Archive | July, 2012

महानगर के समग्र विकास हेतु बी0आर0टी0एस0 के अनुसार 02 माह में प्रस्ताव बनाकर परीक्षण कराया जाए

Posted on 11 July 2012 by admin

उत्तर प्रदेश के मुख्य सचिव श्री जावेद उस्मानी ने निर्देश दिए हैं कि कानपुर महानगर के समग्र विकास हेतु बी0आर0टी0एस0 के अनुसार 02 माह में प्रस्ताव बनाकर परीक्षण कराया जाए। उन्होंने कहा कि कानपुर एवं आगरा में मीटर युक्त टैक्सी एवं आटो का संचालन यात्रियों की सुविधा को दृष्टिगत रखते हुए तत्काल प्रारम्भ कराया जाए। उन्होंने कहा कि रिवर फ्रन्ट ड्वलपमेन्ट परियोजना का परीक्षण कर अग्रिम कार्यवाही तत्काल प्रारम्भ कर दी जाए। उन्होनें कहा कि जनपद रमाबाई नगर में नये एयरपोर्ट की स्थापना हेतु तत्काल भूमि का चयन करते हुए योजना बना ली जाए। विशेष आर्थिक क्षेत्र के अन्तर्गत लेदर पार्क, आई0टी0 पार्क, इलेक्ट्रानिक सिटी, अपरैल पार्क एवं व्यवायिक सेन्टर की स्थापना हेतु ले-आउट (नक्शा) आगामी एक माह में बनाकर तत्काल आवश्यक कार्यवाही पूर्ण करते हुए आगामी सितम्बर माह में कार्य प्रारम्भ कर दिया जाए। उन्होंने कहा कि कानपुर महानगर में 03 थाने-बर्रा, नौबस्ता, बादशाहीनाका तथा सदर मालखाना का निर्माण की कार्यवाही तत्काल प्रारम्भ कर दी जाए। उन्होंने कहा कि कानपुर नगर सहित प्रदेश के 28 जनपदों में आधुनिक पोस्टमार्टम हाउसों का भी निर्माण कराया जायेगा। उन्होंने कहा कि कानपुर नगर में आधुनिक पुलिस कंट्रोल रूम सहित मूलगंज थाना एवं 03 फायर स्टेशन-जाजमऊ, घाटमपुर एवं किदवई नगर की स्थापना कराने हेतु आवश्यक कार्यवाही तत्काल प्रारम्भ कर दी जाए।
मुख्य सचिव शास्त्री भवन स्थित अपने कार्यालय कक्ष के सभागार में कानपुर महानगर के समग्र विकास हेतु आयोजित बैठक की अध्यक्षता कर रहे थे। उन्होंने कहा कि गंगा बैराज से शुक्लागंज को लिंक करते हुए आजाद मार्ग होकर लखनऊ के लिए सम्पर्क मार्ग के निर्माण का कार्य निर्धारित मानक एवं गुणवत्ता के साथ आगामी अक्टूबर माह के अन्त तक करा लिया जाए ताकि माह नवम्बर में उक्त मार्ग का उद्घाटन मा0 मुख्यमंत्री द्वारा कराया जा सके। उन्होंने कहा कि ट्रांसपोर्ट नगर को महानगर से बाहर तथा जिला जेल को महानगर की आबादी से बाहर स्थानान्तरित करने हेतु तत्काल भूमि के चयन की कार्यवाही शीघ्रता से प्रारम्भ कर दी जाए। उन्होंने कहा कि गोल चैराहे से नरौना चैराहे तक मार्ग के सुधार हेतु आवश्यक धनराशि तत्काल अवमुक्त कर दी जाए। उन्होंने कहा कि गुरूदेव पैलेस से डी0आई0जी0 पी0ए0सी0 आवास तक प्रस्तावित आर0ओ0बी0 तथा फ्लाई ओवर के निर्माण का सर्वेक्षण तत्काल कराते हुए कन्सलटेन्ट नियुक्त किए जाने का प्रस्ताव भूतल परिवहन मंत्रालय भारत सरकार को प्रेषित किया जाए।
श्री उस्मानी ने कहा कि कानपुर नगर निगम द्वारा लगभग 200 कि0मी0 मोहल्लों की गलियांे/सड़कों एवं नालियों आदि का सुदृढ़ीकरण एवं नवीनीकरण तथा 43 कि0मी0 लम्बे नालों का निर्माण एवं मरम्मत कराने हेतु प्रस्ताव का परीक्षण नगर विकास तत्काल कर आवश्यक धनराशि अवमुक्त करने की कार्यवाही करे। उन्होंने कहा कि गंगा बैराज के प्रवेश मार्ग का सम्पर्क निर्माणाधीन 800 मी0 लम्बा वाह्य मार्ग का कार्य, गंगा बैराज से रानीघाट तक दूसरे प्रस्तावित बांध रोड का निर्माण तथा दाए तट के निर्माण हेतु आवश्यक धनराशि लोक निर्माण विभाग तत्काल सिंचाई विभाग को स्थान्तरित कर दे। उन्होंने कहा कि लोक निर्माण द्वारा पुराना गंगा पुल के पहुंच मार्ग का सुधार, पूर्वी कैनाल मार्ग, पश्चिमी कैनाल मार्ग, हैरिशन पुल पहुंच मार्ग, घंटाघर से जरीब चैकी फजलगंज होते हुए विजयनगर चैराहे तक मार्ग का चैड़ीकरण व सुधार का कार्य तत्काल करा दिया जाए। लखनऊ-कानपुर हाईवे पर अचलगंज चैराहे से पुराने लखनऊ-कानपुर मार्ग को उच्चीकृत करते हुए गंगा बैराज को बाएं मार्जिनल बांध के ऊपर बनने वाली सड़क से सम्पर्क मार्ग का निर्माण तत्काल कराया जाए। उन्होंने कहा कि आई0जी0 आवास से मरे कम्पनी पुल तक, आई0जी0 आवास से जयपुरिया क्रासिंग तक तथा आई0जी0 आवास से घंटाघर (कानपुर सेन्ट्रल रेलवे स्टेशन) तक फ्लाई ओवर, ग्रेड सेपरेटर एवं आरओबी बनाने हेतु एक हफ्ते में सर्वेक्षण कर रिपोर्ट प्रस्तुत की जाए।
मुख्य सचिव ने केस्को को निर्देश दिए कि ऊर्जा एवं विद्युत सम्बन्धी सुधार तथा नये निर्माण कराये जाने हेतु तत्काल कार्यवाही प्रारम्भ कर आगामी 02 वर्ष में कार्य योजना के अनुसार कार्य पूर्ण कराये जायें। उन्होंने कहा कि नगर के मध्य स्थित ऐतिहासिक फूलबाग को केन्द्रीय आकर्षणयुक्त आधुनिक पार्क के रूप में तथा 1857 की क्रान्ति स्थल एवं गंगा तटीय पौराणिक तीर्थ बिठूर को धार्मिक पर्यटन क्षेत्र के रूप में विकसित कराया जाए। उन्होंने कहा कि गांधी भवन (फूलबाग) के वास्तविक स्वरूप की पुनस्र्थापना तथा स्थित लाइब्रेरी का जीर्णोद्धार कराया जाये। उन्होंने कहा कि गंगा बैराज में प्रस्तावित बोट क्लब की भारत सरकार में लम्बित योजना के स्वीकृति हेतु समन्वय कार्य में तेजी लायी जाये। गंगा बैराज की रमणीयता को दृष्टिगत रखते हुए पर्यटकों को  आकर्षित करने के लिए बैराज के दायें तटबन्ध पर लोहिया पार्क के प्रस्ताव को पुनः विधिवत बनाकर पर्यटक आकर्षक केन्द्र के रूप विकसित कराया जाये। उन्होंने कहा कि संगीत/नाटक केन्द्र का निर्माण एवं कानपुर हाट की स्थापना के कार्य में भी तेजी लाई जाये।
श्री उस्मानी ने कहा कि कानपुर नगर से मुन्दरा (गुजरात) पोर्ट पर निर्यात सामग्री ले जाने हेतु बुकिंग की व्यवस्था, पूर्वोत्तर रेलवे पर स्थित बिठूर से उन्नाव जनपद के सफीपुर स्टेशन के मध्य लगभग 14 कि0मी0 लम्बी रेलवे लाइन के प्रस्ताव का स्वीकृत सर्वेक्षण कार्य के लिए अग्रिम कार्यवाही हेतुु तथा कानपुर सेन्ट्रल स्टेशन के दोनों ओर स्थित प्रवेश द्वारों पर एयरकण्डीशन शाॅपिंग माॅल की स्थापना हेतु भूमि के चयन एवं निर्माण हेतु भारत सरकार को पत्र भेजा जाये। उन्होंने कहा कि पनचक्की के निकट वर्तमान पार्किंग स्थल में मल्टीलेबल पार्किंग एवं सिविल कोर्ट के सामने मल्टीलेबल पार्किंग हेतु पी0पी0पी0 माॅडल के तहत अग्रिम कार्यवाही तत्काल की जाये।
बैठक में प्रमुख सचिव नगर विकास, श्री प्रवीर कुमार, प्रमुख सचिव आवास, श्री एस0एन0 शुक्ला, प्रमुख सचिव ग्रह, श्री आर0एम0 श्रीवास्तव, कानपुर मण्डल के मण्डलायुक्त एवं जिलाधिकारी सहित अन्य वरिष्ठ अधिकारीगण उपस्थित थे।

सुरेन्द्र अग्निहोत्री
agnihotri1966@gmail.com
sa@upnewslive.com

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पत्रकार के हमलावरों की गिरफ्तारी के लिए ज्ञापन

Posted on 11 July 2012 by admin

पत्रकार डा0 अवधेष ष्षुक्ला के ऊपर जान लेवा हमले के विरोध में  तथा अरोपियों की षीघ्र गिरफ्तारी के लिए पत्रकार एषोसिएषन  उ0प्र0 के महामंत्री े अपर पुलिस अधीक्षक से मिले। बताते चले कि पत्रकार डा0 अवधेष ष्षुक्ला के  ऊपर पिछले दिनों मार्निंग वाक के समय  गाॅव सौर मउ  के चार लोगों द्वारा जान लेवा हमला कर दिया गया था। जिसमंे चार लोगों को नाम जद किया गया था। एक आरोपी को पुलिस ने गिरफ्तार कर आज जेल भेज दिया। परन्तु तीन आरोपी अब भी खुले आम घूम-घूम कर पत्रकार के परिवार वालों को मुकदमा वापस लेने व समझौता करने का दबाव बना रहे थे।   इसके पूर्व भी 02 जुलाई को जिले के सभी पत्रकार पुलिस अधीक्षक  अलकंृता सिंह से मिल कर आरोपियों को ष्षीघ्र गिरफ्तार करने की मांग की थी। परन्तु एक सप्ताह से अधिक समय बीत जाने के बाद भी आज तक नामजद आरोपियों की न तो  गिरफ्तारी हो सकी और न ही उनके असलहों को जमा कराया गया। एषोसिएषन के महामंत्री जितेन्द्र श्रीवास्तव ने अपर पुलिस अधीक्षक को ज्ञापन देकर आरोपियों को गिरफ्तार करने व उनके असलहों को जमा कराने  की मांग की है।

सुरेन्द्र अग्निहोत्री
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पार्टी से निष्कासित किया

Posted on 11 July 2012 by admin

भारतीय जनता पार्टी के प्रदेश अध्यक्ष डाॅ0 लक्ष्मीकान्त बाजपेयी पार्टी विरोधी गतिविरोधियों के कारण पूरन सिंह, शशि सैनी कोसीकलां जनपद मथुरा को पार्टी से निष्कासित किया है।

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कोचिंग केन्द्र में प्रवेश हेतु 18 जुलाई को साक्षात्कार

Posted on 11 July 2012 by admin

डा0 बी0आर0 अम्बेडकर आई0ए0एस0/पी0सी0एस0 पूर्व परीक्षा प्रशिक्षण केन्द्र, खन्दारी वाई पास मथुरा रोड, आगरा में वर्ष 2012-13 के सत्र संचालन हेतु कोचिंग केन्द्र में अनु0 जाति/जनजाति के पात्र अभ्यार्थियों का चयन/प्रवेश हेतु दिनांक 18-7-2012 के प्रातः 10ः00 बजे से साक्षात्कार, गठित समिति अध्यक्ष द्वारा नियत किया गया है। अभ्यर्थी अपने मूल प्रमाण पत्रों के साथ कोचिंग केन्द्र में उक्त दिनांक एवं समय पर उपस्थित हो सकते हैं। अन्य जानकारी जिला समाज कल्याण अधिकारी के कार्यालय से प्राप्त की जा सकती है।

सुरेन्द्र अग्निहोत्री
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स्वतः रोजगार हेतु ऋण सुविधा

Posted on 11 July 2012 by admin

उ0प्र0 अनुसूचित जाति वित्त एवं विकास निगम लि0 द्वारा संचालित स्वतः रोजगार

योजनान्तर्गत अनुसूचित जाति के गरीबी की रेखा के नीचे जीवन यापन करने वाले परिवारों को स्वतः रोजगार हेतु ऋण सुविधा प्रदान की जाती है।
नगरीय क्षेत्र के लाभार्थियों के लिए जिनकी वार्षिक आय 25546 रूपये वार्षिक से कम है को ऋण सुविधा उपलब्ध कराने हेतु आवेदन पत्र आमंत्रित किए हैं। आवेदन पत्र के साथ जाति प्रमाण पत्र, आय प्रमाण पत्र, राशन कार्ड (निवास स्थान का पूरा पता म0न0 सहित) , निर्वाचन आई कार्ड,फोटोयुक्त परिचय पत्र आदि प्रपत्र अवश्य संलग्न करें।
उपरोक्त प्रपत्रों की फोटोप्रतियां संलग्न करते हुए अपना आवेदन पत्र 25 जुलाई 2012 तक कार्यालय जिला प्रबन्धक उ0प्र0 अनु0 जाति वित्त एवं विकास निगम लि0 कमरा नं0 35 तृतीय तल विकास भवन संजय प्लेस आगरा, कार्यालय में किसी भी कार्य दिवस में जमा कर सकते हैं। अधिक जानकारी हेतु निगम कार्यालय से सम्पर्क कर सकते हैं।

सुरेन्द्र अग्निहोत्री
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कौशल वृद्वि योजना में कम्प्यूटर प्रशिक्षण

Posted on 11 July 2012 by admin

जिला प्रबन्धक उ0प्र0 अनुसूचित जाति वित्त एवं विकास निगम ने बताया है कि कौशलवृद्वि योजनान्तर्गत कम्प्यूटर प्रशिक्षण हेतु अनुसूचित जाति के गरीबी की रेखा के नीचे जीवन यापन करने वाले युवक/युवतियों के आवेदन पत्र आमंत्रित किये गये है। प्रशिक्षण अवधि एक वर्ष की होगी तथा प्रशिक्षार्थियों को वृत्तिका भी प्रदत्त की जायेगी।
आवेदक अपने आवेदन कार्यालय उ0प्र0 अनुसूचित जाति वित्त एवं विकास निगम लि0 कमरा नं0 35 तृतीय तल विकास भवन संजय प्लेस आगरा, कार्यालय में 14-8-12 तक किसी भी कार्य दिवस में जमा कर सकते हैं, आवेदन पत्र के साथ निम्न प्रपत्रों की प्रतियां लगाना अनिवार्य हंै शैक्षिक योग्यता इण्टरमीडिएट उत्तीर्ण अंकतालिका, जाति प्रमाण पत्र, आय प्रमाण पत्र, जनपद का निवास प्रमाण पत्र, राशन कार्ड/निर्वाचन आई कार्ड । अधिक जानकारी हेतु निगम कार्यालय से सम्पर्क कर सकते हंै।

सुरेन्द्र अग्निहोत्री
agnihotri1966@gmail.com
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आगरा में विकास कार्य- औद्योगिक विकास आयुक्त ने दिये त्वरित कार्यान्वयन के निर्देश

Posted on 11 July 2012 by admin

अवस्थापना एवं औद्योगिक विकास आयुक्त एवं प्रमुख सचिव औद्योगिक विकास अनिल कुमार गुप्ता की अध्यक्षता में आज सर्किट हाउस पर आयोजित बैठक में आगरा में विकास कार्यो के त्वरित क्रियान्वयन हेतु निर्देश दिये गये ।
बैठक में आगरा में साफ्ट वेयर टैक्नोलाजी पार्क बनाये जाने पर चर्चा हुई। उपाध्यक्ष आगरा विकास प्राधिकरण ने बताया कि इस कार्य हेतु पांच एकड़ भूमि आरक्षित की गई है। औद्योगिक विकास आयुक्त एवं प्रमुख सचिव ने इस भूमि पर एक्सप्रैशन आफ इन्टरेस्ट आमंत्रित कर शीघ्र ही अग्रिम कार्यवाही हेतु निर्देश दिये।
उन्होंने लैदर पार्क के अवशेष कार्यो को तत्परता से पूर्ण करते हुए यूनिटों को क्रियाशील बनाने के निर्देश दिये। लैदर पार्क में 400 के0बी0 विद्युत उप केन्द्र की स्थापना हेतु लैदर पार्क की भूमि में से पांच एकड भूमि विद्युत विभाग को आवंटित किये जाने हेतु निर्देश दिये गये। बाह-फतेहाबाद रोड पर 765 के.वी. विद्युत उपकेन्द्र के निर्माण हेतु भूमि आवंटन पर विस्तार से चर्चा की गई। ललितपुर तापीय परियोजना की विद्युत निकासी के लिए आगरा क्षेत्र  में 765 के.वी. उपकेन्द्र बनाया जाना है। प्रस्तावित बंजर भूमि का विद्युत विभाग एवं राजस्व विभाग के अधिकारियों द्वारा 12 जुलाई को संयुक्त रूप से स्थलीय निरीक्षण के निर्देश दिये। भूमि उपयुक्त पाई जाने की स्थिति में यह भूमि उ0प्र0 पारेषण निगम को आवंटित किये जाने की कार्यवाही हेतु निर्देश दिये।
बैठक में शिल्पग्राम को नये स्वरूप में विकसित किये जाने एवं उस पर मल्टी लेबिल पार्किंग विकसित किये जाने पर विस्तार से चर्चा हुई। उन्होंने निर्देश दिये कि किसी दक्ष संस्था से राय लेकर अग्रिम कार्यवाही सुनिश्चित करायें।
उन्होंने आगरा इनर रिंग रोड़ परियोजना की प्रगति की समीक्षा की। बैठक में इनर रिंग रोड हेतु भूमि अधिग्रहण की प्रगति से अवगत कराया गया। इस योजना के क्रियान्वयन में आने वाली कठिनाईयों को प्राथमिकता के आधार पर दूर किये जाने के निर्देश दिये गये। उन्होंने निर्देश दिये कि इस परियोजना को लागू किये जाने के सम्बन्ध में समस्त वित्तीय पोषण माड़ल विकल्प के रूप में तैयार कर लिये जाये ताकि उच्च स्तरीय बैठक में इस पर चर्चा के उपरान्त अन्तिम निर्णय लिया जा सके।
बैठक में मण्डलायुक्त मनजीत सिंह, जिलाधिकारी अजय चैहान, आगरा विकास प्राधिकरण के उपाध्यक्ष तथा सचिव, उ0प्र0 राज्य औद्योगिक विकास निगम के क्षेत्रीय प्रबन्धक तथा दक्षिणाचंल विद्युत वितरण निगम के प्रबन्ध निदेशक ओ.पी.जैन आदि वरिष्ठ अधिकारीगण उपस्थित थे।

सुरेन्द्र अग्निहोत्री
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अलगाववादियों की शब्दावली का उपयोग

Posted on 11 July 2012 by admin

भारतीय जनता पार्टी जम्मू-कश्मीर, राज्यों के मामले पर केन्द्र सरकार द्वारा नियुक्त वार्ताकारों की रपट पर टिप्पणी द्वारा श्री राधामोहन सिंह जी सह प्रभारी उ0प्र0 एवं राष्ट्रीय सदस्यता प्रमुख, भाजपा इस रपट में पाक अधिकृत (पी0ओ0के0) के स्थान पर पाक प्रशासित कश्मीर का उपयोग किया गया है। लगाववादी हमेशा ही जम्मू-कश्मीर राज्य के कुछ हिस्सों को पाक प्रशासित कश्मीर और भारत शासित हिस्सों को भारत प्रशासित कश्मीर के तौर पर सम्बोधित करते हैं। यहाॅ तक कि पाकिस्तान भी इन शब्दों का प्रयोग नहीं करता और पाक अधिकृत कश्मीर के क्षेत्र आजाद जम्मू-कश्मीर सम्बोधित करता है। इस रपट में अलगाववादियों की शब्दावली का उपयोग किया गया है।
(1) भारत पिछले 64 वर्ष से (संयुक्त राष्ट्र संघ) यू0एन0ओं0 तथा सभी अन्र्तराष्ट्रीय पर कह रह है कि पाकिस्तान जम्मू-कश्मीर में हमलावर की भूमिका में हैं, जम्मू-कश्मीर का विलयपुरी तरह वैध है तथा/संवैधानिक रूप से ठीक है, इस मुद्दे पर पाकिस्तान की कोई भूमिका नहीं है, जम्मू-कश्मीर राज्य जिसमें पी0ओ0के0 गिलगित-बल्तिस्तान भारत के ही वैधानिक रूप से क्षेत्र हैं। इस मामले में भारत और पाकिस्तान को जम्मू-कश्मीर के मामले में बराबरी पर नहीं रखा जा सकता है। क्योंकि पाकिस्तान हमलावर की भूमिका में है और भारत पीडि़त की। यहाॅ तक कि संयुक्त राष्ट्र संघ के प्रस्ताव में भी जम्मू-कश्मीर राज्य के क्षेत्र में पाकिस्तान की उपस्थिति को गौरकानूनी माना था और बिना किसी शर्त के तत्काल खाली करने का निर्देश दिया था।
(2) नई दिल्ली से भेजे गए इन वार्ताकारों ने राज्य के विकास, आय के स्रातों तथा अन्य मामलों पर विचार के लिए नियंत्रण रेखा के दोनों ओर के जन प्रतिनिधियों संयुक्त सलाहकार समितियाॅ और मिलीजुली संस्थाएं बनाने के लिए कहा है। स्थाई समाधान की खोज के लिए इन वार्ताकारों ने भारत, जम्मू-कश्मीर में नियंत्रण रेखा के दोनों ओर के प्रतिनिधियों और पाकिस्तान को शामिल करने के सुझाव दिया है।
(3) वार्ताकारों ने केन्द्र सरकार और हुर्रियत के बीच जल्दी से जल्दी बातचीत करवाए जाने और बाद में नियंत्रण रेखा के दोनों ओर प्रतिनिधियों को शामिल करने तथा अन्त में पाकिस्तान से वार्ता करने का सुझाव दिया है। इस रपट में वार्ताकारों ने हुर्रियत की वार्ता से उस शर्त को स्वीकार कर लिया है। जिसमें कहा गया था कि जम्मू-कश्मीर विवाद को सुलझाने के लिए भारत-पाकिस्तान और जम्मू-कश्मीर में नियंत्रण रेखा के दोनों ओर के प्रतिनिधियों को शामिल किया जाए।
(4) वार्ताकारों ने समाधान की सिफाारिश करते हुए कहा है कि हमें जम्मू-कश्मीर की सुरक्षा की दृष्टि से महत्व की बात भी ध्यान में रखनी चाहिए। क्योंकि यह क्षेत्र मध्य एशिया और दक्षिणी एशिया को जोड़ने वाले एक पुल की भूमिका अदा करता है। जबकि इन वार्ताकारों को कहना चाहिए था कि यह क्षेत्र भारत का मध्य एशिया, यूरोप, अफ्रीका और यूरेशिया की तरफ का प्रवेश द्वार है। वार्ताकार यह बात भी कहना भूल गए कि कश्मीर भारत की सुरक्षा की दृष्टि से बहुत महत्वपूर्ण क्षेत्र है।
(5) इन वार्ताकारों ने 1947 में पाक अधिकृत कश्मीर से उजड़े 10 लाख लोगों, 1947 में ही पश्चिमी पाकिस्तान से आए चार लाख शरणर्थियों, 1990 से कश्मीर घाटी से निकाले गए चार लाख कश्मीरी पंडि़तों, जम्मू, लद्यख के आतंकवाद के पीडि़त लोगों और साथ ही गूजर, शिया, पहाड़ी, मुस्लिमों को जम्मू-कश्मीर का हितग्राही (स्टेकाहोल्डर) नहीं माना है।
(बी) वार्ताकारों ने संवैधानिक समिति बनाए जाने की सिफारिश की है जो 1952 में हुए (दिल्ली समझौते) के बाद से जम्मू-कश्मीर में लागू हुए सभी केन्द्रीय कानूनों और संविधान की धाराओें की समीक्षा करे। यह दिल्ली समझौता श्री शेख अब्दुल्ला और पंडि़त जवाहरलाल नेहरू के बीच दो व्यक्तियों का समझौता था। इस समझौते को जम्मू और लद्यख के लोगों ने भारी समर्थन के साथ नकारा था तथा देश के प्रमुख विपक्षी राजनीतिक दलों और राष्ट्रवादी संगठनों ने भी इसका कड़ा विरोध किया था। वार्ताकारों ने कहा है कि संवैधानिक समिति हमारे द्वारा सुझाए गए आधार पर समीक्षा करे।
(1) राज्य को दोहरा दर्जा-भारत संघ के एक हिस्से के तौर पर तथा संविधान के तहत प्राप्त विशेष दर्जा राज्य के तौर पर उसकी स्थिति।
(2) नागरिकों का दोहरा दर्जा-स्थाई निवासी का प्रमाण-पत्र प्राप्त नागरिक और भारत के नागरिक होने का दर्जा प्राप्त होगा।

(3) दिल्ली समझौता केन्द्र सरकार और राज्य के सम्बन्धों का आधार होना चाहिए। वार्ताकारों ने यहाॅ तक सुझाव दिया है कि अनुच्छेदों और कानूनों के तहत विभिन्न विषयों पर राज्यों और केन्द्र सरकार दोनों का कानून बनाने का अधिकार है वे सभी राज्य सरकार को दे देने चाहिए। इन वार्ताकारों ने यह भी सिफारिश की है कि संसद को भविष्य में कोई भी कानून जम्मू-कश्मीर में लागू करने के लिए नहीं बनाना चाहिए। इनमें अपवाद केवल आतंरिक और बाहरी सुरक्षा तथा प्रमुख आर्थिक मुद्दों से जुड़े कानून ही हो सकते है।
(3) पाक अधिकृत जम्मू-कश्मीर के लोगों का लोकसभा में कोई प्रतिनिधित्व नहीं है। उसमें 85 हजार किलोमीटर का क्षेत्र शामिल है और उस क्षेत्र के 10 लाख से अधिक शरणार्थी अपने घरों से 64 साल पहले उजाड़े गए थे और अब भी उन्हें कोई ठौर नहीं मिला है। यहाॅ तक कि जम्मू-कश्मीर विधानसभा में पाक अधिकृत क्षेत्र के निवासियों के लिए 24 स्थान खाली पड़े हैं लेकिन इनकों भी शरणर्थियों के प्रतिनिधियों से भरने का प्रयास नहीं किया गया है।
(4) वाताकारों की रपट में 64 साल से शरणार्थी बने पश्चिमी पाक के शरणर्थियों के बारे में एक भी शब्द नहीं कहा गया है। यहाॅ तक कि उन्हें वार्ताकारों ने किसी प्रकार की मौखिक सांत्वना भी देने का प्रयास नहीं किया। इन लोगों को न मताधिकार मिला है और न ही रोजगार उच्च शिक्षा में दाखिला तथा सम्पत्ति खरीदने का अधिकार आज तक नहीं मिल पाया है।
(5) वार्ताकारों ने पाक अधिकृत कश्मीर के शरणर्थियों, कश्मीर पंडि़तों और आतंक में प्रभावित हुए जम्मू क्षेत्र के लोगों के बारे में कोई स्पष्ट सिफारिश भी नहीं की है। केवल उनकी दुर्दशा की चर्चा कर देने से उनकी समस्या का समाधान नहीं हो जाएगा।
(6) वार्ताकारों के दल ने आतंकवाद के वास्तविक कारणों और कश्मीर घाटी से 1990 में हिन्दुओं को निकाले जाने के मामले की चर्चा भी नहीं की।
(7) वार्ताकारों ने अनुच्छेद 370 के दुरूपयोग के कारण केन्द्रीय कानूनों को राज्य में लागू नहीं होने देने की भी चर्चा नहीं की। कमजोर वर्गो के लोग, अनुसूचित जाति, अनुसूचित जनजाति, पिछड़ा वर्ग, शरणर्थियों को उनके सता और आर्थिक स्रोतों में अपना हिस्सा नहीं मिल पा रहा है। लेकिन इन मुद्दों पर वार्ताकारों ने ध्यान ही नहीं दिया है। वास्तव में, वार्ताकारों की यह रपट नेशनल कांफ्रेंस के दस्तावेज ग्रेटर आॅटोनामी, पी0डी0पी0 के दस्तावेज सेल्फ रूल, सज्जाद लोग की पुस्तक अचीवेबल नेशनल हुड, हुर्रियत कांफ्रेंस (गिलानी) तथा हुर्रियत कांफ्रेंस (मीरवाइज) ग्रुप की सिफारिश के दस्तावेज पर आधारित है। वार्ताकारों की यह सब सिफारिश जम्मू-कश्मीर राज्य के भारत में विलय की प्रक्रिया की उल्टी दिशा में ले जाएंगी। डाॅ0 श्यामा प्रसाद मुखर्जी की शहादत और जम्मू में प्रजा परिषद के आंदोलन के कारण 1953 से जम्मू-कश्मीर को देश की एकात्मा की ओर बांधने का जो प्रयास प्रारम्भ हुआ था, उसे इन वार्ताकारों की सिफारिश उल्टी दिशा में ले जाएंगी।
भारतीय जनता पार्टी देशवासियों को आह्वहन किय है कि केन्द्र सरकार के इस रवैया का डटकर विरोध करें। इस रिपोट के कारण देश की आखण्डता के सामने गम्भीर चुनौती खड़ी हो गई है। जम्मू-कश्मीर में 1952 में पहले की स्थिति वापस लाने के लिए प्रयास करने की जाति, पात और पार्टी से उपर उठकर इसका विरोध होनो चाहिए। यह चुनौती केवल भाजपा के लिए नहीं बल्कि सम्पूर्ण राष्ट्र के लिए है।
(4) केन्द्र और राज्य सरकार के बीच नया आर्थिक समझौता किया जाना चाहिए।
(सी) वार्ताकारों की सिफारिश है कि धारा 370 में से अस्थाई शब्द को हटाकर, इसके स्थान पर विशेष शब्द लगा देना चाहिए। जैसा कि देश के अन्त राज्यों के लिए धारा 371 आदि में उपयोग किया  गया है। पिछले कई दशकों से धारा 370 का असर कम करने के जो कदम उठाए गए, उन्हें निरस्त करके अधिक ताकतवर बनाया जाता चाहिए।
(डी) राज्यपाल और मुख्यमंत्री के लिए उर्द में उपयुक्त शब्दों को तय किया जाना चाहिए। राज्यपाल की नियुक्ति के लिए तीन नाम राज्य में विपक्ष की सलाह से तय किय जाएं और केन्द्र सरकार उनमें से एक नाम को चुन ले तथा राष्ट्रपति उसे नियुक्त कर दे।
(ई) केन्द्रीय प्रशासनिक सेवा (आई0ए0एस0 और आई0पी0एस0) के अधिकारियों के केन्द्र सरकार को कोटा 50 प्रतिशत जम्मू-कश्मीर ने है जबकि अन्य राज्यों में यह प्रतिशत 66 है। इसके बावजूद वार्ताकारों ने राज्य की प्रशासनिक सेवा का कोटा और बढ़ाए जाने की बात रपट में की है।
(एफ) पब्लिक सेफ्टी एक्ट में संशोधन, अशांत क्षेत्र कानून और ए0एफ0एस0पी0ए0 कानून को लागू करने के मुद्दे की समीक्षा करने की बात भी इन वार्ताकारों की रपट में कहीं गई है। उन्होंने कश्मीर घाटी की अनाम कब्रों की जांच के लिए न्यासिक आयोग बनाने के लिए कहा है। लेकिन इन वार्ताकारों ने अल्पसंख्यक हिन्दुओं के खिलाफ योजनाबद्ध ढंग से किये हमलों के शिकार लोगों को न्याय दिलाने के मुद्दों को कहीं नहीं उठाया है।
(जी) केन्द्र और राज्य सरकार की पिछले 60 वर्षों से चली आ रही कश्मीर घाटी को ही केन्द्रीत करके बनी सोच के कारण पिछले 60 वर्षों से उत्पन्न महत्वपूर्ण और गम्भीर विषयों पर इन वार्ताकारों ने किसी प्रकार का ध्यान नहीं दिया है।
(1) वार्ताकारों ने अपनी रपट में विधानसभा सीटों का पुनः निर्धारण किए जाने के सबसे संवेदनशील मुद्दे पर कहीं भी चर्चा नहीं की है जिससें जम्मू और लद्यख क्षेत्र के लोगों को विधानसभा और लोकसभा में न्यायोचित हिस्सा मिल सके।
(2) वार्ताकारों ने स्वीकार किया है कि राज्य में सभी स्तरों पर शासन में गड़बड़ी हैं लेकिन उन्होंने इसके लिए 64 सालों से जिम्मेदार शासनकर्ताओं के नाम नहीं लिए है। उनका मानना है कि प्रशासन में यह गडबड़ी केन्द्रीय संविधान का विस्तार जम्मू-कश्मीर राज्य में न होने के कारण हुई है। वार्ताकारों ने संवैधानिक संस्थाओं और आयोगों के कार्यक्षेत्र में इस राज्य को शामिल करने की सिफारिश की लेकिन उसे भी जम्मू-कश्मीर के संविधान के दायरे में बांध देने का प्रयास किया है।

सुरेन्द्र अग्निहोत्री
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अब जो सदस्यता की जायेगी वह वर्ष 2014 तक होगी

Posted on 11 July 2012 by admin

भारतीय जनता पार्टी अवध क्षेत्र की प्रमुख कार्यकर्ताओं की एक आवश्यक बैठक को सम्बोधित करते हुए भारतीय जनता पार्टी उ0प्र0 के सहप्रभारी एवं राष्ट्रीय सदस्यता प्रमुख राधामोहन सिंह ने कार्यकर्ताओं को सम्बोधित करते हुए कहा कि अब जो सदस्यता की जायेगी वह वर्ष 2014 तक होगी। वर्ष 2009-11 सत्र की जो सदस्यता सदस्यता रजिस्टर में दर्ज कर प्रमाणित की जा चुकी है, उसके बाद की गई सदस्यता और अब की जाने वाली सदस्यता भी रजिस्टर में दर्ज कर प्रमाणित करनी होगी। इस प्रकार 2009-11 के चुनाव सत्र की सदस्यता और उसके बाद की गई सदस्यता और अब की जाने वाली सदस्यता, यह सब मिलाकर 2012-2014 के सत्र के संगठन चुनाव की आधार होगी। श्री सिंह ने आगे बताया कि सदस्यता की अंतिम तिथि 15 अगस्त, 2012 को होगी, प्रथम प्रकाशन तिथि 20 अगस्त, 2012 को होगी, आपत्ति तिथि 25 अगस्त, 2012 को, निपटारा तिथि 30 अगस्त, 2012 तथा अन्तिम प्रकाशन तिथि 5 सितम्बर, 2012 को होगी।
बैठक की जानकारी देते हुए प्रदेश प्रवक्ता राजेन्द्र तिवारी ने बताया कि काशी क्षेत्र की सदस्यता की बैठक दिनांक 12 जुलाई को, गोरखपुर व पश्चिम क्षेत्र की बैठक 13 जुलाई को होगी। श्री तिवारी ने बताया कि आज सम्पन्न हुई बैठक में राष्ट्रीय उपाध्यक्ष कलराज मिश्र, प्रदेश के पूर्व प्रदेश अध्यक्ष डाॅ0 रमापतिराम त्रिपाठी व सूर्य प्रताप शाही, लखनऊ के सांसद लालजी टंडन, पार्टी के संगठन महामंत्री राकेश जैन, प्रदेश उपाध्यक्ष डाॅ0 महेन्द्र सिंह, महामंत्री नरेन्द्र सिंह तथा प्रदेश के सदस्यता प्रमुख देवेन्द्र सिंह चैहान विशेष रूप से उपस्थित रहे।  श्री तिवारी ने आगे बताया कि इस बैठक में नगर निगम, नगर निकाय व नगर पंचायत के नवनिर्वाचित प्रतिनिधियों का स्वागत भी किया गया।

सुरेन्द्र अग्निहोत्री
agnihotri1966@gmail.com
sa@upnewslive.com

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केंद्रीय उत्पाद शुल्क टीम ने 50 लाख रू. मूल्य की अवैध सिगरटें जब्त की

Posted on 11 July 2012 by admin

मुजफ्फरपुर / बिहारः  केंद्रीय उत्पाद शुल्क टीम ने मुजफ्फरपुर में रेलवे स्टेषन पर छापा मारा और भारतीय सिगरेटें भारी मात्रा में बरामद कीं। इस अभियान के दौरान किसी की गिरफ्तारी नहीं की गई। यह कार्यवाही श्री आर.के. सफी, अधीक्षक, केंद्रीय उत्पाद शुल्क की निगरानी में की गई। टीम में विभाग के कई इंस्पेक्टर शामिल थे।

सूत्रों के अनुसार, 10 सिगरेटों वाले कुल 3,60,000 पैकेट बरामद किए गए। पकड़ी गई सिगरेटों की कुल कीमत अनुमानतः 50 लाख रू. बताई गई है। प्रत्येक सिगरेट पैकेट पर 18 रू. की कीमत मुद्रित है लेकिन यह पता चला है कि सिगरेटों की गुणवत्ता इंडस्ट्री के मानकों के अनुरूप नहीं थी। जांच के दौरान, यह ज्ञात हुआ कि अवैध सिगरेटें कासगंज, बरेली से बुक कराई गई थी ओर मुज्जफरपुर में रेलवे मार्ग से पार्सल द्वारा भेजी गई थीं।

पार्सल भेजे जाने के बारे में प्रष्न उठेः हालांकि सिगरेटों की यह खेप  जून मेे पकड़ी गई थी, लेकिन एक माह बीत जाने के बाद अभी तक कोई भी इस पार्सल पर अधिकार के दावे के लिए सामने नहीं आया है। न ही पार्सल से इस बारे में कोई जानकारी प्राप्त हुई है। जिस दल ने अवैध सिगरेटों के इस पार्सल को बरामद किया है - वह फिलहाल टैक्स चोरों की तलाष कर रहा है। सूत्रों के अनुसार, पार्सल के बारे में कोई जानकारी उपलब्ध न कराए जाने पर पार्सल विभाग के कर्मचारियों के खिलाफ षिकायत दर्ज कराई जाएगी।

बिहार भारत में अवैध सिगरेटों की उपजाऊ भूमि के रूप में उभर कर सामने आया है। प्रदेश पूरे देश में अवैध सिगरेटों के लिए सबसे बड़े बाज़ार का प्रतिनिधित्व करता है।  जहाँ इन स्थानीय निर्मित टैक्स की चोरी करने वाली सिगरेटों का बिहार सिगरेट बाज़ार का 25ः हिस्सा है वहीं राज्य के कुछ हिस्सों में विशेष रूप से ग्रामीण क्षेत्रों में यह हिस्सा 40ः तक बढ़ जाता है। यह चिंताजनक रूप से बड़ा और अच्छी तरह संगठित व्यवसाय बनता जा रहा है, बिहार में अवैध सिगरेटों के कुछ सबसे बड़े निर्माताओं की मदद से प्रदेश में हर महीने 50 मिलियन अवैध सिगरेटें बेची जाती हैं। फलस्वरूप, राज्य सरकार को लगभग 50 करोड़ रूपए वार्षिक के कर का नुक्सान होता है।
बिहार में, अवैध ब्रांड जैसे मैगनेट फिल्टर, फोरएवर एफटी, रेड रोज़ और विंटेज भारी ग्राहक आधार के साथ बड़े खिलाडि़यों के रूप में उभरे हैं। ये ब्रांड बाज़ारों, पान की दुकानों व हाॅकरों के स्टालों पर आसानी से उपलब्ध हैं। वास्तव में सिगरेट विक्रेता इन ब्रांडों को अपने पास रखना इसलिए पसंद करते हैं कि इनकी कम कीमतें भारी व्यापारिक मुनाफे को सुनिश्चित करती हैं।

सुरेन्द्र अग्निहोत्री
agnihotri1966@gmail.com
sa@upnewslive.com

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