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Archive | August 17th, 2017

अन्त्योदय के प्रणेता पं0 दीन दयाल उपाध्याय जी ने समाज के अन्तिम व्यक्ति के उत्थान के लिए जिन मूल्यों को 5 दशक पहले हमारे समक्ष रखा, राज्य सरकार उन्हीं पर आगे बढ़ रही है: मुख्यमंत्री

Posted on 17 August 2017 by admin

press-12अन्त्योदय ऐसी अवधारणा है जो अपनी शाश्वतता को सदैव बनाये रखेगी जन-धन योजना अन्त्योदय का बेमिसाल नमूना

प्रधानमंत्री जी के नेतृत्व में आज वातावरण को युगानुकूल
और लोगों के अनुकूल बनाने का काम चल रहा है

इतिहास से हमें अतीत के सुखद और
दुःखद दोनों पक्षों का पता लगता है

राजनीति पर लोकशाही का नियंत्रण होना चाहिए
और लोकनीति पर सभी को चलना चाहिए

अन्त्योदय के माध्यम से शासन की कार्यपद्धति
भ्रष्टाचारमुक्त और समाज सापेक्ष हो पाएगी

मुख्यमंत्री ने ‘केशव संवाद’ पत्रिका के
‘अन्त्योदय की ओर’ विशेषांक का विमोचन किया

उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ जी ने कहा कि अन्त्योदय के प्रणेता पं0 दीन दयाल उपाध्याय जी ने अपने चिन्तन में समाज के अन्तिम व्यक्ति के उत्थान के लिए जिन मूल्यों को 5 दशक पहले हमारे समक्ष रखा था, राज्य सरकार आज उन्हीं पर आगे बढ़ रही है। अन्त्योदय ऐसी अवधारणा है जो अपनी शाश्वतता को सदैव बनाये रखेगी। जिस समय पं0 उपाध्याय जी ने अपनी यह अवधारणा समाज के सामने प्रस्तुत की, उस समय देशवासियों के सामने विभिन्न विचारधाराएं प्रस्तुत कर भ्रम की स्थिति पैदा कर दी गयी थी।press-2
मुख्यमंत्री जी ने यह विचार आज यहां के0जी0एम0यू0 के कन्वेन्शन सेण्टर में आयोजित ‘केशव संवाद’ पत्रिका के ‘अन्त्योदय की ओर’ विशेषांक के विमोचन के अवसर पर व्यक्त किये। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी जी के नेतृत्व में केन्द्र सरकार द्वारा जो जन-धन योजना लागू की गयी है, वह अन्त्योदय का एक बेमिसाल नमूना है। जिस गरीब का पहले खाता नहीं खुल पाता था आज इस योजना के तहत 25 करोड़ ज़ीरो बैलेंस खाते खोले जा चुके हैं। इसका लाभ अब गरीबों को मिल रहा है। आज देश में लगभग 45 करोड़ खाते हैं, जिनमें से 25 करोड़ वर्तमान केन्द्र सरकार के कार्यकाल के दौरान खोले गये हैं।
योगी जी ने कहा कि पहले किसी दैवी आपदा से प्रभावित होने पर गरीबों को 800, 900 या 1000 रुपये के चेक सहायतास्वरूप दिये जाते थे और जब वह बैंक में खाता खुलवाने जाता था तो उससे 1000 रुपये से खाता खोलने की बात कही जाती थी। जन-धन योजना ने आज स्थिति पूरी तरह से बदल दी है। यह कार्य पहले भी किया जा सकता था, परन्तु पिछली सरकारों ने इस दिशा में कोई कार्य नहीं किया। इस योजना को लागू करने के लिए प्रधानमंत्री जी बधाई के पात्र हैं। उनके नेतृत्व में आज वातावरण को युगानुकूल और लोगों के अनुकूल बनाने का काम चल रहा है। जन-धन योजना का लाभ गरीबों को मिल रहा है।
मुख्यमंत्री जी ने कहा कि उत्तर प्रदेश में प्रधानमंत्री आवास योजना के तहत गरीबों के लिए मकान बनवाये जाने हैं। इस योजना के तहत उन्हें सब्सिडी उपलब्ध करायी जानी है। जन-धन योजना के तहत खोले गये खातों में यह सब्सिडी आज सीधे अन्तरित की जा रही है और लाभार्थी को पूरा लाभ मिल रहा है। पहले बिचैलिये इस सब्सिडी में से काफी बड़ा हिस्सा हड़प जाते थे। इस योजना ने भ्रष्टाचार पर लगाम लगा दी है।
इतिहास अध्ययन पर बोलते हुए योगी जी ने कहा कि सन् 1947 में देश आजाद हुआ, अब यह इतिहास है। उससे 200 साल पहले देश की क्या स्थिति थी यह भी जानना आवश्यक है। विदेशी आक्रान्ताओं ने किस तरह से देश को लूटा यह भी जानना जरूरी है। इतिहास से लोगों को अतीत के सुखद और दुःखद दोनों पक्षों का पता लगता है। सुखद पक्ष अच्छे होते हैं, जबकि दुःखद पक्षों से हम सबको सीख लेनी चाहिए।press1
मुख्यमंत्री जी ने कहा कि पं0 दीन दयाल उपाध्याय व डाॅ0 राम मनोहर लोहिया, दोनों ही महान विचारक थे। उनका मानना था कि राम और कृष्ण ने भारत को एक सूत्र से जोड़ा। मर्यादा पुरुषोत्तम राम और भगवान श्रीकृष्ण पर हमें गर्व होना चाहिए। इन्होंने उत्तर से दक्षिण तक और पूरब से पश्चिम तक पूरे भारत को जोड़ने का काम किया।
योगी जी ने कहा कि यह अत्यन्त चिन्ताजनक है कि लोग न्यायालय के निर्णय का पालन नहीं करना चाहते हैं। सुप्रीम कोर्ट और एन0जी0टी0 ने मानक तय करते हुए यह निर्देश दिये थे कि जो बूचड़खाने मानकों को पूरा न करते हों उन्हें तुरन्त बन्द कर दिया जाए, परन्तु पिछली सरकारों ने इस निर्णय को सख्ती से लागू करने में कोई दिलचस्पी नहीं दिखायी, जिसके चलते तमाम अवैध बूचड़खाने खुल गये। 19 मार्च, 2017 को वर्तमान सरकार का गठन होते ही 48 घण्टे में अवैध बूचड़खानों को बन्द करने के निर्देश दिये गये, ताकि सुप्रीम कोर्ट और एन0जी0टी0 के निर्देशों का पालन हो सके। यह निर्णय पूरे प्रदेश में सख्ती से लागू किये गये।
कांवड़ यात्रा के विषय में मुख्यमंत्री जी ने कहा कि इस वर्ष गाजियाबाद से हरिद्वार तक लगभग 4 करोड़ कांवड़ियों ने यात्रा की। राज्य सरकार ने कांवड़ यात्रा पर कोई प्रतिबन्ध नहीं लगाया और न ही कोई अप्रिय घटना घटित हुई। पं0 दीन दयाल उपाध्याय और लोकमान्य बाल गंगाधर तिलक जैसे महानुभावों का जिक्र करते हुए उन्होंने कहा कि इन दोनों का धर्म पर स्पष्ट मत था। लोकमान्य तिलक ने कहा था कि भारत विपरीत परिस्थितियों में भी इसलिए टिका है क्योंकि इसका आधार धर्म है और वह अत्यन्त मजबूत है। उन्हीं की पहल पर पूरे देश में आज गणेश महोत्सव मनाया जाता है। धर्म के अनुपालन में कानून का ध्यान अवश्य रखना चाहिए। इस वर्ष पुलिस विभाग द्वारा जन्माष्टमी मनाये जाने का उल्लेख करते हुए उन्होंने कहा कि यह उत्सव पूरी शालीनता के साथ मनाया गया।
योगी जी ने कहा कि उत्तर प्रदेश में सरकार बनते ही 86 लाख सीमान्त और लघु किसानों के फसली ऋण माफ किये गये। इसका बोझ जनता के ऊपर नहीं डाला गया, बल्कि भ्रष्टाचार को रोककर और मितव्ययिता के जरिए इस पैसे का इन्तजाम किया गया। राज्य सरकार प्रधानमंत्री शहरी आवास योजना के तहत 2 लाख लोगों के लिए आवासों का प्रबन्ध करने जा रही है।
प्रधानमंत्री उज्ज्वला योजना तथा दीन दयाल उपाध्याय ग्राम ज्योति योजना का जिक्र करते हुए मुख्यमंत्री जी ने कहा कि आज गरीबों के घर में महिलाएं गैस के चूल्हे पर खाना बना रही हैं और घर बिजली से रौशन हो रहे हैं। उन्होंने कहा कि यही अच्छे दिन हैं। पिछली सरकारें बड़े-बड़े नारे लगाती थीं, परन्तु उन्होंने गरीबों को बिजली का कनेक्शन देने के लिए कुछ नहीं किया, जबकि वर्तमान सरकार ने अपने छोटे से कार्यकाल में 7 लाख लोगों को मुफ्त बिजली कनेक्शन देने का काम किया है। उन्होंने कहा कि अन्त्योदय का यही मतलब है। इसका तात्पर्य गांव के लोगों के उत्थान के विषय में सोचने से है और फिर इसका समाधान करने से है।
नई उद्योग नीति के विषय में योगी जी ने कहा कि राज्य सरकार ने प्रदेश की ओर निवेश को आकर्षित करने और नौजवानों के लिए रोजगार के अवसर सृजित करने के उद्देश्य से यह नीति बनायी है। उन्होंने कहा कि अब प्रदेश के नौजवान को रोजगार के लिए प्रदेश से बाहर नहीं जाना पड़ेगा।
मुख्यमंत्री जी ने कहा कि अन्त्योदय के माध्यम से शासन की कार्यपद्धति भ्रष्टाचारमुक्त और समाज सापेक्ष हो पाएगी। हर हाल में गरीब के उत्थान पर ध्यान केन्द्रित करना होगा। वर्ष 2014 के बाद से देश में समाज सापेक्ष योजनाएं बनना शुरू हुई हैं। जनप्रतिनिधि को जनता के प्रति जवाबदेह होना चाहिए। आज नीति निर्माण में जनता की भी भागीदारी सुनिश्चित की जा रही है। केन्द्र सरकार अपनी नीतियों को लागू करने से पहले उसे पब्लिक डोमेन और पोर्टल पर डालती है और जनता के सुझाव लेती है। प्रदेश में भी यही पद्धति अपनायी गयी है। अब इसके अच्छे परिणाम मिल रहे हैं।
योगी जी ने कहा कि आजादी से पहले उत्तर प्रदेश का जी0डी0पी0 अधिक था, परन्तु आज उत्तर प्रदेश पिछड़ गया है। इसके लिए पिछली सरकारें जिम्मेदार हैं। पं0 दीन दयाल उपाध्याय का अन्त्योदय गरीबों के उत्थान और समाज में समरसता लाने के लिए आज भी प्रासंगिक है। हमें उनका अनुसरण करना चाहिए।
इससे पूर्व, मुख्यमंत्री जी ने कार्यक्रम का शुभारम्भ दीप प्रज्ज्वलित कर किया। आयोजकों की तरफ से मुख्यमंत्री जी को अंगवस्त्र और स्मृति चिन्ह भेंट किया गया। मुख्यमंत्री जी ने ‘केशव संवाद’ पत्रिका के विशेषांक का विमोचन भी किया।

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राजनाथ सिंह जी का हुआ भव्य स्वागत

Posted on 17 August 2017 by admin

b111लखनऊ के सांसद एवं गृहमंत्री राजनाथ सिंह चार दिवसीय दौरे पर आज लखनऊ पहुंचे। एयरपोर्ट पर उपमुख्यमंत्री डा. दिनेश शर्मा, पूर्व प्रदेश अध्यक्ष/मंत्री सूर्य प्रताप शाही, मंत्री गोपाल टण्डन, बृजेश पाठक, स्वाती सिंह, बलदेव सिंह औलक और विधायक सुरेश श्रीवास्तव, डा. नीरज बोरा, अविनाश त्रिवेदी, महानगर अध्यक्ष मुकेश शर्मा एवं पूर्व नगर अध्यक्ष मनोहर सिंह, पूर्व विधायक सुरेश तिवारी ने आगवानी की। उसके बाद बाहर महानगर कार्यकर्ताओं एंव पार्षदों ने राजनाथ सिंह जिन्दाबाद, भारतीय जनता पार्टी जिन्दाबाद के नारे लगाते हुये राजनाथ सिंह का पुष्प वर्षा कर स्वागत किया। राजनाथ सिंह गाड़ी से उतर कर बड़ी संख्या में लाइन में खड़े कार्यकर्ताओं से बारी-बारी जाकर भेंट की और उनका अभिनन्दन स्वीकार किया। गृहमंत्री जैसे ही गाड़ी से उतरकर लाइन में खड़े कार्यकर्ताओं से मिलना प्रारम्भ किया कार्यकर्ताओं मंे जोश भर गया और बहुत खुश नजर आये। इस अवसर पर भाजपा महानगर महामंत्री त्रिलोक अधिकारी, पुष्कर शुक्ला, पार्षद दल के नेता रमेश कपूर बाबा, युवा मोर्चा अध्यक्ष टिंकू सोनकर, शैलेन्द्र शर्मा, संतोष राय, नगर मंत्री जया शुक्ला, नीलमबाला प्रजापति, सीमा स्वर्णकार, पार्षद भृगुनाथ शुक्ला, हरशरण लाल गुप्ता, रवि कुमार, सौरभ सिंह, अनूप सिंह, विनायक पाण्डेय, अनूप मिश्रा, कैलाश गुप्ता, डा. यूएन पाण्डेय, प्रमोद सिंह राजन, मिन्टू उपाध्याय सहित सैकड़ांे की संख्या में कार्यकर्ता उपस्थित रहे।

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भारतीय संगम पार्टी की राष्टीय अध्यक्ष, सुधा पटेल ने दिया धरना

Posted on 17 August 2017 by admin

भारतीय संगम पार्टी की राष्ट्रीय अध्यक्ष सुधा पटेल ने उत्तर प्रदेश आंगनवाडी कार्यकत्री सहायिका संघ की प्रदेश अध्यक्ष किरण वर्मा के सहयोग में आंगनबाड़ी कार्यकत्री बहनों को संबोधित किया और आंगनबाड़ी कार्यकर्त्री बहनों की मांग है कि आंगनवाड़ी सहायिका आदि का मानदेय रुपया 35000ए 25000ए 20000 बढ़ाने, राज्य कर्मचारी घोषित किए जाने तथा सहायिका को 10000 मिनी आंगनबाड़ी कार्यकत्री को 15000 किए जाने तथा म्च्थ् और नई पेंशन योजना में जीआईएस की कटौती आदि समस्त मांग को पूरा कराने का संकल्प लेते हुए कदम से कदम मिलाकर उनका साथ देने का वादा किया।

सुधा पटेल नेहा भी बताया कि आंगनबाड़ी कार्यकत्री सदैव धूप, बरसात, ठंड, कोहरे तथा पारिवारिक जिम्मेदारियों को भी भली भांति निभाते हुए इन विषम और प्रतिकूल परिस्थितियों में भी प्रदेश सरकार द्वारा दी गई जिम्मेदारियों का भली भाति निर्वाहन करती हैं वर्तमान में आगनवाड़ी कार्यकत्री को माननीय बहुत ही कम मिलता है जिससे एक परिवार का भरण-पोषण सही तरीके से नहीं हो पाता है। भारतीय संगम पार्टी यह मांग करती है कि आगनवाड़ी कार्यकर्ती की उपरोक्त सभी मांगे उचित और जायज है, उनकी सभी मांगे पूरी की जानी चाहिए ।

भारतीय संगम पार्टी की राष्ट्रीय अध्यक्ष, सुधा पटेल ने आंगनबाड़ी कार्यकर्त्री सहायिका संघ की मांगो को पूरा कराने के लिए दिनांक 17 अगस्त, 2017 को लक्ष्मण मेला मैदान धरना स्थल, निशातगंज लखनऊ में धरने पर बैठी।

( सुधा पटेल )
राष्ट्रीय अध्यक्ष,
भारतीय संगम पार्टी

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गोरखपुर में 60 से ज्यादा मासूमों की हत्यारी राज्य सरकार में बली का बकरा बने डाॅ0 कफील अहमद खां -पी0सी0 कुरील

Posted on 17 August 2017 by admin

जब पूरा भारत स्वतंत्रता दिवस मनाने की तैयारी कर रहा था तभी गोरखपुर के बीआरडी मेडिकल कालेज में मासूम बच्चों पर राज्य सरकार की लापरवाही से मौत का साया मण्डरा रहा था अचानक आक्सीजन की कमी के कारण दर्जनों मासूमों की जान चली गई इस घटना को लेकर सामाजिक कार्यकर्ता संगठन के साथ कई सामाजिक व राजनैतिक संगठनों ने मिलकर इण्डियन नेशनल लीग के कार्यकारी अध्यक्ष पीसी कुरील के नेतृत्व में तकरोही चैराहे इन्दिरानगर में समय 02ः00 बजे स्वास्थ्य मंत्री के साथ मुख्यमंत्री का पुतला दहन किया, जिनमें सामाजिक कार्यकर्ता संगठन के संयोजक मुहम्मद आफ़ाक, जनहित संघर्ष मोर्चा के हाजी मुहम्मद फहीम सिद्दीकी, शराबबंदी संघर्ष समिति के अध्यक्ष मुर्तुजा अली, समाजसेवी मुशीर खान, जन एकता पार्टी के अध्यक्ष डाॅ0 डी0के0 यादव, मुस्लिम फोरम के अध्यक्ष डाॅ0 आफताब, मुस्लिम समाज परिषद के अध्यक्ष मो0 शुऐब, डाॅ0 आर0बी0 लाल आदि ने रोष व्यक्त किया और डाॅ0 कफील अहमद खां को उनके पद से हटाने पर सवाल खड़े करते हुए कहा कि निकम्मी राज्य सरकार ने तो आक्सीजन का बकाया पैसा करीब 69 लाख रू0 था वह अदा नही किया जिसके कारण कम्पनी ने आक्सीजन सप्लाई रोक दी, जब 10 अगस्त, 2017 को अस्पताल में अफराह तफरी का माहौल था तब एक ही डाॅ0 फरिश्ता बनकर मरीजों की सेवा में लगा था, मरीजों की जान बचाने की कोशिश कर रहा था और वो था एक मुल्ला डाॅ0 कफील खां, जिसने रात भर अपने मित्रों के अस्पताल से आक्सीजन अपनी गाड़ी में रखकर लाए और जान बचाने का प्रयास किया जिसकी पुष्टि वहां उपस्थित मरीजों के परिजनों ने किया जबकि मीडिया वहां पर थी उसने खुद देखकर डाॅ0 कफील की प्रशंसा किया चैनलों पर यह खबर चलाई गई और अख्बारों में भी खबर आई यही चीज़ मनुवादी सरकार को अच्छी नहीं लगी और उसने डाॅ0 कफील पर कार्यवाही कर दी, हाजी मुहम्मद फहीम सिद्दीकी व मुर्तुजा अली ने कहा कि योगी सरकार से यह पूछना चाहते हैं कि जब डाॅ0 कफील विभागाध्यक्ष नही हैं डाॅ0 महिमा मित्तल विभागाध्यक्ष बाल रोग हैं, डाॅ0 कफील वायस प्रिंसिपल भी नही हैं वो तो बाल रोग विभाग में लेक्चर्रर हैं पुष्पा सेल ने सारे लेटर विभागाध्यक्ष प्रिंसिपल बीआरडी व डीजीएमई को भेजे न कि नोडल आफिसर डाॅ0 कफील को, आक्सीजन सप्लाई की सारी जिम्मेदारी डाॅ0 सतीष कुमार की थी क्योंकि वो एनेस्थीसिया डिपार्टमेण्ट के हेड हैं, मेंटीनेंस डिपार्ट वही देखते हैं। डाॅ0 कफील खां अभी नोडल आफिसर एनएमएच थे, जिसका काम स्टाफ की सैलरी, हाजिरी और प्रस्ताव को भेजना है। वह किसी ऐसी कमेटी में भी नही थे जहां उनके द्वारा खरीद फरोख्त हुई हों इसलिए कमीशन या वारमर लेने की बात सरासर झूठ व इल्जाम है केवल विकृत मानसिकता वाली सरकार डाॅ0 कफील के अच्छे कार्य को बर्दाश्त नही कर पाई कि एक मुस्लिम क्यों हीरों बन गया, ठीक उसी प्रकार अमरनाथ यात्रा के दौरान आतंकी हमले पर बस के ड्राईवर सलीम शेख पर इल्जाम की बौछार कर दी गई थी कि वो कैसे बच गया। संघी मानसिकता के लोग यह नही सोचते कि अगर सलीम भी मर जाता तो वो बस लेकर कैसे भागता साथ में बाकी 57 यात्री भी सलीम के साथ मारे जाते। सलीम ने 57 यात्रियों की जान बचाई यह ठीक नही वह खुद कैसे बचा इसके ऊपर उंगलियां उठने लगी, मुख्यमंत्री कह रहे हैं कि गन्दगी की वजह से अस्पताल में हुई। तीन साल से स्वच्छ अभियान चल रहा है क्या स्वच्छता का ठेका पाकिस्तान को दिया गया था, स्वास्थ्य मंत्री आकड़े बता रहे हैं कि अगस्त, 2016 में कितनी मौते हुई, 2015 अगस्त में कितने बच्चे मरे थे यह मंत्री और डाॅ0 अपनी जिम्मेदारियों पर पर्दा डाल रहे हैं और फरिश्ता डाॅ0 कफील खां की बली चढ़ा दी। हम सब नेता मांग करते हैं कि अपनी गलती और लापरवाही को कबूल करते हुए मुख्यमंत्री और स्वास्थ्य मंत्री तुरन्त इस्तीफा दें।
पुतला दहन में मुहम्मद सालिम, नरेन्द्र यादव, गौतम, शिव कुमार, अहमद आदि ने प्रदेश मुर्दाबाद डाॅ0 कफील को वापस लो, स्वास्थ्य मंत्री, मुख्यमंत्री गद्दी छोड़ों के नारे लगाए।

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बी.एस.पी. द्वारा जारी प्रेस विज्ञप्ति-

Posted on 17 August 2017 by admin

बी.एस.पी. द्वारा जारी प्रेस विज्ञप्ति-दिनांक 17.08.2017

(1)     श्री नरेन्द्र मोदी सरकार द्वारा कल घोषित ’नयी मेट्रो रेल नीति’ जनविरोधी। मेट्रो निर्माण में केन्द्र का सहयोग रोकने व निजी क्षेत्र की भागीदारी से ही मेट्रो निर्माण करने की नई नीति से शहरों की परिवहन व्यवस्था अब बुरी तरह प्रभावित होगी।
(2)     इससे उत्तर प्रदेश में कानपुर, वाराणसी, इलाहाबाद आदि बड़े शहरों में मेट्रो रेल की स्थापना व लखनऊ मेट्रो के सम्पूर्ण विस्तार पर संकट के बादल छायेे।
(3) साथ ही, उत्तर प्रदेश में पीड़ित किसानों की पूर्ण कर्जमाफी नहीं करके बल्कि सरकार बनने के इतने लम्बेे समय के बाद भी केवल एक लाख की फसल ऋणमाफी की शुरूआत जबर्दस्त चुनावी वादाखिलाफी व बीजेपी का ’’हर कदम किसानों के साथ विश्वासघात’’ को प्रमाणित करता हैः बी.एस.पी. की राष्ट्रीय अध्यक्ष, पूर्व सांसद व पूर्व मुख्यमंत्री, उत्तर प्रदेश सुश्री मायावती जी ।

लखनऊ, 17 अगस्त 2017: बी.एस.पी. की राष्ट्रीय अध्यक्ष, पूर्व सांसद व पूर्व मुख्यमंत्री, उत्तर प्रदेश सुश्री मायावती जी ने प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी सरकार द्वारा कल शाम घोषित ’नयी मेट्रो रेल नीति’ को जनविरोधी बताकर इसकी तीखी आलोचना करते हुये कहा कि इससे उत्तर प्रदेश में ख़ासकर कानपुर, वाराणसी, इलाहाबाद आदि में मेट्रो रेल की स्थापना मुश्किल ही नहीं बल्कि असंभव हो गयी है। साथ ही, लखनऊ मेट्रो के सम्पूर्ण विस्तार पर भी संकट के बादल छा गये हैं।

वास्तव में देश में बदतर जन परिवहन व्यवस्था में सुधार लाने की कोशिश के तहत ही मेट्रो रेल परियोजना दिल्ली में सन् 2002 से शुरू की गयी थी, जिसमें केन्द्र सरकार आर्थिक सहयोग करती थी। परन्तु मोदी सरकार ने जनहित के इस काम से मुँह मोड़कर अपने आपको इससे अलग करने का फैसला किया है।

मोदी सरकार की नई मेट्रो नीति इस क्षेत्र में भी सरकारी जिम्मेदारी से हाथ खींचकर जो नई नीति तैयार की है उसमें बडे़-बडे़ पूंजीपतियों व धन्नासेठों की भागीदारी को लाजिमी बना दिया गया है। इससे मेट्रो के विस्तार रूक जाने की आशंका है क्योंकि निजी क्षेत्र की कम्पनियाँ कम आमदनी वाली परियोजनाओं में निवेश नहीं करती हैं। इस प्रकार केन्द्र में बीजेपी सरकार हर जनोपयोगी योजना व परियोजना से हाथ खींचने के कारण देश में चलने वाली जनहित एवं जनकल्याण की विभिन्न योजनाओं की तरह मेट्रो का विस्तार भी आगे संकट में पड़ गया है।

सुश्री मायावती जी ने कहा कि मोदी सरकार का इस प्रकार का जनविरोधी रवैया अति-निन्दनीय है। इससे राज्यों का विकास खासकर शहरी परिवहन विकास बुरी तरह से प्रभावित होगा। केन्द्र सरकार धीरे-धीरे करके ’’कल्याणकारी सरकार’’ होने की तमाम जिम्मेदारियों से भागती चली जा रही है।

बीजेपी सरकार एक तरफ गाँवों में रोजगार के अवसर पैदा करने वाली ’मनरेगा योजना’ व शिक्षा के अधिकार के तहत केन्द्रीय अंशदान देने आदि के जनहित के कार्यों में जबर्दस्त कटौती करती जा रही है तो दूसरी तरफ हर मामले में केन्द्रीय उपकर आदि लगाकर राज्यों को कंगाल बनाने का काम करती जा रही है ताकि हर योजना में प्रधानमंत्री का नाम जुड़ा हो तथा हर तरफ विज्ञापनों में केवल उनकी ही वाहवाही होती रहे।

इसके अलावा सुश्री मायावती जी ने किसानों की कर्जमाफी व सभी लघु एवं सीमान्त किसानों का फसली ऋण माफ नहीं करके बल्कि सरकार बनने के इतने लम्बेे समय के बाद केवल एक लाख तक की ही फसल ़ऋण माफी की शुरूआत करने को ’’हर कदम किसानों के साथ विश्वासघात’’ की संज्ञा देते हुये कहा कि वास्तव में यह बीजेपी के शीर्ष नेताओं की चुनावी घोषणाओं व उस समय जारी ’लोक कल्याण संकल्प पत्र’ दोनों का ही उपहास है। यह वायदों से मुकरना है तथा अपराध-नियंत्रण व कानून-व्यवस्था एवं स्वास्थ्य आदि के जनहित के मामलों के साथ-साथ बीजेपी सरकार की एक और जबर्दस्त चुनावी वादाखिलाफी है।

जारीकर्ता:
बी.एस.पी. उ.प्र. राज्य कार्यालय
12, माल एवेन्यू, लखनऊ

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