Archive | February 23rd, 2015

लापरवाही पर विद्युत विभाग के एस.डी.ओ. व जे.ई. को फटकार

Posted on 23 February 2015 by admin

जिलाधिकारी अदिति सिंह ने आज जनपद के दूबेपुर ब्लाक अन्तर्गत डा0 लोहिया समग्र ग्राम प्यारे पट्टी में चैपाल लगाकर विकास व राजस्व कार्यो की समीक्षा की तथा लाभार्थियों से रूबरू होते हुए योजनाओं के बारे में जानकारी ली। समग्र ग्राम में विद्युत के पोल खडे है लेकिन काफी समय से उनमें तार खीच कर लाभार्थियों को कनेक्शन नही दिये गये। इस शिकायत को गम्भीरता से लेते हुए जिलाधिकारी ने विद्युत विभाग के सम्बन्धित एस0डी0ओ0 को चेतावनी तथा जे0ई0 को प्रतिकूल प्रविष्टि के निर्देश दिये तथा अधिशाषी अभियन्ता विद्युत को निर्देशित किया कि एक सप्ताह के अन्दर तार लगा दिये जाय।
समग्र ग्राम में सम्पर्क मार्ग बना है तथा 400 मी0 सी0सी0 रोड बनाई गयी है। ग्रामीणों द्वारा लगभग 50 मी0 और सी0सी0 रोड बनाने का अनुरोध किया गया, जिसके बारे में डी0एम0 ने आर0ई0एस0 के अभियन्ता को आवश्यक कार्यवाही के निर्देश दिये। इस गांव में 36 स्वच्छ शौचालय का लक्ष्य है जिसमें 16 शौचालय बने है अवशेष 20 लाभार्थियों को अभी पूरा भुगतान न मिलने के कारण स्वच्छ शौचालय अपूर्ण है, इस सम्बन्ध में डी0एम0 ने मार्च माह के अन्दर लाभार्थियों को धनराशि उपलब्ध कराने के साथ शौचालय पूर्ण कराने के निर्देश दिये। इस गांव में दो लाभार्थियों के इन्दिरा आवास बनाये गये है। यहां पर 14 हैण्डपम्प लगे है, जिसमे ंएक हैण्डपम्प के खराब होने की जानकारी ग्रामीणों द्वारा दी गयी। डी0एम0 ने जल निगम के अभियन्ता को एक सप्ताह के अन्दर ठीक कराने के निर्देश दिये। इस गंाव में 12 सोलर लाइट लगी है जिसमें मस्जिद के पास सोलर लाइट खराब होने की जानकारी दी गयी जिसे तत्काल ठीक कराने हेतु सम्बन्धित को निर्देशित किया गया।
इस समग्र ग्राम में वृद्धा पेंशन के 6, विधवा के 15 तथा विकलांग पेंशन के 3 लाभार्थी है जिन्हें पेंशन मिल रही है। यहां समाजवादी पेंशन के लिए 17 लोगों का चयन किया गया है, जिनमें अधिकांश के बैंक खातें में धनराशि पहॅुच चुकी है। इस गांव में जननी सुरक्षा के 6 लाभार्थी महिलायें है तथा यहां पर आगंनवाडी केन्द्र में 62 बच्चे पंजीकृत है। इस गांव में एन0आर0एल0एम0 के अन्तर्गत एक समूह गठित है। कौशल विकास के अन्तर्गत इच्छुक युवाओं को प्रशिक्षण दिया गया है। यहां पर 2 किसानों को किसान क्रेडिट कार्ड जारी किया गया है। डी0एम0 ने जिला कृषि अधिकारी को निर्देशित किया कि वे 23 फरवरी को गांव में कैम्प करे और इच्छुक किसानों के किसान क्रेडिट कार्ड जारी कराने हेतु फार्म भरवायें। जिलाधिकारी ने लोहिया ग्राम से सम्बन्धित सभी जिला स्तरीय अधिकारियों को निर्देशित किया कि वे नियमित रूप से लोहिया ग्रामों का निरीक्षण कर विभागीय योजनाओं से संतृप्त करने की कार्यवाही सुनिश्चित करें। चैपाल में मुख्य विकास अधिकारी श्रीकान्त मिश्रा, सी0एम0ओ0 डा0 के0बी0सिंह, एस0डी0एम0 रामचन्द्र सरोज, पी0डी0 पी0सी0 जायसवाल, डी0सी0मनरेगा आर00के0 चैधरी, बी0एस0ए0 रमेश यादव, ए0बी0एस0ए0 ओंकार सिंह, तहसीलदार ज्ञान प्रकाश, नायब तहसीलदार ऋचा सिंह आदि उपस्थित थे।

सुरेन्द्र अग्निहोत्री
agnihotri1966@gmail.com
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राज्यपाल भाजपा के एजेन्ट-अरशद खाॅन

Posted on 23 February 2015 by admin

देश के प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी एक मजबूत सरकार के कमजोर प्रधानमंत्री साबित हुए है। उनके नेता और मंत्री उल्टे-सीधे बयान देंकर समाज में साम्प्रदायिकता का माहौल बना रहें है। नरेन्द्र मोदी इन मुद्दों पर पूर्व प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह से भी ज्यादा खामोश नजर आते दिख रहे है। उक्त बातें समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय महासचिव मो. अरशद खान ने प्रेसवार्ता के दौरान कहीं। श्री खान ने पत्रकारों से बातचीत के दौरान यह भी कहां कि उत्तर प्रदेश में जिनकों राज्यपाल बनाया गया है वह अपने पद की गरिमा को अमर्यादित बयानों से समाजवादी पार्टी की सरकार पर हमला कर विपक्ष की भूमिका निभाने का कार्य कर रहे है। श्री खान ने उत्तर प्रदेश के राज्यपाल नाम नाईक पर हमला बोलते हुए कहा कि यह भारतीय जनता पार्टी के एजेन्ट के रूप में काम कर रहें है। साथ ही बड़बोले सपा नेता अरशद खान यहीं नहीं रुके उन्होंने यहां तक कह डाला कि राम नाईक आजम खान का बहाना लेकर सरकार के खिलाफ बयानबाजी कर रहे है। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी राम नाईक को दिल्ली वापस बुला ले। अरशद खान ने भाजपा और संघ नेताओं द्वारा हिन्दुओ को अधिक बच्चे पैदा करने की नसीहत देने पर भी हमला करते हुए कहा की उनके नेता तमाम तरह के बयान दे रहे, वहीं मुफ्ती साहब द्वारा भगवान् शंकर को पैगम्बर करार दिए जाने की बात पर अरशद खान ने कहा कि हम श्रीकृष्ण भगवान, रामचंद्र भगवान, शंकर भगवान समेत सभी को पैगम्बर करार दे रहे तो इससे इनकार भी नहीं करते हमें कुरान में सभी धर्मो का सम्मान करने के लिए कहा गया है, दरअसल सपा राष्ट्रीय महासचिव अरशद खान आज अपने गृह जनपद शाहगंज से लखनऊ जाते समय सुलतानपुर शहर में पत्रकारो से बात करते हुए कहा।

सुरेन्द्र अग्निहोत्री
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बस्ती मंडल में बनेगा मेडिकल कॉलेजः स्वास्थ्यमंत्री

Posted on 23 February 2015 by admin

केन्द्रीय स्वास्थ्य मंत्री श्री जेपी नड्ड़ा ने आज सिद्धार्थनगर में मस्तिष्क ज्वर से निपटने की तैयारियों का जायजा लिया। स्वास्थ्यमंत्री ने ऐलान किया कि इस इलाके की समस्याओं को देखते हुए बस्ती मंडल में मेडिकल कॉलेज खोला जायेगा। साथ ही स्वास्थ्यमंत्री ने सिद्धार्थ नगर में जेएनएम कॉलेज खोले जाने का भी ऐलान किया।
केन्द्रीय स्वास्थ्यमंत्री श्री जेपी नड्डा अपने दो दिन के उत्तर प्रदेश के दौरे पर आज सिद्धार्थनगर पहुंचे थे। ये इलाका मस्तिष्क ज्वर से काफी प्रभावित रहता है। स्वास्थ्यमंत्री ने इस मसले पर भाजपा सांसद जगदंबिका पाल के साथ मिलकर जिला अस्पताल के वार्ड का निरीक्षण किया। इस मौके पर उन्होंने डॉक्टरों से इलाज में आ रही मुश्किलों और सुविधाओं में कमी के बारे में भी पूछा। स्वास्थ्य मंत्री ने ऐलान किया कि बस्ती मंडल में एक मेडिकल कॉलेज जल्द ही खोला जायेगा ताकि यहां के लोगों को इलाज के गोरखपुर न जाना पड़े। उन्होंने ये भी कहा क सिद्धार्थ नगर में भी जेएनएम कॉलेज जल्दी ही खोला जायेगा।
स्वास्थ्यमंत्री इसके बाद अपने पूर्व निर्धारित कार्यक्रम के तहत लखनऊ रवाना हो गए।

सुरेन्द्र अग्निहोत्री
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किसान मंच

Posted on 23 February 2015 by admin

किसान मंच भूमि अधिग्रहण अध्यादेश के खिलाफ 23 फरवरी व 24 फरवरी को नई दिल्ली स्थित जन्तर मंतर पर देश के अनेक किसान संगठनों के साथ आंदोलन में शामिल हो रहा है। किसान मंच के प्रदेश अध्यक्ष शेखर दीक्षित ने बताया कि देश के किसानो को अच्छे दिन का भरोसा देने वाली केन्द्र सरकार ने करोड़ों भोले भाले किसानो कि पीठ में छूरा घांेपा है। नया भूमि अधिग्रहण अध्यादेश देश के किसानों की भावनाओं को आहात करने वाला है। श्री दीक्षित ने बताया कि भूमि अधिग्रहण अध्यादेश 1894 में अंग्रेज भारत लेकर आए थे। इस दमनकारी कानून में अंग्रेजों ने ऐसी व्यवस्था बनाई थी कि देश के किसान सरकार के खिलाफ किसी भी कोर्ट में अपनी जमीनें बचाने की अपील तक नहीं कर सकते थे। वहीं अब मोदी सरकार ने अंग्रेजों की हुकुमत के नक्शे कदम पर चलते हुए भूमि अधिग्रहण अध्यादेश को और कठोर व दमनकारी बनाकर लागू करने का काम किया है। किसानों की इस व्यथा से विचलित होकर प्रख्यात समाज सेवी अन्ना हजारे जी के नेतृत्व में देश के किसान संगठन एक जुट होकर जंतर मंतर पर करोड़ों किसानों के हितों के संर्घष के लिए दिल्ली पहुंच रहे हैं। श्री दीक्षित ने बताया कि 23 फरवरी को दोपहर 1 बजे उत्तर प्रदेश किसान मंच के सैकड़ों कार्यकर्ता 1 प्राईवेट पेपर मिल कालोनी निशातगंज महानगर बाल्मीकी पार्क में एकत्र होकर निजी वाहनों से वाया सीतापुर, लखीमपुर, शाहजहांपुर फरुखाबाद, हरदोई, बरेली पीलीभीत होते हुए जंतर मंतर नई दिल्ली पहुंचेगंे। और आंदोलन में शामिल होगंे। श्री दीक्षित ने कहा कि देश के किसानों को नाखुश करके कोई भी देश तरक्की नहीं कर सकता। जब गांव खुशहाल होगा तभी राष्ट्र खुशहाल होगा और तभी देश भी विकसीत हो सकेगा। किसान की उन्नति से ही देश की उन्नति होती है। किसानों की अनदेखी करके खुशहाली का रास्ता खोजना बेईमानी साबित होगी। किसान मंच का इतिहास है कि वह किसानों के हितों के लिए सदैव संर्घषशील रहा है। किसान मंच के संस्थापक स्व वी पी सिंह पूर्व प्रधानमंत्री भारत सरकार ने भूमि अधिग्रहण के खिलाफ दादरी में आंदोलन चलाया। तत्कालिक केन्द्र सरकार को झुकने पर मजबुर कर दिया था। अंततः किसानों की जीत हुई थी। यही गलती अब वर्तमान मोदी सरकार ने औद्योगिक घरानो को फायदा पहुंचाने के लिए की है। और अंग्रजों के तरह दुगलकी कानून बनाने का काम किया। औद्योगिक घरानों के तलवे चाटने वाले सरकार की यह सबसे बड़ी भूल होगी। देश का किसान जाग गया तो केन्द्र सरकार को दिया दीपक लेकर एमपी एमएलए खोजने पड़ेगंे। लेकिन तब भी उन्हे वह हासिल नहीं होगंें। किसान विरोधी भूमि अधिग्रहण कानून लाकर भाजपा अपनी नाव को स्वयं डूबोने का कार्य कर रही है। प्रेस क्लब में किसान मंच के प्रदेश अध्यक्ष शेखर दीक्षित, वरिष्ट मार्ग दर्शक स्वामी विद्या चैतन्य, जिला अध्यक्ष योगेश त्रिपाठी, किसान मंच के मंडल संयोजक राम खिलावन पासी, किसान नेता अखिलेश वर्मा, अरशद अली, सुरेन्द्र पाल, योगेन्द्र त्रिपाठी आदि लोग उपस्थित थे।
भूमि अधिग्रहण का विरोध क्यों?
सन् 1894 मंे भूमि अधिग्रहण अध्यादेश भारत में अंग्रेज लाए थे। तब इस कानून की आड़ में देश के किसानों की जमीने जबरन कौडियों के दाम अधिग्रिहित की जाती थी। हमारे देश के लिए हंसते हंसते अपने प्राणों की आहुती देने वाले राष्ट्रभक्त शहीद भगत सिंह को जब फांसी की सजा सुना दी गई और जब वे जेल में बंद थे तब  उस महान स्वतंत्रता संग्राम सेनानी ने जितने भी इंटरव्यू पत्रकारों को दिए सबमें उन्होने यही कहा था कि भारत में सबसे ज्यादा दमनकारी कानून कोई है तो वह भूमि अधिग्रहण ही है। वहीं स्वतंत्रता संगा्रम के उत्तर प्रदेश के महानायक का्रंतिकारी चन्द्रशेखर आजाद ने भूमि अधिग्रहण कानून के खिलाफ किसानो को जागरुक करने के लिए अंग्रजों के खिलाफ मोर्चा खोल दिया था। और किसानों के  एक जुट करने के लिए भूमि अधिग्रहण कानून के खिलाफ पर्चे बटवां कर देश के किसानों को जागरुक किया था। किसानों पर इस जुल्म की दास्तान एक सौ पच्हत्तर वर्षाें से जयादा की है। भूमि अधिग्रहण अध्यादेश में 1994 में मामूली संसोधन किया गया। फिर 2013 में यूूपीए की सरकार ने भूमि अधिग्रहण कानून में संसोधन करते हुए थोडी राहत दी। और भूमि लेने पर 80 फीसदी किसानो की सहमति आवश्यक कर दी। और भी जैसे बहुफसली जमीनों के जगह पहले बंजर भूमि का ही अधिग्रहण करने का मामूली संसोधन किया था। इस फैसले को पलटते हुए मोदी सरकार अब देश भर के किसानों की जमीनों चाहे उसमें खेती करके किसान अपना जीविकोपार्जन करता हो उसे अधिग्रहित कर सकते हैं। यह कानून मोदी सरकार ने अंग्रेजों से दो हाथ बढ़कर और कठोर बना दिया है। इससे साफ प्रतीत होता है कि औद्योगिक घरानों के एहसानों को केन्द्र सरकार चुकता करने के लिए किसानों के खिलाफ आमादा हो गई है।
केन्द्र में सत्तारुढ़ मोदी सरकार ने 30 दिसंबर 2014 को भूमि अधिग्रहण अध्यादेश बिना संसद में चर्चा कराए राष्ट्रपति की मंजूरी के लिए भेज दिया था। राष्ट्रपति महोदय ने 31 दिसम्बर 2014 को अपनी मोहर लगा दी। बताते चलें कि नए भूमि अधिग्रहण अध्यादेश में किसानों का सबसे बड़ा हथियार जो 80 फीसदी किसानों का सहमति का अधिकार था उसे मोदी सरकार ने समाप्त कर दिया। कहने का अर्थ है कि अब सरकार किसानो के बिना सहमति के उनकी भूमि कहीं भी कभी अधिग्रहित कर सकती है। और उसमे किसानो की कोई सहभाविका नहीं होगी। और यह भी जरुरी नहीं होगा कि उनकी भूमि बहुफसली है या बहुउपजाऊ है। सरकार खेतों से लहलहाती फसलों वाली जमीनों को भी किसानों से छीन सकती है। और वह अपने मर्जी से किसानों को उसका मुआवजा देगी।

श्री दीक्षित ने कहा कि किसान मंच किसान हितों के इस संघर्ष को तब तक जारी रखेगा जब तक यह अध्यादेश वापिस नहीं लिया जाता । किसान मंच उन्नाव के क्रांतिकारी चन्दशेखर आजाद व देश के लिए अपनी कुर्बानी देने वाले शहीदे आजम भगत सिंह को इस काले कानून को समाप्त करवाकर सच्ची श्रद्वांजली देना चाहता है। किसान मंच किसान हितों के प्रति संकल्पित है। आईए हम सब मिलकर किसान विरोधी कानून को उखाड़ फेंकने की मुहिम में शामिल होकर अन्नदाता के हौसलों को उड़ान दें।

सुरेन्द्र अग्निहोत्री
agnihotri1966@gmail.com
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स्वाइन फ्लू में होम्योपैथी फायदेमंद

Posted on 23 February 2015 by admin

स्वाइन फ्लू के प्रकोप से डरने नहीं बल्कि उससे पूर्व बचाव की जरूरत है। राजधानी के विख्यात होम्यो चिकित्सक डॉण् एसके विश्वकर्मा का कहना है कि स्वाइन फ्लू से मुकाबले के लिए होम्योपैथिक दवाएं खासी पर प्रभावी हैं। मरीज को विचलित होने की कतई जरूरत नहीं है। उन्होंने कहा कि शरीर की प्रतिरोधक क्षमता बढ़ाने वाली चीजें लें। तबियत ठीक नहीं है तो घर पर रहें। हाथ हमेशा धोकर साफ रखें। मुंह और नाक ढककर रखेंए खासकर तब जब कोई छींक रहा हो।
रविवार को राजाजीपुरम् में आयोजित श्स्वाइन फ्लू से बचावश् विषयक गोष्ठी में डॉण् विश्वकर्मा ने कहा कि सुरक्षा के लिहाज से हर इंसान को चाहिए कि वह पहले से ही इसका बचाव करे। होम्योपैथिक में ही कुछ ऐसी दवाइयां हैं जो पहले से पांच दिन तक लगातार खा ली जाएं तो इससे पूरी तरह हर हाल में बचा जा सकता है। डॉण् विश्वकर्मा के अनुसार स्वाजदन फ्लू से घबराने जैसी कोई बात नहीं बल्कि सतत सावधान रहकर इलाज करवाने की जरूरत है। गोष्ठी में झुग्गी.झोपडिय़ों के वाशिंदों को निश्शुल्क दवा वितरण भी किया गया।

सुरेन्द्र अग्निहोत्री
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सैफई के डा0 एस0 भुनियाॅ को मिलेगा ‘भारत शिक्षा रत्न अवार्ड’

Posted on 23 February 2015 by admin

सैफई (इटावा) सैफई के उ0 प्र0 ग्रामीण आयुर्विज्ञान एवं अनुसंधान संस्थान में प्रो0 डा0 स्नेहाशिष भुनियाॅ को ग्लोबल सोसाइटी फाॅर हेल्थ एवं एजुकेशन ग्रोथ, दिल्ली द्वारा ’’भारत शिक्षा रत्न’’ अवार्ड के लिए नामांकित किया गया है जो कि 27 फरवरी, 2015 को डिप्टी स्पीकर हाल, कन्स्टीट्यूशन क्लब आॅफ इण्डिया, बिटठल भाई पटेल हाउस, रफी मार्ग निकट संचार भवन, मेट्रो स्टेशन, नई दिल्ली में सांय 02ः30 बजे दिया जाना प्रस्तावित है।
प्रो0 एस0 भुनिया को इससे पहले भी राष्ट्रीय स्तर के विभिन्न सम्मानों द्वारा सम्मानित किया जा चुका है, जैसे कि ’’भारत एक्सीलेन्स अवार्ड एण्ड गोल्ड मेडल, इटरनेशनल साइटिस्ट आॅफ द ईयर’’ इत्यादि। ज्ञात हो कि ग्लोबल सोसाइटी फाॅर हेल्थ एवं एजुकेशन ग्रोथ, दिल्ली द्वारा गत दिसम्बर माह इस अवार्ड के चयन हेतु बायोडाटा माॅगा गया था तद्ोपरान्त इन्हें चयन समिति डा0 एस0 भुनिया के नाम को सर्वसम्मति से ’’भारत शिक्षा रत्न’’ अवार्ड देने के लिए विचार किया गया है। उल्लेखनीय है कि कई सारे एम.बी.बी.एस. छात्र/छात्राओं को फिजियोलोजी विषय में डिस्टींगसन अंक प्राप्त करने पर 8वें स्थापना दिवस पर अवार्ड से सम्मानित किया गया एवं उस समय फिजियोलोजी विभाग के विभागाध्यक्ष प्रो0 डा0 एस0 भुनिया थें। वर्तमान में भी प्रो0 डा0 एस0 भुनिया विभागाध्यक्ष फिजियोलोजी बनने की योग्यता रखते है, किन्तु दुर्भाग्य से अपने जूनियर के अन्तर्गत कार्य कर रहें है। यह हर्ष का विषय है कि राष्ट्रीय स्तर पर प्रो0 डा0 एस0भुनिया को ’’भारत शिक्षा रत्न’’ अवार्ड द्वारा सम्मानित किया जा रहा है। डा0 भुनियाॅ सैफई के उ0 प्र0 ग्रामीण आयुर्विज्ञान एवं अनुसंधान संस्थान फिजियोलोजी विभाग में पिछले आठ वर्षो से प्रोफेसर के पद पर पदासीन है

सुरेन्द्र अग्निहोत्री
agnihotri1966@gmail.com
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एक मुहिम महिला हिंसा के खिलाफ़

Posted on 23 February 2015 by admin

दिनांक 20.02.2015ः विरांगना (महिला योद्धा) एक मुहिम है, जिसका उद्देश्य लखनऊ शहर को देश का सबसे सुरक्षित शहर बनाना है और समाज के हर कोने में लड़कियों एवम् महिलाओं को सशक्त करना एवम् शहर को सुरक्षित बनाने में उनकी भागीदारी सुनिश्चित करना है, इस मुहिम में हर मुहल्ले, आफिस, बाजार, स्कूल एवं कालेजों में लड़कीयों एवं महिलाओं को चिन्हित कर उन्हे विरांगना बनाना एवम् उन्हे आत्म-सुरक्षा का प्रशिक्षण देकर उन्हे सशक्त बनाना है, जिससे वह अपने आस-पास हो रही छेड़-छाड़, अत्याचार एवम् घरेलू हिंसा को रोक सके।
इसी दिशा में विरांगना जनसभा का आयोजन दिनांक 21.02.2015 को दोपहर 3 बजे निशातगंज मे गली नं0-7, मेवा नर्सरी पार्क में किया जा रहा है जिसमें पाँच सौ से भी अधिक घरेलू, कामकाजी एवं स्कूल जाने वाली लड़कीयाँ एवं महिलाए भाग लेगी। कार्यक्रम की मुख्य अतिथि श्रीमती जूही सिंह (अध्यक्ष-बाल अधिकार आयोग) रहेगीं एवं बाल आयोग की सदस्य श्रीमती नाहिद लारी भी उपस्थित रहेगी। अतिथि में श्रीमती सत्यासिंह (सी0आई0डी0 अधिकारी) एवं सी0ओ0 हजरतगंज, सी0ओ0 महानगर उपस्थित रहेगे। कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य महिलाओं को सशक्त कर उनकी सुरक्षा में भागीदारी सुनिश्चित कर के लखनऊ शहर को देश का सबसे सुरक्षित शहर बनाना है।
महोदय, आपसे अनुरोध है कि कृपया अपने प्रेस के प्रतिनिधि को भेज कर इस जनसभा की कवरेज कराने की कृपा करें। जिससे समाज में महिलाओं की सुरक्षा हेतु भागीदारी सुनिश्चित होगी। लखनऊ शहर को देश का सबसे सुरक्षित शहर बन सकेगा।

सुरेन्द्र अग्निहोत्री
agnihotri1966@gmail.com
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स्वाइन फ्लू - डरें नहीं - बचाव करें।

Posted on 23 February 2015 by admin

हर तरफ स्वाइन फ्लू की ही चर्चा है। हर व्यक्ति भयभीत है कि कहीं उसे भी स्वाइन फ्लू न हो जाये। पिछले वर्षों में भी स्वाइन फ्लू की घटनायें प्रकाश में आई थी परन्तु इस बार प्रकोप कुछ ज्यादा ही है। इस बार स्वाइन फ्लू देश के 18 राज्यों में फैलने की खबर है। समाचार-पत्र एवं न्यूज चैनल स्वाइन फ्लू की खबरों से भरे पड़े है। सरकार एवं स्वास्थ्य विभाग इस बीमारी से चिंतित है और इसकी रोक थाम एवं उपचार के लिये हर संभव उपाय कर रही हैं फिर भी जनता दशहत में है। वैसे तो स्वाइन फ्लू वायरस जनित रोग है परन्तु हर फ्लू स्वाइन फ्लू नहीं होता है इसलिये घबराने की जरूरत नहीं है क्योंकि इससे बचाव एवं उपचार पूरी तरह संभव है परन्तु सतर्क एवं सावधान रहने की जरूरत है।
क्यों होता है स्वाइन फ्लू:-
आमतौर पर यह बीमारी एच 1 एन 1 वायरस के कारण फैलती है।
कौन ज्यादा प्रभावित हो सकते हंै:- ?
गर्भवती महिलायें, बच्चे, बृद्ध, डायविटीज रोगी, एच0आई0वी0 रोगी, दमा के रोगी व्रांकाइटिस के रोगी, नशे के लती, कुपोषण, एनीमिया एवं अन्य गंभीर बीमारियों से ग्र्रसित लोगों के इससे प्रभावित होने की संभावना ज्यादा होती है क्योंकि उनके शरीर की प्रतिरोधक क्षमता काफी कम हो जाती है।
कैसे फैलती है यह बीमारी:- ?
स्वाइन फ्लू का संक्रमण किसी स्वाइन फ्लू के रोगी के सम्पर्क में आने पर होता है। यह रोगी व्यक्ति से हाथ मिलाने, खांसने, छीकने या सामने से या नजदीक से बात करने से होता हैं श्वसन-तंत्र के रास्ते से स्वाइन फ्लू का वायरस शरीर में प्रवेश कर जाता है जिसके कारण स्वाइन फ्लू की बीमारी हो जाती है।
क्या लक्षण है स्वाइन फ्लू बीमारी के:- ?
स्वाइन फ्लू बीमारी के लक्षण सामान्य इन्फ्ल्युंजा की तरह है इसमें तेज बुखार, सुस्ती, सांस लेने में परेशानी, सीने मेें दर्द, रक्त चाप गिरना, खांसी के साथ खून या वलगम, नाखूनों का रंग नीला हो जाना आदि लक्षण हो सकते है। यदि इस प्रकार के लक्षण मिलें तो स्वाइन फ्लू की जांच कराकर उपचार कराना चाहिये।
क्या उपचार है स्वाइन फ्लू का:-
स्वाइन फ्लू का उपचार एलोपैथिक पद्धति के माध्यम से भी किया जा रहा है।
स्वाइन फ्लू का होम्योपैथी से बचाव एवं उपचार:-
होम्योपैथी में जब रोग फैल रहा होता है और जिस प्रकार के लक्षण ज्यादातर रोगियों में मिलते हैं उसी को ध्यान में रखकर जीनस इपिडिमकस का निर्धारण कर बचाव के लिये औषधि का का चयन किया जाता है। इसके बचाव में आर्सेनिक एल्व 200 एवं इन्फ्ल्युजिनम 200 औषधियां कारगर साबित हो सकती हैं। होम्योपैथी में रोगी के लक्षणों के आधार पर औषधि का चयन किया जाता है। हर रोगी की दवा अलग-अलग होती है। इसलिये प्रशिक्षित होम्योपैथिक चिकित्सक की सलाह पर ही होम्योपैथिक औषधि का प्रयोग करना चाहिये।
कैसे करें स्वाइन फ्लू से बचाव:-
क्या करें क्या न करें -
-    खांसते या छीकतें समय मुंह पर हाथ या रूमाल रखें।
-    खाने से पहले साबुन से हाथ धोयें।
-     मास्क पहन कर ही मरीज के पास जायें।
-     साफ रूमाल से मुुंह ढके रहें।
-    खूब पानी पियंे व पोषण युक्त भोजन करें।
-     मरीज से कम से कम एक हाथ दूर रहें।
-     भीड़-भाड़ इलाकों में न जाये।
-     साफ-सफाई पर विशेष ध्यान रखें।
-     यदि लक्षण दिखें तो तुरन्त चिकित्सक से सलाह लें।
स्वाइन फ्लू से धबराये नहीं इससे बचाव के लिये पूरी सावधानी रखें और यदि लक्षण दिखायी पड़ें तो तुरन्त चिकित्सक की सलाह लें। अपने आस-पास के लोगों को इससे बचाव की जानकारी दें तभी स्वाइन फ्लू की समस्या से निजात पायी जा सकती है।

सुरेन्द्र अग्निहोत्री
agnihotri1966@gmail.com
sa@upnewslive.com

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जाडे के स्वास्थ्य के लिये लाभप्रद मौसम के बाद जब जाडा समाप्त हो रहा हो और गर्मी का मौसम दस्तक दे रहा हो तब अस्पतालों मेें भीड़ बढ़ जाती है।

Posted on 23 February 2015 by admin

जाडे के स्वास्थ्य के लिये लाभप्रद मौसम के बाद जब जाडा समाप्त हो रहा हो और गर्मी का मौसम दस्तक दे रहा हो तब अस्पतालों मेें भीड़ बढ़ जाती है। इस बदलते मौसम में ज्यादातर लोग वायरल फीवर, सर्दी जुकाम, फ्लू, खांसी, गले की खराश, थकान आदि से पीडि़त रहते हैं। परन्तु यदि हम थोड़ी सी सावधानी रखे खाने-पीने पर नियंत्रण रखें तथा होम्योपैथिक दवाइयों का प्रयोग करें तो इस मौसम की बीमारियों से बचा जा सकता है।
जाड़े के बाद जब गर्मी का मौसम शुरू हो रहा होता है वातावरण का तापक्रम घटता-बढ़ता रहता है, रात में ठन्ड एवं दिन में मौसम गर्म रहता है यह मौसम वायरस एवं जीवाणु के फैलने के लिये बहुत ही मुफीद रहता है। वायरस बुखार में तेज बुखार, आंख से पानी, आंख लाल, शरीर में दर्द, एंेठन, कमजोरी, कब्ज या दस्त, चक्कर आना, कभी-कभी मिचली के साथ उल्टी भी हो सकती है तथा कंपकपी के साथ बुखार चढ़ना आदि लक्षण हो सकते हैं। सामान्यतया वह बुखार तीन से सात दिन में ठीक हो जाता है परन्तु कभी-कभी यह बुखार ज्यादा दिन तक भी चल सकता है। इस बुखार से बचाव के लिये आवश्यक है कि साथ सफाई रखें, तथा रोगी से सीखे सम्पर्क से बचें, रोगी को हवादार कमरे में रखें तथा सुपाच्य भोजन दें। यदि बुखार ज्यादा हो तो साधारण साफ पानी से पट्टी करें। वायरल बुखार के उपचार में जहां ऐलोपौथिक दवाइयां अपनी असमर्थता जाहिर कर देती हैं वहीं पर होम्योपैथिक दवाइयां पूरी तरह रोगी को ठीक कर देती है वायरल फीवर के उपचार में जेल्सीमियम, डल्कामारा, इपीटोरियम पर्फ, बेलाडोना, यूफ्रेसिया, एलीयम सिपा, एकोनाइट आदि दवाइयां बहुत ही लाभदायक हंै।
इस बदलते मौसम में फ्लू, जुकाम, सर्दी, खांसी की शिकायत बहुत होती है जो कि विषाणुओं एवं जीवाणुओं द्वारा उपरी श्वसन-तंत्र में संक्रमण के कारण होती है जिसके कारण वायरल बुखार से मिलते-जुलते लक्षणों के साथ-साथ अंाख व नाक से पानी आना, आंखों में जलन, एवं छीकें आना आदि लक्षण शामिल है इससे बचाव के लिये इन्फ्ल्युजिनम 200 देकर सर्दी एवं जुकाम से बचा जा सकता है इसके उपचार में लक्षणों के आकार पर होम्योपैथिक दवाइयों का प्रयोग किया जा सकता है।
इस बार इस मौसम में स्वाइन फ्लू भी फैल रहा है इसे बचाव के लिये इन्फ्ल्युजिनम 200 एवं आसेनिक एल्ब 200 का तीन दिन तथा प्रयोग करना चाहिये साथ ही रोगी व्यक्ति से सम्पर्क से बचना चाहिये।
इस मौसम में पौधों में फूूल आदि ज्यादा होते है जिससे उनसे उड़ने वाले पराग कणों से दमा की शिकायत बढ़ सकती है इस लिये पराग कणों एवं धूल .से बचना चाहियें तथा लक्षणों के आधार पर होम्योपैथिक दवाईयां प्रयोग करनी चाहिए।
इस मौसम में होने वाली खांसी में बेलाडोना, ब्रायोनिया, कास्टिकम पल्साटिला, जस्टीशिया, हिपरसल्फ आदि दवाईयां काफी फायदेमंद हो सकती हैं। इस मौसम में जब खांसी का प्रयोग हो तो गरम पानी से गलारा करें तथा ठंडी चीजे खाने से बचना चाहियें।
इसके अतिरिक्त इस मौसम में गले में खराश एवं दर्द की शिकायत भी रहती है इसके लिए बोलाडोना, फाइटोलक्का, एवं कास्टिकम आदि दवाइयों का प्रयोग लाभ दायक है साथ ही तेज बोलने से बचना चाहिये।
इस मौसम थकान बहुत लगती है, कुछ खाने की इच्छा नही होती है इसके जेल्सीमियम एवं रसटाक्स होम्योपैथिक दवाइयों का प्रयोग किया जा सकता है। इस मौसम में तरल एवं सुपाच्य भोजन करना चाहिए तथा तली-भुनी चीजों का प्रयोग नहीं करना चाहिये कोई समस्या होने पर पडोस के प्रशिक्षित होम्योपैथिक चिकित्सक से सलाह लेनी चाहिए क्योंकि बदलते मौसम में सेहत का ध्यान रखेंगी होम्योपैथी की मीठी गोलियां।

सुरेन्द्र अग्निहोत्री
agnihotri1966@gmail.com
sa@upnewslive.com

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दलित साहित्य पाठ्य पुस्तकांे में शामिल हो-

Posted on 23 February 2015 by admin

डाॅ0 अम्बेडकर महासभा ने आज दलित साहित्य को पाठ्य पुस्तकों में षामिल किए जाने की वकालत की। अम्बेडकर महासभा के सभागार में ’’दलित साहित्य और डाॅ0 तुलसीराम’’ विषय पर आयोजित सेमिनार में विषय प्रवर्तन करते हुए अम्बेडकर महासभा के अध्यक्ष डा0 लालजी प्रसाद निर्मल ने कहाकि दलित साहित्य को प्राथमिक पाठ्षाला से लेकर उच्च षिक्षा के पाठ्यक्रमों में सम्मिलित करने से दलितों के प्रति लोगों के दृष्टिकोण में परिवर्तन होगा और उनके सामाजिक, राजनेतिक भागीदारी का मार्ग प्रषस्त हो सकेगा। डा0 निर्मल ने कहा कि दलित साहित्य हाषिए के समाज काक जीवन दर्षन है। यह दलितों का भोगा हुआ यथार्थ है। दलित साहित्य के समावेषन से वंचित वर्गो को मिल रही षासकी सुविधाओं और आरक्षण के प्रति भी आम लोगों के दृष्टिकोण में ठीक उसी प्रकार सकारात्मक परिवर्तत होगा। जैसे कि अमेरिकी समाज में अष्वेतों के प्रति ष्वेतों के नजरिया में परिवर्तन हुआ। डा0 निर्मल ने कहाकि डा0 तुलसीराम की आत्मकथा मुरदहिया और मणिकर्णिका दलित साहित्य में मील का पत्थर है जिसमें दलित वेदना, भेदभाव, भूख, आक्रोष अम्बेडकर, बुद्ध के साथ माक्र्सवाद की विषद व्याख्या भी है। डा0 निर्मल ने कहाकि दलित साहित्य केवल अनुसूचित जाति, जनजाति का साहित्य नही है वरन् यह व्यापकता का साहित्य है यह वंचितों एवं सामाजिक रूप से पिछड़ों का भी साहित्य है।
इस अवसर पर पूर्व राज्यपाल एवं दलित साहित्यकार माता प्रसाद ने कहाकि दलित साहित्य को मान्यता मिलनी चाहिए क्योकि दलित साहित्य के विना मुख्य साहित्य अधूरा है। इस अवसर पर बोलते हुए लेखक एवं साहित्यकार के0के0वत्स ने कहाकि डा0 तुलसीराम ने अपने लेखन के माध्यम से जातिवादी राजनीति की मुखर आलोचना की और कहाकि जातिवादी राजनीति ने बहुजन की अवधारणा को पूरी तरह समाप्त कर दिया। इस अवसर पर बोलते हुए राष्ट्रीय भागीदारी आन्दोलन के प्रधान संयोजक पी0सी0कुरील ने कहाकि डा0 तुलसीराम एक प्रखर राजनैतिक चिन्तक, बौद्धिक, साम्यवादी और अम्बेडकरवादी थे। अपर पुलिस महानिदेषक जंगी सिंह ने कहाकि मुर्दहिया डा0 तुलसीराम का आत्मदर्षन है। इस अवसर पर एक प्रस्ताव के माध्यम से दलित साहित्य अकादमी की स्थापना की मांग की गई। प्रो0 टी0पी0 राही ने कहाकि डा0 तुलसीराम हिन्दी के विद्वान थे, उनकी आत्मकथा ’’मुर्दहिया’’ को लखनऊ वि0वि0 में पढ़ने से रोका गया।
इस अवसर पर डाॅ0 तुलसीराम को श्रद्धांजलि अर्पित करते हुए सेमिनार को  प्रो0 राम नरेष चैधरी, श्री जगत नारायण, डा0सत्या दोहरे,  एस0के0 पंचम, वीरेन्द्र कुमार मौर्य, सुरेष उजाला सोनम, डा0 आकाष आदि ने सम्बोधित किया तथा कार्यक्रम का संचालन श्याम कुमार ने किया।

सुरेन्द्र अग्निहोत्री
agnihotri1966@gmail.com
sa@upnewslive.com

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