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Archive | May 13th, 2017

राष्ट्रीय प्रौद्योगिकी दिवस -2017

Posted on 13 May 2017 by admin

ntd-2017-1-1सीएसआईआर-भारतीय विषविज्ञान अनुसंधान संस्थान, लखनऊ में 12 मई, 2017 को राष्ट्रीय प्रौद्योगिकी दिवस हर्षोउल्लास से मनाया गया। इस अवसर पर दो विशिष्ट टेक्नोक्रेट और उद्यमियों द्वारा व्याख्यान दिए गए। पहला व्याख्यान डॉ॰ वी॰ प्रेमनाथ, प्रमुख एनसीएल ईनोवेशन्स, सीएसआईआर-एनसीएल पुणे द्वारा “प्रयोगशाला से बाज़ार तक-कुछ सबक, अनुभव और अंतर्दृष्टि” पर दिया गया। उन्होंने बताया कि कैसे एक समस्या आधारित समाधान बाजार में लाने के लिए वैज्ञानिक अनुसंधान के माध्यम से संचालित किया जा सकता है। उन्होने हिप प्रतिस्थापन के लिए उपयोग किए जाने वाले पॉलिमर विज्ञान आधारित सामग्रियों के उदाहरण भी उद्धृत किए। दूसरा व्याख्यान श्री सुधी राज वर्मा, परामर्शदाता साझेदार, आईकान ईनोवेशन्स और प्रौद्योगिकी, लखनऊ द्वारा “यूजिंग टेक्नालोजी इन इनोवेशन” पर दिया गया। उन्होने सृजन से लेकर प्रौद्योगिकी तक इनोवेशन और आखिरकार बाज़ार तक की यात्रा का वर्णन किया। इन व्याख्यानों के साथ-साथ विद्यालयों और कॉलेज के छात्रों को वैज्ञानिक / नवीन आविष्कारक / उद्यमी बनने की ओर प्रेरित करने के लिए विशेष रूप से डिजाइन किए गए दो कार्यक्रम भी प्रारम्भ किए गए।  “एक दिन के लिए एक वैज्ञानिक बनो” पर एक दिवसीय कार्यशाला 18 मई, 2017 को शुरू की जाएगी और दो सप्ताह के लिए मई 29, 2017 से छात्रों को इनोवेशन और सृजन के प्रति सशक्त बनाने के ईपीआईसी नामक कार्यक्रम शुरू होगा। इन दोनों कार्यक्रमों को देश के तीन प्रमुख विज्ञान अकादमियों से समर्थन मिलेगा। सीएसआईआर-आईआईटीआर के निदेशक प्रोफेसर आलोक धावन ने कार्यक्रम के गणमान्य व्यक्तियों का स्वागत किया। डॉ॰ डी॰ कार चौधरी, अध्यक्ष आयोजन समिति ने वक्ताओं का परिचय दिया और डॉ॰ स्मृती प्रिया, कार्यक्रम के संयोजक ने धन्यवाद प्रस्ताव दिया। महर्षि विद्या मंदिर और डीएवी कॉलेज, कानपुर के करीब 100 छात्रों ने कार्यक्रम में भाग लिया और वक्ताओं के साथ बातचीत की।

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विकास खण्ड स्तरीय गोष्ठियों/कृषि निवेश मेलों की तिथियाॅं निर्धारित

Posted on 13 May 2017 by admin

जिलाधिकारी श्री कौशलराज शर्मा ने बताया कि  कृषि विभाग के सौजन्य से जनपद लखनऊ में विकास खण्ड स्तरीय गोष्ठियों/ कृषि निवेश मेलों का आयोजन कार्यक्रम निर्धारित कर दिया गया है। उन्होने बताया कि इन गोष्ठियों/कृषि निवेश मेलों का आयोजन खण्ड विकास अधिकारी एवं कृषि विभाग के अधिकारियों की देख-रेख में किया जायेगा, विकास खण्ड के अधिकाधिक कृषकों को प्रतिभाग कराने का प्रयास किया जायेगा।
जिलाधिकारी ने बताया कि  आयोजित किये जाने वाले गोष्ठियों/कृषि निवेश मेलो हेतु  नोडल अधिकारी/आयोजन प्रभारी की नियुक्त की गयी है। विकास खण्ड चिनहट में आयोजित होने वाली गोष्ठी/कृषि निवेश मेला 15 मई को पंचायत भवन जुग्गौर में होगी जिसके नोडल अधिकारी मुख्य पशु चिकित्साधिकारी, उप सम्भागीय कृषि प्रसार अधिकारी तथा आयोजन प्रभारी, प्रभारी रा0कृ0बी0भ0 चिनहट होगें। विकास खण्ड काकोरी में आयोजित होने वाली गोष्ठी/कृषि निवेश मेला 16 मई को पंचायत भवन बहरू में होगी जिसके नोडल अधिकारी जिला उद्यान अधिकारी, जिला कृषि अधिकारी तथा आयोजन प्रभारी, प्रभारी कृषि रक्षा इकाई/प्रभारी रा0क0बी0भ0 काकोरी होगें। विकास खण्ड मलिहाबाद में आयोजित होने वाली गोष्ठी/कृषि निवेश मेला 17 मई को रा0कृ0बीज भ0 मलिहाबाद में होगी जिसके नोडल अधिकारी सहायक निबन्धक सहकारिता, जिला कृषि रक्षा अधिकारी तथा आयोजन प्रभारी, प्रभारी रा0कृ0बी0भ0 मलिहाबाद होगें। विकास खण्ड माल में आयोजित होने वाली गोष्ठी/कृषि निवेश मेला 18 मई को पंचायत भवन माल में होगी जिसके नोडल अधिकारी सहायक निदेशक मत्स्य, भूमि संरक्षण अधिकारी तथा आयोजन प्रभारी, प्रभारी कृषि रक्षा इकाई माल होगें।
जिलाधिकारी ने बताया कि इसी प्रकार विकास खण्ड बी0के0टी0 में आयोजित होने वाली गोष्ठी/कृषि निवेश मेला 19 मई को साधन सहकारी समिति अस्ती में होगी जिसके नोडल अधिकारी मुख्य पशु चिकित्साधिकारी, उप सम्भागीय कृषि प्रसार अधिकारी तथा आयोजन प्रभारी, प्रभारी रा0कृ0बी0भ0 बी0के0टी0 होगें। विकास खण्ड गोसाईगंज में आयोजित होने वाली गोष्ठी/कृषि निवेश मेला 20 मई को बाजार कपेरा मदारपुर में होगी जिसके नोडल अधिकारी जिला उद्यान अधिकारी, जिला कृषि अधिकारी तथा आयोजन प्रभारी, प्रभारी रा0कृ0बी0भ0 गोसाईगंज होगें। विकास खण्ड सरोजनीनगर में आयोजित होने वाली गोष्ठी/कृषि निवेश मेला 22 मई को पंचायत भवन नानमऊ में होगी जिसके नोडल अधिकारी सहायक निबन्धक सहकारिता, जिला कृषि रक्षा अधिकारी तथा आयोजन प्रभारी, प्रभारी रा0कृ0बी0भ0 सरोजनीनगर होगें। विकास खण्ड मोहनलालगंज में आयोजित होने वाली गोष्ठी/कृषि निवेश मेला 23 मई को प्रकृति भारती परिसर बिन्दौवा मोहनलालगंज में होगी जिसके नोडल अधिकारी सहायक निदेशक मत्स्य, भूमि संरक्षण अधिकारी लखनऊ तथा आयोजन प्रभारी, प्रभारी रा0कृ0बी0भ0 मोहनलालगंज होगें।
उन्होने बताया कि  गोष्ठियों/कृषि निवेश मेलो में सहकारिता, एग्रो, कृषि रक्षा, मत्स्य, पशुपालन, उद्यान, ग्राम विकास, वन, मण्डी समिति, वैकल्पिक ऊर्जा, सिचाई, नलकूप एवं विद्युत विभाग के अतिरिक्त निजी कम्पनियाॅं भी प्रतिभाग करेंगी तथा अपना स्टाल लगाकर योजनाओं की जानकारी देगें।  इसके अतिरिक्त अनुदान पर कृषि निवेशों का नियमानुसार उपलब्धता भी सुनिश्चित करायी जायेगी। उन्होने बताया कि इन गोष्ठियों/कृषि निवेश मेलो में प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना, माननीय राष्ट्रीय हरित अधिकरण के निर्देशानुसार फसल अवशेष न जलाये जाने के विषय में जानकारी उपलब्ध करायी जायेगी। कृषि मेलों मे  विज्ञान केन्द्र, कृषि विश्वविद्यालय, इफको, कृभकों, एग्रो अन्य उर्वरक निर्माता कम्पनियों के साथ-साथ बीज उत्पादक कम्पनियाॅं, कृषि रक्षा रसायन उत्पादक कम्पनियां अपना स्टाल लगाने के साथ गुणवत्तायुक्त कृषि निवेश मेलों में  कृषि एवं सम्बन्धित विभागों के अधिकारी कृषकों की समस्याओं का समाधान भी करेंगे।

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बाढ़ से निपटने के लिए सभी विभाग समन्वित कार्यवाही सुनिश्चित करे

Posted on 13 May 2017 by admin

एक सप्ताह में सभी सम्बन्धित विभाग पूरी सूचना दें-

जिलाधिकारी श्री कौशलराज शर्मा के निर्देश पर अपर जिलाधिकारी वित्त एवं राजस्व श्रीमती निधि श्रीवास्तव की अध्यक्षता में बाढ एवं उससे बचाव तथा पहले से की जाने वाली तैयारियों की आज शिविर कार्यालय में समीक्षा करते हुए सम्बन्धित विभागीय अधिकारियों को निर्देशित किया कि बाढ़ सम्बन्धी तैयारियों को समय से पूर्व पूराकर लिया जाए। गोमती बांध, कुकरैल बांध, बाधों पर स्थित बैरलो के फाटको की ओवर हालिंग, आइलिंग, ग्रीसिंग एवं सील टेस्टिंग,का कार्य यथासमय पूरा कर दिया जाये साथ ही बैरलो से नदी तक नालो की सफाई का कार्य निर्धारित समय में करा लिया जाए। उन्होने कहा कि जल भराव को रोकने के लिए नालो की सफाई की व्यवस्था सुनिश्चित कर ली जाए तथा सम्बन्धित विभाग एक सप्ताह में पूरी सूचना दें।  उन्होने समयानुसार बाढ चैकियों के लिए वायरलेस सेट उपलब्ध कराने के निर्देश दिये है जिससे वर्षा ऋतु में बाढ सम्बन्धी संदेशो को सुचारू रूप से आदान प्रदान हेतु महत्वपूर्ण स्थलो जैसे गोमती बैराज, हनुमान सेतु, गऊघाट, वजीरगंज आदि स्थानों पर व्यवस्था की जा सके।
अपरजिलाधिकारी ने कहा कि कुकरैल तटबन्ध बाढ़ सुरक्षा की दृष्टि से काफी महत्वपूर्ण है इस तटबन्ध पर नौ अदद बैरल है। बाढ़ की दृष्टि से पम्पिंग पर ध्यान देने की आवश्यकता है। अपर जिलाधिकारी ने नगर के नालो की सफाई तथा पशुओ की बीमारी से बचाव हेतु टीकाकरण समय से कराने के निर्देश दिये। उन्होने पशुपालन विभाग के अधिकारियों को निर्देशित किया कि खुरपका,मुहपका एवं गलाघोटू जैसी बीमारियों से बचाव हेतु टीकाकरण करा दिया जाये। बाढ़ के दौरान बीमारियों से बचाव हेतु मुख्य चिकित्साधिकारी आवश्यक दवाइयों की उपलब्धता सुनिश्चित कराये।
अपरजिलाधिकारी ने बाढ़ के दौरान पेयजल हेतु आवश्यक टैंकरों की व्यवस्था करने के निर्देश जल संस्थान को दिये। बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों में जरूरत पड़ने पर खाद्य सामग्री की उपलब्धता सुनिश्चित करने के निर्देश जिला पूर्ति विभाग को दिये। नगर क्षेत्र के समस्त नालो की समय से समुचित सफाई नगर निगम द्वारा सुनिश्चित की जाये। विद्युत विभाग द्वारा सभी बैरलो के पम्पों की विद्युत लाइनों एवं ट्रासफारमरों की चेकिंग करा ली जाये तथा महत्वपूर्ण बैरलों पर अतिरिक्त फीडर एवं ट्रांसफामरों की व्यवस्था की जाये।

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उन्नाव-शुक्लागंज विकास प्राधिकरण बोर्ड की बैठक सम्पन्

Posted on 13 May 2017 by admin

मण्डलायुक्त श्री अनिल गर्ग की अध्यक्षता में उन्नाव-शुक्लागंज विकास प्राधिकरण बोर्ड की बैठक मण्डलायुक्त कार्यालय सभागार में सम्पन्न हुई।
मण्डलायुक्त ने मदवार वास्तविक आय व व्यय की समीक्षा की। मण्डलायुक्त ने कहा कि विकास प्राधिकरण का जो भी डी0पी0आर0 तैयार किया जायेगा उसको वेबसाइट पर लोड किया जायेगा तथा सभी जनप्रतिनिधियों को उसकी कापी उपलब्ध करायी जाये। उन्होने कहा कि  कार्यदायी संस्थाए कार्य की लागत जिलाधिकारी उन्नाव को प्रस्तुत करेंगे।
उन्होने कहा कि कार्यो की गुणवत्ता सुनिश्चित कराने के लिए जिलाधिकारी द्वारा एक समिति का गठन किया जायेगा जिसमे एक मजिस्टेªेट व तीन अधिशासी अभियन्ता अलग-अलग विभाग के शामिल होगें। जो अपनी गुणवत्ता रिपोर्ट जिलाधिकारी को प्रस्तुत करेंगे। उन्होने कहा कि कार्य प्रारम्भ होने के पहले, कार्य के समय तथा कार्य के पश्चात की फोटो भी जिला वेबसाइट पर लोड की जाये।
मण्डलायुक्त ने शुक्लागंज के 29 गांवों  जो उन्नाव जनपद में है लेकिन वो कानपुर विकास प्राध्किरण मे सम्मिलित है जिससे वहां के निवासियों को कई समस्याए आती है। का संज्ञान लेकर मण्डलायुक्त ने जिलाधिकारी उन्नाव को निर्देशित किया कि सन्दर्भित 29 गांवों को उन्नाव- शुक्लागंज विकास प्राधिकरण में  सम्मिलित कराने के लिए पत्र शासन को भेजा जाये । उन्होने कहा कि  उन्नाव-शुक्लागंज विकास प्राधिकरण द्वारा प्रत्येक 15 दिन में समीक्षा की जाये कि भवन के नक्शे के कितने प्रकरण आये हैं उनमे कितने लम्बित है, और कितने प्रकरणों को स्वीकृत प्रदान की गई है की आख्या लिखित रूप में जिलाधिकारी उन्नाव और उपाध्यक्ष उन्नाव-शुक्लागंज विकास प्राधिकरण को उपलब्ध करायी जाये।उन्होने कहा कि नक्शा स्वीकृत कराने में लोगो को दिक्कत नहीं होनी चाहिए।
बैठक में जिलाधिकारी उन्नाव सुश्री अदिति सिंह, मुख्य विकास अधिकारी श्री संजीव सिंह सहित उन्नाव शुक्लागंज विकास प्राधिकरण बोर्ड के सदस्य उपस्थित थे

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21 जून को आयोजित होने वाले योग दिवस की तैयारी बैठक सम्पन्न

Posted on 13 May 2017 by admin

मण्डलायुक्त श्री अनिल गर्ग की अध्यक्षता में 21 जून 2017 को आयोजित होने वाले अन्र्तराष्ट्रीय योग दिवस की तैयारियों की समीक्षा बैठक मण्डलायुक्त कार्यालय सभागार में सम्पन्न हुई।
मण्डलायुक्त ने बताया कि योग दिवस के आयोजन के लिए 2 स्थानों स्मृति उपवन व रमाबाई  अम्बेडकर रैली स्थल चिन्हित किये गये हैं इसमें एक स्थल का अन्तिम चयन शासन के निर्देशानुसार किया जायेगा। उन्होने अधिकारियों से कहा कि स्मृति उपवन व रमाबाई अम्बेडकर रैली स्थल का अलग-अलग पावर प्वाइंट प्रजेन्टेशन तैयार करें जिसमे पार्किंग व्यवस्था, पेयजल,, शौचालय, मेडिकल व्यवस्था एवं आने जाने का रूट चिन्हित कर कार्यग् योजना तैयार करें जिसका प्रजेन्टेशन शासन स्तर में किया जायेगा प्रजेन्टेशन के पश्चात् शासन स्तर पर स्थल का चयन हो सके।
मण्डलायुक्त ने कहा कि अन्र्तराष्ट्रीय योग दिवस में लगभग पचास हजार लोग सम्मिलित होगें जिनके प्रशिक्षण हेतु लगभग 1000 से 1200 तक प्रशिक्षक लगेंगे। योग को व्यवस्थित ढंग से  करवाने के लिए पंतजली योग पीठ, ब्रहम कुमारी ईश्वरी विश्वविद्यालय, देव संस्कृत विश्वविद्यालय आर्ट आफ लिविंग तथा लखनऊ विश्वविद्यालय के योग प्रशिक्षक अलग-अलग स्थानों पर योग का पूर्व प्रशिक्षण देंगे। उन्होने कहा कि मुख्य स्थल के अलावा शहर के अन्य 2-3 पार्को में भी योग की व्यवस्था की जाये।
मण्डलायुक्त ने कहा कि कार्ययोजना में कौन विभाग क्या व्यवस्था करेगा, आयोजन स्थल पर क्या-क्या जरूरत है किस-किस चीज की कितनी उपलब्ध है और कितनी व्यवस्था करनी है उन्होने कहा कि आने जाने वालों के लिए यातायात की व्यवस्था, किस स्थान से वाहन मिलेंगे, किसके जिम्मेदारी मे स्कूल के बच्चे आयेग उनकी बसों की पार्किंग का स्थान निर्धारित किया जायेगा तथा बच्चों के खान पान की व्यवस्था सुनिश्चित कर ली जाये, उन्होने कहा कि किस कार्य के लिए कितना बजट चाहिए उसका भी एक विस्तृत प्रस्ताव तैयार कर लिया जाये।
बैठक में  पुलिस उपमहानिरीक्षक श्री प्रवीण कुमार, जिलाधिकारी श्री कौशलराज शर्मा, उपाध्यक्ष लखनऊ विकास प्राधिकरण श्री प्रभु नारायण सिंह, वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक श्री दीपक कुमार, मुख्य विकास अधिकारी श्री प्रशान्त शर्मा, अपर आयुक्त प्रशासन श्रीमती सुधा वर्मा, अपर जिलाधिकारी ट्रान्स गोमती श्री अशोक कुमार, अपर नगर आयुक्त श्री नन्दलाल सिंह आदि उपस्थित थे।

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राज्य की अधिकांश आबादी की कृषि पर निर्भरता को देखते हुए कृषि, उद्यान, पशुपालन, डेयरी, मत्स्य पालन और सहकारिता को प्रोत्साहित किया जा रहा है: मुख्यमंत्री

Posted on 13 May 2017 by admin

20 नये कृषि विज्ञान केन्द्रों की स्थापना का कार्य तेज किया जाए

कृषि विज्ञान केन्द्रों में तैनात वैज्ञानिकों एवं कर्मचारियों
को कहीं अन्यत्र तैनात न किया जाए

प्रदेश के कृषि विश्वविद्यालयों, किसान विकास केन्द्रों तथा बीज निगमों से ही प्रजनक बीजों की खरीद्दारी को प्राथमिकता दी जाए: योगी जी

पहली बार राज्य में बाजार हस्तक्षेप योजना के तहत
लगभग 13,000 कु0 आलू क्रय किया गया

केन्द्रीय योजनाओं को समयबद्ध रूप से लागू करने से किसानों
की आर्थिक स्थिति में सुधार होगा: केन्द्रीय कृषि मंत्री

मुख्यमंत्री ने केन्द्रीय कृषि, सहकारिता एवं किसान कल्याण मंत्री के साथ कृषि, सहकारिता, पशुपालन एवं मत्स्य सम्बन्धी योजनाओं की समीक्षा की
upcm-yogiउत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ जी ने कहा कि राज्य की अधिकांश आबादी आर्थिक रूप से कृषि पर निर्भर है। इसलिए कृषि, उद्यान, पशुपालन, डेयरी, मत्स्य पालन और सहकारिता को प्रोत्साहित कर किसानों की आमदनी दोगुनी करने का काम शुरु किया गया है। उन्होंने प्रदेश में स्थापित होने वाले 20 नये कृषि विज्ञान केन्द्रों के लिए भूमि उपलब्ध कराने की जानकारी देते हुए कहा कि अब इन केन्द्रों की स्थापना का कार्य तेजी से शुरु किया जाए, जिससे इनका लाभ क्षेत्रीय किसानों को मिल सके।
मुख्यमंत्री आज यहां लोक भवन में केन्द्रीय कृषि, सहकारिता एवं किसान कल्याण मंत्री श्री राधा मोहन सिंह के साथ कृषि, सहकारिता, पशुपालन एवं मत्स्य सम्बन्धी योजनाओं की समीक्षा कर रहे थे। मुख्यमंत्री ने पहले से स्थापित कृषि विज्ञान केन्द्रों को आर्थिक रूप से सक्षम बनाने का आग्रह करते हुए कहा कि यहां तैनात वैज्ञानिकों एवं कर्मचारियों को कहीं अन्यत्र तैनात न किया जाए। उन्होंने  प्रमुख सचिव, कृषि को निर्देशित किया कि किसानों को अच्छी गुणवत्ता का बीज उपलब्ध कराने के लिए प्रदेश के कृषि विश्वविद्यालयों, किसान विकास केन्द्रों तथा बीज निगमों से ही प्रजनक बीजों की खरीद्दारी को प्राथमिकता दी जाए।
योगी जी ने विगत कुछ वर्षों में किसानों एवं कृषि की स्थिति की चर्चा करते हुए कहा कि इस क्षेत्र पर पर्याप्त ध्यान नहीं दिया गया। प्रदेश के किसानों विशेष रूप से बुन्देलखण्ड क्षेत्र में सिंचाई, भण्डारण एवं विपणन की पर्याप्त व्यवस्था उपलब्ध न कराए जाने के कारण इन क्षेत्रों में उत्पादकता का स्तर काफी कमजोर है। इस वर्ष बुन्देलखण्ड क्षेत्र में सिंचाई की सुविधा के लिए 3,384 खेत तालाबों का निर्माण कराया जा रहा है। केन्द्र सरकार द्वारा संचालित राष्ट्रीय कृषि बाजार योजना को प्रभावी रूप से लागू करने का प्रयास किया जा रहा है। इसके तहत राज्य की 66 मण्डियों को आॅनलाइन जोड़ने का प्रयास तेज किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि राष्ट्रीय कृषि बाजार के पोर्टल के माध्यम से उत्तर प्रदेश में भी इण्टर मण्डी टेªड के तहत जोड़ने की व्यवस्था की जाएगी। इसके लिए आवश्यकतानुसार कदम उठाते हुए किसानों को पंजीयन शुल्क आदि में पर्याप्त राहत प्रदान करने पर गम्भीरता से विचार किया जा रहा है।
मुख्यमंत्री ने बताया कि समेकित बागवानी विकास योजना को प्रभावी रूप से लागू करने के निर्देश दिए गए हैं। किसानों को उनकी उपज का प्रभावी मूल्य दिलाने के लिए समर्थन मूल्य योजना को गम्भीरता से लागू किया जा रहा है। इसी क्रम में वर्तमान राज्य सरकार ने गेहूं क्रय केन्द्रों के माध्यम से किसानों से गेहूं क्रय किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि आलू उत्पादक किसानों की समस्याओं को देखते हुए पहली बार राज्य में बाजार हस्तक्षेप योजना के तहत लगभग 13,000 कुन्टल आलू क्रय किया गया। इस योजना के लागू हो जाने से प्रदेश में आलू के थोक भाव में 100 रुपए प्रति कुन्टल तक की वृद्धि हुई, जिसका सीधा लाभ आलू किसानों को प्राप्त हुआ।
प्रदेश में पशुपालन की चर्चा करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार अपने संसाधनों के अलावा केन्द्र सरकार की राष्ट्रीय गोकुल ग्राम योजना को प्रभावी रूप से लागू करने का काम कर रही है। उन्होंने कहा कि वाराणसी एवं मथुरा में गायों के संरक्षण एवं संवर्द्धन के लिए गोकुल ग्राम योजना संचालित की जा रही है। इस वर्ष इस योजना के तहत करीब 03 केन्द्र स्थापित किए जाएंगे, जिसमें 01 बुन्देलखण्ड क्षेत्र में होगा। इसी प्रकार भू्रण प्रत्यारोपण तकनीक का प्रयोग कर गुणवत्तायुक्त गोवंश की वृद्धि का कार्य किया जा रहा है। उन्होंने बताया कि अधिकारियों को इस योजना को पारदर्शी ढंग से लागू करने के लिए कहा गया है। उन्होंने कहा कि दुग्ध उत्पादन के माध्यम से किसानों की आर्थिक स्थिति को बड़े पैमाने पर सुधारा जा सकता है। इस मौके पर केन्द्रीय कृषि मंत्री द्वारा बताया गया कि वित्तीय वर्ष 2015 में समेकित सहकारी विकास योजना के तहत प्रदेश को 401 करोड़ रुपए स्वीकृत करते हुए 257 करोड़ रुपए अवमुक्त भी किए गए थे। लेकिन इस सम्बन्ध में अब तक प्राप्त की गई प्रगति से केन्द्र सरकार को अवगत नहीं कराया गया है। मुख्यमंत्री ने इस मामले में तथ्यात्मक जानकारी उपलब्ध कराने का निर्देश देते हुए बताया कि प्रदेश में सहकारी समितियों की स्थिति ठीक नहीं है। इस मामले में वर्तमान राज्य सरकार रणनीति बनाकर कार्य करने के लिए संकल्पबद्ध है।
योगी जी ने केन्द्रीय कृषि मंत्री से आग्रह किया कि प्रदेश की बड़ी आबादी की कृषि पर निर्भरता को देखते हुए यहां हर क्षेत्र में आधुनिक तकनीक के उपयोग को बढ़ावा देने के लिए पर्याप्त मदद उपलब्ध करायी जानी चाहिए। उन्होंने आधुनिक खेती को बढ़ावा देने के लिए 05 फार्म मशीनरी टेस्टिंग एण्ड टेªनिंग इन्स्टीट्यूट की स्थापना कराए जाने पर बल दिया, जिससे कृषि यंत्रों की उपयोगिता बढ़ सके। इसके साथ ही, 04 आधुनिक बीज परीक्षण प्रयोगशालाओं की स्थापना, 25 नई मृदा परीक्षण प्रयोगशालाओं में दो-दो आधुनिक संयत्र की उपलब्धता, किसानों को कृषि निवेशों की सुविधा हेतु इस वर्ष 100 किसान कल्याण केन्द्रों की स्थापना के अलावा राज्य में धान तथा गेहूं के अंतर्राष्ट्रीय स्तर के शोध केन्द्र स्थापित कराने का भी आग्रह किया।
योगी जी ने बागवानी को बढ़ावा देने के लिए राज्य में 05 सेण्टर आॅफ एक्सीलेंस की स्थापना के साथ-साथ मधुमक्खी पालन के लिए प्रेषित की गई योजनाओं को शीघ्र स्वीकृत करने का अनुरोध किया। साथ ही, उन्होंने ‘ए’ श्रेणी में चिन्हित अतिहिमीकृत वीर्य उत्पादन केन्द्र, बाबूगढ़, जनपद हापुड़ में  वर्गीकृत वीर्य उत्पादन हेतु लैब स्थापित करने तथा जोखिम प्रबन्धन एवं पशुधन बीमा योजना के तहत अधिक से अधिक वित्तीय सहायता उपलब्ध कराने का भी अनुरोध किया। उन्होंने बुन्देलखण्ड एवं पूर्वान्चल क्षेत्र में आगामी पांच वर्षों में दुग्ध उत्पादन को बढ़ावा देने के लिए लगभग 2967 करोड़ रुपए उपलब्ध कराने का आग्रह भी किया। इसी प्रकार उन्होंने मत्स्य तथा सहकारिता क्षेत्र को बढ़ावा देने के लिए भारत सरकार से सहयोग प्रदान करने का अनुरोध करते हुए प्रदेश की प्रारम्भिक ऋण समितियों के कम्प्यूटरीकरण के लिए 225 करोड़ रुपए, उत्तर प्रदेश सहकारी ग्राम विकास बैंक की 323 शाखाओं को कम्प्यूटरीकृत करने के लिए 11.50 करोड़ रुपए आदि सहयोग उपलब्ध कराने की भी अपेक्षा की।
योगी जी ने कहा कि प्रदेश के किसानों की बेहतरी के लिए प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना को प्रभावी रूप से लागू कराते हुए अधिक से अधिक किसानों को आच्छादित कराने का काम किया जाएगा। उन्होंने कहा कि योजना के तहत स्मार्ट फोन के उपयोग को बढ़ावा देने तथा क्लस्टर बनाकर योजना के तहत कम्पनियों से टेण्डर आमंत्रित किए जाएंगे। इसी प्रकार स्वायल हेल्थ कार्ड योजना को भी तेजी से लागू किया जाएगा। उन्होंने प्रधानमंत्री कृषि सिंचाई योजना के तहत माइक्रो इरिगेशन को बढ़ावा देने के लिए प्रदेश के सभी 271 डार्क जोन को आच्छादित कराने का निर्देश देते हुए कहा कि इससे जहां भूमिगत जल के संरक्षण को बढ़ावा मिलेगा, वहीं किसानों की उत्पादकता में भी वृद्धि होगी।
इस मौके पर केन्द्रीय मंत्री ने कृषि, सहकारिता, पशुपालन, मत्स्य आदि विभागों के तहत संचालित केन्द्र सरकार की योजनाओं की समीक्षा करते हुए कहा कि विगत तीन वर्षों में कई योजनाओं की धनराशि का पूरी तरह से उपयोग नहीं किया गया है। उन्होंने कहा कि यदि इन योजनाओं को समयबद्ध रूप से पारदर्शिता के साथ लागू किया जाए तो राज्य के किसानों की आर्थिक स्थिति में काफी सुधार होगा। उन्होंने राज्य सरकार को हर सम्भव सहयोग प्रदान करने का आश्वासन देते हुए कहा कि उत्तर प्रदेश एक बड़ा राज्य है। यदि यहां के किसानों तथा पशुपालकों की आर्थिक स्थिति में सुधार होगा तो इसका प्रगटीकरण देश की अर्थव्यवस्था पर निश्चित रूप से पड़ेगा।
कार्यक्रम में राज्य मंत्रिमण्डल के सदस्य, केन्द्र एवं राज्य सरकार के अधिकारी उपस्थित थे।

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आई0जी0आर0एस0 के तहत राजस्व एवं पुलिस विभाग से सम्बन्धित सन्दर्भों के निस्तारण में स्थलीय निरीक्षण या कार्यवाही के समय स्थलीय निरीक्षण टिप्पणी पर दो स्थानीय निष्पक्ष गवाहों के नाम, स्पष्ट हस्ताक्षर एवं मोबाइल नम्बर दर्ज करने के निर्देश

Posted on 13 May 2017 by admin

*आई0जी0आर0एस0 पर आख्या फीड करते समय भी साक्षीगण के नाम और मोबाइल नम्बर अनिवार्य रूप से अंकित किए जाएं*
*स्थलीय निरीक्षण किए बिना कार्यालय स्तर पर ही आख्या तैयार करके शिकायतों का निस्तारण करने के दृष्टिगत मुख्यमंत्री ने दिए निर्देश*
उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ जी ने प्रदेश के समस्त मण्डलायुक्त, जिलाधिकारी, पुलिस उप महानिरीक्षक, वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक, पुलिस अधीक्षक को निर्देश दिए हैं कि समन्वित शिकायत निवारण प्रणाली(आई0जी0आर0एस0) के तहत राजस्व एवं पुलिस विभाग से सम्बन्धित ऐसे सन्दर्भों, जिनके निस्तारण में स्थलीय निरीक्षण या कार्यवाही की जानी है, में स्थलीय निरीक्षण या कार्यवाही के समय तैयार की जाने वाली स्थलीय निरीक्षण टिप्पणी (स्पाॅट मेमो) पर दो स्थानीय निष्पक्ष गवाहों के नाम एवं स्पष्ट हस्ताक्षर उनके मोबाइल नम्बर के साथ दर्ज कराया जाए। साथ ही, आई0जी0आर0एस0 पर आख्या फीड करते समय भी साक्षीगण के नाम और मोबाइल नम्बर अनिवार्य रूप से अंकित किए जाएं।
यह जानकारी देते हुए आज यहां राज्य सरकार के प्रवक्ता ने बताया कि इस सम्बन्ध में शासनादेश जारी कर दिया गया है। साथ ही, मुख्यमंत्री के निर्देशों के क्रम में समन्वित शिकायत निवारण प्रणाली (आई0जी0आर0एस0) में आवश्यक तकनीकी व्यवस्थाएं कर दी गई हैं। उन्होंने बताया कि सम्बन्धित अधिकारियों को इन निर्देशों का कड़ाई से अनुपालन सुनिश्चित कराने के साथ ही, किन्हीं गवाह विशेष के नाम एवं मोबाइल नम्बर एक से अधिक बार अंकित न किए जाने की भी अपेक्षा की गई है।
प्रवक्ता ने बताया कि समन्वित शिकायत निवारण प्रणाली(आई0जी0आर0एस0) द्वारा विभिन्न माध्यमों से प्राप्त शिकायतों का निस्तारण किया जा रहा है। इनमें राजस्व एवं पुलिस विभाग से सम्बन्धित शिकायतें अधिक संख्या में प्राप्त होती हैं। सन्दर्भों के निस्तारण के पश्चात, शिकायतकर्ता या आवेदक द्वारा अंकित किए जाने वाले फीडबैक के परीक्षण से यह तथ्य प्रकाश में आया कि जिन सन्दर्भों के निस्तारण के लिए स्थलीय निरीक्षण या कार्यवाही की जानी अपेक्षित है, उनमें भी स्थलीय निरीक्षण किए बिना कार्यालय स्तर पर ही आख्या तैयार करके शिकायतों का निस्तारण कर दिया जा रहा है। इसके दृष्टिगत मुख्यमंत्री ने यह निर्देश दिए हैं।

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