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Archive | नई दिल्ली

भारतीय जनता पार्टी राष्ट्रीय कार्यकारिणी बैठक - राजनैतिक प्रस्ताव

Posted on 26 September 2017 by admin

माननीय प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी जी की विकासोन्मुख नीतियों की वजह से उनके प्रति देश में समर्थन और विश्वास में अभूतपूर्व बढ़ोत्तरी हुई है. श्री नरेंद्र मोदी जी के नेतृत्व में भाजपानीत केंद्र सरकार की नीतियाँ दूरदर्शी, लोक कल्याण को समर्पित एवं आर्थिक मजबूती के साथ-साथ वैश्विक स्तर पर भारत की साख को मजबूत करने वाली हैं. आतंकवाद व अलगाववाद पर सख्ती, कुशल विदेश नीति, महिलाओं के गरिमापूर्ण जीवन के अवसरों में वृद्धि , गरीब कल्याणकारी नीति व वित्तीय समावेशन जैसे विषयों पर सरकार के प्रति जनमानस में विश्वास मजबूत हुआ है. राष्ट्रीय कार्यकारिणी माननीय प्रधानमंत्री जी को उनके नेतृत्व में राष्ट्र के चतुर्मुखी विकास को समर्पित नीतियों के द्वारा अर्जित उपलब्धियों पर बधाई देती है. इन अनेक उपलब्धियों में प्रतिनिधिक रूप में कुछ उपलब्धियां निम्नलिखित हैं.

पारदर्शी अर्थतंत्र की बुनियाद

भ्रष्टाचार और कालेधन के खिलाफ केंद्र सरकार ने जनता को दिए अपने वचन को सिद्ध किया है. विमुद्रीकरण को लेकर मिला जनसमर्थन इस संदर्भ में उल्लेखनीय है. इस एक निर्णय ने कालाबाजारी और कालाधन रखने वालों की कमर तोड़ दी है. इस निर्णय से देश में पारदर्शी अर्थतंत्र की बुनियाद मजबूत करने की दिशा में अभूतपूर्व सफलता मिली है, ईमानदारी से कारोबार करने वालों के लिए अवसर सुगम हुए हैं. केंद्र सरकार द्वारा मनरेगा, गैस सब्सिडी, पेंशन, स्कॉलरशिप इत्यादि का सीधे डिजिटल माध्यम से नकद हस्तांतरण करके करोड़ों लाभार्थियों के जीवन में पारदर्शी व्यवस्था से सुगमता लाई गयी है. इस व्यवस्थागत परिवर्तन का परिणाम है कि देश में व्यक्तिगत टैक्स देने वालों की संख्या में पर्याप्त बढ़ोत्तरी हुई है, डिजिटल लेन–देन दोगुना हुआ है एवं बड़े नोटों के नकद प्रचलन में भी पर्याप्त कमी आई है. केंद्र सरकार की नीतियों से सार्वजनिक जीवन में ईमानदारी को सम्मान मिलने लगा है. देश में पारदर्शी अर्थवयवस्था को लागू कराने के लिए केंद्र सरकार बधाई के योग्य है.

जीएसटी: लागू हुआ ‘एक राष्ट्र एक कर’

भाजपानीत केंद्र सरकार ने देश में “वन नेशन, वन टैक्स” की लंबे समय से चल रही मांग को पूरा किया है. विमुद्रीकरण के बाद अप्रत्यक्ष करों को लेकर आर्थिक सुधारों की दिशा में यह दूसरा ऐतिहासिक कदम सरकार द्वारा उठाया गया है. जीएसटी लागू होने से व्यापार में सुगमता को लेकर व्यापारी वर्ग को होने वाली समस्याओं को समाप्त किया गया है. दैनिक उपयोग की तमाम वस्तुओं पर लगने वाले करों का बोझ भी कम हुआ है. इस टैक्स के लागू होने के प्राम्भिक दौर में जनता और व्यापारियों को होने वाली दिक्कतों का समाधान सरकार लगातार कर रही है. जीएसटी लागू होने के बाद संघीय ढाँचे के अनुरूप सभी प्रदेशों को विश्वास में लेते हुए सर्वसम्मति से जीएसटी लागू कराना केंद्र सरकार की ऐतिहासिक उपलब्धि है. प्रत्येक महीने जीएसटी काउंसिल की बैठक के माध्यम से जनता के प्रति विकासोन्मुख निर्णय लेने का आदर्श भी सिद्ध किया है. राष्ट्रीय कार्यकारिणी माननीय प्रधानमंत्री जी एवं माननीय वित्त मंत्री जी के प्रति धन्यवाद व्यक्त करती है.

आतंकवाद और अलगाववाद के खिलाफ ठोस नीति

माननीय प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी जी के नेतृत्व में केंद्र में सरकार बनने के बाद से ही सरकार की आतंकवाद और अलगाववाद के खिलाफ “जीरो टॉलरेंस” ठोस नीति रही है. सरकार इसी नीति पर चलते हुए आतंकवादी तत्वों एवं उनके सहयोगियों के खिलाफ सख्ती से निपट रही है. हाल के दिनों में सरकार द्वारा आतंकवाद के खिलाफ जिस ढंग से सीमाओं पर सख्त कदम उठाये गये हैं, वह देश के सामने है. पिछले 6 महीने में बड़ी संख्या में आतंकियों को ढेर किया गया है, जिससे आतंकी गतिविधियों में शामिल तत्वों का मनोबल गिरा है. सुरक्षा बलों ने इस पूरे मामले में जिस संवेदनशीलता का परिचय दिया है, वह उल्लेखनीय और सराहनीय है. जम्मू-कश्मीर के आम लोगों ने सरकार की कार्य पद्धति की सराहना की है. माननीय प्रधानमंत्री जी ने जम्मू-कश्मीर में बाढ़ के संकट का समाधान एवं विकास योजनाओं में केंद्र सरकार के सकारात्मक योगदान को प्राथमिकता दी है. जम्मू-कश्मीर के 80 हज़ार करोड़ का विकास पैकेज, दो एम्स, आईआईएम, आईआईटी, पांच मेडिकल कॉलेज एवं इंजीनियरिंग कॉलेज के माध्यम से विकास को तेज गति दी है. सरकार के इन योजनाओं से जम्मू-कश्मीर में विश्वास का माहौल बना है. आतंकवाद से निपटने में आतंकियों के खिलाफ सख्ती और आतंकियों द्वारा इस्तेमाल किए जा रहे आम लोगों के प्रति संवेदनशीलता के बीच सन्तुलन बनाने का अभूतपूर्व कार्य किया है.

वैश्विक पटल पर भी आतंकवाद के विषय को मजबूत ढंग से रखने में माननीय प्रधानमंत्री जी ने अभूतपूर्व सफलता दिलाई है. अलगाववादियों को विदेशों से मिलने वाली मदद के अवैध स्रोतों के आर्थिक तंत्र एवं हवाला कारोबार की कड़ियों पर सरकार द्वारा की गयी व्यापक कार्यवाही सराहनीय है.वर्तमान सरकार की कार्यप्रणाली को देखते हुए आम जनता के बीच भी यह धारणा बनी है कि आतंकवाद के खिलाफ यह सरकार कड़े से कड़े कदम उठाने से पीछे नहीं हटने वाली है. सरकार द्वारा विकास से जुड़े मुद्दों पर सामानांतर कार्य किया गया है. वैश्विक पटल भी आतंकवाद के विषय को बहस के केंद्र लाने, पाकिस्तान को वैश्विक पटल पर अलग-थलग करने और हिजबुल मुजाहीद्दीन जैसे आतंकी संगठन की असलियत को सामने लाने के लिए एवं विश्व जनमत को उनके खिलाफ एकजुट करने के लिए यह सरकार बधाई की पात्र है.

महिलाओं के समानता एवं गरिमापूर्ण जीवन के अवसरों को बढ़ाना

राष्ट्रीय कार्यकारिणी केंद्र सरकार महिलाओं के जीवन में समानता एवं गरिमापूर्ण जीवन के अवसरों में सुचारू रूप से बढ़ाने के लिए उसकी प्रतिबद्धता हेतु बधाई देती है. सरकार द्वारा महिलाओं की हितों की दिशाओं में बेटी बचाओ-बेटी पढाओ, सुकन्या समृद्धि योजना एवं उज्जवला योजना के माध्यम से तीन करोड़ से अधिक महिलाओं को लाभार्थी बनाया गया है. देश में बढ़ते हुए लिंगानुपात को समान करना, बेटियों के प्रति संकीर्ण सामाजिक दृष्टिकोण का उन्मूलन एवं बेटियों को शिक्षित बनाने में सरकार के प्रयास सराहनीय हैं. कामकाजी महिलाओं को उनके कार्यस्थल पर अधिक सुरक्षित माहौल हेतु कानूनों में परिवर्तन एवं मातृत्व सुरक्षा को महत्व देने का कार्य सरकार द्वारा किया गया है. सरकार की मुद्रा योजना का लाभ भी महिलाओं द्वारा उठाया गया है. सर्वोच्च न्यायालय के समक्ष तीन तलाक विषय पर केंद्र सरकार ने जिस प्रकार से न्यायपूर्ण पक्ष रखा, कार्यकारिणी उसका स्वागत करती है. तीन तलाक जैसी कु-प्रथा की वजह से लैंगिक असमानता और संविधान प्रदत्त मौलिक अधिकारों का उल्लंघन हो रहा था. इस संदर्भ में केंद्र सरकार का पक्ष स्पष्ट था कि समानता संविधान की मूल संरचना का हिस्सा है और बदला नहीं जा सकता है. इस फैसले का समाज के हर वर्ग की महिलाओं सहित मुस्लिम महिलाओं ने भी स्वागत किया है. राष्ट्रीय कार्यकारिणी देश की करोड़ों महिलाओं की ओर से महिलाओं के सम्मान एवं समर्थन में इस साहसपूर्ण कदम के लिए बधाई एवं शुभकामनाएं प्रेषित करती है.

किसानों के हितों की दिशा में सरकार के कार्य

सरकार द्वारा किसानों की आय दोगुनी करने के विषय को जमीनी स्तर तक ले जाने का बड़ा सन्देश दिया गया है. मृदा स्वास्थ्य कार्ड एवं किसान फसल बीमा योजना से खेती में उत्पादन वृद्धि एवं अनिश्चतताओं को दूर करने में सफलता मिली है. प्रधानमंत्री फसल बीमा में प्रीमियम बहुत कम रखा गया है एवं आपदा क्षेत्रों को भी विस्तृत किया गया है जिससे अधिकाधिक क्षतिपूर्ति हो सके. वर्ष 2015 में शुरू की गई प्रधानमंत्री सिचांई योजना के तहत 5 वर्षों में पचास हज़ार करोड़ निवेश का प्रावधान किया गया है. सरकार द्वारा जारी की गई ग्रामीण क्षेत्र की आधारभूत संरचनाओं की योजनाओं से किसानो के जीवन में परिवर्तन आया है. पार्टी की राष्ट्रीय कार्यकारिणी किसानों की आय दोगुनी करने के लिए सरकार द्वारा संकल्प पूर्वक किये जा रहे प्रयासों से प्रति अपना आभार व्यक्त करती है.

युवा शक्ति से ही राष्ट्र विकास

राष्ट्रीय कार्यकारिणी इस वर्ष को स्वामी विवेकानंद के शिकागो भाषण के 125 वर्ष पूरा होने के कारण युवाओं के लिए प्रेरणादायक वर्ष मानती है. देश निर्माण में युवाओं की भूमिका के लिए ना केवल केंद्र सरकार ने समयानुकूल नयी शिक्षा नीति के लिए व्यापक विमर्श शुरू किया है बल्कि उसके साथ–साथ नए स्वरोजगार के अवसरों की भी उपलब्धता कराई है. युवाओं के समन्वित विकास के लिए राष्ट्रीय कौशल विकास मिशन, कौशल विकास एवं उधामिता की राष्ट्रीय नीति, प्रधानमन्त्री कौशल विकास योजना को शुरू किया गया.मुद्रा योजना के साथ स्टार्ट-अप इंडिया एवं स्टैंड-अप इंडिया के द्वारा देश की 125 लाख बैंक शाखाओं को युवाओ के रोजगार निर्माण के लिए ऋण अभियान शुरू किया है और इसमे कम से कम एक दलित, आदिवासी व महिला उद्यमी को जोड़ा गया है. राष्ट्रीय कार्यकारिणी सरकार के द्वारा युवाओं के समन्वित विकास के लिए की जा रहे पहल पर बधाई देती है.

डोकलाम पर शांतिपूर्ण समाधान

इस वर्ष जून में भारत और चीन के बीच उत्पन्न हुए डोकलाम विवाद को शान्तिपूर्ण तरीके से राजनयिक बातचीत के द्वारा सुलझाने के लिए राष्ट्रीय कार्यकारिणी सरकार को बधाई देती है। यह घटनाक्रम राजनीतिक परिपक्वता और कूटनीति की विजय का परिचायक है। इस मामले पर देश के नेतृत्व ने जिस कुशलता तथा धैर्यसंयम और दृढ़ता का परिचय दिया उनसे राष्ट्र के हितों की रक्षा तो हुई हीसाथ ही विश्व में भारत का सम्मान और भी बढ़ा है। इस प्रकरण के दौरान भूटान से लगातार परामर्श और समन्वय पड़ोसी मित्र देश के हितों के प्रति भारत की संवेदनशीलता तथा सरकार की ‘‘सबसे पहले पड़ोसी‘‘ (Neighbourhood First) की नीति भली-भांति दर्शाते हैं।

ब्रिक्स में दिखी भारत की मजबूती

BRICS शिखर सम्मेलन में माननीय प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी जी द्वारा विश्व की चुनौतियों का मिलजुलकर सामना करने के लिए दिये गये 10 सूत्रीय सुझाव एक और रचनात्मक पहल है। मानननीय प्रधानमंत्री जी के इस पहल का दुनिया के देशों द्वारा विकास की अवधाणा पर एक सकारात्मक प्रयास के रूप में स्वागत किया गया. चीन के शियामिन (Xiamen) में हुए BRICSशिखर सम्मेलन के दौरान चीन के राष्ट्रपति श्री शी जिनपिंग और प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी की सकारात्मक बातचीत का भी परिषद स्वागत करती है। यह महत्वपूर्ण है कि दोनों नेताओं ने उनके बीच अस्ताना, कजाख़स्तान में हुई इस सहमति को दोहराया कि भारत और चीन के बीच अच्छे संबंध विश्व में स्थिरता के लिए आवश्यक हैं।

BRICS शिखर सम्मेलन से जारी किये गये घोषणा पत्र में आतंकवाद को जो प्रमुख स्थान मिला है और जिस प्रकार से भारत के पड़ोस में सक्रिय दुर्दान्त आतंकवादी समूहों जैसे लश्कर-ए-तोएबा, तालिबान, जैश-ए-मुहम्मद व हक्कानी समूह आदि की कड़ी निन्दा की गयी है वह आतंकवाद पर वैश्विक सहमति बनाने में सरकार के अथक कूटनीतिक प्रयासों की सफलता का एक और प्रमाण है।

अंतर्राष्ट्रीय कूटनीति में संवेदनशीलता को प्राथमिकता

भारतीय जनता पार्टी की केंद्र सरकार ने कूटनीति में मानवीय संवेदनशीलता को प्राथमिकता देकर दुनिया में अच्छे सम्बंधो को मजबूत किया है. पड़ोसी देशों के साथ ही नेपाल की भूकंप की त्रासदी में, मालद्वीप में पानी के संकट तथा म्यामांर में स्वाईन फ्लू के संकट पर भारत ने पड़ोसी देशों के साथ अपने रिश्तों को जिम्मेदारी से निभाया है. बंगलादेश के रोहंगीया शरणार्थीयों को सरकार द्वारा आगे बढ़कर राहत सामग्री भिजवाई है इसके साथ ही सरकार ने अपने 125 करोड़ नागरिकों की सुरक्षा का भी राष्ट्रीय एवं अंतर्राष्ट्रीय स्तर पर पूरी जिम्मेदारी निभाई है. इसमे यमन में फसे भारतीय नागरिकों का संकट हो, मध्यपूर्व देश से केरल की नर्सों की रिहाई हो, अफगानिस्तान से अलेक्स प्रेम कुमार की रिहाई हो, यमन से फादर टॉम की रिहाई हो, सरकार ने हर नागरिक की व्यक्तिगत एवं सामूहिक सुरक्षा को सर्वोच्च प्राथमिकता दी है. पार्टी की राष्ट्रीय कार्यकारिणी केंद्र सरकार द्वारा तत्परतापूर्वक किये गये सफल कूटनीतिक प्रयासों के लिए बधाई देती है.

आधारभूत संरचनाओं को मजबूती

राष्ट्रीय कार्यकारिणी भाजपानीत केंद्र सरकार द्वारा देश की आधारभूत संरचना के विकास के लिए उठाए गए नए कदमों और पुराने कार्यों को पूरा कर देश को समर्पित करने के लिए बधाई देती है. इस क्रम में नर्मदा नदी पर सरदार सरोवर परियोजना के अंतिम चरण को पूरा कर देश को समर्पित करने के लिए माननीय प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी जी को बधाई देती है. साथ ही भारत-जापान सहयोग से देश में “बुलेट-ट्रेन” की नींव रखने के लिए भी माननीय प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में कार्य कर रही केंद्र सरकार बधाई के योग्य है.

हिंसा लोकतंत्र के लिए अभिशाप

देश में वैचारिक हिंसा तथा संकीर्णता को समाप्त करने के लिए माननीय प्रधानमंत्री जी द्वारा देश की जनता को दिए गये भरोसे का स्वागत करती है. राष्ट्रीय कार्यकारिणी का स्पष्ट मत है कि केरल, त्रिपुरा एवं पश्चिम बंगाल में पार्टी के कार्यकर्ताओं के खिलाफ जिस ढंग से विरोधी दलों के कार्यकर्ताओं द्वारा राजनीतिक हिंसा की जा रही है, वह लोकतंत्र में निंदनीय है. केरल में विगत चौदह माह में पार्टी के 14 कार्यकर्ताओं का निर्मम तरीके से हत्या कर दी गई है. राष्ट्रीय कार्यकारिणी इसकी कड़ी निंदा करती है. पार्टी की राष्ट्रीय कार्यकारिणी पत्रकारों पर किये जा रहे हिंसा एवं हत्या की भी पुरजोर तरीके से निंदा करती है.

पिछड़े वर्ग को संवैधानिक अधिकार हेतु संकल्प

भारतीय जनता पार्टी की सरकार का लक्ष्य “सबका साथ, सबका विकास” के उद्देश्यों को प्राप्त करना है. इस क्रम में सामाजिक एवं शैक्षिक रूप से पिछड़ा वर्ग की संवैधानिक मान्यता का प्रश्न दशकों से लंबित था. माननीय प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी जी ने इस विषय को गंभीरता से लेते हुए आयोग को संवैधानिक दर्जा देने का निर्णय लिया. लोकसभा से यह संशोधन विधेयक पारित भी हुआ. लेकिन राज्यसभा में कांग्रेस के विरोध की वजह से यह प्रस्ताव लागू नहीं हो सका है. भाजपा पूरी प्रतिबद्धता के साथ इसे लागू कराने का संकल्प लेती है और कांग्रेस द्वारा राज्यसभा में पैदा किए गए पिछड़ा विरोधी गतिरोध की निंदा करती है.

पंडित दीन दयाल जन्मशताब्दी वर्ष का संकल्प

भारतीय जनता पार्टी ने पंडित दीन दयाल जन्म शताब्दी वर्ष (25 सितंबर 2016- 25 सितंबर 2017) को गरीब कल्याण वर्ष के रूप में मनाया है. पार्टी की केंद्र व राज्य सरकारों ने गरीब कल्याण की योजनाओं के माध्यम से शोषित एवं वंचित वर्ग को जीने का आर्थिक सशक्तिकरण के माध्यम से उन्नत किया है.

दीनदयाल जन्मशताब्दी वर्ष में पार्टी के जनाधार, बूथ रचना को मजबूत करने, पार्टी के संगठानात्मक सुदृढ़ीकरण, वैचारिक आधार के विस्तार एवं पार्टी के कार्यप्रणाली में गुणात्मक विस्तार हेतु अखिल भारतीय अध्यक्षीय प्रवास माननीय राष्ट्रीय अध्यक्ष श्री अमित शाह द्वारा किया गया.

पार्टी के कार्य विस्तार के लिए विस्तारक योजना का प्रारंभ माननीय राष्ट्रीय अध्यक्ष जी के बंगाल के नक्सलवाड़ी दौरे के साथ प्रारंभ हुआ. पार्टी के लिए संतोष का विषय है कि सुदूर लद्दाख से लेकर लक्षद्वीप तक 4 लाख के करीब विस्तारक अल्पकालिक प्रवास के लिए गये और 4 हज़ार से अधिक विस्तारक दीर्घकालिक प्रवास के लिए गये.

भारतीय जनता पार्टी के बूथ रचना को मजबूत करने के लिए इन विस्तारकों द्वारा बूथों पर समाज के सभी वर्गों का पार्टी में समावेश, बूथ समिति की रचना तथा बूथ के छह कार्यप्रणाली को स्थाई बनाने पर जोड़ दिया गया, जिससे ‘सशक्त भाजपा-समर्थ भाजपा’ की परिकल्पना को आगे बढ़ाने में पार्टी को मजबूती मिली है.

पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष जी के द्वारा किये गये संगठानात्मक प्रवास से पार्टी की विभागों एवं प्रकल्पों की परिकल्पना, कार्यालय निर्माण, समाज के प्रबुद्ध वर्ग से बातचीत, कोर समिति की संगठानात्मक निर्णय की प्रणाली, पार्टी की सरकारों की कार्यप्रणाली की दिशा, जनसंघ के समय के कार्यकर्त्ता का सम्मान, पार्टी के निर्वाचित सदस्यों की भूमिका तथा वैचारिक प्रशिक्षण के लिए आवश्यक तंत्र का निर्माण किया गया. यह प्रवास पार्टी के संगठनात्मक एवं गुणात्मक सुदृढ़ता में मील का पत्थर सिद्ध हो रहा है.

पार्टी दीनदयाल जन्मशताब्दी वर्ष में माननीय राष्ट्रीय अध्यक्ष जी के अखिल भारतीय प्रवास के माध्यम से मिले मजबूत आधार को भविष्य में पार्टी के काम का आधार बनाकर उसे सशक्त करेगा.

न्यू इण्डिया: संकल्प से सिद्धि

माननीय प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी जी ने 2022 में स्वतंत्रता के 75 वर्ष पूरे होने तक “न्यू इण्डिया” का संकल्प प्रस्तुत किया है. संकल्प से सिद्धि कार्यक्रम के अंतर्गत देश को 2022 तक न्यू इण्डिया के लक्ष्यों को संकल्प के रूप में देश के समक्ष रखा है. राष्ट्रीय कार्यकारिणी का यह स्पष्ट मत है कि 125 करोड़ देशवासी इस संकल्प को अपना व्यक्तिगत संकल्प बनायेंगे तो न्यू इण्डिया बनने से कोई रोक नहीं सकता. न्यू इंडिया में छ: संकल्प अंतर्निहित हैं.

गरीबी से मुक्त भारत: न्यू इण्डिया के तहत यह संकल्प लिया गया है कि 2022 तक हम भारत को गरीबी से मुक्त एक ऐसा देश बनायेंगे जहाँ सबके पास आवास हो, स्वास्थ्य की सुविधाएं हों, स्व-रोजगार के अवसर हों. इस संकल्प के आलोक में केंद्र सरकार द्वारा लोक कल्याण की कई योजनायें संचालित हैं और अन्त्योदय की अवधारणा के अनुरूप आम लोगों तक पहुँच रही हैं.
स्वच्छ भारत: सुंदर समाज और समृद्ध देश की पहचान स्वच्छता भी है. माननीय प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी जी ने ‘स्वच्छ भारत अभियान” को जनांदोलन का रूप देते हुए इसे व्यक्ति के दायित्वबोध से जोड़ा है. न्यू इण्डिया में भारत स्वच्छ हो और समाज से गंदगी को समाप्त किया जा चुका हो, यह संकल्प लेते हैं.
आतंकवाद से मुक्त: आतंकवाद आज विश्व के लिए एक खतरा है. केंद्र सरकार आतंकवाद के खिलाफ सख्त है. न्यू इण्डिया के अंतर्गत आतंकवाद मुक्त भारत का संकल्प लेते हैं.
जातिवाद मुक्त भारत: सामजिक न्याय के मूल सिद्धांतों पर चलते हुए माननीय प्रधानमंत्री जी ने न्यू इण्डिया में देश को सामाजिक विषमता से मुक्ति दिलाने का संकल्प लिया है. न्यू इण्डिया में समता मूलक समाज के निर्माण से मजबूत राष्ट्र के निर्माण के लक्ष्यों को प्राप्त करना है.
साम्प्रदायवाद से मुक्त भारत: समाज में साम्प्रदायिक सद्भाव हो और समरसता से परिपूर्ण समाज बने, यह न्यू इण्डिया के निर्माण में हमारा प्रमुख संकल्प है.
भ्रष्टाचार से मुक्त भारत: माननीय प्रधानमंत्री जी ने भ्रष्टचार के समूल नाश के लिए ऐतिहासिक कदम उठाये हैं. हमारा संकल्प है कि 2022 में हम देश को पूर्ण रूप से भ्रष्टाचार मुक्त व्यवस्था का निर्माण करने में सफल होंगे.

माननीय प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी जी द्वारा रखे गये न्यू इण्डिया के संकल्पों का राष्ट्रीय कार्यकारिणी अभिन्दन करती है. राष्ट्रीय कार्यकारिणी माननीय प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी जी द्वारा जनांदोलन के रूप शुरू किये गये “संकल्प से सिद्धि” कार्यक्रम का स्वागत करते हुए वर्ष 2022 तक गरीबी, भ्रष्टाचार, आतंकवाद, जातिवाद, साम्प्रदायिकता से मुक्त स्वच्छ भारत बनाने का संकल्प लेती है. पार्टी देश के 125 करोड़ लोगों से आवाह्न करती है कि माननीय प्रधानमंत्री जी के नेतृत्व में कदम से कदम मिलकर न्यू इंडिया के संकल्प के साथ आगे बढे.

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भारतीय जनता पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष श्री अमित शाह द्वारा नई दिल्ली में आयोजित राष्ट्रीय कार्यकारिणी बैठक (विस्तृत) एवं जन-प्रतिनिधि सम्मेलन में दिए गए उद्बोधन के मुख्य बिंदु

Posted on 26 September 2017 by admin

प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी ने न्यू इंडिया के लिए 2022 तक 6 लक्ष्य को पूरा करने का संकल्प लिया है – गंदगी भारत छोड़ो, गरीबी भारत छोड़ो, भ्रष्टाचार भारत छोड़ो, आतंकवाद भारत छोड़ो, जातिवाद भारत छोड़ो और सम्प्रदायवाद एवं तुष्टिकरण भारत छोड़ो। हमें इन लक्ष्यों को पूरा करने के लिए एकजुट हो जाना चाहिए
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एक पारदर्शी, निर्णायक, संवेदनशील और लोकाभिमुख सरकार किस तरह से काम कर सकती है, प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में केंद्र की भारतीय जनता पार्टी सरकार ने यह सिद्ध करके दिखाया है
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वंशवाद कांग्रेस पार्टी का स्वभाव बन गया है, यह भारत का स्वभाव कभी नहीं हो सकता। प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में हमने देश से परिवारवाद, जातिवाद और तुष्टीकरण की राजनीति का अंत करके पॉलिटिक्स ऑफ़ परफॉरमेंस की शुरुआत की है
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कांग्रेस-नीत यूपीए के 10 सालों में जितना काम नहीं हुआ, उससे अधिक मोदी सरकार के तीन सालों में हुआ है। मोदी सरकार हर मोर्चे पर सफल साबित हुई है
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यदि असहिष्णुता का मुद्दा उठाने में भी समानता नहीं है तो फिर असहिष्णुता का मुद्दा उठाने का भी किसी को अधिकार नहीं है
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लोकतंत्र का गला घोटने का वीभत्स काम आजादी के बाद इतना ज्यादा कभी किसी राज्य में नहीं हुआ, जितना केरल और पश्चिम बंगाल में हो रहा है। हम हिंसा में यकीन नहीं रखते लेकिन लोकतांत्रिक तरीके से हम इसका सही प्रति-उत्तर देंगे
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केरल में 3 अक्टूबर से 17 अक्टूबर तक भाजपा की केरल इकाई ने पार्टी कार्यकर्ताओं पर हो रहे हिंसक हमले के खिलाफ राज्य के गाँव-गाँव में जन-जागृति लाने के लिए पैदल मार्च निकालने का फैसला किया है
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यदि कुछ लोगों को लगता है कि वे हिंसा के जरिये भारतीय जनता पार्टी के विकास को रोक देंगे, तो यह उनकी गलतफहमी है। हिंसा का कीचड़ भाजपा पर जितना अधिक उछाला जाएगा, कमल उतना और तेजी से खिलेगा
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पिछले तीन वर्षों में हम जम्मू-कश्मीर में आतंकवाद और अलगाववाद की स्थिति पर नियंत्रण करने में हम सफल रहे हैं। हमने आतंकवाद के खिलाफ जीरो टॉलरेंस की नीति को जमीन पर उतार कर दिखाया है
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प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी जी के साहसिक एवं निर्णायक फैसलों से हमारी विदेश नीति में सफल हुई
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केंद्र की भारतीय जनता पार्टी सरकार ने दृढ़ राजनीतिक इच्छाशक्ति और साहस का परिचय देते हुए महिलाओं के समान अधिकार और तीन तलाक पीड़ित महिलाओं को न्याय दिलाने की पहल की जिसे देश के न्यायतंत्र ने भी सकारात्मक प्रतिसाद दिया
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मैं उन सभी पीड़ित महिलाओं को बधाई देना चाहता हूँ जिन्होंने न्याय के लिए संघर्ष किया और देश के करोड़ों पीड़ित महिलाओं के लिए न्याय का रास्ता आसान किया
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कांग्रेस ने राज्य सभा में पिछड़े वर्ग आयोग को संवैधानिक मान्यता देने वाले विधेयक को गिराकर एक बार फिर यह सिद्ध कर दिया है कि वह देश के पिछड़े वर्ग को सम्मान नहीं देना चाहती
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भारतीय जनता पार्टी और केंद्र की मोदी सरकार देश के पिछड़े वर्ग को सम्मान दिलाने के लिए कटिबद्ध है, हम उन्हें संवैधानिक मान्यता का अधिकार दिलाकर रहेंगे
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लालबत्ती पर प्रतिबंध लगाकर प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी जी ने एक ही फैसले से देश के दो वर्गों को एक समाज में तब्दील कर दिया है, आज कोई शासक वर्ग नहीं है, सब देश के सेवक हैं
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प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी और केंद्र की भाजपा सरकार ने दृढ़ साहस एवं दृढ़ राजनीतिक इच्छाशक्ति का परिचय देते हुए कूटनीति के जरिये डोकलाम समस्या का शांति से सुगम समाधान निकालकर देश की कूटनीति को व्यापक स्तर पर प्रतिष्ठित करने का काम किया है
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चीन में संपन्न हुए ब्रिक्स सम्मेलन में जारी ब्रिक्स घोषणापत्र के माध्यम से हम पाकिस्तान प्रायोजित आतंकवादी संगठनों को शामिल करके पाकिस्तान को कड़ा संदेश देने में हम सफल हुए हैं
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हिमाचाल प्रदेश एवं गुजरात की जनता का अभूतपूर्व समर्थन एवं कार्यकर्ताओं में जोश देखने से यह निश्चित है कि हमें दोनों राज्यों में ऐतिहासिक जीत मिलने वाली है
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भारतीय जनता पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष श्री अमित शाह ने आज नई दिल्ली के तालकटोरा स्टेडियम में आयोजित राष्ट्रीय कार्यकारिणी बैठक (विस्तृत) एवं जन-प्रतिनिधि सम्मेलन के उद्घाटन सत्र को संबोधित किया और विभिन्न मुद्दों पर विस्तार से चर्चा की। इससे पहले प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी, राष्ट्रीय अध्यक्ष श्री अमित शाह एवं अन्य, श्री लालकृष्ण आडवाणी, श्री मुरली मनोहर जोशी, गृह मंत्री श्री राजनाथ सिंह एवं वित्त मंत्री श्री अरुण जेटली जी दीप प्रज्ज्वलित कर कार्यक्रम का उद्घाटन किया।
भाजपा अध्यक्ष ने कहा कि पिछले वर्ष कोझिकोड की राष्ट्रीय परिषद् की बैठक में प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी ने पंडित दीनदयाल उपाध्याय जन्मशती वर्ष को गरीब कल्याण वर्ष के रूप में मनाने का आह्वान किया था। उन्होंने कहा कि आज मुझे कहते हुए गर्व महसूस हो रहा है कि पिछले एक साल में देश का हर गरीब पार्टी और सरकार से जुड़ा है।

श्री शाह ने कहा कि पंडित दीनदयाल उपाध्याय ने सिद्धांत एवं राष्ट्रवाद के आधार पर चलने की प्रेरणा दी थी। उन्होंने कहा की सच्चे अर्थों में पंडित दीनदयाल जी शुचिता, सिद्धांत एवं राष्ट्रवाद के आदर्श थे। उन्होंने कहा कि हमारे संगठन की आत्मा हमारे कार्यकर्ता हैं, कार्यक्रमों की प्रेरणा हमारे सिद्धांत हैं और हमारा लक्ष्य भारत को विश्वगुरु के पद पर पुनर्प्रतिष्ठित करना है। उन्होंने कहा कि कालीकट राष्ट्रीय परिषद् बैठक में हमने पंडित दीनदयाल जन्मशती वर्ष को गरीब कल्याण वर्ष के रूप में मनाने के साथ-साथ पार्टी के विस्तार एवं संगठन की मजबूती के लिए भी काम करने की योजना बनाई थी और प्रधानमंत्री जी के एक आह्वान पर देश भर में लगभग चार लाख कार्यकर्ता 15 दिन, 6 महीने और एक साल के लिए बूथ स्तर पर पार्टी की मजबूती के लिए काम करने निकले। उन्होंने कहा कि पंडित दीनदयाल उपाध्याय जन्मशती विस्तारकों ने मोदी सरकार की उपलब्धियों, पार्टी की विचारधारा एवं को बूथ स्तर तक पहुंचाने के लिए अथक परिश्रम किया। उन्होंने कहा कि कुल 3,92,802 पूर्णकालिक कार्यकर्ता लगभग 9,69,000 बूथों पर जनसंपर्क करने का लक्ष्य लेकर निकले जिसमें से 6,13,947 बूथ पर जनसंपर्क का कार्य पूरा कर लिया गया है, लगभग डेढ़ लाख बूथों पर और कार्यक्रम होने वाले हैं, कुछ ही दिनों में कुल मिलाकर 7,63,947 बूथों पर जनसंपर्क करने का काम पूरा हो जाएगा। उन्होंने कहा कि इसके अतिरिक्त 1198 प्रशिक्षण शिविर आयोजित किये गए जिसमें चार लाख कार्यकर्ताओं को प्रशिक्षण दिया गया और इसमें से 4,682 विस्तारक 6 महीने और एक साल के लिए पूर्णकालिक के रूप में पार्टी की विचारधारा का विस्तार करने क्षेत्रों में जायेंगे।

भाजपा अध्यक्ष ने कहा कि मैंने बूथ प्रवास और विस्तृत प्रवास योजना के तहत 25 राज्यों का प्रवास किया है और हर जगह कार्यकर्ताओं का उत्साह देखते ही बनता है। पुदुच्चेरी की कार्यकर्ता लक्ष्मी का उदाहरण देते हुए कहा कि जब लक्ष्मी अपने पति और बेटे से दूर हॉस्टल में रह कर पार्टी का प्रचार करने अपनी लूना पर निकलती है तब पता चलता है कि पार्टी के कार्यकर्ता कितने परिश्रम से पार्टी के विकास के लिए लगे हुए हैं।

श्री शाह ने कहा कि लगभग कार्यालय निर्माण का भी कार्य प्रगति पर है, इसका लगभग 85% कार्य पूरा कर लिया गया है, 25 राज्यों में लाइब्रेरी एवं ई-लाइब्रेरी के निर्माण का कार्य पूरा हो चुका है, सारे राज्यों में विभागों एवं प्रकल्पों के निर्माण का काम भी समाप्त कर लिया गया है। उन्होंने कहा कि 10 सदस्यों से शुरू हुई भारतीय जनता पार्टी आज 11 करोड़ से अधिक सदस्यों के साथ विश्व की सबसे बड़ी राजनीतिक पार्टी है, आज हमारे 1387 विधायक हैं, 325 से अधिक सांसद हैं, 18 राज्यों में भारतीय जनता पार्टी की सरकार है, कुछ राज्यों में सहयोगियों के साथ हम सरकार में हैं और केंद्र में प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में भारतीय जनता पार्टी की पूर्ण बहुमत की सरकार है। उन्होंने कहा कि मैंने 9 अगस्त 2014 को कहा था, एक बार फिर इसे दुहरा रहा हूँ कि यह हमारा सर्वोच्च लक्ष्य नहीं है, हमें केरल, पश्चिम बंगाल, तमिलनाडु, ओडिशा, त्रिपुरा, तेलंगाना सहित उत्तर पूर्व के सुदूर राज्यों के हर बूथ तक संगठन और पार्टी की विचारधारा को पहुंचाना है।

भाजपा अध्यक्ष ने कहा कि एनडीए के घटक दलों द्वारा प्रधानमंत्री पद के प्रत्याशी चुने जाने के बाद अपने पहले ही संबोधन में श्री नरेन्द्र भाई मोदी ने यह स्पष्ट कर दिया था कि केंद्र में बननेवाली भारतीय जनता पार्टी की सरकार देश के गाँव, गरीब, किसान, दलित, आदिवासी, शोषित, पीड़ित, युवा एवं महिलाओं की सरकार होगी और पिछले तीन सालों में प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में केंद्र की भाजपा सरकार ने इसे अक्षरशः सिद्ध कर के दिखाया है।

श्री शाह ने कहा कि आजादी के 70 साल बाद भी देश के लगभग 60 करोड़ लोगों के पास अपना बैंक अकाउंट तक नहीं था। उन्होंने कहा कि पिछले तीन साल में ही मोदी सरकार ने 29 करोड़ से अधिक जन-धन खाते खोल कर गरीब को देश के अर्थतंत्र की मुख्यधारा से जोड़ने का सफल प्रयास किया है। उन्होंने कहा कि इस दौरान लगभग 2.80 करोड़ गरीब महिलाओं को गैस सिलिंडर देकर उन्हें सम्मान के साथ जीने का अधिकार दिया गया है, 15 करोड़ से अधिक लोगों को विभिन्न बीमा योजनाओं के माध्यम से सामाजिक सुरक्षा कवच प्रदान किया गया है, 7.64 करोड़ से अधिक लोगों को मुद्रा बैंक के माध्यम से स्वरोजगार के लिए बिना गारंटी के आसान शर्तों पर ऋण उपलब्ध कराये गए हैं। उन्होंने कहा कि आजादी से लेकर 2014 तक देश में ऑप्टिक फाइबर की लंबाई केवल 600 किलोमीटर थी जबकि 2014 से अब तक केवल तीन साल में मोदी सरकार ने ऑप्टिक फाइबर को 600 किलोमीटर से बढ़ा कर दो लाख किलोमीटर किया है। उन्होंने कहा कि आजादी के 70 साल बाद भी देश के 19 हजार गाँव अँधेरे में जीने को विवश थे, इसमें से 14 हजार गाँवों में बिजली पहुंचाने का काम पूरा कर लिया गया है, मई 2018 तक देश के हर गाँव में बिजली पहुँचाने का काम पूरा कर लिया जाएगा। उन्होंने कहा कि मोदी सरकार के तीन साल में साढ़े चार करोड़ शौचालय का निर्माण किया गया ताकि महिलाओं को सम्मान के साथ जीने का अधिकार मिले।

भाजपा अध्यक्ष ने कहा कि प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में केंद्र की भारतीय जनता पार्टी सरकार ने देश के किसानों की आय को दुगुना करने के लिए कई महत्वपूर्ण कदम उठाये हैं। उन्होंने कहा कि किसानों को मिलने वाली आपदा सहायता में वृद्धि की गई है, नीम कोटेड यूरिया की शुरुआत की गई है, खाद की प्रचुर मात्रा में उपलब्धता कराई गई है, स्वायल हेल्थ कार्ड से मिट्टी की गुणवत्ता को बढ़ाने के लिए प्रयास किये गए हैं, साथ ही प्रधानमत्री सिंचाई योजना, ई-मंडी, फसल बीमा योजना और श्वेत क्रांति एवं ब्लू क्रांति के जरिये किसानों के लिए योजनाओं का एक सम्पुट तैयार किया गया है। उन्होंने कहा कि आज देश की जनता को इस बात का विश्वास है कि प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में केंद्र की भारतीय जनता पार्टी सरकार देश के विकास के लक्ष्य को हासिल करने के लिए प्रतिबद्ध है।

श्री शाह ने कहा कि मोदी सरकार ने इन्फ्रास्ट्रक्चर के क्षेत्र में काफी विकास किया है। उन्होंने कहा कि अभी कुछ दिन पहले ही प्रधानमंत्री जी ने नर्मदा बाँध को राष्ट्र को समर्पित किया है। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी जी ने जापान के सहयोग से बुलेट ट्रेन की नींव रख कर विकास की राह में एक कदम और आगे बढ़ाया है। उन्होंने कहा कि उड़ान योजना के माध्यम से देश के गरीबों को भी हवाई यात्रा का अवसर प्राप्त हुआ है। उन्होंने कहा कि जेनरिक दवाई और स्टैंट एवं घुटना प्रत्यर्पण के मूल्य में कमी से देश के गरीब वर्ग के लोगों को लाभ पहुंचा है।

कांग्रेस उपाध्यक्ष राहुल गांधी पर करारा प्रहार करते हुए भाजपा अध्यक्ष ने कहा कि राहुल गांधी विदेश जाकर वहां से प्रश्न पूछते हैं कि मोदी सरकार की उपलब्धि क्या है? उन्होंने कहा कि राहुल गांधी जी, आप उपलब्धियां गिनते – गिनते थक जाओगे, लेकिन तीन साल में हमने सबसे बड़ा काम यह किया है कि हमने आपके 12 लाख करोड़ रुपये का घपला-घोटाला करने वाली यूपीए सरकार की जगह एक भ्रष्टाचार मुक्त और पारदर्शी सरकार दी है जिसपर हमारे विरोधी भी भ्रष्टाचार का कोई आरोप नहीं लगा सके हैं। उन्होंने कहा कि एक पारदर्शी, निर्णायक, संवेदनशील और लोकाभिमुख सरकार किस तरह से काम कर सकती है, प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में केंद्र की भारतीय जनता पार्टी सरकार ने यह सिद्ध करके दिखाया है।

श्री शाह ने कहा कि कालेधन के खिलाफ हमने कड़ी कार्रवाई की है। उन्होंने कहा कि केंद्र में प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में भारतीय जनता पार्टी के गठन के बाद कैबिनेट की पहली ही बैठक में काले धन के खिलाफ SIT का गठन किया गया, बेनामी संपत्ति क़ानून बनाकर काले धन पर नकेल कसी गई, सिंगापुर-मॉरीशस-साइप्रस के काले-धन के रूट को बंद किया गया, डिमोनेटाईजेशन के जरिये काले धन पर कारारा प्रहार किया गया, दो लाख से अधिक शेल कंपनियों को बंद किया गया और चुनावी चंदे के लिए कैश की सीमा को भी 2000 रुपये तक सीमित कर दिया गया। उन्होंने कहा कि केवल डीबीटी योजना के माध्यम से हम लगभग 59 हजार करोड़ के भ्रष्टाचार की चोरी को रोकने में सफल हुए। उन्होंने कहा कि पांच सालों में केवल डीबीटी योजना के माध्यम से देश को लगभग तीन लाख करोड़ रुपये की बचत होगी जिससे गरीब कल्याण की योजनाओं को गति मिल पायेगी।

भाजपा अध्यक्ष ने कहा कि आर्थिक सुधार के मोर्चे पर मोदी सरकार ने आशातीत सफलता प्राप्त की है। उन्होंने कहा कि 2013-14 में देश की आर्थिक ग्रोथ की दर 4.7% थी जबकि हम इसे पिछले तीन साल में औसतन 7% से ऊपर लाने में सफल्हुए हैं, इसी तरह ब्याज दर को भी 8 से 12% की जगह 6% तक लाने में हमें सफलता प्राप्त हुई है, CPI महंगाई डर को भी हम कांग्रेस सरकार के समय के 9.3% की जगह 4.5% के आसपास लाने में हम सफल हुए हैं, करेंट अकाउंट डेफिसिट भी काफी कम हुआ है, फोरेक्स रिजर्व पहली बार 400 बिलियन डॉलर के पार पहुंचा है, FDI इनफ्लो में रिकॉर्ड उछाल आया है और शेयर बाजार भी सफलता के नए मापदंड स्थापित कर रहा है। उन्होंने कहा कि पिछले तीन साल में ही करदाताओं की संख्या 3.7 करोड़ से बढ़ कर 6.3 करोड़ हो गई है, यही बताता है कि काले धन के खिलाफ हमने कितनी कठोर कार्रवाई की है।

श्री शाह ने कहा कि केरल और पश्चिम बंगाल से काफी चिंताजनक समाचार सामने आ रहे हैं। उन्होंने कहा कि केरल में वामपंथी सरकार के गठन के बाद पिछले 6 महीने में ही हमारे 13 कार्यकर्ताओं की निर्मम हत्या कर दी गई है। उन्होंने कहा कि पश्चिम बंगाल में लगभग 300 जगहों पर हमारे विस्तारकों को जेल में डाला गया, हमारे सैकड़ों कार्यकर्ताओं पर झूठे मुकद्दमे दर्ज किये जा रहे हैं, उन्हें प्रताड़ित किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि लोकतंत्र का गला घोटने का वीभत्स काम आजादी के बाद इतना ज्यादा कभी किसी राज्य में नहीं हुआ, जितना केरल और पश्चिम बंगाल मंर हो रहा है। उन्होंने कहा कि हम हिंसा में यकीन नहीं रखते लेकिन लोकतांत्रिक तरीके से हम इसका सही प्रतिउत्तर देंगे। उन्होंने कहा कि केरल में 3 अक्टूबर से 17 अक्टूबर तक भाजपा की केरल इकाई ने पार्टी कार्यकर्ताओं पर हो रहे हिंसक हमले के खिलाफ राज्य के गाँव-गाँव में जनजागृति लाने के लिए पैदल मार्च निकालने का फैसला किया है। उन्होंने कहा कि यदि कुछ लोगों को लगता है कि वे हिंसा के जरिये भारतीय जनता पार्टी के विकास को रोक देंगे, तो यह उनकी गलतफहमी है। उन्होंने विरोधियों को चुनौती देते हुए कहा कि हिंसा का कीचड़ भाजपा पर जितना अधिक उछाला जाएगा, कमल उतना और तेजी से खिलेगा। उन्होंने कहा कि इन कायराना हरकतों से हमें झुकाया नहीं जा सकता। उन्होंने कहा कि हमने तो आपातकाल के दौरान भी संघर्षों का सामना किया है और हम संघर्षों एवं बलिदानों में तप कर निकले हुए लोग हैं। उन्होंने पार्टी कार्यकर्ताओं का आह्वान करते हुए कहा कि वे वामपंथी राजनीतिक हिंसा को देश की जनता के सामने एक्सपोज करें। उन्होंने कहा कि हम पार्टी के सिद्धांत और लोकतंत्र की रक्षा के लिए कटिबद्ध हैं।

भाजपा अध्यक्ष ने कहा कि आतंकवाद और अलगाववाद के खिलाफ हमने जीरो टॉलरेंस का रुख इख्तियार किया है। उन्होंने कहा कि पिछले तीन सालों में जम्मू-कश्मीर में आतंकवाद और अलगाववाद की स्थिति पर नियंत्रण करने में हम सफल रहे हैं। उन्होंने कहा कि हमने आतंकवाद के खिलाफ जीरो टॉलरेंस की नीति को जमीन पर उतार कर दिखाया है। उन्होंने कहा कि पाकिस्तान द्वारा टेरर फंडिंग पर हमारी जांच एजेंसियां रोक लगाने में सफल हुई है। उन्होंने कहा कि विश्व स्तर पर सभी सम्मेलनों में पाकिस्तान की भूमि से जारी आतंकवाद को एक्सपोज करने का काम किया गया है।

श्री शाह ने कहा कि इस अवसर पर संयुक्त राष्ट्र संघ में विदेश मंत्री श्रीमती सुषमा स्वराज जी के भाषण का उल्लेख करना बहुत जरूरी है। उन्होंने कहा कि श्रीमती सुषमा जी ने यूएन के फोरम से पाकितान को बेनकाब करके रख दिया है। उन्होंने कहा कि देश की विदेश नीति में इन तीन सालों में आमूल-चूल परिवर्तन आया है। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी जी के साहसिक एवं निर्णायक फैसलों से हमारी विदेश नीति सफल हुई है।

तीन तलाक के मुद्दे पर बोलते हुए भाजपा अध्यक्ष ने कहा कि केंद्र की भारतीय जनता पार्टी सरकार ने दृढ़ राजनीतिक इच्छाशक्ति और साहस का परिचय देते हुए महिलाओं के समान अधिकार और पीड़ित महिलाओं को न्याय दिलाने की पहल की जिसे देश के न्यायतंत्र ने भी सकारात्मक प्रतिसाद दिया। उन्होंने कहा कि मैं उन सभी तीन तलाक पीड़ित महिलाओं को बधाई देना चाहता हूँ जिन्होंने न्याय के लिए संघर्ष किया और देश के करोड़ों पीड़ित महिलाओं के लिए न्याय का रास्ता आसान किया।

भाजपा अध्यक्ष ने कहा कि 1955 से देश में पिछड़े वर्ग आयोग को संवैधानिक मान्यता देने की मांग हो रही थी। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में केंद्र की भारतीय जनता पार्टी सरकार सदन में इसके लिए विधेयक लेकर आई, लोकसभा में तो यह विधेयक पास हो गया क्योंकि लोक सभा में हमारा बहुमत है लेकिन राज्य सभा में कांग्रेस ने इस बिल को गिरा देने का पाप किया। उन्होंने कहा कि कांग्रेस ने राज्य सभा में पिछड़े वर्ग आयोग को संवैधानिक मान्यता देने वाले विधेयक को गिराकर एक बार फिर यह सिद्ध कर दिया है कि वह देश के पिछड़े वर्ग को सम्मान नहीं देना चाहती। उन्होंने कहा कि मैं इस जन-प्रतिनिधि सम्मेलन के माध्यम से देश की जनता को आश्वस्त करना चाहता हूँ कि भारतीय जनता पार्टी और केंद्र की मोदी सरकार देश के पिछड़े वर्ग को सम्मान दिलाने के लिए कटिबद्ध है, हम 2019 से पहले उन्हें सम्मान दिलाकर रहेंगे। उन्होंने कहा कि पिछड़े वर्ग आयोग को संवैधानिक मान्यता प्रदान करने के लिए प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र के नेतृत्व में केंद्र की भारतीय सरकार जो विधेयक लेकर आई, इसके लिए मैं पार्टी की ओर से प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी जी का और केंद्र सरकार का हार्दिक अभिनंदन करता हूँ।

श्री शाह ने कहा कि लालबत्ती पर प्रतिबंध लगाकर प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी जी ने एक ही फैसले से देश के दो वर्गों को एक समाज में तब्दील कर दिया है, आज कोई शासक वर्ग नहीं है, सब देश के सेवक हैं।

डोकलाम मुद्दे पर बोलते हुए भाजपा अध्यक्ष ने कहा कि डोकलाम के विवाद के बाद कई तरह की अटकलें लगाई जा रही थी कि किस तरह से इस संकट का समाधान किया जाएगा। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी और केंद्र की भाजपा सरकार ने दृढ़ साहस एवं दृढ़ राजनीतिक इच्छाशक्ति का परिचय देते हुए कूटनीति के जरिये डोकलाम समस्या का शांति से सुगम समाधान निकालकर देश की कूटनीति को व्यापक स्तर पर प्रतिष्ठित करने का काम किया है। उन्होंने कहा कि हमने भूटान के साथ भी अपने पड़ोसी धर्म का अच्छे से निर्वहन किया। उन्होंने कहा कि डोकलाम पर भारत की भूमिका को विश्व स्तर पर स्वीकार किया गया है, यह एक बहुत बड़ी उपलब्धि है।

श्री शाह ने कहा कि चीन में संपन्न हुए ब्रिक्स सम्मेलन में जारी ब्रिक्स घोषणापत्र के माध्यम से हम पाकिस्तान प्रायोजित आतंकवादी संगठनों को शामिल करके पाकिस्तान को कड़ा संदेश देने में हम सफल हुए हैं। उन्होंने कहा कि ब्रिक्स सम्मेलन की सफलता से भारत, चीन, रूस और ब्राजील के बीच आपसी सहयोग बढ़ेगा। उन्होंने कहा कि ब्रिक्स सम्मेलन के इतर प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी की चीनी समकक्ष के साथ मुलाक़ात से भारत और चीन के आपसी संबंधों को भी मजबूती मिलेगी।

भाजपा अध्यक्ष ने कहा कि हिमाचल प्रदेश एवं गुजरात के विधान सभा चुनाव सन्निकट हैं। हिमाचाल प्रदेश एवं गुजरात की जनता का अभूतपूर्व समर्थन एवं कार्यकर्ताओं में जोश देखने से यह निश्चित है कि हमें दोनों राज्यों में ऐतिहासिक जीत मिलने वाली है।

श्री शाह ने कहा कि कांग्रेस के पास कोई मुद्दा नहीं है, वह न तो देश की सुरक्षा के मुद्दे पर बहस कर सकती है, न विकास के मुद्दे पर, न सकरार के निर्णय लेने की क्षमता पर और न ही प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी जी के परिश्रम व विजन पर। राहुल गांधी द्वारा वंशवाद को भारत का स्वभाव बताये जाने पर पलटवार करते हुए उन्होंने कहा कि वंशवाद कांग्रेस पार्टी का स्वभाव बन गया है, यह भारत का स्वभाव कभी नहीं हो सकता। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में हमने देश से परिवारवाद, जातिवाद और तुष्टीकरण की राजनीति का अंत कर पॉलिटिक्स ऑफ़ परफॉरमेंस की शुरुआत की है - उत्तर प्रदेश, उत्तराखंड एवं मणिपुर के विधान सभा चुनाव परिणाम इसके उदाहरण हैं। उन्होंने कहा कि कांग्रेस-नीत यूपीए के 10 सालों में जितना काम नहीं हुआ, उससे अधिक मोदी सरकार के तीन सालों में हुआ है। उन्होंने कहा कि मोदी सरकार हर मोर्चे पर सफल साबित हुई है।

भाजपा अध्यक्ष ने कहा कि जब केरल और पश्चिम बंगाल में हमारे कार्यकर्ताओं की हत्या होती है, उन पर अत्याचार किया जाता है, जब कश्मीर से कश्मीरी पंडितों को भगाया जाता है तब तो असहिष्णुता की बात नहीं की जाती लेकिन जैसे ही कोई चुनाव आता है- असहिष्णुता के मुद्दे पर जोर-शोर से चर्चा शुरू हो जाती है। उन्होंने कहा कि यदि असहिष्णुता का मुद्दा उठाने में भी समानता नहीं है तो फिर असहिष्णुता का मुद्दा उठाने का भी किसी को अधिकार नहीं है।

श्री शाह ने कहा कि प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी जी ने न्यू इंडिया का विजन देश की जनता के सामने रखा है। उन्होंने कहा कि जिस तरह से 1942 से 1947 के दौरान देश के सभी लोग ‘अंग्रेजों भारत छोड़ो’ के आह्वान पर आजादी प्राप्त करने के लिए एकजुट हो गए थे, ठीक उसी तरह से 2022 में जब देश आजादी की 75 वर्षगाँठ मना रहा होगा, न्यू इंडिया का विजन देश की 125 करोड़ जनता के लिए संकल्प का नारा बने, हमें इस दिशा में प्रयास करने चाहिए। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी ने न्यू इंडिया के लिए 2022 तक 6 लक्ष्य को पूरा करने का संकल्प लिया है – गंदगी भारत छोड़ो, गरीबी भारत छोड़ो, भ्रष्टाचार भारत छोड़ो, आतंकवाद भारत छोड़ो, जातिवाद भारत छोड़ो और सम्प्रदायवाद एवं तुष्टिकरण भारत छोड़ो। उन्होंने कहा कि हमें इन लक्ष्यों को पूरा करने के लिए एकजुट हो जाना चाहिए। उन्होंने कहा कि आज हम सभी अपने सार्वजनिक जीवन में शुचिता का प्रण लें ताकि सार्वजनिक जीवन में रहने वाले सभी लोग इस दिशा में आगे बढ़ें। उन्होंने कहा कि सार्वजनिक जीवन को उंचाई देने के लिए प्रयत्न करना हमारा दायित्व है। उन्होंने जन-प्रतिनिधियों का आह्वान करते हुए कहा कि हम सब परिश्रम की पराकाष्ठा करें और भारत माता को विश्वगुरु के पद पर प्रतिष्ठित करने के लिए कृतसंकल्पित हो जाएँ।

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बी.एस.पी. द्वारा जारी प्रेस विज्ञप्ति-दिनांक 13.09.2017

Posted on 13 September 2017 by admin

(1) अत्यन्त ग़रीब व असहाय शरणार्थी रोहिंग्या मुसलमानों के प्रति भारत सरकार से मानवता व इन्सानियत के नाते सहानुभूति का रवैया अपनाने की माँग, जो कि भारत की परम्परा रही है।
(2) साथ ही, विभिन्न राज्यों को भी इनके प्रति सख़्त रवैया अपनाने के लिये केन्द्र सरकार द्वारा मजबूर नहीं किया जाना चाहिये: बी.एस.पी. की राष्ट्रीय अध्यक्ष, पूर्व सांसद व पूर्व मुख्यमंत्री, उत्तर प्रदेश सुश्री मायावती जी

नई दिल्ली, 13 सितम्बर 2017: बी.एस.पी. की राष्ट्रीय अध्यक्ष, पूर्व सांसद व पूर्व मुख्यमंत्री, उत्तर प्रदेश सुश्री मायावती जी ने पड़ोसी देश म्यांमार (पूर्व में बर्मा) में अशान्ति व हिंसा के कारण भारत में शरणार्थी बनकर पनाह लेने वाले हजारों अत्यन्त ग़रीब व असहाय रोहिंग्या मुसलमान परिवारों के प्रति संवेदना व सहानुभूति व्यक्त करते हुये भारत सरकार से माँग की है कि उनके प्रति मानवता व इन्सानियत के नाते सख़्त रवैया नहीं अपनाना चाहिये और ना ही राज्यों को इसके लिये मजबूर किया जाना चाहिये।
म्यांमार के सीमावर्ती राज्य में अशान्ति के कारण लाखों रोहिंग्या मुसलमानों ने बंगलादेश में शरण लिया है तथा कई हजार भारत के विभिन्न राज्यों में भी शरणार्थी बनकर रह रहे हैं, जिनके प्रति प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी सरकार का रवैया पूरी तरह से स्पष्ट नहीं होने के कारण असमंजस की स्थिति है, जिसके सम्बन्ध में माननीय उच्चतम न्यायालय ने भी केन्द्र सरकार से अपना स्टैण्ड स्पष्ट करने को कहा है।
ऐसी परिस्थिति में माननीय कोर्ट की कार्रवाई अपनी जगह, परन्तु भारत सरकार को इन शरणार्थियों के प्रति मानवीय दृष्टिकोण अपनाकर व्यवहार करना चाहिये जैसाकि भारत की परम्परा रही है।
साथ ही, म्यांमार व बंगलादेश की सरकार से वार्ता करके रोहिंग्या मुसलमानों के मामले को सुलझाने का प्रयास करना चाहिये ताकि उनका पलायन अपने देश में भी रुक सके।

जारीकत्र्ता:
बी.एस.पी. केन्द्रीय कार्यालय
4, गुरूद्वारा रकाबगंज रोड,
नई दिल्ली - 110001

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बी.एस.पी द्वारा जारी प्रेस विज्ञप्ति-दिनांक 01.09.2017

Posted on 02 September 2017 by admin

(1) बी.एस.पी. की राष्ट्रीय अध्यक्ष, पूर्व सांसद व पूर्व मुख्यमंत्री, उत्तर प्रदेश सुश्री मायावती जी द्वारा मुस्लिम समाज के लोगों को ईद-उल-अज़हा (बकरईद) की तहेदिल से मुबारकबाद व शुभकामनायें।
(2) इस मौके पर हज के फर्ज की अदायेगी करने वाले मुस्लिम भाईयों-बहनों को ख़ास मुबारकबाद।
(3) इस मौके पर सरकारों की भी ज़िम्मेदारी बनती है कि देश के वर्तमान हालात् के मद्देनज़र सभी जगह शान्ति-व्यवस्था व आपसी भाईचारा एवं सद्भावना का माहौल बिगड़ने नहीं दे।

नई दिल्ली, 01 सितम्बर, 2017: बहुजन समाज पार्टी (बी.एस.पी.) की राष्ट्रीय अध्यक्ष, पूर्व सांसद व पूर्व मुख्यमंत्री, उत्तर प्रदेश सुश्री मायावती जी ने समस्त देशवासियों व मुस्लिम समाज के लोगों तथा ख़ासतौर से उत्तर प्रदेश के मुस्लिम समाज के छोटे-बड़े सभी उम्र के लोगों को ईद-उल-अज़हा (बकरईद) की दिली मुबारकबाद एवं शुभकामनायें दी हैं।
इस ईद की पूर्व संध्या पर आज जारी एक बयान में उन्होंने कहा कि ईद-उल-अज़हा का त्योहार अल्लाह की राह में कुर्बानी के जज़्बे का वह त्योहार है जिसकी बुनियाद हज़रत इब्राहीम अलैहिस्सलाम ने सैकड़ों वर्ष पहले रखी थी। हर वर्ष एक बार आने वाली ऐसी ईद-उल-अज़हा के लिये तमाम् सभी उम्र के मुस्लिम भाईयों-बहनों एवं बच्चांे-बच्चियों को तहेदिल से बहुत-बहुत मुबारकबाद।
जैसाकि सर्वविदित है कि भारतीय मुसलमान व उनके खासकर दो त्योहार-ईद-उल-फित्र व ईद-उल-अज़हा-समृद्ध भारतीय संस्कृति के सदियों से अभिन्न हिस्सा हंै। बी.एस.पी. का यह प्रयास सतत् जारी रहेगा कि भारतीय समाज के अन्य लोगों के साथ-साथ उनका भी जान-माल व मज़हब पूरी तरह से सुरक्षित रहे तथा भारतीय संविधान के प्रावधानों व उसकी सही मंशा के मुताबिक उनका जीवन भी ख़ुश व ख़ुशहाल बने तथा वे अमन-चैन के साथ अपना जीवन व्यतीत कर सकें। इस मौके पर सरकारों की भी ज़िम्मेदारी बनती है कि देश के वर्तमान हालात् के मद्देनज़र सभी जगह शान्ति-व्यवस्था व आपसी भाईचारा एवं सद्भावना का माहौल बिगड़ने नहीं दे।
ईद का पवित्र त्योहार क़़ौमी एकता को मज़बूत करने के साथ ही गरीबों की मदद, समाज में सामाजिक सद्भाव तथा सह-अस्तित्व की भावना को भी बढ़ायेगा, ऐसी मेरी कामना है। अन्त में एक बार फिर ईद-उल-अज़हा की सबको दिली मुबारकबाद व शुभकामनायें तथा इस मौके पर हज के फर्ज की अदायेगी करने वाले मुस्लिम भाईयों-बहनों को ख़ास मुबारकबाद।

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बी.एस.पी. द्वारा जारी प्रेस विज्ञप्ति-दिनांक 20.08.2017

Posted on 21 August 2017 by admin

(1)     देश में आम धारणा के साथ-साथ अब तो आँकड़े भी साबित कर रहे हैं कि बीजेपी बडे़-बडे़ पूंजीपतियों व धन्नासेठों की व उन्हीं के धनबल से एवं उनके इशारे पर ही चलने वाली पार्टी है। इस कारण धन्नासेठों का प्रभाव व हस्तक्षेप देश की राजनीति में काफी बढा है जो लोकतंत्र के लिये खतरे की घण्टी है।
(2)     बीजेपी को वर्ष 2012.13 से 2015-16 के बीच हिसाब-किताब वाले कुल चन्दे का 92 प्रतिशत अर्थात लगभग 708 करोड़ रुपया बडे़-बडे़ पूंजीपतियों व धन्नासेठों से मिला। क्सा ऐसी पार्टी ग़रीब-हितैषी हो सकती है?
(3)     बीजेपी के जग-ज़ाहिर शाही चुनावी खर्चों से स्वतंत्र व निष्पक्ष चुनाव काफी प्रभावित हो रहा है। चुनाव आयोग भी इससे काफी ज्यादा चिन्तित। उसका कहना है कि, ’हर कीमत पर व हर हाल में चुनाव जीतना वर्तमान में राजनीति का नया मापदण्ड बन गया है’।
(4)    वैसे भी बीजेपी के भ्रष्टाचारों के भण्डाफोड़ अब हर राज्य में आम होते जा रहे हैं, शायद इसी भय से केन्द्र की सरकार ने अब तक ’’लोकायुक्त’’ तक भी नहीं बनाया है: बी.एस.पी. की राष्ट्रीय अध्यक्ष, पूर्व सांसद व पूर्व मुख्यमंत्री, उत्तर प्रदेश सुश्री मायावती जी।

नई दिल्ली, 20 अगस्त 2017: बी.एस.पी. की राष्ट्रीय अध्यक्ष, पूर्व सांसद व पूर्व मुख्यमंत्री, उत्तर प्रदेश सुश्री मायावती जी ने आज यहाँ कहा कि देश के लोगों में जो आम धारणा है कि बीजेपी बडे़-बडे़ पूंजीपतियों व धन्नासेठों की व उन्हीं के धनबल से एवं उनके इशारे पर ही चलने वाली पार्टी है वह शत-प्रतिशत् सही है जिसे अभी-अभी प्रकाशित हुये अकाट्य आँकड़ों ने भी पूरी तरह से सही साबित कर दिया है।
इससे यह प्रश्न और भी ज्यादा महत्त्वपूर्ण व सामयिक हो जाता है कि ऐसी पार्टी व इस पार्टी की सरकार गरीब-हितैषी कैसे हो सकती है और साथ ही इससे यह प्रमाणित भी हो जाता है कि बीजेपी सरकारें एक के बाद एक जनविरोधी, किसान- विरोधी व धन्नासेट-समर्थक फैसले क्यों लेती जा रही है।
जैसाकि सर्वविदित है कि एसोसिएशन आफ डेमोक्रेटिक रिफाम्र्स (ए.डी.आर.) ने जो ताज़ा आँकडे़ एक बड़े कार्यक्रम में सार्वजनिक किये हैं उसके मुताबिक बीजेपी ने कुछ धन्नासेठों से वर्ष 2012-13 से वर्ष 2015-16 के बीच अपने हिसाब-किताब वाले कुल चन्दे का 92 प्रतिशत अर्थात लगभग 708 करोड़ रुपया लिया है। इस प्रकार अन्य श्रोतों से कितना आकूत धन लिया गया होगा, इसका अन्दाजा बीजेपी के शाही चुनावी खर्चों से आसानी से लगाया जा सकता है। वैसे भी उत्तर प्रदेश का लोक सभा व विधान सभा का आमचुनाव इस बात का गवाह है कि बीजेपी द्वारा यहाँ चुनाव किस शाह खर्चों के साथ लडा़ गया तथा रूपया किस प्रकार पानी की तरह बहाया कर जनता को हर प्रकार से वरग़लाने का काम किया गया।
इसके अलावा आज यह किसी से भी छिपा नहीं है कि जबसे बीजेपी एण्ड कम्पनी का प्रभाव देश की राजनीति में बढ़ा है तबसे बडे़-बडे़ पूंजीपतियों व धन्नासेठों ने बीजेपी को हर प्रकार से सहयोग व अधिक से अधिक चन्दा देकर भारतीय राजनीति व सरकार में अपना बेजा हस्तक्षेप काफी बढाया है, जिस कारण ही चुनाव काफी हद तक साम, दाम, दण्ड, भेद आदि हथकण्डों का खेल बनकर रह गया है। देश के लोकतंत्र को विकृत करने वाली इस बुराई से चुनाव आयोग सबसे ज्यादा चिन्तित लगता है।
चुनाव आयुक्त श्री ओ.पी.रावत द्वारा उसी ए.डी.आर. के कार्यक्रम में यह कहना कि ’’आचार संहिता को ताक पर रखकर हर कीमत पर चुनाव जीतना वर्तमान में राजनीति का नया मापदण्ड बन गया है’’, बीजेपी की चुनावी सफलताओं को खोखला बताकर यह साबित करता है कि बीजेपी वास्तव में ही मात्र 31 प्रतिशत वोटों वाली व चुनावी हथकण्डों वाली पार्टी है। देश में इस प्रकार की राजनीतिक गिरावट बहुत ही खतरनाक प्रकृति है जिसके लिये बीजेपी एण्ड कम्पनी के साथ-साथ जनता के प्रति अनुत्तरदायी आर.एस.एस. भी कम जिम्मेदार नहीं है और इसी कारण इन खतरो के बारे में बी.एस.पी. बार-बार लोगों को अगाह करती रहती है कि इस देश में वोट हमारा परन्तु राज तुम्हारा की गलती को सुधार करने की जरूरत है।
सुश्री मायावती जी ने कहा कि बडे़-बडे़ पूंजीपति व धन्नासेठ जिस प्रकार से निजी स्वार्थ में बीजेपी को अपना मानकर उस पर धनवर्षा करके खुद की अपनी तिजोरी और भी ज्यादा भरते चले जा रहे हैं उसका ही परिणाम है कि देश के करोड़ों गरीबों, मजदूरों, किसानों, बेरोजगारों व अन्य मेहनतकश लोगों का जीवन और भी ज्यादा मुश्किल व संकटग्रस्त होता जा रहा है। इस वर्ग के लोग अपना खून-पसीना एक करके दिन-रात मेहनत करने में कोई कसर नही छोड़ते हैं, जबकि इसका फायदा, बीजेपी सरकार की गलत नीतियों व कार्यकलापों के कारण, मुट्ठी भर बड़े-बड़े पूंजीपति व धन्नासेठ आदि उठा ले जाते हैं, यह अत्यन्त ही दुःखद व दयनीय परिस्थिति है जिसका प्रतिरोध हर स्तर पर व्यापक देशहित व जनहित में बहुत जरूरी है। बी.एस.पी का संघर्ष इसी के विरूद्ध लगातार जारी हैं
सुश्री मायावती जी ने कहा कि बीजेपी के बड़े-बड़े दावों में एक खोखला दावा यह भी है कि उसके 10 से 12 करोड़ सदस्य हैं। इससे यह प्रश्न उठता है कि बीजेपी को मिलने वाले चन्दों में उसके सदस्यों का अंशदान इतना कम अर्थात चार वर्षों में मात्र 63 करोड़ ही क्यों है? क्या इससे यह साबित नहीं होता है कि बीजेपी के आँकड़े फर्जी व बनावटी व खोखले हैं?
इतना ही नहीं बल्कि बीजेपी द्वारा पूरी तरह से बडे़-बड़े पूंजीपतियों व धन्नासेठों के चुंगल में होने का ही परिणाम है कि देश के गरीबों व उपेक्षितों के हित व कल्याण की हर व्यवस्था चरमरा गई है। उनके हित की अनेकों कल्याणकारी योजनाओं पर सरकारी बजट लगातार कम होता जा रहा है और हर बड़ा निर्माण व बड़ी योजनायें जनहीत के विरूद्ध निजी क्षेत्र को सौंपी जा रहीं हैं।
इसके अलावा जिस प्रकार से बीजेपी के खिलाफ भ्रष्टाचार आदि के मामले लगातार उजागर हो रहे हैं फिर भी भ्रष्टाचारियों को हर प्रकार का खुला संरक्षण देकर उनके खिलाफ कार्रवाई नहीं की जा रही है, शायद इसी डर से मोदी सरकार ने केन्द्र में अब तक बहुचर्चित ’’लोकायुक्त’’ की नियुक्ति नहीं की है जबकि दस सम्बंध में नया कानून लगभग साढे तीन वर्ष पहले देश में लागू हो चुका है।
जारीकर्ता:
बी.एस.पी केन्द्रीय कार्यालय,
4, गुरूद्वारा रकाबगंज रोड,
नई दिल्ली - 110001

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भारत के राष्ट्रपति श्री रामनाथ कोविंद जी से उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ जी ने 4 अगस्त, 2017 को नई दिल्ली में भेंट की

Posted on 04 August 2017 by admin

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बी.एस.पी. द्वारा जारी प्रेस विज्ञप्ति

Posted on 27 July 2017 by admin

(1)    राष्ट्रपति पद की शपथ लेने पर श्री रामनाथ कोविंद को हार्दिक बधाई व शुभकामनायें हंै, परन्तु अच्छा होता कि अगर वे आज राजघाट जाकर गाँधीजी को फूल अर्पित करने के साथ-साथ संसद परिसर में लगी भारतीय संविधान के निर्माता परमपूज्य बाबा साहेब डा. भीमराव अम्बेडकर की प्रतिमा पर भी अपने श्रद्धा के कुछ फूल अर्पित कर देते, जिनकी वजह से ही आज वे देश के राष्ट्रपति बन पाये हैं।
(2)    वर्तमान में गुजरात के साथ-साथ देश के अन्य कई और राज्य भी काफी बुरी तरह से बाढ़ से प्रभावित हैं।
ऽ    ऐसी स्थिति में देश के प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी को केवल गुजरात का ही नहीं बल्कि अन्य और बाढ़-पीड़ित राज्यों का भी पूरा-पूरा ध्यान रखना चाहिये।
ऽ    क्योंकि अब वे गुजरात के मुख्यमन्त्री नहीं हैं, बल्कि पूरे देश के प्रधानमन्त्री हैं: बी.एस.पी. की राष्ट्रीय अध्यक्ष व पूर्व मुख्यमंत्री, उत्तर प्रदेश एवं पूर्व सांसद, सुश्री मायावती जी।

नई दिल्ली, 25 जुलाई 2017: बी.एस.पी. की राष्ट्रीय अध्यक्ष व पूर्व मुख्यमंत्री, उत्तर प्रदेश एवं पूर्व सांसद सुश्री मायावती जी ने आज यहाँ कहा कि श्री के. आर. नारायणन के बाद देश के दूसरे दलित समाज के राष्ट्रपति बनने वाले श्री रामनाथ कोविंद को हार्दिक बधाई व शुभकामनायें हैं, परन्तु अच्छा होता कि अगर वे आज अपने शपथ ग्रहण के दिन राजघाट जाकर गाँधीजी को फूल अर्पित करने के साथ-साथ संसद परिसर में लगी भारतीय संविधान के निर्माता परमपूज्य बाबा साहेब डा. भीमराव अम्बेडकर की प्रतिमा पर भी अपने श्रद्धा के कुछ फूल अर्पित कर देते, जिनकी वजह से ही आज वे देश के राष्ट्रपति बन पाये हैं।
सुश्री मायावती जी ने कहा कि संसद परिसर में बाबा साहेब डा. भीमराव अम्बेडकर की लगी प्रतिमा या फिर सेन्ट्रल हाल में लगे इनके फोटो-चित्र पर भी, उन्हें पुष्प अर्पित नहीं करना एक ऐसा संकेत है, जो बीजेपी व इनके एन.डी.ए. एण्ड कम्पनी की अम्बेडकर-विरोधी सोच व मानसिकता को प्रदर्शित करता है, जिस पर देश के दलितों की खास नजर है।
वैसे तो श्री रामनाथ कोविंद अपने राजनैतिक जीवनकाल में बीजेपी व  आर.एस.एस. की संकीर्ण व जातिवादी विचारधारा का प्रतिनिधित्व करते रहे हैं परन्तु सरकार में आने के बाद गाँधीजी व बाबा साहेब डा. भीमराव अम्बेडकर का नाम लेतेे रहने की अब यह आम परम्परा बन चुकी है और आज यह काम श्री रामनाथ कोविंद ने भी किया।
परन्तु श्री रामनाथ कोविंद से यह उम्मीद नहीं की जा सकती थी कि वे गाँधीजी के साथ-साथ बाबा साहेब डा. भीमराव अम्बेडकर को भी अपने श्रद्धा के फूल नहीं चढ़ायेंगे। उन्हें आज बाबा साहेब डा. अम्बेडकर को भी अपने श्रद्धा के फूल जरूर अर्पित करने चाहिये थे और अन्य किसी से तो नहीं किन्तुु दलित समाज से ताल्लुक रखने वाले व्यक्ति से तो यह उम्मीद की ही जा सकती है कि वह बाबा साहेब डा. अम्बेडकर के जीवन संघर्ष व उनके बलिदानों के प्रति हमेशा ही कृतज्ञ रहेगा।
इसके साथ ही, उन्हें यह नहीं भूलना चाहिये कि वे आज अगर राष्ट्रपति के पद पर आसीन हो पायें हैं, तो उसकी सबसे बड़ी देन परमपूज्य बाबा साहेब डा. अम्बेडकर की है और फिर उनके बाद, इनकी मूवमेन्ट को आगे गति देने वाले मान्यवर श्री कांशीराम जी व बी.एस.पी. की है, जिसने बीजेपी को दलित समाज के व्यक्ति को देश का राष्ट्रपति बनाने के लिये मजबूर कर दिया है।
इसके अलावा इन्होंने यह भी कहा कि वर्तमान में गुजरात के साथ-साथ देश के अन्य कई और राज्य भी काफी बुरी तरह से बाढ़ से प्रभावित हैं। ऐसी स्थिति में देश के प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी को केवल गुजरात का ही नहीं बल्कि अन्य और बाढ़-पीड़ित राज्यों का भी पूरा-पूरा ध्यान रखना चाहिये। क्योंकि अब वे गुजरात के मुख्यमन्त्री नहीं हैं, बल्कि पूरे देश के प्रधानमन्त्री हैं।
इसके साथ ही बाढ़-पीड़ित लोगों की हर स्तर पर पूरी-पूरी मदद भी की जानी चाहिये। इतना ही नहीं बल्कि इस मामले में कोई भी पक्षपात नहीं होना चाहिये, अर्थात गैर-बीजेपी शासित राज्यों की भी केन्द्र सरकार को बिना पक्षपात के हर स्तर पर, पूरी-पूरी मदद करनी चाहिये।

बी.एस.पी. द्वारा जारी प्रेस विज्ञप्ति-दिनांक 25.07.2017

(1)    राष्ट्रपति पद की शपथ लेने पर श्री रामनाथ कोविंद को हार्दिक बधाई व शुभकामनायें हंै, परन्तु अच्छा होता कि अगर वे आज राजघाट जाकर गाँधीजी को फूल अर्पित करने के साथ-साथ संसद परिसर में लगी भारतीय संविधान के निर्माता परमपूज्य बाबा साहेब डा. भीमराव अम्बेडकर की प्रतिमा पर भी अपने श्रद्धा के कुछ फूल अर्पित कर देते, जिनकी वजह से ही आज वे देश के राष्ट्रपति बन पाये हैं।
(2)    वर्तमान में गुजरात के साथ-साथ देश के अन्य कई और राज्य भी काफी बुरी तरह से बाढ़ से प्रभावित हैं।
ऽ    ऐसी स्थिति में देश के प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी को केवल गुजरात का ही नहीं बल्कि अन्य और बाढ़-पीड़ित राज्यों का भी पूरा-पूरा ध्यान रखना चाहिये।
ऽ    क्योंकि अब वे गुजरात के मुख्यमन्त्री नहीं हैं, बल्कि पूरे देश के प्रधानमन्त्री हैं: बी.एस.पी. की राष्ट्रीय अध्यक्ष व पूर्व मुख्यमंत्री, उत्तर प्रदेश एवं पूर्व सांसद, सुश्री मायावती जी।

नई दिल्ली, 25 जुलाई 2017: बी.एस.पी. की राष्ट्रीय अध्यक्ष व पूर्व मुख्यमंत्री, उत्तर प्रदेश एवं पूर्व सांसद सुश्री मायावती जी ने आज यहाँ कहा कि श्री के. आर. नारायणन के बाद देश के दूसरे दलित समाज के राष्ट्रपति बनने वाले श्री रामनाथ कोविंद को हार्दिक बधाई व शुभकामनायें हैं, परन्तु अच्छा होता कि अगर वे आज अपने शपथ ग्रहण के दिन राजघाट जाकर गाँधीजी को फूल अर्पित करने के साथ-साथ संसद परिसर में लगी भारतीय संविधान के निर्माता परमपूज्य बाबा साहेब डा. भीमराव अम्बेडकर की प्रतिमा पर भी अपने श्रद्धा के कुछ फूल अर्पित कर देते, जिनकी वजह से ही आज वे देश के राष्ट्रपति बन पाये हैं।
सुश्री मायावती जी ने कहा कि संसद परिसर में बाबा साहेब डा. भीमराव अम्बेडकर की लगी प्रतिमा या फिर सेन्ट्रल हाल में लगे इनके फोटो-चित्र पर भी, उन्हें पुष्प अर्पित नहीं करना एक ऐसा संकेत है, जो बीजेपी व इनके एन.डी.ए. एण्ड कम्पनी की अम्बेडकर-विरोधी सोच व मानसिकता को प्रदर्शित करता है, जिस पर देश के दलितों की खास नजर है।
वैसे तो श्री रामनाथ कोविंद अपने राजनैतिक जीवनकाल में बीजेपी व  आर.एस.एस. की संकीर्ण व जातिवादी विचारधारा का प्रतिनिधित्व करते रहे हैं परन्तु सरकार में आने के बाद गाँधीजी व बाबा साहेब डा. भीमराव अम्बेडकर का नाम लेतेे रहने की अब यह आम परम्परा बन चुकी है और आज यह काम श्री रामनाथ कोविंद ने भी किया।
परन्तु श्री रामनाथ कोविंद से यह उम्मीद नहीं की जा सकती थी कि वे गाँधीजी के साथ-साथ बाबा साहेब डा. भीमराव अम्बेडकर को भी अपने श्रद्धा के फूल नहीं चढ़ायेंगे। उन्हें आज बाबा साहेब डा. अम्बेडकर को भी अपने श्रद्धा के फूल जरूर अर्पित करने चाहिये थे और अन्य किसी से तो नहीं किन्तुु दलित समाज से ताल्लुक रखने वाले व्यक्ति से तो यह उम्मीद की ही जा सकती है कि वह बाबा साहेब डा. अम्बेडकर के जीवन संघर्ष व उनके बलिदानों के प्रति हमेशा ही कृतज्ञ रहेगा।
इसके साथ ही, उन्हें यह नहीं भूलना चाहिये कि वे आज अगर राष्ट्रपति के पद पर आसीन हो पायें हैं, तो उसकी सबसे बड़ी देन परमपूज्य बाबा साहेब डा. अम्बेडकर की है और फिर उनके बाद, इनकी मूवमेन्ट को आगे गति देने वाले मान्यवर श्री कांशीराम जी व बी.एस.पी. की है, जिसने बीजेपी को दलित समाज के व्यक्ति को देश का राष्ट्रपति बनाने के लिये मजबूर कर दिया है।
इसके अलावा इन्होंने यह भी कहा कि वर्तमान में गुजरात के साथ-साथ देश के अन्य कई और राज्य भी काफी बुरी तरह से बाढ़ से प्रभावित हैं। ऐसी स्थिति में देश के प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी को केवल गुजरात का ही नहीं बल्कि अन्य और बाढ़-पीड़ित राज्यों का भी पूरा-पूरा ध्यान रखना चाहिये। क्योंकि अब वे गुजरात के मुख्यमन्त्री नहीं हैं, बल्कि पूरे देश के प्रधानमन्त्री हैं।
इसके साथ ही बाढ़-पीड़ित लोगों की हर स्तर पर पूरी-पूरी मदद भी की जानी चाहिये। इतना ही नहीं बल्कि इस मामले में कोई भी पक्षपात नहीं होना चाहिये, अर्थात गैर-बीजेपी शासित राज्यों की भी केन्द्र सरकार को बिना पक्षपात के हर स्तर पर, पूरी-पूरी मदद करनी चाहिये।

जारीकर्ता:
बी.एस.पी केन्द्रीय कार्यालय,
4, गुरूद्वारा रकाबगंज रोड,
नई दिल्ली - 110001

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राष्ट्रपति के शपथ ग्रहण समारोह में सम्मिलित हुए राज्यपाल

Posted on 25 July 2017 by admin

पूर्व राष्ट्रपति श्री प्रणब मुखर्जी से हुई शिष्टाचार भेंट

img-20170725-wa0023 उत्तर प्रदेश के राज्यपाल श्री राम नाईक ने आज देश के 14वें राष्ट्रपति श्री रामनाथ कोविंद के शपथ ग्रहण समारोह में शिरकत की। शपथ ग्रहण के बाद राज्यपाल ने राष्ट्रपति श्री रामनाथ कोविंद से मिलकर बधाई दी। राज्यपाल आज ही सुबह लखनऊ से शपथ ग्रहण समारोह में सम्मिलित होने के लिए दिल्ली गए थे।
श्री नाईक ने आज पूर्व राष्ट्रपति श्री प्रणब मुखर्जी से उनके आवास 10, राजाजी मार्ग जाकर भेंट की और उन्हें अपनी वार्षिक कार्यवृत्त ‘राजभवन में राम नाईक 2016-17’ की प्रति भेंट की। भेंट के दौरान दोनों ने अपनी पुरानी यादें ताजा की। पूर्व राष्ट्रपति श्री प्रणब मुखर्जी ने राज्यपाल की प्रशंसा करते हुए कहा कि उनकी कार्यपद्धति अन्य राज्यपालों के लिए एक मिसाल है। यदि सभी लोग संवेदनशीलता से दायित्व का निर्वहन करें तो निश्चित रुप से एक नई कार्य संस्कृति निर्माण होगी जो जनहित में लाभदायी होगी।
राज्यपाल ने प्रणब मुखर्जी का आभार व्यक्त करते हुए कहा कि उनके सानिध्य में बहुत कुछ सीखने को मिला। उन्होंने कहा कि उन्हें वह दिन आज भी याद है जब वे उत्तर प्रदेश के राज्यपाल नियुक्त हुए थे और शपथ लेने से पहले राष्ट्रपति भवन शिष्टाचार भेंट करने आए थे। चलते समय श्री मुखर्जी ने भारत के संविधान की प्रति देते हुए यह कहा था कि ‘‘अब आपको इसी के अनुसार उत्तर प्रदेश में काम करना है।’’ श्री नाईक ने बताया कि श्री प्रणब मुखर्जी से उनकी पहली मुलाकात 1989 में हुई थी जब वे लोकसभा के सदस्य थे और श्री मुखर्जी वित्त राज्यमंत्री थे। उन्होंने यह भी बताया कि श्री प्रणब मुखर्जी के साथ लोकसभा में लम्बे समय तक काम करने का अवसर मिला, जिसमें कभी वह सत्ता पक्ष में रहे और कभी श्री नाईक सत्ता पक्ष में रहे, लेकिन संबंध सदैव सौहार्दपूर्ण रहे।

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केन्द्रीय शहरी विकास मंत्री एम0 बैंकया नायडू से चिकित्सा एवं स्वास्थ्य मंत्री, उ0प्र0 सिद्धार्थ नाथ सिंह जी की शिष्टाचार भेंट

Posted on 01 July 2017 by admin

इलाहाबाद शहर को स्मार्ट सिटी के रूप में चयन तथा एकीकृत समग्र विकास पर परिचर्चा

grd_9601नई दिल्ली स्थित केन्द्रीय शहरी विकास मंत्री श्री एम0 बैंकया नायडू  के निवास पर चिकित्सा एवं स्वास्थ्य मंत्री,उ0प्र0सरकार श्री सिद्धार्थ नाथ सिंह ने शिष्टाचार भेंट की। भेंट के दौरान प्रदेश के इलाहाबाद, झांसी,रायबरेली को स्मार्ट सिटी घोषित करने के लिए केन्द्र सरकार के निर्णय की सराहना की तथा इलाहाबाद शहर के समग्र एवं एकीकृत विकास की संभावनाओं पर विचार-विमर्श भी किया।
श्री सिंह ने बैठक में बताया कि इलाहाबाद शहर पौराणिक, ऐतिहासिक, सांस्कृतिक, शैक्षिक, वाणिज्यिक विशिष्टताओं से परिपूर्ण है जिसके विकास के लिए प्रदेश सरकार ने महत्वपूर्ण निर्णय लिऐ एवं अनेक योजनाओं का शुभारम्भ किया है। गंगा के संगम तट पर आयोजित होने वाले कुम्भ एवं अर्द्धकुम्भ के महापर्वों पर श्रद्धालुओं की अप्रत्याशित भीड़ को ध्यान में रखते हुए इलाहाबाद शहर में आवागमन, पेयजल, विद्युत, चिकित्सा, खाद्य आपूर्ति आदि अवस्थापना सुविधाओं के लिए भी केन्द्र सरकार से विशिष्ट सहयोग की अपेक्षा है। स्मार्ट सिटी योजना के अन्तर्गत प्रदेश सरकार द्वारा शहर को समुचित विकास की महायोजना पूर्व में ही अनुमोदन के लिए प्रेषित की जा चुकी है। कुछ योजनाओं पर सैद्धान्तिक सहमति के उपरान्त डी0पी0आर0 बनाने के लिए भी निर्देश दिये गये।grd_9591
इस अवसर पर श्री सिंह एवं विभागीय अधिकारियों ने अवगत कराया कि इलाहाबाद शहर में पेयजल आपूर्ति हेतु ।डत्न्ज् योजनाओं के अन्तर्गत स्वीकृत की गयी 306 करोड़ रू0 की धनराशि के सापेक्ष 236 करोड़ रू0 आवंटित हुए हैं तथा शेष धनराशि शीघ्रातिशीघ्र अवमुक्त किया जाय। शहर में खुसरो बाग, मिंटो पार्क तथा यमुना नदी के किनारे पार्कों को विकसित करने के लिए अतिरिक्त धन केन्द्र सरकार द्वारा उपलब्ध कराया जाना वांछनीय है।
शहर की सीवर व्यवस्था के सुचारू एवं ट्रीटमेंट प्लांट की स्थापना के लिए भी 300करोड़ रू0 अतिरिक्त संसाधन की आवश्यकता का उल्लेख किया गया। इसके अतिरिक्त भारत सरकार के भ्त्प्क्।ल् योजना के अन्तर्गत इलाहाबाद विश्वविद्यालय, सचिवालय भवन सहित अनेक ऐतिहासिक भवनों को भी इस योजना से आच्छादित किया जाय। स्मार्ट सिटी मिशन के अन्तर्गत चयनित इलाहाबाद शहर के लिए प्रस्तावित विभिन्न योजनाओं को शीघ्रताशीघ्र अनुमोदन एवं वित्तीय संसाधन अवमुक्त कराया जाना प्रस्तावित है। इस मुद्दे पर भी बैठक में परिचर्चा की गयी।
उन्होंने यह भी बताया कि इलाहाबाद शहर में कुछ ऐतिहासिक धरोहरों के विकास एवं अनुरक्षण के लिए केन्द्र सरकार का सहयोग वांछनीय है, जिसकी विस्तृत जानकारी भारत सरकार के विभिन्न विभागों को उपलब्ध करायी जा रही है जिससे कि आगामी होने वाले अर्द्धकुम्भ पर्व पर योजनाओं का शुभारम्भ एवं क्रियान्वयन हो सके। शहरी विकास मंत्री श्री एम0 बैंकया नायडू द्वारा प्रस्तुत किये गये ब्यौरे के आधार पर सकारात्मक कार्यवाही के लिए आश्वस्त किया गया।
इस अवसर पर मण्डलायुक्त,इलाहाबाद श्री आशीष कुमार गोयल, जिला अधिकारी संजय कुमार, उपाध्यक्ष, इलाहाबाद विकास प्राधिकरण सहित नगर विकास से जुड़े अधिकारी भी मौजूद थे।

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मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ जी 30 जून, 2017 को लखनऊ में प्रदेश सरकार के 100 दिन पूरे होने के उपलक्ष्य में ए0बी0पी0 न्यूज चैनल द्वारा आयोजित कार्यक्रम को सम्बोधित करते हुए।

Posted on 01 July 2017 by admin

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