Archive | August 7th, 2013

उत्तर प्रदेष सचिवालय प्राइमरी कोपारेटिव बैंक लिमिटेड के अध्यक्ष तथा संचालक मण्डल की संयुक्त प्रेस वार्ता।

Posted on 07 August 2013 by admin

विगत एक माह से उत्तर प्रदेष सचिवालय प्राइमरी कोपारेटिव बैंक लिमिटेड के बारे में अनाप ष्षनाप प्रचार प्रसार किया जा रहा है। जो कुछ चर्चाएं बैंक के बारे में की जा रही है। वह वास्तव में बैंक के चुनाव के उपरान्त आए परिणाम तथा बैंक से एकाधिकार खत्म होने के बाद की कुन्ठा है। उत्तर प्रदेष सचिवालय प्राइमरी कोपारेटिव बैंक लिमिटेड के अध्यक्ष लल्लू सिंह और उपाध्यक्ष के.बी.एल. श्रीवास्तव,संचालक लाल सिंह, रामनरेष यादव और मजीद अली ने संयुक्त रूप से कहा कि बैंक को लेकर कुछ लोग अनर्गल आरोप लगाकर तुच्छ राजनीति कर रहे है। जबकि वास्तविकता यह है कि बैंक की आर्थिक स्थिति पूरी तरह से सुदृढ़ है। उन्होंने कहा बताया बैंक आज की स्थिति में आरबीआई नियमानुसार कैष रिजर्व राषि 2करोड़ 62 लाख, बहत्तर हजार रूपये तथा लिक्यूड कवर राषि के रूप में 21 करोड़ 89 लाख, 38 हजार रूपये उपलब्ध है। जबकि अन्य बैंकों में बैक की जमा धनराषि रूपये 03 करोड़ 89 लाख 74 हजार रूपये जमा है। इसी प्रकार बैंक के पास नकद रूप में 28 लाख 14 हजार, जबकि यूपी कोआपेरिटव बैंक के चालू खाते में 03 करोड 78 लाख 55 हजार तथा आइडीबीआई बैक में 01 लाख 78 हजार रूपये चालू खाते में है। इसके अलावा बैंक कि लिक्यूड कवर के रूप में यूपी कोआपेरिटव बैंक में 16 करोड़ एक लाख 54 हजार ,राज्य सरकार के पास प्रतिभूति राषि के रूप में 01 करोड़ 54 लाख तथा भारत सरकार के पास प्रतिभूति के रूप में बैंक का 04 करोड़ 54 लाख दस हजार रूपये जमा है।
बैंक के अध्यक्ष लल्लू सिंह एवं अन्य पदाधिकारी और संचालक मण्डल ने प्रेस क्लब में आयोजित पत्रकार वार्ता में पत्रकारों को बताया कि कतिपय लोग बैंेक के बारे में भ्रामक और गुमराह करने वाली बाते करके बैंक को बदनाम कर रहे है। यह बात किसी भी दृष्टि में ठीक नही है। उन्होंने कहा कि नियुक्तियों के बारे में जो कहा जा रहा है वह गलत है।  जो भी नियुक्तियां की गयी थी वह वर्ष 2010 में की गयी थी, जिसके पदों, नियुक्तियों व नियमितिकरण का अनुमोदन उपायुक्त सहकारी समितियां लखनऊ द्वारा पूर्व में ही दिया जा चुका है।
उन्होंनें बताया कि बैंक के पूर्व अध्यक्ष/प्रशासक द्वारा समयान्तर्गत आयकर का भुगतान न करने के कारण बैंक को लगभग 22-24 लाख का ब्याज (पेनाल्टी) के रूप में आयकर विभाग को वर्तमान संचालक मण्डल द्वारा पिछले बकाये आयकर लगभग रू0 62 लाख जमा कराया गया, जिससे बैंक व आपके हितो की रक्षा हो सके।
बैंक कर्मचारियों की मिलीभगत से आपके हितो की रक्षा करने वालो द्वारा बैंक से दिनांक 15.05.2013  व 03.06.2013 को भुगतान से सम्बन्धित बाउचर गायब कराकर गबन किया गया, बाउचर गायब होने व गबन होने की जानकारी संचालक मण्डल के समक्ष बोर्ड की बैठक में बैंक सचिव द्वारा नहीं रखी गयी संज्ञान होने पर एफ0आई0आर0 दर्ज करायी गयी तथा फर्जी नाम से उपायुक्त सहकारी समितियों सेे शिकायत पर सहकारिता विभाग की जांच टीम द्वारा जांच करने पर मुख्य रोकडि़या के दोषी पाये जाने पर जांच रिपोर्ट दबवाने का प्रयास किया जा रहा है। अध्यक्ष ने कहा कि  मेरे द्वारा दिनांक 20.06.2013 को बोर्ड की आपातकालीन बैठक में जांच कमेटी बनाने तथा वित्तीय वर्ष 1999-2000 से 2011-12 तक बैंक के वित्तीय क्रिया-कलापों की जांच कराने का निर्णय लेते हुए जांच कराये जाने हेतु  उपायुक्त सहकारी समितियां लखनऊ को पत्र भेजा जा चुका है, किन्तु इन्ही लोगो के दबाव में अभी तक उपायुक्त सहकारी समितियां लखनऊ द्वारा कोई कार्यवाही नही की गयी, जिससे बैंक के  03 करोड़ 89 लाख रूपये के गबन करने वाले घपलेवालों व अन्य प्रकार के गबन इत्यादि का घपला करने वालो के खिलाफ एफ0आइ0आर0 दर्ज कर दण्डात्मक कार्यवाही की जा सके। इसी संदर्भ में आपको यह भी अवगत कराना है कि 03 करोड़ 89 लाख रूपये की भरपाई सचिवालय परिवार के बैंक के सदस्य थे से ही करायी गयी, जबकि गबन करने वाले लोग ऐश कर रहे हैं और उनके विरूद्ध अब तक कोई कार्यवाही नही हुई।                               उन्होंने बताया कि वर्तमान संचालक मण्डल द्वारा कार्यभार ग्रहण करते ही बैंक की कार्यप्रणाली, बैंक कर्मचारियों के अनावश्यक लापरवाही बरतने त्वरित गति से ऋण/व अन्य सुविधाएं सम्मानित सदस्यों को मिलने से बैंक कर्मचारी व यथाकथित दलालों रास नही आया क्योंकि दलाली बन्द हो गयी है। इसलिए इन्होने पूरे सचिवालय परिवार पर कुठाराघात करने का प्रयास किया है। उपरोक्त कृत्यों से आप यह समझ सकते है कि सचिवालय के कुछ लोग अपने निहित स्वार्थो के लिए पूरे सचिवालय परिवार की कुर्बानी दे सकते है, इसलिए इन्होने आर0बी0आई0 व आयकर विभाग में शिकायत कर दी जिसकी जांच आयकर विभाग द्वारा की जा रही है। साथियों आपको अवगत कराना है कि आयकर विभाग द्वारा नियामानुसार आयकर न काटे जाने पर ही किसी प्रकार का बैंक के उपर दोषारोपण कर सकता है जिसके लिए पूर्व सचिव एवं प्रशासक/संचालक मण्डल पूर्णतया उत्तरदायी है। सचिवालय कार्मिक बैंक के सदस्य है उनकी जमा धनराशि पर मिलने वाले ब्याज की सम्पूर्ण धनराशि को आयकर विभाग, भारत सरकार के परिपत्र संख्या-09/2002, दिनांक 11.09.2002 द्वारा आयकर से मुक्त रखा गया है, किन्तु ऐसे खाता धारक जो बैंक के अंश धारक नहीं है उनकी जमा धनराशि पर मिलने वाले ब्याज की धनराशि पर नियमानुसार आयकर की कटौती की जानी चाहिए थी, जो बैंक के कर्मचारियों द्वारा नही की गयी और न ही वर्तमान संचालक मण्डल की बैठकों में ऐसे किसी प्रकरण को रखा गया। आर0बी0आई0 आपके बैंक को बैंकिग का लाइसेंस प्राप्त होने के पश्चात और इसके पूर्व आयकर के नियमानुसार बैंक कार्मिकों द्वारा कार्यवाही न किये जाने के फलस्वरूप यदि सचिवालय परिवार, जो बैंक के सदस्य हैं, पर कोई प्रतिकूल प्रभाव पड़ता है तो सम्बन्धित बैंक कार्मिक को दण्डित किया जायेगा।उन्होंने कहा कि वर्तमान संचालक मण्डल आपको यह विश्वास दिलाता है कि बैंक की आर्थिक स्थिति सुदृढ है, बैंक में कोई अफरा-तफरी का माहौल नही है और न ही बैंक की आर्थिक स्थिति खराब है। आपकी जमा धनराशि पूर्णतया सुरक्षित है। इस विषम परिस्थिति में आपके सहयोग की अपेक्षा के साथ यह भी निवेदन है कि आप लोग ऐसा कृत्य करने वालो से अवश्य पूंछे कि ऐसी शिकायत जिससे निर्दोष पूरा सचिवालय परिवार व हमारे सेवा निवृत्त अधिकारियों/कार्मिकों का हित प्रभावित हो रहा है, इससे उनका क्या स्वार्थ सिद्ध होने वाला है? क्या इससे उनकी दलाली बन्द हो गयी है अथवा बैंक की वर्ष 1999-2000 से 2011-12 तक करायी जा रही जांच तथा रू0 3 करोड़ 89 लाख का गबन करने वालों के विरूद्ध होने वाली कार्यवाही से घबराकर कर रहे हैं? उन्होने अपील करते हुए ग्राहकों से कहा कि  निराधार व असत्य खबरों पर ध्यान न दें और न ही किसी के बहकावे में आये। आपका धन व मान सम्मान वर्तमान संचालक मण्डल द्वारा पूर्णतया सुरक्षित रखा जायेगा।

सुरेन्द्र अग्निहोत्री
agnihotri1966@gmail.com
sa@upnewslive.com

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सुश्री दुर्गा नागपाल के निलंबन प्रकरण में न्यायोचित कार्यवाही की मांग

Posted on 07 August 2013 by admin

सुश्री दुर्गा शक्ति नागपाल के निलंबन के बाद पहले गौतमबुद्धनगर के जिलाधिकारी फिर प्रदेश के सुन्नी वक्फ बोर्ड और बाद में एल.आई.यू. की रिपोर्ट से यह सच सामने आ गया है कि जिस मामले में प्रदेश सरकार ने उन्हें निलंबित किया है उसमें कहीं से न ही उनकी कोई संलिप्तता थी और न ही किसी तरह का कोई कसूर था। इतना ही नहीं इन रिपोर्टो में यह स्पष्ट किया गया है कि जिस बिन्दु को आधार बनाकर सरकार ने सुश्री नागपाल को निलंबित किया, वैसी कोई बात हुई ही नहीं। इससे ऐसा साबित होता है कि प्रदेश सरकार और समाजवादी पार्टी से जुड़े खनन माफियाओं के इशारे पर निलंबन की कार्यवाही की गयी। इसके लिए पूरी तरह से समाजवादी पार्टी और सपा सरकार जिम्मेदार है।
प्रदेश कांग्रेस के प्रवक्ता द्विजेन्द्र त्रिपाठी ने आज यहां जारी बयान में कहा कि निलंबन के मामले में चारों तरफ से घिर चुकी समाजवादी पार्टी केा निकलने का कोई रास्ता दिखाई नहीं दे रहा है। यही कारण है कि उनके नेताओं द्वारा बार-बार अनर्गल बयानबाजी की जा रही है। लगता है कि सरकार और सपा नेताओं द्वारा इस बात की अनदेखी की जा रही है कि सुश्री नागपाल के निलंबन पर सिर्फ प्रदेश ही नहीं बल्कि पूरे देश से क्या प्रतिक्रियाएं आ रही हैं।
प्रवक्ता ने कहा कि प्रदेश सरकार के स्वास्थ्य मंत्री श्री अहमद हसन ने जिस तरह अपनी  प्रेसवार्ता में लोकतंत्र के चैथे स्तम्भ मीडिया पर हमला कर आवाज दबाने का प्रयास किया है और जिस प्रकार सुश्री नागपाल के संबंध में प्रतिक्रिया व्यक्त करते हुए कहा कि हम इनके परिवार के संबंध में अगर खुलासा करें तो उनकी सच्चाई लोगों के सामने आ जायेगी। संवैधानिक पद पर बैठे हुए एक वरिष्ठ मंत्री द्वारा इस तरह के दिये गये बयान सिर्फ निन्दनीय ही नहीं बल्कि ओछी राजनीति को दर्शाता है।
उ0प्र0 कंाग्रेस कमेटी यह मांग करती है कि समाजवादी पार्टी के मुखिया श्री मुलायम सिंह यादव एवं प्रदेश के मुख्यमंत्री श्री अखिलेश यादव अपने दल के नेताओं के अनर्गल बयानबाजी पर रोक लगायें तथा तमाम सबूतों को देखते हुए सुश्री दुर्गा नागपाल के निलंबन प्रकरण में न्यायोचित कार्यवाही करें।

सुरेन्द्र अग्निहोत्री
agnihotri1966@gmail.com
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प्रदेश सहसंयोजक/क्षेत्रीय संयोजक/सहसंयोजक की घोषणा

Posted on 07 August 2013 by admin

भारतीय जनता पार्टी के प्रदेश अध्यक्ष डाॅ0 लक्ष्मीकांत बाजपेयी जी से विचार-विमर्श के उपरान्त साहित्य एवं प्रकाशन प्रकोष्ठ के प्रदेश संयोजक श्रीमती मीना चैबे ने प्रदेश सहसंयोजक/क्षेत्रीय संयोजक/सहसंयोजक की घोषणा की है, जो निम्न हैः-
प्रदेश सहसंयोजक के नामः-
क्रमांक    नाम    जिला
1.    श्री साकेन्द्र प्रताप वर्मा    सीतापुर
2.    डा0 नागर दास मिश्रा    बस्ती
3    डा0 उत्तम ओझा    वाराणसी
4    डा0 अमी आधार निडर    आगरा
क्षेत्रीय संयोजक/क्षेत्रीय सहसंयोजक के नामः-
क्रं0    नाम    जिला    दायित्व    क्षेत्र
1.    श्री बलराम पाण्डे    कुशीनगर    क्षेत्रीय संयोजक    गोरखपुर क्षेत्र
2.    श्री गोपाल सिंह    गोरखपुर    क्षेत्रीय सह संयोजक    गोरखपुर क्षेत्र
3.    श्रीमती रागिनी सिंह चैहान    शाहजहाॅपुर    क्षेत्रीय संयोजक    रूहेलखण्ड क्षेत्र
4    श्री अशोक चैरसिया    वाराणसी    क्षेत्रीय संयोजक    काशी क्षेत्र
5    श्री पुनीत गुप्ता    मुरादाबाद    क्षेत्रीय संयोजक     पश्चिम क्षेत्र
6    श्री अमित त्यागी    नोएडा    क्षेत्रीय सह संयोजक    पश्चिम क्षेत्र
7    आचार्य श्री राजेश महाराज    बांदा    क्षेत्रीय संयोजक    बुंदेलखण्ड क्षेत्र
8    श्रीमती बबिता सिंह    लखनऊ    क्षेत्रीय संयोजक    अवध क्षेत्र
9    श्रीमती मीना तिवारी    लखनऊ    क्षेत्रीय सह संयोजक    अवध क्षेत्र
10    डा0 योगेन्द्र सिंह    कानपुर    क्षेत्रीय संयोजक    कानपुर क्षेत्र

सुरेन्द्र अग्निहोत्री
agnihotri1966@gmail.com
sa@upnewslive.com

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अखिलेश सरकार की ओछी बयानबाजी

Posted on 07 August 2013 by admin

भारतीय जनता पार्टी ने कहा चैतरफा नाकामियों से जूझ रही अखिलेश सरकार के मंत्री बौखलाहट में ओछी बयानबाजी पर उतर आये हैं। प्रदेश प्रवक्ता विजय बहादुर पाठक ने कहा कि दुर्गा शक्ति नागपाल ने अपने साथ हुई ज्यादती के बारे में कुछ बोला ही नहीं तो झूठ कहा से बोला। इस पूरे प्रकरण पर झूठ तो सरकार बोल रही है जिसका खुलासा एक-एक कर लीक हो रही रिपोर्टों से हो रहा है। झुलझुलाहट और बौखलाहट में मीडिया पर अनर्गल आरोप लगाये जा रहे है।
पार्टी के राज्य मुख्यालय पर मंगलवार को संवाददाताओं से चर्चा करते हुए प्रदेश प्रवक्ता विजय बहादुर पाठक ने कहा कि अखिलेश सरकार के मंत्री अहमद हसन ने उनकी मौजूदगी में मीडिया पर अनर्गल आरोप मढ़े। मीडिया को नागपाल फोबिया हो गया है कहते हुए उन्होंने मीडिया में काले भेड़े हंै तक का जिक्र किया। ये बेहद गैरजिम्मेदाराना सार्वजनिक बयान है। मीडिया को अपने अन्दर झांककर देखने की नसीहत देने वाले खुद अपने अन्दर झांककर देखें तो ज्यादा अच्छा है। जो जिम्मेदारी है उसका तो ठीक ढ़ंग से निर्वहन कर नहीं पा रहे हंै, दूसरों को नसीहत दे रहे हंै। नसीहत देना है तो इस पूरे प्रकरण पर सरकार और मुख्यमंत्री को दंे जो जिलाधिकारी की रिपोर्ट व एल.आई.यू. की रिपोर्ट को झुठलाते हुए दुर्गा शक्ति नागपाल के निलंबन की गलत कार्रवाई को लगातार जायज ठहराने में लगे हुए हैं।
उन्होने कहा कि नोएडा का दुर्गा शक्ति प्रकरण अवैध खनन माफियाओं के दबाव में की गई सरकारी कार्यवाही है। एक ईमानदार नौजवान महिला अधिकारी के उत्पीड़न का प्रकरण है। खुद समाजवादी पार्टी के नेता नरेन्द्र भाटी ने दावा किया कि मैंने 41 मिनट में निलंबन कराया। किस तरह सत्ता उनकी मुट्ठी में है इसकी सेखी बघारते हुए उन्होंने कहा कि रातो रात निलंबन का यह आदेश जिलाधिकारी के हाथ में पहंुचा। अब मंत्री अहमद हसन नागपाल के खानदान पर ओझी टिप्पणियां कर रहे हंै। ये टिप्पणियां कर समाजवादी पार्टी के लोग इस पूरे मामले में क्या कहना चाहते है? दरअसल नागपाल प्रकरण सरकार के गले में अटक गया है। एक के बाद एक झूठ का सहारा ले रही उ0 प्र0 की सरकार के पास इस पूरे प्रकरण पर कहने को कुछ नहीं है इसलिए अंर्तगत प्रलाप किए जा रहे हंै।
श्री पाठक ने कहा कि 17 महीने सरकार को अपने खिलाफ हर जगह साजिश ही नजर आ रही है। कभी उसे ब्यूरोक्रेशी साजिश करती हुई नजर आती है, कभी विपक्षी दलों की साजिश दिखती है तो कभी मीडिया की साजिश नजर आती है। सरकार के पास पूरा तंत्र है, अभिसूचना की ईकाई है इन साजिशों की जानकारी कर खुलासा कराये, कहां और कौन साजिश कर रहा है। वास्तविकता है कि सरकार अपनी नाकामियों का ठिकरा हर बार दूसरों के सिर मढ़ काम चलाना चाहती है। यह साजिश के आरोप भी उसी रणनीति का हिस्सा है।
उन्होने बताया कि आज पार्टी के प्रदेश अध्यक्ष डा0 लक्ष्मीकांत बाजपेयी के नेतृत्व में भाजपा का एक प्रतिनिधि मण्डल महामहिम राज्यपाल से दुर्गा शक्ति नागपाल के निलंबन के संदर्भ में मिला ज्ञापन दिया। प्रतिनिधि मण्डल में प्रदेश अध्यक्ष के साथ पूर्व प्रदेश अध्यक्ष ओम प्रकाश सिंह, प्रदेश उपाध्यक्ष गोपाल जी टण्डन, प्रदेश मंत्री दयाशंकर सिंह, अनूप गुप्ता, प्रदेश प्रवक्ता विजय बहादुर पाठक थे।

सुरेन्द्र अग्निहोत्री
agnihotri1966@gmail.com
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श्रीमती दुर्गा शक्ति नागपाल के निलम्बन के संबंध में।

Posted on 07 August 2013 by admin

एस0डी0एम0 गौतमबुद्धनगर श्रीमती दुर्गा शक्ति नागपाल के निलम्बन की परिस्थिति और उसके बाद उभरे जनाक्रोश तथा सरकार की दुराग्रह से उत्पन्न परस्थिति के संबंध में आपसे संवैधानिक मुखिया के नाते हस्तक्षेप हो इस आग्रह के साथ आपके समक्ष हम उपस्थित हैं।
उत्तर प्रदेश सरकार ने उपरोक्त आई.ए.एस. अधिकारी के विरूद्ध कार्यवाही का आधार एल0आई0यू0 से प्राप्त रिपोर्ट को बनाया था। लेकिन एल0आईयू0 की वह रिपोर्ट दिनांक 27.07.2013 को सायं 05ः10 बजे गृह विभाग और डी0जी0पी0 कन्ट्रोल को प्रभारी नियंत्रण कक्ष अभिसूचना मुख्यालय उ0प्र0 द्वारा भेजी गयी है, उसमें तथ्य सरकार के कथन के बिल्कुल विपरीत हैं।
’’गौतमबुद्धनगर-विदित हुआ है कि ग्राम-कादलपुर, थाना-रघुपुरा में स्थानीय मुस्लिमों  द्वारा एक नई मस्जिद का निर्माण कराया जा रहा था जिसमें 10 फिट की तीन तरफ की दीवारें खड़ी कर दी गयी थीं।’’
उक्त मस्जिद के निर्माण की सूचना सी0ओ0/एस0डी0एम0 जेवर व थानाध्यक्ष रघुपुरा द्वारा दिनांक 27.07.2013 को 13ः00 बजे मौके पर पहुँच कर निर्माणाधीन दीवार को को गिरवा दिया। प्रशासन का कहना है कि इस मस्जिद के निर्माण की अनुमति न होने के कारण यह कार्यवाही की गयी।
उल्लेखनीय बिन्दु:
ऽ    ’’मौके पर गये एस0डी0एम0 जेवर और सरकार ने बताया एस0डी0एम0 गौतमबुद्धनगर तथा श्रीमती दुर्गा शक्ति नागपाल पर सरकार ने कथित एल.आई.यू. की रिपोर्ट को आधार बनाया जबकि एल.आई.यू. की रिपोर्ट में दुर्गा शक्ति नागपाल का चर्चा भी नहीं है।’’
रिपोर्ट का दूसरा भाग:-
’’यह जानकारी मिल रही है कि निर्माण फंड के लिए तीन माह पहले श्री नरेन्द्र भाटी घोषित सपा प्रत्याशी ने 51000 रूपये दिये और उसका उद्घाटन किया।’’
उल्लेखनीय बिन्दु:
ऽ    श्री नरेन्द्र भाटी का ही बयान था कि मैंने 41 मिनट में ही ट्रांसफर करा दिया। (संलग्न)
उपरोक्त तथ्यों के आधार पर यह स्पष्ट है कि जैसा जन मानस में व्याप्त है कि खनन माफियाओं के दबाव में दुर्गा शक्ति नागपाल को हटाया गया है, सत्य सिद्ध हो रहा है।

अर्थात् मस्जिद की दीवार तो एक बहाना है और उससे सरकार ने एक तीर में दो निशाने किये है, एक अपने समर्थक खनन माफियाओं को बचाया है, दूसरा साथ ही मुस्लिम तुष्टीकरण की पराकाष्ठा का परिचय दिया है।
यदि दुर्गा शक्ति नागपाल के निलम्बन का कारण मस्जिद की दीवार और कानून व्यवस्था थी तब दिनांक 31.07.2013 की प्रातःकाल 06ः30 बजे सरकार की नाक के नीचे थाना-बाजार खाला, लखनऊ में हुए शिया-सुन्नी दंगे और आगजनी सहित प्रदेश में अब तक घटे 47 साम्प्रदायिक उन्माद की घटनाओं पर किसी भी प्रशासनिक अधिकारी को निलंबित किया गया है ऐसा प्रतीत नहीं होता है। उदाहरणार्थ लखनऊ में भगवान बुद्ध और महावीर की मूर्ति तोड़े जाने की घटना के बाद भी जिलाधिकारी लखनऊ यथावत हैं और अब तक कोई कार्यवाही नहीं हुई है।
इस संबंध में मेरा आपसे विशेष आग्रह है कि श्रीमती दुर्गा शक्ति नागपाल द्वारा खनन माफियाओं के विरूद्ध की गई कार्यवाही के अधीन जो ट्रक, ट्रैक्टर, ट्राली, डम्पर, जे.सी.बी. मशीन जब्त की गई उसके मालिक कौन, किस व्यक्ति या फर्म के यहाँ किराये पर थे। मालिक, फर्म और व्यक्ति कौन हैं और उनके राजनैतिक संबंध क्या है, यह विषय जनता के समाने स्पष्ट हो जायेगा तो इस प्रकरण का दूध का दूध, पानी का पानी अलग हो जायेगा।
इस संबंध में एक पृष्ठ इस प्रकरण की सामान्य जानकारी का तथा एक पृष्ठ एल.आई.यू. की मूल रिपोर्ट का व एक पृष्ठ एल.आई.यू. की मूल रिपोर्ट की साफ टंकित प्रति भी आपके अवलोकनार्थ संलग्न की जा रही है।
मेरा निवेदन है कि राज्य के संवैधानिक मुखिया होने के नाते एक ईमानदार अधिकारी को आपका संरक्षण प्राप्त हो तथा सरकार की असत्य और अवैधानिक कार्यवाही निरस्त हो, ऐसा प्रभावी हस्तक्षेप करने का आग्रह है।

(ओम प्रकाश सिंह)               (डा0 लक्ष्मी कान्त बाजपेयी)        (गोपाल टण्डन)
पूर्व मंत्री            विधायक            प्रदेश उपाध्यक्ष
प्रदेश अध्यक्ष, भाजपा, उ0प्र0
(दया शंकर सिंह)      (अनूप गुप्ता)          (विजय बहादुर पाठक)
प्रदेश मंत्री       प्रदेश मंत्री                 प्रदेश प्रवक्ता

सुरेन्द्र अग्निहोत्री
agnihotri1966@gmail.com
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प्रदेष सरकार पर ज्यादती करने का आरोप

Posted on 07 August 2013 by admin

राष्ट्रीय लोकदल के राष्ट्रीय सचिव अनिल दुबे ने आई0ए0एस0 दुर्गा नागपाल मामले में प्रदेष सरकार पर ज्यादती करने का आरोप लगाते हुये कहा कि एल0आई0यू0 की रिपोर्ट से सरकार की कलई खुल गई है और सरकार का दोहरा चरित्र उजागर हो गया है।
श्री दुबे ने सपा नेताओं द्वारा आई0ए0एस0 अधिकारियों को ही प्रदेष से वापस बुला लेने की बात को हास्यास्पद बताते हुये कहा कि प्रदेष को संचालित करने के लिए संविधान में व्यवस्था की गयी है और उसी के तहत भारत के महामहिम राष्ट्रपति द्वारा आई0ए0एस0 अधिकारियों की नियुक्ति की जाती है और सपा के वरिष्ठ नेताओं व मंत्रियों  द्वारा ऐसा अनाप सनाप बयान देकर संविधान का तो माखौल उड़ाया ही जा रहा है बल्कि यह भी साबित किया जा रहा है कि समाजवादी पार्टी का भारतीय संविधान में विष्वास नहीं है और सपा अपनी मनमर्जी से सरकार चला रही है और मनमर्जी के विपरीत कार्य करने वाले अधिकारियों को दण्डित व अपमानित करती रहेगी।
श्री दुबे ने कहा कि दुर्गा शक्ति नागपाल प्रकरण में सरकार लगातार झूठ बोलने का काम कर रही है। पहले एल0आई0यू0 की रिपोर्ट के आधार पर निलम्बन की बात कही अब एल0आई0यू0 रिपोर्ट में सरकार का झूठ साबित होने के बाद प्रदेष के स्वास्थ्य मंत्री जो, प्रदेष के अस्पतालों की स्थिति तो सुधार नहीं पा रहे हैं। अस्पतालों में प्रसव तक की व्यवस्था करा पाने में असफल रह चुके मंत्री द्वारा अब कहा  जा रहा है कि दुर्गा शक्ति नागपाल झूठ बोल रही है जबकि मंत्री जी को पता होना चाहिए कि उक्त अधिकारी अभी तक बोली ही नहीं है। उन्होंने कहा कि इस प्रकरण में सरकार की हठ धर्मिता से यह स्पष्ट हो गया है कि प्रदेष सरकार खनन माफियाओं के दबाव में है। उन्होंने प्रदेष सरकार को हठ धर्मिता छोड़कर उक्त अधिकारी को तत्काल बहाल करने के साथ साथ खनन माफियाओं के विरूद्व कठोर कार्यवाही करने की मांग की।

सुरेन्द्र अग्निहोत्री
agnihotri1966@gmail.com
sa@upnewslive.com

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भारत की सबसे अलग मोबाइल जाॅब मार्केट है महिंद्रा ष्समूह की सरल रोजगार सुविधा

Posted on 07 August 2013 by admin

  • अपनी स्थानीय भाषा में देष के किसी भी हिस्से में सूचना प्रोद्यौगिकी के जरिए औद्योगिक या घरेलू नौकरी की तलाष कर रहे कुशल, अर्ध-कुशल व अकुशल बेरोजगारों को नियोक्ताओं से जोड़ने के लिए एक अनोखी मोबाइल आधारित रोजगार सुविधा है- सरल रोजगार
  • सरल रोजगार ने इनोवेषन के लिए 7 राष्ट्रीय व अन्तर्राष्ट्रीय पुरस्कार जीते

विभिन्न्ा संचार माध्यमों के जरिए एक-दूसरे से जुड़ी दुनिया को विभिन्न सुविधाएं उपलब्ध कराने वाली कंपनी एवं डिजिटल के क्षे़त्र में सक्रिय उद्यम टेक महिंद्रा लिमिटेड ने उत्तरप्रदेष में अपने मोबाइल उपभोक्ताओं के लिए एक खास मोबाइल आधारित सुविधा, सरल रोजगार की औपचारिक घोषणा की। इस सुविधा का उद्देश्य है मोबाइल के जरिए नौकरियों व रोजगार प्रदाताओं का एक संगठन व पूल तैयार करना और नौकरी व आवदेनकर्ता के बीच के रास्ते को जितना संभव हो आसान बनाने के लिए एक सरल, आसान व सस्ती सुविधा उपलब्ध कराना है। edited-dsc_0292

भारत के अर्ध-विकसित क्षेत्र में 30 करोड़ अर्ध-कुशल व अकुशल श्रमिक हैं। इस सुविधा का मुख्य केंद्र बिंदु स्नातक से निचले स्तर का वर्ग है। यह सेक्टर अभी काफी असंगठित है और ऐजेंटों व स्थानीय एजेंसियों द्वारा संचालित किया जाता है। इस वर्ग से संवाद करने में सबसे बड़ी चुनौती है साक्षरता और उनके द्वारा समझी जाने वाली भाषा। लोगों के बीच इसी डिजिटलीय गैप को कम करने की दिषा में एक पहल करते हुए शुरू की गई सरल रोजगार इंटरनेट व वाॅयस काॅल जैसी तकनीकी सुविधाओं का मिश्रण है, जो कामगारों व नियोक्ताओं के के लिए एक जाॅब मार्केट उपलब्ध कराती है।

भारत के किसी भी हिस्से में रोजगार की तलाष कर रहे लोग अपने मोबाइल से 54141 या 1860-180-1100 डायल करके एक छोटी-सी वाॅयस काॅल के जरिए अपनी स्थानीय भाषा में इस सुविधा का फायदा उठा सकते हैं। सरल रोजगार का हिस्सा होने के नाते, हम नौकरी की तलाष कर रहे लोगों को इंटरनेट या वेब पर उनका पहला डिजिटल रिज्यूम बनाने में और कोरपोरेट व मुख्य नियोक्ताओं को डब्लयूडब्लयूडब्लयू डाॅट सरल रोजगार डाॅट काॅम के जरिए उनसे जुड़ने में मदद करते हैं। लघु उद्यमी भी वाॅयस काॅल के जरिए कामगारों तक पहुंच सकते हैं। एक बार आवेदनकर्ताओं की सूची को अपनी जरूरतों के मुताबिक चुनने के बाद नियोक्ता एसएमएस के जरिये या आउट बाउंड आईवीआर काॅल के लिए हजारों चुने हुए आवेदनकर्ताओं से उनकी स्थानीय भाषा में संवाद कर सकते हैं। संवाद का यह नोटिफिकेशन मिलने के बाद आवेदनकर्ता बिना किसी मध्यस्थ के नियोक्ताओं से जुड़ जाते हैं। ग्रामीण व शहरी क्षेत्रों में रह रहे मोबाइल उपभोक्ता 30 रूपये में तीस दिन के लिए इस सुविधा की सदस्यता ले सकते हैं। edited-psf_2927

टेक महिंद्रा लिमिटेड में मोबिलिटी वीएएस प्रोडक्ट एंड पोर्टफोलियो, विवेक चंदोक ने बताया कि सरल रोजगार पहली ऐसी मोबाइल आधारित बहु-भाषाी सुविधा है जो बहुत ही आसान व सुलभ तरीके से नौकरी की तलाष करने वाले हजारों लोगों से बल्कि एक खास पारदर्षिता के तहत कई सौ नियोक्ताओं से जुड़े हुई है। यह सुविधा नियोक्ताओं को एक बटन क्लिक करके लाखों आवेदनकर्ताओं तक पहुंचने में और बहुत ही प्रभावी तरीके से कामगारों व मजदूरों पर लगने वाली लागत को कम करने में मदद करती है। अब यह सुविधा उन्हें वेब पर अपनी पहली डिजिटल उपस्थिति दर्ज कराने में भी मदद करेगी।

सरल रोजगार से देष भर में फैली लगभग 800 जगहों से 10 लाख से अधिक नौकरी की तलाष कर रहे लोग जुड़ चुके हैं। हम 150 से अधिक वर्गों संबंधी 90 हजार रोजगार अवसरों व 5000 से अधिक नियोक्ताओं से जुड़े हुए है। हम देष के विभिन्न्ा राज्यों में 170 से अधिक रोजगार मेलों का आयोजन कर चुके हैं व 50 से अधिक रोजगार अभियान चला चुके हैं, जिनसे 7000 से अधिक लोगों को रोजगार उपलब्ध हो चुका है। महिंद्रा ट्रैक्टर्स, एसआईएस सेक्योरिटीज, श्रीराम न्यू हाॅरिजोंस, पेजियो आदि कंपनियां अपनी श्रम संबंधी जरूरतों को पूरा करने के लिए इस सुविधा का प्रयोग कर रही हैं।

महिंद्रा ट्रैक्टर्स की मैनेजर चैनल अकांक्षा अवस्थी के अनुसार, कई क्षेत्रों में हम अभी तक नौकरी के आवदेन पारंपरिक तरीके से प्राप्त करते थे। ज्यादातर मामलों में हमें कम आवेदन आने के कारण निराशा झेलनी पड़ती थी। ऐसे ही क्षेत्रों में कामगार को हासिल करने में सरल रोजगार एक प्रभावी तरीका साबित हुई है।

श्रीराम न्यू हाॅरिजोंस लिमिटेड के उपाध्यक्ष आषीष मल्होत्रा के मुताबिक, सरल रोजगार के कारण हमारे छात्र-छात्राओं की जाॅब प्लेसमेंट बहुत सरल व गतिषील हो गई है। इसके लिए हम सरल रोजगार के बहुत आभारी हैं। अब हमारे छात्रों को स्थानीय मार्केट के नौकरी के बेहतर अवसर उपलब्ध हो रहे हैं।

ल्घु व मध्यम उद्यमियों की श्रम संबंधी जरूरतों को पूरा करने के लिए सरल रोजगार ने फरीदाबाद स्माॅल इंडस्ट्रीज एसोसिएशन व इंडियन इंडस्ट्रीज एसोसिएशन, लखनऊ के साथ गठबंधन किया है। इस तरह के समझौते उन लघु उद्यमियों के लिए फायदेमंद रहेंगे, जो श्रम संबंधी जरूरतों को पूरा करने हेतु काफी पैसा और वक्त खर्च करते हैं।

सरल रोजगार को युवा मामले एवं खेल मंत्रालय के तहत एनवाईकेएस का सहयोग मिल रहा है और नेशनल स्किल डवलपमेंट काॅरपोरेषन आॅफ इंडिया द्वारा (एनएसडीसी) मान्यता प्राप्त है। इसके अतिरिक्त, प्रतिष्ठित राष्ट्रीय व अंतरराष्ट्रीय निकायों द्वारा इसे विभिन्न्ा पुरस्कारों से भी नवाजा जा चुका है।

टेक महिंद्रा के बारे में
टेक महिंद्रा समाज का विकास करने हेतु नये-नये उपकरण, उपभोक्ता केंद्रित सूचना प्रोद्यौगिकी सुविधाएं एवं समाधान, एसोसिएट्स व अन्य सेवाएं उपलब्ध कराने वाला एक सक्रिय उद्यम है। 49 देशों में 84,000 पेशेवरों के साथ टेक महिंद्रा 2.7 अरब डॉलर के टर्नओवर वाली कंपनी है, जो फॅार्चयून सहित दुनिया भर की 500 कंपनियों को सहयोग करती है। हमारे सलाहकार, एंटरप्राइज, दूरसंचार सुविधाएं, प्लेटफार्म व दोबारा प्रयोग की जा सकने वाली सेवाएं विभिन्न्ा व्यापारिक क्रियाएं करने के उद्देष्य से देष भर में प्रचलित तकनीकों से जुड़ी है।

हम 16.2 बिलियन डाॅलर के टर्नओवर वाले महिंद्रा समूह का हिस्सा हैं, जो सौ से ज्यादा देशों में एक लाख 55 हजार से अधिक लोगों को रोजगार प्रदान करती है। महिंद्रा समूह आर्थिक विकास में सहायक कई औद्योगिक उद्यमों का संचालन कर रही है, जैसे- ट्रैक्टर्स, उपयोगी वाहन, आॅफ्टर मार्केट, सूचना प्रोद्यौगिकी आदि।

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सुरेन्द्र अग्निहोत्री
agnihotri1966@gmail.com
sa@upnewslive.com

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मुख्यमंत्री ने नई कुक्कुट विकास नीति के अंतर्गत कामर्शियल लेयर्स एवं ब्रायलर पैरेण्ट्स फार्म इकाइयों की स्थापना का शुभारम्भ किया

Posted on 07 August 2013 by admin

  • कामधेनु डेयरी योजना का लोकार्पण तथा दुग्ध उत्पादक सहकारी संघ, लखनऊ के परिसर में स्थापित होने वाले आटोमैटिक दही प्लाण्ट एवं आटोमैटिक फ्लेवर्ड मिल्क प्लाण्ट का शिलान्यास भी किया

उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री श्री अखिलेश यादव ने आज यहां पशुपालन विभाग की नई कुक्कुट विकास नीति के अंतर्गत कामर्शियल लेयर्स एवं ब्रायलर पैरेण्ट्स फार्म इकाइयों की स्थापना का शुभारम्भ, कामधेनु डेयरी योजना का लोकार्पण तथा दुग्ध उत्पादक सहकारी संघ, लखनऊ के परिसर में स्थापित होने वाले 25 टन प्रतिदिन क्षमता के आटोमैटिक दही प्लाण्ट एवं 10 हजार बोतल की प्रतिदिन क्षमता के आटोमैटिक फ्लेवर्ड मिल्क प्लाण्ट का शिलान्यास किया। इस मौके पर उन्होंने गरीबों एवं ग्रामीण क्षेत्रों के विकास के लिए इन योजनाओं को अत्यन्त लाभकारी बताते हुए कहा कि इनसे लाखों लोगों को प्रत्यक्ष एवं अप्रत्यक्ष रूप से रोजगार हासिल होगा।
अपने सरकारी आवास पर आयोजित कार्यक्रम में उपस्थित लोगों को सम्बोधित करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि दुग्ध विकास तथा पशुपालन विभागों द्वारा शुरू की जा रहीं इन रोजगारोन्मुखी योजनाओं से ग्रामीण क्षेत्रों की आर्थिक स्थिति में सुधार होगा। उन्होंने उत्तर प्रदेश को दुग्ध का बड़ा बाजार बताते हुए कहा कि दुग्ध विकास क्षेत्र को प्रतियोगी बनाने से यहां के किसानों तथा उपभोक्ताओं को लाभ मिलेगा। इसीलिए अमूल को भी प्रदेश में काम करने की इजाजत दी गई है। इसी प्रकार कुक्कुट पालन को आर्थिक रूप से काफी सम्भावनाओं वाला रोजगार बताते हुए उन्होंने कहा कि अण्डे, ब्रायलर तथा दूध की मांग मौसम के हिसाब से काफी बढ़ जाती है।
पिछली राज्य सरकार पर दुग्ध विकास विभाग की उपेक्षा का आरोप लगाते हुए श्री यादव ने कहा कि कानपुर में दुग्ध संघों का काफी दिनों से पैसा बकाया था, जिसकी वजह से किसानों का भुगतान नहीं हो रहा था। फलस्वरूप पराग डेयरी बंद होने के कगार पर पहुंच गई थी। उन्होंने कहा कि वर्तमान सरकार ने पिछले दो वित्तीय वर्षों में काफी प्रयास कर इस समस्या का समाधान किया। उन्होंने कहा कि यदि कहीं दुग्ध आपूर्ति करने वाले किसानों का भुगतान लम्बित है तो विभाग उन किसानों की बकाया धनराशि का भुगतान शीघ्र कराएगा। उन्होंने आधुनिक बाजार व्यवस्था के अनुरूप तब्दीली लाने का सुझाव देते हुए कहा कि दुग्ध विकास विभाग को पराग उत्पादों की पैकेजिंग, मार्केटिंग के अलावा इसके उत्पादों के विविधिकरण पर भी ध्यान देना होगा।
मुख्यमंत्री ने भरोसा दिलाया कि आगे आने वाले समय में कृषि उत्पादन आयुक्त शाखा द्वारा संबंधित विभागों के माध्यम से ऐसी योजनाएं संचालित की जाएंगी, जिनसे ग्रामीण क्षेत्रों की अर्थव्यवस्था में काफी सुधार होगा और किसानों की आमदनी में बढ़ोत्तरी होगी। उन्होंने दुधारू पशुओं की नस्लों को सुधारने के लिए गम्भीरता से प्रयास करने का निर्देश देते हुए कहा कि प्रति पशु दुग्ध उत्पादन बढ़ाया जाना चाहिए। उन्होंने कहा कि पशुओं के इलाज के लिए मण्डल स्तर पर अच्छे पशु चिकित्सालयों की स्थापना का प्रयास किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि जनपद अम्बेडकरनगर में संतुलित पशु आहार निर्माणशाला की स्थापना पर विचार किया जाएगा।
इस मौके पर मुख्यमंत्री ने प्रदेश सरकार की नई कुक्कुट विकास नीति- 2013 के अंतर्गत 36 यूनिटों के लिए उद्यमियों को स्वीकृत पत्र वितरित करते हुए कहा कि कामर्शियल लेयर्स पालन योजना पर नीति के अनुसार ब्याज रहित ऋण उपलब्ध कराने, मण्डी शुल्क पर अनुदान इत्यादि से उद्यमियों को छूट दी जाएगी। उन्होंने कहा कि इन यूनिटों की स्थापना के बाद अगले पांच वर्षों में प्रदेश अण्डे की खपत की प्रतिपूर्ति अपने स्तर से ही करने में सक्षम हो जाएगा। इसके साथ ही उन्होंने कामर्शियल लेयर फार्म तथा ब्रायलर पैरेण्ट्स फार्म की यूनिट स्थापना के लिए हैदराबाद से आए उद्यमियों से भी मुलाकात की।
इसी प्रकार कामधेनु डेयरी योजना का शुभारम्भ करते हुए उन्होंने कहा कि योजना के तहत स्थापित होने वाली 100 दुधारू पशुओं की एक यूनिट लगाए जाने पर योजना की कुल लागत का 75 फीसदी बैंक ऋण प्राप्त करने पर 12 प्रतिशत वार्षिक की दर से पांच वर्षों तक बैंक द्वारा लिए गए ब्याज की प्रतिपूर्ति की जाएगी।
कार्यक्रम में प्रस्तावित योजनाओं की जानकारी देते हुए दुग्ध विकास मंत्री श्री राममूर्ति वर्मा ने बताया कि उत्तर प्रदेश द्वारा सर्वाधिक दुग्ध उत्पादन किया जाता है। लेकिन प्रति पशु दुग्ध उत्पादन में राज्य अभी काफी पीछे है। इसकेे लिए पशुओं की नस्ल सुधार के कार्यक्रम सघनता से चलाए जाएंगे।
इस मौके पर पशुधन मंत्री श्री राजकिशोर सिंह ने कहा कि अण्डा उत्पादन हेतु कामर्शियल लेयर्स पालन की योजना को पारदर्शी ढंग से चलाया जाएगा। उन्होंने कहा कि योजना के तहत प्रति इकाइ लागत 180 लाख निर्धारित की गई है, जिसमें 30 प्रतिशत धनराशि मार्जिन मनी के रूप में उद्यमी को देनी होगी। उन्होंने कहा कि योजना के तहत पांच वर्षों में 10 प्रतिशत बैंक ऋण के ब्याज की प्रतिपूर्ति की जाएगी।
कार्यक्रम को सम्बोधित करते हुए चिकित्सा एवं स्वास्थ्य मंत्री श्री अहमद हसन ने कहा कि राज्य सरकार प्रदेश की जनता के हित में लगातार काम कर रही है।    इससे पूर्व मुख्य सचिव श्री जावेद उस्मानी ने कहा कि उत्तर प्रदेश भौगोलिक विविधता से परिपूर्ण है। ग्रामीण परिवेश में कृषि एवं पशुपालन परम्परागत रूप से आजीविका का आधार रहे हैं। किन्तु पशुपालन को सदैव कृषि के मुकाबले कम प्राथमिकता दी गई। फलस्वरूप पशुपालन में अपार सम्भावनाओं के बावजूद प्रमुख क्षेत्र के रूप में राज्य विकसित नहीं हो पाया। राज्य सरकार इस कमी को पूरा करने के लिए गम्भीरता से प्रयास कर रही है। उन्होंने कहा कि कुक्कुट पालन के लिए शुरू की जा रही योजना से अगले पांच साल में प्रदेश आत्मनिर्भर हो जाएगा। इसी प्रकार डेयरी के लिए शुरू की जा रही कामधेनु डेयरी योजना से 75 इकाइयां स्थापित करने का लक्ष्य रखा गया है, जिसे बाद में बढ़ाया जाएगा। इससे दुग्ध उत्पादन में काफी बढ़ोत्तरी होगी।
इस अवसर पर कृषि उत्पादन आयुक्त श्री आलोक रंजन ने कहा कि मुख्यमंत्री की रूचि को देखते हुए पशुधन विभाग को लघु उद्योग के रूप में विकसित करने का प्रयास किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि कृषि के साथ-साथ पशुपालन को बढ़ावा देने से किसानों की आमदनी में तीन से चार गुना तक की वृद्धि हो सकती है। उन्होंने कहा कि पशुओं को तत्काल चिकित्सा सुविधा मुहैया कराने के लिए सचल पशु चिकित्सालय शुरू किए गए हैं, जिनकी आवश्यकता को देखते हुए उनकी संख्या बढ़ाई जाएगी।
इस अवसर पर राज्य मंत्रिमण्डल के सदस्यगण, विधायकगण एवं अन्य जनप्रतिनिधि तथा प्रमुख सचिव मुख्यमंत्री श्री राकेश गर्ग, प्रमुख सचिव पशुधन श्री योगेश कुमार, प्रमुख सचिव दुग्ध विकास श्री कुमार अरविन्द सिंह देव सहित वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित थे।

सुरेन्द्र अग्निहोत्री
agnihotri1966@gmail.com
sa@upnewslive.com

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मुख्यमंत्री पीडि़त सहायता कोष में आज 32,69,817 रुपये की धनराशि प्राप्त हुई

Posted on 07 August 2013 by admin

उत्तराखण्ड की दैवी आपदा से पीडि़त लोगों के सहायतार्थ मुख्यमंत्री पीडि़त सहायता कोष में आज 32,69,817 रुपये की धनराशि प्राप्त हुई, जिसका विवरण निम्नवत है-
क्र.सं.    नाम    धनराशि
1    श्री सूर्य प्रकाश गुप्त, महाधिवक्ता, उ0प्र0    929600
2    अध्यक्ष, जिला उपभोक्ता विवाद प्रतितोष फोरम (द्वितीय), आगरा    1870
3    जिलाधिकारी, वाराणसी    33304
4    जिलाधिकारी, रामपुर    1823835
5    जिलाधिकारी, कासगंज    261528
6    जिलाधिकारी, मैनपुरी    68800
7    निदेशक, कोषागार उ0प्र0, 1018 जवाहर भवन, लखनऊ    44700
8    जिला लेखा परीक्षा अधिकारी, मऊ    13785
9    जिला प्रभारी, उ0प्र0 राज्य खाद्य एवं आवश्यक वस्तु निगम लि0 बटवाल बाजार, अमरोहा    37395
10    श्री विजय वर्मा, 5/140, विकास नगर, लखनऊ    5000
11    नाम व पता अज्ञात    50000
कुल योग    3269817ण्00

सुरेन्द्र अग्निहोत्री
agnihotri1966@gmail.com
sa@upnewslive.com

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स्तावित शहरी आवास एवं पर्यावास नीति के अन्तर्गत कमजोर वर्गाें की आवासीय आवश्यकताओं पर विशेष ध्यान दिया जाए: मुख्यमंत्री

Posted on 07 August 2013 by admin

  • मुख्यमंत्री के समक्ष प्रस्तावित शहरी आवास एवं पर्यावास नीति-2013 का प्रस्तुतिकरण

उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री श्री अखिलेश यादव ने कहा है कि प्रस्तावित शहरी आवास एवं पर्यावास नीति-2013 में निर्बल वर्ग के लोगों की आवासीय समस्याओं का भी समाधान सुनिश्चित किया जाए। उन्हांेने कहा कि विभिन्न आवासीय योजनाओं में समाज के कमजोर वर्गाें की आवश्यकताओं की पूर्ति के लिए प्रयास किए जाने चाहिए।
मुख्यमंत्री ने यह विचार आज यहां सचिवालय एनेक्सी में राज्य शहरी आवास एवं पर्यावास नीति-2013 के प्रस्तावित प्रारूप के प्रस्तुतिकरण के दौरान व्यक्त किए। उन्हांेने कहा कि वर्तमान परिप्रेक्ष्य में एक ऐसी नीति की आवश्यकता है जिससे समाज के सभी वर्ग लाभान्वित हों तथा शहरों का नियोजित विकास भी सुनिश्चित हो सके।
प्रस्तुतिकरण के दौरान इस नीति के विज़न, मिशन, उद्देश्य तथा क्रियान्वयन हेतु रणनीति पर चर्चा हुई। मुख्यमंत्री ने विभिन्न बिन्दुओं पर दिए गए प्रस्तुतिकरण को देखा तथा अधिकारियों को इनमें आवश्यक बदलाव हेतु दिशा-निर्देश दिए। उन्हांेने कहा कि आवासीय परियोजनाओं में अनुसूचित जातियांे/जनजातियों, अन्य पिछड़ा वर्गाें, अल्पसंख्यकों, मलिन बस्ती निवासियों, फेरीवालों, कामगार महिलाओं तथा समाज के कमजोर वर्गाें की आवासीय आवश्यकताओं पर विशेष ध्यान दिया जाना चाहिए।
ज्ञातव्य है कि पिछली राज्य शहरी आवास नीति वर्ष 1995 में घोषित हुई थी। केन्द्र सरकार ने वर्ष 2007 में राष्ट्रीय शहरी आवास एवं पर्यावास नीति की घोषणा की। जिसके क्रम में राज्यों द्वारा नई आवास नीति बनाने की अपेक्षा की गई। इस क्रम में नई ड्राफ्ट नीति जनवरी, 2013 में बनाई गई, जिस पर मई तथा जून माह में मुख्य सचिव की अध्यक्षता मंे आयोजित बैठकों में प्रस्तुतिकरण एवं विचार-विमर्श किया गया।
इस नीति का मिशन समाज के सभी आय वर्गाें, विशेषकर नगरीय निर्धनों के लिए गुणवत्तायुक्त जीवन शैली सहित आर्थिक क्षमतानुसार आवास की सुविधा मुहैय्या कराना है। नीति का उद्देश्य नियोजित एवं सुस्थिर (सस्टेनेबल) शहरों का विकास, नगरीय निर्धनों को अफोर्डेबल हाउसिंग की सुविधा मुहैय्या कराना, भूमि जुटाव हेतु नये विकल्प अपनाना तथा प्रक्रियाओं में सरलीकरण, निजी पूंजी निवेश के प्रोत्साहन हेतु अनुकूल वातावरण का सृजन, आवास सेक्टर में सार्वजनिक-निजी-सहभागिता को प्रोत्साहन, ऊर्जा एवं जल संरक्षण, पर्यावरण संरक्षण एवं सुधार तथा शासकीय अभिकरणों में क्षमता निर्माण तथा एम0आई0एस0 का विकास करना है।
बैठक के दौरान ही चकगंजरिया फार्म, लखनऊ की भूमि के वैकल्पिक उपयोग के संबंध में अब तक हुई प्रगति पर भी प्रस्तुतिकरण दिया गया।
इस अवसर पर प्रमुख सचिव मुख्यमंत्री श्री राकेश गर्ग, प्रमुख सचिव आवास एवं शहरी नियोजन तथा सूचना श्री सदाकान्त, सचिव मुख्यमंत्री
श्रीमती अनीता सिंह, परामर्शी मुख्यमंत्री श्री आमोद कुमार तथा अन्य वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित थे।

सुरेन्द्र अग्निहोत्री
agnihotri1966@gmail.com
sa@upnewslive.com

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