Archive | May 28th, 2010

राज्य भण्डारण निगम के अधिकारियों/कर्मचारियों को छठवें वेतनमान का लाभ देने का फैसला

Posted on 28 May 2010 by admin

उत्तर प्रदेष सरकार ने उत्तर प्रदेष राज्य भण्डारण निगम के अधिकारियों /कर्मचारियों को छठवें वेतनमान का लाभ देने का फैसला किया है।

यह निर्णय आज मुख्यमन्त्री सुश्री मायावती की अध्यक्षता में सम्पन्न मन्त्रिपरिशद की बैठक में लिया गया।
सार्वजनिक उपक्रमों/निगमों के कार्मिकों को सातवें प्रतिवेदन की संस्तुतियों पर लिए गये फैसले के अनुसार पुनरीक्षित वेतनमान संरचना में उ0प्र0 राज्य भण्डारण निगम के अधिकारियों/कर्मचारियों के छठे वेतनमान की संस्तुति की गई है।

सुरेन्द्र अग्निहोत्री
मो0 9415508695
upnewslive.com

Comments (0)

उत्तर प्रदेश क्षतिपूरक वृक्षारोपण निधि प्रबन्ध एवं नियोजन प्राधिकरण का गठन

Posted on 28 May 2010 by admin

उत्तर प्रदेश की मुख्यमन्त्री सुश्री मायावती की अध्यक्षता में आज सम्पन्न हुई मन्त्रिपरिषद की बैठक में उ0प्र0 क्षतिपूरक वृक्षारोपण निधि प्रबन्ध एवं नियोजन प्राधिकरण के गठन के प्रस्ताव को अनुमोदित कर दिया गया है।

मन्त्रिपरिषद ने उत्तर प्रदेश क्षतिपूरक वृक्षारोपण निधि प्रबन्ध एवं नियोजन प्राधिकरण का गठन सोसाइटीज रजिस्ट्रेशन एक्ट, 1860 के अन्तर्गत गठित किये जाने एवं सोसाईटी के संगम-ज्ञापन (मेमोरेन्डम आफ एसोसियेशन ) एवं नियमावली पर अनुमोदन प्राप्त किये जाने के प्रस्ताव को अनुमोदित कर दिया है।

प्राधिकरण के अन्तर्गत गवर्निग बाडी गठित की जायेगी, जिसमें मुख्यमन्त्री, उत्तर प्रदेश -चेयर पर्सन, वन मन्त्री-वाईस चेयर पर्सन तथा वित्त मन्त्री, नियोजन मन्त्री, मुख्य सचिव, प्रमुख वन संरक्षक- सदस्य एवं प्रमुख सचिव वन- सदस्य सचिव, प्रमुख सचिव वित्त, प्रमुख सचिव नियोजन तथा मुख्य वन्य जीवन प्रतिपालक सदस्य होंगे।

प्राधिकरण के अन्तर्गत संचालन समिति गठित की जायेगी, इस समिति के मुख्य सचिव-चेयर पर्सन, छ: सदस्य एवं सरकार द्वारा दो वर्ष के लिए नामित किये जाने वाले दो गैर सरकारी संगठन सदस्य पदेन तथा मुख्य वन संरक्षक, कैम्पा सदस्य सचिव होंगे। प्राधिकरण के अन्तर्गत एक छ: सदस्यीय कार्यकारी समिति भी गठित की जायेगी, जिसके चेयरपर्सन प्रमुख वन संरक्षक होंगे।

सुरेन्द्र अग्निहोत्री
मो0 9415508695
upnewslive.com

Comments (0)

उ0प्र0 राजर्षि टण्डन मुक्त विश्वविद्यालय, इलाहाबाद तथा डा0 राम मनोहर लोहिया राष्ट्रीय विधि विश्वविद्यालय लखनऊ के प्राध्यापक संवर्ग, प्रशासनिक संवर्ग एवं पुस्तकालय संवर्ग के यू0जी0सी0 अथवा आई0आई0टी0/ आई0आई0एम0 के समकक्ष वेतनमानों से आच्छादित विभिन्न पदों के वेतनमानों के पुनरीक्षण

Posted on 28 May 2010 by admin

उत्तर प्रदेश की मुख्यमन्त्री सुश्री मायावती की अध्यक्षता में आज सम्पन्न हुई मन्त्रिपरिषद की बैठक में उ0प्र0 राजर्षि टण्डन मुक्त विश्वविद्यालय, इलाहाबाद तथा डा0 राम मनोहर लोहिया राष्ट्रीय विधि विश्वविद्यालय लखनऊ के प्राध्यापक संवर्ग, प्रशासनिक संवर्ग एवं पुस्तकालय संवर्ग के यू0जी0सी0 अथवा आई0आई0टी0/ आई0आई0एम0 के समकक्ष वेतनमानों से आच्छादित विभिन्न पदों के वेतनमानों के पुनरीक्षण के प्रस्ताव को कतिपय शर्तों के साथ अनुमोदित कर दिया है।

विश्वविद्यालय के अनुदान की संस्तुति पर केन्द्रीय सरकार द्वारा विश्वविद्यालयों तथा महाविद्यालयों के प्राध्यापकों, कुल सचिव, उपकुल सचिव, सहायक कुलसचिव, पुस्तकालाध्यक्ष, उपपुस्तकालाध्यक्ष, सहायक पुस्तकालाध्यक्ष आदि पदों पर पूर्णकालिक रूप से नियुक्त प्राध्यापकों/कर्मियों को भारत सरकार के परिपत्र 31 दिसम्बर, 2008 तथा द्वारा स्वीकृत नवीन वेतनमानों को डा0 राम मनोहर लोहिया, राष्ट्रीय विधि विश्वविद्यालय लखनऊ तथा उत्तर प्रदेश राजर्षि टण्डन मुक्त विश्वविद्यालय इलाहाबाद के सम्बन्धित पदों पर नवीन पुनरीक्षित वेतनमान कतिपय शर्तों के साथ लागू किये जाने पर मन्त्रिपरिषद ने स्वीकृति प्रदान कर दी है।

राज्य के इन विश्वविद्यालयों में जो पद पूर्व से यू0जी0सी0 वेतनमान में सृजित हैं, उन्हीं पदों पर यू0जी0सी0 द्वारा स्वीकृत पुनरीक्षित वेतनमान लागू किया जायेगा।

पुनरीक्षित वेतनमान का लाभ 1.1.2006 से काल्पनिक आधार पर स्वीकृत करते हुए वास्तविक लाभ 01 दिसम्बर, 2008 से उसी प्रकार से अनुमन्य किया जाएगा, जैसाकि राज्य के विश्वविद्यालयों के शैक्षिक पदों के लिए अनुमन्य कराया गया है, किन्तु इन पदों पर अन्य भत्ते/सुविधायें (उच्च अर्हता धारकों को प्रोत्साहन की सुविधा तथा मकान किराया भत्ते की पुनरीक्षित दरों को छोड़कर) का लाभ उसी प्रकार अनुमन्य किया जाना प्रस्तावित है, जैसा कि राज्य कर्मचारियों को अनुमन्य कराया गया है। मकान किराया भत्ते की पुनरीक्षित दरें तत्काल प्रभाव से अनुमन्य होंगी।

इन विश्वविद्यालयों में यू0जी0सी0 वेतनमान से इतर वेतनमान में सृजित पदो के वेतनमानों का पुनरीक्षण उसी प्रकार किया जायेगा, जिस प्रकार उत्तर प्रदेश राज्य विश्वविद्यालय अधिनियम-1973 से आच्छादित अन्य विश्वविद्यालयों में किया गया है।

सुरेन्द्र अग्निहोत्री
मो0 9415508695
upnewslive.com

Comments (0)

मन्त्रि परिषद का निर्णय - समस्त राजकीय एलोपैथिक मेडिकल कालेजों एवं छत्रपति शाहूजी महाराज चिकित्सा विश्वविद्यालय, लखनऊ में संविदा के आधार पर नियुक्त/पुनर्नियुक्त चिकित्सा शिक्षकों यथा प्रवक्ता, सहायक आचार्य, सहआचार्य एवं आचार्य के नियत वेतन का पुर्ननिर्धारण

Posted on 28 May 2010 by admin

उत्तर प्रदेश की मुख्यमन्त्री सुश्री मायावती की अध्यक्षता में आज सम्पन्न हुई मन्त्रिपरिषद की बैठक में प्रदेश के समस्त राजकीय एलोपैथिक मेडिकल कालेजों एवं छत्रपति शाहूजी महराज चिकित्सा विश्वविद्यालय, लखनऊ में संविदा के आधार पर नियुक्त/पुनर्नियुक्त चिकित्सा शिक्षकों यथा प्रवक्ता, सहायक आचार्य, सहआचार्य एवं आचार्य के नियत वेतन के पुननिर्धारण के प्रस्ताव को अनुमोदित कर दिया है।

वित्त विभाग द्वारा जारी शासनादेश दिनांक 15 दिसम्बर, 1983 तथा दिनांक 27 फरवरी, 2009 से छूट प्रदान करते हुए संविदा के आधार पुनर्नियुक्त एवं सीधे नियुक्त चिकित्सा शिक्षकों को नियत वेतनमान की धनराशि छठें वेतन आयोग की संस्तुतियों एवं पुनरीक्षित वेतन बैण्ड एवं ग्रेड पे के दृष्टिगत आचार्य को 70,000 रूपये प्रतिमाह, सहआचार्य को 60,000 रूपये प्रतिमाह, सहायक आचार्य को 45,000 रूपये प्रतिमाह तथा प्रवक्ता को 40,000 रूपये प्रतिमाह निर्धारित करने के निर्देश दिये गये थे। सेवानिवृत्त चिकित्सा शिक्षकों की नियुक्ति के मामलें में निर्धारित नियत वेतन, पेंशन की धनराशि के अतिरिक्त देय होगी।

संविदा पर नियुक्त आचार्य एवं सहआचार्य से परीक्षा नियन्त्रक का कार्य लिया जायेगा, परन्तु अन्य कोई प्रशासनिक पद का दायित्व उन्हें आंवटित नहीं किया जायेगा। इस आशय के संशोधन को भी मन्त्रिपरिषद ने अनुमोदित कर दिया है।

सेवानिवृत्ति के उपरान्त संविदा पर नियुक्ति तीन वर्ष की अवधि के लिए की जायेगी, जो आवश्यकता एवं उपयोगिता के आधार पर 01-01 वर्ष के लिए अधिकतम 65 वर्ष की आयु तक बढ़ायी जा सकेगी। परन्तु नियमित चयन के आधार पर चिकित्सा शिक्षक उपलब्ध होने पर संविदा पर नियुक्ति समाप्त हो जायेगी। यह व्यवस्था निर्णय के उपरान्त शासनादेश जारी होने की तिथि से प्रभावी होगी। शासनादेश दिनांक 30 जुलाई, 2008 एवं 15 दिसम्बर, 2008 द्वारा निर्धारित अन्य शर्तें व प्रतिबन्ध यथावत लागू रहेंगी।

सुरेन्द्र अग्निहोत्री
मो0 9415508695
upnewslive.com

Comments (0)

समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष मुलायम सिंह ने हावड़ा-कुर्ला एक्सपे्रस दुर्घटना पर प्रतिक्रिया व्यक्त किया

Posted on 28 May 2010 by admin

हावड़ा-कुर्ला एक्सपे्रस दुर्घटना पर प्रतिक्रिया व्यक्त करते हुये समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष  मुलायम सिंह  ने आज यहॉ कहा कि 28 मई, 2010 को दिन में हावड़ा-कुर्ला लोकमान्य तिलक ग्यानेश्वरी सुपर डीलक्स एक्सप्रेस पर माओवादियों के हमले से 68 यात्रियों की मौत और 200 से ज्यादा लोगों के घायल होने की दर्दनाक घटना दिल दहला देने वाली है। यह अत्यन्त दुर्भाग्यपूर्ण और निन्दनीय है। उन्होंने मृतकों, उनके शोक सन्तप्त परिवारों तथा घायलों के प्रति संवेदना व्यक्त की है।

28-05-2010-p1श्री यादव ने कहा कि नक्सलपन्थियों को चाहिए कि वे अपने ही देशवासियों और निर्दोष लोगों पर हमले बन्द करें और सरकार से अपनी समस्याओं पर वार्ता करें। केन्द्र सरकार को उन्होंने सुझाव दिया कि वह नक्सली/माओवादियों से बातचीत का माहौल बनाने में देर न करें।

उन्होंने कहा कि नक्सलियों के हमलों में अब तक सैकड़ों निर्दोष लोगों की जाने जा चुकी हैं और राष्ट्रीय संपत्ति की क्षति हुई है। अपने ही लोगों पर अपने ही कुछ गुमराह लोगों द्वारा हमले करना हर तरह से अनुचित है। हिंसा से किसी समस्या का हल नहीं होता है।

सुरेन्द्र अग्निहोत्री
मो0 9415508695
upnewslive.com

Comments (0)

विदेशों में जमा देश का खरबों रूपया राजनैतिक दलों के नेताओं के चलते ही वापस नहीं आ पायेगा - सुश्री मायावती

Posted on 28 May 2010 by admin

उत्तर प्रदेश की मुख्यमन्त्री सुश्री मायावती ने दिनांक 26 मई को विधान परिषद का पर्चा दाखिल करने के साथ अपनी सम्पत्ति का जो ब्योरा दिया था उसको लेकर मीडिया में बयान देने वाले विरोधी पार्टियों के नेताओं को आड़े हाथों लेते हुए कहा कि दुर्भाग्य पूर्ण स्थिति तो यह है कि ऐसे लोग प्रतिक्रियायें दे रहे जो खुद खरबों की बेनामी सम्पत्तियों  के मालिक बने हुये हैं, और ऐसे लोगों को अपना मुह खोलने से पहले अपने गिरेबान में झांककर देखना चाहिए था।

सुश्री मायावती ने आज यहां जारी एक प्रेस विज्ञप्ति मे कहा कि वह सदैव से पारदर्शी रहीं हैं और उन्होंने अपने शपथ पत्र में अपनी सम्पत्ति का ईमानदारी से पूरा ब्योरा दिया है और वह भारत सरकार के आयकर विभाग को इन सम्पत्ति के श्रोतो की भी पूरी जानकारी समय-समय पर नियमित रूप से देती रहीं हैं। ऐसी स्थिति में विरोधी दलो के नेताओं द्वारा मेरी सम्पत्ति को लेकर किसी भी प्रकार का प्रश्न उठाना न केवल हास्यास्पद है बल्कि यह भी प्रदर्शित करता है कि अपनी खोयी राजनीतिक जमीन पाने के लिए यह दल और उसके नेता किस सीमा तक गिर गये हैं।

बी.एस.पी. की राष्ट्रीय अध्यक्ष व प्रदेश की मुख्यमन्त्री बहन कुमारी मायावती जी ने आज देश में सभी पार्टियों के मुखियाओं व वरिष्ठ पदाधिकारियों एवं नेताओं को राजनीति में आने से पहले और आने के बाद अपनी पूरी चल व अचल सम्पत्ति का खुलासा करने की चुनौती देते हुए कहा कि सभी पार्टियों के मुखियाओं व अन्य वरिष्ठ पदाधिकारियों एवं नेताओं को राजनीति में आने से पहले और उसके बाद किन-किन स्रोतों से इन्होंने सम्पत्ति बनाई है, उनका भी देश की जनता के समक्ष खुलासा करना चाहिए।

मुख्यमन्त्री जी ने कहा कि विभिन्न राजनीतिक दलों के नेताओं को भी चाहिए कि वह जनता के सामने अपने द्वारा अर्जित की गई समस्त सम्पत्तियों का ईमानदारी से खुलासा करे क्योंकि आज की स्थिति में आमतौर पर राजनीतिक दलो के प्रमुख एवं उनके वरिष्ठ पदाधिकारी व नेता, खरबों की बेनामी सम्पत्ति के मालिक होने के बाद भी केवल कुछ ही सम्पत्ति का खुलासा जनता के सामने करते हैं क्योंकि उन्हें मालूम है कि उनके पास वर्तमान में जमा सम्पत्ति का खुलासा हो जाने पर इन जमा सम्पत्ति के श्रोतो के बारे में बता पाने की स्थिति में यह लोग कदापि नहीं है क्योकि ऐसे नेता कम्पनियों में शेयर एवं अन्य रास्तों के जरिये ही अकूत सम्पत्ति के मालिक बन बैठे है।

उन्होने आगे कहा कि यह कौन नहीं जानता कि समाजवादी पार्टी के मुखिया श्री मुलायम सिंह यादव जब राजनीति में आये तो उनके पास कुछ बीघे जमीन और एक साइकिल के अलावा कुछ भी नहीं था। लेकिन अपने राजनीतिक सफर के दौरान श्री मुलायम सिंह यादव एवं उनके नजदीकी रिश्तेदार आज भारी-भरकम नामी एवं बेनामी सम्पत्ति के मालिक बन बैठे हैं, जिसका खुलासा श्री विश्वनाथ चतुर्वेदी द्वारा माननीय सर्वोच्च न्यायालय में दाखिल की गई एक जनहित याचिका में किया गया है जो मामला अभी भी माननीय सर्वोंच्च न्यायालय में लिम्बत है और सही मायने में श्री मुलायम सिंह यादव एवं उनके नजदीकी रिश्तेदारों की इस रिट याचिका में विर्णत की गई सभी सम्पत्तियों की जांच सी.बी.आई. द्वारा की जानी चाहिये। जिससे बचने के लिए आज कल श्री मुलायम सिंह यादव केन्द्र सरकार में शामिल होने के लिए आयेदिन यू.पी.ए. की चेयरपरसन एवं कांग्रेस पार्टी के अन्य वरिष्ठ पदाधिकारियों एवं नेताओं के चक्कर काट रहे हैं और उनकी जी-हजूरी करने में लगे हुये हैं।

लगभग यही स्थिति विभिन्न राजनीतिक दलों के मुखियाओं, पदाधिकारियों एवं वरिष्ठ नेताओं की भी आम तौर से देखने के लिए मिलती है, जिनके पास राजनीति में प्रवेश करने के पहले आज की तुलना में कुछ भी नहीं था। लेकिन राजनीति में आने के बाद आज वे लोग बड़े-बड़े उद्योगों के मालिक बन बैठे हैं ओर उनके नाम आज दर्ज बेनामी सम्पत्तियों की तो कोई सीमा ही नहीं है, जिसके बारे में आम जनता बखूबी  जानती है। ऐसे नेता जब मेरे द्वारा ईमानदारी एवं पारदर्शी ढंग से अपनी सम्पत्ति की घोषणा करने पर बयानबाजी करते हैं तो  ´´उल्टा चोर कोतवाल को डाटें´´ कहावत चरितार्थ हो जाती है।

सुश्री मायावती ने सवाल पूछते हुये कहा कि आखिर देश में काली कमाई के बल पर राजनीति चलाने  का धन्धा क्या देश के हित में है। उन्होने साफ तौर पर कहा कि चाहे एन0डी0ए0 हो या यू0पी0ए0 हो चुनाव के दौरान इन गठबन्धनों के नेताओं ने जोर शोर से विदेशों मे जमा देश का काला धन वापस लाने की बात कही थी। लेकिन लोक सभा के चुनाव के खत्म होते ही इन दोनो गठबन्धनों के नेतागण विदेशों से काला धन वापस लाने की बात को पूरी तरह से खामोश हो गये हैं।

लेकिन इसके साथ ही यहां यह सवाल उठता है कि उन लोगों  का “काला चेहरा“ देश की जनता के सामने क्यों नहीं उजागर किया जाता है जो न केवल अपनी सम्पत्ति का ब्योरा छिपा कर “टैक्स“ की चोरी करते हैं, तथा अपना पैसा “विदेशी बैंकों“ में जमा कर देश के प्रति जघन्य “अपराध“ का काम करते हैं।

मुख्यमन्त्री जी ने मांग की कि अभी कुछ समय पहले जर्मन सरकार द्वारा जिन लगभग 50 “सफेद पोशों“ का काला धन जर्मनी के बैंकों में जमा है, उनकी सूची भारत सरकार को सौंपी गई है, उनके नाम तत्काल“सार्वजनिक“ किये जाये, तथा सख्त कदम उठाये जायें। इसी तरह अन्य देशों में भी इसी तरह काला धन जमा करने वाले लोगों का नाम भी उजागर किया जाना चाहिए और अन्य देशों से भी अपने देश के धन को वापस लाने के लिए सख्त से सख्त कदम उठाया जाना चाहिए।

सुश्री मायावती ने आगे कहा कि लोक सभा चुनाव के दौरान उन्होंने साफ तौर पर कहा था कि यदि बसपा केन्द्र में सत्ता में आती है तो देश का विदेशों में जमा सारा धन तुरन्त वापस लाया जायेगा और इसके लिये सख्त से सख्त कदम उठाये जायेंगे। उन्होने कहा कि विभिन्न प्रमुख राजनीतिक नेताओं की तरह उनका कोई भी धन ना तो कम्पनियों के शेयरों में लगा हुआ है और न ही विदेशी बैकों में उनका कोई पैसा है, क्योंकि वह अन्य लोगो की तरह काली कमाई को सफेद करने में विश्वास नहीं रखती और उनके पास जो भी सम्पत्ति है उसका साफ तौर पर जनता के सामने खुलासा कर देती हैं ।
अन्त में उन्होने कहा कि उनके द्वारा अपनी सम्पत्ति का पूरा ब्योरा ईमानदारी से रख दिये जाने के बाद विरोधी पार्टियों के कतिपय नेताओ द्वारा दिये गये बयान यह साफ करते है कि वह एक दलित की बेटी को राजनीति के क्षेत्र में आगे बढता हुआ नहीं देख सकते जो साफ तौर पर उनकी दूषित जातिगत मानसिकता को भी दर्शाता है।

सुरेन्द्र अग्निहोत्री
मो0 9415508695
upnewslive.com

Comments (0)

Advertise Here

Advertise Here

 

-->









 Type in