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Archive | विज्ञान

रूद्रक्ष सभी लोगों के मन और मस्तिष्क में एक विशिष्ट स्थान रखता है

Posted on 01 December 2012 by admin

रूद्रक्ष सभी लोगों के मन और मस्तिष्क में एक विशिष्ट स्थान रखता है क्योंकि इसका संबन्ध पीढि़यों से शक्तिशाली शिव के साथ है। यह निर्भयता, आत्मविश्वास, अच्छे स्वास्थ्य, रक्तचाप नियन्त्रण, तनाव और चिंता नियंत्रण की पेशकश करने के लिए माना जाता है। किस्मत, सफलता, विकास, आध्यात्मिकता, वैवाहिक/पारिवारिक आनंद, भौतिक लाभ और सुरक्षा, कम लोगों को पता है कि इन मोतियां में विद्युतचुम्बकीय, पैसमैग्नेटिक और आगमनात्मक गुण है जो वैज्ञानिकता से मापे गये और अपने आप पर एक सकारात्मक प्रभाव अनुभव होता है जब इन मोतियों को त्वचा से छूता हुआ पहना जाता है। सच्चे ज्ञान और अद्भुत मोती के आसपास के रहस्यों के द्वारा लोकप्रिय होने के बाद रूद्रालाइफ, तनय सीता द्वारा 2001 में अपने शानदार पिता कमल नारायण सीता के मार्गदर्शन के तहत सेमिनारों और प्रदर्शनियों के माध्यम से जनता को शिक्षित करने के लिए एक मिशन की शुरूआत की। रूद्रालाइफ 500 के बारे मंें आज तक भारत में और विदेशों में प्रदर्शनियों का आयोजन किया गया है। कई टीवी शो, साथ ही प्रिंट और इलेक्ट्राॅनिक मीडिया में विभिन्न लेख और प्रस्तुतियों के रुप अच्छी तरह से पता चलता है कि रूद्राक्ष पर बनाया गया जागरूकता के विशेषज्ञों ने दुनिया भर के लोगों से मुलाकात की है और उनके अनुभवों का अध्ययन, अंकज्योतिष/ज्योतिष पर आधारित संयोजन की सिफारिश की एक अनूठी रणनीति विकसित कर रहे है। इस रूद्रालाइफ से सिफारिशों का लाभ हुआ है कि दुयिा भर में लोगों को और रूद्रालाइफ के बहुत सारे असंख्य प्रशंसापत्र प्राप्त हुए है।

सुरेन्द्र अग्निहोत्री
agnihotri1966@gmail.com
sa@upnewslive.com

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विज्ञान प्रदर्षनी ट्रेन

Posted on 08 November 2012 by admin

जैव विविधता बोर्ड पर आधारित नवीनतम विज्ञान प्रदर्षनी ट्रेन ‘‘साइंस एक्सप्रेस वायोडायवसिटी स्पेषल का आज चारबाग रेलवे स्टेषन पर श्री वी0 एन0 गर्ग प्रमुख सचिव वन एवं पर्यावरण उत्तर प्रदेष द्वारा स्वागत करते हुए फीता काटकर दर्षनार्थियों के लिए खोला गया। उन्होंने कहा कि इस प्रदर्षनी का मुख्य उद्देष्य समाज के विभिन्न वर्गों में विषेष रूप से विद्यार्थियों में भारत की जैव विविधता, जलवायु परिवर्तन तथा संबंधित विषयों के बारे में जागरूकता उत्पन्न करना है।
साइंस एक्सप्रेस ट्रेन में एस0 इ0 वी0 एस0 के 16 डिब्बों में से 8 डिब्बे पर्यावरण एवं वन मंत्रलाय द्वारा समर्थित है जो कि भारत के विभिन्न जैव भौगोलिक क्षेत्र जैसे कि ट्रांस-हिमालय तथा हिमालय, गंगा का मैदानी क्षेत्र, उत्तर पूर्वी भारत रेगिस्तान तथा अर्धषुष्क क्षेत्र, पष्चिमी घाट, डेक्कन प्रायदीप समुद्री तट और दीपों में फैली हुई अपार जैव विविधता को दर्षाते है। इन डिब्बों में जैव विविधता का विस्तार गम्भीर रूप से लुप्तप्राय प्रजातियों, जैव विविधता हाटस्पाट कृषि एवं पषुपालन, जैव विविधता तथा आजीविका, जैव संस्कृति, भय/चुनौतियां, संरक्षण उपाय, सफलता की कहानियां/अनुभव/विभिन्न कहानियां है। एक डिब्बे में जलवायु परिवर्तन, जैव विविधता तथा फल पर आधारित प्रदर्षनी है।

विद्यार्थियों के लिए एक डिब्बे में प्रयोगों तथा गतिविधियों के द्वारा जैव विविधता जलवायु परिवर्तन, पर्यावरण, विज्ञान एवं गणित के प्रत्ययों को मनोहर तरीके से समझने में मदद मिलेगी। प्रर्दषनी में प्रवेष हेतु कोई शुल्क नहीं देना होगा। यह प्रर्दषनी दिनांक 7 नवम्बर 2012 से 10 नवम्बर 2012 तक प्रातः 10ः00 बजे से सायं 5ः00 बजे तक खुली रहेगी।
प्रदर्षनी के उद्घाटन अवसर पर सचिव वन श्री पवन कुमार, श्री जे0 एस0 अस्थाना प्रमुख वन संरक्षक, डा0 अष्विनी कुमार प्रमुख वन संरक्षक अनुसंधान व प्रषिक्षण, श्री रूपक डे प्रमुख वन संरक्षक सहित वन विभाग के अन्य वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित थे।

सुरेन्द्र अग्निहोत्री
agnihotri1966@gmail.com
sa@upnewslive.com

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सरकार राज्य के ग्रामीण क्षेत्रों तक सूचना प्रौद्योगिकी क्रान्ति लाना चाहती है

Posted on 26 October 2012 by admin

नई दिल्ली स्थित विज्ञान भवन में आयोजित एक समारोह में केन्द्रीय दूरसंचार एवं सूचना प्रौद्योगिकी मंत्री श्री कपिल सिब्बल तथा उ0प्र0 के राजस्व मंत्री श्री अंबिका चैधरी की उपस्थिति में प्रदेश में नेशनल आॅप्टिकल फाइबर नेटवर्क परियोजना हेतु भारत सरकार, राज्य सरकार एवं बी0बी0एन0एल0 के अधिकारियों द्वारा त्रिपक्षीय समझौते पर हस्ताक्षर किये गये ।
grd_1696इस अवसर पर अपने संबोधन में राजस्व मंत्री श्री अंबिका चैधरी ने कहा कि राज्य सरकार प्रदेश के ग्रामीण एवं अन्य दूरस्थ अंचलों में कम्प्यूटर व इंटरनेट पर आधारित नई संचार तकनीक से आमूल परिवर्तन लाना चाहती है। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री श्री अखिलेश यादव के नेतृत्व में सरकार राज्य के लिए समेकित एवं सर्वांगीण विकास के लिए प्रतिबद्ध है। प्रदेश सरकार आई0सी0टी0 को मुख्य साधन बनाते हुए गर्वनेन्स एवं सर्विस डिलीवरी में पारदर्शिता लाकर ग्रामीण क्षेत्र की जनता का सशक्तीकरण एवं राज्य के विकास की अपनी प्रतिबद्धता को साकार कर रही है।
श्री चैधरी ने कहा कि सरकार राज्य के ग्रामीण क्षेत्रों तक सूचना प्रौद्योगिकी क्रान्ति लाना चाहती है जो कि जन सामान्य की जीवनशैली एवं संस्कृति में नवीन संचार माध्यमों जैसे इंटरनेट, कम्प्यूटर आदि के समावेश पर आधारित हो। उन्होंने कहा कि उत्तर प्रदेश देश का अग्रणी राज्य है, जहां इंटरमीडिएट उत्तीर्ण सभी छात्र-छात्राओं को लैपटाॅप तथा दसवीं पास सभी छात्र-छात्राओं को टेबलेट वितरित करने का निर्णय लिया गया है, ताकि छात्र-छात्राओं को पढ़ाई में सुविधा मिलने के साथ-साथ उनका तकनीकी रूप से विकास भी संभव हो सके। प्रदेश में आई0टी0 उद्योगों को बढ़ावा दिये जाने के लिए राज्य सरकार द्वारा नई आई0टी0 नीति-2012 लागू की गयी है, जिसके तहत ऐसे कदम उठाये जा रहे हैं जोकि राज्य के नौजवानों को आई0टी0 क्षेत्र में रोजगार प्रदान करने में सहायक सिद्ध होंगे। उन्होंने बताया कि ई-डिस्ट्रिक्ट प्रोजेक्ट के तहत प्रदेश के 6 जनपदों गाजियाबाद, गौतमबुद्धनगर, सुल्तानपुर, सीतापुर, गोरखपुर एवं रायबरेली में 22 सेवायें शुरू की गई हैं तथा अब तक 56 लाख से अधिक प्रमाण-पत्र सेवायें इलेक्ट्रॅानिक डिलीवरी सिस्टम द्वारा जन सामान्य को उनकी मांग के अनुसार उपलब्ध कराये जा चुके हैं जो कि देश के अन्य प्रदेशों की तुलना में सबसे अधिक है।
इसके अतिरिक्त प्रदेश में ई-गर्वनेन्स के अन्तर्गत 8 विभागों की 26 सेवाओं का शुभारम्भ भी विगत 01 अगस्त, 2012 को मुख्यमंत्री द्वारा किया जा चुका है। इस महत्वाकांक्षी योजना में स्टेट पोर्टल का उपयोग कर संपूर्ण राज्य में स्थापित जनसेवा एवं लोकवाणी केन्द्रों के माध्यम से विभिन्न विभागों की 26 सेवायें जनता को उपलब्ध कराई जा रही हैं। इस योजना के तहत कुल 847011 आवेदन पत्रों के विरुद्ध 712893 प्रमाण-पत्र व सेवायें इलेक्ट्राॅनिक डिलीवरी सिस्टम द्वारा नागरिकों को उपलब्ध कराये गये हैंे।
grd_1702राजस्व मंत्री ने बताया कि प्रदेश में चार आई0टी0 पार्क एवं दो आई0टी0 सिटी स्थापित करने का निर्णय लिया गया है। लखनऊ में 150 एकड भूमि पर पहली आई0टी0 सिटी प्रस्तावित है। प्रदेश में ई-स्काॅलरशिप वितरण का कम्प्यूटराइजेशन योजना से प्रतिवर्ष चार करोड़ छात्रों को सीधे उनके बैंक खातों में छात्रवृत्ति उपलब्ध कराई जा रही है। प्रदेश में समस्त राशन कार्ड आई0सी0टी0 का उपयोग कर डिजिटाइजेशन कराया जा चुका है। इसके अलावा खतौनी का शत-प्रतिशत कम्प्यूटराइजेशन कर प्रतिवर्ष एक करोड़ से अधिक खतौनी की नकल कम्प्यूटर से जारी हो रही है। वृद्धावस्था पेंशन का कम्प्यूटराइजेशन कर प्रदेश में प्रतिवर्ष 40 लाख व्यक्तियों को सीधे उनके बैंक खातों में पेंशन उपलब्ध कराई जा रही है। मिड डे मील योजना में 1.5 लाख सरकारी स्कूलों में आई0सी0टी0 तथा इंटरैक्टिव वाॅइस रेस्पांस सिस्टम से छात्रों को मिलने वाले भोजन की गुणवत्ता का अनुश्रवण किया जा रहा है। प्रदेश में आई0सी0टी0 का उपयोग कर शुगर केन इनफार्मेशन सिस्टम का विकास किया गया है, जिससे प्रदेश की 116 शुगर मिल तथा 30 लाख किसान एस.एम.एस. या इंटरैक्टिव वाॅइस रेस्पांस सिस्टम से समस्त जानकारी प्राप्त कर सकते है।
श्री चैधरी ने कहा कि प्रदेश सरकार की मंशा है कि पूरे राज्य के प्रत्येक 51976 ग्राम पंचायतों तक आॅप्टिकल फाइबर नेटवर्क स्थापित हो जायें। प्रदेश की इस मंशा को मूर्तरूप देने के लिए केन्द्र सरकार के साथ समझौता पत्र पर हस्ताक्षर किया गया है। उन्होने कहा कि प्रदेश सरकार इस परियोजना के लिए हर प्रकार का सहयोग प्रदान करेगी। उन्होंनें इस अवसर पर केन्द्रीय दूरसंचार एवं सूचना प्रौद्योगिकी मंत्री श्री कपिल सिब्बल को प्रदेश में इस योजना का शुभारम्भ करने के लिए आमंत्रण दिया।
इस अवसर पर राजस्थान के मुख्यमंत्री श्री अशोक गहलोत, उत्तराखण्ड के मुख्यमंत्री श्री विजय बहुगुणाा, केन्द्रीय दूरसंचार सचिव आर0 चन्द्रशेखर, केन्द्रीय इलेक्ट्राॅनिक एवं सूचना प्रौद्योगिकी सचिव जे0 सत्यनारायण, भारत ब्राॅडबैण्ड नेटवर्क लिमिटेड में एडमिनिस्ट्रेटर एन0 रविशंकर सहित अन्य वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित थे।
इससे पूर्व नेशनल आॅप्टिकल फाइबर नेटवर्क परियोजना के त्रिपक्षीय समझौते पर केन्द्रीय संयुक्त सचिव श्री पी0के0 अग्रवाल, भारत ब्राडबैण्ड नेटवर्क लिमिटेड के डायरेक्टर (प्लानिंग) श्री ए0के0भार्गव तथा उ0प्र0 के प्रमुख सचिव आई0टी0 एवं इलेक्ट्राॅनिक्स  श्री जीवेश नन्दन ने समझौता पत्र पर हस्ताक्षर किये।

सुरेन्द्र अग्निहोत्री
agnihotri1966@gmail.com
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अद्भुत गुफाओं की यात्रा

Posted on 02 October 2012 by admin

साईमैक्स प्रदर्शन अपने आप में अनूठा एवं सजीव अनुभव है, जिससे व्यक्ति को महसूस होता है कि वह गुफा खोजी दल के साथ एक अद्भुत यात्रा कर रहा है। भीड़ से दूर शांति का अनुभव प्राप्त करने के लिए गुफाएं सर्वोत्तम स्थान हैं।
लखनऊ विश्वविद्यालय के कुलपति प्रो0 मनोज मिश्र की पत्नी श्रीमती मीना मिश्र ने आज यहां आचंलिक विज्ञान नगरी में ‘अद्भुत गुफाओं की यात्रा’ नामक साइमैक्स शो का उद्घाटन करने के बाद यह बात कही। उन्होंने कहा कि आंचलिक विज्ञान नगरी के इस आयोजन से अद्भुत गुफाओं की यात्रा के दौरान दर्शक अपने ग्रह पर उपस्थित विलक्षण स्थानों की सैर कर नये अनुभव प्राप्त कर सकेंगे।
आंचलिक विज्ञान नगरी के परियोजना संयोजक श्री समरेन्द्र कुमार ने बताया कि धरती के गर्भ के रहस्यमयी संसार तथा नियाग्रा, एवरेस्ट, जीवंत सागर, शैल प्रवाल रोमांच, डाॅलफिन्स, महानतम स्थल, नील नदी के रहस्य और अमेजन आदि की जानकारी के लिए अद्भूत गुफाओं की यात्रा पर नवीन साइमैक्स शो का प्रसारण आंचलिक विज्ञान नगरी में किया जा रहा है। उन्होंने बताया कि बर्फीली गुफाएॅ, अन्तर्जलीय गुफाएँ, जमीनी गुफाएँ जैसे असाधरण एवं डरावने दृश्यों से भरपूर फिल्म में गुफाआंे का अध्ययन करने वाली दो महिलाओं के साथ ग्रीनलैण्ड की बर्फीली गुफाआंे में, यूकेटन प्रायद्वीप के अन्तर्जलीय गुफाआंे में, लिटिलग्राण्ड कैनयाॅन की जमीनी गुफाआंे में असाधारण जीवों को दर्शक खोज पायेंगे। उन्होंने बताया कि अद्भुत गुफाओं की यात्रा पर आधारित हमारा साईमैक्स प्रदर्शन दर्शकों को ऐसा महसूस कराएगा जैसे वे खुद अद्भुद गुफाओं की यात्रा पर हैं।
इस अवसर पर लखनऊ विश्वविद्यालय के उपकुलपति प्रो0यू0एन0द्विवेदी,लखनऊ विश्वविद्यालय के जीव विज्ञान के विभागाध्यक्ष, वरिष्ठ वैज्ञानिक डा0 सी0एम0 नौटियाल सहित बड़ी संख्या में लोग उपस्थित थे।

सुरेन्द्र अग्निहोत्री
agnihotri1966@gmail.com
sa@upnewslive.com

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राजीव गाॅधी अक्षय ऊर्जा दिवस कार्यक्रम सम्पन्न

Posted on 23 August 2012 by admin

गैर पारम्परिक ऊर्जा स्रोतों के प्रयोग पर विशेष ध्यान देने की जरूरत
पारम्परिक ऊर्जा स्रोतों से अच्छा स्रोत है गैर पारम्परिक ऊर्जा -जीवेश नन्दन

आज जिस गति से पारम्परिक ऊर्जा स्रोतों का उपभोग हो रहा है, उसको देखते हुये यह स्पष्ट है कि ये ऊर्जा स्रोत अब अधिक समय तक हमारा साथ नहीं दे सकेंगे। इन परिस्थितियों को देखते हुये अक्षय ऊर्जा स्रोतों के उपयोग को बढ़ावा दिया जाना अत्यन्त आवश्यक हो गया है। प्रदेश की सौर ऊर्जा नीति को शीघ्र ही अंतिम रूप दे दिया जायेगा, जिससे प्रदेश में सौर ऊर्जा आधारित बिजली घरों की अधिक से अधिक स्थापना हो सके।
प्रदेश के प्रमुख सचिव अतिरिक्त ऊर्जा स्रोत, श्री जीवेश नन्दन ने आज देवा रोड चिनहट स्थित वैकल्पिक ऊर्जा शोध विकास एवं प्रशिक्षण केन्द्र में नवीन और नवीकरणीय ऊर्जा मंत्रालय भारत सरकार तथा यूपी नेडा द्वारा आयोजित राजीव गांधी अक्षय ऊर्जा दिवस कार्यक्रम में यह विचार व्यक्त किये। उन्होंने कहा कि अक्षय ऊर्जा दिवस मनाने की परम्परा इस लिये शुरू की गयी है कि पूरे समाज को यह संदेश दिया जा सके कि पारम्परिक ऊर्जा स्रोतों के साथ-साथ गैर पारम्परिक ऊर्जा स्रोतों की ओर भी ध्यान देने की जरूरत है। उन्होंने कहा कि हर घर के लिये बिजली आवश्यक हो गयी है तथा पारम्परिक ऊर्जा स्रोत अब दिन-प्रतिदिन महंगे होते जा रहे हैं, ऐसी स्थिति में हमें अक्षय ऊर्जा स्रोत पर विशेष ध्यान देने की जरूरत है। उन्होंने कहा कि जिस गति से बिजली के दाम व अन्य पारम्परिक ऊर्जा स्रोतों के दाम बढ़ते जा रहे हैं, उसे देखते हुये वह दिन दूर नहीं जब गैर पारम्परिक ऊर्जा स्रोत, पारम्परिक ऊर्जा स्रोतों की तुलना में काफी सस्ते हो जायेंगे।
निदेशक नेडा, सुश्री अनामिका सिंह ने अपने सम्बोधन में कहा कि अक्षय ऊर्जा दिवस के इस अवसर पर हमें अधिक से अधिक गैर पारम्परिक ऊर्जा स्रोत के प्रयोग का संकल्प लेना चाहिये।
इससे पहले लखनऊ विश्वविद्यालय की भौतिक विज्ञान की प्रोफेसर डा0 उषा बाजपेयी ने अपने प्रस्तुतिकरण के माध्यम से अक्षय ऊर्जा के महत्व पर प्रकाश डाला।
अक्षय ऊर्जा दिवस पर बच्चों के लिये आयोजित निबंध एवं चित्रकला प्रतियोगिता में विभिन्न विद्यालयों के 170 बच्चों ने भाग लिया। निबंध कला प्रतियोगिता में इलाहाबाद पब्लिक स्कूल के ग्यारहवीं के छात्र ओम त्रिपाठी प्रथम, महानगर गल्र्स इन्टर कालेज की 10वीं की छात्रा हिमानी पाण्डे द्वितीय तथा केन्द्रीय विद्यालय गोमती नगर की 9वीं की छात्रा त्विशा गुप्ता ने तृतीय स्थान प्राप्त किया। सी0एम0एस0 महानगर के तरूण खन्ना को सांत्वना पुरस्कार दिया गया।
चित्रकला प्रतियोगिता में एच0ए0एल0 स्कूल की 8वीं की छात्रा पूजा कुमारी प्रथम तथा छठीं कक्षा के छात्र आदेश पाल द्वितीय एवं डायमंड पब्लिक सीनियर सेकेन्डरी स्कूल की 8वीं की छात्रा चांद वर्मा को तृतीय स्थान प्राप्त हुआ। महानगर गल्र्स इन्टर कालेज की 7वीं की छात्रा प्रनिता श्रीवास्तव को सांत्वना पुरस्कार मिला।
प्रमुख सचिव वैकल्पिक ऊर्जा श्री जीवेश नन्दन ने सभी विजयी बच्चों को प्रमाण पत्र एवं पुरस्कार वितरित किए। इस अवसर पर सौर ऊर्जा आधारित एक प्रदर्शनी भी लगायी गयी। इस प्रदर्शनी में लखनऊ विश्वविद्यालय की डा0 उषा बाजपेयी द्वारा विकलांगों के लिये डिजाइन की गयी ट्राइसिकिल विशेष आकर्षण का केन्द्र रही। यह सौर ऊर्जा चालित ट्राइसिकिल है।

सुरेन्द्र अग्निहोत्री
agnihotri1966@gmail.com
sa@upnewslive.com

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विश्व में सौर ऊर्जा का पूर्ण रूप से उपयोग हो रहा है

Posted on 28 June 2012 by admin

photo-solar-power-plantउत्तर प्रदेश जिससे पहले ही जवाहरलाल नेहरू नेशनल सोलर मिशन (ज0ेएन0एन0एम0एस) के प्रथम चरण का अवसर चूक चुका है, द्वितीय चरण में भी झटका खा सकता है क्योंकि प्रमुख बाधाओं के समाधान में देरी हो रही है। जेएनएनएमएस भारत सरकार और राज्य सरकार की एक प्रमुख पहल है जिसमें भारत की ऊर्जा सुरक्षा चुनौती को संबोधित करते हुए पारिस्थितिकी स्थाई विकास को बढ़ावा दिया गया है। इसमें, जलवायु परिवर्तन की चुनौतियों का सामना करने के वैश्विक प्रयास में भारत द्वारा एक बड़े योगदान का भी गठन किया जाएगा। हालांकि यह शुरूआत में महंगा है, परंतु जे0एन0एन0एम0एस का लक्ष्य 2022 तक इसकी उत्पादन लागत कम करना है। इसमें बिजली पैदा करते वक्त शून्य उत्सर्जन होता है जिससे यह वातावरण के अनुकूल है।
solar-cool-tricycle-with-cooling-systemटेक्निकल एसोसिएट्स लिमिटिड (टी0ए0एल) के अध्यक्ष एंव प्रबंध निदेषक, श्री विष्णु अग्रवाल के अनुसार, ’’उत्तर प्रदेश में यू0एस0ए0आर भूमि जो खेती के इस्तमाल के लिए अयोग्य है और बुंदेलखंड के पहाड़ी इलाके सौर ऊर्जा स्थापना के लिए उपयुक्त है। यह उत्तर प्रदेश के लिए एक सुअवसर साबित हो सकता है।’’
गुजरात और राजस्थान में परियोजनाओं को पा लेने की दौड़ में, निवेशकों ने उत्तर प्रदेश में सौर क्षमता को अनदेखा कर दिया है, जो वर्तमान में उप्रयुक्त है। उत्तर प्रदेश में दो परियोजनाएं हैंः इरेडा योजना के तहत 4×2 मेगावाट परियोजनाएं और एनवीवीएन योजना के तहत 5 मेगावाट परियोजनाएं।
उत्तर प्रदेश को ’’निवेशक विमुख’’ माना जाता है और इसके लिए उत्तर प्रदेश की राज्य स्वामित्व उपयोगिताओं को निवेशकों में विश्वास पैदा करने की आवश्यकता है। एक स्पष्ट और प्रगतिशील ऊर्जा नीति बनाने और अपनाने की हमें सख्त आवश्यकता है। इसके अलावा बिजली निकासी की बुनियाद को भी मज़बूत करना आवश्यक है।
नहर पर आधारित सौर परियोजनाओं के बारे में बात करते हुए टेक्निकल एसोसिएट्स लिमिटिड (टी0ए0एल) के अध्यक्ष एंव प्रबंध निदेषक, श्री विष्णु अग्रवाल ने कहा, ’’ नहर पर आधारित सौर परियोजनाओं का अभी तक परीक्षण नहीं किया गया है। पैनल सुरक्षा, केबल की लंबाई बढानें और चोरी की संभावनाओं जैसी उसकी भी अपनी अलग चुनौतियां होगीं। वर्तमान में गुजरात राज्य क्षेत्र में एक मेगावाट की परियोजना लागू कर रहा है। उत्तर प्रदेश को जल्द से जल्द एक ऐसी ही परियोजना शुरू करनी चाहिए जिससे उसे अनुभव प्राप्त हो और बाद में बड़े पैमाने पर सौर विकास की योजना सके। उत्तर प्रदेश के पास 80,000 किलोमीटर की नहर है।’’
मानव निर्मित प्रतिष्ठानों द्वारा विश्व भर में लगभग 47 टेरावाट (1 टेरावाट = 1000,000,000,000 वाट) है जो कि पृथ्वी की सतह तक पहुँचने वाली सौर ऊर्जा का मात्र 0.05 प्रतिशत है, लगभग 120,000 टेरावाट।
टेक्निकल एसोसिएट्स लिमिटिड (टी0ए0एल) के निदेषक, श्री विनम्र अग्रवाल के अनुसार, ’’विश्व में सौर ऊर्जा का पूर्ण रूप से उपयोग हो रहा है जैसे सौर तिपहिया साइकिल जो अब एक वास्तविकता हो गई है और नए सौर रंग का सृजन जो बिजली का उत्पादन करनें में सक्षम है। हमें आश है कि उत्तर प्रदेश भी जल्द ही इस दौड़ में शामिल होगा और इसमें हमें सरकार का पूरा समर्थन मिलेगा।’’

कुछ तथ्यः
2011 के उत्तम सौर उर्जा उत्पादकः
ऽ    जर्मनी (25 गीगावाट)
ऽ    स्पेन (4.2 गीगावाट)
ऽ    जापान (4.7 गीगावाट)
ऽ    इटली (12.5 गीगावाट)
ऽ    अमेरिका (4.2 गीगावाट)
ऽ    भारत (940 मेगावाट)’
’एमएनआरई 2012 द्वारा उपलब्ध।

सुरेन्द्र अग्निहोत्री
agnihotri1966@gmail.com
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सौर ऊर्जाः उत्तर प्रदेष मंे बिजली की समस्या का समाधान

Posted on 28 June 2012 by admin

photo-solar-power-plantउत्तर प्रदेश जिससे पहले ही जवाहरलाल नेहरू नेशनल सोलर मिशन (ज0ेएन0एन0एम0एस) के प्रथम चरण का अवसर चूक चुका है, द्वितीय चरण में भी झटका खा सकता है क्योंकि प्रमुख बाधाओं के समाधान में देरी हो रही है। जेएनएनएमएस भारत सरकार और राज्य सरकार की एक प्रमुख पहल है जिसमें भारत की ऊर्जा सुरक्षा चुनौती को संबोधित करते हुए पारिस्थितिकी स्थाई विकास को बढ़ावा दिया गया है। इसमें, जलवायु परिवर्तन की चुनौतियों का सामना करने के वैश्विक प्रयास में भारत द्वारा एक बड़े योगदान का भी गठन किया जाएगा। हालांकि यह शुरूआत में महंगा है, परंतु जे0एन0एन0एम0एस का लक्ष्य 2022 तक इसकी उत्पादन लागत कम करना है। इसमें बिजली पैदा करते वक्त शून्य उत्सर्जन होता है जिससे यह वातावरण के अनुकूल है। टेक्निकल एसोसिएट्स लिमिटिड (टी0ए0एल) के अध्यक्ष एंव प्रबंध निदेषक, विष्णु अग्रवाल के अनुसार, ’’उत्तर प्रदेश में यू0एस0ए0आर भूमि जो खेती के इस्तमाल के लिए अयोग्य है और बुंदेलखंड के पहाड़ी इलाके सौर ऊर्जा स्थापना के लिए उपयुक्त है। यह उत्तर प्रदेश के लिए एक सुअवसर साबित हो सकता है।’’ गुजरात और राजस्थान में परियोजनाओं को पा लेने की दौड़ में, निवेशकों ने उत्तर प्रदेश में सौर क्षमता को अनदेखा कर दिया है, जो वर्तमान में उप्रयुक्त है। उत्तर प्रदेश में दो परियोजनाएं हैंः इरेडा योजना के तहत 4ग2 मेगावाट परियोजनाएं और एनवीवीएन योजना के तहत 5 मेगावाट परियोजनाएं। उत्तर प्रदेश को ’’निवेशक विमुख’’ माना जाता है और इसके लिए उत्तर प्रदेश की राज्य स्वामित्व उपयोगिताओं को निवेशकों में विश्वास पैदा करने की आवश्यकता है। एक स्पष्ट और प्रगतिशील ऊर्जा नीति बनाने और अपनाने की हमें सख्त आवश्यकता है। इसके अलावा बिजली निकासी की बुनियाद को भी मज़बूत करना आवश्यक है।

सुरेन्द्र अग्निहोत्री
agnihotri1966@gmail.com
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‘‘सोलर पावर-उत्तर प्रदेष के लिए एक परिप्रेक्ष्य’’

Posted on 30 May 2012 by admin

photo-solar-power-plantक्लब आॅफ लखनऊ ने 29 मई 2012 को ‘‘सोलर पावर-उत्तर प्रदेष के लिए एक परिप्रेक्ष्य’’ पर एक बैठक आयोजित की। इसके अतिथि वक्ता श्री विष्णु अग्रवाल थे।
श्री विष्णु अग्रवाल टेक्निकल एसोसिएट्स लिमिटिड (टी0ए0एल) के अध्यक्ष एंव प्रबंध निदेषक है। यह एक लखनऊ की कंपनी है जिसकी स्थापना उन्होंनें 1969 में आईआईटी कानपुर से इलेक्ट्रिकल इंजीनियरिंग में बी टेक करने के बाद की थी। टी0ए0एल यूपी का सबसे पुराना विनिर्माण उद्यम है और भारत की सबसे पुरानी इंजीनियरिंग कम्पनियों मंे से एक, जिसके पास 220 के वी पावर ट्रांसफार्मर से 200 एम वी ए तक बिजली निर्माण करने की प्रौद्योगिकीय क्षमता है। हाल ही में टी0ए0एल यूपी के जिला बाराबंकी में सबसे पहला 2 एम0डब्लू0पी फोटोवोल्टिक पावर संयंत्र स्थापित करने के लिए खबरों में था। इसका उद्घाटन उत्तर प्रदेष के मुख्यमंत्री माननीय श्री अखिलेष यादव द्वारा 10 मई 2012 को किया गया था।
क्लब आॅफ लखनऊ के महासचिव, श्री आर0एन0 भार्गव नें अध्यक्ष, स्पीकर और सभी उपस्थित लोगों का हार्दिक स्वागत किया। उन्होंनें महसूस किया कि यह विषय बहुत समयबद्ध है और वक्ता उद्यमषील और अभिनव उद्यमी है और उन्हें यकीन था कि श्री अग्रवाल यूपी में विकास और ग्रीन पावर उत्पन्न करनें के लिए नए सुझाव देंगें।
अपनी प्रस्तुति के दौरान श्री अग्रवाल ने सोलर ऊजा की साफ और असीमित ऊजा प्रदान करने की क्षमता पर प्रकाष डाला जो की ऊजा की कमी से जूझ रहे उत्तर प्रदेष के लिए आवष्यक है। उन्होंनें परिणामी सामाजिक और आर्थिक लाभ के बारे में बात की, जो राज्य और उसकी जनसंख्या को बिजली उपलब्धता की गुणवत्ता और विष्वसनीयता से प्राप्त होता है। उन्होंनें राज्य में सोलर ऊर्जा के अपने दूरदृष्टि के बारे में भी बताया। उन्होंनें राज्य में एक जीवंत ऊजा क्षेत्र बनाने के लिए, उद्योगपतियों और नीति निर्माताओं से, परियोजना निष्पादन के दौरान अपने अनुभव बताए।
इस बैठक में समाज के विभिन्न क्षेत्र के लोग थे जैसे दफ़्तरषाही, काॅरपोरेट क्षेत्र के अधिकारी, पेषेवर, षिक्षाविद, वैज्ञानिक, सामाजिक कार्यकार्ता, पर्यावरणविद, पत्रकार, कंसल्टेंट्स, डाॅक्टर, पुलिस और न्यायिक सेवाएं आदि।

सुरेन्द्र अग्निहोत्री
agnihotri1966@gmail.com
sa@upnewslive.com

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तोशिबा ने लांच किया भारत में अपना पहला 3डी स्मार्ट टीवी अब आपके स्क्रीन पर होगी इंटरनैट की एक नई दुनिया

Posted on 18 May 2012 by admin

vl-20-pictureआविष्कार और अत्याधुनिक तकनीक में विश्व लीडर तोशिबा काॅर्पोरेशन, जापान की 100 प्रतिशत स्वामित्व वाली कंपनी तोशिबा इंडिया ने आज भारतीय बाजार में अपना पहला फुल एचडी 3डी स्मार्ट टीवी ’तोशिबा वीएल20’ लांच किया है। 17एमएम के स्लिम सिल्वर कलर बैज़ल की आउटलाइन वाला वीएल20 3डी स्मार्ट टीवी आकर्षक स्लिम स्वाइवल स्टैंड डिजाइन के साथ पेश किया गया है जो आपके लिविंग स्पेस को और सुंदर बना देगा। जापान में विकसित वीएल20 में टीवी ऐप्लीकेशंस- तोशिबा प्लेसिस के माध्यम से आप भरपूर व इंट्रैक्टिव काॅन्टेंट तक पहुंच सकते हैं।

इस लांच पर तोशिबा इंडिया के डीएस डिविज़न के निदेशक श्री टेंगुओ वू ने कहा, ’’हमारे पहले 3डी स्मार्ट टीवी का लांच निश्चित तौर पर इंट्रैक्टिव कंज्यूमर ऐंटरटेनमेंट के एक नए आयाम में तोशिबा को आगे ले जाने में मददगार होगा। वीएल20 3डी स्मार्ट टीवी सिरीज़ का लांच इस बात का परिचायक है कि तोशिबा उपभोक्ताओं को बेमिसाल क्वालिटी व विश्वसनीयता देने के लिए प्रतिबद्ध है और निरंतर प्रयासरत है।’’

REGZA वीएल सिरीज़
    ऐक्टिव 3डी
    2डी-3डी कन्वर्ज़न
    एमएचएलन्न् (एमएचएल 1 शामिल है)
    तंग बैज़ल डिज़ाइन
    स्मार्ट-टीवीः तोशिबा प्लेसिस
    1920 गुणा 1080 पिक्सल
    100भ््र ड्राइव पैनल
    डाॅल्बी® डिजिटल
    ऐम्बिऐंट लाइट सेंसर
    आॅटो सिग्नल बूस्टर
    ऐक्टिव बैकलाइट कंट्रोल
    3डी कलर मैनेजमेंट
    डोंगल के साथ वायरलैस लैन
    एचडीडी (यूएसबी) काॅन्टेंट्स प्ले
    आॅटोमैटिक पावर डाउन
    डीएमपी (डीएलएनए न्न्)
    3डी ग्लासिस ग्1
    स्क्रीन का आकारः
-40वीएल20ः 102सेमी (40)
-46वीएल20ः 117सेमी (46)

3डी स्मार्ट टीवी की यह नई श्रृंखला डाॅल्बी® डिजिटल साॅल्यूशन और एमएचएलन्न् टैक्नोलाॅजी से युक्त है। यह टीवी उन लोगों को संतुष्टि देने में सक्षम है जो प्रखर व स्पष्ट 2डी व 3डी दृश्यों की तलाश में हैं। वीएल20 सिरीज़ में ’तोशिबा प्लेसिस’ इंटरफेस दर्शकों को सोशल नैटवर्किंग सेवाएं इस्तेमाल करने व आॅनलाइन काॅन्टेंट देखने में मदद देता है। एक बटन की क्लिक पर कई स्मार्ट ऐप्लीकेशंस उपलब्ध हैं। आप अपने पंसदीदा टीवी कार्यक्रम 3डी में देख सकते हैं, अपने पसंदीदा गेम्स खेल सकते हैं और इंटरनैट सर्फ कर सकते हैं, दोस्तों के साथ चैट कर सकते हैं तथा फेसबुक, ट्विटर व अन्य सोशल नैटवर्किंग वैबसाइट्स पर अपडेट चैक कर सकते हैं।

तोशिबा प्लेसिस
तोशिबा प्लेसिस इंटरनैट दुनिया के लिए आपका प्रवेशद्वार है। इसका हर ’प्लेस’ उपभोक्ता को यह सुविधा देता है कि वह अपने स्मार्ट टीवी पर काॅन्टेंट की भरीपूरी दुनिया में पहुंच सके।
 म्यूजि़क प्लेस- तोशिबा म्यूजि़क प्लेस से अपने टीवी पर असीमित संगीत का आनंद लीजिए। संगीत की विभिन्न श्रेणियों से आप अपने राहत के पलों के लिए संगीत का चयन कर सकते हैं।
 वीडियो प्लेस- ’वीडियो आॅन डिमांड’ फीचर उपभोक्ता को टीवी पर बाधारहित मूवीज़ स्ट्रीम करने की सुविधा देता है। आपको सिर्फ तोशिबा वीडियो प्लेस पर लाॅग-इन करना है और अपने स्मार्ट टीवी के जरिए आप उत्कृष्ट वीडियोज़ तक पहुंच सकते हैं।
 गेम प्लेस- चाहे आप कैज़्ाुअल गेमर हों या हार्डकोर प्लेयर, गेम प्लेस पर कई तरह के गेम हैं जहां हर आयु वर्ग के लिए गेम मौजूद हैं। बच्चे, बड़े, परिवार सभी यहां गेम का मज़ा ले सकते हैं।
 न्यूज़ प्लेस- खबरों, खेल व अन्य सूचनाओं की ताज़ा जानकारी प्राप्त कीजिए अपने स्मार्ट टीवी पर।
 सोशल प्लेस- अपने दोस्तों व परिवार से फोटोज़ व वीडियोज़ शेयर कीजिए, चाहे वे कहीं भी हों।

बेहतरीन कनैक्टिविटी
कनैक्टिविटी का स्तर बढ़ाते हुए रेग्ज़ा (REGZA) वीएल20 3डी स्मार्ट टीवी बहुत से कनैक्टिविटी फीचर्स के साथ आता है।
 वायरलैस लैन- वीएल20 एक वायरलैस लैन रैडी टीवी है जो उपभोक्ताओं को वायरलैस इंटरनैट अनुभव प्रदान करता है, बिना लाइनों की अस्तव्यस्तता के। 3डी स्मार्ट टीवी यूएसबी वायरलैस डोंगल के साथ आता है जो उपभोक्ता को यह सुविधा देता है कि सरलता से प्लग करें और सुविधापूर्ण वायरलैस फंक्शन का आनंद लें।
 एमएचएलन्न्- मोबाइल हाई-डेफिनिशन लिंक, 1080पी एचडी वीडियो व डिजिटल आडियो समेत डिजिटल काॅन्टेंट को अपलोड करने और वीएल20 टीवी पर प्ले बैक करने की सुविधा देता है। इसके लिए बस एक केबल को 5-पिन इंटरफेस से जोड़नी होती है। यह मोबाइल फोन व एमएचएलन्न् युक्त अन्य उपकरणों से प्लेबैक में मदद देता है और उपभोक्ता को यह सुविधा देता है कि वह अपनी खुद की मूवी समेत काॅन्टेंट की विस्तृत रेंज तक पहुंच, शेयर व मजा ले सके।
 डीएलएनए न्न् डिजिटल लिविंग नैटवर्क अलायंस का स्टैंडर्ड वीएल20 सिरीज़ टीवी इंटिग्रेटिड होम नैटवर्क कनैक्टिविटी देता है। कंप्यूटर, इंटरनैट व अन्य स्त्रोत से टीवी पर काॅन्टेंट को स्ट्रीम करने में मदद देता है। ऐसा नहीं है कि वह स्त्रोत सिर्फ तोशिबा के उत्पाद ही हो सकते हैं, कोई उत्पाद जो डीएलएनए को सपोर्ट करता है वह स्त्रोत बन सकता है।
 वीएल20 सिरीज़ में दो यूएसबी पोर्ट भी हैं जो न सिर्फ आॅडियो फाॅरमैट, जेपीईजी प्लेबैक और 28 किस्म के वीडियो फाॅरमैट (DivX®, MKV) को सपोर्ट देते हैं बल्कि एचडीडी समेत बाहरी उपकरणों को भी सपोर्ट प्रदान करते हैं। एक एचडीएमआई पोर्ट है जो किसी भी एचडीएमआई सक्षम एचडी स्त्रोत से अनकाॅम्प्रैस्ड मल्टीमीडिया स्ट्रीम्स को प्ले कर सकता है। एक पीसी पोर्ट, काॅम्पोजि़ट व काॅम्पोनेंट वीडियो पोर्टस् और डिजिटल आॅडियो आउटपुट इस सैट के बोर्ड कनैक्टिविटी फीचर को संपूर्णता देते हैं।

उत्कृष्ट तस्वीर
तोशिबा वीएल20 3डी स्मार्ट टीवी सिरीज़ के हृदयस्थल में मौजूद है REGZA इंजिन टैक्नोलाॅजी जो उम्दा पिक्चर क्वालिटी प्रदान करती है। इसकी विविध व प्रचंड पिक्चर क्वालिटी बेमिसाल है। पारंपरिक एलईडी टीवी के मुकाबले इसकी रंग सटीकता काफी बेहतर है। अद्वितीय 3डी व्यूइंग के लिए इस उत्पाद के साथ तोशिबा 3डी ग्लासेस का एक सैट भी दिया जा रहा है।
 क्रांतिकारी तोशिबा टैक्नोलाॅजीस जैसे क्लीयरस्कैन 100 प्रो और 2डी टू 3डी कन्वजऱ्न, वीएल20 पर 3डी काॅन्टेंट देखते हुए फुल एचडी में शानदार व गतिशील पिक्चर क्वालिटी प्रदान करते हैं।
 वीएल20 की 10-बिट वीडियो प्रोसैसिंग शक्ति वीडियो प्रोसैसिंग के समय इनपुट डाटा क्वालिटी की 10-बिट क्वालिटी को बनाए रखती है, जो एक अरब से भी अधिक रंगों का उत्पादन करती है, जिसके फलस्वरूप अधिक कुदरती तस्वीर उत्पन्न होती है।
 वीएल20 3डी स्मार्ट टीवी सिरीज़ में एक विकसित फीचर ’’3डी कलर मैनेजमेंट’’ भी है जो रंग, सैचुरेशन व ब्राइटनैस को एडजस्ट करता है, बिना रंगों पर असर डाले तथा और अधिक कुदरती दिखने वाली तस्वीर पेश करता है।

अन्य सभी तोशिबा पावर टीवी की ही तरह वीएल20 एलईडी टीवी ’आॅटो सिग्नल बूस्टर’ और ’आॅटोव्यू’ फीचरों के साथ आता है। आॅटो सिग्नल बूस्टर संकेतों की संवेदनशीलता को बढ़ाता है और कमज़ोर संकेत वाले क्षेत्रों में व्यूइंग को संभव बनाता है; जबकि आॅटोव्यू फीचर कमरे की ब्राइटनैस पर निगरानी करता है और उसके अनुसार बैकलाइट व तस्वीर संबंधी अन्य मानकों को व्यवस्थित करता है। यह लगातार छवियों के हल्केपन व कालेपन का विश्लेषण करता रहता है, अधिक काॅन्ट्रास्ट बनाए रखने के लिए व्यवस्थित करता है और ऊर्जा की खपत को कम रखते हुए संचालन लागत को कम करता है।

तोशिबा वीएल20 एलईडी पावर टीवी 102सेमी (40) और 117सेमी (46) के स्क्रीन साइज़ में उपलब्ध है। इनकी कीमतें क्रमशः 75,990 रुपए और 85,990 रुपए है। तोशिबा के सभी पावर टीवी अत्याधुनिक जापानी टैक्नोलाॅजी की विश्वसनीयता के साथ आते हैं, जो कि कड़े गुणवत्ता परीक्षणों का परिणाम है। कंपनी ने भारत भर में अपने सेवा केन्द्रों का नैटवर्क भारत के 195 शहरों में फैला लिया है, देश में तोशिबा के कुल 202 सेवा केन्द्र हैं। ये सभी केन्द्र समर्पित काॅलसेंटर से जुड़े हैं जो कि हफ्ते के सातों दिन सुबह 8 बजे से रात के 10 बजे तक काम करते हैं। तोशिबा काॅल सेंटर से 1800-200-8674 / 1800-11-8674 पर काॅल कर से संपर्क किया जा सकता है।

सुरेन्द्र अग्निहोत्री
agnihotri1966@gmail.com
sa@upnewslive.com

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राइजिं़गः रीबिल्डिंग ग्राउंड ज़ीरो

Posted on 10 September 2011 by admin

स्टीवन स्पीलबर्ग और डिस्कवरी चैनल प्रस्तुत कर रहे हैं
एक विशेष श्रृंखला जो ग्राउंड ज़ीरो के ऐतिहासिक पुर्ननिर्माण को दिखा रही है

aerial-view-of-ground-zerolएग्जीक्यूटिव प्राॅड्यूसर स्टीवन स्पीलबर्ग और डिस्कवरी चैनल एक कहानी प्रस्तुत कर रहे हैं जो अंध्ेरे से उजाले, निराशा से आशा और दुःस्वप्न से जन्मे एक खूबसूरत सपने को सजीव बना रही है। राइजिं़गः रीबिल्डिंग ग्राउंड ज़ीरो का प्रसारण 12 से 17 सितम्बर तक हर रात 9 बजे डिस्कवरी चैनल पर किया जाएगा। इस कार्यक्रम में उन पुरूषों और महिलाओं को दिखाया जा रहा है जिन्होंने एक पवित्रा स्थान को पुर्ननिर्मित और बहाल करने की ठान रखी है। वे 104 मंजिल का एक नया वल्र्ड ट्रेड सेंटर बनाने के प्रति कृतसंकल्प हैं।
राइजिं़गः रीबिल्डिंग ग्राउंड ज़ीरो को 11 सितम्बर की दसवीं बरसी पर दिखाया जा रहा है । यह निर्माताओं, योजनाकारों और स्वप्न दृष्टाओं की हिम्मत, जोश और कल्पना की कहानी प्रस्तुत रहा है, जो दुख में एक साथ जुड़े हैं लेकिन साथ ही एक उद्देश्य के लिए एकजुट भी हैं। इस कार्यक्रम में लोहे का काम करने वाले वे लोग भी हैं जिन्होंने अपने भाइयों और दोस्तों को खोया, वे वास्तुकार भी जिन्होंने न्यूयाॅर्क सिटी के लिए एक नई सुबह का सपना देखा और वे परिवारों के वे सदस्य भी जो सुकून पाने की कोशिश में हैं। राइज़िंगः रीबिल्डिंग ग्राउंड ज़ीरो कार्यक्रम उन लोगों को एक स्थान पर ला रहा है जो अपनी पेशेवर जिंदगियों में सबसे बड़ी चुनौतियों का सामना कर रहे हैं। ये चुनौतियां हैं निर्माण से जुड़ी डैडलाइन तक काम खत्म करना और मृतकों तथा उनके परिवारों के सम्मान को बहाल करना।
इस श्रृंखला के बारे में अपने विचार व्यक्त करते हुए राहुल जौहरी, सीनियर वाइस प्रैज़िडैंट और जनरल मैनेजर, दक्षिण एशिया, डिस्कवरी नैटवक्र्स एशिया पैसिपिफ़क ने कहा, ‘‘राइजिं़गः रीबिल्डिंग ग्राउंड ज़ीरो इस प्रयास से जुड़ी जीवंतता को सलाम करता है और इस महानिर्माण परियोजना में लोगों के पेशेवर सम्मिलन की भावनापूर्ण दास्तानों को पेश कर रहा है। यह कार्यक्रम उन बहादुर लोगों के प्रति एक श्र(ांजलि है जिन्होंने 9/11 के हादसे में अपनी जानंे गंवाई, और जिन्होंने इस मैमोरियल को एक वास्तविकता में बदल दिया।’’
राइज़िंगः रीबिल्डिंग ग्राउंड ज़ीरो कार्यक्रम अमरीका में अंजाम दिए जाने वाले सबसे मुश्किल निर्माण कार्यों में से एक पर नजर डालता है। इस प्रयास में चार आसमान छूती इमारतें, एक परिवहन केन्द्र, एक संग्रहालय और एक मैमोरियल का निर्माण शामिल है और साथ ही मानव निर्मित एक सबसे बड़ा झरना भी है। इसी जगह पर और इसी समय इंजीनियरिंग से जुड़ी कुछ अभूतपूर्व चुनौतियां भी सामने आईं। राइज़िंगः रीबिल्डिंग ग्राउंड ज़ीरो कार्यक्रम में डिजाइन से लेकर सामग्री, मनोभावों और उदास हृदयों तक को दिखाने के साथ-साथ उस टीमवर्क और नई-नई खोजों को भी प्रस्तुत किया जा रहा है जो योजनाकारी, समयब( कार्यक्रम और संयोजन से जुड़ी एक विशालकाय परियोजना को मुमकिन बनाने से जुड़ी रही हैं। यह विशेष श्रृंखला लोअर मैनहैटन के उन नागरिकों के नजरिये से इस स्थान के पुर्नजन्म पर भी नजर डालती है जो 9/11 की विनाशकारी घटना में जीवित बच गए थे और जिन्होंने अपने इस इलाके का पिफर से निर्माण किया है।
एक सप्ताह तक चलने वाला ये विशेष कार्यक्रम डिस्कवरी चैनल पर सोमवार,
12 सितम्बर से शुरू होकर शनिवार, 17 सितम्बर को समाप्त होगा और इसे हर रात
9 बजे दिखाया जाएगा।
द राइजिं़गः रीबिल्डिंग ग्राउंड ज़ीरो कार्यक्रम में न्यूयाॅर्क के वल्र्ड ट्रेड सैंटर वाले स्थान ग्राउंड ज़ीरो के ऐतिहासिक पुर्ननिर्माण को दिखाया जा रहा है, डिस्कवरी चैनल की ये दिलकश श्रृंखला आम लोगों की बहादुरी से भरी एक दास्तान है, इनमें इंजीनियर, निर्माणकर्मी, नगर योजनाकार और वास्तुकार शामिल हैं। इन लोगों ने मनोभावों और उद्देश्य से सराबोर एक असाधारण यात्रा को अंजाम दिया। कामगारों के सामने बेहद मुश्किल समस्याएं आती रहीं। 9/11 की तबाही के बाद ट्विन टावर्स वाली जगह पर जब इन्होंने ऐतिहासिक पुर्ननिर्माण शुरू किया तो ये समस्याएं भावनाओं के स्तर पर भी थीं और विज्ञान के स्तर पर भी। ग्राउंड ज़ीरो का निर्माण समाज के विभिन्न वर्गों को आपस में जोड़ता है, इन लोगों में कामगार, परिवारों के बचे हुए सदस्य, चुने हुए अध्किारी और प्रथम प्रतिक्रिया देने वाले लोग शामिल हैं जिन्होंने एक त्रासदी के बाद दुनिया के एक महानतम शहर को पिफर से बहाल करने के लिए एक साथ मिलकर काम किया।
राइजिं़गः रीबिल्डिंग ग्राउंड ज़ीरो सचमुच इंसान और तकनीकी कामयाबियों की एक गजब की दास्तान है।
डिस्कवरी चैनल के बारे में
डिस्कवरी चैनल, डिस्कवरी कम्यूनिकेशन्स का प्रमुख नैटवर्क है, यह दुनिया में गैर-कथात्मक कार्यक्रमों की उच्चतम गुणवत्ता कायम रखने के लिए समर्पित है और टेलीविजन पर सबसे क्रियाशील नैटवर्कों में से एक बना हुआ है। डिस्कवरी चैनल का शुभारंभ 1985 में हुआ था और अब यह एशिया-पैसिपिफक में 17 करोड़ 70 लाख सबस्क्राइबरों तक पहुंचता है। अंतर्राष्ट्रीय स्तर पर डिस्कवरी चैनल दुनिया के सबसे अध्कि वितरित होने वाले टेलीविजन ब्रैंडों में से एक है, यह 200 से अध्कि देशों में 42 भाषाओं में कुल मिलाकर 40 करोड़ 20 लाख सबस्क्राइबरों तक पहुंचता है। यह दर्शकों को अनेक विषयों पर उच्च गुणवत्ता वाले गैर-कथात्मक कार्यक्रम दिखाता है, इनमें प्रकृति, विज्ञान और टैक्नोलाॅजी, प्राचीन और समकालीन इतिहास, एडवैंचर, सांस्कृतिक और विषय आधरित वृतचित्रा शामिल हैं। और अधिक जानकारी के लिए देखें - www.discoverychannelasia.com

सुरेन्द्र अग्निहोत्री
मो0 9415508695
upnewslive.com

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