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Archive | नई दिल्ली

बी.एस.पी. द्वारा जारी प्रेस विज्ञप्ति-दिनांक 20.08.2017

Posted on 21 August 2017 by admin

(1)     देश में आम धारणा के साथ-साथ अब तो आँकड़े भी साबित कर रहे हैं कि बीजेपी बडे़-बडे़ पूंजीपतियों व धन्नासेठों की व उन्हीं के धनबल से एवं उनके इशारे पर ही चलने वाली पार्टी है। इस कारण धन्नासेठों का प्रभाव व हस्तक्षेप देश की राजनीति में काफी बढा है जो लोकतंत्र के लिये खतरे की घण्टी है।
(2)     बीजेपी को वर्ष 2012.13 से 2015-16 के बीच हिसाब-किताब वाले कुल चन्दे का 92 प्रतिशत अर्थात लगभग 708 करोड़ रुपया बडे़-बडे़ पूंजीपतियों व धन्नासेठों से मिला। क्सा ऐसी पार्टी ग़रीब-हितैषी हो सकती है?
(3)     बीजेपी के जग-ज़ाहिर शाही चुनावी खर्चों से स्वतंत्र व निष्पक्ष चुनाव काफी प्रभावित हो रहा है। चुनाव आयोग भी इससे काफी ज्यादा चिन्तित। उसका कहना है कि, ’हर कीमत पर व हर हाल में चुनाव जीतना वर्तमान में राजनीति का नया मापदण्ड बन गया है’।
(4)    वैसे भी बीजेपी के भ्रष्टाचारों के भण्डाफोड़ अब हर राज्य में आम होते जा रहे हैं, शायद इसी भय से केन्द्र की सरकार ने अब तक ’’लोकायुक्त’’ तक भी नहीं बनाया है: बी.एस.पी. की राष्ट्रीय अध्यक्ष, पूर्व सांसद व पूर्व मुख्यमंत्री, उत्तर प्रदेश सुश्री मायावती जी।

नई दिल्ली, 20 अगस्त 2017: बी.एस.पी. की राष्ट्रीय अध्यक्ष, पूर्व सांसद व पूर्व मुख्यमंत्री, उत्तर प्रदेश सुश्री मायावती जी ने आज यहाँ कहा कि देश के लोगों में जो आम धारणा है कि बीजेपी बडे़-बडे़ पूंजीपतियों व धन्नासेठों की व उन्हीं के धनबल से एवं उनके इशारे पर ही चलने वाली पार्टी है वह शत-प्रतिशत् सही है जिसे अभी-अभी प्रकाशित हुये अकाट्य आँकड़ों ने भी पूरी तरह से सही साबित कर दिया है।
इससे यह प्रश्न और भी ज्यादा महत्त्वपूर्ण व सामयिक हो जाता है कि ऐसी पार्टी व इस पार्टी की सरकार गरीब-हितैषी कैसे हो सकती है और साथ ही इससे यह प्रमाणित भी हो जाता है कि बीजेपी सरकारें एक के बाद एक जनविरोधी, किसान- विरोधी व धन्नासेट-समर्थक फैसले क्यों लेती जा रही है।
जैसाकि सर्वविदित है कि एसोसिएशन आफ डेमोक्रेटिक रिफाम्र्स (ए.डी.आर.) ने जो ताज़ा आँकडे़ एक बड़े कार्यक्रम में सार्वजनिक किये हैं उसके मुताबिक बीजेपी ने कुछ धन्नासेठों से वर्ष 2012-13 से वर्ष 2015-16 के बीच अपने हिसाब-किताब वाले कुल चन्दे का 92 प्रतिशत अर्थात लगभग 708 करोड़ रुपया लिया है। इस प्रकार अन्य श्रोतों से कितना आकूत धन लिया गया होगा, इसका अन्दाजा बीजेपी के शाही चुनावी खर्चों से आसानी से लगाया जा सकता है। वैसे भी उत्तर प्रदेश का लोक सभा व विधान सभा का आमचुनाव इस बात का गवाह है कि बीजेपी द्वारा यहाँ चुनाव किस शाह खर्चों के साथ लडा़ गया तथा रूपया किस प्रकार पानी की तरह बहाया कर जनता को हर प्रकार से वरग़लाने का काम किया गया।
इसके अलावा आज यह किसी से भी छिपा नहीं है कि जबसे बीजेपी एण्ड कम्पनी का प्रभाव देश की राजनीति में बढ़ा है तबसे बडे़-बडे़ पूंजीपतियों व धन्नासेठों ने बीजेपी को हर प्रकार से सहयोग व अधिक से अधिक चन्दा देकर भारतीय राजनीति व सरकार में अपना बेजा हस्तक्षेप काफी बढाया है, जिस कारण ही चुनाव काफी हद तक साम, दाम, दण्ड, भेद आदि हथकण्डों का खेल बनकर रह गया है। देश के लोकतंत्र को विकृत करने वाली इस बुराई से चुनाव आयोग सबसे ज्यादा चिन्तित लगता है।
चुनाव आयुक्त श्री ओ.पी.रावत द्वारा उसी ए.डी.आर. के कार्यक्रम में यह कहना कि ’’आचार संहिता को ताक पर रखकर हर कीमत पर चुनाव जीतना वर्तमान में राजनीति का नया मापदण्ड बन गया है’’, बीजेपी की चुनावी सफलताओं को खोखला बताकर यह साबित करता है कि बीजेपी वास्तव में ही मात्र 31 प्रतिशत वोटों वाली व चुनावी हथकण्डों वाली पार्टी है। देश में इस प्रकार की राजनीतिक गिरावट बहुत ही खतरनाक प्रकृति है जिसके लिये बीजेपी एण्ड कम्पनी के साथ-साथ जनता के प्रति अनुत्तरदायी आर.एस.एस. भी कम जिम्मेदार नहीं है और इसी कारण इन खतरो के बारे में बी.एस.पी. बार-बार लोगों को अगाह करती रहती है कि इस देश में वोट हमारा परन्तु राज तुम्हारा की गलती को सुधार करने की जरूरत है।
सुश्री मायावती जी ने कहा कि बडे़-बडे़ पूंजीपति व धन्नासेठ जिस प्रकार से निजी स्वार्थ में बीजेपी को अपना मानकर उस पर धनवर्षा करके खुद की अपनी तिजोरी और भी ज्यादा भरते चले जा रहे हैं उसका ही परिणाम है कि देश के करोड़ों गरीबों, मजदूरों, किसानों, बेरोजगारों व अन्य मेहनतकश लोगों का जीवन और भी ज्यादा मुश्किल व संकटग्रस्त होता जा रहा है। इस वर्ग के लोग अपना खून-पसीना एक करके दिन-रात मेहनत करने में कोई कसर नही छोड़ते हैं, जबकि इसका फायदा, बीजेपी सरकार की गलत नीतियों व कार्यकलापों के कारण, मुट्ठी भर बड़े-बड़े पूंजीपति व धन्नासेठ आदि उठा ले जाते हैं, यह अत्यन्त ही दुःखद व दयनीय परिस्थिति है जिसका प्रतिरोध हर स्तर पर व्यापक देशहित व जनहित में बहुत जरूरी है। बी.एस.पी का संघर्ष इसी के विरूद्ध लगातार जारी हैं
सुश्री मायावती जी ने कहा कि बीजेपी के बड़े-बड़े दावों में एक खोखला दावा यह भी है कि उसके 10 से 12 करोड़ सदस्य हैं। इससे यह प्रश्न उठता है कि बीजेपी को मिलने वाले चन्दों में उसके सदस्यों का अंशदान इतना कम अर्थात चार वर्षों में मात्र 63 करोड़ ही क्यों है? क्या इससे यह साबित नहीं होता है कि बीजेपी के आँकड़े फर्जी व बनावटी व खोखले हैं?
इतना ही नहीं बल्कि बीजेपी द्वारा पूरी तरह से बडे़-बड़े पूंजीपतियों व धन्नासेठों के चुंगल में होने का ही परिणाम है कि देश के गरीबों व उपेक्षितों के हित व कल्याण की हर व्यवस्था चरमरा गई है। उनके हित की अनेकों कल्याणकारी योजनाओं पर सरकारी बजट लगातार कम होता जा रहा है और हर बड़ा निर्माण व बड़ी योजनायें जनहीत के विरूद्ध निजी क्षेत्र को सौंपी जा रहीं हैं।
इसके अलावा जिस प्रकार से बीजेपी के खिलाफ भ्रष्टाचार आदि के मामले लगातार उजागर हो रहे हैं फिर भी भ्रष्टाचारियों को हर प्रकार का खुला संरक्षण देकर उनके खिलाफ कार्रवाई नहीं की जा रही है, शायद इसी डर से मोदी सरकार ने केन्द्र में अब तक बहुचर्चित ’’लोकायुक्त’’ की नियुक्ति नहीं की है जबकि दस सम्बंध में नया कानून लगभग साढे तीन वर्ष पहले देश में लागू हो चुका है।
जारीकर्ता:
बी.एस.पी केन्द्रीय कार्यालय,
4, गुरूद्वारा रकाबगंज रोड,
नई दिल्ली - 110001

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भारत के राष्ट्रपति श्री रामनाथ कोविंद जी से उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ जी ने 4 अगस्त, 2017 को नई दिल्ली में भेंट की

Posted on 04 August 2017 by admin

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बी.एस.पी. द्वारा जारी प्रेस विज्ञप्ति

Posted on 27 July 2017 by admin

(1)    राष्ट्रपति पद की शपथ लेने पर श्री रामनाथ कोविंद को हार्दिक बधाई व शुभकामनायें हंै, परन्तु अच्छा होता कि अगर वे आज राजघाट जाकर गाँधीजी को फूल अर्पित करने के साथ-साथ संसद परिसर में लगी भारतीय संविधान के निर्माता परमपूज्य बाबा साहेब डा. भीमराव अम्बेडकर की प्रतिमा पर भी अपने श्रद्धा के कुछ फूल अर्पित कर देते, जिनकी वजह से ही आज वे देश के राष्ट्रपति बन पाये हैं।
(2)    वर्तमान में गुजरात के साथ-साथ देश के अन्य कई और राज्य भी काफी बुरी तरह से बाढ़ से प्रभावित हैं।
ऽ    ऐसी स्थिति में देश के प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी को केवल गुजरात का ही नहीं बल्कि अन्य और बाढ़-पीड़ित राज्यों का भी पूरा-पूरा ध्यान रखना चाहिये।
ऽ    क्योंकि अब वे गुजरात के मुख्यमन्त्री नहीं हैं, बल्कि पूरे देश के प्रधानमन्त्री हैं: बी.एस.पी. की राष्ट्रीय अध्यक्ष व पूर्व मुख्यमंत्री, उत्तर प्रदेश एवं पूर्व सांसद, सुश्री मायावती जी।

नई दिल्ली, 25 जुलाई 2017: बी.एस.पी. की राष्ट्रीय अध्यक्ष व पूर्व मुख्यमंत्री, उत्तर प्रदेश एवं पूर्व सांसद सुश्री मायावती जी ने आज यहाँ कहा कि श्री के. आर. नारायणन के बाद देश के दूसरे दलित समाज के राष्ट्रपति बनने वाले श्री रामनाथ कोविंद को हार्दिक बधाई व शुभकामनायें हैं, परन्तु अच्छा होता कि अगर वे आज अपने शपथ ग्रहण के दिन राजघाट जाकर गाँधीजी को फूल अर्पित करने के साथ-साथ संसद परिसर में लगी भारतीय संविधान के निर्माता परमपूज्य बाबा साहेब डा. भीमराव अम्बेडकर की प्रतिमा पर भी अपने श्रद्धा के कुछ फूल अर्पित कर देते, जिनकी वजह से ही आज वे देश के राष्ट्रपति बन पाये हैं।
सुश्री मायावती जी ने कहा कि संसद परिसर में बाबा साहेब डा. भीमराव अम्बेडकर की लगी प्रतिमा या फिर सेन्ट्रल हाल में लगे इनके फोटो-चित्र पर भी, उन्हें पुष्प अर्पित नहीं करना एक ऐसा संकेत है, जो बीजेपी व इनके एन.डी.ए. एण्ड कम्पनी की अम्बेडकर-विरोधी सोच व मानसिकता को प्रदर्शित करता है, जिस पर देश के दलितों की खास नजर है।
वैसे तो श्री रामनाथ कोविंद अपने राजनैतिक जीवनकाल में बीजेपी व  आर.एस.एस. की संकीर्ण व जातिवादी विचारधारा का प्रतिनिधित्व करते रहे हैं परन्तु सरकार में आने के बाद गाँधीजी व बाबा साहेब डा. भीमराव अम्बेडकर का नाम लेतेे रहने की अब यह आम परम्परा बन चुकी है और आज यह काम श्री रामनाथ कोविंद ने भी किया।
परन्तु श्री रामनाथ कोविंद से यह उम्मीद नहीं की जा सकती थी कि वे गाँधीजी के साथ-साथ बाबा साहेब डा. भीमराव अम्बेडकर को भी अपने श्रद्धा के फूल नहीं चढ़ायेंगे। उन्हें आज बाबा साहेब डा. अम्बेडकर को भी अपने श्रद्धा के फूल जरूर अर्पित करने चाहिये थे और अन्य किसी से तो नहीं किन्तुु दलित समाज से ताल्लुक रखने वाले व्यक्ति से तो यह उम्मीद की ही जा सकती है कि वह बाबा साहेब डा. अम्बेडकर के जीवन संघर्ष व उनके बलिदानों के प्रति हमेशा ही कृतज्ञ रहेगा।
इसके साथ ही, उन्हें यह नहीं भूलना चाहिये कि वे आज अगर राष्ट्रपति के पद पर आसीन हो पायें हैं, तो उसकी सबसे बड़ी देन परमपूज्य बाबा साहेब डा. अम्बेडकर की है और फिर उनके बाद, इनकी मूवमेन्ट को आगे गति देने वाले मान्यवर श्री कांशीराम जी व बी.एस.पी. की है, जिसने बीजेपी को दलित समाज के व्यक्ति को देश का राष्ट्रपति बनाने के लिये मजबूर कर दिया है।
इसके अलावा इन्होंने यह भी कहा कि वर्तमान में गुजरात के साथ-साथ देश के अन्य कई और राज्य भी काफी बुरी तरह से बाढ़ से प्रभावित हैं। ऐसी स्थिति में देश के प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी को केवल गुजरात का ही नहीं बल्कि अन्य और बाढ़-पीड़ित राज्यों का भी पूरा-पूरा ध्यान रखना चाहिये। क्योंकि अब वे गुजरात के मुख्यमन्त्री नहीं हैं, बल्कि पूरे देश के प्रधानमन्त्री हैं।
इसके साथ ही बाढ़-पीड़ित लोगों की हर स्तर पर पूरी-पूरी मदद भी की जानी चाहिये। इतना ही नहीं बल्कि इस मामले में कोई भी पक्षपात नहीं होना चाहिये, अर्थात गैर-बीजेपी शासित राज्यों की भी केन्द्र सरकार को बिना पक्षपात के हर स्तर पर, पूरी-पूरी मदद करनी चाहिये।

बी.एस.पी. द्वारा जारी प्रेस विज्ञप्ति-दिनांक 25.07.2017

(1)    राष्ट्रपति पद की शपथ लेने पर श्री रामनाथ कोविंद को हार्दिक बधाई व शुभकामनायें हंै, परन्तु अच्छा होता कि अगर वे आज राजघाट जाकर गाँधीजी को फूल अर्पित करने के साथ-साथ संसद परिसर में लगी भारतीय संविधान के निर्माता परमपूज्य बाबा साहेब डा. भीमराव अम्बेडकर की प्रतिमा पर भी अपने श्रद्धा के कुछ फूल अर्पित कर देते, जिनकी वजह से ही आज वे देश के राष्ट्रपति बन पाये हैं।
(2)    वर्तमान में गुजरात के साथ-साथ देश के अन्य कई और राज्य भी काफी बुरी तरह से बाढ़ से प्रभावित हैं।
ऽ    ऐसी स्थिति में देश के प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी को केवल गुजरात का ही नहीं बल्कि अन्य और बाढ़-पीड़ित राज्यों का भी पूरा-पूरा ध्यान रखना चाहिये।
ऽ    क्योंकि अब वे गुजरात के मुख्यमन्त्री नहीं हैं, बल्कि पूरे देश के प्रधानमन्त्री हैं: बी.एस.पी. की राष्ट्रीय अध्यक्ष व पूर्व मुख्यमंत्री, उत्तर प्रदेश एवं पूर्व सांसद, सुश्री मायावती जी।

नई दिल्ली, 25 जुलाई 2017: बी.एस.पी. की राष्ट्रीय अध्यक्ष व पूर्व मुख्यमंत्री, उत्तर प्रदेश एवं पूर्व सांसद सुश्री मायावती जी ने आज यहाँ कहा कि श्री के. आर. नारायणन के बाद देश के दूसरे दलित समाज के राष्ट्रपति बनने वाले श्री रामनाथ कोविंद को हार्दिक बधाई व शुभकामनायें हैं, परन्तु अच्छा होता कि अगर वे आज अपने शपथ ग्रहण के दिन राजघाट जाकर गाँधीजी को फूल अर्पित करने के साथ-साथ संसद परिसर में लगी भारतीय संविधान के निर्माता परमपूज्य बाबा साहेब डा. भीमराव अम्बेडकर की प्रतिमा पर भी अपने श्रद्धा के कुछ फूल अर्पित कर देते, जिनकी वजह से ही आज वे देश के राष्ट्रपति बन पाये हैं।
सुश्री मायावती जी ने कहा कि संसद परिसर में बाबा साहेब डा. भीमराव अम्बेडकर की लगी प्रतिमा या फिर सेन्ट्रल हाल में लगे इनके फोटो-चित्र पर भी, उन्हें पुष्प अर्पित नहीं करना एक ऐसा संकेत है, जो बीजेपी व इनके एन.डी.ए. एण्ड कम्पनी की अम्बेडकर-विरोधी सोच व मानसिकता को प्रदर्शित करता है, जिस पर देश के दलितों की खास नजर है।
वैसे तो श्री रामनाथ कोविंद अपने राजनैतिक जीवनकाल में बीजेपी व  आर.एस.एस. की संकीर्ण व जातिवादी विचारधारा का प्रतिनिधित्व करते रहे हैं परन्तु सरकार में आने के बाद गाँधीजी व बाबा साहेब डा. भीमराव अम्बेडकर का नाम लेतेे रहने की अब यह आम परम्परा बन चुकी है और आज यह काम श्री रामनाथ कोविंद ने भी किया।
परन्तु श्री रामनाथ कोविंद से यह उम्मीद नहीं की जा सकती थी कि वे गाँधीजी के साथ-साथ बाबा साहेब डा. भीमराव अम्बेडकर को भी अपने श्रद्धा के फूल नहीं चढ़ायेंगे। उन्हें आज बाबा साहेब डा. अम्बेडकर को भी अपने श्रद्धा के फूल जरूर अर्पित करने चाहिये थे और अन्य किसी से तो नहीं किन्तुु दलित समाज से ताल्लुक रखने वाले व्यक्ति से तो यह उम्मीद की ही जा सकती है कि वह बाबा साहेब डा. अम्बेडकर के जीवन संघर्ष व उनके बलिदानों के प्रति हमेशा ही कृतज्ञ रहेगा।
इसके साथ ही, उन्हें यह नहीं भूलना चाहिये कि वे आज अगर राष्ट्रपति के पद पर आसीन हो पायें हैं, तो उसकी सबसे बड़ी देन परमपूज्य बाबा साहेब डा. अम्बेडकर की है और फिर उनके बाद, इनकी मूवमेन्ट को आगे गति देने वाले मान्यवर श्री कांशीराम जी व बी.एस.पी. की है, जिसने बीजेपी को दलित समाज के व्यक्ति को देश का राष्ट्रपति बनाने के लिये मजबूर कर दिया है।
इसके अलावा इन्होंने यह भी कहा कि वर्तमान में गुजरात के साथ-साथ देश के अन्य कई और राज्य भी काफी बुरी तरह से बाढ़ से प्रभावित हैं। ऐसी स्थिति में देश के प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी को केवल गुजरात का ही नहीं बल्कि अन्य और बाढ़-पीड़ित राज्यों का भी पूरा-पूरा ध्यान रखना चाहिये। क्योंकि अब वे गुजरात के मुख्यमन्त्री नहीं हैं, बल्कि पूरे देश के प्रधानमन्त्री हैं।
इसके साथ ही बाढ़-पीड़ित लोगों की हर स्तर पर पूरी-पूरी मदद भी की जानी चाहिये। इतना ही नहीं बल्कि इस मामले में कोई भी पक्षपात नहीं होना चाहिये, अर्थात गैर-बीजेपी शासित राज्यों की भी केन्द्र सरकार को बिना पक्षपात के हर स्तर पर, पूरी-पूरी मदद करनी चाहिये।

जारीकर्ता:
बी.एस.पी केन्द्रीय कार्यालय,
4, गुरूद्वारा रकाबगंज रोड,
नई दिल्ली - 110001

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राष्ट्रपति के शपथ ग्रहण समारोह में सम्मिलित हुए राज्यपाल

Posted on 25 July 2017 by admin

पूर्व राष्ट्रपति श्री प्रणब मुखर्जी से हुई शिष्टाचार भेंट

img-20170725-wa0023 उत्तर प्रदेश के राज्यपाल श्री राम नाईक ने आज देश के 14वें राष्ट्रपति श्री रामनाथ कोविंद के शपथ ग्रहण समारोह में शिरकत की। शपथ ग्रहण के बाद राज्यपाल ने राष्ट्रपति श्री रामनाथ कोविंद से मिलकर बधाई दी। राज्यपाल आज ही सुबह लखनऊ से शपथ ग्रहण समारोह में सम्मिलित होने के लिए दिल्ली गए थे।
श्री नाईक ने आज पूर्व राष्ट्रपति श्री प्रणब मुखर्जी से उनके आवास 10, राजाजी मार्ग जाकर भेंट की और उन्हें अपनी वार्षिक कार्यवृत्त ‘राजभवन में राम नाईक 2016-17’ की प्रति भेंट की। भेंट के दौरान दोनों ने अपनी पुरानी यादें ताजा की। पूर्व राष्ट्रपति श्री प्रणब मुखर्जी ने राज्यपाल की प्रशंसा करते हुए कहा कि उनकी कार्यपद्धति अन्य राज्यपालों के लिए एक मिसाल है। यदि सभी लोग संवेदनशीलता से दायित्व का निर्वहन करें तो निश्चित रुप से एक नई कार्य संस्कृति निर्माण होगी जो जनहित में लाभदायी होगी।
राज्यपाल ने प्रणब मुखर्जी का आभार व्यक्त करते हुए कहा कि उनके सानिध्य में बहुत कुछ सीखने को मिला। उन्होंने कहा कि उन्हें वह दिन आज भी याद है जब वे उत्तर प्रदेश के राज्यपाल नियुक्त हुए थे और शपथ लेने से पहले राष्ट्रपति भवन शिष्टाचार भेंट करने आए थे। चलते समय श्री मुखर्जी ने भारत के संविधान की प्रति देते हुए यह कहा था कि ‘‘अब आपको इसी के अनुसार उत्तर प्रदेश में काम करना है।’’ श्री नाईक ने बताया कि श्री प्रणब मुखर्जी से उनकी पहली मुलाकात 1989 में हुई थी जब वे लोकसभा के सदस्य थे और श्री मुखर्जी वित्त राज्यमंत्री थे। उन्होंने यह भी बताया कि श्री प्रणब मुखर्जी के साथ लोकसभा में लम्बे समय तक काम करने का अवसर मिला, जिसमें कभी वह सत्ता पक्ष में रहे और कभी श्री नाईक सत्ता पक्ष में रहे, लेकिन संबंध सदैव सौहार्दपूर्ण रहे।

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केन्द्रीय शहरी विकास मंत्री एम0 बैंकया नायडू से चिकित्सा एवं स्वास्थ्य मंत्री, उ0प्र0 सिद्धार्थ नाथ सिंह जी की शिष्टाचार भेंट

Posted on 01 July 2017 by admin

इलाहाबाद शहर को स्मार्ट सिटी के रूप में चयन तथा एकीकृत समग्र विकास पर परिचर्चा

grd_9601नई दिल्ली स्थित केन्द्रीय शहरी विकास मंत्री श्री एम0 बैंकया नायडू  के निवास पर चिकित्सा एवं स्वास्थ्य मंत्री,उ0प्र0सरकार श्री सिद्धार्थ नाथ सिंह ने शिष्टाचार भेंट की। भेंट के दौरान प्रदेश के इलाहाबाद, झांसी,रायबरेली को स्मार्ट सिटी घोषित करने के लिए केन्द्र सरकार के निर्णय की सराहना की तथा इलाहाबाद शहर के समग्र एवं एकीकृत विकास की संभावनाओं पर विचार-विमर्श भी किया।
श्री सिंह ने बैठक में बताया कि इलाहाबाद शहर पौराणिक, ऐतिहासिक, सांस्कृतिक, शैक्षिक, वाणिज्यिक विशिष्टताओं से परिपूर्ण है जिसके विकास के लिए प्रदेश सरकार ने महत्वपूर्ण निर्णय लिऐ एवं अनेक योजनाओं का शुभारम्भ किया है। गंगा के संगम तट पर आयोजित होने वाले कुम्भ एवं अर्द्धकुम्भ के महापर्वों पर श्रद्धालुओं की अप्रत्याशित भीड़ को ध्यान में रखते हुए इलाहाबाद शहर में आवागमन, पेयजल, विद्युत, चिकित्सा, खाद्य आपूर्ति आदि अवस्थापना सुविधाओं के लिए भी केन्द्र सरकार से विशिष्ट सहयोग की अपेक्षा है। स्मार्ट सिटी योजना के अन्तर्गत प्रदेश सरकार द्वारा शहर को समुचित विकास की महायोजना पूर्व में ही अनुमोदन के लिए प्रेषित की जा चुकी है। कुछ योजनाओं पर सैद्धान्तिक सहमति के उपरान्त डी0पी0आर0 बनाने के लिए भी निर्देश दिये गये।grd_9591
इस अवसर पर श्री सिंह एवं विभागीय अधिकारियों ने अवगत कराया कि इलाहाबाद शहर में पेयजल आपूर्ति हेतु ।डत्न्ज् योजनाओं के अन्तर्गत स्वीकृत की गयी 306 करोड़ रू0 की धनराशि के सापेक्ष 236 करोड़ रू0 आवंटित हुए हैं तथा शेष धनराशि शीघ्रातिशीघ्र अवमुक्त किया जाय। शहर में खुसरो बाग, मिंटो पार्क तथा यमुना नदी के किनारे पार्कों को विकसित करने के लिए अतिरिक्त धन केन्द्र सरकार द्वारा उपलब्ध कराया जाना वांछनीय है।
शहर की सीवर व्यवस्था के सुचारू एवं ट्रीटमेंट प्लांट की स्थापना के लिए भी 300करोड़ रू0 अतिरिक्त संसाधन की आवश्यकता का उल्लेख किया गया। इसके अतिरिक्त भारत सरकार के भ्त्प्क्।ल् योजना के अन्तर्गत इलाहाबाद विश्वविद्यालय, सचिवालय भवन सहित अनेक ऐतिहासिक भवनों को भी इस योजना से आच्छादित किया जाय। स्मार्ट सिटी मिशन के अन्तर्गत चयनित इलाहाबाद शहर के लिए प्रस्तावित विभिन्न योजनाओं को शीघ्रताशीघ्र अनुमोदन एवं वित्तीय संसाधन अवमुक्त कराया जाना प्रस्तावित है। इस मुद्दे पर भी बैठक में परिचर्चा की गयी।
उन्होंने यह भी बताया कि इलाहाबाद शहर में कुछ ऐतिहासिक धरोहरों के विकास एवं अनुरक्षण के लिए केन्द्र सरकार का सहयोग वांछनीय है, जिसकी विस्तृत जानकारी भारत सरकार के विभिन्न विभागों को उपलब्ध करायी जा रही है जिससे कि आगामी होने वाले अर्द्धकुम्भ पर्व पर योजनाओं का शुभारम्भ एवं क्रियान्वयन हो सके। शहरी विकास मंत्री श्री एम0 बैंकया नायडू द्वारा प्रस्तुत किये गये ब्यौरे के आधार पर सकारात्मक कार्यवाही के लिए आश्वस्त किया गया।
इस अवसर पर मण्डलायुक्त,इलाहाबाद श्री आशीष कुमार गोयल, जिला अधिकारी संजय कुमार, उपाध्यक्ष, इलाहाबाद विकास प्राधिकरण सहित नगर विकास से जुड़े अधिकारी भी मौजूद थे।

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मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ जी 30 जून, 2017 को लखनऊ में प्रदेश सरकार के 100 दिन पूरे होने के उपलक्ष्य में ए0बी0पी0 न्यूज चैनल द्वारा आयोजित कार्यक्रम को सम्बोधित करते हुए।

Posted on 01 July 2017 by admin

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नई दिल्ली में नीति आयोग की शासी परिषद की बैठक सम्पन्न

Posted on 24 April 2017 by admin

उ0प्र0 सरकार ने ’सबका साथ सबका विकास’ की अवधारणा को अंगीकृृत करते हुए परिवर्तन और विकास के एक नये युग का प्रारम्भ किया है

केन्द्र सरकार के सहयोग से प्रदेश के सभी वर्गो का उत्थान किया जायेगा (योगी आदित्यनाथ)  मुख्यमन्त्री उ0प्र0
c-fgj_vwaae1wkuनई दिल्ली स्थित राष्ट्रपति भवन में आयोजित नीति आयोग की शासी परिषद की बैठक में उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने अपने सम्बोधन में बताया कि उ0प्र0 सरकार ’सबका साथ-सबका विकास’ की अवधारणा को अंगीकृृत करते हुए प्रदेश को स्वच्छ, स्वस्थ, समर्थ तथा देश का सर्वोत्तम प्रदेश बनाने के लिए कृृत संकल्पित है। नई सरकार के गठन से प्रदेश में परिवर्तन, विकास एवं गरीबों के सशक्तिकरण के लिए एक नये युग का प्रारम्भ हुआ है। उन्होंने बैठक में आयोग के द्वारा निर्धारित एजेन्डे के आधार पर पक्ष रखते हुए कहा कि प्रदेश में भूमि अर्जन, पुनर्वासन, पुनव्र्यवस्थापन, उचित प्रतिकर और पारदर्शिता पर बल देते हुए बताया कि प्रदेश सरकार द्वारा नियमावली प्रख्यापित कर अधिनियम को लागू किया गया है, जिससे किसानों की भूमि को उनकी सहमति से तथा राज्य सरकार की परियोजना हेतु कम से कम अधिग्रहण एवं क्रय के लिए आपसी सहमति की प्रक्रिया अपनायी गयी है।
मुख्यमंत्री द्वारा स्वरोजगार योजना की दिशा में स्थापित उ0प्र0 कौशल विकास मिशन की महत्ता का उल्लेख करते हुए कहा कि प्रदेश स्तर पर इस योजना के प्रभावी समन्वय एवं अनुश्रवण के लिए त्रिस्तरीय व्यवस्था राज्य, जनपद तथा विकास खण्ड स्तर पर की गई है तथा अधिकांश प्रशिक्षण प्रदाता निजी व सरकारी प्रशिक्षण संस्थायें आउटसोर्स के माध्यम से प्रशिक्षण देती है, जिसके लिए पर्याप्त वित्तीय संसाधनों की आवश्यकता है। उ0प्र0 के आकार, जनसंख्या एवं रोजगार संसाधनों को दृृष्टिगत रखते हुए स्कूलो, काॅलेजों के योग्य शिक्षकों को कैरियर काउन्सिलिंग का प्रशिक्षण देकर उन संस्थाओं के छात्र-छात्राओं को प्रशिक्षित किये जाने की आवश्यकता है। सरकार का प्रयास है कि मिशन के अन्तर्गत प्रत्येक इच्छुक परिवार में कम से कम एक सदस्य को कौशल विकास प्रशिक्षण से युक्त किया जाये। इस प्रक्रिया में अभी तक 50 लाख युवाओं का पंजीकरण किया जा चुका है। कौशल विकास मिशन के अन्तर्गत वर्ष 2014-15 से 2016-17 तक विभिन्न प्रशिक्षण कार्यक्रमों में चयनित लगभग 5 लाख युवाओं में से 3.5 लाख युवा प्रशिक्षण प्राप्त कर चुके हैं तथा लगभग 1.5 लाख युवा रोजगार पा चुके है।
श्री योगी ने कहा कि स्वच्छ भारत मिशन के क्रियान्वयन की दिशा में प्रदेश सरकार प्रभावी कदम उठा रही है, जिसमें प्रदेश की 59 हजार ग्राम पंचायतों में से लगभग 3500 ग्राम पंचायतों को खुले में शौच से मुक्त कर दिया गया है तथा दिसम्बर, 2017 तक 30 जनपद खुले में शौच से मुक्त हो जायेंगे। प्रदेश सरकार का यह भी संकल्प है कि 02 अक्टूबर, 2018 तक सम्पूर्ण प्रदेश को खुले में शौच से मुक्त कर दिया जाये। गरीबी उन्मूलन पर केन्द्र सरकार की संस्तुतियां उचित है, लेकिन गरीबी रेखा के निर्धारण के लिए किसी स्वतंत्र संस्था के माध्यम से प्रत्येक 5 वर्षों में बी0पी0एल0 सर्वे कराया जाना भी समीचीन प्रतीत होता है, जिससे केन्द्र व राज्य की योजनाओं का मानक के अनुरूप उपयोग हो सके।
मुख्यमंत्री द्वारा कृृषि विकास पर गठित टास्कफोर्स की संस्तुतियां तथा खेती का कार्य कर रहे बटाईदारों को भी अनुदान का लाभ दिये जाने पर भी विचार व्यक्त किया गया। प्रदेश सरकार भारत सरकार द्वारा लागू किये जा रहे जी0एस0टी0 बिल, डिजिटल इण्डिया, आधार लिंक भीम एप, स्टार्टअप इण्डिया एवं मेक इन इण्डिया जैसी महत्वपूर्ण योजनाओं में भी सक्रिय सहभागिता तथा प्रदेश सरकार द्वारा उठाये गये महत्वपूर्ण निर्णयों की जानकारी दी।
श्री योगी ने प्रदेश सरकार के गठन के उपरान्त संकल्प-पत्र में लिये गये वादों को पूरा करने तथा लिये गये महत्वपूर्ण निर्णयों से भी अवगत कराया। जैसेः- मंत्रिमण्डल की प्रथम बैठक में किसानों के ऋणमाफी का ऐतिहासिक फैसला, आलू उत्पादकों को समर्थन मूल्य देकर क्रय व्यवस्था, गेहूं उत्पादन के लिए 80 लाख मैट्रिक टन का लक्ष्य निर्धारण कर 5 हजार गेहूं क्रय केन्द्रों की स्थापना, गन्ना उत्पादकों के लिए चीनी मिलों द्वारा भुगतान सुनिश्चित करने की दिशा में अब तक 4,900 करोड़ रुपये का रिकाॅर्ड भुगतान, जनपद, तहसील एवं ग्रामीण क्षेत्रों में विद्युत आपूर्ति सुनिश्चित करने के निर्देश, निर्धारित अवधि में क्षतिग्रस्त ट्रान्सफार्मर बदलने की व्यवस्था, कृृषकों को नवीन तकनीक की जानकारी के उद््देश्य से 20 नये कृृषि विज्ञान केन्द्र की स्थापना, बुन्देलखण्ड में सिंचाई व पेयजल व्यवस्था को सुदृृढ़ करना आदि अनेक ऐसे महत्वपूर्ण निर्णय लिये गये हैं, जिससे प्रदेश में समग्र विकास, गरीबी उन्मूलन, रोजगार सृृजन, पर्यावरण संरक्षण, समाजोत्थान, न्यूनतम आवश्यकता कार्यक्रमों का क्रियान्वयन, क्षेत्रीय असन्तुलन का निवारण तथा आर्थिकता के नये आयाम सृृजन की दिशा में प्रदेशवासियों की दशा और दिशा में भी अपेक्षित सुधार सम्भव होगा।
प्रदेश सरकार द्वारा 15 जून, 2017 तक 86 हजार कि0मी0 सड़कों को गड््ढा मुक्त करने का निर्णय लिया गया है, जिसमें लगभग 4,500 करोड़ का व्यय अनुमानित है। लगभग 3 हजार कि0मी0 राष्ट्रीय मार्ग की मरम्मत कार्य प्रदेश सरकार द्वारा किया जायेगा, जिसके लिए केन्द्र सरकार से आर्थिक सहायता उपलब्ध कराया जाना जरूरी है। प्रदेश में विगत वर्षो में लगभग 978 नये न्यायालयों का सृृजन किया गया है तथा न्याय प्रक्रिया को सरल एवं सुगम बनाने हेतु 125 नये न्यायालयों का सृृजन प्रस्तावित है। एकात्म मानववाद तथा अन्त्योदय योजना के प्रणेता पं0 दीनदयाल उपाध्याय की शताब्दी वर्ष के रूप में प्रदेश सरकार द्वारा गरीबों के कल्याण तथा उनके उत्थान के लिए विभिन्न योजनाओं का क्रियान्वयन किया जायेगा। बैठक में मुख्यमंत्री जी द्वारा प्रधानमंत्री तथा सभी प्रतिभागी महानुभावों के प्रति आभार व्यक्त किया गया तथा प्रदेश के पक्ष को प्रभावी एवं सारगर्भित ढंग से प्रस्तुत किया गया। इस अवसर पर प्रमुख सचिव नियोजन श्री मुकुल सिंहल भी मौजूद थे।

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श्री अनिल बलूनी एवं श्रीसंजय मयूख को राष्ट्रीय मीडिया विभाग के प्रमुख एवं सह प्रमुख बनाये गये

Posted on 01 April 2017 by admin

भारतीय जनता पार्टी के प्रदेश सह मीडिया प्रभारी आलोक अवस्थी ने बताया कि भारतीय जनता पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष माननीय श्री अमित शाह ने श्री अनिल बलूनी, राष्ट्रीय प्रवक्ता को मीडिया विभाग का राष्ट्रीय प्रमुख और श्री संजय मयूख, सदस्य बिहार विधान परिषद को मीडिया विभाग का राष्ट्रीय सह प्रमुख नियुक्त किया है। भारतीय जनता पार्टी, उ0प्र0 के मीडिया विभाग ने इस नियुक्ति पर हर्ष व्यक्त किया और श्री अनिल बलूनी एवं संजय मयूख जी को शुभकामनायें दी। प्रदेश प्रवक्ता डा0 चन्द्रमोहन, राकेश त्रिपाठी, मनीष शुक्ला, शलभ मणि त्रिपाठी, डा0 मनोज मिश्र, अनिला सिंह, प्रदेश मीडिया प्रभारी हरिश्चन्द्र श्रीवास्तव, सह मीडिया प्रभारी आलोक अवस्थी, हिमांशु दुबे, समीर सिंह, प्रदेश संपर्क प्रमुख मनीष दीक्षित, प्रदेश सह संपर्क प्रमुख डा0 तरूणकांत त्रिपाठी, नवीन श्रीवास्तव ने नव नियुक्त राष्ट्रीय मीडिया प्रमुख एवं राष्ट्रीय सह मीडिया प्रमुख को शुभकामनाएं प्रेषित की।

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श्री राधा मोहन सिंह ने उत्तर प्रदेश सरकार से मृदा स्वास्थ्य कार्ड योजना में तेजी लाने का आग्रह किया

Posted on 02 January 2016 by admin

केंद्रीय कृषि एवं किसान कल्याण मंत्री श्री राधा मोहन सिंह ने उत्तर प्रदेश सरकार से मृदा स्वास्थ्य कार्ड योजना में तेजी लाने का आग्रह किया है तथा राज्य के मुख्यमंत्री से सर्वोच्च स्तर पर इस कार्यक्रम की निगरानी करने की अपील की है जिससे कि इसे उचित प्राथमिकता प्राप्त हो सके।

उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री को लिखे एक पत्र में श्री राधा मोहन सिंह ने कहा है कि मृदा स्वास्थ्य कृषि के सर्वाधिक महत्वपूर्ण पहलुओं में से एक है और मृदा के स्वास्थ्य में गिरावट का उत्पादकता पर दीर्घकालिक लिहाज से प्रतिकूल प्रभाव पड़ता है। सरकार समेकित पोषण प्रबंधन के द्वारा मृदा के स्वास्थ्य को बेहतर बनाने पर काफी जोर देती रही है। सरकार ने मृदा नमूनों का संग्रह करनेए विश्लेषण संचालित करने तथा समयबद्ध तरीके से मृदा स्वास्थ्य कार्ड जारी करने के कार्यक्रम की भी घोषणा की है। जब 19 फरवरीए 2015 को इस योजना की घोषणा की गई थी तो परिकल्पना की गई थी कि तीन वर्षों की अवधि में 47ण्70 लाख किसानों से मृदा नमूने संग्रहित कर लिए जाएंगे और उन नमूनों की जांच करने के बाद उन्हें मृदा स्वास्थ्य कार्ड जारी कर दिए जाएंगे। 10 सितंबरए 2015 को सरकार द्वारा फैसला किया गया कि यह महत्वपूर्ण कार्य तीन वर्षों की जगह दो वर्षों में पूरा कर लिया जाना चाहिए। इसी के अनुरूप उत्तर प्रदेश सरकार को 14 एवं 17 सितंबरए 2015 को भेजे गए पत्रों में मृदा स्वास्थ्य कार्ड जारी करने के लक्ष्य को 2015.16 के 15ण्90 लाख बढ़ाकर 18 लाख कर दिये जाने का आग्रह कर दिया गया था। ठीक इसी प्रकार 2016.17 के लिए उत्तर प्रदेश के लक्ष्य को 15ण्90 लाख से बढ़ाकर 29ण्70 लाख कर दिया गया था।

उन्होंने कहा है कि विभिन्न राज्य सरकारों के प्रदर्शन की एक समीक्षा प्रदर्शित करती है कि उत्तर प्रदेश अपनी क्षमता के अनुरूप प्रदर्शन नहीं कर रहा है। 9 दिसंबरए 2015 तक 18 लाख नमूनों के लक्ष्य के मुकाबले केवल 4ण्68 लाख नमूने ही संग्रहित किए गए हैं और केवल 22ए894 नमूनों का ही विश्लेषण किया गया है।

श्री राधा मोहन सिंह ने कहा है कि मृदा स्वास्थ्य कृषि में विशेष रूप से सिंचित क्षेत्रों मेंए जहां यूरिया के व्यापक उपयोग का दुष्परिणाम मृदा स्वास्थ्य में गिरावटए निक्षालन एवं सक्रियकरण के रूप में सामने आया है। इसे देखते हुए आपसे आग्रह किया जाता है कि आप कृपया इस कार्यक्रम की अपने स्तर पर निगरानी करें जिससे कि उत्तर प्रदेश के लिए निर्धारित लक्ष्य अर्जित किये जा सकें एवं इस कार्यक्रम को उतनी प्राथमिकता प्राप्त हो सके जितने का यह हकदार है।

सुरेन्द्र अग्निहोत्री
agnihotri1966@gmail.com
sa@upnewslive.com

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प्रधानमंत्री ने दिल्ली . मेरठ एक्सप्रेसवे की आधारशिला फलक का अनावरण किया

Posted on 02 January 2016 by admin

प्रधानमंत्री ने दिल्ली . मेरठ एक्सप्रेसवे की आधारशिला फलक का अनावरण किया
प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी ने आज नोएडा के सेक्टर 62 में दिल्ली . मेरठ एक्सप्रेसवे की आधारशिला फलक का अनावरण किया।

इस अवसर पर प्रधानमंत्री ने ब्रितानी शासन से आजादी के लिए 1857 के आंदोलन में मेरठ की भूमिका का स्मरण किया और कहा कि दिल्ली.मेरठ एक्सप्रेसवे प्रदूषण से मुक्ति प्रदान करेगा।

विकास के लिए लोगों की आकांक्षाओं का जिक्र करते हुए प्रधानमंत्री ने कहा कि अच्छी सड़कें विकास की प्रथम पूर्व. शर्तों में से एक हैं। उन्होंने कहा कि यह एक्सप्रेसवे पश्चिमी उत्तर प्रदेश में विकास को बढ़ावा देगा। उन्होंने पूर्व प्रधानमंत्री श्री अटल बिहारी वाजपेयी की स्वर्णिम चतुर्भुज परियोजना एवं प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना के जरिये देश को आपस में जोड़ने के विजन का स्मरण किया।

प्रधानमंत्री ने किसानों के लिए पर्याप्त सिंचाई सुविधाएं सुनिश्चित करने के लिए प्रधानमंत्री कृषि सिंचाई योजना समेत अन्य विकास योजनाओं की चर्चा की।

प्रधानमंत्री ने कहा कि श्रेणी . प्प्प् एवं श्रेणी . प्ट वर्गों में सरकारी नौकरियों के लिए साक्षात्कार को खत्म करने के द्वारा सरकार 1 जनवरीए 2016 को देश के युवाओं को एक अनोखा उपहार दे रही है।

प्रधानमंत्री ने सभी राजनीतिक दलों से 2016 में एक संकल्प करने की अपील की कि वे संसद का कार्य चलने देंगे और गरीबों के लाभ के लिए काम करेंगे। उन्होंने कहा कि भारत के नागरिकों ने अपने प्रतिनिधियों का निर्वाचन संसद में बहस करनेए परिचर्चा करने एवं विचार.विमर्श करने के लिए किया है इसलिए यह उनका दायित्व है।

इस अवसर पर उत्तर प्रदेश के राज्यपाल श्री राम नाईकए केंद्रीय मंत्री श्री नितिन गडकरीए केंद्रीय राज्य मंत्री ;स्वतंत्र प्रभारद्ध डॉण् महेश शर्मा एवं केंद्रीय राज्य मंत्री श्री पी राधाकृष्णन भी उपस्थित थे।

सुरेन्द्र अग्निहोत्री
agnihotri1966@gmail.com
sa@upnewslive.com

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