स्किल इण्डिया ने रिकॉग्निषन ऑफ प्रायर लर्निंग के तहत ट्विन पिट टेक्नोलॉजी में मज़दूरों का प्रषिक्षण शुरू किया

Posted on 30 November 2018 by admin

. परियोजना की षुरूआत में झांसी में 2710 मजदूरों का नामांकन किया गया
. चार राज्यों-उत्तर प्रदेष, बिहार, झारखण्ड और उड़ीसा में 50,000 मजदूरों को दिया जाएगा प्रषिक्षण; पेयजल एवं स्वच्छता मंत्रालय के तहत स्वच्छ भारत अभियान को किया जाएगा प्रोत्साहित

नई दिल्ली, 29 नवम्बर, 2018ः राष्ट्रीय कौशल विकास निगम जो कौशल भारत मिशन के तहत सरकार की मुख्य योजना प्रधानमंत्री कौशल विकास योजना को कार्यान्वित कर रहा है, ने रिकॉग्निशन ऑफ प्रायर लर्निंग प्रोग्राम के माध्यम से 2710 मज़दूरों को ट्विन पिट टेक्नोलॉजी में प्रशिक्षण देना शुरू कर दिया है।
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पेय जल एवं स्वच्छता मंत्रालय के सहयोग से लॉन्च की गई विशेष परियोजना के तहत एनएसडीसी उत्तर प्रदेश, बिहार, झारखण्ड और उड़ीसा में 50,000 मजदूरों को आरपीएल के तहत प्रशिक्षण देगी। स्वच्छ भारत अभियान को समर्थन देने वाली यह परियोजना ़मजदूरों को ट्विन पिट टेक्नोलॉजी में प्रशिक्षण प्रदान करेगी, जिसके द्वारा गांवों में साफ सफाई और ट्विन पिट शौचालयों के निर्माण पर विशेष रूप से ज़ोर दिया जाएगा। विशेष रूप से तैयार बिए गए ग्रामीण मजदूर क्वालिफिकेशन पैके अनुसार मजदूर को 4 दिनों में 32 घण्टे का प्रशिक्षण दिया जाएगा, जिसमें 12 घण्टे का ओरिएन्टेशन 20 घण्टे का ब्रिज प्रशिक्षण और इसके बाद एक दिन- 8 घण्टे का मूल्यांकन एवं प्रमाणीकरण शामिल होगा। ओरिएन्टेशन प्रोग्राम में ट्विन पिट शौचालयों का निर्माण, मौजूदा ग्रामीण शौचालयों की रेट्रोफिटिंग, ठोस तरल व्यर्थ प्रबंधन, सॉफ्ट स्किल्स और डिजिटल साक्षरता शामिल है।

इस मौके पर राजेष अग्रवाल, संयुक्त सचिव एवं सीवीओ, एमएसडीई ने कहा, ‘‘रिकॉग्निशन ऑफ प्रायर लर्निंग के तहत एक व्यक्ति के सालों के काम के अनुभव को पहचान कर उसे असंगठित क्षेत्र से संगठित अर्थव्यवस्था में आने के लिए मदद की जाती है। पेयजल एवं स्वच्छता मंत्रालय के तहत संचालित की जा रही है यह मजदूर परियोजना कुशल कार्यबल की आवश्यकता को पूरा कर स्वच्छ भारत अभियान को बढ़ावा देगी, और देश को खुले में शौच की समस्या से मुक्ति दिला ने में मदद करेगी। हमें विश्वास है कि यह परियोजना प्रशिक्षण के मानकों में सुधार लाकर प्रभाविता और उत्पादकता बढ़ाने में मददगार साबित होगी।’’

झांसी के छह ब्लॉक्स-बबीना, बड़ागांव, बांगरा, चिरगांव, गुरसराय और मोथ-से 2710 मजदूरों को प्रशिक्षण के लिए नांमाकित किया गया है। यह परियोजना बिहार, झारखण्ड एवं उड़ीसा के अलावा झांसी के 495 गांवों के आठ ब्लॉक्स को कवर करेगी। परियोजना को कन्स्ट्रक्शन स्किल डेवलपमेन्ट काउन्सिल ऑफ इण्डिया द्वारा अंजाम दिया जाएगा जो इसके लिए परियोजना संचालन एजेन्सी होगी।

ट्विन पिट टेक्नोलॉजी में मजदूरों के लिए आरपीएल को प्रधानमंत्री कौशल विकास योजना के तहत वित पोषण दिया जाएगा। आरपीएल एक सेर्टिफिकेशन प्रोग्राम है जिसमें लम्बे समय से किसी काम को कर रहे व्यक्ति के कौशल का मूल्यांकन कर उसे प्रमाणपत्र दिया जाता है। उस व्यक्ति के पूर्व अनुभव को पहचाना जाता है जिसने अपने काम में अनौपचारिक कौशल प्राप्त किया हो। देश के असंगठित कार्यबल को राष्ट्रीय कौशल गुणवत्ता ढांचे के अनुरूप संगठित कार्यबल में शामिल करना इसका उद्देश्य है। अब तक प्रधानमंत्री कौशल विकास योजना के तहत आरपीएल प्रोग्राम में 9.29 लाख उम्मीदवारों को नामांकित किया गया है और 70 फीसदी से अधिक को प्रमाण पत्र भी दिए गए हैं।’’

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