Archive | January 24th, 2015

भ्रष्टाचार चरित्र निर्माण से समाप्त होगा- लोक आयुक्त जिलाधिकारी अदिति सिंह को लोक भूषण सम्मान

Posted on 24 January 2015 by admin

मा0 लोक आयुक्त उ0प्र0 न्याय मूर्ति श्री एन0के0मेहरोत्रा ने कहा कि भ्रष्टाचार चरित्र निर्माण से समाप्त होगा। निर्भीक होकर भ्रष्टाचार को समाप्त करने की आवाज उठायें तभी समाज व देश का भला होगा। न्याय मूर्ति आज सुलतानपुर में पं0 राम नरेश त्रिपाठी सभागार में भारत भारती संस्था द्वारा अलंकरण समारोह को सम्बोधित कर रहे थे।
लोक आयुक्त ने इस अवसर पर रचनात्मक कार्यो और पीडि़त मानवता के प्रति समर्पित तथा श्रेष्ठ मानव मूल्यों की रक्षा और अपने कर्तव्य निष्ठा से अनुप्राणित करने वाली 13 विभूतियों को सुलतानपुर रत्न, लोकमणि, लोकरत्न, लोक भूषण तथा लोकदीप सम्मान से सम्मानित किया। लोकायुक्त ने सुलतानपुर की जिलाधिकारी श्रीमती अदिति सिंह को लोक भूषण सम्मान से सम्मानित किया। उन्होंने वरिष्ठ पत्रकार श्री राजखन्ना, एशियाड-2014 में कास्य पदक नौकायन विजेता मो0 आजाद तथा स्व0 बेंचू सिंह संस्थापक एम0जी0एस इण्टर कालेज को मरणोपरान्त सुलतानपुर रत्न से सम्मानित किया । इसीप्रकार आफिज अब्दुल कवि व निःशक्त छात्र शैलेश वर्मा को लोक दीप, लक्ष्मीकान्त को लोक भूषण, से सम्मान, रामदेवी, नगर सर्राफा व्यापार मण्डल, इण्टर नेशनल लायन्स मिडटाउन, तथा गोमती मित्र मण्डल व प्रगति वृक्षरोपिका को संयुक्त रूप को लोक रत्न सम्मान से सम्मानित किया।
लोक आयुक्त ने प्रारम्भ में द्वीप प्रज्जवलित कर अलंकरण समारोह का शुभारम्भ किया। उन्होंने अपने सम्बोधन में आयोजक संस्था भारत भारती को बधाई देते हुए कहा कि इस संस्था द्वारा समाज के विभिन्न क्षेत्रों में सराहनीय योगदान करने वाले तथा विलक्षण प्रतिभावों को सम्मानित करके एक सराहनीय कार्य किया है। उन्होंने सम्मान पाने वाले विशिष्ट विभूतियों को बधाई दी तथा कहा कि वे वास्तव में इस सम्मान के हकदार थे। उन्होंने जिलाधिकारी सुलतानपुर की सराहना करते हुए कहा कि सुलतानपुर के जिलाधिकारी की कर्मठता के कारण कम शिकायतें मिल रही है।
अलंकरण समारोह में जिलाधिकारी ने कहा कि भारत भारती संस्था द्वारा नेताजी सुभाष चन्द्र बोस के जन्म दिवस पर यह कार्यक्रम आयोजित करके अच्छा संदेश दिया है। उन्होंने कहा कि उनका प्रयास है कि जिले को संवेदनशील व जिम्मेदार प्रशासन मिले। उन्होंने कहा कि जिले के अधिकारियों, मीडिया तथा जनता  का अच्छा सहयोग मिल रहा है। इस मौके पर सम्मानित विभिन्न विभूतियों द्वारा अपने विचार व्यक्त किये गये। प्रारम्भ में संस्था के संरक्षक श्री अब्दुल करीम द्वारा लोक आयुक्त का स्वागत किया गया। संस्थापक सुन्दर लाल टण्डन द्वारा संस्था के उद्देश्यों पर प्रकाश डाला गया। अन्त में संस्था के अध्यक्ष अनूप कुमार ने सभी के प्रति धन्यवाद ज्ञापित किया। संचालन राम मिलन गुप्ता द्वारा किया गया। संस्था के सचिव प्रदीप पारोलिया आदि ने भी लोक आयुक्त का स्वागत किया।

सुरेन्द्र अग्निहोत्री
agnihotri1966@gmail.com
sa@upnewslive.com

Comments (0)

घटती धरती घटता जल नदियां हैं अमर-अचल

Posted on 24 January 2015 by admin

नदी स्वच्छता कार्यक्रम के लिए धन जुटाने की व्यवस्था में पिछले कई वर्षों के दौरान कई बदलाव हुए हैं। गंगा कार्य योजना (जीएपी), जो 1985 में शुरू हुई थी, शत प्रतिशत केंद्र पोषित योजना थी। जीएपी के दूसरे चरण में 1993 में आधी राशि केद्र सरकार और आधी राशि संबंधित राज्य सरकारों द्वारा जुटाए जाने की व्यवस्था की गई। एक अप्रैल, 1997 में यह व्यवस्था फिर बदल दी गयी और शत प्रतिशत धन केंद्र की मुहैया कराने लगा। एक अप्रैल, 2001 से केंद्र द्वारा 70 प्रतिशत राशि और राज्य द्वारा 30 प्रतिशत राशि जुटाने की व्यवस्था लागू हो गयी। इस 30 प्रतिशत राशि का एक तिहाई पब्लिक या स्थानीय निकाय के शेयर से जुटाया जाना था।
पृथ्वी का लगभग 71 प्रतिशत धरातल पानी से  आच्छादित है परंतु अलवणीय जल कुल जल का केवल लगभग 3 प्रतिशत ही है। वास्तव में अलवणीय जल का एक बहुत छोटा भाग ही मानव उपयोग के लिए उपलब्ध है। अलवणीय जल की उपलब्धिता स्थान और समय के अनुसार भिन्न-भिन्न है। इस दुर्लभ संसाधन के आवंटन और नियंत्रण पर तनाव और लड़ाई झगड़े, संप्रदायों, प्रदेशों और राज्यों के बीच विवाद का विषय बन गए हैं। विकास को सुनिश्चित करने के लिए जल का मूल्यांकन, कार्यक्षम उपयोग और संरक्षण आवश्यक हो गए हैं।
भारत का जल संसाधन
भारत में विश्व के धरातलीय क्षेत्र का लगभग 2.45 प्रतिशत, जल संसाधनों का 4 प्रतिशत, जनसंख्या का लगभग 16 प्रतिशत भाग पाया जाता है। देश में एक वर्ष में वर्षण से प्राप्त कुल जल की मात्रा लगभग 4,000 घन कि-मी- है। धरातलीय जल और पुनरू पूर्तियोग भौम जल से 1,869 घन कि-मी- जल उपलब्ध है। इसमें से केवल 60 प्रतिशत जल का लाभदायक उपयोग किया जा सकता है। इस प्रकार देश में कुल उपयोगी जल संसाधन 1,122 घन कि-मी- है।
धरातलीय जल संसाधन
धरातलीय जल के चार मुख्य स्रोत हैं  नदियाँ, झीलें, तलैया और तालाब। देश में कुल नदियों तथा उन सहायक नदियों, जिनकी लंबाई 1-6 कि-मी- से अधिक है, को मिलाकर 10,360 नदियाँ हैं। भारत में सभी नदी बेसिनों में औसत वार्षिक प्रवाह 1,869 घन कि-मी- होने का अनुमान किया गया है। फिर भी स्थलाकृतिक, जलीय और अन्य दबावों के कारण प्राप्त धरातलीय जल का केवल लगभग 690 घन किमी- य32द्ध जल का ही उपयोग किया जा सकता है। नदी में जल प्रवाह इसके जल ग्रहण क्षेत्र के आकार अथवा नदी बेसिन और इस जल ग्रहण क्षेत्र में हुई वर्षा पर निर्भर करता है।
नदी प्रदूषण का स्रोत
नदियां नगर निगमों के शोधित एवं अशोधित अपशिष्ट एवं औद्योगिक कचरे से प्रदूषित होती हैं। सभी बड़े एवं मझौले उद्योगों ने तरल अपशिष्ट शोधन संयंत्र लगा रखे हैं और वे सामान्यतः जैव रसायन ऑक्सीजन मांग (बीओडी) के निर्धारित मानकों का पालन करते हैं। हालांकि कई औद्योगिक क्षेत्र देश के कई हिस्सों में प्रदूषण को काफी बढा देते हैं। नगर निगम अपशिष्ट के मामले में ऐसा अनुमान है कि प्रथम श्रेणी शहर (423) और द्वितीय श्रेणी शहर (449) प्रति दिन 330000 लाख लीटर तरल अपशिष्ट उत्सर्जित करते हैं जबकि देश में प्रति दिन तरल अपशिष्ट शोधन की क्षमता महज 70000 लाख लीटर है। अपशिष्ट पदार्थों के शोधन का काम संबंधित नगर निगमों का होता है। जबतक ये निगम प्रशासन पूर्ण क्षमता तक अपशिष्टों का शोधन नहीं कर लेते तबतक डीओबी की समस्या का समाधान नहीं हो सकता है।
नदी संरक्षण केंद्र और राज्य सरकारों के सामूहिक प्रयास से लगातार चल रहा है। राष्ट्रीय नदी संरक्षण योजना (एनआरसीपी) के तहत नदियों के पानी की गुणवत्ता में सुधार के लिए प्रदूषण घटाने संबंधी कार्य चलाए जा रहे हैं। एनआरसीपी के तहत 20 राज्यों में गंगा, यमुना, दामोदर, और स्वर्णरेखा समेत 37 नदियों के प्रदूषित खंडों पर ध्यान दिया जा रहा है। जवाहर लाल नेहरू राष्ट्रीय शहरी नवीकरण मिशन जैसी अन्य केंद्रीय योजनाओं तथा राज्यों की शहरी अवसरंचना विकास योजना जैसी योजनाओं के तहत भी नदी संरक्षण गतिविधियां चल रही हैं। नदी संरक्षण कार्यक्रम के क्रियान्वयन पर भूमि अधिग्रहण की समस्या, सृजित परिसंपत्तियों के सही प्रबंधन नहीं हो पाने, अनियमित बिजली आपूर्ति, सीवरेज शोधन संयंत्रों के कम इस्तेमाल आदि का प्रतिकूल असर पड़ता है।
प्रदूषित खंड
फिलहाल, 282 नदियों पर 1365 प्रदूषित खंड केंद्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड (सीपीसीबी) और राज्य प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड (एसपीसीबी) के नजर में हैं। सीपीसीबी ने वर्ष 2000 में पानी की गुणवत्ता संबंधी आंकड़े के आधार पर प्रदूषित खंड की सूची को अद्यतन किया था। 86 प्रदूषित जलाशयों खंडों की पहचान की गयी। उनमें से 71 नदियों, 15 झीलों और तालाबों से संबंधित हैं। बाद में सन् 2000 से 2006 तक के सात वर्षों के दौरान पानी की गुणवत्ता संबंधी आकंड़ों के आधार पर 178 प्रदूषित जलाशयों खंडों की पहचान की गयी जिनमें से 139 नदियों से , 33 झीलों, तालाबों आदि से तथा तीन छोटी नदियों एवं तीन नहरों से संबंधित हैं।
प्रदूषित खंड की पहचान के मापदंड
प्रदूषित खंड वह क्षेत्र है जहां पानी की गुणवत्ता का वांछित स्तर बीओडी के अनुकूल नहीं होता। फिलहाल , जिन जलाशयों का बीओडी 6 मिलीग्राम से ज्यादा होता है उन्हें प्रदूषित जलाशय कहा जाता है। नदी के किसी भी हिस्से में पानी की उच्च गुणवत्ता संबंधी मांग को उसका निर्धारित सर्वश्रेष्ठ उपयोग समझा जाता है। हर निर्धारित सर्वश्रेष्ठ उपयोग के लिए गुणवत्ता संबंधी शर्त सीपीसीबी द्वारा तय किया गया है।
श्रेणी ए के तहत जल की गुणवत्ता बताती है कि बिना किसी शोधन के वह पेयजल स्रोत है जिसमें कीटाणुशोधन के बाद, घुल्य ऑक्सीजन छह मिलीग्राम, बीओडी 2 मिलीग्राम, या कुल कॉलिफॉर्म 50एमपीएन100 एमएल होना चाहिए।
श्रेणी बी का पानी केवल नहाने योग्य होता है। इस पानी में घुल्य ऑक्सीजन 5 मिलीग्राम या उससे अधिक होना चाहिए और बीओडी -3एमजी होना चाहिए। कॉलीफार्म 500 एमपीएन100(वांछनीय) होना चाहिए लेकिन यदि यह 2500एमपीएन100एमएल हो तो यह अधिकतम मान्य सीमा है।
श्रेणी सी का पानी पारंपरिक शोधन और कीटाणुशोधन के बाद पेयजल स्रोत है। घुल्य ऑक्सीजन 4 मिलीग्राम या उससे अधिक होना चाहिए तथा बीओडी 3 मिलीग्राम या उससे कम होना चाहिए तथा कॉलीफार्म 5000एमपीएन100 एमएल होना चाहिए।
श्रेणी डी और ई का पानीद्ग वन्यजीवों के लिए तथा सिंचाई के लिए होता है। घुल्य ऑक्सीजन 4 मिली ग्राम1 उससे अधिक होना चाहिए तथा 1.2एमजी पर मुक्त अमोनिया जंगली जीवों के प्रजनन एवं मात्स्यिकी के लिए अच्छा माना जाता है। 2250 एमएचओएससीयू बिजली संचालकता, सोडियम अवशोषण अनुपात 26 और उससे कम तथा बोरोन 2 एमजी1 वाले पानी का इस्तेमाल सिंचाई, औद्योगिक प्रशीतन और नियंत्रित अपशिष्ट निवारण के लिए किया जा सकता है।
एनआरसीपी एवं इसका कवरेज
केंद्र प्रायोजित राष्ट्रीय नदी संरक्षण योजना (एनआरसीपी) की केंद्र सरकार राज्य सरकारें मिलकर चलाती हैं और दोनों मिलकर इसका खर्च वहन करते हैं। देश में एनआरसीपी के तहत 20 राज्यों के 166 शहरों में 37 प्रमुख नदियों के चिह्नित प्रदूषित खंडों में प्रदूषण कम करने का कार्य चल रहा है। एनआरसीपी के तहत इन परियोजनाओं के लिए 4391.83 करोड़ रूपए अनुमोदित किए गए हैं जबकि अबतक 3868.49 करोड़ रूपए व्यय किए जा चुके हैं। फिलहाल 1064 अनुमोदित परियोजनाओं में से 783 पूरी हो चुकी हैं तथा 4212.81 एमएलडी अनुमोदित क्षमता में से 3057.29 एमएलडी तक की सीवरेज क्षमता तैयार कर ली गयी है। इन आंकड़ों में गंगा कार्य योजना के तहत किए जा रहे कार्य शामिल हैं और नदी कार्य योजनाओं के तहत तैयार की गयी जीएपी- सीवरेज शोधन क्षमता इसमें शामिल नहीं हैं।
एनआरसीपी के उद्देश्य
एनआरसीपी के तहत नदियों में पानी की गुणवत्ता में सुधार के लिए प्रदूषण निम्नीकरण कार्य किए जाते हैं ताकि पानी स्नान के लायक हो। इनमें अपशिष्टों को नदी में बहने से रोकना और उसे शोधन के लिए भेजना, नदीतट पर खुले में शौच पर रोक लगाने के लिए सस्ते शौचालय की व्यवस्था करना, शवों की अंत्येष्टि के लिए बिजली शवदाह गृह या उन्नत किस्म के जलावन वाले शवदाह गृह की व्यवस्था करना, स्नान के लिए घाटों में सुधार जैसे सौंदर्यीकरण कार्य करना तथा लोगों के बीच प्रदूषण के प्रति जागरूकता फैलाना शामिल है।
ग्यारहवीं योजना में एनआरसीपी के तहत कार्यों के लिए 2100 करोड़ रूपए दिए गए जबकि अनुमानित आवश्यकता 8303 करोड़ रूपए की थी और यह अनुमान योजना आयोग द्वारा नदियों के मुद्दे पर गठित कार्यबल की रिपोर्ट में जारी किया गया था। एनआरसीपी के तहत वित्तीय वर्ष 2007-08 के दौरान 251.83 करोड़ रूपए तथा 2008-09 के दौरान 276 करोड़ रूपए व्यय किए गए।
कार्यान्वयन में समस्याएं
यह देखा गया कि सीवरेज शोधन संयंत्रों जैसी परिसंपत्तियों के निर्माण के बाद राज्य सरकारों स्थानीय शहरी निकायों ने उनके प्रबंधन एवं रखरखाव पर ध्यान नहीं दिया। प्रबंधन एवं रखरखाव के लिए बिजली की आपूर्ति नहीं करने, इन परिसंपत्तियों के प्रबंधन एवं रखरखाव के लिए उपयुक्त कौशल एवं क्षमता के अभाव जैसे कई मामले सामने आए हैं। नदी तटों पर लगातार बढती जनसंख्या और औद्योगिकीकरण तथा फिर उस जनसंख्या के हिसाब से प्रदूषण निम्नीकरण कार्य शुरू करने के लिए वित्तीय संसाधनों की कमी के चलते हमेशा ही प्रदूषण निम्नीकरण कार्यों में पिछला कुछ कार्य बच जाता है।
कार्य योजना की आंशिक सफलताएं
एसटीपी के माध्यम से नदियों के प्रदूषण रोकने की सीमित पहल की गयी है। राज्य सरकारें अपनी क्रियान्वयन एजेंसियों के माध्यम से प्रदूषण निम्नीकरण कार्य करती है। लेकिन इस कार्य को उचित प्राथमिकता नहीं दी जाती है। परिसंपत्तियों के प्रबंधन एवं रखरखाव पक्ष की अक्सर उपेक्षा होती है। दूसरा कारण यह है कि कई एसटीपी में बीओडी और एसएस के अलावा कॉलीफार्म के नियंत्रण के लिए सीवरेज प्रबंधन नहीं किया जाता है। सिंचाई, पीने के लिए, तथा बिजली के लिए भी राज्यों द्वारा पानी का दोहन नियंत्रित ढंग से नहीं किया जाता है। पानी के दोहन जैसे मुद्दों पर अंतर-मंत्रालीय समन्वय का भी अभाव है। अबतक नदियों का संरक्षण कार्य घरेलू तरल अपशिष्ट की वजह से होने वाले प्रदूषण के रोकथाम तक ही सीमित है। जलीय जीवन की देखभाल, मृदा अपरदन के रोकथाम आदि के माध्यम से नदियों की पारिस्थितिकी में सुधार आदि कार्यों पर पर्याप्त ध्यान नहीं दिया गया।
धार्मिक कार्यक्रमों के नाम पर नदियों में कचरा फैलाना भी अनुचित है और उद्योगों द्वारा जो नदियों में जहरीला अपशिष्ट मिलाया जाता है वह भी अक्षम्य अपराध है. मेरे एक सम्बन्धी ने बताया है कि अमेरिकी समुद्र में ‘एक बूंद’ जी हां आप एक बूंद भी तेल की नहीं गिरा सकते. ऐसा नहीं है कि हमारे देश में कानूनों की कमी है, कोई न कोई नियम-कानून तो हर किसी मामले पर होगा, लेकिन लागू करवाने वाले कैसे हैं, यह मुद्दे की बात है. वह भी शीर्ष पर. अब यह मत कहियेगा कि जिम्मेदारी तो जनता की भी है, स्वयं ही रेग्युलेट होना चाहिये. अगर सभी लोग स्वयं ही रेग्युलेट हो जाते तो फिर किसी भी सरकारी गैर-सरकारी नियमनध्विधेयन की आवश्यकता ही नहीं होती. फिर यदि लोग स्वतरू अनुशासित हो जायें तब भी उद्योग जो प्रदूषण फैला रहे हैं तथा सीवेज की गन्दगी जो हमारी नदियों में मिलाई जा रही है, उसका क्या?

सुरेन्द्र अग्निहोत्री
agnihotri1966@gmail.com
sa@upnewslive.com

Comments (0)

भारतीय जनता पार्टी ने विधान परिषद चुनाव में आये परिणाम को सहर्ष स्वीकार करते हुए कहा कि चुनाव होना स्वस्थ लोकतंत्र का प्रतीक है।

Posted on 24 January 2015 by admin

भारतीय जनता पार्टी ने विधान परिषद  चुनाव में आये परिणाम को सहर्ष स्वीकार करते हुए कहा कि चुनाव होना स्वस्थ लोकतंत्र का प्रतीक है। भाजपा प्रदेश डा0 लक्ष्मीकांत बाजपेयी ने कहा कि विधान परिषद के चुनाव ने यह सिद्ध कर दिया कि सपा-बसपा-कांग्रेस-रालोद एक ही थैली के चट्टे-बट्टे है।
डा0 बाजपेयी ने कहा कि हमारे पास कुल 41 मत थे जबकि हमको 51 मत मिले। अन्य दलों की बेचैनी इन अतिरिक्त 10 मतों से समझी जा सकती है।
डा0 बाजपेयी ने कहा कि भाजपा जनहित के मुद्दो, खराब कानून व्यवस्था, विकास में पिछड़ते प्रदेश को आगे ले जाने के लिए संघर्ष करती रहेगी।

सुरेन्द्र अग्निहोत्री
agnihotri1966@gmail.com
sa@upnewslive.com

Comments (0)

राज्यपाल ने शिक्षकों को सम्मानित किया विद्यार्थियों को प्रेरित करना शिक्षकों का प्राथमिक कर्तव्य है - राज्यपाल

Posted on 24 January 2015 by admin

उत्तर प्रदेश के राज्यपाल, श्री राम नाईक ने आज अशासकीय प्रधानाचार्य परिषद उत्तर प्रदेश द्वारा आयोजित शिक्षाविद् सम्मान समारोह में शिक्षकों को स्मृति चिन्ह व प्रशस्ति पत्र देकर सम्मानित किया।
राज्यपाल ने इस अवसर पर शिक्षकों को सम्बोधित करते हुए कहा कि प्रधानाचार्य का पद सम्मानजनक पद है। युवा पीढ़ी एवं भावी पीढ़ी को तैयार करने का काम शिक्षकों द्वारा किया जाता है। सही मार्ग दर्शन कर जीवन के विकास के लिये प्रेरित करना शिक्षकों का प्राथमिक कर्तव्य है। शिक्षा पद्धति एवं गुणवत्ता में सुधार लाने पर विचार करें। उन्होंने कहा कि शिक्षक अपने अधिकार के साथ अपने कर्तव्य का भी ध्यान रखें।
श्री नाईक ने कहा कि आज के युग में गुरू-शिष्य परम्परा के संबंध में बदलाव आया है। शिक्षक विद्यार्थियों के हित का ध्यान रखें। चिन्ता की बात है कि बच्चे स्कूल नहीं जाते हैं। इसलिये शिक्षा व्यवस्था को रोचक बनाये जाने की आवश्यकता है। नयी टेक्नोलाॅजी के बदलाव का सही उपयोग करें। टेक्नोलाॅजी को आत्मसात करके ऐसे विद्यार्थी तैयार करें जो जीवन की स्पर्धा में आगे बढ़ सकें। उन्होंने कहा कि शिक्षक जानकारी को ज्ञान में परिवर्तन करें।
राज्यपाल ने इस अवसर पर प्रधानाचार्यों को आश्वासन दिया कि यदि उनकी कोई न्यायोचित मांग होगी तो वे उनका सहयोग करेंगे।

सुरेन्द्र अग्निहोत्री
agnihotri1966@gmail.com
sa@upnewslive.com

Comments (0)

राज्यपाल ने नेताजी के जन्म दिवस के अवसर पर श्रद्धांजलि अर्पित की

Posted on 24 January 2015 by admin

उत्तर प्रदेश के राज्यपाल, श्री राम नाईक ने आज नेताजी सुभाष चन्द्र बोस के 118वें जन्मदिवस पर शहीद स्मृति समारोह समिति के तत्वावधान में लखनऊ के सुभाष चैराहे पर आयोजित समारोह में नेताजी के चित्र पर माल्यार्पण किया तथा उनकी प्रतिमा पर पुष्प अर्पित कर अपनी अद्धाजंलि अर्पित की। इस अवसर पर भातखण्डे संगीत संस्थान सम विश्वविद्यालय के विद्यार्थियों ने कदम-कदम बढ़ाये जा और देश भक्ति के गीत प्रस्तुत किये। समारोह में बालिका विद्यालय कन्या इण्टर कालेज तथा बाबा ठाकुर राघव दास इण्टर कालेज के विद्यार्थी भी उपस्थित थे। राज्यपाल ने पी0ए0सी0 बैण्ड के सदस्यों तथा गीत प्रस्तुत करने वाले छात्र-छात्राओं को पदक देकर सम्मानित किया। समारोह में लखनऊ के महापौर, डाॅ0 दिनेश शर्मा, भातखण्डे संगीत सम-विश्वविद्यालय की कुलपति, प्रो0 श्रुति सडोलकर, लखनऊ विश्वविद्यालय के कुलपति, प्रो0 एस0बी0 निम्से, श्री सुधीर हलवासिया, डा0 बैजनाथ सिंह सहित अन्य लोग उपस्थित थे।
राज्यपाल ने कहा कि नेताजी सुभाष चन्द्र बोस ने देश की आजादी में अपने योगदान की अमिट छाप छोड़ी है। वे चाहते थे कि सशस्त्र सेना के आधार पर आजादी मिले। देश में जब अंग्रेजों का दुशासन चल रहा था तो उन्होंने आजाद हिन्द फौज बनायी और उसमें महिलाओं को भी भागीदार बनाया। नेताजी ने आईसीएस की परीक्षा उत्तीर्ण करने के बाद भी अंग्रेजों की सेवा करने से इन्कार कर दिया। नेताजी के शब्दों में जान थी और उन्होंने नारा दिया कि तुम मुझे खून दो मैं तुम्हें आजादी दूंगा। नेताजी के मन के विश्वास के कारण लोग देश के लिये मरने को तैयार हुए। उन्होंने कहा कि जिन शहीदों ने देश की आजादी के लिये त्याग व बलिदान दिया उनके आदर्शों पर चलना हमारा कर्तव्य है।
श्री नाईक ने कहा कि हमारे महान नेताओं के शब्दों में जान थी। महात्मा गांधी ने क्विट इण्डिया का नारा दिया। भगत सिंह ने वन्दे मातरम, पूर्व प्रधानमंत्री स्व0 लाल बहादुर शास्त्री ने जय जवान जय किसान तथा पूर्व प्रधानमंत्री, भारत रत्न श्री अटल बिहारी वाजपेयी ने जय विज्ञान का नारा दिया। अंग्रेजों का मानना था कि भारत आजाद होकर विकास नहीं कर सकता मगर आज हमारा देश का जनतंत्र मजबूत है। उन्होंने कहा कि हमें स्वतंत्र देश के नागरिक होने के नाते स्वराज को सुराज में बदलने का संकल्प करना चाहिए यही हमारे महान नेताओं के प्रति सच्ची श्रद्धांजलि होगी।।
इस कार्यक्रम के पश्चात राज्यपाल ने गांधी भवन में नेताजी के जन्म दिवस के अवसर पर कल्याणं करोति संस्था, लखनऊ द्वारा आयोजित निःशुल्क विकलांग सेवा शिविर में सहायक उपकरण वितरित किये। इस अवसर पर लखनऊ के महापौर डाॅ0 दिनेश शर्मा, केन्द्रीय मानव संसाधन विकास राज्य मंत्री, डाॅ0 रामशंकर कठेरिया, डाॅ0 वी0बी0 प्रताप, अध्यक्ष, कल्याणं करोति सहित अन्य लोग भी उपस्थित थे।
राज्यपाल ने इस अवसर पर नेताजी सुभाष चन्द्र बोस को नमन करते हुए कहा कि नेताजी ने जापान और जर्मनी से सम्पर्क करके अंग्रेजों का विरोध किया। नेताजी ने दूसरे सशस्त्र आजादी के संग्राम की शुरूआत की। उन्होंने अपनी दूरदर्शिता से महिलाओं को भी आजाद हिन्द फौज में जोड़ा। जिन्होंने देश को सब कुछ दिया उनके लिये समाज कुछ करें यह सोचना हमारा कर्तव्य है। उन्होंने कहा कि ऐसे महापुरूषों के आदर्शों को आत्मसात करने की जरूरत है।
श्री नाईक ने कल्याणं करोति संस्था की प्रशंसा करते हुए कहा कि संस्था ने बिना किसी सरकारी सहायता के निःशक्तों को सहायक उपकरण वितरित किये जो महत्व का काम है। कल्याणं करोति ने अपने कृत्य से यह प्रमाणित किया है कि स्वयंसेवी संस्थायें भी अच्छा काम कर सकती हैं। नेताजी के ऐतिहासिक जन्म दिवस पर निःशक्तों की सहायता करना वास्तव में अभिनन्दनीय कार्य है।
महापौर, डाॅ0 दिनेश शर्मा ने कहा कि नेताजी सुभाष चन्द्र बोस गांधी जी के प्रति बहुत आदर रखते थे। भारत का इतिहास वास्तव में संघर्ष का इतिहास रहा है। उन्होंने कल्याणं करोति की सराहना करते हुए कहा कि समाज सेवा करने वाला व्यक्ति वास्तव में ईश्वर के निकट होता है।
मानव संसाधन विकास राज्यमंत्री, डाॅ0 रामशंकर कठेरिया ने कहा कि सहयोग की परम्परा का सामाजिक जीवन में महत्व होता है। मनुष्य सेवा से बढ़कर दूसरी कोई सेवा नहीं है। जिन्हें सहारे की जरूरत है उनकी सेवा करना वास्तव में प्रशंसनीय कार्य है। हमारा देश साधना और उपासना का देश है। उन्होंने कहा कि साधन को साधना से जोड़े।
इस अवसर पर राज्यपाल ने निःशक्तों को ट्राईसाईकिल व सिलाई मशीन वितरित किये। कार्यक्रम में लगभग 272 लोगों को सहायक उपकरण वितरित किये गये।

सुरेन्द्र अग्निहोत्री
agnihotri1966@gmail.com
sa@upnewslive.com

Comments (0)

साम्राज्यवाद का विरोध करेंगे बामपंथी दलों के कार्यकर्ता

Posted on 24 January 2015 by admin

साम्राज्यवादी सरगना अमेरिकी के राष्ट्रपति बराक ओबामा वापस जाओं के नारे के बुलन्द करने के लिए बामपंथी दलों के कार्यकर्ता 24 जनवरी 15 को 12 बजे दिन में शहर के तिकोनिया पार्क में इकट्ठा होगें और सभा करके साम्राज्यवाद का विरोध करेंगे और शहर में एक जुलूस निकालकर पूंजीवाद-साम्राज्यवाद-मुर्दाबाद तथा बराक ओबामा वापस जाओं के नारे लगायेंगे। उक्त आशय की जानकारी एसयूसीआई (कम्युनिस्ट) के जिला सचिव काॅमरेड जगन्नाथ वर्मा, सी.पी.आई. के जिला सचिव कामरेड शारदा प्रसाद पाण्डेय, सी.पी.आई.एम. के जिला सचिव काॅमरेड नरोत्तम शुक्ल ने एक संयुक्त प्रेस विज्ञप्ति में दी है। उक्त नेताओं ने कहा है कि अमेरिकी साम्राज्यवाद की बर्बरता पूरी दुनिया में छायी है जिसका विरोध आजादी प्रसन्द दुनियाभर के लोगों को करना चाहिए। भारत की छः बामपंथी पार्टियां एसयूसीआई, सीपीआई, सीपीआईएम, आॅल इण्डिया फारवर्ड ब्लाक, आरएसपीआई तथा सीपीआई एमएल, लिबरेशन संयुक्त रूप से साम्राज्यवाद के खिलाफ लड़ रही है और पूरे देश में 24 जनवरी 15 को बराक ओबामा के खिलाफ रैली प्रदर्शन कर ओबामा गो बैक का नारा बुलन्द करेगें। उक्त नेताओं ने जिले की जनता से अपील किया है कि कार्यक्रम में हिस्सा लेकर अपने देश की साम्राज्यवाद विरोधी भावना का इजहार करें।

सुरेन्द्र अग्निहोत्री
agnihotri1966@gmail.com
sa@upnewslive.com

Comments (0)

शपथ पत्र भरवाकर जागरूकता फैलायेगा जनवादी नवजवान सभा

Posted on 24 January 2015 by admin

भारत की जनवादी नवजवान सभा ने जिला कार्यालय पर ‘‘घृणा और नफरत की राजनीति के खिलाफ एक हो’’ कार्यक्रम को लेकर एक बैठक किया।
बैठक को सम्बोधित करते हुये जिला सचिव शशांक पाण्डेय ने कहा कि घृणा और नफरत की राजनीति के खिलाफ एक हो, के संकल्प के साथ भारत की जनवादी नवजवान सभा के राष्ट्रीय आहवान पर नेताजी सुभाष चन्द्र बोस के जन्म दिवस 23 जनवरी से शुरू हो रहा है। यह पखवारा महात्मा गाॅधी के शहादत दिवस 30 जनवरी तक नवजवानों के बीच में शपथ पत्र भरवाकर जागरूकता फैलाने का काम किया जायेगा। आज तिस तरह से भगवा बिग्रेड देश में घृणा और नफरत की राजनीति कर रही है। इसके लिए राष्ट्रीय आहवान पर सुलतानपुर समेत पूरे उत्तर प्रदेश में नवजवानों से देश की एकता-आपसी भाई-चारे के लिए नेताजी के जन्म दिवस से एक शपथ पत्र भरवाकर गाॅधी जी के शहादत दिवस तक लगातार पखवारा चलाया जायेगा। बैठक में उत्कर्ष शुक्ला, विनोद पाण्डेय, अजय वर्मा, विवेक विक्रम सिंह, नजर अहमद, श्याम विशाल तिवारी समेत दर्जनों पदाधिकारी मौजूद रहे।

सुरेन्द्र अग्निहोत्री
agnihotri1966@gmail.com
sa@upnewslive.com

Comments (0)

समाज कल्याण विभाग की लापरवाही से लाखों की छात्रवृत्ति गायब

Posted on 24 January 2015 by admin

समाज कल्याण विभाग से छात्रों के खाते में भेजी गयी लाखों रूपये की छात्रवृत्ति खाते में न जाकर कहीं अन्यत्र चली गयी। अब समाज कल्याण विभाग इतनी धनराशि को खोज नहीं पा रहा है। रहस्मय ढंग से गायब हुई लाखों रूपये की धनराशि से विभाग व छात्र दोनों परेशान है।
समाज कल्याण से अनुसूचित जाति व सामाय जाति के छात्रों को छात्रवृत्ति दी जाती है जिसमें उनके द्वारा जमा की फीस को वापस उनके खाते में सीधा भेजा जाता है। इसके लिए आॅन लाइन फार्म मांगा गया था। छात्रों ने आॅन लाइन फार्म भरकर सम्बन्धित अपने काॅलेज में जमा किया जहां से भी सूची बनकर समाज कल्याण विभाग को आयी। विभाग से सूची ट्रेजरी होते हुए स्टेट बैंक भेंज दी गयी। जहां से विभिन्न बैकों में छात्रों के खाते में धनराशि भेंज दी गयी। यदि कहीं से छात्र ने बैंक खाता गलत दर्ज कर दिया तो उसके खाते में छात्रवृत्ति न जाकर कहां चली गयी पता नहीं है। इसके बारे में बैंक की उस पैसे को विभाग को वापस नहीं किया है।
ऐसा ही एक मामला संज्ञान में आया है। तृप्ति तिवारी बी.ए. की छात्रा है जिसका रजिस्ट्रेशन संख्या 49014013195 है। जिसका केनरा बैंक कुड़वार में खाता संख्या 1846108020186 हैं लेकिन गलती से खाता संख्या 1846101020186 लिख गया। इनके खाते में विभाग ने 3000 रूपये भेज दिया। लेकिन खाता गलत होने से वह पैसा नहीं पहुंचा। यह पैसा बैंक ने विभाग को वापस भी नहीं किया। इस तरह कई छात्र एवं छात्राओं के बारे में विभाग को नहीं पता कि पैसा कहां गया। पटल बाबू श्री जायसवाल ने बताया कि इस वर्ष लगभग 48 हजार बच्चों को छात्रवृत्ति विभाग द्वारा भेजी गयी है। जिनका खाता गलत है और खाते में पैसा नहीं पहुंचा है उसमें से कुछ बच्चों को बैंक न पैसा वापस किया है और काफी बच्चों का पैसा कहां गया कुछ पता नहीं है। श्री जायसवाल ने बताया कि काफी पैसा विभिन्न प्रदेशों तक के बैंक खातों में चला गया है। जबकि नियमतः खाते में यदि कोई त्रुटि है तो बैंक उस पैसों को विभाग को वापस करती है लेकिन छात्रवृत्ति का पैसा वापस न करके अलग नियम लागू की है। श्री जायसवाल ने बताया कि जब आॅन लाइन फार्म में गलत खाता संख्या दर्ज किया गया है तो उसी खाते में पैसा गया है। नहीं पहुंचा तो इसकी जिम्मेदारी विभाग व बैंक की नहीं है। यह पैसा कहां गया है? इसका पता लगाना भी विभाग की जिम्मेदारी नहीं है। श्री जायसवाल ने बताया कि काफी संख्या में छात्र एवं छात्राओं का पैसा नहीं पहुंचा है जिसका उनके पास कोई आॅकड़ा नही है। अब उनकों पैसा मिलेगा भी नहीं, क्योंकि वो धनराशि लैप्स हो गया है। अभी छात्रवृत्ति की मांग को लेकर छात्रों ने धरना प्रदर्शन भी किया था लेकिन उस पर भी कोई सकारात्मक कार्यवाही नहीं। बुद्धिजीवियों ने शासन से मामले की जाॅच कराने की मांग की है।

सुरेन्द्र अग्निहोत्री
agnihotri1966@gmail.com
sa@upnewslive.com

Comments (0)

विकास कार्यो का लक्ष्य समय से पूर्ण न करने पर होगी कार्यवाही-प्रमुख सचिव डा0 लोहिया समग्र ग्रामों को सर्वोच्च प्राथमिकता पर संतृप्त किया जाय

Posted on 24 January 2015 by admin

प्रमुख सचिव पिछड़ा वर्ग कल्याण रजनीश गुप्ता ने विकास से सम्बन्धित सभी अधिकारियों को निर्देशित करते हुए कहा कि विकास कार्यो का शत-प्रतिशत लक्ष्य समय से पूर्ण किया जाय तथा निर्माण कार्याे में प्रत्येक दशा में शत-प्रतिशत गुणवत्ता सुनिश्चित की जाय। उन्होंने कहा कि डा0 लोहिया समग्र ग्राम योजना के अन्तर्गत चयनित समग्र ग्रामों को सर्वोच्च प्राथमिकता पर संतृप्त किया जाय। प्रमुख सचिव आज कलेक्ट्रेट में विकास कार्यो की प्रगति समीक्षा कर रहे थे।
प्रमुख सचिव ने 50 लाख रूपये से अधिक लागत की निर्माणाधीन सड़को की समीक्षा में पाया कि स्वीकृत 73 कार्य में से 38 कार्य पूर्ण है तथा शेष 35 प्रगति में है। उन्होंने अवशेष कार्यो को निर्धारित समय में पूर्ण करने के निर्देश दिये। डा0 लोहिया समग्र ग्राम की समीक्षा के दौरान पाया गया कि वर्ष 2012-13 के समस्त ग्राम संतृप्त है। वर्ष 2013-14 में अवशेष 2 समग्र ग्रामों को मार्च तक पूर्ण करने के निर्देश दिये गये। इसीप्रकार वर्ष 2014-15 के 20 ग्रामों में सम्पर्क मार्गो के सापेक्ष मार्च तक 6 गांव में कार्य पूर्ण करने की जानकारी दी गयी। वर्ष 2014-15 में दो ग्रामों में सी0सी0रोड व के0सी0ड्रेन का कार्य पूर्ण है। एक ग्राम को फरवरी माह तक संतृप्त करने का आश्वासन दिया गया। अवशेष ग्रामों के लिए शासन से धन की मांग की गयी है। पेयजल के बारे में सभी ग्राम संतृप्त है। आगंनवाडी केन्द्रो की समीक्षा में पाया गया कि वर्ष 2012-13 में 36 के सापेक्ष 7 केन्द्र पूर्ण है व 2 केन्द्र जनवरी, 12 केन्द्र फरवरी में व 15 केन्द्र मार्च में पूर्ण होने की जानकारी दी गयी है। इसीप्रकार वर्ष 2013-14 में 37 केन्द्रो के निर्माण हेतु धनराशि की उपलब्धता की जानकारी दी गयी। इन्दिरा आवास के अन्तर्गत 433, व लोहिया आवास की 256 लाभार्थियों को प्रथम किस्त दी जा चुकी है।
बैठक में जानकारी दी गयी कि लोहिया ग्रामों में निःशुल्क बोरिंग, पेंशन, भूमि आवंटन, टीकाकरण, किसान क्रेडिट कार्ड, पशु टीकाकरण व राष्ट्रीय आजीविका मिशन का लक्ष्य पूर्ण है। एमएसडीपी योजना की प्रगति समीक्षा में पाया गया कि 574 लाभार्थियों को इन्दिरा आवास की प्रथम किस्त भेज दी गयी है तथा 98 आंगनवाडी केन्द्रो के लक्ष्य के सापेक्ष 20 में कार्य प्रारम्भ है। अल्प संख्यक समुदाय के कब्रिस्तान की वाउन्ड्रीवाल की समीक्षा में पाया गया कि 34 के सापेक्ष 24 पूर्ण है तथा अवशेष 10 जनवरी में पूर्ण कर लिये जायेगें। ट्रान्सफार्मरों की प्रगति समीक्षा में पाया गया कि 74 ट्रान्सफार्मर खराब थे जो बदल दिये गये है। इसीप्रकार राजकीय नलकूपों की समीक्षा में वर्तमान में 21 नलकूप खराब होने की जानकारी है। नहरों की सिल्ट सफाई के बारे में जानकारी दी गयी कि 255.76 कि.मी, रजवाहा की सफाई सिंचाई विभाग के मद से एवं 305 कि.मी की सफाई जिला स्तरीय मद से की गयी है।
प्रमुख सचिव ने बैठक में राजस्व वसूली, निर्मल भारत अभियान, उर्वरक व बीज वितरण आदि की समीक्षा की। बैठक में जिलाधिकारी अदिति सिंह, सीडीओ श्रीकान्त मिश्र, एडीएम प्रशासन कृष्णलाल तिवारी, एडीएम वित्त एंव राजस्व ज्वाला प्रसाद तिवारी, सीएमओ डा. केबी सिंह आदि उपस्थित थे।

सुरेन्द्र अग्निहोत्री
agnihotri1966@gmail.com
sa@upnewslive.com

Comments (0)

राष्ट्रीय मतदाता दिवस पर शपथ

Posted on 24 January 2015 by admin

उपजिला निर्वाचन अधिकारी कृष्णलाल तिवारी ने समस्त प्राचार्य स्नातक / स्नातकोत्तर महाविद्यालय/तकनीकी शिक्षण संस्थान एवं समस्त विभागाध्यक्ष/कार्यालयाध्यक्ष को सूचित किया है कि भारत निर्वाचन आयोग के निर्देशानुसार प्रत्येक वर्ष की 25 जनवरी को पूरे देश में राष्ट्रीय मतदाता दिवस का आयोजन पूरे उत्साह के साथ वर्ष 2011 से किया जा रहा है।
उन्होंने स्पष्ट किया है कि दिनांक 24 तथा 25 जनवरी 2015 को सार्वजनिक अवकाश है। उक्त तिथियों में सार्वजनिक अवकाश होने की स्थिति में आयोग/मुख्य निर्वाचन अधिकारी उ0प्र0 लखनऊ के निर्देश के अनुपालन में राज्य सरकार के अधीनस्थ समस्त कार्यालयों में की जाने वाली मतदाता शपथ का आयोजन और शिक्षण संस्थाओं में अधिक से अधिक युवाओं और महिलाओं की सहभागिता सुनिश्चित करने के लिए छात्र/छात्राओं को मतदाता शपथ दिलाने के साथ-साथ स्कूल/कालेजों में स्लोगन राइटिंग, निबन्ध लेखन, गीत प्रतियोगिता, स्क्टिस प्रतियोगिता आदि कार्यक्रमों का आयोजन दिनांक 23 जनवरी 2015 (शुक्रवार) को करा लिया जाय। उन्होंने यह भी स्पष्ट किया है कि निर्वाचक रजिस्ट्रीकरण/सहायक निर्वाचक रजिस्ट्रीकरण अधिकारियों द्वारा तहसील मुख्यालय और जिला मुख्यालय पर मतदाता दिवस के अवसर पर शपथ ग्रहण और विभिन्न प्रकार के कार्यक्रमों का आयोजन दिनांक 25 जनवरी 2015 को ही सम्पन्न किये जायेगें।

सुरेन्द्र अग्निहोत्री
agnihotri1966@gmail.com
sa@upnewslive.com

Comments (0)

Advertise Here

Advertise Here

 

January 2015
M T W T F S S
« Dec   Feb »
 1234
567891011
12131415161718
19202122232425
262728293031  
-->









 Type in