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Archive | April 21st, 2017

प्रयाग में आयोजित होने वाले अर्द्धकुम्भ से सम्बन्धित सभी तैयारियों को अक्टूबर, 2018 तक पूरा किया जाए: मुख्यमंत्री

Posted on 21 April 2017 by admin

प्रयाग में बड़े धार्मिक आयोजनों की व्यवस्था को स्थायी रूप
से देखने के लिए मेला प्राधिकरण के गठन पर विचार किया जाए

अर्द्धकुम्भ आयोजन के लिए नगर विकास विभाग को नोडल विभाग नामित किया गया

नगर विकास मंत्री की अध्यक्षता में मंत्री समूह अर्द्धकुम्भ
आयोजन की तैयारियों के लिए जिम्मेदार होगा

स्थानीय स्तर पर मण्डलायुक्त इलाहाबाद को नोडल अधिकारी नामित किया गया

अर्द्धकुम्भ से सम्बन्धित सभी आवश्यक परियोजनाओं
पर अविलम्ब कार्य शुरू किया जाए: मुख्यमंत्री

अखाडों के लिए भूमि सहित अन्य सुविधाएं
उपलब्ध कराने की व्यवस्था पर समय रहते तैयारी की जाए

तीर्थयात्रियों को 08 से 09 किलोमीटर से अधिक पैदल न चलना पड़े

नगर निगमों में विभिन्न कार्याें के लिए
ठेके की वर्तमान व्यवस्था दोषपूर्ण, इसे तुरन्त बदला जाए

सीवेज ट्रीटमेण्ट प्लाण्ट से मिलने वाले पानी को विद्युत उत्पादन इकाइयों द्वारा
उपयोग में लाने के लिए नागपुर की व्यवस्था का अध्ययन करने के निर्देश

मुख्यमंत्री ने प्रयाग अर्द्धकुम्भ की तैयारी
से सम्बन्धित उच्चस्तरीय बैठक की अध्यक्षता की

press-8 उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री श्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि प्रयाग में आयोजित होने वाले अर्द्धकुम्भ से सम्बन्धित सभी तैयारियों को प्रत्येक दशा में अक्टूबर, 2018 तक पूरा किया जाए। उन्होंने कहा कि अधिकारी यह सुनिश्चित करें कि मेले में किसी भी दशा में अव्यवस्था उत्पन्न न हो तथा श्रद्धालुओं को कठिनाई का सामना न करना पड़े। उन्होंने कहा कि प्रयाग में प्रतिवर्ष माघ मेले के साथ ही, समय-समय पर अर्द्धकुम्भ तथा महाकुम्भ का आयोजन होता रहता है। ऐसे में इन बड़े आयोजनों की व्यवस्था को स्थायी रूप से देखने के लिए मेला प्राधिकरण के गठन पर विचार किया जाए।
मुख्यमंत्री आज यहां शास्त्री भवन में अर्द्धकुम्भ 2018-19 की तैयारी से सम्बन्धित उच्चस्तरीय बैठक की अध्यक्षता कर रहे थे। उन्होंने कहा कि मुख्य सचिव एवं मण्डलायुक्त इलाहाबाद अगली बैठक में मेला प्राधिकरण पर सम्यक विचार-विमर्श कर अभिमत प्रस्तुत करें। साथ ही, प्रस्तावित प्राधिकरण को आर्थिक रूप से आत्म-निर्भर बनाने के लिए आवश्यक रूप रेखा भी प्रस्तुत करने के लिए कहा गया है।
मुख्यमंत्री ने अर्द्धकुम्भ की व्यवस्था के लिए स्थानीय स्तर पर मण्डलायुक्त इलाहाबाद को नोडल अधिकारी नामित करते हुए कहा कि प्रदेश स्तर पर मुख्य सचिव व्यवस्था की देखभाल के लिए जिम्मेदार होंगे। उन्होंने कहा कि सुरक्षा की दृष्टि से डी0आई0जी0 इलाहाबाद नोडल अधिकारी होंगे, जबकि शासन स्तर पर नगर विकास विभाग को नोडल विभाग नामित करते हुए उन्होंने कहा कि नगर विकास मंत्री श्री सुरेश खन्ना की अध्यक्षता में मंत्री समूह अर्द्धकुम्भ आयोजन की तैयारियों के लिए जिम्मेदार होगा। जिलाधिकारी इलाहाबाद द्वारा प्रस्तुत किए गए मेला आयोजन से सम्बन्धित प्रस्तावों का अध्ययन कर आवश्यक धनराशि की व्यवस्था बजट के माध्यम से कराने के लिए अपर मुख्य सचिव वित्त को अधिकृत करते हुए उन्होंने कहा कि सभी आवश्यक परियोजनाओं पर अविलम्ब कार्य शुरू किया जाए, जिससे मेला क्षेत्र की पूरी तैयारी निर्धारित समय में गुणवत्ता के साथ हो सके।
मुख्यमंत्री ने कहा कि अर्द्धकुम्भ आयोजन से सम्बन्धित जो प्रस्ताव केन्द्र सरकार को प्रेषित किए जाने हैं उन्हें शीघ्र भेजा जाए, जिससे की तैयारी के लिए समय से धनराशि प्राप्त हो सके। उन्होंने मण्डलायुक्त को निर्देशित किया है कि वे अपने स्तर से केन्द्र सरकार के सभी सम्बन्धित विभागीय अधिकारियों के साथ बैठक कर तैयारियों को अंतिम रूप प्रदान करें, जिससे उनके स्तर पर भी कार्याें में विलम्ब की सम्भावना समाप्त हो जाए। उन्होंने कहा कि अखाडों के लिए भूमि सहित अन्य सुविधाएं उपलब्ध कराने की व्यवस्था पर समय रहते तैयारी कर ली जाए, जिससे किसी भी प्रकार का विवाद उत्पन्न न हो।
इससे पूर्व, जिलाधिकारी इलाहाबाद द्वारा अर्द्धकुम्भ आयोजन के लिए विभिन्न विभागों से सम्बन्धित कार्याें को पूरा कराने एवं जरूरी सुविधाएं उपलब्ध कराने के लिए लगभग 03 हजार 460 करोड़ रुपये के प्रस्ताव प्रस्तुत किए गए हैं, जिस पर जरूरत के हिसाब से विचार कर शीघ्र धनराशि की व्यवस्था करने के निर्देश दिए गए हैं। मुख्यमंत्री ने स्थायी परियोजनाआंे को समय से पूरा कराने के लिए जरूरी औपचरिकताएं शीघ्र शुरू कराने के निर्देश देते हुए कहा कि केवल वही परियोजनाएं शुरू की जाएं, जो अक्टूबर, 2018 तक पूरी हो सकें। उन्होंने अधिकारियों को निर्देशित किया कि अर्द्धकुम्भ से सम्बन्धित जो प्रस्ताव ‘नाममि गंगे’ परियोजना के तहत प्रेषित किए गए हैं उन्हंे शीघ्र स्वीकृत कराया जाए।
मेला आयोजन क्षेत्र के 30 किलोमीटर पेरीफेरी में यातायात, नदी पर पुल तथा स्वास्थ्य सुविधाओं के विकास पर बल देते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि किसी भी दशा में तीर्थयात्रियों को 08 से 09 किलोमीटर से अधिक पैदल न चलना पड़े। उन्होंने कहा कि भगदड़ जैसी स्थिति वाले स्थानों को पहले से चिन्हित कर वैकल्पिक व्यवस्था की जाए। मेला क्षेत्र में अस्थायी तथा बाहर स्थायी व्यवस्था पर जोर देते हुए उन्हांेने कहा कि हर हाल में जनता को राहत मिलनी चाहिए। नैनी, अरेल, झूसी आदि क्षेत्रों के विकास पर भी बल देते हुए उन्होंने कहा कि बड़ी संख्या में श्रद्धालु मेला आयोजन के समय में इन क्षेत्रों में निवास करते हैं। इसलिए यहां भी पूरी व्यवस्था उपलब्ध करायी जानी चाहिए।
इलाहाबाद नगर क्षेत्र में पूरी तरह से एल0ई0डी0 बल्ब नहीं लगाए जाने को गम्भीरता से लेते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि नगर विकास मंत्री इस मामले की अपनी स्तर से समीक्षा करते हुए जिम्मेदार लोगों के विरूद्ध कार्यवाही करें। उन्होंने नगर निगमों में विभिन्न कार्याें के लिए ठेका देने की वर्तमान व्यवस्था को दोषपूर्ण एवं भ्रष्टाचार के लिए जिम्मेदार बताते हुए कहा कि इसे तुरन्त बदला जाना चाहिए। उन्होंने केन्द्र सरकार के ऊर्जा विभाग से बातचीत कर प्रदेश के सभी नगर निगमों की स्ट्रीट लाइट को एल0ई0डी0 में बदलने तथा दिन में लाइट जलने से रोकने के लिए सख्त कदम उठाने के निर्देश दिए हैं।
मुख्यमंत्री ने नगरों के सीवेज ट्रीटमेण्ट प्लाण्ट से मिलने वाले पानी को तापीय विद्युत उत्पादन इकाइयों द्वारा उपयोग में लाने के लिए नागपुर की व्यवस्था का अध्ययन करने के निर्देश दिए। इसके लिए नगर विकास मंत्री की अध्यक्षता में मई के प्रथम सप्ताह में एक टीम नागपुर जाकर वहां की व्यवस्था का अध्ययन करेगा। मुख्यमंत्री ने इलाहाबाद सहित प्रदेश के अन्य नगरों के सीवेज ट्रीटमेण्ट प्लाण्ट से मिलने वाले पानी के इसी प्रकार के उपयोग पर बल दिया। इसके अतिरिक्त उन्होंने मेला क्षेत्र के सी0एच0सी0 एवं पी0एच0सी0 की क्षमता विस्तार, मेला के दौरान सफाई कर्मियों के ठहरने के लिए उचित व्यवस्था, इलाहाबाद नगर के पार्काें एवं चैराहों के सजावट एवं वृक्षारोपण पर बल दिया।
बैठक में उप मुख्यमंत्री श्री केशव प्रसाद मौर्य सहित मंत्रिमण्डल के अन्य सहयोगी एवं मुख्य सचिव तथा कई विभागों के अपर मुख्य सचिव/प्रमुख सचिव तथा वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित थे।

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रदेश कार्यसमिति 01-02 मई लखनऊ में - डा0 चन्द्रमोहन

Posted on 21 April 2017 by admin

भारतीय जनता पार्टी प्रदेश कार्यसमिति 01 व 02 मई को लखनऊ में होगी। जनसम्पर्क अभियान के द्वारा केन्द्र सरकार की योजनाओं को जनता तक पहुंचाने का कार्यक्रम तय। प्रशिक्षण वर्गों से कार्यकर्ताओं और जन प्रतिनिधियों को दिया जाएगा प्रशिक्षण।
प्रदेश प्रवक्ता डा0 चन्द्रमोहन ने जानकारी देते हुए बताया कि भाजपा प्रदेश कार्यसमिति 01 व 02 मई को लखनऊ के सांइटिफिक कन्वेन्शन सेंटर में होगी। 02 मई को राष्ट्रीय अध्यक्ष मा0 अमित भाई शाह कार्यसमिति में मार्गदर्शन करेंगे।
प्रदेश प्रवक्ता डा0 चन्द्रमोहन ने बताया कि एक हजार पदाधिकारियों के प्रशिक्षण के लिए प्रशिक्षण वर्ग आयोजित होंगे। क्षेत्रीय स्तर पर तीन दिवसीय 06 प्रशिक्षण वर्ग 23 से 27 अप्रैल के बीच सम्पन्न होंगे। क्षेत्रीय स्तर पर आयोजित प्रशिक्षण वर्गों में क्षेत्रीय पदाधिकारी, क्षेत्र में रहने वाले प्रदेश पदाधिकारी, जिलाध्यक्ष एवं जिला महामंत्री सम्मलित होंगे। इसके साथ ही विधायकों के लिए भी 02 प्रशिक्षण शिविर आयोजित किए जाएगे।
डा0 चन्द्रमोहन ने जानकारी दी कि मा0 मोदी जी के नेतृत्व में चलने वाली केन्द्र सरकार की जन कल्याणकारी योजनाओं को जन-जन तक पहुंचाने के ध्येय से 10 से 25 मई तक विशेष जनसम्पर्क अभियान चलाया जाएगा। जनसम्पर्क अभियान के दौरान पूरे प्रदेश में 20 हजार कार्यकर्ता सेक्टर पर प्रवास करेंगे।

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फेरी पटरी कानून 2014 के उल्लंघन और दुकानदारों के उत्पीड़न के खिलाफ नगर निगम सिगरा कार्यालय का हुआ घेराव। उत्पीड़न बंद करो और वेंडर कानून लागु करने के लगे नारे

Posted on 21 April 2017 by admin

बनारस के ठेला पटरी दुकानदारों ने फेरी पटरी कानून 2014 लागु न होने एवं उत्पीड़न के प्रतिरोध में नगर निगम कार्यालय सिगरा वाराणसी का जोरदार घेराव किया। पूर्व सुचना के अनुसार सुबह 9 बजे से नगर निगम मुख्यद्वार पर पटरी दुकानदार जमा होने लगे और 10 बजते बजते अच्छी संख्या में पथ विक्रेता नगर निगम गेट पर घेराव कर दिए। घेराव के साथ ही दुकानदारों ने सभा शुरू किया और कहा की 2014 में एक लम्बे क़ानूनी और जमीनी लड़ाई के बाद आया हुआ फेरी पटरी कानून हम वेंडरों के लिए आशा की किरण लेकर आया था बाकि कानून बनने के बावजूद न तो हमारी कोई व्यवस्था हुई और न ही कोई सरकार हमें पूछने आई। बाकी पुलिस और नगर निगम के अतिक्रमण हटाओ दस्ते के अधिकारी उसी तरह दबाव , धमकी और उत्पीड़न करते रहे। यूपी चुनाव के कुछेक महीनो पहले कोई कम्पनी अख़बार के माध्यम से सामने आई की उसे सरकार की ओर से सर्वेक्षण के लिए नामित किया गया है और यह संस्था डूडा के सहयोग से काम करेगी। आनन् फानन में शहर में वेंडिंग जोन भी कागज़ी खाना पूर्ति कर बना दिए गए।  शहर के प्रबुद्ध समाजसंघर्ष कर्ताओ और फेरी पटरी दूकान समितियो के आपत्ति दर्ज कराने पर पथ विक्रेता समिति ( टाउन वेंडिंग कमिटी ) की बैठक करके सब काम लीपापोती किया गया।  जबकि कानून कहता है जिले के आला अधिकारियो की उपस्थिति में नगर निगम के नेतृत्व में शहर के चुने हुए पथ विक्रेता और नागरिक समाज के प्रतिनिधियों से बनी टाउन वेंडिंग कमिटी सर्वे लाइसेंसिकरण पहचानपत्र देने से लेकर वेंडिंग जोन से लेकर नो वेंडिंग जोन का निर्धारण करेगी। बाकी पैसो का  अनाप शनाप खर्च ( जिसके बारे में नगर निगम और डूडा दोनों ही आरटीआई के तहत भी जवाब नहीं दे रहे है) किया गया है। पथ विक्रेता समिति सदस्य (TVC ) बतौर लंका फेरी पटरी समिति की ओर से चिंतामणि सेठ लगातार इस काम में धांधली का अंदेशा जता रहे थे बाकी उनकी सुनी नहीं गयी। सरकार बदली और पूर्व में हुए सर्वे और सभी कवायदों को ताक पर रखते हुए पुलिस भेज कर लाठी के जोर पर बाजारों को साफ़ करवाया जाने लगा। नगर विकास मंत्री,  मंडलायुक्त , जिलाधिकारी, पुलिस कप्तान से लेकर नगर निगम आदि सभी सम्भव दरवाजो पर एडिया रगड़ के पथ विक्रेता तंग आ चुके है और पिछले 23 मार्च से लँका पर दुकाने बंद होने की वजह से सपरिवार बी भुखमरी के कगार पर है और इन वजहों से सिवाय आंदोलन के कोई विकल्प शेष नहीं है और यह घेराव उसी प्रतिरोध दर्ज करने की , अपना   आक्रोश व्यक्त करने की एक जुगत मात्र है। पूर्वसूचना के साथ पंहुचे पटरी व्यवसाइयों के पास नगर आयुक्त स्वयं मिलने नहीं आए और अचानक से बीच सभा में अपने कार्यालय से निकले और बिना बात किए ही जाने को हुए तो मुख्यद्वार फेरी पटरी दुकानदारों द्वारा जाम किए जाने से खफा भी हो गए और फिर लगातार वेंडर कानून लागू करो ! हम अपना अधिकार माँगते नहीं किसी से भीख माँगते ! आवाज़ दो ! हम एक है !!  और लड़ेंगे जीतेंगे के नारो के बीच कार से निकलकर धरना स्थल पर आए और ज्ञापन लिया। प्रतिवादी स्वर की उग्रता भाप कर हम सब के बीच आये,लेकिन तेवर वही था । पटरी दुकानदारों , साझा संस्कृति मञ्च के समाजसंघर्ष कर्मियों और बीएचयू छात्रों के तेवर को देख बातचीत के स्तर पर आए और जटिल व्यवस्था का हवाला देकर नगर आयुक्त जी कहे की ” पटरी दुकानदारों को हटाने में नगर निगम की कोई भूमिका नहीं है और न ही हम लोगो से कोई सलाह भी लिया गया है।  घेराव कर रहे लोगो में आस्चर्य था की शहर के संचलन को मुख्य जिम्मेदार संस्था नगर निगम से बिना बात किए इतना बड़ा अतिक्रमण हटाओ अभियान और वेंडरों का उत्पीड़न एक केंद्रीय कानून को ताक कर शहर में कैसे चल रहा है ? डीएम मंडलायुक्त के साथ महत्वपूर्ण बैठक का हवाला देते हुए जाने की अनुमति चाहे साथ ही मण्डलायुक्त,जिलाधिकारी और अन्य अधिकारियो से समस्या समाधान की बात कर कल तक सूचित करने की बात कही ।

नगर आयुक्त के आश्वाशन पर आंदोलन /घेराव एक दिन के लिए स्थगित कर दिया गया। लेकिन वेंडरों के बीच सवाल वैसे ही पड़ा हुआ रहा की 2014 के कानून पर अमल क्यों नहीं हुआ आज तक और गत 23 मार्च सेलँका पर जो पटरी व्यवसायी गैर क़ानूनी प्रशासनिक गुंडई से हटाए गए है उनका पेट कैसे भरेगा उनकी रोजी रोटी कैसे चलेगी ?
घेराव व जनसभा में मुख्य रूप से चिंतामणि सेठ,सोनू सोनकर पार्षद ,एस पी राय, डॉ.आनन्द प्रकाश तिवारी,संजीव सिंह,धनन्जय त्रिपाठी,प्रेम सोनकर,अनूप श्रमिक,दिवाकर,विनय सिंह , रामजन्म, राजेश्वरी देवी, मुन्नी , बसंत , रिंकू सेठ, बाबू सोनकर ,सूरज ,राजेश, रेशमी,हीरावती रामजी अदि शामिल थे ।

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मुख्यमंत्री ने राज्य में हवाई कनेक्टिविटी को बढ़ावा देने और इसके माध्यम से विभिन्न स्थानों को आपस में जोड़े जाने के निर्देश दिये

Posted on 21 April 2017 by admin

  • मुख्य पर्यटक स्थलों को हेलीकाॅप्टर सेवा से जोड़ा जाए
  • बौद्ध परिपथ के अन्तर्गत आने वाले जनपदों तथा तीर्थ स्थलों को आपस में हवाई सेवा से जोड़ा जाए
  • प्रमुख पर्यटन स्थलों लखनऊ, मथुरा, वृन्दावन, अयोध्या, प्रयाग, विंध्याचल, नैमिषारण्य, चित्रकूट, कुशीनगर और वाराणसी आदि को हेलीकाॅप्टर के जरिये जोड़े जाने की कार्यवाही जल्द से जल्द की जाए
  • मुख्यमंत्री ने नागरिक उड्डयन विभाग की विभिन्न परियोजनाओं की प्रगति की समीक्षा की
  • रीजनल कनेक्टिविटी स्कीम के तहत अधिकाधिक हवाई पट्टियों को आपस में जोड़ा जाए
  • एविएशन सम्बन्धी बुनियादी ढांचे के विकास और एविएशन के सम्बन्ध में शिक्षा प्रदान करने की योजनाएं बनायी जाएं
  • मुख्यमंत्री के समक्ष नागरिक उड्डयन विभाग का प्रस्तुतिकरण
उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री श्री योगी आदित्यनाथ ने राज्य में हवाई कनेक्टिविटी को बढ़ावा देने और इसके माध्यम से विभिन्न स्थानों को आपस में जोड़े जाने के निर्देश दिये हैं। उन्होंने कहा है कि मुख्य पर्यटक स्थलों को हेलीकाॅप्टर सेवा से जोड़ा जाए। साथ ही, बौद्ध परिपथ के अन्तर्गत आने वाले जनपदों तथा तीर्थ स्थलों को आपस में हवाई सेवा से जोड़ा जाए।
मुख्यमंत्री ने यह निर्देश आज यहां शास्त्री भवन में नागरिक उड्डयन विभाग के प्रस्तुतिकरण के अवसर पर दिये। उन्होंने कहा कि प्रदेश में राजकीय हवाई पट्टियों की सुविधाओं और रख-रखाव पर विशेष ध्यान दिया जाए। नये एयरपोर्ट की सम्भावनाओं को तलाशा जाए। साथ ही, प्रमुख पर्यटन स्थलों-लखनऊ, मथुरा, वृन्दावन, अयोध्या, प्रयाग, विन्ध्याचल, नैमिषारण्य, चित्रकूट, कुशीनगर और वाराणसी आदि को हेलीकाॅप्टर के जरिये जोड़े जाने की कार्यवाही जल्द से जल्द की जाए। इसके लिए हेलीकाॅप्टर सेवा प्रदाता से बातचीत की जाए। पश्चिमी उत्तर प्रदेश के जेवर में नये एयरपोर्ट को विकसित किये जाने की योजना है। इस पर भी त्वरित कार्यवाही की जाए। रीजनल कनेक्टिविटी स्कीम के तहत अधिकाधिक हवाई पट्टियों को आपस में जोड़ा जाए। साथ ही, एयरपोट्र्स के विकास व निर्माण सम्बन्धी कार्यवाही भी समयबद्ध तरीके से की जाए।
मुख्यमंत्री ने नागरिक उड्डयन विभाग की विभिन्न परियोजनाओं की प्रगति की भी समीक्षा की, जिसमें कुशीनगर में अन्तर्राष्ट्रीय स्तर के एयरपोर्ट का निर्माण, चित्रकूट स्थित हवाई पट्टी का विस्तारीकरण, कानपुर देहात में नई हवाई पट्टी का निर्माण, इलाहाबाद, आगरा व कानपुर नगर व बरेली में सिविल इंक्लेव के लिए भूमि क्रय प्रमुख हैं। उन्होंने इन परियोजनाओं को तेजी के साथ समयबद्ध ढंग से पूरा किये जाने के निर्देश दिये।
श्री योगी ने कहा कि हवाई सेवा की सुविधा से विकास को गति मिलती है और पर्यटकों की संख्या में बढ़ोत्तरी होती है। इससे अर्थव्यवस्था को सुदृढ़ करने में बल मिलता है। एविएशन सम्बन्धी बुनियादी ढांचे के विकास और एविएशन के सम्बन्ध में शिक्षा प्रदान करने की योजनाएं भी बनायी जाएं। नागरिक उड्डयन निदेशालय को पूर्णतः कम्प्यूटराइज्ड किया जाए, जिससे विमानों के परिचालन, प्रबन्धन, नियंत्रण, अनुरक्षण एवं सुरक्षा का कार्य गुणवत्तापरक ढंग से सम्पादित किया जा सके।
इस अवसर पर उप मुख्यमंत्री श्री केशव प्रसाद मौर्य, डाॅ0 दिनेश शर्मा सहित मंत्रिमण्डल के अन्य सदस्य एवं वरिष्ठ अधिकारी मौजूद थे।

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मुख्यमंत्री के नेतृत्व में मंत्रिमण्डल के सदस्यों ने वी0आई0पी0 संस्कृति को खत्म करने के उद्देश्य से राज्य में लाल बत्ती और नीली बत्ती के प्रयोग को पूरी तरह से समाप्त करने का निर्णय लिया

Posted on 21 April 2017 by admin

  • लाल व नीली बत्ती के प्रयोग को समाप्त करने का फैसला तात्कालिक प्रभाव से लागू किया जाएगा
  • राज्य में 21 अप्रैल, 2017 से लाल एवं नीली बत्ती के प्रयोग को समाप्त करने की अपेक्षा की गई है
  • यह फैसला जरूरी सेवाओं जैसे फायर ब्रिगेड, एम्बुलेन्स, आर्मी और पुलिस वाहनों पर लागू नहीं होगा
  • वी0आई0पी0 की सुरक्षा में लगे अतिरिक्त बलों को भी कम करने का निर्णय
  • लाल और नीली बत्ती के प्रयोग को खत्म करके वी0आई0पी0 कल्चर को समाप्त करने की प्रधानमंत्री की पहल पर मुख्यमंत्री ने उन्हें बधाई देते हुए धन्यवाद ज्ञापित किया
उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री श्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में मंत्रिमण्डल के सदस्यों ने वी0आई0पी0 संस्कृति को खत्म करने के उद्देश्य से राज्य में लाल बत्ती और नीली बत्ती के प्रयोग को पूरी तरह से समाप्त करने का निर्णय लिया है। यह निर्णय आज यहाँ शास्त्री भवन में विभिन्न विभागों के प्रस्तुतिकरण कार्यक्रम के बाद लिया गया।
लाल व नीली बत्ती के प्रयोग को समाप्त करने का फैसला तात्कालिक प्रभाव से लागू किया जाएगा। इसके क्रम में राज्य में 21 अप्रैल, 2017 से लाल एवं नीली बत्ती के प्रयोग को समाप्त करने की अपेक्षा की गई है। यह फैसला जरूरी सेवाओं जैसे फायर ब्रिगेड, एम्बुलेन्स, आर्मी और पुलिस वाहनों पर लागू नहीं होगा। इसके साथ ही, वी0आई0पी0 की सुरक्षा में लगे अतिरिक्त बलों को भी कम किये जाने का निर्णय लिया गया है।
लाल और नीली बत्ती के प्रयोग को खत्म करके वी0आई0पी0 कल्चर को समाप्त करने की प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी की पहल पर मुख्यमंत्री ने उन्हें बधाई देते हुए उनके प्रति आभार और धन्यवाद ज्ञापित किया है। उन्होंने कहा है कि प्रधानमंत्री द्वारा लिया गया यह एक जन-उपयोगी और बड़ा फैसला है, जिससे देश में वी0आई0पी0 कल्चर समाप्त होगा और आम लोगों को राहत व सुविधा मिलेगी।

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मुस्लिम वक़्फ एवं हज राज्य मंत्री श्री मोसिन रज़ा ने उ0प्र0शिया वक़्फ बोर्ड कार्यालय का निरीक्षण किया

Posted on 21 April 2017 by admin

कार में पड़ी फाइलों को देखकर एफ0आई0आर0 दर्ज करके कार्यवाही किये जाने के सख्त निर्देश

प्रदेश के मुस्लिम वक़्फ एवं हज राज्य मंत्री श्री मोसिन रज़ा ने  आज इन्दिरा भवन के 8वें तल पर स्थित उ0प्र0शिया वक़्फ बोर्ड कार्यालय का निरीक्षण किया। कार्यालय बन्द पाया गया। कार्यालय के बाहर एक सादे कागज पर मात्र यह लिखा था कि “22 रजब को कार्यालय बन्द रहेगा”, किसकी आज्ञा से, यह नहीं लिखा था। अपराह्न 03.00 बजे माल एवन्यु स्थित उ0प्र0 सुन्नी वक़्फ बोर्ड के कार्यालय का निरीक्षण किया। इस कार्यालय की स्थिति दयनीय दशा में मिली। फाइलों के रख-रखाव का सिस्टम बहुत खराब मिला। कई हजार फाइलें कूड़े के ढ़ेर की तरह जगह-जगह जर्जर हालत में पड़ी हुई थी। आश्चर्यजनक तथ्य यह देखा गया कि कार्यालय कैम्पस के कोने में एक पुरानी कार खराब स्थिति में खड़ी थी पता चला कि यह कार सर्वे वक़्फ आयुक्त कार्यालय की कन्डम एम्बेसडर कार है। कार का दरवाजा व डिक्की खोलकर देखा गया तो उसमें ढे़र सारी फाइलें, कुछ अधजली, कुछ अर्धफटी मिली। ऐसा लगता है कि बोर्ड के बारे में रिकार्ड गायब किये जाने की जो सूचनायें जनता व जनप्रतिनिधियों से मिलती रहीं वे शत-प्रतिशत सही हंै और जिनकी पुष्टि होती है। कार में छिपाई गयी फाइलों से इस सन्देह की पुष्टि होती है कि बोर्ड में घोटाले किये गये हैं। कार में पड़ी फाइलों को सी0ओ0 हजरतगंज को मौके पर बुलाकर कस्टडी में लेने व एफ0आई0आर0 दर्ज कराने तथा आवश्यक कार्यवाही किये जाने के निर्देश दिये गये हैं।
श्री रज़ा ने कर्मचारियों के वेतन दिलाये जाने की मौखिक माँग पर ग्रान्ट/अनुदान दिलाये जाने के लिए मा0 मुख्यमंत्री जी से बात कर समस्या का हल निकालने का आश्वासन कर्मचारियों को दिया गया है। यह भी कहा गया कि जो निष्ठा से काम कर रहे है उन्हें घबराने की कोई आवश्यकता नहीं है।

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बुन्देलखण्ड क्षेत्र के विकास के लिए राज्य सरकार प्रतिबद्ध: मुख्यमंत्री

Posted on 21 April 2017 by admin

6-लेन एक्सप्रेस-वे के माध्यम से बुन्देलखण्ड क्षेत्र को दिल्ली से जोड़ा जाएगा
जल संरक्षण के कार्यांे को अभियान के रूप में चलाया जाए
बीपीएल लाभार्थियों को शिविर लगाकर निःशुल्क विद्युत संयोजन दिया जाए
निर्माणाधीन पेयजल परियोजनाओं को प्रत्येक दशा में माह अप्रैल 2017 में पूर्ण करने के निर्देश
विगत तीन वर्षों में झांसी एवं चित्रकूटधाम मण्डल में खोदे गए तालाबों का सत्यापन कराया जाए
लोक कल्याण का अर्थ-परिवार, जाति का कल्याण नहीं, बल्कि बिना भेदभाव के सर्वसमाज का कल्याण है: मुख्यमंत्री
गरीब का खाद्यान्न बाजार में बिकता मिला तो संज्ञेय अपराध मानते हुए बर्खास्तगी होगी
राज्य सरकार भ्रष्टाचार, अराजकता, समाज विरोधी एवं राष्ट्र विरोधी तत्वों से सख्ती से निपटेगी
किसानों के गेहूं मूल्य का भुगतान आर0टी0जी0एस0 के माध्यम से अतिशीघ्र कर दिया जाए
चिकित्सकों को ओ0पी0डी0 में बैठने तथा जेनेरिक दवाएं लिखने के निर्देश
प्राथमिक एवं सामुदायिक स्वास्थ्य केन्द्रों पर तैनात चिकित्सकांे की फोटो और मोबाइल नम्बर स्वास्थ्य केन्द्र पर चस्पा किया जाए
अध्यापकों की तैनाती मानक के अनुसार की जाए
सार्वजनिक भूमि एवं सड़क को अतिक्रमणमुक्त कराया जाए, पुनः अतिक्रमण होने पर सम्बन्धित थानाध्यक्ष जिम्मेदार होंगे
मुख्यमंत्री का झांसी भ्रमण
उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री श्री योगी आदित्यनाथ ने कहा है कि लोक कल्याण का अर्थ-परिवार, जाति का कल्याण नहीं, बल्कि बिना भेदभाव के सर्वसमाज का कल्याण है। यही वास्तविक लोकतंत्र है। ऐसे लोकतंत्र की स्थापना के लिए राज्य सरकार कृतसंकल्प है। प्रदेश सरकार ऐसी जनकल्याणकारी योजनाएं संचालित करेगी कि कोई गरीब भूख से अथवा इलाज के अभाव में दम नहीं तोड़ेगा। पैसे के अभाव में किसी कन्या की शादी नहीं रुकेगी न ही कोई बच्चा शिक्षा से वंचित रहेगा। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार भ्रष्टाचार, अराजकता, समाज विरोधी एवं राष्ट्र विरोधी तत्वों से सख्ती से निपटेगी।
मुख्यमंत्री आज जनपद झांसी भ्रमण के दौरान पैरामेडिकल काॅलेज में जनप्रतिनिधियों एवं पार्टी पदाधिकारियों को सम्बोधित कर रहे थे। उन्होंने कहा कि बुन्देलखण्ड के विकास के लिए राज्य सरकार प्रतिबद्ध है। बुन्देलखण्ड क्षेत्र के तीव्र विकास के लिए बुन्देलखण्ड को एक 6-लेन एक्सप्रेस-वे के माध्यम से दिल्ली से जोड़ा जाएगा। इससे बुन्देलखण्ड में उद्योगों की स्थापना की शुरुआत होगी। आने वाले वर्षों में नौजवानों को स्थानीय स्तर पर रोजगार की उपलब्धता से पलायन रुकेगा।
इससे पूर्व, मुख्यमंत्री ने झांसी एवं चित्रकूटधाम मण्डल की कानून व्यवस्था एवं विकास कार्यों की समीक्षा करते हुए निर्देश दिए कि सम्पूर्ण बुन्देलखण्ड क्षेत्र में किसी भी दशा में पेयजल की समस्या नहीं होनी चाहिए। निर्माणाधीन पेयजल परियोजनाओं को प्रत्येक दशा में माह अप्रैल 2017 में पूरा कर लिया जाए। नये हैण्डपम्प और रीबोर हैण्डपम्प को अतिशीध्र ठीक कराने के निर्देश देते हुए उन्हांेंने कहा कि आंशिक दोष के कारण बंद पाइप पेयजल परियोजनाओं को शीघ्रातिशीघ्र ठीक करा लिया जाए। मुख्यमंत्री ने कहा कि ऐसे ग्रामों को चिन्हित कर लिया जाए, जहां टैंकर द्वारा पानी आपूर्ति की जानी है।
श्री योगी ने कूप गहरीकरण, नये कूप के कार्यों को मनरेगा द्वारा कराए जाने के निर्देश देते हुए कहा कि अधिक से अधिक कार्य मनरेगा के माध्यम से कराया जाए। जल संरक्षण के कार्यांे को अभियान के रूप में चलाया जाए। ज्यादा से ज्यादा तालाब खुदवाए जाएं, इनमें जनसहभागिता सुनिश्चित की जाए। विगत तीन वर्षों में झांसी एवं चित्रकूटधाम मण्डल में खोदे गए तालाबों का टीम गठित कर सत्यापन करा लिया जाए। अपूर्ण कार्यों को प्रत्येक दशा में बरसात के पहले पूर्ण करा लिया जाए। उन्हांेने हैण्डपम्प से निकलने वाले व्यर्थ पानी को भी रोके जाने के निर्देश देते हुए कहा कि ग्रामीण स्तर पर अधिकारी जल संरक्षण हेतु जागरूकता कार्यक्रम कराएं।
मुख्यमंत्री ने विद्युत विभाग की समीक्षा करते हुए विद्युत चोरी रोके जाने हेतु एक अभियान चलाए जाने तथा लाइन हानि रोकने के लिए कार्य योजना तैयार करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि बीपीएल लाभार्थियों को शिविर लगाकर निःशुल्क विद्युत संयोजन दिया जाए। उन्होंने सरचार्ज को माफ करते हुए एकमुश्त बिजली का बिल जमा करने का भी अभियान चलाने के साथ हर घर को बिजली उपलब्ध कराने के भी निर्देश दिए।
श्री योगी ने मण्डियों को व्यवस्थित करने और समस्त सुविधाओं से पूर्ण कराने तथा मण्डियों में कर चोरी को सख्ती से रोके जाने के भी निर्देश दिए। उन्हांेने कहा कि मण्डियों में स्थापित सभी गेहूं क्रय केन्द्रों को क्रियाशील किया जाए तथा किसानों को उनके गेहूं के मूल्य का भुगतान आर0टी0जी0एस0 के माध्यम से अतिशीघ्र कर दिया जाए। खाद्य विभाग की समीक्षा करते हुए उन्हांेंने खाद्यान्न की काला बाजारी को सख्ती रोके जाने तथा इसमें संलिप्त अधिकारियों एवं कर्मचारियों के विरुद्ध सख्त से सख्त कार्यवाही करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि हर पात्र व्यक्ति को योजना का लाभ मिलना चाहिए। उन्होंने अधिकारियों को सचेत करते हुए कहा कि गरीब का खाद्यान्न बाजार में बिकता मिला तो संज्ञेय अपराध मानते हुए बर्खास्तगी होगी। आने वाले दिनों में हर जिले का दौरा होगा।
मुख्यमंत्री ने बुन्देलखण्ड क्षेत्र में स्वास्थ्य सेवाओं को और मजबूत किए जाने पर बल देते हुए प्राथमिक स्वास्थ्य केन्द्र एवं सामुदायिक स्वास्थ्य केन्द्रांे पर चिकित्सकों की उपस्थिति सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। उन्हांेंने कहा कि उपलब्ध चिकित्सकों की ड्यूटी रोस्टर के अनुसार लगाई जाए, उनकी उपस्थिति सुनिश्चित की जाए, जिससे अधिक से अधिक गरीबों का इलाज किया जा सके। उन्होंने चिकित्सकों को ओ0पी0डी0 में बैठने तथा जेनेरिक दवाएं लिखने के निर्देश देते हुए कहा कि सभी प्राथमिक स्वास्थ्य केन्द्र एवं सामुदायिक स्वास्थ्य केन्द्रों पर तैनात चिकित्सकांे की फोटो और मोबाइल नम्बर केन्द्र पर चस्पा किया जाए, ताकि तीमारदारों को चिकित्सक की उपस्थिति की जानकारी हो सके।
श्री योगी ने शिक्षा की गुणवत्ता को बढ़ाने के निर्देश देते हुए कहा कि ऐसे विद्यालयों को चिन्हित किया जाए, जहां बच्चे कम और अध्यापक अधिक हैं। अध्यापकों की तैनाती मानक के अनुसार की जाए। इस वर्ष बच्चो को यूनिफार्म, जूते, मोजे और बैग भी दिए जाएंगे। उन्होंने मिड-डे मील को गुणवत्ता के साथ लागू करने के निर्देश दिए।
मुख्यमंत्री ने झांसी एवं चित्रकूटधाम मण्डलों की कानून व्यवस्था की स्थिति की समीक्षा करते हुए कहा कि अपराधियों को किसी भी दशा में बख्शा नहीं जाएगा। पेशेवर अपराधियों, तस्करों, भू-माफियाओं के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाए। सार्वजनिक भूमि एवं सड़क को अतिक्रमणमुक्त कराया जाए, पुनः अतिक्रमण होने पर सम्बन्धित थानाध्यक्ष जिम्मेदार होंगे। उन्होंने कहा कि शिकायतों पर निष्पक्ष कार्रवाई होनी चाहिए। शासन द्वारा अनुमन्य सुविधाएं जनता तक पहुंचनी चाहिए।
मुख्यमंत्री ने जिला चिकित्सालय का भी निरीक्षण किया। उन्होंने ओ0पी0डी0 आकस्मिक सेवाकक्ष, सीटी स्कैन कक्ष, रेडियोलाॅजिस्ट कक्ष, एकीकृत परामर्श एवं परीक्षण केन्द्र, हृदयरोग केन्द्र, महिला सर्जिकल वार्ड आदि का बारीकी से निरीक्षण किया। मरीजों से मिले, उनका हालचाल पूछा तथा दवाइयों आदि की भी जानकारी ली। श्री योगी ने नवीन गल्ला मण्डी का भी निरीक्षण किया एवं गेहूं क्रय केन्द्र की व्यवस्था देखी। उन्होंने किसानों से बातचीत कर गेहूं क्रय के सम्बन्ध में भी आवश्यक जानकारी ली। टाकोरी ब्लाॅक बड़ागांव में अपने निरीक्षण के दौरान मुख्यमंत्री ने मनरेगा योजना से जल संरक्षण अन्तर्गत तालाब निर्माण कार्य को देखा। वहीं पूर्व माध्यमिक विद्यालय टाकोरी ब्लाॅक बड़ागांव में बच्चों से पढ़ाई, किताब, शिक्षा, मिड-डे मील आदि की भी जानकारी ली।
भ्रमण के दौरान मुख्यमंत्री के साथ सिंचाई मंत्री श्री धर्मपाल सिंह, परिवहन राज्यमंत्री (स्वतंत्र प्रभार) श्री स्वतंत्रदेव सिंह, ग्राम्य विकास राज्यमंत्री (स्वतंत्र प्रभार) श्री महेन्द्र सिंह सहित अन्य जनप्रतिनिधिगण, शासन-प्रशासन के वरिष्ठ अधिकारी मौजूद थे।

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जनसामान्य को पारदर्शी एवं भ्रष्टाचार मुक्त व्यवस्था के साथ-साथ विभागीय सेवाएं उपलब्ध हों: नंदी

Posted on 21 April 2017 by admin

राजस्व प्राप्तियां बढ़ाने के उपाय सुनिश्चित किए जाएं

सहायक महानिरीक्षक निबंधन, अमेठी एवं उप महानिरीक्षक
निबंधन, आगरा व बस्ती को निलम्बित करने के निर्देश

स्टाम्प एवं रजिस्टेªशन मंत्री ने विभागीय समीक्षा की
प्रदेश के स्टाम्प एवं रजिस्टेªशन मंत्री श्री नन्द गोपाल गुप्ता नंदी ने कहा कि आम जन को पारदर्शी एवं भ्रष्टाचार मुक्त व्यवस्था के साथ-साथ न्यूनतम समय में विभागीय सेवाएं उपलब्ध कराई जाएं। उन्हांेंने कहा कि प्रत्येक स्तर पर कार्यालयों में आधुनिक कार्य प्रणाली अपनायी जाए। विभाग द्वारा अधिक से अधिक राजस्व प्राप्ति को बढ़ाने के उपाय सुनिश्चित किए जाएं और बिना किसी जांच-पड़ताल के भूमि की रजिस्ट्री तथा एक ही भूमि की रजिस्ट्री बार-बार किए जाने की घटनाओं को रोके जाने के लिए प्रभावी कार्यवाही की जाए।
श्री नंदी ने यह विचार आज यहां आई0जी0 कैम्प कार्यालय, गोमतीनगर, लखनऊ में विभागीय समीक्षा के दौरान व्यक्त किए। उन्होंने अधिकारियों को निर्देशित किया कि सभी विवाहों के पंजीकरण सुनिश्चित किए जाएं। उन्होंने कहा कि संरक्षित विलेखों की स्कैनिंग, इण्डेक्सिंग तथा आॅनलाइन उपलब्धता जनसामान्य को मुहैया कराई जाए।
स्टाम्प एवं रजिस्टेªशन मंत्री ने कहा कि कार्यालयों में अधिकारी तकनीकी रूप से दक्षता हासिल करें। उन्होंने कहा कि राजस्व प्राप्तियों के लक्ष्य में हो रही कमी को गम्भीरता से लिया जाए। माह मार्च, 2017 में राजस्व लक्ष्य 1520 करोड़ रुपए का था, जिसके सापेक्ष 1124.85 करोड़ रुपए की प्राप्ति हुई। उन्होंने कहा कि राजस्व बढ़ाने के लिए अधिकारी मण्डल, जिला व तहसील स्तर पर साप्ताहिक समीक्षा करें और शत्-प्रतिशत लक्ष्य प्राप्त करें। उन्होंने स्टाम्प वाद शीघ्रता व गुणवत्तापरक रूप से निपटाने व एक माह में सारे वाद, विभागीय पोर्टल पर अपलोड करने के निर्देश भी दिए।
श्री नंदी ने कार्याें में लापरवाही बतरने वाले सहायक महानिरीक्षक निबंधन, वाराणसी को चेतावनी देने तथा विभाग के पोर्टल तथा मासिक लक्ष्य की जानकारी न होने के अभाव में सहायक महानिरीक्षक निबंधन, अमेठी एवं उप महानिरीक्षक निबंधन, आगरा व बस्ती को निलम्बित करने के निर्देश दिए।
इस अवसर पर प्रमुख सचिव स्टाम्प एवं रजिस्टेªशन श्री अनिल कुमार, महानिरीक्षक सुश्री कामिनी चैहान रतन एवं अधिकारी मौजूद थे।

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