Archive | July 19th, 2011

सोनी ने वित्त वर्श 2011 में वायो की बिक्री दोगुनी करने की योजना बनायी

Posted on 19 July 2011 by admin

वित्त वर्श 2011 में 5 लाख यूनिटें बेचने का लक्ष्य, पिछले वर्श की तुलना में  2.5 लाख की बढ़ोतरी
ऽ    वायो  ैएब्ए म् - ल् सीरीज़ करेगी अलग-अलग किस्म की लाइफस्टाइल जरूरतें पूरी
ऽ    वित्त वर्श 2011 में वितरण आउटलेट्स को बढ़ाकर 1500 और वायो फ्लैगषिप स्टोर्स की संख्या 50 तक करने की योजना
ऽ    करीना कपूर के साथ ’मोर कलर। मोर स्टाइल‘ अभियान पर 50 करोड़ रु के निवेष की योजना

image0231सोनी इंडिया ने आज यहां भारत में वायो की बिक्री दोगुनी करने की अपनी रणनीति का खुलासा करते हुए वित्त वर्श 2011 में 5 लाख लैपटाॅप यूनिटों की बिक्री करने का लक्ष्य रखा। 100 फीसदी विकास दर्ज कराने वाली वायो भारत में पहले से ही सबसे तेजी से बढ़ने वाली लैपटाॅप ब्रांड है (आईडीसी रिपोर्ट 2010 के अनुसार) और अब इस ब्रांड के तहत् नए उत्पादों का लाॅन्च यह सुनिष्चित करेगा कि यह भारतीय ग्राहकों के और नज़दीक पहुंचे। वायो ैए ब्ए म् और ल् सीरीज़ ग्राहकों की अलग-अलग जीवनषैली के हिसाब से बनायी गई है, यानी हरेक के लिए लैपटाॅप बाजार में उपलब्ध होगा, चाहे वह बिज़नेस एग्ज़ीक्युटिव हो, स्टाइल के प्रति सतर्क युवा हो या फिर छात्र अथवा पीसी का नया प्रयोक्ता ग्राहक ही क्यों न हो।

श्री तादातो किमूरा, जनरल मैनेजर, मार्केटिंग, सोनी इंडिया ने कहा, ’’वायो सोनी इंडिया के राजस्व में 20 फीसदी का योगदान करती है, लिहाजा यह हमारे कारोबार का अहम हिस्सा है। इस साल हमारा मकसद यह सुनिष्चित करना है कि वायो हमारे हर ग्राहक की जीवनषैली की जरूरतों पर खरी हो। हमारे पास 62 माॅडलों की उत्पाद लाइन है और 1500 दुकानों का मजबूत वितरण नेटवर्क भी है। हमने वित्त वर्श 2011 में 5 लाख लैपटाॅप यूनिटों के लक्ष्य तक पहुंचने के लिए मार्केटिंग पर 50 करोड़ रुपये का निवेष किया है।‘‘ नए अभियान के बारे मंें चर्चा करते हुए उन्होंने कहा, ’’मोर कलर, मोर स्टाइल‘ अभियान नई जीवन षैली का बयान करता है और इस अभियान के लिए सुश्री करीना कपूर के चेहरे के साथ हम अपने ग्राहकों को यह बात ठीक से समझा पााएंगे।‘‘

सोनी वायो लाइन-अप की बहुत व्यापक रेंज लिए हुए है और कंपनी का मकसद व्यवसाय से लेकर काॅलेज जाने वालों तक की जीवनषैली की जरूरतों को पूरा करना हैं वायो की कीमतें, ख्ूाबियां और आकर्शक रंग उत्पाद को बहुत खूबसूरत बनाते हैं। हर सीरीज का विवरण इस प्रकार हैः

ऽ    वायो एस: वायो एस प्रीमियम डिजाइन के साथ बहुत संतुलित मोबाइल पीसी है। यह स्लिम और फुल फ्लैट बाॅडी के साथ कहीं भी ले जाया जा सकता है। इसकी लम्बी बैटरी लाइफ है और बिजनैस और आउटडोर मीटिंगों के लिए यह एकदम उपयुक्त है। यह पांच आकर्शका रंगों में 47,990 रु से लेकर 1,29,900 रु तक की रेंज में उपलब्ध है।

ऽ    वायो सीः यह ऊंचे दर्जे के फैषन से प्रेरित है। यह रोषनी वाले मैटेरियल से बना है जिससे आकर्शक रंगों के साथ इसमें और भी मोहक विजुअल पैदा होता है। देखने में यह एकदम अलग ही है। फुल एचडी स्क्रीन के साथ इसमें उच्च प्रदर्षन वाली ग्राफिक सुविधा है जिससे गेम्स और मूवी देखने का आनंद बढ़ जाता है और एकदम अलग ही अनुभव मिलता हैं यह छह रंगों में 54,990 रु से लेकर 69,990 रु की रेंज में उपलब्ध है।

ऽ    वायो ईः वायो ई रोजाना की जरूरतों के अनुकूल है और ईमेल, वेब ब्राउजिंग, संगीत सुनने या फोटो प्रबंधन के लिए अच्छा है। प्रोसेसरों और रंगों के चयन के साथ यह विभिन्न स्टाइलों में फिट है। ट्रस पैटर्न की खूबी के साथ यह छात्रों और युवा पेषेवरों की आवष्यकताओं पर केंद्रित है। यह चार रंगों में उपलब्ध है और इसकी कीमत 27,990 रु से षुरू होती है।

ऽ    वायो वाईः इस सीरीज की ख्ूाबी यह है कि यह हर किसी की जरूरतों पर खरा है और यह षुरूआती उपभोक्ताओं के लिए बेहद उपयुक्त है। यह चार रंगों में 24,990 रु की रेंज  में षुरू होता है लिहाजा बेहद किफायती है।

कुल 62 माॅडलों को 16 आकर्शक रंगों में उपलब्ध कराया गया है जिससे यह सुनिष्चित किया जा सके कि अलग अलग ग्राहक वर्गों के लिए अपने स्टाइल के अनुरूप पर्सनलाइज़्ड नोटबुक उपलबध हो।

देषभर में आम जनता तक इन उत्पादों को पहुंचाने के मकसद से सोनी ने अपनी आक्रामक विस्तार योजना भी तैयार की है। कंपनी ने अपने वितरण नेटवर्क में आउटलेट्स की संख्या को 2011 में 700 की वृद्धि कर इसे 1500 तक पहुंचाने की योजना बनायी है जबकि पिछले साल यह आंकड़ा 800 रहा था। कंपनी वित्त वर्श 2011 में 30 एक्सक्लुसिव वायो फ्लैगषिप स्टोर्स खोलेगी और इस तरह वायो चैनलों की संख्या बढ़कर 50 तक पहुंच जाएगी।

सोनी अपनी वायो ब्रांड के लिए ’मोर कलर्स ण्मोर स्टाइल‘ अभियान भी षुरू करेगी जिसमें कंपनी की लोकप्रिय ब्रांड एम्बैसडर करीना कपूर भी दिखायी देगी। इस नए अभियान से रोमांचित करीना कपूर ने कहा, ’’मैं एक बार फिर सोनी वायो से उनके नए प्रचार अभियान ’ मोर कलर्स ण्मोर स्टाइल ‘ से जुड़ते हुए खुषी महसूस कर रही हूं। वायो एकदम अलग है, जोरदार और अल्ट्रा स्टाइलिष है और यह षानदार लाइफस्टाइल स्टेटमेंट की तरह है, यही संदेष ब्रांड के नए अभियान से दिया जा रहा है। इस अभियान की खूबी इसका अनूठापन है, यही वजह है कि वायो हर स्टाइल और हर मूड के हिसाब से उपयुक्त है।‘‘

इस ब्रांड अभियान को प्रिंट तथा टेलीविजन विज्ञापनों, वेब, पीआर, सिनेमा तथा षाॅप-फ्रंट समेत एबव-द-लाइन और बिलो-द-लाइन गतिविधियों का समर्थन भी दिया जाएगा और इन पर कंपनी ने 50 करोड़ रु के निवेष की योजना भी बनायी है।

करीना के साथ सोनी के वायो अभियानों ने काफी लोकप्रियता बटोरी है। नवंबर-दिसंबर 2009 तथा जुलाई-अगस्त 2010 में षुरू किए गए सोनी के क्रमषः वायो ग् ’साइज़ जीरो‘ तथा वायो म् ’गो विविड‘  अभियानों के बाद वायो की बिक्री लगभग दोगुनी हो गई।

व्यावसायिक तथ्यों का संक्षिप्त ब्योरा:

ऽ    वित्त वर्श 2010 में, सोनी ने 2.5 लाख नोटबुकों की बिक्री की और यह आंकड़ा वित्त वर्श 2011 तक 5 लाख पहुंचने का अनुमान है। भारत में वित्त वर्श 2010 में कंज्यूमर नोटबुक मार्केट 17 लाख यूनिटों का था जो वित्त वर्श 2011 तक 25 लाख तक पहुंचने का अनुमान जताया गया है।
ऽ    वायो श्रेणी में, सोनी ने वित्त वर्श 2011 में मार्केटिंग गतिविधियों पर 50 करोड़ रु के बजट का प्रावधान किया। इसमें से 25 करोड़ रु ’मोर कलर। मोर स्टाइल‘ अभियान के लिए आबंटित किया गया।
ऽ    वित्त वर्श 2010 में, सोनी ने 15 फीसदी की बाजार हिस्सेदारी हासिल की, कंपनी ने वित्त वर्श 2011 में 20 फीसदी बाजार हिस्सेदारी का लक्ष्य रखा है।
ऽ    वित्त वर्श 2011 में 200 षहरों तक 1,500 काउंटरों का चैनल नेटवर्क कायम करने की योजना, वित्त वर्श 2010 सेल्स काउंटरों की संख्या 800 थी। 2011 में वायो फ्लैगषिप स्टोर्स की संख्या बढ़ाकर 50 करने की योजना, जबकि वित्त वर्श 2010 में यह आंकड़ा 30 तक था।

व्यावसायिक तथ्यों का संक्षिप्त ब्योरा (उत्तर प्रदेष)ः

ऽ    वित्त वर्श 2010 में, सोनी ने 10,000 वायो लैपटाॅप बेचे जबकि चालू वित्त वर्श में इस आंकड़ें को 20,000 तक पहुंचाने का लक्ष्य रखा।  उत्तर प्रदेष में वित्त वर्श 2010 में कंज्यूमर नोटबुक मार्केट 72,000 यूनिटों का था और वित्त वर्श 2011 तक इसके 95,000 यूनिटों तक पहुंचने का अनुमान जताया गया है।
ऽ    चैनल नेटवर्क में विस्तार कर इसमें षामिल आउटलेट्स की संख्या को वित्त वर्श 2010 में 30 के मुकाबले चालू वित्त वर्श में 60 तक पहुंचाने की योजना।
ऽ    वायो श्रेणी में, सोनी ने वित्त वर्श 2011 में वायो ब्रांड अभियान ’मोर कलर, मोर स्टाइल‘ मार्केटिंग गतिविधियों पर 2 करोड़ रु के बजट का प्रावधान किया।
ऽ    वित्त वर्श 2010 में, सोनी ने उत्तर प्रदेष में 14 फीसदी बजार हिस्सेदारी हासिल की, 2011 में कंपनी ने राज्य में 21 फीसदी हिस्सेदारी का लक्ष्य रखा है।

सोनी इंडिया प्रा लि के बारे में

सोनी इंडिया देष की जानी पहचान उपभोक्ता इलैक्ट्राॅनिक्स ब्रांड है जिसे नए दौर की टैक्नोलाॅजी, डिजिटल अवधारणाओं और षानदार सेवाओं के लिए जाना जाता है। सोनी ने देषभर के प्रुमख षहरों में 5000 डीलरों और डिस्ट्रिब्यूटरों, 270 एक्सक्लुसिव सोनी आउटलेट्स तथा 19 डायरेक्ट ब्रांच लोकेषनों के जरिए अपनी व्यापक मौजूदगी दर्ज करा ली है। सोनी इंडिया के पास मजबूत सर्विस तंत्र भी है जिसमें 20 कंपनी स्वामित्व वाले तथा 216 अधिकृत सर्विस सेंटर तथा 18 एक्सक्लुसिव डेमोन्सट्रेषन सेंटर षामिल हैं। अधिक जानकारी के लिए कृपया हमारी वेबसाइट www.sony.co.in देखें।

सुरेन्द्र अग्निहोत्री
मो0 9415508695
upnewslive.com

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तहसील दिवस के प्रकरणों को संवेदनशीलता के साथ समय से निस्तारित करें -सी0डी0ओ0

Posted on 19 July 2011 by admin

जन समस्याओं के त्वरित निदान हेतु आज तहसील मुख्यालयों पर तहसील दिवस का आयोजन किया गया। मुख्य विकास अधिकारी राजकुमार श्रीवास्तव तथा अपर जिलाधिकारी (नगर ) अरूण प्रकाश ने सदर तहसील में जन समस्याओं की सुनवाई की। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिये कि तहसील दिवस में प्राप्त पत्रों पर निर्धारित अवधि में संवेदनशीलता के साथ प्रभावी निस्तारण करें और निस्तारएण का विवरण भी बेब साइट पर अपडेट करायें। श्री श्रीवास्तव ने गत तहसील दिवस के लम्बित प्रकरणों की भी विभागवार समीक्षा की और निर्देश दिये कि अबिलम्व निस्तारण कर आवेदन कत्र्ता को भी अवगत करा दें ताकि शिकायत कत्र्ता को अनावश्यक चक्कर न लगाने पडे।

उन्होंने बताया कि सदर तहसील में आज 52 शिकायत/आवेदन पत्र प्राप्त हुए। इनमें से राजस्व विभाग-9, पुलिस-15, विकास विभाग 4, जलनिगम-4, शिक्षा विभाग-5 आगरा विकास प्राधिकरण-1 तथा 26 अन्य विभागों से सम्बन्धित है सभी आवेदन पत्रों पर सुनवाई के दौरान विभागीय अधिकारियों के समक्ष आवेदन कत्र्ता ने अपना पक्ष प्रस्तुत किया।

उन्होंने निर्देश दिये कि राजस्व विभाग से सम्बन्धित प्रकरणों में तहसीलदार/वरिष्ठ अधिकारी मौके पर जाकर निरीक्षण करें और मौके पर ही स्थाई निदान करायें। उन्होंने कहा कि सभी विभागीय अधिकारी ग्रामीण क्षेत्रों में भ्रमण के दौरान विकास कार्यो का निरीक्षण कर अपनी टिप्पणी समय से भिजवाऐ। उन्होंने कहा कि वृक्षारोपण हेतु यह उपयुक्त समय है अतः विभागीय अधिकारी अपने वृक्षारोपण के लक्ष्यों को भी शतप्रतिशत पूर्ण करें।

कार्यक्रम का संचालन उप जिलाधिकारी (सदर) अनिल कुमार ने किया। इस अवसर पर विभिन्न विभागों के जिलास्तरीय अधिकारी उपस्थित थे।

सुरेन्द्र अग्निहोत्री
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मंत्री ने किया बाढ़ का निरीक्षण

Posted on 19 July 2011 by admin

राज्यमंत्री अवधेश वर्मा ने सोमवार को बाढ़ की आशंका वाले इलाकों का दौरा किया। इस दौरान उन्होंने ठोकरें बनवाने के निर्देश दिए।
श्री वर्मा एसडीएम सदर रामप्रकाश, सिंचाई विभाग के अधिशासी अभियंता बीके सिंह, बाढ़ प्रभारी उदयवीर सिंह आदि के साथ गर्रा नदी की चपेट में आने वाले अजीजगंज, रुद्रपुर आदि गांवों का निरीक्षण किया। यहां उन्होंने बाढ़ से बचाव के लिए किए जा रहे कार्यो का जायजा लिया। उन्होंने बोरियां भरकर रखी गयी रेत को भी चेक किया। निरीक्षण के दौरान ब्लाक प्रमुख अनीता वर्मा, प्रेम गुप्ता, मुकेश वर्मा, आदि मौजूद थे।

सुरेन्द्र अग्निहोत्री
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भैंसार बांध को खतरा बढ़ा, पलायन शुरू

Posted on 19 July 2011 by admin

कस्बा व थाना मिर्जापुर में गंगा नदी का जलस्तर बढ़ने से भैंसार बांध पर एक फिर खतरा के बादल मंडराने लगे हैं। खौफजदां लोगों ने घरेलू सामान समेट पलायन शुरू कर दिया है।

पिछले चार दिनों से हो रही लगातार भारी वर्षा में गंगा-रामगंगा नदियां अपने पूरे बेग से बहने लगी है। गंगा नदी के जल स्तर में भारी बढ़ोत्तरी होने से गोपालपुर ढाई गांव की विछिया छुट्टी नदी भी पूर्ण रूप से उफान पर है। गंगा नदी के जल स्तर में बढ़ोत्तरी होने से भैंसार बांध को भारी खतरा बढ़ गया है। इस बांध की कई ठोकरें पिछले वर्ष आयी भयंकर बाढ़ से क्षतिग्रस्त हो गयी थीं मगर शासन-प्रशासन ने पूरा वर्ष निकल जाने के बाद भी भैंसार बांध की क्षतिग्रस्त ठोकरों की मरम्मत करने की जरूरत नहीं समझी। गंगा नदी के किनारे बसे ग्राम पसियानगला चैरा, भरतापुर, पैलानी, बलदेवपुर, एतमादपुर, रामगंगा नदी के किनारे बसे ग्राम कीलापुर कुंडरी आश्रम, कुण्डरिया, हैदलपुर, वीघापुर, सिठौली, मौजमपुर, पाहरुआ, हरिहरपुर, कुनिया घाट, नजीरपुर सहित सैकड़ों गांव रामगंगा तथा गंगा नदी में आने वाली भयंकर बाढ़ की बलि चढ़ जाते हैं। दोनों नदियों का जलस्तर बढ़ने से नदियों के किनारे बसे लोग अपने-अपने घरों से जरूरी सामान निकालकर सुरक्षित स्थानों की तरफ पलायन करने लगे हैं।

सुरेन्द्र अग्निहोत्री
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एड्स स्ंाक्रमित ब्लड आया कहाॅ से, एक अनुत्तरित प्रश्न

Posted on 19 July 2011 by admin

जनपद में हाई प्रोफाइल मामला दो महीने से लगातार एचआईबी युक्त रक्त चढाने का सुर्खियो मंे बना रहा।  मामले पर चुप्पी साधे तथा मीडिया से दूर रहने का मीडिया के आरोपों को दूर करने के लिए पयागीपुर के हाइवे पर स्थित बन्दना हास्पिटल के संचालक डा. यू.के. श्रीवास्तव ने आज प्रिन्ट मीडिया से रूबरू होते हुए और  उनकी बातों का जवाब दिया।  श्री श्रीवास्तव ने बताया कि भर्ती मरीज दुर्वाशा पत्नी पुरूषोत्तम निवासिनी साल्हापुर,मिश्रपुर प्रसव के उपरान्त लगभग एक माह बाद स्थिती खराब हेाने पर 21 मई को वन्दना हास्पिटल  उसके परिवारों के द्वारा इलाज के लिए लायी गयी। जहां जांच के दौरान हीमोग्लोविन  बहुत कम होने की बात सुनकर मरीज घबरा सा गया और कुछ ही छण में मरीज की हालत विगड़ती देख मरीज को  भर्ती तो कर लिया,पर उसकी गरीबी देख रहम करते हुए उसे ठीक होने का आश्वासन के साथ चिकित्सीय सुविधा दी गयी। तीन दिन में  मरीज की हालात में काफी सुधार होने पर मरीज  24 मई केा रिलीव कर दिया गयाऔर यह भी कहा गया कि मरीज के शरीर में खून की कमी है इसे अवश्य चढ़वा देना। एक सप्ताह की दवा  भी दी गयी।

एक पे्रस कान्फ्रेन्स में मीडिया केा जानकारी देते हुए डाक्टर श्रीवास्तव ने कहा कि समाचार पत्रों मंे बार बार लिखकर आया है कि तीन यूनिट ब्लड मरीज को चढाया गया है, तो मै यह साफ कर देना चाहता हंू कि अगर किसी भी मरीज को 3 यूनिट ब्लड लगातार चढ़ा दिया जाय तो कुछ ही समय में उसकी जीवन लीला समाप्त हो जायेगी, और कहा कि मरीज दुर्वाशा का प्रसव एक माह पूर्व मंे सामान्य डिलवरी सामुदायिक स्वास्थ्य केन्द्र भदैंया ब्लाक पर हुआ थी। सीएचसी पर सवालिया प्रश्न लगाते हुए श्रीवास्तव ने कहा कि किसी भी आपरेशन में  तथा महिला कंे प्रसव के पूर्व मरीज के ब्लड की पूरी तरह जांच होती है, जिसे ए0एन0सी0 प्रोफाइल कहते है। रक्त, ब्लड बैंक के अलावा कही भी उपलब्ध नही मिलता, जिस थैली में रक्त निकाला जाता है वह सिर्फ सरकारी हास्पिटल के अलावा कही भी उपलब्ध नही रहता, यहंा तक कि मेडिकल स्टोरों पर भी, अब रही बात संक्रमित रक्त  की तो  वह रक्त कहां से आया, कौन चढाया, इस पर श्रीवास्तव ने अपने जबाव में बताया कि मरीज नगर के कई अन्य नर्सिग होमों पर जाकर रक्त चढ़वाया है जैसा कि समाचार के माध्यम से हमें मालूम हुआ कि  मरीज का इलाज नवीपुर के ऐलाइट हास्पिटल में तथा उसके पश्चात गोमती नगर के आस्था हास्पिटल, और महिला चिकित्सालय में भी इलाज कराया गया। मरीज को कहाॅ-कहाॅ रक्त चढ़ा और कहाॅ-कहाॅ इलाज हुआ इसकी जानकारी हमें नहीं है। रहा खून की उपलब्धता की तो पह ब्लड बैंक के अलावा कहीं उपलब्ध नहीं रहता। जहाॅ भी मरीज को ब्लड चढ़ाया गया होगा वह खून ब्लड बैंक के द्वारा मुहैया कराया गया होगा। क्यों कि और कहीं ब्लड मिल हीं नहीं सकता। अगर मरीज को खून कोई उसका नजदीकी भी देगा तो उस खून को ट्रान्सफर भी ब्लड बैंक में केवल सुविध है।  हमारी  तानकारी के मुताबिक जिला हास्पिटल के अलावा रक्त व रक्त की थैली कही भी उपलब्ध नही मिलती। मेरे हास्पिटल पर जो भी इलाज किया गया है, वह मरीज के आयरन सुक्रोज का इन्जेक्शन ही मरीज को चढाया गया था, जो ग्लूकोज के बोतल में डालने पर पूरी तरह लाल हो जाता है। मेरे द्वारा संचालित हास्पिटल में मरीज को ब्लड नही चढ़ाया गया।
प्रेस वार्ता के दौरान नीमा के जिलाध्यक्ष डी.सी. श्रीवास्तव ने कहा कि मीडिया के माध्यम से झूठे आरोप लगाना व अधिकारियों केा भ्रमित करना अच्छी बात नही है। डा0 डी0सी श्रीवास्तव  ने नर्सिंग होम के संगठन पर बल देने की बात करते हुए कहा कि संगठन अति आवश्यक है जिससे डाक्टर अपनी बात मीडिया के सामने रख सके। अब तो  एड्स से ग्रसित महिला को एड्स कहाॅ से और किस कारण हुआ।  यह जाॅच की विषय है। सामुदायिक स्वास्थ्य केन्द्र भदैंया, सीएचसी पर प्रसव होने से पूर्व मरीज की जांच कराई गयी थी या नही, सीएचसी भदैंया पर कौन सी महिला चिकित्सक ने परीक्षण कर प्रसव किया था, जांच के दौरान संक्रमित रक्त बताने वाला जिला हास्पिटल  जिसमें आठ वर्षें से कोई पैथालाजिस्ट न होना इस बात की ओर इशारा करता है कि महिला मरीज के खून की जाॅच कौन किया। इअसकी जिम्मेदारी कौन लेगा । यह एक सवाज मीडिया के जेहन में गूॅज गया।  अपना पल्ला झाड़ बिना जांच के प्रसव कराने की जिम्मेदारी  सीएचसी भदैंया को कौन लेगा।क्या  यह मेडिकल नियम के विरूद्व नही है।ं यदि हाॅ तो इसकी जवाबदेही सीएचसी भदैंया   को देनी चाहिए। प्रेस वार्ता के दौरान डा0 आदित्य दूबे ने कहा कि मीडिया लोकतन्त्र का चैथा स्तम्भ है और डाक्टर भी समाज की सेवा का एक कडी़ है। सम्मनित पत्रकार बन्धुओं केा एक पक्षीय निर्णय नही लेना चाहिए। उसमें सम्बन्धित चिकित्सक के पक्ष को भी समाज में लानी चाहिए।सूत्र बताते हैं कि उक्त प्रकरण की एक जाॅच टीम लखनउ से भी आयी और उस जाॅच टीम को दुर्वाशा के नाम से तीन यूनिट ब्लड ब्लड बैंक से ईशू किया गया है की बात की पुष्टि की गयी। ऐसे में वह ब्ल्ड कहाॅ चढा़या गया। जाॅच का विषय है।

सुरेन्द्र अग्निहोत्री
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पूर्व मुख्य मंत्री के खिलाफ भाजपाईयों ने निकाला जुलूस, किया चक्का जाम

Posted on 19 July 2011 by admin

हिन्दू संगठन के विरूद्व कांगे्रसी नेता दिग्विजय सिंह द्वारा मुम्बई ब्लास्ट में सामिल होने की बात कहने पर जनपद के भाजपा एंव महिला मोर्चा के सदस्येां ने जुलूस निकाल कर जिलाधिकारी कार्यालय के सामने रोड को जाम कर दिया जिससे घण्टों आवगमन बाधित रहा।

मुम्बई बलास्ट में जहां पूरा देश शोक सन्तब्ध हो गया, वही पर मध्यप्रदेश के पूर्व मुख्य मंत्री दिग्विजय सिंह द्वारा  हिन्दू संगठन पर आक्षेप लगाना हिन्दुओं के दुख केा और गहरा कर दिया। श्री सिंह के खिलाफ आज जनपद में भाजपा, भाजियूमो तथा भाजपा महिला मेार्चा के सदस्यों ने दिग्विजय सिंह के खिलाफ नारे लगाते हुए जिलाधिकारी को ज्ञापन देने जिलाधिकारी कार्यालय पहुंच गेट के सामने घण्टों रोड को जाम कर रखा।

सुरेन्द्र अग्निहोत्री
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