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Archive | February 13th, 2018

भारत के माननीय राष्ट्र पति की पावन उपस्थिति में राष्ट्रापति भवन में एलपीजी की पंचायत का आयोजन

Posted on 13 February 2018 by admin

13 फरवरी 2018, नई दिल्लीस : आज भारत के माननीय राष्ट्रीपति, श्री राम नाथ कोविंद की पावन उपस्थिति में राष्ट्र पति भवन में एक एलपीजी पंचायत का आयोजन किया गया। इस अवसर पर श्री धर्मेंद्र प्रधान,माननीय पेट्रोलियम और प्राकृतिक गैस,कौशल विकास तथा उद्यमशीलता केंद्रीय मंत्री के साथ विभिन्ना निर्वाचन क्षेत्रों की महिला सांसद, विभिन्न क्षेत्रों के प्रतिष्ठित व्यक्ति, पेट्रोलियम और प्राकृतिक गैस मंत्रालय एवं तेल विपणन कंपनियों के के वरिष्ठ् अधिकारी भी उपस्थित थे ।

sm8_2481गरीबी रेखा से नीचे निवास करने वाले परिवारों की 104 महिलाओं, जिन्हेंत प्रधान मंत्री उज्जरवला योजना से लाभ मिला है, को देश के 27 राज्योंन से अपने जीवन में आने वाले बदलाव के अनुभवों को साझा करने के लिए इस कार्यक्रम में आमंत्रित किया गया ।

इस अवसर पर लोगों को संबोधित करते हुए भारत के राष्ट्र पति ने प्रधान मंत्री उज्जकवला योजना के आरंभ होने के 21 माह के अंदर ही 3.4 करोड़ से अधिक ग्राहकों के नामांकन पर अपनी प्रसन्न ता व्य क्तज की। उन्होंने कहा कि उज्ज्वला योजना महिला सशक्तिकरण की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है |

उन्होंने महिलाओं के स्वास्थ्य, कल्याण और सशक्तिकरण के माध्यम से सामाजिक न्याय अग्रिम करने के प्रयासों के लिए पेट्रोलियम और प्राकृतिक गैस मंत्रालय को बधाई दी। उन्हें विश्वास जताया कि उज्ज्वला योजना के तहत एलपीजी पंचायतों का आयोजन बहुत उपयोगी साबित होगी।
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माननीय राष्ट्रपति ने कहा कि प्रदूषणकारी ईंधन के उपयोग से ग्रामीण गरीब परिवारों की महिलाएं खराब स्वास्थ्य की शिकार हो रही हैं | इस योजना ने महिलाओं को इस खतरे से बाहर आने तथा स्वस्थ और खुशहाल जीवन जीने में में मदद की है | माननीय राष्ट्रपति आगे कहा कि एक स्वच्छ और स्वस्थ रसोई, महिलाओं का सामाजिक-आर्थिक समावेश में शामिल होना, समय की अधिक उपलब्धता प्रधानमंत्री उज्ज्वला योजना के लाभ में से कुछ हैं ।
इस अवसर पर श्री प्रधान ने कहा कि प्रधान मंत्री उज्ज्वला योजना का उद्देश्य सिर्फ एलपीजी कनेक्शन वितरित करना ही नहीं है, बल्कि उन महिलाओं द्वारा सामना किए जा रहे स्वास्थ्य संबन्धित खतरों को कम करना है जो अभी भी खाना पकाने के लिए पारंपरिक ईंधन का उपयोग कर रही हैं। पीएमयूवाई के तहत 3.4 करोड़ कनेक्शन जारी करने के साथ ही, हम समय सीमा के भीतर 8.0 करोड़ कनेक्शन के संशोधित लक्ष्य को प्राप्त करने के लिए पूर्ण रूप से प्रतिबद्ध हैं।

आगे बोलते हुए उन्हों ने कहा कि एलपीजी पंचायत , लाभार्थियों के साथ बातचीत करने तथा उनके अनुभवों का इस्तेमाल करते हुए उज्ज्वला के आसपास एक स्थायी और व्यवहार्य आंदोलन की शुरूआत करने के लिए एक ज्ञान आधार बनाने के लिए एक मंच के रूप मंध कार्य रही है । इन बैठकों से एलपीजी के सुरक्षित और नियमित उपयोग की जरूरत की पुन: पुष्टि होगी।

कार्यक्रम के दौरान, 5 पीएमयूवाय लाभार्थियों ने अपने व्य क्तिगत अनुभव साझा करते हुए अपने परिवार में एलपीजी का उपयोग शुरू होने के बाद अपने जीवन पर आए गहरे असर के बारे में बताया। ऐसा ही एक अनुभव साझा करते हुए पीएमयूवाय छतीसगढ़ की एक लाभार्थी, सुश्री नारायणी बाई साहू ने बताया कि “…आप समय को नहीं खरीद सकते परन्तु उज्ज्वला खरीद कर समय बचा सकते है …” | उन्होंाने बताया कि भोजन पकाने से बचने वाले खाली समय में उन्होने कपड़े सिलने का काम सीखा और इससे होने वाली आमदनी का एलपीजी रिफिल के वित्तपोषण और बच्चों की शिक्षा में उपयोग हो रहा है।
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एलपीजी पंचायत एक सामुदायिक बैठक है जो आपस में एलपीजी उपभोक्ताीओं के मेलजोल के एक प्लेसटफॉर्म के तौर पर कार्य करता है, यहां आपस में एक दूसरे की जानकारी से सीखा जाता है, वे अपने अनुभव साझा करते हैं, साथ ही एलपीजी के सुरक्षित उपयोग के प्रति लोगों को संवेदनशील करता है । लगभग 100 एलपीजी उपभोक्तााओं को एक साथ लाकर उन्हें एक अंत: क्रियात्मरक प्लेाटफॉर्म पर विचारों के आदान प्रदान की सुविधा देकर उन्हें एलपीजी के सुरक्षित तथा स्थाकयी उपयोग के बारे में चर्चा करने का मौका मिलता है, वे इसके लाभों तथा भोजन पकाने और महिला सशक्ती करण के लिए स्विच्छ‍ ईंधन के उपयोग के बीच संबंध के बारे में जानते हैं। साथ ही इससे उपभोक्तााओं को एलपीजी पारिस्थितिक तंत्र के विभिन्नए हिस्से‍दारों के साथ उपभोक्तासओं को मिलने का अवसर भी प्रदान किया जाता है, जैसे ओएमसी अधिकारी, वितरक, मैकेनिक और डिलिवरी मैन, जो उनके प्रश्नों और शंकाओं का समाधान करते हैं।

एलपीजी पंचायतें नए एलपीजी प्रयोक्तााओं को कुछ जारी योजनाओं के बारे में भी दोबारा जानकारी देने के फोरम के रूप में उपयोग की जाएंगी, जैसे मुद्रा, स्टैंुड अप इंडिया, सुकन्याा समृद्धि योजना, राष्ट्री य ग्रामीण आजीविका मिशन (एनआरएलएम), ताकि इन कार्यक्रमों के लाभ पाने के लिए उन्हें प्रोत्साहन दिया जा सके।

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यू0पी0एस0सी0-2017 की मुख्य परीक्षा उर्तीण करने वाले अभ्यर्थियों को मिलेगी निःशुल्क कोचिंग

Posted on 13 February 2018 by admin

लखनऊ 13 फरवरी, 2018

पुनर्नवा फाउण्डेशन के ट्रस्टी अध्यक्ष श्री देवेश त्रिपाठी ने बताया है कि यू0पी0पी0एस0सी0 की मुख्य परीक्षा 2017 पास करने वाले अभ्यर्थियों को इण्टरव्यू की तैयारी कराने तथा उनको उचित मार्गदर्शन देने के लिए संघ लोक सेवा आयोग परीक्षा के विशेषज्ञ टीम लखनऊ में हैं। यह सत्र अभ्यर्थियों के हित में निःशुल्क है। इस संबंध में अभ्यर्थी फोन नं0 09350871748 तथा email Id: punarnavafoundation@gmail.com पर सम्पर्क कर सकते हैं।

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आगामी 21 व 22 फरवरी, 2018 को होने वाली उ0प्र0 इन्वेस्टर्स समिट-2018 के अंतर्गत जोन-02 एवं जोन-06 में विशेष सफाई अभियान का सघन निरीक्षण

Posted on 13 February 2018 by admin

लखनऊ 13 फरवरी, 2018

शासन के आदेशों के क्रम में दिनांक 21 व 22 फरवरी, 2018 को होने वाली उ0प्र0 इन्वेस्टर्स समिट-2018 के संबंध में स्वच्छता व सौन्दर्यीकरण समिति का गठन किया गया है जिसके अंतर्गत दिनांक 12.02.2018 से 20.02.2018 तक जोन-02 एवं जोन-06 हेतु लखनऊ शहर में विशेष अभियान चलाकर कूडे़ की सफाई, कन्स्ट्रक्शन एवं डिमोलिशन वेस्ट को हटाये जाने का कार्य, अनिधकृत होर्डिंग्स/बैनर/पोस्टर हटाये जाने का कार्य, आवारा पशुओं को कान्हा उपवन व लक्ष्मण गौशाला भिजवाये जाने का कार्य, डिवाइडर/रेलिंग/पोल की पेटिंग का कार्य, मार्ग नवीनीकरण व मरम्मत का कार्य, मार्ग पर केबिल/तारों को व्यवस्थित कराये जाने इत्यादि श्री देवेन्द्र कुमार पाण्डेय, निदेशक सूडा-उ0प्र0 को निरीक्षण का दायित्व सौंपा गया है।
इसी क्रम में श्री देवेन्द्र कुमार पाण्डेय ने आज जोन-02 एवं जोन-06 के अंतर्गत ऐशबाग, राजाजीपुरम् तथा चैक आदि क्षेत्रों का सघन निरीक्षण किया। निरीक्षण के समय जोनल अधिकारी जोन-06 सुश्री बिन्नो रिजवी भी उपस्थित थी।
निदेशक सूडा-उ0प्र0 श्री पाण्डेय ने रूमी गेट के आस-पास डस्टबीन रखवाने के निर्देश दिये। श्री पाण्डेय द्वारा चैक चैराहे के आर-पास सड़क पर हो रहे निर्माण कार्य को तत्काल पूरा करवाने के निर्देश दिये ताकि उस क्षेत्र में गंदगी न व्यापत हो। श्री पाण्डेय द्वारा चैक चैराहे से विक्टोरिया स्ट्रीट पर डिवाइडर पर जगह-जगह पोस्टर लगे होने पर अत्यन्त आपत्ति जताई तथा उसको तत्काल साफ करवाकर उस पर पाॅलिस करवाने के निर्देश दिये हैं। श्री पाण्डेय ने आयुर्वेदिक काॅलेज के पास कूड़े के ढेर पाये जाने पर अत्यन्त नाराजगी व्यक्त करते हुए तत्काल कूड़ें को उठवाने के निर्देश संबंधित अधिकरी को दिये हैं।
श्री देवेन्द्र कुमार पाण्डेय, निदेशक सूडा-उ0प्र0 ने बताया कि प्रदेश सरकार का यह महत्वपूर्ण प्रयास है कि देश-विदेश से इन्वेस्टर्स उ0प्र0 में आ रहे है इसलिए हम-सब का यह प्रयास होना चाहिए कि हम अपने शहर को साफ-सुथरा रखें, जिससे कि आने वाले अतिथियों को सुन्दर वातावरण मिले। उन्होंने बताया कि बाहर से आने वाले उद्योगपतियों द्वारा उ0प्र0 में निवेश करने से प्रदेश के बेरोजगारों को अधिक से अधिक रोजगार के अवसर प्राप्त हो सकेगें।

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उ0प्र0 विधान सभा अध्यक्ष ने महाशिवरात्रि पर्व पर प्रदेश वासियों को दी हार्दिक बधाई

Posted on 13 February 2018 by admin

लखनऊ 13 फरवरी , 2018

उत्तर प्रदेश विधान सभा के अध्यक्ष श्री हृदय नारायण दीक्षित ने महाशिवरात्रि पर प्रदेश वासियों को हार्दिक बधाई एवं शुभकामनायें दी।
विधान सभा अध्यक्ष श्री दीक्षित ने अपने संदेश में कहा कि महाशिवरात्रि हिन्दुओं का एक प्रमुख आस्था का पर्व है। पौराणिक कथाओं के अनुसार यह माना जाता है कि शिव ही सृष्टि के मूल आधार है वह सृष्टि की आत्मा व संतुलन है वह शक्ति एवं ऊर्जा है।
श्री दीक्षित ने कहा है कि सत्यम् शिवम् सुन्दरम् यही तीन शब्द मानव जीवन का मूल है और हम सभी इन तीन अक्षरों को जीवन में अंगीकार कर एक सुन्दर समाज का निर्माण कर सकते है।

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रेशम उत्पादन बढ़ाने के लिए नई तकनीक का इस्तेमाल किया जाय

Posted on 13 February 2018 by admin

विभाग की खाली जमीनों पर टेक्सटाइल्स पार्क की स्थापना की जायेगी - सत्यदेव पचैरी

सुरेन्द्र अग्निहोत्री लखनऊ 13 फरवरी , 2018

प्रदेश के रेशम उद्योग मंत्री श्री सत्यदेव पचैरी ने विभाग द्वारा संचालित विभिन्न योजनाओं की धीमी प्रगति पर गहरा असंतोष व्यक्त करते हुए निर्धारित लक्ष्यों को समय से हासिल करने के निर्देश दिए हैं। उन्होंने कहा है कि वित्तीय वर्ष 2017-18 में योजनाओं के तहत जारी धनराशि का समय से सदुपयोग सुनिश्चित करें। लापरवाही की वजह से यदि धनराशि लैप्स होती है, तो उसकी जिम्मेदारी संबंधित अधिकारी की होगी। इसके साथ ही उन्होंने उत्तर प्रदेश की मांग के अनुरूप रेशम उत्पादन बढ़ाने के लिए प्रचलित नई तकनीकियों को अपनाने की हिदायत दी और कहा कि ज्यादा रेशम उत्पादन करने वाले राज्यों से सीख लेकर प्रदेश में रेशम का उत्पादन बढ़ाया जाय।
श्री पचैरी आज रेशम निदेशालय के सभागार में अधिकारियों की बैठक के दौरान विभागीय कार्यों की समीक्षा कर रहे थे। उन्होंने रेशम विकास योजना एवं रेशम अनुसंधान योजना में अपेक्षित प्रगति न किये जाने पर नराजगी व्यक्त करते हुए वांछित परिणाम हासिल करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि विभाग के अधीन फार्मों का डेटाबेस तैयार किया जाय। इसके साथ ही नई प्रजातियों के पौधों का रोपण किया जाय, जिससे रेशम उत्पादन में वृद्धि हो। इसके अलावा रेशम उत्पादन में लगे किसानों से भी बात की जाए और उनकी व्यवहारिक कठिनाईयों को दूर करते हुए उनके अनुभवों को साझा किया जाय।
मंत्री ने कहा कि निजी क्षेत्र में कोया उत्पादन में लगे किसानों का डाटाबेस तैयार कराया जाय कि कितने किसान कोया उत्पादन में लगे हैं, उन किसानों को चिन्हित किया जाय और सर्वाधिक कोया उत्पादन करने वाले किसानों को पुरस्कृत करने की योजना बनाई जाए। उन्होंने कहा कि उत्पादन के लिए प्रोत्साहन जरूरी है, क्योंकि हमारी सरकार जनपदीय उत्पादों को ब्रांड के रूप में स्थापित करके किसानों की आमदनी दोगुना करना चाहती है। उन्होंने पूर्व में खरीदे गये उपकरणों का वास्तविक उपयोग हो रहा है अथवा नहीं इसका सत्यापन कराने के निर्देश दिये।
जनपदों में विभिन्न योजनाओं की प्रगति का स्थलीय निरीक्षण के लिए मुख्यालय स्तर से विभागीय टीम गठित किये जाने पर जोर देते हुए श्री पचैरी ने कहा कि समय-समय आकस्मिक निरीक्षण किये जायं और जहां भी कमियां मिले ऐसे कर्मियों के खिलाफ दण्डात्मक कार्यवाही सुनिश्चित की जाए। उन्होंने धागा बनाने वाली रीलिंग मशीन खरीदनें में विलम्ब पर आपत्ति व्यक्त करते हुए कहा कि क्रय प्रक्रिया की खामियों को दूर करते हुए तत्काल मशीन की खरीद सुनिश्चित की जाए।

रेशम उद्योग मंत्री ने प्रदेश में रेशम संबंधी गतिविधियों को तेज करने के लिए दो टीम गठिन करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि एक टीम नई दिल्ली में कपड़ा मंत्रालय के अधिकारियों से सम्पर्क करके रेशम उत्पादन के क्षेत्र में अपनाई जा रही नई रणनीति एवं तकनीकी के बारे में जानकारी प्राप्त करे और दूसरी टीम बैंगलोर सेंट्रल सिल्क बोर्ड से सम्पर्क करके प्रदेश में रेशम के कारोबार को बढ़ावा देने के लिए रोड मैप तैयार करे। इसके साथ ही विभागीय कर्मियों को नई तकनीकी से लैस करने के लिए समय-समय पर प्रशिक्षण भी दिलाया जाय।
श्री पचैरी ने कहा कि विभागीय कर्मचारियों/अधिकारियों सेवा संबंधी प्रकरणों एवं लम्बित देयों का भुगतान समय से सुनिश्चित कराया जाय। इसके साथ ही खाली पदों को भरने के लिए भर्ती की प्रक्रिया शुरू कराई जाए।
वस्त्रोद्योग एवं रेशम उद्योग, अपर मुख्य सचिव श्री मुकुल सिंघल ने श्री पचैरी जी को आश्वस्त किया कि आज समीक्षा बैठक में दिये गये निर्देशों का कड़ाई से अनुपालन सुनिश्चित कराया जायेगा। इसके साथ ही विभाग की खाली जमीन तथा ऐसी भूमि जिसपर पानी के अभाव में खेती सम्भव नहीं है, ऐसी जमीनों को चिन्हित करके टेक्सटाइल्स पार्क स्थापित कराया जाय। उन्होंने कहा कि इससे जहां एक ओर रेशम उत्पादों को बढ़ावा मिलेगा, वहीं स्थानीय स्तर पर स्वरोजगार के साधन सृजित होंगे। समीक्षा बैठक में मुख्यालय तथा मण्डलीय एवं जनपदीय स्तर के अधिकारी मौजूद थे।

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26 फरवरी से चलेंगी होली स्पेशल बसें, होगा 3000 अतिरिक्त बसों का संचालन

Posted on 13 February 2018 by admin

लखनऊ ।केसरिया रंग में रंग भरने के लिए परिवहन निगम भी अब पूरी तरह प्रतिबद्धता दिखा रहा है। परिवहन मंत्री स्वतंत्रदेव सिंह ने त्योहार के दौरान सभी यात्रीयों को यात्रा के दौरान परेशान न होना चाहिए इस लिए पहले से योजना बना कर व्यवस्था के लिए निर्देश दिए हैह
उत्तर प्रदेश राज्य सड़क परिवहन निगम 26 फरवरी से 5 मार्च तक होली स्पेशल बसें चलाएगा। लखनऊ, कानपुर, दिल्ली से 3000 अतिरिक्त बसों का संचालन होगा।

होली स्पेशल बसें पूर्वांचल के वाराणसी, गाजीपुर, जौनपुर, इलाहाबाद, सुल्तानपुर, गोरखपुर, देवरिया, आजमगढ़, मऊ, महराजगंज, बस्ती, खलीलाबाद, सिद्धार्थनगर, बलरामपुर, बहराइच, गोंडा, फैजाबाद के लिए चलेंगी। ये बसें दिल्ली, लखनऊ, कानपुर से सवारी लेकर चलेंगी और रास्ते में कहीं नहीं रुकेंगी।

इस अवधि में यात्रियों को जल्दी गंतव्य पर पहुंचाने पर ड्राइवर-कंडक्टर को 300 रुपये रोजाना के रेट से प्रोत्साहन भत्ता मिलेगा। वर्कशॉप और डिपो पर कार्य करने वाले भी प्रोत्साहन भत्ता पाएंगे।

संचालन इकाई के मुख्य प्रधान प्रबंधक एचएस गाबा ने क्षेत्रीय प्रबंधकों एवं सेवा प्रबंधकों को कर्मियों एवं डिपो के अफसरों के अवकाश बंद करके उनका ड्यूटी चार्ट बनाकर मुख्यालय को भेजने का निर्देश दिया है।

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सामूहिक विवाह योजना की तैयारियों की समीक्षा

Posted on 13 February 2018 by admin

लखनऊ 13 फरवरी-2018, जिलाधिकारी श्री कौशलराज शर्मा के निर्देशन में मुख्य विकास अधिकारी श्री प्रशान्त शर्मा की अध्यक्षता में मुख्यमंत्री सामूहिक विवाह योजना की तैयारियों की समीक्षा बैठक जिलाधिकारी शिविर कार्यालय में सम्पन्न हुई।
मुख्य विकास अधिकारी ने बताया कि जनपद में मुख्यमंत्री सामूहिक विवाह योजना का आयोजन होना प्रस्तावित है। जिसके लिए 08 मार्च की तारीख निर्धारित की गई है, आयोजन के लिए स्थल का चयन होना बाकी है। आयोजन में सम्मिलित होने वालो की संख्या के अनुसार स्थल का चयन किया जायेगा, जिसको आयोजन मे कोई असुविधा न हो।
उन्होने बताया कि मुख्यमंत्री सामूहिक विवाह योजना हेतु अभी तक 114 जोडो का चयन किया जा चुका है। जिनका सत्यापन सम्बन्धित अधिकारियों द्वारा कराया जा रहा है। उन्होने बताया कि मुख्यमंत्री सामूहिक विवाह योजना में सम्म्लिित होने वाले जोड़े में से प्रत्येक कन्या के खाते में 20 हजार रूपये की धनराशि विवाह समिति के खाते से आरटीजीएस द्वारा प्रदान की जायेगी तथा 10 हजार रूपये का वैवाहिक सामान समिति द्वारा क्रय करके दिया जायेगा प्रत्येक जोड़े के आयोजन पर 5 हजार रूपये समिति द्वारा व्यय किया जायेगा।
उन्होने बताया कि आयोजन को सफल बनाने हेतु सभी सम्बन्धित अधिकारियों को निर्देशित कर दिया गया है। उन्होने बताया कि जोड़ो व उनके परिजनों को लाने ले जाने की व्यवस्था ग्रामीण क्षेत्र में खण्ड विकास अधिकारी द्वारा तथा निगम क्षेत्र में जोनल अधिकारी द्वारा सुनिष्चित की जायेगी।

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वितरित ऋणों की वसूली हेतु नवीन एकमुश्त समाधान योजना (ओ0टी0एस0) प्रस्तावित-मुख्य विकास अधिकारी

Posted on 13 February 2018 by admin

लखनऊ 13 फरवरी-2018, मुख्य विकास अधिकारी श्री प्रशान्त शर्मा ने बताया कि उ0प्र0 अनुसूचित जाति वित्त एवं विकास निगत लि0 द्वारा संचालित योजनाओं के अन्तर्गत ऐसे ऋण गृहीताओं के लिए विशेष आर्थिक लाभ के रूम में अवशेष /देय/ अधिदेय ऋण जमा करने हेतु शासनादेश के अनुसार नवीन एक मुश्त समाधान योजना “ओटीएस“ 31 मार्च 2018 तक लागू की गयी है। इस योजना को लागू किये जाने से ऐसे ऋण गृहिताओं को अधिक लाभ प्राप्त होगा जो किन्ही कारणवश अभी तक अपनी देय किश्तों को जमा नहीं कर सके थे और उन पर ऋण अवधि के उपरान्त भी मूलधन पर दण्ड ब्याज एवं चक्रवृद्धि ब्याज लगाकर कुल बकाया धनराशि बहुत अधिक हो गयी है।
श्री शर्मा ने बताया कि निगम द्वारा वितरित ऋणों की वसूली एवं लाभार्थी हित के दृष्टिगत नवीन एकमुश्त समाधान योजना (ओ0टी0एस0) प्रस्तावित की जा रही है। इस योजना में ऋण गृहीता से परियोजना हेतु स्वीकृत ऋण की धनराशि पर ऋण स्वीकृत करते समय अदायगी हेतु उपलब्ध करायी गयी सारणी के अनुसार निर्धारित ऋण अवधि (36 माह से लेकर 60 माह तक) पर योजना में उल्लिखित साधारण ब्याज का आगणन करके अवशेष धनराशि की एकमुश्त वसूली की जायेगी, शेष अवधि की सम्पूर्ण चक्रबृद्धि ब्याज/दण्ड ब्याज माफ कर दिया जायेगा। अधिक जानकारी के लिए जनपद स्तर पर जिला प्रबन्धक उ0प्र0 अनुसूचित जाति वित्त एवं विकास निगम लि0 द्वितीय तल विकास भवन, इन्दिरानगर लखनऊ एवं विकास खण्ड स्तर पर सहायक/ग्राम विकास अधिकारी (समाज कल्याण) से सम्पर्क कर सकते है।

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प्रदेश के 10 राजकीय चिकित्सालयोेें में सुरक्षा के दृष्टिगत अग्निशमन की व्यवस्था

Posted on 13 February 2018 by admin

1351.10 लाख रुपये के सापेक्ष प्रथम किश्त के रूप में 745.79 लाख रुपये की
वित्तीय स्वीकृति जारी

लखनऊ 13 फरवरी , 2018

राज्य सरकार द्वारा प्रदेश के 10 राजकीय चिकित्सालयों में अग्निशमन की व्यवस्था किये जाने हेतु वित्तीय वर्ष 2017-18 के लिये तेरह करोड़ इक्यावन लाख दस हजार रूपये की प्रशासनिक स्वीकृति के सापेक्ष सात करोड़ पैंतालिस लाख उन्यासी हजार रूपये की वित्तीय स्वीकृति निर्गत की गयी हैं। प्रदेश सरकार आम जनता को बेहतर चिकित्सा सुविधा के साथ-साथ सुरक्षा की दृष्टि से राजकीय चिकित्सालयों को आधुनिक उपकरणों से सुसज्जित करने की दिशा में प्रयासरत् है।
चिकित्सा एवं स्वास्थ्य विभाग द्वारा इस सम्बन्ध में आवश्यक आदेश जारी कर दिये गये हैं। निर्गत शासनादेशों के अनुसार मोती लाल नेहरू जिला चिकित्सालय, इलाहाबाद के लिये 82.24 लाख रूपये, श्यामा प्रसाद मुखर्जी सिविल अस्पताल, लखनऊ के लिये 121.21 लाख रूपये, जिला महिला चिकित्सालय, वाराणसी के लिये 62.25 लाख रूपये, जिला महिला चिकित्सालय, गोरखपुर के लिये 55.46 लाख रूपये, वीरांगना झलकारी बाई महिला जिला चिकित्सालय, लखनऊ के लिये 58.84 लाख रूपये, मानसिक चिकित्सालय, वाराणसी के लिये 44.87 लाख रूपये, संयुक्त एवं क्षय रोग चिकित्सालय, लखनऊ के लिये 77.37 लाख रूपये बी.आर.डी. चिकित्सालय, लखनऊ के लिये 67.85 लाख रूपये, रानी लक्ष्मी बाई संयुक्त चिकित्सालय, लखनऊ के लिये 78.73 लाख रूपये तथा लोक बन्धु राजनारायण संयुक्त चिकित्सालय, लखनऊ के लिये 96.97 लाख रूपये की वित्तीय स्वीकृति जारी की गयी है।
शासनादेश में निर्देश दिये गये हैं कि स्वीकृत धनराशि का उपयोग उसी मद में किया जायेगा, जिसके लिये यह धनराशि स्वीकृत की गयी है। अवमुक्त धनराशि का आहरण आवश्यकतानुसार ही किया जायेगा, यह धनराशि पी0एल0ए0 खाते में किसी भी दशा में नहीं रखी जायेगी। यह भी निर्देश दिये गये हैं कि प्रायोजना का सक्षम स्तर से तकनीकी स्वीकृति प्राप्त करने के उपरान्त ही कार्य प्रारम्भ किया जाय। इसके साथ ही कार्यदायी संस्था का यह दायित्व होगा कि वह कार्य की गुणवत्ता मानकों के अनुसार सुनिश्चित करे।

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जिला महिला चिकित्सालय, गोरखपुर में आॅपरेशन थियेटर का उच्चीकरण एवं माड्युलर ओ0टी0 की स्थापना

Posted on 13 February 2018 by admin

210.77 लाख रुपये के सापेक्ष प्रथम किश्त के रूप में 105.38 लाख रुपये की
वित्तीय स्वीकृति जारी
लखनऊ 13 फरवरी , 2018

प्रदेश सरकार आमजन को बेहतर चिकित्सा सुविधा उपलब्ध कराने हेतु राजकीय चिकित्सालयों को अत्याधुनिक तकनीकि से युक्त उपकरणों से सुसज्जित करने की दिशा में प्रयासरत् है। चिकित्सा एवं स्वास्थ्य विभाग से मिली जानकारी के अनुसार राज्य सरकार द्वारा जिला महिला चिकित्सालय, गोरखपुर में आॅपरेशन थियेटर के उच्चीकरण एवं माड्युलर ओ0टी0 की स्थापना किये जाने हेतु वित्तीय वर्ष 2017-18 के लिये दो करोड़ दस लाख सतहत्तर हजार रूपये की प्रशासनिक स्वीकृति के सापेक्ष एक करोड़ पांच लाख अड़तीस हजार रूपये की वित्तीय स्वीकृति जारी की गयी हैं।
चिकित्सा एवं स्वास्थ्य विभाग द्वारा इस सम्बन्ध में आवश्यक आदेश जारी कर दिये गये हैं, जिसके अनुसार उ0प्र0 राज्य निर्माण एवं श्रम विकास सहकारी संघ लिमिटेड (सी.एल.डी.एफ.) लखनऊ को कार्यदायी संस्था नामित किया गया है। यह भी निर्देश दिये गये हैं कि प्रायोजना का सक्षम स्तर से तकनीकी स्वीकृति प्राप्त करने के उपरान्त ही कार्य प्रारम्भ किया जाय। इसके साथ ही कार्यदायी संस्था का यह दायित्व होगा कि वह कार्य की गुणवत्ता मानकों के अनुसार सुनिश्चित करेगी।
शासनादेश में यह भी बताया गया है कि स्वीकृत धनराशि का उपयोग उसी मद में किया जायेगा, जिसके लिये यह धनराशि स्वीकृत की गयी है। अवमुक्त धनराशि का आहरण आवश्यकतानुसार ही किया जायेगा, यह धनराशि पी0एल0ए0 खाते में किसी भी दशा में नहीं रखी जायेगी।

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