Archive | September, 2011

बी0जे0पी0 द्वारा बी0एस0पी0 सरकार के खिलाफ लगाये गये सभी आरोप बेबुनियाद तथा राजनीति से प्रेरित

Posted on 05 September 2011 by admin

  • बी0जे0पी0 द्वारा बी0एस0पी0 सरकार के खिलाफ लगाये गये सभी आरोप बेबुनियाद तथा राजनीति से प्रेरित
  • बी0जे0पी0 सहित विभिन्न राजनीतिक दलों को उत्तर प्रदेश में दलित मुख्यमंत्री का नेतृत्व बर्दाश्त नहीं
  • श्री नकवी को आकण्ठ भ्रष्टाचार में डूबी बी0जे0पी0 कीराज्य सरकारों को सुधरने की सलाह देनी चाहिए

बहुजन समाज पार्टी के प्रवक्ता ने भारतीय जनता पार्टी के नेता श्री मुख्तार अब्बास नकवी द्वारा आज राज्य सरकार के खिलाफ लगाये गये सभी आरोपों को बेबुनियाद तथा राजनीति से प्रेरित बताया है। उन्होंने कहा कि प्रदेश सरकार के खिलाफ मुद्दों की तलाश में विफल रहने के बाद बी0जे0पी0 अब ऐसे ’खुलासों’ के आधार पर राजनीति करने पर उतारू हो गयी है, जिनकी प्रमाणिकता का कोई आधार नहीं है। उन्होंने कहा कि बी0एस0पी0 नेतृत्व व उसकी सरकार पर झूठे, बेबुनियाद और अनाप-शनाप आरोप लगाने से पहले बी0जे0पी0 नेता यदि विभिन्न राज्यों में भ्रष्टाचार के गम्भीर आरोपों से घिरी अपनी पार्टी की सरकारों का संज्ञान लेते तो बेहतर होता।
बी0एस0पी0 प्रवक्ता ने यहां जारी एक बयान में कहा कि जिस प्रकार श्री नकवी ने कथित ’खुलासों’ का हवाला देते हुए बी0एस0पी0 सरकार पर आरोप लगाए हैं, उससे उनकी दलित विरोधी जातिवादी मानसिकता पूरी तरह बेनकाब हो गयी है। उन्होंने कहा कि सच तो यह है कि बी0जे0पी0 सहित विभिन्न राजनीतिक दलों के नेताओं को देश के सबसे बड़े और राजनैतिक रूप से सर्वाधिक महत्वपूर्ण राज्य उत्तर प्रदेश में दलित मुख्यमंत्री का नेतृत्व बर्दाश्त नहीं हो रहा।
पार्टी प्रवक्ता ने कहा कि कथित ’खुलासों’ का आधार लेकर बी0एस0पी0 यदि चाहती, तो बी0जे0पी0 के नेतृत्व को कटघरे में काफी पहले ही खड़ा कर सकती थी। किन्तु एक जिम्मेदार राष्ट्रीय राजनैतिक दल होने के नाते बी0एस0पी0 ने परिपक्वता और संयम का परिचय देते हुए उस समय कोई टिप्पणी नहीं की, जब इन कथित ’खुलासों’ के जरिए बी0जे0पी0 सहित तमाम राजनीतिक दलों के नेताओं के नाम मीडिया में आए थे। इसके विपरीत कथित ’खुलासे’ के हवाले से जब मीडिया में बी0एस0पी0 व उसकी सरकार को लेकर बेबुनियाद और तथ्यहीन खबरें सामने आयीं, तो बी0जे0पी0 के नेता ने अनर्गल बयानबाजी कर स्तरहीन राजनीति का उदाहरण पेश कर दिया।
प्रवक्ता ने कहा कि श्री नकवी को सबसे पहले आकण्ठ भ्रष्टाचार में डूबी अपनी पार्टी की राज्य सरकारों को सुधरने की सलाह देनी चाहिए। बी0जे0पी0 शासित कर्नाटक सरकार के तत्कालीन मुख्यमंत्री भ्रष्टाचार के गंभीर आरोपों से घिरे थे, जिसके कारण उन्हें अपने पद से इस्तीफा देना पड़ा। इसी प्रकार कुम्भ मेले के आयोजन को लेकर उत्तराखण्ड की बी0जे0पी0 सरकार पर भी बड़े पैमाने पर भ्रष्टाचार के आरोप लगे हैं। इसी तरह मध्य प्रदेश की बी0जे0पी0 सरकार द्वारा गैर-कानूनी तरीके से कुशाभाऊ ठाकरे ट्रस्ट को आवंटित की गयी जमीन के फैसले को माननीय सर्वाेच्च न्यायालय द्वारा निरस्त कर दिया गया। उन्होंने कहा कि बी0जे0पी0 नेता को यदि वास्तव में भ्रष्टाचार की इतनी चिन्ता है तो उन्हें सबसे पहले अपनी राज्य सरकारों के भ्रष्टाचार के आंकड़े इकठ्ठा करके जारी करने का साहस करना चाहिए।
पार्टी प्रवक्ता ने कहा कि मुख्यमंत्री माननीया सुश्री मायावती जी के नेतृत्व में बी0एस0पी0 की राज्य सरकार कानून के द्वारा कानून के राज में विश्वास करती है। उन्होंने कहा कि उत्तर प्रदेश सरकार अपने सभी फैेसले पूरी पारदर्शिता के साथ नियमानुसार ही करती है। उन्होंने कहा कि किसी भी स्तर पर भ्रष्टाचार की शिकायत मिलने पर दोषियों के विरूद्ध न केवल तत्काल कार्यवाही की जाती है, बल्कि आवश्कतानुसार उन्हें जेल भेजने से भी गुरेज नहीं किया जाता।
प्रवक्ता ने कहा कि भ्रष्टाचार के मुद्दे पर उल-जलूल बयानबाजी करने वाली भारतीय जनता पार्टी ने हमेशा भ्रष्टाचार से समझौता किया है और आज भी सत्ता के लालच में पार्टी के नेता हर तरह का समझौता करने को तत्पर हंै। उन्होंने कहा कि जिस पार्टी के एक राष्ट्रीय अध्यक्ष रुपये लेते टी0वी0 कैमरे पर पकड़े गये हों, उस पार्टी के नेता जब भ्रष्टाचार पर बोलते हंै तो लोगों को आश्चर्य होता है। यह भी भूलने वाली बात नहीं है कि अपनी 13 दिन की पहली केंद्र सरकार में बी0जे0पी0 ने अमेरिकी ऊर्जा कंपनी एनरान की परियोजना को मंजूरी देने का एकमात्र फैसला लिया था। गौरतलब है कि इस एनरान कंपनी पर देश के तमाम नेताओं को रिश्वत देने के आरोप लगे थे। कालान्तर मंे एनरान जिस तरह डूबी, उससे यह प्रमाणित भी हुआ कि उसके तमाम शीर्ष अधिकारी किस तरह भ्रष्टाचार के दलदल में फँसे हुए थे। ऐसे लोगों ने अपने हित साधने के लिए कौन से तरीके अपनाएं होंगे, उसे आसानी से समझा जा सकता है।
बी0एस0पी0 प्रवक्ता ने कहा कि जनता को आज भी अच्छी तरह याद है कि किस प्रकार बी0जे0पी0 के नेतृत्व वाली केन्द्र की तत्कालीन एन0डी0ए0 सरकार ने केन्द्रीय सार्वजनिक उपक्रमों को औने-पौनेे दामों पर बेचने के लिए बाकायदा विनिवेश मंत्रालय का गठन किया था और जनता की गाढ़ी कमाई से स्थापित अनेक उपक्रमों को पंूजीपतियों और धन्नासेठों को सौंप दिया था। उन्होंने कहा कि  केंद्र की पूर्ववर्ती एन0डी0ए0 सरकार में बी0जे0पी0 के पेट्रोलियम मंत्री ने पेट्रोल पम्प के आवंटन में खुल कर अनियमितता बरती थी।

सुरेन्द्र अग्निहोत्री
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शिक्षक केवल व्यक्ति ही नहीं बल्कि अध्यात्मिक व्यक्तित्व का स्वामी: डा0 सिंह

Posted on 05 September 2011 by admin

5spn-2शिक्षक दिवस के रूप में मनाया गया डा0 राधाकृष्णन का का जन्म दिवस

5spn-1शिक्षक केवल व्यक्ति नहीं वह आध्यात्मिक व्यक्तित्व का स्वामी होता है। जो अपनी आत्मा के प्रकाश से शिष्य के अन्तःकरण को उसी प्रकार प्रकाशित करता है जैसे एक दीप से दूसरा दीप आलोकित किया जाता है।
उक्त वक्त्व्य एम.जे.पी. रूहेलखण्ड विश्वविद्यालय बरेली के शिक्षा संकाय के डीन प्रो. एन. पी. सिंह ने व्यक्त किए। प्रो. सिंह आज एस.एस. कालेज में डाॅ. राधाकृष्णन शोध संस्थान द्वारा शिक्षक दिवस पर आयोजित व्याख्यान माला में मुख्य अतिथि के रूप में ‘‘डाॅ. राधाकृष्णन की शैक्षिक दृष्टि’’ विषय पर अपने विचार व्यक्त कर रहे थे।
उन्होंने कहा कि डाॅ. राधाकृष्णन के व्यक्तित्व में धर्म और शिक्षा का अनूठा संयोग था। उनकी ये दोनो विशेषताएं उन्हें एक दार्शनिक के साथ शिक्षा शास्त्री के रूप में स्थापित करती हैं। भारतीय ज्ञान और दर्शन की विशेषताएं उनमें दिखाई देती हैं। भारतीय संस्कृति में धर्म जोकि परलोक से जुड़ा है और विज्ञान जोकि संसार के ज्ञान और समझ पर आधारित है वह दोनों दूसरों के कल्याण के लिए इस प्रकार समन्वित हो जाते हैं कि विज्ञान संयमित आचरण करता है और धर्म तार्किक। डाॅ. राधाकृष्णन शिक्षा की पूरी प्रक्रिया को भारतीय आधारों पर आधारित करना चाहते थे। वे चाहते थे कि भले ही शिक्षा का शरीर नवीन विज्ञान और भौतिकता पर आधारित हो परन्तु उसकी आत्मा हर हालत में भारतीय होनी चाहिए। राधाकृष्णन की दृष्टि में शिक्षा का सर्वाधिक मजबूत स्तम्भ आध्यात्म है। उन्होंने आत्मपरीक्षण को आवश्यक मानते हुए श्रद्धा, संयम और समप्रण को मनुष्य के विकास के लिये आवश्यक बताया।
मनुष्य के विकास में शिक्षक की महत्वपूर्ण भूमिका होती है उसे चरित्रवान होने के साथ रोल माॅडल भी होना चाहिए। उसमें उचित अनुचित, सत् असत् और धर्म अधर्म के बीच अन्तर करने की सामथ्र्य होनी चाहिए।
5spn-3कार्यक्रम के विशिष्ट अतिथि किसान पी.जी. कालेज, बहराइच के बी.एड. विभाग प्रमुख डाॅ. ओ.पी. सोनी ने कहा कि डाॅ. राधाकृष्णन के विचारों में जहां वैचारिक विविधता है वहीं उनका सांस्कृतिक बोध भारतीय संस्कृति और सभ्यता की आत्मा को शिक्षा के शरीर में स्थापित करता है। राधाकृष्णन के अनुसार जबतक भारतीय शिक्षा और शैक्षिक परिसरों में भारत की आत्मा प्रविष्ट नहीं होगी तब तक गहन ज्ञान के लक्ष्यों, चिन्तन के नवीन लक्ष्यों और मानव कल्याण की ओर उन्मुख शिक्षा का परिवेश निर्मित करना सम्भव नहीं होगा। अगर हम दुनिया के इतिहास को देखें तो पायेंगे कि सभ्यता का निर्माण उन महान ऋषियों और वैज्ञानिकों के हाथों से हुआ है जो स्वयं विचार करने की सामथ्र्य रखते हैं, देश और काल की गहराइयों में प्रवेश करते हैं, उनके रहस्यों का पता लगाते हैं और इस तरह से प्राप्त ज्ञान का उपयोग विश्वश्रेय या लोक कल्याण के लिए करते हैं। राधाकृष्णन की दृष्टि में विश्वविद्यालयों की आस्था मनुष्य की अज्ञेय आत्मा में होनी चाहिए। विश्वविद्यालयों को चाहिए कि वे विद्वानों और साहित्यकारों को बिना बाधा के अध्ययन-अनुशीलन की पूरी सुविधा दें। उन्हें चाहिए कि वे प्रत्येक विद्याध्ययन करने वाले अभ्यासी को अपने मानदण्ड के अनुसार अपने सत्यान्वेषण को वहाँ तक ले जाने का पूरा अवसर दें जहाँ तक उनकी बुद्धि, कल्पना और ईमानदारी उसे ले जा सकती है। कोई भी आजादी तब तक सच्ची न प्राप्त हो। किसी भी धार्मिक विश्वास या राजनीतिक सिद्धान्त को सत्य की खोज में बाधा नहीं देनी चाहिए।
कार्यक्रम की अध्यक्षता करते हुए जिला स्काउट मुख्यायुक्त एवं दैवीय सम्पद इण्टर कालेज के प्रबन्धक सन्तोष कुमार पाण्डेय ने कहा कि डाॅ. राधाकृष्णन का भारतीय शिक्षा से लगाव जीवन पर्यन्त था। वे शिक्षा की स्वायत्ता कट्टर समर्थक थे। अपने भाषणों में शिक्षा संस्थाओं को मनुष्य के निर्माण और उपकरण मानते हुए कहते थे कि विद्यालयों को समाज के भविष्य को महान बनाने के लिए भारतीय की प्राचीन समृद्ध संस्कृति का उपयोग करना चाहिए। वे चाहते थे कि विश्वविद्यालय मानवातवाद, सहिष्णुता और सत्य की साहसिक खोज के अनवरत कार्य में लगें।
कार्यक्रम के शुभारम्भ पर अतिथियों को अंगवस्त्र व स्मृतिचिन्ह भेंट कर सम्मान महाविद्यालय प्रबन्ध समिति के सचिव सुरेश सिंघल ने किया।
कार्यक्रम का प्रारम्भ अतिथियों द्वारा दीप प्रज्ज्वलन एवं पुष्पांजलि अर्पित कर किया। एस.एस.एम.वी. की छात्राओं ने सरस्वती वन्दना तथा गुरूवन्दना की। स्वागत भाषण प्राचार्य डाॅ. अवनीश मिश्र ने दिया। व्याख्यान माला में विषय का प्रवर्तन एम.एड. की छात्रा कु. नेहा मिश्रा द्वारा किया गया। इस अवसर पर डाॅ. के.के. शुक्ल, प्रादेशिक स्काउट संगठन कमिश्नर श्रीमती कामिनी श्रीवास्तव, डाॅ. रंजना प्रियदर्शिनी, डाॅ. रेनू शर्मा, डाॅ. सतेन्द्र पाठक, आर.डी. अग्रवाल, अनिल मालवीय, डाॅ. अनुराग अग्रवाल, डाॅ. एम.एस. शुक्ल, डाॅ. एम.के. वर्मा, डाॅ. प्रभात शुक्ल, शोध संस्थान की निदेशक डाॅ. मीना शर्मा, डाॅ. आदर्श पाण्डेय, डाॅ. रमेश चन्द्रा, डाॅ. हरिचरण यादव, अरविन्द शुक्ल, बलराम बाजपेई सहित मुमुक्षु शिक्षा संकुल की पांचों शिक्षण संस्थाओं के शिक्षक, छात्र एवं कर्मचारी उपस्थिति रहे। कार्यक्रम का संचालन डाॅ. प्रशान्त अग्निहोत्री ने किया तथा आभार सुरेश सिंघल ने व्यक्त किया।
वहीं शिक्षक दिवस की पूर्व संध्या पर विभिन्न संगठनों ने शिक्षकों का सम्मान किया। इस दौरान समाज में शिक्षकों के योगदान पर चर्चा हुई।
रोटरी क्लब और इनरव्हील सिटी ने शिक्षक सम्मान समारोह का आयोजन एक स्थानीय होटल में किया। मुख्य अतिथि शहर विधायक सुरेश कुमार खन्ना का स्वागत रोटेरियन अमिताभ बेरी ने माल्यार्पण करके किया। विशिष्ट अतिथि जिला विद्यालय निरीक्षक श्यामा कुमार मौजूद रहे। इस मौके टीचर्स सुरेश चंद्र गुप्ता, सुषमा गुलहरी, आशाकिरन यदुवंशी व परमेश्वरी देवी लाहोरी का सम्मान किया गया। माल्यार्पण के बाद इन्हें प्रशस्ति पत्र प्रदान किया गया। वहीं पूजा वर्मा, पूनमरानी, पूजा भार्गव, अकील अहमद, सुषमा सक्सेना भी सम्मानित हुए। संयोजक रोटेरियन पंकज भार्गव, अध्यक्ष निर्मल कुमार, सचिव केपी सक्सेना, नवनीत पाठक, अमिताभ बेरी, रमेश, राजीव भारती आदि उपस्थित रहे।
उधर इनरव्हील क्लब द्वारा सदस्य रीमा खन्ना के आवास पर आयोजित समारोह में दो शिक्षिकाओं को सम्मानित किया गया। क्लब सदस्यों ने अध्यापिका श्रीमती साइमन व मधुरिमा श्रीवास्तव को शॉल ओढ़ाकर व साड़ी भेंटकर उनका सम्मान किया। इसके बाद क्लब के सदस्यों ने अध्यापिकाओं के व्यक्तित्व पर रौशनी डाली। कार्यक्रम में रागिनी कपूर, अलका अरोरा, रेनू अरोरा, आदर्श सक्सेना, मंजू गर्ग, मिथला अंचल सीमा वर्मा आदि उपस्थित थीं।
इसके अलावा जीआईसी में लायंस क्लब ‘श्रेष्ठ’ ने शिक्षिकाओं का सम्मान किया। प्रधानाचार्या वंदना यादव, उपप्रधानाचार्या कुसुमलता सारस्वत, दर्शन कपूर, पीडी लाहौरी को उनकी सेवाओं के लिए सम्मान से नवाजा गया। इसके साथ ही पांच बच्चों को उनकी सालभर की फीस व ड्रेस प्रदान की गई। इस अवसर पर डा.अमित सिंह, डा.नमिता सिंह, मधु कपूर, राहुल वर्मा, अलका वर्मा, धर्मपाल रैना, प्रिया रैना, आशा सहगल आदि उपस्थित रहे। भारत विकास परिषद की मैत्री शाखा द्वारा एसएस कालेज के शिक्षक कृष्ण कुमार वर्मा व सुदामा इंटर कालेज की प्रधानाचार्या शशि खरे को सम्मानित किया गया। इस मौके पर सुनीता तुली, वंदना गुप्ता, नेहा बहल, अपर्णा सक्सेना, ज्योति ग्रोवर, रुचि गुप्ता, अनिल बहल , अमृतलाल आदि उपस्थित थे। भारत विकास परिषद की महिला शाखा ने डा.सारिका अग्रवाल व सुरैया खान अध्यापिकाओं का सम्मान किया।

सुरेन्द्र अग्निहोत्री
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राष्ट्रीय लोकदल में शामिल होने की घोषणा

Posted on 05 September 2011 by admin

बसपा व सपा के सैकड़ों नेताओं और कार्यकर्ताओं ने आज राष्ट्रीय लोकदल के राष्ट्रीय महासचिव श्री जयंत चैधरी के समक्ष राष्ट्रीय लोकदल में शामिल होने की घोषणा की। शामिल होने वाले प्रमुख लोगों में वर्ष 2002 में बरहज देवरिया से बसपा के टिकट से चुनाव लड़े श्री शैलेन्द्र पाण्डेय के नेतृत्व में बरहज से सभासद श्री मूलचंद्र सोनकर, क्षेत्र पंचायत सदस्य अमरसेन गुप्ता, अमित पाण्डेय, प्रेम नाथ, विनोद तिवारी, ग्राम प्रधान अनिल पाण्डेय, रमाशंकर यादव, ब्रजेश तिवारी, रामू प्रसाद, बी0आर0डी0 पीजी कालेज छात्र संघ के पूर्व अध्यक्ष अजय पति त्रिपाठी छात्र नेता उमाशंकर तिवारी, संतराज पासवान, सोनू मौर्या, विजय शंकर यादव तथा श्री संतोष कुमार यादव छात्र नेता अवध विश्वविद्यालय फैजाबाद एडवोकेट सुभाष चंद्र पांडेय, बुन्देलखंड युवा विकास मंच के अध्यक्ष विकास कुमार झा, बंजारा व नायक समाज के अध्यक्ष सबदल सिंह, श्री राजेश अहिरवार, अनवर खां समाजवादी पार्टी एटा के श्री सुरजीत सिंह यादव, पूर्व प्रधान क्षेत्र पंचायत सदस्य शिवपाल बाहौल, महावीर सिंह यादव, अच्छेलाल यादव, शिवजीत यादव, ओंमकार यादव तथा सईद मंसूरी ने अपने सैकड़ों साथियों के साथ रालोद में शामिल होने की घोषणा की है।

सुरेन्द्र अग्निहोत्री
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माननीया मुख्यमंत्री जी की बिजनौर टाइम्स के संवाददाता के निधन पर शोक संवेदना

Posted on 05 September 2011 by admin

उत्तर प्रदेश की मुख्यमंत्री माननीया सुश्री मायावती जी ने दैनिक ‘‘बिजनौर टाइम्स’’ के लखनऊ संवाददाता श्री सुधीर लहरी की मृत्यु पर गहरा शोक व्यक्त किया है। सुश्री मायावती जी ने श्री लहरी के शोक संतप्त परिजनों के प्रति अपनी गहरी सहानुभूति एवं संवेदना व्यक्त करते हुए दिवंगत आत्मा की शान्ति की कामना की है।
उल्लेखनीय है कि श्री लहरी पिछले एक सप्ताह से डाॅ0 राम मनोहर लोहिया आयुर्विज्ञान संस्थान में भर्ती थे। सोमवार की सुबह उनकी मृत्यु हो गयी। 52 वर्षीय श्री लहरी पिछले करीब 30 वर्षों से पत्रकारिता में थे और प्रेस मान्यता समिति में भी वो लगभग 10 वर्षों तक सदस्य रहे।

सुरेन्द्र अग्निहोत्री
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माननीया मुख्यमंत्री जी की दैनिक ‘‘आज’’ लखनऊ के ब्यूरो चीफ के अनुज के निधन पर शोक संवेदना

Posted on 05 September 2011 by admin

उत्तर प्रदेश की माननीया मुख्यमंत्री सुश्री मायावती जी ने दैनिक ‘‘आज’’ लखनऊ के ब्यूरो प्रमुख श्री एन0 यादव के अनुज श्री रामजीत यादव की गत बुधवार को एक सड़क दुर्घटना में मृत्यु हो जाने पर गहरा शोक व्यक्त किया है।
सुश्री मायावती जी ने शोक संतप्त परिवारजनों के प्रति अपनी गहरी सहानुभूति एवं संवेदना व्यक्त करते हुए दिवंगत आत्मा की शान्ति की कामना की है।

सुरेन्द्र अग्निहोत्री
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भाजपा विधि प्रकोष्ठ का आन्दोलन जारी रहेगा

Posted on 05 September 2011 by admin

भारतीय जनता पार्टी के अधिवक्ताओं नेे कहा कि न्याय मिलने तक भाजपा विधि प्रकोष्ठ का आन्दोलन जारी रहेगा। जनपद लखीमपुर मोहम्मदी में तीन अधिवक्ताओं की हत्या के विरोध में आज हरदोई तथा लखनऊ जिला कचहरी में भाजपा विधि प्रकोष्ठ के अधिवक्ता गणों ने काला फीता बांधकर कार्य बहिष्कार किया तथा प्रदेश सरकार से मांग किया की मृतक अधिवक्ता गणों के परिवार को 15 लाख रूपये छतिपूर्ति के तौर पर राज्य सरकार दे तथा पूरे प्रदेश के अधिवक्ताओं की सुरक्षा एवं सम्मान हेतु आवश्यक उपाय करें। आन्दोलन का संचालन भाजपा विधि प्रकोष्ठ के प्रदेश सह संयोजक विनय कुमार शाही तथा शैलेन्द्र शर्मा अटल ने किया।
यह भी बताया कि भाजपा विधि प्रकोष्ठ पूरे प्रदेश में आन्दोलन एवं धरना करेंगा। प्रकोष्ठ द्वारा महामहिम राज्यपाल उ0प्र0 को ज्ञापन भी दिया जायेंगा।

सुरेन्द्र अग्निहोत्री
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शिक्षक दिवस पर सी.एम.एस. शिक्षकों ने निकाला विशाल ‘चरित्र निर्माण मार्च’ छात्रों के ‘चरित्र निर्माण’ की प्रतिज्ञा की सी.एम.एस. शिक्षकों ने

Posted on 05 September 2011 by admin

सिटी मोन्टेसरी स्कूल के तीन हजार से अधिक शिक्षक/शिक्षिकाओं ने आज शिक्षक दिवस  के पावन अवसर पर विशाल ‘चरित्र निर्माण मार्च’ निकालकर युवा पीढ़ी के चरित्र निर्माण की पुरजोर अपील की एवं भावी पीढ़ी को चरित्रिक व मानवीय गुणों से युक्त बनाने का आहवान किया। सी.एम.एस. शिक्षकों का यह विशाल मार्च कानपुर रोड स्थित पुरानी चुंगी से प्रारम्भ हुआ एवं सी.एम.एस. कानपुर रोड आॅडिटोरियम पहुँचकर एक विशाल सभा में बदल गया। सी.एम.एस. संस्थापक व प्रख्यात शिक्षाविद् डा. जगदीश गाँधी व डा. (श्रीमती) भारती गाँधी ने सी.एम.एस. शिक्षकों के इस विशाल मार्च की अगुवाई की। इस अवसर पर सी.एम.एस. के सभी कैम्पस की प्रधानाचार्याएं, शिक्षाविद् व अन्य गणमान्य लोग उपस्थित थे। इस अवसर पर सी.एम.एस. शिक्षकों ने प्रतिज्ञा की कि हम तब तक दम नहीं लेंगे जब तक छात्रों में चरित्र निर्माण व धार्मिक एकता की नींव मजबूत नहीं कर देंगे।
march-by-cms-teachers-1 सी.एम.एस. शिक्षकों के इस विशाल ‘चरित्र निर्माण मार्च’ को लखनऊ की जनता ने भरपूर समर्थन देते हुए शिक्षकों के सुर में सुर मिलाया एवं सी.एम.एस. की इस पहल की भूरि-भूरि प्रशंसा की। सी.एम.एस. शिक्षकों के ‘चरित्र निर्माण मार्च’ को देखने व इससे प्रेरणा ग्रहण करने हेतु सड़क के दोनों किनारों पर उमड़े भारी जनसमूह की उपस्थिति ने स्पष्ट कर दिया कि ‘चरित्र निर्माण’ की यह मुहिम निश्चित ही रंग लायेगी और वह दिन दूर नहीं जब सारे विश्व में सामाजिक सद्भाव व आपसी भाईचारे की लहर प्रवाहित होगी। शिक्षकों के इस विशाल ‘चरित्र निर्माण मार्च’ में सी.एम.एस. गोमती नगर कैम्पस की प्रधानाचार्या सुश्री मंजीत बत्रा सबसे आगे मुख्य न्यायाधीश की पोशाक में मार्च कर न्याय आधारित विश्व व्यवस्था का संदेश दे रही थीं, तो उनके पीछे इसी कैम्पस के लगभग 200 शिक्षक-शिक्षिकाएं हाथों में ग्लोब लेकर व मुख्य न्यायाधीश की पोशाक में प्रभावशाली अन्तर्राष्ट्रीय कानून व्यवस्था का संदेश दे रहे थे। इसी प्रकार सी.एम.एस. राजेन्द्र नगर के लगभग 150 शिक्षक वल्र्ड सिटीजन की ड्रेस में एवं अलीगंज कैम्पस के 200 शिक्षक विभिन्न देशों के झंडे लेकर विश्व एकता व विश्व शान्ति का संदेश दे रहे थे जबकि सी.एम.एस. के अन्य कैम्पस के शिक्षक भी इसी प्रकार हाथों में नारे लिखी तख्तियाँ लेकर भावी पीढ़ी के चरित्र निर्माण का संदेश दे रहे थे। सी.एम.एस. शिक्षकों का यह विशाल मार्च सी.एम.एस. कानपुर रोड आॅडिटोरियम पहुंचकर एक विशाल सभा में परिवर्तित हो गया।
इस अवसर पर सी.एम.एस. शिक्षकों को सम्बोधित करते हुए प्रख्यात शिक्षाविद् व सी.एम.एस. संस्थापक डा. जगदीश गाँधी ने कहा कि ‘चरित्र निर्माण मार्च’ के माध्यम से जो संदेश आज शिक्षकों ने दिया है, मुझे विश्वास है कि उसकी गूँज सम्पूर्ण मानवता को अपने कर्तव्यों प्रति झकझोर कर रख देगी। उन्होंने कहा कि हमें विश्वास है कि निश्चित ही उच्च चारित्रिक गुणों व नैतिकता की पूँजी से लबालब भारतीय युवा विश्व के सिरमौर बनेंगे एवं अन्तर्राष्ट्रीय कानून व्यवस्था से एक नये भयरहित समाज की स्थापना होगी। डा. गाँधी ने कहा कि अपनी साँस्कृतिक विरासत का परचम सारे विश्व में फहराने के लिए ही सी0एम0एस0 के छात्र व शिक्षक विगत कई वर्षों से समय-समय पर ऐसे विशाल मार्च निकालकर जन-समुदाय को जागरूक करने का प्रयास कर रहे हैं और यही आज की सबसे बड़ी आवश्यकता भी है। डा. गाँधी ने शिक्षकों से अपील की कि वह अपने छात्रों को ‘सर्व-धर्म समानत्व’ के विचार आत्मसात करने हेतु प्रेरित करें। उन्होंने कहा कि शिक्षा का मूल उद्देश्य यही है कि बालक में ईश्वरीय गुणों का समावेश हो, वह ईश्वर की शिक्षाओं को जानें व उस पर अमल करे और समाज का कल्याण करें।
सी0एम0एस0 के मुख्य जन-सम्पर्क अधिकारी श्री हरि ओम शर्मा ने बताया कि चरित्र निर्माण मार्च के उपरान्त आज शिक्षक दिवस के पावन अवसर पर सी.एम.एस. के विद्वान शिक्षकों के प्रति सम्मान प्रदर्शित करने हेतु सी.एम.एस. कानपुर रोड आॅडिटोरिम में ‘शिक्षक सम्मान समारोह’ का भव्य आयोजन किया गया, जिसमें सी.एम.एस. शिक्षकों को इक्यावन लाख रूपये के नगद पुरस्कार व अन्य उपयोगी वस्तुयें प्रदान कर विशेष रूप से पुरस्कृत कर सम्मानित किया गया। श्री शर्मा ने बताया कि सी.एम.एस. अपने छात्रों को किताबी ज्ञान देने के साथ ही समाजिक जागरूकता की शिक्षा भी प्रदान करता है जिससे छात्र आगे चलकर विश्व मानवता की भलाई का कार्य कर समाज में प्रकाश फैला सकें।

सुरेन्द्र अग्निहोत्री
मो0 9415508695
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मंुशी प्रेम चन्द्र की मूर्ति का अनावरण व पार्क का लोकार्पण कार्यक्रम सम्पन्न

Posted on 05 September 2011 by admin

सुप्रसिद्ध साहित्यकार  मुंशी प्रेम चन्द की यादगार में अखिल भारतीय कायस्थ महासभा के अथक प्रयास से बढ़ैयावीर मंे उनकी मूर्ति का अनावरण किया तथा साथ ही साथ उनके नाम से ही पार्क का लोकार्पण किया गया। मुंशी प्रेम चन्द्र की मूर्ति का अनावरण भाजपा के प्रदेश महामंत्री एवं पूर्व विधान सभा सदस्य विन्द्ययवासिनी कुमार एवं मुंशी प्रेम चन्द्र के पौत्र एवं लुम्बनी पत्रिका के संपादक विजय राय ने संयुक्त रूप से किया। नगर पालिका अध्यक्ष प्रवीण अग्रवाल ने उक्त मौके पर बताया कि नगर में अब तक 14 पार्को का जीर्णोद्धार हमारे कार्यकाल में होे चुका है। समाजसेवी एवं वरिष्ठ अधिवक्ता बाबू रवि शंकर एडवोकेट ने मुंशी जी के द्वारा लिखे गये सहित्य पर चर्चा करते हुए कहा कि श्री मुंशी के साहित्य में गरीबों से लेकर अमीरों तक के भावों का समावेश जिस तरह से किया गया है वह अपने में अद्वितीय है। अभाकामा के प्रदेश उपाध्यक्ष अरविन्द श्रीवास्तव ने मुंशी जी का जीवन परिचय से सबको अवगत कराया। पूर्व एमएलसी ने मुंशी प्रेम चन्द्र के जीवन के संघर्ष से शिक्षा लेने की बात कही। लुम्बनी पत्रिका के सम्पादक एवं मुंशी जी के पौत्र विजय साहू ने मुंशी जी की कुछ स्मृतियों के बारे में प्रकाश डाला। कार्यक्रम को सफल बनाने में अखिल भारतीय कायस्थ समाज के जिला महामंत्री वीरेन्द्र श्रीवास्तव का विशेष योगदान रहा। कार्यक्रम में भाजपा के डा0 एम पी सिंह, जिलाध्यक्ष अर्जुन सिंह, पूर्व उच्च शिक्षा राज्य मंत्री ओम प्रकाश पाण्डेय,  बजरंग दल के प्रदेश संयोजक ओम प्रकाश पाण्डेय, हरिश्चन्द्र श्रीवास्तव, विन्नू पाण्डेय, दिनेश चैरसिया, पूर्व चेयरमैन शिव कुमार अग्रहरि, पूर्व जिला महामंत्री राम भुवन मिश्र, केशव श्रीवास्तव,डी एन श्रीवास्तव, कादीपुर तहसील से श्याम चन्द्र श्रीवास्तव, नगर पलिका के सहायक अभियन्ता आशीष त्रिवेदी, रेनू श्रीवास्तव, डा0 शलिल श्रीवास्तव, डा0 राजीव श्रीवास्तव, डा0 ए के अग्रवाल,  सभासद उषा श्रीवास्तव,सहित सैकड़ों की संख्या में अभाकामा  के सदस्य व पदाधिकारी सहित भाजपा कार्यकर्ता मौजूद होकर कार्यक्रम में चार चाॅद लगाये। अन्त में कार्यक्रम में आये हुए अतिथियों का अभाकामा के जिलाध्यक्ष अशोक श्रीवास्तव व महामंत्री वीरेन्द्र श्रीवास्तव ने अभार व्यक्त करते हुए धन्यवाद दिया।

सुरेन्द्र अग्निहोत्री
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आगरा के वृहद विकास के लिए बनी कोर समिति

Posted on 05 September 2011 by admin

जिलाधिकारी होंगे अध्यक्ष, नागरिक समितियों से भी समन्वय
मण्डलायुक्त की पहल पर हुआ आदेश

जनपद आगरा की विभिन्न जन समस्याओं के प्रभावी निराकरण तथा योजनाबृद्व समेकित विकास के लिए मण्डलायुक्त आगरा ने जिलाधिकारी आगरा की अध्यक्षता में अधिकारियों की कोर समिति के गठन का आदेश जारी कर दिया है।
मण्डलायुक्त अमृत अभिजात ने इस संबंध में विस्तृत जानकारी देते हुए बताया कि विगत 11 अगस्त को नगर की मूलभूत समस्याओं एवं समेकित विकास हेतु अधिकारियों व प्रबुद्व नागरिकों का एक सेमिनार आयोजित किया गया था। उक्त सेमिनार में उभर कर आये बिन्दुओं के आधार पर समस्याओं का वर्गीकरण व चिन्हीकरण करते हुए अल्पकालीन एवं दीर्घकालीन योजनाओं पर अमल करने का निर्णय लिया गया है।
जिलाधिकारी की अध्यक्षता व पुलिस उपमहानिरीक्षक की उपाध्यक्षता वाली इस कोर समिति में मुख्य विकास अधिकारी को संयोजक बनाया गया है। उपाध्यक्ष ,सचिव आगरा विकास प्राधिकरण, प्रभागीय निदेशक सामाजिक वानिकी , नगर आयुक्त, मुख्य चिकित्सा अधिकारी , पुलिस अधीक्षक (यातायात), अपर जिलाधिकारी(नगर) व प्रशासन, सहायक निदेशक, पर्यटन तथा संभागीय परिवहन अधिकारी सदस्य के रूप में शामिल होंगे।
यह कोर समिति केन्द्र एवं राज्य सरकार की योजनाओं के माध्यम से विकास की रूप रेखा पर चर्चा करेगी तथा सरकार एवं नगर के नागरिक संगठनों व नागरिको के सहयोग से योजनाओं का क्रियान्वयन करायेगी। नागरिक संगठनों के सहयोग से नागरिक उत्थान, यातायात नियंत्रण, चैराहों का सौन्दर्यीकरण आदि भी कराया जाएगा।
कोर समिति आगरा के विकास के विभिन्न बिन्दुओं के समुचित निराकरण के लिए समन्वय समिति एवं आगरा नागरिक समिति के साथ बैठकर विचार विमर्श करते इस योजना के क्रियान्वयन तथा संचालन को अंतिम रूप देगी।
बेहतर समन्वय के लिए डा0 आर0एस0 पारिख को नागरिक परिषद का अध्यक्ष तथा डा0 संजय चतुर्वेदी को सचिव नामित किया गया है। आवश्यकतानुसार इस हेतु अन्य प्रबुद्व नागरिकों को भी शामिल किया जा सकता है।
‘‘आगरा विकास-मेरा योगदान‘‘ के अंतर्गत विभिन्न योजनाओं को क्रियान्वित करने के लिए निम्नवत समन्वयक व कार्यकारी समितियां बनाई गयी हंै- सूचना प्रौद्योगिकी प्रबन्धन (अपर आयुक्त(प्र0)आगरा), शहरी विकास व स्लम (सचिव, प्राधिकरण), यातायात प्रबंधन (अपर जिलाधिकारी(नगर)),कृषि,उद्योग, समाज कल्याण, स्वास्थ्य प्रबंधन सेक्टर (मुख्य विकास अधिकारी) , पर्यटन एवं संरक्षण (सहायक निदेशक, पर्यटन), नगर विकास व स्वच्छता(नगर आयुक्त), शिक्षा (संयुक्त निदेशक, शिक्षा), पर्यावरण (प्रभागीय निदेशक, सामाजिक वानिकी ) ।
मण्डलायुत ने निर्देश दिये हैं कि सभी समन्वयक सतितियों तथा नागरिक समितियों की बैठकें 25 सितम्बर से पूर्व आहूत कर ली जायें ताकि नगर के वृहद विकास के ब्लूप्रिन्ट पर कार्यवाही आरम्भ की जा सके।

सुरेन्द्र अग्निहोत्री
मो0 9415508695
upnewslive.com

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एसबीआई लाइफ ने हास्पिटल कैश नामक स्वास्थ्य बीमा योजना लाॅन्च की

Posted on 05 September 2011 by admin

- अत्यधिक सुविधाजनक एवं आसान दर -
- आॅनलाइन प्लैटफाॅर्म पर भी उपलबध -

भारत में नई पीढ़ी की सबसे बड़ी जीवन बीमा कंपनी एसबीआई लाइफ इंश्योरेंस ने हास्पिटल कैश नामक स्वास्थ्य बीमा योजना लाॅन्च की है। स्वास्थ्य संबंधी आपात स्थिति में बीमाधारक के अस्पताल में भर्ती के दौरान हर दिन के लिए निश्चित दैनिक भत्ता प्रदान करके, चाहे अस्पताल का बिल जो भी हो, यह योजना बीमाधारक की संचित बचत के क्षरण को रोकती है। अस्पताल से डिस्चार्ज होने के पहले, दौरान और बाद के खर्चे इस भत्ते में शामिल किये गये हैं। कंपनी के व्यापक बहुआयामी वितरण नेटवर्क के साथ-साथ, हास्पिटल कैश इसकी आॅनलाइन प्लैटफाॅर्म पर भी उपलब्ध है।

एसबीआई लाइफ के प्रबंध निदेशक एवं मुख्य कार्यकारी अधिकारी श्री एम.एन.राव ने कहा कि, ‘‘सभी ग्राहक वर्गों के लियेे स्वास्थ एवं धन का समग्र समाधान प्रदान करते हुए, स्वास्थ बीमा के क्षेत्र में हमारा प्रवेश स्वास्थ्य सेवा के बढ़ते खर्च और भारत में स्वाथ्य बीमा के बहुत कम प्रसार के मुद्दे को हल करना है। हाल के वर्षों में इंटरनेट के बढ़ते उपयोग के फलस्वरूप, आॅनलाइन प्लैटफाॅर्म पर स्वास्थ्य बीमा उत्पाद की उपलब्धता हमारी वर्तमान मजबूत बहुआयामी वितरण नेटवर्क के साथ-साथ ग्राहकों को और अधिक सुविधा और विकल्प देगी।

हास्पिटल कैश का डेली हाॅस्पिटेलाइजेशन कैश बेनीफिट (दैनिक अस्पताल-भर्ती नगद लाभ) (डीएचसीबी) बीमाधारक को अस्पताल में भर्ती होने के पहले ही दिन से बिना झंझट एवं बिना किसी कटौती के शत-प्रतिशत निर्धारित भुगतान देता है। इसके अतिरिक्त, यदि बीमित व्यक्ति आइसीयू में भर्ती होता है तो बीमाधारक को मिलने वाली राशि डीएचसीबी की दोगुनी हो जाएगी। इस योजना के अंतर्गत, परिवार के दो या अधिक सदस्यों का कवर होने पर बीमाधारक को 10,000 रूपये की अतिरिक्त निर्धारित एकमुस्त राशि मिलती है। प्रीमियम में कोई बढ़ोतरी किए बिना 40 प्रतिशत वर्धित बीमाधन तक का बोनस, पाॅलिसी के नवीनीकरण पर प्रीमियम में 2.5 प्रतिशत की छूट, 10 प्रतिशत तक पारिवारिक छूट तथा तीन वर्षों के लिए प्रीमियम गारंटी इस योजना की अतिरिक्त विशेषताएं हैं।

पांच आसान चरणों से इंटरनेट बैंकिंग खाता या क्रेडिट कार्ड से भुगतान के द्वारा ग्राहक ूूूण्ेइपसपमिण्बवण्पद पर हास्पिटल कैश खरीदने का विकल्प चुन सकता है। यह योजना पूर्णतः आॅन-लाइन माध्यम से ली जा सकती है क्योंकि इसमें किसी वास्तविक कागजी लिखा-पढ़ी की जरूरत नहीं होती। आॅन-लाइन प्लैटफाॅर्म के अलावा, यह योजना एसबीआई लाइफ के 80,000 बीमा सलाहकारों, 18,000 से अधिक स्टेट बैंक की शाखाओं तथा काॅरपोरेट अभिकर्ताओं के माध्यम से भी उपलब्ध होगी।

यह योजना तीन साल की निर्धारित पाॅलिसी अवधि के लिए उपलब्ध है तथा इसमें वार्षिक, अर्द्ध-वार्षिक एवं त्रैमासिक अंतराल पर प्रीमियम भुगतान की लचीली सुविधा है। 75 वर्ष की परिपक्वता उम्र तक जोखिम सुरक्षा का नवीनीकरण किया जा सकता है।

जून 2011 में जारी आइआरडीए की नवीनतम रिपोर्ट के अनुसार, निजी बीमा कंपनियों में एसबीआई लाइफ नंबर वन है। सभी निजी जीवन बीमाकर्ताओं के बीच बीमा बाजार में इस कंपनी की 21.6 प्रतिशत तथा सकल बीमा बाजार में 6.0 प्रतिशत हिस्सेदारी है।

एसबीआई लाइफ इंश्योरेंस कंपनी लिमिटेड के विषय मेंः

एसबीआई लाइफ इंश्योरेंस भारतीय स्टेट बैंक और बीएनपी परिबास कार्डिफ का संयुक्त उपक्रम है। इसमें 74 प्रतिशत हिस्सेदारी एसबीआई की और 26 प्रतिशत हिस्सेदारी बीएनपी परिबास कार्डिफ की है। एसबीआई लाइफ इंश्योरेंस की अधिकृत पूंजी 2,000 करोड़ रुपये है और चुकता पूंजी 1,000 करोड़ रुपये है।

पांच सहयोगी बैंकों को मिलाकार इसकी 16,000 से अधिक शाखाओं की अभूतपूर्व शक्ति  हैं, जो कि, विश्व में सबसे अधिक है।

बीएनपी परिबास कार्डिफ, बीएनपी परिबास की जीवन और संपदा बीमा इकाई है जो कि विश्व के सर्वाधिक सुदृढ़ बैंकों में से एक है। बीएनपी परिबास समूह, जिसने 80 से  अधिक देशों में अपनी उपस्थिति दर्ज करा रखी है, रीटेल बैंकिंग, निवेश समाधान तथा काॅरपोरेट एवं निवेश बैंकिंग के क्षेत्र में अग्रणी बैंक है। बीएनपी परिबास कार्डिफ क्रेडिटर बीमा क्षेत्र में विश्व की अग्रणी कंपनियों में से एक है और इसकी जीवन और गैर जीवन बीमा एकाईयों को स्टैंडर्ड एण्ड पुअर्स द्वारा ‘एए’ की रेटिंग मिली है।

एसबीआई लाईफ का मिशन ग्राहक सेवा के उच्च मानंदडांे व विश्व स्तरीय परिचालन कार्य कुशलता को सुनिश्चित करते हुए जीवन बीमा व पेंशन उत्पादों को प्रतिस्पर्धात्मक दरो पर उपलब्ध करने वाली अग्रणी कंपनी बनकर उभरना है।

एसबीआई लाइफ के पास, सक्रिय बैंकाएश्योरेंस रिटेल एजेंसी, इंस्टिट्यूशनल अलांयस और काॅरपोरेट सोल्यूशंस वितरण चैनल से मिलकर बना अद्वितिय बहुआयामी वितरण माॅडल हैं।

अनेकानेक बैकिंग उत्पादों जैसे गृह ऋण व व्यक्तिगत ऋणों के साथ, बीमा उत्पादों के वितरण हेतु, स्टेट बैंक ग्रुप के साथ अपनी सहभागिता का एक आधार स्वरूप एसबीआई लाईफ, व्यापक रुप से उपयोग करती है। एसबीआई के दस करोड़ से अधिक खाताधारक, देशव्यापी पहंुच, देश के प्रत्येक क्षेत्र व आर्थिक समूहों में बीमा पहंुचाने हेतु एक सक्रिय आधार, सही मायनों में वित्तीय समावेशन सुनिश्चित करती है।

एजेन्सी चैनल, जो कि 80000 से अधिक, सर्वाधिक उत्पादकता वाले बीमा सलाहकरो से बना है, ग्राहकों को उनके द्वार पर जाकर बीमा समाधान प्रदान करता हैं।

सुरेन्द्र अग्निहोत्री
मो0 9415508695
upnewslive.com

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