Archive | December, 2012

विधिक साक्षरता/सहायता जागरूकता शिविर आयोजित, दी गयी जानकारी

Posted on 04 December 2012 by admin

अधिकारों का हनन होने पर आदमी न्यायालय की शरण में भागता है, यह गलत नहीं है। चुप बैठना गलत होगा। आपके संवैधानिक अधिकारों के रक्षा के लिये आज जिला स्तर से लेकर तहसील स्तर तक विधिक सेवा प्राधिकरण का गठन हुआ है जहां कम समय में बगैर किसी खर्च के सुलह-समझौते के आधार पर न्याय मिलता है जिसके विरूद्ध किसी भी न्यायालय में अपील नहीं हो सकती और आपस में भाईचारा बना रहता है। आप अपने अधिकारों को जानें। उपरोक्त बातें जिला विधिक सेवा प्राधिकरण के अध्यक्ष व जिला जज जगदीश्वर सिंह ने रविवार को जफराबाद कस्बा स्थित प्राथमिक विद्यालय में विधिक साक्षरता महाशिविर को सम्बोधित करते हुये कहा। शिविर का आयोजन गोमती जर्नलिस्ट एसोसिएशन व ग्रामीण पत्रकार संघ द्वारा किया गया था। प्राधिकरण के सदस्य व सिविल जज डा. सुनील कुमार सिंह ने कहा कि आज न्यायालयों पर मुकदमों का बोझ बढ़ रहा है। सुलह-समझौते से मुकदमे का निस्तारण कराने से सामाजिक व्यवहार व भाईचारा बना रहता है। आप जागरूक हों व प्राधिकरण का सहयोग लेकर त्वरित न्याय पायें। सचिव सिविल जज रईस अहमद ने कहा कि आज देश की आबादी 121 करोड़ है और न्यायालयों में 3 करोड़ वाद लम्बित हैं। वर्ष 1987 में विधिक सेवा प्राधिकरण का गठन हुआ। आज सुलह-समझौते के आधार पर जनपद में प्रतिवर्ष 10 हजार वादों का निस्तारण हो रहा है। आपकी कोई पीड़ा हो तो लोक अदालत आयें। अपर जिला जज दामोदर सिंह ने होने वाली दुर्घटनाओं में कैसे न्याय मिलेगा, उसकी जानकारी दी। अधिवक्ता बीडी सिंह, बार अध्यक्ष पे्रमशंकर मिश्र ने सुलह-समझौते की वकालत करते हुये राम-कृष्ण की चर्चा की। पूर्वांचल विवविद्यालय विधि विभाग के डीन डा. पीसी विश्वकर्मा ने विधिक साक्षरता पर प्रकाश डालते हुये कहा कि विधि की जानकारी सभी को होनी चाहिये। कार्यक्रम का आरम्भ जिला जज ने मां सरस्वती की प्रतिमा पर माल्यार्पण व दीप प्रज्ज्वलित करके किया। इस अवसर पर स्थानीय स्कूली बच्चों ने तमाम कार्यक्रम प्रस्तुत किया। कार्यक्रम का संचालन डा. राम सिंगार शुक्ल गदेला ने व आभार थानाध्यक्ष जफराबाद रविन्द्र श्रीवास्तव ने किया। इस अवसर पर उपजा अध्यक्ष डा. ज्ञान प्रकाश सिंह, सूबेदार सिंह, ज्ञानेन्द्र सिंह, अवधेश सिंह, डा. दिलीप सिंह, प्रवीण सिंह, उमाकांत गिरि, संजय अस्थाना, रमेश यादव, गुलाब मधुकर सहित तमाम लोग उपस्थित रहे।

सुरेन्द्र अग्निहोत्री
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गांवो की योजनाएं बनाते समय किसानों की भी भागीदारी हो: राम नरेश यादव

Posted on 04 December 2012 by admin

photo-upja-3-decemberमध्य प्रदेश के राज्यपाल ने किया पंाच पुस्तकेां का विमोचन
मध्य प्रदेश के राज्यपाल राम नरेश यादव ने कहा कि ग्राम विकास औ किसानों के  लिए योजनाएं गांव स्तर पर बननी चाहिये और उसमें किसानों की इच्छा के अनुरूप भागीदारी भी होनी चाहिये जिससे वह योेजनाएं लंबे समय तक उपयेागी और टिकाऊ हांें सके और किसानों के लिए लाभकारी भी हो सकें। श्री यादव आज राय उमा नाथ बली के जयशंकर प्रसाद सभागार ेमें सुल्तानपुर के हनुमान गंज स्थित रिवार्ड स्नातकोत्तर महाविद्यालय के समाज कार्य विभाग के प्रोफेसर डा. एच आर यादव की पांच पुस्तकों का विमोचन समारोह में मुख्य अतिथि के रूप मे बोल रहे थे। मध्य प्रदेश के राज्यपाल ने कहा कि किसानों और गांव के विकास की योजनाएं देश स्तर पर बनायी जाती है और योजनाएं बनाने वाले किसानो की इच्छा एवं भावनाओं को शामिल नही करते जिससे यह योजनाएं किसानों के लिए लाभकारी नही हो पाती है और अनुपयोगी होकर निष्क्रिय होकर खत्म हो जाती है। श्री यादव ने कहा कि यदि किसानों की भागीदारी इन योेजनाओं को बनाने में होगी तो किसान उन योजनाओं से जुड़ेगे और उसका लाभ उठा सकेगें। इससे देश का विकास भी होगा। श्री यादव ने कहा कि जब वह मुख्यमंत्री बने थे तो उन्होने बंजर एवं अनुपयेागी जमीन भ्ूाामि हीन किसानो को देने की योजना प्रारम्भ की थी। जिसका लाभ कियानों को मिला था। श्री यादव ने कहा कि शहरेा में योजनाएं बनाने वाले जो योजनाएं बनाते हैं उसमें से 15 प्रतिशत ही किसान उनका लाभ उठा पाते हैं।  श्री यादव ने डा. एच आर यादव की पुस्तकों की प्रंश्ंासा करते हुए कहा कि इन पुस्तकों में पर्यावरण , आर्थिक स्थिति और ग्राम सूचना से सम्बन्धित जानकारी किसानों के लिए दी गयी है। साथ ही पर्यावरण सुुुुधार पर विशेष जोर दिया गया है। यह प्रयास सराहनीय है यह  जानकारी किसानों और नीति बनाने वालों के लिए लाभकारी होगी। इससे ग्रामों से नवयुवकों का पलायन रूकेगा और नवयुवकों को रोजगार मिलेगा । यह पुस्तके ग्राम पंचायतों के लिए भी उपयोगी होंगी। कार्यक्रम की अध्यक्षता करते हुए कन्सेप्ट पब्लिशिंग कंपनी प्राइवेट लिमिटेड के प्रबंध निदेशक अशोक मित्तल ने कहा कि वह डा. एच आर यादव की पुस्तकेां को 1985 से प्रकाशित कर रहे हैं ।यह पुस्तकें जमीन से जुड़ी समस्याओं को लेकर लिखी गयी हैं और अन्तर्राष्ट्रीय स्तर पर शोध करने वालों और योेजनाएं बनाने के लिए उपयोगी हेैं। श्री मित्तल ने कहा कि यदि सरकार सस्ता कागज उपलब्ध कराए तो वह हिन्दी में यह पुस्तके निकालना चाहेगें जिससे वह पंचायतों मे पुरूषों और महिलाओं के लिए उपयोगी हो सकेंगी। डा. एच आर यादव ने अतिथियो के प्रति आभार प्रकट किया। राज्यपाल ने विलेज इन्फारमेशन सिस्टम वाल्यूम एक , इनोवेशन आफ इन्फ्रास्ट्रक्चर एण्ड इन्फारमेशन सिस्टम , वेस्ट लैंड डेवलेपमेंट वाल्यूम एक और वेस्ट लैंड डेवलेपमेंट वाल्यूम दो एवं वेस्ट लैंड डेवलेपमेंट वाल्यूम तीन का विमोचन किया।

सुरेन्द्र अग्निहोत्री
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भुगतान प्राथमिक्ता पर तत्काल सुनिश्चित कराया जाय

Posted on 04 December 2012 by admin

उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री अखिलेश यादव ने समस्त प्रमुख सचिवों, सचिवों एवं विभागाध्यक्षों को निर्देश दिये हेैं कि सेवाकाल में मृत्यु/सेवानिवृत्त कर्मिर्यों को उनके अवशेष देयकों का नियमानुसार भुगतान प्राथमिक्ता पर तत्काल सुनिश्चित कराया जाय। उन्होंने कहा कि यदि किसी भी कर्मी या उनके आश्रित को उनके अवशेष देयकों के भुगतान में अनावश्यक विलम्ब या परेशान किया गया तो संबंधित अधिकारी को चिन्हित कर उन्हें दंडित किया जायेगा।
मुख्यमंत्री ने यह निर्देश जनपद रायबरेली शहर के 1065, सीताविला फील्ड हाॅस्टल रोड, गाॅधीनगर निवासी-श्रीमती सीतापति सिंह के प्रार्थना पत्र के निस्तारण के दौरान दिये। श्रीमती सीतापति सिंह ने अपने प्रार्थनापत्र में उल्लेख किया था कि उनके पति अवर अभियंता, समरबहादुर सिंह, का देहान्त विगत 19 फरवरी 1991 को हो गया था। उस समय वे शारदा सहायक खण्ड-40 हैवलक रोड लखनऊ में तैनात थे। मृत्यु के लगभग 21 वर्ष व्यतीत हो जाने के बाद भी उन्हें अभी तक ग्रेच्युटी, लिंक इंश्यारेंस का भुगतान नहीं किया जा रहा है उक्त भुगतान हेतु अनेकों बार उच्च अधिकारियों को अनुरोध पत्र देने के बावजूद भी कोई सुनवाई नहीं हुई।
मुख्यमंत्री के निर्देश के अनुपालन में लोक शिकायत निदेशालय द्वारा तत्काल सुनवाई कर स्व0 समरबहादुर सिंह, अवर अभियंता की पत्नी श्रीमती सीतापति सिंह एवं उनके पुत्र श्री राजेश कुमार सिंह एवं पु़त्री सुश्री रीता सिंह को उनके पति के अवशेष देयकों की धनराशि 31 हजार 4 सौ 95 रूपये का भुगतान सुनिश्चित कराकर उनसे संतुष्टि प्रमाण पत्र भी प्राप्त किया गया।

सुरेन्द्र अग्निहोत्री
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गन्ने का मूल्य 400 रूपये प्रति क्विंटल घोषित किये जाने की मांग की

Posted on 04 December 2012 by admin

भारतीय जनता पार्टी के प्रदेश अध्यक्ष डा0 लक्ष्मीकांत बाजपेयी ने सपा सरकार को किसान विरोधी बताते हुए गन्ने का मूल्य 400 रूपये प्रति क्विंटल घोषित किये जाने की मांग की। आज पार्टी मुख्यालय में सम्वाददाताओं से बातचीत करते हुए उन्होंने सरकार को दो दिन का समय दिया और कहा कि सरकार विधानसभा सत्र में ही गन्ना मूल्य की घोषणा करे वरना आन्दोलन होगा। उन्होंने सरकार पर चीनी मिल मालिकों से चीनी मिल मालिकों से सांठगांठ का आरोप भी लगाया। कुम्भ मेले के अवसर पर गंगा के निर्मल, अविरल और शुद्ध जल प्रवाह को सुनिश्चित कराने की मांग करते हुए उन्होंने कहा कि महानगरों में गंगा में गिरने वाली टेनरियों के पानी व सीवर को रोका जाना चाहिए।
डाॅ0 बाजपेयी ने पत्रकारों द्वारा पूछे गये प्रश्न के उत्तर में कहा कि खुदरा क्षेत्र में प्रत्यक्ष विदेशी निवेश किसानों, व्यापारियों के हितों के विरूद्ध है। अमेरिकी वालमार्ट अमेरिका में ही असफल हो गई है। उन्होंने खुदरा व्यापार में एफ.डी.आई. पर सपा, बसपा से ईमानदार रूख अपनाने की अपील की और कहा कि सपा, बसपा लोकसभा में सरकारी रूख के समर्थन में ही दिखाई पड़ेंगे। सपा, बसपा, कांग्रेस मिले हुए है।
प्रदेश अध्यक्ष ने ध्वस्त कानून व्यवस्था, ध्वस्त बिजली व्यवस्था और मजहबी तुष्टीकरण के लिये सरकार को दोषी ठहराया और कहा कि आतंकवादी आरोपियों से मुकदमा वापसी की सरकारी कार्यवाही निन्दनीय है। पार्टी आतंकवादियों से मुकदमा वापसी के सरकारी कारनामे का विरोध करेगी और सरकार का यह मंसूबा पूरा नहीं होने देगी। उन्होंने कहा कि जनहित के सभी प्रश्नों को लेकर अतिशीघ्र आन्दोलन होगा। उन्होंने जनसमस्याओं को लेकर मेरठ में 15 दिसम्बर को ‘हाहाकार रैली’ की घोषणा की।
डाॅ0 बाजपेयी ने कहा कि कांग्रेस, सपा बसपा तीनों की मिलीभगत हैं प्रदेश की जनता जान गयी है कि भाजपा ही विकल्प है। आज पार्टी की नीतियों से प्रभावित होकर, पार्टी की बढ़ी लोकप्रियता के चलते पूर्व विधायक बृजेश मिश्रा सौरभ पार्टी में शामिल हुए हैं। वे वरिष्ठ राजनेता हैं। पार्टी ने इन्हें कोई आश्वासन नहीं दिया है। पार्टी उनका स्वागत करती है। विश्वास है कि वे पार्टी की नीति और सिद्धांत के अनुसार पार्टी व प्रदेश की सेवा करेंगे। डाॅ0 बाजपेयी ने श्री मिश्र को स्वयं अपने हस्ताक्षर से सदस्य बनाया।
नवनिर्वाचित प्रदेश अध्यक्ष ने अपनी पहली प्रेस वार्ता में सभी कार्यकर्ताआंे को धन्यवाद दिया। जनआकांक्षाएं पूरी करने के लिए संघर्ष की घोषणा की। उन्होंने निर्वाचन के समय वरिष्ठ नेताओं की उपस्थिति के लिए भी आभार व्यक्त किया।

सुरेन्द्र अग्निहोत्री
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आलू की फसल को झुलसा रोग से बचाने के लिये जिंक मैगनीज कार्बामेट

Posted on 04 December 2012 by admin

प्रदेश में आलू की फसल को झुलसा रोग से बचाने के लिये जिंक मैगनीज कार्बामेट 2.0 से 2.5 कि0ग्रा0 अथवा काॅपर आक्सीक्लोराइड 2.5 से 3.0 कि0ग्रा0 को 800-1000 ली0 पानी में किसी एक रसायन को घोलकर प्रति हेक्टेयर  की दर से पहला छिड़काव बुवाई के 30-45 दिन बाद तथा दूसरा छिड़काव 10-15 दिन के बाद अवश्य किया जाये।
यह जानकारी देते हुये उद्यान एवं खाद्य प्रसंस्करण, निदेशक श्री ओ0एन0 सिंह ने बताया कि प्रदेश में आलू की फसल का व्यावसायिक एवं गुणात्मक उत्पादन सुनिश्चित करने हेतु फसल को रोगों से बचाने के लिये रक्षात्मक दृष्टिकोण अपनाया जाये। उन्होंने कहा कि  प्रदेश में आलू के अच्छे उत्पादन हेतु कीट/व्याधियों का उचित समय पर नियंत्रण किया जाये, क्योंकि आलू की फसल झुलसा रोग के प्रति अत्यन्त संवेदनशील होती है। उन्होंने बताया कि प्रतिकूल मौसम में जैसे कि बदलीयुक्त बूंदा-बांदी एवं नम वातावरण में इस रोग का प्रकोप बहुत बढ़ जाता है तथा आलू की फसल को भारी क्षति पहुॅचाता है।
किसानों को सलाह देते हुये उन्होंने कहा कि झुलसा रोग फसल की निचली पत्तियों से प्रारम्भ होता है, जिसके कारण गहरे भूरे/काले रंग के कुण्डलाकार छल्लेनुमा धब्बे बनते हैं जो बाद में सूख कर टूट जाते हैं। इस रोग के प्रकोप से पत्तियां सिर से झुलसना प्रारम्भ होती हैं और इनकी निचली सतह पर रूई की तरह फफूॅद दिखायी देती हैं। उन्होंने बताया कि झुलसा रोग का प्रकोप बदलीयुक्त आर्द्र वातावरण एवं कम तापमान पर बहुत तेजी से होता है और दो से चार दिन के अंदर ही सम्पूर्ण फसल नष्ट हो जाती है।

सुरेन्द्र अग्निहोत्री
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नौजवानों को अपने अधिकार के लिये सड़क पर संघर्ष करने का समय आ गया है

Posted on 04 December 2012 by admin

युवा राष्ट्रीय लोकदल के प्रदेशीय/जोनल/मण्डलीय पदाधिकारियों तथा जिला व शहर अध्यक्षों की बैठक आज प्रान्तीय मुख्यालय पर युवा राष्ट्रीय लोकदल के प्रदेश अध्यक्ष आरिफ महमूद की अध्यक्षता में सम्पन्न हुई। बैठक में राष्ट्रीय लोकदल के प्रदेश अध्यक्ष श्री मुन्ना सिंह चैहान मुख्य अतिथि तथा वरिष्ठ नेता श्री अनिल दुबे मुख्य वक्ता के रूप में उपस्थित थे। बैठक को सम्बोधित करते हुये प्रदेश अध्यक्ष श्री चैहान ने कहा कि नौजवानों को अपने अधिकार के लिये सड़क पर संघर्ष करने का समय आ गया है। आज प्रदेश में सरकार का मुखिया तो नौजवान है परन्तु नौजवानों के दुख दर्द से उसका कोई लेना देना नहीं है। सपा ने नौजवानों व छात्रों से झूठा वादा करके बेरोजगारी भत्ता व सरकार बनने के बाद उनको ठगने का काम किया।
बैठक को सम्बोधित करते हुये रालोद के वरिष्ठ नेता व मुख्य वक्ता अनिल दुबे ने कहा कि नौजवानों को अपना अधिकार माँगने से नहीं मिलेगा क्योंकि प्रदेश की गूँगी बहरी सरकार नौजवानों, छात्रों और किसानों के  साथ छलावा कर रही है। उन्होनंे वर्तमान सरकार को छात्र नौजवान विरोधी बताते हुये नौजवानों से अपील की कि वे इस सरकार को बेनकाब करने का अभियान छेड़े।
बैठक को सम्बोधित करते हुये युवा राष्ट्रीय लोकदल के प्रदेश अध्यक्ष आरिफ महमूद ने नौजवानों का आह्वान करते हुये कहा कि नौजवान युवा आयोग के गठन हेतु संघर्ष करने के लिए तैयार हों क्यांेंकि युवा आयोग के गठन के बिना युवाओं का कल्याण नहीं हो सकता है। उन्होंने कहा कि युवा रालोद सभी बेरोजगार नौजवानों व सभी हाईस्कूल पास छात्रों को भत्ता न देने के खिलाफ आन्दोलन करेगा।
युवा रालोद के प्रदेशीय महासचिव संजयलाल बाल्मीकि के संचालन में हुयी बैठक को राष्ट्रीय लोकदल के मध्य जोन उ0प्र0 के अध्यक्ष राकेश कुमार ंिसंह मुन्ना, वसीम हैदर,, प्रो0 यज्ञदत्त शुक्ल, प्रो0 के0के0 त्रिपाठी, युवा राष्ट्रीय लोकदल मध्य उ0प्र0 के अध्यक्ष दिनेश मिश्रा, प्रदेश उपाध्यक्ष विश्वेश्वर नाथ मिश्रा, लखनऊ महानगर अध्यक्ष उमर अली मनोज सिंह चैहान, विवेक बाल्मीकि, फैजाबाद के जिलाध्यक्ष राम सिंह पटेल, गोण्डा के जिलाध्यक्ष संतोष कुमार दुबे, शिवकुमार वर्मा, सफीक सिदद्ीकी, आशीष शुक्ला, आदि ने सम्बोधित किया।

सुरेन्द्र अग्निहोत्री
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गन्ने का समर्थन मूल्य घोषित न करके किसानों को छलने का कार्य कर रही है

Posted on 04 December 2012 by admin

किसान हितैषी का दम भरने वाली प्रदेश की समाजवादी पार्टी की सरकार गन्ने का समर्थन मूल्य घोषित न करके किसानों को छलने का कार्य कर रही है।
उ0प्र0 कंाग्रेस कमेटी के प्रवक्ता वीरेन्द्र मदान ने आज यहां जारी बयान में कहा कि गन्ने का पेराई सत्र की शुरूआत हुए लगभग एक माह व्यतीत हो चुके हैं और राज्य सरकार द्वारा अभी तक समर्थन मूल्य घोषित नहीं किया गया है जिससे गन्ना किसान अपने खेतों में खड़े गन्ने को औने-पौने दामों में बिचैलियों के हाथों बेंचने को मजबूर हो रहे हैं और राज्य सरकार किसान विरोधी रवैया अपनाये हुए है।
प्रवक्ता ने कहा कि गन्ना पेराई सत्र अमूमन अक्टूबर के अंतिम सप्ताह से नवम्बर के प्रथम सप्ताह के बीच शुरू हो जाता है किन्तु प्रदेश की लगभग आधी चीनी मिलों ने ही पेराई शुरू की है शेष आधी बंद पड़ी हैं। जिसके कारण किसानों की रवी की फसल की बुआई भी प्रभावित हो रही है। उन्होने कहा कि इतना ही नहीं, एक ओर जहां राज्य सरकार गन्ने का समर्थन मूल्य घोषित नहीं कर रही है वहीं गन्ना किसानों का बकाया भुगतान भी नहीं किया जा रहा है जिसके कारण उन्हें दोहरी मार झेलनी पड़ रही है।
श्री मदान ने कहा कि राज्य सरकार द्वारा जो किसानों की कर्जमाफी की घोषणा की गयी है वह केवल किसानों को धोखा देना है क्योंकि सिर्फ एक ही बैंक से ऋण लेने वाले किसानों की ऋणमाफी की गयी है तथा साथ ही तकनीकी शर्तें भी लगा दी गयी हैं, इन सबसे किसान खुद को ठगा महसूस कर रहा है। उन्होने कहा कि प्रदेश के किसान विभिन्न राष्ट्रीयकृत बैंकों से भी कृषि ऋण लेते हैं, इसलिए राज्य सरकार को यदि किसानों के ऋण माफ करने ही थे उसे सभी प्रकार के बैंकों से कर्ज लेने वाले किसानों का कर्ज माफ करना चाहिए था।
प्रवक्ता ने कहा कि केन्द्र की यूपीए सरकार ने किसानों की कर्जमाफी योजना में सभी प्रकार के बैंकों के किसानों के ऋण माफ किये थे जिससे पूरे देश के करोड़ों किसानों को फायदा मिला था। उन्होने कहा कि राज्य सरकार को भी यूपीए सरकार की ही भांति सभी बैंकों से ऋण लेने वाले किसानों के कर्ज माफ करने चाहिए।
श्री मदान ने कहा कि एक ओर जहां गन्ना किसान समर्थन मूल्य घोषित न होने से परेशान है, बकाये गन्ने के भुगतान के लिए दर-दर की ठोकरें खा रहा है वहीं रवी की फसल की बुआई शुरू होने के पश्चात सिंचाई की समस्या से जूझ रहा है। प्रदेश की सभी नहरें सूखी पड़ी हैं, टेल तक पानी नहीं पहुंच रहा है तो राज्य सरकार किस तरह मुफ्त सिंचाई की बात कह रही है। वास्तव में राज्य सरकार किसानों को मुफ्त सिंचाई की घोषणा करके किसानों के जले पर नमक छिड़कने का कार्य कर रही है।
उ0प्र0 कंाग्रेस कमेटी मुख्यमंत्री जी से मांग करती कि उपरोक्त किसानों की सभी समस्याओं का तुरन्त निराकरण कराते हुए गन्ने का समर्थन मूल्य 325 रूपये प्रति कुंतल की घोषणा करने के साथ ही साथ बंद पड़ी सभी चीनी मिलों को चालू कराकर उ0प्र0 के गन्ना किसानों को राहत देने का कार्य करें।

सुरेन्द्र अग्निहोत्री
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गन्ना प्रदेश के किसानों की आर्थिक रीढ़ है

Posted on 04 December 2012 by admin

राष्ट्रीय लोकदल के प्रदेश अध्यक्ष मुन्ना सिंह चैहान ने प्रेसवार्ता में बताया कि गन्ना इस प्रदेश के किसानों की आर्थिक रीढ़ है। सरकार द्वारा गन्ने का लाभकारी मूल्य की घोषणा न होने से पूरे सूबे के किसानों में भारी असंतोष व्याप्त है। प्रदेश की आधे से ज्यादा चीनी मिलें बन्द पड़ी हैं दिसम्बर माह में भी पेराई का काम  चीनी मिलों में शुरू नहीं हुआ है।
श्री सिंह ने कहा कि बाजार में चीनी 35 से 40 रूपये तक बिक रही है। गन्ने से चीनी की रिकवरी लगभग 9 से 11 किलो तक होती है जिस कारण केवल चीनी से ही लगभग 350 रूपये प्रति कु0 गन्ने का दाम हो जाता है जबकि चीनी मिल मालिकों को चीनी के अलावा खोई, मैली, व शीरा से भारी मुनाफा होता है साथ ही प्रदेश की कुछ चीनी मिलें ऊर्जा का उत्पादन करती हैं जिससे भी उनको लाभ होता है। फिर भी मिल मालिक किसानों को लाभकारी मूल्य देने में हीलाहवाली करते हैं। प्रदेश के किसानांें का लगभग 120 करोड़ चीनी मिलों पर बकाया है। सरकार चीनी मिलों से किसानों के बकाये के भुगतान के लिए भी कोई ठोस कदम नहीं उठा रही है जबकि सर्वोच्च न्यायालय ने सरकार को निर्देशित किया था कि आर0सी0 काटकर ब्याज सहित किसानों का भुगतान तुरन्त किया जाये।
श्री सिंह ने आगे कहा कि गन्ने का लागत मूल्य 25 प्रतिशत बढ़ जाने से किसान की कमर मंहगाई से टूट गयी है वहीं सरकार गन्ने का लाभकारी मूल्य घोषित करने में उदासीन है। प्रदेश में किसान आलू तथा गन्ना की ही फसल पैदा करके अपनी जरूरतों को पूरा करता है लेकिन सरकार दोनों फसलों के मूल्य निर्धारण को लेकर गम्भीर नहंीं है। सपा सरकार ने घोषणा पत्र में प्रदेश के किसानों से वादा किया था कि केन्द्र द्वारा घोषित न्यूनतम निर्धारित मूल्य से 50 प्रतिशत बढ़ाकर फसलों का लाभकारी मूल्य प्रदेश के किसानों को दिया जायेगा। राष्ट्रीय लोकदल विगत नवम्बर माह से ही गन्ने के लाभकारी मूल्य की घोषणा के लिए सड़क से लेकर सदन तक गम्भीरता से उठाया लेकिन सरकार किसानों के प्रति उदासीन रवैया अपनायेे हुये है। इससे लगता है कि यह सरकार किसान विरोधी है। गन्ने के लाभकारी मूल्य की घोषणा न होने से किसान तो परेशान है ही साथ ही इसका प्रभाव प्रदेश के विकास पर भी पड़ रहा है।
श्री सिंह ने कहा कि सरकार ने गन्ने का समर्थन मूल्य 10 दिसम्बर तक नहीं घोषित किया तो राष्ट्रीय लोकदल के सिपाही किसानों को लामबद्ध कर पश्चिमी उ0प्र0 को जाम करने के लिए बाध्य होंगे जिसकी जिम्मेंदारी प्रदेश सरकार की होगी।

सुरेन्द्र अग्निहोत्री
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आई0ए0एस0 वीक के आयोजन में राज्यपाल आमंत्रित

Posted on 04 December 2012 by admin

सर्विस वीक पर अनेक प्रतियोगिताएं एवं सांस्कृतिक कार्यक्रम

उत्तर प्रदेश के राज्यपाल, श्री बी0एल0 जोशी से आज राजभवन में कृषि उत्पादन आयुक्त एवं अध्यक्ष, उत्तर प्रदेश आई0ए0एस0 एसोसिएशन, श्री आलोक रंजन तथा एसोसिएशन के सचिव, श्री पार्थसारथी सेन शर्मा ने भेंट किया और उन्हें सर्विस वीक के अवसर पर नेशनल बाॅटेनिकल गार्डेन में आयोजित होने वाले एट-होम में आंमत्रित किया।
उत्तर प्रदेश आई0ए0एस0 एसोसिएशन द्वारा परम्परागत ‘सर्विस वीक’’ 17 जनवरी से 20 जनवरी, 2013 के मध्य आयोजित की जायेगी। सर्विस वीक का शुभारम्भ 17 जनवरी से होगा।
सर्विस वीक के दौरान दिनांक 17 जनवरी, 2013 को सी0एस0आई0 में फोटोग्राफी, पेन्टिग तथा अन्य प्रतियोगिता, दिनांक 18 जनवरी, 2013 को तिलक हाल में वरिष्ठ प्रशासनिक अधिकारियों की कान्फ्रेन्स, 5 कालीदास मार्ग पर मा0 मुख्यमंत्री की तरफ से लंच तथा सी0एस0आई0 में सांस्कृतिक कार्यक्रम, दिनांक 19 जनवरी, 2013 को सी0एस0आई0 में वार्षिक सामान्य बैठक, राजभवन में महामहिम श्री राज्यपाल की ओर से रात्रिभोज तथा दिनांक 20 जनवरी, 2013 को के0डी0सिंह बाबू स्टेडियम में सी0एम0 इलेवन बनाम आई0ए0एस0 क्रिकेट मैच के साथ एन0बी0आर0आई0 में एटहोम का आयोजन किया जायेगा।

सुरेन्द्र अग्निहोत्री
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सरकार का किसान विरोधी रवैया बरकरार है

Posted on 04 December 2012 by admin

समाजवादी पार्टी के प्रदेश प्रवक्ता  राजेन्द्र चैधरी ने कहा है कि केन्द्र की कांग्रेस सरकार का किसान विरोधी रवैया बरकरार है। डीजल मंहगा हो गया, रसोई गैस ईंधन मंहगी है, परिवहन भाड़ा बढ़ गया, खाद-बीज की किल्लत हो गई। किसान की खेती मंहगी हो गई। लेकिन उसकी उपज के दाम देने में तमाम बाधाएं पैदा की जा रही है। गेहूॅ, धान किसान सभी दुःखी हैं। कई राज्यों में तंगहाली और बदहाली से परेषान किसान आत्महत्या तक को मजबूर हो गए हैं। केन्द्र की कृषि विरोधी नीतियों के चलते ही देश में 2012-13 में प्रमुख फसलों की पैदावार में 2Û8 फीसदी की गिरावट आने का अनुमान है। आर्थिक शोध संस्थान सेंटर फार मानिटरिंग इंडियन एकोनामी ने कहा है कि बुवाई क्षेत्र में कमी आती जा रही है। इससे प्रमुख फसलों का उत्पादन घटता जा रहा है।
कृषि मूल्य नीति पर सरकार की परामर्शदात्री संस्था कृषि लागत एवं मूल्य आयोग (सीएसीपी) ने वर्ष 2013-14 के लिए गेहूॅ के न्यूनतम समर्थन मूल्य (एमएसपी) में वृद्धि किए जाने से इंकार कर दिया है। केन्द्रीय मंत्रिमण्डल की आर्थिक मामलों की सीमिति (सीसीईए) गेहूॅ पर फैसला करने से नवम्बर महीने में किनारा कर गई। कृषि मंत्रालय का प्रस्ताव था कि एमएसपी में 115 रूपए प्रति क्विंटल की वृद्धि की जाए किन्तु गेहूॅ का समर्थन मूल्य पिछले वर्ष की 1,285 रूपए प्रति कुंतल की दर से ही तय किया जा रहा है।
यह कांग्रेस की किसान विरोधी नीति का ही परिणाम है कि देश के किसानों को तो उनकी फसल का उचित मूल्य भी नहीं दिया जा रहा है जबकि इन्हीं किसानों की फसल ऊॅचे दामों पर विदेशों को निर्यात की जा रही है। वैश्विक बाजार में भारतीय गेहूॅ की मजबूत मांग के चलते निर्यात निविदा पर 300 डालर से लेकर 324 डालर प्रति टन की कीमत मिल रही है। भारतीय गेहूॅ की उचित कीमतों के चलते निर्यात सब्सिडी 1275 करोड़ रूपए से घटकर मौजूदा वित्त वर्ष में 500 करोड़ रूपए से भी कम रह जाने की सम्भावना है। ये आंकड़े जाहिर करते हैं कि भारतीय किसानों के साथ किस तरह उपेक्षापूर्ण हो रहा है। समाजवादी पार्टी की अतः मांग है कि गेहूॅ का समर्थन मूल्य 1500 रूपए से ज्यादा दिया जाना चाहिए।
समाजवादी पार्टी ने हमेशा किसानों और गांव-गरीब के हितों की चिन्ता की है। श्री मुलायम सिंह यादव ने अपने मुख्यमंत्रित्वकाल में प्रदेश के बजट का 70 प्रतिशत से ज्यादा हिस्सा कृषि क्षेत्र के लिए रखा था। समाजवादी पार्टी एफडीआई का विरोध इसलिए करती है क्योंकि यह किसान विरोधी कदम है। किसानों को इससे कोई फायदा नहीं होगी। पिछली बसपा सरकार को गांव और किसान दोनों से बैर था। पांच वर्षो तक बसपा राज में केवल पत्थरों, पार्को, स्मारकों पर सरकारी खजाना लुटाया जाता रहा।
समाजवादी पार्टी की सरकार बनने पर मुख्यमंत्री अखिलेश यादव ने किसानों के हित की कई योजनाएं प्रारम्भ की है। उन्हें पेंशन, अनुदान, कर्ज माफी, मुफ्त सिंचाई की सुविधाएं दी है। उनकी बंधक जमीन की नीलामी पर रोक लगा दी है। गन्ना किसानों को उचित लाभकारी मूल्य दिलाए जाने का मुख्यमंत्री ने स्वयं आश्वासन दिया है। किसानों को समय से बीज, खाद मिले इसके लिए कड़े निर्देश दिए गए है। समाजवादी पार्टी सरकार किसानों की आर्थिक समृद्धि, कृषि उत्पादकता में वृद्धि एवं कृषि सुधारों को मजबूती देने के लिए कृतसंकल्प है।

सुरेन्द्र अग्निहोत्री
agnihotri1966@gmail.com
sa@upnewslive.com

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