हैं।

Posted on 10 August 2010 by admin

प्रदेश की मायावती सरकार ने विधान सभा में आज वशZ 2010-11 के अनुपूरक बजट के नाम पर लूट और कमीशन की अनुपूरक मांगे रखी हैं। इसमें विकास की कोई नीयत नहीं है। यह बजट सूखा और बाढ़ से कराहते पूर्वांचल, बुन्देलखण्ड की जनता के साथ क्रूर मजाक है और उनके जख्मों पर नमक डालनेवाला है। पूर्वांचल के लिए 50 करोड़ और बुन्देलखण्ड के लिए 10 करोड़ रूपयों का प्राविधान करनेवाली मुख्यमन्त्री मायावती ने पाकोZ, स्मारकों के विकास के लिए 500 करोड़ रूपयों की व्यवस्था कर बता दिया है कि उनसे विकास की उम्मीद पत्थरों से सिर फोड़ना है।
बजट में कांशीराम ग्रीन (ईको) गाडेZन,जेल रोड, लखनऊ के निर्माण हेतु 409,41,80,000 रू0 भीमराव अम्बेडकर सामाजिक परिवर्तन स्थल, गोमतीनगर प्रायोजना की सेंटेज चार्जेज के लिए 48,22,04,000 रू0 इसी स्थल के बाह्य विकास के लिए 9,46,98,000 रू0 तथा कांशीराम स्मारक स्थल प्रायोजना के सेंटेज चार्जेज के लिए 23,82,34,000 रू0 की मांग की गई है। इससे जाहिर है कि मुख्यमन्त्री का लोकतन्त्र या विधायिका की गरिमा में कतई विश्वास नहीं हैं बल्कि वह सिर्फ इसे अपनी महत्वकांक्षाओं की पूर्ति का साधन मानती हैं। जनहित के बजाय वह अपने निजी वोट एजेन्डा पर काम करती हैं।
पिछले तीन सालों से बसपा सरकार विकास और कानून व्यवस्था के झूठे दावें करती रही है। कल बसपा के एक अज्ञात प्रवक्ता ने दावा किया कि बसपा राज में गुण्डों-माफियाओं के हौंसले पस्त हैं और विपक्षी मीडिया में सुर्खियां बटोरने के लिए आरोप लगाते हैं। ऐसे अनर्गल आरोप भरा बयान किसी जिम्मेदार पार्टी के प्रवक्ता का नहीं हो सकता है। वे कैसे झुठलाएगें कि समाजवादी पार्टी के अलीगढ़ सदर विधायक श्री जमीरउल्ला को जानमाल की धमकी मिली। सरकार से गुहार के बावजूद उन्हें सुरक्षा नहीं मिली। गुण्डे स्वच्छन्द है।  मायाराज मेें वे भयमुक्त है।
दूसरों पर आरोप लगाने से पहले बसपा के अनाम प्रवक्ता को चाहिए था कि वे डीजीपी कार्यालय से अपराध विवरण मंगवा लेते। प्रदेश को अपराधों में अव्वल होने का प्रमाण पत्र बसपा राज में मिला है। मानवाधिकारों के हनन में बड़ा नाम इस प्रदेश ने दलित बेटी के  राज में ही कमाया है। महिलाओं और दलितों के साथ उत्पीड़न में भी मायावती राज में प्रदेश किसी से कम नहीं रहा है। फर्जी इन्काउंटरों में कितने थानों के कितने पुलिसकर्मी आरोपित हैं और कितनों के खिलाफ जांच चल रही है, इसका विवरण बसपा के सरकारी प्रवक्ता को देने में क्या हिचक हैर्षोर्षो
मुख्यमन्त्री ने स्वयं अपनी पार्टी से पांच सौ अपराधियों को निकालने का वायदा किया था। वह सूची आज तक जारी नहीं हुई। इस सरकार की प्राथमिकता करोड़ों के पार्क पत्थरों की है और आदमी की जिन्दगी की कीमत कौड़ियों भर मान ली गई है, ऐसी भ्रश्टाचार सरकार से जनता जल्दी निजात लेगी।

सुरेन्द्र अग्निहोत्री
मो0 9415508695
upnewslive.com

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मुख्यमन्त्री के निर्देश पर श्री नन्द गोपाल गुप्ता `नन्दी´ के बेहतर इलाज के लिए शासकीय प्लेन से एस0जी0पी0जी0आई0 लाया गया

Posted on 13 July 2010 by admin

मुख्यमन्त्री नन्दी को देखने अमौसी एयरपोर्ट गईं

मुख्यमन्त्री ने सभी घायलों के बेहतर उपचार के लिए निर्देश दिये और शीघ्र स्वास्थ्य लाभ की कामना की

उत्तर प्रदेश की मुख्य मन्त्री सुश्री मायावती ने प्रदेश के संस्थागत वित्त, स्टाम्प तथा न्यायालय शुल्क मन्त्री श्री नन्द गोपाल गुप्ता “नन्दी´´ एवं कुछ अन्य लोगों के घायल होने की जानकारी प्राप्त होते ही इस वारदात को अत्यन्त गम्भीरता से लेते हुए तत्काल प्रदेश के आला अधिकारियों की बैठक बुलाकर उनसे इस घटना के बारे में पूरी जानकारी की और प्रमुख सचिव गृह एवं पुलिस महानिदेशक को तुरन्त इलाहाबाद रवाना किया और अपनी पार्टी के वरिष्ठ नेता श्री नसीमुद्दीन सिद्दीकी एवं श्री स्वामी प्रसाद मौर्या को भी तुरन्त इलाहाबाद जाने के निर्देश दिये। उन्होंने दोनों अधिकारियों को निर्देश दिये कि स्वयं मौके पर जाकर पूरे मामले की गम्भीरता से छानबीन करें और इस वारदात में किन आपराधिक तत्वों का हाथ था, उसकी बारीकी से छानबीन करके उनके विरूद्ध सख्त कानूनी कार्यवाही सुनिश्चित करायेंं।

इलाहाबाद से लौट कर श्री नसीमुद्दीन सिद्दीकी एवं श्री स्वामी प्रसाद मौर्य दोनों वरिष्ठ मन्त्रियों तथा प्रमुख सचिव गृह एवं पुलिस महानिदेशक ने पूरी परिस्थितियों से मुख्यमन्त्री जी को अवगत कराया।

मुख्यमन्त्री ने सभी घायलों का हालचाल पूछा। उन्हें अवगत कराया कि इलाहाबाद मेडिकल कालेज के प्रधानाचार्य ने श्री नन्द गोपाल गुप्ता `नन्दी´ के बेहतर इलाज के लिए एस0जी0पी0जी0आई0 रिफर करने की सलाह दी है। जिस पर मुख्यमन्त्री ने शासकीय प्लेन तत्काल रवाना करने के निर्देश दिये।
मुख्यमन्त्री श्री नन्द गोपाल गुप्ता के अमौसी एयरपोर्ट पर पहुंचने पर उनको देखने पहुंची और उनका हालचाल पूछा। डाक्टरों की राय के अनुसार इस घटना में गम्भीर रूप से घायल अन्य दो लोग जो इलाहाबाद में भर्ती कराये गये हैं, उनके बारे में मुख्यमन्त्री को अवगत कराते हुए बताया गया कि उनकी गम्भीर स्थिति होने के करण उन्हें एस0जी0पी0जी0आई0 में शिफ्ट किया जाना अभी उचित नहीं होगा। उन्होंने पुन: निर्देश दिये कि घायलों के बेहतर इलाज की सुविधा उपलब्ध करायी जाय। मुख्यमन्त्री ने घायलों के शीघ्र स्वास्थ्य लाभ की कामना की।

एयरपोर्ट पर राज्य सलाहाकार परिषद के अध्यक्ष श्री सतीश चन्द्र मिश्र तथा शासन के वरिष्ठ अधिकारी मौजूद थे।

सुरेन्द्र अग्निहोत्री
मो0 9415508695
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केन्द्र सरकार जनता को मंहगाई से राहत दिलाएं

Posted on 06 July 2010 by admin

केन्द्र में कांग्रेस पार्टी के नेतृत्व वाली यू.पी.ए. सरकार द्वारा पेट्रोल की क़ीमत को सरकारी नियन्त्रण से मुक्त करते हुये पेट्रोल, डीज़ल, रसोई गैस के सिलेण्डर व ग़रीबों के इस्तेमाल में आने वाले मिट्टी के तेल की क़ीमतों में अनवरत् वृद्धि के िख़लाफ बी.एस.पी. ने उत्तर प्रदेश के सभी ज़िलों के मुख्यालयों पर आज Þएक-दिवसीय विशाल धरना-प्रदशZनß कार्यक्रम आयोजित किया, जो प्राप्त रिपोर्ट के मुताबिक Þज़बरदस्त कामयाबß रहा।

सुश्री मायावती जी ने इस बार भी पार्टी के ज़िला-स्तरीय Þधरना-प्रदशZनß कार्यक्रम का हवाई निरीक्षण करने के बजाय दूसरे ज़िलों से अपने पर्यवेक्षक नियुक्त किये थे ताकि प्रत्येक ज़िले से सही-सही रिपोर्ट तत्काल यहां प्राप्त हो सके। बी.एस.पी. की राश्ट्रीय अध्यक्ष द्वारा पार्टी के इस आन्दोलन की सफलता का आकलन कर गुप्त रिपोर्ट पार्टी के राज्य मुख्यालय को भेजने के लिये दूसरे ज़िलों से नियुक्त पर्यवेक्षकों की रिपोर्ट के मुताबिक महंगाई को और ज़्यादा जानलेवा बनाने वाली केन्द्र सरकार द्वारा पेट्रोल, डीज़ल, रसोई गैस के सिलेण्डर व मिट्टी के तेल की क़ीमत बढ़ाने के िख़लाफ बी.एस.पी. की आज की मुहिम में आम जनता ने काफी बढ़-चढ़ कर हिस्सा लिया तथा यह कार्यक्रम प्रत्येक ज़िले में Þज़बरदस्तß सफल रहा।

उल्लेखनीय है कि बी.एस.पी. की राश्ट्रीय अध्यक्ष एवं उत्तर प्रदेश की मुख्यमन्त्री सुश्री मायावती जी के निर्देशानुसार पार्टी का यह आन्दोलन, आम जनता के हितों को ध्यान में रखते हुये, जिला कलेक्ट्रेट में ना करके, अन्यत्र बड़े, खुले व महत्वपूर्ण स्थान पर आयोजित किया गया, क्योंकि बी.एस.पी. महंगाई के िख़लाफ ज़ोरदार संघशZ में भी ऐसा कोई काम नहीं करना चाहती है जिससे सरकारी सम्पित्त को नुक़सान पहुंचे, सरकारी काम बाधित हो व आम जनता को कठिनाइयों का सामना करना पड़े।

इस सम्बन्ध में आज यहां जारी एक प्रेस विज्ञप्ति में बी0एस0पी0 राश्ट्रीय अध्यक्ष ने देश में खाद्यान्नों तथा अन्य दैनिक उपयोग की जरूरी वस्तुओं की कीमतों में लगातार हो रही बेतहाशा वृद्धि के लिए पूरी तरह कांग्रेस पार्टी के नेतृत्व वाली केन्द्र की यू0पी0ए0 सरकार की गलत तथा दिशाहीन आर्थिक नीतियों को जिम्मेदार ठहराया। उन्होंने कहा कि केन्द्र सरकार को तेल कम्पनियों के घाटे की चिन्ता तो है, लेकिन पिछले कुछ दिनों में खाद्यान्नों की महंगाई दर में लगभग 18 फीसदी की बढ़ोत्तरी की कोई चिन्ता नहीं है, जिसके कारण मंहगाई देश के समक्ष एक राश्ट्रीय समस्या बन गई है। उन्होंने कहा कि पेट्रोल, रसोई गैस, डीजल एवं केरोसीन तेल के दामों में हुई बढ़ोत्तरी से आम आदमी का जीवन दूभर हो गया है। उन्होंने कहा कि प्रधानमन्त्री जी ने अपनी सरकार के पहले साल का लेखा-जोखा पेश करते हुए इस वशZ दिसम्बर तक भीशण मंहगाई पर काबू पाने की बात कही थी। लेकिन इसके तुरन्त बाद पेट्रोलियम पदार्थाें के दाम बढ़ाने का फैसला यह साफ कर देता है कि यू0पी0ए0 सरकार देश की आम जनता को मंहगाई की मार से बचाने के बजाए उसके ऊपर और बोझ डाल रही है।

बी0एस0पी0 की राश्ट्रीय अध्यक्ष ने कहा कि तेल कम्पनियों के लगातार होने वाले घाटे का रोना रोने वाली यू0पी0ए0 सरकार ने आज तक जनता के सामने तेल की अन्तर्राश्ट्रीय कीमतों, उन पर लगाये गये टैक्स और कम्पनियों को मिलने वाले मार्जिन का कभी भी खुलासा नहीं किया। कांग्रेस पार्टी के नेतृत्व वाली यू0पी0ए0 सरकार को यह भी देश की जनता को बताना चाहिए कि लगातार सालों से घाटा उठाने वाली यह तेल कम्पनियां अपनी बैलेंस शीट में कैसे रिजर्व एवं सरप्लस के मद में हजारों करोड़ रूपये की रािश दिखाती जा रही हैं और यह धनरािश वशZ 2004 के बाद लगातार बढ़ती रही है, जैसा कि कम्पनियों के द्वारा दिखाये गये आंकड़े स्पश्ट करते हैं।

सुश्री मायावती ने कहा कि केन्द्र सरकार की गलत नीतियों के कारण मंहगाई आज चरम पर है। उन्होंने केन्द्र सरकार द्वारा पेट्रोल उत्पादों पर सिब्सडी समाप्त करने के निर्णय को चिन्ताजनक बताते हुए कहा कि केन्द्र सरकार के एजेण्डे सें आम जनता का हित गायब हो गया है। इसके बावजूद केन्द्र सरकार देश की जनता को झूठे आश्वासन दे रही है कि मंहगाई पर जल्दी ही काबू पा लिया जाएगा। उन्होंने कहा कि यू0पी0ए0 सरकार ने गत वशZ लोकसभा के आम चुनावों के ठीक पहले सिर्फ राजनैतिक लाभ लेने और आम जनता का वोट पाने की नीयत से ही पेट्रोल और डीजल के दामों में कमी की थी। किन्तु चुनाव समाप्त होते ही कांग्रेस के नेतृत्व वाली सरकार ने पूंजीपतियों, धन्नासेठों और थैलीशाहों के हितों को ध्यान में रखकर पेटाªेल और डीजल के दामों में भारी वृद्धि कर दी, जिसके चलते मंहगाई और बढ़ी।

बसपा प्रमुख ने कहा कि पूंजीपतियों को लाभ पहुंचाने के लिए पिश्चमी देशों के मंहगे विश्वविद्यालयों से िशक्षा प्राप्त तथाकथित अर्थशास्त्रियों द्वारा तेजी से बढ़ती अर्थ व्यवस्था का दावा करने वालों को उन करोड्ों गरीबों, उपेक्षितों तथा साधनहीनों की कोई चिन्ता नहीं है जिन्हें दो जून की रोटी बड़ी मुिश्कल से मिल पा रही है। उन्होंने कहा कि केन्द्र की वर्तमान सरकार ने अपने 2009-2010 के आर्थिक सर्वेक्षण में कहा था कि पिछले वित्तीय वशZ की दूसरी तिमाही में  आर्थिक विकास दर में 7.9 प्रतिशत की वृद्धि हुई और यह विश्वास व्यक्त किया गया था कि औद्योगिक और सेवा क्षेत्रों में क्रमश: 8.2 तथा 8.7 प्रतिशत की बढ़ोत्तरी होगी। लेकिन उनके इस दावे की पोल बढ़ती हुई मंहगाई की दर ने खोलकर रख दी है। उन्होंने कहा कि यू0पी0ए0 सरकार की मंहगाई पर काबू पाने के उपाय करने के दावे की हवा निकल गई और वह किंकर्तव्यविमूढ़ सी हो गई है। सच्चाई तो यह है कि केन्द्र सरकार के पास मंहगाई पर काबू पाने के लिए न तो कोई नीति है और न ही उसकी नीयत।

उन्होंने कहा कि खाद्यान्नों तथा आवश्यक उपभोक्ता वस्तुओं के मूल्यों में बढ़ोत्तरी का अनुमान इसी से लगाया जा सकता है कि वशZ 2004 में जो वार्शिक थोक मूल्य सूचकांक 184.90 था वह वशZ 2005 में बढ़कर 193.70 हो गया। इस एक वशZ में 4.8 प्रतिशत की वृद्धि दर्ज की गई। इसी प्रकार वशZ 2006 में थोक मूल्य सूचकांक बढ़कर 203 हो गया, जो 9.8 प्रतिशत अधिक है। वशZ 2007 तथा 08 में यह क्रमश:  212.80 तथा 232.20 था जो क्रमश: 15.1 तथा 25.6 प्रतिशत अधिक है। उन्होंने कहा कि गत वशZ मूल्य सूचकांक 237.10 था जो 28.2 प्रतिशत अधिक था। उन्होंने कहा कि थोक मूल्य सूचकांक की बढ़ती प्रवृत्ति को रोकने के लिए केन्द्र सरकार ने कोई कारगर कदम नहीं उठाए।

सुश्री मायावती ने कहा कि कांग्रेस की नेतृत्व वाली केन्द्र की यू0पी0ए0 सरकार जब सन् 2004 में सत्ता में आयी तभी से खाद्यान्नों एवं सब्जियों के मूल्यों में बढ़ोत्तरी लगातार जारी है। उन्होंने उदाहरण देते हुए कहा कि 2004 से अब तक गेहूं के दाम में लगभग दोगुना तथा चावल के दाम में तीन गुना बढ़ोत्तरी हुई है। आम आदमी के उपयोग में आने वाली चीनी, जो 15 रूपये प्रतिकिलो बिकती थी, अब 30 रूपये से भी अधिक हो गई है। इसी प्रकार अरहर सहित सभी दालों के दामों में लगभग दो गुने से भी अधिक वृद्धि हुई है। उन्होंने कहा कि सरसों के तेल सहित आलू एवं अन्य सब्जियों के दामों में भी दो गुने से भी अधिक वृद्धि हो गई है। उन्होंने कहा कि दुनिया में दुग्ध उत्पादन के क्षेत्र में दूसरे नम्बर पर रहने वाले देश में पिछले पांच वशोZं में इसके दामों में तीन गुने से भी अधिक बढ़ोत्तरी हुई है। उन्होंने कहा कि इन परिस्थितियों में गरीब आदमी की तो बात छोड़िये मध्यम वर्ग को भी दो जून की रोटी का प्रबन्ध करना भारी पड़ रहा है।सुश्री मायावती ने कहा कि दूसरी बार केन्द्र की सत्ता में आई यू0पी0ए0 सरकार ने जनता से 100 दिनों में मंहगाई में कमी लाने का वायदा किया था, किन्तु वशZ 2008 से अब तक तीन बार पेट्रोल तथा डीजल की कीमतें बढ़ाकर उसने अपने ही वायदे को झुठला दिया है। उन्होंने कहा कि बढ़ती मंहगाई पर अंकुश लगाने के लिए प्रभावी कदम उठाने हेतु उन्होंने केन्द्र सरकार से कई बार अनुरोध किया, किन्तु केन्द्र सरकार द्वारा आज तक इस दिशा में कोई ठोस कदम नहीं उठाए गए। उन्होंने कहा कि वशZ 2009 में लोकसभा चुनावों के समय `कांग्रेस का हाथ, गरीब के साथ´ का लोक-लुभावन नारा लगाने वाली यू0पी0ए0 सरकार का हाथ दर असल पूंजीपतियों के साथ है। उन्होंने कहा कि केन्द्र सरकार के दावों के विपरीत देश के सकल घरेलू उत्पाद की दर 6.5 प्रतिशत से आगे नहीं बढ़ पा रही है। पिछले वशZ खराब मानसून के कारण कृशि उत्पादन में आई गिरावट को इसका कारण बताया जा रहा है। उन्होंने कहा कि दूसरी तरफ केन्द्र सरकार बार-बार यह दावा कर रही है कि देश की अर्थ-व्यवस्था में मजबूती आ रही है। उन्होंने कहा कि विकास की दर में वृद्धि न होने का दूसरा कारण वैिश्वक आर्थिक मन्दी बताया जा रहा है।  इसके बावजूद केन्द्र सरकार निरन्तर यह कह रही है कि वह 9 प्रतिशत की वार्शिक विकास दर प्राप्त करने में सफल होगी। उन्होेंने कहा कि केन्द्र सरकार इस प्रकार की व्यर्थ आंकड़ेबाजी करके देश की जनता को गुमराह कर रही है।

सुश्री मायावती ने कहा कि प्रदेश की वर्तमान सरकार ने केन्द्र सरकार से सहयोग न मिलने के बावजूद खाद्यान्नों तथा आवश्यक वस्तुओं के दामों को नियन्त्रित करने के लिए ठोस उपाय किए हैं। इन उपायों को अमली जामा पहनाने के लिए अधिकारियों को सख्त हिदायत दी गई है कि वे जमाखोरों एवं कालाबाजारियों के विरुद्ध कठोर कार्रवाई करें और जनता को मंहगाई से राहत दिलाएं।

सुरेन्द्र अग्निहोत्री
मो0 9415508695
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मुख्यमन्त्री ने प्रधानमन्त्री को चकेरी एयरपोर्ट पर गुलदस्ता भेंट कर हार्दिक स्वागत किया

Posted on 03 July 2010 by admin

लखनऊ -  उत्तर प्रदेश की मुख्यमन्त्री सुश्री मायावती ने आज प्रधानमन्त्री डॉ0 मनमोहन सिंह के कानपुर आगमन पर चकेरी एयर पोर्ट पर पहुंच कर अगवानी की और उन्हें फूलों का गुलदस्ता भेंट कर उनका  हार्दिक स्वागत किया। इस अवसर पर प्रदेश के राज्यपाल श्री बी0एल0 जोशी भी मौजूद थे।

प्रधानमन्त्री डॉ0 मनमोहन सिंह आई0आई0टी0 कानपुर के 42वें दीक्षान्त समारोह में शामिल होने कानपुर पधारे थे। उन्होंने इस अवसर पर आयोजित अन्य कार्यक्रमों में भी भाग लिया।

सुरेन्द्र अग्निहोत्री
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