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Archive | वाराणसी

काशी की धरोहर असि नदी के पुनर्जीवन में प्रशासन को पूरा सहयोग प्रदान करेंगे जन संघटन

Posted on 09 May 2017 by admin

काशी की धरोहर असि नदी की मुक्ति और पुनर्जीवन के लिए जनता की तरफ से कुछ व्यवहारिक सुझाव लेकर साझा संस्कृति मंच एवं असि नदी मुक्ति अभियान के कार्यकर्ताओं ने आज मंडलायुक्त को एक सुझाव पत्र दिया. गत दिनों इन प्रतिनिधियों से एक मुलाकात के दौरान मंडलायुक्त नितिन रमेश गोकर्ण ने सुझाव आमंत्रित किये थे. पत्रक में कहा गया कि काशी के पर्यावरणीय मुद्दों पर आपसे दिनांक 24 अप्रैल को हुयी मुलाक़ात के दौरान आपने असि नदी के पुनर्जीवन के लिए कुछ व्यावहारिक सुझाव आमंत्रित किये थे, उस क्रम में निम्न सुझाव है

1. ‘असि’ में मलजल और औद्योगिक अवजल का गिरना तत्काल रोका जाय, केवल शोधित किया हुआ जल ही असि में जाने दिया जाय.

2. उद्गम स्थल कन्दवा तालाब से असि संगमेश्वर तक सभी जलस्रोतों (कुएं और तालाब) को पुनर्जीवित किया जाय. कर्दमेश्वर तालाब,कंचन पुर ताल,कन्दवा पोखरा,और अन्य असि नदी के प्रवाह क्षत्र के कूप,बावली ,तालाब की सफाई करा दी जाय तो उसमें स्वच्छ जल प्रवाह का संकट स्वतः समाप्त हो जायेगा ।

3. जिस स्थान पर असि की चौड़ाई अधिक है वहां किनारे पर हरित पट्टी एवं पार्क का विकास किया जाय.

4. गंगा से लिफ्ट पम्प से पानी उठाकर असि उद्गमस्थल पर नियमित सप्ताह में कम से कम दो बार छोड़ा जाय.

5. असि में स्थान स्थान पर चेक डैम बना कर पानी को क्रमशः उतरने दिया जाय.

6. असि में अस्थायी अतिक्रमण हटाया जाय तथा नया अतिक्रमण न होने दिया जाय.

प्रतिनिधिमंडल ने असि के पुनर्जीवन की दिशा में किये जा रहे प्रत्येक सार्थक प्रयास का भरपूर सहयोग करने का भी आश्वासन दिया.

इस क्रम में ज्ञातव्य है कि इन संगठनों द्वारा विगत कई रविवार को प्रातः असि नदी के प्रवाह क्षेत्र में साप्ताहिक श्रमदान कार्यक्रम का संचालन किया जा रहा है इस क्रम में 7 मई रविवार को अस्सी के निकट सहोदर वीर पुलिया के पास श्रमदान किया जाएगा.

प्रतिनिधिमंडल में डा आनंद प्रकाश तिवारी, जागृति रही, वल्लभाचार्य पाण्डेय, डा अनूप श्रमिक, रवि शेखर, धनज्जय त्रिपाठी, विनय सिंह, महेंद्र कुमार, दिवाकर, मुकेश उपाध्याय, लक्ष्मण, दीन दयाल, फादर दयाकर आदि प्रमुख रूप से शामिल रहे.

भवदीय

साझा संस्कृति मंच

वाराणसी

सम्पर्क : 9839058528 (डा आनंद तिवारी)

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वाराणसी में फेरी पटरी व्यवसायियों का उत्पीडन रोकने के लिए सामाजिक कार्यकर्ताओं का प्रतिनिधिमंडल द्वारा एसएसपी से अपील की गयी

Posted on 09 May 2017 by admin

पथविक्रेता आजीविका संरक्षण अधिनियम 2014 की व्यवस्था के अनुरूप कार्यवाही की मांग की गयी

आज साझा संस्कृति मंच से जुड़े सामाजिक कार्यकर्ताओं और नेशनल हाकर्स फेडरेशन के प्रतिनिधियों का संयुक्त प्रतिनिधिमंडल आज वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक कार्यालय पहुंच कर प्रभारी अधिकारी से मिला और उन्हें इस छोटे व्यापारियों की समस्या से अवगत कराते हुए इनके साथ क़ानून की व्यवस्था के अनुरूप न्याय की गुहार की.

ssp-officeज्ञापन में कहा गया कि देश मे 4 मार्च 2014 को पथविक्रेता ( आजीविका का संरक्षण और पथ विक्रय विनियमन) अधिनियम 2014 लागू कर रेहडी पटरी खोमचे वालो के आजीविका की सुरक्षा एवं पुलिस के उत्पीड़न से निजात दिलाते हुए सम्मान पूर्वक रोजगार का अधिकार दिया गया है।

उक्त अधिनियम के अनुपालन मे परियोजना अधिकारी (डूडा) के अध्यक्ष जिलाधिकारी महोदय एवं नगर आयुक्त महोदय के संयुक्त प्रयास से 12 नवम्बर 2014 को टाउन वेन्डिग कमेटी बनाई गयी है, उक्त कमेटी के अध्यक्ष, नगरायुक्त महोदय नामित है। उक्त कानून के परिप्रेक्ष्य मे नगरनिगम एवं डूडा के माध्यम से वाराणसी मे 24472 वेन्डरो का सर्वे भी हो चुका है। उक्त अधिनियम मे स्पष्ट निर्देश दिया गया है कि सर्वे किये गये वेन्डरो को व्यवस्थित किया जाय और जब तक व्यवस्थित नही किया जाता तब तक उनको बेदखल /स्थानांतरित नही किया जायेगा।

पुलिस लंका थाना ने 23 मार्च को 150 सर्वे वेन्डरो को लंका-बीएचयू मुख्य रोड व लंका-ट्रामा सेंटर बीएचयू रोड से हटा दिया जिससे इन दुकानदारो के घर मे चुल्हे नही जल रहे है उनके बच्चे भूख से बिलबिला रहे है तथा उनके बच्चो की पढाई लिखाई बन्द है, वे सपरिवार भूखमरी के कगार पर है।

ज्ञातव्य है कि गुमटी व्यवसायी कल्याण समिति और नेशनल हॉकर्स फेडरेशन ने इस सम्बन्ध में दिनॉक 24 मार्च वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक वाराणसी, नगर आयुक्त नगर निगम, साँसद जनसम्पर्क कार्यालय, कमिश्नर वाराणसी, आईजी. पुलिस वाराणसी और माननीय नगर विकास मंत्री यूपी को पत्रक देकर वेंडरों की आजीविका सुनिश्चित और नियोजित करने की मॉग भी की है किन्तु कोई न्याय नही मिला

विगत 2 मई 2017 को गुमटी व्यवसाइयों के संदर्भ में एक बैठक अपर नगर आयुक्त नगर निगम, एसीएम-प्रथम, डूडा परियोजना अधिकारी और सीओ भेलूपुर, लंका थानाध्यक्ष, स्थानीय पार्षद श्री सोनू सेठ, बीएचयू छात्रों और टाउन वेंडिंग कमिटी सदस्य वेंडर चिंतामणि सेठ के साथ हुई है। इस बैठक में भी पटरी दुकानदारों की आजीविका के प्रति संवेदना और राष्ट्रीय फेरी पटरी कानून 2014 को संदर्भ लिया गया और सम्मानित अधिकारियो द्वारा सुझाव दिया गया कि वेंडरों और शहर के सामाजिक कार्यकर्ताओं की ओर से कोई प्रतिनिधिमंडल आदरणीय एसएसपी साहब से मिले तो ही इस समस्या का कोई समुचित हल निकल पाएगा

उक्त आलोक में आज सामाजिक कार्यकर्ताओं ने एसएसपी कार्यालय में उनके प्रतिनिधि से मिल कर पटरी दुकानदारों की सामाजिक एवं आर्थिक स्थिति और उनकी पारिवारिक जरूरतों और विकल्पहीनता को ध्यान में रखते हुए उनके स्वावलम्बी होने को न्यायोचित और मानवीय रास्ता राष्ट्रीय फेरी नीति कानून के आलोक में निकालने का अनुरोध किया.

प्रतिनिधिमंडल में डा आनंद प्रकाश तिवारी, दिवाकर, फादर आनंद, धनञ्जय त्रिपाठी, चिंतामणि सेठ, वल्लभाचार्य पाण्डेय, जागृति राही, ड़ा अनूप श्रमिक, राम जनम भाई, लक्ष्मण प्रसाद, रविशेखर आदि शामिल रहे.

भवदीय

साझा संस्कृति मंच

वाराणसी

संपर्क 7376848410 (धनंजय)

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फेरी पटरी कानून 2014 के उल्लंघन और दुकानदारों के उत्पीड़न के खिलाफ नगर निगम सिगरा कार्यालय का हुआ घेराव। उत्पीड़न बंद करो और वेंडर कानून लागु करने के लगे नारे

Posted on 21 April 2017 by admin

बनारस के ठेला पटरी दुकानदारों ने फेरी पटरी कानून 2014 लागु न होने एवं उत्पीड़न के प्रतिरोध में नगर निगम कार्यालय सिगरा वाराणसी का जोरदार घेराव किया। पूर्व सुचना के अनुसार सुबह 9 बजे से नगर निगम मुख्यद्वार पर पटरी दुकानदार जमा होने लगे और 10 बजते बजते अच्छी संख्या में पथ विक्रेता नगर निगम गेट पर घेराव कर दिए। घेराव के साथ ही दुकानदारों ने सभा शुरू किया और कहा की 2014 में एक लम्बे क़ानूनी और जमीनी लड़ाई के बाद आया हुआ फेरी पटरी कानून हम वेंडरों के लिए आशा की किरण लेकर आया था बाकि कानून बनने के बावजूद न तो हमारी कोई व्यवस्था हुई और न ही कोई सरकार हमें पूछने आई। बाकी पुलिस और नगर निगम के अतिक्रमण हटाओ दस्ते के अधिकारी उसी तरह दबाव , धमकी और उत्पीड़न करते रहे। यूपी चुनाव के कुछेक महीनो पहले कोई कम्पनी अख़बार के माध्यम से सामने आई की उसे सरकार की ओर से सर्वेक्षण के लिए नामित किया गया है और यह संस्था डूडा के सहयोग से काम करेगी। आनन् फानन में शहर में वेंडिंग जोन भी कागज़ी खाना पूर्ति कर बना दिए गए।  शहर के प्रबुद्ध समाजसंघर्ष कर्ताओ और फेरी पटरी दूकान समितियो के आपत्ति दर्ज कराने पर पथ विक्रेता समिति ( टाउन वेंडिंग कमिटी ) की बैठक करके सब काम लीपापोती किया गया।  जबकि कानून कहता है जिले के आला अधिकारियो की उपस्थिति में नगर निगम के नेतृत्व में शहर के चुने हुए पथ विक्रेता और नागरिक समाज के प्रतिनिधियों से बनी टाउन वेंडिंग कमिटी सर्वे लाइसेंसिकरण पहचानपत्र देने से लेकर वेंडिंग जोन से लेकर नो वेंडिंग जोन का निर्धारण करेगी। बाकी पैसो का  अनाप शनाप खर्च ( जिसके बारे में नगर निगम और डूडा दोनों ही आरटीआई के तहत भी जवाब नहीं दे रहे है) किया गया है। पथ विक्रेता समिति सदस्य (TVC ) बतौर लंका फेरी पटरी समिति की ओर से चिंतामणि सेठ लगातार इस काम में धांधली का अंदेशा जता रहे थे बाकी उनकी सुनी नहीं गयी। सरकार बदली और पूर्व में हुए सर्वे और सभी कवायदों को ताक पर रखते हुए पुलिस भेज कर लाठी के जोर पर बाजारों को साफ़ करवाया जाने लगा। नगर विकास मंत्री,  मंडलायुक्त , जिलाधिकारी, पुलिस कप्तान से लेकर नगर निगम आदि सभी सम्भव दरवाजो पर एडिया रगड़ के पथ विक्रेता तंग आ चुके है और पिछले 23 मार्च से लँका पर दुकाने बंद होने की वजह से सपरिवार बी भुखमरी के कगार पर है और इन वजहों से सिवाय आंदोलन के कोई विकल्प शेष नहीं है और यह घेराव उसी प्रतिरोध दर्ज करने की , अपना   आक्रोश व्यक्त करने की एक जुगत मात्र है। पूर्वसूचना के साथ पंहुचे पटरी व्यवसाइयों के पास नगर आयुक्त स्वयं मिलने नहीं आए और अचानक से बीच सभा में अपने कार्यालय से निकले और बिना बात किए ही जाने को हुए तो मुख्यद्वार फेरी पटरी दुकानदारों द्वारा जाम किए जाने से खफा भी हो गए और फिर लगातार वेंडर कानून लागू करो ! हम अपना अधिकार माँगते नहीं किसी से भीख माँगते ! आवाज़ दो ! हम एक है !!  और लड़ेंगे जीतेंगे के नारो के बीच कार से निकलकर धरना स्थल पर आए और ज्ञापन लिया। प्रतिवादी स्वर की उग्रता भाप कर हम सब के बीच आये,लेकिन तेवर वही था । पटरी दुकानदारों , साझा संस्कृति मञ्च के समाजसंघर्ष कर्मियों और बीएचयू छात्रों के तेवर को देख बातचीत के स्तर पर आए और जटिल व्यवस्था का हवाला देकर नगर आयुक्त जी कहे की ” पटरी दुकानदारों को हटाने में नगर निगम की कोई भूमिका नहीं है और न ही हम लोगो से कोई सलाह भी लिया गया है।  घेराव कर रहे लोगो में आस्चर्य था की शहर के संचलन को मुख्य जिम्मेदार संस्था नगर निगम से बिना बात किए इतना बड़ा अतिक्रमण हटाओ अभियान और वेंडरों का उत्पीड़न एक केंद्रीय कानून को ताक कर शहर में कैसे चल रहा है ? डीएम मंडलायुक्त के साथ महत्वपूर्ण बैठक का हवाला देते हुए जाने की अनुमति चाहे साथ ही मण्डलायुक्त,जिलाधिकारी और अन्य अधिकारियो से समस्या समाधान की बात कर कल तक सूचित करने की बात कही ।

नगर आयुक्त के आश्वाशन पर आंदोलन /घेराव एक दिन के लिए स्थगित कर दिया गया। लेकिन वेंडरों के बीच सवाल वैसे ही पड़ा हुआ रहा की 2014 के कानून पर अमल क्यों नहीं हुआ आज तक और गत 23 मार्च सेलँका पर जो पटरी व्यवसायी गैर क़ानूनी प्रशासनिक गुंडई से हटाए गए है उनका पेट कैसे भरेगा उनकी रोजी रोटी कैसे चलेगी ?
घेराव व जनसभा में मुख्य रूप से चिंतामणि सेठ,सोनू सोनकर पार्षद ,एस पी राय, डॉ.आनन्द प्रकाश तिवारी,संजीव सिंह,धनन्जय त्रिपाठी,प्रेम सोनकर,अनूप श्रमिक,दिवाकर,विनय सिंह , रामजन्म, राजेश्वरी देवी, मुन्नी , बसंत , रिंकू सेठ, बाबू सोनकर ,सूरज ,राजेश, रेशमी,हीरावती रामजी अदि शामिल थे ।

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वाराणसी को स्वच्छ सुन्दर और हरा भरा बनाने के लिए सचेत सामाजिक संस्थाओं द्वारा संयुक्त रूप से श्भू सेवा जल सेवा अभियान 2015श् का संचालन किया जा रहा

Posted on 17 July 2015 by admin

वाराणसी को स्वच्छ सुन्दर और हरा भरा बनाने के लिए सचेत सामाजिक संस्थाओं द्वारा संयुक्त रूप से श्भू सेवा जल सेवा अभियान 2015श् का संचालन किया जा रहा हैण् इस अभियान के अंतर्गत विभिन्न सरकारी विभागों से लगातार संपर्क कर उन्हें वाराणसी को प्रदूषणमुक्त किये जाने की दिशा में सुझाव दिए जा रहे हैं
साथ ही शहर के विभिन्न इलाकों में जन चेतना रलियों का आयोजन किया जा रहा है इस क्रम में आज वाराणसी शहर में नदेसर इलाके में पर्यवरण चेतना रैली के द्वारा जन संपर्क किया गयाण् रैली के प्रारंभ होने से पूर्व वरुनापुल के निकट पर हुयी नुक्कड़ सभा में आयोजको ने कहा काशी नगरी में हो रहे विकास के क्रम में एक तरफ
तेजी से यहाँ की हरियाली गायब होती जा रही है वहीँ दूसरी ओर बढती जनसंख्या के कारण प्रदूषण भी बढ़ता ही जा रहा हैए आज वाराणसी में बहने वाली नदियांए कुंडए तालाब आदि संकट के दौर से गुजर रहे हैंए ऐसे में धीरे धीरे यहाँ का वातावरण स्वास्थ्य के लिए प्रतिकूल होता जा रहा हैण् इस भयानक स्थिति को सुखद बनाने के
लिए नगर निगमए जिला प्रशासनए वन विभाग उद्यान विभाग के साथ साथ  आम नागरिकों को भी अपने कर्तव्यों का निर्वहन करना होगाण्  वक्ताओं ने बताया की विभिन्न विभागों से संपर्क कर उन्हें कुछ महत्व पूर्ण सुझाव दिए गए हैं जिनमे एक प्रमुख सुझाव यह है कि फ्लाई ओवर के नीचे की खली पड़ी झग को नर्सरी संचालकों को
आसान शर्तों पर उपलब्ध करा कर वहां शोभाकार पौधों की बिक्री के लिए प्रेरित किया जाय इससे लोग स्वयं भी घरों में पौधे लगाने के लिए आगे आयेंगे और इस स्थान पर स्वाभाविक हरियाली हो जायेगीण् वक्ताओं ने कहा की बड़ी दुखद बात है की आज हम घरों में भी प्लास्टिक के पौधे गमले में लगा कर रख रहे हैं यह पर्यावरण
के लिए निराशाजनक संकेत हैण् घरों में तुलसी ए गुलाबए बेलाए कामिनी आदि के पौधे गमलों में बड़ी सुलभता से लगाये जा सकते हैंण्

इस अवसर पर स्थान स्थान पर आयोजित नुक्कड़ सभा  और पर्यावरण चेतना रैली में  अभियान  के संयोजक फादर आनंद ने लोगों से अपील की  कि  गंगाए वरुणा और असि नदियोंए कुंडों और तालाबों में किसी भी प्रकार का प्रदूषण न करें और दूसरों को भी इसके लिए रोकेंण् सडकों के किनारेए पार्कए मैदानए विद्यालयए
कालोनी आदि में खाली स्थानो पर पौधरोपण करें और पौधों को सुरक्षित रखेंए इस कार्य के लिए इच्छुक लोगों को जो पोधों की सुरक्षा करने में सक्षम होंगे अभियान की तरफ से पौधरोपण के लिए पौधे और टेरेस और बालकनी में सब्जियां उगाने के लिए मार्गदर्शन निशुल्क उपलब्ध कराया जा रहा हैण् पर्यावरण के प्रतिकूल पोलीथिन और
प्लास्टिक का उपयोग करना बंद करें बाजार से सामान लाने के लिए कपड़े का झोला साथ लेकर जाएँण् रैली के दौरान नदेसर पर स्वामी विवेकानंद स्मारक के सामने वाले पार्क को पालीथीन और कचरा मुक्त करके उसमे खाली स्थान पर शोभाकार पौधे लगाये गयेए कुछ पौधे इच्छुक लोगो और दुकानदारों को भी वितरित किये गयेण्

चेतना रैली में ष्किरण सेंटरष् के बच्चों और राष्ट्रीय सेवा योजना से जुड़े छात्रों ने बढ़ चढ़ का हिस्सा लिया और स्टीकरए प्ले कार्डए पर्चे और गीतों के माध्यम से लोगों को पर्यावरण की रक्षा के लिए चैतन्य होने की अपील कीण् प्रेरणा कला मंच के कलाकारों ने पर्यावरण को समृद्ध करने का सन्देश देते
हुए गीतों को प्रस्तुत कियाण् इस अभियान में प्रमुख रूप से विश्व ज्योति जन संचार समितिए आशा ट्रस्टए विकास एवं शिक्षण समितिए देव एक्सेल फाउन्डेशनए किरण संसथान और जन विकास समिति आदि संस्थाएं सहयोग कर रही है कार्यक्रम में प्रमुख रूप से विनय सिंहए शिवांग शेखर ए शुभम
सिंहए जनार्दन राय ए फादर मारिया दासए पिंटूए  वल्लभाचार्य पाण्डेयए  डा राजेश श्रीवास्तवए नन्दलाल मास्टरए सूरज पाण्डेयए प्रदीप सिंहए राजकुमार पटेलए मुकेश झांझरवाला ए दिनेशए प्रज्ञान सिंहए विजयए उषाए ममता आदि सहित किरन संस्था के विशेष योग्यता वाले लगभग 35 बच्चे शामिल थेण्

सुरेन्द्र अग्निहोत्री
agnihotri1966@gmail.com
sa@upnewslive.com

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आचार्य नरेन्द्र देव स्मृति भू-अधिग्रहण बिल 2015 विरोधी पदयात्रा

Posted on 23 March 2015 by admin

काशी हिन्दू विश्वविद्यालय से काशी विद्यापीठ तक छात्रों-प्रोफेसरों-नागरिकों की पदयात्रा
नरेन्द्र मोदी सरकार द्वारा अपने विवादास्पद भू-अधिग्रहण अध्यादेश, 2014, में नौ संशोधनों के तथा 13 ऐसे कानूनों को भू-अधिग्रहण बिल के अंतर्गत लाना जिनके तहत भू-अधिग्रहण हो सकता है लेकिन वे पहले बाहर रखे गए थे के बावजूद इस बिल का मूल चरित्र किसान विरोधी ही बना हुआ है। इसलिए हम तमाम जन संगठन, राजनीतिक दल व छात्र, प्रोफेसर व नागरिक इसका विरोध करते हैं और मांग करते हैं निम्न कारणों से इसे अस्वीकृत किया जाए।

ऽ    भले ही सरकार अपने लिए ही भूअर्जन करे किंतु 70 प्रतिशत किसानों की सहमति के प्रावधान को खत्म करना गलत है।
ऽ    बिना सामाजिक प्रभाव आंकलन के भू-अधिग्रहण नहीं होना चाहिए।
ऽ    स्पष्ट रूप से नहीं कहा जा रहा है कि सिंचित बहुफसली जमीन अधिग्रहित नहीं की जाएगी, जो खाद्य सुरक्षा के लिए जरूरी है।
ऽ    प्रत्येक विस्थापित परिवार के एक सदस्य को नौकरी देने की बात पहले भी रही है किंतु भारत में अभी तक किस परियोजना में ऐसा हुआ है? जो बात कही नहीं जाती वह है कि योग्यता होने पर हीे नौकरी मिलेगी।
ऽ    पांच साल तक भूमि का कोई उपयोग न होने पर वह किसान को लौटा दी जाएगी को संशोधन में शामिल नहीं किया गया है।
ऽ    औद्योगिक गलियारे के नाम सड़क या रेल लाइन के दोनों तरफ 1 कि.मी. भूमि जो कितना भी लम्बा हो सकता है ली जा सकती है।
ऽ    सर्वोच्च न्यायालय के निर्देश कि मुआवजा न्यायालय में या बैंक खाते में दिया जाए अब अनिवार्य नहीं है।
ऽ    यदि कोई अधिकारी कुछ गलत करता है तो उसके विभाग की अनुमति के बगैर उसके खिलाफ कानूनी कार्यवाही हो सके इस प्रावधान को भी शामिल नहीं किया गया है।

यानी सरकार ने अधिनियम में सुधार के नाम पर इसे और जन विरोधी बना दिया है। यदि सरकार को जमीन चाहिए ही तो पहले से अधिग्रहित जमीन, विशेष आर्थिक क्षेत्र के नाम पर अधिग्रहित जमीन, बंद पड़े उद्योगों की जमीन, रेल, सेना व अधिकारियों के अंग्रेजों के जमाने में बने बंगलों की अतिरिक्त जमीनें पहले ली जाएं।

किसान विरोधी भू-अधिग्रहण बिल को वापस करवाने की मांग को लेकर आचार्य नरेन्द्र देव, जो काशी हिन्दू विश्वविद्यालय व काशी विद्यापीठ दोनों के ही कुलपति रहे, की स्मृति में एक पदयात्रा का आयोजन किया गया।

इस यात्रा में गुमटी व्यवसायी कल्याण समिति, साझा संस्कृति मंच, जन आंदोलनों के राष्ट्रीय समन्वय, लोक समिति, प्राकृतिक कृषि अभियान, इंडियन पीपुल्स फ्रंट, भगत सिंह छात्र मोर्चा, समाजवादी जन परिषद, सोशलिस्ट छात्र सभा, सोशलिस्ट किसान सभा व सोशलिस्ट पार्टी (इण्डिया) के सदस्यों और आम छात्र, प्रोफेसरों व नागरिकों ने भाग लिया। उन्नाव जिले से सोशलिस्ट किसान सभा के प्रदेष संयोजक अनिल मिश्र विषेष रूप से इस यात्रा में भाग लेने आए थे।

अनिल मिश्र ने कहा कि किसान की जिदंगी बद से बदत्तर होती जा रही है। उसकी जमीन को छीनना उसकी आजादी के साथ खिलवाड़ है। वर्तमान सरकार अंग्रजों के जुल्म को भी पीछे छोड़ना चाहती है। किसान तो पहले से ही पीडि़त है। उसको अपनी फसल का न्यूनतम समर्थन मूल्य नहीं मिलता, खाद, पानी मिलने में दिक्क्त आती है, प्रकृति के प्रकोप का शिकार बनता है और कर्ज न चुका पाने पर आत्महत्या भी कर लेता है। जिस विकास में किसान की भागीदारी होनी चाहिए वह उसकी कीमत पर क्यों किया जाना जरूरी है?

काषी विद्यापीठ के प्रोफेसरों राम प्रकाष द्विवेदी, अनिल उपाध्याय, संजय, रमन पंत व काषी हिन्दू विष्वविद्यालय से डाॅ. संदीप पाण्डेय ने इस आयोजन में भाग लिया।

सुरेन्द्र अग्निहोत्री
agnihotri1966@gmail.com
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वाराणसी भारत का एक ऐतिहासिक शहर है। धर्म और संस्कृति के कोष ने खुद को भारतीयता का चिन्ह बना लिया है।

Posted on 16 April 2014 by admin

वाराणसी भारत का एक ऐतिहासिक शहर है। धर्म और संस्कृति के कोष ने खुद को भारतीयता का चिन्ह बना लिया है। बनारस का अतुल्य सौंदर्यए उसकी अपार गरिमा एवं मायाए सदियों से कवियोंए संगीतकारोंए कलाकारों और बुद्धजीवियों को अपनी ओर खींचती रही है। मंगलवार को उत्तर प्रदेश प्राविधिक विश्वविद्यालय के वास्तुकला संकाय में इतिहास दोहराया गया। संकाय के छात्रों और शिक्षको ने मिलकर वाराणसी के घाटों और गलियों के सन्दर्भ में एक प्रदर्शनी आयोजित की।
ष्बनारस रिकनेक्टेडश् नामक प्रदर्शनी का उदघाटन श्श्री राजन शुक्ला, प्रमुख सचिव, सांस्कृतिक, उ0प्र0 सरकारश्  ने किया। इस प्रदर्शनी के साथ  प्रो0आर0के0खाण्डाल, माननीय कुलपति उ0प्र0प्राविधिक विश्वविद्यालय, लखनऊ ने वाराणसी के विषय में छात्रों एवं शिक्षकों द्वारा संकलित एक प्रबंध पुस्तिका का विमोचन भी किया। संकाय के प्राचार्य, प्रो0जगबीर सिंह के दिषा-निर्देशन एवं सहयोग से इस विस्तृत प्रलेखन का संकलन चतुर्थ एवं पंचम वर्ष के छात्रों द्वारा विश्वविद्यालय के पिछले दो सत्रों में किया गया है। अपने प्रकार का यह एक सबसे विस्तृत और सम्पूर्ण प्रलेखन है। इसका उद्देश्य वाराणसी की सांस्कृतिक और वास्तविक धरोहर को समझना है। इतिहास से सीख लेकर भविष्य को सवारने की क्षमता हर आर्किटेक्ट में होनी चाहिए। छात्र एवं अध्यापक पिछले वर्ष से इस संकलन में लगे हुए हैं। संकलन का नेतृत्व डा0वन्दना सहगल, आर्कि0रितु गुलाटी, आर्कि0रजत कान्त, आर्कि0राकेश पैजवार, आर्कि0वैभव बक्शी और आर्कि0आषीष गौतम ने किया
इस अवसर पर प्रो0पी.के.सिंह-निदेशक, ए.एस.आई., सुश्री अनुराधा संयुक्त सचिव, सांस्कृतिक-उ0प्र0सरकार,  जानेमाने फोटोग्राफर-श्री रवि कपूर, श्री के.के.अस्थाना, चीफ आर्किटेक्ट, निर्माण निगम, प्रो0सेवा राम अग्रवाल, आर्कि0मोहित अग्रवाल, आर्कि0विशाल गुलाटी एवं आर्कि0विपुल वाष्र्णेय  भी पधारे। लखनऊ एवं आस.पास के सभी वास्तुकला विद्यालयों मे निमंत्रण भेजे गए हैं। यह प्रदर्शनी १८ अप्रैल, 2014 तक लगी रहेगी।

सुरेन्द्र अग्निहोत्री
agnihotri1966@gmail.com
sa@upnewslive.com

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डाक विभाग द्वारा सारनाथ में डाक मेले का आयोजन, डाक निदेशक केके यादव ने किया उदघाटन वाराणसी कैंट के बाद अब शीघ्र ही वाराणसी प्रधान डाकघर भी जुड़ेगा सीबीएस से-केके यादव

Posted on 22 March 2014 by admin

भारतीय डाक विभाग द्वारा वाराणसी (पूर्व) डाक मंडल अंतर्गत सारनाथ डाकघर में 21 मार्च 2014 को डाक मेले का आयोजन किया गया, जिसका उदघाटन इलाहाबाद परिक्षेत्र के निदेशक डाक सेवाएं कृृष्ण कुमार यादव ने किया। इस अवसर पर डाक जीवन बीमा के तहत 2 करोड़, ग्रामीण डाक जीवन बीमा के तहत 6 करोड़ 20 लाख एवं 8,029 विभिन्न तरह के खाते खोले गये।
डाक मेले का उदघाटन करते हुए इलाहाबाद परिक्षेत्र के निदेशक डाक सेवायें श्री —ष्ण कुमार यादव ने कहा कि डाक विभाग जहाँ नित नर्इ सेवायें लागू कर रहा है, वहीं विभाग ने अपनी परम्परागत छवि को प्रतिस्पर्धा के तहत कारपोरेट इमेज में भी तब्दील करने का प्रयास किया है। संचार क्रानित के दौर में अपनी सेवाओं को त्वरित बनाने और उनकी गुणवत्ता में वृद्वि हेतु डाक विभाग ने जहाँ सभी डाकघरों को कम्प्यूटरी—त किया है, वहीं ग्राहकों की वर्तमान एवं भावी आवश्यकताओं को पूरा करने के लिये प्रौधोगिकी आधारित नये उत्पाद एवं सेवायें भी आरम्भ की हैं। डाक निदेशक श्री कृष्ण कुमार यादव ने कहा कि वाराणसी कैंट के बाद अब शीघ्र ही वाराणसी प्रधान डाकघर को भी सीबीएस से जोड़ा जा रहा है। सीबीएस से जुड़ने के बाद एनीव्हेयर एनीटाइम बैंकिंग के तहत क्रमबद्ध रूप में धीरे-धीरे ग्राहकों को आन लाइन बैंकिंग, मोबाइल बैंकिंग, नेट बैंकिंग और एटीएम इत्यादि का लाभ मिल सकेगा।
निदेशक श्री यादव ने डाक अधिकारियों  से रूबरू होते हुए कहा कि फील्ड में उनकी कार्य गतिविधियाँ ही विभाग के प्रति अवधारणा (इमेज) बनाती हैं, ऐसे में उन्हें ग्राहकों के प्रति ज्यादा संवेदनशील होने की जरुरत है। आज के प्रतियोगी दौर में यह सोचना कि  मात्र काउंटर पर सेवाएँ देकर जनता को आकर्षित किया जा सकता है, उचित नहीं है। ज्यादा राजस्व के लिए हमें खुद लोगों के पास जाना होगा, नियमित संवाद स्थापित करते हुए उन्हें सेवाओं और गुणवत्ता के बारे में जागरूक करना होगा, तभी लक्ष्यों की प्रापित हो सकेगी।
वाराणसी पूर्व मंडल के प्रवर डाक अधीक्षक श्री डी बी त्रिपाठी ने कहा कि, तमाम गांँवों को बचत बैंक ग्राम और सम्पूर्ण ग्रामीण डाक जीवन बीमा ग्राम के तहत भी आच्छादित किया जा रहा है। श्री त्रिपाठी ने बताया कि वाराणसी (पूर्व) डाक मंडल में जहाँ विभिन्न तरह के 5 लाख खाते चल रहे हैं, वहीं इस वित्तीय वर्ष में लोगों का 13 करोड़ का डाक जीवन बीमा व 11 करोड़ का ग्रामीण डाक जीवन बीमा कराया जा चुका है।
वाराणसी के डाक अधीक्षक श्री टी बी सिंह ने कहा कि डाकघरों में निवेश की तमाम योजनायें हैं, जिनमें बचत खाता, आवर्ती जमा, सावधि जमा, मासिक आय योजना, पी. पी. एफ., सीनियर सिटीजन सेविंग स्कीम एवं राष्ट्रीय बचत पत्र में निवेश किया जा सकता है।
इस अवसर पर पोस्टमास्टर श्री रामायण प्रसाद, सहायक डाक अधीक्षक श्री आरसी राम, श्री बीपी सिंह,  डाक निरीक्षक दीपक कुमार, श्री विनोद श्रीवास्तव, सहित तमाम अधिकारी, कर्मचारी, बचत अभिकर्तागण व नागरिक उपसिथत थे।

सुरेन्द्र अग्निहोत्री
agnihotri1966@gmail.com
sa@upnewslive.com

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अज्ञात बदमाशों ने चाकू से हमला कर 02 लाख रूपये नगद व 12 लाख रूपये के स्टाम्प पेपर लूट लिये।

Posted on 24 October 2013 by admin

दिनांक 22-10-13 को समय 1700 बजे थाना शिवपुर क्षेत्रान्तर्गत स्टाम्प विक्रेता, श्री विजय कुमार सिंह निवासी शीतलनगर थाना शिवपुर जनपद वाराणसी कचेहरी से अपने घर आ रहे थे, ग्राम खुशहालनगर के पास मोटर साइकिल सवार 04 अज्ञात बदमाशों ने चाकू से हमला कर 02 लाख रूपये नगद व 12 लाख रूपये के स्टाम्प पेपर लूट लिये।
इस संबंध में थाना शिवपुर पर मु0अ0सं0 27413 धारा 394324 भादंवि का अभियोग पंजीकृत कर घटना के अनावरण के प्रयास किये जा रहे हैं।

सुरेन्द्र अग्निहोत्री
agnihotri1966@gmail.com
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इस्पाोत मंत्रालय की हिंदी सलाहकार समिति की बैठक

Posted on 14 September 2013 by admin

इस्पाोत मंत्रालय की हिंदी सलाहकार समिति की बैठक आज दिनांक 13 सितम्बंरए 2013 को माननीय इस्पालत मंत्री श्री बेनी प्रसाद वर्मा जी की अध्य्क्षता में वाराणसीए उत्त1र प्रदेश में हुई। बैठक में समिति के सदस्योंं ने भाग लिया जिनमें संसद सदस्यस और हिंदी के विद्वान शामिल थे।

माननीय इस्पारत मंत्री ने अन्यश बातों के साथ.साथ सदस्योंम को मंत्रालय तथा उसके नियंत्रण के अधीन उपक्रमों में हिंदी के प्रयोग की स्थिति से अवगत कराया। इस्पायत मंत्री ने मंत्रालय में हिंदी के प्रयोग को बढ़ाने के लिए दिए गए सुझावों का स्वा गत किया।

सदस्योंि को सूचित किया गया कि इस्पाीत मंत्रालय ऐसा पहला मंत्रालय है जिसे प्ैव् 9001रू2008 सर्टिफिकेट से प्रमाणित किया गया है। सदस्योंा को इस बात से भी अवगत कराया गया कि अप्रैल.अगस्तम 2013 के दौरान देश में कच्चे  इस्पागत का उत्पाअदन लगभग 33 मिलियन टन था जो पिछले वर्ष की इसी अवधि की तुलना में 2ण्5: अधिक था।

सदस्योंअ ने बैठक में मंत्रालय में हिंदी के प्रयोग की स्थिति की विस्तृएत समीक्षा की और हिंदी के प्रयोग को बढ़ाने के लिए मंत्रालय के प्रयासों की सराहना की। माननीय मंत्री महोदय ने सदस्यों: को इस बात से आश्व स्तप किया कि उनके द्वारा दिए गए रचनात्मदक सुझावों पर कार्रवाई की जाएगी। यह भी निर्णय लिया गया कि मंत्रालय में भविष्यए में हिंदी में और अधिक कार्य करने के गहन प्रयास किए जाएंगे।

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कूपर काॅरपोरेशन प्रा0 लि0 ने भारत का सबसे अधिक मूल्य प्रभावी पावर पैक जनरेटर पेश किया

Posted on 13 July 2013 by admin

वाराणसी जुलाई, 2013:

edited-cooper-corpभारत में डीजल इंजन निर्माण के क्षेत्र में अग्रणी कंपनी कूपर काॅरपोरेशन ने मूल्य प्रभावी एवं शांत पर्यावरण के क्षेत्र में शांत क्रान्तिकारी डीजल जनरेटर ’’कूपर ईकोपैक’’ ब्रांड नेम के साथ भारतीय बाजार में पेश किया है। कम ईंधन खपत वाला यह जनरेटर वजन में भी काफी हल्का है वहीं इसका आकार भी काफी छोटा है तथा यह अमेरिकी और यूरोपीय उत्सर्जन नियमों के अनुरूप है।
वर्षों तक स्वदेशी शोध के बाद तथा रिकाॅर्डो यूके के तकनीकी सहयोग से ’’कूपर ईकोपैक’’ जेनसेट को पेश किया गया है। यह 10 केवीए से लेकर 180 केवीए तक उर्जा शक्ति के बाजार में उपलब्ध कराया जायेगा। आज डीजल इंजन चलाने की लागत करीब दुगुनी हो गई है, क्योंकि सरकार ने डीजल पर दी जाने वाली सब्सिडी को धीरे - धीरे समाप्त सा कर दिया है। अब कूपर एक इंटरनेशनल डिजाइन इंजीनियरिंग कंपनी रिकाॅर्डो के सहयोग से सफलतम प्रौद्योगिकी के साथ पेश किया गया है।
10 केवीए से 40 केवीए तक के जेनसेट ट्विन सिलेंडर, 4 वाल्ब और तरल शीतलता प्रणाली के साथ है, कपूर डीजल इंजन सीआरडीआई टेक्नोलाॅजी पर आधारित है, इन जनरेटर्स का निर्माण कूपर काॅरपोरेशन की सतारा महाराष्ट्र में स्थापित एसेंबलिंग संयंत्र में किया जाता है। इसके बाद 180 केवीए की पूरी रेंज 3,4,6 सिलेंडर्स की शक्ति के कूपर इंजन के साथ पेश की गई है।
कूपर काॅर्प के ईकोपैक जनरेटर के इस लांच के अवसर पर अध्यक्ष एवं प्रबंध निदेशक फारूख एन. कपूर ने कहा कि ईकोपैक श्रृंखला कूपर काॅरपोरेशन के लिए एक वैश्विक मंच प्रदान करेगी, क्योंकि भारत में अन्य डीजल पावर जनरेटरों की तुलना में यह काफी अनूठा होगा, क्योंकि इसमें दी गई खूबियां दूसरों के मुकाबले काफी अधिक है जैसे कि 25 प्रतिशत ईंधन की खपत में कमीं, आकार में अन्य जनरेटर्स की तुलना में 25 प्रतिशत छोटा होना, 40 प्रतिशत छोटा होना, 40 प्रतिशत हल्का तथा रखरखाव खर्च में 42 कटौती करने वाला कूपर काॅर्प की ईकोपैक को घरों में आसानी के साथ काम में लिया जा सकता है, इतना ही नहीं इन्हें फार्म हाउसेज, बंगले, होटल्स और खुदरा विक्रेताओं, दफ्तरों, टेलिकाॅम टावर्स के लिए भी उपयोग किया जा सकता है।
कूपर्स काॅर्पस के ईकोपैक श्रृंखला भारत की पहली यूरो मानक पांच यूएस इपीए टीयर चार अंतरिम और सीपीसीबी - 2 की पालना पूरी करने वाला जनरेटर है। इन सारी खूबियों को देखते हुए कूपर्स काॅर्प का ईकोपैक स्वतः ही पर्यावरण प्रमी ग्राहकों की पहली पसंद बन जाएगा सेवन टैंक प्रीट्रीटमेंट और डबल पावर कोटिंग होने से कूपर काॅर्प की ईकोपैक श्रृंखला दक्षता, शान्त, ऊर्जा से भरपूर तो होगा ही साथ इसकी आवाज एक मीटर की दूरी पर महज 75 डाॅलबी तक ही होगी वह भी खुले मैदान की स्थिति होने पर।
इसका इंजन अत्याधुनिक ईसीयू माॅड्यूल पर आधारित है जो इंजन की हर प्रकार की जटिल परिस्थितयों को सहने में सक्षम है। कूपर ईकोपैक दक्ष और ग्राहक प्रेमी होने के साथ ही पांच सौ घंटे चलने के बाद रख रखाव के मामले में काफी सस्ता होगा। कूपर ईकोपैक 15 केवीए जेनसेट आपके डीजल खपत में किस प्रकार 30 प्रतिशत तक कमी करता है, इस ग्राफ को देख कर आप आसानी से समझ जाएंगे।
कूपर काॅर्प की ईकोपैक श्रंृखला के जेनसेट कूपर की गुणवत्ता की गारंटी के साथ पेश किए जा रहे हैं, इसमें किसी प्रकार की रूकावट (ब्रकडाउन) आने की तो गुंजाइश ही नहीं है, फिर भी इसके रख रखाव के लिए देशव्यापी सर्विस डीलर्स का संजाल (नेटवर्क) है जो कि पूरी तरह के उपकरणों से सज्जित होने के साथ ही इनके पास इस इंजन के वास्तविक पार्टस का भंडार है जोकि बिक्री के बाद तत्काल उपलब्ध करवाया जाता है। 10 केवीए से 180 केवीए के ईकोपैक जेनसेट की कीमत 2 लाख से 8.5 लाख रुपए निर्धारित की गई है जोकि इसके काॅन्फिगरेशन के अनुसार है। अधिक जानकारी के लिए लाॅग आॅन करें www.coopergenset.com

सुरेन्द्र अग्निहोत्री
agnihotri1966@gmail.com
sa@upnewslive.com

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