Archive | February, 2011

श्रीमती सोनिया गॉधी, द्वारा विशाल स्वास्थ्य मेले का उद्धाटन

Posted on 04 February 2011 by admin

5 एवं 6.फरवरी  को स्थानीय जी0आई0सी0 मैदान, रायबरेली में प्रात: 10 बजे से सायं 6 बजे के मध्य एक विशाल स्वास्थ्य मेला आयोजित किया जा रहा है। दो दिन चलने वाले इस विशाल स्वास्थ्य मेले का उदधाटन श्रीमती सोनिया गॉधी, अध्यक्ष, राश्ट्रीय सलाहकार समिति द्वारा 05 फरवरी 2011 को प्रात: 10 बजे किया जाऐगा।

स्वास्थ्य मेले में देश के जाने माने स्वास्थ्य संस्थानों जैसे एम्स (नई दिल्ली), पी0जी0आई0, छत्रपति साहूजी महाराज विश्व विद्यालय से आये हुए डाक्टरों के द्वारा स्वास्थ्य सम्बंधित नि:शुल्क सलाह एवं सेवायें प्रदान की जायेगी। स्वास्थ्य मेले में उपलब्ध नि:शुल्क सेवाओं में सामान्य स्वास्थ्य परीक्षण के अन्तर्गत नेत्र जांच, दन्त जॉच, मलेरिया, कैंसर, टी0बी0, रक्त चाप, डायबिटीज, हड्डी एवं जोड़ रोग व एच0आई0वी0 से सम्बंधित सेवाएं, मातृत्व एवं बाल स्वास्थ्य सेवाओं के अन्तर्गत प्रसव पूर्व, पश्चात् सलाह एवं सेवाएं, परिवार कल्याण सलाह एवं सेवायें, प्रजनन/ यौन जनित संक्रमण से सम्बंधित सलाह एवं सेवायें व िशशु रोग परीक्षण भी सम्मलित रहेंगे। इसके अतिरिक्त स्वास्थ्य मेले का मुख्य आकशZण महावीर फाउण्डेशन एवं एलएम्को द्वारा विकलांगों हेतु प्रदान की गई विशेश सेवाएं होगीं जिसमें विकलांग व्यक्तियों हेतु कृत्रिम पैर प्रदान करने हेतु सुविधा, पोलियो के मरीजों हेतु कैलीपर सुविधा, बैसाखी एवं ट्राई साईकिल वितरण रहेंगे जिसे सम्बन्धित जांचों के आधार पर लाभार्थीयों को प्रदान की जायेंगी। इसके अतिरिक्त स्वास्थ्य मेले आयुश डाक्टरों द्वारा आयुर्वेदिक, युनानी, योग एवं होम्योपैथिक चिकित्सा सेवाएं होंगी। एच.एच.एल. लाइफकेयर द्वारा जारी की गई विज्ञपति के अनुसार मेले की जानकारी जनसामान्य तक पहुंचाने हेतु प्रचार प्रसार वाहन पूरे रायबरेली में चलाये जा रहें हैं जिसके माध्यम से जरूरतमन्द व्यक्तियों का स्वास्थ्य सेवाओं हेतु रेजिस्ट्रेशन किया जा रहा है।

सुरेन्द्र अग्निहोत्री
मो0 9415508695
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राज्य सरकार द्वारा अनुसूचित जाति/जनजाति का कोई भी विचाराधीन वाद वापस नही लिया गया

Posted on 04 February 2011 by admin

राज्य सरकार के प्रवक्ता ने कहा है कि भारत सरकार के गृह मन्त्रालय के राष्ट्रीय अपराध अभिलेख ब्यूरो (एन0सी0आर0बी0) द्वारा प्रकाशित “क्राइम इन इण्डिया´´ की रिपोर्ट के अनुसार उत्तर प्रदेश में अनुसूचित जाति/जनजाति के व्यक्तियों के विरुद्ध हुए अपराधों में कमी आयी है। एन0सी0आर0बी0 द्वारा जारी किये गये “क्राईम इन इण्डिया-2009´´ के आकंड़ो के अनुसार उत्तर प्रदेश में अनुसूचित जाति के विरुद्ध हुए अपराधों की दर 3.8 रही, जबकि राजस्थान में यह दर 7.5, उड़ीसा में 4.2, मध्य प्रदेश में 4.3, बिहार में 4.0, आन्ध्र प्रदेश में 5.4 दर्ज की गई है।

प्रवक्ता ने बताया कि राज्य सरकार अनुसूचित जाति/जनजाति के लोगों के खिलाफ होने वाली उत्पीड़न की घटनाओं पर प्रभावी अंकुश लगाने के लिए कठोर कदम उठाये है। इन वर्गो के उत्पीड़न से सम्बंधित अपराधों की विवेचना में उ0प्र0 पुलिस द्वारा 94.8 प्रतिशत विवेचनाओं का निस्तारण सुनिश्चित किया गया है जबकि सम्पूर्ण भारत के कुल 35 राज्यों/केन्द्र शासित प्रदेशों के विवेचना निस्तारण का प्रतिशत मात्र 74.1 रहा है तथा निस्तारित विवेचनाओं में उत्तर प्रदेश में आरोप पत्र का प्रतिशत 85.5 रहा है।

प्रवक्ता ने बताया कि राज्य सरकार द्वारा इन वर्गो से सम्बंधित वादों में प्रभावी पैरवी तथा उत्पीड़ित व्यक्ति को त्वरित न्याय दिलानें के लिए प्रदेश में 40 जनपदों में विशेष न्यायालयों का गठन किया गया है। अनुसूचित जाति/जनजाति के लिम्बत अभियोगों के तेजी से निस्तारण के लिए शासन द्वारा प्रदेश के विभिन्न जनपदों में 71 फास्ट ट्रैक न्यायालयों को भी वादों के निस्तारण के लिए अधिकृत किया गया है। इस प्रकार जिलों में विशेष न्यायालय है और इसके अतिरिक्त फास्ट ट्रैक न्यायालय भी कार्यरत है।

प्रवक्ता ने बताया कि राज्य सरकार द्वारा अनुसूचित जाति/जनजाति (अत्याचार निवारण) अधिनियम-1989 के वादों के मा0 न्यायालयों में प्रभावी पैरवी हेतु अभियोजन संवर्ग के अभियोजकों को विशेष लोक अभियोजक भी नियुक्त किया गया है। इसके साथ ही राज्य सरकार द्वारा अनुसूचित जाति/जनजाति का कोई भी विचाराधीन वाद वापस नही लिया गया, जबकि वर्ष 2009 में कर्नाटक में 3 एवं महाराष्ट्र में 5 वाद वापस लिये गये।

प्रवक्ता ने बताया कि अनुसूचित जाति/जनजाति के सदस्यों के विरुद्ध हुए अपराधों में उत्तर प्रदेश में दोषसिद्धि के प्रकरण में 3217 थे जबकि सम्पूर्ण भारत वर्ष में दोषसिद्धि के प्रकरण मात्र 5934 थे। इस प्रकार सम्पूर्ण भारत वर्ष में सजा किये गये प्रकरणों का 54.2 प्रतिशत उत्तर प्रदेश में हुआ है तथा सजा की दर 52.6 रही है जबकि सम्पूर्ण भारत वर्ष में दोषसिद्धि का औसत दर मात्र 29.6 रहा।

प्रवक्ता ने बताया कि राज्य सरकार द्वारा जुलाई, 2009 में शासनादेश निर्गत कर अनुसूचित जाति/जनजाति के उत्पीड़न के प्रकरणों में जनपद के वरिष्ठतम पुलिस अधिकारी द्वारा घटना स्थल का निरीक्षण तथा की गई कार्यवाही का विवरण मुख्यालय प्रेषित करने, जघन्य अपराधों में मण्डलीय अधिकारियों द्वारा घटना स्थल का निरीक्षण एवं कृत कार्यवाही की सूचना मुख्यालय प्रेषित करने तथा पीड़ित को अनुमन्य राहत राशि प्रदान करने की व्यवस्था की गई है। इसका प्रभावी क्रियान्वयन सुनिश्चित किया जा रहा है।

प्रवक्ता ने बताया कि प्रदेश में अनुसूचित जाति/जनजाति के विरुद्ध हुए अपराधो पर पूर्ण सजगता एवं संवेदनशीलता बरतते हुए घटनाओं का त्वरित पंजीकरण, समयबद्ध विवेचना एवं प्रभावी पैरवी सुनिश्चित की गई है। जिसके फलस्वरुप उत्तर प्रदेश में अनुसूचित जाति/जनजाति के लोगों के खिलाफ अपराधों में गिरावट आयी है।

सुरेन्द्र अग्निहोत्री
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विधान सभा अध्यक्ष द्वारा सत्र के शंातिपूर्ण संचालन हेतु राजनैतिक दलों के नेताओं से सहयोग का अनुरोध

Posted on 04 February 2011 by admin

माननीया मुख्यमन्त्री जी ने सदन के सुचारू संचालन  में सत्तारूढ़ दल के पूरे सहयोग का आश्वासन दिया
विपक्षी दलों के नेताओं ने सदन के सुव्यवस्थित संचालन में सहयोग का भरोसा दिलाया

विधान सभा अध्यक्ष श्री सुखदेव राजभर ने कल से शुरू हो रहे विधान सभा सत्र के सुचारू एवं शंातिपूर्ण ढंग से संचालन के लिये सभी राजनैतिक दलो के नेताओं से सहयोग का अनुरोध किया है। उन्होंने आज विधान भवन में आहूत एक बैठक में राजनैतिक दलों के नेताओं से संसदीय परम्पराओं के अनुसार सदन को चलाने में सहयोग प्रदान करने का भी अनुरोध किया।

इस मौके पर माननीया मुख्यमन्त्री एवं नेता सदन सुश्री मायावती जी ने विधानसभा अध्यक्ष को सत्तारूढ़ दल की ओर से सदन को सुचारू रूप से संचालन में पूरा सहयोग प्रदान करने का आश्वासन दिया । उन्होंने कहा कि सदन में महामहिम राज्यपाल का अभिभाशण भी होगा, जिसके माध्यम से राज्य सरकार द्वारा जनता के हित में लिए गये तमाम निर्णयों एवं उपलब्धियों का विवरण प्रस्तुत किया जायेगा। उन्होंने कहा कि विधान मण्डल के वर्तमान सत्र में प्रदेश सरकार द्वारा वित्तीय वशZ 2011-12 का बजट भी प्रस्तुत किया जायेगा, जिसके चलते आगामी सत्र का विशेश महत्व है। उन्होनें विश्वास व्यक्त किया कि विधानसभा की गरिमा को कायम रखते हुए प्रतिपक्ष सदन के सुव्यवस्थित संचालन में पूरा सहयोग प्रदान करेगा।

बैठक में मौजूद समाजवादी पार्टी के श्री अिम्बका चौधरी, भारतीय जनता पार्टी के श्री ओम प्रकाश सिंह, कांग्रेस पार्टी के श्री प्रमोद तिवारी तथा राश्ट्रीय लोक दल के श्री कौकब हमीद ने विधानसभा अध्यक्ष को सदन के शान्तिपूर्ण संचालन में अपने-अपने दलों की ओर से सहयोग देने का आश्वासन दिया।
इस अवसर पर संसदीय कार्य मन्त्री श्री लालजी वर्मा एवं सहकारिता मन्त्री श्री बाबू सिंह कुशवाहा भी उपस्थित थे।

सुरेन्द्र अग्निहोत्री
मो0 9415508695
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षडयन्त्र किये जाने की घटना पर उ0प्र0 कंाग्रेस कमेटी ने कड़ी निन्दा की

Posted on 04 February 2011 by admin

कांग्रेस नेता एवं जनपद बान्दा के नरैनी से पी.सी.सी. सदस्य श्री संजीव अवस्थी को कल नई दिल्ली से चलकर लखनऊ एयरपोर्ट पर उतरने पर पुलिस द्वारा इन्हें अज्ञात स्थान पर ले जाने एवं आज कानपुर के किसी थाने में बैठाकर फर्जी मुकदमें में फंसाने का षडयन्त्र किये जाने की घटना की उ0प्र0 कंाग्रेस कमेटी ने कड़ी निन्दा की है।

प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष डॉ0 रीता बहुगुणा जोशी ने आज यहां जारी बयान में कहा कि कांग्रेस नेता श्री संजीव अवस्थी ने बान्दा जनपद में अवैध बालू खनन सहित मुख्यमन्त्री एवं प्रदेश सरकार के तमाम काले कारनामों के विरूद्ध मा0 उच्च न्यायालय में कई जनहित याचिकाएं दायर की हैं तथा श्री अवस्थी की जनहित याचिकाओं पर प्रदेश सरकार को कई बार मा0 न्यायालय की फटकार भी सुननी पड़ी है जिसके चलते प्रदेश की मुख्यमन्त्री एवं प्रदेश सरकार द्वारा पूर्व में भी श्री अवस्थी से बदले की भावना से इनके घर पर पुलिस द्वारा छापा भी डाला गया था। इसी कारण कल श्री अवस्थी को लखनऊ एयरपोर्ट पहुंचने प्रदेश सरकार के इशारे पर पर पुलिस द्वारा इन्हें अज्ञात स्थान पर ले जाया गया है ताकि इन्हें किसी फर्जी मामले में फंसाकर प्रताड़ित कर सकें।

डॉ0 जोशी ने कहा कि उ0प्र0 कंाग्रेस कमेटी उपरोक्त घटना की कड़ी निन्दा करने के साथ ही चेतावनी देती है कि यदि श्री संजीव अवस्थी को फर्जी मुकदमें में फंसाने की प्रदेश सरकार द्वारा कोशिश की गई एवं उन्हें सकुशल छोड़ा नहीं गया तो कांग्रेसजन प्रदेश सरकार के विरूद्ध आन्दोलन करने केा बाध्य होंगे। उन्होने कहा कि यदि इस सरकार की मंशा पूरी तरह पाक-साफ है एवं रंजिशवश श्री अवस्थी को नहीं फंसाया जा रहा है तो कांग्रेस पार्टी चुनौती देती है कि इस मामले की सी.बी.आई. जांच करा दी जाए।

प्रदेश कंाग्रेस अध्यक्ष ने कहा कि सत्ता के नशे में मगरूर सुश्री मायावती अपने खिसकते जनाधार के कारण बौखलाकर अपने विरोधियों का उत्पीड़न करने पर उतर आई हैं। यही कारण है कि 22 वषोZं बाद श्री पी.एल. पुनिया के विरूद्ध भी इसी तरह षडयन्त्र किया जा रहा है।

कंाग्रेस पार्टी द्वारा बसपा विधायकों एवं सरकार के विरूद्ध भ्रष्टाचार, बलात्कार, अवैध कब्जों इत्यादि के खिलाफ मजबूत आवाज उठाने के कारण मायावती सरकार द्वारा कंाग्रेस कार्यकर्ताओं का उत्पीड़न प्रारम्भ किया गया है जिसका हर स्तर पर कांग्रेस पार्टी मुंहतोड़ जवाब देगी।

सुरेन्द्र अग्निहोत्री
मो0 9415508695
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पुस्तक “अवेक, एराइज, असेन्ड´´ की समीक्षा

Posted on 04 February 2011 by admin

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शून्य से शिखर पर पहुंचाने में सक्षम है  पुस्तक `अवेक, एराइज, असेन्ड´

पुस्तक `अवेक, एराइज, असेन्ड´ का लोकार्पण अभी हाल ही में 31 जनवरी 2011 को प्रधानमन्त्री डा. मनमोहन सिंह ने अपने सरकारी आवास 7, रेसकोर्स रोड, नई दिल्ली में किया। देशवासियों खासकर युवा पीढ़ी के लिए इस अनूठी पुस्तक को लोकार्पित करते हुए प्रधानमन्त्री ने कहा कि `अवेक, ऐराइज, असेन्ड´ भावी पीढ़ी को नई दिशा देने में अवश्य ही मील का पत्थर साबित होगी। प्रधानमन्त्री डा. मनमोहन सिंह ने पुस्तक के लेखक व प्रख्यात साहित्यकार पं. हरि ओम शर्मा `हरि´ को शाल ओढ़ाकर सम्मानित करते हुए कहा कि पुस्तक `अवेक, एराइज, असेन्ड´ किशोरों व युवाओं को नई राह दिखाने एवं सकारात्मक दृष्टिकोण अपनाकर शून्य से शिखर पर पहुंचने की प्रेरणा देने वाली अनूठी पुस्तक है।

`प्यार जीवन के लिए अमृत है´ की नई परिभाषा गढ़ती साहित्यजगत की अनुपम कृति पुस्तक `अवेक, एराइज, असेन्ड´ अपने लालित्य, सरल-सहज भाषा, पारिवारिक व सामाजिक परिवेश का यथार्थ शब्द-चित्रण व आकर्षक साज-सज्जा से जहां बरबस ही पाठकों के दिल को छू जाती है तो वहीं दूसरी ओर पुस्तक के प्रथम पृष्ठ पर ही लेखक ने `अपनी बात´ कहते हुए पुस्तक के उद्देश्य व उपयोगिता से पाठकों के `अन्तरमन´ को झकझोर दिया है। बकौल लेखक - “मैंने अपनी बात उन व्यक्तियों के लिए नहीं लिखी है, जो सो रहे हैं, क्योंकि सोते हुए को जगाना एक पाप है। मैंने अपनी बात उन लोगों के लिए भी नहीं लिखी है जो जगे हुए हैं क्योंकि जागृत प्राणी को जगाना सूर्य को दीपक दिखाने के समान है। मैंने अपनी बात ऐसे व्यक्तियों के लिए लिखी है जो कि जागृत अवस्था में भी सुप्तावस्था में हैं, अर्थात तन से जगे होने के बाद भी मन से सोये हुए हैं। आत्मविश्वास से लबालब होने के बावजूद भी निराश हैं, दीन-हीन भावना से ग्रस्त हैं, कर्तव्य से विमुख हैं, भाग्य के गुलाम हैं। जो आत्मबल होने के बाद भी अपने को निर्बल समझ रहे हैं। जो एक मूल्यवान शरीर होने के बावजूद अपने को गरीब समझ रहे हैं, जो ईश्वर की सन्तान होने के बाद भी अपने को अनाथ समझ रहे हैं। ऐसे ही व्यक्तियों के लिए मैंने अपने विचारों को `अवेक, एराइज, असेन्ड´ नाम देकर एक पुस्तक के स्वरूप में समाज के एक ऐसे वर्ग को जगाने का प्रयास किया है जो जागृत होने के बावजूद सुप्तावस्था में हैं।´´

coverवैसे यह पुस्तक अंग्रेजी भाषा में है परन्तु खास बात यह है कि पूरी पुस्तक में अंग्रेजी के िक्लस्ट अथवा कठिन शब्दों से बचने का भरपूर प्रयास किया गया है। इस पुस्तक में अंग्रेजी के उन शब्दों का चयन किया गया है जो बहुतायत से आम बोलचाल की भाषा में प्रयोग होते रहते हैं और मध्यमवर्गीय किशोरों व युवाओं को आसानी से समझ में आने वाले हैं। इस पुस्तक का मुख्य आकर्षण व वृहद उद्देश्य बच्चों, किशारों व युवाओं का `चरित्र निर्माण´ ही है किन्तु खास बात यह है कि सामाजिक व पारिवारिक जीवन का शायद ही कोई ऐसा पहलू हो जो लेखक की लेखनी से अछूता रहा हो। प्राय: सभी पारिवारिक विषयों पर लेखक ने निर्विवाध रूप से अपनी लेखनी चलाई है। जहां एक ओर जर व जमीन की मृग-मरीचिका में भटकते अभिभावकों को चेताया व आगाह करते हुए बिन्दुवार सलाह-मशविरा भी दिया है, सहानुभूति भी जताई है।

पुस्तक के लेखक पं. हरि लिखते हैं - “बच्चे मेरे और आपके नहीं हैं। बच्चे तो परम्पिता परमात्मा के हैं, हमें तो केवल इन बच्चों की देखभाल व लालन-पालन की जिम्मेदारी ईश्वर ने सौंपी है।´´ इसके अलावा सिर्फ बच्चों को ही नहीं अपितु समाज के सभी छोटे-बड़े नागरिकों को सफलता के उच्चतम सोपान पर पहुंचाने हेतु लेखक ने जैसे अपना सारा अनुभव उड़ेल दिया है जिसके कुछ नमूने देखने लायक हैं जैसे - `अपाट्Zयूनिटी नॉक्स एट डोर, आर यू अवेक ऑर स्लीप´, `पॉजिटिव थिंकिंग मेक्स वन फ्राम जीरो टु हीरो´, `इफ यू वान्ट टु फुलफिल योर ड्रीम्स, वेक अप´, `परसिस्टैन्स, पैशन एण्ड प्रोफाउण्ड इन्थूजियाजम विल टेक यू टु योर गोल´आदि-आदि। सिर्फ अनुभव ही नहीं अपितु पाठकों में आत्मबल भरने में भी लेखक ने कोई कोर-कसर नहीं छोड़ी है - `विक्ट्री एण्ड डिफीट हैव एन इनसपरेबल रिलेशनशिप´, `पावर ऑफ मनी, पॉवर आफ मशल, पॉवर ऑफ पोजीशन, बट द ग्रेटेस्ट पॉवर इज पॉवर ऑफ सॉल´, `एवरीथिंग इस पॉसिबल, नथिंग इज इम्पॉसिबल´ आदि।

मां की महिमा से रूबरू कराने से लेकर नारी शक्ति के साथ मिलकर सफलता का सपना दिखाने वाले पं हरि ने 70 लेखों के माध्यम से गागर में सागर भरने में अथक प्रयास किया है। जीवन के विविध पहलुओं पर विहंगम दृष्टि डालने के साथ ही लेखों के बीच-बीच में उदहरणों व संस्मरणों के माध्यम से लेखक ने ग्रामीण परिवेश की भीनी-भीनी महक से ऐसा अद्भुद मिलाप कराया है जो भुलाये नहीं भूलता। इसके साथ ही शहरी जीवन की भागमभाग व बैचेन मानसिकता की एक झलक भी इस पुस्तक में देखने को मिलती है। इसी के परिणामस्वरूप एक ही जैसे उद्धरण, संस्मरण कई बार जहां-तहां देखने को मिल जाते हैं, जो पाठकों को अखरता भी है तथा यह दोहरापन लेखन की धार को भी कम करता है, साथ ही पुस्तक की समरसता को ग्रहण लगता है। इतने पर भी यह पुस्तक जीवन के विविध आयामों पर अपनी अमिट छाप छोड़ती है एवं कुछ कर गुजरने व मंजिल पर पहुंचने के लिए प्रेरित करती हुई, युवाओं व अभिभावकों को नई राह दिखाती हुई `अवेक, एराइज, असेन्ड´ के अपने नाम सार्थक करती हुई लगती है।

हालांकि पुस्तक की मोटाई जरूर कुछ ज्यादा है किन्तु आदि से अन्त तक नीरसता ढूंढे से भी नहीं मिलती, यह लेखक की अद्भुद लेखन शैली ही है जो पाठक को प्रत्येक अध्याय की समाप्ति पर अगले अध्याय को पढ़ने हेतु लगातार प्रेरित करती है। इतना ही नहीं, अध्याय की समाप्ति पर लेखक के स्वलिखित `कोटेशनों´ ने तो इसमें चार-चांद लगा दिये है जैसे पूरी पुस्तक का सार इन्हीं छोटे-छोटे `कोटेशनों´ में समाया हो। जहां तक इसकी कीमत का सवाल है तो 300 रूपये की धनराशि मध्यम वर्ग की पहुंच के अन्दर ही है हालांकि गरीबी रेखा के स्तर पर यह कीमत कुछ अधिक हो सकती है किन्तु पुस्तक की उत्तम कागज क्वालिटी, उच्च क्वालिटी की बाइण्डिग, मोटा रंगीन कवर पृष्ठ आदि कीमत की मामूली अधिकता के कारक कहे जा सकते हैं।

कुल मिलाकर `अवेक, एराइज, असेन्ड´ पुस्तक अपने नाम को सार्थक करती हुई समाज के प्रत्येक सदस्य को जीवन के उच्चतम सोपानों पर कदम रखने का सपना दिखाकर उसको मंजिल पर पहुंचने की राह दिखाती है। यह अमूल्य पुस्तक जीवन मूल्यों, संस्कारों, अधिकारों व कर्तव्यों की ज्योति जगाकर आत्मविश्वास से लबालब भी करती है। सामाजिक सरोकारों पर भी पैनी नज़र रखती पं. हरि ओम शर्मा `हरि´ की यह एक प्रेरणादायी व संग्रहणीय कृति है, जो बहुत ही रचनात्मक विधि से सामाजिक विकास का ताना-बाना बुनती है।

(समीक्षक : प्रवीण शुक्ला -  12, स्टेशन रोड, लखनऊ  , मोबाइल : 09889460062 , ईमेल : praveensh33@gmail.com , फोन व फैक्स : 0522.2638324)

सुरेन्द्र अग्निहोत्री
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जिला चिकित्सालय का वृहद निरीक्षण

Posted on 04 February 2011 by admin

जिलाधिकारी ने दिये युद्धस्तर पर कार्य पूरा करने के निर्देश

रोगियों को बेहतर सुविधायें देना सर्वोपरि कार्य है अतज् मरीजों को दी जाने वाली सुविधाओं में गुणात्मक सुधार और निर्माण कायोंü में गति लायें। सफाई, प्रकाश व्यवस्था, उपकरणों की सफाई तथा क्रियाशीलता पर ध्यान दें। जिला चिकित्सालय के कायोंü का प्रतिदिन वरिष्ठ अधिकारी निरीक्षण करें और प्रस्तावित कार्य युद्धस्तर पर संचालित करते हुए एक माह में पूर्ण करना सुनिश्चित करें। उन्होंने अस्पताल परिसर में चार हाईमास्ट लाइटें लगवाने के निर्देश दिये।

जिलाधिकारी अमृत अçाजात ने गुरूवार को राजकीय जिला चिकित्सालय पहुंचकर लगाग दो घण्टे तक गहन निरीक्षण करते हुए यह निर्देश दिये। उन्होंने पंजीकरण çाडकी पर मरीजों की लबी लाइन देा कर निर्देश दिये कि जिला चिकित्सालय में चार पंजीकरण पटल ाोले और हर पटल पर कप्यूटर तथा रोगियों की सुविधा हेतु शेड लगवायें।

जिलाधिकारी ने इमरजेंसी वार्ड को निरीक्षण करते सफाई, प्रकाश व्यवस्था, फर्श मरमत, शौचालय आदि में सुधार करने और साी सुविधायें अन्तर्राष्ट्रीय मानकों के अनुरूप सुनिश्चित कराने के निर्देश दिये। उन्होंने जनरल वार्ड, महिला वार्ड, सर्जिकल वार्ड, प्लास्टर कक्ष ब्लड बैंक, निर्माणाधीन मॉडलर ओटी, रिजनल डाइगनोस्टिक सेन्टर, एक्स-रे कक्ष अल्ट्रासाउण्ड कक्ष, आईसीयू, हदय रोग तथा बालरोग, दन्तरोग विााग तथा लैब का गहन निरीक्षण किया।
जिला अस्पताल में विçान्न कायोंü के लिए 11 माह पूर्व चार करोड की धनराशि राजकीय निर्माण निगम को उपलब्ध कराई गई थी परन्तु अाी तक इस धनराशि का उपयोग न किये जाने पर जिलाधिकारी ने नाराजगी प्रकट करते हुए राजकीय निर्माण निगम के जीएम एसएच आब्दी प्राारी व सहायक परियोजना प्रबन्धक ाजन लाल, सिविल तथा इलेक्टि्रकल के अवर अçायन्ता को कठोर चेतावनी देते हुए कार्य शैली में सुधार हेतु निर्देश दिये।
निरीक्षण में पाया गया कि परिसर में नया नलकूप बनकर तैयार है परन्तु क्रियाशील नहीं हुआ है और स्वास्थ्य विााग को हस्तान्तरित ाी नहीं हुआ। जिलाधिकारी ने दोषी कर्मियों के विरूद्ध दण्डात्मक कार्यवाही के निर्देश दिये।

प्राइवेट वार्ड पर लबे समय से ताला लगे होने की शिकायत पर जिलाधिकारी ने मौके पर पहुंच कर ताला तुडवा कर देाा तो çस्थति दयनीय पाई गई जिसकी मरमत व सुधार के साथ एप्रोच रास्ते की मरमत के निर्देश दिये।

जिलाधिकारी ने प्रस्तावित साी निर्माण कायोंü में पांच यूनिट में वांट कर अलग ठेकेदारों द्वारा मजदूरों की संया आदि संस्ााधनों में वृçद्ध करते हुए युद्ध स्तर पर कार्य को एक माह में पूर्ण करने के निर्देश दिये। ज्ञातव्य है कि माननीय मुयमन्त्री जी द्वारा गत बुधवार को निरीक्षण में इंगित कमियों को एक माह में सुधार के निर्देश दिये थे।

जिलाधिकारी ने निर्देश दिये है कि साी कायोंü को आज प्रात ग्यारह बजे तक प्रस्तुत कर दें। कायोंü की प्रतिदिन समीक्षा हेतु जिलाधिकारी व मुय विकास अधिकारी प्रतिदिन जिला अस्पताल जायेंगे और प्रतिदिन रात्रि नौ बजे दिन में हुये कायोंü की प्रगति आया जिलाधिकारी के समक्ष मुय चिकित्साधिकारी प्रस्तुत करेंगे।

सुरेन्द्र अग्निहोत्री
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एड्स के प्रति किया जागरूक

Posted on 04 February 2011 by admin

2उत्तर प्रदेश राज्य एड्स नियन्त्रण शोसायटी द्वारा अनुदानी संस्था लक्षित हस्तक्षेप परियोजना प्रताप सेवा समिति के माध्यम से शोसायटी की एडोकेशी अधिकारी डॉ0 फातिमा जोशी ने पुलिस लाईन सुलतानपुर में 215 नौजवानों को प्रश्नोत्तरी के माध्यम से एच0आई0वी0 एड्स के चार कारणों पर विस्तृत रूप से प्रकाश डालते हुए जानकारी प्रदान की। डॉ0 जोशी ने बताया कि प्रत्येक सेक्स के समय कण्डोम का प्रयोग अवश्य करें। हमेशा जॉचा परखा खून चढावें। रक्त के पैकेट पर एच0आई0वी0 मुक्त की मोहर लगी हो। हमेशा नई सिरिंज का प्रयोग करें। संक्रमित माता डॉ के सम्पर्क में ही बच्चों को जन्म दे। बैठक में संस्था के परियोजना प्रबन्धक जसवन्त कुमार सिंह ने बताया कि लक्षित हस्तक्षेप परियोजना का प्रमुख्य उददेश्य बचाव उपचार देख भाल के सहयोग के माध्यमों को समेकित करके एच0आई0वी0 संक्रमण की दर में कमी लाना है। उक्त उद्देशो की पूर्ति हेतु लक्षित समूह के बीच में अनेक प्रकार के कार्यक्रम लिये जाते हैं। बैठक में नगर क्षेत्राधिकारी िशव प्रसाद, प्रेम लता केशरवानी व डब्लू सीमा श्रीवास्तव, इरफाना ,गौरव श्रीवास्तव आदि मौजूद रहे।

सुरेन्द्र अग्निहोत्री
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चुनावी महासंग्राम में जनता के मूड से बसपाई परेशान

Posted on 04 February 2011 by admin

•    दल-बदलू नेता  अन्य दलों में ढूंढ रहे अपना स्थान

चुनावी महासंग्राम 2012 को लेकर खास कर बसपाईयों के सम्भावित प्रत्यािशयों में चिन्ता की लकीरें अभी से झलक रही हैं। सरकार द्वारा जन विरोधी नीतियों से बसपा खेमे में हलचल सी मच गई है। प्रत्याशी बहनजी को खुश करने के बजाय जनता में अपनी पैठ जमाना चाहते हैं। लेकिन बसपा के खद्दर धारी जनता का आक्रोश झेल रहे हैं। जिससे उनमें हार का जबरदस्त भय ब्याप्त है। अवसर वादी नेता अब पार्टी से पाला बदलने की जुगत ठूंठ रहे हैं।

आगामी विधान सभा चुनाव 2012 की तैयारी हर पार्टी के कार्यकर्ता करने में जुट गये हैं। लगभग सभी पार्टियों के सम्भावित प्रत्याशी अपने-अपने विधान सभा में जाकर पैठ जमाना शुरू कर दिये हैं। सूत्रों के मुताबिक इसौली विधान सभा क्षेत्र मुस्लिम बाहुल्य होने की वजह से मुस्लिम प्रत्याशी को ही बसपा से टिकट मिलने की उम्मीद तेज हो गई है। सुलतानपुर सीट भी मुस्लिमों की जागीर मानी जाती है। प्रत्याशी के जीत हार का फैसला मुस्लिम मतदाताओं पर ज्यादा रहता है। जयसिंहपुर सीट में मिलीजुली सरकार है। चॉदा में ब्रहम्मणों का वर्चस्व कायम है। ब्रहम्मण जिसपर खुश हो जाते हैं। उसकी सीट पक्की मानी जाती है। कादीपुर में हरजनो ंका वर्चस्व कायम है। जहॉ पर बसपा विधायक भगेलू राम वर्मा को शानदार जीत मिलती है। इन सब के बावजूद बसपा के सम्भावित प्रत्याशी इस बार चुनाव को लेकर काफी सशंकित हैं। जनता का कहना है कि बसपा सरकार में सिर्फ गिने चुने लोगों को ही फायदा मिला प्रदेश भर में त्राहि-त्राहि मची हुई है। जनता को न्याय मिलना दूभर हो गया है। विकास कार्यों में भ्रस्टाचार्य के दीमक लगे हैं। थानों पर आम जनता की सुनवाई नहीं होती है। बे गुनाहों को अनायाश ही जेल में ठूस दिया जाता है। अवैध वसूली के चक्कर में वदीZ धारी अक्सर बेगुनाह को थाने पर लेजाकर पीटते हैं। पेशगी मिल जाने पर वह उसे छोड देते हैं। छोटे से बडे काम में अधिकारियों व कर्मचारियों को पेशगी देना लाजमी हो गया है। इस वजह से जनता अब अन्दोलन के मूड में है। इन्हीं जवाबों से बसपा के सम्भावित प्रतियाशी हैरान व परेशान हैं। सूत्रों से पता चला है कि कुछ अवसर वादी नेता जीत के लिए पार्टी का पाला बदल देगें। वह अब अन्य दलों में अपना वजूद खोज रहे हैं। इसकी खबर भी बसपा सुप्रीमों मायावती को लग चुकी है। सूत्रों के मुताबिक कुछ एक प्रत्यािशयों पर जनता इसलिए मेहरबान है कि वह सब के सुख दुख में हाजिर रहते हैं। हलाकि बसपा नेता पूर्व सांसद ताहिर खॉ, अतहर खॉ, राम सिरोमणि वर्मा इसौली विधायक सोनू सिंह आदि की जनता में गहरी पैठ है। बहरहाल आने वाले चुनाव में सपा प्रत्यािशयों का डंका बजने की उम्मीद तेज मानी जा रही है। जनता हर हाल में बसपाईयों को सबक सिखाने का मन बना लिया है।

सुरेन्द्र अग्निहोत्री
मो0 9415508695
upnewslive.com

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आर0आई0 पुलिस का डण्डा सर्विशक्षा अभियान पर

Posted on 04 February 2011 by admin

जनपद सुलतानपुर में मुख्यमन्त्री की मंशानुरूप सर्व िशक्षा अभियान को पूरा िशक्षा महकमा और समाज सेवी संस्थाएं पूरे लगन से चला रहे हैं। वहीं जिले की पुलिस लाईन में चल रहे प्राथमिक विद्यालय को छात्र विहीन बनाने के लिए पुलिस लाईन के आर0आई0 प्रतिदिन नये नये तरकीब लगाते हैं।

गौर तलब है कि प्रदेश की मुखिया मायावती के जिले के दौरे के मद्देनज़र आज जिलाधिकारी व पुलिस अधीक्षक समेत सभी प्रशासनिक अधिकारी पुलिस लाईन में बैठक कर रहे थे। उसी दरमियान विद्यालय की प्रधानाध्यापक ने जिलाधिकारी से विद्यालय की अब्यवस्था के सम्बन्ध में बात करने के लिए उपस्थित हुए तो पुलिस लाईन के आर0आई0 ने प्रधानाध्यापिका व महिला िशक्षिकाओं को धमकी भरे लहजे में हडकाना शुरू कर दिया। आर0आई0 ने तो सभी प्रशासनिक अधिकारियों के सामने कहा कि मैंं पुलिस लाईन का मालिक हूं मैं यह विद्यालय नहीं चलने दूंगा। हैरत की बात यह है कि आर0आई0 के इस ब्योहार को मौजूद अधिकारियों ने सही ठहराया। वाक्या यह है कि पुलिस लाईन में यूं तो कई गेट हैं गेट नं0 2 को बन्द करा दिया गया है। और मेन गेट पुलिस लाईन का अति ब्यस्त मार्ग है। जिसपर 24 घटेंं क्रासिंग बन्द होने के चलते वाहनों का जमावडा लगा रहता है। जिससे पैदल चलना भी दूभर है। उस पर भी प्राथमिक विद्यालय के नन्हे-नन्हें बच्चों को वाहनों के बीच से आने जाने पर मजबूर किया जा रहा है। जिसके चलते मलिन बस्ती के दलित शोसित बच्चे अब दुघाZटनाओं के भय और आर0आई0 के खौफ के चलते विद्यालय छोडने पर मजबूर हो गये हैं। बुधवार को तो हद ही हो गई। जब सभी जिले के वरिश्ठों के सामने ही आर0आई0 का रौद्ररूप देख सभी अधिकारियों ने भी गेट बन्द रखने की घोशणा कर दी। और तो और जिलाधिकारी ने तो आर0आई0 को निर्देश तक दे दिया कि आप विद्यालय आकर बच्चों को चेक करो। या दिन की िशक्षा ग्रहण करने वाले नन्हें मुन्ने बच्चे को जब पुलिस चेक करने लगी गी तब भला कौन सा बच्चा विद्यालय आयेगा। यह तो सीधे सीधे  मुख्यमन्त्री जी की सर्विशक्षा अभियान को जबरन रोकना प्रतीत होता है। जिले की वरिश्ठों की यह संरक्षण प्राप्त होने से अब जल्द ही एक और प्राथमिक विद्यालय बन्द हो जायेगा। पूर्व में भी रेलवे लोको कालोनी में सुचारू रूप से चल रहे विद्यालय को भी कुछ इसी तरह बन्द करा दिया गया था। जिसमें भी एक सैकडा बच्चे पढते थे। यही हाल नगर के विद्यालय का है। पारकीसगंज, मेजरगंज, गभडिया, ठठेरी बाजार आदि प्राथमिक विद्यालय जिले के अधिकारियों की उपेक्षा के चलते बन्दी की कगार पर हैं। गौर तलब है कि यह पुलिस लाईन का विद्यालय जिले में प्रथम स्थान प्राप्त है। जिसे अभी गणतन्त्र दिवस पर स्वंय िशक्षाधिकारी ने विद्यालय की िशक्षार्थी प्रीती सोनी को सार्वजनिक रूप से पुरस्कृत भी किया था। नगर की समाज सेवी संस्था गरीब सेवा समिति, विवेकानन्द जन कल्याण संस्थान समेत बुद्धजीवियों ने मुख्यमन्त्री व िशक्षामत्री से मॉग किया है कि प्राथमिक विद्यालय के नन्हें मुन्ने बच्चों के साथ न्याय किया जाय।

सुरेन्द्र अग्निहोत्री
मो0 9415508695
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विशेश सचिव नियोजन बिना बातचीत के ही लौट गये

Posted on 04 February 2011 by admin

•    मलिन बस्ती के लोगों में है आक्रोश

जनपद सुलतानपुर व नव सृजित जिला सी0एस0एम0 नगर व जिले के ब्लाकों में शासन की महत्वपूर्ण योजनाओं के क्रियान्यवयन की जॉच कर विशेश सचिव नियोजन ने हकीकत जानी।

बताते चलें कि नगर के मलिन बस्तियों में लाल डिग्गी स्थित महाकालेश्वर मन्दिर के पास उपस्थित सैकडों की संख्या में महिलाओं व पुरूशों की भीड विशेश सचिव नियोजन के जॉच दौरे पर उपस्थित थी। श्री कृश्ण श्रीवास्तव नें मलिन बस्ती में महामाया योजना का लाभ पात्रों के सम्बन्ध में बातचीत कर जानकारी ली। जिससे पात्र ब्यक्ति को लाभ दिया गया था और 20 अपात्र लाभार्थी थे। लाल डिग्गी के सभासद के पति कृश्णा पहलवान नें सचिव के समक्ष पात्रों के चयन व समस्यांओं से अवगत कराना चाहा। परन्तु उपजिलाधिकारी सदर नें विशय के ही मोड पर सचिव को समझा दिया। जिससे पात्रों को अपनी बात कहने का मौका नहीं मिला यहॉ तक कि सचिव ने भी जनता से आमने सामने पूछना भी उचित नहीं समझा बल्कि अधिकारियों से ही सारी जानकारी प्राप्त कर चले गये। अब जनता नें उपजिलाधिकारी को ही अपनी समस्या बताई जिसे सुनकर वह भी जॉच की बात कह आगे चले गये। गौर तलब है कि इस योजना के लाभार्थियों का चयन स्थानीय स्तर पर नगर पालिका परिशद व लेखपालों द्वारा किया गया था। जबकि नगर में कई मलिन बस्ती हैं। और हजारो पात्र भी। उदासीनता के चलते योजना आधी अधूरी ही दिखती है। जबकी यह मुख्यमन्त्री की प्राथमिकता वाली योजनाओं में से एक है। सर्वजन हिताय सर्वजन सुखाय के उद्देश्यों को ध्यान में रखकर बहन जी ने चलाया था।

सुरेन्द्र अग्निहोत्री
मो0 9415508695
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