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Archive | अयोध्या

संकल्प सभा संपन्न, अयोध्या के 40 मंदिरों में लिया गया मंदिर निर्माण का संकल्प

Posted on 19 October 2013 by admin

विश्व हिन्दू परिषद (विहिप) के कार्यकर्ताओं ने पुलिस की मौजूदगी में अयोध्या के हनुमान गढ़ी व दिगम्बर अखाड़े सहित 40 मंदिरों में तय समय पर प्रात: 11 बजकर 11 मिनट पर संकल्प सभा करने में सफल हुए।
हनुमानगढ़ी मनिदर पर काशी सिथत सुमेरूपीठाधीश्वर नरेन्द्रानन्द सरस्वती  के नेतृत्व में संकल्प सभा करने के बाद एक हजार से अधिक लोगों ने गिरफ्तारियां दी। वहीं दिगम्बर अखाड़े में महंत सुरेश दास और विहिप नेता पंकज ने उन्हें राम मंदिर निर्माण का संकल्प दिलाया।
हालांकि कारसेवकपुरम से थोड़ी दूर पर सिथत दिगम्बर अखाड़े में जैसे ही तय समय पर संकल्प सभा शुरू हुर्इ, पुलिस और जिला प्रशासन के अधिकारियों के पसीने छूटने लगे। पुलिस के लाख मना करने के बावजूद विहिप कार्यकर्ताओं ने यहां संकल्प लिया।
दिगंबर अखाड़े में संकल्प सभा सम्पन्न हो जाने से बौखलाये पुलिस प्रशासन ने फिर आनन-फानन में चारों तरफ छापेमारी तेज कर दी और कारसेवकपुरम सहित सभी मंदिरों में छापेमारी शुरू कर दी।
संकल्प सभा के बाद अयोध्या में अफरा तफरी का माहौल बना । विहिप व अन्य हिन्दू संगठनों के लोग गुरिल्ला तर्ज पर पुलिस को चकमा देकर उनका हुजूम पूरे अयोध्या में फैल गया है और जगह-जगह गिरफ्तारियां दी।
इसके अलावा तमाम विहिप कार्यकर्ता सरयू तट पर शरद पूर्णिमा के स्नान पर्व का सहारा लेकर वहां भी संकल्प सभा की गर्इ। लेकिन बाद में प्रशासन को जब इसका पता चला तो?घाटों पर चौकसी तेज कर दी गर्इ। कुछ घाटों पर तो स्नान भी बंद करा दिया गया।

सभी प्रकार की बाधाओं के बावजूद संकल्प सभा पूर्णत: सफल- चंपत राय
विश्व हिन्दू परिषद के अन्तर्राष्ट्रीय महामंत्री चंपत राय ने बताया कि वाल्मीकि जयंती पर अयोध्या में आयोजित विश्व हिन्दू परिषद की संकल्प सभा सभी प्रकार की बाधाओं के बावजूद पूर्णत: सफल रही। उन्होंने बताया कि रोक के बावजूद पाँच हजार से अधिक रामभक्त अयोध्या पहुँचे और रामनगरी के 40 मंदिरोें में संकल्प लेकर रामभक्त बाहर निकलकर गिरफ्तारियाँ दी। जिसका मुख्य केन्द्र हनुमानगढ़ी मनिदर रहा। चंपत राय ने कहा कि सब प्रकार की बाधाओं के बावजूद संकल्प सभा पूर्ण होना यह दर्शाता है कि अब रामभक्त शीघ्र ही संसद में कानून बनाकर रामजन्मभूमि पर भव्य श्रीराम मनिदर निर्माण चाहते हैं।
विहिप नेता चंपत राय ने अयोध्या के सभी साधु संतों, आश्रम प्रमुखों एवं जनता का सभी प्रकार का सहयोग करने के लिए धन्यवाद दिया है।
शंकराचार्य व चंपत राय सहित कर्इ विहिप नेता गिरफ्तार
अयोध्या से गिरफ्तारी देने वाले प्रमुख विहिप नेताओं में काशी सुमेरू पीठ के शंकराचार्य नरेंæानंद सरस्वती, विहिप के अन्तर्राष्ट्रीय महामंत्री चंपत राय, संयुक्त महामंत्री विनायक राव देशपांडे, पूर्व सांसद डा. रामविलास दास वेदान्ती, केन्द्रीय मंत्रियों में राजेन्द्र सिंह पंकज, पुरूषोत्तम नारायण सिंह, महावीर, सह मंत्री हरिशंकर को गिरफ्तार किया गया।
इसके अलावा भाजपा विधायक रामचंæ यादव को  अयोध्या में उस समय गिरफ्तार किया गया जब वह रामबल्लभाकुंज के महंत राजकुमार दास के साथ डंडैया मंदिर से अपने समर्थकों के साथ नारे लगाते हुए निकल रहे थे। बताया जाता है कि शुरू में पुलिस उन्हें गिरफ्तार करने से कतरा रही थी लेकिन जब जिलाधिकारी और एसएसपी को पता चला तो वे वहां पहुंचे फिर काफी जíोजहद के बीच दोनों लोगों की गिरफ्तारी हुर्इ।
भारतीय जनता युवा मोर्चा के प्रदेश अध्यक्ष आशुतोष राय के नेतृत्व में लगभग सौ कार्यकर्ताओं ने हनुमानगढ़ी से गिरफ्तारी दी। इसके पहले भाजपा सांसद योगी आदित्यनाथ को भी पुलिस ने गोंडा से गिरफ्तार कर लिया। वह भी संकल्प सभा में हिस्सा लेने जा रहे थे।
विहिप नेता चंपत राय के मुताबिक अयोध्या के विभिन्न स्थानों से पांच हजार और सम्पूर्ण उत्तर प्रदेश से 21 हजार विहिप कार्यकर्ताओं को गिरफ्तार किया गया है।
विहिप की अगली रणनीति अब दिल्ली में बनेगी- चंपत राय
विश्व हिन्दू परिषद (विहिप) अब अपनी अगली रणनीति दिल्ली में तय करेगी। इसके लिए 19 और 20 अक्टूबर को वहां करीब सात सौ संतों का जमावड़ा होने जा रहा है। इस महत्वपूर्ण बैठक में विहिप के अंतर्राष्ट्रीय संरक्षक अशोक सिंहल और कार्यकारी अध्यक्ष प्रवीण तोगडि़या समेत कर्इ नेता भाग लेंगे।
संकल्प सभा के मíेनजर अयोध्या में आज पुलिस हिरासत में लिये गये विहिप के अन्तर्राष्ट्रीय महामंत्री चंपत राय ने बताया कि विहिप के कार्यक्रम का पहला चरण जो चौरासी कोसी परिक्रमा से शुरू हुआ था, वह पंच कोसी परिक्रमा और आज संकल्प सभा के माध्यम से पूरा हो गया।
चंपत राय ने कहा कि अयोध्या में राम मंदिर निर्माण हेतु अब अगले चरण की रणनीति करने हेतु दिल्ली में 19 व 20 अक्टूबर को बैठक बुलार्इ गर्इ है।

सुरेन्द्र अग्निहोत्री
agnihotri1966@gmail.com
sa@upnewslive.com

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रामलला की एक इंच भूमि किसी अन्य धर्मावलमिबयों को नहीं दी जायेगी

Posted on 11 September 2012 by admin

संत-धर्माचार्य और हिन्दू समाज प्राण दे देगा लेकिन विराजमान रामलला की एक इंच भूमि किसी अन्य धर्मावलमिबयों को नहीं दी जायेगी। यह भूमि श्रीराम की है और इसकी रक्षा के लिए हिन्दू समाज लगातार संघर्श करता आ रहा है और भव्य मंदिर निर्माण तक संघर्श करता रहेगा।
यह विचार श्रीराम जन्मभूमि न्यास द्वारा आयोजित अयोध्या के संत-धर्माचार्यो की बैठक में संतों ने संकल्प व्यक्त करते हुए कहा। बैठक की अध्यक्षता करते हुए श्रीराम जन्मभूमि न्यास अध्यक्ष व मणि राम दास छावनी के महंत नृत्यगोपाल दास महाराज ने कहा श्रीराम जन्मभूमि पर विराजमान रामलला की सम्पूर्ण क्रीडा एवं लीला भूमि की रक्षा करने के लिए हिन्दू समाज अपने प्राणों की आहुति देने में भी पीछे नहीं हटेगा। उन्होंने कहा इधर कुछ दिनों से समझौता और वार्ताओं का दौर पुन: चालू हो गया है जो लोग इसमें सक्रिय हैं वह हिन्दू समाज के अकेले प्रतिनिधि नहीं हो सकते। समझौता और वार्ता का दौर बहुत पीछे छूट गया है लाखों की संख्या में हिन्दू समाज ने अपनों को बलिदान किया। अब रामलला की जन्मभूमि पर उनके भव्य और दिव्य मंदिर निर्माण के अलावा कुछ भी स्वीकार नहीं है। अयोध्या की सांस्कृतिक सीमा में हिन्दू समाज बाबर के नाम किसी मसिजद का निर्माण नहीं होने देगा।
विहिप के अन्तर्राश्ट्रीय संरक्षक व मार्गदर्षक श्री अषोक सिंहल ने कहा श्रीराम जन्मभूमि का विशय धार्मिक है। 1984 से पूज्य संतों ने इस आन्दोलन को अपने हाथों में लिया। अदालती निर्णय आया कि जहां पर रामलला विराजमान है वही राम जन्मभूमि है इसके बाद भी मुसिलम वोट के लालची हिन्दुओं एवं मुसलमानों को गुमराह करने का शडयंत्र कर रहे हैं। उन्होंने कहा श्रीराम जन्मभूमि का संघर्श राजनीति के लिए नहीं बलिक धार्मिक एवं सांस्कृति मानबिन्दुओं की पुनप्र्रतिश्ठा के लिए है। उन्हाेंने कहा 2013 में प्रयागराज में होने वाले कुम्भ के दौरान पूज्य संतों द्वारा श्रीराम जन्मभूमि की वर्तमान परिस्थतियों को देखते हुए निर्णायक निर्णय लिया जा सकता है।
श्रीराम जन्मभूमि न्यास के वरिश्ठ सदस्य डा.रामविलासदास वेदान्ती ने कहा हम अयोध्या में किसी भी शडयंत्र को सफल नहीं होने देंगे। उन्होंने कहा अयोध्या के संत-धर्माचार्य वार्ता में लगे हुए कुछ तथाकथित संतों के वहिश्कार करने की चेतावनी देते हुए कहा कि जिस श्रीराम जन्मभूमि के लिए हमारों पूर्वजों ने अपना सर्वस्व बलिदान कर दिया, लडाइयां लडी उसी जन्मभूमि पर मसिजद निर्माण का शडयंत्र चल रहा है। अयोध्या के संत-धर्माचार्य एवं स्थानीय हिन्दू समाज को सजग रहने की आवष्यकता है।
जगदगुरू रामानुचार्य स्वामी पुरूशोत्तमाचार्य महाराज ने कहा हिन्दू समाज में विभाजन नहीं होने दिया जायेगा। प्रभु श्रीराम के आदर्षो को आत्मसात करते हुए अयोध्या का संत और गृहस्थ श्रीराम जन्मभूमि पर भव्य मंदिर निर्माण के लिए संकल्पबद्ध है। दिगम्बर अखाडा के महंत सुरेष दास महाराज ने कहा पवित्र संकल्प की सिद्धी के लिए हिन्दू समाज चटटान की भांति अडिग है उसे न भ्रमित किया जा सकता है और न छला जा सकता है। हरिद्वार से आये रामानन्द आश्रम के पीठाधीष्वर महामंडलेष्वर भगवान दास महाराज ने कहा देष की वर्तमान सिथति को आज देखने की आवष्यकता है आतंकवाद, घुसपैठ जैसी समस्या से हम निरन्तर जुझ रहे हैं। धार्मिक मानबिन्दुओं की रक्षा के लिए हमें कमर कसने की आवष्यकता है। इस अवसर पर महामंडलेष्वर सीताराम त्यागी, महामंडलेष्वर प्रेम षंकर दास, महंत कौषल किषोर दास, महंत गोपाल दास, महंत बृज मोहन दास, महंत बलराम दास, महंत जानकी दास, स्वामी कृश्णाचार्य, महंत पवन दास, स्वामी विजय राम दास भक्तमाल, राजीव कुमार दास, महंत मन मोहन दास, महंत प्रिया प्रीतम षरण, विहिप के केन्द्रीय मंत्री पुरूशोत्तम नारायण सिंह, कारसेवक पुरम प्रभारी प्रकाष अवस्थी, रामसखा त्रिलोकी नाथ पांडेय, धर्माचार्य सम्पर्क प्रमुख देवेन्द्र राठौर आदि सैकड़ों संत-धर्माचार्य उपसिथत रहे। संचालन उमाषकर मिश्र ने किया।

सुरेन्द्र अग्निहोत्री
agnihotri1966@gmail.com
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2014 में हिन्दुत्ववादी संसद का गठन करना ही होगा

Posted on 11 September 2012 by admin

विष्व हिन्दू परिशद के अन्तर्राश्ट्रीय संरक्षक व मार्गदर्षक श्री अषोक सिंहल ने कहा श्रीराम जन्मभूमि पर मंदिर निर्माण का एकमेव मार्ग संसद है जिसके लिए 2014 में हिन्दुत्ववादी संसद का गठन करना ही होगा।
श्री सिंहल अयोध्या में पत्रकारों से वार्ता कर रहे थे उन्हाेंने कहा श्रीराम जन्मभूमि पर मंदिर निर्माण में सबसे बड़ी बाधा तुशिटकरण है। सरकारें समय-समय पर एक पक्ष को प्रसन्न करने के लिए शडयंत्र करती रहीं है। हिन्दु समाज को इन शडयंत्रकारी षकितयों का दमन करने की आवष्यकता है और वह तभी सम्भव होगा जब 100 करोड हिन्दू समाज अपनी आस्था और सम्मान के लिए देष में सषक्त हिन्दू वोट बैंक का निर्माण करेंगे।
एक प्रष्न के उत्तर में उन्हाेंने कहा देष की राजनीति को अब हिन्दू समाज ही तय करेगा। तुशिटकरण इस देष के लिए अभिषाप है।  कंस ने तो देवकी और वसुदेव को कारागार में डाला आज की सरकार ने तो विष्व नियन्ता प्रभु राम लला को ही बन्दी बना रखा है। इस कारागार की मुकित से ही हमारे जीवन मूल्यों की रक्षा होगी।
उन्होंने कहा श्रीराम जन्मभूमि को लेकर हिन्दू समाज में भ्रम की सिथति कुछ तथाकथित लोगों द्वारा पैदा की जा रही है लेकिन अयोध्या के संतों की एकता को प्रभावित नहीं किया जा सकता। पूज्य संतों ने सदैव शडयंत्रों का जवाब एक मंच पर आकर दिया है। इतिहास साक्षी है कि सैकडों वर्शो से श्रीराम जन्मभूमि पर अधिकार जमाने एवं हिन्दू संस्कृति को नश्ट करने के प्रयत्न किए गए लेकिन अयोध्या के सतों एवं रामभक्तों के पवित्र संकल्प के कारण आज भी राम जन्मभूमि पर रामलला विराजमान है।
उन्होंने कहा केन्द्र की ढुलमुल नीति के कारण पूर्वोत्तर में बंगलादेष और पषिचम में पाकिस्तान घुसपैठ कराकर देष को असिथर करने में लगा हुआ है। जिसका परिणाम कष्मीर भोग चुका है अब आसाम सहित पूर्वोत्तर के राज्यों की बारी है। वर्तमान में आसाम में हो रही हिंसा से यह स्पश्ट होता जा रहा है कि लगभग 4 करोड़ घुसपैठिये इस देष की आन्तरिक और वाहय सुरक्षा को किस प्रकार से कुचलते जा रहे हैं। उन्होंने कहा ऐसा न हो कि पूर्वोत्तर का हाल भी कष्मीरी विस्थापितों की तरह हो जाये। श्री सिंहल ने समाज का आवाहन किया कि हिंसा से प्रभावित हुए हिन्दुओं की रक्षा तथा उनके पालन-पोशण में तन-मन-धन से अपना योगदान दें।

सुरेन्द्र अग्निहोत्री
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परम्पराओं और संस्कृति को जीवित रखने के कारण जिन्दा है

Posted on 03 May 2012 by admin

भारत अगर जीवित है तो वह अपनी संस्कृति, परम्पराओं को अक्षुण्य रखने के कारण। एक हजार वर्शो से लगातार विदेषी हमले झेलने वाला भारत अपनी संस्कृति और संस्कार को नहीं भूला है। सिकुडता तो गया लेकिन चट्टान की भाॅंति उसकी धार्मिक और सांस्कृतिक परम्परायें आज भी कायम है जिसे हिलाया तक नहीं जा सकता है।
यह विचार विष्व हिन्दू परिशद के अन्तर्राश्ट्रीय महामंत्री चम्पत राय ने कारसेवकपुरम् में दो दिन से चल रही अखिल भारतीय साध्वी षाक्ति परिशद की चिन्तन बैठक के समापन अवसर पर व्यक्त किया। उन्होनंे कहा जो समाज अपनी धरती पुरजो और परम्पराओं तथा धार्मिक जीवन मूल्यों को छोड देता है वह जड से समाप्त हो जाता है। इतिहास साक्षी है परम्पराओं को विस्मित करने वाले राश्ट्र सदा-सदा के लिए समाप्त हो गए। जब कि हिन्दूस्तान पर लगातार हजारों वर्शो से आक्रमण होते रहे और आज भी हो रहे हैं लेकिन हम अपनी परम्पराओं और संस्कृति को जीवित रखने के कारण जिन्दा है।
उन्होंने कहा भारत की धार्मिक परम्पराओं और संस्कृति को अक्षुण्य रखने में देष के पूज्य संतों और घर में माताओं का महत्वपूर्ण योगदान है। श्रीराय ने कहा हिन्दुस्तान में समाज राजाओं से कभी प्रभावित हुआ यहां का समाज संतों की ओर देखता है जब जीवन में कोई कश्ट या संकट महसूस करता है तो स्वाभावित रूप से संतों और मठ-मंदिरों की षरण में जाकर षान्ति महसूस करता है न कि सांसदों और विधायकों की षरण में। विकट परिस्थितियों में भी देष की रक्षा संतों ने ही की है। संतों ने जब जब देष और समाज का मार्गदर्षन किया समाज एक नई उर्जा के साथ उठ खडा हुआ वहीं घर में रहने वाली मातृ षक्ति ने अपनी अगली पीढी को संस्कारयुक्त बनाकर षिवाजी, महाराणा प्रताप जैसे सपूत इस धरती को दिए। मातृषक्ति का जागरण होना चाहिए ताकि संस्कारवान पीढी का निर्माण हो सके। इसमें महिला संतों को अहम भूमिका हो सकती है।
विष्व हिन्दू परिशद का गठन देष के श्रेश्ठ संतों के चिन्तन का प्रकटीकरण है इसलिए देष धर्म और संस्कृति की रक्षा के लिए संगठन संतो ंके मार्गदर्षन में सदैव तत्पर है। दो दिन चली इस चिन्तन बैठक में साध्वी षाक्ति ने विभिन्न प्रान्तों में संगठन को प्रभावी बनाने के लिए कार्य योजना बनाई एवं आगामी जनवरी,2013 में प्रयाग में लगने वाले महाकुम्भ के अवसर पर महिला संत-धर्माचार्यो से सम्पर्क के लिए एक समिति का भी गठन किया जिसमें प्रसिद्ध कथावाचिका साध्वी प्रज्ञा भारती को संयोजिका तथा साध्वी चरण दास, साध्वी योगश्री, साध्वी भूमा भारती व दिव्यागिरि को सदस्य नियुक्त किया।
समापन सत्र का संचालन अखिल भारतीय महिला प्रमुख मीनाक्षी ताई पिष्वे ने किया तथा इस अवसर पर केन्द्रीय मार्गदर्षक मंडल के संयेाजक जीवेष्वर मिश्र, महामंत्री कमलेष भारती, महंत साध्वी गंगा दास, साध्वी राजलक्ष्मी, महंत निर्मला दासी, सरोज सोनी, षिव दास सिंह, राधेष्याम आदि उपस्थित रहे।

सुरेन्द्र अग्निहोत्री
agnihotri1966@gmail.com
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हिन्दू समाज चाहता है कि भव्य मंदिर का निर्माण हो

Posted on 05 April 2012 by admin

विष्व हिन्दू परिशद के अन्तर्राश्ट्रीय मार्गदर्षक श्री अषोक सिंहल ने आज यहाॅं कहा श्रीराम जन्मभूमि पर मंदिर निर्माण में मुस्लिम बाधा बनकर खडा है और उसे मुस्लिम वोट के लालची राजनीतिज्ञ क्षुद्र स्वार्थ के लिए बढ़ावा दे रहे हैं। हिन्दू समाज चाहता है कि भव्य मंदिर का निर्माण हो लेकिन वह राजनीतिक विशय पर विभाजित हो जाता है जिसका फायदा मुस्लिम जगत उठाता है और राजनीति पर हावी होता जा रहा है।
श्री सिंहल राम सेवक पुरम् में हस्तषिल्प कला एवं विकलांग प्रषिक्षण संस्थान द्वारा आयोजित राम कथा कुॅंज निर्माणार्थ श्रीगणेष प्रतिमा पूजन के अवसर पर संतो ंके बीच में अपने विचार व्यक्त कर रहे थे।  कार्यक्रम की अध्यक्षता श्रीराम जन्मभूमि न्यास अध्यक्ष व मणिराम दास छावनी के महन्त नृत्यगोपालदास महाराज ने की तथा संचालन उमा षंकर मिश्र ने किया। अपने उद्बोधन में श्री सिंहल ने कहा मंदिर निर्माण का फैसला संसद में ही होगा अदालत में यह संभव नहीं दिखता इसके लिए हिन्दू समाज को ही संगठित होना पडेगा उन्होंने कहा आज देष के अनेक भाग बंगलादेषी घुसपैठियों से भरे पडे हैं। 4 करोड बंगलादेषी देष को अस्थिर करने में लगे हुए है पाॅंच वर्शो में क्या परिणाम होगा इसको भोगने के लिए हिन्दू समाज तैयार रहे। 1992 में ढांचा ध्वस्त होने के उपरान्त आज 2012 तक कोई बडा आन्दोलन नहीं चला जिसके कारण हिन्दू समाज में विभाजन की खाई पुनः उत्पन्न हो गयी है। इस पर विचार करने की आवष्यकता है और 85 प्रतिषत हिन्दू समाज को संगठिन करने के लिए एक बहुत बडे कार्यक्रम की आवष्यकता महसूस की जा रही है। उन्हेाने कहा अभी तो श्रीराम कथा कुॅंज का निर्माण राम सेवक पुरम् में किया जा रहा है लेकिन श्रीराम जन्मूमि प्राप्त होते हुए राम कथा कुॅंज वहीं स्थानान्तरित कर दिया जायेगा।
पत्रकारों के एक प्रष्न का उत्तर देते हुए उन्होंने कहा उत्तर प्रदेष के मुख्यमंत्री ने प्रदेष में अपराधियों पर नकेल कसने की बात कही थी लेकिन जिस प्रकार से ग्रह विभाग को पत्र लिखकर न्यायालय विस्फोट प्रकरण मे ंपकडे गए मुस्लिम आतंकियों पर से मुकदमा वापस लिए जाने की मंषा पर प्रष्न चिन्ह स्वतः लग रहा है कि किस प्रकार से यह सरकार तुश्टिकरण में अंधी होकर देष-धर्म की अस्मिता का सौदा कर रही है।
अध्यक्षता करते हुए अपने अध्यक्षीय उद्बोधन में महंत नृत्यगोपालदास ने कहा देष का दुर्भाग्य है कि वाह्य षक्तियाॅं हावी होती जा रही हैं। ईसाई समाज को तो ठीक कर लेंगे लेकिन मुस्लिम समाज की गतिविधियाॅं विचारणीय हैं। जिस प्रकार से आसाम, बंगाल, उत्तर प्रदेष, बिहार की स्थित खतरनाक होती जा रही है वह चिन्तनीय है।  विरोधी षक्तियों का दमन और हिन्दू षक्ति का जागरण आवष्यक है। हिन्दू मानबिन्दुओं की रक्षा करने के लिए संगठन होने की आवष्यकता है। उन्होने कहा गर्व से कहो हम हिन्दू हैं इसका स्वाभिमान जागृत करना होगा। उन्हांेने यह भी आहवान किया कि हिन्दू मानबिन्दुओं की रक्षा करने वाले राजनीतिक दलों और व्यक्तियों का ही सहयोग करें।  उन्होंने कहा हिन्दू समाज  गुलामी काल को भूले नहीं, बॅंटें नहीं  सामना करें।
राम कथा कु    ॅंज का निर्माण मंदिर निर्माण के संकल्प का प्रथम चरण है यह कार्य अभूतपूर्व है। श्रीराम के व्यक्तित्व से संबंधित कथा कुॅंज के निर्माण से आने वाले श्रीरामभक्तों को मर्यादित जीवन जीने का संदेष मिलेगा।
कार्यक्रम को सियाराम किला के महंत करूणा निधान षरण, रंग महल के महंत राम षरण दास, अयोध्या संत समिति के अध्यक्ष मंहत कन्हैया दास, सदगुरूसदन गोलाघाट के महंत सिया किषोर षरण, महामंडलेष्वर प्रेम षंकर दास, महंत कृश्णाचार्य, रामायणी राम षंकर दास, बृजमोहन दास, राजीव कुमार दास ने भी सम्बोधित किया। इस अवसर पर महंत गोबिन्द दास, महंत रामकृश्णदास, महंत प्रिया प्रीतम षरण, महंत निर्मल षरण, त्रिलोकी नाथ पांडेय, देवेन्द्र सिंह राठौर, प्रकाष अवस्थी, अन्नूभाई सोमपुरा आदि उपस्थित रहे

सुरेन्द्र अग्निहोत्री
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समापन वेद मंत्रों के उच्चारण के साथ हुआ

Posted on 13 March 2012 by admin

कारसेवकपुरम् में चल रहे विष्व हिन्दू परिशद धर्म प्रसार विभाग की तीन दिवसीय अखिल भारतीय बैठक का विधिवत समापन वेद मंत्रों के उच्चारण के साथ हुआ।  धर्म प्रसार विभाग ने अवध प्रान्त में पदाधिकारियों के दायित्वों में फेर-बदल किया।
विगत रविवार से प्रारम्भ हुई धर्म प्रसार विभाग की बैठक में देष भर से जिला स्तरीय 400 पदाधिकारी सम्मिलित हुए। तीन दिन तक चले इस बैठक के विभिन्न सत्रों में हिन्दू समाज की घर वापसी तथा जन जागरण के कार्यक्रमों की रूपरेखा तय की गयी। समापन सत्र. को सम्बोधित करते हुए युग पुरूश स्वामी परमानन्द महाराज के षिश्य व साध्वी ऋतम्भरा के गुरूभाई स्वामी परमात्मानन्द गिरि ने कहा हम गौरवषाली हिन्दू हैं।  जो विष्व का कल्याण चाहते हैं। लेकिन अधर्म और पाप को समाप्त करने के लिए हम राम और कृश्ण के पदचिन्हों पर चलने को भी पीछे नहीं हटने वाले। जिस प्रकार रािम ने रावण, कृश्ण ने कंस रूपी पाप का अन्त किया ठीक उसी प्रकार वर्तमान युग में चल रहे अनाचार, दुराचार और धर्मान्तरण जैसे पापाचारों का समन करने के लिए आगे बढना होगा। उन्होनंे कहा धर्मान्तरण जनजातियों के संवैधानिक अधिकारों पर हमला है। राश्ट्रीय स्वाभिमान जगाने के लिए गांव-गांव निकलना होगा।
दिल्ली से पधारे महंत हरी दास ने कहा लक्ष्य प्राप्ति के लिए हमको आगे बढना होगा। बाधाएॅं मार्ग में आ सकती है लेकिन हमारे दृढ निष्चय को कोई ढिगा नहीं सकती।  स्वामी किरण गिरि महाराज ने कहा जिस प्रकार हम ईष्वर में आस्था रखते हैं ठीक उसी प्रकार अपने कार्यो के प्रति भी हमें आस्थावान रहना चाहिए। ईष्वर ने सदैव हमारा मार्गदर्षन किया है। धर्म प्रसार का कार्य राश्ट्र के स्वाभिमान व सम्मान से जुडा है। हमारे तीर्थ त्यौहार, हमारी राश्ट्रीयता के प्रतीक है।  इनकेो जीवन रखने के लिए हिन्दू समाज को संगठित होना होगा।
केन्द्रीय मंत्री और धर्म प्रसार विभाग के सह प्रमुख धर्म नारायण षर्मा ने कहा धर्मान्तरित हुए हिन्दुओं की पुनर्वापसी के लिए घर वापसी कार्यक्रम चलता रहेगा। हिन्दू धर्म प्रेम, षान्ति का सन्देष देता है जबकि अनेक पंथ समाज में विभेद उत्पन्न कर अपनी विचारधारा को थोपने में लगे हुए है। इस प्रकार की संकीर्णता को समाप्त कर इस देष को सनातन बनाने के लिए कार्यकर्ताओं को कमर कसनी होगी। देष के पूर्वोत्तर और दक्षिण के राज्येां में चल रहे धर्मान्तरण के खेल को अब हम सफल नहीं होने देंगें। इन राज्यों में धर्म प्रसार विभाग अपने कार्यो के माध्यम से समाज को जोडने का काम करेगा। उन्होंने समाज से भी अपील की कि वह किन्ही कारणों से अपने से दूर हुए बन्घुओं को पुनः गले लगायें और हिन्दूत्व के जीवन मूल्यों के रक्षा में अपना योगदान दें।
समापन से पूर्व विष्व हिन्दू परिशद धर्म प्रसार विभाग अवध प्रान्त में पदाधिकारियों के दायित्वों में परिवर्तन किया गया। जिसमें प्रमुख सर्व श्री डा.वी.के.श्रीवास्तव को कार्याध्यक्ष, फूल चन्द्र षास्त्री को प्रान्त प्रमुख, ष्यामता प्रसाद को प्रान्त उपाध्यक्ष, देवेन्द्र मिश्र को प्रान्त कोशाध्यक्ष बनाया गया।

सुरेन्द्र अग्निहोत्री
मो0 9415508695
upnewslive.com

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धर्मान्तरण आतंकवाद को जन्म देता है

Posted on 12 March 2012 by admin

विष्व हिन्दू परिशद के अन्तर्राश्ट्रीय महामंत्री चम्पत राय ने आज यहाॅं कहा धर्मान्तरण आतंकवाद को जन्म देता है। और उससे राश्ट्र द्रोही उत्पन्न होते हैं। सम्पूर्ण देष में 1947 की पुनरावर्ती बन रही है अगर चिन्तनषील नहीं हुए तो 40-50 वर्शो में भारत का एक और भूखण्ड अलग हो जायेगा

श्रीराय विष्व हिन्दू परिशद धर्म प्रसार विभाग के कारसेवकपुरम् मे चल रहे तीन दिवसीय अलिख भारतीय बैठक में आये हुए पदाधिकारियों के बीच में अपने विचार रख रहे थे। उन्होंने कहा विष्व हिन्दू परिशद के गठन के बाद संगठन का प्रथम कार्य करने का निर्णय परावर्तन था क्योंकि इस्लाम और ईसाई आक्रमणकारियों ने हिन्दू समाज को धर्मान्तरित कर संस्कृति और इतिहास से अलग कर रखा था। इसलिए इसे अक्षुण्य रखना विहिप के मार्गदर्षकों ने इसे अपना प्रथम कर्तव्य समझा। गधे को घोडा बनना ही होगा। दूध फट गया है यह सोच बदलनी ही होगी। कहने का तात्पर्य जहाॅं से हिन्दू समाज गया था वहाॅं उसकी वापसी पुनः हो यही परावर्तन है। यही घर वापसी है जो कार्य धर्म प्रसार विभाग करता आ रहा है। धर्मान्तरण हिन्दू आस्था से काटता है जबकि हिन्दू धर्म प्रेम और षान्ति का अग्रदूत है।

उन्होंने विगत दिनों केन्द्र सरकार द्वारा मुस्लिम आरक्षण की घोशणा पर विचार व्यक्त करते हुए कहा कोई भी व्यक्ति किसी भी सम्प्रदाय एवं धर्म का अपनी विद्वता से आगे बढता है तो वह गलत नहीं है लेकिन धर्म आधारित आरक्षण देने की घोशणा विभाजन की पुनरावर्ती को बल प्रदान करने वाली है। मजहब के आधार पर आरक्षण दिया जाता रहा तो विधानसभा और लोकसभा में भी आबादी के आधार पर सीटें आरक्षित करने की मांग उठेगा जो इस देष के लिए बहुत घातक होगा। मालूम होना चाहिए कि दस लाख लोगों की गर्दनें पूर्व में काटी जा चुकी हैं यह अनायास ही नहीं कटी यह विधिवत काटी गयी हैं।  उन्होनंे कहा केन्द्र सरकार समय समय पर हिन्दू विरोधी क्रिया कलापों को प्रोत्साहन दे रही है। गाय की हत्या करने के लिए कत्लखानों को स्थापित करने की मांग की जा रही है जिसका प्रस्ताव योजना आयोग को भेजा गया है यानी हिन्दूओं की माॅं का वध, आस्था पर कुठाराघात करने का कुचक्र रचा जा रहा है। आज की हमारी उदासीनता हमारी सन्तानों के लिए कश्टकारी न बन जाये इसलिए हमें सचेत रहने की आवष्यकता है।
बैठक का संचालन क्षेत्र प्रमुख स्वामी सुदर्षनाचार्य ने किया। इस अवसर पर विहिप के केन्द्रीय मंत्री धर्म नारायण षर्मा, जुगुल किषोर, हरी ओम तायल, सुरेन्द्र सिंह, संत राम सिंह, फूल चन्द्र षास्त्री, देवेन्द्र मिश्र, डा.वी.के.श्रीवास्तव सहित देष के विभिन्न प्रान्तों से आये हुए 400 पदाधिकारी उपस्थित हुए।

सुरेन्द्र अग्निहोत्री
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हिन्दू हिन्दुत्व के प्रति निश्ठावान हो तभी धर्म की रक्षा हो सकेगी

Posted on 12 March 2012 by admin

श्रीराम जन्मभूमि न्यास अध्यक्ष व मणिराम दास छावनी के श्रीमहंत नृत्यगोपाल दास महाराज जी ने आज यहाॅं कहा हिन्दू हिन्दुत्व के प्रति निश्ठावान हो तभी धर्म की रक्षा हो सकेगी।  श्रीराम जन्मभूमि पर मंदिर निर्माण में मुस्लिम और न्यायालय के द्वारा बाधा नहीं बल्कि तथाकथित सेक्यूलरवादी हिन्दू ही बाधा बने खडे हैं। 85 प्रतिषत हिन्दू होते हुए भी यह समस्या हिन्दू समाज के लिए षर्म की बात है। जिस दिन हिन्दू समाज गर्व से कहेगा हम हिन्दू हैं उसी दिन जो कार्य कल होने वाला है वह आज ही सम्पन्न हो जायेगा।
श्रीदास कारसेवकपुरम् में विष्व हिन्दू परिशद धर्म प्रसार विभाग की तीन दिवसीय अखिल भारतीय बैठक के उद्घाटन अवसर पर आये पदाधिकारियों को सम्बोधित कर रहे थे। श्री दास ने कहा धर्मो रक्षति रक्षितः हम धर्म की रक्षा करेंगे। तभी धर्म हमारी रक्षा करेगा। एक तरफ हमारी रक्षा ईष्वर कर रहा है तो दूसरी तरफ धर्म कर रहा है। जिस प्रकार ईष्वर सनातन है उसी प्रकार धर्म भी सनातन है। यह किसी महापुरूश या व्यक्ति द्वारा चलाया गया नहीं है जो मिट जाये हम आदि से हैं और अन्त तक रहेंगे। राम साक्षात् धर्म हैं और धर्म को धारण कर मर्यादा पुरूशोत्तम बने। राक्षसों का बध ही मूल कारण नहीं रहा बल्कि धर्म की रक्षा के लिए वह इस धरा पर आये और उन्होंने विभिन्न सूक्तियांे को अपने विचारों और कृतित्व से स्थापित कर धर्म का संवर्धन किया। धर्म लोक बनाता है कला सिखाता है इसलिए हम लोक तक सीमित न रह जायें इसलिए धर्म का संरक्षण करें। उन्होंने कहा ईष्वर सर्वकालिक है उसे सीमाओं में बाॅंधा नहीं जा सकता वह सर्वत्र व्याप्त है।
विष्व हिन्दू परिशद धर्म प्रसार विभाग धर्म की सुरक्षा में तत्पर है वह अपने कार्य को ईष्वर का कार्य समझकर करें, ईष्वर उनकी मदद करेगा ही। उन्होंने कहा धर्म  पर चतुर्दिक प्रहार हो रहे हैं। एक तरफ ईसाई और इस्लाम तो दूसरी तरफ राजनीतिक संकीर्णता।  आसुरी षक्तियों पर विजय प्राप्त कर लक्ष्य की प्राप्ति करनी ही होगी।
इससे पूर्व विष्व हिन्दू परिशद के केन्द्रीय मत्री धर्म नारायण षर्मा ने कहा हम सनातनी है धर्म हमारा सनातन है अनेक राश्ट्र मिट गए परन्तु भारत का प्रवाह निरन्तर बना हुआ है। गंगा-यमुना-सरस्वती और तीर्थ नगरियाॅं ज्यों की त्यों हमारी संस्कृति और सभ्यता को अक्षुण्य बनाये हुए हैं।  आक्रमणकारियों ने हमे परास्त करने का निरन्तर प्रयास किया लेकिन हम चट्टान की भाॅंति आज भी अपनी गौरव गाथा गा रहे हैं। इस धरती पर धर्म का दीप जलाने का कार्य सनातन काल से हिन्दू समाज करता आ रहा है। आज विष्व हिन्दू परिशद सर्वे भवन्तु सुखिनः, कृण्वन्तो विष्व मार्यम् की सुक्ति को आत्मसात करते हुए आगे बढ रही है। व्यक्ति छोटे-बडे स्वार्थ के कारण इधर उधर भटक रहा है हमे धर्म के प्रति कट्टरता लानी होगी हमारी धर्म के प्रति निश्ठा होनी चाहिए।  सनातन जीवन मूल्यों की रक्षा हर हाल में करनी होगी। ‘‘जागो जब तक लक्ष्य न प्राप्त हो जाये’’ शडयंत्रकारी षक्तियों को पराभूत कर धर्म की स्थापना करो।
इस अवसर पर केन्द्रीय मंत्री एवं अखिल भारतीय सम्पर्क प्रमुख पुरूशोत्तम नारायण सिंह, जुगुल किषोर, साध्वी  ऋतम्भरा के गुरूभाई स्वामी परमात्मानन्द गिरि अमरकंटक, महन्त हरी दास दिल्ली, अखिल भारतीय जन सेवा संस्थान के अध्यक्ष हरि ओम तायल, किरण जी, नारी षक्ति मंच की महामंत्री अरूणा, कोशाध्यक्ष मनोहर लाल, भुजंगराव, अच्युदानन्द, राम कृश्ण गौर, स्वामी राम स्वरूप, गुलाब सिंह, धर्मेन्द्र भाई, लक्ष्मी लाल, सुरन्द्र सिंह, प्रमोद साहू तथा कारसेवकपुरम् प्रभारी प्रकाष अवस्थी आदि उपस्थित रहे।

सुरेन्द्र अग्निहोत्री
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विष्व हिन्दू परिशद की तीन दिवसीय अखिल भारतीय बैठक

Posted on 10 March 2012 by admin

विष्व हिन्दू परिशद धर्म प्रसार विभाग की तीन दिवसीय अखिल भारतीय बैठक कारसेवकपुरम् में आज से (11.3.12) प्रारम्भ हो रही है। बैठक का उद्घाटन प्रातः 10 बजे श्रीराम जन्मभूमि न्यास अध्यक्ष व मणिरामदास छावनी के महंत नृत्यगोपाल दास जी महाराज करेंगे। देष के विभिन्न प्रान्तों से लगभग 400 पदाधिकारी व कार्यकर्ता देर रात्रि अयोध्या पहुंच गए हैं।
धर्म प्रसार विभाग के क्षेत्रीय परियोजना प्रमुख सुरेन्द्र सिंह ने बताया कि 11, 12 व 13 मार्च तक चलने वाली इस बैठक में गुजरात, महराश्ट्र, आन्ध्र, केरल, उडीसा, तमिलनाडु, कर्नाटक, गोवा, मध्य प्रदेष, बिहार, छत्तीसगढ, झारखण्ड, बंगााल, पंबाज, हरियाणा, जम्मू कष्मीर, आसाम, पांडिचेरी, मणिपुर, मिजोरम, नागालैण्ड, उत्तर प्रदेष, उत्तराखण्ड सहित देष के सभी प्रान्तों से कार्यकर्ता सम्मिलित हो रहे हैं। देष के प्रमुख पदाधिकारियेां में धर्म प्रसार विभाग के राश्ट्रीय अध्यक्ष स्वदेष पाल सिंह, भारतीय जन सेवा संस्थान के अध्यक्ष हरि ओम तायल, विहिप के केन्द्रीय मंत्री धर्म नारायण षर्मा, एवं जुगुल किषोर जी प्रान्त अध्यक्ष सन्तराम सिंह आदि पहंुच चुके है।
उन्होंने बताया धर्मान्तरण से राश्ट्रान्तरण का खतरा बना हुआ है। देष के अनेक प्रान्तों में छल कपट के बल पर हिन्दू विरोधी षक्तियाॅं भोले-भाले हिन्दुओं का बलात धर्मान्तरण कराने में सक्रिय हैं। इनके कुकृत्यों का विरोध करने वालों की हत्यायें तक कर दी जाती हैं।
उन्होंने कहा जिस प्रकार से विदेषी मिषनरियाॅं भारत को अपने चंगुल में कसती जा रही हैं उससे संस्कृति और सभ्यता के साथ-साथ आर्थिक रीढ भी टूट सकती है। उन्होंने कहा छल-कपट के बल पर अपनी जनसंख्या को निरन्तर बढाकर धर्मान्तरण का कुचक्र चलाने वाले राश्ट्रान्तण का खतरा बन चुके हैं। यही नहीं भारत को जनसंख्या के आधार पर खंडित करने का भी दुरगामी प्रयास चल रहा है। जिसका उदाहरण पूर्वाेत्तर राज्य है। 5 प्रान्त एवं 48 जिले इसाई एवं मुस्लिम बाहुल्य हो चुके है।
उन्होंने कहा विष्व हिन्दू परिशद के अनुसांगिक संगठन धर्म प्रसार विभाग विभिन्न कार्यो के माध्यम से देष के अनेक प्रान्तों में परावर्तन का कार्यक्रम चला रहा है। आज लाखों लोगों की घर वापसी हो चुकी है। जो हिन्दू समाज में अपना योगदान तो दे ही रहे हैं साथ ही शडयंत्रकारियों के मंसूबों का खुलासा भी कर रहे है। उन्होनंे कहा सरकारी नीतियों के कारण इस प्रकार की समस्या बन चुकी है कि हिन्दू समाज अपने ही देष में षरणार्थी बनता जा रहा है।
विष्व हिन्दू परिशद राश्ट्र को इस गंभीर समस्या से बचाने के लिए निरन्तर संघर्शरत है संतो ंके आषीर्वाद और कार्यकर्ताओं के आत्मीय योगदान के कारण वह लगातार अपने लक्ष्य की ओर अग्रसर है। तीन दिन चलने वाली बैठक में विभिन्न सत्र होंगें जिसमें देष की आन्तरिक एवं वाह्य समस्याओं से निजात पाने के लिए चर्चा होगी।

सुरेन्द्र अग्निहोत्री
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श्रद्धालुओं के साथ किए जा रहे दुव्र्यवहार पर कड़ी नाराजगी व्यक्त

Posted on 06 January 2012 by admin

श्रीराम जन्मभूमि न्यास अध्यक्ष महंत नृत्यगोपाल दास ने श्रीराम जन्मभूमि पर दर्षन को लेकर स्थानीय सुरक्षा कर्मियों द्वारा श्रद्धालुओं के साथ किए जा रहे दुव्र्यवहार पर कड़ी नाराजगी व्यक्त करते हुए कहा कि राम भक्तों के दर्षन हेतु अनुकूल वातावरण का निर्माण किया जाना चाहिए। सुरक्षा के नाम पर आतंकियों जैसा व्यवहार आचरण के विपरीत है।

श्री दास श्रीराम जन्मभूमि पर राम लला का दर्षन करने वृन्दावन के श्री काठिया बाबा आश्रम, रमणरेती से पहुंचे आधा दर्जन काठिया संतों को रोके जाने पर नाराजगी व्यक्त कर रहे थे। उन्होंने बताया संतों की अपनी परम्परा है उसी परम्परा के अन्तर्गत कोई कमर में मूंझ का आंडबन्द लगाता है कोई डोरी पहनता है और कोई काठ का आंडबन्द लगाता है। काठिया संतों द्वारा आंडबन्द काठ का पहना जाता है। रामलला के दर्षन के समय सुरक्षा कर्मियों ने उनके आंडबन्द पहनने मात्र पर दर्षन करवाने से मना कर दिया। उन्होनंे कहा श्रीराम लला का दर्षन करना प्रत्येक संत-धर्माचार्य और राम भक्तों का मौलिक अधिकार है। संत परम्परा पर किसी को हस्तक्षेप करने का अधिकार नहीं है। आये दिन श्रद्धालुओं द्वारा यह षिकायत मिलती आ रहा है कि श्रीराम जन्मभूमि पर तैनात सुरक्षा कर्मियों द्वारा उनसे दुव्र्यवहार किया जाता है।

उन्होंने कहा सुरक्षा के नाम पर आतंकियों जैसा व्यवहार उचित नहीं है। षासन प्रषासन सुरक्षा मानकों में सुधार लाये और ऐसे सुरक्षा कर्मियों को तैनात किया जाये जिन्हें व्यवहारिक ज्ञान हो, क्योंकि अयोध्या एक धार्मिक और पौराणिक नगरी है देष के कोने कोने से विभिन्न पंथ और सम्प्रदायों के आचार्य, महामण्डलेष्वर, श्रीमहंत, महंत तथा विभिन्न भाशा-भाशी क्षेत्रों के राम भक्त अपने आराध्य का दर्षन पूजन करने आते हैं यहाॅं से वह ऐसा संदेष न लेकर जाये जो अयोध्या की गरिमा के विपरीत हो।

काठिया संत केषव दास ने बताया कि हमारे साथ गोपाल दास, ललिता षरण, प्राण वल्लभ, मदनदास, गोपाल दास त्यागी आदि संत थे। वृन्दावन स ेचल कर मकरसंक्रान्ति का स्नान करने गंगासागर जा रहे थे। अयोध्या प्रभु श्रीराम की जन्मस्थली है इस कारण दर्षनार्थ यहाॅं आये लेकिन सुरक्षा के नाम पर हम सबके साथ किया गया व्यवहार दुखद रहा। आत्म पीडा पहुची है भगवान राम लला सुरक्षा अधिकारियों को सद्बुद्धि दे।

सुरेन्द्र अग्निहोत्री
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