Archive | March, 2010

बच्चों का निबाला छीनने वाले प्रधानों पर प्रशासन का शिकंजा

Posted on 17 March 2010 by admin

ललितपुर - बच्चों के पेट का निबाला छीनने वाले नौ ग्राम पंचायत के प्रधानों पर प्रशासन का शिकंजा कसता जा रहा है। नौ में से एक ग्राम पंचायत पर एफआईआर दर्ज करवाकर प्रशासन ने जता दिया कि शासन की योजना से खिलवाड़ करना अब आसान नहीं होगा। इस कार्यवाही के बाद अब शे आठ ग्राम पंचायतों पर कार्यवाही होना शे है।

जिलाधिकारी के तेवरों को देखते हुये लग रहा है कि उन पर भी जल्द ही गाज गिरने वाली है। एफआईआर के डर से कुछ प्रधान तो अपने आकाओं की शरण में पहुंच गये तो कुछ लखनऊ जाकर साठगाठ बिठाने में मशगूल हो गये, लेकिन इस बार लगता नहीं कि वे कार्यवाही से बच पायेंगे। यदि सब कुछ ठीक-ठाक रहा तो इस माह के अन्त तक सभी दोशी ग्राम प्रधानों पर एफआईआर की कर्यवाही हो जायेगी।

उल्लेखनीय है कि परिदीय विद्यालयों के बच्चों को कुपोण और उनका विद्यालय में अधिक से अधिक ठहराव हो, इसलिये सरकार द्वारा मध्यान्ह भोजन योजना लागू की गई । योजना का लाभ बच्चों को अपने कब्जे में कर लिया। बच्चों के हिस्से का निबाला छीनकर खाने वाले ग्राम प्रधानों की करतूतों की जानकारी जब जिलाधिकारी रणवीर प्रसाद को हुई तो उन्होनें इस मामले को गम्भीरता से लिया और ऐसी ग्राम पंचायतों की सूची मागी, जहा पर मध्यान्ह भोजन योजना में भारी गड़बड़ी हुई। शिक्षा विभाग द्वारा ऐसी नौ ग्राम पंचायतों की सूची जिलाधिकारी को उपलब्ध करा दी, जिन पर मध्यान्ह भोजन योजना का लाखों रूपया बकाया था। जिलाधिकारी ने इस मामले को जिला पंचायत राज अधिकारी को सौपते हुये जांच के पश्चात दोषी ग्राम प्रधानों के खिलाफ कठोर कार्यवाही के निर्देश दिये।

जिलाधिकारी से निर्देश मिलने के लगभग एक पखवाड़े तक जिला पंचायत राज अधिकारी और जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी एक - दूसरे को जानकारियों का आदान-प्रदान किया गया। इस बीच कुछ क्षण ऐसे भी आये जब दोनों अधिकारियों के बीच आपसी सामंजस्य नहीं बैठा, लेकिन तमाम जांच करने के बाद जिला पंचायत राज अधिकारी द्वारा मड़ावरा ब्लाक की कारीटोरन ग्राम पंचायत की महिला प्रधान को मध्यान्ह भोजन योजना में दोषी ठहराया और पुलिस थाने में उसके खिलाफ एफआईआर दर्ज करा दी। इस पंचायत के 2 विद्यालयों पर 1 लाख 6 हजार 162 रूपया बकाया होने के बावजूद मध्यान्ह भोजन नहीं बनाया जा रहा था। प्रधान के खिलाफ हुई इस कार्यवाही से हड़कम्प मच गया है। इससे एक ओर जहां अनेक विद्यालयों में मध्यान्ह भोजन की स्थिति में मामूली सुधार आया है, वहीं अन्य दोशी ग्राम प्रधान अपने आकाओं से नजदीकिया बढ़ाने में जुट ये है। देखना दिलचस्प होगा कि शे आठ ग्राम प्रधानों के खिलाफ क्या कार्यवाही होती है।

सुरेन्द्र अग्निहोत्री
मो0 9415508695
upnewslive.com

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एक मन्दिर जहां जमकर लाठियां से होती है पूजा

Posted on 17 March 2010 by admin

दिल्ली-आगरा राष्ट्रीय राजमार्ग पर उत्तर प्रदेश के मथुरा से करीब 30 किमी दूर स्थित एक ऐसा मन्दिर है मथुरा जनपद में नरी सेमरी गांव के काली मन्दिर में जमकर लाठियां चलती हैं  जहां देवी के दर्शन करने के लिए चैत्र शुक्ल नवमी के दिन सैकड़ों श्रद्धालु तलवार, भाले, बल्लम, लाठी आदि हथियार लेकर आते हैं और जबरन दर्शन कर प्रसाद लूटने का प्रयास करते हैं।

सदियों पूर्व शुरू हुई इस परंपरा अब भी निभाई जाती है। इस मन्दिर की स्थापना का इतिहास भी बड़ा रोचक है। इस मन्दिर का निर्माण एक क्षत्रिय ने कराया और आज तक सेवापूजा भी उसके वंशज ही करते हैं जो आसपास के चार गांवों में बसे हुए हैं। कहा जाता है कि आगरा का ध्यानू भगत नगरकोट स्थित देवी का बहुत बड़ा भक्त था। वह हर साल देवी के दर्शन करने के लिए वहां जाता था।  देवी ने उसकी भक्ति से प्रसन्न होकर कोई वरदान मांगने को कहा।  उसने देवी को ही मांग लिया। देवी ने भी एक शर्त रख दी कि वह रास्ते भर पीछे मुड़कर नहीं देखेगा।  अगर ऐसा किया तो देवी अन्तर्ध्यान हो जाएगी।

शर्त मानकर ध्यानू आगे-आगे और देवी पीछे-पीछे चलने लगीं।  सेमरी गांव की सीमा में पहुंचकर स्वयं को आश्वस्त करने के लिए ध्यानू ने एक बार जो पीछे मुड़कर देखा तो देवी गायब हो गईं और उसे मायूस होकर खाली हाथ घर लौटना पड़ा।

कुछ समय पश्चात सेमरी गांव के बाबा अजीत सिंह उर्फ अजीता को स्वप्न में भान हुआ कि मां माली की एक प्रतिमा गांव के बाहर अमुक स्थान पर दबी पड़ी है। उन्होंने उस स्थान की खुदाई कर देवी की उक्त प्रतिमा निकाली और संवत 1313 में धूमधाम से उसकी स्थापना करा दी।

ध्यानू भगत को जब यह समाचार मिला तो वह प्रतिवर्ष चैत्र शुक्ल तृतीया के दिन देवी की पूजा अर्चना करने के लिए वहां पहुंचने लगा । लोगों ने देखा कि जब वह मां की आरती करता है तो बड़े-बड़े थालों में रखे दीपकों की लौ आरपार हो जाने के बाद भी उन पर बिछाया गया कपड़ा नहीं जलता।

धीरे-धीरे इस चमत्कार का समाचार लोगों में फैलता गया और श्रद्धालुओं की संख्या में प्रतिवर्ष सैकड़ों का इजाफा होता गया। अब स्थिति यह हो जाती है कि उस दिन मन्दिर में तो क्या पूरे मेला परिसर में पैर रखने के लिए जगह नसीब नहीं होती। नवमी के दिन लट्ठ पूजा के  कारण आम श्रद्धालु आसपास तक नहीं फटकते।

लट्ठ पूजा करने वाले लोगों के चले जाने के बाद ही वे पूजा करने आते हैं। लट्ठ पूजा की परंपरा भी बड़े ही अजीबोगरीब अन्दाज में चालू हुई। हुआ यह कि एक बार सूर्यवंशी ठाकुर मन्दिर पर हमला कर देवी की प्रतिमा उठा ले गए। उनसे प्रतिमा वापस लाने में चन्द्रवंशी होने के कारण नरीए साखीए रहेड़ा और अरवाई के ठाकुरों ने सेमरी नगला देवीसिंहए नगला बिरजी और दद्दीगढ़ी के ठाकुरों की खासी मदद की।

बस इसी बात पर वे लोग भी देवी की सेवा.पूजा पर अपना हक जताने लगे। चैत्र शुक्ल नवमी को होने वाली मुख्य पूजा में शामिल होने का उन्होंने कई बार प्रयास किया और उनका यही प्रयास परंपरा बन गया। अब वे प्रतिवर्ष दोपहर से शाम तक एक-एक कर सेमरी गांव में स्थित मन्दिर पर मय हथियारों के चढ़ाई करते हैं और लट्ठपूजा की परंपरा निभाकर चले जाते हैं।


Vikas Sharma
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मायावती को पहनाई गई माला की जांच आयकर विभाग करेगा

Posted on 16 March 2010 by admin

पहनाई गई मालाकाले धन से गुथी-   सपा माला की कीमत 21 लाख रूपए - नसीमुद्दीन

लखनऊ - उत्तर प्रदेश की मुख्यमंत्री मायावती को पार्टी की रैली में कल पहनाई गई माला करोड़ों रुपये की थी, उसकी जांच आयकर विभाग करेगा। आईटी विभाग यह पता लगाएगा कि माला में लगे हजार-हजार रुपये के नोट कहां से आए

सूत्रों के अनुसार इनकम टैक्स विभाग धन के सोर्स की जांच करेगा। यह राशि 10 से 20 करोड़ रुपये के बीच होने का अनुमान है। जांच लखनऊ स्थित इनकम टैक्स डिपार्टमेंट करेगा क्योंकि मायावती को जिस स्थान पर कार्यक्रम में माला पहनाई गई वह उसी डायरेक्टरेट के तहत पड़ता है। विभाग एक-एक हजार रुपये के नोटों के सोर्स, किस बैंक से ये नोट निकाले गए और बैंक खाता धारक की पहचान का भी पता लगाएगा।

विभाग ने अपनी खुफिया शाखा से इस संबंध में सूचना जमा करने को कहा है। इसमें बहुजन समाज पार्टी के स्थापना दिवस को मनाने के लिए समूचा धन कहां से आया, इस बारे में भी सूचना जुटाने को कहा गया है। उन्होंने कहा कि आगे क्या कार्रवाई की जाएगी इस पर फैसला विभाग को प्राथमिक सूचना मिलने के बाद किया जाएगा। मायावती को पहनाई गई माला में सभी नोट एक-एक हजार रुपये के थे और सभी नए थे। ऐसे में अगर आईटी विभाग उन नोटों को अपने कब्जे में लेकर नंबर मालूम कर लेता है तो इसका सोर्स पता लगाने में उसे परेशानी नहीं होगी। बैंकिंग सेक्टर के एक्सपर्ट्स के अनुसार हालांकि यहां एक अन्य मामला धन के दुरुपयोग का और करोड़ों रुपये को सार्वजनिक करने का बनता है। अहम सवाल यह है कि यह धन किस तरीके से कमाया गया और इस पर इनकम टैक्स दिया गया या नहीं?

उत्तर प्रदेश की मुख्यमंत्री मायावती को पार्टी की रैली में कल पहनाई गई माला मुद्दे को लेकर समाजवादी पार्टी  ने सत्तापक्ष की खिंचाई की। पार्टी के प्रदेश अध्यक्ष अखिलेश यादव तथा विधानसभा में नेता विरोधी दल शिवपाल सिंह यादव ने कहा कि रैली मंच पर बसपा मंत्रियों द्वारा हजार हजार के नोटों की करोडों रुपए मूल्य की जो माला मुख्यमंत्री को पहनाई गई वह काले धन से गुथी है।सपा नेताओं ने कहा कि इसका खुलासा होना चाहिए और आयकर विभाग तथा केन्द्रीय जांच ब्यूरो (सीबीआई) को इसे संज्ञान में लेकर जांच करनी चाहिए।

मुख्यमंत्री मायावती को पार्टी की रैली में कल पहनाई गई माला को लेकर उठे विवाद के बीच ,बसपा के महासचिव और राज्य के लोक निर्माण मंत्री नसीमुद्दीन ने विपक्ष के इस आरोप को आज पूरी तरह गलत बताया कि कल रैली में पहनाई गई माला करोडों रूपए की थी और उसे हजार हजार रूपए के नोट से तैयार किया गया था। उन्होंने कहा कि माला की कीमत 21 लाख रूपए थी और उसे पार्टी की राज्य इकाई की ओर से तैयार कराया गया था। यह किसी भी तरह से अवैधानिक नहीं है।

सुरेन्द्र अग्निहोत्री
मो0 9415508695
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अवैध खनन से निकली मोरम के प्रयोग में रोक लगाने की

Posted on 16 March 2010 by admin

ग्राम प्रधान ने लिखा उच्चाधिकारियों को पत्र

लीजिए जनाब ! गांव के विकास के लिए सरकार द्वारा करवाए जा रहे निर्माण कार्यों में घटिया मोरम प्रयोग होने की शिकायत अब ग्राम प्रधान खुद करने लगे। लेकिन इसके बावजूद भी जिले में अवैध मोरम व बालू खदानों के कारोबारियों की तूती बोल रही है। लोगों को अब फिक्र हो चली है कि इस अवैध व्यापार के कारण कहीं उनके इलाके के आस-पास मौजूद खूबसूरत विंध्यपर्वत श्रेणियां नेस्नाबूद न हो जाएं। जानकार व पर्यावरण विद लोग मानते हैं कि यदि जिले से ऐसी  छोटी-छोटी पहाड़ियों का वजूद समाप्त हो जाएगा तो एक दिन यहां के लोगों को भारी परेशानियों का समाना करना पडे़गा।

पहले भी कई लोगों ने जिले में हो रहे बालू, मोरम व पत्थर के अवैध खनन कारोबार को रोक लगाने की मांग सम्बंधित अधिकारियों से की थी। लेकिन विभागीय लोगों की मिलीमिली भगत के चलते यह कारोबार रुकने के बजाए दिनोदिन फल फूल रहा है। इन अवैध कारोबारियों के हौसले इतने बुलन्द है कि गांव के विकास के लिए सरकार द्वारा कराए जा रहे विभिन्न निर्माण कार्यों में भी इनकी घुसपैठ हो गई है। इसी के चलते निर्माण कार्यों से जुड़े ठेकेदार भी अवैध खनन के द्वारा निकाले गए मोरम, बालू व पत्थरों का प्रयोग सड़क, नाली  आदि बनाने में करने लगे हैं।

जिला चित्रकूट के विकासखण्ड कर्वी के ग्राम मैनहाईमाफी ग्राम प्रधान छत्रपाल उर्फ नत्थू मुखिया बताते हैं कि उनके गांव में हर्दी-मैनहाई संपर्क मार्ग का निर्माण कार्य चल रहा है। प्रधानमंत्री ग्रामीण रोजगार सड़क योजना के तहत बनने वाले इस संपर्क मार्ग का ठेका लेने वाला ठेकेदार व पेटीकांटेक्टर गांव के समीप मौजूद पहाड़ी से अवैध खनन करवा कर घटिया मोरम का प्रयोग कर रहे हैं। उनका कहना है कि उन्होंने अपनी जिम्मेदारी समझते हुए बीती 27 नवंबर 09 को प्रदेश सरकार के लोक निर्माण मंत्री व ग्राम्य विकास मंत्री को प्रार्थना पत्र देकर घटिया तरीके से बनवाए जा रहे संपर्क मार्ग का काम बन्द करवाने की मांग की थी।  दोनों मंत्रीयों को लिखे गए पत्र की एक प्रति उचित कार्रवाई के लिए 15 दिसम्बर 09 को उपजिलाधिकारी कर्वी कार्यालय में दी थी। इसके साथ ही डीएम व एसपी को इस सम्बंध में पंजीकृत डाक से प्रार्थना पत्र भेजा था। मंत्री सहित प्रशासनिक अधिकारियों को पत्र लिखने के बाद भी आज तक कोई कार्रवाई नहीं हुई। और ठेकेदार जेसीबी मशीन से अवैध खुदाई करवा कर संपर्क मार्ग निर्माण में प्रयोग कर रहा है। इसके अलावा लोग बताते हैं कि खनिज विभाग व पुलिस की मिलीभगत के चलते पियरा, खखरी, नेउरा, हनुमानगंज, के पहाड़ों से भी अवैध खनन के द्वारा निकाला गया सैकड़ों ट्रैक्टर पत्थर पड़ोसी जनपदों में बिकने के लिए जाता है। इतना ही आपरेशन पोस्ट भरतकूप के ज्यादातर स्टोन क्रेशर उद्योग मालिक भी अवैध खदानों से निकले पत्थरों का ही प्रयोग करते हैं। क्योंकि यह सस्ता और आसानी से उपलब्ध हो जाता है।

सूत्रो की माने तो इन अवैध खदानों से पत्थर, बालू व मोरम ढोने वाले वाहनों के चालक सम्बंधित लोगों को 500-1000रुपये तक की सुविधाशुल्क देते है। यदि कहीं ज्यादा फसन्त हो गई तो इससे ज्यादा खर्च करने में भी गुरेज नहीं करते। जबकि जानकार व पर्यावरणविदों का कहना है कि यदि इन छोटी-छोटी पहाड़ियों पर हो रहे अवैध खनन पर रोक नहीं लगी तो ये पहाड़िया एक दिन नेस्तनाबूद हो जाएंगी और जिले के लोगों को भारी परेशानियों का सामना करना पड़ेगा। लोगों ने मुख्यमंत्री मायावती से जिले में चल रही अवैध खदानों पर रोक लगाने की मांग की है।

जिले में हो रहे अवैध खनन व्यापार से आजिज आ चुके ग्रामीणों का कहना है कि पहाड़ों न नदियों के किनारे अवैध खदान चलाने वाले माफियाओं की कारस्तानी से उनके खेत भी चौपट होते जा रहे हैं। रात के समय अवैध खदानों से निकाले गए पत्थर और बालू ढोने वाले वाहन अंधेरे में यह भी नहीं देखते कि खेत में फसल खड़ी है या फिर खेत में जुताई की गई है। उन्हें तो बस अपना मतलब सिद्ध करना होता है कि कितनी जल्दी वे अवैध काम होने वाले इलाके से बाहर चले जाएं।

इधर पर्यावरण के जानकार बताते हैं कि पहाड़ों में चल रही अवैध पत्थर खदानों की तर्ज पर नदियों के किनारे से अवैध रूप में अंधाधुंध बालू निकाली जा रही है। जिससे घाट कट रहे हैं यदि इस ओर ठोस कदम नहीं उठाए गए तो आने वाले समय में इन ग्रामीण इलाकों के लोगों को प्रकृति के भयंकर परिणाम भुगतने पड़ेंगे।

श्री गोपाल

09839075109

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पीडब्ल्यूडी द्वारा बनवाई जा रही सड़क का नमूना भर परीक्षण के लिए भेजा

Posted on 16 March 2010 by admin

जिलाधिकारी ने किया अंबेडकर गांवों का मुआयना

चित्रकूट - लोक निर्माण विभाग द्वारा बनवाई गई आरसीसी रोड की खुदाई करवा जिलाधिकारी ने मानक का सत्यापन करते हुए कहा कि अगर शासन के मानकों के विपरीत रोड का निर्माण हुआ तो वे दोषी अधिकारियों को कदापि नहीं बख्शेंगे। इस दौरान डीएम विशाल राय ने अंबेडकर गांव कंठीपुर बनवारीपुर का भ्रमण करते हुए विकास कार्यों का भी सत्यापन किया।

जिलाधिकारी विशाल राय मंगलवार को अंबेडकर गांव बनवारीपुर पहुंचे। जहां उन्होंने गांव के भीतर 305 मीटर की बन रही आरसीसी रोड का मानक मौके पर मौजूद पीडब्ल्यू अधिकारियों से पूछते हुए गांव के भी मजदूरों को बुला खुदाई करवाई और प्रयोग हुई सामाग्री का नमूना परीक्षण कराने के लिए उन्होंने सम्बंधित विभाग को निर्देश दिए। इसके साथ उन्होंने इन्दिरा आवास महामाया आवास का सत्यापन किया और गांव पहुंच काम पूरे होने पर चेतावनी देते हुए कहा कि यदि 15 दिन के अन्दर अवशेष निर्माण कार्य पूरे नहीं होते तो वे आरसी जारी करवा वसूली करवाएंगे।

ग्राम प्रधान ने बताया कि 138 शौचालय बने हैं। इस बीच कुछ मजदूरों द्वारा बकाया मजदूरी मिलने की शिकायत पर कहा कि मनरेगा के प्रावधान के अनुसार मजदूरों को मजदूरी समय पर दी जाए। वहीं जल निगम द्वारा सन् 2007-08 में पेयजल समस्या से निजात दिलाने के लिए डाली गई पाइप लाइन जगह-जगह लीकेज होने पर जांच कराने के लिए कहा।

इसके बाद जिलाधिकारी कंठीपुर पहुंचे जहां उन्होंने दशम वित्त योजना से कराए गए कार्यों का विवरण मांगा तो ग्राम पंचायत अधिकारी ने बताया कि पूर्व समकक्ष व्यक्ति द्वारा उन्हें अभी तक चार्ज नहीं दिया गया। वहीं उन्होंने मातृ शिशुकेन्द्र जो 7 लाख 25 हजार की लागत से बन रहा है में गुणवत्ता परक सामग्री लगाए जाने के आदेश दिए। उनके साथ सीएमओ डा. आरडीराम, सीडीओ, एसडीएम समेत अन्य जिलास्तरीय अधिकारी मौजूद रहे।

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अखिलेश यादव साइकिल चलाकर समाजवादी पार्टी के साइकिल यात्रा कार्यक्रम का समापन करेगें

Posted on 16 March 2010 by admin

लखनऊ -  समाजवादी पार्टी के प्रदेश अध्यक्ष एवं सॉसद  अखिलेश यादव राजधानी लखनऊ की सड़कों पर 23 मार्च,2010 को सैकड़ों साइकिल यात्रियों के जत्थे का नेतृत्व करते हुए स्वयं साइकिल चलाकर समाजवादी पार्टी के साइकिल यात्रा कार्यक्रम का समापन करेगें। प्रदेशभर में 8 मार्च,2010 से चल रही साइकिल यात्रा में लाखों साइकिल यात्रियों ने गांव-गांव, शहर-कस्बों तक पार्टी की नीति एवं अपने नेता  मुलायम सिंह यादव का सन्देश पहुंचाया। इस क्रम में  अखिलेश यादव अब तक सुल्तानपुर, कन्नौज, औरैया में साइकिल यात्राओं में शामिल हो चुके हैं।

अखिलेश यादव राजधानी में 23 मार्च को लोहिया राष्ट्रीय विधि विश्वविद्यालय (आशियाना) से 15 किलोमीटर की साइकिल यात्रा कर गोमतीनगर स्थित लोहिया पार्क पहुंचेगें जहॉ लोहिया शताब्दी वर्ष समारोह का समापन होगा। इसी दिन जिला मुख्यालयों पर डा0 लोहिया जन्म शताब्दी समारोह के साथं साइकिल यात्री समापन समारोह करेगें। लखनऊ में आशियाना स्थित डा0 राम मनोहर लोहिया राष्ट्रीय विधि विश्वविद्यालय आशियाना और गोमतीनगर स्थित लोहिया पार्क श्री मुलायम सिंह यादव ने अपने मुख्यमन्त्रित्वकाल में बनवाया था। अखिलेश यादव की साइकिल यात्रा डा0 लोहिया जन्म शताब्दी वर्ष 23 मार्च,2010 के अवसर पर डा0 लोहिया के प्रति सम्मान प्रदर्शित करने के लिए है।

डा0 राम मनोहर लोहिया शताब्दी वर्ष समारोह को मुख्य अतिथि के रूप में समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष श्री मुलायम सिंह यादव 23 मार्च,2010 को लखनऊ के लोहिया पार्क में सम्बोधित करेगें।

स्मरणीय है, समाजवादी पार्टी की साइकिल यात्रा बढ़ती मंहगाई, भ्रष्टाचार, जर्जर कानून व्यवस्था तथा महिला आरक्षण बिल के नाम पर दलितों, मुस्लिमों तथा पिछड़े वर्ग के खिलाफ साजिश के विरोध में 8 मार्च,2010 से शुरू हुई थी। इसमें पार्टी के सभी पदाधिकारियों, नेता कार्यकर्ताओं ने बढ़-चढ़कर भागीदारी निभाई है। समाजवादी पार्टी के जो साइकिल यात्री जिन क्षेत्रों में नहीं पहुंच सकें हैं  वहां इस सप्ताह वे साइकिल यात्रा कर पार्टी का सन्देश पहुंचायेगें।

सुरेन्द्र अग्निहोत्री
मो0 9415508695
upnewslive.com

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अखिल भारत हिन्दू महासभा 18 मार्च को बरेली जिलाधिकारी का घेराव करेगीं

Posted on 16 March 2010 by admin

लखनऊ - अखिल भारत हिन्दू महासभा बरेली दंगे को लेकर फर्जी मामले बनाकर गिरफ्तार किये गये पार्टी नेताओं और कार्यकर्ताओं की रिहायी की मांग को लेकर आगामी 18 मार्च को बरेली जिलाधिकारी का घेराव कर विरोध प्रदर्शन करेगी। आज यहां खुर्शीदबाग स्थित प्रान्तीय कार्यालय में हुयी बैठक में प्रदेष कार्यकारी अध्यक्ष कमलेष तिवारी के नेत्त्व में होने जा रहे इस विरोध प्रदर्षन का निर्णय लेते हुये पार्टी के वरिष्ठ उपाध्यक्ष अजीत सिंह चन्देल ने बताया कि मुस्लिम तुष्टिकरण के चलते सत्ता पक्ष के साथ-साथ भारतीय जनता पार्टी सहित विभिन्न राजनीतिक दल बरेली दंगे के मामले में फर्जी मामले दर्ज कर बन्द किये हिन्दुओं की रिहायी की मांग नहीं उठा रहे है जबकि हिन्दू महासभा बराबर रिहायी की मांग कर रही है और इसके बाबत राज्यपाल को ज्ञापन भी सौंपा जा चुका है, लेकिन अभी तक फर्जी मामले में बन्द लोगों की रिहायी के लिये कोई कदम नहीं उठाया है जबकि बरेली दंगे के मुख्य आरोपी तौकीर को छोड़ने के लिये प्रदेसरकार ने रूचि दिखायी और उसे छोड़ दिया गया। जबकि बेकसूर आज भी जेल में बन्द है। श्री चन्देल ने कहा कि मुस्लिम वोटों की खातिर सभी प्रमुख राजनीतिक दलों ने अपनी ऑखें बरेली दंगे के मामले में बद कर रखी है और सिर्फ दिखावे के लिये बयानबाजी कर रहे है जबकि जेल में बन्द बेकूसरों के लिये कोई ठोस कदम नहीं उठाया लेकिन मुख्य आरोपी के गिरफ्तारी का विरोध जरूर षुरू कर दिया। सपा को निषाने पर लेते हुये श्री चन्देल ने कहा कि मऊ दंगे के दौरान तात्कालिक मुलायम सरकार ने मुझ पर रासुका लगाकर जेल भेज दिया था। अब ऐसा ही मौजूदा बसपा सरकार बरेली दंगे के दौरान हिन्दु नेताओं पर निशाना साध कर रही है। बैठक में प्रमुख संगठन मन्त्री राजेष द्विवेदी ने चेतावनी देते हुये कहा कि यदि बरेली दंगे में फर्जी मामले लगाकर बन्द किये गये हिन्दू महासभा के नेता और कार्यकर्ताओं को शीघ्र न छोड़ा गया तो 18 मार्च को बरेली जिलाधिकारी कार्यालय के समक्ष विरोध प्रदर्शन के दौरान पार्टी के कार्यकर्ता आत्मदाह तक करने का कदम उठा सकते है। जिसकी जिम्मेदारी पूरी तरह से प्रदे सरकार की होगी। प्रान्तीय कार्यालय में हुयी बैठक में प्रमुख महासचिव पियूश कान्त वर्मा, पार्टी प्रवक्ता राम मनोरथ अवस्थी, प्रदेष महासचिव मनीश महाजन, फैजाबाद मण्डल प्रभारी अजय सिन्हा, कार्यालय प्रभारी ओंमकार नाथ षास्त्री, पिष्चमी उत्तर प्रदेष के प्रभारी योगेन्द्र वर्मा, लखनऊ मण्डल प्रभारी प्रेम सिंह, सहित कई प्रमुख पदाधिकारी एवं कार्यकर्ता मौजूद थे।

सुरेन्द्र अग्निहोत्री
मो0 9415508695
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बसपा रैली जनता का उपहास है - समाजवादी पार्टी

Posted on 15 March 2010 by admin

लखनऊ -  बहुजन समाज पार्टी की सरकार प्रायोजित रैली में जनता की गाढ़ी कमाई जिस बेशर्मी के साथ लुटाई गई है उससे आज का दिन राजनीति के इतिहास का काला अध्याय माना जाएगा। समाजवादी पार्टी ने मायावती सरकार पर आरोप लगातें हुये कहा कि प्रदेश के बरेली जनपद में हिंसा और कर्फ्यू के चलते जनजीवन संकट में है, मंहगाई और भृष्टाचार से जनता कराह रही है और कानून व्यवस्था जर्जर है उस पर मुख्यमन्त्री का ध्यान नहीं। वे राजकोश के पॉच सौ करोड़ रूपए खर्च कर जश्न मनाने में मशगूल हैं। इस रैली में प्रदेश की जनता की भागीदारी नगण्य रही। भीड़ दिखाने के लिए बाहरी प्रान्तों से भाडे़ पर कार्यकर्ता लाए गए थे। यह बसपा रैली जनता का उपहास है।

रैली मंच पर बसपा मन्त्रियों द्वारा करोड़ों की हजार-हजार के नोटों की जो माला मुख्यमन्त्री को पहनाई गई है, वह काला धन से गून्थी गई है, इसका खुलासा होना चाहिए और आयकर तथा सी0बी0आई0 को इसका संज्ञान लेकर जॉच करनी चाहिए।

सुश्री मायावती अपने मुंह से जिसे महारैली बता रही हैं वह सरकारी तन्त्र के आतंक से एकत्र संसाधनों से फाइव स्टार सुविधाओं के प्रलोभन पर जुटे चन्द लोग थे। इसके विपरीत अक्टूबर 1987 में श्री मुलायम सिंह यादव के नेतृत्व में क्रान्तिकारी मोर्चे द्वारा विरोध में रहते हुए लखनऊ में विराट रैली हुई थी। 23 वर्ष पूर्व हुए इस रैली में स्वत: स्फूर्त लोग आए थे और बेगम हजरत महल पार्क के बाहर दस गुना ज्यादा भीड़ हजरतगंज और अमीनाबाद तक फैली हुई थी। इसी तरह डा0 अम्बेडकर ग्राम विकास योजना का श्रेय वे ले रही हैं जबकि यह योजना श्री मुलायम सिंह यादव ने अपने मुख्यमन्त्रित्वकाल में लागू की थी।

बहुजन समाज पार्टी ने अपने 25 वर्ष के स्थापना काल में लोकतन्त्र की सभी मर्यादाओं को तोड़ने का ही काम किया है। उसने राजनीति में अस्थिरता और अविश्वसनीयता को ही बढ़ावा दिया है। जाति और संप्रदाय की राजनीति के सहारे ही उसने सत्ता हासिल की है और सत्ता में जब जब सुश्री मायावती आईं भृष्टाचार, लूट, वसूली एवं प्लाट-कोठियों पर कब्जे का ही धंधा चला है। प्रशासनिक तन्त्र को बसपा का संगठन अंग बनाकर उसे लाचार और नाकारा कर दिया गया हेै।

मुख्यमन्त्री ने जिस प्राइमरी स्कूल स्तर के  भाषण का वाचन रैली में किया है उसमें कहीं जनता की तकलीफों की चिन्ता नहीं। उसमें गरीबों, दलितों, अल्पसंख्यकों के लिए भी कोई भरोसा नहीं है। वस्तुत: सुश्री मायावती ने मान लिया है कि यह उनके लिए अन्तिम अवसर है जिसमें वे जितना हो सके लूट कर अपना ऐश्वर्य बढ़ा लें  क्योंकि जनता केा उनके सभी कारनामो की  सचाई मालूम हो गई है। वे दलितों गरीबों की नेता नहीं, सांमती मानसिकता की महारानी हैं जो इन रैलियों में भव्य प्रदर्शन से अपना महत्व बढ़ाना चाहती हैं। समाजवादी पार्टी की मॉग है कि इस रैली में सरकारी खर्च का प्रामाणिक व्यौरा प्रकाशित किया जाए।

सुरेन्द्र अग्निहोत्री
मो0 9415508695
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मायावती ने महात्माओं और बाबाओं की जमकर खिंचाई की

Posted on 15 March 2010 by admin

लखनऊ-  बसपा सुप्रीमो एवं मुख्यमन्त्री मायावती ने आज यहां आयोजित बसपा की महारैली में जहां एक तरफ केन्द्र सरकार, महिला आरक्षण विधेयक और विपक्षी दलों की जमकर आलोचना की वहीं महात्माओं और बाबाओं की भी जमकर खिंचाई की।

मायावती ने महारैली को संबोधित करते हुए बाबा रामदेव का बिना नाम लिए सांकेतिक लहजे में कहा कि हमारे देश में कुछ बाबा जनता को पहले कसरत कराते हैं और बाद में अपने नुस्खे बेचकर धन कमाने में लगे रहते हैं। उन्होंने कहा कि देश की दो तिहाई आबादी गांवों में बसती है। ये लोग खेत खलिहानों में पसीना बहाते हैं इनकी कसरत तो यूं ही हो जाती है। उन्होंने पार्टी कार्यकर्ताओं से कहा कि इन बाबाओं से सावधान रहें और इनके चक्कर में आकर अपनी मेहनत की कमाई को न लुटायें। मायावती ने कहा कि कुछ बाबा तो जनता को कसरत कराने और अपने चेले चपाटों के सहारे अब राजनैतिक पार्टियां बनाने की फिराक में भी लगे हुए हैं।

सुरेन्द्र अग्निहोत्री
मो0 9415508695
upnewslive.com

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बसपा की महारैली में मंसूरी समाज ने बढ़चढ़ कर लिया हिस्सा

Posted on 15 March 2010 by admin

लखनऊ - बहुजन समाज पार्टी द्वारा आज रमाबाई पार्क मैदान लखनऊ में आयोजित महारैली में मुस्लिम मंसूरी समाज के लोगों ने पहली बार राज्य मन्त्री जावेद इकबाल के नेतृत्व में बढ़-चढ़ कर हिस्सा लिया। प्रदेश के कोने-कोने से आयें हजारों की तादात में लखनऊ पहुंचे मंसूरी समाज के लोग बहन मायावती द्वारा मंसूरी समाज के सीनियर लीडर जावेद इकबाल मंसूरी को यू0पी0 एग्रो का चेयरमैन बनाकर राज्य मन्त्री का दर्जा दिये जाने के बाद मंसूरी समाज की सभी तन्जीमों ने इस रैली में जोरदार ढ़ग से शामिल होने की घोषणा की थी।

यू0पी0 जमीअतउल मंसूर, मंसूरी फेडरेशन, मंसूरी समाज समन्वय समिति, मंसूरी वेल्फेयर सोसाइटी, मंसूरी समाजोत्थान समिति, मंसूरी समाज आदि संस्था के नेतृत्व में देर शाम से मंसूरी बिरादरी के लोगों का आने का सिलसिला शुरू हो गया था जो रैली समाप्ति तक जारी रहा।mansoori-samaaj-photo-15march20102

यू0पी0 जमीअतउल मंसूर के महामन्त्री हाजी सलीम अहमद मंसूरी ने बताया कि कानपुर से हाजी रबीउल्ला मसूंरी, सुल्तानपुर से शेरमोहम्मद मंसूरी, मैनपुरी से हाजी नबी अहमद मंसूरी, जालौन से हाजी बरकत मंसूरी, बरेली से परवेज मंसूरी, अमरोहा से रियाज मंसूरी, बब्बू मंसूरी, मुरादाबाद से डा0 हामिद अली मंसूरी, लखीमपुरखीरी से नसीर अहमद मंसूरी, सीतापुर से मो0 रिजवान मंसूरी, रामपुर से रियाजुद्दीन मंसूरी, धामपुर से हाजी गयासुद्दीन मंसूरी, प्रतापगढ़ से डा0 अफसर अली मंसूरी, फिरोजाबाद से मो0 सलीम मंसूरी, आफताब मंसूरी, इटावा से नईमुद्दीन मंसूरी, औरैया से मो0 शब्बीर मंसूरी, गोरखपुर से हाजी मकबूल मंसूरी, पडरौना से असगर अली मंसूरी, गोण्डा से अहद अली मंसूरी, बहराईच से इिम्तयाज अहमदे मंसूरी, नानपारा से बब्लू मंसूरी, शाहजहां से सरताज अहमद मंसूरी, आजमगढ़ से डा0 हाफिज इरशाद मंसूरी पूर्व विधायक, लखनऊ से मो0 फारूख मंसूरी, अहतिशाम अली मंसूरी आदि के नेतृत्व में हजारों लोगों ने रैली में भाग लिया।

यू0पी0 जमीअतउल मंसूर के महामन्त्री हाजी सलीम अहमद मंसूरी ने बताया कि यह पहला मौका है कि जब इतनी तादात में मंसूरी समाज के लोगों ने रैली में भाग लिया। इसका श्रेय यू0पी0 एग्रो के चेयरमैन जावेद इकबाल मंसूरी को जाता है जिनकी मेहनत ने बिखरे मंसूरी समाज को एक जुट करके बसपा के साथ जोड़ा है।

सुरेन्द्र अग्निहोत्री
मो0 9415508695
upnewslive.com

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