Archive | December, 2012

डिस्कवरी चैनल के कार्यक्रम ‘क्यूरियाॅसिटी’ में जीवन से जुड़े सबसे हैरतअंगेज़ विषयों की अंतरंग झलक

Posted on 11 December 2012 by admin

-डिस्कवरी चैनल पर क्यूरियाॅसिटी के नए सीजन की शुरूआत 17 दिसम्बर से हो रही है-
can-you-brainwash-watch-curiosity-on-discovery-channelडिस्कवरी चैनल ने टेलिविजन पर दर्शकों का परिचय एक ऐसी श्रृंखला से कराया जिसने अपने अनेक अनूठे विषयों के जरिये उनके मन में उत्सुकता का भाव जगाया। अतिविशिष्ट श्रृंखला क्यूरियाॅसिटी जीवन से जुड़े कई सबसे चुनौतीपूर्ण सवालों के पीछे मौजूद सच को उद्घाटित करती है, ये श्रृंखला फिर से रोचक खोजबीन, अनोखे प्रयोगों और कुछ बेहद जाने-माने और लम्बे समय से कायम रहस्यों के प्रति विचारोत्तेजक अंतरंग जानकारियों के साथ लौट रही है। जब कोई विमान दुर्घटनाग्रस्त होता है, तो क्या होता है? लोग बरमुडा ट्राएंगल में गायब क्यों हो जाते हैं? किसी जानलेवा वायरस से जूझने के 48 घंटों के दौरान इंसान की त्वचा की कोई कोशिका कैसी दिखती है? सूर्य से होकर सफ़र करना कैसा लगता है? क्या मंगल ग्रह पर जीवन मुमकिन है? क्या ज्वालामुखियों के बारे में सटीक जानकारी पहले से दे पाना संभव है? सतह के नीचे यलोस्टोन कैसा दिखता है? दर्शक ऐसे अनेक सवालों के जवाब पा सकेंगे क्यूरियाॅसिटी श्रृंखला के नए सीजन में, जिसे 17 दिसम्बर से सोमवार से शुक्रवार
रात 8 बजे से दिखाया जा रहा है।

क्यूरियाॅसिटी, दर्शकों को एक कमाल की खोज यात्रा पर ले जाने के लिए कुछ भी करती है। क्यूरियाॅसिटी के नए सीजन में, टेलिविजन के इतिहास में कई बातें पहली बार हो रही है, इनकी शुरूआत एक जबर्दस्त धमाके से हो रही है, इसमें जानबूझ कर एक बोइंग 737 विमान को रिमोट कन्ट्रोल क्रैश कराया जा रहा है, इस हादसे को बहुत सारे कैमरे दर्ज करेंगे, इस विमान में क्रैश टैस्ट डमीज होंगी और इसमें विज्ञान से जुड़े कई प्रयोग भी होंगे। वैमानिकी विशेषज्ञों के तौर पर प्रत्यक्षदर्शी कई कोणों से उस प्रयोग को मुमकिन बनाने की कोशिश करते हैं जिसे करीब 30 साल पहले नासा ने करने की कोशिश की थी, लेकिन उसे कामयाबी नहीं मिली थी, इस प्रयोग के जरिये ये जानने की कोशिश की जा रही है कि इतने बड़े किसी हादसे के दौरान क्या होता है, ऐसे कौन से रास्ते हो सकते हैं जिनसे विमान की सुरक्षा को सुधारा जा सकता है और ऐसे हादसों में लोगों के जिन्दा बचने की संभावनाओं को बेहतर बनाया जा सकता है।

nefertiti-curiosity-discovery-channel-starting-17th-decइस बेहद प्रसिद्ध श्रृंखला के नए सीजन की घोषणा करते हुए राहुल जौहरी, सीनियर वाइस प्रैजिडैंट और जनरल मैनेजर - दक्षिण एशिया, डिस्कवरी नैटवक्र्स एशिया-पैसिफि़क ने कहा, ‘डिस्कवरी चैनल क्यूरियाॅसिटी के एक सीजन के जरिये दर्शकों को खोज से जुड़ी एक दिलकश यात्रा पर ले चल रहा है। ये अनूठी और आकर्षक श्रृंखला हमारे दर्शकों की कल्पनाओं को आन्दोलित करेगी, ये साहस के साथ सवाल पूछेगी और निडर होकर जवाब हासिल करेगी।’

कई दुराग्रही प्रयोगों और दुनिया के जाने-माने विशेषज्ञों द्वारा की जा रही उन्नत शोध के जरिये क्यूरियाॅसिटी का यह नया सीजन पुरातत्व विज्ञान, वास्तुशिल्प, भूगोल, इतिहास, विज्ञान, समाज, टैक्नाॅलाॅजी, सौर प्रणालियों तथा ऐसे अन्य अनेक क्षेत्रों से जुड़े रहस्यों से पर्दा उठाना जारी रखता है। चाहे बरमुडा ट्राएंगल में जलपोतों, विमानों और लोगों का रहस्यमय ढंग से गायब होना हो, या फिर ऐसे मस्तिष्क को बदल देने वाले प्रयोग जो आम लोगों को हत्यारों में परिवर्तित कर देते हों, अथवा ये पता लगाना कि क्या मंगल ग्रह पर कभी जीवन का निर्माण करने वाले तत्व मौजूद थे, या फिर दुनिया के सबसे प्रसिद्ध स्मारकों में से एक के हैरतअंगेज निर्माण की गुत्थी सुलझाना, स्टोनहैंज को बनाने के लिए टनो वज़नी पत्थरों को किस तरह वेल्स की एक खदान से जमीन और समुद्र के जरिये 250 मील से भी ज्यादा दूर उसके अंतिम गंतव्य तक कैसे पहुंचाया गया? क्या हमारे दौर के इन चकरा देने वाले रहस्यों को कभी सुलझाया जा सकेगा?

plane-crash-episode-discovery-channel-series-curiosityक्यूरियाॅसिटी के नए सीजन में दिखाए जाने वाले कुछ विषय हैंः
ऽ    प्लेन क्रैश ;विमान दुर्घटनाद्ध: इस अनोखे प्रयोग में, वैज्ञानिक एक गंभीर (लेकिन जिंदा बचने योग्य) यात्री जैट क्रैश लैंडिंग की पुर्नरचना करते हैं ताकि विशेषज्ञ विमान की, हादसे को झेलने की योग्यता के अध्ययन के साथ-साथ, मानव शरीर पर ऐसे हादसों के प्रभावों का अध्ययन कर सकें।
ऽ    बरमुडा ट्राएंगलः वैज्ञानिक इस मशहूर ट्राएंगल में जाकर, यहां के मलबों की जांच करते हैं, और असली नावों और विमानों पर अलग-अलग थ्योरियों का विश्लेषण करते हैं ताकि इस दास्तान के पीछे मौजूद सच का खुलासा किया जा सके।
ऽ    ब्रेनवाॅश्ड ;ज़बर्दस्ती मत परिवर्तन करनाद्धः डाॅक्टर विज्ञान से जुड़े एक दुराग्रही और अभूतपूर्व प्रयोग को ये देखने के लिए करते हैं कि क्या साधारण लोगों के मस्तिष्क पर नियंत्रण करके उन्हें हत्यारों में बदला जा सकता है।
ऽ    यलोस्टोनः वैज्ञानिक ताजातरीन इमेजिंग टैक्नाॅलाॅजी का इस्तेमाल करके हमारे सबसे मशहूर नैशनल पार्क की सतह के नीचे का राज जानने और इसके पर्यावास और पर्यावरण प्रणाली को गहराई से जानने का प्रयास करते हैं।
ऽ    नेफरतितीः जाने-माने पुरातत्ववेत्ता डाॅक्टर ज़ाही हवास, नेफरतिती की गुमशुदा ममी को ढूंढने के लिए एक नई खोज पर निकलते हैं।
ऽ    मार्स लैंडिंग ;मंगल ग्रहद्ध: जीवन की ये नई खोज नासा के हैरतअंगेज रोवर, क्यूरियाॅसिटी की विस्तृत कवरेज और मंगल की सतह पर, हाल ही में हुई इसकी लैंडिंग को दिखाती है।
रुरुरु
डिस्कवरी चैनल के बारे में

डिस्कवरी चैनल, डिस्कवरी कम्यूनिकेशन्स का प्रमुख नैटवर्क है, यह दुनिया में गैर-कथात्मक कार्यक्रमों की उच्चतम गुणवत्ता कायम रखने के लिए समर्पित है और टेलीविजन पर सबसे क्रियाशील नैटवर्कों में से एक बना हुआ है। डिस्कवरी चैनल का शुभारंभ 1985 में हुआ था और अब यह एशिया-पैसिफि़क में 18 करोड़ 60 लाख सबस्क्राइबरों तक पहुंचता है। अंतर्राष्ट्रीय स्तर पर डिस्कवरी चैनल दुनिया के सबसे अधिक वितरित होने वाले टेलीविजन ब्रैंडों में से एक है, यह 209 देशों में 45 भाषाओं में कुल मिलाकर 40 करोड़ 90 लाख सबस्क्राइबरों तक पहुंचता है। यह दर्शकों को अनेक विषयों पर उच्च गुणवत्ता वाले गैर-कथात्मक कार्यक्रम दिखाता है, इनमें प्रकृति, विज्ञान और टैक्नोलाॅजी, प्राचीन और समकालीन इतिहास, एडवैंचर, सांस्कृतिक और विषय आधारित वृत्तचित्र शामिल हैं। और अधिक जानकारी के लिए देखें -www.discoverychannelasia.com

सुरेन्द्र अग्निहोत्री
agnihotri1966@gmail.com
sa@upnewslive.com

Comments (0)

निर्माण श्रमिकों को शीघ्र ही साइकिल दिये जाने की योजना शासन के विचाराधीन है

Posted on 11 December 2012 by admin

प्रदेश के श्रम एवं सेवायोजन मंत्री डा0 वकार अहमद शाह ने बताया है कि प्रदेश में पंजीकृत निर्माण श्रमिकों को शीघ्र ही साइकिल दिये जाने की योजना शासन के विचाराधीन है तथा पंजीकृत निर्माण श्रमिकों को सोलर होम लाईट वितरित की जायेगी। उन्होंने बताया कि निर्माण श्रमिकों के कल्याण हेतु 15 योजनाओं का संचालन किया जा रहा है।
श्रम मंत्री के अनुसार उ0प्र0 भवन एवं अन्य सन्निर्माण कर्मकार कल्याण बोर्ड द्वारा प्रदेश में निर्माण कार्य में लगे श्रमिकों के कल्याण हेतु वर्तमान में 15 कल्याणकारी योजनाओं का संचालन किया जा रहा है।
इन योजनाओं में यथा मातृत्व हितलाभ योजना में महिला निर्माण श्रमिक को तीन हजार रुपये, शिशु हितलाभ योजना में पंजीकृत निर्माण श्रमिक को पुत्र होने की दशा में तीन हजार रूपये एवं पुत्री होने की दशा में चार हजार रुपये तक दुर्घटना सहायता योजना में स्थाई आंशिक अपंगता/विकंलागता की स्थिति में 40 हजार रुपये, स्थाई पूर्ण अपंगता/विकलांगता की स्थिति में 75 हजार रुपये एवं दुर्घटना के परिणामस्वरूप मृत्यु होने की दशामें एक लाख रुपये तक, मेधावी छात्र पुरस्कार योजना में छात्र की कक्षा के आधार पर चार हजार रुपये से बाइस हजार तक, मृत्यु एवं अन्त्येष्टि सहायता योजना में अन्त्येष्टि आदि खर्चों के लिए आठ हजार रुपये एवं मृतक के आश्रितों को 30 हजार रुपये की एकमुश्त तात्कालिक सहायता, एम्बुलेन्स सहायता योजना में कार्यस्थल/निवास स्थल से चिकित्सालय तक एम्बुलन्स के माध्यम से जाने की स्थिति में 10 कि0मी0 तक दस रुपये तथा 10 कि0मी0 से अधिक की दूरी पर दस रुपये प्रति कि0मी0 की दर से अधिकतम छः सौ रुपये, कौशल विकास तकनीकी उन्नयन एवं प्रमाणीकरण योजना में निर्माण श्रमिक स्वयं या उसके परिवार के सदस्यों को कौशल संबंधी दक्षता विकास एवं तकनीकी प्रशिक्षण प्रदान करना, गम्भीर बीमारी सहायता योजना में निर्माण श्रमिक स्वयं या उसके परिवार के सदस्यों को गम्भीर बीमारी की स्थिति में उसके द्वारा कराये इलाज के उपरान्त किये गये व्यय की प्रतिपूर्ति कराना, निर्माण कामगार पुत्री विवाह अनुदान योजना के अन्तर्गत निर्माण श्रमिक की विवाह योग्य पुत्रियों को आर्थिक सहायता के रूप में 20 हजार रुपये, निर्माण कामगार बालिका आशीर्वाद योजना में निर्माण श्रमिक के पुत्री के जन्म होने की स्थिति में 20 हजार रुपये बतौर सावधि जमा की जाती है, निर्माण कामगार अक्षमता पेंशन योजना में दुर्घटना/बीमारी के कारण पूर्ण एवं स्थाई रूप से अक्षम हो जाने पर लाभार्थी एवं उसके परिवार के भरण पोषण हेतु नियमित रूप से पांच सौ रुपये देय होता है, निर्माण कामगार औजार क्रय हेतु आर्थिक सहायता योजना में निर्माण श्रमिक को औजार क्रय करने हेतु पांच हजार रुपये दियाजाता है, निर्माण कामगार हितार्थ सौर ऊर्जा सहायता योजना के अन्तर्गत पंजीकृत निर्माण श्रमिकों को सोलर होम लाईट की सुविधा प्रदान की जाती है, निर्माण कामगार हितार्थ आवास सहायता योजना में पंजीकृत निर्माण श्रमिक को आवास बनाने हेतु 45 हजार रुपये का अनुदान/सहायता दी जाती है, राष्ट्रीय स्वास्थ्य बीमा योजना के अन्तर्गत सामान्य बीमारियों को आच्छादित किया गया है, जो भारत सरकार के दिशा-निर्देशों के अनुरूप क्रियान्वित की जाती है।
उ0प्र0 भवन एवं अन्य सन्निर्माण कर्मकार कल्याण बोर्ड द्वारा अक्टूबर, 2012 तक कुल 21,456 अधिष्ठानों का पंजीयान कुल दो लाख 44,011 निर्माण श्रमिकों का पंजीयन एवं कुल 540 करोड़ रुपये से अधिक धनराशि सेस के रूप मंे वसूल की जा चुकी है। विभिन्न कल्याणकारी योजनाओं के अन्तर्गत अक्टूबर, 2012 तक कुल 14124 निर्माण श्रमिकों को लाभ दिया जा चुका है।
श्रम मंत्री द्वारा सभी निर्माण श्रमिकों को अपने को पंजीकृत किये जाने का आवाह्न किया गया। उन्होंने आश्वस्त किया कि भविष्य में निर्माण श्रमिकों के कल्याण हेतु और योजनायें बनाई जायेंगी, जिससे निर्माण श्रमिकों के स्वास्थ्य उनके बच्चों की शिक्षा एवं अन्य आधारभूत सुविधाओं का ध्यान रखा जायेगा।

सुरेन्द्र अग्निहोत्री
agnihotri1966@gmail.com
sa@upnewslive.com

Comments (0)

सभी महिलाओं को दो साड़ी व वृद्धजनों को एक कम्बल दिये जाने के संबंध में बैठक

Posted on 11 December 2012 by admin

भूख मुक्ति एवं रक्षा गारंटी योजना के तहत गरीबी रेखा के नीचे की सभी महिलाओं को दो साड़ी व वृद्धजनों को एक कम्बल दिये जाने के संबंध में 12 दिसम्बर, 2012 को उप समिति की बैठक पंचायती राज मंत्री के कार्यालय कक्ष में आहूत की गयी है। बैठक की अध्यक्षता पंचायती राज मंत्री श्री बलराम यादव करेंगे।

सुरेन्द्र अग्निहोत्री
agnihotri1966@gmail.com
sa@upnewslive.com

Comments (0)

31 दिसम्बर 2012 तक अवश्य कार्यभार ग्रहण कर लें

Posted on 11 December 2012 by admin

उत्तर प्रदेश के चिकित्सा स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्री श्री अहमद हसन ने लोक सेवा आयोग द्वारा नव चयनित चिकित्सकों को एक और मौका प्रदान करते हुए कहा है कि जिन चिकित्सकों ने किसी कारणवश अभी तक ज्वाइन नहीं किया है, वह 31 दिसम्बर 2012 तक अवश्य कार्यभार ग्रहण कर लें।

सुरेन्द्र अग्निहोत्री
agnihotri1966@gmail.com
sa@upnewslive.com

Comments (0)

केन्द्रीयकृत भर्ती प्रक्रिया के तहत भरने की आवष्यकताः वीपी सिंह

Posted on 11 December 2012 by admin

उत्तर प्रदेश न्यायिक सेवा संघ के नवनिर्वाचित पदाधिकारियों द्वारा इलाहाबाद उच्च न्यायालय के कार्यवाहक मुख्य न्यायाधीश जस्टिस शिवकीर्ति सिंह के सम्मान में एक भव्य समारोह का आयोजन लखनऊ के गोमतीनगर स्थित आईजेटीआर के प्रांगण में हुआ। समारोह में न्याय जगत के कई न्यायाधीश मौजूद रहे जिनमें मुख्य रुप से इलाहाबाद उच्च न्यायालय के जस्टिस उमानाथ सिंह, अशोक श्रीवास्तव, विनय माथुर, एसएच शुक्ला, वीके दीक्षित, महेन्द्र दयाल, अनुराग कुमार, वीसी गुप्ता, सतीश चन्द्र आदि रहे। इसके अलावा करीब 18 जिलों के जनपद न्यायाधीश भी अपनी उपस्थिति दर्ज कराये। इस मौके पर संघ के अध्यक्ष/जिला जज सुल्तानपुर वीपी सिंह ने अपने अध्यक्षीय भाषण में कहा कि अधीनस्थ अदालतों में तृतीय एवं चतुर्थ श्रेणी के कर्मचारियों के 25 प्रतिषत से अधिक पद खाली पडे़ हैं जिसे केन्द्रीयकृत भर्ती प्रक्रिया के तहत भरने की आवष्यकता है। प्रत्येक न्यायिक अधिकारी को 2 आषुलिपिक प्रदान किये जाने चाहिये और एडीजे स्तर के अधिकारियों को एक स्टेनो जो द्विभाषी श्रेणी में टाइप कर सकता हो, प्रदान किया जाना चाहिये। इस पर विशेष अतिथि जस्टिस भंवर सिंह चेयरमैन आईजेटीआर के अलावा जस्टिस उमानाथ सिंह, कार्यवाहक मुख्य न्यायाधीश शिवकीर्ति ने अपने विचार व्यक्त किये। मुख्य न्यायाधीश ने आश्वासन दिया कि वह हर प्रयास करके न्यायिक अधिकारियों की मांगों को अमली जामा पहनाने का प्रयास करेंगे। केन्द्रीयकृत तरीके से तृतीय व चतुर्थ श्रेणी कर्मचारियों की नियुक्ति एवं स्टेनोग्राफरों की नियुक्ति अतिशीघ्र की जायेगी। केन्द्रीयकृत तरीके से सफलतापूर्वक कर्मचारियों की नियुक्ति, इसके पहले प्रयोग के रुप में मुख्य न्यायाधीश द्वारा पटना उच्च न्यायालय में किया जा चुका है जो उत्तर प्रदेश में भी सफल रहेगा। न्यायिक अधिकारियों की भी नियुक्ति रिक्त स्थानों पर अतिशीघ्र की जायेगी एवं सम्भव प्रयास करके न्याय को सस्ता एवं सरल बनाने का प्रयास किया जायेगा। सभी न्यायिक अधिकारियों के एरियरों का भुगतान 31 मार्च से पहले करने का प्रयास किया जायेगा। प्रमोषन के सभी रास्ते खोले जायेंगे। जस्टिस भंवर सिह ने इंफास्ट्रक्चर को मजबूत बनाने के लिये बजट में आये समस्त धनराशि के इस्तेमाल पर बल दिया। इसके अतिरिक्त 4 दिसम्बर को दीवानी न्यायालय लखनऊ में न्यायिक सेवा संघ द्वारा आयोजित अपनी प्रथम बैठक में पारित सभी प्रस्तावों को बल मिलता दिखायी पड़ा। इस आशय की जानकारी स्वागत समारोह से लौटे जौनपुर दीवानी न्यायालय के अपर सिविल जज षष्टम एवं संघ के कार्यकारिणी सदस्य डा. सुनील कुमार सिंह ने दी है। उन्होंने बताया कि समारोह का संचालन राजीव माहेश्वरम् एवं धन्यवाद ज्ञापन संघ के महासचिव बीएन रंजन ने दिया। इस अवसर पर विनय सिंह, सौरभ सक्सेना, संजय चैधरी, दीपक यादव, काशीनाथ, उदयवीर सिंह पुंडीर, डा. सुनील कुमार सिंह सहित तमाम न्यायाधीश, संघ के पदाधिकारी मौजूद रहे।

सुरेन्द्र अग्निहोत्री
agnihotri1966@gmail.com
sa@upnewslive.com

Comments (0)

रैतिक परेड का आयोजन

Posted on 11 December 2012 by admin

उत्तर प्रदेश के होमगाड्र्स संगठन द्वारा 6 दिसम्बर, 2012 को अपनी स्थापना के स्वर्णजयन्ती वर्ष में प्रवेश करने के उपलक्ष्य में यहां स्थित होमगाड्र्स मुख्यालय पर आगामी 11 दिसम्बर को रैतिक परेड का आयोजन किया जा रहा है। मुख्यमंत्री श्री अखिलेश यादव इस परेड की सलामी लेंगे।
यह जानकारी देते हुए डिप्टी कमाडेण्ट जनरल श्री शरत चन्द्र त्रिपाठी ने बताया कि इस अवसर पर आज से एक चार दिवसीय होमगाड्र्स कल्याण प्रदर्शनी लगायी जा रही है। इसके अलावा सांस्कृतिक कार्यक्रमों का भी आयोजन किया जा रहा है।
उल्लेखनीय है कि उत्तर प्रदेश होमगाड्र्स का प्रादुर्भाव 1962 में चीन द्वारा भारत पर किये गये आक्रमण की पृष्ठभूमि में हुआ था। इस वर्ष संगठन ने अपने 50 गौरवमय वर्ष पूर्ण कर रहा है। होमगाड्र्स विभाग एक स्वयंसेवी संगठन है जिसका आधार ‘‘निष्काम सेवा’’ है तथा आपातकालीन परिस्थितियों हेतु समाज के नवयुवकों को इस संगठन का सदस्य बना कर उन्हें आपातकालीन स्थितियों में आम जन की सहायता के लिए प्रशिक्षित कर तैयार करना इसका प्रमुख दायित्व है।
उत्तर प्रदेश होमगाड्र्स संगठन हेतु कुल 1,18,348 होमगाड्र्स स्वयंसेवक भारत सरकार द्वारा स्वीकृत किये गये हैं, जो 1151 कंपनियों तथा 60 स्वतंत्र महिला प्लाटूनों,  के अन्तर्गत समायोजित हैं। विभाग का प्रशासनिक नियंत्रण राज्य स्तर पर कमान्डेंट जनरल, होमगाड्र्स, जो पुलिस महानिदेशक स्तर के अधिकारी हैं, के अधीन होता है। जनपद स्तर पर होमगाड्र्स का प्रशासन जिलाधिकारी के नियंत्रण में जिला कमाण्डेंट, होमगाड्र्स द्वारा देखा जाता है। इनकी आवश्यकता व उपयोगिता का आकलन इससे भी लगाया जा सकता है कि वर्तमान में पूरे प्रदेश में लगभग 60,000 होमगाड्र्स स्वयंसेवक प्रतिदिवस सुरक्षा एवं कानून व्यवस्था की विभिन्न ड्यूटियों में नियुक्त रह कर शान्ति व्यवस्था को बनाये रखने के लिए पुलिस बलों के साथ प्रतिस्थापित रहते हैं। वर्ष 2010 में सम्पन्न ग्राम पंचायत चुनाव के सभी चरणों में लगभग 92,000 स्वयंसेवक नियुक्त किये गये। हाल ही में सम्पन्न विधान सभा चुनाव, 2012 के सातों चरणों में शासन के निर्देश पर लगभग 35,000 होमगाड्र्स स्वयंसेवकों द्वारा प्रत्येक चरण में नियुक्त रहते हुए महत्वपूर्ण भूमिका का निर्वहन किया गया।
इस विभाग का गौरवमय इतिहास है। वर्ष 1971 में भारत-पाक युद्ध के समय सीमा प्रहरी के रूप में 5 बटालियन बांग्लादेश भेजी गयी थीं। पंजाब, मध्यप्रदेश, तमिलनाडू, दिल्ली एवं उत्तराखण्ड राज्य में निष्पक्ष चुनाव की आवश्यकता पर उत्तर प्रदेश के स्वयंसेवक भारी संख्या में भेजे गये जहां इनके उत्कृष्ट कार्यों के परिणामस्वरूप इन राज्यों ने इनकी प्रसंशा भी की। यह संगठन वर्तमान में किसी भी चुनौती का सामना करने हेतु सक्षम है। कर्तव्य की बलिवेदी पर इस संगठन के लगभग 1044 होमगाड्र्स स्वयंसेवकों ने अपने प्राणों की आहुति देकर कर्तव्य परायणता का अनुकरणीय उदाहरण दिया है। अब तक इस संगठन के 118 अवैतनिक एवं वैतनिक अधिकारियों/कर्मचारियों व स्वयंसेवकों को विशिष्ट एवं सराहनीय सेवाओं के लिए ‘‘राष्ट्रपति का गृह रक्षक एवं नागरिक सुरक्षा पदक’’ दिया जा चुका है।
इस संगठन ने अखिल भारतीय होमगाड्र्स खेलकूद एवं व्यावसायिक प्रतियोगिताओं में भी 8 बार प्रथम व 3 बार द्वितीय स्थान प्राप्त कर प्रदेश का गौरव बढ़ाया है। वर्तमान में शान्ति व्यवस्था ड्यूटियों पर नियोजित होने वाले होमगाड्र्स स्वयंसेवकों को ड्यूटी भत्ते के रूप में 160 रु0 प्रतिदिवस तथा सार्वजनिक प्रतिष्ठानों में नियोजित होने वाले होमगाड्र्स स्वयंसेवकों को 170 रु0 प्रतिदिवस की दर से भुगतान किया जाता है। होमगाड्र्स स्वयंसेवकों के ड्यूटी भत्ते में उत्तर प्रदेश सरकार द्वारा समय-समय पर बढ़ोत्तरी की जाती रही है तथा वर्तमान में भी सरकार द्वारा उनके ड्यूटी भत्तों में वृद्धि किये जाने का प्रयास किया जा रहा है। होमगाड्र्स स्वयंसेवकों के कल्याण के लिए 2 करोड़ रु0 की धनराशि से कल्याण कोष की स्थापना की गयी है जिस पर प्राप्त होने वाले ब्याज से स्वयंसेवकों व उनके आश्रितों को आर्थिक लाभ दिया जाता है। ड्यूटियों के दौरान दुर्घटना में मृत्य होने या स्थायी रूप से अपंग हो जाने पर दुर्घटना बीमा के माध्यम से 3 लाख रु0 प्रति परिवार की दर से भुगतान किया जाता है। होमगाड्र्स स्वयंसेवकों के कल्याण के लिए अन्य कल्याणकारी योजनाओं पर विचार किया जा रहा है।

सुरेन्द्र अग्निहोत्री
agnihotri1966@gmail.com
sa@upnewslive.com

Comments (0)

मौनवंशों को बचाने हेतु दिसम्बर व जनवरी माह में विशेष उपाय करें

Posted on 11 December 2012 by admin

प्रदेश के मौनपालक किसानों को मधु उत्पादन को बढ़ाने हेतु सलाह दी जाती है कि वे मौमी पतिंगे की गिडारों से रोकथाम तथा मौनवंशों में किसी भी प्रकार की बीमारी सम्बन्धी विभिन्न तकनीकी जानकारी मौन विशेषज्ञ (मुख्यालय)/संयुक्त निदेशक (उद्यान) से सम्पर्क करके प्राप्त कर उसे दूर करें। साथ ही माइट/गिडारांे के प्रकोप से मौनवंशों को बचाने हेतु दिसम्बर व जनवरी माह में विशेष उपाय करें।
यह सुझाव उद्यान एवं खाद्य प्रसंस्करण निदेशक श्री ओम नारायण सिंह ने दिया है। उन्होंने सलाह दी कि मौनवंशों को सुदृढ़/सशक्त बनायें तथा मौनगृहों की दरारों को बंद रखें। मौनपालक खाली छत्तों को मौनगृहों से निकाल कर पाॅलीथीन में ढक कर रखें तथा खाली छत्तों को हवारोधी ड्रम में रखकर ईडीसीटी मिश्रण से धूमित करें। उन्होंने बताया कि मौनपालक वैसीलिस थ्यूरिनजेंसिस (बीटी पाउडर) की 0.5 ग्राम दवा प्रति फ्रेम की दर से 1 लीटर पानी में घोलकर छत्तों पर छिड़काव करें तथा प्रभावित छत्तों को धूप में रख कर गिडारों को हाथ से मारंेे।
श्री सिंह ने कहा कि मौनवंशों को परजीवी अष्टपदी माइट के प्रकोप से बचाव हेतु विशेष सावधानियां बरतें। बैरोवा एवं ट्रोपीलीलेप्स क्लेरी माइट मौनवंशों के लारवा, प्यूपा एवं वयस्क मौनों के शरीर से खून को चूसते हैं, जिससे लारवा, प्यूपा एवं वयस्क मौन मर जाती हैं। बैरोवा माइट से प्रभावित मौन विकलांग एवं अविकसित रह जाती है, जो अवतारक पट (बाटम बोर्ड) के नीचे गिरी हुई मिलती है। उन्होंने कहा कि ट्रोपीलीलेप्स क्लेरी माइट से प्रभावित मौनों के पंख, पैर अविकसित एवं शरीर कमजोर हो जाता है तथा वे मौनगृह से गिर कर दूर रंेग कर जाती हुयी दिखाई देती है। एकरैपिस बुडाई (एकरीन रोग) रोग एक प्रकार का सूक्ष्य आन्तरिक परजीवी एकरैपिस (उडी रैनी) के कारण होता है जो कमेरी एवं रानी मधु मक्खी की श्वांस नली में धुस कर शरीर से खून चूस कर अपना भोजन लेती है। एकरीन रोग से प्रभावित मौने मौनगृह के द्वारा पर रेंगती हुई चलती है तथा मौनों के पंख अंग्रेजी के K अक्षर के आकार में दिखाई देती है। रोगी मौनों को पेचिश होने लगती है तथा मल के पीले पीले धब्बे मौनगृह के अन्दर तथा बाहर छिटके हुये दिखाई देते हैं।
उन्होंने बताया कि माइट से बचाव हेतु रोगग्रस्त क्षेत्रों में मौनवंशों का माइग्रेशन न करें तथा रोगी मौनवंशों के अण्डे एवं लारवा वाले छत्ते स्वस्थ मौनवंशों को न दें। मौनपालक को शक्तिशाली बनाये रखें तथा मौनालय में लूट एवं लड़ाई न होने दें। इसके साथ साथ रोगी मौन वंशों को स्वस्थ मौनवंशों से न मिलायें। उन्होंने कहा कि बैरोवा एवं ट्रोपीलीलप्स क्लेरी माइट से प्रभावित मौनवंशों में सल्फर पाउडर 200 मि0ली0 ग्राम प्रति फ्रेम की दर से साप्ताहिक अन्तराल पर चार बार बुरकाव करें तथा फारमिक एसिड 85 प्रतिशत की 3-5 मि0ली0 मात्रा को एक दिन के अन्तराल पर एक शीशी में लेकर रुई की बत्ती बनाकर मौनगृह के तलपट में शाम के समय रखें और यह उपचार 5 बार किया जाये तथा प्रत्येक दिन दवा को बदलते रहेें। 2-3 ग्राम तम्बाकू की पत्ती का धुआं सप्ताह में दो बार करें तथा नीम का सूखा छिलका नीम की सूखी पत्ती को किसी टिन के बर्तन में रखकर मौनगृह के तल पट पर धुआं करें।
श्री सिंह ने एकरीन रोग से प्रभावित मौनवंशों के उपचार के लिए बताया कि फारमिक एसिड 85 प्रतिशत की 3-5 मि0ली0 दवा प्रति मौनवंश की दर से एक दिन के अन्तराल पर 5 बार फ्यूमीगेशन करें। मिथाइल सैलीसिलेट दवा में सोखता कागज को भिगोकर शाम के समय गेट के अन्दर डाल देना चाहिये तथा सुबह इसे निकाल दें। यह उपचार एक सप्ताह तक लगातार करें और आक्जैलिक एसिड 3 प्रतिशत 5 मि0ली0 प्रति ब्रूड चैम्बर की दर से 8 दिन के अन्तराल पर तीन छिड़काव करें।

सुरेन्द्र अग्निहोत्री
agnihotri1966@gmail.com
sa@upnewslive.com

Comments (0)

एफडीआई का साम्प्रदायिकरण करने का कुत्सित प्रयास कर रहे हैं

Posted on 11 December 2012 by admin

देश की सर्वोच्च लोकतांत्रिक संस्था लोकसभा एवं राज्यसभा में मुंह की खाने के बाद भारतीय जनता पार्टी के नेता अब एफडीआई का साम्प्रदायिकरण करने का कुत्सित प्रयास कर रहे हैं, जिसकी जितनी निन्दा की जाय, कम है।
उ0प्र0 कंाग्रेस कमेटी के प्रवक्ता वीरेन्द्र मदान ने प्रत्यक्ष विदेशी पूंजी निवेश(एफडीआई) को भाजपा के राष्ट्रीय प्रवक्ता द्वारा गरीब तबकों व अल्पसंख्यक विरोधी बताये जाने पर कड़ी आपत्ति जताते हुए कहा है कि लोकसभा एवं राज्यसभा में मात खाने के बाद अब भारतीय जनता पार्टी इसे जाति और धर्म से जोड़कर देश की जनता को एक बार फिर गुमराह करने का प्रयास कर रही हैं।
प्रवक्ता ने कहा कि कांग्रेसनीत केन्द्र की यूपीए सरकार ने ग्रामीण जनता के जीवन स्तर को ऊंचा उठाने के लिए ही गरीबों, दलितों, अल्पसंख्यकों सहित सभी वर्गों को होने वाले फायदे व नुकसान का आंकलन करने के पश्चात ही एफडीआई को लागू करने का महत्वपूर्ण निर्णय लिया है जिसको संसद के दोनों सदनों की सहमति भी मिल चुकी है।
प्रवक्ता ने कहा कि एफडीआई से सभी वर्गों के खुदरा व्यापारियों में निश्चित तौर पर खुशहाली आयेगी। क्योंकि उन्हें अपने माल की बिक्री के लिए एक बहुत बड़ा मार्केट मिलेगा जो उनकी आर्थिक आय बढ़ाने में मददगार सिद्ध होगी। उन्होने कहा कि हमारे देश में अभी खुदरा क्षेत्र में एफडीआई केवल 10लाख की आबादी वाले शहरों में ही लागू किया जा रहा है जो देश के कुल खुदरा व्यापार का कुछ प्रतिशत ही है। इतना ही नहीं एफडीआई के निवेशकों को विक्रय के लिए तैयार किये गये ज्यादातार माल को ग्रामीण इकाइयों में ही तैयार कराना अनिवार्य होगा एवं निवेश का एक बड़ा हिस्सा भण्डारण क्षमता एवं ढांचागत संसाधनों के विकास में लगाना भी पड़ेगा, जिसका असर ग्रामीण क्षेत्र के विकास के रूप में देखने को मिलेगा।
प्रवक्ता ने कहा कि आज के इस वैश्वीकरण के समय में एफडीआई से किसान, ग्रामीण आबादी, गरीब और खेत खलिहान का निश्चित तौर पर विकास होगा जिससे किसानों, छोटे व्यापारियों को उनकी उपज व माल का उचित मूल्य तो मिलेगा ही, उनके माल के रखरखाव की समुचित व्यवस्था भी होगी। इतना ही नहीं ग्रामीण क्षेत्रों में आधारभूत ढांचागत संसाधनों का स्थायी विकास होगा और इससे उत्पन्न होने वाले रोजगारों से शहरों में भी बेरोजगार नौजवानों को काफी लाभ मिलेगा। किसानों एवं छोटे व्यापारियों की फसलों, फल-फूल, सब्जियों एवं उनके कच्चे माल के उचित भण्डारण के अभाव में हो रही क्षति रूकेगी, जिसके कारण हानि कम होने से उन्हें भरपूर फायदा होगा।
श्री मदान ने कहा कि लोकसभा एवं राज्य सभा में मुंह की खाने के बाद कनार्टक में पार्टी के अन्दर विद्रोह होने, राष्ट्रीय अध्यक्ष के भ्रष्टाचार के आरोपों में घिरने से बौखलाकर भारतीय जनता पार्टी देश की जनता को गुमराह कर बेवजह आरोप लगाने का कार्य रही है।

सुरेन्द्र अग्निहोत्री
agnihotri1966@gmail.com
sa@upnewslive.com

Comments (0)

उत्तर प्रदेश कांग्रेस कमेटी का प्रतिनिधि सम्मेलन

Posted on 11 December 2012 by admin

उत्तर प्रदेश कांग्रेस कमेटी का प्रतिनिधि सम्मेलन आगामी 26दिसम्बर, 2012 को प्रातः उ0प्र0 कंाग्रेस मुख्यालय, नेहरूभवन 10 माल एवेन्यू, लखनऊ मंे प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष डाॅ0 निर्मल खत्री, सांसद की अध्यक्षता में आयोजित किया गया है।
यह जानकारी देते हुए प्रदेश कंाग्रेस के प्रवक्ता वीरेन्द्र मदान ने बताया कि अखिल भारतीय कांग्रेस कमेटी द्वारा लिये गये निर्णय के अनुसार इस बैठक के आयोजन हेतु प्रदेश कांग्रेस मुख्यालय से प्रदेश कंाग्रेस अध्यक्ष डाॅ0 निर्मल खत्री, सांसद द्वारा प्रदेश भर के सभी जिला/शहर कंाग्रेस अध्यक्षों, ए0आई0सी0सी0 एवं पी0सी0सी0 सदस्यों व उ0प्र0 के सभी कंाग्रेसी सांसदगणों एवं विधायकों को इस प्रतिनिधि सम्मेलन में भाग लेने हेतु इस आशय का एक परिपत्र भी भेजा गया है।
उत्तर प्रदेश कंाग्रेस कमेटी के प्रभारी प्रशासन एवं वित्त श्री राजेशपति त्रिपाठी,पूर्व एम.एल.सी. ने बताया कि इस प्रतिनिधि सम्मेलन में अ0भा0 कंाग्रेस कमेटी के महासचिव-प्रभारी उ0प्र0 श्री दिग्विजय सिंह, अ0भा0 कंाग्रेस कमेटी के सचिव-सहप्रभारी उ0प्र0 श्री परवेज हाशमी, सांसद एवं श्री अविनाश पाण्डेय, उ0प्र0 के सभी केन्द्रीय मंत्रीगण, कांग्रेस विधानमंडल दल के नेता श्री प्रदीप माथुर एवं विधान परिषद दल के नेता श्री नसीब पठान, उ0प्र0 कंाग्रेस कमेटी के सभी जोनल अध्यक्ष एवं उपाध्यक्षगण, कांग्रेस के सभी फ्रण्टल संगठन-युवा कांग्रेस एवं एनएसयूआई के सभी जोनल अध्यक्ष, सेवादल एवं महिला कांग्रेस के प्रदेश अध्यक्ष भी भाग लेंगे।
प्रवक्ता श्री मदान ने बताया कि वर्तमान राजनैतिक परिवेश एवं आगामी 2014 लोकसभा चुनाव के दृष्टिगत इस प्रतिनिधि सम्मेलन में महत्वपूर्ण बिन्दुओं पर चर्चा की जायेगी तथा इस एक दिवसीय सम्मेलन में राजनैतिक एवं आर्थिक प्रस्ताव भी पारित किये जायेंगे।

सुरेन्द्र अग्निहोत्री
agnihotri1966@gmail.com
sa@upnewslive.com

Comments (0)

माईनारिटी वेलफेयर एसोसिएशन की बैठक

Posted on 11 December 2012 by admin

r-a-usmani-photoमाईनारिटी वेलफेयर एसोसिएशन के पदाधिकारियों की एक बैठक 129 बी न्यू दारूलशफा लखनऊ में हुई। जिसमे ंमुख्य अतिथि के रूप में समाजवादी पार्टी के प्रदेश सचिव हाजी डाॅ. आर.ए.उस्मानी पूर्व विधायक शामिल हुए। बैठक की अध्यक्षता अल्पसंख्यक कल्याण के राष्ट्रीय अध्यक्ष हाजी जमीर अहमद उस्मानी ने की। बैठक में छोटे-बड़े सरकार साहब बदायूं, शज्जादा नसीन, जनाब जावेद अख्तर साहब, राज्य कर्मचारी संघ के प्रदेश अध्यक्ष श्री मुस्ताक अहमद, मजीदा खातून सोसल एण्ड एजूकेशनल सोसाइटी के चेयरमैन अजमत अली तथा आॅल इण्डिया जमीअतउल मंसूर के प्रदेशिक महामंत्री हाजी सलीम अहमद मंसूरी, पाल महासभा के प्रदेश अध्यक्ष परशु राम पाल, मो. इरफान मंसूरी एडवोकेट, मौलाना अश्फाक अहमद मंसूरी, दिलसार अली मंसूरी आदि जिम्मेदार लोग शामिल हुए।
बैठक को सम्बोधित करते हुए मुख्य अतिथि हाजी आर.ए.उस्मानी ने उत्तर प्रदेश के लोकप्रिय मुख्यमंत्री अखिलेश यादव को गन्ने की कीमत 40 रूपये ंबढायें जाने का शुक्रिया अदा किया और कहा कि प्रदेश में आजतक किसी ने एकमुश्त गन्ने की कीमत में 40 रूपयें की बढ़ोत्तरी किसी सरकार ने नही की। अखिलेश यादव जी बधाई के पात्र है कि उत्तर प्रदेश उनकी सरकार में बुलंदियों को छू रहा है। डाॅ. उस्मानी ने हाईस्कूल पास लड़कियों को 30 हजार रूपयें दिये जाने की योजना की भी भूर-भूर प्रशंसा की और कहा कि अब कोई लड़की पढ़ने से वंचित नही रहेंगी।

सुरेन्द्र अग्निहोत्री
agnihotri1966@gmail.com
sa@upnewslive.com

Comments (0)

Advertise Here

Advertise Here

 

December 2012
M T W T F S S
« Nov   Jan »
 12
3456789
10111213141516
17181920212223
24252627282930
31  
-->









 Type in