Archive | February 19th, 2013

2013-2014 के बजट को अन्तिम रूप देते हुए

Posted on 19 February 2013 by admin

uttar-pradesh-budgetउत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री श्री अखिलेश यादव 18 फरवरी, 2013 को विधान भवन, लखनऊ स्थित अपने कार्यालय में वर्ष 2013-2014 के बजट को अन्तिम रूप देते हुए

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महेष नारायण का निधन मेरी वैयक्तिक अपूर्णीय क्षति है -लोक निर्माण मंत्री

Posted on 19 February 2013 by admin

hanumanganjकुम्भ की बारिष से खराब हुई सड़कों को तत्काल ठीक कर लिया जाये-लोक निर्माण मंत्री

प्रदेष के लोक निर्माण मंत्री षिवपाल सिंह यादव ने हण्डिया क्षेत्र के दिवंगत विधायक महेष नारायण सिंह के निधन को पार्टी सहित अपनी वैयक्तिक क्षति बताते हुए कहा कि स्वर्गीय सिंह से मेरा परिवारिक सम्बन्ध था और उनकी सपा के प्रति निष्ठा अभूत पूर्व थी। उनके निधन से सपा ने एक ओर जहां अपना निष्ठावान, समर्पित  और पार्टी के एक सच्चे हितैषी खो दिया है, वहीं उनके निधन से मैं पूरी तरह से मर्माहत हूं।
श्री यादव ने स्वर्गीय महेष नारायण सिंह के पैतृक गांव जुनैदपुर जाकर शोक संतप्त परिवार को ढांढस बंधाया और दुख की इस घड़ी में परिवार से वह धैर्य से काम ले।
इससे पूूर्व लोक निर्माण मंत्री श्री यादव पुलिस लाइन में लोक निर्माण विभाग अधिकारियों के साथ बैठक कर बारिष से क्षतिग्रस्त हुए कुम्भ मेला क्षेत्र की सड़को और पाण्टूून पुलों को चार दिनों के भीतर ठीक कराने को निर्देष दिया। उन्होने मेले की व्यवस्था के बारे में भी जानकारी ली।

सुरेन्द्र अग्निहोत्री
agnihotri1966@gmail.com
sa@upnewslive.com

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आगामी वित्तीय वर्ष 2013-14 हेतु राष्ट्रीय ग्रामीण स्वास्थ्य मिशन योजना की राज्य कार्ययोजना 6555.50 करोड़ रूपये का रिसोर्स इनवलप भारत सरकार की गाइड लाइन के अनुसार भेजने हेतु अनुमोदित

Posted on 19 February 2013 by admin

  • आगामी वित्तीय वर्ष 2013-14 में 186 न्यू बाॅर्न यूनिट, 3245 न्यू बाॅर्न केयर कार्नर, 1575 होम बेस्ड न्यू बाॅर्न केयर की स्थापना किए जाने का लक्ष्य निर्धारित: मुख्य सचिव
  • हेल्थ एक्शन प्लान के अन्तर्गत आगामी वित्तीय वर्ष में 75 जनपदों के साथ-साथ 820 ब्लाकों तथा 52374 ग्रामों हेतु योजना बनाने के साथ-साथ 583 मोबाइल मेडिकल यूनिट की व्यवस्था सुनिश्चित हो: जावेद उस्मानी
  • राज्य स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण संस्थान को और अधिक सुदृढ़ कर प्रदेश का माॅडल इंस्टीट्यूट बनाया जाये, जहां सभी प्रकार के प्रशिक्षण समुचित रूप से सम्पादित कराये जा सकें: मुख्य सचिव
  • लोहिया समग्र ग्राम्य विकास योजना के अन्तर्गत चयनित 428 ग्रामों में उपकेन्द्रों की स्थापना कराये जाने की योजना: जावेद उस्मानी

उत्तर प्रदेश के मुख्य सचिव श्री जावेद उस्मानी ने आगामी वित्तीय वर्ष 2013-14 हेतु राष्ट्रीय ग्रामीण स्वास्थ्य मिशन योजना की राज्य कार्ययोजना 6555.50 करोड़ रूपये का रिसोर्स इनवलप भारत सरकार की गाइड लाइन के अनुसार अनुमोदित कर भेजने के निर्देश दिए हैं। उक्त धनराशि में से भारत सरकार का 75 प्रतिशत अंश 4916.63 करोड़ रूपये तथा राज्य सरकार का 25 प्रतिशत अंश 1638.88 करोड़ रूपये होगा। गाइड लाइन के अनुसार विगत वर्ष 4672.76 करोड़ रूपये के रिसोर्स इनवलप के सापेक्ष 30 प्रतिशत तक की बढ़ोत्तरी की गयी है। आगामी वित्तीय वर्ष 2013-14 में 186 न्यू बाॅर्न यूनिट, 3245 न्यू बाॅर्न केयर कार्नर, 1575 होम बेस्ड न्यू बाॅर्न केयर की स्थापना किए जाने का लक्ष्य निर्धारित किया गया है। हेल्थ एक्शन प्लान के अन्तर्गत आगामी वित्तीय वर्ष में 75 जनपदों के साथ-साथ 820 ब्लाकों तथा 52374 ग्रामों हेतु योजना बनाने के साथ-साथ 583 मोबाइल मेडिकल यूनिट की व्यवस्था सुनिश्चित करायी जायेगी।
मुख्य सचिव आज शास्त्री भवन स्थित अपने कार्यालय कक्ष के सभागार में राष्ट्रीय ग्रामीण स्वास्थ्य मिशन की राज्य स्वास्थ्य सोसाइटी शासी निकाय बैठक की अध्यक्षता कर रहे थे। उन्होंने बताया कि पी0सी0पी0एन0टी0डी0 कार्यक्रम के गहन अनुश्रवण हेतु आगामी वित्तीय वर्ष की राज्य कार्ययोजना में ऐसे 10 जनपद जिनमें लिंग अनुपात बहुत कम है उनके लिए टैंकर सिस्टम की व्यवस्था की जा रही है। इसके अतिरिक्त पी0सी0पी0एन0टी0डी0 ऐक्ट के बेहतर क्रियान्वयन एवं अनुश्रवण हेतु विभिन्न गतिविधियां यथा कार्यशालाएं, रिव्यू बैठकें, अल्ट्रासाउण्ड केन्द्रों का निरीक्षण तथा पृथक से एक वेबसाइट भी विकसित करायी जायेगी। उन्होंने बताया कि ’ट्रायबल हेल्थ पोस्ट’ के प्रस्ताव को आगामी वित्तीय वर्ष की राज्य कार्ययोजना में 17 जनपदों के लिए 102.40 लाख रूपये का प्रस्ताव सम्मिलित कर भारत सरकार को भेज दिया गया है।
श्री उस्मानी ने बताया कि राज्य स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण संस्थान को और अधिक सुदृढ़ कर प्रदेश का माॅडल इंस्टीट्यूट बनाया जायेगा, जहां सभी प्रकार के प्रशिक्षण समुचित रूप से सम्पादित कराया जा सके। उन्होंने कहा कि जिला महिला चिकित्सालयों में 100 शैय्या वाले मैटरनिटी विंग का निर्माण हाई फोकस जनपदों में औसतन 60 प्रतिशत तथा शेष जनपदांें में औसतन 70 प्रतिशत से अधिक शैय्या उपयोगिता दर होने पर ही कराया जाए। उन्हांेने कहा कि सपोर्टिंग सुपरविजन एवं माॅनीटरिंग हेतु अनुमोदित धनराशि के समुचित उपयोग हेतु व्यापक योजना बनाकर दोनों महानिदेशालयों में कार्यरत अपर निदेशक एवं संयुक्त निदेशक स्तर के अधिकारियों को निर्धारित रोस्टर के अनुसार चेक लिस्ट सहित क्षेत्रीय भ्रमण हेतु जनपदों में भेजा जाए।
मुख्य सचिव ने बताया कि राष्ट्रीय ए0ई0एस0/जे0ई0 नियंत्रण कार्यक्रम हेतु भारत सरकार द्वारा चिन्हित उत्तर प्रदेश के 20 जनपदों हेतु विभिन्न गतिविधियां-शिशुओं के लिए इन्टेन्सिव केयर यूनिट की स्थापना, काउन्सलिंग सेन्टर की स्थापना, वैक्सीन एवं अन्य सामग्री आदि के लिए 7716.71 लाख रूपये की धनराशि का प्रस्ताव भारत सरकार को प्रेषित किया गया है। उन्होंने बताया कि राष्ट्रीय ग्रामीण स्वास्थ्य मिशन के अन्तर्गत प्रदेश के चिन्हित 58 प्रथम संदर्भन इकाइयों को ब्लड स्टोरेज सेन्टर की स्थापना चरणबद्ध ढंग से कराने हेतु 158.53 लाख रूपये का प्रस्ताव भारत सरकार को भेजा गया है। इसी प्रकार डाॅ0 राममनोहर लोहिया समग्र ग्राम्य विकास योजना के अन्तर्गत चयनित 428 ग्रामों में उपकेन्द्रों की स्थापना, भवन किराया एवं संविदा पर ए0एन0एम0 के मानदेय आदि के लिए 258.94 लाख रूपये का प्रस्ताव भारत सरकार को भेजा जा रहा है।
प्रमुख सचिव चिकित्सा एवं स्वास्थ्य श्री संजय अग्रवाल ने बताया कि ग्रामीण स्वास्थ्य मिशन कार्यक्रम में जननी सुरक्षा योजना के अन्तर्गत 18,22046 लाभार्थियों को विगत माह तक लाभान्वित कराया जा चुका है। उन्होंने बताया कि 24 घण्टे प्रसव सेवा इकाइयों का लक्ष्य वर्तमान वित्तीय वर्ष में 900 निर्धारित किया गया था, जिसके सापेक्ष 914 इकाइयां बनायी जा चुकी हैं। उन्होंने बताया कि बाल स्वास्थ्य गारण्टी योजना में 926 मेडिकल टीमों की तैनाती कराने के साथ-साथ पर्याप्त चिकित्सक एवं तकनीकी स्टाफ तैनात कराया जा चुका है।
बैठक में प्रमुख सचिव ग्राम्य विकास श्री राजीव कुमार, प्रमुख सचिव समाज कल्याण श्री सदाकान्त, मिशन निदेशक श्री अमित घोष सहित अन्य वरिष्ठ अधिकारीगण उपस्थित थे।

सुरेन्द्र अग्निहोत्री
agnihotri1966@gmail.com
sa@upnewslive.com

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प्रदेश में बाढ़, सूखा, शीतलहर, लू, भूकम्प आदि आपदाओं एवं उनके जोखिम से निपटने हेतु राज्य डिजास्टर रिस्पोंस फोर्स के गठन पर विचार करने हेतु प्रमुख सचिव गृह की अध्यक्षता में एक समिति गठित

Posted on 19 February 2013 by admin

गठित समिति को दो माह में रिपोर्ट देनी होगी: मुख्य सचिव

उत्तर प्रदेश के मुख्य सचिव श्री जावेद उस्मानी ने कहा कि प्रदेश में बाढ़, सूखा, शीतलहर, लू, भूकम्प आदि आपदाओं एवं उनके जोखिम से निपटने हेतु भारत सरकार द्वारा गठित नेशनल डिजास्टर रिस्पोंस फोर्स के अनुरूप उत्तर प्रदेश में राज्य डिजास्टर रिस्पोंस फोर्स के गठन पर विचार करने हेतु प्रमुख सचिव गृह की अध्यक्षता में एक समिति गठित की गई है। जिसमें राहत आयुक्त, एन0डी0आर0एफ0 के प्रतिनिधि, प्रमुख सचिव वित्त के प्रतिनिधि, पुलिस महानिदेशक द्वारा नामित दो प्रतिनिधि सदस्य होंगे। यह समिति आगामी दो माह में राज्य डिजास्टर रिस्पोंस फोर्स के गठन हेतु अपनी रिपोर्ट प्रस्तुत करेगी।
मुख्य सचिव आज शास्त्री भवन स्थित अपने कार्यालय कक्ष के सभागार में उत्तर प्रदेश में राज्य डिजास्टर रिस्पोंस फोर्स के गठन हेतु आयोजित बैठक की अध्यक्षता कर रहे थे। उन्होंने कहा कि भारत सरकार द्वारा उत्तर प्रदेश में नेशनल डिजास्टर रिस्पोंस फोर्स की एक कम्पनी (दो दल) तैनात किए जाने का प्रस्ताव स्वीकार कर लिया गया है। जिसके लिए प्रदेश सरकार द्वारा तीन से चार एकड़ भूमि निःशुल्क (फ्री कास्ट) दिए जाने हेतु परीक्षण कराया जाए। यह दल आधुनिक उपकरणों से सुसज्जित तथा इस प्रकार प्रशिक्षित व दक्ष होंगे जो प्रदेश में प्राकृतिक आपदाओं के साथ-साथ (सी0बी0आर0एन0) इमरजेन्सीज (आपदाओं) से निपटने में सक्षम होंगे। प्रदेश मंे बाढ़ की स्थिति से निपटने के लिए पी0ए0सी0 के फ्लड रेस्क्यू टीम का गठन किया गया है।
बैठक में नेशनल डिजास्टर मैनेजमेन्ट प्राधिकरण, भारत सरकार के सदस्य श्री के0एम0 सिंह एवं वरिष्ठ सलाहकार श्री शिवाजी सिंह, ए0डी0जी0 फायर सर्विस श्री प्रवीन सिंह, प्रमुख सचिव गृह श्री आर0एम0 श्रीवास्तव तथा पुलिस महानिदेशक श्री एस0सी0 शर्मा सहित वरिष्ठ अधिकारीगण उपस्थित थे।

सुरेन्द्र अग्निहोत्री
agnihotri1966@gmail.com
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राष्ट्रीय खाद्य प्रसंस्करण मिशन योजना के अन्तर्गत भारत सरकार द्वारा वर्ष 2012-13 के लिए 26.71 करोड़ रूपये की धनराशि का परिव्यय स्वीकृत

Posted on 19 February 2013 by admin

  • भारत सरकार की योजना की गाइड लाइन के अनुसार  प्रदेश मंे खाद्य प्रसंस्करण सेक्टर के सर्वांगीण विकास हेतु जनपदवार विजन डाक्यूमेन्ट तैयार कराया जाए: मुख्य सचिव
  • फूड प्रोसेसिंग कोर्स में व्यापक प्रशिक्षण दिलाने हेतु इंजीनियरिंग कालेजों एवं आई0टी0आई0 आदि संस्थाओं के साथ यथाशीघ्र बैठक आयोजित हो: जावेद उस्मानी

प्रदेश में अनुकूल वातावरण, क्षेत्र विस्तार, रोजगार सृजन, पूंजी निवेश को बढ़ावा देने एवं मास्टर प्लान बनाने के उद्देश्य से विजन डाक्यूमेन्ट तैयार कराने से पूर्व उद्योग बन्धु, उद्योग विभाग स्टेक होल्डर्स से भी विचार-विमर्श कर भारत सरकार की संस्था निफ्टम से कराया जाए। राष्ट्रीय खाद्य प्रसंस्करण मिशन योजना के अन्तर्गत भारत सरकार द्वारा वर्ष 2012-13 के लिए 26.71 करोड़ रूपये की धनराशि का परिव्यय स्वीकृत किया गया है। जिसमें 75 प्रतिशत केन्द्रांश तथा 25 प्रतिशत राज्य सरकार द्वारा राज्यांश के रूप में निहित होगा। भारत सरकार की योजना की गाइड लाइन के अनुसार प्रदेश मंे खाद्य प्रसंस्करण सेक्टर के सर्वांगीण विकास हेतु जनपदवार विजन डाक्यूमेन्ट तैयार कराया जाए।
उत्तर प्रदेश के मुख्य सचिव श्री जावेद उस्मानी आज शास्त्री भवन स्थित अपने कार्यालय कक्ष के सभागार में स्टेट लेवल प्रीपेरेटरी एक्टीविटी अप्प्रूवल समिति एवं स्टेट लेवल इम्पावर्ड समिति की बैठक की अध्यक्षता कर रहे थे। उन्होंने कहा कि राष्ट्रीय खाद्य प्रसंस्करण मिशन योजना के अन्तर्गत आवश्यक प्रबन्धकीय एवं तकनीकों को उद्यमियों को सुलभ कराने के लिए मुख्यालय स्तर पर प्रोजेक्ट मनीटरिंग का गठन किया जाए, जो प्रदेश स्तर से प्राप्त होने वाले खाद्य प्रसंस्करण आधारित परियोजना प्रस्तावों के अप्प्रेजल हेतु कंसलटेन्सी सेवाएं उपलब्ध करायें। उन्होंने विभागीय अधिकारी एवं कर्मचारियों के दक्षता विकास के प्रशिक्षण कार्यक्रम भी आयोजित कराने के निर्देश दिए।
श्री उस्मानी ने निर्देश दिए हैं कि राष्ट्रीय खाद्य प्रसंस्करण मिशन योजना के अन्तर्गत क्रियान्वित करायी जा रही योजनाओं की विस्तृत जानकारी 03 दिन के अन्दर सम्बन्धित विभागों में भी उपलब्ध करा दी जाए, ताकि इच्छुक विभाग निर्धारित गाइड लाइन के अनुसार अपना प्रस्ताव आगामी 03 दिन में प्रस्तुत कर सके। फूड प्रोसेसिंग कोर्स में व्यापक प्रशिक्षण दिलाने हेतु इंजीनियरिंग कालेजों एवं आई0टी0आई0 आदि संस्थाओं के साथ यथाशीघ्र बैठक आयोजित करायी जाए। राष्ट्रीय खाद्य प्रसंस्करण मिशन का व्यापक प्रचार-प्रसार कराने हेतु मण्डल एवं जनपद स्तर पर उच्चाधिकारियों की अध्यक्षता में बैठकें आयोजित करायी जायें। उन्होंने कहा कि प्रदेश में खाद्य प्रसंस्करण उद्योगों, नवीन उद्योगों की स्थापना एवं आधुनिकीकरण उन्नयन, गैर बागवानी उपजों के लिए कोल्ड चैन श्रंृखला से संबंधित आधारभूत सुविधाओं का सृजन कराने हेतु खाद्य प्रसंस्करण प्रौद्योगिकी में डिग्री/डिप्लोमा पाठ्यक्रम चलाने के लिए अवसंरचना सुविधाएं, उद्यमशीलता विकास पाठ्यक्रम तथा प्रोत्साहनात्मक कार्यकलाप से संबंधित योजनाआंे का व्यापक प्रचार-प्रसार कराया जाए, ताकि अधिक से अधिक निजी क्षेत्र में पंूजी निवेश किए जाने पर उद्यमी आकर्षित हो सकें।
बैठक में कृषि उत्पादन आयुक्त श्री आलोक रंजन, प्रमुख सचिव पशुधन श्री योगेश कुमार, प्रमुख सचिव लघु उद्योग श्री मुकुल सिंघल, राष्ट्रीय खाद्य प्रसंस्करण मिशन के निदेशक श्री ओ0एन0 सिंह सहित अन्य उच्च अधिकारी उपस्थित थे।

सुरेन्द्र अग्निहोत्री
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