Archive | July, 2012

उत्पादों का मण्डी भाव जानने की सुविधा उपलब्ध

Posted on 21 July 2012 by admin

उत्तर प्रदेष के किसानों को उनके कृषि उत्पादों का अधिकतम विक्रय मूल्य दिलाने के उद्देष्य से मण्डी परिषद द्वारा सरल एवं नवीन फोन नम्बर 12633 पर उत्पादों का मण्डी भाव जानने की सुविधा उपलब्ध करा दी गई है।
मण्डी परिषद से प्राप्त जानकारी के अनुसार किसानों को मण्डी भाव जानने की सुविधा बी0 एस0 एन0 एल0 द्वारा आॅन लाइन तथा मोबाइल के माध्यम से दी जा रही है, इससे उन्हें इस बात की स्वतंत्रता होगी कि जहाॅं भी उन्हें अपने उत्पाद का अधिकतम मूल्य प्राप्त हो वहाॅं पर जाकर वे उसे बेंच सकते हैं।

सुरेन्द्र अग्निहोत्री
agnihotri1966@gmail.com
sa@upnewslive.com

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भूतपूर्व सैनिकों की समस्याओं का निराकरण अतिषीघ्र किया जायेगा

Posted on 21 July 2012 by admin

समाज कल्याण, अनुसूचित जाति/ जनजाति कल्याण एवं सैनिक कल्याण राज्य मंत्री श्री नरेन्द्र सिंह वर्मा ने भूतपूर्व सैनिकों की समस्याओं को गम्भीरता से लेते हुए कहा है कि शासन स्तर से उनकी सभी समस्याओं का निराकरण अतिषीघ्र किया जायेगा। उन्होंने जिला सैनिक कल्याण अधिकारियों को निर्देंष दिये कि जिला योजनाओं की बैठक में शामिल होकर अपनी परेषानियों को जिलाधिकारी और जनप्रतिनिधियों को अवगत करायें। श्री वर्मा ने कहा कि श्ूतपूर्व सैनिकों/उनकी विधवाओं को जो भी समस्यायें आयेगी उनके निराकरण और कल्याण के लिए हर संभव कदम उठाये जायेंगे। उन्होंने जिला कल्याण अधिकारियों को निर्देंष दिये कि सैनिकों/उनकी विधवाओं के पास यदि फोन है तो वे उनका नम्बर अपने कार्यालय में अवष्य नोट कर लें, जिससे कि आवष्यकता पड़ने पर तत्काल उनकी मदद की जा सकें। श्री वर्मा ने कहा कि जिला सैनिक कल्याण अधिकारियों को कम से कम 2 वर्ष का सेवा विस्तार देने के लिए जल्दी ही शासन स्तर पर निर्णय लिया जायेगा।
श्री नरेन्द्र सिंह वर्मा आज सैनिक कल्याण विभाग के कार्यों की पहली समीक्षा बैठक कैसरबाग स्थित सैनिक कल्याण निदेषालय में कर रहे थे। उन्होंने कहा कि उत्तर प्रदेष में देष के ज्यादा भूतपूर्व सैनिक रहते है, जिनमें से कुछ बाहर से भी आकर बस गये है। श्री वर्मा ने जिला सैनिक कल्याण अधिकारियों को निर्देंष दिये कि भूतपूर्व सैनिकों की, सोलर लाइट्स, नल, बिजली, हैण्डपम्प जैसी मूलभूत आवष्यकता को वहां के क्षेत्रीय जन प्रतिनिधियों से मिलकर पूरा करवायें।
प्रमुख सचिव श्री सदाकान्त ने बैठक में कहा कि अगली समीक्षा बैठक में भूतपूर्व सैनिकों/उनकी विधवाओं की समस्याओं को ज्यादा से ज्यादा लायें ताकि उनका तेजी से निराकरण किया जा सके। उन्होनंे सैनिक कल्याण विभाग में खाली पदों को गम्भीरता से लेते हुए सैनिक कल्याण निदेषक को इन्हें आगामी अगस्त तक हर हाल में भरने के निर्देंष दिये। उन्होंने कहा कि जिला सैनिक कल्याण अधिकारी/सहायक सैनिक कल्याण अधिकारी के खाली पदों को भरने की प्रक्रिया शीघ्र अति शीघ्र शुरू कर दी जाये। उन्होंने कहा कि जिन जिलों में सैनिक कल्याण कार्यालय नहीं है वहां नये कार्यालय खोलने के लिए शासन स्तर से जल्द निर्णय लिया जायेगा। प्रमुख सचिव ने जिला सैनिक कल्याण अधिकारियों को निर्देंष दिया कि प्रत्येक महीने में जिलाधिकारी की अध्यक्षता में सैनिक बन्धु कमेटी की बैठक अवष्य बुलाये तथा जिस विभाग की समस्या हो उसके अधिकारी को बैठक में उपस्थित रहने के लिए कहें, जिससे संबंधित अधिकारी से समस्या का निराकरण करवा सकें।
इससे पूर्व सैनिक कल्याण निदेषक ने राज्य मंत्री श्री नरेन्द्र सिंह वर्मा तथा प्रमुख सचिव श्री सदाकान्त का स्वागत किया तथा जिला सैनिक कल्याण अधिकारियों का परिचय भी कराया। बैठक में सैनिक कल्याण निदेषक, विषेष सचिव, अतिरिक्त निदेषक के साथ ही सभी जिलों के जिला सैनिक कल्याण अधिकारी भी उपस्थित थे।

सुरेन्द्र अग्निहोत्री
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सरकार द्वारा वर्ष 2012-13 में कुल 85.6 लाख टन उर्वरकों के वितरण का लक्ष्य रखा

Posted on 21 July 2012 by admin

उत्तर प्रदेष में किसानों को उर्वरकों की कोई कमी का सामना न करना पड़े इसके लिए सरकार द्वारा वर्ष  2012-13 में कुल 85.6 लाख टन उर्वरकों के वितरण का लक्ष्य रखा गया है, जो गत वर्ष के उर्वरक वितरण की तुलना में 7.84 लाख टन अधिक है।
कृषि विभाग से प्राप्त जानकारी के अनुसार प्रदेष में फास्फेटिक उर्वरकों के साथ-साथ यूरिया की अत्याधिक मांग को देखते हुए इस वर्ष प्रथम बार फास्फेटिक उर्वरकों के 8 लाख टन के साथ-साथ 3 लाख टन यूरिया की प्रीपोजीषनिंग की गई है, इससे सहकारी समितियों पर इसे स्टाॅक करने से फास्फेटिक उर्वरकों की भरपूर उपलब्धा सुनिष्चित हो सकेगी।
किसानों के लिए फास्फेटिक उर्वरकों में पुराने मूल्य वाला लगभग 8 लाख टन फास्फेटिक उर्वरक पहले से ही उपलब्ध है जो पूरे खरीफ की जरूरत के लिए पर्याप्त है। फास्फेटिक उर्वरकों की पैकिंग पर उनके मूल्य भी छपे हैं। इस संबंध में निर्देंष दिये गये हैं कि किसी भी दषा में फास्फेटिक उर्वरक छपे हुए मूल्यों से अधिक मूल्य पर न बेंची जाये।

सुरेन्द्र अग्निहोत्री
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चयनित बीजों की आपूर्ति हेतु वन अनुसंधान का कार्य

Posted on 21 July 2012 by admin

उच्च गुणवत्ता युक्त पौध तैयार करने के लिए चयनित बीजों की आपूर्ति हेतु वन अनुसंधान का कार्य वन संरक्षक (अनुसंधान) कानपुर के अधीन तीन वर्धानिक साल  क्षेत्र (बरेली) दक्षिण क्षेत्र (कानपुर) एवं विन्ध्य क्षेत्र (रामनगर वाराणसी) के माध्यम से सम्पादित किया जा रहा है। चालू वित्तीय वर्ष में वन संबंधी शोध कार्य हेतु 48.50 लाख की धनराषि के व्यय की स्वीकृति प्रदान की गई है।
वन विभाग की सूचना के अनुसार विभागीय वृक्षारोपण एवं अन्य एजेन्सियों अथवा निजी भूमि पर कृषकों द्वारा किये जाने वाले वृक्षारोपण की उत्पादकता में वृद्धि के लिए आवष्यक है कि उच्च गुणवत्ता का बीज उपयोग किया जाये। इसी को ध्यान में रखते हुए वन संबंधी शोध कार्य पर विषेष ध्यान दिया जा रहा है।

सुरेन्द्र अग्निहोत्री
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पुनः जल की प्रचुरता लाने के लिए वैज्ञानिकों-इंजीनियरों को एक साथ बैठाकर तीन माह में राज्य के लिए कार्य योजना बनाने के लिए कहा

Posted on 21 July 2012 by admin

उत्तर प्रदेश के कृषि उत्पादन आयुक्त श्री आलोक रंजन ने राज्य के भूजल स्रोत एवं लघु सिंचाई विभाग से राज्य के  धरती के भीतर पानी की अत्यन्त कमी वाले 108 विकास खण्डों में  पुनः जल की प्रचुरता लाने के लिए वैज्ञानिकों-इंजीनियरों को एक साथ बैठाकर तीन माह में राज्य के लिए कार्य योजना बनाने के लिए कहा है। उन्होंने कहा कि अलग-अलग बैठकर सरफेस वाटर (भूमि पर उपलब्ध जल) के लिए बैठकर परियोजनाएं बनाने वाले इंजीनियर और सतह के नीचे धरती की गहराई में उपस्थित जल के बारे में ठोस जानकारी रखने वाले वैज्ञानिकों को एक साथ बैठकर कार्य करने की जरूरत है तभी राज्य को पानी की अत्यन्त कमी के आसन्न खतरे से बचाया जा सकेगा।
कृषि उत्पादन आयुक्त ने यह बात आज यहाॅ भूजल सप्ताह के अन्तर्गत उत्तर प्रदेश आवास विकास परिषद के प्रेक्षागृह में आयोजित ’’108 अतिदोहित एवं क्रिटिकल विकास खण्डों में भूजल संवर्धन हेतु कार्यशाला’’ में मुख्य अतिथि के रूप में कहीे। उन्होंने कहा कि वैज्ञानिकों ने जिस तरह से 2020 में उत्तर भारत खास कर उत्तर प्रदेश के संदर्भ में अतिदोहन के कारण भूजल स्तर के अत्यन्त गिरने की चेतावनी दे रखी है, उसे देखते हुए भूमिगत जल संरक्षण और उसके संवर्धन के लिए वर्षा जल संचयन तथा भूमि जल संवर्धन की योजनाओं पर विशेष कार्य करने की आवश्यकता है। उन्होंने कहा कि कृषि उत्पादन आयुक्त के रूप में उत्तर प्रदेश पर मंडरा रहे इस खतरे के बारे में केन्द्र सरकार को भी सचेत किया है और योजना विभाग की बैठक में इस मुद्दे को उठाया है जिसके परिणाम स्वरूप योजना विभाग इस विषय पर कार्यक्रम और नीति निर्देश तैयार करेगा। उन्होंने कहा कि वाटरशेड़ योजना, स्वायल कन्जर्वेशन स्कीम और सिंचाई की ट्रिपल आर स्कीमों में तालमेल कर अभी से इसके लिए धन की व्यवस्था करते हुए  परियोजनाओं को मूर्तरूप दिया जा सकता है।
श्री आलोक रंजन ने भूगर्भ जल विभाग को निर्देश दिया है कि वह इस विषय में एक अच्छी शुरूआत करते हुए वैज्ञानिकों एवं इंजीनियरों की एक राज्य स्तरीय टास्क फोर्स का गठन करें जिसमें इंजीनियर और विशेषज्ञ वैज्ञानिक शामिल हों जो चिन्हित जिलों में भ्रमण कर जिलाधिकारियों और मुख्य विकास अधिकारियों से तालमेल बनाकर भूगर्भ जल संवर्धन और संरक्षण के लिए राज्य को उत्प्रेरित कर सके।
इसके पूर्व राजस्थान के जल पुरूष श्री राजेन्द्र सिंह ने अपने सम्बोधन में कहा कि उत्तर प्रदेश को सबसे पहले अपने जियोहाईड्रोलाॅजी वैज्ञानिक और सिंचाई अभियन्ताओं को इस कार्य में कंधे से कंधा मिलाकर कार्य करने की व्यवस्था सुनिश्चित करनी चाहिए तथा कुछ इस तरह की नीति बनाई जानी चाहिए कि सतह पर जितने भी स्ट्रक्चर निर्मित हों उन्हें सतह के अन्दर मौजूद एक्वाफर (जलीय शिराओं) के क्षैतिज अथवा ऊध्र्वाधार अवस्थिति का ध्यान में रखते हुए बनाये जांय। उन्होंने कहा कि भूमि सतह पर मौजूद धाराओं से जुड़ी भूमिगत जलीय शिराओं का पूरा मैप होना चाहिए। श्री सिंह ने जोर दे कर कहा कि सरकार के भूमि जल संवर्धन के प्रयास तभी सफल होंगे जब पंचायतों और स्कूलों को इनसे जुड़े कार्यक्रमों के साथ जोड़ा जायेगा। उन्होंने कहा कि पंचायत से पंचायत और स्कूल से स्कूल के बीच शिक्षण/चेतना रैलियों का आयोजन जिलाधिकारियों को सुनिश्चित करना चाहिए जिससे जनता में खास कर किसानों और भूमि जल का दोहन करने वालों में भूमि जल की कमी और उसके महत्व की जानकारी हो सके। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार को सबसे पहले एक नदी नीति बनानी चाहिए।  उन्होंने कहा कि उत्तर प्रदेश भाग्यशाली है कि जन संख्या की बहुलता के साथ यहाॅ जल स्रोतों की भी बहुलता है। उन्होंने कार्यशाला में एक पे्रजेन्टेशन देकर जिलाधिकारियों, मुख्य विकास अधिकारियों, इंजीनियरों को राजस्थान में सूखे जल स्रोतों और सात सूखी नदियों के फिर से हरे भरे होने तथा जल प्रवाहित होने, बंजर जमीन के उपजाऊ बन जाने के प्रयासों की जानकारी दी।
इसके पूर्व सी0जी0डब्ल्यू0बी0 के पूर्व चेयरमैन डा0 डी0के0चड्ढा ने ’’नीड फाॅर ए पर्सपेक्टिव प्लान आॅफ ग्राउन्ड वाटर कन्जर्वेशन इन यू0पी0’’ विषय पर बोलते हुए सुझाव दिया कि भारत में वर्षा जल की मार्केटिंग का प्रबन्ध होना चाहिए। जिन राज्यों में वर्षा जल ज्यादा है उन्हें इसका संचयन कर कम वर्षा वाले राज्यों को बिक्री करने की तरफ सोचने की आवश्यकता है। उन्होंने कहा कि कुछ देशों में इस तरह का प्रयोग किया जा रहा है जिसके अच्छे परिणाम हो रहे है। इसके पूर्व आई0आई0टी0 कानपुर के प्रो0 राजीव सिन्हा ने ’’अक्वाफर मैपिंग फाॅर अन्डरस्टैण्डिंग स्ट्रक्चर एण्ड डायनामिक्स आॅफ ग्राउन्ड वाटर सिस्टमः ए  प्री-रिक्वीजिट फाॅर सस्टेनेबुल ग्राउन्ड वाटर मैनेजमेन्ट’’ विषय पर अपने विचार रखे।
बैठक में प्रमुख सचिव लघु सिंचाई श्री संजीव दुबे सहित 36 जनपदों के जिलाधिकारी/मुख्य विकास अधिकारी और जल स्रोतों से सम्बन्धित अभियन्ता और प्रशासक उपस्थित थे।
कृषि उत्पादन आयुक्त ने आज सुबह 11ः00 बजे कार्यशाला का शुभारम्भ दीप प्रज्ज्वलित करके किया।

सुरेन्द्र अग्निहोत्री
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सफाई कर्मचारियों की समस्याओं को गंभीरता से लें- श्यौराज जीवन

Posted on 21 July 2012 by admin

सफाई कर्मचारियों का तीन माह में एक बार स्वास्थ्य परीक्षण अनिवार्य रूप से कराया जाय तथा शिक्षित सफाई कर्मियों को योग्यता के अनुसार पदोन्नति भी दी जाये।
उक्त निर्देश राष्ट्रीय सफाई कर्मचारी आयोग के सदस्य श्यौराज जीवन ने आज कलेक्ट्रेट सभागार में आयोजित बैठक में व्यक्त किये। उन्होंने कहा कि सफाई कर्मचारियों को सीवर सफाई के समय मास्क उपलब्ध कराने तथा प्रत्येक तीन माह के अन्तराल पर स्वास्थ्य परीक्षण हेतु स्वास्थ्य कैम्प लगाने के निर्देश दिये। उन्होंने कहा कि जो सफाई कर्मचारी नियमित रूप से कार्य कर रहे है उन्हें नियमानुसार स्थाई करने की कार्यवाही की जाय। ऐसे सफाई कर्मचारी जिनके मकानों की स्थिति दयनीय है, आर्थिक स्थिति अच्छी नहीं है ऐसे मकानों का सर्वे कराने के निर्देश दिये।
मा0 सदस्य ने बैठक में अनुपस्थित अधिकारियों के सम्बन्ध में जिलाधिकारी से अनुरोध किया कि ऐसे लापरवाह अधिकारियों का स्पष्टीकरण किया जाय ताकि भविष्य में सुधारा जा सके।
मा0 सदस्य ने कहा कि सिर पर मैला ढोने की प्रथा को पूर्ण रूप से समाप्त होना चाहिए क्योंकि यह कुप्रथा समाज के नाम पर कलंक है। उन्होंने सफाई कर्मियों को सरकारी योजनाओं का लाभ जैसे अनुसूचित जाति/जनजाति वित्त विकास निगम द्वारा लघु उद्योगों के लिए 25 से 50 हजार तक का ऋण उपलब्ध कराने, विधवा, वृद्धावस्था पेंशन सहित अन्य योजनाओं के द्वारा लाभान्वित करने के लिए नगर निगम परिसर में ही संयुक्त कैम्प लगाने के निर्देश दिये, ताकि एक ही स्थान पर समस्याओं का निस्तारण हो सके।
नगर आयुक्त डी0के0सिंह ने अतगत कराया कि सफाई कर्मचारियों के क्षेत्र में दो नये सामुदायिक केन्द्र नुनिहाई तथा लोहामण्डी में तैयार किये गये है तथा शहर में अन्य पार्को की व्यवस्था सुधारने का कार्य किया जा रहा है।
बैठक में जिलाधिकारी अजय चैहान , वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक एस0सी0 वाजपेयी, अपर जिलाधिकारी (नगर) अरूण प्रकाश, अपर नगर आयुक्त के0 पी0 त्रिपाठी, पर्यावरण अभियन्ता राठी, मुख्य चिकित्साधिकारी डा0 मंजू शर्मा, जिला पंचायत राज अधिकारी टी0सी0 पाण्डे सहित विभिन्न विभागों के अधिकारीगण उपस्थित थे।

सुरेन्द्र अग्निहोत्री
agnihotri1966@gmail.com
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एक अगस्त से 8 विभागों की 22 सेवाएं आन लाइन होगी

Posted on 21 July 2012 by admin

जाति, निवास, जन्म प्रमाण पत्र लेने हेतु कार्यालय नही आना होगा
अधिकारी अपनी कार्य संस्कृति में बदलाव लायें- जिलाधिकारी
जनपद में ग्रामीण क्षेत्रों में 156 जनसेवा केन्द्र स्थापित होगे

ई-गवर्नेन्स प्लान के अन्र्तगत स्टेट पोर्टल, एस0 एस0डी0जी0 एवं ई-फाम्र्स योजना के क्रियान्वयन हेतु प्रशिक्षण सत्र का जिलाधिकारी अजय चैहान ने कलक्ट्रेट में शुभारम्भ किया। उन्होंने कहा कि सूचना-प्रौधेगिकी का उपयोग करके पारदर्शी व्यवस्था के साथ नागरिकों को सरकारी सेवाएं आन लाइन उपलब्ध कराने का कार्य एक अगस्त से शुरू किया जाना है। विभागों को इसके लिए आवश्यक अवस्थापना एवं कम्प्युटर आदि उपकरण उपलब्ध कराये गये है और प्रशिक्षण  की व्यवस्था की गई है। उन्होंने अधिकारियों को सचेत किया कि अपनी कार्य संस्कृति में वदलाव लाये और भली प्रकार प्रशिक्षण प्राप्त कर अधीनस्थों को भी प्रशिक्षित करायें। जन सामान्य एवं विकास के लिए यह महत्वपूर्ण योजना है इसके क्रियान्वयन में किसी प्रकार की लापरवाही सहन नहीं की जायेगी।
उन्होंने बताया कि नागरिक इस सुविधा का लाभ उठाने के लिए किसी भी जन सेवा केन्द्र या लोकवाणी में जाकर आवेदन कर सकेगें और निर्धारित समयावधि में उन्हें आवश्यक प्रमाण पत्र आदि उपलब्ध हो जायेगें। जनसेवा केन्द्र (कामन फेसिलिटी सेन्टर) या लोकवाणी केन्द्र पर आवेदन की इन्ट्री इलैक्ट्रानिक फामर्स पर आपरेटर करेगा और अग्रिम कार्यवाही के लिए इलैक्ट्रानिक विधि से सम्बन्धित विभागीय अधिकारी को प्रेषित किया जायेगा। प्रत्येक सेवा के लिए अधिकृत एवं सक्षम अधिकारियों के डिजिटल सिंगनेचर से प्रमाण पत्र बनवाकर उनको स्टेट पोर्टल/ई. फाम्र्स के माध्यम से सुविधा केन्द्र पर भेजा जायेगा।
अपर जिलाधिकारी(नगर) अरूण प्रकाश ने ई-गवर्नेन्स योजना के बारे में विस्तार से जानकारी दी और अधिकारियों की जिज्ञासाओं के समाधान दिये। जिला सूचना विज्ञान अधिकारी संजय कुमार प्रशिक्षण के दौरान विभिन्न बिन्दुओं पर जानकारी दी। उन्होंने डिजिटल सिंगनेचर के बारे में जानकारी देते हुए कहा कि इसे पेन ड्राईव तथा स्मार्ट कार्ड दो प्रकार से जारी किया जा रहा है। इंक हस्ताक्षर की भांति ही डिजिटल सिंगनेचर की भी मान्यता है। लखनऊ से सेल्टर फार ई-गवर्नेंस के प्रतिनिधि श्री कांत चैधरी  प्रशिक्षण में महत्वपूर्ण जानकारी दी।
जिलाधिकारी ने बताया कि प्रथम चरण में 8 विभागों की 26 योजनाओं के लिए आवेदन दिये जा सकेगें। इनमें नये राशन कार्ड तथा राशन कार्ड के नवीनीकरण, राशन कार्ड संशोधन एवं राशन कार्ड सम्पर्ण हेतु आवेदन, रोजगार कार्यालय में पंजीयन एवं पंजीयन के नवीनीकरएण हेतु आवेदन, नगरीय क्षेत्र के जन्म/मृत्यु प्रमाण पत्र हेतु आवेदन, विकलांग व्यक्ति को ऋण, बिकलांग व्यक्ति को सयंत्रों आदि के क्रय हेतु सहायता, वृद्वावस्था पेंशन, राष्ट्रीय पारिवारिक लाभ योजना, छात्रवृति हेतु आवेदन, बीमारी एवं विवाह हेतु अनुदान, उत्पीडन के खिलाफ शिकायत, कुटुम्ब रजिस्टर की प्रतिलिपि, ग्रामीण क्षेत्र के जन्म/मृत्यु प्रमाण पत्र, निवास, जाति एवं आय प्रमाण पत्र, खतौनी, निराश्रित महिला (विधवा) पंेंशन दहेज योजना के अन्तर्गत सहायता, दहेज उत्पीडन में महिलाओ को कानूनी सहायता, निराश्रित महिला (विधवा) की पुत्री के विवाह हेतु अनुदान, दम्पत्ति पुरस्कार योजना के अन्तर्गत 35 वर्ष के कम आयु की विधवा महिलाओं के विवाह हेतु आवेदन इन सेवाओं मे सम्मिलित है।

सुरेन्द्र अग्निहोत्री
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बिजली संकट को सपा सरकार के कुप्रबंधन का परिणाम बताया

Posted on 20 July 2012 by admin

भारतीय जनता पार्टी ने राज्य मे उत्पन्न हुए बिजली संकट को सपा सरकार के कुप्रबंधन का परिणाम बताया। पार्टी के प्रदेश प्रवक्ता विजय बहादुर पाठक ने कहा कि मुख्यमंत्री अखिलेश यादव जिस करिश्माई तंत्र के सहारे रमजान मे निर्वाध विधुत आपूर्ति करायेगें उसे अभी क्यो नहीं प्रयोग करते।
राज्य मुख्यालय पर पत्रकारों से चर्चा करते हुए प्रदेश प्रवक्ता विजय बहादुर पाठक ने कहा कि मुख्यमंत्री अखिलेश यादव ने अभी हाल ही में कहा कि रमजान के दौरान निर्वाध रूप से बिजली आपूर्ति की जाएंगी। जिस बिजली घर अथवा करिश्माई तंत्र के सहारे रमजान के दौरान निर्वाध रूप से बिजली देने का मुख्यमंत्री वादा कर रहे उसे अभी क्यो नही प्रयोग कर देते। उ0 प्र0 में अब तक दो दर्जन से भी अधिक जिलों में बिजली संकट को लेकर कानून व्यवस्था का संकट खड़ा हुआ है। राज्य की बदहाल विधुत व्यवस्था को लेकर आम आदमी सड़क पर है। जगह-जगह घेराव प्रदर्शन हो रहे है। स्थिति यह हो गई है की जनता के सम्र्पक में रहने वाले बिजलीकर्मी सर्वाधिक जनता के निशाने पर है। जगह-जगह हो रहे धरने प्रदर्शन के कारण राज्य के बिजलीघर भी असुरक्षित हो चले है। बिजली समस्या को लेकर हो रहे धरना-प्रदर्शन में तोड़फोड़ और मारपीट तक की घटनाएं हो रही है।
उन्होंने कहा राज्य में उत्पन्न बिजली संकट के लिए सपा सरकार को दोषी ठहराते हुए कहाकि सरकार ने बिजली की मांग के अनुरूप आपूर्ति करने के लिए कोई योजना ही नही बनाई। सरकारी तंत्र के कुप्रबंधन के हालात यह है कि उ0 प्र0 पावर कारर्पाेरेशन के पास न तो बिजली है और न बिजली खरीदने के लिए पैसा। उ0 प्र0 पावर कारर्पोरेशन राज्य के लगभग सवा करोड़ बिजली उपभोक्ताओं को बिजली आपूर्ति करने में असफल हो रहा है। बिजली बोर्ड पर लगभग चैतीस हजार करोड़ की देनदारी है।
श्री पाठक ने कहा कि राज्य में पैदा हुए बिजली संकट की हालात यह है कि सरकार की नाक के नीचे राजधानी लखनऊ में लोग रोज सड़को पर उतर रहे है। कई-कई स्थानों पर 30 से 35 घण्टे तक लगातार विधुत आपूर्ति बाधित हो रही है। आम जन जीवन अस्त-व्यस्त हो रहा है। इंदिरा नगर गोमतीनगर, जानकीपुरम, चैक, निशातगंज इलाकों मे ट्रांसफार्मर जलने के बाद बदले तक नही जा रहे है। कानपुर , बरेली, मुरादाबाद, आगरा, गोरखपुर, बनारस, अलीगढ़, सहित कई अन्य महानगरों में जनता बिजली संकट से परेशान होकर सड़कों पर धरना प्रदर्शन कर रही है। देवरिया, मऊ, बस्ती, बांदा, मुजफ्फरपुर, हापुड़ आदि स्थानों पर जाम लग रहे है जनता सड़को पर है।
उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री बिजली को भी राजनीति से जोडते हुए एक समुदाय विशेष को खुश करने के लिए एक समय विशेष पर निर्वाध रूप से आपूर्ति की बात कर रहे है। श्री पाठक ने आरोप लगाया कि सपा सरकार आम जन की मूलभूत आवश्यकताओं बिजली-पानी को भी संप्रादयिकता का चश्मा पहनकर बांटना चाहती है।

सुरेन्द्र अग्निहोत्री
agnihotri1966@gmail.com
sa@upnewslive.com

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आम आदमी बीमा योजना

Posted on 20 July 2012 by admin

उत्तर प्रदेश सरकार द्वारा ग्रामीण भूमिहीन परिवार के मुखिया या धनार्जन करने वाले 18 से 59 वर्ष तक की आयु के लोगों की सहायता के लिये जीवन बीमा निगम के माध्यम से ’’आम आदमी बीमा योजना’’ का क्रियान्वयन किया जा रहा है। योजना के अन्तर्गत निर्धारित आयु वर्ग में आने वाले इन परिवारों के मुखिया या धनार्जन करने वाले व्यक्ति का बीमा किया जाता है। जिसके प्रीमियम की धनराशि सरकार देती है।
प्रमुख सचिव, राजस्व श्री अशोक कुमार ने बताया कि बीमित व्यक्ति की प्राकृतिक मृत्यु होने पर उसे 30,000 रूपये तथा दुर्घटना से मुत्यृ या पूर्णतः अपंग होने पर 75,000 रूपये आंशिक रूप से अपंग होने पर 37,500 रूपये बीमा राशि दी जाती है। इसके अलावा लाभान्वित परिवार के कक्षा 09 से 12 तक की शिक्षा प्राप्त कर रहे अधिकतम दो बच्चों को हर महीने 100 रूपये की दर से छमाही अन्तराल पर छात्रवृत्ति भी दी जाती है।
श्री अशोक कुमार ने बताया कि योजना के लिये आयु प्रमाण के रूप में राशन कार्ड, जन्म प्रमाण पत्र, स्कूल प्रमाण पत्र, मतदाता प्रमाण पत्र आदि अभिलेख मान्य है। इस योजना का लाभ उठाने के लिए जिले के अपर जिलाधिकारी          (वित्त राजस्व/प्रशासन), उप जिलाधिकारी, तहसीलदार, खण्ड विकास अधिकारी, लेखपाल या भारतीय जीवन बीमा निगम की जिला शाखा से सम्पर्क किया जा सकता है।

सुरेन्द्र अग्निहोत्री
agnihotri1966@gmail.com
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निःशुल्क बोरिंग के लिए बजट मेें 7405.00 लाख रुपये का प्राविधान

Posted on 20 July 2012 by admin

निःशुल्क बोरिंग योजना के अन्तर्गत वित्तीय वर्ष 2012-13 में 75 करोड़  रुपये के परिव्यय के सापेक्ष 1.33 लाख  बोरिंग  की जायेंगी। इसके लिए 74.05 करोड़ रुपये का बजट प्राविधान किया गया है।
लघु सिंचाई विभाग से प्राप्त जानकारी के अनुसार गत वित्तीय वर्ष में 1.69 लाख निःशुल्क बोरिंग के सापेक्ष 1.73 लाख बोरिंग पूर्ण की गई। मार्च 2012 तक कुल 40.84 लाख निःशुल्क बोरिंग पूर्ण की जा चुकी हैं जिसमें से 14.91 लाख बोरिंग अनुसूचित जाति/जनजाति के कृषकों की हंै।
निःशुल्क बोरिंग योजना के अन्तर्गत सामान्य श्रेणी के लघु, सीमान्त तथा अनुसूचित जाति/जनजाति के कृषकों हेतु बोरिंग की अनुदान सीमा क्रमशः 5000 रुपये, 7000 रुपये एवं 10,000 रुपये अनुमन्य है। इसके अतिरिक्त पम्पसेट की स्थापना पर अनुदान सामान्य श्रेणी के लघु एवं सीमान्त तथा अनुसूचित जाति/जनजाति कृषकों को पम्पसेट की वर्तमान इकाई लागत 18,000 रुपये के आधार पर इकाई लागत का क्रमशः 25 प्रतिशत अधिकतम 4500 रुपये, 33.33 प्रतिशत अधिकतम 6,000 रुपये एवं 50 प्रतिशत अधिकतम 9,000 रुपये कर दिया गया है।
निःशुल्क बोरिंग योजना के वर्तमान स्वरूप को परिवर्तित करते हुए योजना के अन्तर्गत उक्त वर्णित अनुदान के अतिरिक्त सभी श्रेणी के लघु एवं सीमान्त कृषकों को लक्ष्य के सापेक्ष 25 प्रतिशत लाभार्थियों को 90 एम0एम0 व्यास का 30 से 60 मीटर एच0डी0पी0ई0 पाइप सिंचाई सिस्टम स्थापित करने के लिए लागत का 50 प्रतिशत अधिकतम 3,000 रुपये के अनुदान पर उपलब्ध कराया जायेगा।

सुरेन्द्र अग्निहोत्री
agnihotri1966@gmail.com
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