Archive | April 10th, 2011

बिमारी क्यों हो रही है?

Posted on 10 April 2011 by admin

100_2615जन लोकपाल विल के लिऐ दूसरी आजादी की लड़ाई जन्तर मन्तर पर जनयोद्धा अन्ना हजारे के नेतृत्व में जन की जीत के साथ कुछ सवाल जरूरी हो गये है कि देश में भ्रष्टाचार की बिमारी क्यों हुई है इसके पीछे छिपे कारणों को जानना और उनका परीक्षण करके उनका निदान किये बिना कोई भी फायदा नहीं मिल सकता है कानूनों के मकड़ जाल से जन यदि सुखी हो सकता होता तो कब का यह देश सोने की चिड़िया बन गया होता। कवि धूमिल जनतंत्र में संसद की जन के प्रति भूमिका पर सवाल करते हुए यह कविता लिखते है-

एक आदमी/रोटी बेलता है/एक आदमी रोटी खाता है/एक तीसरा आदमी भी है/जो न रोटी बेलता है, न रोटी खाता है। /वह सिर्फ रोटी से खेलता है/मैं पूछता हूँ ‘यह तीसरा आदमी कौन है’? मेरे देश की संसद मौन है। इस मौन को तोड़ने के लिये संविधान में निहित आधार तत्व को समझकर एक बार फिर दूसरी आजादी की लड़ाई लड़ने का वक्त आ गया है। टयूनिशिया में हुई जनक्रांति की आहट हमारे देश में भी आने लगी है। इस आहट के पीछे के सच को खोजने का समय बेचैनी पैदा कर रहा है। आजादी के अनेक सालों के बाद दूसरी आजादी की परिकल्पना मन में आना कहीं न कहीं इस व्यवस्था में गुत्थमगुत्था पैदा होने का कारण है। यह विचित्र समय है जब जज से लेकर मंत्रियों तक के दामन दागदार दिख रहे है। डगमग-डगमग होती नैय्या के पीछे छिप शैतानी हाथों और उसके रिमोड कन्ट्रोल की सच्चाईयां जानना ही होगा। वरना पश्चाताप के सिवा कुछ शेष नही रह जायेगा। दिशाहीन, दिशाहारे लोग अपने स्वार्थो के लिये आँखों पर काली पट्टी बांध कर मौनी बाबा बने हुये है। उन्हें जन के मन से कोई लेनादेना नही है। सारे दरवाजे अकेलेपन जैसे हो गये है। भारत के प्रथम प्रधानमंत्री पंडित जवाहर लाल नेहरू की सोच को तिलांजलि देकर संविधान की मूल भावना को तिरोहित कर के संसद की सेन्टर टेबल पर खुशी मनाने में मग्न है। जनता की रूलाई उन्हंे दिखाई नही देती है। ऐसा लगता है कि जनता की आॅखों में उतरे शोक के आॅसू उन्हें खुशी के आॅसू नजर आ रहे है। लगातार किसान से लेकर युवा तक पराधीन और दैयनीय जीवन जीते जीते आत्महत्या तक करने को मजबूर है। आदमी के मरते हुये चेहरे को देखने का साहस न जुटा पाने वाले लोगों के खिलाफ एक कमजोर हाथ एक मुठ्ठी में ताकत बटोर कर सब कुछ तहस नहस न कर दे इससे पूर्व संविधान को एक बार देखने का वक्त आ गया है। सरकारें अनिश्चितांओं से नहीं अपितु जनमत कराकर नीति तय करे। बाजारवाद चलेगा या संविधान मंे प्रदत्त उद्देशिका वाला समाजवाद।

भारतीय संविधान के आधार-तत्व तथा उसका दर्शन
किसी संविधान की उद्देशिका से आशा की जाती है कि जिन मूलभूत मूल्यों तथा दर्शन पर संविधान आधारित हो तथा जिन लक्ष्यों तथा उद्देश्यों की प्राप्ति का प्रयास करने के लिए संविधान निर्माताओं ने राज्य व्यवस्था को निर्देश दिया हो, उनका उसमंे समावेश हो।

हमारे संविधान की उद्देशिका मंे जिस, रूप में उसे संविधान सभा ने पास किया था, कहा गया हैः हम भारत के लोग भारत को एक प्रभुत्वसंपन्न लोकतांत्रिक गणराज्य बनाने के लिए उसके समस्त नागरिकों को न्याय स्वतंत्रता और समानता दिलाने और उन सबमें बंधुता बढ़ाने के लिए दृढ़ संकल्प करते हैं। न्याय की परिभाषा सामाजिक, आर्थिक और राजनीतिक न्याय के रूप में की गई है। स्वतंत्रता में विचार, अभिव्यक्ति, विश्वास, धर्म और उपासना की स्वतंत्रता सम्मिलित है और समानता का अर्थ है प्रतिष्ठा तथा अवसर की समानता ।

वास्तव में, न्याय, स्वतंत्रता, सामनता और बंधुता एक वास्तविक लोकतंत्रात्मक व्यवस्था के अत्यावश्यक सहगामी तत्व है, इसलिए उनके द्वारा केवल लोकतंत्रात्मक गणराज्य की संकल्पना स्पष्ट होती है। अंतिम लक्ष्य है व्यक्ति की गरिमा तथा राष्ट्र की एकता सुनिश्चित करना। इस प्रकार, उद्देशिका यह घोषणा करने का काम करती है कि भारत के लोग संविधान के मूल स्त्रोत हैं, भारतीय राज्य व्यवस्था में प्रभुता लोगों में निहित है और भारतीय राज्य व्यवस्था लोकतंत्रात्मकहै जिसमें लोगों को मूल अधिकारों तथा स्वतंत्रताओं की गारंटी दी गई है तथा राष्ट्र की एकता सुनिश्चत की गई है। हमारे संविधान की उद्देशिका में बहुत ही भव्य और उदात्त शब्दों का प्रयोग हुआ है। वे उन सभी उच्चतम मूल्यों को साकार करते हैं जिनकी प्रकल्पना मानव-बुद्धि,  कौशल तथा अनुभव अब तक कर पाया है।

42वें संशोधन के बाद जिस रूप में उद्देशिका इस समय हमारे संविधान में विद्यमान है, उसके अनुसार, संविधान निर्माता जिन सर्वोच्च या मूलभूत संवैधानिक मूल्यांे मंे विश्वास करते थे, उन्हें सूचीबद्ध किया जा सकता है। वे चाहते थे कि भारत गणराज्य के जन-जन के मन में इन मूल्यों के प्रति आस्था और प्रतिबद्धता जगे-पनपे तथा आनेवाली पीढ़ियां, जिन्हें यह संविधान आगे चलाना होगा, इन मूल्यों से मार्गदर्शन प्राप्त कर सकें। ये उदात्त मूल्य हैः

संप्रभुता, समाजवाद, पंथनिरपेक्षता, लोकतंत्र, गणराज्यीय स्वरूप, न्याय, स्वतंत्रता, समानता, बंधुता, व्यक्ति की गरिमा, और, राष्ट्र की एकता तथा अखंडता।

समाजवाद
संविधान निर्माता नहीं चाहते थे कि संविधान किसी विचारधारा या वाद विशेष ने जुड़ा हो या किसी आर्थिक सिंद्धात द्वारा सीमित हो। इसलिए वे उसमंे, अन्य बातों के साथ-साथ, समाजवाद के किसी उल्लेख को सम्मिलित करने के लिए सहमत नही हुए थे। किंतु उद्देशिका मंे सभी नागरिकों को आर्थिक न्याय और प्रतिष्ठा तथा  अवसर की समानता दिलाने के संकल्प का जिक्र अवश्य किया गया था। संविधान (42वां संशोधन) अधिनियम, 1976 के द्वारा हमारे गणराज्य की विशेषता दर्शाने के लिए समाजवादी शब्द का समावेश किया गया। यथासंशोधित उद्देशिका के पाठ मंे समाजवाद के उद्देश्य को प्रायः सर्वोच्च सम्मान का स्थान दिया गया है। संपूर्ण प्रभुत्वसंपन्न के ठीक बाद इसका उल्लेख किया गया है। किंतु समाजवाद शब्द की परिभाषा संविधान मंे नही की गई।

संविधान (45वां संशोधन) विधेयक मंे समाजवादी की परिभाषा करने का प्रयास किया गया था तथा उसके अनुसार इसका अर्थ था इस प्रकार के शोषण-सामाजिक, आर्थिक और राजनीतिक-से मुक्त। इस विधेयक को अंततः 44वें संशोधन के रूप में पास किया गया, किंतु इसमंे समाजवादी की परिभाषा नहीं थी। समाजवादी की परिभाषा करना कठिन है। विभिन्न लोग इसका भिन्न-भिन्न अर्थ लगाते है और इसकी कोई निश्चित परिभाषा नहीं है। शब्दकोश के अनुसार समाजवाद मंे उत्पादन तथा वितरण के साधन, पूर्णतया या अंशतया, सार्वजनिक हाथों मंे अर्थात सार्वजनिक (अर्थात राज्य के) स्वामित्व अथवा नियंत्रण में होने चाहिए।

समाजवाद का आशय यह है कि आय तथा प्रतिष्ठा और जीवनयापन के स्तर मंे विषमता का अंत हो जाए। इसके अलावा, उद्देशिका मंे समाजवादी शब्द जोड़ दिए जाने के बाद, संविधान का निर्वचन करते समय न्यायालयांे से आशा की जा सकती थी कि उनका झुकाव निजी संपत्ति, उद्योग आदि के राष्ट्रीयकरण तथा उस पर राज्य के स्वामित्व के तथा समान कार्य के लिए समान वेतन के अधिकार के पक्ष में होता है। ’

भारतीय संविधान के उद्देश्यों के विरूद्ध
गुपचुप तरीके से बाजारवादी व्यवस्था को थोपने के दुस्परिणाम सामने आने लगे है। नक्सलवाद और अराजकता के जाल मंे उलझते भारत को बचाने के लिए सिर्फ जनलोक पाल बिल से काम चलने वाला नहीं है हमें सरकार पर दबाव डालना होगा कि आपने बिना रिफरेडम कैसे बाजारवादी व्यवस्था को अपना लिया है दूसरी आजादी तभी मिलेगी जब तक हम समाजवादी व्यवस्था लागू नहीं करवा पाते है जो संविधान की मूल भावना की उद्देशिका में सामिल किया गया है। बदलते परिवेश में क्या देश के लिऐ उचित है क्या अनुचित?  फैसला जनमत संग्रह से होना चाहिए। यह कोई सामान्य व्यवस्था नहीं है जिसे हमारे चुने प्रतिनिधि तय कर ले, बल्कि संविधान के उद्देश्यों मंे परिवर्तन लाना है। बर्ना लगड़ी और कटपुतली सरकारें  टाटा और अंबानी जैसे बाजारवादी व्यवस्था के समर्थक लोगों की चेरी बनने को मजबूर रहेगी और बजारवादी लोग अपने लाभकारी निहतार्थ पूरे करते रहेंगे। जन लोकपाल बिल में कुछ शर्ते जोड़ना होगी जिनमें कानून के विपरीत कार्य मंे स्वतः रदद होना मुख्य होता है इस देश को बचाना है तो सबसे पहले कानून के विपरीतकार्य के द्वारा होने वाले लाभ को रद्द करना अनिवार्य कदम होगा। जिस तरह टू-जी स्टेंप घोटाले में लाईसेंस होल्डरों के लाईसेंस अभी तक रद्द न होना चिंता का सबब बना हुआ है इसी कारण गलत कार्यो को लगातार होने को बल मिलता है। सबसे पहले टूजी घोटाले के लाभार्थियों के करार को रद्द करने के साथ ही घोटाले करने वालों की सजा के मामले में निर्णय देने की समय सीमा न्यायालय के सामने होना चाहिए। करार रद्द होने के कारण कोई भी कठिनाई पैदा हो और इस कठिनाई से जूझने के लिए भारतीय जनता को तैयार रहना चाहिए क्योकि जो भी कार्य जन्म से ही गलत था उसे कैसे न्याय उचित या देश की पूॅजी के नाम पर पर्दा डालने का खेल खेला जा सकता है। इन कठोर निर्णय के बिना  भ्रष्टाचार का सिलसिला नही रुक सकता है।  ट्रांसफर प्रापर्टी एक्ट जैसे अनेक प्रावधान है जिनमें कुछ कानून के अन्तर्गत स्वतः निरस्त हो जाते है और कुछ को इंगित करने पर निरस्त किया जाता है। लेकिन जो कार्य जन्म से ही गलत है उसे खत्म होना ही चाहिए। चाहे इस कार्य को सरकार ने किया हो या पूंजीपति ने अथवा जनता ने यह तो तय करना ही होगा। क्योंकि आर्दश सोसायटी जैसे अनेक मामले सामने आये हैै जहां पर्यावरण को अनदेखा किया गया। कहीं नीतियों में हेरफेर किया गया। तो कहीं लाभार्थियों के नाम बदले गये है। जब जन्म से ही इन मामलों में गलत हुआ है तो उसे रद्द करना ही पड़ेगा। हमे बिमारी को दबाने के उपाय के स्थान पर बिमारी के कारणों की खोज करना जरूरी है। तभी बिमारी का समूलनाश हो पायेगा।

’ इस आलेख में सुभाष कश्यप लिखित पुस्तक हमारा संविधान के अंश समाहित है।
सुरेन्द्र अग्निहोत्री
राजसदन- 120/132
बेलदारी लेन, लालबाग
लखनऊ
मो0ः 9415508695
(लेखक-दैनिक भास्कर के लखनऊ ब्यूरोप्रमुख है।)

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लखनऊ हजरतगंज में जन लोकपाल बिल बनने की ख़ुशी मनाते लोग

Posted on 10 April 2011 by admin

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माननीया मुख्यमंत्री सुश्री मायावती जी कालीकट, केरल मे

Posted on 10 April 2011 by admin

mayavathi-01-calicutबहुजन समाज पार्टी की राष्ट्रीय अध्यक्ष एवं उत्तर प्रदेश की माननीया मुख्यमंत्री सुश्री मायावती जी आज दिनांक 09 अप्रैल, 2011 को कालीकट, केरल में जनता का अभिवादन स्वीकार करती हुईं।

mayavathi-03-calicutबहुजन समाज पार्टी की राष्ट्रीय अध्यक्ष एवं उत्तर प्रदेश की माननीया मुख्यमंत्री सुश्री मायावती जी आज दिनांक 09 अप्रैल, 2011 को कालीकट, केरल में स्मृति चिन्ह ग्रहण करती हुईं।

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सुरेन्द्र अग्निहोत्री
मो0 9415508695
upnewslive.com

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भाजपा की मेरठ में महासंग्राम रैली

Posted on 10 April 2011 by admin

dsc_0261केन्द्र एवं प्रदेश सरकार ने भ्रष्टाचार में कीर्तिमान स्थापित किया है। भाजपा ने ही केन्द्र एवं प्रदेश सरकार के भ्रष्टाचार को उजागर किया है। भाजपा का भ्रष्टाचार विरोधी अभियान जारी रहेगा। कमर तोड़ मंहगाई ने आमजन की कमर तोड़ दी है। इसके लिए केन्द्र एवं प्रदेश सरकार की नीतियां एवं भ्रष्टाचार जिम्मेदार है। भाजपा सत्ता में आई तो स्वीस बैंकों में जमा काला धन एक माह में देश में वापस लायेंगे। स्वीस बैंकों में कांगे्रस, सपा एवं बसपा के नेताओं का पैसा जमा होने के कारण ही वो स्वीस बैंक का पैसा वापस कराने में आना-कानी कर रही है।

dsc_0237भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन गडकरी आज भाजपा द्वारा मेरठ में आयोजित ’महासंग्राम रैली’ को संबोधित करते हुए कहा कि देश संकट के दौर से गुजर रहा है। मंहगाई आसमान छूं रही है। उन्होंने कांगे्रस अध्यक्ष सोनिया गांधी से सवाल किया कि देश में 20 रू0 प्रति व्यक्ति औसत आय से गरीब आदमी अपना गुजारा कैसे करेगा ? इस देश में बर्तन माजने की मिट्टी मंहगी हो रही है लेकिन किसानों की पैदावार सस्ती हो रही है। बिजली की बड़ी समस्या से देश का विकास संभव नहीं है। श्री गडकरी ने कहा आज आम आदमी को तय करना है कि देश को किस दिशा में ले जाना है। बिना दृढ इच्छाशक्ति के देश का विकास संभव नहीं है। उन्होंने कहा कि उ0प्र0 की मुख्यमंत्री मायावती ने जनता का जो पैसा मूर्तियाॅं बनवाने में लगा दिय है उससे यदि प्रदेश में कोल्डस्टोरेज का निर्माण करा दिया होता तो आज किसानांे का आलू सड़कों पर पड़ा नहीं होता। उन्होंने कहा कि देश में गुजरात का कृषि विकास दर 14प्रतिशत है जबकि उ0प्र0 में मात्र 3प्रतिशत विकास दर है। जातिवाद व साम्प्रदायिक राजनीति ने देश का बहुत बड़ा नुकसान किया है। तमाम घोटालों ने देश को कमजोर करने का काम किया है। श्री गडकरी ने कहा कि दिल्ली तथा लखनऊ में पूरा मायाजाल है। उ0प्र0 में कानून व्यवस्था की धज्जियां उड़ रही है। घोेटालो, हत्या और बलात्कार में मंत्री फंसे हैं। बलात्कार और भ्रष्टाचार के कारण मंत्रियों को हटाया गया। विधायक जेल में हैं। ये है माया का मायाजाल।
प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री एवं भाजपा के पूर्व राष्ट्रीय अध्यक्ष राजनाथ सिंह ने महासंग्राम रैली को संबोधित करते हुए कहा कि देश एवं प्रदेश भारी संकट से गुजर रहा है। आपने सपा और बसपा की सरकार देखी है, कांगे्रस जब से केन्द्र में आई है मंहगाई दिन दुना रात चैगुना बढ़ रही है इसके लिए केन्द्र के साथ-साथ सपा और बसपा भी बराबर के दोषी हैं क्योंकि ये दोनों दल कांगे्रस के केन्द्र सरकार के समर्थक दल हैं। उन्होंने कहा कि बड़े-बड़े नेताओं के भ्रष्टाचार के कारण ही आज मंहगाई आसमान छूं रही है। उन्होंने मंहगाई के लिए केन्द्र व उ0प्र0 सरकार की गलत नीतियों को जिम्मेदार ठहराया। बीजेपी सरकार ने ही मंहगाई पर अंकुश लगाया था। उन्होंने कहा मैं बधाई देता हॅू अन्ना हजारे को जिन्होंने भ्रष्टाचार की आवाज को आगे बढ़ाने का काम किया। भ्रष्टाचार के विरूद्ध संसद से लेकर सड़कों तक भाजपा ने ही आवाज बुलन्द की है। अन्ना हजारे को लोगों का समर्थन मिल रहा है। उन्होंने कहा कि स्वीस बैंकों में जमा काला धन वापस कराने में कांगे्रस,सपा, बसपा आना-कानी कर रहे हैं। क्योंकि इन्हीं दल के नेताआंे का वहां पैसा जमा है। केन्द्र में भाजपा की सरकार सत्तारूढ़ होते ही भाजपा एक माह में विदेशों में जमा काला धन वापस लाएगी। गेहॅंू का समर्थन मूल्य 1100 रू0 के स्थान पर 1300 रू0 तथा गन्ने का मूल्य 350 रू0 करने का आश्वास दिया। उन्होंने कहा कि केन्द्र में भाजपा के सत्तारूढ होने पर किसानों को 3 प्रतिशत ब्याज की दर से ऋण उपलब्ध कराया जायेगा।

dsc_0236भाजपा के राष्ट्रीय उपाध्यक्ष एवं प्रदेश के चुनाव अभियान समिति के संयोजक कलराज मिश्र ने कहा कि स्वतंत्रता संग्राम व किसानों की धरती मेरठ से भाजपा ने ’महासंग्राम रैली’ की शुरूआत की है। उ0प्र0 भ्रष्टाचार का प्रदेश बन गया है। भाजपा ने उ0प्र0 सरकार के 100 घोटालों की पोल खोली है और जनता में रिपोर्ट दर्ज कराई है। प्रदेश में स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण विभाग में भ्रष्टाचार के कारण 2-2 सी0एम0ओ0 की हत्या हो गई है। भाजपा ने जब दबाव बनाया तभी प्रदेश की मुखिया ने दो वरिष्ठ मंत्रियों की विदाई की। प्रदेश में जंगलराज है, दलितों पर अत्याचार बढ़ रहा है। दलित एवं महिलाओं की इज्जत सुरक्षित नहीं हेै। किसानों का बकाया धन नहीं मिल पा रहा है। किसान तबाह हो रहा है। बीएसपी प्रदेश में भ्रष्टाचार को बढ़ाने का काम करते हुए अकूत सम्पत्ति अर्जित की है। श्री मिश्र ने कहा कि भाजपा के सत्ता में आने पर बसपा की अकूत सम्पत्ति को राष्ट्रीय सम्पत्ति घोषित करेगी और मुख्यमंत्री को जेल जाना होगा।

भाजपा के तेजस्वी एवं लोकप्रिय प्रदेश अध्यक्ष सूर्य प्रताप शाही ने अपने सारगर्भित संबोेधन में कहा कि प्रदेश में अपराधों का ग्राफ तेजी से बढ़ रहा है। लूट, बलात्कार, हत्याओं ने प्रदेश में त्राहि-त्राहि मचा रखी है। सरकारी विभागों में भ्रष्टाचार का बोलबाला हो गया है। प्रदेश में माफियाओं का राज है। श्री शाही ने कहा कि नोयडा,ग्रेटर नोयडा, जमुना एक्सपे्रस वे में भारी पैसा लेकर भूखण्ड आवंटित किया जा रहा है। भाजपा ने बसपा सरकार के 100 घोटालों की एफ0आई0आर0 दस्तावेजी सबूतों के साथ जनता के सामने रखी है। इन भ्रष्टाचारों की पुष्टि मायावती सरकार द्वारा 2 वरिष्ठ मंत्रियों के हटाने से हो गई है। स्वास्थ्य एवं समाज कल्याण विभाग में बढ़ते भ्रष्टाचार के कारण ही दो सी0एम0ओ0 की हत्या हो गई है। भाजपा के दबाव एवं सी0बी0आई0 से बचने के लिए माया सरकार ने दो वरिष्ठ मंत्रियों को हटा दिया तथा अनेक अधिकारियों को स्थानान्तरिक किया। श्री शाही ने कहा कि उ0प्र0 का भविष्य बदलने का कार्य भाजपा ही कर सकती है। उन्होंने बढ़ती हुई मंहगाई के लिए केन्द्र की कांगे्रस सरकार के साथ ही उसके समर्थक सपा और बसपा को ठहराया। श्री शाही ने कहा कि मेरठ की धरती पर आज इस रैली ने सन् 1857 की क्रांतिकारियों की याद ताजा कर दी।

dsc_0317भाजपा के राष्ट्रीय महामंत्री एवं प्रदेश प्रभारी नरेन्द्र सिंह तोमर ने कहा कि देश में बढ़ते भ्रष्टाचार ने आज अन्ना हजारे को जिनको आमजन का समर्थन भी मिल रहा है अनशन पर बैठने को मजबूर कर दिया। भाजपा लगातार केन्द्र एवं प्रदेश सरकार के भ्रष्टाचारों को उजागर कर रही है। देश में भाजपा ही ऐसा दल है जो भ्रष्टाचार, आतंकवाद, मंहगाई के विरूद्ध संसद से लेकर सड़कों तक संघर्ष कर रही है। रैली में राष्ट्रीय मंत्री किरीट सोमैया, अशोक प्रधान, संतोष गंगवार, राष्ट्रीय प्रवक्ता रामनाथ कोंविद, निवेश प्रकोष्ठ के संयोजक अरूण सिंह, किसान मोर्चा के सतपाल मलिक, प्रदेश महामंत्री विन्ध्यवासिनी कुमार, रामनरेश अग्निहात्री, प्रदेश महामंत्री संगठन राकेश कुमार, प्रदेशउपाध्यक्ष शिव प्रताप शुक्ला, वीरेन्द्र सिंह सिरोही, लज्जारानी गर्ग, प्रदेश मंत्री कविता चैधरी, अशोक कटारिया, यशवंत सैनी, प्रदेश मीडिया प्रभारी हरीशचन्द्र श्रीवास्तव, क्षेत्रीय प्रवक्ता रूप चैधरी, क्षेत्रीय मीडिया प्रभारी एस0पी0 सिंह, सहप्रवक्ता आलोक सिसोदिया प्रमुख रूप से  रैली में उपस्थित थे। मेरठ के सांसद राजेन्द्र अग्रवाल ने अतिथियों का स्वागत किया। कार्यक्रम की अध्यक्षता सत्यप्रकाश अग्रवाल एवं संचालन प्रदेश के उपाध्यक्ष पूर्व मंत्री लक्ष्मीकांत बाजपेई ने किया।

सुरेन्द्र अग्निहोत्री
मो0 9415508695
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कुट्टू आटे में मिलावट के मामले में विभिन्न जनपदों में 17 व्यक्तियों के खिलाफ एफ0आई0आर0 दर्ज

Posted on 10 April 2011 by admin

389 कुन्टल कुट्टू आटा नष्ट किया गया
कुट्टू आटे के कारोबार में लगी इकाईयां सीज

राज्य सरकार ने प्रदेश में कुट्टू आटे मंे मिलावट की घटनाओं पर गम्भीर रूख अपनाते हुए इसके विरूद्ध छेड़े गये अभियान के तहत विभिन्न जनपदों में संदेह के आधार पर 17 व्यक्तियों के विरूद्ध एफ0आई0आर0 दर्ज करायी गयी है और 27,23,000 रूपये मूल्य का 389 कुन्टल आटा जब्त करके नष्ट कराया है। इसके साथ ही लगभग 07 कुन्टल अन्य अपमिश्रित खाद्य पदार्थ भी नष्ट कराये गये हैं। कुट्टू आटे में मिलावट की सूचना प्राप्त होते ही राज्य सरकार ने सिर्फ चार घंटे की अवधि में पूरे प्रदेश में इसके खिलाफ जबरदस्त अभियान छेड़ते हुए दोषियों के खिलाफ कड़ी कार्यवाही की है।

खाद्य एवं औषधि प्रशासन विभाग के प्रवक्ता ने यह जानकारी आज यहां देते हुए बताया कि कुट्टू के आटे की निर्माण इकाई मेसर्स धमीजा ग्राइन्डर्स बुलन्दशहर, इन्डस्ट्रियल एरिया गाजियाबाद, मेसर्स मोहित ग्राइन्डर्स मेरठ रोड, गाजियाबाद एवं मेसर्स वाई0पी0 गोल्ड राधिका इण्टरनेशनल, गाजियाबाद के खिलाफ कार्यवाही करते हुए इन इकाईयों को सीज कर दिया गया है।

प्रवक्ता ने बताया कि आज यानि 09 अप्रैल को 16 जनपदों में कुट्टू के मामले में कार्यवाही की गयी है तथा जनपद कांशीराम नगर, लखीमपुर खीरी, मऊ, भदोही, संतकबीर नगर, शाहजहांपुर, मुजफ्फरनगर, बरेली, बदांयू तथा राय बरेली आदि में छापामार कार्यवाही जारी है। उन्होंने बताया कि आम जनता की सेहत से खिलवाड़ करने वाले किसी भी दोषी व्यक्ति को बख्शा नहीं जायेगा।

प्रवक्ता ने बताया कि खाद्य एवं औषधि प्रशासन विभाग की ओर से 01 अप्रैल, 2010 से 08 अप्रैल, 2011 तक की गयी कार्यवाही के तहत अपमिश्रण करने के दोषी 584 लोगों के विरूद्ध एफ0आई0आर0 दर्ज की गयी और 545 लोगों को गिरफ्तार किया गया। इसी अवधि में 18343 खाद्य पदार्थों के नमूने लिये गये तथा 4147 वाद दायर किये गये तथा 586 दोषियों को सजा दिलावायी गयी। इसके अलावा अपमिश्रण करने वाले लोगों से 9,28,878 रूपये अर्थदण्ड वसूला गया एवं 5.52 करोड़ रूपये की खाद्य सामग्री नष्ट की गयी।

सुरेन्द्र अग्निहोत्री
मो0 9415508695
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उत्तर प्रदेश में अनुसूचित जाति/जनजाति के लोगों के खिलाफ अपराधों में उल्लेखनीय गिरावट आयी है

Posted on 10 April 2011 by admin

उत्तर प्रदेश सरकार अनुसूचित जाति/जनजाति के लोगो के विरूद्ध होने वाले अपराधों को रोकने के लिए पूरी तरह से गम्भीर है। इन वर्गों के विरुद्ध हुए अपराधो पर पूर्ण सजगता एवं संवेदनशीलता बरतते हुए राज्य सरकार द्वारा घटनाओं का त्वरित पंजीकरण, समयबद्ध विवेचना एवं प्रभावी पैरवी सुनिश्चित कराये जाने के फलस्वरुप, उत्तर प्रदेश में अनुसूचित जाति/जनजाति के लोगों के खिलाफ अपराधों में उल्लेखनीय गिरावट आयी है।

राज्य सरकार के प्रवक्ता ने यह जानकारी आज यहां देते हुए बताया कि केन्द्रीय सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता मंत्री श्री मुकुल वासनिक जी ने सम्भवतः उत्तर प्रदेश के प्रयासों को संज्ञान में नहीं लिया है। उन्होंने कहा कि केन्द्रीय मंत्री अवगत होंगे कि उत्तर प्रदेश देश का सर्वाधिक आबादी वाला प्रदेश है और यहां अनुसूचित जाति/जनजाति के लोगों का आबादी में एक बड़ा हिस्सा है। इसीलिए दलित उत्पीड़न के आंकड़ों को आबादी के अनुपात में ही देखा जाना चाहिए। राज्य सरकार इन वर्गों के उत्पीड़न सम्बन्धी मामलों में तत्काल कार्यवाही करते हुए अनुसूचित जाति/जनजाति अत्याचार निवारण अधिनियम-1989 के तहत प्रभावी कार्यवाही कर रही है।

प्रवक्ता ने कहा कि माननीया मुख्यमंत्री सुश्री मायावती जी के समस्त जिलाधिकारियों और वरिष्ठ पुलिस अधीक्षकों/पुलिस अधीक्षकों को सख्त निर्देश हैं कि दलितों के खिलाफ उत्पीड़न सम्बन्धी मामलों में तत्काल प्रभावी कार्यवाही करते हुए पीड़ितों को न्याय दिलाया जाए तथा दोषियों को दण्डित कराया जाए। उन्होंने कहा कि समय-समय पर आयोजित होने वाली उच्चस्तरीय बैठकों में माननीया मुख्यमंत्री जी फील्ड में तैनात वरिष्ठ प्रशासनिक एवं पुलिस अधिकारियों के साथ इस सम्बन्ध में गहन समीक्षा करती हैं। इसके अलावा माननीया मुख्यमंत्री जी ने अपने प्रदेश व्यापी औचक निरीक्षण के दौरान अनुसूचित जाति/जनजाति के उत्पीड़न सम्बन्धी मामलों पर कार्यवाही की स्थिति की प्रत्येक जनपद में मौके पर समीक्षा की तथा कार्यवाही का स्तर सन्तोषजनक नहीं मिलने पर उन्होंने सम्बन्धित अधिकारियों के खिलाफ कड़ी कार्यवाही भी की।

प्रवक्ता ने कहा कि दलित अत्याचार से सम्बन्धित मामलों में प्रभावी पैरवी की जा रही है तथा सम्बन्धित अधिनियमों को लागू करने के साथ ही नियमित रूप से अनुश्रवण भी किया जा रहा है। अनुसूचित जाति/जनजाति के विरूद्ध होने वाले अत्याचारों से सम्बन्धित संवदेनशील जनपदों में स्थानीय पुलिस प्रशासन को लगातार निगरानी तथा छोटे-छोटे मामलों को लेकर होने वाली घटनाओं पर सतर्क दृष्टि रखने के निर्देश दिये गये हैं। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार की सजगता के फलस्वरूप उत्तर प्रदेश में दलितों तथा महिलाओं पर होने वाले आपराधिक घटनाओं में काफी कमी आयी है। भारत सरकार के गृह मंत्रालय द्वारा जारी एन0सी0आर0बी0 के आंकड़ों से इसकी पुष्टि की जा सकती है।

प्रवक्ता ने दलितों के विरूद्ध अपराधों की स्थिति के बारे में सिलसिलेवार आंकड़े प्रस्तुत करते हुए कहा कि ‘‘क्राईम इन इण्डिया-2009’’ के आकंड़ो के अनुसार उत्तर प्रदेश में अनुसूचित जाति के विरुद्ध हुए अपराधों की दर 3.8 रही, जबकि राजस्थान में यह दर 7.5, उड़ीसा में 4.2, मध्य प्रदेश में 4.3, बिहार में 4.0, आन्ध्र प्रदेश में 5.4 दर्ज की गयी है।

प्रवक्ता ने बताया कि राज्य सरकार अनुसूचित जाति/जनजाति के लोगों के खिलाफ होने वाली उत्पीड़न की घटनाओं पर प्रभावी अंकुश लगाने के लिए कठोर कदम उठाये है। इन वर्गो के उत्पीड़न से संबंधित अपराधों की विवेचना में उ0प्र0 पुलिस द्वारा 94.8 प्रतिशत विवेचनाओं का निस्तारण सुनिश्चित किया गया है जबकि सम्पूर्ण भारत के कुल 35 राज्यों/केन्द्र शासित प्रदेशों के विवेचना निस्तारण का प्रतिशत मात्र 74.1 रहा है तथा निस्तारित विवेचनाओं में उत्तर प्रदेश में आरोप पत्र का प्रतिशत 85.5 रहा है।

प्रवक्ता ने बताया कि राज्य सरकार द्वारा अनुसूचित जाति/जनजाति (अत्याचार निवारण) अधिनियम-1989 के वादों के मा0 न्यायालयों में प्रभावी पैरवी हेतु अभियोजन संवर्ग के अभियोजकों को विशेष लोक अभियोजक भी नियुक्त किया गया है। इसके साथ ही राज्य सरकार द्वारा अनुसूचित जाति/जनजाति का कोई भी विचाराधीन वाद वापस नही लिया गया, जबकि वर्ष 2009 में कर्नाटक में 3 एवं महाराष्ट्र में 5 वाद वापस लिये गये।
प्रवक्ता ने बताया कि अनुसूचित जाति/जनजाति के सदस्यों के विरुद्ध हुए अपराधों में उत्तर प्रदेश में दोषसिद्धि के प्रकरण में 3217 थे जबकि सम्पूर्ण भारत वर्ष में दोषसिद्धि के प्रकरण मात्र 5934 थे। इस प्रकार सम्पूर्ण भारत वर्ष में सजा किये गये प्रकरणों का 54.2 प्रतिशत उत्तर प्रदेश में हुआ है तथा सजा की दर 52.6 रही है जबकि सम्पूर्ण भारत वर्ष में दोषसिद्धि का औसत दर मात्र 29.6 रहा।

प्रवक्ता ने बताया कि राज्य सरकार द्वारा जुलाई, 2009 में शासनादेश निर्गत कर अनुसूचित जाति/जनजाति के उत्पीड़न के प्रकरणों में जनपद के वरिष्ठतम पुलिस अधिकारी द्वारा घटना स्थल का निरीक्षण तथा की गयी कार्यवाही का विवरण मुख्यालय प्रेषित करने, जघन्य अपराधों में मण्डलीय अधिकारियों द्वारा घटना स्थल का निरीक्षण एवं कृत कार्यवाही की सूचना मुख्यालय प्रेषित करने तथा पीड़ित को अनुमन्य राहत राशि प्रदान करने की व्यवस्था की गयी है। इसका प्रभावी क्रियान्वयन सुनिश्चित किया जा रहा है।

सुरेन्द्र अग्निहोत्री
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अधिकारी नियमित रूप से पेंशन अदालतों का आयोजन कर पेंशनधारकों की समस्याओं का समाधान करें

Posted on 10 April 2011 by admin

उत्तर प्रदेश के वित्त मंत्री श्री लाल जी वर्मा ने विभागीय अधिकारियों को वर्तमान वित्तीय वर्ष 2011-12 की वित्तीय स्वीकृतियां तत्काल जारी करने के निर्देश दिये हैं।

श्री वर्मा आज सचिवालय में आयोजित एक बैठक में वित्त विभाग के कार्यों की समीक्षा कर रहे थे। उन्होंने पेंशन मामलों के निस्तारण में तेजी लाने के निर्देश देते हुए कहा कि अधिकारी नियमित रूप से पेंशन अदालतों का आयोजन कर पेंशनधारकों की समस्याओं का समाधान करें। उन्होंने कोषागार विभाग के वरिष्ठ अधिकारियों को निर्देशित किया कि प्रथम पेंशन भुगतान हेतु समयबद्ध कार्यवाही सुनिश्चित की जाये तथा इसकी नियमित समीक्षा भी की जाये।

वित्त मंत्री ने प्राथमिकता पर आडिट आपत्तियों के निस्तारण किये जाने के निर्देश दिये हैं। उन्होंने राष्ट्रीय बचत कार्यक्रम की समीक्षा के दौरान अधिकारियों को राष्ट्रीय बचत के मासिक लक्ष्य तैयार करने तथा इन लक्ष्यों को एक सप्ताह में समस्त जनपदों के सम्बन्धित अधिकारियों को उपलब्ध कराने के निर्देश दिये। उन्होंने कहा कि राष्ट्रीय बचत कार्यक्रम का प्रत्येक स्तर पर सम्बन्धित प्रभारी अधिकारी द्वारा नियमित अनुश्रवण किया जाए। समीक्षा बैठक में प्रमुख सचिव वित्त सुश्री वृन्दा स्वरूप तथा श्री वी0एस0 भुल्लर, सचिव वित्त डाॅ0 बी0एम0 जोशी सहित विशेष सचिवगण तथा कोषागार, पेंशन, चिट फण्ड आदि विभागों के निदेशक उपस्थित थे।

सुरेन्द्र अग्निहोत्री
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अन्तर्राष्ट्रीय बाल फिल्म महोत्सव (आई.सी.एफ.एफ.-2011) का पाँचवा दिन

Posted on 10 April 2011 by admin

नैतिक मूल्यों व चारित्रिक गुणों का भरपूर प्रचार-प्रसार होना चाहिए — स्वामी प्रसाद मौर्य, पंचायती राज मंत्री, उ.प्र.

shyam-benegal1सिटी मोन्टेसरी स्कूल के तत्वावधान में चल रहे तृतीय अन्तर्राष्ट्रीय बाल फिल्म महोत्सव (आई.सी.एफ.एफ.-2011) के पाँचवे दिन का भव्य उद्घाटन सी.एम.एस. कानपुर रोड आॅडिटोरियम के सजे-धजे एवं अत्यन्त उल्लासपूर्ण माहौल में सम्पन्न हुआ। मुख्य अतिथि व प्रदेश के पंचायती राज मंत्री श्री स्वामी प्रसाद मौर्य ने दीप प्रज्वलित कर आई.सी.एफ.एफ.-2011 के पाँचवे दिन का विधिवत उद्घाटन किया। इस अवसर पर विशिष्ट अतिथि के रूप में प्रख्यात फिल्म निर्माता एवं पद्म भूषण, पद्मश्री व दादा साहब फाल्के पुरस्कार से सम्मानित श्री श्याम बेनेगल की उपस्थिति ने समारोह की भव्यता में चार-चाँद लगा दिये। इस लोकप्रिय हस्ती से मिलने, उनसे बातचीत करने व हाथ मिलाने के लिए छात्रों में होड़ लगी रही। हजारों की संख्या में उपस्थित छात्रों व युवाओं ने दिल खोलकर श्री श्याम बेनेगल का स्वागत किया और उन्होंने ने भी आत्मीयता का परिचय देते हुए सभी से मुलाकात की।  ज्ञातव्य हो कि सिटी मोन्टेसरी स्कूल के फिल्म्स डिवीजन के तत्वावधान में 5 से 11 अप्रैल तक सात दिवसीय ‘‘तृतीय अन्तर्राष्ट्रीय बाल फिल्म महोत्सव’’ चल रहा है जिसके अन्तर्गत 31 देशों की बेहतरीन शिक्षात्मक फिल्मों का  निःशुल्क प्रदर्शन किया जा रहा है।

इस अवसर पर अपने उद्बोधन में मुख्य अतिथि श्री स्वामी प्रसाद मौर्य, प्रदेश के पंचायती राज मंत्री, उ.प्र. ने इस भव्य समारोह की भूरि-भूरि प्रशंसा करते हुए कहा कि वर्तमान युग की माँग है कि नैतिक मूल्यों व चारित्रिक गुणों का भरपूर प्रचार-प्रसार किया जाए। श्री मौर्य ने कहा कि चरित्र निर्माण व जीवन मूल्य भी शिक्षा का ही अभिन्न अंग है और यही भावना इस फिल्म फेस्टिवल में देखने को मिल रही है। उन्होंने कहा कि आज बच्चे जितना ज्ञान किताबों से प्राप्त करते हैं, उससे अधिक वे इन्टरनेट, कम्प्यूटर, मल्टीमीडिया व फिल्मों द्वारा प्राप्त करते हैं। हर चीज किताबों से या घर पर नहीं सीखी जा सकती, किन्तु इस महोत्सव में बच्चों को विभिन्न देशों की जो शिक्षात्मक बाल फिल्में देखने को मिल रही है, इनमें जीवन के विविध आयाम समाये हुए हैं जो छात्रों को सही व गलत का चुनाव करने की योग्यता प्रदान करेंगे। उन्होंने कहा कि बच्चों के भविष्य बनाने के लिए सी.एम.एस. का यह ‘चिल्ड्रेन्स फिल्म फेस्टिवल’ एक अनूठा प्रयास है।

महोत्सव की खास बात यह रही कि बच्चों के साथ ही उनके अभिभावक और शिक्षक भी इस फिल्म फेस्टिवल से काफी प्रभावित दिखे। अभिभावकों का कहना था कि उनके बच्चे इस फिल्म फेस्टिवल से काफी प्रसन्न हैं और यहाँ काफी कुछ सीख रहे हैं। कुछ अभिभावकों का कहना था कि बच्चों के लिए शिक्षात्मक फिल्मों का आज अभाव है, ऐसे में यह फिल्म फेस्टिवल बहुत लाभदायक प्रयास है। उन्होंने प्रसन्नता व्यक्त की कि इन बाल फिल्मों को देखने के लिए जो उत्साह व उमंग छात्रों व युवाओं में दिख रही है, उसका निश्चित ही सकारात्मक प्रभाव पड़ेगा और यह आयोजन अपने उद्देश्य में सफल होगा। इस अन्तर्राष्ट्रीय महोत्सव में छात्रों, अभिभावकों, शिक्षकों के साथ ही गरीब, अनाथ व पिछड़े तबके के बच्चों की भारी भीड़ उमड़ रही है। समारोह के पांचवे दिन आज शिक्षात्मक फिल्मों की शुरुआत अभिषेक कुमार द्वारा निर्देशित फिल्म ‘आकर्षण’ से हुई। इसके अलावा ‘द हनी बी, फाल, लिटिल हीरोज, मोबाइल, द लास्ट थ्रेड, बनाना बैंडिट, हू इज देयर, द लास्ट सोल, डायरेक्ट बेनीफिट, एक यात्रा, गुड एण्ड स्मार्ट, मीठी नींद, इट वाजन्ट ए वोल्फ, माई फेरी, माई स्ट्रेन्थ, नाना गोपाला, झूठ, माँ मैं बड़ा हो गया हूँ, गाँधी थे महात्मा’ आदि भी बच्चों को खूब रास आई। विभिन्न देशों की अलग-अलग भाषाओं में बनी फिल्मों को अंग्रेजी व हिन्दी अनुवाद भी फिल्म के साथ-साथ ही चलता रहता है जिससे बच्चे आसानी से फिल्म के कथानक को समझ सकें।

महोत्सव के विशिष्ट अतिथि व प्रख्यात फिल्म निर्माता एवं एवं पद्म भूषण, पद्मश्री व दादा साहब फाल्के पुरस्कार से सम्मानित श्री श्याम बेनेगल ने आज अपरान्हः सत्र में सी.एम.एस. कानपुर रोड पर आयोजित एक प्रेस कान्फ्रेन्स में पत्रकारों से मुलाकात की और खुलकर अपने विचार व्यक्त किए। पत्रकारों से बातचीत करते हुए श्री श्याम बेनेगल ने कहा कि ये फिल्में तो वाकई बहुत अच्छी हैं और ज्ञान की बातें सिखाती हैं। ये फिल्में न केवल छात्रों व उनके माता-पिता, अभिभावकों व शिक्षकों के लिए भी हैं क्योंकि हम सबको इनसे कुछ न कुछ सीखने को मिलता है। समारोह की भूरि-भूरि प्रशंसा करते हुए श्री बेनेगल ने कहा कि मनोरंजन के माध्यम से छात्रों को जीवन मूल्यों का ज्ञान देने का यह तरीका अत्यन्त प्रशंसनीय है।

फिल्म फेस्टिवल के चेयरमैन व प्रख्यात शिक्षाविद डा. जगदीश गाँधी, संस्थापक, सी.एम.एस. ने कहा कि यह एक ऐतिहासिक अवसर है जो छात्रों को एवं खासकर युवा पीढ़ी को चरित्र निर्माण एवं सर्वांगीण विकास की प्रेरणा दे रहा है। उन्होंने प्रसन्नता व्यक्त की कि विश्व एकता व विश्व शान्ति को समर्पित इस अन्तर्राष्ट्रीय बाल फिल्मोत्सव की गरिमा बढ़ाने हेतु फिल्म जगत की कई जानी-मानी हस्तियों का आगमन हो रहा है। डा. गाँधी ने कहा कि मुझे पूरा विश्वास है कि यह अन्तर्राष्ट्रीय बाल फिल्मोत्सव बच्चों  के साथ ही साथ अभिभावकों व शिक्षकों में भी समाज के प्रति सकारात्मक दृष्टिकोण अपनाने में मदद करेंगी।

सी.एम.एस. के मुख्य जन-सम्पर्क अधिकारी श्री हरि ओम शर्मा ने कहा कि सी.एम.एस. सभी संभव माध्यमों से बच्चों के चारित्रिक व नैतिक उत्थान में संलग्न है एवं हमारा प्रयास छात्रों को सर्वांगीण शिक्षा उपलब्ध कराकर समाज का आदर्श नागरिक बनाना है। उन्होंने कहा कि इसी कड़ी में बच्चों के चरित्र निर्माण एवं जीवन मूल्यों की शिक्षा देने हेतु यह अन्तर्राष्ट्रीय महोत्सव आयोजित किया जा रहा है। श्री शर्मा ने कहा कि सेक्स व हिंसा से भरपूर फिल्में व अश्लील साहित्व व दिशाहीन टी.वी. सीरियलों से हर विचारशील व्यक्ति दुःखी है, जिनसे प्रेरित होकर हमारी युवा पीढ़ी मानसिक रूप से बीमार हो रही है। ऐसे में सी.एम.एस. ने गंदी फिल्मों को कोसने के स्थान पर अच्छी फिल्में निःशुल्क दिखाने का साहसिक बीड़ा उठाया है। श्री शर्मा ने बताया कि कल 10 अप्रैल को इस महोत्सव का छठा दिन है और खास बात है कि बाल फिल्म ‘टूनपुर का सुपर हीरो’ के कलाकार मास्टर अमय पाण्ड्या आई.सी.एफ.एफ.-2011 के छठे दिन का उद्घाटन अवसर पर कल 10 अप्रैल, रविवार को सी.एम.एस. कानपुर रोड आॅडिटोरियम में उपस्थित रहेंगे।

सुरेन्द्र अग्निहोत्री
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शिक्षक के सिर और सीने में गोली

Posted on 10 April 2011 by admin

हरपालपुर थाना क्षेत्र के सिरसा गाँव निवासी श्याम किशोर अग्निहोत्री गुरूवार की रात वह घर से सटे बरामदे में सो रहे थे। रात करीब ढाई बजे अज्ञात लोगों ने उन पर पर जानलेवा हमला कर दिया। हत्या के इरादे से सिर और सीने मे गोली मारी। 55 वर्षीय श्री अग्निहोत्री दुर्गा प्रसाद इण्टर कालेज खसौरा में शिक्षक पद पर तैनात हैं। पुलिस छानबीन कर रही है हमलावर मौके से तुरन्त फरार हो गये शिक्षक को लहूलुहान अवस्था में जिला अस्पताल में भर्ती कराया गया जहाँ उन्हें बाद मंे लखनऊ ट्रामा सेन्टर भेज दिया गया।

सुरेन्द्र अग्निहोत्री
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सपा ने हरदोई जनपद की आठ में से पाँच विधानसभा सीटों पर प्रत्याशी घोषित किये

Posted on 10 April 2011 by admin

मिली जानकारी के अनुसार सपा के राष्ट्रीय महासचिव व पूर्व मन्त्री डाॅ0अशोक वाजपेयी सवायजपुर से प्रत्यशी घोषित किया है नये परिसीमन से पिहानी सीट बदल जाने के कारण उन्हें सवायजपुर से प्रत्याशी बनाया गया है। गोपामऊ(सु0) से पूर्व विधायक श्याम प्रकाश हरदोई सदर से पूर्व नपाप अध्यक्ष सुखसागर मिश्र ‘मधुर’, साण्डी (सु0) से पूर्व विधायक शिवप्रसाद एवं शाहाबाद विधानसभा से पूर्व विधायक बाबूखाँ को प्रत्याशी बनाया गया है।

सुरेन्द्र अग्निहोत्री
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