Archive | December, 2012

संसद हमले के दोषी अफजल गुरू को कल ही दी जाय फांसी

Posted on 12 December 2012 by admin

भारतीय जनता पार्टी लखनऊ महानगर इकाई ने मांग करते हुए कहा कि संसद हमले की दोषी अफजल गुरू को कल (13 दिसम्बर) को ही फांसी देकर शहीदों को श्रद्धांजलि दी जानी चाहिए। भाजपा लखनऊ महानगर ने एक प्रस्ताव पारित कर अफजल को फांसी देने की भी मांग की। भाजपा लखनऊ महानगर के अध्यक्ष मनोहर सिंह ने कहा कि संसद पर हुये हमले की कल 11वीं बरसी हैं। देश आतंकी अफजल गुरू को फांसी पर लटकते देखना चाहता है पर केन्द्र की यूपीए सरकार अफजल को क्यों पाल रही है यह समझ से परे है। उन्होंने कहा कि जिस समय संसद पर हमला हुआ उस समय संसद का शीतकालीन सत्र चल रहा था और कल 11वीं बरसी के अवसर पर भी संसद के सत्र के दौरान अफजल की फांसी को लेकर पूरा देश आशा की नजरों से यूपीए सरकार को देख रहा होगा।
पूर्व क्षेत्रीय अध्यक्ष जयपाल सिंह ने कहा कि यूपीए सरकार अफजल को फांसी देने पर देरी क्यों लगा रही है जब पूरा देश एक स्वर से इस आतंकी को फांसी देने की मांग कर रहा है। आतंकी हौसलों को पस्त करने के लिए हर आतंकी को फांसी पर लटकाना  अब जरूरी हो गया है। भाजपा लखनऊ महानगर के अध्यक्ष मनोहर सिंह, पूर्व क्षेत्रीय अध्यक्ष जयपाल सिंह, हरिशंकर बाजपेई, अनुराग मिश्रा अन्नू, रामऔतार कनौजिया, राकेश श्रीवास्तव, रजनीश गुप्ता बाॅबी, सुनील मिश्रा, मुकेश शर्मा, कपिल सोनी, सुमन शुक्ला, पुष्पा सिंह चैहान, मंजू सिंह, जया शुक्ला, पुरूषोत्तम पुरी, त्रिलोक सिंह अधिकारी, हरशरण लाल गुप्ता, संजय अवस्थी, विपिन अवस्थी, शलभ श्रीवास्तव, श्यामजीत सिंह, अनुराग मिश्रा, रमाशंकर त्रिपाठी, विजय प्रताप सिंह, मान सिंह यादव, डा. सुजीत पाण्डेय, राजेन्द्र रस्तोगी आदि कार्यकर्ताआंे ने अफजल गुरू को तत्काल फांसी देने की मांग को लेकर एक प्रस्ताव भी पारित किया जिसमें मांग की गई कि संसद हमले की बरसी पर अफजल को फांसी दी जाय।

सुरेन्द्र अग्निहोत्री
agnihotri1966@gmail.com
sa@upnewslive.com

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रेलवे की बुनियादी सुविधाओं में सुधार हेतु मांग की

Posted on 12 December 2012 by admin

मथुरा से लोकसभा सांसद श्री जयन्त चैधरी (राष्ट्रीय महासचिव, राष्ट्रीय लोकदल) ने 10 दिसम्बर को माननीय रेल मंत्री श्री पवन कुमार बंसल से मुलाकात कर मथुरा जनपद में रेलवे की बुनियादी सुविधाओं में सुधार हेतु मांग की है। मथुरा जनपद में रेलवे नेटवर्क के अन्दर कुछ प्रमुख शहरों को जोड़ने वाली छोटी-छोटी दूरियों के अनेक मिसिंग लिंक हैं। इनके निर्माण से मथुरा जनपद में रेल कनेक्टिविटी में व्यापक सुधार होगा। उन्होंने रेल मंत्री के साथ अपनी मुलाकात के दौरान मथुरा जनपद में नए रेल रूट के निर्माण हेतु निम्नलिखित मांगों पर विशेष बल दिया-

ऽ    मथुरा-अलीगढ़ (70 किमी) वाया राया, मांट, सुरीर, नौहझील, बाजना; कोसी-जाजमपट्टी (60 किमी) वाया बरसाना-नन्दग्राम-गोवर्धन, पैंठा, सौंख; राया-हाथरस वाया सादाबाद (40 किमी); हल्दौर-धामपुर वाया नाठौर (30 किमी) के बीच नए रेल मार्गों का निर्माण मिसिंग लिंक के रूप में और सामाजिक-आर्थिक कारणों से किया जाना है।
ऽ    अलीगढ़ जंक्शन से रेलगाडि़यों को दिल्ली-हावड़ा लाइन पर मथुरा तथा आगे की ओर डाइवर्ट करने के प्रावधान के लिए हाथरस जंक्शन (उत्तर मध्य रेलवे) को हाथरस शहर (उत्तर पूर्व रेलवे) से जोड़ते हुए बाईपास लाइन (8 किमी)।
ऽ    यद्यपि मथुरा को विश्वस्तरीय स्टेशन घोषित किया जा चुका है, किंतु काम अभी तक आरम्भ नहीं हुआ है
ऽ    मथुरा में नए बस स्टैंड और दिल्ली-मथुरा रेलवे लाइन पर भूतेश्वर में रेलवे अंडर ब्रिज (आरयूबी) में ड्रेनेज संबंधी गंभीर समस्या का समाधान रेनवाटर हारवेस्टिंग या पानी की पंपिंग के जरिए किए जाने की आवश्यकता है।
ऽ    भूतेश्वर रेलवे स्टेशन का पुननिर्माण प्राथमिकता के आधार पर किया जाना है।
ऽ    मथुरा अलीगढ़ लाइन पर गेट नं. 541 के बदले पर रेलवे अंडर ब्रिज की संस्वीकृति तथा निर्माण प्राथमिकता के आधार पर किया जाना है।
ऽ    दिल्ली आगरा रूट पर कोसीकलां में जबलपुर और नई दिल्ली के बीच परिचालित श्रीधाम एक्सप्रेस (12191 तथा 12192) तथा उदयपुर और हजरत निजामुद्दीन के बीच परिचालित मेवाड़ एक्सप्रेस (12963 तथा 12964) के अप और डाउन स्टाॅपेज मुहैया कराए जाने हैं।
ऽ    मुख्य रेलवे स्टेशन पर तथा मथुरा-दिल्ली के बीच परिचालित ट्रेनों में कानून व्यवस्था बनाए रखने के उद्देश्य से पर्याप्त संख्या में जीआरपी/आरपीएफ कार्मिकों की तैनाती।

श्री जयन्त चैधरी ने उपरोक्त मांगों के संबंध में बताया कि मथुरा की ऐतिहासिक और सांस्कृतिक प्रांगिकता को देखते हुए रेलवे की बुनियादी सुविधाओं में सुधार किया जाना चाहिए। प्रतिवर्ष देश-विदेश से लाखों पर्यटक इस शहर में आते हैं। इसके अलावा युवा सांसद ने कहा है कि बेहतर रेल सुविधाओं से अधिक संख्या में पर्यटक आकर्षित होंगे और रेल राजस्व में भी वृद्धि होगी तथा इन सुविधाओं से स्थानीय जनता निश्चित रूप से लाभांवित होगी।

सुरेन्द्र अग्निहोत्री
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मुख्यमंत्री ने वरिष्ठ पत्रकार श्री खुशवंत सिंह को सम्मानित किया

Posted on 12 December 2012 by admin

khuswant-sign-with-up-cm-akhilesh-yadavउत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री श्री अखिलेश यादव ने कहा है कि वरिष्ठ पत्रकार, सुप्रसिद्ध चिन्तक व उपन्यासकार श्री खुशवंत सिंह ने अपनी लेखनी द्वारा लोगों को बहुत से अनभिज्ञ पहलुओं से रूबरू कराया। सर्वधर्म सम्भाव को बढ़ावा देने के लिए श्री खुशवंत सिंह के योगदान को काफी अहम बताते हुए मुख्यमंत्री ने यह भी कहा कि श्री सिंह ने अपनी लेखनी के माध्यम से समाज को नयी राह दिखाई तथा युवा पीढ़ी को प्रोत्साहित किया।
khuswant-sign-with-up-cm-akhilesh-yadav2jpgमुख्यमंत्री ने आज नई दिल्ली के सुजान सिंह पार्क स्थित श्री खुशवंत सिंह के आवास जाकर उन्हें आॅल इण्डिया माइनाॅरिटी फोरम फार डेमोक्रेसी के तत्वावधान में शाल, प्रशस्ति-पत्र तथा बुके देकर सम्मानित किया। इस अवसर पर संस्था के प्रमुख श्री अम्मार रिजवी उपस्थित थे। अपनी पहचान बनाने वाले अल्पसंख्यक वर्ग के लोगों को सम्मानित करने का प्रयास करने के लिए मुख्यमंत्री ने श्री अम्मार रिजवी की सराहना भी की।

सुरेन्द्र अग्निहोत्री
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संगीतज्ञ श्री रविशंकर के निधन पर गहरा शोक व्यक्त किया

Posted on 12 December 2012 by admin

उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री श्री अखिलेश यादव ने विश्व विख्यात संगीतज्ञ श्री रविशंकर के निधन पर गहरा शोक व्यक्त किया है। उन्होंने कहा कि शास्त्रीय संगीत जगत ही नहीं, विश्व ने एक महान विभूति आज खो दी है। उत्तर प्रदेश की माटी में जन्में ‘भारत रत्न’
श्री रविशंकर ने अन्तर्राष्ट्रीय स्तर पर भारतीय शास्त्रीय संगीत को शिखर तक पहंुचाया। उनके इस योगदान को भारतीय संगीत के इतिहास में स्वर्णिम अक्षरों में लिखा जाएगा। उन्होंने कहा कि भारतीय शास्त्रीय संगीत के एक युग का आज अन्त हो गया।
श्री यादव ने कहा कि उन्हें इस बात पर गर्व है कि पूरी दुनिया के संगीत जगत में जिन श्री रविशंकर की प्रतिभा का लोहा माना जाता था, उनका जन्म उत्तर प्रदेश के प्राचीन शहर वाराणसी में वर्ष 1920 में हुआ था। मात्र दस वर्ष की आयु में वे एक नृत्य गु्रप में शामिल होकर पेरिस चले गए। यहीं से उनकी संगीत यात्रा शुरू हुई और उन्हांेने इतनी कम आयु में ही लगभग पूरे यूरोप का भ्रमण किया। फिर नृत्य छोड़कर उन्हांेने विख्यात सितार वादक उस्ताद अलाउद्दीन खान से सितार वादन सीखा और देखते ही देखते पूरी दुनिया में वे सितार वादन के विशेषज्ञ के रूप में विख्यात हो गए। उन्होंने कई नए सुरों की भी रचना की।
मुख्यमंत्री ने कहा कि आज संगीत जगत ने ही नहीं उत्तर प्रदेश भी अपनी एक महान विभूति से महरूम हो गया है। उन्होंने कहा कि 1999 में श्री रविशंकर को भारत ने सबसे बड़े पुरस्कार ‘भारत रत्न’ नवाजा और अन्तर्राष्ट्रीय स्तर पर उनकी संगीत साधना को वर्ष 2000 में तीन ‘ग्रैमी अवार्ड’ के रूप मंे पुरस्कृत किया गया।
श्री यादव ने उनको भावभीनी श्रद्धांजलि अर्पित करते हुए कहा कि विश्व के कई देशों में श्री रविशंकर ने संगीत की शिक्षा के क्षेत्र में भी बड़ा योगदान किया। उनके नाम से अमेरिका के कई विश्वविद्यालयों में चेयर स्थापित हंै। यूरोप के कई देशों में भी उनके नाम से संगीत विद्यालय चल रहे हैं। उनके अनगिनत शिष्यों में भारी संख्या में विदेशी शिष्य थे। उन्होंने कहा कि श्री रविशंकर अपने पीछे भारतीय संगीत की एक बेहद समृद्ध परम्परा छोड़ गए हैं और शास्त्रीय संगीत के क्षेत्र में उनके योगदान को हमेशा याद रखा जाएगा।

सुरेन्द्र अग्निहोत्री
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एन.एच.-24 एवं एन.एच.-58 के चौड़ीकरण का मुद्दा प्रमुखता से उठाया

Posted on 12 December 2012 by admin

भाजपा के पूर्व राष्ट्रीय अध्यक्ष एवं गाजियाबाद से सांसद श्री राजनाथ सिंह ने आज लोकसभा में शून्यकाल के दौरान एन.एच.-24 एवं एन.एच.-58 के चैड़ीकरण का मुद्दा प्रमुखता से उठाया।
शून्यकाल में बोलते हुए श्री सिंह ने कहा कि वे सदन का ध्यान दो ऐसे महत्वपूर्ण राजमार्गों (एन.एच.-24 एवं एन.एच.-58) की तरफ आकर्षित करना चाहते है जो दिल्ली और उनके संसदीय क्षेत्र गाजियाबाद समेत पूरे उत्तर भारत को सड़क मार्ग से जोड़ते है।
‘‘ये दोनों राजमार्ग सिर्फ आवागमन के लिए ही नहीं बल्कि भारत-पाकिस्तान एवं भारत-चीन की सीमा पर आपात स्थिति के दौरान सैन्य रसद पहुंचाने के सबसे महत्वपूर्ण राजमार्ग भी हैं’’, श्री सिंह ने कहा।
एन.एच.-24 एवं एन.एच.-58 के व्यापारिक एवं सामरिक महत्व को रेखांकित करते हुए श्री सिंह ने आगे कहा ‘‘यह दोनों राजमार्ग देश की राजधानी दिल्ली में भी खाद्य पदार्थों, दूध, फल, सब्जी इत्यादि पहुंचाने के लिए भी काफी महत्वपूर्ण है परन्तु इन दोनों राजमार्गों पर आए दिन भंयकर जाम की समस्या बनी रहती है।’’
जाम की भीषण स्थिति पर चिंता जताते हुए श्री सिंह ने कहा, ‘‘प्रतिदिन लाखों लोग इन दोनों राजमार्गों पर यात्रा करते है मगर आए दिन लगने वाले तीन-चार घंटे के ट्रैफिक जाम के कारण यात्रियों के लिए यात्रा एक यंत्रणा बन कर रह जाती है।’’
एन.एच.-24 एवं एन.एच.-58 के चैड़ीकरण की मांग करते हुए श्री सिंह ने कहा, कि ‘‘सरकार ने इस बाबत कई बार आश्वासन दिया मगर अभी तक कोई कार्रवाई नहीं हुई है। आखिर सरकार कब तक खाली आश्वासनों की घुट्टी पिलाती रहेगी?’’
श्री सिंह ने एन.एच.-24 एवं एन.एच.-58 को तत्काल 8 लेन किए जाने की मांग करते हुए सरकार से इन दोनों राष्ट्रीय राजमार्गों के चैड़ीकरण की योजना के मौजूदा ैजंजने त्मचवतज की मांग भी की।
कार्य प्रारंभ होने में ढिलाई बरतने पर सरकार को घेरते हुए श्री सिंह ने कहा कि सरकार अविलम्ब इस प्रोजेक्ट पर कार्य प्रारंभ करे और इसकी जानकारी सदन को दे कि यह कार्य कब प्रारंभ होगा और कब तक पूरा होगा?
चैड़ीकरण की योजना को दीर्घकालीन नजरिए से बनाए जाने का सुझाव देते हुए उन्होंने कहा कि यह काम अगले चालीस-पचास वर्षों की आधारभूत संरचना के विकास को ध्यान में रखते हुए किया जाना चाहिए। इस दृष्टि से 8 लेन की सड़क बनाते समय उसके सभी ‘अलाईड फीचर्स’ जैसे कलवर्ट, अंडरपास और जल निकासी की भी पूरी व्यवस्था होनी चाहिए।’’
शून्यकाल के बाद श्री राजनाथ सिंह ने भूतल परिवहन मेंत्री डाॅ. सी.पी. जोशी से व्यक्तिगत रूप से भेंट की और इस विषय की अलग से चर्चा की। भूतल परिवहन मंत्री ने श्री सिंह को बताया कि वे आज ही इस प्रोजेक्ट की जानकारी मंत्रालय से लंेंगे और उन्होंने इस विषय में ठोस कार्रवाई करने का भी आश्वासन दिया।

सुरेन्द्र अग्निहोत्री
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विधान सभा की रजतशती में शरीक होंगे राष्ट्रपति

Posted on 12 December 2012 by admin

  • मुख्य कार्यक्रम छः से आठ जनवरी तक होंगे
  • प्रदेश सरकार के विभिन्न विभाग देंगे योगदान

उत्तर प्रदेश विधान सभा की 125वीं जयंती के अवसर पर राजधानी लखनऊ में भव्य कार्यक्रम आयोजित होंगे। इस समारोह में भारत के राष्ट्रपति ने शिरकत करने की स्वीकृति प्रदान कर दी है। इस मौके पर विधान सभा का विशेष सत्र भी आयोजित होगा। यह जानकारी प्रदेश के राजस्व मंत्री श्री अम्बिका चैधरी ने यहां दी। श्री चैधरी आज विधान भवन में इस समारोह की तैयारियों के सम्बन्ध में आहूत एक बैठक की अध्यक्षता कर रहे थे। उन्होंने बताया कि इस सम्बन्ध में मुख्य कार्यक्रम आगामी छः जनवरी  से आठ जनवरी  तक आयोजित किये जायेंगे। समारोह के आयोजन में प्रदेश सरकार के विभिन्न विभाग अपना-अपना योगदान देंगे। विधान सभा भवन को नया रूप प्रदान करने का कार्य राज्य सम्पत्ति विभाग करेगा।
प्रदेश का सांस्कृतिक विभाग इस अवसर पर भव्य सांस्कृतिक कार्यक्रमों का आयोजन करेगा, जबकि इस अवसर पर सूचना विभाग द्वारा प्रदर्शिनी आयोजन के साथ-साथ प्रचार-प्रसार का भी कार्य किया जोयगा।
श्री चैधरी ने बताया कि इस समारोह के अवसर पर सेमिनार आयोजन की व्यवस्था भी की गयी है जिसमें संसदीय कार्य से सम्बन्धित मामलों पर विमर्श होगा।
लखनऊ का जिला प्रशासन लखनऊ विकास प्राधिकरण के सहयोग से नगर की ऐतिहासिक इमारतों पर बिजली की भव्य सजावट करेगा।
श्री चैधरी ने बताया कि समारोह की भव्यता में इजाफा करने के लिए इस अवसर पर एक डाक टिकट तथा विशेष सिक्का जारी करने के साथ-साथ एक स्मारिका का विमोचन भी कराया जायेगा। जिलाधिकारी श्री अनुराग यादव को इस मौके पर प्रतीक चिन्ह डिजाइन करवाने का निर्देश भी श्री चैधरी ने दिया है।
समारोह के मुख्य कार्यक्रम के वीडियो तथा फोटा कवरेज की जिम्मेदारी सूचना विभाग को दी गयी है।
बैठक का संचालन विधान सभा के प्रमुख सचिव श्री प्रदीप दुबे ने किया। इस अवसर पर विभिन्न विभागांे के वरिष्ठ अधिकारी मौजूद थे।

सुरेन्द्र अग्निहोत्री
agnihotri1966@gmail.com
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नाईट सफारी प्रोजेक्ट को पूर्ण कराने हेतु एक व्यापक कार्य योजना माईल स्टोन के अनुसार बनाई जाए

Posted on 12 December 2012 by admin

उत्तर प्रदेश के मुख्य सचिव श्री जावेद उस्मानी ने निर्देश दिए हैं कि ग्रेटर नोएडा में नाईट सफारी प्रोजेक्ट को पूर्ण कराने हेतु एक व्यापक कार्य योजना माईल स्टोन के अनुसार बनाई जाए। उन्होंने कहा कि प्रोजेक्ट को गुणवत्ता एवं मानक के आधार पर पूर्ण कराने हेतु आवश्यकतानुसार दो सलाहकार नियुक्त किए जाएं, जिसमें एक तकनीकी विशेषज्ञ तथा दूसरा वित्तीय विशेषज्ञ हों। उन्होंने यह भी निर्देश दिए कि नाईट सफारी प्रोजेक्ट को पी0पी0पी0 माॅडल पर बनाने की कार्य योजना का सक्षम स्तर से अनुमोदन अवश्य प्राप्त कर लिया जाए। उन्होंने कहा कि इस परियोजना के पूर्ण हो जाने के फलस्वरूप प्रदेश में पर्यटन को बढ़ावा मिलेगा तथा एक नई तरह की रीक्रिएशन फैसिलिटी उपलब्ध होगी। नाईट सफारी प्रोजेक्ट के लिए यमुना एक्सप्रेस-वे पर गौतम बुद्ध यूनिवर्सिटी के समीप आवागमन की दृष्टि से उपयुक्त लगभग 300 एकड़ भूमि चिन्हित की गई है, जबकि सिंगापुर में नाईट सफारी प्रोजेक्ट लगभग 100 एकड़ भूमि पर ही बनी है।
मुख्य सचिव आज शास्त्री भवन स्थित अपने कार्यालय कक्ष के सभागार में नाईट सफारी प्रोजेक्ट की समीक्षा कर रहे थे। उन्होंने कहा कि ग्रेटर नोएडा में नाईट सफारी प्रोजेक्ट को क्रियान्वित करने हेतु मुख्य सचिव की अध्यक्षता में 6 सदस्यीय समिति का गठन कर राज्य स्तरीय क्रियान्वयन एवं अनुश्रवण समिति की बैठक समय से अवश्य कराई जाए। गठित समिति में अवस्थापना एवं औद्योगिक विकास आयुक्त, वित्त, न्याय, वन एवं पर्यटन विभाग के प्रमुख सचिव एवं सचिव सहित मुख्य कार्यापालक अधिकारी ग्रेटर नोएडा सदस्य होंगे।
श्री उस्मानी ने प्रमुख सचिव पर्यटन को निर्देश दिए कि नाईट सफारी प्रोजेक्ट का अनुश्रवण शासन स्तर पर पर्यटन विभाग द्वारा कराया जाए। उन्होंने कहा कि ग्रेटर नोएडा अथाॅरिटी मुख्य कार्यपालक कार्यालय नाईट सफारी प्रोजेक्ट की कार्यकारी संस्था के रूप में कार्य करे। मुख्य कार्यपालक अधिकारी ने बताया कि नाईट सफारी स्थापित करने के लिए सेन्टर जू अथाॅरिटी की अनुमति प्राप्त कर ली गई है।
बैठक में अवस्थापना एवं औद्योगिक आयुक्त श्री अनिल कुमार गुप्ता, प्रमुख सचिव वन एवं पर्यावरण श्री वी0एन0 गर्ग, मुख्य कार्यपालक अधिकारी ग्रेटर नोएडा श्री रमा रमण सहित अन्य वरिष्ठ अधिकारीगण उपस्थित थे।

सुरेन्द्र अग्निहोत्री
agnihotri1966@gmail.com
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सैफई महोत्सव में ट्रैक्टर वितरण का कार्य प्राथमिकता से कराये जाने के निर्देश

Posted on 12 December 2012 by admin

प्रदेश के उद्यान एवं खाद्य प्रसंस्करण मंत्री श्री राज किशोर सिंह ने कहा कि प्रदेश के किसानों का हित राज्य सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता है। उनके लिए संचालित बागवानी कार्यक्रमों का पूर्ण लाभ उन्हें समय पर मिल सके, इसके लिए जरूरी है कि बागवानी फसलों के लिए ड्रिप एवं स्प्रिंकलर सिंचाई पद्धति में किसानों के लिए अनुदान में वृद्धि का लाभ उन्हंे उपलब्ध कराया जाये। उन्होंने कहा कि प्रदेश में तीन लोहिया पर्यावरणीय उद्यानों की स्थापना के साथ-साथ पान की खेती से जुड़े किसानों के लिए योजना बनायी जाये तथा सैफई महोत्सव के दौरान लाभार्थी कृषकों को ट्रैक्टर वितरण का कार्य प्राथमिकता के आधार पर कराया जाये।
श्री सिंह आज यहां उद्यान एवं खाद्य प्रसंस्करण विभाग के सभागार में विभागीय योजनाओं/कार्यक्रमों की समीक्षा कर रहे थे। इस दौरान उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिये हैं कि किसानों के लिए राज्य सरकार द्वारा चलायी जा रही योजनाओं को समय से पूरा करें तथा प्रदेश के अधिक से अधिक किसानों को बागवानी फसलों के उत्पादन से जोड़ें। इसके साथ ही उन्होंने बागवानी की नवीन तकनीकियों को उन्हें उपलब्ध कराने के निर्देश दिये हैं, जिससे किसान बागवानी में मशीनीकरण तथा ग्रीन हाउस व शेडनेट हाउस में आॅफसीजन फूलों एवं सब्जियों की खेती से अधिक आय प्राप्त कर सकें। उन्होंने कहा कि बागवानी मिशन योजना के लिए उपलब्ध अनुदान की अधिकाधिक जानकारी किसानों को दी जाये तथा उन्हें इसको अपनाने के लिए प्रेरित किया जाये।
उद्यान मंत्री ने कहा कि प्रदेश सरकार ने बागवानी फसलों में ड्रिप एवं स्प्रिंकलर सिंचाई पद्धति की स्थापना के लिए लघु एवं सीमान्त कृषकों के लिए 90 प्रतिशत तथा सामान्य कृषकों के लिए 75 प्रतिशत अनुदान घोषित किया है, जिसका अधिकाधिक लाभ किसानों को उपलब्ध कराया जाये ताकि किसान बागवानी की लागत को कम करके अधिक आय प्राप्त कर सकें। उन्होंने कहा कि प्रदेश के तीन जिलों इटावा, बस्ती तथा कन्नौज में लोहिया पर्यावरणीय उद्यान की स्थापना की जायेगी तथा पान की खेती से जुड़े किसानों के लिए प्रदेश के 21 जनपदों में पान विकास की नई योजना लागू की गयी है, जिसमें लाभार्थियों को बरेजा निर्माण एवं रोपण सामग्री पर अनुदान दिया जायेगा। उन्होंने कहा कि दो से तीन महीनों में विभाग ने बहुत उपलब्धियां हासिल की हैं तथा किसानों के हित में कार्य हुआ है। अतः अधिकारी प्रत्येक कार्य जिम्मेदारी एवं प्राथमिकता पर करें, अन्यथा लापरवाही पाये जाने पर उनके खिलाफ कठोर कार्रवाई की जायेगी।
सचिव उद्यान एवं खाद्य प्रसंस्करण डाॅ0 रजनीश दुबे ने अधिकारियों को निर्देश दिये हैं कि राज्य सरकार द्वारा बागवानी कार्यक्रमों के लिए जारी किये गये बजट का शत-प्रतिशत उपयोग समय से सुनिश्चित किया जाये तथा राष्ट्रीय कृषि विकास योजना के अन्तर्गत शाकभाजी उत्पादन के लिए आवंटित धनराशि का 40 प्रतिशत व्यय दिसम्बर माह तक सुनिश्चित करें। उन्हांेने कहा कि प्रदेश में खाद्य प्रसंस्करण उद्योगों की स्थापना की अपार सम्भावनायें हैं, जिसके मद्दे नजर प्रदेश में खाद्य प्रसंस्करण उद्योग नीति 2012 लागू की गयी है। अतः मुख्यालय, मण्डल एवं जनपद स्तर पर सभी अधिकारीगण निवेशकों को प्रोत्साहित करें।
निदेशक, उद्यान एवं खाद्य प्रसंस्करण श्री ओम नारायण सिंह ने कहा कि विभागीय अधिकारी नियमों के तहत समय से धनराशि खर्च करें, ताकि अगले बजट का आवंटन हो सके। जनवरी तक कार्य पूर्ण सुनिश्चित हो इसके लिए उन्हें युद्ध स्तर पर जुट जाना चाहिये। समीक्षा बैठक में विशेष सचिव उद्यान श्री कैलाश प्रकाश, संयुक्त निदेशक उद्यान डाॅ0 राणा प्रताप सिंह के अलावा मण्डल एवं जिला स्तर के विभागीय अधिकारी उपस्थित थे।

सुरेन्द्र अग्निहोत्री
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भारतीय जनता पार्टी प्रदेश अध्यक्ष डा0 लक्ष्मीकांत बाजपेयी की प्रेसवार्ता के मुख्य बिन्दु

Posted on 12 December 2012 by admin

ऽ    कल रामपुर में मुख्यमंत्री ने अपने चुनाव घोषणा पत्र के अनुसार कार्य करने की बात कही।
ऽ    सपा घोषणा पत्र के पृष्ठ सं0 7 (कृषि) बिन्दु सं0 1 में कहा गया है कि ’’किसान की उपज का लागत मूल्य निर्धारित करने के लिये एक आयोग गठन किया जायेगा, जो तीन महीने में अपनी रिपोर्ट राज्य सरकार को देगा। लागत मूल्य का 50 प्रतिशत उसमें जोड़कर जो राशि आयेगी, वह विभिन्न फसलों का न्यूनतम् समर्थन मूल्य होगा और सरकार सीधे किसानों से इस निर्धारित मूल्य पर किसान की उपज की खरीद सुनिश्चित करेगी, इसमें खास तौर गन्ना, गेहूँ और धान की फसल से जुड़े किसानों को किसी तरह की दिक्कत का सामना नहीं करना पड़ेगा।’’
ऽ    सरकार गठन हुए 9 माह हो चुके हैं इस बीच गेहूँ खरीद, धान खरीद और अब गन्ना मूल्य तीनों पर सरकार का रूख किसान विरोधी है। सरकार ने अपनी घोषणा के अनुरूप लागत मूल्य निर्धारित करने के लिए आयोग का गठन नहीं किया। मैं पहले भी कहता रहा हूँ कि यह सरकार असमंजस, अराजकता और अन्तरविरोधों से ग्रस्त है, नीतियों के चयन से लेकर कार्यान्वयन तक भ्रमित है।
ऽ    उत्तर प्रदेश में लगभग 35 लाख किसान परिवार गन्ने की खेती करते हैं।
ऽ    वर्ष 2011-12 में तत्कालीन मुख्यमंत्री ने गन्ना मूल्य की घोषणा की थी, तब तत्कालीन नेता प्रतिपक्ष शिवपाल यादव ने 300/-रू0 प्रति क्विंटल गन्ना मूल्य घोषित करने की मांग की थी।
ऽ    भारतीय जनता पार्टी ने इस पेराई सत्र के लिए गन्ना मूल्य के संदर्भ में 400/- रू0 की मांग की थी। उसको लेकर मुख्यमंत्री का यह बयान आपत्तिजनक है कि विपक्षी दल जब सत्ता में आये ंतो मनचाहा मूल्य कर लेंगे। भाजपा ने गन्ना मूल्य लागत निकालने के लिए दो दल गठित किये गये थे।
लागत मूल्य
प्रथम दल            2011-12            2012-13
240/- प्रति क्विन्टल    284/- प्रति क्विन्टल
द्वितीय दल            310.97    ’’  ’’        379.64   ’’   ’’
सरदार पटेल कृषि वि.वि.मेरठ     -                232/-
ऽ    यदि हम 284/- प्रति क्विन्टल लागत मूल्य आधार मान लें तब स्वामीनाथन आयोग अनुसार लागत पर 50 प्रतिशत जोड़कर 426 रू0 प्रति क्विटल होना चाहिए।
ऽ    सभी वस्तुओं के मूल्य उत्पादन लागत से तय होते हैं।
ऽ    भूमि पूूंजी है। उत्पादन लागत में जुड़ती है। किसान अकेले खेतों पर काम नहीं करता। पूरा परिवार पति पत्नी नातेदार भी श्रमिक होते हैं। मनरेगा के दर में इन्हें भी दैनिक मजदूर माना जाना चाहिए। उत्पादन लागत में यह मजदूरी जोड़नी चाहिए। कृषियंत्र, डीजल, बिजली में लागत का हिस्सा है।
ऽ    सिंचाई की लागत बढ़ी है। डीजल की मूल्यवृद्धि के कारण टैªक्टर और डीजल इंजन का खर्च बढ़ा है।
ऽ    बिजली गायब रहती हैं
ऽ    खादें ब्लैक में मिली है।
ऽ    कुल मिलाकर उत्पादन लागत बढ़ी है। कर्ज माफी पर सरकार नें ठेंगा दिखाया है। उत्पादन लागत के समानान्तर 50ः लाभ जोड़कर ही कीमतें तय होती हैं। यही अर्थशास्त्र का सिद्धांत है। सरकार चीनी मिल मालिकों के मुनाफे का ध्यान रखती है लेकिन किसानों को उत्पादन से कम कीमत दिला रही है।
ऽ    यदि वास्तविक लागत मूल्य से सरकार सहमत नहीं है तो क्यों नही सरकार वास्तविक लागत बताये कि सपा की गणित में गन्ना उत्पादन लागत क्या है? घोषणा के अनुसार आयोग क्यों नहीं गठित किया?
ऽ    क्या सरकार किसान विरोधी नहीं?
ऽ    प्रतिक्रिया विसंगतिपूर्ण नहीं?
ऽ    20 नवम्बर को मंत्रिमण्डल ने मा0 मुख्यमंत्री जी को गन्ना मूल्य घोषित करने के लिए अधिकृत किया। 2-3 दिन में सरकार को घोषित करना था।
ऽ    23 नवम्बर से सदन था - 23, 26, 27, 29, 30 4, 5 को उपवेशन हुआ।
ऽ    26 व 5 तारीख को गन्ना मूल्य को लेकर बाधित सदन के बावजूद घोषणा न करना, क्या सदन का अपमान नहीं।
ऽ    सदन अनिश्चितकालीन स्थगन तिथि 05.12.2012 के बाद अगले दिन 06.12.2012 को घोषित करना सरकार की कायरता तो नहीं? सदन चलते यह मूल्य धोषित होते तो सरकार को पता चल जाता विरोध कैसा होता।
ऽ    कायदे से सदन सत्र में मुख्यमंत्री को गन्ना मूल्य की घोषणा करनी चाहिए थी। सदन के सदस्य सुझाव देते। किसानों की समस्याओं का पक्ष भी सरकार को पता लग जाता।
ऽ    स्थापित संसदीय परम्परा है कि सदन सत्र के ठीक पूर्व या ठीक बाद में सरकारें महत्वपूर्ण घोषणाएं नहीं करती।
ऽ    संविधान ने सरकार को सदन के समक्ष जवाबदेह बनाया है। सरकार को सदन में ही गन्ना मूल्य की घोषणा करनी चाहिए थी।
ऽ    भाजपा ने सरकार को सावधान किया था। स्वयं मैंने कहा था कि मुख्यमंत्री जी सदन में गन्ना मूल्य की घोषणा करें।
ऽ    भाजपा सदस्यों ने दोनों सदनों में गन्ना मूल्य और गन्ना किसानों का प्रश्न उठाया था।
ऽ    लेकिन सरकार ने सदन का सम्मान नहीं किया। किसान विरोधी गन्ना मूल्य की बात वह दिल में छुपाए रही। जैसे ही सदन का स्थगन हुआ सरकार ने चीनी मिल मालिकों को खुश करने वाला गन्ना मूल्य घोषित कर दिया।
ऽ    यह सदन की अवमानना है। किसानों पर हमला है।
ऽ    उत्पादन लागत 18.5ः बढ़ी- गन्ना मूल्य बढ़ोत्तरी 16ः पर भाड़ा (5.75 से 8.75 तक) 52ः बढ़ाया। यह कैसा न्याय है। तथा स्वामीनाथन आयोग की रिपोर्ट तथा सपा चुनाव घोषणा पत्र का विषय लागत मूल्य पर 50ः का हुआ।
ऽ    सभी उत्पादनकर्ताओं व दुकानदारों को अपने उत्पादन का विक्रय मूल्य तय करने का अधिकार पर अन्नदाता किसान के उत्पादन का मूल्य उसके विरोध में तय होता है।
ऽ    सरकार व मिल के रहम पर, वह बाद में भुगतान के लिये ठोकरें खाने को मजबूर।
ऽ    पेराई सत्र के दो माह बाद घोषणा, अतएव 290/- रेट वाला गन्ना बचा ही नहीं, अनिश्चितता के कारण किसान क्रेशर पर 170/- बेच चुका।
ऽ    चीनी कीमत 100/- प्रति क्विन्टल बढ़ चुकी तब गन्ना के यह रेट क्यों?
ऽ    सरकार और चीनी मिल मालिकों की डील है। घोषित कीमतें गुप्त डील का नतीजा है। भाजपा जिम्मेदार राष्ट्रीय दल है। हमारी पार्टी किसानों की पक्षधर है। पार्टी ने आन्दोलन का निर्णय किया है। पार्टी किसान के हित में आरपार की लड़ाई लड़ेगी।
ऽ    ’’गन्ना मूल्य पर प्रदर्शन धरना’’
गन्ना उपायुक्त कार्यालय         13 दिसम्बर, 2012        सहारनपुर
14 दिसम्बर, 2012        मुजफ्फरनगर
15 दिसम्बर, 2012        शामली
ऽ    मुरादाबाद, बरेली, मेरठ उपायुक्त कार्यालय तथा कुशीनगर, देवरिया, सिद्धार्थनगर, बस्ती, बलरामपुर, गोण्डा, लखीमपुर खीरी, महराजगंज में तत्काल व्यवस्था करना।
नोट:- FDI केन्द्र लाया है। वालमार्ट ने केन्द्र की नीतियां प्रभावित करने की लाबींग की है। किसान ठगे गये हैं। सपा , बसपा, कांग्रेस तीनों किसान विरोधी है।

सुरेन्द्र अग्निहोत्री
agnihotri1966@gmail.com
sa@upnewslive.com

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मानदेय में भी बढ़ोत्तरी करते हुए वर्तमान राशि को दोगुना करने की घोषणा की

Posted on 12 December 2012 by admin

press-1-5x10उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री अखिलेश यादव ने होमगाडर््स स्वयंसेवकों का डयूटी भत्ता 160 रुपये से बढ़ाकर 200 रुपये प्रतिदिवस करने तथा अन्तर्जनपदीय संचरण की स्थिति में प्रतिदिवस 10 रुपये अतिरिक्त धनराशि के स्थान पर 30 रुपये दिए जाने की घोषणा की है। उन्होंने कल्याण कोष की धनराशि बढ़ाकर 05 करोड़ रुपये करने तथा 50 रुपये परेड भत्ता देने की भी घोषणा की। इसके अलावा उन्होंने कुम्भ एवं अर्धकुम्भ में स्वयंसेवकों की डयूटी के दौरान 60 रुपये प्रतिदिवस भोजन भत्ता करने की भी बात कही है। उन्होंने अवैतनिक प्लाटून कमाण्डर/कम्पनी कमाण्डर के मानदेय में भी बढ़ोत्तरी करते हुए वर्तमान राशि को दोगुना करने की घोषणा की।
press1मुख्यमंत्री आज यहां उत्तर प्रदेश होमगार्ड्स मुख्यालय, परेड ग्राउण्ड में होमगाडर््स की स्थापना के 50 वर्ष पूरे होने पर आयोजित स्वर्ण जयन्ती समारोह में
रैतिक परेड सलामी स्वीकार करने के बाद होमगार्ड्स के अधिकारियों, कर्मचारियों एवं स्वयंसेवकों को सम्बोधित कर रहे थे। इस अवसर पर उन्होंने अवैतनिक
प्लाटून कमाण्डर/कम्पनी कमाण्डर के मानदेय में बढ़ोत्तरी करने तथा डयूटी पर शहीद होने की स्थिति में स्वयंसेवकों के परिवारीजनों को 03 लाख रुपये की वर्तमान आर्थिक सहायता बढ़ाकर 05 लाख रुपये करने तथा विकलांगता की स्थिति में 03 लाख रुपये का सहयोग देने की घोषणा भी की। इस मौके पर मुख्यमंत्री ने कहा कि स्वयंसेवकों की समान रूप से डयूटी के अवसर उपलब्ध कराने के लिए डयूटी व्यवस्था को कम्प्यूटराइज किया जाएगा, ताकि पारदर्शी ढंग से सभी स्वयंसेवकों की डयूटी लग सके।
श्री यादव ने होमगाडर््स आॅफिसर मेस भवन को दो मंजिला बनाने, परेड ग्राउण्ड की चाहरदीवारी को ठीक कराने के साथ-साथ विभाग से संबंधित अन्य प्रकरणों पर प्रस्ताव उपलब्ध कराने के लिए कहा है, ताकि उन पर शीघ्र निर्णय लिया जा सके। इस अवसर पर उन्हांेने होमगाडर््स अधिकारियों, कर्मचारियों एवं स्वयंसेवकों द्वारा प्रस्तुत शानदार परेड की तरीफ करते हुए कहा कि संगठन की परेड अन्य संगठनों द्वारा प्रस्तुत परेड से कम नहीं थी। उन्होंने भारत पाकिस्तान युद्ध के अलावा चुनाव, यातायात व्यवस्था तथा अन्य अवसरों पर होमगाडर््स के स्वयंसेवकों द्वारा किए गए कार्याें की प्रशंसा करते हुए कहा कि यह संगठन पूरी तरह अनुशासित एवं जनता की हित में काम करने वाला है। उन्होंने कहा कि उनकी सरकार राज्य के नौजवानों, किसानों, महिलाओं, मजदूरों के हित में सीधे लाभ पहंुचाने वाली योजनाओं को संचालित कर रही है। उन्होंने पिछली राज्य सरकार द्वारा किए गए वित्तीय संसाधनों के दुरूपयोग की चर्चा करते हुए कहा कि वर्तमान राज्य सरकार वित्तीय संसाधनों का सही उपयोग करते हुए प्रदेश को आगे ले जाने के लिए और तेजी से काम करेगी।
press-11इस मौके पर मुख्यमंत्री ने विशिष्ट एवं सराहनीय सेवाओं हेतु राष्ट्रपति के गृह रक्षक एवं नागरिक सुरक्षा पदक से डिप्टी कमाण्डेन्ट जनरल, अजय कुमार सिंह, जिला कमाण्डेन्ट विनय कुमार मिश्र, श्याम प्यारे राम, प्लाटून कमाण्डर जितेन्द्र सिंह तथा कनिष्ठ प्रशिक्षक राधेश बाबू मिश्र को सम्मानित किया। इसके अतिरिक्त उन्होंने डयूटी के दौरान शहीद स्वयंसेवकों के आश्रितों क्रमशः श्रीमती राधा देवी पत्नी स्व0 जियालाल, श्रीमती मारग पत्नी स्व0 रामनरेश तथा श्रीमती सुरैनिया पत्नी स्व0 राजाराम को 03-03 लाख रुपये के चेक वितरित किए। इसके पूर्व मुख्यमंत्री का स्वागत करते हुए होमगाडर््स मंत्री ब्रहमा शंकर त्रिपाठी ने कहा कि होमगाडर््स संगठन को जो भी काम दिया जाता है, इसके स्वयंसेवक पूरी निष्ठा एवं ईमानदारी से पूरा करने का प्रयास करते हैं। उन्होंने विभाग की विभिन्न समस्याओं की तरफ मुख्यमंत्री का ध्यान आकर्षित कराते हुए संगठन को और अधिक मजबूत बनाने का आग्रह किया।  कार्यक्रम में होमगाडर््स राज्य मंत्री नरेन्द्र सिंह यादव, कमाण्डेन्ट जनरल होमगाडर््स अतुल सहित अन्य अधिकारी एवं गणमान्य व्यक्ति उपस्थित थे।

सुरेन्द्र अग्निहोत्री
agnihotri1966@gmail.com
sa@upnewslive.com

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