Archive | October 3rd, 2011

अल्पसंख्यक स्वाभिमान सम्मेलन

Posted on 03 October 2011 by admin

भारतीय जनता पार्टी की सरकार ही अल्पसंख्यक समुदाय के लोगों को ”िाक्षा, सुरक्षा, तरक्की और सु”ाासन की गारण्टी दे सकती है। यह विचार भारतीय जनता पार्टी के रा’ट्रीय उपाध्यक्ष एवं चुनाव अभियान समिति के संयोजक कलराज मिश्र ने प्रदे”ा अल्पसंख्यक मोर्चे द्वारा आयोजित ’img_2632’ में व्यक्त किये। श्री मिश्र ने कहा कि डाॅ0 मनमोहन सिंह की हुकुमत में गरीबों की संख्या में 15 करोड़ की वृद्धि हुई है। अटल जी के “ाासन काल में यह सख्ंया 26 करोड़ थी जो आज बढ़कर 41 करोड़ हो गई। उन्होंने अर्थ”ाास्त्री अर्जुन सेन गुप्ता की रिपोर्ट का हवाला देते हुए कहा कि 78 प्रति”ात लोग 20 रूपए प्रतिदिन में गुजर बसर करते हैं। उन्होंने योजना आयोग की रपट को गरीबी का मखौल बताया और कहा कि 32 रू0 और ग्रामीण क्षेत्र में 26 रू0 प्रतिदिन जीवन-यापन
असंभव है।

श्री मिश्र ने कहा कि मायावती को आज आपकी गरीबी की याद आ रही है। यह आपको भड़काने की साजि”ा है। भाजपा ने अल्पसंख्यक और बहुसंख्यक के बीच बिना मजहबी भेद के काम किया। हमने कभी भी तु’िटकरण की नीति नहीं अपनाई। अटल जी की सरकार में हुए कार्य इस बात के स्प’ट प्रमाण हैं। उन्होंने कहा कि हमारा वादा है अक्लियत के लोगों को हम तालीम, तरक्की और तहफ्फुज की गारण्टी देंगे। श्री मिश्र ने कहा कि हमारी पार्टी जाति, धर्म और पंथ के आधार पर भेद-भाव नहीं करती।  उन्होंने कहा कि अल्पसंख्यक वर्ग के लोग भाजपा के साथ एकजुट हो रहे हैं,उसका कारण है कि अल्पसंख्यक वर्ग के लोगों के समझ में यह बात आ गई है कि भ्र’टाचार, घोटाला और काले धन के खिलाफ केवल भाजपा ही लड़ाई लड़ सकती है।

रा’ट्रीय उपाध्यक्ष एवं चुनाव प्रबन्धन के प्रभारी श्री मुख्तार अब्बास नकवी ने कहा कि सपा, बसपा और कांगे्रस अल्पसंख्यकों की कनपटी पर धर्मनिरपेक्षता की बन्दूक लगाकर ’वोट’ को लूटने की होड़ में है। पिछले छह द”ाकों से दे”ा वि”ो’ाकर उत्तर प्रदे”ा के मुसलमान हर दिन प्रगति की मुख्यधारा से दूर होते रहे। वोट के सौदागर उनके पिछड़ेपन का राजनैतिक “ाो’ाण करते हैं। बसपा का बहुजन सुखाय, सर्वजन सुखाय का नारा मुख्यमंत्री मायावती के हिताय और सुखाय तक सीमित रहा। विभिन्न संस्थाओं की रिपोर्र्ट में कहा गया है कि पिछले पाॅंच वर्’ाो में राज्य का मुसलमान आर्थिक-सामाजिक-”ौक्षणिक रूप से पूरी तरह पिछड़ा है। उसके सरोकार की
अपराधिक अनदेखी की गई है।
श्री नकवी ने कहा कि भ्र’टाचार में डूबी हुई सरकार की मुखिया को जब अपनी नाकामी और अल्पसंख्यकों के हितों की अनदेखी के जवाब देने का वक्त आया तो उन्होंने फिर से एक बार ’आरक्षण’ झुनझुना दिखाना “ाुरू किया है। जो सरकार अपने कार्यकाल में प्रदे”ा के मुसलमानों के हितों की अनदेखी करती रही वह फिर से आरक्षण का सब्जबाग दिखाकर उनका वोट हासिल करना चाहती है। पिछले चार वर्’ाो में पिछड़ों, कमजोर तबकों, अल्पसख्यकों को भारी संख्या में फर्जी मुकदमों में फंसाया गया। श्री नकवी ने पूछा मुख्यमंत्री बताएं कि उन्होंने कितने मुसलमानों को सरकारी नौकरियां दी हैं? कितने अल्पसंख्यकों के लिए ”िाक्षा की वि”ो’ा व्यवस्था की? बुनकरों, दस्तकारों के उजड़ते हुए कारोबार, रोजगार की सुरक्षा के लिए क्या कदम उठाए? आज प्रदे”ा का अल्पसंख्यक आर्थिक सामाजिक विकास का ठोस जवाब चाहता है।

श्री नकवी ने कहा कि यह सम्मेलन मुुस्लिम वोटों पर अपना पेटेण्ट मानने वाले राजनैतिक दलों के लिए एक स्प’ट संदे”ा है कि उ0प्र0 की जनता अहंकारी सरकार के समक्ष कान पकड़कर उठने बैठने के लिए तैयार नहीं है। उ0प्र0 और दे”ा में भ्र’टाचार,अपराध, राज के खात्मे के लिए भाजपा कृत संकल्प है।
भाजपा ही उनकी और दे”ा की सुरक्षा, समृद्ध और सु”ाासन की गारण्टी है।
भाजपा के रा’ट्रीय प्रवक्ता “ाहनवाज हुसैन ने सम्मेलन को संबोधित करते हुए कहा कि अल्पसंख्यक स्वाभिमान सम्मेलन की तस्वीर देखकर ही वोटों के ठेकेदार सपा, बसपा और कांगे्रस की नींद हराम हो जाएगी। इन दलों ने अकलियतों के भलाई और बेहतरी के काम नहीं किए बल्कि भाजपा का डर दिखाकर वोट लूटते रहे। न हम कल फिरकापरस्त थे न आज। भाजपा अकलियतों की बेहतरी के लिए काम करना अपना फर्ज समझती है। आज इस सम्मेलन का संदे”ा पूरे हिन्दुस्तान में जाएगा कि धर्म के नाम पर भेदभाव जो नहीं करती वह पार्टी भाजपा है। अल्पसंख्यक स्वाभिमान सम्मेलन का यह संदे”ा छंदम सेकुलरिस्ट ताकतों को पस्त कर भाजपा को ताकत देगा।
भाजपा के वरि’ठ नेता एवं सांसद लालजी टण्डन ने पूछा कि भाजपा का भय दिखाकर वोट लेने वाले राजनैतिक दलों से आंखिर आप कब तक ठगे जाएंगे और कब तक गुमराह होते रहेंगे। उन्होंने कहा कि यह कैसा मजाक हो रहा है कि कुछ पार्टियां आपको गुमराह करें कि तुम हमारे रहमोकरम पर हो । उन्होंने उदाहरण देते हुए कहा कि लखनऊ नगर निगम में सबसे पहले अपना एजेण्डा उर्दू में बनाया था और 1967 में रामप्रका”ा गुप्त के उप मुख्यमंत्रित्व काल में सरकारी गजट उर्दू भा’ाा में प्रका”िात किया गया। उन्होंने लखनऊ से हज के लिए जाने के लिए उड़ान के सुविधा मुहैया कराए जाने के लिए पूर्व प्रधानमंत्री अटल जी एवं “ाहनवाज हुसैन के योगदान का उल्लेख किया तथा यह भी याद दिलाया कि अटल जी ने अपने विदे”ा मंत्रित्वकाल में अरब दे”ाों में रोजगार के अवसर के लिए अवसर प्रदान किया था।
सम्मेलन को प्रदे”ा महामंत्री तथा अल्पसंख्यक मोर्चा के प्रभारी डा0 महेन्द्र पाण्डेय ने भी संबोधित किया। मोर्चा के रा’ट्रीय अध्यक्ष तनवीर अहमद ने सम्मेलन में आए प्रतिनिधियों का उत्साहवर्धन किया और यह अपील की कि भाजपा की मजबूती अल्पसंख्यकों की समृद्धि और उन्नति का रास्ता प्र”ास्त करेगी। सम्मेलन का संचालन मोर्चा के प्रदे”ा उपाध्यक्ष रईस खान ने किया। सम्मेलन में प्रमुख रूप से प्रदे”ा महामंत्री विन्ध्यवासिनी कुमार, प्रदे”ा प्रवक्ता राजेन्द्र तिवारी, मोर्चा के प्रदे”ा अध्यक्ष सफायत हुसैन, उत्तराखंड के वक्फ वोर्ड के अध्यक्ष हाजी याकूब खान, मोर्चा
के रा’ट्रीय महामंत्री गैरूल हसन रिजवी, मोर्चा के रा’ट्रीय उपाध्यक्ष रसीद के अतिरिक्त मोर्चा के महानगर अध्यक्ष मो0 नईम, मोर्च के प्रदे”ामहामंत्री जावेद एवं नईम अख्तर, इमरान तुर्की, नाजिरा हुसैन, अजमल जैदी,सरफराज अली, सहनाज तरन्नुम, जुबेर सिद्दीकी, फैसल सिददीकी, “ामीम एड0, “ाम”ोर खान, रूमान सिददीकी, डा0 आय”ाा आदि लोग “ाामिल थे।

सुरेन्द्र अग्निहोत्री
मो0 9415508695
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माननीया मुख्यमंत्री सुश्री मायावती जी ने भारत सरकार द्वारा गरीबी रेखा के लिए प्रस्तावित नये मापदण्डों पर चिन्ता व्यक्त की

Posted on 03 October 2011 by admin

इस कदम से समाज के गरीब और कमजोर तबके सीधे प्रभावित होंगे और वे विभिन्न जनहित कार्यक्रमों से वंचित हो जायेंगे
माननीया मुख्यमंत्री जी ने गरीबी में कमी लाने की रणनीति पर पुनर्विचार हेतु प्रधानमंत्री जी को पत्र लिखा

उत्तर प्रदेश की मुख्यमंत्री माननीया सुश्री मायावती जी ने भारत सरकार द्वारा गरीबी रेखा के आकलन के लिए प्रस्तावित नये मापदण्डों पर चिन्ता व्यक्त की है। उन्होंने इस बारे में मा0 प्रधानमंत्री डाॅ0 मनमोहन सिंह जी को एक पत्र लिखकर अपनी चिन्ता से अवगत कराते हुए कहा है कि शहरी गरीबों के लिए 32 रु0 प्रति व्यक्ति प्रतिदिन गुजर-बसर तथा ग्रामीण क्षेत्र के गरीबों के लिए 26 रु0 प्रति व्यक्ति प्रतिदिन में गुजर-बसर करना लगभग असम्भव है। उन्होंने इस सीमा को बढ़ाये जाने की मांग की है।
माननीया मुख्यमंत्री जी ने अपने पत्र में हाल ही में प्रेस में आयी रिपोर्टों का हवाला देते हुए कहा कि गरीबी निर्धारण हमेशा एक चुनौतीपूर्ण एवं दुरूह प्रक्रिया रही है, किन्तु इस प्रक्रिया का उद्देश्य बनावटी तस्वीर पेश करना  नहीं होना चाहिए। उन्होंने कहा कि गरीबों को सम्पन्न लोगों से अलग करने के लिए तेन्दुलकर समिति द्वारा पारिवारिक उपभोग वाली गरीबी रेखा से सम्बन्धित घरेलू वस्तुओं तथा सेवाओं में काफी बदलाव किया गया है। इस प्रयास से ऐसा प्रतीत होता है कि शहरी क्षेत्रों के लिए निर्धारित 2100 कैलोरी प्रति व्यक्ति प्रतिदिन तथा ग्रामीण क्षेत्रों के लिए 2499 कैलोरी प्रति व्यक्ति प्रतिदिन के मापदण्ड को काफी घटाया गया है, यद्यपि इसमें स्वास्थ्य, शिक्षा तथा फुटवियर इत्यादि जैसे-नये आकलनों को सम्मिलित किया गया है। उन्होंने कहा कि खाद्य पदार्थों पर होने वाले खर्चे को छिपाने से भारत के गरीबों का एक बड़ा हिस्सा प्रभावित हो जायेगा, जोकि उनके प्रति अनुचित और अन्यायपूर्ण होगा।
माननीया सुश्री मायावती जी ने अपने पत्र में लिखा है कि इस कदम का सीधा प्रभाव समाज के गरीब और कमजोर तबकों पर पड़ेगा और वे राज्य द्वारा चलाये जाने वाले ऐसे विभिन्न कार्यक्रमों के लाभों से वंचित हो जायेंगे, जिनका उद्देश्य गरीबी उन्मूलन तथा इन तबकों की सामाजिक आर्थिक स्थिति में सुधार लाना है।
माननीया मुख्यमंत्री जी ने अपनी सरकार द्वारा शुरू की गयी उ0प्र0 मुख्यमंत्री महामाया गरीब आर्थिक मदद योजना का उल्लेख करते हुए कहा कि यद्यपि प्रदेश सरकार के पास संसाधनों की कमी है, तथापि इस योजना के माध्यम से प्रदेश के 25 लाख गरीब परिवारों को 400 रु0 प्रति परिवार प्रतिमाह नकद धनराशि उपलब्ध करायी जा रही है। ये ऐसे परिवार हैं, जिन्हें  वर्तमान में भारत सरकार की सार्वजनिक वितरण प्रणाली के अन्तर्गत शामिल नहीं किया गया है और इन्हें इसका कोई लाभ नहीं मिल रहा है। ऐसा गरीबी सूचकांक के गलत अनुमानों की वजह से हो रहा है।
माननीया मुख्यमंत्री जी ने अपने पत्र में आगे लिखा है कि यह आवश्यक है कि भारत सरकार इस दिशा में पुनर्विचार करे और ऐसे उपाय करे कि वर्ष 2015 तक गरीबों की संख्या आधी हो जाये, जैसा कि सहस्राब्दि विकास लक्ष्य (मिलेनियम डेवलप्मेण्ट गोल्स) है। उन्होंने कहा कि ऐसे वैकल्पिक उपाय तथा कार्य-प्रणालियां अपनायी जायंे, जो उपभोक्ता आवश्यकताओं तथा सामाजिक अभावों का उचित आंकलन कर सकें और समस्या का समाधान दे सकें।
माननीया सुश्री मायावती जी ने कहा कि भारत सरकार गरीबी रेखा को निर्धारित करने वाले सभी मापदण्डों पर शहरी एवं ग्रामीण गरीबों की आवश्यकताओं के मददेनजर, पूरी गम्भीरता से पुनर्विचार करे तथा इस सम्बन्ध में वह राज्यों से भी विचार-विमर्श करे, ताकि गरीबी उन्मूलन की सभी रणनीतियां समाज में आर्थिक रूप से वंचित तबकांे के लिए प्रासंगिक रहें। माननीया मुख्यमंत्री जी ने आशा व्यक्त की कि इस गम्भीर मुददे पर प्रधानमंत्री जी के हस्तक्षेप से इस समस्या के त्वरित निदान में मदद मिलेगी।

सुरेन्द्र अग्निहोत्री
मो0 9415508695
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केन्द्र व राज्य दोनों ही सरकारों गरीब विरोधी

Posted on 03 October 2011 by admin

भारतीय जनता पार्टी ने केन्द्र व राज्य दोनों ही सरकारों को गरीब विरोधी बताते हुए कहा कि जहां केन्द्रीय योजना आयोग ने शहरी क्षेत्रों में 32 रूपये व ग्रामीण क्षेत्रों में 26 रूपये प्रतिदिन से ऊपर वालों को गरीबी की रेखा के ऊपर बताया हैं वहीं राज्य की बसपा सरकार ने बी0पी0एल0 सूची वाले गरीबों का खाद्यान्न हड़पा है, इसी सूची वाले पिछड़ों की पुत्रियों का विवाह अनुदान ठप्प है, अनुसूचित जातियों, पिछड़ी जातियों की छात्रवृत्तियां भी बंद हैं।
श्री दीक्षित ने कहा कि केन्द्र व राज्य दोनों ही सरकारें गरीबों को कुचल रही है। गरीबी की रेखा के कथित मूल्यांकन का भारी विरोध हुआ तो केन्द्र सरकार नये सर्वेक्षण की बात कह रही है। बसपा इस पर कागजी असंतोष दिखा रही है लेकिन खुद इसी राज्य सरकार ने गरीबों की सारी योजनाओं का धन लूट लिया है, समाज कल्याण का धन भ्रष्टाचार की भंेट चढ़ा है। वृद्धावस्था, विकलांग पेंशन भी बंद है। गरीब आत्महत्या का विवश हैं। भुखमरी से हुई मौतों की जिम्मेदार बसपा सरकार है। दोनो ही सरकारों ने भ्रष्टाचार को संस्थागत बनाया है। महंगाई बढ़ाने की दोषी दोनों सरकारें हैं। सारी मार गरीबों पर ही है।
श्री दीक्षित ने कहा कि केन्द्र सच्चर के बहाने गरीबी को मजहब आधारित बता रहा है। राज्य सरकार गरीबों की हरेक योजना का धन लूट रही है। गरीबी बढ़ी है, गरीब बढ़े हैं। सामान्य जीवन यापन भी महंगा हुआ है और गरीबों की सीमा से बाहर है। नगरों में 100 रूपये प्रतिदिन कमाने वाले व्यक्ति की भी क्रय शक्ति का कोई भी मतलब नहीं है। मुख्यमंत्री मायावती की चिट्ठियों को निरी बकवास बताते हुए श्री दीक्षित ने कहा कि सरकारें चिट्ठी नहीं लिखतीं, काम करके ही दिखाती हैं। बसपा ने साढ़े चार बरस में केवल रूलाने का ही काम किया है।

सुरेन्द्र अग्निहोत्री
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सत्ता का भीषण दुरूपयेाग होने से संविधान सम्मत राजकाज चलना असंभव हो गया है

Posted on 03 October 2011 by admin

समाजवादी पार्टी के प्रदेश अध्यक्ष श्री अखिलेश यादव ने कहा है कि मुख्यमंत्री द्वारा सत्ता का भीषण दुरूपयेाग होने से संविधान सम्मत राजकाज चलना असंभव हो गया है। घोर अराजकता की स्थिति है। कानून व्यवस्था पूरी तरह ध्वस्त है और संवैधानिक संस्थाओं की हर स्तर पर अवहेलना की जा रही है। जनता का हर वर्ग बुरी तरह त्रस्त है। यदि मुख्यमंत्री के निरंकुश आचरण पर तत्काल चुनाव आयोग द्वारा रोक नहीं लगाई गई तो प्रदेश में आगामी विधान सभा के निष्पक्ष एवं स्वतंत्र चुनाव महज मजाक बनकर रह जाएगे। लोकतंत्र सरकारी कूट चालों का शिकार होकर दम तोड़ देगा।
मुख्यमंत्री जनता को बरगलाने के लिए प्रदेश के समक्ष उपस्थित मुख्य मुद्दो से मुंह चुरा रही हैं और अप्रासंगिक मुद्दे उठा रही है। प्रदेश का विकास ठप्प है। किसान, खाद, बीज, बिजली, पानी के संकट से जूझ रहा है। इस पर मंहगाई और कर्ज की दुहरी मार पड रही है। राज्य की बसपा सरकार अपनी संवैधानिक जिम्मेदारी निभाने के बजाए नए जिलों की घोषणा, हर जाति को आरक्षण का झाॅसा देने और शिलान्यास उद्घाटन के पत्थर लगवाकर प्रदेश की जनता को भरमा रही है। आए दिन व्यापारियों की लूट और हत्याएं हो रही है, बच्चियों तक से बलात्कार हो रहा है और प्राकृतिक संसाधनों की लूट हो रही है। नौजवान मंहगी शिक्षा और बेकारी से कंुठित है। अस्पतालों में मरीजों को न दवाइयां मिल रही है न इलाज। किसान की जमीन जबरन छीनकर मुख्यमंत्री द्वारा बड़े बिल्डरों को मोटा कमीशन लेकर बांटी जा रही है।
उत्तर प्रदेश का दुर्भाग्य है कि उसे ऐसी मुख्यमंत्री मिली है जिनके मन में आम जनता की तकलीफों के प्रति जरा भी संवेदना नहीं है। उन्हें सिर्फ, अपनी सम्पत्ति और अपनी सुरक्षा की ही चिन्ता सताती रहती है। इसके लिए सरकारी खजाना लुटाने में उन्हें कतई संकोच नहीं होता है। एक संवैधानिक पद पर बैठी महिला का ऐसा असंवैधानिक आचरण आश्चर्यजनक और निन्दनीय भी है।

सुरेन्द्र अग्निहोत्री
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रणबीर ने खुशबू और शिखा को अपने टाॅवेल डांस से सम्मोहित कर दिया!

Posted on 03 October 2011 by admin

लिव माइ लाइफ के आगामी एपिसोड में एक नहीं बल्कि दो प्रशंसक रणबीर कपूर के जीवन को पूरे एक दिन जीने का अवसर प्राप्त करेंगे। हरियाणा की 23 वर्षीय खुशबू मिनोचा एवं मुंबई की 22 वर्षीय शिखा शर्मा एक-दूसरे से उस समय ईष्र्या से भर उठी जब उन्हें इस शो में एक साथ उपस्थित होने की बात पता चली। उन्होंने लगातार यह शिकायत की कि, ‘‘यह उचित नहीं है!‘‘
खैर जैसे-जैसे दिन चढ़ता गया ये दोनों अनेक रोचक गतिविधियों में निमग्न होती चली गयीं। अब बारी थी मुंबई एफसी टीम के साथ एक फुटबाॅल मैच की-यह वही टीम है जिसके साथ रणबीर ने बीइंग ह्यूमन के लिये खेला था। दिन की उत्तरावस्था में यह प्रतिस्पद्र्धा और अधिक मुश्किल होती चली गयी जब लड़कियों से यह कहा गया कि उनमें से किसी एक को ही रणबीर से मिलने का अवसर मिलेगा जो उसके लिये कमरे को बेहतर तरीके से सजाने में सफल होगी। ये लड़कियां तेजी से इस टास्क को करने के लिये तैयार हो गयीं। आखिरकार इसका नतीजा अनमोल जो था। इसी दौरान चैंकाते हुये नीतू सिंह अचानक प्रकट हुयीं और उन्होंने इन्हें स्वादिष्ट ‘कपूर खाना’ खिलाया और रणबीर के विषय में कुछ रोचक बातें बतायीं। लड़कियों ने उनके विषय में और अधिक कुछ भी नहीं पूछा लेकिन उनके मन में ढ़ेर सारी बाते घुमड़ रही थी। शीघ्र ही रणबीर भी आश्चर्यजनक तरीके से वहां पहुंच गये। उनकी सहजता ने लड़कियों को सम्मोहित कर दिया। वह अपने घुटनों के बल चल कर आया और उनके हाथों को चूमा (और माथे को भी) और उनके साथ डांस भी किया। और इतना ही नहीं उसने उनके लिये सावरियां वाला टाॅवेल डांस भी किया। लड़कियां अवाक रह गयीं, उन्हें यह विश्वास नही हो पा रहा था कि यह सच है या केवल एक सपना है?
देखिये लिव माइ लाइफ, इस रविवार, 9 अक्टूबर 2011 को जिसमें खुशबू और शिखा अपने पसंदीदा सुपरस्टार ‘रणबीर कपूर’ से मिलने के लिये झगड़ा करेंगी!

सुरेन्द्र अग्निहोत्री
मो0 9415508695
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प्रिटी के साथ जुड़ना एक शानदार अनुभूति के समान है: युवराज सिंह

Posted on 03 October 2011 by admin

भारतीय क्रिकेट टीम के नयनाभिराम खिलाड़ी युवराज सिंह काफी फ्लर्ट किस्म के इंसान हैं और प्रिटी जिंटा इस बात से सहमत हैं। युवी को अपने चैट शो अप क्लोज एंड पर्सनल विद पीजेड में स्वागत करने के समय से लेकर अंत तक प्रिटी इस पूरे एपिसोड में उसे गले लगाने से बचती रहीं। मीडिया में यह खबर फैली थी कि आइपीएल के दौरान दोनो एक दूसरे के साथ डेटिंग कर रहे थे। लेकिन जब प्रिटी निर्दोष रुप से इस संदर्भ में युवी के साथ इस विषय में बात कर रही थी तो इस पंजाबी लड़के ने हंसते हुये यह स्वीकार किया कि, ‘‘मैं आप के साथ लिंक-अप होकर काफी शानदार महसूस कर रहा था, लेकिन दुर्भाग्य वश यह सच नही था।’’ इन दोनों ने मिलकर इस बात को सिरे से खारिज किया।

क्रिकेट के सुपरस्टार्स बहुमुखी प्रतिभा के धनी होते हैं और युवराज भी इसके अपवाद नहीं हैं। उन्होंने प्रिटी के सामने यह स्वीकार किया कि बचपन में उनकी तमन्ना बाल कलाकार के रुप में पंजाबी फिल्म में काम करने की थी और अपने बचपन के दिनों की याद ताजा करते हुये वह बताते हैं कि, उनके पिता ने यह चेतावनी की थी कि यदि वे क्रिकेट नहीं खेलेंगे तो वे उसका पैर तोड़ देंगे। युवराज ने यह स्वीकार किया कि भारत में क्रिकेटर बनने का दबाव काफी मुश्किल में डाल देता है। इसलिये मैं कभी भी अपने बेटे को क्रिकेटर बनने के लिये नहीं कहूंगा। वह इस खेल के बारे में बात करते हुये काफी भावुक हो गये खासकर विश्वकप जीतने की बात को लेकर, टीम से अनेक बार बाहर निकाले जाने तथा आइपीएल सीजन 4 के दौरान प्र्रिटी द्वारा अपनी टीम में चयन न किये जाने को लेकर भी।

अपने मनोरंजक स्वभाव को प्रदर्शित करते हुये युवराज ने तुरंत ही एक क्रिकेट टूर के लिये अपने आप को एक संभावित कैंडीडेट के रुप में पेश किया और प्रिटी ने उसके जवाब में अपने आपको चयन समिति के कठोर अधिकारी के समान पेश किया।

युवराज सिंह को प्रिटी जिंटा के साथ बातें करते देखिये, इस शनिवार 8 अक्टूबर को शाम 7 बजे केवल यूटीवी स्टार्स पर!

सुरेन्द्र अग्निहोत्री
मो0 9415508695
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गाँधी जयन्ती पर सी.एम.एस. शिक्षकों ने निकाला विशाल ‘अहिंसा मार्च’

Posted on 03 October 2011 by admin

‘ईश्वर-अल्लाह तेरे नाम’ का उद्घोष करते हुए
‘सर्वधर्म समभाव’ का संदेश दिया सी.एम.एस. शिक्षकों ने

‘ईश्वर अल्लाह तेरे नाम, सबको सन्मति दे भगवान’ एवं ‘वैष्णव जन तो तेने कहिए’ की मधुर स्वर लहरियों पर गीत गाते एवं धुग्ल धवल खादी वस्त्रों में सुसज्जित सिटी मोन्टेसरी स्कूल के 3000 से अधिक शिक्षक/शिक्षिकाओं व कार्यकर्ताओं ने गाँधी जयन्ती के पावन अवसर पर विशाल ‘अहिंसा मार्च’ निकालकर ‘सर्वधर्म समभाव’ का अभूतपूर्व संदेश दिया। इस भव्य मार्च के माध्यम से सी.एम.एस. शिक्षकों ने न सिर्फ लखनऊवासियों को अपितु सम्पूर्ण विश्व को यह संदेश दिया कि मानवता की रक्षा के लिए धार्मिक एकता एवं विश्व एकता ही एकमात्र विकल्प है और विश्व एकता का सपना राष्ट्रपिता महात्मा गाँधी के सर्व-धर्म समभाव एवं अहिंसा के सिद्धान्त से ही साकार किया जा सकता है। सी.एम.एस. शिक्षकों के इस विशाल मार्च का नेतृत्व पूर्व लोकायुक्त एवं इलाहाबाद हाईकोर्ट के पूर्व न्यायाधीश न्यायमूर्ति श्री एस. सी. वर्मा ने किया। इससे पहले सी.एम.एस. संस्थापक व प्रख्यात शिक्षाविद् डा. जगदीश गाँधी व डा. (श्रीमती) भारती गाँधी के मार्गदर्शन में सी.एम.एस. के 3000 से अधिक शिक्षकों का यह विशाल मार्च प्रातः 8.00 बजे कानपुर रोड स्थित पुरानी चुंगी से प्रारम्भ हुआ एवं सी.एम.एस. कानपुर रोड आॅडिटोरियम पहुँचकर एक विशाल सभा में परिवर्तित हो गया। इस अवसर पर शिक्षा, साहित्य, पत्रकारिता व अन्य अनेक क्षेत्रों की प्रख्यात हस्तियों एवं सी.एम.एस. के सभी कैम्पस की प्रधानाचार्याओं ने अहिंसा मार्च में शामिल होकर बापू के विचारों को आत्मसात करने का संदेश दिया।
सफेद खादी वस्त्रों में बापू के प्रिय भजन ‘ईश्वर-अल्लाह तेरो नाम, सबको सन्मति दे भगवान’ गाते हुए सी.एम.एस. कानपुर रोड की ओर बढ़ रहा सी.एम.एस. शिक्षकों का सैलाब ‘महात्मा गाँधी अमर रहें’, ‘धार्मिक एकता जिन्दाबाद’, ‘विश्व एकता जिन्दाबाद’, आदि नारे लगाता हुआ एक अत्यन्त मनोहारी दृश्य प्रस्तुत कर रहा था। सी.एम.एस. की प्रधानाचार्याऐं इस विशाल मार्च में अपने अपने शिक्षक दल के साथ आगे-आगे चल रही थीं तो वहीं सी.एम.एस. शिक्षक-शिक्षिकाएं हाथों में ग्लोब लेकर सत्य व अहिंसा का संदेश दे रहे थे। इसके अलावा इस विशाल अहिंसा मार्च में विभिन्न प्रकार नारे व स्लोगन लिखे तख्तियाँ, बैनर व पोस्टर, विभिन्न देशों के झण्डे व ग्लोब के माध्यम से चरित्र निर्माण, सत्य, अहिंसा एवं वसुधैव कुटुम्बकम की सीख देते सी.एम.एस. शिक्षकों का पंक्तिबद्ध दृश्य देखने लायक था। राष्ट्रपिता के संदेशों से ओतप्रोत स्लोगन लिखे सैकड़ों रिक्शें, गाड़ियों आदि ने भी अहिंसा मार्च की शोभा में चार-चांद लगाने में कोई कसर नहीं छोड़ी जिन्होंने सामाजिक सौहार्द, धार्मिक एकता व भावी पीढी के चरित्र निर्माण का अभूतपूर्व दृश्य उपस्थित किया। लखनऊ के जनमानस ने भी सी.एम.एस. शिक्षकों के अहिंसा मार्च का पुरजोर समर्थन किया एवं सड़क के दोनों किनारों पर खड़े विशाल जन-समूह ने तालियां बजाकर सी.एम.एस. शिक्षकों की हौसला अफजाई की। सी.एम.एस. कानपुर रोड पहुँचने पर सी.एम.एस. शिक्षकों का यह मार्च एक विशाल सभा में परिवर्तित हो गया, जिसे विभिन्न शिक्षाविद्ों ने सम्बोधित किया।
‘अहिंसा मार्च’ के उपरान्त सी.एम.एस. शिक्षकों ने बड़े ही हर्षोल्लास से अन्तर्राष्ट्रीय अहिंसा दिवस मनाया।  सी.एम.एस. कानपुर रोड आॅडिटोरियम में आयोजित इस भव्य समारोह का उद्घाटन मुख्य अतिथि के रूप में पधारे इलाहाबाद हाईकोर्ट के पूर्व न्यायाधीश न्यायमूर्ति श्री श्रीनाथ सहाय ने राष्ट्रपिता महात्मा गाँधी के चित्र पर माल्यार्पण कर एवं दीप प्रज्वलित कर किया। इस अवसर पर विशिष्ट अतिथि के रूप में पूर्व लोकायुक्त एवं इलाहाबाद हाईकोर्ट के पूर्व न्यायाधीश न्यायमूर्ति श्री एस. सी. वर्मा एवं डिप्टी रजिस्ट्रार, यू.पी., श्री उमा शंकर सिंह भी उपस्थित थे। इस अवसर पर अपने सम्बोधन में मुख्य अतिथि न्यायमूर्ति श्री श्रीनाथ सहाय ने कहा कि हम सभी मनुष्य एक दिव्य परिवार के सदस्य हैं और विश्व की प्रगति व उत्थान के लिए धार्मिक एकता तथा विश्व एकता आज की अनिवार्य आवश्यकता है जिसकी शिक्षा बच्चों को बाल्यावस्था से देने की बहुत आवश्यकता है। उन्होंने कहा कि धार्मिक एकता से ही आध्यात्मिकता के दरवाजे खुलेंगे क्योंकि धर्म ही मनुष्य को आध्यात्मिकता तक ले जाने वाला उपकरण है। इस अवसर पर विशिष्ट अतिथि न्यायमूर्ति श्री एस.सी. वर्मा ने अपने संबोधन में कहा कि राष्ट्रपिता महात्मा गाँधी ने अपने आदर्शो से आजादी दिलाई थी और उसी का प्रतिफल है कि हम एक सुरक्षित समाज में रह रहे हैं और हमारा देश प्रगति के पथ पर अग्रसर है। लेकिन हमारी सबसे बड़ी विडम्बना यह है कि हम उन नैतिक मूल्यों को भूल रहे हैं जिस पर चलकर बापू ने अहिंसक क्रान्ति का बिगुल फूंका था और उन्हीं नैतिक मूल्यों के कारण ही हमारे देश को ‘जगत गुरू’ माना गया था। आज हमारा सबसे बड़ा कर्तव्य बच्चों की चेतना का विकास करना है, ताकि हम उन नैतिक मूल्यों को फिर से स्थापित कर भारत को गौरव प्रदान कर सकें। विशिष्ट अतिथि श्री उमा शंकर सिंह ने कहा कि गांधी जी ने हमें एक मंत्र दिया था ‘सत्य’ का, जिसे यदि हम आत्मसात कर लें तो अपना व दूसरों का जीवन सुधार सकते हैं।
इस अवसर पर ‘अन्तर्राष्ट्रीय अहिंसा दिवस’ के उपलक्ष्य में सी.एम.एस. शिक्षकों ने विश्व एकता व विश्व शान्ति का संदेश देते अनेक शिक्षात्मक-साँस्कृतिक कार्यक्रम प्रस्तुत कर अहिंसा की भावना को सारे विश्व में प्रवाहित प्रचारित किया। समारोह की शुरुआत सी.एम.एस. कानपुर रोड के कैम्पस के शिक्षक-शिक्षिकाओं द्वारा प्रस्तुत स्कूल प्रार्थना ‘हे मेरे परमात्मा’ से हुई तथापि सी.एम.एस. के शिक्षकों द्वारा प्रस्तुत विशेष कोरियोग्राफी कार्यक्रम ‘परमेश्वर की सच्ची सेवा’ ने बापू के व्यक्तित्व व कृतित्व को जीवंत कर दिया एवं सम्पूर्ण आॅडिटोरियम तालियों की गड़गड़ाहट से गूँज उठा। इस अवसर पर सी.एम.एस. की शिक्षा पद्धति, फिलाॅसफी एवं प्रत्येक बालक को समाज का प्रकाश बनाने वाली सी.एम.एस. विचारधारा को उजागर करते हुए मल्टीमीडिया प्रजेन्टेशन, सी.एम.एस. महानगर के शिक्षकों द्वारा प्रस्तुत सर्व-धर्म प्रार्थना, संगीत शिक्षकों द्वारा प्रस्तुत भजन ‘वैष्णव जन तो…’ एवं ‘रघुपति राघव राजा राम…’ आदि ने भी अभूतपूर्व समां बांधा।
समारोह में बोलते हुए सी.एम.एस. संस्थापक व प्रख्यात शिक्षाविद् डा. जगदीश गाँधी ने कहा कि ईश्वर ने महात्मा गाँधी को संसार में एक विशेष मसीहा के रूप में भेजा था। उन्होंने कहा कि महात्मा गाँधी के आदर्शों पर चलकर हम विश्व एकता स्थापित कर सकते हैं। इसके लिए शुरू से ही बच्चों को नैतिक शिक्षा व सार्वभौमिक जीवन मूल्यों की शिक्षा देकर उन्हें विश्व नागरिक बनाना होगा। उन्होंने जोर देते हुए कहा कि पूरे विश्व को विनाश से बचाने के लिए आज धार्मिक एकता तथा विश्व एकता की शिक्षा बच्चों को बाल्यावस्था से देने की बहुत आवश्यकता है। डा. गाँधी ने आगे कहा कि इस ‘अहिंसा मार्च’ के माध्यम से एकता का संदेश जो पूरे विश्व में प्रसारित हुआ है, उसकी गूँज संसार के सभी शिक्षाविदों, विद्वानों, मुख्य न्यायविदों व राष्ट्राध्यक्षों तक अवश्य पहुँचेगी और सम्पूर्ण मानवता को अपने कर्तव्यों प्रति झकझोर कर रख देगी। उन्होंने सम्पूर्ण विश्व ने अहिंसा के पुजारी महात्मा गाँधी को ‘शान्ति दूत’ स्वीकार किया है। महात्मा गाँधी के विचारों व उपदेशों की जितनी जरूरत आज महसूस की जा रही है, उतनी पहले कभी नहीं रही। अन्त में विद्यालय की संस्थापिका-निदेशिका डा. (श्रीमती) भारती गाँधी ने ‘अहिंसा मार्च’ के अत्यन्त सफल आयोजन के लिए सभी के प्रति हार्दिक आभार व्यक्त करते हुए कहा कि आध्यात्मिक शिक्षा का आज के परिप्रेक्ष्य में विशेष महत्व है क्योंकि इसी के माध्यम से भावी पीढ़ी का चरित्र निर्माण संभव है।

सुरेन्द्र अग्निहोत्री
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U.P. Governor and Chief Minister pay tributes to Mahatma Gandhi

Posted on 03 October 2011 by admin

The Uttar Pradesh Governor Mr. B.L. Joshi and Chief Minister Hon’ble Ms. Mayawati paid their tributes to father of the Nation Mahatma Gandhi by garlanding his portrait in a programme organised at Tilak Hall, Vidhan Bhawan here today on the occasion of Gandhi Jayanti.
The programme was started by reciting of “Vande Matram” followed by the devotional songs liked by Bapu. The programme came to an end by singing of national anthem.
On this occasion, Cabinet Secretary Mr. Shashank Shekhar Singh, Chief Secretary Mr. Anoop Mishra, freedom fighters, social activists and media persons were present, besides other senior administrative and police officers.

सुरेन्द्र अग्निहोत्री
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साइकिल रैली हुई, जिसमें 10 हजार से ज्यादा साइकिल सवारों ने भाग लिया

Posted on 03 October 2011 by admin

2-10-kआज गांधी जयन्ती के अवसर पर गाजियाबाद में समाजवादी पार्टी के प्रदेश अध्यक्ष श्री अखिलेश यादव के नेतृत्व में ऐतिहासिक साइकिल रैली हुई, जिसमें 10 हजार से ज्यादा साइकिल सवारों ने भाग लिया। स्थानीय लोहिया नगर स्थित गांधी पार्क में गांधी जी की प्रतिमा पर श्री अखिलेश यादव द्वारा माल्यार्पण के साथ प्रारम्भ इस रैली का समापन साहिबाबाद के राजेन्द्र नगर स्थित लोहिया पार्क पर डा0 लोहिया की प्रतिमा पर श्रद्धासुमन अर्पित करने के साथ हुआ। समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय महासचिव एवं प्रवक्ता श्री मोहन सिंह (सांसद) तथा प्रदेश प्रवक्ता श्री राजेन्द्र चैधरी द्वारा हरी झंडी दिखाकर साइकिल यात्रा की शुरूआत की।
साइकिलों का 5 किलोमीटर लम्बा काफिला जिस रास्ते से निकला हजारों का जनसमूह उनकी अगुवानी को उमड़ पड़ा। आज इस रैली के 15 किमी0 मार्ग पर हर तरफ समाजवादी पार्टी के लाल झंडे और लाल टोपियांे का ही नजारा दिख रहा था। साइकिल चलाते हुए और इस रैली का नेतृत्व करते हुए समाजवादी पार्टी के युवा नेता का जगह-जगह फूलमालाओं से भव्य स्वागत किया गया। महिलाओं ने घरों की छतों और बालकनी से पुष्प वर्षा की। उनको देखने के लिए नौजवान और बूढ़े समान रूप से उत्सुक दिखे।
2-10-j अरथला, मोहननगर में श्री धर्मवीर डबास और श्री अलाउद्दीन ने श्री अखिलेश यादव को सिक्कों से तौला और उन्हें दो लाख रूपये की थैली भी भेंट की।
सपा के प्रदेश अध्यक्ष श्री अखिलेश यादव ने अपने सम्बोधन में कहा कि उत्तर प्रदेश में परिवर्तन की लहर दिल्ली की सीमा से प्रारम्भ हो गयी है।  उ0प्र0 में भ्रष्टाचार, अन्याय और उत्पीड़न चरम पर है। जनता की कहीं सुनवाई नहीं है। श्री यादव ने आह्नन किया कि आगामी विधान सभा चुनावों में जनता शोषण और अत्याचारों से मुक्ति के लिए समाजवादी पार्टी की सरकार को बहुमत देेकर जिताए।
श्री अखिलेश यादव ने विश्वास दिलाया कि समाजवादी पार्टी की सरकार बनने पर श्री मुलायम सिंह यादव ने जनहित के जो काम शुरू किये थे, उन्हें फिर से शुरू कराया जायेगा। किसानों, नौजवानों और महिलाओं तथा मुस्लिमों के लिए जो कल्याण योजनाएं शुरू की गयी थी, उन्हें प्राथमिकता से लागू किया जायेगा।
समाजवादी पार्टी के प्रदेश अध्यक्ष ने कहा कि उ0प्र0 में अराजकता की स्थिति है। भय, भ्रष्टाचार का बोलबाला है। मंहगाई से सभी तबाह है। भूख, बीमारी से लोग त्रस्त हैं। बसपा सरकार की यही सौगाते हैं। हमारा संकल्प है कि हम ऐसी जनविरोधी सरकार को उखाड़ फेंकेगे। इसमें जनता के हर वर्ग का सहयोग अपेक्षित है। कल्याणकारी सरकार समाजवादी पार्टी के सत्ता में आने से ही मिलेगी।
2-10-h श्री अखिलेश यादव के साथ साइकिल रैली में सर्वश्री हाफिज उस्मान, त्रिलोक त्यागी, सरदार मंजीत सिंह, संजय लाठर, राशिद मलिक, संजय यादव, रामदुलार यादव, औलाद अली, राहुल चैधरी, मदन चैहान, डा0 सरोजनी अग्रवाल एम0एल0सी0, पूर्व मंत्री वीरेन्द्र सिंह, विजेन्द्र नागर, किशन सिंह तोमर, वीरेन्द्र यादव, रमेश प्रजापति आदि भी शामिल रहे।

सुरेन्द्र अग्निहोत्री
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महात्मा गाॅधी और स्व0 लाल बहादुर शास्त्री के रास्तें पर चलने का हमें संकल्प लेना चाहिए

Posted on 03 October 2011 by admin

2-10-b समाजवादी पार्टी के राश्ट्रीय अध्यक्ष श्री मुलायम सिंह यादव ने आज यहाॅ कहा कि महात्मा गाॅधी और स्व0 लाल बहादुर शास्त्री के रास्तें पर चलने का हमें संकल्प लेना चाहिए। नई पीढ़ी को विशेषकर उनसे प्रेरणा और मार्ग दर्शन मिलेगा। उनके जीवन का यह संदेश है कि यदि हमारे अंदर दृढ संकल्प और इच्छाशक्ति है तो कोई भी बाधा आगे बढ़ने से रोक नहीं सकती है।
श्री यादव आज यहाॅ पार्टी मुख्यालय में गांधी जी और स्व0 शास्त्री की जंयती पर आयोजित सभा को सम्बोधित कर रहे थे। उन्होंने उनके चित्र पर माल्यार्पण कर श्रद्धासुमन अर्पित किए। इस अवसर पर नेता प्रतिपक्ष विधानपरिषद श्री अहमद हसन, राष्ट्रीय सचिव डा0 मधुगुप्ता तथा उच्च शिक्षा आयोग के पूर्व अध्यक्ष  डा0 फिदा हुसैन अंसारी भी मौजूद थे।
श्री मुुलायम सिंह यादव ने कहा कि गाॅधी जी और उनके विचार हिन्दुस्तान की सीमा पार कर दुनिया के सुदूर देशों तक पहुॅच गए हैं। गाॅधी जी वह महापुरूष थे जिनके पीछे पूरा देेश खड़ा हो गया था। गाॅवों में गांधी जी को लोकगीतों में गाया जाने लगा था। उन्होंने देश को आजादी दिलाई जिससे हमें अपने मन की सरकारे चुनने और एम0पी0, एम0एल0ए0 बनाने का अधिकार मिला है। स्व0 शास्त्री जी ने घोर गरीबी में भी अपनी दृढ़ इच्छाशक्ति से पढ़ाई की, देशसेवा में लगे और प्रधानमंत्री की कुर्सी तक पहुॅचे।
श्री यादव ने कहा कि गाॅधी जी अपने अंतिम दिनों में निराश हो गये थे। गाॅधी जी गांव को विकास की इकाई मानकर स्वावलंबी ग्राम स्वराज का सपना देखते थे। डा0 लोेहिया और जे0पी0 ने उनका सच्चे मायने में अनुगमन किया था। उन्होंने कहा आज हम गर्व से कह सकते हैं कि समाजवादी पार्टी ने गाॅधी जी का रास्ता अपना रखा है। गाॅधी जी चाहते थे किसान को केन्द्रित कर नीतियाॅ बनें। समाजवादी पार्टी की सरकार ने किसानों को पेशंन तथा अन्य लाभ देने के प्रयास किए थे। बेरोजगारों को भत्ता दिया था। समाजवादी पार्टी की सरकार में उ0प्र0 के किसान पर सबसे कम कर्ज था। आज वह सबसे ज्यादा कर्ज से लदा है। उसे फसल का लागत मूल्य भी नही मिल रहा है। मंहगाई ने उसकी कमर तोड़ दी है।
श्री यादव ने कहा कि पूंजीवादी ताकतें समाजवादी पार्टी के विरूद्ध हैं क्योंकि यही पार्टी है जो गांव, किसान, गरीब, पिछड़े और अल्पसंख्यकों की बात करती है। महिलाओं को सम्मान देती है। नौजवानों को आगे रखती है। उन्होंने राज्य की वर्तमान बसपा सरकार के बारे में कहा कि यह तो प्रारम्भ से ही गाॅधी जी के बारे में अभद्र भाषा का प्रयोग करती रही है। इसमें वर्तमान मुख्यमंत्री भी शामिल रही है। वह अपने को बाबा साहेब अंबेडकर की अनुयायी बताती हैं किन्तु बाबा साहेब ने तो कभी बेशकीमती सरकारी जमीनों पर कब्जा नहीं कराया था। वे तो दलित समाज को शिक्षित और संगठित करना चाहते थे। मुख्यमंत्री को इससे परहेज है। दलितों और वंचितों का उनके यहाॅ जरा भी सम्मान नहीं है। वे तो अपने मंत्रियों, विधायकों तक से नहीं मिलती हैं। गरीबों का दर्द उन्हें क्या मालूम।
इस अवसर पर सर्वश्री रामकृष्ण यादव, रामशंकर यादव, डा0 अल्पना बाजपेयी, डा0 सुरभि शुक्ला, मो0 एबाद, विजय सिंह यादव, रामसमुझ, हाजी शेर अली, जगदीश प्रसाद मिश्रा, अर्चना राठौर, ने भी अपने विचार व्यक्त किये। इस अवसर पर सांसद श्रीमती सुशीला सरोज, रविदास मेहरोत्रा, चन्द्रा रावत, ंश्रीमती सुरेश चैहान, सुशील दीक्षित, राहुल सेन सक्सेना कैलाश साहू, जरीना उस्मानी, शाहीन फातिमा, जगदीप ंिसह यादव, तुलसीराम चैरसिया, अशोक यादव, अशोक यादव देव, हनीफ खाॅ, मुजीबुर्ररहमान बबलू, चन्द्रिका पाल, राधेलाल यादव, मुदस्सिर हसन, राजा चतुर्वेदी ,विवेक साइलस आदि की उपस्थित उल्लेखनीय रही।

सुरेन्द्र अग्निहोत्री
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