Archive | June, 2018

सप्तम अखिल भारतीय हिन्दू अधिवेशन का उत्साहपूर्ण वातावरण में शुभारंभ ! ब्राह्मतेज द्वारा क्षात्रतेज जागृत होने पर भारत सहित विश्‍व में हिन्दू राष्ट्र्र स्थापित होगा ! - स्वामी संवित सोमगिरिजी महाराज, महंत, श्री लालेश्‍वर महादेव मंदिर, राजस्थान

Posted on 04 June 2018 by admin

abha_d4_ph1रामनाथी (गोवा) - संत, ऋषि, वेद, पुराण तथा भगवान शिवजी के संकल्प से हिन्दू राष्ट्र की स्थापना निश्‍चित होगी । आज कालानुसार हमारी संस्कृति परिवर्तित हो रही है, तब भी उसमें वैदिक तत्त्व है; और वेदों में क्षात्रतेज भी है । आज अन्य पंथीय उनके धर्म पर आस्था रखते हैं; परंतु हिन्दू स्वधर्म पालन नहीं करते । हिन्दू राष्ट्र की स्थापना के लिए हिन्दुआें से चिंतन और आत्ममंथन होकर उनमें बौद्धिक सुस्पष्टता आनी चाहिए । इसके लिए धर्म की अवधारणा स्पष्ट होना आवश्यक है । आज देश के हिन्दू कूपमंडूक बन गए हैं । दूसरी ओर महिलाआें पर अत्याचार हो रहे हैं । वर्तमान में चारों दिशाआें में आग लगी है । महिलाआें को झांसी की रानी की भांति सक्रिय होकर आगे आना चाहिए । देश में भीतर और बाहर से आक्रमण हो रहे हैं । अपने साथ समाज का क्षात्रतेज भी अध्यात्म द्वारा जागृत होना चाहिए । इसके लिए हिन्दुआें को कर्तापन त्यागकर अधर्म के विरुद्ध कार्य करना चाहिए । हमें महिलाआें के साथ आगे आकर दोषों का निवारण करते हुए एकत्र कार्य करना चाहिए । इस प्रकार स्वयं में अग्नि जागृत कर कार्य करने से अंधःकार नष्ट हो सकता है । हिन्दुआें के ब्राह्मतेज के साथ क्षात्रतेज जागृत करने से भारत सहित पूरे विश्‍व में सर्वत्र हिन्दू राष्ट्र की स्थापना होगी, ऐसा ओजस्वी मार्गदर्शन श्री लालेश्‍वर महादेव मंदिर, बिकानेर (राजस्थान) के महंत स्वामी संवित् सोमगिरिजी महाराज ने उपस्थित हिन्दुत्वनिष्ठों को किया । वे रामनाथी, गोवा के श्री रामनाथ देवस्थान के श्री विद्याधिराज सभागृह में आयोजित सप्तम अखिल भारतीय हिन्दू अधिवेशन के उद्घाटन सत्र में हिन्दू राष्ट्र की स्थापना के लिए क्षात्रतेज की उपासना की आवश्यकता इस विषय पर बोल रहे थे । अधिवेशन के प्रारंभ में महंत स्वामी संवित् सोमगिरिजी महाराज, हिन्दू जनजागृति समिति के राष्ट्रीय मार्गदर्शक सद्गुरु (डॉ.) चारुदत्त पिंगळे, सनातन की धर्मप्रचारक सद्गुरु (कु.) अनुराधा वाडेकर एवं सद्गुरु नंदकुमार जाधवजी के शुभहस्तों दीपप्रज्वलन किया गया । इस समय देश-विदेश के 150 से अधिक हिन्दुत्वनिष्ठ संगठनों के 250 से अधिक धर्मप्रेमी उपस्थित थे । इस अधिवेशन में कश्मीर की समस्या, धारा 370 निरस्त करना, पाकिस्तान, बांग्लादेश एवं श्रीलंका के हिन्दुआें पर हो रहे अन्याय के विरुद्ध आवाज उठाना, राष्ट्र एवं धर्म पर होनेवाले आघात रोकने के लिए उपाय, हिन्दू राष्ट्र-स्थापना के कार्य की आगामी दिशा आदि विविध विषयों पर विस्तृत चर्चा की जाएगी ।

देश के बहुसंख्यक हिन्दुआें को संवैधानिक संरक्षण मिलने के लिए हिन्दू संगठनों का अधिवेशन ! - सद्गुरु (डॉ.) चारुदत्त पिंगळे

भारत में बहुसंख्यक समुदाय के शीर्षस्थ नेताआें को एकत्र आने में कानूनन प्रतिबंध है क्या ? इसका उत्तर नहीं होते हुए भी प्रश्‍न क्यों निर्माण होते हैं ? इसका एकमात्र कारण है, भारत में बहुसंख्यकों को सनातन धर्म को संवैधानिक संरक्षण नहीं है ! इसलिए आज कोई भी उठता है और हिन्दुआें को अपराधी ठहराने का प्रयास करता है । विश्‍व के सभी देशों में उनके संविधान द्वारा वहां के बहुसंख्यकों का धर्म, संस्कृति, भाषा एवं हित को संरक्षण दिया गया है । केवल भारत ऐसा एकमात्र देश है कि जहां बहुसंख्यक हिन्दू होते हुए भी उन्हें संविधान द्वारा कोई संरक्षण नहीं दिया गया है । इसके विपरीत भारतीय संविधान ने अल्पसंख्यको के पंथ, संस्कृति, भाषा और हित को रक्षा प्रदान की है । यह संविधान के समता के तत्त्व के (अर्थात लॉ ऑफ इक्वॅलिटी के) विरुद्ध है । भारत में बहुसंख्यक हिन्दुआें को धर्म, संस्कृति, भाषा एवं हित को संवैधानिक संरक्षण मिले, इसके लिए ही हिन्दू संगठनों का यह अधिवेशन है, ऐसा मार्गदर्शन हिन्दू जनजागृति समिति के राष्ट्रीय मार्गदर्शक सद्गुरु (डॉ.) चारुदत्त पिंगळेजी ने किया ।

भविष्य में भारत एवं नेपाल के साथ संपूर्ण पृथ्वी पर हिन्दू राष्ट्र स्थापित करने हेतु अधिवेशन का आयोजन ! - नागेश गाडे

हिन्दू जनजागृति समिति के केंद्रीय समन्वयक श्री. नागेश गाडे ने अधिवेशन के उद्देश्य से अवगत कराते हुए कहा, विश्‍व में ईसाई समुदाय के 152, इस्लामी 57, बौद्धों के 12 राष्ट्र, जबकि ज्यू का इस्रायल नामक एक राष्ट्र है; परंतु हिन्दुआें का इस पृथ्वी पर एक भी राष्ट्र नहीं है । वैश्‍विक पटल पर आगामी 5 वर्षों में भारत और नेपाल ये दो हिन्दू राष्ट्र पुनर्स्थापित हों, इस उद्देश्य का विचारमंथन हो और हिन्दू संगठनों का योजनाबद्ध पद्धति से इस दिशा में मार्गक्रमण हो, यही इस अधिवेशन का मुख्य उद्देश्य है । हिन्दू राष्ट्र-स्थापना केवल भारत तक ही सीमित नहीं; अपितु वेदमंत्रों के अनुसार संपूर्ण पृथ्वी एक राष्ट्र है, इस समुद्रवलयांकित पृथ्वी पर भविष्य में हिन्दू राष्ट्र स्थापित करना है ।

अधिवेशन के उद्घाटन समारोह पर प्रारंभ में शंखनाद किया गया । दीपप्रज्वलन के उपरांत सनातन पुरोहित पाठशाला के पुरोहितों ने वेदमंत्रों का पठन किया । तदुपरांत वहां उपस्थित संतों के शुभहस्तों मराठी और हिन्दी भाषा में हिन्दू जनजागृति समिति समर्थित हिन्दू राष्ट्र की स्थापना हेतु हिन्दुआें का संगठन करें !, मराठी और हिन्दी भाषा में सनातन के स्वभावदोष (षड्रिपु) निर्मूलनका महत्त्व एवं गुण-संवर्धन प्रक्रिया इन ग्रंथों का प्रकाशन किया गया । इस अवसर पर श्री. प्रदीप खेमका ने हिन्दू जनजागृति समिति के प्रेरणास्थान परात्पर गुरु डॉ. जयंत आठवलेजी द्वारा अधिवेशन के शुभ अवसर पर भेजा संदेश पढकर सुनाया । कार्यक्रम का सूत्रसंचालन समिति के श्री. सुमीत सागवेकर ने किया ।

हिन्दू जनजागृति समिति के अंतर्गत उद्योगपति परिषद एवं आरोग्य सहायता समिति की स्थापना !

इस अधिवेशन में हिन्दू जनजागृति समिति के अंतर्गत उद्योगपति परिषद और आरोग्य सहायता समिति की स्थापना की गई । इन संगठनों के बोधचिन्ह का अनावरण वेदमंत्रों के घोष के बीच महंत स्वामी संवित् सोमगिरिजी महाराज के मंगल हस्तों किया गया । समिति के केंद्रीय समन्वयक श्री. नागेश गाडे ने संगठन के उद्देश्य की विस्तृत जानकारी दी । हिन्दुुत्वनिष्ठों की सहायता करने के लिए उद्योगपति परिषद तथा आपातकाल में समाज की सहायता और चिकित्सकीय क्षेत्र की दुष्प्रवृत्तियों का निर्मूलन करने हेतु आरोग्य सहायता समिति इस उद्देश्य से ये दोनों संगठन कार्य करेंगें ।

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पी0सी0एफ0 के सभी अधिकारी व्यवसायों में वृद्धि करना सुनिश्चित करें किसानों को उनकी उपज में बढ़ोत्तरी हेतु उर्वरक, प्रमाणित बीज उपलब्ध कराएं -मुकुट बिहारी वर्मा

Posted on 04 June 2018 by admin

सुरेन्द्र अग्निहोत्री,लखनऊ: 04 जून, 2018
प्रदेश के सहाकारिता मंत्री श्री मुकुट बिहारी वर्मा ने निर्देश दिया है कि पी0सी0एफ0 के सभी अधिकारी पूरा प्रयास करते हुए व्यवसायों में वृद्धि करना सुनिश्चित करंे। यह संस्था किसानों से जुड़ी हुई है इसलिए किसानों को उनकी उपज में बढ़ोत्तरी हेतु उर्वरक, प्रमाणित बीज समय से उपलब्ध कराते हुए उनकी उपज का उचित मूल्य दिलाया जाय।
यह निर्देश श्री वर्मा आज यहाॅं पी0सी0एफ0 मुख्यालय सभागार में पी0सी0एफ0 के सभी व्यवसायों यथा उर्वरक, मूल्य समर्थन योजना के अन्तर्गत गेहॅू/धान खरीद, कृषक सेवा केन्द्र, बीज, वेयर हाउसिंग एवं कोयला के कार्यो की प्रगति की समीक्षा करने के उपरान्त दिये। उन्होने कहा कि जनपदों में उर्वरकों की पर्याप्त उपलब्धता है। पी0सी0एफ0 के कृषक सेवा केन्द्रों से खाद, बीज, गेहूॅ/धान खरीद के अतिरिक्त अन्य व्यवसाय भी किये जाॅय, जिससे कृषक सेवा केन्द्रों के लाभांष में वृद्धि हो सके। उन्होने कहा कि किसानों को कृषि निवेशों की आपूर्ति करना एवं उनकी उपज का उचित मूल्य दिलाना मुख्य उददेश्य है इसको ध्यान में रखते हुए सभी अधिकारी काम करना सुनिश्चित करे।
श्री वर्मा ने कहा कि कृषक सेवा केन्द्र द्वारा अपने गोदामों/शीतगृहो एवं प्रदेश में प्रमुख स्थलों पर 426 कृषक सेवा केन्द्र स्थापित किये गये है जिसके माध्यम से कृषकों को उर्वरक, प्रमाणित बीज,रसायन,यन्त्र आदि कृषि निवेशों का वितरण किया जा रहा है। मुल्य समर्थन योजना के तहत किसानों से गेहूॅ,धान,दलहन एवं तिलहन की खरीद कृषक सेवा केन्द्रों के माध्यम से निर्धारित मूल्य पर की जा रही है। उन्होने कहा कि कृषक सेवा केन्द्रो पर किसानों को किसी प्रकार की कोई समस्या नही होने पाये इसका विशेष ध्यान रखा जाये। श्री वर्मा ने समीक्षा करते हुए पाया कि मूल्य समर्थन योजना के तहत गेहॅू खरीद का वर्ष 2018-19 के लक्ष्य 21 लाख मै0टन के सापेक्ष 21 लाख 04 हजार 138.495मै0टन गेहॅू की खरीद अब तक की गई है जो लक्ष्य से अधिक है। उन्होने नैफेड के माध्यम से मूल्य समर्थन योजना के तहत दलहन एवं तिलहन की खरीद की समीक्षा करते हुए कहा कि दलहन एवं तिलहन की खरीद निर्धारित लक्ष्य के सापेक्ष करते हुए धनराशि का भुगतान भी निर्धारित समयावधि में करना सुनिश्चित किया जाये।
बैठक में सचिव, सहकारिता श्री अजय चैहान, आयुक्त एवं निबन्धक श्री एन0के0सिंह व पी0सी0एफ0 के प्रबन्ध निदेशक श्री प्रमोद कुमार उपाध्याय तथा मुख्यालय के अधिकारियों एवं क्षेत्रीय प्रबन्धक सहित अन्य सम्बधित अधिकारी उपस्थित थें।

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मोदी सरकार की गलत विदेष एवं गृृह नीतियों के कारण बलिदान- प्रमोद तिवारी

Posted on 04 June 2018 by admin

सुरेन्द्र अग्निहोत्री,लखनऊ,कांगे्रस के वरिष्ठ नेता श्री प्रमोद तिवारी ने कहा है कि भारतीय सीमा के दुर्गम स्थान पर तैनात सीमा सुरक्षा बल (ठैथ्द्ध के जाॅबाॅज जवान ए.एस.आई. सत्य नारायण यादव एवं कान्सटेबल विजय पाण्डेय ने देष के सीमा की सुरक्षा करते हुये अपने प्राणों का बलिदान कर दिया है। ये दोनों जाॅबाॅज उत्तर प्रदेष के क्रमषः जनपद देवरिया एवं जनपद फतेहपुर के निवासी थे । श्री तिवारी ने इन जाॅबाॅजों के प्रति श्रद्धांजलि देते हुये उनके परिजनों के प्रति गहरी शोक संवेदना व्यक्त की है ।
श्री तिवारी ने कहा है कि आज पूरा देष मोदी जी से जानना चाहता है कि जम्मू काष्मीर की च्क्च् के साथ मिलकर सरकार बनाये रखने के लिये कब तक यह देष मोदी सरकार की गलत विदेष एवं गृृह नीतियों के कारण बलिदान देता रहेगा ? और भारतीय माॅओं की गोद कब तक सूनी होती रहेगी ?
श्री तिवारी ने कहा है कि मोदी जी इण्डोनेषिया एवं मलेषिया आदि के विदेष भ्रमण पर घूम रहे थे और इधर हमारे देष के जाॅबाॅज जवान मोदी जी के महबूबा मुफ्ती को खुष करने के लिये जम्मू काष्मीर में सत्ता बनाये रखने हेतु हाथ बंॅधे होने की वजह से आतंकवादियों एवं पड़ोसी देष के ‘‘सीजफायर उल्लंघन’’ के षिकार हो रहे हैं ।
श्री तिवारी ने कहा है कि सीमा सुरक्षा बल (ठैथ्द्ध के इन जाॅबाॅज जवानों को भारतीय सेना की तरह जहांॅ पेंषन एवं अन्य सुविधा देने की केन्द्र सरकार से मांग की है वहीं उत्तर प्रदेष सरकार से प्रत्येक जवान को एक करोड़ रुपये की अनुज्ञा राषि तथा परिवार के एक व्यक्ति को सरकारी नौकरी देने की भी मांग की है
किसान आन्दोलन का आज चैथा दिन है । उत्तर प्रदेष, पंजाब, हरियाणा, उत्तराखण्ड, मध्य प्रदेष और महाराष्ट्र सहित पूरे देष के कई राज्यों में किसान आन्दोलनरत हैं - परन्तु इतने दिन बीतने के बावजूद भी सरकार ने अभी तक किसानों की समस्या के समाधान के लिये, किसानों से बातचीत हेतु कोई सार्थक पहल नहीं की है, और प्रधानमंत्री जी ज्यादातर विदेष भ्रमण कर रहे हैं, तथा केन्द्रीय कृृषि मन्त्री श्री राधा मोहन सिंह किसानों के आन्दोलन को ‘‘पब्लिसिटी स्टंट’’ बता रहे हैं कि किसान मीडिया मेें आने के लिये किस्म- किस्म के तरीके अपना रहे हैं ।
श्री तिवारी ने कहा है कि धरती के भगवान किसान की पीड़ा समझने की बजाय सरकार उनके दुःख- दर्द को ‘‘राजनैतिक स्टंट’’ बताकर उस पर मरहम लगाने की के स्थान पर उसे और बढ़ा रही है । किसानों के प्रति इतनी असंवेदनषील और क्रूर सरकार आजादी के बाद अभी तक नहीं आई है । किसानों की मांग मात्र इतनी है कि उनकी उपज का लाभकारी मूल्य मिले, तथा चुनाव में जैसा कि प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी जी ने वायदा किया था उसके अनुसार किसानों को उनकी उपज का 50ः बोनस दिया जाय ।
श्री तिवारी ने कहा है कि एक तरफ देष में प्रतिदिन 35 किसान खेती में घाटा होने की वजह से और उपज का सही मूल्य न मिलने के कारण आत्म हत्या कर रहे हैं, और दूसरी तरफ केन्द्र सरकार बकाये की वसूली के लिये किसानों को जेल में डाल रही है । और पंूॅूजीपतियों और उद्योगपतियों के हजारों करोड़ रुपये का कर्ज माफ किया जा रहा है, जबकि अन्नदाता किसान भगवान को कर्ज की वसूली के लिये जेल में डाला जा रहा है ।
श्री तिवारी ने कहा है कि उत्तर प्रदेष और केन्द्र सरकार की गलत नीतियों के कारण प्रदेष में छुट््टा पशु किसानों की मेहनत से कमाई गयी फसल को नष्ट कर रहे हैं - किन्तु एक साल से अधिक का समय बीत जाने के बाद भी सरकार द्वारा इन अवारा जानवरों से किसानों की फसल को बचाने के लिये जानवरों पर कोई अंकुष नहीं लगा पा रही है न ही कोई सार्थक कार्यवाही ही कर रही है जिससे पशु भी सुरक्षित रहें और किसानों की फसल को नष्ट होने से बचाया जा सके ।

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बंगला छूटने के दर्द से याद आई जनता - मनीष शुक्ला

Posted on 04 June 2018 by admin

लखनऊ 04 जून 2018, अखिलेश यादव के बयान ‘‘चैदह माह में भाजपा ने सब बर्बाद कर दिया‘‘ पर चुटकी लेते हुए भाजपा प्रदेश प्रवक्ता मनीष शुक्ल ने पूछा कि बंगला छूटने पर इतना दर्द? नव समाजवादी जनता की गाढी कमाई के दुरूपयोग के आदी हो गए है और जब सरकारी सुख-सुविधाएं छूट रही है तो प्रदेश और जनता की याद आ रही है वस्तुतः उत्तर प्रदेश की बदहाली के जिम्मेदार आप और आपकी बुआ जी का चैदह वर्ष का कार्यकाल है।
श्री शुक्ल ने कहा कि योगी आदित्य नाथ सरकार ने पिछले 14 माह में गांव, गरीब, किसान के लिए काम किया है, कानून का बेहतर राज स्थापित किया है। किसानों की आय दुगनी करने को सरकार कृत संकल्पित है। एक लाख तक के फसली ऋण माफ करने के लिए 36 हजार करोड़ का प्रावधान किया गया। गेहूं की 36.99 मीट्रिक टन गेहूॅ की खरीद की गई जो अखिलेश सरकार की तुलना में 4-5 गुना अधिक है, 42.96 लाख मीट्रिक टन धान की खरीद की है। पिछले 14-15 सालों का गन्ने के बकाये का भुगतान किया। पशुपालन, मत्स्य विकास एवं सिचाई के क्षेत्र में उल्लेखनीय प्रगति की।
श्री शुक्ल ने बताया कि ऊर्जा के क्षेत्र में आमूल चूल परिवर्तन आया हैं, विद्युत आपूर्ति में साल भर में ही चार घंटे की औसत वृद्धि की गई है। कुल 65365 मजरों का विद्युतीकरण किया गया है। 39 लाख 35 हजार 224 विद्युत कनेक्शन दिया गया है, जिसमें 16 लाख 75 हजार बीपीएल परिवार शामिल है।
श्री शुक्ल ने बताया कि 1048 किलो मीटर की 110 सड़को/परियोजनाओं का निर्माण कार्य पूरा हुआ, 753 मार्गो को 04 लेन, चैड़ीकरण/सुदृढीकरण एवं बाईपास का निर्माण किया गया। कुम्भ 2019 के लिए 93 कार्यो हेतु 758 करोड़ की परियोजनाएं स्वीकृत की गई।
श्री शुक्ल ने कहा कि प्रदेश में भयमुक्त वातावरण स्थापित हुआ है। पिछले सालभर में लगभग 15 सौ मुठभेड़ हुई जिसमें 50 के करीब अपराधी मारे गये, 336 अपराधी घायल हुए और 3316 गिरफ्तार किये गए। यूपी 100 का औसत रिसपान्स 15.5 मिनट रहा। 1531 भू-माफियाओं के विरूद्ध कार्यवाही की गई।
प्रदेश प्रवक्ता ने कहा अखिलेश जी यह उपलब्धि मात्र 14 माह की है। समाज के अन्तिम पायदान पर खडे व्यक्ति तक विकास की किरण पहुॅचाने के लिए केन्द्र-प्रदेश की सरकारें कृति संकल्पित है।

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सप्तम अखिल भारतीय हिन्दू अधिवेशन के अंतर्गत अधिवक्ता अधिवेशन संविधान को धर्मनिरपेक्ष बनाना भी भ्रष्टाचार ही है ! - अधिवक्ता गोविंद के. भरतन्, केरल

Posted on 04 June 2018 by admin

रामनाथी (गोवा) - भ्रष्टाचार का अर्थ केवल आर्थिक लेन-देन तक सीमित नहीं है, अपितु संविधान को धर्मनिरपेक्ष बनाना भी भ्रष्टाचार ही है । धर्मनिरपेक्षता इस शब्द को संविधान में घुसेडा गया है और वहीं से संविधान तथा अध्यात्म में दूरी उत्पन्न हुई । आज न्यायतंत्र का संबंध भ्रष्टाचार के साथ आने से राष्ट्र तथा समाज गंभीररूप से प्रभावित हो रहे हैं, ऐसा दिखाई देता है । आज न्यायाधीशों की नियुक्ति किसप्रकार होती है, इसकी प्रक्रिया में सुस्पष्टता नहीं है । इस प्रक्रिया में गुणवत्ता तथा राष्ट्रवाद जैसे महत्त्वपूर्ण गुणों की उपेक्षा की जाती है । आज गुणवत्ता के स्थान पर सिफारिश के आधार पर नियुक्तियां की जाने से न्यायतंत्र में भ्रष्टाचार फैलने लगा है । इस स्थिति में यदि परिवर्तन लाना है तो उसके लिए इच्छाशक्ति, क्रियाशक्ति तथा ज्ञानशक्ति की आवश्यकता है । ये तीनों धर्म से ही प्राप्त हो सकती हैं । अतः धर्माभिमानी नागरिक ही आदर्श न्यायतंत्र बनाकर, उसे कार्यरत बना सकते हैं । उसके लिए धर्मप्रेमी अधिवक्ताआें को प्रयास करने चाहिए, ऐसा प्रतिपादन केरल के सरकारी अधिवक्ता गोविंद के भरतन् ने किया । वे फोंडा, गोवा के रामनाथी क्षेत्र में स्थित श्री रामनाथी देवस्थान के श्री विद्याधिराज सभागार में आयोजित 7 वें अखिल भारतीय हिन्दू अधिवेशन के अंतर्गत 2 दिवसीय अधिवक्ता अधिवेशन के समापन के दिन अर्थात 3 जून को बोल रहे थे । उन्होंने न्यायतंत्र में चल रहे भ्रष्टाचार के विरुद्ध करनेयोग्य आवश्यक कृत्य विषय पर उपर्युक्त मार्गदर्शन किया ।

इस अवसर पर अधिवक्ता पंडित शेष नारायण पांडे, हिन्दू फ्रन्ट फॉर जस्टिस के अधिवक्ता हरि शंकर जैन, हिन्दू विधिज्ञ परिषद के अधिवक्ता नीलेश सांगोलकर आदि मान्यवर उपस्थित थे । इस अधिवेशन में सामाजिक दुष्प्रवृत्तियों के विरुद्ध सूचना अधिकार का उपयोग करने की दृष्टि से अधिवक्ताआें का संगठन, राष्ट्र एवं धर्म पर हो रहे आघातों को रोकते समय अधिवक्ताआें को प्राप्त अनुभव जैसे विविध विषयों पर चर्चा की गई ।

आदर्श न्यायव्यवस्था के लिए अधिवक्ताआें ने प्रयास करना आवश्यक ! - अधिवक्ता नीलेश सांगोलकर

आज का न्यायतंत्र ब्रिटीश पद्धति से चलता है । उसमें न्याय मिलने के लिए लगनेवाला विलंब अन्यायकारी है । अतः इस त्रुटि को दूर करने के लिए अधिवक्ताआें को प्रयास करने चाहिए । न्यायतंत्र में व्याप्त भ्रष्टाचार को समाज के सामने उजागर कर जनता के द्वारा आदर्श व्यवस्था बनाने का दायित्व हम पर है । आज के दिन उपलब्ध कानून का उपयोग कर अन्यायपीडितों को न्याय दिलाने तथा निरपराधों के विरुद्ध झूठे आरोप प्रविष्ट करनेवाले पुलिसकर्मियों के विरुद्ध कानूनी कार्यवाही के लिए हमें प्रयास करने चाहिएं ।

देश की संपत्ति पर पहला अधिकार हिन्दुआें का है ! - अधिवक्ता हरि शंकर जैन

स्वतंत्रता के पश्‍चात राज्यकर्ताआें ने अनेक बार संविधान के साथ छेडछाड की है । कुछ निधर्मी राज्यकर्ताआें ने देश की संपत्ति पर मुसलमानों का पहला अधिकार होने की बात कही थी; परंतु यह देश देवताआें का, हिन्दू धर्म का तथा यहां के मूलनिवासी हिन्दुआें का है । अतः यह भूमि तथा साधनसंपत्ति पहले हिन्दुआें की है; इसलिए उस पर अल्पसंख्यकों का अधिकार नहीं बनता ।

अधिवेशन के समापन के अवसर पर सद्गुरु (डॉ.) चारुदत्त पिंगळेजी ने हिन्दू राष्ट्र की स्थापना में अधिवक्ताआें का योगदान, साथ ही आनेवाले समय में संगठित रूप से करनेयोग्य प्रयास आदि के विषय में मार्गदर्शन किया ।

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पं0 दीन दयाल जी की स्मृति में रेलवे स्टेशन का नाम परिवर्तित करने के लिए धन्यवाद

Posted on 04 June 2018 by admin

लखनऊ 04 जून 2018, भारतीय जनता पार्टी प्रदेश अध्यक्ष डा0 महेन्द्र नाथ पाण्डेय ने मुगलसराय जंक्शन का नाम पं0 दीनदयाल उपाध्याय जंक्शन किए जाने की अधिसूचना जारी होने पर हर्ष व्यक्त करते हुए कहा कि पं0 दीन दयाल उपाध्याय जी की स्मृति से जुड़े स्थल को उनके नाम पर किया जाना उनके प्रति श्रद्धा और उनके अन्त्योदय संदेश, त्याग, समर्पण को नमन है। मोदी सरकार, योगी सरकार, मा0 राज्यपाल, रेल मंत्रालय को पं0 दीन दयाल जी की स्मृति में रेलवे स्टेशन का नाम परिवर्तित करने के लिए धन्यवाद। मेरे लिए सौभाग्य की बात है कि पं0 दीन दयाल उपाध्याय जंक्शन मेरे संसदीय क्षेत्र चंदौली में है।

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बुआ-भतीजा की ड्रामेंबाजी - डा. मनोज मिश्र

Posted on 04 June 2018 by admin

लखनऊ 03 जून 2018, भारतीय जनता पार्टी प्रदेश प्रवक्ता डा. मनोज मिश्र ने कहा कि सुप्रीमकोर्ट के आदेश के तहत मजबूरन सरकारी बंगला खाली करने पर बुआ-भतीजा बंगला छोड़ने पर ड्रामेंबाजी करते हुए इंवेट कर रहे है। बंगलों का वैभव जनता के सामने आ चुका है और सरकारी धन से खुद के वैभव विलासता का इंजातम करने वालों की दलित व पिछडों की झूठी हमदर्दी का सच भी उजागर हो चुका है। सुप्रीम कोर्ट के आदेश आने के बाद से ही बंगले के मोह में हीलाहवली करते बसपा व सपा के सुप्रीमों को जब बंगला खाली करने को मजबूर होना पड़ा तो सैफई के शहजादे ने इवेन्ट क्रिएट किया और सरकारी गेस्ट हाउस पहुॅच गए और आमतौर पर मीडिया से दूरी बनाए रखने वाली मायावती ने भी मीडिया को बुलाकर पहले तो मीडिया पर भाजपा से गठजोड़ का निराधार आरोप लगाया फिर बंगले का वैभव दिखाया।
डा. मनोज मिश्र ने कहा कि उच्चतम न्यायालय के आदेश के अनुपालन में मा. कल्याण सिंह जी तथा मा. राजनाथ सिहं जी ने बिना किसी शोर-शराबे के सरकारी बंगले खाली करके राजनीतिक शुचिता का उदाहरण प्रस्तुत किया। अखिलेश व मायावती को कल्याण सिंह जी व राजनाथ सिंह जी से सीख लेते हुए बिना किसी ड्रामेंबाजी के सुप्रीमकोर्ट के आदेश का पालन करना चाहिए था। लेकिन उसके विपरीति अखिलेश व मायावती ने ड्रामेंबाजी के साथ बंगले खाली किये। बाबा साहेब भीम राव आम्बेडकर द्वारा बनाए गऐ संविधान के मूल में न्यायपालिका की मजबूती और उसके आदेश के प्रति जन-जन में सम्मान के भाव की अवधारणा निहित है। बसपा सुप्रीमों को भी बिना हीलाहवाली व बिना किसी ड्रामेंबाजी के न्यायपालिका का सम्मान करना चाहिए था।
डा. मिश्र ने कहा कि सुप्रीमकोर्ट के आदेश का पालन करना हम सभी का नैतिक और राजनीतिक धर्म होना चाहिए। काश कि ! स्वार्थ प्रभावित होने की स्थिति में भी कोर्ट के आदेश का पालन करते समय विवशता परिलक्षित नही होती और भाजपा से सीख लेते हुए सपा-बसपा सुप्रीमों विनम्रता से कोर्ट के आदेश का पालन करते और स्वस्थ तथा स्वच्छ राजनीतिक उदाहरण प्रस्तुत करते।

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करोड़ों बच्चों को किताबें देने में भी पिछड़ी उ. प्र. सरकार

Posted on 04 June 2018 by admin

लखनऊ । उत्तर प्रदेश के बेसिक शिक्षा विभाग में जो बेढ़ंगी चाल पिछली सरकार में थी, वह चाल योगी सरकार में भी कायम है। जिसके चलते प्रदेश के करोड़ों छात्र-छात्राओं का भविष्य अंधकारमय बन ही रहा है, शिक्षा विभाग के अधिकारियों और विभाग की लापरवाही के चलते इस वर्ष भी शिक्षा सत्र के दो माह बीत जाने के बाद भी किताबें हासिल हो पाना दूर की कोड़ी साबित हो रहीं हैं।
बेसिक शिक्षा विभाग के पाठ्य पुस्तक अधिकारी द्वारा २६ फरवरी २०१८ को पुस्तकों के प्रकाशन के लिए टेण्डर निकाले गए। लगभग ३०० करोड़ रूपए के प्रकाशन के इन टेण्डरों पर अन्य क्षेत्रों के माफियाओं की तरह कागज माफियाओं की नजर गढ़ गई और ऐसी चाल चली गई कि अब तक मात्र ३० फीसदी काम उठाया जा सका, बांकी ७० फीसदी काम हांसिए पर पड़ा है। जिसके चलते छात्र-छात्राओं को पुस्तकें हासिल हो जाएं, यह दिखाई नहीं देता। प्रदेश की बेसिक शिक्षा मंत्री कुम्भकर्णी नींद लेकर सो रही हैं। आखिर ऐसा क्या है कि भ्रष्टाचार को खत्म करने का संकल्प लेने वाली योगी सरकार प्रदेश के नौनिहालों को सर्दी में स्वेटर, ड्रेस, जूते और किताबें सभी कुछ समय पर उपलब्ध न कराकर बच्चों के भविष्य के साथ खिलवाड़ कर रही है।
सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार पाठ्य पुस्तक अधिकारी उत्तर प्रदेश ने २६ फरवरी २०१८ को लगभग २५ करोड़ किताबें छापे जाने का टेण्डर मांगा था, प्रकाशकों ने निविदाएं डालीं लेकिन कागज माफियाओं ने सरकार में बैठे आला अधिकारियों से सांठगांठ कर ऐसे नियम बनवा दिए जिसके चलते ढ़ेरों कागज की मिलें उत्कृष्ठ कागज बनाने के बावजूद भी निविदादाताओं को कागज देने से वंचित हो गयीं। बानगी के तौर पर एक शर्त डाल दी गयी कि १०० टन से अधिक कागज प्रतिदिन उत्पादन करने वाली मिल से ही कागज लिया जाए। इसके चलते जो कुछेक मिलें रह गईं, उन्होंने अपनी मोनोपॉली बना ली और निविदादाताओं से टेण्डर में लगाने के लिए नमूना दिए जाने के पूर्व २० लाख रूपए की माँग कर डाली। कागज का रेट मिलें ही तय करेंगी। यह भारत के लोकतांत्रिक इतिहास में काला अध्याय कहा जाएगा, जिसमें मात्र नमूना देने के लिए बिना दर खोले लाखों की माँग मिलें करके उन निविदादाताओं को काम लेने से वंचित करने पर उतारू हो गयीं, जो पुस्तकें प्रकाशित कर अपने व्यापार के साथ सरकार को समयबद्ध तरीके से किताबें उपलब्ध कराना चाहते थे।
अब खेल शुरू हुआ निविदा डालने का, तो कागज माफियाओं और कुछ प्रकाशकों ने चाल चलकर सरकार और छात्र-छात्राओं को ऐसा चूना लगाया कि निम्नतम दर ऐसी डाली जिस पर वह स्वयं १०० प्रतिशत काम नहीं कर सकते। विभाग ने निम्नतम पर का आधार लेकर जब सभी प्रकाशकों से काम करने को कहा, तो २-३ प्रकाशकों को छोड़कर सभी प्रकाशकों ने हाथ खड़े कर दिए। बतौर निविदादाताओं के यह निविदा दर अप्रासांगिक है, इतनी कम दर पर देश के कोई भी प्रकाशक निविदा शर्तों के अनुसार काम नहीं कर सकते। जब काम पूरा नहीं उठा, तो पाठ्य पुस्तक अधिकारी, निदेशक बेसिक शिक्षा ने प्रकाशकों से सम्पर्क कर काम करने को कहा, तब सभी प्रकाशकों ने वस्तुस्थिति समझाई और काम करने में असमर्थता व्यक्त कर दी। शिक्षा अधिकारियों ने एक बार पूरे देश में पुनरू दरवाजा खोल दिया और किसी भी प्रकाशक को इस दर पर काम करने के लिए आमंत्रित किया। लेकिन कमाई के वजाय घाटे के सीधे आसारों को देखते हुए पूरे देश या विदेश से कोई भी निविदादाता इन दरों पर काम करने के लिए आगे नहीं आया। जिसके चलते विगत २५ मई २०१८ को एक बार फिर निविदायें आमंत्रित की गईं, लेकिन पुराने प्रकाशकों को उनकी धरोहर राशि वापस न करके नई निविदा डालने से वंचित कर दिया गया। इसके पीछे सीधे करोड़ों रूपए के लेनदेन और भ्रष्टाचार की तस्वीर दिखाई पडने लगी।
जिन प्रकाशकों की दरें निम्नतम दरों से अधिक थीं, निविदा में दी गई शर्तों के अनुसार उनके निविदा पास न होने के कारण एक महीने के अन्दर उनकी धरोहर राशि वापस की जानी थी, जिसे विभाग ने अब तक वापस न करके एक तरफ इन प्रकाशकों को लाखों का चूना लगा दिया है, तो वहीं २५ मई को भी यह कार्य पूर्णतरू को प्राप्त नहीं हो सका। जिसके चलते अब नए सिरे से फिर टेण्डर निकालने की कवायद शिक्षा अधिकारी करने लगे हैं।
गौरतलब है कि शिक्षा विभाग में बैठे हुए पढ़े-लिखे और जानकार अधिकारी आखिर वस्तुस्थिति का अध्ययन क्यों नहीं कर रहे हैं और उनकी जिद करोड़ों बच्चों के पढने की किताबें नहीं दे सकेगी। इस बात को गम्भीरता से संज्ञान में नहीं लेकर प्रदेश की शिक्षा नीति का यह कैसा भद्दा मजाक उड़ाया जा रहा है। यह सरकार की समझ से परे है।
निविदा डालकर सफल नहीं होने वाले प्रकाशकों ने पाठ्य पुस्तक अधिकारी व निदेशक बेसिक शिक्षा के साथ ही प्रमुख सचिव स्तर तक पूरे मामले की जानकारी देते हुए कहा है कि २-१ व्यक्तियों की माफियागिरी के चलते यह स्थिति बन रही है, इसके कारण देश के किसी भी प्रान्त के प्रकाशक उत्तर प्रदेश में बार-बार निविदा निकाले जाने के बावजूद कोई रूचि नहीं ले रहे हैं। क्योंकि सरकार निम्नतम दर पर अड़ी है, जो न्यायसंगत नहीं हैं।
बेसिक शिक्षा विभाग में प्रतिवर्ष होने वाला करोड़ों रूपए का भ्रष्टाचार इसका मूल कारण है। अन्यथा अन्य राज्यों में मध्यप्रदेश, महाराष्ट्र, छत्तीसगढ़, गुजरात, कर्नाटक आदि प्रान्तों की तरह प्रदेश सरकार प्रकाशकों को कागज उपलब्ध कराती है और निविदा निकालकर छपाई का मूल्य तय करते हुए समय से छात्र-छात्राओं को किताबें उपलब्ध करा दी जाती हैं।
एक प्रमुख समाचार पत्र ने १२ मई, २०१८ की सम्पादकीय में सरकार के दावों की पोल खोलते हुए इसे सरकार की बड़ी नाकामी सिद्ध की है। सरकार ने दावे तो बहुुत किए थे, लेकिन शिक्षा सत्र के ४० दिन बीत जाने के बाद भी विद्यालयों में अभी तक नई किताबें नहीं पहुंच पाई हैं। प्रदेश में हर साल ऐसा ही हो रहा है। अधिकारी और मंत्री बयानबाजी करते हैं और विद्यालयों में छात्र पुस्तकों का इंतजार करते रहते हैं।
पिछले वर्ष भी अर्द्धवार्षिक परीक्षा के समय किताबें बंट सकीं, इस वर्ष कब बटेंगी, कोई बताने को तैयार नहीं। बुनियादी शिक्षा में छात्र-छात्राओं के साथ इस तरह का खिलबाड़ विभाग और मंत्री की क्षमता को कठघरे में खड़ा करता है।
प्रदेश में १,१२,७४७ प्राथमिक विद्यालय हैं और ४५,६४९ उच्च प्राथमिक विद्यालय हैं, यानि कुल १,५८,३९६ विद्यालय हैं। इन स्कूलों में करोड़ों छात्र-छात्राओं का नामांकन हो चुका है और पुस्तकें कब मिलेंगी इसका जवाब देने के लिए कोई तैयार नहीं।

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मुख्यमंत्री ने जनपद भदोही में 8660.66 लाख रु0 की 106 विकास परियोजनाओं का लोकार्पण व शिलान्यास किया

Posted on 03 June 2018 by admin

भदोही हस्तशिल्प के लिए विश्व विख्यात है: मुख्यमंत्री

राज्य सरकार ने पिछले एक वर्ष के दौरान समाज के
सभी वर्गों के कल्याण व उत्थान के लिए कार्य किया

press-12केन्द्र सरकार ने 04 वर्षों में विकास की मिसााल कायम की

बिना भेदभाव के योजनाओं का लाभ गरीबों को दिया जा रहा है

मुख्यमंत्री ने जिला चिकित्सालय के निरीक्षण के
दौरान भर्ती मरीजों के स्वास्थ्य के बारे में जानकारी ली

मुख्यमंत्री ने विभिन्न जनकल्याणकारी योजनाओं के लाभार्थियों को लाभान्वित किया

लखनऊ: 03 जून, 2018
उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ जी ने आज जनपद भदोही मेंpress-8
8660.66 लाख रुपये की 106 विकास परियोजनाओं का लोकार्पण व शिलान्यास किया। इस अवसर पर मुख्यमंत्री जी ने कहा कि जनपद भदोही हस्तशिल्प के लिए विश्व विख्यात है। भदोही की कालीन दुनिया के अन्दर विशिष्ट स्थान रखती है। हुनर के साथ अपनी विरासत को संजोए हुए है। प्रदेश सरकार कालीन हुनर का पूरा सम्मान करती है। भदोही कालीन के उद्यमियों के लिए ब्राण्डिंग कारोबार हेतु सरकार पूर्ण रूप से सहयोग करेगी, जिससे यहां के बुनकरों के साथ ही कालीन निर्यातक भी लाभान्वित होंगे तथा स्थानीय लोगों को भी रोजगार मिल सकेगा। press-7
मुख्यमंत्री जी ने कहा कि राज्य सरकार ने पिछले एक वर्ष के दौरान समाज के सभी वर्गों के कल्याण व उत्थान के लिए कार्य किया है। केन्द्र सरकार ने 04 वर्षों में विकास की मिसााल कायम की है। विभिन्न जनकल्याणकारी लाभार्थीपरक योजनाओं- प्रधानमंत्री जन-धन योजना, उज्ज्वला, जीवन ज्योति बीमा, मुद्रा योजना, सौभाग्य योजना, किसानांे की फसल बीमा योजना, ऋण मोचन योजना, उपज का समर्थन मूल्य, हर गरीबं को शौचालय, प्रधानमंत्री आवास योजना आदि से समाज के सभी वर्गों को लाभान्वित किया गया है। राज्य सरकार ने एक वर्ष के भीतर 8 लाख 85 हजार प्रधानमंत्री आवास, 72 लाख शौचालय, 46 लाख विद्युत कनेक्शन, 37 लाख राशन कार्ड बनाने का कार्य किया है। press-62
मुख्यमंत्री जी ने कहा कि ग्राम स्वराज अभियान में 14 अप्रैल से 5 मई, 2018 के बीच अभियान चलाकर केन्द्र/राज्य सरकार की सभी योजनाओं से ग्रामीण जन चैपाल लगाकर गरीब/असहाय/निर्धन पात्र लाभार्थियों को लाभान्वित कराया गया तथा दूसरे चरण में उ0प्र0 में सभी योजनाओं से संतृप्त करने के लिए 13 हजार गांवों का चयन किया गया है। वर्तमान सरकार जातिवाद/परिवारवाद से ऊपर उठकर गरीबांे को लाभान्वित करने के लिए योजनाएं बना रही है। बिना भेदभाव के योजनाओं का लाभ गरीबों को दिया जा रहा है। महिलाओं को सुरक्षा व युवाओं को नौकरी दिलाने का कार्य किया जा रहा है। प्रदेश सरकार द्वारा पुलिस की भर्ती के लिए मेरिट के आधार पर चयन की कार्यवाही की जा रही है। 12460 शिक्षकों को नियुक्ति प्रदान की गई तथा 68500 शिक्षक नियुक्त किए जाने की कार्यवाही की जा रही है। आशा, आगनबाड़ी कार्यकत्रियों/अनुदेशक का मानदेय बढ़ाने की प्रक्रिया चल रही है। उ0प्र0 माध्यमिक शिक्षा अधीनस्थ सेवा चयन आयोग की भर्ती योग्यता पर की जायेगी। इन्टरव्यू की प्रथा समाप्त कर दी गयी है। प्रदेश में इन्वेस्टर्स समिट के आयोजन से 05 लाख करोड़ रुपए से अधिक का निवेश उ0प्र0 में होने जा रहा है, जिससे लोगांे को बेहतर रोजगार मुहैया होगा। press-5
मुख्यमंत्री जी ने कहा कि जनपद में शहीद सी0आर0पी0एफ0 के जवान के नाम पर स्मारक बनाने के लिए जिला प्रशासन को निर्देश दिए गए हैं। सरकार भारत माता के सपूतों का पूरा सम्मान करेगी। के0एन0पी0जी0 में वेटनरी काॅलेज खोलने के लिए मानक पूरा होने पर सहयोग किया जाएगा।
लोकार्पण/शिलान्यास की गई परियोजनाओं में ज्ञानपुर असनाव बभनौटी मार्ग का चैड़ीकरण एवं सुदृढ़ीकरण का कार्य, कवलापुर सेमराध मार्ग का चैड़ीकरण एवं सुदृढ़ीकरण का कार्य, भगवानपुर चैथार बिन्द बस्ती से सुन्दरपुर करबला तक 650 मीटर लेपन कार्य, कावल चककलुटी मार्ग से गजधरा ब्राम्हण बस्ती तक 490 मीटर, नन्दापुर मार्ग से नन्दापुर गांव से 500 मीटर, कावल चककलुटी मार्ग से गजधरा ब्राम्हण बस्ती तक अवशेष भाग 485 मीटर का लेपन कार्य, महाराजा चेतसिंह जिला चिकित्सालय ओ0पी0डी0 ज्ञानपुर, पशुरोग निदान प्रयोगशाला ज्ञानपुर, 360 आवासों की परियोजना मामदेवपुर, जिला महिला चिकित्सालय भदोही में 100 शैया मेटरनिटी विंग का निर्माण तथा ख्यौखर ग्राम पेयजल योजनाएं शामिल हंै।
इस अवसर पर मुख्यमंत्री जी ने विभिन्न योजनाओं के अन्तर्गत 1025 लाभार्थियों को लाभान्वित किया, जिसमें फसल ऋण मोचन योजना से 150, मृदा स्वास्थ्य कार्ड से 50, प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना से 50, प्रधानमंत्री आवास ग्रामीण योजना 50, मातृवंदन योजना 25, जननी सुरक्षा योजना से 50, प्रधानमंत्री उज्ज्वला योजना से 100, सौभाग्य (प्रधानमंत्री सहज बिजली घर-घर योजना/उजाला योजना से 100), निराश्रित पेंशन योजना से 100, वृद्धावस्था पेंशन से 100, दिव्याग पेंशन/ट्राई साईकिल वितरण से 75, श्रमिक कल्याण योजनाएं 100, मृदा योजना 25, कौशल विकास मिशन 25, मत्स्य पालन हेतु तालाब आवंटन 25 से लाभान्वित किया गया।
इसके उपरान्त मुख्यमंत्री जी ने प्रजापति ब्रह्मकुमारी ईश्वरीय विश्वविद्यालय विश्व शान्ति भवन पाण्डव भवन में पूजा अर्चना की तथा महाराजा चेतसिंह जिला चिकित्सालय ज्ञानपुर के स्थलीय निरीक्षण के दौरान भर्ती मरीजों से उनके स्वास्थ्य के बारे में जानकारी ली। उन्होंने इमरजेंसी के विभिन्न वार्डों का गहन निरीक्षण किया और कहा कि मरीजों के साथ मधुर व्यवहार करें तथा समुचित दवा उपलब्ध करायंे। इसके बाद मुख्यमंत्री जी ने ओ0पी0डी0 भवन का लोकार्पण किया। मुख्यमंत्री जी द्वारा कोतवाली ज्ञानपुर के निरीक्षण के दौरान विभिन्न अभिलेखों की जानकारी भी ली गयी। उन्होंने कहा कि फरियादियों को सम्मान से बैठायें। पीड़ितों की प्राथमिकता पर आॅनलाइन एफ0आई0आर0 दर्ज करें।
इस अवसर पर सूचना न्याय खेल एवं युवा कल्याण राज्यमंत्री श्री नीलकण्ठ तिवारी, सांसद श्री महेन्द्रनाथ पाण्डेय सहित अन्य जनप्रतिनिधिगण एवं अधिकारीगण उपस्थित थे।

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मुख्यमंत्री ने ए0टी0एस0 के दिवंगत ए0एस0पी0 श्री राजेश साहनी की

Posted on 03 June 2018 by admin

बेटी की पढ़ाई का खर्च राज्य सरकार द्वारा वहन किए जाने की घोषणा की

उनकी पत्नी को ओ0एस0डी0 का पद दिया जाएगा

लखनऊ: 03 जून, 2018
उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ जी ने ए0टी0एस0 के दिवंगत ए0एस0पी0 श्री राजेश साहनी के परिवार की स्थिति को दृष्टिगत रखते हुए घोषणा की है कि उनकी बेटी की पढ़ाई का खर्च राज्य सरकार द्वारा वहन किया जाएगा।
मुख्यमंत्री जी ने कहा है कि यदि उनकी पत्नी सरकारी सेवा में आना चाहती हैं तो उन्हें ओ0एस0डी0 का पद दिया जाएगा। साथ ही, उन्होंने यह भी निर्देश दिए हैं कि परिवार के लिए सरकारी आवास की सुविधा बनी रहेगी।
मुख्यमंत्री जी ने इस सम्बन्ध में गृह विभाग को कार्यवाही किए जाने के निर्देश दिए हैं।

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