Archive | September 22nd, 2012

अनर्गल प्रचार कर अपनी रोटियां सेंकने में लग गए है

Posted on 22 September 2012 by admin

समाजवादी पार्टी के प्रदेश प्रवक्ता राजेन्द्र चैधरी ने कहा है कि भारतीय राजनीति में कुछ तत्व भ्रम और अनर्गल प्रचार कर अपनी रोटियां सेंकने में लग गए है। ये वे तत्व हैं जो अवसर के अनुकूल रंग बदलते हैं, उनके विचारों में निरंतरता नहीं रहती है और जो अपने स्वार्थ पर सिद्धान्तों की बलि देते रहते हैं। जनता ऐसे तत्वों की नस-नस से वाकिफ है इसीलिए चुनावों में इन्हें करारी शिकस्त मिली है, फिर भी इन्होने सबक नहीं सीखा है।
समाजवादी पार्टी हमेशा सिद्धान्त और विचारधारा की राजनीति करती रही है। उसके सरोकार जनसामान्य से जुड़े हैं इस कारण जब भी जनहित के विरूद्व कोई निर्णय किसी स्तर पर होता है  समाजवादी पार्टी उसके विरोध में खड़ी दिखाई देती है। केन्द्र में जब कभी कोई ऐसा मुद्दा उठा जिससे आम जनता प्रभावित होती दिखी तो समाजवादी पार्टी ने उसका विरोध किया। महिला आरक्षण, जातीयगणना, मंहगाई, एफडीआई, डीजल मूल्य वृद्धि पर समाजवादी पार्टी ने संसद और बाहर एक सा रूख दिखाया। उत्तर प्रदेश में बसपा राज में कुशासन और भ्रष्टाचार के खिलाफ विधानमंडल से लेकर सड़क तक संघर्ष की अगुवाई समाजवादी पार्टी ने ही की।
समाजवादी पार्टी धर्मनिरपेक्षता के लिए प्रतिबद्ध है। सांप्रदायिक ताकतों को उत्तर प्रदेश में समाजवादी पार्टी ने ही रोके रखा है। आज अगर केन्द्र में सांप्रदायिक तत्व सत्ता से बाहर हैं तो उसका श्रेय समाजवादी पार्टी को ही जाता है। आज भी समाजवादी पार्टी का यही रूख है कि वह केन्द्र में सांप्रदायिक तत्वों को कब्जा नहीं करने देगी। इसीलिए संप्रग में न रहते हुए भी वह केन्द्र में संप्रग सरकार को बाहर से समर्थन दे रही है। समाजवादी पार्टी का सांप्रदायिकता विरोधी संघर्ष का इतिहास दशकों पुराना है। देश का बच्चा-बच्चा जानता है कि बाबरी मस्जिद को बचाने के लिए श्री मुलायम सिंह यादव ने अपनी सरकार को भी खतरे में डाल दिया था। जब हाईकोर्ट के निर्णय से मुस्लिम जगत हताश और आघात में था तब उसकी आवाज बनकर नेताजी ने ही घोषणा की थी कि देश आस्था से नहीं, संविधान से चलेगा।
समाजवादी पार्टी अपनी कथनी और करनी में एक है, इसे प्रमाणित करने की जरूरत नहीं। जहाॅ किसान, अल्पसंख्यक और गरीब-नौजवान के हितो का सवाल हों, समाजवादी पार्टी उनके साथ है। जहाॅ सिद्धान्त का सवाल हो वहां समाजवादी पार्टी किसी से समझौता नहीं करती है। इसीलिए उत्तर प्रदेश की जनता ने समाजवादी पार्टी को बहुमत देकर सरकार बनाई है। जबकि दूसरे दल जो एफडीआई का समर्थन अपने विजन डाक्यूमेंट 2004में कर चुके हैं अब भारत के व्यापारियों के प्रति घडि़याली आंसू बहा रहे हैं।
समाजवादी पार्टी ने यह स्पष्ट कर दिया है कि वह मध्यावधि चुनाव नहीं चाहती है क्योंकि उसका बोझ आम जनता पर पडेगा। केन्द्र सरकार को गिराने का पाप भी वह अपने सिर नहीं लेना चाहती है क्योंकि संप्रग सरकार गिराने पर सांप्रदायिक शक्तियों को सिर उठाने का मौका मिल जाएगा। लेकिन यह भी श्री मुलायम सिंह यादव ने स्पष्ट कर दिया है कि वे धर्मनिरपेक्षता और जनहित के सवालों पर कोई समझौता नहीं करेगें। इनके लिए वे सतत संघर्ष करते रहेगें।

सुरेन्द्र अग्निहोत्री
agnihotri1966@gmail.com
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तीर्थ यात्रियों तथा पर्यटकों की सुविधाएं बढ़ाने के लिए 50 करोड़ रुपये से अधिक की योजनाओं की घोषणा

Posted on 22 September 2012 by admin

akshaypatra-opening-up-cm-akhilesh-yadav-mathura1उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री श्री अखिलेश यादव ने मथुरा-वृन्दावन-गोवर्धन में तीर्थ यात्रियों तथा पर्यटकों की सुविधाएं बढ़ाने के लिए 50 करोड़ रुपये से अधिक की योजनाओं की घोषणा की। मुख्यमंत्री ने मथुरा में यमुना नदी पर बने पुल के जीर्णशीर्ण हो गए पुल के स्थान पर नया पुल बनाए जाने की भी घोषणा की। उन्होंने कहा कि मथुरा, वृन्दावन, गोवर्धन में देश ही नहीं विदेशों से लोग आते है, यहां साफ सफाई अच्छी हो इसके लिये आवश्यक उपकरणों की भी व्यवस्था की जायेगी।
श्री यादव आज मथुरा में एक संस्था द्वारा आयोजित कार्यक्रम में शामिल होने के बाद एक जनसभा को सम्बोधित कर रहे थे। उन्होंने कहा कि मथुरा को पर्यटन की दृष्टि से और अधिक विकसित करने के लिए 30 करोड़ रुपये की लागत से मथुरा के घाटों का सुन्दरीकरण, कुण्डों-सरोवरों का जीर्णाेद्धार आदि कार्य कराये जायेगे। उन्होंने कहा कि बरसात में क्षतिग्रस्त हो गई सड़कों की मरम्मत भी कराई जाएगी, जिस पर 8 करोड़ रुपए व्यय होंगे। बरसाना-कोसीकलाॅ मार्ग के चैड़ीकरण व सुदृढ़ीकरण पर 4 करोड़ रुपए व्यय किये जायेगे। गोवर्धन कच्चे परिक्रमा मार्ग के चैड़ीकरण व सौन्दर्यीकरण कार्यों पर भी एक करोड़ रुपए व्यय किये जायेगे।
वृन्दावन में आधुनिक तकनीक से बनी अक्षयपात्र संस्था की रसोई का उद्घाटन एवं लोकार्पण अवसर पर श्री यादव ने कहा कि मथुरा में विकास के भरपूर कार्य किये जायेगे। सरकार की जनकल्याणकारी योजनाओं के सम्बन्ध में मुख्यमंत्री ने कहा कि कन्या विद्या धन योजना एवं बेरोजगारी भत्ता का वितरण शुरू हो गया है। कन्या विद्या धन योजना से बालिका शिक्षा का विकास होगा। योजनाओं के लिये पर्याप्त धनराशि की व्यवस्था बजट में प्राविधानित कर दी गई है। मुस्लिम समुदाय की लड़कियों की शिक्षा को बढ़ावा देने के लिये सहायता राशि की व्यवस्था की गई है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रदेश में औद्योगिक स्थापना एवं आई0टी0 सेक्टर को बढ़ाने का माहौल बनाया जा रहा है। उत्तर प्रदेश में कक्षा 10 व 12वीं पास छात्रों को टेबलेट पी0सी0 व लैपटाॅप दिये जाने की कार्रवाई की जा रही है। यह  कम्प्यूटर व लैपटाॅप हिन्दी, अंगे्रजी व उर्दू में कार्य करेगें, इससे किसी भी ग्रामीण छात्र को कोई दिक्कत नहीं होगी।
akshaypatra-kitchen-up-cm-akhilesh-yadav-mathuraमुख्यमंत्री ने कहा कि प्रदेश सरकार ने किसानों पर लगे झुठे मुकद्दमें वापस लेने का कार्य शुरू कर दिया है। प्रदेश में विद्युत उत्पादकता बढ़ाने की दिशा में भी सरकार कार्य कर रही है। विद्युत आपूर्ति बढ़ाने के इन्तजाम किये जा रहे है। उन्होंने कहा कि मथुरा श्री कृष्ण जी की जन्मस्थली है और उनकी लीलायें विश्व विख्यात हैं। इसलिए इस स्थान का महत्व बहुत बढ़ जाता है। यहां के विकास को भरपूर सहयोग दिया जायेगा। इस अवसर पर स्थानीय पत्रकारों द्वारा पे्रस क्लब की माॅग पर मुख्यमंत्री ने कहा कि सम्यक विचारोपरान्त पे्रस क्लब की व्यवस्था करायी जायेगी।
मुख्यमंत्री ने अक्षयपात्र की आधुनिक रसोई के वृन्दावन में स्थापना पर अक्षयपात्र संस्था को धन्यवाद ज्ञापित करते हुए कहा कि इससे छात्रों को स्वच्छ, पौष्टिक व समय पर खाना उपलब्ध होगा। ऐसी संस्थाओं को प्रदेश में अन्य स्थानों पर कार्य करने के लिये सरकार सहयोग करेगी ताकि अधिक से अधिक स्कूली बच्चों को पौष्टिक खाना मिले। लोकार्पित आधुनिक रसोई से जनपद मथुरा के 1633 स्कूलों में एक लाख 65 हजार बच्चों को प्रतिदिन मिड-डे-मील वितरित किया जा रहा है। इस रसोई में 40 हजार रोटी प्रति घंटा बनाने की आॅटोमेटिक मशीन है। आॅटोमेटिक व्यवस्था से सब्जी की सफाई, कटाई व बनाने का कार्य होता हैं। करीब 7 वाहनों से खाना स्कूलों में ले जाया जाता है। इस अवसर पर मुख्यमंत्री ने अक्षयपात्र द्वारा लागू की गई नई अक्षय थाली योजना का शुभारम्भ भी किया।
मथुरा भ्रमण के दौरान मुख्यमंत्री ने फोगला आश्रम में आयोजित स्वामी हरिदास संगीत एवं नृत्य समारोह का दीप प्रज्ज्वलित कर उद्घाटन भी किया। अपने सम्बोधन में श्री यादव ने कहा कि यमुना की सफाई हम सभी के प्रयासों से सम्भव हो सकती है और इस कार्य में समाजिक संगठनों, संस्थाओं तथा जनसहभागिता की बहुत बड़ी आवश्यकता हैं, शासन स्तर से जो भी सहयोग अपेक्षित होगा प्रदान किया जायेगा।
iskon-up-cm-akhilesh-yadav-mathuraश्री यादव ने कहा कि संगीत एवं नृत्य जनजीवन की प्राणवायु है, जो सदियों से हमें भाई-चारे और मेलमिलाप से मिलजुल कर रहने की पे्ररणा देता है। मुख्यमंत्री ने कहा कि ब्रज भूमि को मैं बार-बार नमन करता हूॅ इस भूमि से जो संत-महात्मा एवं कलाकार हुए है उन्होंने हमेशा ही जन कल्याण के उपदेश दिये एवं कार्य किये है, ऐसी ब्रज भूमि के लोगों के कल्याण एवं उत्थान तथा प्रोत्साहन के लिये जो भी जरूरी मदद होगी उन्हें उपलब्ध करायी जायेगी।
मुख्यमंत्री ने वृन्दावन भ्रमण के दौरान बाॅकेबिहारी जी के दर्शन कर आशीर्वाद प्राप्त किया। इस अवसर पर प्रदेश के परिवहन मंत्री श्री राजा अरिदमन सिंह, इन्फोसिस, मनीपाल एकेडमी के उच्चाधिकारी व अक्षयपात्र फाउन्डेशन के प्रतिनिधि, स्वामी हरिदास जयन्ती समारोह के प्रतिनिधिगण, जनप्रतिनिधि तथा आम लोग उपस्थित थे।

सुरेन्द्र अग्निहोत्री
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मुकदमों की वापसी पर प्रश्न चिन्ह

Posted on 22 September 2012 by admin

भारतीय जनता पार्टी ने सपा सरकार द्वारा लगभग 3 हजार सपा कार्यकर्ताओं पर मुकदमों की वापसी पर प्रश्न चिन्ह लगाया। पार्टी के प्रदेश प्रवक्ता डा0 मनोज मिश्र ने कहा कि इन मुकदमों की वापसी की आड़ में अपराधी तत्वों को बचाने की कोशिश  तो सरकार नही कर रही है। सरकार द्वारा इस तरह के फैसले सोची समझी रणनीति के तहत  किये जा रहे है ताकि दबंगई का एजेण्डा सरकार चला सके। डा0 मिश्र ने कहा कि झूठे मुकदमों को वापस किया जाना ही चाहिए परन्तु राजनैतिक उत्पीड़न के मुकदमों की पहले सही समीक्षा की जानी चाहिए उसके बाद ही कोई निर्णय किया जाना चाहिए।
प्रदेश प्रवक्ता ने कहा कि सपा और बसपा का इतिहास ही रहा है कि अन्य दलों के कार्यकर्ताओं पर झूठे मुकदमे कायम कर उनका उत्पीड़न करना। विरोधी आवाज को ये दोनों दल बर्दाश्त नही कर पाते है। डा0 मिश्र ने बताया की कि प्रदेश भर में सैकड़ो हजारों भाजपा कार्यकर्ताओं पर भी झूठे मुकदमें सपा और बसपा के शासन काल में दर्ज किये गये है। उन्होंने मांग की पूरे प्रदेश मंे भाजपा कार्यकर्ताओं पर भी लगाये गये झूठे मुकदमें सरकार को वापस लेने चाहिए। सरकार को राजनैतिक कार्यकर्ताओं के उत्पीड़न के विरोध में एक नीति बनानी चाहिए जिसमें समीक्षा के बाद मुकदमें दर्ज या हटाये जाने चाहिए। पिछली सपा सरकार में सर्वाधिक झूठे मुकदमें भाजपा कार्यकर्ताओं पर लादे गये थे जिनका पार्टी ने समय-समय पर विरोध दर्ज किया था।
डा0 मिश्र ने याद दिलाया कि इसी तरह सपा सरकार संदिग्ध आतंकवादियों के मामले में भी मुकदमें वापसी करना चाहती है। कानून व्यवस्था तथा आतंकवाद जैसे मामलों में सरकार का चलताऊ रवैया प्रदेश के लिए कहीं भारी न पड़ जाये। इसी ढुलमुल नीति के कारण प्रदेश कई बार दंगे की चपेट मे आया तथा प्रतिदिन कहीं न कहीं अशान्ति रहती है। अतः सरकार सम्वेदनशील होकर नीतिगत निर्णय करें।

सुरेन्द्र अग्निहोत्री
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सभी जिला मुख्यालयों पर एक दिवसीय धरना

Posted on 22 September 2012 by admin

खुदरा ब्यापार क्षेत्र में प्रत्यक्ष विदेशी निवेश (FDI), डीजल और रसोई गैस की कीमतों में बेतहाशा वृद्धि, सरकारी अनुबन्धित खेती एवं भीषण मॅहगाई जैसे केन्द्र सरकार की जनविरोधी एवं अदूरदर्शी नीतियों के विरोध में जनता दल (यूनाइटेड) उत्तर प्रदेश के प्रदेश अध्यक्ष मा0 सुरेश निरंजन भइया जी के आवाह्न पर पार्टी के कार्यकर्ताओं द्वारा दिनाॅक-24.09.2012 दिन सोमवार को प्रदेश के सभी जिला मुख्यालयों पर एक दिवसीय धरना देकर महामहिम राष्ट्रपति के नाम ज्ञापन सौंपा जाएगा । इस समय पूरा देश मॅहगाई की मार से त्रस्त है और इस भीषण मॅहगाई के समय इन चीजों के दामों में वृद्धि करना केन्द्र सरकार की हठ धर्मिता को दर्शाता है जिसका प्रदेश ब्यापी विरोध होना नितान्त आवश्यक है । अभूतपूर्व भारत बन्दी के दिन केन्द्र सरकार ने खुदरा क्षेत्र में एफ.डी.आई लागू करके दिखा दिया है कि वह आम आदमी को धोखा देकर पूॅजीपतियों को लाभ पहुॅचाना चाहती है जिसका साथ कुछ क्षेत्रीय पार्टियां दे रही हैं । इन्हीं सब बातों को लेकर जनता दल (यूनाइटेड) ने धरना देकर विरोध करने का निर्णय लिया है । इसी क्रम में 24 सितम्बर को लखनऊ में भी विधान सभा के सामने (धरना स्थल पर) प्रातः 10 बजे से धरना दिया जाएगा जिसमें लखनऊ के पार्टी पदाधिकारी/कार्यकर्ता महिला एवं युवा साथी एकत्रित होकर केन्द्र सरकार की नीतियों का भण्डाफोड़ करेंगें और चुनाव में इस दम्भी सरकार को उखाड़ फेकनें का आम जनता से आवाह्न किया जाएगा ।

सुरेन्द्र अग्निहोत्री
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वालमार्ट के बल पर विकास की बात बेमानी - डॅा0 दिलीप अग्निहोत्री

Posted on 22 September 2012 by admin

agniकुछ लोगों के बारे में कहा जाता है कि ना इनकी दोस्ती अच्छी, ना इनकी दुश्मनी अच्छी’। दोनों ही रूप में ये कष्ट देते है। इसी तर्ज पर संप्रग सरकार के बारे में कहा जा सकता है- ‘‘ना इनकी सुस्ती अच्छी, ना इनकी तेजी अच्छी।’ दोनों ही रूप कष्टप्रद है। बताया जाता है कि सरकार अपने ऊपर लगाने वाले निष्क्रियता के आरोप से परेशान थी। देश से लेकर परदेश तक उस पर ऐसे आरोप लग रहे थे। कई विदेशी पत्र-पत्रिकाएं प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह को ‘उम्मीदो से कम ’ और असफल बता रही थी। यहां तक गनीमत थी। मनमोहन सिंह ऐसी भीतर-बाहर की आलोचनाओं से ऊपर रहते है। वह निर्लिप्त रहते है। निन्दा को गम्भीरता से लेते तो इतने वर्षो तक पद पर रहना मुश्किल हो जाता। लेकिन हद तो तब हुई जब ऐसी ही विदेशी पत्रिका ने वर्तमान के साथ-साथ भविष्य की भी आलोचना शुरू कर दी। उसने कांग्रेस महासचिव की निर्णय क्षमता पर प्रश्न उठाए।

इसके फौरान बाद सरकार ने सक्रियता दिखाई। वह निष्क्रियता के आरोप से मुक्त होने के कदम उठाने लगी। नीतिगत निर्णय लेने लगी। विपक्ष की बात अलग, सहयोगियों से विचार -विमर्श के बिना उसने रिटेल में एफ.डी. आई. को मंजूरी दी। डीजल के दाम बढ़ाए। रसोई गैस सिलेण्डर की सब्सिडी समाप्त करने की दिशा में कदम उठाए। सब्सिडी युक्त सिर्फ छः सिलेण्डर देने का फरमान जारी किया। यह उसकी सक्रियता थी। कष्टप्रद साबित हुई। निष्क्रिय रहती है, तब भ्रष्टाचार का आरोप लगता है। कोयला आवंटन में भारी घोटाला  होता रहा। मंत्रियों के सगे -’संबंधी हाथ साफ करते रहे, सरकार शान्त भाव से देखती रही थी। रसूखदार लोग सैकड़ो की संख्या में सिलेण्डर लेते रहे। सब्सिडी का भरपूर फायदा धनी लोग शुरू से उठाते रहे। मंहगी गाडि़यों में डीजल की खपत होती रही। यह सब सरकार की जानकारी में था। किसी भी प्रकार की सब्सिडी इस वर्ग के लिए नहीं थी। नहीं होनी चाहिए। समय रहते इस प्रवृत्ति को नियंत्रित करने की आवश्यकता थी। लेकिन ऐसा नहीं किया गया। फिर जब निर्णय किया तो गरीब , अमीर औश्र जरूरतमंद किसान सभी को एक पड़ले में रखा गया। सभी के लिए एक ही नीति। निश्चित ही सरकार की नीति में संवेदनशीलता का अभाव था। उसे अपनी सक्रियता दिखानी थी। यह संदेश देना था कि वह नीतिगत निर्णय कर सकती है। लेकिन ऐसा करते समय वह सामाजिक न्याय नहीं कर सकी। सरकार ने व्यवहारिकता का परिचय नहीं दिया।
रिटेल में एफ.डी. आई. की मंजूरी का परिणाम सरकार पहले भी देख चुके थी। फिर व्यापक विचार-विमर्श के बाद इसे पुनः मंजूर करने का क्या औचित्य था। मल्टी ब्रंाड रिटेल में इक्यावन प्रतिशत नागरिक उड्डयन में उन्यास, ब्राडकास्ंिटग में चैहत्तर, टी. वी. चैनल व एफएम रेडियो में छब्बीस व सिंगल ब्रांड रिटेल में शत प्रतिशत विदेशी पंूजी निवेश भारत की अर्थव्यवस्था, स्वायत्तता ही नहीं संस्कृति पर भी प्रतिकूल प्रभाव डालेगा। वालमार्ट, कैरफोर, टेस्कों आदि का इतिहास निराशाजनक है। ये कहीं भी किसानों या खुदरा व्यापारियों का हित नहीं कर सकी। सरकार को इससे सबक लेना चाहिए। इस नीति का सड़क पर विरोध करने वाले तथा संसद में सरकार को बचाने, प्रोत्साहन देने वाले दल भी भविष्य में जवाब देह होंगे।
सरकार को एफ. डी. आई. पर होने वाले व्यापक विरोध का पहले ही अनुभव हो चुका है। तब सरकार ने अपने निर्णय पर रोलबैक किया था। तात्कालीन वित्त मंत्री ने संसद में आश्वासन दिया था कि राज्यों की सहमति के बिना इसे लागू नहीं किया जाएगा। ऐसे में दुबारा इस आग से खेलने का क्या औचित्य था। राज्यांे व विपक्षी दलों से विचार -विमर्श की बात अलग, सरकार ने अपने सहयोगियों को भी विश्वास में नहीं लिया। तणमूल कांग्रेस के कदम से यह बात स्पष्ट हो चुकी है। उसने सरकार पर गलत बयानी व झूठ बोलने का आरोप लगाया है। एफ. डी. आई. को दुबारा मंजूर करने पर सरकार अन्य पक्षों के साथ सहमति बनाने का प्रयास नहीं कर रही थी। देश में कोयला घोटालें का मामला गर्म था। दूसरी तरफ     विदेशी विदेशी पत्रिका मनमोहन सिंह और राहुल गांधी पर नाकामी और किंकर्तव्यविमूढ़ होने की रेंटिग बना रही थी। कहीं ऐसा तो नहीं कि सरकार ने अपनी समझ में एक तीर से दो निशाने साधने का प्रयास किया है। तीर एक एफ. डी. आई. की मंजूरी । निशाने दो -एक तो कोयला घोटाले की आग दब गई। दूसरा- अमेरिका को संदेश दिया गया कि उसके यहां से प्रकाशित टाइम पत्रिका का आकलन गलत है। सरकार के मुखिया, मंत्री व कांग्रेस हाईकमान निर्णय लेने में समर्थ है। खुदरा व्यापार में विदेशी निवेश को मंजूर किया। कई अन्य क्षेत्रों के द्वार खोल दिए। अब तो मानों कि सरकार नकारा नहीं है। यदि सक्रियता प्रदर्शित करने के ये कारण थे, तो उसकी सार्थकता पर विचार करना चाहिए। कोयले के दाग मिटना असम्भव है। टू-जी की भांति ये भी सप्रंग के दामन पर स्थायी रूप से रहेंगे। केन्द्रीय गृहमंत्री सुशील कुमार शिन्दे ने भी माना है कि उन्होंने कोयले के दाग मिटने की बात हंसी में कही थी। इसी प्रकार वालमार्ट के बल पर विकास का सब्जबाग दिखाना भी बेमानी है। इसके द्वारा किसानों की उन्नति , उघोगों का विकास, रोजगार में बढ़ोत्तरी के सभी दावे छलावा है। खुदरा में विदेशी पूंजी निवेश करने वाले विदेशी व्यापारी अपना हित ही पूरा करेंगे। प्रारम्भ में वह लोगों को आर्कषित करने के लिए छूट दे सकते है। लेकिन एकाधिकार बढ़ाने के साथ ही वह असली रंग दिखाने लगेंगे। उन्हें विश्व में जहां से सस्ता सामान मिलेगा। वही से लाकर भारत कांे गोदाम बनाऐगे। यहां डीजल आदि महंगे हो रहे है। खेती की लागत बढ़ रही है। खाद की किल्लत रहती है। सिंचाई सुविधापर्याप्त नहीं। बाढ़ा राहत में व्यापक भ्रष्टाचार है। किसानों की बदहाली बालमार्ट दूर नहीं कर सकते। चीन का सस्ता सामान ही वह भारत में लाऐगा। भारत को उघोगो पर इसका बहुत प्रतिकूल प्रभाव होगा। वालमार्ट पूरे विश्व में अब तक मात्र बीस लाख लोगों को रोजगार दे सका। भारत में करोड़ों को रोजगार कहां से देगा। जो सरकार दावा कर रही है। उल्टे असंगठित क्षेत्र  में लगे करोड़ो खुदरा व्यापारी बेरोजगारों की श्रेणी में आ जाएगे।
इस प्रकार के निर्णय देश और समाज के हित में नहीं है। सरकार सोच सकती है कि उसने अन्य समस्याओं से ध्यान हटाया है। लेकिन उसकी प्रतिष्ठा नहीं बढ़ी। सरकार में चैदह मंत्रियों पर भ्रष्टाचार के गम्भीर आरोप है। ले दे कर तणमूल के नेता बेदाग थे। वह फिर भी बाहर हुए। सरकार में किस प्रकार के लोग बचे है, इसका अनुमान लगाया जा सकता है। आय से अधिक सम्पति के आरोप पर सी. बी. आई. जांच का सामना कर रहे लोग सरकार को बचाने का काम करेंगे। सरकार बच सकती है, लेकिन जन सामान्य के प्रति सत्ता की सवंेदनशीलता नहीं बचा सकी। सरकार सुरक्षित रह सकती है, लेकिन उसके निर्णय से राष्ट्रीय हित सुरक्षित रहेंगे, इस पर सन्देह है।

सुरेन्द्र अग्निहोत्री
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भाजपा लखनऊ महानगर की ओर से जनसंघ काल के वरिष्ठत्तम कार्यकताओं का सम्मान 24 को

Posted on 22 September 2012 by admin

bjp-1भारतीय जनता पार्टी लखनऊ महानगर के प्रमुख कार्यकर्ताओं की एक बैठक नगर कार्यालय कैसरबाग पर महानगर संयोजक मनोहर सिंह की अध्यक्षता में सम्पन्न हुयी जिसमें पं. दीनदयाल उपाध्याय जी की जयन्ती के अवसर पर होने वाले कार्यक्रमों पर चर्चा की गयी।
बैठक में महानगर संयोजक मनोहर सिंह ने कहा कि 25 सितम्बर को पं0 दीनदयाल उपाध्याय जी की जयन्ती है। भारतीय जनता पार्टी लखनऊ महानगर की ओर से पंडित दीनदयाल जी की जयन्ती की पूर्व संन्ध्या पर दिनांक 24 सितम्बर को सायंकाल 5 प्रदेश कार्यालय पर जनसंघ काल के पार्टी के वरिष्ठत्तम कार्यकर्ताओं तथा 1990 के पूर्व के जिलाध्यक्षों का सम्मान समारोह आयोजित किया है। प्रदेश  अध्यक्ष डा. लक्ष्मीकान्त बापजेई तथा लखनऊ के सांसद लालजी टण्डन अपने वरिष्ठ कार्यकर्ताओं का सम्मान करेंगे। पण्डित जी की जयन्ती के अवसर पर दिनांक 25 सितम्बर को प्रातः 9 बजे दीनदयाल स्मृतिका चारबाग पर माल्यर्पण का भी कार्यक्रम आयोजित होगा जिसमें प्रदेश के वरिष्ठ नेतागण पंडित जी की आदमकद प्रतिमा पर माल्यार्पण करेंगे। बैठक में पूर्व क्षेत्रीय अध्यक्ष जयपाल सिंह ने कहा कि  पार्टी ने जनसंघ काल के कार्यकर्ताआंे का सम्मान करने का निर्णय लिया है। पार्टी उन सभी वरिष्ठ कार्यकर्ताओं को सम्मानित करेंगी जिन्होंने जनसंघ काल से लेकर अभी तक भारतीय जनता पार्टी को मजबूत करने में अपनी निर्णायक भूमिका निभाई है। भारतीय जनता पार्टी जब भी सत्ता शिखर तक पहुंची है उन्ही वरिष्ठ कार्यकर्ताओं के खून पसीने की मेहनत के बल पर पहुंची है। हम ऐसे कार्यकर्ताओं को कभी भूल नही सकते।
बैठक में महानगर संयोजक मनोहर सिंह, पूर्व क्षेत्रीय अध्यक्ष जयपाल सिंह, मान सिंह, रमेश तूफानी, अंजनी श्रीवास्तव, अमित गुप्ता, मुकेश शर्मा, सुनील मिश्रा, अनुराग मिश्रा अन्नू, कपिल सोनी, रजनीश गुप्ता, आनन्द द्विवेदी, विष्णु गर्ग, रंजाीत यादव, बीना गुप्ता, श्यामजाीत सिंह, संजय अवस्थी, पी.एन. पाण्डेय, मान सिंह यादव आदि कार्यकर्ता उपस्थित थे।

सुरेन्द्र अग्निहोत्री
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गंगा यात्रा आज कोलकाता से निकलकर नादिया जिले में प्रवेश कर गयी

Posted on 22 September 2012 by admin

photo2नावोदीप,( नादिया ) | भारतीय जनता पार्टी की वरिष्ठ  नेता उमाश्री भारती की गंगा यात्रा आज कोलकाता से निकलकर नादिया जिले में प्रवेश कर गयी | इससे पूर्व
कल शाम हावड़ा में पश्चिम बंगाल सरकार ने उमाश्री को सभा नही करने दी | जिसके कारण तनाव की स्थिती पैदा हो गयी | हावड़ा के रामकृष्णपुर घाट पर गंगा आरती के
बाद उपस्थित जनसमूह और कार्यकर्ताओ को संबोधित करते हुए उमाश्री ने कहा की गंगा की तरह बंगाल की राजनीती भी प्रदूषित हो गयी है | लेकिन आज गंगा यात्रा
में उमड़ते जनसैलाब और दबाव में पश्चिम बंगाल सरकार को यात्रा के दौरान लाउदस्पीकर लगाने और सभा करने की इजाजत दे दी | आज सुबह जगन्नाथ घाट पर गंगा
पूजन कर उमाश्री ने दूसरे दिन की यात्रा शुरू की | शाम को यात्रा नादिया जिले के नावोदीप पहुँची जहाँ उमाश्री ने एक सभा  को संबोधित किया | यात्रा में भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष राहुल सिन्हा, भाजयुमो के प्रदेश अध्यक्ष अमिताभ बनर्जी, गंगा प्रकोष्ठ के प्रदेश संयोजक आदित्य टंडन सहित सैकड़ो कार्यकर्ता साथ चल रहे थे |

सुरेन्द्र अग्निहोत्री
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बदले की भावना से प्रेरित होकर समाजवादी पार्टी के कार्यकर्ताओं का बहुत उत्पीड़न किया गया

Posted on 22 September 2012 by admin

समाजवादी पार्टी के प्रदेश प्रवक्ता राजेन्द्र चैधरी ने कहा है कि बसपा सरकार के कार्यकाल में समाजवादी पार्टी कार्यकर्ताओं पर दर्ज फर्जी मुकदमों को वापस लेने का निर्देश देकर समाजवादी पार्टी की सरकार और मुख्यमंत्री श्री अखिलेश यादव ने कार्यकर्ताओं के संघर्ष और समर्पण को सम्मान दिया है। डीएम और पुलिस कप्तानों को इस सम्बन्ध में कार्यवाही में तेजी लाने के लिए कहा गया है। अभी तीन हजार ऐसे मामले चिन्हित किए गए हैं।
पिछली बसपा सरकार के पंाच साल में बदले की भावना से प्रेरित होकर समाजवादी पार्टी के कार्यकर्ताओं का बहुत उत्पीड़न किया गया। कार्यकर्ताओं और उनके करीबियों को जबरन अपराधी बनाया गया। उनके खिलाफ बलवा, मारपीट, आम्र्सएक्ट में मुकदमे दर्ज किए गए। सबसे ज्यादा दुरूपयोग एससी-एसटी ऐक्ट का हुआ। जानबूझकर अनुसूचित जाति-जनजाति के लोगों से प्राथमिकी दर्ज कराई गई ताकि सपाईयों को सबक सिखाया जा सके।
बसपाराज में मुख्य विपक्षी दल होते हुए भी समाजवादी पार्टी के वरिष्ठ नेताओं तक को अपमानित किया गया। देश के सम्माननीय एवं वरिष्ठ नेता श्री मुलायम सिंह यादव के खिलाफ बसपा मुख्यमंत्री ने शपथ लेते ही डेढ़ सौ से ज्यादा मुकदमे विभिन्न जनपदो में दर्ज करा दिए थे। निकाय के चुनाव में प्रशासनतंत्र का भीषण दुरूपयोग कर अपनी मनमर्जी के अध्यक्ष एवं सदस्य बनवाए गए। प्रत्याशियों और उनके निकट संबंधियों पर दबाव डाले गए। धमकियां दी गई। सेवा नियमावली के विरूद्ध डीजी से लेकर दरोगा तक और आईएएस से लेकर लेखपाल तक का उपयोग बसपा के पक्ष में प्रचार तथा मत जुटाने के लिए किया गया।
श्री मुलायम सिंह यादव के नेतृत्व में समाजवादी पार्टी कार्यकर्ताओं ने बसपा के दमनात्मक तौर तरीको का पांच वर्ष तक सामना किया। उन पर पुलिस जुल्म की इंतहा हो गई। तभी नेताजी ने कहा था कि अपनी सरकार बनने पर कार्यकर्ताओं पर लगे सभी फर्जी केस वापस होगें। प्रदेश की जनता ने बसपा कुशासन को उखाड़ फेंका और श्री अखिलेश यादव के ऊर्जावान नेतृत्व में समाजवादी पार्टी को सरकार बनाने का बहुमत दिया। श्री अखिलेश यादव ने भी कार्यकर्ताओं के प्रति मान सम्मान के वायदे को याद रखा और उन पर लगे फर्जी मुकदमे वापस लेने के आदेश दे दिए हैं। मुख्यमंत्री जी ने बिना किसी रागद्वेष के फर्जी ढंग से लगाए गए आरोपों की वापसी का आदेश देकर फिर साबित कर दिया है कि समाजवादी जो कहते है वही करते हैं और जो करते हैं, वही कहते हैं। उनकी कथनी करनी में अंतर नहीं है। उनके शासनकाल में कही भी विपक्ष के प्रति दमनात्मक कार्यवाही की खबर या शिकायत नहीं सुनाई पड़ी है। उन्होने बल्कि विधान भवन के सामने धरना स्थल बहाल कर अपनी सरकार के विरोध में भी धरना प्रदर्शन की अनुमति दे दी है। लोकतंत्र के प्रति यह श्री अखिलेश यादव की दृढ़ आस्था एवं जनता के प्रति उनकी सम्मान भावना का द्योतक है।

सुरेन्द्र अग्निहोत्री
agnihotri1966@gmail.com
sa@upnewslive.com

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राज्य के बाढ़ प्रभावित जनपदों में राहत वितरण कार्य में किसी भी प्रकार की शिथिलता न बरती जाय

Posted on 22 September 2012 by admin

उत्तर प्रदेश के राजस्व मंत्री श्री अम्बिका चैधरी ने अधिकारियों को निर्देश दिया है कि राज्य के बाढ़ प्रभावित जनपदों में राहत वितरण कार्य में किसी भी प्रकार की शिथिलता न बरती जाय। उन्होने कहा है कि राहत वितरण में जीवन निर्वाह के लिए सरकार द्वारा निर्धारित मानकों के अनुसार जरूरतमंद बाढ़ प्रभावित परिवारों को राहत सहायता प्रदान की जाय। उन्होंने कहा है कि यह सुनिश्चित किया जाये कि जन-धन की हानि न हो और समय से बाढ़ प्रभावित लोगों को सहायता मिल जाय। श्री चैधरी राहत के संबंध में प्रदेश के राहत आयुक्त श्री एम0वेंकटेश्वर लू के साथ एक बैठक कर रहे थे।
बैठक में राहत आयुक्त में श्री चैधरी को अवगत कराया कि वर्तमान वर्ष में प्रदेश में राज्य आपदा मोचक निधि से अब तक 164.1540 करोड़ रुपये की धनराशि राहत, सार्वजनिक सम्पत्तियों के पुनर्निर्माण ओर पुनस्र्थापना मद में उपलब्ध करायी जा चुकी है। इसमें राहत हेतु प्रदेश में 75.572 करोड़ रुपये की धनराशि जनपदों को भेजी जा चुकी है।  इसके  अतिरिक्त  पुनर्निर्माण  और  पुनस्र्थापना के  लिए लोक निर्माण विभाग को
29.1663 करोड़ रुपये, सिंचाई विभाग को 47.1409 करोड़ रुपये, ग्रामीण अभियंत्रण सेवा को 6.6832 करोड़ , ऊर्जा विभाग को 60.23 लाख, शिक्षा विभाग को 26.68 लाख, नगर विकास विभाग को 3.9648 करोेड़, चिकित्सा विभाग को 14.87 लाख तथा अन्य विभागों को 60.9 लाख रुपये की धनराशि उपलब्ध करायी जा चुकी है।
राहत आयुक्त ने राजस्व मंत्री श्री चैधरी को आश्वस्त किया कि राज्य आपदा मोचक निधि में पर्याप्त धनराशि उपलब्ध है और बाढ़ की स्थिति समाप्त होने के बाद बाढ़ के कारण हुई क्षति का आंकलन कराकर धनराशि उपलब्ध करा दी जायेगी।

सुरेन्द्र अग्निहोत्री
agnihotri1966@gmail.com
sa@upnewslive.com

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8205 मेगावाट विद्युत की आपूर्ति

Posted on 22 September 2012 by admin

उत्तर प्रदेश में आज दिन में पावर कारपोरेशन द्वारा 8205 मेगावाट विद्युत की आपूर्ति की जा रही है।
आज दिन में 2ः00 बजे राज्य विद्युत उत्पादन निगम के विद्युत गृहों से 2006 मेगावाट विद्युत का उत्पादन हो रहा था, जिसमें ओबरा से 246 मेगावाट अनपरा से 980 मेगावाट, पनकी से 111 मेगावाट, हरदुआगंज से 183 मेगावाट तथा पारीछा से 486 मेगावाट विद्युत का उत्पादन हो रहा था। इसके अलावा 721 मेगावाट जलीय विद्युत का उत्पादन हो रहा था।
पावर कारपोरेशन द्वारा केन्द्रीय क्षेत्र से 4378 मेगावाट विद्युत आयात की जा रही थी। इसके अलावा को-जनरेशन से 20 मेगावाट, रोजा से 540 मेगावाट, बजाज इनर्जी से 104 मेगावाट तथा लैन्को से 436 मेगावाट विद्युत आयात की जा रही थी।

सुरेन्द्र अग्निहोत्री
agnihotri1966@gmail.com
sa@upnewslive.com

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