Archive | April 7th, 2015

प्रधानमंत्री कौशल विकास योजना. युवा सशक्तिूकरण की नई दिशा

Posted on 07 April 2015 by admin

किसी भी देश के आर्थिक और सामाजिक विकास के लिए कौशल और ज्ञान दो प्रेरक बल हैं। वर्तमान वैश्विीक माहौल में उभरती अर्थव्यकवस्थाजओं की मुख्यक चुनौती से निपटने में वे देश आगे हैं जिन्हों्ने कौशल का उच्चउ स्त्र प्राप्तज कर लिया है।
किसी भी देश में कौशल विकास कार्यक्रम के लिए मुख्य  रूप से युवाओं पर ही जोर होता है। इस मामले में हमारा देश अच्छीय स्थि ति में है। जनसंख्याओ का एक बड़ा हिस्साद उत्पानदक आयु समूह में है। यह भारत को सुनहरा अवसर प्रदान करता हैए परंतु एक बड़ी चुनौती भी पेश करता है। हमारी अर्थव्योवस्थार को इसका लाभ तभी मिलेगा जब हमारी जनसंख्या  विशेषकर युवा स्व स्थ्ए शिक्षित और कुशल होगी।
भारत के पास एक अतुलनीय युवा जनसंख्या‍ है जिससे आने वाले समय में सामाजिक.आर्थिक विकास को जोरदार बढ़ावा मिलना तय है। हमारे पास 60ण्5 करोड़ लोग 25 वर्ष से कम आयु के हैं। रोजगार के लिए उपयुक्तत कौशल प्राप्तज करके ये युवा परिवर्तन के प्रतिनिधि हो सकते हैं। वे न केवल अपने जीवन को प्रभावित करने के काबिल होंगे बल्कि  दूसरों के जीवन में भी बदलाव ला सकेंगे।
हाल में ही मंजूर की गई प्रधानमंत्री कौशल विकास योजना ;पीएमकेवीवाईद्ध युवाओं के कौशल प्रशिक्षण के लिए एक प्रमुख योजना है। इसके तहत पाठ्यक्रमों में सुधारए बेहतर शिक्षण और प्रशिक्षित शिक्षकों पर विशेष जोर दिया गया है। प्रशिक्षण में अन्य  पहलुओं के साथ व्यिवहार कुशलता और व्यकवहार में परिवर्तन भी शामिल है।
नवगठित कौशल विकास और उद्यम मंत्रालय राष्ट्री य कौशल विकास निगम ;एनएसडीसीद्ध के माध्यतम से इस कार्यक्रम को क्रियान्वित कर रहा है। इसके तहत 24 लाख युवाओं को प्रशिक्षण के दायरे में लाया जाएगा है। कौशल प्रशिक्षण नेशनल स्किइल क्वा2लिफिकेशन फ्रेमवर्क ;एनएसक्यू एफद्ध और उद्योग द्वारा तय मानदंडों पर आधारित होगा। कार्यक्रम के तहत तृतीय पक्ष आकलन संस्था‍ओं द्वारा मूल्यां्कन और प्रमाण पत्र के आधार पर प्रशिक्षुओं को नकद पारितोषिक दी जाएगी। नकद पारितोषिक औसतन 8ए000 रूपए प्रति प्रशिक्षु होगी।
कौशल प्रशिक्षण एनएसडीसी द्वारा हाल ही में संचालित कौशल अंतर अध्य यनों के जरिए मांग के आकलन के आधार पर दिया जाएगा।
केन्द्र और राज्य सरकारोंए उद्योग और व्यावसायिक घरानों से विचार विमर्श कर भविष्यओ की मांग का आकलन किया जाएगा। इसके लिए एक मांग समूहक मंच भी शुरू किया जा रहा है।
कौशल विकास के लक्ष्यए निर्धारित करते समय हाल में ही लागू किये गय प्रमुख कार्यक्रम जैसे कि श्मेक इन इंडियाए डिजिटल इंडियाए राष्ट्री य सौर ऊर्जा मिशन और स्वीच्छौ भारत अभियान के मांगों को भी ध्यांन में रखा जाएगा।
प्रधानमंत्री कौशल विकास योजना के तहत मुख्यए रूप से श्रम बाजार में पहली बार प्रवेश कर रहे लोगों पर जोर होगा और विशेषकर कक्षा 10 व 12 के दौरान स्कूरल छोड़ गये छात्रों पर ध्यालन केंद्रित किया जाएगा। योजना का क्रियान्वेयन एनएसडीसी के प्रशिक्षण साझेदारों द्वारा किया जाएगा। वर्तमान में लगभग 2ए300 केंद्रों के एनएसडीसी के 187 प्रशिक्षण साझेदार हैं। इनके अलावा केंद्र व राज्यग सरकारों से संबंधित प्रशिक्षण प्रदाता संस्थाकओं को भी इस योजना के तहत प्रशिक्षण के लिए जोड़ा जाएगा। सभी प्रशिक्षण प्रदाताओं को इस योजना के लिए योग्यत होने के लिए एक जांच प्रक्रिया से गुजरना होगा। पीएमकेवीवाई के तहत सेक्टयर कौशल परिषद व राज्य  सरकारें भी कौशल प्रशिक्षण कार्यक्रमों की निगरानी करेंगे।
योजना के तहत एक कौशल विकास प्रबंधन प्रणाली ;एसडीएमएसद्ध भी तैयार की जाएगी जो सभी प्रशिक्षण केंद्रों के विवरणों और प्रशिक्षण व पाठ्यक्रम की गुणवत्ता  की जांच करेगी और उन्हें दर्ज भी करेगी। जहां तक संभव होगा प्रशिक्षण प्रक्रिया में बायोमिट्रिक सिस्ट म व वीडियो रिकार्डिंग भी शामिल की जाएगी जो पीएमकेवीआई से जानकारी ली जाएगी जो पीएमकेवीआई की प्रभावशीलता का मूल्यांएकन का मुख्यज आधार होंगे। शिकायतों के निपटान के लिए एक प्रभावी शिकायत निवारण तंत्र भी शुरू किया जाएगा। इसके अलावा कार्यक्रम के प्रचार.प्रसार के लिए एक ऑनलाइन नागरिक पोर्टल भी शुरू की जाएगी।
कुल 1120 करोड़ रुपए के परिव्यय से 14 लाख युवाओं को प्रशिक्षित किया जाएगा और इसमें पूर्व शिक्षा.प्रशिक्षण को चिह्नित करने पर विशेष जोर दिया जा रहा है। इस मद में 220 करोड़ रुपए का प्रावधान किया गया है। युवाओं को जुटाने तथा जागुरुकता फैलाने के लिए 67 करोड़ रुपए का प्रावधान किया गया है। युवाओं को कौशल मेलों के जरिए जुटाया जाएगा और इसके लिए स्थानीय स्तर पर राज्य सरकारोंए स्थानीय निकायोंए पंचायती राज संस्थाओं और समुदाय आधारित संस्थाओं का सहयोग लिया जाएगा।
कौशल व उद्यम विकास वर्तमान सरकार की उच्च प्राथमिकताओं में शामिल है। नवगठित कौशल व उद्यम विकास मंत्रालय की श्श् मेक इन इंडियाश्श् अभियान के लक्ष्यों को पूरा करने में महत्वपूर्ण भूमिका है। यह अभियान भारत को एक विनिर्माण केन्द्र के रूप में परिवर्तित करने के लिए अहम पहल है। विकासशील अर्थव्यवस्था के विनिर्माण क्षेत्र समेत सभी क्षेत्रों की मांग के अनुसार प्रशिक्षित कार्यबल तैयार करने में इस मंत्रालय की अहम भूमिका है।
इस दिशा में उठाये गए सभी उपायों को शामिल करने के लिए एक नयी राष्ट्रीय कौशल व उद्यम विकास नीति भी तैयार की गयी है। इस नीति के जरिए उच्च गुणवत्ता वाले कार्यबल के साथ विकास को बढ़ावा देने की रूपरेखा तैयार की जा रही है। वर्ष 2022 तक 50 करोड़ लोगों को प्रशिक्षित करने का लक्ष्य रखा गया है।
इस दिशा में प्रयास मिशन के तौर पर किया जा रहा है। राष्ट्रीय कौशल विकास मिशन के तहत तीन संस्थान कार्य कर रहे हैं। राष्ट्रीय कौशल विकास परिषद प्रधानमंत्री की अध्यक्षता में कौशल विकास प्रयासों को नीतिगत दिशा दे रही है और इनकी समीक्षा भी कर रही है। नीति आयोग के उपाध्यक्ष की अध्यक्षता में राष्ट्रीय कौशल विकास समन्वय प्रधानमंत्री की परिषद के नियमों को लागू करने के लिए रणनीतियों पर कार्य कर रहा है। एनएसडीसी एक गैर.लाभ कंपनी है और गैर संगठित क्षेत्र समेत श्रम बाजार के लिए कौशल प्रशिक्षण की जरुरतों को पूरा कर रही है।
भारत ने विश्व में सबसे तेजी से विकास कर रही अर्थव्यवस्था के रूप में अपनी पहचान बना ली है। उम्मीद है कि भारत शीघ्र ही विश्व की तीन सबसे बड़े अर्थव्यवस्थाओं में शामिल हो जाएगा। वर्ष 2020 तक भारत विश्व का तीसरा सबसे बड़ा विनिर्माण केन्द्र भी बन जाएगा। जनसंख्या के सकारात्मक कारकों और उच्च गुणवत्ता वाले कार्यबल की सतत उपलब्धता की मदद से हमारा देश विश्व अर्थव्यवस्था में विशेष छाप छोड़ सकता है।
भविष्य के बाजारों के लिए कौशल विकास से लेकर मानव संसाधन विकसित करने के लिए हाल में ही घोषित प्रधानमंत्री कौशल विकास योजना से अवश्य ही हमारी अर्थव्यवस्था को पूर्ण लाभ मिलेगा। नई नीति के तहत मिशन के तौर पर लागू की गई यह योजना मानव संसाधन और उद्योग के विकास में एक नए युग की शुरुआत करेगी।
’सुश्री अर्चना दत्ता एक स्वतंत्र लेखिका हैं और पूर्व महानिदेशकए डीडी न्यूज और महानिदेशकए एनएसडी ;एआईआरद्ध हैं।

सुरेन्द्र अग्निहोत्री
agnihotri1966@gmail.com
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शोक संवेदना

Posted on 07 April 2015 by admin

आज दिनांक 06 अपै्रल 2015। भारतीय जनता पार्टी, एन0जी0ओ0 प्रकोष्ठ के प्रदेश कार्यसमिति सदस्य राजीव दीक्षित के पिता स्व0 रामानंद दीक्षित पूर्व निर्देशक निर्माण एवं यांत्रिक विभाग नरेन्द्र देव विश्व विद्यालय फैजाबाद, निवासी 2218 राजाजी पुरम लखनऊ में  दिनांक 06 अप्रैल 2015 को प्रातः 09 बजे निधन हो गया है। जिनका अंतिम संस्कार बैकुण्ठ धाम में किया गया।
उनके निधन पर अवध क्षेत्र कार्यालय में एक शोक सभा आयोजित की गयी। सभा में क्षेत्रीय अध्यक्ष मुकुट बिहारी वर्मा जी एवं क्षेत्रीय संगठन मंत्री अशोक तिवारी जी ने उनके जीवन पर प्रकाश डाला। शोक सभा में उपस्थित क्षेत्रीय उपाध्यक्ष मान सिंह, राजेश कटियार, क्षेत्रीय महामंत्री भिखारी सिंह, क्षेत्रीय कोषाध्यक्ष प्रदीप भार्गव, क्षेत्रीय मंत्री धीरेन्द्र बहादुर सिंह, राजीव मिश्रा, नीरज सिंह, क्षेत्रीय प्रवक्ता दिलीप श्रीवास्तव, क्षे0 मीडिया प्रभारी अंजनी कुमार श्रीवास्तव, श्यामजीत सिंह, जितेन्द्र सिंह, रामऔतार तिवारी पण्डित जी आदि सभी ने उनकी आत्मा की शांति के लिए 02 मिनट का मौन रखकर ईश्वर से उनके परिवार को इस दुःख की घड़ी में शक्ति देने की प्रार्थना करते हुए उन्हें श्रृद्धांजली अर्पित की।

सुरेन्द्र अग्निहोत्री
agnihotri1966@gmail.com
sa@upnewslive.com

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कानून व्यवस्था और भ्रष्टाचार के मुद्दे पर विगत विधानसभा चुनाव में प्रदेश की सत्ता में आने के बाद प्रदेश में लगातार जिस तरह कानून व्यवस्था ध्वस्त हुई है,

Posted on 07 April 2015 by admin

कानून व्यवस्था और भ्रष्टाचार के मुद्दे पर विगत विधानसभा चुनाव में प्रदेश की सत्ता में आने के बाद प्रदेश में लगातार जिस तरह कानून व्यवस्था ध्वस्त हुई है, भ्रष्टाचार को बढ़ावा दिया गया है और प्रशासनिक अधिकारियों का राजनीतिकरण किया गया है, उसी का परिणाम है कि प्रदेश की समाजवादी पार्टी की सरकार के तीन वर्ष से अधिक समय बीत जाने के बाद भी भ्रष्टाचार और कानून व्यवस्था पर कोई पकड़ नहीं बना पायी है।
प्रदेश कंाग्रेस के प्रवक्ता सिद्धार्थप्रिय श्रीवास्तव ने आज यहां जारी बयान में कहा कि कांग्रेस पार्टी शुरू से ही समाजवादी पार्टी पर अपराधियों और भ्रष्टाचारियों को संरक्षण दिये जाने का आरोप लगाती रही है और समय-समय पर इस बात की पुष्टि भी हुई है किन्तु अपराधियों और भ्रष्टाचारियों को जेल भेजने के बजाय समाजवादी पार्टी की सरकार ने हमेशा ही अपराधियों को संरक्षण देने का कार्य किया है। चाहे वह लोकायुक्त द्वारा खनन मंत्री के विरूद्ध की गयी टिप्पणी अथवा उ0प्र0 लोक सेवा आयोग के चेयरमैन पर भर्ती घोटाले में संलिप्तता के आये दिन लग रहे भ्रष्टाचार के आरोप के बावजूद भी इस सरकार की कान में जूं नहीं रेंगा।
प्रवक्ता ने कहा कि बेहतर कानून व्यवस्था और भ्रष्टाचार मुक्त शासन का ढोल पीटने वाली समाजवादी पार्टी के शासन में आते ही हत्या, लूट, बलात्कार, राहजनी, डकैती जैसे जघन्य घटनाओं में बाढ़ सी आयी। इतना ही नहीं प्रदेश की राजधानी लखनऊ भी पूरी तरह असुरक्षित हो गयी। महिलाओं के साथ बलात्कार और हत्या की तमाम घटनाओं चाहे व गौरी हत्याकाण्ड हो, दो-दो बार एटीएम कैश वैन लूटने की घटना हो, जिसमें एचडीएफसी के एटीएम कैशवैन को दिनदहाड लूटने के बाद बदमाशांें ने तीन लोगों की गोली मारकर हत्या कर दी, जिसका अभी तक पुलिस सुराग तक नहीं लगा पायी है और हत्याओं का सिलसिला अभी तक नहीं थमा है। हास्यास्पद तो यह है कि अल्प समय में हत्या और लूट का खुलासा करने का दावा करने वाली पुलिस और प्रदेश सरकार अब इन हत्याओं और लूट में आतंकवादियों का हाथ होने की बात कह रही है।
श्री श्रीवास्तव ने कहा कि उत्तर प्रदेश दहशतगर्दी के मकड़जाल में फंसा हुआ लग रहा है। प्रदेश की सरकार और पुलिस अपनी नाकामी को छिपाने के लिए रोजाना नई कहानियां बना रही है और अपराधियों पर नकेल कसने के बजाय घटनाओं में आंतकी हाथ होने की बात कहकर अपना पल्ला झाड़ रही है। अभी कल ही लूट और हत्याओं के सिलसिले में पुलिस के खुलासे ऐसा लग रहा है कि आतंकवादियों का चरागाह उ0प्र0 बना हुआ है। पुलिस के इतने बड़े खुलासे के बाद भी कड़े कदम उठाने के बजाय प्रदेश सरकार आम जनता की जिंदगी से बेपरवाह होकर पूरी तरह उदासीन बनी हुई है।

सुरेन्द्र अग्निहोत्री
agnihotri1966@gmail.com
sa@upnewslive.com

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