Archive | April 9th, 2013

कमला नेहरु संस्थान ने जाब फेयर द्वारा छात्र छात्राओं के लिए रोजगार के दरवाजे खोले

Posted on 09 April 2013 by admin

८ अप्रैल । कमला नेहरु ग्रुप आफ इन्सट्रीट््यूशंस के फरीदीपुर कैम्पस मे आयोजित किये गए दो दिवसीय जाब फेयर में उत्त्तर प्रदेश समेत दिल्ली, उत्त्तराखण्ड, हरियाणा व अन्य राज्यों से कुल २ हजार से भी अधिक छात्र छात्राओं ने चयन हेतु साक्षात्कार दिया ।  edited-4
पूरे देश में बढती हुई बेरोजगारी के मददेनजर कमला नेहरु संस्थान द्वारा आयोजित इस दो दिवसीय जाब फेयर की समस्त छात्र छात्राओं ने जमकर तारीफ की व रोजगार के इस अवसर को प्राप्त होने पर कमला नेहरु शिक्षण संस्थान को धन्यवाद भी दिया । रोजगार के इस प्रकार के अवसर मिलने पर सभी छात्र छात्राओं मे खुशी व उत्साह था ।
ज्ञातव्य है कि कमला नेहरु गु्रप आफ इन्सटीटयूशंस मे आयोजित किया गया यह जाब फेयर उत्त्तर प्रदेश का अब तक का सबसे बडा जाब फेयर है जिसमें राष्ट्रीय व अन्तर्राष्ट्रीय स्तर की ४० से भी अधिक कम्पनियों ने संस्थान के माध्यम से छात्र छात्राओं के लिए रोजगार के दरवाजे खोले है ।
स्पैरो टेलीकाम, डीआरएस ग्लोबल, जीसीपीएल, जाइकांम टेक्नोलाजीस, कैडिला फार्मा, आई टी एल, लेजिनी, रेलीवेन्जा, एफिनिटी सोल्सूशंस आदि कम्पनियों ने जाब फेयर के दूसरे दिन छात्र छात्राओं का साक्षात्कार किया । कमला नेहरु ग्रुप आफ इन्सीटीट््यूशंस के फरीदीपुर कैम्पस के डीन डा. आर.के.सिंह, प्रबन्ध संकाय के निदेशक डा. पीयूष पाण्डेय, तकनीकि संकाय के निदेशक डा. एस.डी.पाण्डेय, ट्रेनिंग एवं प्लेसमेट आफीसर राघवेन्द्र त्रिपाठी व एजुकेशन इन्डिया इन्कारपोरेशन के सीईओ मनोहर चेलानी ने छात्र छात्राओं को उनके उज्जव भविष्य की लिए शुभकामनाएं भी दी ।                                          जाब फेयर में साक्षात्कार करने पहुंचे छात्र छात्राएं

सुरेन्द्र अग्निहोत्री
agnihotri1966@gmail.com
sa@upnewslive.com

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उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री श्री अखिलेश यादव की अध्यक्षता में आज यहां सम्पन्न मंत्रिपरिषद की बैठक में निम्नलिखित महत्वपूर्ण निर्णय लिए गएः

Posted on 09 April 2013 by admin

मुख्यमंत्री अखिलेश यादव की अध्यक्षता में सम्पन्न मंत्रिपरिषद के फैसले-हाईलाइट्स

  • ऽ    उत्तर प्रदेश विधानसभा एवं विधान परिषद के वर्तमान सत्र का सत्रावसान तात्कालिक प्रभाव से कराने की संस्तुति।
  • ऽ    राज्य मुख्यालय पर मान्यता प्राप्त पत्रकारों को संजय गांधी आयुर्विज्ञान संस्थान, लखनऊ में निःशुल्क चिकित्सा सुविधा उपलब्ध कराने का निर्णय।
  • ऽ    प्रदेश में फिल्म निर्माण आकर्षित करने हेतु प्रदेश की फिल्म नीति में संशोधन।
  • ऽ    उत्तर प्रदेश पुलिस भर्ती एवं प्रोन्नति बोर्ड द्वारा कम्प्यूटर आॅपरेटर ग्रेड-ए/प्रोग्रामर ग्रेड-2 के पदों पर सीधी भर्ती हेतु आवेदन शुल्क 50 रुपए से बढ़ाकर 200 रुपए करने एवं आवेदन शुल्क के रूप में प्राप्त समस्त धनराशि राजकोष में जमा कराने तथा डाकघर/बैंकों को सेवाकर के रूप में देय धनराशि का भुगतान विभागीय लेखा शीर्षक में उपलब्ध धनराशि से करने का निर्णय।
  • ऽ    डाॅ0 राम मनोहर लोहिया इंस्टीट्यूट आॅफ मेडिकल साइंसेज, गोमती नगर, लखनऊ को सुचारु रूप से संचालित करने हेतु इसके बायलाॅज में संशोधन करते हुए गवर्निंग बाॅडी के अध्यक्ष के रूप में मुख्य सचिव उत्तर प्रदेश शासन को नामित करने का निर्णय।
  • ऽ    उत्तर प्रदेश पारिवारिक न्यायालयों के परामर्शदाताओं के मानदेय/नियत मासिक वेतन बढ़ाने का फैसला किया गया है। लिए गए निर्णय के अनुसार मानदेय/फीस 375 रुपए प्रति कार्य दिवस या 10,000 रुपए प्रतिमाह, जो भी कम हो, किये जाने का निर्णय लिया गया।
  • ऽ    अधीनस्थ न्यायालय के गैर-न्यायिक सेवा के स्टेनोग्राफर्स/वैयक्तिक सहायकों के सम्बन्ध में शेट्टी आयोग की संस्तुतियों को लागू करने के सम्बन्ध में पूर्व में जारी शासनादेश में मा0 उच्च न्यायालय के प्रस्ताव अनुसार संशोधन करने का निर्णय।
  • ऽ    प्रदेश के बच्चों में कुपोषण की समस्या के प्रभावी समाधान हेतु ‘राज्य पोषण मिशन’ के गठन का निर्णय।
  • ऽ    डाॅ0 राम मनोहर लोहिया समग्र ग्राम विकास योजना के अन्तर्गत चयनित ग्रामों में सोलर स्ट्रीट लाइट संयंत्रों की स्थापना हेतु लाभार्थी संस्थाओं के अंशदान को जनहित में राज्य सरकार द्वारा दिए जाने का निर्णय।
  • ऽ    वर्तमान शैक्षणिक सत्र 2012-13 में स्थापित एवं आगामी वर्षों में स्थापित होने वाले नए राजकीय मेडिकल काॅलेजों में सेवानिवृत्त चिकित्सा शिक्षकांें को संविदा पर नियुक्त किए जाने की अधिकतम आयु सीमा 65 वर्ष से बढ़ाकर 70 वर्ष करने का निर्णय।
  • ऽ    एशियन डेवलेपमेंट बैंक की 46वीं वार्षिक बैठक (02 से 05 मई, 2013 तक) में भाग लेने वाले प्रतिनिधियों के लिए दिल्ली से ग्रेटर नोएडा हेतु उपयोग में लाए जाने वाले वाहनों को उत्तर प्रदेश राज्य के देय कर में छूट का निर्णय।
  • ऽ    इन्टेल साउथ एशिया के साथ विद्यालयों के प्रधानाचार्यों एवं शिक्षकों के प्रशिक्षण के सम्बन्ध में अनुबन्ध हेतु माध्यमिक शिक्षा अभियान परिषद को अधिकृत करने का निर्णय।
  • ऽ    चकगंजरिया फार्म, लखनऊ की भूमि के वैकल्पिक उपयोग एवं पशुपालन फार्म के पुनस्र्थापन हेतु कार्य योजना अनुमोदित।


उ0प्र0 बेसिक शिक्षा (अध्यापक) सेवा नियमावली-1981 में संशोधन

मंत्रिपरिषद ने उत्तर प्रदेश बेसिक शिक्षा (अध्यापक) सेवा नियमावली-1981 में संशोधन की अनुमति प्रदान कर दी है। इसके तहत राज्य सरकार द्वारा अध्यापक पात्रता परीक्षा आयोजित करने हेतु परीक्षा संस्था सचिव, परीक्षा नियामक प्राधिकारी, उत्तर प्रदेश इलाहाबाद के द्वारा अध्यापक पात्रता परीक्षा में भाषा का एक अलग प्रश्नपत्र रखा जाए, जिसमें अभ्यर्थियों की भाषा में प्रवीणता परीक्षण पर बल दिया जाएगा। इस प्रयोजनार्थ निबन्ध लेखन के अलावा व्याकरण से सम्बन्धित प्रश्न काॅम्प्रीहेन्शन एवं बच्चों को पढ़ाने के लिए आवश्यक टीचिंग मेथड्स के सम्बन्ध में प्रश्न रखे जाएंगे। अध्यापक पात्रता परीक्षा उत्तीर्ण अभ्यर्थी की ही नियुक्ति नियमानुसार सहायक अध्यापक (भाषा) के पद पर की जाएगी। ऐसे अभ्यर्थी जो वर्ष 2011 में प्रदेश सरकार द्वारा आयोजित अध्यापक पात्रता परीक्षा अथवा भारत सरकार द्वारा आयोजित अध्यापक पात्रता परीक्षा उत्तीर्ण हंै, उन्हें पुनः अध्यापक पात्रता परीक्षा उत्तीर्ण करने की आवश्यकता नहीं है। इस प्रकार उक्त नियमावली में आवश्यक संशोधन करते हुए अध्यापक पात्रता परीक्षा-2013 के सम्बन्ध में शासनादेश जारी किया जाएगा।

विधान मण्डल के सत्रावसान की संस्तुति

उत्तर प्रदेश विधानसभा एवं विधान परिषद के वर्तमान सत्र का सत्रावसान तात्कालिक प्रभाव से कराने की संस्तुति की गई।

मुख्यालय पर मान्यता प्राप्त पत्रकारों को संजय गांधी स्नातकोत्तर आयुर्विज्ञान संस्थान, लखनऊ में निःशुल्क चिकित्सा सुविधा उपलब्ध कराने का निर्णय

मंत्रिपरिषद ने राज्य मुख्यालय पर मान्यता प्राप्त पत्रकारों को संजय गांधी स्नातकोत्तर आयुर्विज्ञान संस्थान, लखनऊ में निःशुल्क चिकित्सा सुविधा उपलब्ध कराने का निर्णय लिया है।
उल्लेखनीय है कि यूपी वर्किंग जनर्लिस्ट यूनियन, उ0प्र0 जनर्लिस्ट एसोसिएशन एवं इण्डियन फेडरेशन आॅफ वर्किंग जनर्लिस्ट एसोसिएशन द्वारा प्रदेश के श्रमजीवी पत्रकारों को राज्य कर्मचारियों की भांति एसजीपीजीआई, लखनऊ में निःशुल्क चिकित्सा सुविधा उपलब्ध कराने की मांग की गई थी।


प्रदेश में फिल्म निर्माण आकर्षित करने हेतु
प्रदेश की फिल्म नीति में संशोधन

मंत्रिपरिषद ने प्रदेश में फिल्म उद्योग को बढ़ावा देने के उद्देश्य से वर्ष 2001 में जारी फिल्म नीति में संशोधन करने का निर्णय लिया है, जिसके तहत प्रदेश में निर्मित ऐसी हिन्दी फिल्में, जिनमें अवधि, ब्रज, बुंदेली एवं भोजपुरी सम्मिलित हैं, जिनकी कम से कम 75 प्रतिशत शूटिंग उ0प्र0 में की गई हो, के लिए निर्माण लागत का 25 प्रतिशत अनुदान के रूप में दिया जाएगा। अनुदान की सीमा प्रत्येक फिल्म के लिए 01 करोड़ रुपए तक होगी। फिल्म नीति के अंतर्गत पुरस्कार हेतु चयनित निर्देशक द्वारा अगली फिल्म उत्तर प्रदेश में बनाए जाने की स्थिति में यह धनराशि 01 करोड़ 25 लाख रुपए तक होगी। अनुदान के आकलन के लिए समिति बनाई जाएगी, जिसमें फिल्म निर्माण के लेखों की लेखा परीक्षा का अनुभवी सनदी लेखाकार सदस्य के रूप में रखा जाएगा, जिससे कि निर्माण लागत के आकलन में सुविधा हो।

कम्प्यूटर आॅपरेटर के पदों पर सीधी भर्ती हेतु
आवेदन शुल्क 50 रुपए से बढ़ाकर 200 रुपए करने का निर्णय

मंत्रिपरिषद ने उत्तर प्रदेश पुलिस भर्ती एवं प्रोन्नति बोर्ड द्वारा कम्प्यूटर आॅपरेटर ग्रेड-ए/प्रोग्रामर ग्रेड-2 के पदों पर सीधी भर्ती हेतु आवेदन शुल्क 50 रुपए से बढ़ाकर 200 रुपए करने एवं आवेदन शुल्क के रूप में प्राप्त समस्त धनराशि राजकोष में जमा कराने तथा डाकघर/बैंकों को सेवाकर के रूप में देय धनराशि का भुगतान विभागीय लेखा शीर्षक में उपलब्ध धनराशि से कराने का निर्णय लिया है।

डाॅ0 राम मनोहर लोहिया इंस्टीट्यूट आॅफ मेडिकल साइंसेज, गोमती नगर, लखनऊ को सुचारु रूप से संचालित करने हेतु बायलाॅज में संशोधन

मंत्रिपरिषद ने डाॅ0 राम मनोहर लोहिया इंस्टीट्यूट आॅफ मेडिकल साइंसेज, गोमती नगर, लखनऊ को सुचारु रूप से संचालित करने एवं समुचित नियंत्रण तथा विनियमन हेतु इसके बायलाॅज में संशोधन करते हुए गवर्निंग बाॅडी के अध्यक्ष के रूप में मुख्य सचिव, उत्तर प्रदेश शासन को नामित करने का निर्णय लिया है।

उत्तर प्रदेश पारिवारिक न्यायालयों के परामर्शदाताओं के
मानदेय/नियत मासिक वेतन बढ़ाने का फैसला

मंत्रिपरिषद द्वारा उत्तर प्रदेश पारिवारिक न्यायालयों के परामर्शदाताओं के मानदेय/नियत मासिक वेतन बढ़ाने का फैसला किया गया है। लिए गए निर्णय के अनुसार मानदेय/फीस 375 रुपए प्रति कार्य दिवस या 10,000 रुपए प्रतिमाह, जो भी कम हो, किये जाने का निर्णय लिया गया। मंत्रिपरिषद ने इस निर्णय को माननीय उच्च न्यायालय द्वारा प्राप्त प्रस्ताव के अनुसार किया है।

अधीनस्थ न्यायालय के गैर-न्यायिक सेवा के स्टेनोग्राफर्स/वैयक्तिक सहायकों के सम्बन्ध में मा0 उच्च न्यायालय के प्रस्ताव अनुसार संशोधन करने का निर्णय

मंत्रिपरिषद ने अधीनस्थ न्यायालय के गैर-न्यायिक सेवा के स्टेनोग्राफर्स/वैयक्तिक सहायकों के सम्बन्ध में शेट्टी आयोग की संस्तुतियों को लागू करने के लिए पूर्व में जारी शासनादेश में मा0 उच्च न्यायालय के प्रस्ताव अनुसार संशोधन करने का निर्णय लिया है।
लिए गए निर्णय के अनुसार वेतनमान 4500 से 7000 में कार्यरत स्टेनोग्राफर को स्टेनोग्राफर ग्रेड-प्प्प्, 5500 से 9000 वेतनमान में कार्यरत वैयक्तिक सहायक को स्टेनोग्राफर गे्रड-प्प् तथा 7450 से 11500 वेतनमान में कार्यरत वैयक्तिक सहायक को स्टेनोग्राफर गे्रड-प् कहा जाएगा। इसके अलावा दिनांक 11-5-2009 के शासनादेश में स्टेनोग्राफर का पदनाम पृष्ठ-2 के प्रस्तर- 1 (3) के बजाय प्रस्तर-1 (2) में वेतनमान रुपए 4500-7000 के पदों के साथ सम्मिलित करने का निर्णय लिया गया है।

प्रदेश के बच्चों में कुपोषण की समस्या के प्रभावी समाधान हेतु
‘राज्य पोषण मिशन’ के गठन का निर्णय

मिशन के प्रभावी क्रियान्वयन हेतु मुख्यमंत्री की अध्यक्षता में
राज्य स्तरीय शासी निकाय कार्य करेगा

मंत्रिपरिषद ने प्रदेश के बच्चों में कुपोषण की समस्या के प्रभावी समाधान हेतु ‘राज्य पोषण मिशन’ के गठन का निर्णय लिया है। यह मिशन महाराष्ट्र राज्य की तरह गठित किया जाएगा। सोसाइटी के रूप में गठित मिशन का कार्यकाल 03 वर्ष का होगा। इसके बाद इसके परिणामों को देखते हुए इसके कार्यकाल को बढ़ाने का निर्णय लिया जाएगा। प्रारम्भ में मिशन की दैनिक कार्ययोजना एवं गतिविधियों के लिए काॅरपस फण्ड राष्ट्रीय ग्रामीण स्वास्थ्य मिशन से प्राप्त किया जाएगा।
मिशन के लिए अधिकारियों एवं कर्मचारियों को प्रतिनियुक्ति पर रखा जाएगा। यह भी निर्णय लिया गया कि यूनीसेफ से सहयोग प्राप्त कर महानिदेशक राज्य पोषण मिशन के पद एवं 02 अन्य परामर्शदाताओं को कम से कम 03 वर्ष के लिए तैनात किया जाएगा। प्रथम चरण में मिशन का कार्य सर्वेक्षण, वजन नापने की दक्षता एवं आवश्यक पोषण गतिविधियों पर केन्द्रित होगा। इसके लिए आवश्यक मानकों का निर्धारण राज्य पोषण मिशन द्वारा लिया जाएगा।
राज्य पोषण मिशन के प्रभावी क्रियान्वयन के सम्बन्ध में मुख्यमंत्री की अध्यक्षता में राज्य स्तरीय शासी निकाय का गठन किया जाएगा, जिसमें बाल विकास एवं पुष्टाहार, चिकित्सा स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण, चिकित्सा शिक्षा, ग्राम विकास, खाद्य एवं रसद, समाज कल्याण, पंचायती राज विभाग के मंत्रिगण सदस्य के रूप में होंगे। इसके अलावा मुख्य सचिव, प्रमुख सचिव वित्त तथा सम्बन्धित विभागों के प्रमुख सचिव भी सदस्य नामित किए गए हैं। महानिदेशक राज्य पोषण मिशन इसके सदस्य सचिव होंगे। इसके अलावा मुख्य सचिव की अध्यक्षता में कार्यकारी समिति, प्रमुख सचिव महिला एवं बाल विकास, सेवा एवं पुष्टाहार की अध्यक्षता में अनुश्रवण समिति तथा महानिदेशक राज्य पोषण मिशन की अध्यक्षता में क्रियान्वयन समिति का गठन किया गया है। इन समितियों के अलग-अलग कार्य एवं दायित्व निर्धारित किए गए हैं।
डाॅ0 राम मनोहर लोहिया समग्र ग्राम विकास योजना के अन्तर्गत चयनित ग्रामों में सोलर स्ट्रीट लाइट संयंत्रों की स्थापना लाभार्थी अंशदान को जनहित में राज्य सरकार द्वारा करने का निर्णय

मंत्रिपरिषद ने डाॅ0 राम मनोहर लोहिया समग्र ग्राम विकास योजना के अन्तर्गत चयनित ग्रामों में सोलर स्ट्रीट लाइट संयंत्रों की स्थापना हेतु लाभार्थी संस्थाओं के अंशदान को जनहित में राज्य सरकार द्वारा दिए जाने का निर्णय लिया गया है।

नए राजकीय मेडिकल काॅलेजों में सेवानिवृत्त चिकित्सा शिक्षकांें को संविदा पर नियुक्त करने की अधिकतम आयु 70 वर्ष करने का निर्णय

मंत्रिपरिषद ने वर्तमान शैक्षणिक सत्र 2012-13 में स्थापित एवं आगामी वर्षों में स्थापित होने वाले नए राजकीय मेडिकल काॅलेजों में सेवानिवृत्त चिकित्सा शिक्षकांें को संविदा पर नियुक्त किए जाने की अधिकतम आयु सीमा 65 वर्ष से बढ़ाकर 70 वर्ष करने का निर्णय लिया है।

एशियन डेवलेपमेंट बैंक की 46वीं वार्षिक बैठक में भाग लेने वाले प्रतिनिधियों के वाहनों को राज्य के देय कर में छूट का निर्ण

मंत्रिपरिषद ने केन्द्र सरकार के अनुरोध को दृष्टिगत रखते हुए एशियन डेवलेपमेंट बैंक की 46वीं वार्षिक बैठक (02 से 05 मई, 2013 तक) में भाग लेने वाले प्रतिनिधियों के लिए दिल्ली से ग्रेटर नोएडा हेतु उपयोग में लाए जाने वाले वाहनों को उत्तर प्रदेश राज्य के देय कर में छूट का निर्णय लिया है।

इन्टेल द्वारा प्रधानाचार्यों एवं शिक्षकों के प्रशिक्षण के लिए
अनुबन्ध हेतु माध्यमिक शिक्षा अभियान परिषद अधिकृत

मंत्रिपरिषद ने इन्टेल साउथ एशिया के साथ विद्यालयों के प्रधानाचार्यों एवं शिक्षकों के प्रशिक्षण के सम्बन्ध में अनुबन्ध हेतु माध्यमिक शिक्षा अभियान परिषद को अधिकृत करने का निर्णय लिया है। परिषद की ओर से कोई भी व्यय/धनराशि इन्टेल को देय नहीं होगा। इन्टेल द्वारा प्रशिक्षण आदि की सभी व्यवस्थाएं निःशुल्क प्रदान की जाएंगी। आई.सी.टी. के अंतर्गत आच्छादित विद्यालयों में से किसी एक राजकीय इण्टर काॅलेज को प्रशिक्षण केन्द्र के रूप में चिन्हित किया जाएगा। मंत्रिपरिषद ने यह भी निर्णय लिया है कि यदि कोई अन्य प्रतिष्ठित कंपनी अपने वित्तीय संसाधनों से अध्यापकों के प्रशिक्षण/शैक्षिक गुणवत्ता का कार्य करना चाहती है तो ऐसी कंपनी के प्रस्ताव पर भी विचार किया जा सकता है।
व्यावसायिक उपयोग की परियोजना को मंत्रिमण्डल द्वारा अनुमोदित कर दिया गया है
उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री अखिलेश यादव की अध्यक्षता में आज यहां सम्पन्न मंत्रिपरिषद की बैठक में 846.49 एकड़ भूमि में स्थापित चकगंजरिया फार्म की वर्तमान में संचालित गतिविधियों को अन्यत्र स्थानान्तरित कर यहां राष्ट्रीय स्तर का सूचना प्रौद्योगिकी नगर (आई0टी0 सिटी), सूचना प्रौद्योगिकी संस्थान, आधुनिक मेडीसिटी, प्रशासनिक प्रशिक्षण संस्थान व आधुनिक दुग्ध प्रसंस्करण प्लाण्ट स्थापित किए जाने एवं इसके आवासीय तथा व्यावसायिक उपयोग की परियोजना को मंत्रिमण्डल द्वारा अनुमोदित कर दिया गया है।
लिए गए निर्णय के अनुसार आई0टी0 सिटी के लिए 100 एकड़ भूमि आई0टी0 एवं इलेक्ट्राॅनिक्स विभाग को, भारतीय सूचना एवं प्रौद्योगिकी संस्थान के लिए 50 एकड़ भूमि प्राविधिक शिक्षा विभाग को, आधुनिक मेडीसिटी में विश्वस्तरीय कैंसर संस्थान व चिकित्सा सुविधाओं के लिए 100 एकड़ भूमि चिकित्सा शिक्षा विभाग को, सुपर स्पेशिलिटी अस्पताल/कार्डियोलाॅजी सेन्टर के लिए 20 एकड़ भूमि चिकित्सा विभाग को, आधुनिक दुग्ध प्रसंस्करण प्लाण्ट के लिए 20 एकड़ भूमि दुग्ध विकास विभाग को तथा उत्तर प्रदेश प्रशासनिक अकादमी के लिए 25 एकड़ भूमि कार्मिक विभाग को निःशुल्क हस्तान्तरित की जाएगी। शेष भूमि लखनऊ विकास प्राधिकरण को प्रचलित सर्किल दर पर हस्तान्तरित की जाएगी।
परियोजना के क्रियान्वयन एवं आवश्यक नीतिगत निर्णय हेतु मुख्य सचिव की अध्यक्षता में एक उच्चस्तरीय समिति का गठन किया जाएगा। परियोजना से सम्बन्धित सभी कार्यवाही हेतु आवास एवं शहरी नियोजन विभाग नोडल विभाग होगा, जबकि परियोजना के कार्यों का निष्पादन कार्यदायी संस्था लखनऊ विकास प्राधिकरण द्वारा किया जाएगा। प्रस्तावित परियोजना के लिए महायोजना-2021 में निर्धारित भू-उपयोग में आवश्यक परिवर्तन आवासीय एवं शहरी नियोजन विभाग द्वारा सुसंगत नियमों के अन्तर्गत किया जाएगा। महायोजना-2021 में प्रस्तावित 150 मीटर चैड़ी रिंग रोड और इसके दोनों ओर ग्रीन बेल्ट को प्रस्तावित परियोजना स्थल के मध्य में पड़ने के कारण लखनऊ विकास क्षेत्र के विस्तारित अंश में अथवा अन्यत्र प्राविधानित किया जाएगा।
परियोजना स्थल पर अवस्थापना सुविधाओं का विकास लखनऊ विकास प्राधिकरण द्वारा किया जाएगा। परियोजना क्षेत्र के विकास एवं अवस्थापना विकास कार्यों के त्वरित निस्तारण हेतु लखनऊ विकास प्राधिकरण रिवाल्विंग फण्ड का सृजन करेगा, जिसमें प्रारम्भिक धनराशि का प्राविधान विकास प्राधिकरण द्वारा अपने स्रोतों से किया जाएगा।
परियोजना के तहत लखनऊ विकास प्राधिकरण द्वारा विकसित किए जा रहे आवासीय क्षेत्र में आवास एवं शहरी नियोजन विभाग द्वारा निर्धारित मानकों के अनुसार दुर्बल आय वर्ग एवं निम्न आय वर्ग के भवन निर्मित किए जाएंगे। ई0डब्ल्यू0एस0 एवं एल0आई0जी0 भवनों के लिए आवश्यक भूमि एवं अवस्थापना सुविधाओं हेतु उपयोग की गई भूमि के पश्चात् अवशेष विकसित भूमि का निस्तारण प्राधिकरण नीलामी द्वारा पारदर्शी प्रक्रिया अपनाते हुए करेगा, जिससे कि भूमि का समुचित मूल्य प्राप्त हो सके। नीलामी से प्राप्त धनराशि को एक पृथक बैंक खाते में रखा जाएगा। इस खाते को ‘परियोजना विकास फण्ड’ कहा जाएगा।
चकगंजरिया फार्म में वर्तमान में पशुपालन विभाग द्वारा चलाई जा रही डी0एफ0एस0 योजना को राज्य कृषि प्रबन्ध संस्थान, रहमानखेड़ा, लखनऊ में स्थानान्तरित किया जाएगा, जिसके लिए 25 एकड़ भूमि कृषि विभाग पशुपालन विभाग को निःशुल्क देगा तथा अधिकतम दो वर्ष की अवधि में चरणबद्ध रूप से रहमानखेड़ा में आवश्यक परिसम्पत्तियां स्थापित/निर्मित की जाएंगी।
इसी प्रकार फार्म में वर्तमान में संचालित पशुपालन विभाग के अन्य कार्यकलापों एवं प्रस्तावित आधुनिक डेरी फार्म परियोजना को राजकीय पशुधन प्रक्षेत्र, निबलेट जनपद बाराबंकी स्थित भूमि पर स्थानान्तरित कर चरणबद्ध रूप से स्थापित किया जाएगा। दुग्ध संघ की 25.05 एकड़ भूमि में स्थित सहकारी प्रशिक्षण एवं संस्थान के भवन, एस0एम0पी0 गोदाम व मिल्क पार्लर के भवन को दुग्ध विकास विभाग को दी जाने वाली 5 एकड़ भूमि में समायोजित किया जाएगा। शेष 20 एकड़ भूमि पर दुग्ध विकास विभाग द्वारा आधुनिक दुग्ध प्रसंस्करण प्लाण्ट की स्थापना की जाएगी।

सुरेन्द्र अग्निहोत्री
agnihotri1966@gmail.com
sa@upnewslive.com

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व्यावसायिक उपयोग की परियोजना को मंत्रिमण्डल द्वारा अनुमोदित कर दिया गया है

Posted on 09 April 2013 by admin

उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री अखिलेश यादव की अध्यक्षता में आज यहां सम्पन्न मंत्रिपरिषद की बैठक में 846.49 एकड़ भूमि में स्थापित चकगंजरिया फार्म की वर्तमान में संचालित गतिविधियों को अन्यत्र स्थानान्तरित कर यहां राष्ट्रीय स्तर का सूचना प्रौद्योगिकी नगर (आई0टी0 सिटी), सूचना प्रौद्योगिकी संस्थान, आधुनिक मेडीसिटी, प्रशासनिक प्रशिक्षण संस्थान व आधुनिक दुग्ध प्रसंस्करण प्लाण्ट स्थापित किए जाने एवं इसके आवासीय तथा व्यावसायिक उपयोग की परियोजना को मंत्रिमण्डल द्वारा अनुमोदित कर दिया गया है।
लिए गए निर्णय के अनुसार आई0टी0 सिटी के लिए 100 एकड़ भूमि आई0टी0 एवं इलेक्ट्राॅनिक्स विभाग को, भारतीय सूचना एवं प्रौद्योगिकी संस्थान के लिए 50 एकड़ भूमि प्राविधिक शिक्षा विभाग को, आधुनिक मेडीसिटी में विश्वस्तरीय कैंसर संस्थान व चिकित्सा सुविधाओं के लिए 100 एकड़ भूमि चिकित्सा शिक्षा विभाग को, सुपर स्पेशिलिटी अस्पताल/कार्डियोलाॅजी सेन्टर के लिए 20 एकड़ भूमि चिकित्सा विभाग को, आधुनिक दुग्ध प्रसंस्करण प्लाण्ट के लिए 20 एकड़ भूमि दुग्ध विकास विभाग को तथा उत्तर प्रदेश प्रशासनिक अकादमी के लिए 25 एकड़ भूमि कार्मिक विभाग को निःशुल्क हस्तान्तरित की जाएगी। शेष भूमि लखनऊ विकास प्राधिकरण को प्रचलित सर्किल दर पर हस्तान्तरित की जाएगी।
परियोजना के क्रियान्वयन एवं आवश्यक नीतिगत निर्णय हेतु मुख्य सचिव की अध्यक्षता में एक उच्चस्तरीय समिति का गठन किया जाएगा। परियोजना से सम्बन्धित सभी कार्यवाही हेतु आवास एवं शहरी नियोजन विभाग नोडल विभाग होगा, जबकि परियोजना के कार्यों का निष्पादन कार्यदायी संस्था लखनऊ विकास प्राधिकरण द्वारा किया जाएगा। प्रस्तावित परियोजना के लिए महायोजना-2021 में निर्धारित भू-उपयोग में आवश्यक परिवर्तन आवासीय एवं शहरी नियोजन विभाग द्वारा सुसंगत नियमों के अन्तर्गत किया जाएगा। महायोजना-2021 में प्रस्तावित 150 मीटर चैड़ी रिंग रोड और इसके दोनों ओर ग्रीन बेल्ट को प्रस्तावित परियोजना स्थल के मध्य में पड़ने के कारण लखनऊ विकास क्षेत्र के विस्तारित अंश में अथवा अन्यत्र प्राविधानित किया जाएगा।
परियोजना स्थल पर अवस्थापना सुविधाओं का विकास लखनऊ विकास प्राधिकरण द्वारा किया जाएगा। परियोजना क्षेत्र के विकास एवं अवस्थापना विकास कार्यों के त्वरित निस्तारण हेतु लखनऊ विकास प्राधिकरण रिवाल्विंग फण्ड का सृजन करेगा, जिसमें प्रारम्भिक धनराशि का प्राविधान विकास प्राधिकरण द्वारा अपने स्रोतों से किया जाएगा।
परियोजना के तहत लखनऊ विकास प्राधिकरण द्वारा विकसित किए जा रहे आवासीय क्षेत्र में आवास एवं शहरी नियोजन विभाग द्वारा निर्धारित मानकों के अनुसार दुर्बल आय वर्ग एवं निम्न आय वर्ग के भवन निर्मित किए जाएंगे। ई0डब्ल्यू0एस0 एवं एल0आई0जी0 भवनों के लिए आवश्यक भूमि एवं अवस्थापना सुविधाओं हेतु उपयोग की गई भूमि के पश्चात् अवशेष विकसित भूमि का निस्तारण प्राधिकरण नीलामी द्वारा पारदर्शी प्रक्रिया अपनाते हुए करेगा, जिससे कि भूमि का समुचित मूल्य प्राप्त हो सके। नीलामी से प्राप्त धनराशि को एक पृथक बैंक खाते में रखा जाएगा। इस खाते को ‘परियोजना विकास फण्ड’ कहा जाएगा।
चकगंजरिया फार्म में वर्तमान में पशुपालन विभाग द्वारा चलाई जा रही डी0एफ0एस0 योजना को राज्य कृषि प्रबन्ध संस्थान, रहमानखेड़ा, लखनऊ में स्थानान्तरित किया जाएगा, जिसके लिए 25 एकड़ भूमि कृषि विभाग पशुपालन विभाग को निःशुल्क देगा तथा अधिकतम दो वर्ष की अवधि में चरणबद्ध रूप से रहमानखेड़ा में आवश्यक परिसम्पत्तियां स्थापित/निर्मित की जाएंगी।
इसी प्रकार फार्म में वर्तमान में संचालित पशुपालन विभाग के अन्य कार्यकलापों एवं प्रस्तावित आधुनिक डेरी फार्म परियोजना को राजकीय पशुधन प्रक्षेत्र, निबलेट जनपद बाराबंकी स्थित भूमि पर स्थानान्तरित कर चरणबद्ध रूप से स्थापित किया जाएगा। दुग्ध संघ की 25.05 एकड़ भूमि में स्थित सहकारी प्रशिक्षण एवं संस्थान के भवन, एस0एम0पी0 गोदाम व मिल्क पार्लर के भवन को दुग्ध विकास विभाग को दी जाने वाली 5 एकड़ भूमि में समायोजित किया जाएगा। शेष 20 एकड़ भूमि पर दुग्ध विकास विभाग द्वारा आधुनिक दुग्ध प्रसंस्करण प्लाण्ट की स्थापना की जाएगी।

सुरेन्द्र अग्निहोत्री
agnihotri1966@gmail.com
sa@upnewslive.com

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निलम्बित कर कार्यवाही करने के निर्देश दिए हैं

Posted on 09 April 2013 by admin

उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री अखिलेश यादव ने राज्य सरकार के विभागों में लापरवाही एवं वित्तीय अनियमितता तथा भ्रष्टाचार के विरुद्ध जीरो टाॅलरेंस की अपनी नीति के तहत आयुर्वेद निदेशालय व शासन के 06 अधिकारियों/कर्मचारियों को एक प्रकरण में निलम्बित कर उनके विरुद्ध कार्यवाही करने के निर्देश दिए हैं। इसके साथ ही मुख्यमंत्री ने प्रकरण को गम्भीर मानते हुए इसकी जांच सतर्कता अधिष्ठान से कराने के आदेश दिए हैं।
यह जानकारी देते हुए शासन के प्रवक्ता ने बताया कि आयुर्वेद निदेशालय में अधिकारियों एवं कर्मचारियों तथा शासन के चिकित्सा शिक्षा विभाग के अधिकारियों एवं कर्मचारियों की मिलीभगत से वर्ष 2010 में लगभग 800 चिकित्सा अधिकारी (सामुदायिक स्वास्थ्य) को अनियमित तरीके से समयमान वेतनमान एवं वित्तीय स्तरोन्नयन का लाभ पूर्वगामी तिथियों से प्रदान कर शासन को लगभग 200 करोड़ रुपए की आर्थिक क्षति पहुंचाई गई है। प्रकरण की जानकारी मुख्य सचिव के संज्ञान में लाए जाने पर मुख्य सचिव द्वारा प्रमुख सचिव वित्त विभाग, प्रमुख सचिव, चिकित्सा शिक्षा विभाग एवं सचिव वित्त विभाग की एक समिति गठित करते हुए पूरे प्रकरण की प्रारम्भिक जांच रिपोर्ट प्रस्तुत किए जाने के निर्देश दिए गए। समिति द्वारा आयुर्वेद निदेशालय शासन से सम्बन्धित अभिलेखों के विस्तृत छानबीन करने के उपरान्त अपनी प्रारम्भिक जांच रिपोर्ट मुख्य सचिव को प्रस्तुत की गई।
प्रवक्ता ने बताया कि मुख्य सचिव के माध्यम से प्रकरण की जानकारी मुख्यमंत्री जी के संज्ञान में लाए जाने पर तत्काल कठोर कदम उठाते हुए यह कार्यवाही की गई है। निलम्बित किए गए अधिकारियों एवं कर्मचारियों में श्रीमती श्रद्धा मिश्रा, तत्कालीन निदेशक आयुर्वेद सेवाएं, श्री जावेद एहतेशाम, तत्कालीन उप सचिव चिकित्सा अनुभाग-2, उ0प्र0 शासन, श्री प्रदीप उपाध्याय, तत्कालीन समीक्षा अधिकारी, चिकित्सा शिक्षा अनुभाग-2, श्री पी.सी. चैधरी, तत्कालीन वित्त नियंत्रक आयुर्वेद निदेशालय, श्री मंगल दत्त त्रिवेदी, तत्कालीन सहायक औषधि नियंत्रक एवं श्री शशिधर शुक्ला तत्कालीन क्षेत्रीय आयुर्वेद एवं यूनानी अधिकारी, बाराबंकी शामिल हैं।
मुख्यमंत्री ने प्रकरण की जांच सतर्कता अधिष्ठान से कराए जाने के साथ ही जिन जनपदों के मुख्य चिकित्सा अधिकारियों ने अनियमित तरीके से चिकित्सा अधिकारी (सामुदायिक स्वास्थ्य) को अपने स्तर से समयमान वेतनमान का लाभ दिया है, उनके विरूद्ध भी विभागीय अनुशासनात्मक कार्यवाही किए जाने के आदेश दिए गए हैं।
प्रवक्ता ने बताया कि मुख्यमंत्री के इस निर्णय से स्पष्ट है कि भ्रष्टाचार एवं कर्तव्यों के निर्वहन में लापरवाही बरतने वाले अधिकारियों के विरुद्ध तत्काल कठोर कार्यवाही की जाएगी तथा उन अधिकारियों के लिए एक चेतावनी भी है, जो अपनी कार्यप्रणाली में अभी तक सुधार नहीं ला पाए हैं।

सुरेन्द्र अग्निहोत्री
agnihotri1966@gmail.com
sa@upnewslive.com

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उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री श्री अखिलेश यादव से 08 अप्रैल, 2013 को उनके सरकारी आवास 5, कालिदास मार्ग, लखनऊ पर जापान के राजदूत श्री यागी ने भेंट की।

Posted on 09 April 2013 by admin

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कैलाश-मानसरोवर की यात्रा से लौटे प्रदेश के मूल निवासियों को सम्मानित किया

Posted on 09 April 2013 by admin

press-1उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री अखिलेश यादव ने आज यहां अपने सरकारी आवास पर कैलाश-मानसरोवर की यात्रा से लौटे प्रदेश के मूल निवासियों को सम्मानित किया और उन्हें क्रमशः 25 हजार रुपए का चेक अनुदान के रूप में प्रदान किया। कैलाश-मानसरोवर के यात्रियों को पहली बार दिए गए अनुदान को राज्य सरकार की तरफ से एक छोटा सहयोग बताते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रदेश सरकार की पहल से अन्य नागरिकों को इस दुर्गम यात्रा के सम्बन्ध में जानकारी प्राप्त करने तथा जाने की प्रेरणा मिलेगी।
श्री यादव ने कहा कि डाॅ0 राम मनोहर लोहिया कैलाश-मानसरोवर के महत्व को समझते हुए ही इससे सम्बन्धित प्रकरण को पहली बार संसद में उठाया था। कैलाश-मानसरोवर को एक भव्य धार्मिक स्थल बताते हुए उन्होंने कहा कि प्रकृति ने यहां पहुंचने के रास्ते को अत्यन्त दुर्गम एवं कठिन बनाया है। उन्होंने कहा कि यात्री यहां अपनी अदम्य इच्छा शक्ति तथा श्रद्धा की भावना से ही पहुंच पाते हंै। उन्होंने कहा कि जो लोग यहां की यात्रा कर आए हैं, वास्तव में वे साहसी एवं प्रकृति प्रेमी हैं।
मुख्यमंत्री ने धर्मार्थ कार्य विभाग के इस कार्य की प्रशंसा करते हुए कहा कि कैलाश-मानसरोवर जैसी जगह कदाचित पृथ्वी पर और कहीं नहीं है। उन्होंने कहा कि ऐसे स्थान की यात्रा के लिए यात्रियों को काफी कठिनाई का सामना करना पड़ता है। उन्हांेने कहा कि राज्य सरकार द्वारा अनुदान देने से अन्य लोग भी उत्साहित होकर यात्रा के लिए प्रेरित होंगे।
press-3इस मौके पर मानसरोवर निष्काम सेवा समिति के अध्यक्ष श्री उदय कौशिक ने राज्य सरकार के इस निर्णय को ऐतिहासिक बताया। उन्होंने कहा कि उत्तर प्रदेश उन चन्द राज्यों की सूची में शामिल हो गया है, जो मानसरोवर यात्रा के लिए आर्थिक मदद प्रदान करते हैं। कार्यक्रम में हरियाणा, हिमाचल प्रदेश, गुजरात, राजस्थान, दिल्ली, चेन्नई तथा आन्ध्र प्रदेश से आए कैलाश-मानसरोवर के यात्रियों ने मुख्यमंत्री का परम्परागत ढंग से स्वागत एवं अभिनन्दन किया।
इससे पूर्व, धर्मार्थ कार्य मंत्री श्री आनन्द सिंह ने बताया कि राज्य सरकार द्वारा विगत एक वर्ष में प्रदेश में धार्मिक पर्यटन को बढ़ावा देने के लिए कई निर्णय लिए गए हैं। उन्होंने कहा कि कैलाश-मानसरोवर की यात्रा पर गए प्रदेश के 31 मूल निवासियों को क्रमशः 25 हजार रुपए का चेक देकर पहली बार सम्मानित किया जा रहा है।
इस कार्यक्रम में मंत्रिमण्डल के सहयोगियों के अलावा प्रमुख सचिव मुख्यमंत्री श्री राकेश गर्ग, प्रमुख सचिव धर्मार्थ कार्य श्री नवनीत सहगल, अन्य अधिकारी तथा कैलाश-मानसरोवर के यात्री भी मौजूद थे।

सुरेन्द्र अग्निहोत्री
agnihotri1966@gmail.com
sa@upnewslive.com

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