Archive | September 21st, 2013

मादक द्रव्य व्यसन - कारण, कुप्रभाव एवं नियन्त्रण

Posted on 21 September 2013 by admin

जलज मिश्रा
क्षेत्रीय मधनिषेध एवं समाजोत्थान अधिकारी

मादक पदार्थों का विभिन्न रूपों में सेवन प्राचीन काल से ही भारत एवं विश्व के अनेक देशों में होता रहा है। मनुस्मृति और वैदिक ग्रंथों में सामाजिक एवं धार्मिक अवसरों पर सुरा, धतूरा, भांग, गांजा आदि मादक पदार्थों के सेवन का उल्लेख मिलता है। मादक पदार्थों के अंतर्गत भांग, ंगांजा, हसीस, हेरोइन, चरस, स्मैक, अफीम, कोकीन आदि आते हैं। उक्त पदार्थों के सेवन अर्थात मादक द्रव्य व्यसन की समस्या आज पूरे समाज को खोखला कर राष्ट्र के नवनिर्माण में बाधक बन रही है।
मादक द्रव्य व्यसन का तात्पर्य है मादक पदार्थों पर शारीरिक निर्भरता अर्थात मादक पदार्थों के सेवन न करने की सिथति में शरीर में दर्द, बेचैनी, रूग्णता आदि महसूस होना। दूसरे शब्दों में मादक द्रव्य व्यसन वह दशा है जिसमें शरीर को कार्य करते रहने के लिए मादक पदार्थों के सेवन की निरन्तर आवश्यकता महसूस होती रहती है। फलस्वरूप विभिन्न प्रकार के शारीरिक, मानसिक, सामाजिक एवं आर्थिक दुष्प्रभाव दृषिटगोचर होते रहे हैं।
आज मादक पदार्थों का सेवन उच्च शिक्षा प्राप्त कर रहे छात्र-छात्राओं द्वारा बड़े पैमाने पर किया जा रहा है। पाश्चात्य सभ्यता एवं संस्कृति की चकाचौंध में खोये परिवारों द्वारा विभिन्न अवसरों पर नशा करना शिष्टाचार और जीवन शैली का प्रतीक बन गया है। एक तरफ संसार से ऊबे हुए लोग चिन्तामुक्त एवं स्वच्छन्द जीवन जीने की लालसा में मानसिक शांति हेतु मादक पदार्थों का सेवन करते हैं तो दूसरी ओर युवा पीढ़ी प्रतियोगिता की कठिनता, सपनों का टकराव, पाठयक्रमों की नीरसता, अंदर ही अंदर कसकते-सिसकते तनाव से मुक्त एवं कल्पनाओं के स्वपिनल संसार में खोने की अदम्य लालसा के कारण नशीली दुनिया में प्रवेश करती है। साथ ही कुछ लोग प्रारम्भ में इनका सेवन औषधीय रूप में, निद्रा लाने व दर्द निवारक के रूप में, चिन्ता, तनाव, कुन्ठा, उदासी आदि दूर करने के लिए, जिज्ञासा शान्त करने के लिए, असफलता मिलने पर हीन भावना दूर करने के लिए, मित्रता के दबाव में, पारिवारिक सदस्यों के अनुकरण में, थकान मिटाने व मौज-मस्ती आदि के उददेश्य से भ्रमवश करते हैं। फलस्वरूप व्यकित मादक पदार्थों के शिकंजे में धीरे-धीरे फंसता चला जाता है।
मादक पदार्थों के सेवन के फलस्वरूप न केवल विभिन्न प्रकार की शारीरिक व्याधियां पैदा होती हैं अपितु व्यकित, परिवार व समाज के विघटन के साथ-साथ अपराधों की वृद्धि व पुलिस-प्रशासन और व्यवस्थाओं की समस्याएं भी खड़ी हो जाती हैं। लम्बे समय तक अधिक मात्रा में नशीले पदार्थों के सेवन से शरीर निषिक्रय व कमजोर हो जाता है, रोगों से लड़ने की प्रतिरोधक क्षमता कम हो जाती है एवं विभिन्न प्रकार के प्राणघातक रोग पैदा हो जाते हैं। शारीरिक दुष्प्रभावों के साथ-साथ मानसिक क्षमता का भी ह्रास होने लगता है व व्यसनी, क्रोधी, चिड़चिड़ा होने के साथ-साथ अपनी अपनी भावनात्मक बौद्धिक शकित के खो देता है। व्यसनी की कार्यक्षमता बुरी तरह से कम होने लगती है। आय का अधिकांश भाग नशे की भेंट चढ़ जाता है। फलत: अनेकों प्रकार की समस्याएं यथा अपराध, दुर्घटना, आत्महत्या आदि का ग्राफ बढ़ जाता है।
परिवार व्यकित की प्रथम पाठशाला है। अत: मादक पदार्थों के सेवन को रोकने हेतु व्यसनी के परिवार द्वारा महत्वपूर्ण भूमिका निभायी जा सकती है क्योंकि कर्इ बार व्यसनी की नशे की लत के लिए उसका परिवार उत्तरदायी होता है। अत: परिवार का दायित्व है कि वह अपने बच्चों की उपेक्षा न करें, उनकी उचित इच्छाओं-आकांक्षाओं को पूरा करने का प्रयत्न करें व उन्हें ऐसे संगी-साथियों से दूर रखें जो नशा करते हैं। पशिचमी सभ्यता से ओत-प्रोत परिवारों में नशा करना आधुनिकता का पहचान माना जाता है। अत: परिवार के सदस्यों को चाहिए कि वह ऐसे झूठे दम्भ से दूर रहें। परिवार का वातावरण शान्त, प्रेमपूर्ण, पारस्परिक स्नेह एवं आदर से परिपूर्ण होगा तो बच्चा परिवार के प्रति लगाव महसूस करेगा, आज्ञाकारी होगा व शांति की खोज में नशा की ओर उन्मुख नहीं होगा।
आइये, अब हम सबको नशामुक्त समाज की स्थापना हेतु अपनी-अपनी सक्रिय भागीदारी सुनिशिचत करनी होगी। हम सबका दायित्व है कि सम्पूर्ण मानवता को मादक पदार्थ रूपी दानवों से बचाने हेतु अपनी-अपनी भूमिका को अंजाम दें। स्वयं नशीले पदार्थों का परित्याग कर जन-जन तक इसके दुष्परिणामों को पहुंचायें एवं पूर्ण नशामुक्त समाज की स्थापना हेतु जनजागृति विकसित करें तभी एक स्वस्थ एवं समृद्ध राष्ट्र का सपना साकार होगा।

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सांसद जयन्त चौधरी ने हिंसा प्रभावित क्षेत्र का दौरा किया

Posted on 21 September 2013 by admin

सांसद जयन्त चौधरी ने हिंसा प्रभावित क्षेत्र का दौरा किया, दंगों की सीबीआर्इ जांच की मांग दंगा पीडि़त गन्ना किसानों का ब्याज सहित बकाया भुगतान करने की मांग
राष्ट्रीय लोकदल महासचिव एवं लोकसभा सांसद जयन्त चौधरी ने मुजफ्फरनगर के हिंसा प्रभावित क्षेत्रों का दौरा किया। वह सुबह 5 बजे बिना किसी को सूचित किए मुजफ्फरनगर पहुंचे तथा उन्होंने काकड़ा, कुटबा, कमालपुर तथा फुगाना गांवों में हिंसा पीडि़त लोगों के परिवारीजनों मिलकर संवेदना व्यक्त की। सांसद जयन्त चौधरी ने गांव में लोगों से मिलकर कहा कि जो लोग गांव से विस्थापित हो चुके हैं उन्हें पुर्नविस्थापित करने के प्रयास शुरू किए जाएं। उन्होंने इस कार्य के लिए गांव के बड़े-बुजुर्गों और बुद्धजीवियों की भूमिका को रेखांकित किया।

सांसद जयन्त चौधरी ने मुजफ्फरनगर हिंसा की निन्दा करते हुए सीबीआर्इ जांच की मांग की है। उन्होंने कहा कि हाल ही में निजी समाचार चैनल द्वारा दिखाए गए सिटंग आपरेशन से जाहिर है कि प्रशासन राज्य सरकार के दबाव में है। न्याय प्रणाली तथा प्रशासन में लोगों के विश्वास के पुर्नस्थापन के लिए इस मामले की सीबीआर्इ द्वारा निष्पक्ष जांच होनी चाहिए।

सांसद जयन्त चौधरी ने हिंसा प्रभावित लोगों के परिवारीजनों को उचित मुआवाजा की मांग की है। इसके अलावा दंगों में जिन किसानों के ट्रैक्टर जला दिए गए तथा फुगाना गांव में कुछ किसानों के नलकूपों को नुकसान पहुंचा है, इस नुकसान की भरपार्इ जल्द करने की उन्होंने मांग की है।

रालोद महासचिव ने हिंसा से पीडि़त गन्ना किसानों का बकाया भुगतान जल्द से जल्द करने की मांग की है। उन्होंने कहा है कि किसान भुखमरी के कगार पर हैं। हाल में हुर्इ हिंसा से उन पर दोहरी मार पड़ रही है। ऐसे में किसानों का बकाया भुगतान करना अतिआवश्यक है। इससे उन्हें कुछ राहत मिलेगी। उन्होंने कहा है कि सरकार सुनिशिचत करे कि अगले पेरार्इ सत्र की शुरूआत सही समय पर हो सके।

सुरेन्द्र अग्निहोत्री
agnihotri1966@gmail.com
sa@upnewslive.com

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मुख्यमंत्री ने लददाख के स्कूली बच्चों से भेंट की

Posted on 21 September 2013 by admin

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सेना के आपरेशन सदभावना के तहत प्रदेश भ्रमण पर आए हैं लददाखी छात्र
उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री श्री अखिलेश यादव ने आज अपने सरकारी आवास, 5 कालिदास मार्ग पर लददाख के स्कूली बच्चों से भेंट की। ये बच्चे सेना के आपरेशन सदभावना के अंतर्गत प्रदेश भ्रमण पर  आए हैं।
मुख्यमंत्री ने प्रदेश भ्रमण पर आए सदभावना दल के सदस्यों का स्वागत किया तथा बच्चों को उपहार भी भेंट किया। श्री यादव ने बच्चों से परिचय प्राप्त किया और उनकी पढ़ार्इ तथा खेल सम्बन्धी रुचियों की जानकारी प्राप्त की। उन्होंने राष्ट्रीय एकीकरण के उददेश्य से सेना के इस प्रयास की सराहना भी की।
ज्ञातव्य है कि भारतीय सेना की बिहार रेजीमेंट की द्वितीय बटालियन द्वारा राष्ट्रीय एकीकरण के उददेश्य से आपरेशन सदभावना के तहत जम्मू और कश्मीर राज्य के लददाख क्षेत्र के 15 स्कूली छात्रों को देश के विभिन्न राज्यों का भ्रमण कराया जा रहा है। ये छात्र आर्मी गुडविल स्कूल में अध्ययनरत हैं और पशिचमी लददाख की नुबरा घाटी के सुदूरवर्ती गांवों के रहने वाले हैं। इस मौके पर बच्चों ने लददाख का पारम्परिक नृत्य भी प्रस्तुत किया। सदभावना दल द्वारा मुख्यमंत्री को महात्मा बुद्ध की प्रतिमा तथा लददाख का पारम्परिक वस्त्र भेंट किया गया।
लददाख के छात्रों के साथ आए उनके शिक्षक श्री गुलाम मोहम्मद ने बताया कि लखनऊ आने से पूर्व उनके दल ने चण्डीगढ़ और नर्इ दिल्ली के विभिन्न स्थानों का भ्रमण किया। लखनऊ के पश्चात ये लोग आगरा भी जाएंगे।
इस अवसर पर लघु उधोग राज्य मंत्री (स्वतंत्र प्रभार) श्री भगवत शरण गंगवार, प्रमुख सचिव मुख्यमंत्री श्री राकेश गर्ग, मुख्यमंत्री के परामर्शी श्री आमोद कुमार, जिलाधिकारी लखनऊ श्री अनुराग यादव सहित शासन-प्रशासन के वरिष्ठ अधिकारीगण तथा अन्य गणमान्य व्यकित भी उपसिथत थे।

सुरेन्द्र अग्निहोत्री
agnihotri1966@gmail.com
sa@upnewslive.com

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