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Archive | February 7th, 2018

यूपी विधानसभा के बजट सत्र हंगामी होने के आसार

Posted on 07 February 2018 by admin

सुरेन्द्र अग्निहोत्री लखनऊ । यूपी विधानसभा के बजट सत्र हंगामी होने के आसार दिख रहे है ।बीते दिनो नोएडा में एक व्यक्ति पर पुलिस द्वारा फर्जी मुठभेड में गोली मार कर हत्या के मामले मे भले ही प्रशासन द्वारा गोली चलाने वाले को आरोपी बनाकर जेल भेज दिया हो लेकिन ताबड़तोड़ मुठभेड में अपराधीयो का मामला बडा होता दिख रहा है ।प्रतिपक्ष रामगोविन्द चौधरी का बयान, सरकार विफल है, वर्तमान में कानून व्यवस्था पूरी तरह ध्वस्त है, अपराधियों के नाम पर पुलिस फर्जी एनकाउंटर कर रही है, आलू किसान परेशान और उन्हें कोई सहूलियत नहीं है।काग्रेस के नेता भी विधान सभा के अन्दर भाजपा सरकार को घेरने की कोशिश कर रही है ।press-2-1
उत्तर प्रदेश विधान सभा अध्यक्ष श्री हृदय नारायण दीक्षित ने 08 फरवरी, 2018 से प्रारम्भ हो रहे विधान सभा सत्र के सुचारु संचालन के लिए सभी दलों से सहयोग प्रदान करने का अनुरोध किया है। आज यहां विधान भवन में आहूत एक सर्वदलीय बैठक में उन्होंने कहा कि तार्किक, तथ्यपरक एवं गुणवत्तापूर्ण संवाद से जनसमस्याओं का सार्थक समाधान किया जा सकता है।
इस अवसर पर मुख्यमंत्री तथा नेता सदन योगी आदित्यनाथ जी ने सत्र के सुचारू संचालन में सत्ता पक्ष के पूरे सहयोग का आश्वासन देते हुए कहा कि सदन की कार्यवाही बाधित करने से नहीं बल्कि सदन में प्रभावी और तर्कसंगत चर्चा से समाधान निकलता है। उन्होंने कहा कि सदन की कार्यवाही के दौरान अधिकाधिक सदस्यों को अपनी बात रखने का अवसर मिलना चाहिए। स्वस्थ लोकतंत्र में विपक्ष की जिम्मेदारी है कि वह सदन चलाने में सकारात्मक सहयोग करे। सरकार का प्रयास है कि सदन की बैठकें नियमित और अधिक से अधिक दिन तक हों। राज्य सरकार हर विषय पर चर्चा के लिए तैयार रहेगी। सदन को सुचारु ढंग से संचालित करने में सभी दल सहयोग करेंगे तो जनता में बहुत अच्छा संदेश जाएगा।
संसदीय कार्य मंत्री श्री सुरेश खन्ना ने कहा कि पक्ष एवं विपक्ष के सहयोग से ही सदन को सुचारु रूप से चलाया जा सकता है।
बैठक में नेता विपक्ष श्री रामगोविन्द चैधरी, बहुजन समाज पार्टी के श्री लालजी वर्मा, तथा कांग्रेस पार्टी के श्री अजय कुमार ‘लल्लू’ ने अपने-अपने दलों की ओर से पूरा सहयोग प्रदान करने का आश्वासन दिया।
समाजवादी पार्टी के विधानमंडल दल की बैठक में पूर्व मुख्यमंत्री श्री अखिलेश यादव की अध्यक्षता में हुई। इसमें जनहित के मुद्दों को विधानसभा और विधान परिषद में जोरदार ढंग से उठाने का निर्णय किया गया। बैठक में विधानसभा में नेता विरोधी दल रामगोविन्दचौधरी, विधान परिषद में नेता प्रतिपक्ष अहमद हसन, प्रदेश अध्यक्ष नरेश उत्तम पटेल सहित पूर्व मंत्री बलराम यादव तथा राजेंद्र चौधरी भी मौजूद थे।
विधायकों को सम्बोधित करते हुए समाजवादी विधानमंडल दल के नेता एवं समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष श्री अखिलेश यादव ने भाजपा सरकार द्वारा बजट सत्र में दूसरा बजट पेश किए जाने पर कहा कि भाजपा को पहले यह बताना चाहिए कि पहला बजट कहां गया? जनता को कोई सुविधा मिली नहीं और भाजपा सरकार दूसरा बजट ले आई है।
अखिलेश यादव ने कहा कि भाजपा सरकार को किसानों की कर्जमाफी का ब्यौरा देना चाहिए। भाजपा सरकार बताए उसने अब तक जो वादे किए उनकी पूर्ति की दिशा में क्या कदम उठाए गए हैं। उन्होंने कहा प्रदेश में कानून व्यवस्था का गंभीर संकट है। किसानों की फसल बर्बाद हो रही है। भाजपा सरकार में भ्रष्टाचार का बोलबाला है। विद्युत आपूर्ति में कटौती चल रही है। एन्काउण्टर के नाम पर निर्दोषों की हत्या हो रही है।

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राज्य सरकार संस्कृत भाषा को प्रोत्साहित करने के लिए हर सम्भव सहयोग करेगी: मुख्यमंत्री

Posted on 07 February 2018 by admin

लखनऊ: 07 फरवरी, 2018

उत्तर प्रदेश के राज्यपाल श्री राम नाईक जी ने कहा कि भारतीय संस्कृति की महत्ता को संस्कृत के माध्यम से ही जाना जा सकता है। इस भाषा ने जीवन मूल्यों की प्रतिष्ठा में बड़ी भूमिका निभायी है। संस्कृत भाषा, भारतीय संस्कृति के प्रचार-प्रसार का सशक्त माध्यम हो सकती है। संस्कृत देव भाषा है। इसका साहित्य अत्यन्त समृद्ध है। अपने साहित्य के माध्यम से संस्कृत भाषा सुरक्षित है। press-11
राज्यपाल आज यहां लोक भवन में आयोजित उत्तर प्रदेश संस्कृत संस्थानम् के सम्मान समारोह में अपना अध्यक्षीय उद्बोधन दे रहे थे। उन्होंने कहा कि संस्कृत भाषा के विद्वानों को इसके उत्थान के प्रति समर्पित होना चाहिए। संस्कृत साधकों की साधना से ही इस भाषा की विशेषता सामने आएगी तथा इसका प्रचार-प्रसार होगा। ‘सत्यमेव जयते’, ‘यतो धर्मस्य ततो जयः’, ‘धर्मचक्र प्रवर्तनाय’ आदि सूक्तियों का उदाहरण देते हुए उन्होंने कहा कि संस्कृत की एक बड़ी विशेषता यह भी है कि इसमें कम शब्दों में पूरी बात कहने की शक्ति है।
इस अवसर पर अपने विचार व्यक्त करते हुए मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ जी ने कहा कि संस्कृत विश्व की अनेक भाषाओं की जननी है। इसकी तुलना किसी अन्य भाषा या बोली से नहीं की जा सकती। भारतीय संस्कृति का आधार संस्कृत है। इसके बगैर भारतीय संस्कृति की कल्पना नहीं की जा सकती। संस्कृत के संरक्षण के लिए सरकार के साथ संस्कृत की परम्परा को भी दायित्व लेना होगा। राज्य सरकार संस्कृत भाषा को प्रोत्साहित करने के लिए हर सम्भव सहयोग करेगी।
योगी जी ने कहा कि वर्तमान भौतिकता के युग में संस्कृत ने अपने साधकों और श्रुति परम्परा के योगदान से ही पहचान बनाए रखी है। संस्कृत के प्रचार-प्रसार और इसे मुख्य धारा में लाने के लिए अर्वाचीन एवं प्राचीन के मिलन के साथ ही तन्मयता, शुद्ध मन और शुद्ध बुद्धि से कार्य किए जाने की आवश्यकता है। विश्व में जो नये शोध हो रहे हैं, उनमें संस्कृत के महत्व को स्वीकारा जा रहा है। press-311
मुख्यमंत्री जी ने कहा कि संस्कृत के संरक्षण की जिम्मेदारी संस्कृत के साधक और विद्वान उठाएं। इसके संवर्द्धन एवं प्रचार-प्रसार के लिए राज्य सरकार धन की कोई कमी नहीं आने देगी। उन्होंने कहा कि संस्कृत भाषा को प्रोत्साहित करने के लिए वर्तमान राज्य सरकार ने माध्यमिक संस्कृत शिक्षा परिषद का गठन किया है। संस्कृत संस्थानम् के बजट में दो गुने से भी अधिक की वृद्धि की गयी है। उन्होंने कहा कि संस्कृत संस्थानम् को प्रदेश के विद्यालयों में अभियान चलाकर संस्कृत सम्भाषण शिविरों का आयोजन करना चाहिए, जिससे प्रत्येक विद्यालय में विद्यार्थी संस्कृत बोलते हुए दिखायी दें।
मुख्यमंत्री जी ने कहा कि संस्कृत बहुत ही समृद्ध भाषा है। इसमें सभी विषयों पर गहन जानकारी देने वाले ग्रन्थ रचे गए हैं। महर्षि बृहस्पति के विमानन शास्त्र तथा सुश्रुत के शल्य चिकित्सा सम्बन्धी ग्रन्थों का जिक्र करते हुए मुख्यमंत्री जी ने कहा कि संस्कृत की अमूल्य धरोहरों को शोध के माध्यम से मानवता की सेवा के लिए सामने लाया जाना चाहिए।
योगी जी ने कार्यक्रम में सम्मानित संस्कृत विद्वानों और साधकों को बधाई दी और भरोसा जताया कि वे सभी संस्कृत संरक्षण के लिए अपनी ऊर्जा का उपयोग करेंगे। उन्होंने बताया कि संस्कृत संस्थानम् द्वारा प्रतिवर्ष संस्कृत भाषा में उल्लेखनीय कार्य करने वाले विद्वानों को सम्मानित किया जाता है। इस कार्यक्रम में वर्ष 2016 एवं 2017 के लिए पुरस्कार दिए जा रहे हैं। संस्थानम् द्वारा प्रतिवर्ष संस्कृत के लब्ध प्रतिष्ठित एक विद्वान को 05 लाख, 01 हजार रुपए का विश्व भारती पुरस्कार दिया जाता है। इसके अलावा 02 लाख, 01 हजार रुपए का महर्षि वाल्मीकि एवं 02 लाख, 01 हजार रुपए का महर्षि व्यास पुरस्कार दिया जाता है। साथ ही, 01 लाख, 01 हजार रुपए का महर्षि नारद पुरस्कार तथा 5 विद्वानों को 01 लाख, 1 हजार रुपए के 5 विशिष्ट पुरस्कार दिए जाते हैं।
मुख्यमंत्री जी ने कहा कि वेद पाठ की प्राचीन परम्परा लुप्त न हो और श्रुति परम्परा, जिसके द्वारा अनादि काल से विद्वानों द्वारा वेदों को संरक्षित किया गया है, को सुरक्षित रखने के लिए प्रतिवर्ष 51 हजार रुपए के 10 वेद पण्डित पुरस्कार प्रदान किए जाते हैं। इसके अलावा, 51 हजार रुपए की पुरस्कार राशि के 05 नामित पुरस्कार, 21 हजार रुपए के 06 विशेष पुरस्कार तथा 11 हजार रुपए की राशि वाले 20 विविधि पुरस्कार भी प्रदान किए जाते हैं।
इस अवसर पर आचार्य जगन्नाथ पाठक को वर्ष 2016 तथा आचार्य केशवराव सदाशिवशास्त्री मुसलगाँवकर को वर्ष 2017 का विश्वभारती पुरस्कार, डाॅ0 रामशंकर अवस्थी को वर्ष 2016 तथा डाॅ0 प्रशस्यमिश्र शास्त्री को वर्ष 2017 का महर्षि वाल्मीकि पुरस्कार, प्रो0 आजाद मिश्र ‘मधुकर’ को वर्ष 2016 तथा प्रो0 हरिदत्त शर्मा को वर्ष 2017 का महर्षि व्यास पुरस्कार, डाॅ0 शिवबालक द्विवेदी को वर्ष 2016 तथा विद्वान् श्री जनार्दन हेगडे को वर्ष 2017 का महर्षि नारद पुरस्कार प्रदान किया गया। आचार्य केशवराव सदाशिवशास्त्री मुसलगाँवकर ने अपनी पुरस्कार राशि में से 01 लाख रुपए तथा प्रो0 हरिदत्त शर्मा ने अपनी पुरस्कार राशि में से आधी धनराशि संस्कृत संस्थानम् को देने की घोषणा भी की।
इसके अलावा, डाॅ0 देवीसहाय पाण्डेय ‘दीप’, डाॅ0 विजेन्द्र कुमार शर्मा, डाॅ0 गिरिजाशंकर शास्त्री, डाॅ0 श्रीमती प्रमोद बाला मिश्रा, डाॅ0 रामानन्द शर्मा को वर्ष 2016 तथा डाॅ0 राकेश शास्त्री, प्रो0 फूलचन्द जैन ‘प्रेमी’, प्रो0 राजाराम शुक्ल, प्रो0 गोपबन्धु मिश्र, डाॅ0 सुरेन्द्र पाल सिंह को वर्ष 2017 के विशिष्ट पुरस्कार प्रदान किए गए। श्री धमेन्द्र शर्मा, डाॅ0 पं0 महेन्द्र पण्ड्या, श्री चक्रपाणि मिश्र, श्री अनिरुद्ध घनपाठी, श्री गजानन दिलीप ज्योतकर, श्री पवन कुमार पाण्डेय, श्री शिवशंकर पाठक, आचार्य पंकज कुमार शर्मा, श्री ओम प्रकाश द्विवेदी, श्री अंकित दीक्षित को वर्ष 2016 तथा श्री शिव मूरत तिवारी, श्री शिव नारायण शुक्ल, श्री सिद्धेश कुमार पाण्डेय, श्री अभिषेक दूबे, श्री सुनील कुमार उपाध्याय, श्री पद्मभूषण मिश्र, श्री खिमलाल न्यौपाने, श्री विकास कुमार पाण्डेय, श्री निखिल त्रिवेदी, श्री एस0 गुरुनाथ घनपाठी को वर्ष 2017 का वेदपण्डित पुरस्कार प्रदान किया गया।
इस मौके पर आचार्य महावीर प्रसाद शर्मा, प्रो0 आजाद मिश्र ‘मधुकर’, श्री सांवर मल शर्मा ‘शास्त्री’, डाॅ0 शंकर दत्त ओझा को वर्ष 2016 तथा डाॅ0 बलराम शुक्ल, डाॅ0 एच0आर0 विश्वास, डाॅ0 दिनेश कुमार द्विवेदी, श्रीमती अंजना शर्मा को वर्ष 2017 के नामित पुरस्कार, डाॅ0 केशव प्रसाद गुप्त, डाॅ0 रमाकान्त शुक्ल, प्रो0 अभिराज राजेन्द्र मिश्र, श्री विमलेन्द्र कुमार, प्रो0 हरिनारायण तिवारी, श्री शिवसागर त्रिपाठी को वर्ष 2016 तथा डाॅ0 धर्मदत्त चतुर्वेदी, प्रो0 आजाद मिश्र ‘मधुकर’, प्रो0 उमेश प्रसाद सिंह, डाॅ0 गिरिजा शंकर शास्त्री, डाॅ0 प्रतिभा आर्या, डाॅ0 प्रशस्यमित्र शास्त्री, श्री सेतल संघसेनो (प्रो0 संघसेन सिंह) को वर्ष 2017 के विशेष पुरस्कार प्रदान किए गए।
इसके अतिरिक्त डाॅ0 रामकिशोर मिश्र, प्रो0 आजाद मिश्र ‘मधुकर’, प्रो0 बनमाली विश्वाल, डाॅ0 वत्सला, डाॅ0 मधुलिका श्रीवास्तव, प्रो0 बनमाली विश्वाल, प्रो0 जर्नादन प्रसाद पाण्डेय ‘मणि’, श्री हरिहरानन्द जी, डाॅ0 राजकुमार मिश्र, प्रो0 बनमाली विश्वाल, श्री पंकज नाथ तिवारी, डाॅ0 पुष्पा मलिक, डाॅ0 जगदीश प्रसाद शर्मा, डाॅ0 उपेन्द्र कुमार त्रिपाठी, डाॅ0 सुरेन्द्र कुमार त्रिपाठी, डाॅ0 श्यामाकान्त द्विवेदी, डाॅ0 गिरिजाशंकर शास्त्री, डाॅ0 राका जैन को वर्ष 2016 का तथा डाॅ0 मीरा द्विवेदी, डाॅ0 विनोद कुमार पाण्डेय, डाॅ0 मधुसूदन, डाॅ0 रामकिशोर झा, डाॅ0 वत्सला, डाॅ0 पवन कुमार, डाॅ0 प्रत्यूषवत्सला द्विवेदी, डाॅ0 अरविन्द कुमार तिवारी, डाॅ0 सुरेन्द्र पाल सिंह, डाॅ0 जगदीश प्रसाद शर्मा, डाॅ0 शीतला प्रसाद पाण्डेय, डाॅ0 शिवशंकर त्रिपाठी, प्रो0 वागीश दिनकर, प्रो0 उमारमण झा, डाॅ0 सुरेन्द्र कुमार शर्मा, डाॅ0 सुरेन्द्र कुमार पाण्डेय, डाॅ0 ज्ञानादित्य शाक्य, डाॅ0 राहुल अमृतराज को वर्ष 2017 के विविध पुरस्कार से सम्मानित किया गया।
समारोह को गुरुकुल प्रभात आश्रम, मेरठ के कुलाधिपति श्री स्वामी विवेकानन्द सरस्वती तथा विश्व भारती पुरस्कार प्राप्त डाॅ0 केशवराव सदाशिव शास्त्री मुसलगाँवकर ने भी सम्बोधित किया। प्रमुख सचिव भाषा श्री जितेन्द्र कुमार ने अतिथियों के प्रति धन्यवाद ज्ञापन किया।
इस अवसर पर ग्रामीण विकास राज्य मंत्री (स्वतंत्र प्रभार) डाॅ0 महेन्द्र सिंह सहित जनप्रतिनिधिगण, शासन-प्रशासन के वरिष्ठ अधिकारी, संस्कृत विद्वान, छात्र-छात्राएं एवं अन्य गणमान्य व्यक्ति उपस्थित थे।

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धूमधाम के साथ शुरू हुआ एमिटी का तीन दिवसीय वार्षिकोत्सव ‘एमिफोरिया-2018’

Posted on 07 February 2018 by admin

लखनऊ 07 फरवरी 2018। एमिटी विश्वविद्यालय उत्तर प्रदेश लखनऊ परिसर के तीन दिवसीय वार्षिक समारोह एमिफोरिया-2018 का आज विश्वविद्यालय परिसर में शुभारम्भ किया गया। रंगबिरंगे परिधानों में सजे छात्र और छात्राओं द्वारा पर्यावरण सुरक्षा, भारतीय संस्कृति, लोकरंग आदि विषयों पर विश्वविद्यालय परिसर में कार्निवाल जुलूस निकालने और भारतीय संस्कृति में रची बसी रंगारंग प्रस्तुतियों के बीच मुख्य अतिथि खेल मंत्री, उत्तर प्रदेश सरकार श्री चेतन चैहान ने समारोह का आगाज किया।
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एमिटी विश्वविद्यालय लखनऊ परिसर के प्रति कुलपति सेवानिवृत्त मेजर जनरल के.के. ओहरी (एवीएसएम) ने अतिथि का स्वागत किया और उन्हें स्मृति चिन्ह भेंट किया। संयोजिका एमिफोरिया-2018 व निदेशिका एमिटी इंस्टीट्यूट आॅफ फार्मेसी डा. सुनीला धनेश्वर ने मुख्य अतिथि महोदय को एमिफोरिया-2018 के विषय में जानकारी दी।

इस अवसर पर श्री चेतन चैहान ने विश्वविद्यालय परिवार और छात्रों को बधाई देते हुए छात्रों से कहा कि, एमिटी विश्वविद्यालय द्वारा शिक्षा के क्षेत्र में दिए जा रहे अमूल्य योगदान से वे बहुत प्रभावित हुए हैं। उन्होने कहा कि आज का युवा आत्मविश्वास से भरा हुआ और बेहतर करने के की दिशा में खतरे उठाने को तैयार है। आज के भारत की जिम्मेदारी इन्हीं युवा हाथों में है। उन्होने विद्यार्थियों से कहा कि, जीवन का यह समय और मौका बार-बार नहीं आने वाला, यही वह समय है जब युवा अपनी लगन और पूर्ण सर्मपण के साथ अपना भविष्य निर्माण कर सकते हैं इसलिए इस मौके को बिलकुल न चूकें। उन्होंने कहा कि अपने कार्य में इतनी लगन, ईमानदारी और परिश्रम का समावेश करें कि भविष्य में पछताना न पड़े।

श्री चैहान ने कहा कि, उन्हें यह जानकर हैरानी हुई कि भारत में महज दस प्रतिशत लोग ही किसी हुनर से जुडे हुए है जबकि जापान में यह आंकड़ा 65 प्रतिशत है। उन्होंने कहा कि प्रदेश की सबसे बड़ी समस्या बेरोजगारी है अगर यहां भी लोगों के हाथों में हुनर आ जाए तो इस समस्या को नियंत्रित किया जा सकता है। श्री चैहान ने बताया कि, बेरोजगारी की समस्या को दूर करने के लिए वर्तमान सरकार गम्भीरता से प्रयास कर रही है। इस संदर्भ में सरकार कक्षा 8 से ही छात्रों को कौशल विकास से जोड़ने की दिशा में विचार कर रही है जिससे कि हर युवा के हाथों मंे कोई न कोई हुनर आ जाए।

छात्रों को देश के लिए जीने हेतु प्रेरित करते हुए माननीय मंत्री ने कहा कि राजनीति में आने से पूर्व वह भारतीय क्रिकेेट टीम के ओपनर बल्लेबाज रहे है। उन्होंने कहा कि, जब वह पिच पर उतरते थे तों उनके मन में धर्म, जाति और क्षेत्र आदि के बजाय अपना देश होता था और करोडों देशवासियों की भावनाएं साथ होती थी। उन्होनें कहा इसी तरह देश के हर नागरिक को देश सर्वोपरि मानकर कार्य करना चाहिए।

इसके पूर्व मुख्यअतिथि ने एमिटी परिसर में हो रहे विभिन्न कार्यक्रमों और प्रतियोगिताओं का जायजा लिया और प्रतिभागियों की हौसलाफजाई की।

एमीफोरिया-2018 के पहले दिन विद्यार्थियों को एमिटी विश्वविद्यालय की ओर से छात्रवृत्ति भी प्रदान की गई। विभिन्न विभागों के प्रतिभावान 611 छात्र-छात्राओं को छात्रवृत्ति वितरण समारोह के मुख्य अतिथि लखनऊ मेट्रो के मैनेजिंग डाइरेक्टर कुमार केशव के हाथों छात्रवृत्ति वितरित की गई। एमिटी के 53 छात्र-छात्राओं को अशोक कुमार चैहान छात्रवृत्ति दी गई जिसमें कक्षा बारह में 95 प्रतिशत से अधिक अंक लाने वाले विद्यार्थी को फीस में सौ प्रतिशत की छूट प्रदान की जाती है। सन् 2004 से अब तक एमिटी विश्वविद्यालय लखनऊ परिसर 7000 हजार विद्यार्थियों को 30 करोड़ से अधिक राशि की छात्रवृत्ति प्रदान कर चुका है।

इस दौरान एमिटी विवि लखनऊ परिसर के निदेशक प्रोजेक्टस् नरेश चंद्र, सहित सभी विभागों के विभागाध्यक्ष और प्रवक्तागण भी उपस्थित रहे।

प्रथम दिन का मुख्य आकर्षण सांयकाल आयोजित एक्टासी-मिस एण्ड मिस्टर एमिटी प्रतियोगिता रही। इस प्रतियोगिता का सभी छात्रों को साल भर बेसब्री से इंतजार रहता है। शाम को आयोजित इस प्रतियोगिता में धमाकेदार नृत्य प्रस्तुति के साथ सभी प्रतिभागियों का परिचय राउंड हुआ जिसमें उनसे रैम्प वाक भी कराया गया। प्रतियोगिता के कई दौर के दौरान छात्र-छात्राओं द्वारा नृत्य प्रस्तुतियों का आयोजन कार्यक्रम का एक आकर्षण रहा।

इन तीन दिनों के दौरान विवि. के लगभग 5500 छात्रों के लिए विभिन्न विभागों की ओर से पचास से भी ज्यादा कार्यक्रम और प्रतियोगिताएं आयोजित की जा रही हैं। कल एमिफोरिया के दूसरे दिन अन्य सभी आयोजनों के साथ ही एमिटी स्कूल आफ फैशन टैक्नालाजी की ओर से एमिटी डिजाइनरस् अवार्ड-फैशन शों का आयोजन किया जाएगा।

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कांट्रैक्ट फार्मिंग’ से प्रदेश के विकास में बढ़ेगी किसानों की भागीदारी- डाॅ. चन्द्रमोहन

Posted on 07 February 2018 by admin

लखनऊ 07 फरवरी 2018, मुख्यमंत्री माननीय श्री योगी आदित्यनाथ जी की अध्यक्षता में हुई कैबिनेट बैठक में खेती की जमीन को कृषि अधारित उद्योगों की स्थापना के लिए लंबी अवधि के लिए लीज पट्टे पर देने का निर्णय लिया जाना स्वागतयोग्य है। प्रदेश पार्टी मुख्यालय पर पत्रकारों से वार्ता करते हुए कहा कि सरकार के इस फैसले से खाली पड़ी कृषि योग्य भूमि को पट्टे पर दिया जा सकेगा। इससे कांट्रैक्ट फार्मिंग का रास्ता साफ होगा. अभी तक केवल निशक्त व्यक्ति और कुछ खास श्रेणी के लोगों को ही विशेष परिस्थितियों में एक बार में अधिकतम तीन वर्ष के लिए जमीन लीज पर देने की छूट दी गई है। लीज में प्रतिबन्ध के कारण भूमिधर किसान चाहते हुए भी अपनी जमीन को लीज पर नहीं दे पा रहे थे। दूसरी ओर उद्योगों की स्थापना के लिए भी जमीन की अनुपलब्धता आड़े आ रही थी।
प्रदेश प्रवक्ता डाॅ. चन्द्रमोहन ने कहा कि सरकार के निर्णय के बाद कोई भी भूमिधर किसान कांट्रैक्ट पर अपनी जमीन दे सकेगा। इस निर्णय से एक ओर नए उद्योगों की स्थापना में तेजी आएगी जिससे ग्रामीण क्षेत्रों में बड़े पैमाने पर रोजगार के अवसर पैदा होंगे। साथ ही किसानों की आय में भी काफी इजाफा होगा।
प्रदेश प्रवक्ता डाॅ. चन्द्रमोहन कहा कि ‘कांट्रैक्ट फार्मिंग’ का सबसे ज्यादा फायदा विपक्षी सरकारों के कार्यकाल में लगातार पिछड़ते गए बुंदेलखंड क्षेत्र को होगा। यहां खेती के उपयोग में नहीं आ रही जमीन का उपयोग सौर ऊर्जा परियोजनाओं के लिए किया जा सकेगा। इससे न केवल बिजली का अभाव दूर होगा बल्कि बुंदेलखंड को एक नई पहचान भी मिलेगी। भाजपा सरकार के इस निर्णय के दूरगामी परिणाम दिखाई देंगे। प्रदेश को ‘वाइब्रेंट यूपी’ बनाने की दिशा में कांट्रैक्ट फार्मिंग के जरिए किसान अपना अमूल्य योगदान देंगे।

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