Archive | December 23rd, 2017

किसानों की खुशहाली के बिना राज्य का विकास सम्भव नहीं: मुख्यमंत्री

Posted on 23 December 2017 by admin

जब किसानों की आर्थिक स्थित मजबूत होगी,
तो देश स्वतः ही विकास की राह पर आ जाएगा

press-1किसानों के कल्याण हेतु वर्तमान सरकार ने लगभग
70 हजार करोड़ रु0 की मदद देने का काम किया

किसानों की आर्थिक तरक्की सुनिश्चित करने के लिए
उन्हें शून्य लागत वाली ऋषि परम्परा की कृषि को बढ़ावा देना होगा

किसानों को हितों के लिए स्वायल टेस्ट लैब खोले गए हैं,
जिससे भूमि की सेहत के विषय में जानकारी प्राप्त हो सकेगी

मुख्यमंत्री ने पूर्व प्रधानमंत्री चैधरी चरण सिंह के 115वें जन्मदिवस पर
आयोजित ‘किसान सम्मान दिवस’ के अवसर पर अधिक
उत्पादकता वाले किसानों को सम्मानित किया

चैधरी चरण सिंह के चित्र पर मुख्यमंत्री ने पुष्पांजलि अर्पित कर श्रद्धांजलि दी
लखनऊ: 23 दिसम्बर, 2017press-7
उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ जी ने कहा कि किसानों की खुशहाली के बिना राज्य का विकास सम्भव नहीं है। इसीलिए राज्य सरकार ने किसानों के हितों में अनेक फैसले लिए हैं। उन्होंने कहा कि जब किसानों की आर्थिक स्थित मजबूत होगी, तो देश स्वतः ही विकास की राह पर आ जाएगा। इसके दृष्टिगत वर्तमान सरकार ने किसानों को लगभग 70 हजार करोड़ रुपए की प्रत्यक्ष और अप्रत्यक्ष मदद देने का काम किया है। उन्होंने कहा कि किसानों की आर्थिक तरक्की सुनिश्चित करने के लिए उन्हें शून्य लागत वाली ऋषि परम्परा की कृषि को बढ़ावा देना होगा, जिसमें गो-वंश के माध्यम से खेती की उर्वरा शक्ति को अक्षुण्ण बनाए रखते हुए अधिक से अधिक उत्पादन के तौर-तरीके से खेती को विकसित किया जाना आवश्यक है।
मुख्यमंत्री जी आज यहां विधान भवन प्रांगण में पूर्व प्रधानमंत्री स्व0 चैधरी चरण सिंह के 115वें जन्मदिवस पर आयोजित ‘किसान सम्मान दिवस’ कार्यक्रम को सम्बोधित कर रहे थे। उन्हांेंने स्व0 चैधरी चरण सिंह के चित्र पर पुष्पांजलि अर्पित कर उन्हें श्रद्धांजलि दpress-5
इस अवसर पर मुख्यमंत्री जी ने गेहूं, चना, मटर, मसूर तथा राई, सरसों, धान, मक्का, अरहर, उर्द तथा सोयाबीन की फसलों में प्रति हेक्टेयर उच्च उत्पादकता प्राप्त करने वाले 33 किसानों को फसलवार क्रमशः प्रथम पुरस्कार के लिए 01 लाख रुपए, द्वितीय पुरस्कार के लिए 75 हजार रुपए तथा तृतीय पुरस्कार के लिए 50 हजार रुपए, एक शाॅल, प्रशस्ति-पत्र एवं पुस्तक देकर सम्मानित किया। उन्होंने कहा कि ‘किसान सम्मान दिवस’ के अवसर पर प्रदेश के विभिन्न जनपदों में कुल 6,538 किसानों को भी सम्मानित किया जा रहा है। उन्होंने कृषि मंत्री से आह्वान किया कि वे प्रत्येक जनपद में इन प्रेरक किसानों की गोष्ठी का आयोजन कराएं, जिससे वहां के कृषक भी इसका लाभ उठा सकें।
योगी जी ने कहा कि वर्तमान सरकार किसानों के उत्थान और उन्नयन के लिए संकल्पित है। कृषि को बढ़ावा देकर ही भारत जैसे कृषि प्रधान देश में रोजगार का सृजन किया जा सकता है। सरकार की योजनाओं को सहभागी बनाने के लिए इस प्रकार के कार्यक्रम आवश्यक हैं। उन्होंने कहा कि किसान चुनौतियों का सामना करते हुए ईमानदारी से काम करता है, तभी देश के लोगों को खाद्यान्न मिल पाता है। राज्य सरकार ने यह सुनिश्चित किया है कि किसान की निर्भरता प्रकृति पर ही न रहे, बल्कि कृत्रिम तरीकों से भी लाभ पहुंच सके। इसके दृष्टिगत राज्य सरकार ने किसानों को सिंचाई सहित बीज, खाद व अन्य आवश्यक सामग्री समय पर उपलब्ध कराने का काम किया है।
मुख्यमंत्री जी ने कहा कि आदरणीय प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी जी के नेतृत्व में देश प्रगति कर रहा है। प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना के माध्यम से आपदा की स्थिति में किसानों को मुआवजा भी दिया जा रहा है। किसानों को हितों के लिए स्वायल टेस्ट लैब खोले गए हैं, जिससे भूमि की सेहत के विषय में जानकारी प्राप्त हो सकेगी। यह विधि कृषि उत्पादन को बढ़ाने और लागत को कम करने में मददगार साबित होगी।
कार्यक्रम को सम्बोधित करते हुए कृषि मंत्री श्री सूर्य प्रताप शाही ने कहा कि किसानों के खुशहाली से देश खुशहाल हो सकता है। चैधरी चरण सिंह जी के प्रयासों से ही जमींदारी व्यवस्था समाप्त हो सकी। वर्तमान सरकार किसानों की आय बढ़ाने को लेकर काफी गम्भीर है।
कार्यक्रम के दौरान मुख्यमंत्री जी द्वारा प्रथम पुरस्कार प्राप्त करने वाले किसानों में श्री विजय भान सिंह, श्री सुरेन्द्र यादव, श्रीमती प्रिया, श्री नन्द किशोर वर्मा, श्रीमती कोमल देवी, श्री परितोष, श्री सुरेन्द्र सिंह, श्री ओम प्रकाश, श्री बालीराम, श्रीमती सुमन तथा श्रीमती प्रमिला देवी शामिल थीं।
इस अवसर पर मंत्रिमण्डल के अनेक सदस्य, कृषि विभाग के वरिष्ठ अधिकारी, बड़ी संख्या में किसान व अन्य गणमान्य नागरिक मौजूद थे।

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मुख्यमंत्री से दक्षिण कोरिया के गिम्हे सिटी के मेयर और उनके साथ आए प्रतिनिधिमण्डल ने मुलाकात की

Posted on 23 December 2017 by admin

उ0प्र0 व दक्षिण कोरिया के रिश्तों को नया
आयाम देने के लिए कौशल विकास, पर्यटन, कृषि
व संस्कृति से सम्बन्धित एम0ओ0यू0 पर हस्ताक्षर किए गए

press-6उ0प्र0 के साथ दक्षिण कोरिया के
सांस्कृतिक व ऐतिहासिक सम्बन्ध: मुख्यमंत्री

भारत और दक्षिण कोरिया के बीच विरासत को जीवन्त
बनाए रखने के लिए यह समझौता एक महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा

दक्षिण कोरिया और उ0प्र0 के बीच पर्यटन की असीम सम्भावनाएं

यह समझौता दोनों देशों के सांस्कृतिक व आर्थिक
विकास को बढ़ावा देने का एक नया कदम: मेयर, गिम्हे सिटी

लखनऊ: 23 दिसम्बर, 2017

उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ जी से आज यहां शास्त्री भवन में दक्षिण कोरिया के गिम्हे सिटी के मेयर श्री डू यून सू और उनके साथ आए प्रतिनिधिमण्डल ने मुलाकात की। इस अवसर पर उत्तर प्रदेश व दक्षिण कोरिया के रिश्तों को नया आयाम देने के लिए कौशल विकास, पर्यटन, कृषि व संस्कृति से सम्बन्धित एम0ओ0यू0 पर हस्ताक्षर किए गए। इस समझौते से विकास व रोजगार की सम्भावनाएं बढ़ेंगी।press-3
मुख्यमंत्री जी ने कहा कि आदरणीय प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी जी के नेतृत्व में दक्षिण कोरिया से द्विपक्षीय सम्बन्ध में को बढ़ावा देने पर जोर दिया जा रहा है। भारत खासतौर पर उत्तर प्रदेश के साथ दक्षिण कोरिया के सांस्कृतिक व ऐतिहासिक सम्बन्ध रहे हैं। भारत और दक्षिण कोरिया के बीच विरासत को जीवन्त बनाए रखने के लिए यह समझौता एक महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा।
मुख्यमंत्री जी ने कहा कि दक्षिण कोरिया और उत्तर प्रदेश के बीच पर्यटन की असीम सम्भावनाएं हैं। उन्होंने कहा कि भारत और दक्षिण कोरिया के बीच तकनीकी सम्बन्धों को और आगे बढ़ाने की आवश्यकता है। इससे प्रदेश में निवेश आने के साथ ही रोजगार के अवसर भी प्राप्त होंगे। भगवान बुद्ध के जीवन से जुड़े स्थल-कपिलवस्तु, कुशीनगर, सारनाथ और श्रावस्ती जैसे स्थान प्रदेश में हैं। समझौते के माध्यम से जहां एक ओर दक्षिण कोरिया के श्रद्धालुओं को यहां आने का अवसर प्राप्त होगा, वहीं दूसरी ओर उन्हें भगवान बुद्ध के विषय में जानकारी भी मिलेगी।
मुलाकात के दौरान गिम्हे सिटी के मेयर ने कहा कि यह समझौता दोनों देशों के सांस्कृतिक व आर्थिक विकास को बढ़ावा देने का एक नया कदम है। इस मौके पर मुख्यमंत्री जी ने दक्षिण कोरियाई प्रतिनिधिमण्डल को स्मृति चिन्ह भी दिया।
ज्ञातव्य है कि वर्ष 2000 में दक्षिण कोरिया का एक प्रतिनिधिमण्डल अयोध्या आया था और इसके बाद अयोध्या तथा दक्षिण कोरिया के गिम्हे नगरों के बीच सिस्टर सिटी अनुबन्ध हुआ। इसके तहत अयोध्या में क्राक क्लैन सोसाइटी द्वारा एक स्मारक बनवाया गया, जहां प्रतिवर्ष बड़ी संख्या में दक्षिण कोरिया से पर्यटक आते हैं।
यह भी उल्लेखनीय है कि दक्षिण कोरिया के किम लोगों का यह मानना है कि आज से लगभग 2000 वर्ष पूर्व अयोध्या की एक राजकुमारी दक्षिण कोरिया गई थीं, जहां उनका विवाह राजा किम सूरो से हुआ था। वर्तमान में उनके वंशज आज दक्षिण कोरिया के क्राक क्लैन के सदस्य हैं।
इस अवसर पर प्रमुख सचिव पर्यटन श्री अवनीश कुमार अवस्थी, प्रमुख सचिव श्री अमित मोहन प्रसाद, प्रमुख सचिव कौशल विकास श्री भुवनेश कुमार, सचिव मुख्यमंत्री श्री मृत्युंजय कुमार नारायण, संस्कृति सचिव सुश्री अनीता सी0 मेश्राम, मुख्यमंत्री के विशेष कार्यधिकारी श्री संजीव सिंह सहित अन्य वरिष्ठ अधिकारी मौजूद थे।

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राज्य सरकार हस्तशिल्पियों के संरक्षण एवं संवर्धन के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध- सत्यदेव पचोरी

Posted on 23 December 2017 by admin

हस्तशिल्प को बढ़ावा देने के साथ ही शिल्पियों केे बच्चों को पढ़ने के लिए
आर्थिक मदद भी दी जायेगी

सुरेन्द्र अग्निहोत्री,लखनऊः 23 दिसम्बर, 2017
satyadev-pachuri-ji1 प्रदेश के हथकरघा एवं वस्त्रोद्योग मंत्री, श्री सत्यदेव पचोरी ने कहा कि राज्य सरकार हस्तशिल्पियों के संरक्षण एवं संवर्धन के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध है। प्रदेश के हस्तशिल्पियों को पूरा प्रोत्साहन दिया जायेगा। साथ ही उनको बच्चों को पढ़ने के लिए भी आर्थिक सहायता भी दी जायेगी। प्रदेश की कोई भी शिल्प कला विलुप्त न होने पाये, इसके लिए भरसक प्रयास किया जायेगा।
श्री पचैरी ने यह उद्गार आज यहां एक्स्पो मार्ट (निर्यात भवन) कैसरबाग में उ0प्र0 निर्यात संवर्धन परिषद द्वारा आयोजित ‘‘अदभुत बनारस’’ प्रदर्शनी के शुभारम्भ के अवसर पर व्यक्त किये। यह प्रदर्शनी 25 दिसम्बर 2017 तक चलेगी। मंत्री ने कहा कि इस प्रदर्शनी में लखनऊ शहर की नजाकत और नफासत के साथ बनारस की कारीगरी का अनूठा संगम है। बनारस आज भी सिल्क का सबसे बड़ा ब्रांड है। बनारस की कारीगरी का जोड़ देश-दुनियां मंे कहीं नहीं है। उन्होंने कहा कि हस्तशिल्प को प्रोत्साहित करने के लिए प्रदेश में धागाकरण इकाई भी लगाने का निर्णय लिया गया। इससे धागे का उत्पादन प्रदेश में हो सकेगा। जिससे व्यापारियांे को इसका सीधा लाभ भी मिलेगा। satyadev-pachuri-ji
प्रदर्शनी में वाराणसी के निर्यातकों, राष्ट्रीय पुरस्कार प्राप्त हस्तशिल्पियों में श्री रामेश्वर सिंह, श्री गोदावरी सिंह, श्री बलराम दास व श्री कंुज बिहारी सिंह द्वारा तैयार हस्तशिल्प उत्पाद, बनारसी साड़ी व सूट, सिल्क उत्पाद, वुडन टाॅयज, मीनाकारी तथा ग्लास बीड्स उत्पाद बिक्री हेतु वाजिब दाम पर उपलब्ध हैं। भौगोलिक संकेतक (जी. आई.) प्राप्त उत्पादों की भी विस्तृत श्रृंखला प्रदर्शनी में बिक्री हेतु रखी गई है।
शहरवासियों को वाराणसी के समृद्ध संगीत परपंरा से अवगत कराने हेतु 24 दिसम्बर 2017 को प्रदर्शनी स्थल पर सांस्कृतिक संध्या का आयोजन भी किया जा रहा है। साथ ही बनारसी खान पान के स्टाॅल भी लगाये गये हैं, जहां आगंतुकों के लिये बनारस की प्रसिद्ध चाट, मिठाई आदि का स्वाद लेने का इंतजाम भी किया गया है।
इस अवसर पर उत्तर प्रदेश इंस्टिट्यूट आॅफ डिजाइन की अध्यक्ष सुश्री शिप्रा शुक्ला, जिला उद्योग एवं उद्यम प्रोत्साहन केंद्र लखनऊ के उपायुक्त श्री सर्वेश्वर शुक्ल, उपायुक्त, निर्यात प्रोत्साहन ब्यूरो श्री उमेश चन्द्र, प्रभारी उपायुक्त, जिला उद्योग एवं उद्यम प्रोत्साहन केंद्र, वाराणसी सुश्री करुणा राय तथा अन्य विभागीय अधिकारी मौजूद थेे।

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