Posted on 28 December 2011 by admin
भारतीय जनता पार्टी के राष्ट्रीय उपाध्यक्ष एवं चुनाव अभियान समिति के प्रमुख कलराज मिश्र ने आज कहा कि वोट बैंक की राजनीति कर कांग्रेस मजहबी आरक्षण के नाम पर देश को बांटने का षडयंत्र रच रही है। उ0प्र0 में फैले अराजकता और कंगाली के लिए कांग्रेस को भी जिम्मेदार ठहराते हुए कहा कि दिल्ली की सरकार को बचाने के लिए कांग्रेस ने उ0प्र0 को लूटने की बसपा को छूट दी। भाजपा ने बसपा सरकार में हुए घपले-घोटालों को तथ्यों सहित उजागर किया किन्तु मुख्यमंत्री ने आरोपों का जवाब देने के बजाय अर्नगल बयानबाजी तक ही खुद को सीमित रखा।
श्री मिश्र आज राजधानी लखनऊ के पूर्वी विधानसभा क्षेत्र के बूथस्तरीय कार्यकर्ताओं के सम्मेलन को बतौर भाजपा प्रत्याशी सम्बोधित कर रहे थे। उन्होंने पार्टी कार्यकर्ताओं का आवाह्न किया कि हम राष्ट्रवादी विचारधारा के राष्ट्रभक्त कार्यकर्ता हैं। हमारी जिम्मेदारी है कि इन राष्ट्रविरोधी साजिशों को नाकाम करें। उ0प्र0 का चुनाव सामान्य चुनाव नहीं है। भ्रष्टाचार के एजेण्डे पर काम कर रही केन्द्र व राज्य की बसपा सरकार के राज में प्रदेश कंगाल और बीमार हो गया है। सपा शासनकाल में फैले भ्रष्टाचार व अराजकता के एजेण्डे को बसपा सरकार ने और तेज किया।
उन्हांेने बसपा सरकार के घपले-घोटालों पर तीखे प्रहार करते हुए मुख्यमंत्री मायावती को भ्रष्टाचारियों की शिरोमणि बताया। पूरे प्रदेश में महिलाओं के साथ सत्ताधारी दल के लोगों ने बलात्कार किए, सरकारी कर्मचारियों की जघन्य हत्याओं में भी इनकी संलिप्तता रहीे। मुख्यमंत्री मायावती सहित पूरा मंत्रिमण्डल भ्रष्टाचारियों का समूह है। मुख्यमंत्री के भाई सहित वरिष्ठ बसपा नेताओ ने भी सत्ता का दुरूपयोग कर हजारों करोड़ रूपये के घोटालों को अन्जाम दिया।
श्री मिश्र ने कांग्रेस युवराज राहुल गांधी का जिक्र करते हुए कहा कि उ0प्र0 को बदलने की बात करने वाले कांग्रेस युवराज को जनता को यह बताना चाहिए कि केन्द्र में उसकी सरकार होने के वावजूद लगातार मंहगाई क्यों बढ़ रही है। यूपीए सरकार के कार्यकाल में हुए टू-जी स्पेक्ट्रम और कामनवेल्थ गेम्स जैसे श्रंृखलाबद्ध घोटालों के लिए कौन दोषी है।
उन्होंने पूर्वी क्षेत्र के कार्यकर्ताओं को सम्बोधित करते हुए कहा कि पूरी प्रमाणिकता और जनता के प्रति समर्पण भाव के साथ क्षेत्र का विकास करना मेरी पहली प्राथमिकता होगी। उन्हांेने कहा प्रदेश में सुशासन व विकास के संकल्प के साथ भाजपा की सरकार बनाने के लिए पार्टी कार्यकर्ता जनता के बीच जाकर सपा, बसपा व कांग्रेस की जनविरोधी नीतियों का पर्दाफाश करें। सम्मेलन को महापौर डा0 दिनेश शर्मा, प्रदेश उपाध्यक्ष डा0 महेन्द्र सिंह, प्रदेशमंत्री संतोष सिंह, पूर्व क्षेत्रीय अध्यक्ष जयपाल सिंह ने भी सम्बोधित किया।
कार्यक्रम में नगर अध्यक्ष प्रदीव भार्गव, महामंत्री मानसिंह व राजीव मिश्रा, मण्डल अध्यक्ष पंकज सिंह, संजय सिंह राठौर, जी0डी0शुक्ला, परागीलाल, के0सी0जैन, पार्षद पी0एन0सिंह, दिलीप श्रीवास्तव, अरूण तिवारी, गिरीश सिंह, सरोज, राजेश सिंह गब्बर, नरेन्द्र देवड़ी, अवधेश मिश्रा, रामकृष्ण यादव, पूर्व मण्डल अध्यक्ष पी0एन0 श्रीवास्तव, रामगोपाल मिश्रा, वर्षा सिन्हा, नरेन्द्र सोनकर, रामकुमार वर्मा, नरेन्द्र शर्मा, वीरू जसवानी, रामचन्द्र चैरसिया, रामसिंह यादव, माधवलखमानी सहित पार्टी के वरिष्ठ पदाधिकारी एवं कार्यकर्ता उपस्थित थे।
सुरेन्द्र अग्निहोत्री
मो0 9415508695
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Posted on 28 December 2011 by admin
निर्वाचन की घोषणा होने के उपरान्त समस्त जनपद में आदर्श आचार संहिता प्रभावी हो गयी है। उप जिला निर्वाचन अधिकारी/अपर जिलाधिकारी(नगर) अरूण प्रकाश ने बताया है कि माननीय मंत्रीगणों के भ्रमण के सम्बन्ध में भी भारत निर्वाचन आयोग द्वारा निर्देश जारी किये गये है।
निर्वाचन आयोग के निर्देशानुसार सामान्य निर्वाचन की घोषणा के पश्चात कोई भी केन्द्र या राज्य का कोई मंत्री अपने शासकीय दौरे को निर्वाचन कार्य के साथ सम्मिलित नही करेगें और शासकीय दौरे के पश्चात् वे अपने मुख्यालय लौट आयेगें। जिलों जहां निर्वाचन हो रहा है और जहां आदर्श आचरण संहिता प्रभावी है, वहां उनकी यात्रा पूर्णतया निजी प्रकार की होगी और ऐसी यात्रा मंत्री के मुख्यालय से प्रारम्भ हो मुख्यालय पर समाप्त होगी यदि कोई मा0 मंत्री किसी शासकीय कार्य से किसी अन्य जिले में जा रहे है और रास्ते में उस जिले से होकर गुजरना है जहां निर्वाचन हो रहा है तथा आदर्श आचरण संहिता प्रभावी है तो वह उस जिले में न तो रूकेगें और न ही किसी राजनीतिक कार्य में भाग लेगें।
आचार संहिता के अनुसार जिला जहां निर्वाचन हो रहा है, के किसी भी श्रेणी के कर्मचारी को किसी मंत्री द्वारा किसी जिले में की गयी किसी बैठक में सम्मिलित होने हेतु नही बुलाया जायेगा। यथा उन जिलों में भी नही जहां निर्वाचन नही हो रहा है। उन्होंने यह भी स्पष्ट किया है कि यदि कोई कर्मचारी मा0 मंत्री के निजी भ्रमण के दौरान, जहां निर्वाचन हो रहा है, मिलेगा तो वह सम्बन्धित सेवा नियमों के दुराचरण का दोषी होगा और यदि वह लोक प्रतिनिधित्व अधिनियम 1951 की धारा 129 (1) के अन्तर्गत कोई अधिकारी है तो उसे उक्त धारा के संवैधानिक प्राविधानों के उल्लघंन का दोषी माना जायेगा और उनके खिलाफ उक्त धारा के प्राविधान में कार्यवाही की जायेगी।
मा0 मंत्री द्वारा निर्वाचन क्षेत्र में किसी निजी भ्रमण के दौरान उनकी उपस्थिति को दर्शित करने के लिए कोई बीकान लाइट लगी पायलट कार या अन्य रंग की कार प्रयुक्त नही की जायेगी। भले ही राज्य प्रशासन ने उन्हें दौरे के दौरान सशस्त्र गाई ले जाने की अनुमति दी हो।
आयोग ने यह निर्देश दिये है कि राज्य के मुख्य निर्वाचन अधिकारी जिन्हे निर्वाचन गतिविधियों के पर्यवेक्षण के साथ-साथ आदर्श आचरण संहिता को लागू करने की जिम्मेदारी सौंपी गयी है, को राज्य अथवा केन्द्रीय मंत्री के प्रस्तावित दौरे की सूचना उस जिला निर्वाचन अधिकारी द्वारा दी जानी चाहिए जहां निर्वाचन हो रहा है और मुख्य निर्वाचन अधिकारी द्वारा आयोग को तद्नुसार अवगत कराया जायेगा। मा0 केन्द्रीय मंत्रियों तथा अन्य राज्य सरकारों के मंत्रियों पर भी उक्त निर्देश यथावत् लागू रहेगें।
सुरेन्द्र अग्निहोत्री
मो0 9415508695
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Posted on 28 December 2011 by admin
छात्रबृत्ति का मामला तूल पकडता जा रहा है। महत्वपूर्ण योजनाओं का बंटाधार करने विद्यालय के बाबू अपनी बौखलाहट के चलते शिकायत करने वाले ग्रामीणो व प्रधानों पर अपनी दबंगयी का नया हथकंडा अपना मार-पीट पर उतारू हो गये हंै। जिसका खामियाजा दर्जनों गरीब छात्र/छात्राओं को भुगतना पड़ रहा है।
मिली जानकारी के अनुसार जयसिंहपुर ब्लाक अन्तर्गत ग्राम पंचायत उदयपुर परसौंहा केे राष्ट्रवादी इण्टर कालेज सपाही इन दिनों सुर्खियों बना हुआ है। कार्यालय प्रमुख द्वारा ग्रामीणांे से मारपीट करना, गाॅव पंचायत प्रतिनिधि को गाली गलौज देना किसी गुण्डई से कम नही है। सूत्रों की माने तो पूर्ण रूप से अपने को फंसा देख विद्यालय के बाबू इस पर उतर आये हंै । न तो उन्हें विभाग का डर और न ही नौकरी का। छात्रांे केा शासन से दिया जाने वाला छात्रबृत्ति डकारने तथा दंबगयी का आरोप लगाया है। जिला बिद्यालय निरीक्षक ने स्वीकार किया गया कि विद्यालय की सूची पर ही मिलने वाली धनराशि समाज कल्याण विभाग धन उपलब्ध कराता है। सूत्रों का कहना है समाज कल्याण विभाग के अधिकारी एस0के0उपाध्याय से मुलाकात पर हुई वार्ता पर कहा कि ब्लाक जयसिंहपुर के ग्राम सभा उदयपुर परसौंहा के ग्राम प्रधान की शिक्षा समिति के खाते में कुल मिलाकर 36 छात्रों की सूची जिला विद्यालय के कार्यालय से आयी थी। उक्त के खाते में 17,280 रूपया खाते में भेज दिया गया है। जिसमें से 13 एस0सी0 एंव 23 सामान्य वर्ग के छात्रों को विद्यालय द्वारा भेजी गयी सूची पर सहायता राशि उपलब्ध करायी जा चुकी है। वहीं बौखलाये ग्रामीणों का कहना है कि क्या उक्त इण्टर कालेज सपाही में अल्पसंख्यक वर्ग के छात्र नही हंै, और है तो क्यों उन्हंे सरकार द्वारा मिलने वाली सहायता राशि उपलबध नहीं करायी गयी। जिस पर समाजसेबी संगठन नाराजगी जताते हुए कागे्रंस के अल्पसंख्यक प्रकोष्ठ के जिलाध्यक्ष आसिफ जहांगीर का कहना है कि अल्पसंख्य वर्ग के छात्रों के साथ विद्यालय के बाबू द्वारा धोखा किया जा रहा है । काग्रेंस अल्प संख्यक प्रकेाष्ठ इस वर्ग के खिलाफ हो रहे शोषण को लेकर सड़क पर उतने केा मजबूर हेागा। संगठन ने चेतावनी देते हुए कहा कि विद्यालय मंे शिक्षा गं्रहण करने वाले कक्षा 6 से 8, तक गरीब,विकलांग,व असहाय पढ़ने वाले बच्चों को छात्रबृत्ति ना बांटना अति निन्दनीय है। आगामी समय में कार्यालय प्रमुख को उक्त जातियों का शोषण करना महंगा पड़ सकता है। वहीं प्रधान समेत ग्रामीणों का मानना है कि,दबंगो के चगुंल मंे पड़ा 17280 रूपया विद्यालय के दबंग बाबू ड़कार जाना चाहता है। शासन द्वारा चलायी जाने वाली महत्वपूर्ण योजनाओं मंे गरीब छात्रों के लिये ज्योतिबा बाई फूले शिक्षा मदद योजना पर घुन लगाने में स्कूलों पर तैनात कर्मचारी बाज नहीं आ रहे हंै। अन्त्योदय, व बी0पी0एल0 परिवारों को शासन से दी जाने वाली गरीब छात्रों को प्रथम चरण मंे 15 हजार रूपया व एक साईकिल तथा दूसरे चरण में मात्र 10 हजार रूपये की राशि देना विभाग द्वारा निर्देशित है। जिसे लेकर प्रधान द्वारा लगाया गया आरोप अपने मंे चैकाने वाला है। छात्रों को दिये जाने वाले सुविधाओं के क्रियान्वयन पर अपनी प्रतिक्रिया जताते हुए एक वार्ता में गांव पंचायत प्रतिनिध राम दयाल वर्मा ने बताया कि अभी शिकायत मिली है कि जिन छात्राओं ने ज्योतिवा बाई फूले शिक्षा मदद योजना का लाभ पाने के लिये फार्म भरे थे उनसे बिद्यालय के बाबू द्वारा 500 रूपये की सुविधा शुल्क का मांग किया जा रहा है। जो गरीबों के लिये हितकर नहीं साबित हो रहा है। जबकि जनपद में तैनात जिला विद्यालय निरीक्षक के कार्यालय में तैनात संजय कुमार का कहना है कि राष्ट्रवादी इण्टर कालेज सपाही में लगभग 06 से 07 फार्म आये है। इसका वितरण स्कूल के कार्यरत बाबू, छात्रा समेत उनके अभिभावक की देख रेख में किया जाता है। चुनाव की अधिसूचना जारी होने से सारी सुविधायंे अधर में हंै।
सुरेन्द्र अग्निहोत्री
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