Archive | September, 2013

मासिक लक्ष्य पूर्ति समयान्तर्गत सुनिश्चित करें-डी0एम0

Posted on 05 September 2013 by admin

जिलाधिकारी जुहेर बिन सगीर ने कलक्ट्रेट सभागार में कर-करेत्तर एवं राजस्व कार्यों की समीक्षा बैठक में अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दिये कि समय से मासिक लक्ष्य पूर्ति प्राप्त करना सुनिश्चित करें। उन्होंने परिवहन तथा व्यापार कर की मासिक लक्ष्य पूर्ति कम होने पर नाराजगी व्यक्त करते हुये सुधार लाने के निर्देश दिये।

जिलाधिकारी ने सभी उप जिलाधिकारियों को निर्देश दिये कि धारा-107/116 के अंतर्गत दायरे से कम निस्तारण होने पर प्रत्येक एसडीएम पांच-पांच प्रभावी वादों का स्वयं निस्तारण सुनिश्चित करेंगे। स्टाम्प कमियों के लम्बित प्रकरणों को एक सप्ताह में निस्तारण सुनिश्चित कराकर उपलब्ध करायें। उन्होंने बिजली के लम्बित देयों की वसूली तथा लम्बित वादों व संदर्भों को गम्भीरता से लेने के निर्देश दिये।

नगरीय क्षेत्रों में जलभराव के सम्बंध में उन्होंने कहा कि गन्दा पानी एकत्रित होने से संक्रामक बीमारियों के फैलने की आशंका रहती है इसलिए यह सुनिश्चित करंे कि सार्वजनिक स्थानों के अलावा व्यक्तिगत स्थानों से एकत्रित पानी को निकलवाना सुनिश्चित करंे। उन्होंने आम आदमी बीमा योजना किसान दुर्घटना बीमा योजना का लाभ क्षेत्र के पात्र व्यक्तियों को प्राथमिकता के आधार पर उपलब्ध कराने के निर्देश दिये।

बैठक में अपर जिलाधिकारी बीपी खरे, राधाकृष्ण, हरनाम सिंह, सीपी सिंह, राजकुमार, नगर मजिस्ट्रेट रामअभिलाष, समस्त उप जिलाधिकारी, तहसीलदार सहित विभिन्न विभागों के जिला स्तरीय अधिकारी उपस्थित थे।

सुरेन्द्र अग्निहोत्री

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राजा महेन्द्र अरिदमन सिंह ’’वाशफोरम’’ कार्यशाला में भाग लेंगे।

Posted on 05 September 2013 by admin

मा0 मंत्री स्टाम्प, न्यायालय शुल्क, पंजीयन एवं नागरिक सुरक्षा, उ0प्र0 राजा महेन्द्र अरिदमन सिंह 5 सितम्बर को शताब्दी एक्सप्रेस व्दारा सायं टूण्डला रेलवे स्टेशन से भदावर हाउस/सर्किट हाउस, आगरा पहॅंुचकर रात्रि विश्राम करेंगे।

मा0 मन्त्री 6 सितम्बर को प्रातः 11 बजे मण्डलायुक्त कार्यालय सभागार में यूनीसेफ के सहयोग से ’वाशफोरम’ की एक मण्डल स्तरीय कार्यशाला में भाग लेंगे तथा कार्यक्रम के पश्चात भदावर हाउस पहॅंुचेंगे।

सुरेन्द्र अग्निहोत्री

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मा0 कृषि उत्पादन आयुक्त 6 सितम्बर को आगरा में

Posted on 05 September 2013 by admin

प्रदेश के मा0 कृषि उत्पादन आयुक्त आलोक रंजन 6 सितम्बर को लखनऊ से स्टेटप्लेन व्दारा प्रातः 10 बजे खेरिया सिविल एयरपोर्ट से सर्किट हाउस पहॅंुचेंगे। मा0 कृषि उत्पादन आयुक्त सीआईआई व्दारा होटल जेपी पैलेस में आयोजित पोस्ट हार्वेस्ट मैनेजमेन्ट में 11 बजे से अपरान्ह 2 बजे तक भाग लेंगे तथा अपरान्ह 3 बजे से मण्डलायुक्त और सम्बंधित अधिकारियों के साथ आगरा थीम पार्क, ताजगंज, इनररिंग रोड, शाहजहाॅंपार्क तथा ताजमहल पश्चिमी गेट के सम्बंध में समीक्षा बैठक करने के पश्चात सायं 4-30 बजे स्टेटप्लेन व्दारा लखनऊ के लिए प्रस्थान करेंगे।

सुरेन्द्र अग्निहोत्री

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‘‘वाशफोरम‘‘ कार्यशाला का आयोजन 06 सितम्बर को

Posted on 05 September 2013 by admin

आगरा एवं अलीगढ मण्डल के मण्डलीय उप निदेशक राजेन्द्र कुमार ने अवगत कराया है कि 06 सितम्बर को प्रातः10 बजे से मण्डलायुक्त प्रदीप भटनागर के संरक्षण में वाशफोरम की एक मण्डल स्तरीय कार्यशाला यूनीसेफ के सहयोग से कमिश्नरी सभागार में आयोजित की जायेगी। उन्होंने बताया कि इस कार्यशाला का उद्देश्य जन सामान्य में उनके स्वास्थ्य से जुड़े विभिन्न मुद्दो यथा शुद्ध पेयजल की उपलब्धता स्वच्छता तथा आरोग्य-शिक्षा विषयक विस्तृत चर्चा की जायेगी।

सुरेन्द्र अग्निहोत्री

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मंत्री ने माना है कि गरीबों का निवाला अफसर खा रहे हैं।

Posted on 05 September 2013 by admin

राष्ट्रीय लोकदल के प्रदेष अध्यक्ष मुन्ना सिंह चैहान ने कहा कि प्रदेष सरकार के एक मंत्री ने माना है कि गरीबों का निवाला अफसर खा रहे हैं। गरीबों के लिए बनी सार्वजनिक वितरण प्रणाली को चैपट बताते हुये मंत्री ने माना है कि गरीबों के लिए चलाई जा रही योजना का लाभ अपात्र व्यक्ति ले रहे हैं।

श्री चैहान ने प्रदेष सरकार को कटघरे में खड़ा करते हुये कहा कि जब पी0डी0एस0 सिस्टम पहले से ही चैपट है तो सुरक्षा बिल के तहत उ0प्र0 के गरीबों को भोजन का अधिकार कैसे मिलेगा। उन्होंने कहा कि जब प्रदेष सरकार के मंत्री ने सार्वजनिक रूप से स्वीकार किया है उनके विभाग में भ्रष्टाचार ही है तो उन्हें यह भी बताना चाहिए कि अपने विभाग के भ्रष्टाचार को समाप्त करने में वह क्यों सक्षम नहीं है और यदि विभाग नहीं सभांल पा रहे हैं तो त्याग पत्र क्यों नहीं दे देते।

श्री चैहान ने आगे बताया कि यह हाल प्रदेष सरकार के एक विभाग का नहीं है इसी तरह पूरी सरकार भ्रष्टाचार के गिरफ्त में है और सरकार के सभी मंत्री विभागीय भ्रष्टाचार को रोकने में अक्षम हैं इसलिए सरकार को अपने काम काज में सुधार लाते हुये जनता के हित के लिए प्रदेष में चल रही योजनाओं को भ्रष्टाचार से मुक्त करते हुये जनता की सेवा करनी चाहिए नहीं तो बहुमत से चुनी हुयी सरकार अपने काम काज तथा भ्रष्टाचार के कारण भविष्य में अपने प्रत्याषियों की जमानत बचा पाने में भी सक्षम नहीं होगी।

श्री चैहान ने कस्तुरबा गांधी आवासीय विद्यालय के षिक्षिकाओं व कर्मचारियों द्वारा अपनी मांगों के समर्थन में किये जा रहे शान्तिपूर्वक प्रदर्षन पर पुलिस द्वारा किये गये बल प्रयोग की निंदा करते हुये कहा कि वर्तमान सरकार लोकतांत्रिक मूल्यों की हत्या कर रही है तथा शान्तिपूर्वक प्रदर्षन को बल पूर्वक दबाने की कोषिष कर रही है।

सुरेन्द्र अग्निहोत्री

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सहारा वन के नये धारावाहिक ‘’आखि़र बहू भी तो बेटी ही है‘’ पर शुरू होगी एक ज्वलंत बहस

Posted on 05 September 2013 by admin

  • सोमवार, 16 सितम्बर रात 9 बजे से होगा प्रसारण

समाजशास्त्री इस बात से आश्चर्यचकित हैं कि आखि़र संयुक्त परिवार एकल परिवारों में क्यों टूटते जा रहे हैं। इसके पीछे कई कारण हैं, लेकिन एक मुख्य कारण सास और बहू के बीच एक-दूसरे के प्रति अपेक्षाओं में मतभेद होना है। इसी विषय को ध्यान में रखते हुए सहारा वन पर आगामी सोमवार 16 सितम्बर से रात 9 बजे एक नये धारावाहिक ‘आखि़र बहू भी तो बेटी ही है‘ का प्रसारण शुरू किया जा रहा है, जो शुक्रवार तक प्रति सप्ताह जारी रहेगा।

edited-aakhir-bahu-bhi-toh-beti-hee-haiसहारा वन का ‘आखि़र बहू भी तो बेटी ही है‘ ऐसी कहानी है जिसमें बहू और बेटियों से अलग-अलग व्यवहार किया जाता है। कहानी उत्तर प्रदेश के गोरखपुर जिले की रूढि़वादी परिवार की है, जहां सास ‘नौलखा देवी‘ (प्राची पाठक) बहुत सख्त, दूसरों पर हावी होने वाली और बेहद रूढि़वादी महिला हैं। वह अपनी बहुओं को दकियानूसी विचारों के अनुसार रखती हैं। उनका विश्वास है कि घर की बहू पर सख्त नियंत्रण होना चाहिए और इसमे कोई भी बदलाव पूरे घर को तोड़ सकता है।

इसके विपरीत, सिया (पायल राजपूत) युवा, जोश से भरी, चंचल और बहिर्मुखी स्वभाव की है। वह युवा महिलाओं का प्रतिनिधित्व करने वाली आज के दौर की निडर एवं आत्मसम्मान वाली युवती है। वह बुद्धिमान, आत्मविश्वासी भी है, जिसके खुद के विचार हैं और सही के साथ खड़े होने का जिसमें साहस है। उसका दृढ़ विश्वास है कि उसका ससुराल उसके मायके से अलग नहीं होगा

श्री शरद राज, प्रोग्रामिंग और कान्टेट प्रमुख, सहारा वन मीडिया एंड एंटरटेनमेंट लिमिटेड ने धारावाहिक के बारे में कहा, ‘‘बदलते समय के साथ सामाजिक एवं पारिवारिक ýझान भी बदलने की आवश्यकता है और हम अपने नये धारावाहिक ‘‘आखि़र बहू भी तो बेटी ही है‘‘ में इसी बात को दर्शकों के सामने रखेंगे। हमारे देश की उभरती युवा महिलाओं के दिमाग में एक सवाल है कि यदि लड़की अपना परिवार छोड़कर पति के परिवार को अपने परिवार की तरह अपनाती है और अपने सभी कर्तव्य निभाती है, तो फिर क्यों सास-ससुर, खासकर सास उनके साथ एक बेटी की तरह व्यवहार नहीं करतीं? क्यों उसे ठेठ बहू बनना पड़ता है जिस पर कई प्रतिबंध हो, और शेष परिवार से अलग-थलग हो, जबकि उसके पास ‘‘संस्कार‘‘ लाने का अधिकार है? आखि़र बहू भी तो बेटी ही है धारावाहिक का प्रयास वर्तमान समय की महिलाओं के इसी सवाल को सामने लाना है… यह आज की प्रत्येक ‘बहू‘ की भावनात्मक महत्वाकांक्षा है और अब समय आ गया है कि इस मुद्दे पर खुलकर बहस हो।‘‘

भारतीय टेलीविजन पर अपने पहले शो के साथ एंट्री करने वाले भारत श्रीवास्तव, निर्माता, इम्पैक्ट टेली नेटवर्क प्राइवेट लिमिटेड, ने कहा, ‘‘आखि़र बहू भी तो बेटी ही है भारतीय शादी की परम्परा से जुड़े विभिन्न रंगों को प्रस्तुत करता है, जहां एक लड़की मासूमियत से परिपक्वता, बेफिक्र जिन्दगी से जिम्मेदारी उठाने की भूमिका और एक लड़की से महिला में परिवर्तित होती है। इस प्रक्रिया में, लड़की को बहुत कुछ खोना पड़ता है, लेकिन समाज इसे सही तरीके से नहीं लेता। उसकी सबसे बड़ी चुनौती नये परिवार में सामंजस्य बिठाना होता है। निस्संदेह उसकी सासू मां, खासकर संयुक्त परिवार में मुख्य केन्द्र बन जाती है। हमारी कहानी इन दोनों चरित्रों के इर्दगिर्द घूमती है कि किस तरह से दिलचस्प घटनाएं इन दो अजनबियों को मजबूती से बांधती है कि एक बहू को बेटी के तौर पर और सासू मां को मां के रूप में स्वीकारा जाए।‘‘ बताते चलें कि ‘आखि़र बहू भी तो बेटी ही है‘ सास नौलखा देवी, उसकी बहू सिया और अलग-अलग सोच के दो भिन्न लोगों के मिलने से उनके बीच पैदा हुए विवाद की कहानी है। शो में सास और बहू के बीच सम्बन्धों को दिखाया गया है। पूरी अवधारणा हमारे समाज में बहू और बेटियों से किये जाने वाले अलग-अलग व्यवहार पर आधारित है। शो की समाजवादी कहानी में पायल राजपूत, प्राची पाठक, सीमा पांडे, आर्यन पंडित और पारितोष सैंड जैसे प्रतिभाशाली कलाकार नजर आएंगे।

अधिक जानकारी के लिए कृपया संपर्क करें:

तिशम घटक/हेमन्त शुक्ल

सहारा काॅर्पोरेट कम्युनिकेशन्स, लखनऊ

मोबाइल नं0 - 9838072633/9838689871

सुरेन्द्र अग्निहोत्री

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मुख्यमंत्री बीपीएल कार्डधारकों को मुफ्त साड़ी, कम्बल बांट रहे हैं

Posted on 05 September 2013 by admin

प्रदेश के मुख्यमंत्री द्वारा प्रदेश की गरीब जनता को खाद्य सुरक्षा अधिनियम के तहत केन्द्र सरकार की जनकल्याणकारी योजना का लाभ तत्काल न दिये जाने सम्बन्धी बयान की उ0प्र0 कंाग्रेस कमेटी ने कड़ी निन्दा की है।

प्रदेश कांग्रेस प्रवक्ता मारूफ खान ने आज यहां जारी बयान में कहा कि प्रदेश के मुख्यमंत्री एक ओर जहां गरीबों तक खाद्य सुरक्षा जैसी ऐतिहासिक योजना के तहत सस्ता अनाज उपलब्ध कराने और इस योजना का लाभ पहुंचाने में अपनी असमर्थता जता रहे हैं और प्रदेश की खराब आर्थिक स्थिति का रोना रो रहे हैं वहीं दूसरी ओर मुख्यमंत्री द्वारा बीपीएल कार्डधारकों को मुफ्त साड़ी, कम्बल बांटने में दिखायी जा रही रूचि से समाजवादी पार्टी सरकार का दोहरा चरित्र उजागर हुआ है।

प्रवक्ता ने कहा कि मुख्यमंत्री के इस कदम से यह साफ हो गया है कि समाजवादी पार्टी गरीबों, किसानों एवं नौजवानों को मुफ्त में साड़ी, कम्बल, लैपटाप, टेबलेट बांटने के नाम पर भ्रष्टाचार करके प्रदेश पर आर्थिक बोझ डाल रही है। उन्होने कहा कि प्रदेश की सरकार न तो नौजवानों के लिए रोजगार के अवसर उपलब्ध करा रही है और न ही किसानों को उनकी उपज का उचित मूल्य दे रही है। गन्ना किसानों का वर्तमान वर्ष का लगभग चार हजार करोड़ रूपये बकाया है और वह लगातार आंदोलन कर रहे हैं। इतना ही नहीं आज प्रदेश के तमाम लघु एवं मझोले उद्योग सरकार की गलत नीतियों के चलते मंदी की कगार पर हैं। प्रदेश की बिगड़ती हुई कानून व्यवस्था एवं लगातार हो रहे साम्प्रदायिक दंगों के चलते प्रदेश के उद्योग असुरक्षा और अफसरशाही रवैये के चलते दूसरे राज्यों में पलायन करने को मजबूर हैं। पश्चिमी उ0प्र0 की अधिकतर मिलें एवं कारखाने बंद हो चुके हैं और तमाम बंदी की ओर अग्रसर हैं। यही कारण है कि प्रदेश में कोई भी उद्योगपति उद्योग लगाने के लिए तैयार नहीं है।

प्रवक्ता ने कहा कि यूपीए सरकार ने बिना किसी भेदभाव एवं राजनीतिक मंशा के देश भर के सभी आर्थिक तौर पर कमजोर परिवारों को भोजन का अधिकार प्रदान किया है वहीं प्रदेश सरकार द्वारा इस योजना के प्रति उदसीन रवैया अपनाना प्रदेश की गरीब जनता के साथ खिलवाड़ है।

श्री खान ने कहा कि ऐसे समय में मुख्यमंत्री द्वारा मुफ्त में साड़ी और कम्बल आदि बांटने का ऐलान सिर्फ एक चुनावी शिगूफा है और प्रदेश की भोलीभाली जनता को गुमराह करने का प्रयास भर है। जिसे प्रदेश की जनता भलीभांति समझ रही है।

सुरेन्द्र अग्निहोत्री

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मृत्युजंय कुमार श्रीवास्तव के पुत्र आशुतोष लाल श्रीवास्तव का लम्बी बीमारी के बाद निधन

Posted on 05 September 2013 by admin

उत्तर प्रदेश कांग्रेस कमेटी के सहायक स्थायीमंत्री मृत्युजंय कुमार श्रीवास्तव के पुत्र आशुतोष लाल श्रीवास्तव (28वर्ष), जनपद-फैजाबाद की लम्बी बीमारी के बाद आज हुये निधन पर प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष डाॅ0 निर्मल खत्री जी, सांसद ने गहरा शोक व्यक्त किया है।

इस दुखद मौके पर प्रदेश कांग्रेस कार्यालय में एक शोक सभा आयोजित कर मृत आत्मा की शांति व शोक संतप्त परिजनों को इस असह्य दुःख को सहन करने की शक्ति प्रदान करने के लिए ईश्वर से प्रार्थना की गयी।

स्व0 आशुतोष लाल श्रीवास्तव के निधन पर पूर्व एमएलसी श्री हरीश बाजपेयी, श्री सुबोध श्रीवास्तव, श्री वीरेन्द्र मदान, श्री द्विजेन्द्र त्रिपाठी, श्री मारूफ खान, श्री जीशान हैदर, श्री अशोक सिंह, श्री जे0पी0 सिंह, श्री सिद्धार्थप्रिय श्रीवास्तव सहित प्रदेश कांग्रेस कार्यालय के स्थायीमंत्री श्री सज्जाद हसन, श्री कृष्णकान्त अवस्थी, श्री के0पी0 सिंह, श्री राना प्रताप सिंह, श्री विजय द्विवेदी, श्री मनोज शुक्ला, श्री द्वारिका प्रसाद शुक्ला, श्री रामदेव साहू, श्री मोहम्मद जमीर, श्री देशराज पाण्डेय आदि सभी कार्यालय के कर्मचारियों ने भी गहरा शोक व्यक्त किया।

सुरेन्द्र अग्निहोत्री

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अषोका यूनिवर्सिटी लखनऊ में लाॅन्च

Posted on 05 September 2013 by admin

edited-dscn1878एक आगामी षिक्षा संस्थान अषोका यूनिवर्सिटी, जो भारतीय विद्यार्थियों को किफायती मूल्य में आईव्ी लीग़ की षिक्षा प्रदान करना चाहती है, ने नवाबों के षहर लखनऊ में अपने लाॅन्च की घोशणा की है और संभावित विद्यार्थियों से आवेदन आमंत्रित किए हैं। पेनसिलवेनिया यूनिवर्सिटी और कार्लेटन काॅलेज़ के साथ सहयोग भारत में चार वर्शीय अन्डरग्रेजुएट प्रोग्राम यूएस माॅडल को जीवन्त बनाएगा और विष्वस्तर का एकेडेमिक अनुभव प्रदान करेगा। औद्योगिक हस्तियों की मदद से लोकहित अभियान अषोका यूनिवर्सिटी विद्यार्थियों को सुनम्य और गहन अध्ययन उपलब्ध कराकर भारतीय उच्च षिक्षा की वर्तमान व्यवस्था में संतुलन स्थापित करने का एक प्रयास है। चुनने के लिए विस्तृत विशयों की श्रृंखला प्रदान करके यह यूनिवर्सिटी उन भारतीय विद्यार्थियों की आकस्मिक जरुरतों को पूरा करेगी, जो षिक्षा में उदार विकल्पों के लिए पष्चिम की यात्रा करते हैं।

भारत में अतिषीघ्र स्पेषियलाईज़ेषन के लिए बाध्य करने वाले प्लस-टू डिग्री सिस्टम में उलझे विद्यार्थियों के लिए अषोका यूनिवर्सिटी उनकी रुचि का निर्णय लेने से पहले खोज का एक प्रोग्राम पेष करती है। एक सुविकसित उदार षिक्षा को एक व्यवहारिक एप्लीकेषन प्रक्रिया के द्वारा मिलाया जाता है, जो विद्यार्थी की योग्यता और उसके अंकों का आंकलन करती है। अषोका यूनिवर्सिटी की षिक्षा के पहले दो सालों में गणितीय अभियोग्यता, एतेहासिक विष्लेशण, साहित्यिक विष्लेशण, नीति और विज्ञान एवं समाज़ जैसे क्षेत्रों में विस्तृत आधार के फाउन्डेषन कोर्स षामिल हैं। यह यूनिवर्सिटी कम्युनिकेषन स्किल्स भी विकसित करेगी, जिससे विद्यार्थी जिम्मेदार नेतृत्वकर्ता बनें। अपने तीसरे वर्श में विद्यार्थी सोषल इन्टर्नषिप भी पूरी करेंगे। एक बार जब अषोका के विद्यार्थियों को अपनी रुचि पहचानने और क्रिटिकल थिंकिंग को विकसित करने का मौका मिल जाएगा, तब वे अपने तीसरे वर्श में अपने मुख्य विशय चुन सकेंगे। अषोका षिक्षा की सबसे बड़ी विषेशता, 8 सेमेस्टर में 32 कोर्सों में विस्तृत गहराई, विस्तार और सुनम्य है। अषोका के ग्रेजुएट अधिक बौद्धिक विकास और विस्तृत सामाजिक परिदृष्य के साथ सामने आएंगे।edited-dscn1879

इसके रीज़नल लाॅन्च में विनीत गुप्ता, अषोका यूनिवर्सिटी के सहसंस्थापक और ट्रस्टी के साथ फैकल्टी सदस्य, प्रोफेसर माधवी मेनन (पीएचडी तुफ्त्स यूनिवर्सिटी, भूतपूर्व प्रोफेसर, अमेरिकन यूनिवर्सिटी, यूएसए) और प्रोफेसर जोनाथन गिल हैरिस (पीएचडी, यूनिवर्सिटी आॅफ ससेक्स, यूके, भूतपूर्व प्रोफेसर, जाॅर्ज वाॅषिंगटन यूनिवर्सिटी, यूएसए) मौजूद थे। उन्होंने भारतीय उच्च षिक्षा पर अपने विचार बताए और लखनऊ से उच्च षिक्षा के लिए विदेष में जाने की इच्छा रखने वाले विद्यार्थियों के लिए संभावित अध्ययन विकल्पों का विवरण दिया।

अषोका यूनिवर्सिटी के सहसंस्थापक और ट्रस्टी विनीत गुप्ता ने कहा, ‘‘इस व्यवसाय में जहां मैंने 15 सालों से अधिक समय से विद्यार्थियों को सलाह दी है, यह देखकर मुझे कश्ट होता है, कि प्रतिवर्श भारतीय विद्यार्थी षिक्षा की गुणवत्ता के लिए विदेषों का रुख करते हैं। एक सोच वाले कुछ लोगों ने एक ऐसी यूनिवर्सिटी के निर्माण के हमारे लक्ष्य को समझा, जो हमारे विद्यार्थियों को उनके ही देष में विष्वस्तर की षिक्षा उपलब्ध कराए। हमें विष्वास है कि अषोका के edited-dscn1880ग्रेजुएट ‘विष्व के नागरिक और कल के नेतृत्वकर्ता’ होंगे।

अषोका यूनिवर्सिटी के लिए पूर्व आवेदन प्रक्रिया वर्तमान में जारी है, और विद्यार्थी यूनिवर्सिटी की वेबसाईट पर जाकर अपनी रुचि को आॅनलाईन दर्ज कर सकते हैं। इसका पहला बैच अगस्त 2014 में प्रारंभ होगा। प्रवेष प्रक्रिया के पूर्व आवेदन का राउन्ड नवंबर 2013 में प्रारंभ होगा।

edited-dscn1886

सुरेन्द्र अग्निहोत्री

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इस्पात उद्योग को प्रौद्योगिकीए कच्चे माल ाका संर्क्षण और बेहतर परिवहन पर ध्यान देना चाहिए . इस्पात मंत्री

Posted on 05 September 2013 by admin

सी आई आई  के इस्पाात सम्मेतलन 2013 में आज सभा को संबोधित करते हुए माननीय इस्पातत मंत्रीए श्री बेनी प्रसाद वर्मा ने कहाए श्स्टील उत्पादकों को प्रतिस्पर्धी कीमतों पर इस्पात की विशेष ग्रेड का उत्पादन करने के लिए उपयुक्त प्रौद्योगिकी को अपनाने की जरूरत है।श् सम्मे लन का विषय था ष्वैश्विक प्रतिस्प र्धा के लिए रोडमैपरूदृ अवसर और चुनौतियांष्। कई उद्योग जगत और इस्पाथत उद्योग की जानी मानी हस्तियां इस अवसर पर मौजूद थीं। edited-honble-minister-of-steel-drawing-up-the-road-map-for-the-steel-industry-at-cii-steel-summit-2013

इस विषय पर विस्तादर से बोलते हुए माननीय इस्पाित मंत्री ने कहा ग्रामीण इलाकों मेंए जहां इस्पा त की पहुंच सीमित हैए इस्पाित के उपयोग के लिए एक विशाल संभावना है। उन्हों्ने निम्नइ ग्रेड अयस्कु के उपयोग के लिए पैलेटाइजेशन तकनीक अपनाने की आवश्यवकता पर बल दिया। उन्होंडने इस्पाेत उद्योग के संधर्भ में बोलते हुए कहाए श्प्रत्येिक इस्पापत उत्पारदक को व्यावसाय को और अधिक टिकाऊ बनाना चाहिए।

श्री वर्मा ने कहा कि भारतीय इस्पाऊत उद्योग को अनुसंधान और विकास में और अधिक निवेश करने की जरूरत है। उन्हों ने इस्पाकत के उत्पाेदन को प्रोत्सााहन देने के लिए इस्पाकत मंत्रालय द्वारा उठाए गए कदमों के बारे में बताया। उन्होंतने यह भी कहा कि कच्चेप माल की आवाजाही के लिए एक वैकल्पिक समाधान प्रदान करने के लिए स्लर्री पाईप्लाइन जैसी वैकल्पिक तकनीक एक महत्वमपूर्ण भूमिका निभा सकती है।

edited-honble-minister-of-steel-addressing-the-gathering-at-the-cii-steel-summit-2013इस अवसर पर सेल के अध्याक्ष श्री सीण् एसण् वर्माए राष्ट्री य इस्पाएत निगम लिमिटेड के मुख्यस कार्यकारी निदेशकए श्री एण् पीण् चौधरीए सीआईआई के महानिदेशकए श्री चंद्रजीत बनर्जी के साथ इस्पारत मंत्रालय के अन्य  वरिष्ठ  अधिकारी और सीआईआई तथा उद्योग के प्रतिनिधि भी उपस्थित थे।

सुरेन्द्र अग्निहोत्री

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