Archive | May, 2013

प्रदेश में मनरेगा सहित अन्य योजनाओं का बुरा हाल।

Posted on 08 May 2013 by admin

edited-shri_vijay_bhadur_pathak_207 मई 2013 भारतीय जनता पार्टी ने कहा कि केन्द्र-राज्य के रिश्तों के कारण उ0प्र0 को विकास का पहिया थम गया है। प्रदेश प्रवक्ता विजय बहादुर पाठक ने कहा कि अपने समर्थन की बैशाखी पर भ्रष्ट यूपीए सरकार को चला रही राज्य की सत्तारूढ़ समाजवादी पार्टी आखिर उ0प्र0 के विकास के लिए केन्द्रांश क्यों नही ले पा रही है। प्रदेश में मनरेगा सहित अन्य योजनाओं का बुरा हाल है।

पार्टी के राज्य मुख्यालय पर संवाददाताओं से चर्चा में प्रदेश प्रवक्ता विजय बहादुर पाठक ने कहा कि केन्द्र की बहुप्रचारित मनरेगा का हाल उ0प्र0 में बदतर है। ज्यादातर जनपदों में मनरेगा के तहत काम नही हो रहा है। जहां काम हुए वहां भ्रष्टाचार की शिकायतों के कारण जांच चल रही है। लगभगद दो दर्जन जिलों में मनरेगा के तहत हुए कामों की जांच चल रही है। मनरेगा में हुए गड़बडियों को लेकर आधिकारी निलंम्बित हुए बहाल भी हो गये पर योजना सुचारू रूप से गति नही पकड़ सकी। पिछले वर्ष इस योजना के 8,764 करोड़ रूपये में से 40 प्रतिशत से अधिक की धनराशी नही खर्च हो पायी। अब उ0प्र0 में लालफिताशाही का शिकार मनरेगा योजना ठप सी पड़ गयी है। प्रत्येक ग्राम सभा में आर्दश तालाब बनाने की योजना बनी पर उसमें पानी कहा से आयेगा इसका योजना में उल्लेख ही नही। नतीजा भ्रष्टाचार का पर्याय बनी इस योजना से तलाब तो खुदे पर, पानी नदारद रहा। कई-कई जनपदों में तो इस योजना के तहत आवंटित धनराशी का दुरूपयोग करते हुए जिम्मेदार अधिकारियों ने अपनी विलासिता और सुख सुविधा के समानों पर भारी रकम खर्ज कर दी।

उन्होंने कहा कि राज्य सरकार के ढुल-मुल रवैये और भ्रष्टाचार के कारण मनरेगा के तहत हुए खर्चे का उपयोगिता प्रमाण पत्र जनपदों से आ नही आ पाने के कारण केन्द्र ने नई धनराशि जारी करने में असर्मथता व्यक्त कर रहा है। केन्द्र व प्रदेश सरकार की लापरवाही का खामियाजा गरीब बेरोजगार क्यों भुगते? खर्च धनराशि का उपयोगिता प्रमाण पत्र भेजना और नई धनराशि जारी करना सरकारी तंत्र का काम है लेकिन सरकारी तंत्र के बीच समंजस्य की कमी के कारण उत्तर प्रदेश के गरीब मजदूरों को अन्य राज्यों की तरह योजना का लाभ नही मिल पा रहा है। सरकारी तंत्र के कागजी खेल में फसे आम आदमी का क्या दोष?

श्री पाठक ने कहा कि केन्द्र पोषित अन्य योजनाओं का भी उत्तर प्रदेश में बुरा हाल है। बुन्देलखण्ड के विकास के नाम पर हजारों करोड़ रूपये के पैकेज की घोषणा होती है लेकिन आज भी बुन्देलखण्ड में किसान आत्महत्या को मजबूर है। पीने के पानी का संकट बलवती होता जा रहा है। नदियां अवैध खनन के कारण सूख रही है। बुन्देलखण्ड के विकास के लिए खर्च होने वाली राशि की बन्दरबाट जारी है। बुन्देलखण्ड से केन्द्रीय मंत्री केन्द्र के पैसे का ठीक से खर्च न करने का आरोप लगाते है और बुन्देलखण्ड में विकास प्रभावित होने की तोहमत राज्य सरकार पर मढ़ते है। वहीं राज्य सरकार केन्द्र की योजनाओं का पैसा न मिलने की बात करती है। दोनों सरकारों के आरोप प्रत्यारोप के बीच पीस तो आम जन जा रहा है।

श्री पाठक ने सपा सुप्रीमों से सवाल किया कि जब केन्द्र मंे उनके समर्थन से चल रही यूपीए सरकार अन्य राज्यों में विकास की गति को तेज करने के लिए पैकेज दे सकती, अतिरिक्त धनराशी जारी कर रही है तो फिर उत्तर प्रदेश के विकास के लिए केन्द्र धनराशि क्यों नही जारी कर रहा है? क्या समाजवादी पार्टी और उसके नेता केन्द्र की यूपीए सरकार के सर्मथन की एवज में केवल सीबीआई से खुद को बचाने में ही लगे रहेंगे या प्रदेश के समग्र विकास पर भी ध्यान देंगे?

सुरेन्द्र अग्निहोत्री

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प्रदेश के आलू किसानों को उनके उत्पाद का उचित मूल्य दिलाने के लिए आलू की खेती के समग्र विकास हेतु उत्तर प्रदेश आलू विकास नीति-2013 बनाई जाए: मुख्य सचिव प्रदेश में बीज एवं खाने के आलू का समुचित भण्डारण सुनिश्चित कराते हुए प्रदेश के बाहर आलू के विपणन एवं निर्यात हेतु बाजार विकास को प्रोत्साहित कराया जाएगाः जावेद उस्मानी आलू उत्पादन की नवीन तकनीकों के प्रदर्शन के माध्यम से हस्तांतरण हेतु आलू उत्पादन बाहुल्य क्षेत्र में सेन्टर आॅफ एक्सिलेंस फाॅर पोटैटो की स्थापना कराई जाएगी: मुख्य सचिव प्रदेश में आलू आधारित प्रसंस्करण उद्योगों की स्थापना को प्रोत्साहित करने हेतु आलू उत्पादक बाहुल्य क्षेत्र में आलू की प्रसंस्करण योग्य बीज उत्पादन को प्रोत्साहित करने के लिए किसानों को राज्य सेक्टर से लागत का 20 प्रतिशत अधिकतम 10 हजार रुपये प्रति हेक्टेयर अतिरिक्त अनुदान सुलभ कराया जाएगा: जावेद उस्मानी

Posted on 08 May 2013 by admin

06 मई, 2013

उत्तर प्रदेश के मुख्य सचिव श्री जावेद उस्मानी ने कहा कि प्रदेश के आलू किसानों को उनके उत्पाद का उचित मूल्य दिलाने के लिए आलू की खेती के समग्र विकास हेतु नीति निर्धारित करते हुए उत्तर प्रदेश आलू विकास नीति-2013 बनाई जाएगी। उन्होंने कहा कि इस नीति के अन्तर्गत आलू की खेती के लिए गुणवत्तायुक्त बीज उत्पादन कराना एवं प्रोत्साहित कराना तथा आधुनिक तकनीकों को बढ़ावा दिया जाएगा। उन्होंने कहा कि प्रदेश में बीज एवं खाने के आलू का समुचित भण्डारण सुनिश्चित कराते हुए प्रदेश के बाहर आलू के विपणन एवं निर्यात हेतु बाजार विकास को प्रोत्साहित कराया जाएगा। उन्होंने कहा कि आलू आधारित प्रसंस्करण उद्योग की स्थापना को प्रोत्साहित कराने के साथ-साथ उत्पादन की वैज्ञानिक विधियों को किसानों तक पहंुचाने के लिए तकनीकी हस्तांतरण एवं दक्षता विकास कराया जाएगा। उन्होंने कहा कि आलू उत्पादन की नवीन तकनीकों के प्रदर्शन के माध्यम से हस्तांतरण हेतु आलू उत्पादन बाहुल्य क्षेत्र में सेन्टर आॅफ एक्सिलेंस फाॅर पोटैटो की स्थापना कराई जाएगी। उन्होंने कहा कि प्रदेश में आलू आधारित प्रसंस्करण उद्योगों की स्थापना को प्रोत्साहित करने हेतु आलू उत्पादक बाहुल्य क्षेत्र में आलू की प्रसंस्करण योग्य बीज उत्पादन को प्रोत्साहित करने के लिए किसानों को राज्य सेक्टर से लागत का 20 प्रतिशत अधिकतम 10 हजार रुपये प्रति हेक्टेयर अतिरिक्त अनुदान सुलभ कराया जाएगा। उन्होंने कहा कि राष्ट्रीय बागवानी मिशन तथा राष्ट्रीय कृषि विकास योजना के अन्तर्गत निजी क्षेत्र में प्रमाणित बीज उत्पादन हेतु इकाई लागत का 50 प्रतिशत अथवा 25 हजार रुपये प्रति हेक्टेयर जो कम हो, अनुदान स्वीकृत कराया जाएगा। नवीनतम तकनीकी के बहुउद्देशीय एवं बहुकक्षीय शीतगृहों की स्थापना के लिए भारत सरकार की योजना के अन्तर्गत 40 प्रतिशत अधिकतम 120 लाख रुपये का अनुदान सुलभ कराया जाएगा।

मुख्य सचिव आज शास्त्री भवन स्थित अपने कार्यालय कक्ष के सभागार में उ0प्र0आलू विकास नीति-2013 बनाने के सम्बन्ध में आयोजित बैठक की अध्यक्षता कर आवश्यक निर्देश दे रहे थे। उन्होंने कहा कि प्रदेश में आगामी वर्षों में आलू के अन्तर्गत क्षेत्रफल एवं उत्पादन में वृद्धि की प्रवृत्ति को दृष्टिगत रखते हुए स्थानीय आवश्यकता के आधार पर नवीनतम तकनीक के बहुउद्देशीय एवं बहुकक्षीय शीत गृहों की स्थापना को प्रोत्साहित कराया जाए। उन्होंने कहा कि प्रदेश एवं देश के बाहर आलू विपणन एवं निर्यात हेतु ढांचागत सुविधाओं के विकास, कृषकों एवं निर्यातकों को प्रशिक्षण, परिवहन भाड़े पर अनुदान की सुविधा उपलब्ध कराकर प्रोत्साहित कराया जाएगा। उन्होंने कहा कि उत्पादन की वैज्ञानिक विधियों को किसानांे तक पहुंचाने के लिए एकीकृत एवं सामयिक प्रशिक्षण कार्यक्रमों के आयोजन भी कराए जाएंगे। उन्होंने कहा कि आलू खुदाई के उपरांत उ0प्र0बीज प्रमाणीकरण संस्था के तकनीकी मार्गदर्शन में ग्रेडिंग, पैकिंग तथा टैगिंग कराकर बीज को राजकीय शीतगृहों में भण्डारित कराया जाएगा, जिसे अग्रेतर चयनित किसान समूहों एवं प्रगतिशील किसानों को बीज उत्पादन हेतु उपलब्ध कराया जा सके। उन्होंने कहा कि आलू बीज उत्पादक किसान समूहों एवं प्रगतिशील किसानों को उपलब्ध कराए गए आलू के आधारित प्रथम बीज के बाद अग्रिम श्रेणियांे - आधारित द्वितीय, प्रमाणित प्रथम एवं द्वितीय श्रेणी के बीजों के सम्बर्द्धन हेतु बीज उत्पादन कार्यक्रम का राज्य बीज प्रमाणीकरण संस्था से प्रमाणित कराये जाने की व्यवस्था की जाएगी।

श्री उस्मानी ने कहा कि आलू बाहूल्य उत्पादक क्षेत्रों में आलू की प्रसंस्करण इकाईयों की स्थापना को प्रोत्साहित किए जाने हेतु आलू की प्रसंस्करण योग्य प्रजातियों के बीज उत्पादन को प्राथमिकता दी जाएगी। उन्होंने कहा कि आलू बाहुल्य उत्पादक क्षेत्रों में आलू की प्रसंस्करण इकाईयों की स्थापना को प्रोत्साहित किए जाने हेतु आलू की प्रसंस्करण योग्य प्रजातियों के बीज उत्पादन को प्राथमिकता दी जाएगी। उन्होंने कहा कि आलू बीज उत्पादन में श्रम लागत को कम करने तथा आटोमेशन को बढ़ावा देने तथा प्रति हेक्टेयर क्षेत्रफल से गुणवत्तायुक्त अधिक उत्पादन करने हेतु मशीनीकरण तथा सिंचाई की स्प्रिंकलर पद्धति को प्रोत्साहित कराया जाएगा। उन्होंने कहा कि आलू बीज उत्पादन हेतु इच्छुक किसानांे से आवेदन आमंत्रित कराए जाएंगे तथा क्षमता सिंचाई सुविधा आदि के आधार पर चयनित किसानों का आलू बीज उत्पादन हेतु पंजीयन कराया जाएगा। समूह के किसानों को आलू बीज रोटेशन के आधार पर प्राप्त होगा, जिससे अन्य किसानों को भी आगामी वर्षों में गुणवत्तापूर्ण आधारित आलू बीज प्राप्त हो सके। बीज उत्पादन हेतु चयनित किसानों में से अन्तिम चयन प्रथम आवक प्रथम पावक के आधार पर आधारित प्रथम से प्रमाणित श्रेणी तक किया जाएगा।

नीति के अन्तर्गत प्राविधानों के क्रियान्वयन एवं अनुश्रवण हेतु राज्य स्तरीय अनुश्रवण समिति गठित की जाएगी, जिसके अध्यक्ष कृषि उत्पादन आयुक्त तथा सदस्य सम्बन्धित विभागों के प्रमुख सचिव एवं सचिव होंगे। मण्डल स्तर पर आलू नीति का क्रियान्वयन एवं अनुश्रवण हेतु मण्डलायुक्त की अध्यक्षता में तथा जनपद स्तर पर क्रियान्वयन हेतु जिलाधिकारियों की अध्यक्षता में समिति गठित की जाएगी, जिसमें मण्डल स्तर पर मण्डलीय अधिकारियों के साथ-साथ मण्डलायुक्त द्वारा नामित तीन आलू उत्पादक, भण्डारकर्ता, प्रसंस्करणकर्ता तथा जनपद स्तर पर जनपदीय अधिकारियों के साथ-साथ जिलाधिकारी द्वारा नामित तीन आलू उत्पादक, भण्डारकर्ता, प्रसंस्करणकर्ता सदस्य के रूप में सदस्य होंगे।

मुख्य सचिव ने कहा कि किसानों द्वारा उत्पादित आधारित/प्रमाणित आलू बीज को जिला स्तर पर जनपदीय उद्यान अधिकारियांे द्वारा चिन्हित निजी शीतगृहों में ही सम्बन्धित संस्थाओं द्वारा अनुबन्ध कर भण्डारित कराया जाएगा, जिससे इस बीज का सदुपयोग आगामी वर्षों में बीज के रूप में ही किया जा सके। उन्होंने कहा कि भण्डारित आलू बीज का समय-समय पर निरीक्षण कर गुणवत्ता भी सुनिश्चित कराई जाए। उन्होंने कहा कि जनपद में उत्पादित प्रमाणित प्रथम एवं द्वितीय श्रेणी के बीज को भी उक्त चिन्हित शीतगृहों में ही भण्डारित कराया जाएगा। उन्होंने कहा कि प्रदेश में प्रसंस्करण इकाईयों की स्थापना को प्रोत्साहित करने की राज्य सरकार की नीति के दृष्टिगत आलू की प्रसंस्करण योग्य प्रजातियों की प्रचुर उपलब्धता सुनिश्चित कराने हेतु आलू की प्रसंस्करण योग्य प्रजातियों के उत्पादन के लिए किसानों एवं प्रसंस्करणकर्ताओं के मध्य सहभागिता कराई जाएगी। उन्होंने कहा कि प्रमुख आलू उत्पादक क्षेत्रों में कृषि, सहकारिता एवं निजी क्षेत्र में बुवाई से पूर्व उर्वरकों, विशेषकर फाॅस्फेटिक एवं पोटैसिक उर्वरकों की उपलब्धता सुनिश्चित कराई जाएगी, जिन क्षेत्रों में औद्यानिक उत्पादन एवं विपणन सहकारी समितियां कार्यरत हैं, उन्हें प्राथमिकता पर उर्वरक उपलब्ध कराया जाएगा। उन्होंने कहा कि प्रमुख आलू उत्पादक क्षेत्रों में आलू उत्पादक किसानों को उत्पादन सम्बन्धी जानकारी सुलभ कराने हेतु प्रशिक्षण कार्यक्रम आयोजित कराए जाएंगे। इन प्रशिक्षण कार्यक्रमों को अधिक प्रभावी एवं ग्राह्य बनाने के उद्देश्य से जनपद, विकास खण्ड एवं आवश्यकतानुसार संहत क्षेत्रों में ग्राम्य स्तर पर इनका आयोजन कराया जाएगा।

बैठक में कृषि उत्पादन आयुक्त श्री आलोक रंजन सहित अन्य वरिष्ठ अधिकारीगण उपस्थित थे।

सुरेन्द्र अग्निहोत्री

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प्रमुख सचिव, आवास एवं शहरी नियोजन श्री सदाकान्त को प्रमुख सचिव, सूचना का अतिरिक्त प्रभार

Posted on 08 May 2013 by admin

06 मई, 2013

उत्तर प्रदेश शासन द्वारा प्रमुख सचिव, आवास एवं शहरी नियोजन श्री सदाकान्त को प्रमुख सचिव, सूचना के पद का अतिरिक्त प्रभार सौंपा गया है। उन्होंने प्रमुख सचिव सूचना का कार्यभार ग्रहण भी कर लिया है। यह जानकारी शासन के प्रवक्ता ने आज यहां दी।

उल्लेखनीय है कि श्री सदाकान्त पूर्व में लखनऊ के लोकप्रिय जिलाधिकारी भी रह चुके हैं।  

सुरेन्द्र अग्निहोत्री

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आम जनता न्याय पाने की आस में दर-दर की ठोकरें खाने को मजबूर।

Posted on 08 May 2013 by admin

07 मई।

प्रदेश की सत्तारूढ़ समाजवादी पार्टी का नियन्त्रण अब अपने अधिकारियों पर भी नहीं रहा, अधिकारियों की निरंकुशता के चलते माननीय न्यायालय को आगे आना पड़ रहा है। यह किसी चुनी हुयी लोकतान्त्रिक सरकार के लिए शर्म की बात तो है ही माननीय उच्च न्यायालय द्वारा शीर्ष अधिकारी को हिरासत में लिये जाने की घटना से राज्य सरकार की अकर्मण्यता उजागर हुयी है।

उत्तर प्रदेश कांग्रेस कमेटी के प्रवक्ता वीरेन्द्र मदान ने आज यहां जारी बयान में कहा कि आम जनता को न्याय दिलाने में राज्य सरकार जहां पूरी तरह विफल साबित हुई है, वहीं प्रशासनिक अधिकारी भी निजी स्वार्थपरता के चलते पूरी तरह समाजवादी पार्टी के राजनीतिकरण का शिकार हो चुकें हैं। अधिकारियों की निरंकुशता का आलम यह है कि वह मा0 न्यायालय के आदेश को भी धता बता रहे हैं, यही कारण है कि आज माननीय उच्च न्यायालय ने जहां शासन के कानून व्यवस्था से जुड़े एक शीर्ष प्रशासनिक अधिकारी को अदालत में निरूद्ध किया वहीं प्रदेश के विभिन्न जनपदों के कई अधिकारियों के विरूद्ध दण्डात्मक कार्यवाही करते हुए स्टाम्प विभाग के शीर्ष प्रशासनिक अधिकारी, फैजाबाद के अपर आयुक्त, अम्बेडकरनगर के ग्राम्य विकास अधिकारी तथा बस्ती के बेसिक शिक्षा अधिकारी से मा0 उच्च न्यायालय के आदेशों की अवहेलना पर जुर्माना वसूले जाने का निर्णय सुनाना पड़ा।

प्रवक्ता ने कहा कि जनता ने जिस विश्वास के साथ पूर्ववर्ती बसपा सरकार को उखाड़ फेका था और समाजवादी पार्टी को अपना पूर्ण बहुमत देकर प्रदेश में सरकार बनायी थी, आज उसी प्रदेश की जनता के साथ सपा सरकार ने विश्वासघात किया है। वर्तमान प्रदेश सरकार जनता से किये गये अपने वायदे से पूरी तरह मुकर गयी है और प्रदेश में पूर्ववर्ती सरकार के नक्शेकदम पर चलते हुए आम जनता के सरोकारों से मुंह मोड़ लिया है। जनता को सुशासन के लुभावने सपने दिखाकर सत्ता में आने वाली समाजवादी पार्टी जब अपने ही नाक के नीचे काम करने वाले अधिकारियों पर ही नियन्त्रण खो चुकी है तो प्रदेश के जनपदों में अधिकारियों की निरंकुशता की बात करना ही बेमानी है।

प्रवक्ता ने कहा कि वैसे तो प्रदेश सरकार के मुखिया तथा सपा केे मुखिया आये दिन होने वाली बैठकों में प्रदेश के अधिकारियों के बेलगाम होने को कोसतें हैं परन्तु दुखद तथ्य यह है कि स्वयं सरकार की अक्षमता और अकर्मण्यता का ही परिणाम है कि मा0 उच्च न्यायालय को बेलगाम हो चुके इन अधिकारियों पर दण्डात्मक कार्यवाही करने पर विवश होना पड़ रहा है।

श्री मदान ने कहा कि आज आम जनता न्याय पाने की आस में दर-दर की ठोकरें खाने को मजबूर है। प्रशासनिक उदासीनता, उपेक्षा और अकर्मण्यता का ही नतीजा है कि आज प्रदेश का आम जनमानस भय और आतंक के माहौल में जीने को विवश है और न्याय पाने की आस पूरी तरह से छोड़ चुकी है अब मा0 न्यायालय ही प्रदेश की जनता को न्याय दिलाने का एक मात्र सहारा रह गया है।

सुरेन्द्र अग्निहोत्री

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07 मई, 2013 को मुख्यमंत्री श्री अखिलेश यादव की अध्यक्षता में सम्पन्न मंत्रिपरिषद के फैसले-हाईलाइट्स

Posted on 08 May 2013 by admin

मंत्रिपरिषद ने उत्तर प्रदेश मूल्य संवर्धित कर अधिनियम-2008 की अनुसूची एक की प्रविष्टि संख्या-28 में खाण्डसारी शुगर से बनी कुलिया को शामिल करते हुए कर मुक्त कर दिया है।

उत्तर प्रदेश स्थानीय क्षेत्र में माल के प्रवेश पर कर अधिनियम, 2007 के अन्तर्गत लोहे एवं इस्पात की जिन श्रेणियों पर 5 प्रतिशत प्रवेश कर की देयता है, उनपर प्रवेश कर की दर घटा कर एक प्रतिशत कर दिया। इसके अलावा लोहे एवं इस्पात पर रिबेट के सम्बन्ध में निर्गत दिनांक 31.03.2011 की अधिसूचना विखण्डित कर दी है।

मंत्रिपरिषद ने उत्तर प्रदेश मूल्य संवर्धित कर (चतुर्थ संशोधन) नियमावली-2013 को अनुमोदित किया।

मंत्रिपरिषद ने उत्तर प्रदेश मूल्य संवर्धित कर अधिनियम की नान वैट गुड्स की अनुसूची-चार के क्रम संख्या-12 की प्रविष्टि में संशोधन करते हुए सिगरेट/सिगार पर कर की दर 25 प्रतिशत निर्धारित करने का फैसला किया है।

मंत्रिपरिषद ने पंजीकृत व्यापारियों के लिए लागू जोखिम व्यक्तिगत दुर्घटना बीमा योजना की निविदा के सम्बन्ध में कार्योत्तर अनुमोदन प्रदान कर दिया है। इस सम्बन्ध में न्यूनतम निविदादाता बीमा कम्पनी दि न्यू इण्डिया एश्योरेन्स कम्पनी लिमिटेड से योजना के क्रियान्वयन हेतु समस्त करों सहित चार करोड़ इकतीस लाख अट्ठारह हजार तीन सौ अस्सी रुपये की प्रीमियम धनराशि पहले ही उपलब्ध कराई जा चुकी है।

उ0प्र0 स्टाम्प (सम्पत्ति का मूल्यांकन) नियमावली-1997 के नियम-4 के उप नियम 1 एवं 2 में प्रस्तावित संशोधन को अनुमोदित कर दिया है।

सहकारी आवास समितियों द्वारा उसकी ओर से निष्पादित लिखितों पर दी जाने वाली स्टाम्प शुल्क की छूट हेतु जारी अधिसूचना दिनांक 25 अप्रैल, 1981 के खण्ड (ख) में परन्तुक बढ़ाए जाने की अनुमति प्रदान कर दी है। इसके अनुसार ‘परन्तु यह कि खण्ड (ख) के अधीन लिखतों पर प्रभार्य स्टाम्प शुल्क की छूट आवासीय सहकारी समिति द्वारा या उसकी ओर से निष्पादित लिखतों पर अनुमन्य न होगी।’

सेवानिवृत्त सैन्य कर्मियों द्वारा आवासीय सम्पतियां क्रय करने पर स्टाम्प शुल्क में छूट दिए जाने का निर्णय।

उत्तर प्रदेश के राष्ट्रीयकृत मार्गों पर उत्तर प्रदेश राज्य सड़क परिवहन निगम के साथ-साथ निजी प्रचालकों को भी मंजिली गाडि़यों के प्रचालन की अनुज्ञा दिए जाने सम्बन्धी अधिसूचना को विखण्डित करने का फैसला।

रेडियो टैक्सी सम्बन्धी प्राविधान करने के लिए उ0प्र0 मोटरयान नियमावली, 1998 में संशोधन करने का फैसला। इसके तहत यह सुविधा उपभोक्ताओं के लिए 24 घंटे उपलब्ध रहेगी। ऐसी गाडि़यों का किराया उपभोक्ता की यात्रा की वास्तविक दूरी के अनुरूप होगा।

जनपद फैजाबाद स्थित राजकीय हवाई पट्टी के विस्तार हेतु डा0 राम मनोहर लोहिया अवध विश्वविद्यालय, फैजाबाद से ली गई भूमि के सापेक्ष नागरिक उड्डयन विभाग की भूमि अवध विश्वविद्यालय, फैजाबाद को देने का फैसला।

उत्तर प्रदेश राज्य की न्यायिक/उच्चतर न्यायिक सेवा की महिला न्यायिक अधिकारियों को उत्तर प्रदेश राज्य की महिला सरकारी सेवकों की भांति प्रसूति (मातृत्व) एवं बाल्य देखभाल अवकाश की सुविधा की अनुमन्यता आदेश निर्गत किए जाने की तिथि से प्रदान करने का निर्णय।

उत्तर प्रदेश सरकारी विभाग ड्राइवर सेवा (तृतीय संशोधन) नियमावली-2013 को प्रख्यापित करने का फैसला।

मंत्रिपरिषद द्वारा उत्तर प्रदेश लोक सेवा आयोग (सेवा की शर्तें) (सत्ताईसवां संशोधन) विनियमावली, 2013 को प्रख्यापित करने हेतु अनुमोदन।

मंत्रिपरिषद ने उद्योग बंधु के सुदृढ़ीकरण हेतु प्रस्तावित व्यवस्थाओं को अनुमोदित कर दिया है। इसके तहत उद्योग बन्धु की त्रिस्तरीय व्यवस्था को लागू रखते हुए उद्योग बंधु में राज्य स्तर पर मुख्यमंत्री की अध्यक्षता में उच्च स्तरीय प्राधिकृत समिति, मुख्य सचिव की अध्यक्षता में राज्य स्तरीय उद्योग बन्धु समिति, अधिशासी निदेशक की अध्यक्षता में त्रिपक्षीय वार्ता बैठक की व्यवस्था तथा मंडल स्तर पर मंडलायुक्त की अध्यक्षता में मंडल उद्योग बंधु समिति एवं जनपद स्तर पर जिलाधिकारी की अध्यक्षता में जिला उद्योग बंधु समिति का प्राविधान प्रस्तावित है।

मंत्रिपरिषद ने प्रदेश के औद्योगिक विकास एवं निवेश आकर्षण हेतु कार्य योजना को मंजूरी प्रदान कर दी है। इसके तहत उद्योग बंधु को उत्तर प्रदेश में औद्योगिक निवेश आकर्षित करने के लिए नोडल एजेन्सी की भूमिका प्रदान की गई है।

विशेष क्षेत्र विकास प्राधिकरण में तैनात उत्तर प्रदेश विकास प्राधिकरण केन्द्रीयित/अकेन्द्रीयित सेवा के सेवानिवृत्त सदस्यों को सेवानिवृत्तक लाभ उपलब्ध कराने का फैसला। इस सम्बन्ध में समस्त वित्तीय खर्च विकास प्राधिकरणों द्वारा ही वहन किया जाएगा।

उ0प्र0 चिकित्सा स्वास्थ्य संवर्ग में कार्यरत चिकित्सकों, पैरामेडिकल कर्मियों एवं अन्य कर्मियों तथा चिकित्सा सेवा प्रदान करने वाले राजकीय चिकित्सालयों अथवा अन्य इकाईयों की सुरक्षा एवं संरक्षा के लिए चिकित्सा सुरक्षा मानक अध्यादेश लागू किए जाने का निर्णय।

उत्तर प्रदेश मूल्य संवर्धित कर अधिनियम-2008 के अन्तर्गत कतिपय वस्तुओं पर कर की दर युक्तिसंगत करने का फैसला।

उत्तर प्रदेश पावर कार्पोरेशन के तहत विशिष्ट कार्यों में शासकीय अंशपूँजी का स्तर निर्धारण सम्बन्धी प्रस्ताव को मंजूरी प्रदान कर दी गई है।

वर्ष 2013-14 में यूरिया एवं फास्फेटिक उर्वरकों के अग्रिम भण्डारण एवं उर्वरकों के परिवहन हेतु प्रस्तुत प्रस्ताव का अनुमोदन।

उ0प्र0 नागरिक पुलिस आरक्षी एवं मुख्य आरक्षी सेवा (चतुर्थ संशोधन) नियमावली, 2013 प्रख्यापित। इसके तहत पूर्व विज्ञप्ति दिनांक 15.07.2011 के सापेक्ष आवेदन करने वाले उन अभ्यर्थियों को जो वर्ष 2013 में आरक्षी पद हेतु निर्धारित अधिकतम आयु सीमा से अधिक आयु के हो गए हैं, उन्हें एक बार के अवसर के रूप में अधिकतम आयु सीमा में छूट प्रदान करने का फैसला किया गया है।

सुरेन्द्र अग्निहोत्री

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सुतली बम घटना पर मुख्यमंत्री की सर्तकता हास्यास्पद - भारतीय जनता पार्टी

Posted on 07 May 2013 by admin

06 मई 2013 भारतीय जनता पार्टी ने नदवा कालेज के गेट के बाहर सुतली बम फटने की घटना पर मुख्यमंत्री की अतिरिक्त सर्तकता को हास्यास्पद बताया। प्रदेश प्रवक्ता विजय बहादुर पाठक ने कहा कि जानलेवा सीरियल बम विस्फोट के आरोपियों को निर्दोष बताने वाली सरकार के मुखिया प्रदेश के 10 हिन्दू धार्मिक स्थलों को बम से उडाने की धमकी पर गम्भीर नही होते पर संप्रदाय विशेष के शिक्षण संस्थान के सामने सुतली बम फटने की घटना पर पूरे लाव-लश्कर के साथ अफसोस जताने जरूर चले जाते है।
प्रदेश मुख्यालय पर आज नियमित ब्रिफिंग के दौरान प्रदेश प्रवक्ता विजय बहादुर पाठक ने कहा कि आतंकवादी घटना में आरोपितों से मुकदमे वापसी की प्रक्रिया के कारण उत्तर प्रदेश में दहशत गर्दो के हौसले बढ़े है। दहशतगर्दी के आगे घुटने टेकने वाली सपा सरकार की तुष्टिकरण नीतियों के कारण अब प्रदेश के 10 हिन्दू धार्मिक स्थल को बम विस्फोट से उड़ाने की धमकी दी जा रही है। मुख्यमंत्री अखिलेश यादव के ऐजेण्डे में बहुसंख्यकों के धार्मिक केन्द्र व आस्थाएं नही है। इसीलिए गाजियाबाद के दूधेश्वर नाथ मंदिर सहित राज्य के लगभग दस मंदिरों को बम विस्फोट से उड़ाने की खुफिया जानकारी मिलने के बाद भी मुख्यमंत्री या सरकार की तरफ से किसी का भी मंदिर की सुरक्षा को लेकर अधिकृत बयान तक नही आया।
श्री पाठक ने कहा कि नदवा की घटना पर सरकार अफसोस जताने के बजाय कार्यवाही करें। सपा सरकार राज्य में केवल मुस्लिम तुस्टिकरण की राजनीति को ही प्राथमिकता दे रही है। अपने पूरे सरकारी अमले के साथ अखिलेश यादव नदवा काॅलेज के गेट के बाहर हुए सुतली बम विस्फोट पर राजनैतिक हित साधने के लिए जाते है, घटना पर अफसोस जताते है, सुरक्षा का वादा भी करते है, किन्तु जो लोग इन घटना में लिप्त है उनका खुलासा 4 दिन बीत जाने के बाद भी सरकार क्यों नही कर पाती ? शुक्रवार की घटना है, पुलिस तंत्र क्या कर रहा है? उन्होंने कहा कि सपा के सहयोगी दल कांगे्रस के प्रदेश अध्यक्ष भी नदवा जाते है, वे भी बम विस्फोट की निंदा करते है, सांप्रदायिक ताकतों पर माहौल बिगडने की साजिश रचने का राजनैतिक आरोप लगाकर खानापूर्ति करने में पीछे नही रहते। पर जब फैजाबाद कचेहरी ब्लास्ट के आरोपियों पर से मुकदमें वापसी की प्रक्रिया सपा सरकार शुरू करती है तो फैजाबाद से सांसद होने के बावजूद प्रदेश कांगे्रस अध्यक्ष चुप्पी साध लेते है।
श्री पाठक ने कहा कि सपा सरकार द्वारा बम विस्फोटों की धमकी के बावजूद मंदिर की सुरक्षा को लेकर बरती जा रही लापरवाही से बहुसंख्यकों में रोष व्याप्त है। गाजियाबाद के दूधेश्वर नाथ मंदिर के हालात यह है कि मंदिर में श्रद्धालुओं के आने जाने के लिए प्रतिदिन खुलने वाले द्वारों में से दो द्वार प्रवेश के लिए प्रतिबंधित कर दिये गये है। केवल एक द्वार से ही श्रद्धालुओं को मंदिर में प्रवेश मिल पा रहा है। उन्होंने राज्य सरकार को आगाह करते हुए कहा कि राज्य में मंदिरों को बम विस्फोटों से उडाने की धमकी को लेकर खुफिया विभाग को मिली जानकारियों को गम्भीरता से लेते हुए राज्य की कानून व्यवस्था को ठीक रखने के लिए सुरक्षा के कड़े बनदोबस्त करे। साथ ही इन धमकियों के पीछे किन लोगों का षड़यंत्र है उनका पता लगाकर सख्त कार्यवाही करें।
श्री पाठक ने बताया कि सपा सरकार की तुष्टिकरण की राजनीति, सीरियल ब्लास्ट के आरोपियों से मुकदमे वापसी के खिलाफ मंगलवार 07 मई को गोरखपुर में योगी अदित्यनाथ जी के नेतृत्व में पार्टी ने बड़े धरने का आयोजन किया है। धरने में पार्टी के प्रदेश अध्यक्ष डा0 लक्ष्मीकांत बाजपेयी विशेष रूप से उपस्थित रहेंगे।

सुरेन्द्र अग्निहोत्री
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हाईकोर्ट इलाहाबाद और उसकी लखनऊ बेंच 5 अक्टूबर 2013 को बैठेगी

Posted on 07 May 2013 by admin

06 मई, 2013

हाई कोर्ट इलाहाबाद और उसकी लखनऊ बेंच 19 अप्रैल, 2013 के स्थान पर आगामी 5 अक्टूबर, 2013 शनिवार को बैठेगी। उल्लेखनीय है कि 19 अप्रैल, 2013 को राम नवमी के उपलक्ष्य में अवकाश घोषित किया गया था।
इलाहाबाद हाई कोर्ट की लखनऊ बेंच के रजिस्ट्रार श्री ए.के. मुखर्जी ने यह जानकारी आज यहां दी।

सुरेन्द्र अग्निहोत्री
agnihotri1966@gmail.com
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आजीविका मिशन को सफल बनाने के लिए महिलाओं की भागीदारी दुग्ध संघों की भांति 90 प्रतिशत की जाये -कृषि उत्पादन आयुक्त राष्ट्रीय आजीविका मिशन के अन्तर्गत जलवायु परिवर्तन, कृषि एवं जेण्डर विषयक अन्तर्विभागीय परिचर्चा सम्पन्न परिचर्चा में महत्वपूर्ण निर्णय लिये गये

Posted on 07 May 2013 by admin

06 मई, 2013

उत्तर प्रदेश के कृषि उत्पादन आयुक्त श्री आलोक रंजन ने राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन (एन0आर0एल0एम0) की स्कीमों में महिला किसानों की भागीदारी बढ़ाने पर जोर देते हुए कहा कि महिला किसानों को क्रेडिट पर बीज, खाद्य व अन्य सामग्री देकर इन कार्यक्रमों को उसी तरह सफल बनाया जा सकता है जैसे कि दुग्ध विकास कार्यक्रमों में महिलाओं की भागीदारी 90 प्रतिशत तक बढ़ाकर दुग्ध संघ समितियों को सफल बनाया गया है। उन्होंने कहा कि महिलाओं की भागीदारी बढ़ाने के लिए महिला कल्याण एवं बाल विभाग को जेण्डर कृषि के परिप्रेक्ष्य में सहयोगी बनाया जा सकता है।
श्री आलोक रंजन आज अपने कार्यालय में जलवायु परिवर्तन, कृषि एवं जेण्डर विषयक अन्तर्विभागीय परिचर्चा को सम्बोधित करते हुए यह बात कही। उन्होंने कहा कि महिला किसानों का योगदान खेती में बहुत अधिक है परन्तु उसे संस्थागत ढंग से मूल्यांकित किया जाना चाहिये। उन्हांेने इस मौके पर गोरखपुर एनवायरनमेण्टल एक्शन ग्रुप (जी0ई0ए0जी0) द्वारा प्रस्तुत आकड़ों की सराहना की और सेण्टर फार बजटिंग एण्ड गवर्नेन्स एकाउण्टेबिलिटी (सी0बी0जी0ए0) द्वारा प्रस्तावित जेण्डर बजटिंग को सकारात्मक बताया तथा प्राथमिकता के आधार पर उसे लागू करने के लिए कहा।
परिचर्चा में कई महत्वपूर्ण निर्णय लिये गये जो इस प्रकार हैंः-
1.    कृषि एवं संबंधित विभागों के प्रशिक्षण कार्यक्रमों में जलवायु परिवर्तन के परिप्रेक्ष्य में महिलाओं की भागीदारी बढ़ाने हेतु प्रशिक्षण एवं सहयोग अल्टरनेटिव फ्यूचर्स, जी.ई.ए.जी. एवं सी.बी.जी.ए. द्वारा समय-समय पर विभाग के निर्देशानुसार किया जा सकता है। इससे संबंधित प्रशिक्षण सामग्री के निर्माण में भी अपेक्षित सहयोग दिया जायेगा।
2.    क्षेत्र स्तर पर महिला किसानों द्वारा जलवायु परिवर्तन अनुकूलन हेतु किये जा रहे अभिनव कृषिगत प्रयासों को डिमान्स्ट्रेशन साईट्स के रूप में पहचान देना। जी.ई.ए.जी. के द्वारा इस क्षेत्र में कई महत्वपूर्ण प्रयास हुए हैं अतः यहां आवश्यकतानुसार सक्षम अधिकारियों का भ्रमण सुनिश्चित कर अन्य क्षेत्रों में इसे लागू करने की संभावनाओं को तलाशा जाएगा।
3.    ‘जेण्डर बजटिंग‘ विषय पर विभागीय स्तर पर समझ बनाने एवं कार्य करने पर सहमति हुई। इसके परिप्रेक्ष्य में अन्य राज्यों द्वारा, जहां भी सरकार स्तर पर प्रयास हुए हैं, जारी शासनादेश की कापी कृषि उत्पादन आयुक्त कार्यालय को उपलब्ध करायी जाएगी।
4.    बैठक में विभिन्न योजनाओं जैसे छभ्डए ।ज्ड। एवं त्ज्ञटल् में महिलाओं की भागीदारी बढ़ाने पर सहमति बनी। इस संदर्भ में राष्ट्रीय ग्रामीण रोजगार मिशन पर भी चर्चा हुई।
जलवायु परिवर्तन, कृषि एवं जेण्डर विषयक अन्तर्विभागीय परिचर्चा का उद्देश्य राज्य की नीतियों एवं विकास कार्यक्रमों में जलवायु सम्बन्धित मुद्दों को शामिल करने की सम्भावनाओं पर समझ बनाना एवं चर्चा करना था। परिचर्चा के दौरान तीन प्रस्तुतिकरण किये गये। पहला प्रस्तुतिकरण अल्टर्नेटिव फ्यूचर्स की सुश्री अदिति कपूर द्वारा कृषि एवं विकासीय कार्यों में महिला किसानों की भूमिका एवं वर्तमान स्थिति पर फोकस डाला गया और महत्वपूर्ण नीतिगत सुझाव प्रस्तुत किये गये। तत्पश्चात गोरखपुर एनवायरनमेण्टल एक्शन ग्रुप के डाॅ0 शीराज वजीह ने महिला किसानों और कृषिगत विषयों पर किये जा रहे प्रयासोें को हाईलाइट करते हुए महिला किसानों के हितवर्धन के सुझाव रखे। तीसरे प्रस्तुतिकरण में सेण्टर फाॅर बजटिंग एण्ड गवर्नेन्स एकाउण्टेबिलिटी के श्री रंजन पण्डा ने जेण्डर बजटिंग पर चर्चा की और कहा कि सभी सरकारी विभागांे में इसकी व्यवस्था होनी चाहिये। उन्होंने अन्य राज्यों में भी इस दिशा में होने वाले प्रयासों के बारे में बताया। परिचर्चा में शामिल होते हुए कृषि उत्पादन आयुक्त के मुख्य स्टाफ आफिसर श्री अजय कुमार उपाध्याय तथा कृषि निदेशक श्री देवमित्त सिंह ने भी महिला किसानों की स्थिति, उनकी भागीदारी और उनके हितों की सुरक्षा पर अपने विचार व्यक्त किये।
बैठक में ग्राम्य विकास विभाग के निदेशक मत्स्य सरोज कुमार, अपर निदेशक कृषि एन0पी0 सिंह, उप आयुक्त श्री डी0सी0 त्रिपाठी, महिला एवं बाल विकास विभाग की उप सचिव प्रभा मिश्रा, यूपी पावर कार्पाेरेशन के अधिशाषी अभियंता संजय आनन्द जैन, पशुधन विकास विभाग के संयुक्त निदेशक डाॅ0 सुनील कुमार, सिंचाई एवं भूगर्भ जल के मुख्य अभियंता पी0आर0 चैरसिया, मुख्य वन संरक्षक एम0एस0 भुप्पल, सहायक निदेशक पर्यावरण सुवरन कुमार, संयुक्त पंचायती राज सुधान चन्दोला अल्टरनेटिव फ्यूचर्स के अदिति कपूर, जीईएजी के डाॅ0 शीराज वजीह, जीईएजी के राज्य कन्सल्टेंट अमित कुमार आदि उपस्थित थे।

सुरेन्द्र अग्निहोत्री
agnihotri1966@gmail.com
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ग्राम्य विकास आयुक्त ने दिये तीव्र गति से कार्य कराये जाने के निर्देश

Posted on 07 May 2013 by admin

06 मई, 2013

उत्तर प्रदेश के ग्राम्य विकास आयुक्त श्री के0 रवीन्द्र नायक ने प्रदेश के समस्त जिलाधिकारियों को निर्देश दिये हैं कि महात्मा गांधी राष्ट्रीय ग्रामीण रोजगार गारण्टी योजनान्तर्गत वर्तमान वित्तीय वर्ष के प्रथम तीन महीनों में अत्यन्त तीव्र गति से कार्य कराया जाये तथा उपलब्ध धनराशि का शत-प्रतिशत उपभोग किया जाये। उन्होंने कहा कि योजनान्तर्गत तीन महीने में हुए व्यय के आधार पर ही भारत सरकार से शेष वित्तीय वर्ष के लिए धनराशि उपलब्ध करायी जायेगी।
श्री नायक ने सभी जिलाधिकारियों को प्रेषित अपने पत्र में कहा है कि वे अपने-अपने जनपदों में शेल्फ आॅफ प्रोजेक्ट में सम्मिलित परियोजनाओं पर वित्तीय, प्रशासनिक एवं तकनीकी स्वीकृति देकर कार्य प्रारम्भ करायें एवं आवश्यक धनराशि की मांग अविलम्ब राज्य मनरेगा प्रकोष्ठ में दर्ज करा दी जाये। इसके लिए धनराशि के अभाव में कार्य में व्यवधान नहीं आना चाहिये।

सुरेन्द्र अग्निहोत्री
agnihotri1966@gmail.com
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उ0प्र0 राज्य महिला आयोग (संशोधन) अध्यादेश की अधिसूचना जारी

Posted on 07 May 2013 by admin

06 मई, 2013

उत्तर प्रदेश के श्री राज्यपाल द्वारा भारतीय संविधान के अनुच्छेद 213(1) में प्रदत्त शक्ति का प्रयोग करते हुए उत्तर प्रदेश राज्य महिला आयोग (संशोधन) अध्यादेश पर अनुमती प्रदान कर दी गयी है। इस अध्यादेश के अनुसार मूल अधिनियम-2004 की धारा 02 में संशोधन कर एक अध्यक्ष, दो उपाध्यक्ष तथा 25 सदस्य होंगे। इन सदस्यों में कम से कम एक अनुसूचित जाति या अनुसूचित जन जाति का होगा तथा दो अन्य पिछड़े वर्गों से तथा तीन अल्पसंख्यक वर्ग से सदस्य होंगे।
यह जानकारी विशेष सचिव विधायी उत्तर प्रदेश ने दी है।

सुरेन्द्र अग्निहोत्री
agnihotri1966@gmail.com
sa@upnewslive.com

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