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Archive | नई दिल्ली

उत्तर प्रदेष के मुख्यमंत्री, योगी आदित्यनाथ नई दिल्ली में विदेष मंत्री, भारत सरकार, श्रीमती सुषमा स्वराज से भेंट करते हुए

Posted on 18 February 2018 by admin

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बी.एस.पी द्वारा जारी प्रेस विज्ञप्ति-दिनांक 18-02-2018

Posted on 18 February 2018 by admin

(1) प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी सरकार की नाक के नीचे 20 हज़ार करोड़ रूपये का बैंक महाघोटाला हो गया और सरकार सोती रही, यह कैसी जनहितैषी सरकार?
(2) साथ ही श्री मोदी द्वारा देश को दिये गये इस आश्वासन का क्या हुआ कि ना खायेंगे और ना खाने देंगे?
(3) तथा जनधन योजना के अन्तर्गत करोड़ों ग़़रीबों व मेहनतकश लोगों की गाढ़ी कमाई का हजारों करोड़ रूपया क्या अपने चहेते उद्योगपतियों व धन्नासेंठों को ग़बन करने के लिये ही सरकारी बैंकों में जमा कराया गया था?
(4) क्या ’अच्छे दिन’ लाने व विदेशों से कालाधन वापस लाकर ग़रीब परिवारों में 15 से 20 लाख रूपये बांटने की तरह वे आश्वासन देश की सवा सौ करोड़ आमजनता को ठगने के लिये बीजेपी सरकार की केवल जुमलेबाजी मात्र थी?
(5) केवल बड़ी-बड़ी बातें ही नहीं इस सनसनीखेज बैंकिंग महाघोटाले के लिये श्री मोदी सरकार तत्काल अपनी ज़िम्मेदारी स्वीकार करते हुये, जो भी दोषी लोग है तो उनके ख़िलाफ सख़्त कार्रवाई करे ताकि बैंकिंग व्यवस्था में जनता का विश्वास बहाल हो सके?
(6) देश में आर्थिक महाघोटालों व अर्थव्यवस्था में मज़बूती के दावों के बावजूद रोज़गार के अवसर उपलब्ध नहीं होने आदि से यह साफ तौर पर लगता है कि श्री मोदी सरकार में सरकारी व्यवस्था पूरी तरह से चरमरा गई है: बी.एस.पी. की राष्ट्रीय अध्यक्ष, उत्तर प्रदेश की पूर्व मुख्यमंत्री व पूर्व सांसद सुश्री मायावती जी।

नई दिल्ली, 18 फरवरी 2018: बी.एस.पी. की राष्ट्रीय अध्यक्ष, उत्तर प्रदेश की पूर्व मुख्यमंत्री व पूर्व सांसद सुश्री मायावती जी ने कहा कि प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी सरकार की नाक के नीचे 20 हज़ार करोड़ रूपये से अधिक का बैंक महाघोटाला हो गया और सरकार सोने का बहाना करती रही, जिससे दो अह्म प्रश्न उठते हैं कि श्री मोदी द्वारा देश को दिये गये इस आश्वासन का क्या हुआ कि ना खायेंगे और ना खाने देंगे तथा दूसरा यह कि जनधन योजना के अन्तर्गत करोड़ों ग़रीबों व मेहनतकश लोगों की गाढ़ी कमाई का रूपया क्या अपने चहेते उद्योगपतियों व धन्नासेंठों को ग़बन करने के लिये ही सरकारी बैंकों में जमा कराया गया था?
साथ ही क्या ’अच्छे दिन’ लाने व विदेशों से कालाधन वापस लाकर ग़रीब परिवारों में 15 से 20 लाख रूपये बांटने की तरह वे आश्वासन देश की सवा सौ करोड़ आमजनता को ठगने के लिये बीजेपी सरकार की केवल जुमलेबाजी थी?
अभी हाल में ही कुछ सच्चे देशभक्तों द्वारा पर्दाफाश किये जाने पर काफी बड़ा करीब 12 हजार करोड़ रूपये का बैंकिंग घोटाला पकड़े जाने पर अपनी प्रतिक्रिया व्यक्त करते हुये सुश्री मायावती जी ने कहा कि प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी सरकार का क्या इसे ही अपना गुड गर्वेइन्स मानेगी की उसके चहेते उद्योगपतिगण देश के धन को लूटकर और बड़े धन्नासेठ बनते रहे और फिर भी बीजेपी सरकार उन्हें अपने गोद में बैठाये फिरती रही?
वास्तव में श्री मोदी सरकार एक तरफ अपनी अलोकतांत्रिक सोच के हिसाब से काम करते हुये देश को ’विपक्ष-मुक्त’ बनाने के लिये ई.डी. सी.बी.आई. व आयकर विभाग आदि सरकारी मशीनरी का खुलकर दुरूपयोग करती रही जबकि दूसरी तरफ इनके धन्नासेठ प्रियपात्रों के लिये सरकार द्वारा बेईमानी व अनैतिकता के हर दरवाजे़ खोल दिये गये। इस प्रकार देश में जनहित व जनकल्याण की संवैधानिक ज़िम्मेदारी को पूरी तरह से भुलाकर धन्नासेठों के लिये ही पलक-पावड़े बिछाने का काम श्री मोदी सरकार द्वारा किया जाता रहा है और अन्ततः इसका नतीजा यह हुआ है कि धन्नासेठों की संख्या लगातार बढ़ती ही जा रही है तथा गरीब, किसान व बेरोजगार युवागण हर प्रकार से मोहताज का जीवन जीने को मजबूर हो रहे हैं।
सी.बी.आई के मुताबिक ज्यादातर घोटाला सन् 2017-18 अथार््त चालू वर्ष में हुआ है तो क्या इस सनसनीखेज बैंकिंग महाघोटाले के लिये श्री नरेन्द्र मोदी सरकार कोई ज़िम्मेदारी अपने ऊपर लेकर इसके मुख्य दोषियों के ख़िलाफ सख़्त कार्रवाई करने की हिम्मत रखती है ताकि बैंकिंग व्यवस्था में जनता का विश्वास बहाल हो सके?
इसके अलावा आखिर क्या कारण है कि देश में अरबों-खरबों रूपयों का घोटाला करने वाले धन्नासेठों जैसे ललित मोदी, विजय माल्या व नीरव मोदी एण्ड कम्पनी आदि के लोगों को बड़ी आसानी से देश छोड़कर विदेश भाग जाने दिया जाता है? क्या श्री मोदी सरकार व बीजेपी एण्ड कम्पनी ऐसे जघन्य अपराधों में भी यही जवाब देगी कि हम चुनाव जीत रहे हैं इसलिये ऐसे कामों के लिये भी जनता का समर्थन हमें प्राप्त है?
सुश्री मायावती जी ने कहा कि इस प्रकार की देश लूट की घटनाओं से यह साफ तौर पर स्पष्ट है कि देश में नई टेकनोलोजी व आधार कार्ड आदि का इस्तेमाल केवल ग़रीबों, मज़दूरों, छोटे व्यापारियों, किसानों आदि को हर प्रकार से परेशान करने के लिये ही किया जा रहा है जबकि बड़े-बड़े उद्योगपति व धन्नासेठों आदि को हर प्रकार से देश को लूटने की छूट दे दी गयी है।
अगर ऐसा नहीं होता तो विभिन्न स्तर पर श्री नरेन्द्र मोदी सरकार व बीजेपी एण्ड कम्पनी के लोगों को ख़ासकर इस बैंकिग महाफ्राड के बारे में काफी कुछ मालूम होने के बावजूद समय पर समुचित कार्रवाई क्यों नहीं की गयी? लोग पूछ रहे हैं कि ऐसी सरकारी कार्रवाई का क्या लाभ जब चिड़ियाँ चुग गयी खेत? क्या बीजेपी एण्ड कम्पनी अपने पास से इस गबन व घोटाले की भरपाई करेगी? कम से कम श्री नरेन्द्र मोदी सरकार को चाहिये कि सरकार के स्तर पर तुरन्त ही ज़िम्मेदारी तय करे तथा प्रथम दृष्टया दोषी के खिलाफ सख़्त कार्रवाई करे।
इस प्रकार के आर्थिक महाघोटालों व अर्थव्यवस्था मे मजबूती के बीजेपी सरकार के बड़े-बड़े दावों के बावजूद रोजगार के अवसर उपलब्ध नहीं होने आदि से यह साफ तौर पर लगता है कि श्री नरेन्द्र मोदी सरकार में सरकारी व्यवस्था पूरी तरह से चरमरा गई है और इस अपनी घोर व घातक विफलता पर से लोगों का ध्यान बांटने के लिये ही धार्मिक मुद्दे व धार्मिक व साम्प्रदायिक उन्माद आदि फैलाने का काम देश भर में बीजेपी व आर.एस.एस. एण्ड कम्पनी द्वारा किया जा रहा है, परन्तु जनता अब इनकी ये सब राजनैतिक तिकड़म व पैंतरेबाजी आदि को खूब अच्छी तरह से समझने लगी है और इनके इन बहकावों में नहीं आ रही है।

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भारत के माननीय राष्ट्र पति की पावन उपस्थिति में राष्ट्रापति भवन में एलपीजी की पंचायत का आयोजन

Posted on 13 February 2018 by admin

13 फरवरी 2018, नई दिल्लीस : आज भारत के माननीय राष्ट्रीपति, श्री राम नाथ कोविंद की पावन उपस्थिति में राष्ट्र पति भवन में एक एलपीजी पंचायत का आयोजन किया गया। इस अवसर पर श्री धर्मेंद्र प्रधान,माननीय पेट्रोलियम और प्राकृतिक गैस,कौशल विकास तथा उद्यमशीलता केंद्रीय मंत्री के साथ विभिन्ना निर्वाचन क्षेत्रों की महिला सांसद, विभिन्न क्षेत्रों के प्रतिष्ठित व्यक्ति, पेट्रोलियम और प्राकृतिक गैस मंत्रालय एवं तेल विपणन कंपनियों के के वरिष्ठ् अधिकारी भी उपस्थित थे ।

sm8_2481गरीबी रेखा से नीचे निवास करने वाले परिवारों की 104 महिलाओं, जिन्हेंत प्रधान मंत्री उज्जरवला योजना से लाभ मिला है, को देश के 27 राज्योंन से अपने जीवन में आने वाले बदलाव के अनुभवों को साझा करने के लिए इस कार्यक्रम में आमंत्रित किया गया ।

इस अवसर पर लोगों को संबोधित करते हुए भारत के राष्ट्र पति ने प्रधान मंत्री उज्जकवला योजना के आरंभ होने के 21 माह के अंदर ही 3.4 करोड़ से अधिक ग्राहकों के नामांकन पर अपनी प्रसन्न ता व्य क्तज की। उन्होंने कहा कि उज्ज्वला योजना महिला सशक्तिकरण की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है |

उन्होंने महिलाओं के स्वास्थ्य, कल्याण और सशक्तिकरण के माध्यम से सामाजिक न्याय अग्रिम करने के प्रयासों के लिए पेट्रोलियम और प्राकृतिक गैस मंत्रालय को बधाई दी। उन्हें विश्वास जताया कि उज्ज्वला योजना के तहत एलपीजी पंचायतों का आयोजन बहुत उपयोगी साबित होगी।
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माननीय राष्ट्रपति ने कहा कि प्रदूषणकारी ईंधन के उपयोग से ग्रामीण गरीब परिवारों की महिलाएं खराब स्वास्थ्य की शिकार हो रही हैं | इस योजना ने महिलाओं को इस खतरे से बाहर आने तथा स्वस्थ और खुशहाल जीवन जीने में में मदद की है | माननीय राष्ट्रपति आगे कहा कि एक स्वच्छ और स्वस्थ रसोई, महिलाओं का सामाजिक-आर्थिक समावेश में शामिल होना, समय की अधिक उपलब्धता प्रधानमंत्री उज्ज्वला योजना के लाभ में से कुछ हैं ।
इस अवसर पर श्री प्रधान ने कहा कि प्रधान मंत्री उज्ज्वला योजना का उद्देश्य सिर्फ एलपीजी कनेक्शन वितरित करना ही नहीं है, बल्कि उन महिलाओं द्वारा सामना किए जा रहे स्वास्थ्य संबन्धित खतरों को कम करना है जो अभी भी खाना पकाने के लिए पारंपरिक ईंधन का उपयोग कर रही हैं। पीएमयूवाई के तहत 3.4 करोड़ कनेक्शन जारी करने के साथ ही, हम समय सीमा के भीतर 8.0 करोड़ कनेक्शन के संशोधित लक्ष्य को प्राप्त करने के लिए पूर्ण रूप से प्रतिबद्ध हैं।

आगे बोलते हुए उन्हों ने कहा कि एलपीजी पंचायत , लाभार्थियों के साथ बातचीत करने तथा उनके अनुभवों का इस्तेमाल करते हुए उज्ज्वला के आसपास एक स्थायी और व्यवहार्य आंदोलन की शुरूआत करने के लिए एक ज्ञान आधार बनाने के लिए एक मंच के रूप मंध कार्य रही है । इन बैठकों से एलपीजी के सुरक्षित और नियमित उपयोग की जरूरत की पुन: पुष्टि होगी।

कार्यक्रम के दौरान, 5 पीएमयूवाय लाभार्थियों ने अपने व्य क्तिगत अनुभव साझा करते हुए अपने परिवार में एलपीजी का उपयोग शुरू होने के बाद अपने जीवन पर आए गहरे असर के बारे में बताया। ऐसा ही एक अनुभव साझा करते हुए पीएमयूवाय छतीसगढ़ की एक लाभार्थी, सुश्री नारायणी बाई साहू ने बताया कि “…आप समय को नहीं खरीद सकते परन्तु उज्ज्वला खरीद कर समय बचा सकते है …” | उन्होंाने बताया कि भोजन पकाने से बचने वाले खाली समय में उन्होने कपड़े सिलने का काम सीखा और इससे होने वाली आमदनी का एलपीजी रिफिल के वित्तपोषण और बच्चों की शिक्षा में उपयोग हो रहा है।
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एलपीजी पंचायत एक सामुदायिक बैठक है जो आपस में एलपीजी उपभोक्ताीओं के मेलजोल के एक प्लेसटफॉर्म के तौर पर कार्य करता है, यहां आपस में एक दूसरे की जानकारी से सीखा जाता है, वे अपने अनुभव साझा करते हैं, साथ ही एलपीजी के सुरक्षित उपयोग के प्रति लोगों को संवेदनशील करता है । लगभग 100 एलपीजी उपभोक्तााओं को एक साथ लाकर उन्हें एक अंत: क्रियात्मरक प्लेाटफॉर्म पर विचारों के आदान प्रदान की सुविधा देकर उन्हें एलपीजी के सुरक्षित तथा स्थाकयी उपयोग के बारे में चर्चा करने का मौका मिलता है, वे इसके लाभों तथा भोजन पकाने और महिला सशक्ती करण के लिए स्विच्छ‍ ईंधन के उपयोग के बीच संबंध के बारे में जानते हैं। साथ ही इससे उपभोक्तााओं को एलपीजी पारिस्थितिक तंत्र के विभिन्नए हिस्से‍दारों के साथ उपभोक्तासओं को मिलने का अवसर भी प्रदान किया जाता है, जैसे ओएमसी अधिकारी, वितरक, मैकेनिक और डिलिवरी मैन, जो उनके प्रश्नों और शंकाओं का समाधान करते हैं।

एलपीजी पंचायतें नए एलपीजी प्रयोक्तााओं को कुछ जारी योजनाओं के बारे में भी दोबारा जानकारी देने के फोरम के रूप में उपयोग की जाएंगी, जैसे मुद्रा, स्टैंुड अप इंडिया, सुकन्याा समृद्धि योजना, राष्ट्री य ग्रामीण आजीविका मिशन (एनआरएलएम), ताकि इन कार्यक्रमों के लाभ पाने के लिए उन्हें प्रोत्साहन दिया जा सके।

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बी.एस.पी. द्वारा जारी प्रेस विज्ञप्ति-दिनांक 12.02.2018

Posted on 12 February 2018 by admin

(1) इलाहाबाद में की गई एक होनहार दलित एल.एल.बी. के छात्र की निर्मम हत्या यह गहरे दुःख व चिन्ता का विषय। पीड़ित परिवार के लोगांे से मिलने हेतु उत्तर प्रदेश बी.एस.पी. स्टेट यूनिट के अध्यक्ष व पूर्व मंत्री श्री रामअचल राजभर को इलाहाबाद भेजा।
(2) सदियों से शोषित-पीड़ित दलित समाज जिसमें आज़ादी के लगभग 70 वर्षों के बाद भी उच्च शिक्षा नाम मात्र की ही है एक होनहार एल.एल.बी. छात्र की हत्या पूरे समाज के लिये ही बड़े दुःख व चिन्ता की बात है। इससे पूरा समाज आहत हुआ है।
(3) बीजेपी की संकीर्ण, जातिवादी व नफरत की राजनीति के कारण उत्तर प्रदेश ही नहीं बल्कि पूरे देश का माहौल काफी ज़्यादा दूषित व हिंसक है। सर्वसमाज के ख़ासकर लिखे-पढ़े युवक रोजगार आदि नहीं मिल पाने के कारण कुण्ठा का शिकार हैं: बी.एस.पी. की राष्ट्रीय अध्यक्ष, उत्तर प्रदेश की पूर्व मुख्यमंत्री व पूर्व सांसद सुश्री मायावती जी।

नई दिल्ली, 12 फरवरी 2018: इलाहाबाद में दलित लाॅ छात्र की निर्मम हत्या पर गहरा दुःख व्यक्त व संवेदना व्यक्त करते हुये बी.एस.पी. की राष्ट्रीय अध्यक्ष, उत्तर प्रदेश की पूर्व मुख्यमंत्री व पूर्व सांसद सुश्री मायावती जी ने कहा कि ऐसे सदियों से शोषित-पीड़ित दलित समाज, जिसमें आज़ादी के लगभग 70 वर्षों के बाद भी उच्च शिक्षा नाम मात्र की ही है, के एक होनहार एल.एल.बी. छात्र की हत्या पूरे समाज के लिये ही बड़े दुःख व चिन्ता की बात है। इस घटना से पूरा समाज आहत हुआ है।
वास्तव में इलाहाबाद में दलित छात्र की इस प्रकार की नृशंस हत्या उत्तर प्रदेश बीजेपी शासन में कोई यह अकेली नई घटना नहीं है बल्कि ऐसी दर्दनाक घटनायें लगातार ही घटित हो रही हैं और उसके लिये कोई और नहीं बल्कि बीजेपी की संकीर्ण, जातिवादी व नफरत की राजनीति पूरी तरह से दोषी है जिस कारण ही उत्तर प्रदेश में ही नहीं बल्कि पूरे देश में ही माहौल काफी ज़्यादा दूषित व हिंसक है। सर्वसमाज के ख़ासकर लिखे-पढ़े युवक रोजगार आदि नहीं मिल पाने के कारण कुण्ठा का शिकार हैं और जिस कारण विभिन्न प्रकार के अपराध हर स्तर पर लगातार बढ़ रहे हैं तथा समाज का तानाबाना भी बिखऱ रहा है।
सुश्री मायावती जी ने कहा कि दिलीप सरोज नामक जिस छात्र की हत्या अकारण ही खुलेआम कर दी गयी है उस परिवार की भरपाई किसी रूप में भी नहीं हो सकती है, फिर भी परिवार को सान्तवना की सख़्त जरूरत है जिसके लिये उन्होंने बी.एस.पी. उत्तर प्रदेश यूनिट के अध्यक्ष व पूर्व मंत्री श्री रामअचल राजभर को स्थानीय बी.एस.पी. पार्टी यूनिट के लोगों के साथ जाकर परिवार से मिलने का निर्देश दिया है ताकि उनकी यथासम्भव मदद की जा सके। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार को भी दोषियों को सख़्त सज़ा देने के साथ-साथ पीड़ित परिवार की भी जरूर मदद करनी चाहिये।

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उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ जी 3 फरवरी, 2018 को नई दिल्ली स्थित अक्षरधाम मंदिर का भ्रमण करते हुए तथा परम पूजनीय स्वामी महाराज जी से मिलते हुए।

Posted on 03 February 2018 by admin

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बी.एस.पी. द्वारा जारी प्रेस विज्ञप्ति-दिनांक 05.01.2018

Posted on 05 January 2018 by admin

(1) तीन तलाक से सम्बंधित विधेयक अर्थात् मुस्लिम महिला विवाह अधिकार संरक्षण विधेयक-2017 में गम्भीर त्रुटियों व कमियाँ, जिसको दूर करने के लिये ही इसे प्रवर समिति में भेजने की माँग राज्यसभा में की जा रही है।
(2) बी.एस.पी. तीन तलाक़ पर प्रतिबंध से सम्बंधित कानून के पक्ष में है, परन्तु वर्तमान विधेयक तलाकशुदा मुस्लिम महिलाओं के लिये और भी ज़्यादा बुरा होकर उनके लिये दिन-प्रतिदिन की और भी नई समस्यायें पैदा करेगा जिसका समाधान ज़रूरी।
(3) श्री मोदी सरकार द्वारा घोर मनमानी के साथ-साथ इनके अड़ियल रवैये अपनाने के कारण ही नोटबन्दी व जी.एस.टी. आदि की नई व्यवस्था देश की जनता के लिए जान का जंजाल ही साबित हुई है। तीन तलाक बिल भी वैसा ही जंजाल साबित होने की आशंका।
(4) ऐसा लगता है कि श्री नरेन्द्र मोदी सरकार अपनी मुस्लिम-विरोधी नीति व कार्यकलाप के कारण पुरे समाज को उद्वेलित करना चाहती है ताकि यह मामला भी हिन्दू-मुस्लिम बन जाये और फिर बीजेपी अपनी राजनीतिक व चुनावी स्वार्थ की रोटी सेंकती रहे: बी.एस.पी. की राष्ट्रीय अध्यक्ष, उत्तर प्रदेश की पूर्व मुख्यमंत्री व पूर्व सांसद सुश्री मायावती जी।

नई दिल्ली, 05 जनवरी, 2018: मुस्लिम महिलाओं से सम्बन्धित तीन तलाक विधेयक यानि की मुस्लिम महिला विवाह अधिकार संरक्षण विधेयक-2017 को कई गम्भीर त्रुटियों व कमियों वाला बिल बताते हुये बी.एस.पी. की राष्ट्रीय अध्यक्ष, उत्तर प्रदेश की पूर्व मुख्यमंत्री व पूर्व सांसद सुश्री मायावती जी ने कहा कि प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी सरकार के अड़ियल व अलोकतान्त्रिक रवैये के कारण अगर यह विधेयक वर्तमान स्वरुप में पारित होकर कानून बन जाता है तो इससे मुस्लिम महिलायें दोहरे अत्याचार का शिकार होंगी तथा उनका हित होने के बजाय अहित ही होगा।
सुश्री मायावती जी ने आज शुक्रवार को अपने बयान में कहा कि तीन तलाक पर प्रतिबन्ध से सम्बन्धित कानून बनाने पर बी.एस.पी. सहमत है, परन्तु वर्तमान विधेयक में सज़ा आदि का जो प्रावधान किया गया है वह तलाकशुदा मुस्लिम महिलाओं के लिये और भी ज़्यादा बुरा होकर उनके लिये दिन-प्रतिदिन की और भी नई समस्यायें पैदा करेगा जिससे उनका जीवन काफी ज्यादा मुश्किल हो जायेगा तथा वे शोषण का शिकार होंगी। श्री मोदी सरकार को इस प्रकार की कमियो पर खुले मन से विचार करना चाहिये जिसके सम्बंध में बेहतर विचार-विमर्श हेतु इस विधेयक को राज्यसभा की प्रवर समिति को भेजने की माँग की जा रही है।
वैसे भी किसी भी कानून को बनाने से पहले जो गहन विचार-विमर्श व चर्चा एवं होमवर्क होनी चाहिये वह इस सरकार ने नहीं किया जबकि इस तीन तलाक से सम्बन्धित विधेयक में इसके महत्व व व्यापक प्रभाव को देखते हुये यह बहुत ही जरुरी था। श्री मोदी सरकार ने इस मामले में इतनी जल्दबाजी की है कि विपक्षी पार्टियांे से थोड़ा सलाह-मशविरा करना भी गवारा नहीं किया। यह इनकी चूक नहीं थी बल्कि इनकी नीयत में खोट को दर्शाता है।
वास्तव में श्री मोदी सरकार अपनी मनमानी करने की आदी हो गयी है। चाहे नोटबन्दी का अपरिपक्व फैसला हो या काफी जल्दबाजी में जी.एस.टी. कर का लाया नये कानून का अत्यन्त कष्टदायी निर्णय या फिर अब तीन तलाक का महत्वपूर्ण मामला हो, श्री मोदी सरकार द्वारा घोर मनमानी के साथ-साथ इनके अड़ियल रवैये अपनाने के कारण हर नई व्यवस्था देश की जनता के लिए जान का जंजाल ही साबित हुई है।
सुश्री मायावती जी ने कहा कि ऐसा लगता है कि श्री नरेन्द्र मोदी सरकार अपनी मुस्लिम-विरोधी नीति व कार्यकलाप के कारण पुरे समाज को उद्वेलित करना चाहती है ताकि यह मामला भी हिन्दू-मुस्लिम बन जाये और फिर बीजेपी अपनी राजनीतिक व चुनावी स्वार्थ की रोटी सेंकती रहे। अगर सरकार की नीयत साफ होकर राजनीतिक नहीं होती तो तीन तलाक विधेयक को प्रवर समिति को भेजकर बेहतर विधेयक तैयार करने के मामले में हठधर्मी नहीं अपनाती और ना ही फिर इस मामले में संसद का इतना समय बर्बाद होता।

जारीकर्ता:
बी.एस.पी. केन्द्रीय कार्यालय
4, गुरूद्वारा रकाबगंज रोड,
नई दिल्ली - 110001

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भाजपा प्रदेश अध्यक्ष डाॅ0 महेन्द्र नाथ पाण्डेय ने अटल जी के आवास जाकर उनके जन्मदिन पर प्रणाम कर आर्शीवाद प्राप्त किया

Posted on 25 December 2017 by admin

img-20171225-wa0234लखनऊ 25 दिसम्बर 2017, भारतीय जनता पार्टी ने आज भारत रत्न पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी बाजपेयी के 93वंे जन्मदिन को पूरे प्रदेश में सभी बूथों पर उनके कविता संग्रह से काव्यपाठ कर तथा विभिन्न आयोजनों के साथ सुशासन दिवस के रूप में मनाया। प्रदेश अध्यक्ष डाॅ0 महेन्द्र नाथ पाण्डेय ने सुशासन दिवस पर नोयडा में माननीय प्रधानमंत्री नरेन्द्र श्री नरेन्द्र मोदी तथा लोकप्रिय मुख्यमंत्री योगी आदित्य नाथ के साथ नोएडा में मजेन्टा मैट्रो रेल के उद्घाटन में शामिल हुए तथा अटल जी के आवास पहुॅचकर उनके 93वें जन्मदिन पर उनको प्रणाम कर आर्शीवाद लिया और प्रदेश में सुशासन और विकास के लिए आशीर्वाद मांगा तथा उनके परिवारजनों को अटल जी के जन्मदिन पर अपनी तथा उत्तर प्रदेश भारतीय जनता पार्टी की तरफ से हार्दिक शुभकामना प्रेषित किया।

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उत्तरप्रदेश (यूपी) सबसे ज्यादा पंजीकृत प्रकाशनों की सूची में सबसे ऊपर है

Posted on 15 December 2017 by admin

नई दिल्ली 15 दिसम्बर 2017

“भारत 2016-17 में प्रेस” भारत के समाचार पत्रों के रजिस्ट्रार का एक वार्षिक प्रकाशन प्रधान निदेशक श्री गणेशन ने वस्त्र और सूचना एवं प्रसारण मंत्री श्रीमती स्मृति ज्यूबिन ईरानी को श्री एन.के. की उपस्थिति में प्रस्तुत किया। सिन्हा, सचिव, सूचना और प्रसारण मंत्रालय के अन्य वरिष्ठ अधिकारियों के साथ आज यहां।

इस अवसर पर श्रीमती ईरानी ने कहा कि प्रकाशन एक महत्वपूर्ण दस्तावेज था, जो पिछले एक साल में भारतीय अखबार उद्योग की प्रगति को मैप करने के लिए था। रिपोर्ट ने उद्योग के विकास के लिए विशेष रूप से क्षेत्रीय भाषाओं और कागजात के विकास के रूपरेखाओं का व्यापक विश्लेषण किया।

इस साल की रिपोर्ट की मुख्य बातों में शामिल है, 2016-17 के दौरान जारी किए गए 4007 नए प्रकाशन, पंजीकृत प्रकाशनों में 3.58% की वृद्धि दर दर्ज की गई, उत्तरप्रदेश (यूपी) सबसे अधिक पंजीकृत प्रकाशनों की सूची में सबसे ऊपर है, इसके बाद महाराष्ट्र का नंबर आता है।

पृष्ठभूमि:
आरएनआई को पीआरबी अधिनियम, 1867 की धारा 19 (जी) के अंतर्गत हर साल सरकार को वार्षिक रिपोर्ट प्रस्तुत करने के लिए 31 दिसंबर या उसके पहले के दिन अनिवार्य है।

यह रिपोर्ट आरएनआई के साथ उपलब्ध आंकड़ों का संकलन है और वित्तीय वर्ष 2016-17 के लिए देश भर के प्रकाशनों द्वारा ऑनलाइन दाखिल किए गए वार्षिक वक्तव्य में प्रस्तुत विवरण। भारत में प्रेस भारतीय प्रिंट मीडिया में तथ्यों और प्रवृत्तियों का एक संकेत चित्र प्रस्तुत करता है। रिपोर्ट मीडिया, मीडिया विश्लेषकों और शोध विद्वानों को प्रिंट करने के लिए गहरी दिलचस्पी है।

2016-17 में भारतीय प्रेस की हाइलाइट्स (31 मार्च, 2017 तक)

1 पंजीकृत प्रकाशन की कुल संख्या
i) अख़बार श्रेणी (दैनिक, त्रयी / द्विपक्षीय साप्ताहिक अवधि)
ii) आवर्ती श्रेणी (अन्य समयसीमा): 1,14,820
16,993
97,827
2 2016-17 के दौरान पंजीकृत नए प्रकाशनों की संख्या: 4,007
3 2016-17 के दौरान प्रकाशनों की संख्या में कमी: 38
4 पिछले वर्ष की तुलना में कुल पंजीकृत प्रकाशनों की वृद्धि का प्रतिशत: 3.58%
5 किसी भी भारतीय भाषा (हिंदी) में पंजीकृत सबसे बड़ी संख्या में प्रकाशन: 46,587
6 हिंदी (अंग्रेजी) के अलावा किसी भी भाषा में पंजीकृत दूसरे नंबर पर प्रकाशन की संख्या: 14,365
7 सबसे ज्यादा पंजीकृत प्रकाशनों (उत्तर प्रदेश) के साथ राज्य: 17,736
8 राज्य के साथ पंजीकृत सबसे ज्यादा पंजीकृत प्रकाशन (महाराष्ट्र): 15,673
9 प्रकाशनों की संख्या, जो वार्षिक विवरण प्रस्तुत करते हैं
(इस आंकड़े में 1,472 विविध प्रकाशन शामिल हैं): 31,028
10 वर्ष 2016-17 के दौरान कुल प्रकाशन का दावा किया गया
i) हिंदी प्रकाशन
ii) अंग्रेजी प्रकाशन
iii) उर्दू प्रकाशन: 48,80,8 9, 4 9 0
23,89,75,773
5,65,77,000
3,24,27,005
11 सबसे बड़ी संख्या में प्रकाशन जो कि किसी भी भारतीय भाषा (हिंदी) में वार्षिक वक्तव्य प्रस्तुत करते हैं। : 15,596
12 किसी भी भाषा (अंग्रेजी) में वार्षिक विवरण प्रस्तुत करने वाले प्रकाशनों की दूसरी सबसे बड़ी संख्या। : 2,317
13 सबसे बड़ा प्रसारित दैनिक: “आनंद बाज़ार पत्रिका”, बंगाली, कोलकाता। : 11,16,428
14 दूसरा सबसे बड़ा दैनिक प्रसारित: “द टाइम्स ऑफ इंडिया” अंग्रेजी, दिल्ली। : 9,56,054
15 सबसे ज्यादा परिचालित हिंदी दैनिक: “पंजाब केसरी”, जालंधर: 7,14,888
16 सबसे बड़ा परिसंचरण बहु-संस्करण दैनिक: “दैनिक भास्कर”, हिंदी। (46 संस्करण): 47,36,785
17 दूसरा सबसे बड़ा मल्टी-संस्करण दैनिक: “द टाइम्स ऑफ इंडिया”, अंग्रेजी। (33 संस्करण): 42,68,703
18 सबसे परिचालित आवधिक पत्र: “द सेंडेड टाइम्स ऑफ इंडिया”, अंग्रेजी / वीकली संस्करण, दिल्ली : 8,35,269
1 9 मलयालम में सबसे बड़ा परिवादात्मक: “वनिता”, मलयालम / पाक्षिक संस्करण, कोट्टायम : 6,47,104
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प्रधानमंत्री से मिले उत्तर प्रदेश के नव निर्वाचित 14 नगर निगमों के महापौर

Posted on 05 December 2017 by admin

भाजपा प्रदेश अध्यक्ष डा0 महेन्द्र नाथ पाण्डेय एवं मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ रहे उपस्थित

21नई दिल्ली/लखनऊ 05 दिसम्बर 2017, प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी जी से उत्तर प्रदेश के भारतीय जनता पार्टी के नव निर्वाचित 14 नगर निगमों के महापौर एवं अमेठी नगर पंचायत व अमेठी जिले की जायस नगरपालिका परिषद् के अध्यक्ष ने प्रधानमंत्री-निवास पर भेंट की। इस शुभेच्छा मुलाकात के अवसर पर उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ और भाजपा प्रदेश अध्यक्ष डॉ महेंद्र नाथ पाण्डेय रहे उपस्थित।
प्रधानमंत्री मा0 मोदी जी ने उत्तर प्रदेश में स्थानीय निकाय के चुनाव में भारतीय जनता पार्टी की भव्य जीत के लिए सभी को बधाई दी। उन्होंने उत्तर प्रदेश के शहरों का विकास के माध्यम से कायाकल्प करने में जन-भागीदारी की महत्वपूर्ण भूमिका का आव्हान किया। उन्होंने उत्तर प्रदेश की जनता का आभार प्रकट करते हुए कहा कि उत्तर प्रदेश और केन्द्र सरकार, दोनों नागरिकों के जीवन स्तर को ऊँचा उठाने और दैनिक सुविधाएं अंतिम व्यक्ति तक पहुंचे, ऐसे नगर नियोजन के लिए कटिबद्ध हैं। प्रधानमंत्री जी ने मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ, उनकी सरकार और प्रदेश अध्यक्ष डा0 महेन्द्र नाथ पाण्डेय सहित भारतीय जनता पार्टी संगठन को शुभकामनाएं देते हुए आह्वान किया कि हम जनता की अपेक्षाओं की पूर्ति के लिए सदैव कृत संकल्पित रहें।

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16 सीटों पर बैलेट पेपर से बीजेपी दोबारा मतदान कराये- मायवती

Posted on 04 December 2017 by admin

नई दिल्ली, 04 दिसम्बर 2017: बी.एस.पी. की राष्ट्रीय अध्यक्ष, पूर्व संासद व पूर्व मुख्यमंत्री, उत्तर प्रदेश सुश्री मायावती जी ने कहा कि बीजेपी की जीत में इलेक्ट्रानिक वोटिंग मशीन (ईवीएम) की भूमिका अगर नही है तो बी.एस.पी. की जीती हुई अलीगढ़ व मेरठ सहित सभी 16 मेयर की सीटों पर बैलेट पेपर से मतदान करा लें उन्हें अपनी पार्टी की असलियत के साथ-साथ प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के कथित बीजन का भी पता चल जायेगा जब नगर पालिका व नगर पंचायत की तरह ही मेयर के पदों पर भी प्रदेश की जनता उन्हें बुरी तरह से हरायेगी।
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की इस टिप्पणी पर कि, ईवीएम से चुनाव में भरोसा नहीं है तो बी.एस.पी. के मेयर इस्तीफा दे, वहाँ पर बैलेट पेपर से दोबारा चुनाव कराया जायेगा, पर अपनी तीखी प्रतिक्रिया व्यक्त करते हुये सुश्री मायावती जी ने कहा कि यह चोरी और ऊपर से सीनाजोरी की बदतर मिसाल है।
वास्तव में सन् 2014 के लोकसभा व सन् 2017 के उत्तर प्रदेश विधान सभा आमचुनाव में बीजेपी ने ईवीएम के माध्यम से चुनावी धंाधली करके जीत हासिल की और केन्द्र व उत्तर प्रदेश में बहुमत की सरकार बना ली। इन दोनों ही चुनाव में बीजेपी को वैसा जनसमर्थन कतई नहीं था जैसाकि चुनाव परिणाम दर्शाते है। प्रदेश में इस बार मेयर का चुनाव भी ईवीएम से कराया गया जहाँ धांधली करके 16 में से 14 सीट जीत ली गयी। अलीगढ़ व मेरठ में बी.एस.पी. जीती क्योंकि यहाँ जर्बदस्त जन उबाल था तथा ज्यादा गड़बड़ी करने पर चोरी साफ तौर पर पकड़े जाने की आशंका थी, जिससे बीजेपी की और भी ज्यादा फजीहत हो सकती थी।
नगर पालिका व नगर पंचायत के चुनाव में जहाँ ईवीएम के बजाय बैलेट पेपर से मतदान हुये आखिर बीजेपी क्यों पिछड़ गयी? इससे भी साफ है कि मेयर के चुनाव में ईवीएम के माध्यम से धांधली के कारण बीजेपी जीती, ना कि जनसमर्थन के कारण।
इतना ही नहीं बल्कि सरकारी मशीनरी का जबर्दस्त दुरूपयोग करके बी.एस.पी. के प्रत्याशी को खासकर सहारनपुर, आगरा व झांसी में हराया गया है। लखनऊ में भी चुनाव विभिन्न कारणों से स्वतंत्र व निष्पक्ष नहीं रहा है, यह बात स्वयं राज्य चुनाव आयोग भी मानता है जिस सम्बंध में जाँच भी कराई जा रही हैं।

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