Archive | April 13th, 2017

मुख्यमंत्री ने जनता की समस्याएं सुनीं प्रार्थना पत्रों पर शीघ्रता से कार्रवाई करने के निर्देश

Posted on 13 April 2017 by admin

उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री श्री योगी आदित्यनाथ ने प्रतिदिन की भांति आज भी अपने सरकारी आवास पर बड़ी संख्या मंे आए लोगों की समस्याएं सुनीं। उन्होंने अधिकारियों को जनता के प्रार्थना पत्रों पर शीघ्रता से कार्रवाई करने के निर्देश दिए।

इस मौके पर जनपद वाराणसी के श्री श्याम बिहारी चैबे ने पेंशन सम्बन्धी अपनी समस्या से मुख्यमंत्री को अवगत कराया। लखनऊ के श्री सुमित यादव ने अपनी जमीन पर अवैध कब्जे के बारे में जानकारी देते हुए मुख्यमंत्री से समस्या का समाधान कराने का अनुरोध किया। इसी प्रकार फर्रूखाबाद जनपद की श्रीमती विभा वाजपेयी ने भी अपनी समस्या के निदान के लिए श्री योगी से आग्रह किया। मुख्यमंत्री ने मिलने आए सभी लोगों की दिक्कतों को सहानुभूतिपूर्वक सुना और अधिकारियों को मामलों में त्वरित कार्रवाई करने के निर्देश दिए।

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राज्य सरकार का लक्ष्य प्रदेशवासियों को उत्कृष्ट एवं प्रभावी स्वास्थ्य सेवाएं उपलब्ध कराना: मुख्यमंत्री

Posted on 13 April 2017 by admin

यह सेवाएं दूरदराज के क्षेत्रों में हर हाल में पहुंचें यह सुनिश्चित किया जाएगा


जिला चिकित्सालयों सहित प्रदेश की सम्पूर्ण
स्वास्थ्य सेवाओं में अत्यधिक सुधार की आवश्यकता

केन्द्र सरकार द्वारा विगत 2 वर्षाें से यह एम्बुलेंस उपलब्ध
करायी जा रही थीं, परन्तु पिछली राज्य सरकार ने इसे अस्वीकार करते हुए
राज्य की जनता को इस महत्वपूर्ण जीवन रक्षक प्रणाली से वंचित रखा

भारत का ढांचा फेडरल है, केन्द्र एवं राज्य की सरकारों को आपस में समन्वय स्थापित करने के साथ-साथ सहयोग करते हुए चलना चाहिए: योगी आदित्यनाथ

राज्य सरकार कर्जमाफी का बोझ जनता पर नहीं डालेगी: मुख्यमंत्री

मुख्यमंत्री ने ‘एडवांस लाइफ सपोर्ट एम्बुलेंस सेवा’
के तहत 150 एम्बुलेंस को झण्डी दिखाकर रवाना किया

यह सभी एम्बुलेंस जीवन रक्षक उपकरणों से सुसज्जित

यह एम्बुलेंस मरीज के ‘गोल्डेन आवर’ के लिए महत्वपूर्ण: मुख्यमंत्री

हम टेक्नोलाॅजी का बेहतर उपयोग स्वास्थ सेवाएं उपलब्ध
कराने में करेंगे: चिकित्सा एवं स्वास्थ्य मंत्री
press-6उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री श्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि राज्य सरकार का लक्ष्य प्रदेशवासियों को उत्कृष्ट एवं प्रभावी स्वास्थ्य सेवाएं उपलब्ध कराना है। उन्होंने कहा कि यह सेवाएं दूरदराज के क्षेत्रों में हर हाल में पहुंचें यह सुनिश्चित किया जाएगा। उन्होंने कहा कि जिला चिकित्सालयों सहित प्रदेश की सम्पूर्ण स्वास्थ्य सेवाओं में अत्यधिक सुधार की आवश्यकता है। राज्य सरकार इस पर लगातार प्रयास कर रही है।
मुख्यमंत्री ने यह विचार आज अपने सरकारी आवास पर ‘एडवांस लाइफ सपोर्ट एम्बुलेंस सेवा’ के शुभारम्भ के अवसर पर आयोजित कार्यक्रम को सम्बोधित करते हुए व्यक्त किये। उन्होंने कहा कि आज बैसाखी के दिन यह सेवा शुरू हो रही है, इस बात की उन्हें खुशी है। उन्होंने कहा कि केन्द्र सरकार द्वारा विगत 2 वर्षाें से यह एम्बुलेंस उपलब्ध करायी जा रही थीं, परन्तु पिछली राज्य सरकार ने इसे अस्वीकार करते हुए राज्य की जनता को इस महत्वपूर्ण जीवन रक्षक प्रणाली से वंचित रखा। उन्होंने कहा कि जिस राज्य में स्वास्थ्य सेवाओं की कमी हो और वहां की सरकार केन्द्र द्वारा स्वास्थ्य सेवाओं के लिए उपलब्ध करायी जा रही सहायता को ठुकरा रही हो तो वह कैसी सरकार है और क्या वह जनता का हित चाहती है।
श्री योगी ने कहा कि भारत का ढांचा फेडरल है। ऐसे में केन्द्र एवं राज्य की सरकारों को आपस में समन्वय स्थापित करने के साथ-साथ सहयोग करते हुए चलना होता है, अन्यथा केन्द्र एवं राज्य की आपसी असहमति में जनता को मुश्किलें होती हैं। उन्होंने कहा कि सत्ता में आने के बाद से ही, राज्य सरकार के मंत्रिगण आपस में नित्यप्रति मिलकर चीजों को ठीक करने के विषय में चर्चा करते रहते हैं, ताकि लोक कल्याण संकल्प-पत्र को अमली जामा पहनाया जा सके।
मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार का लक्ष्य अगले पांच वर्षाें में उत्तर प्रदेश को अग्रणी राज्य बनाने का है, ताकि इसकी ‘बीमारू’ छवि बदल जाए। राज्य सरकार द्वारा किसानों की कर्जमाफी का यह निष्कर्ष निकाला जा रहा है कि सरकार अब जनता पर बोझ डालेगी। ऐसा बिल्कुल नहीं है और इसका इन्तेजाम किया जा चुका है। उन्होंने कहा कि हम अनावश्यक खर्चाें पर रोक लगाते हुए मितव्ययिता के माध्यम से इसकी भरपाई करेंगे।press-31
श्री योगी ने कहा कि आज इस अवसर पर 150 एम्बुलेंसों की शुरुआत की जा रही है। शीघ्र ही 100 अतिरिक्त एम्बुलेंसों को भी इस सेवा में लगाया जाएगा। यह सभी एम्बुलेंस केन्द्र सरकार द्वारा एन0एच0एम0 के तहत उपलब्ध करायी गयी हैं। यह एम्बुलेंस जीवन रक्षक उपकरणों से सुसज्जित हैं। यह एम्बुलेंस गम्भीर मरीजों, ऐसे दुर्घटनाग्रस्त लोगों, जिन्हें तत्काल मदद की आवश्यकता है, के बहुत काम आएगी, क्योंकि ‘गोल्डेन आवर’ अर्थात पहला घण्टा जिसमें यदि इलाज की व्यवस्था हो जाए तो मरीज की जान बच सकती है, के दौरान यह कारगर साबित होगी। सभी एम्बुलेंस जी0पी0एस0 से माॅनीटर होंगी। इस सेवा का संचालन जी0वी0के0-ई0एम0आर0आई0 के माध्यम से किया जाएगा। यह संचालन करने वाली एजेन्सी की जिम्मेदारी होगी कि वह यह सुनिश्चित करे कि इस सेवा के तहत संचालित एम्बुलेंस के सभी उपकरण सुचारु रूप से काम करें, अन्यथा उपकरणों में खराबी पाये जाने पर 10,000 रुपये का दण्ड देय होगा। इस सेवा के तहत संचालित एम्बुलेंसों के सभी कार्याें की लगातार माॅनीटरिंग की जाए। उन्होंने स्वास्थ्य विभाग को इस सेवा के संचालन में लगे कर्मियों के मानदेय के भुगतान समयबद्ध ढंग से सुनिश्चित करने के निर्देश दिये। उन्होंने कहा कि ‘108’ नम्बर की इस सेवा के तहत काॅल करने वाले के पास एम्बुलेंस 15 मिनट के अन्दर पहुंचेगी।
कार्यक्रम को चिकित्सा एवं स्वास्थ्य मंत्री श्री सिद्धार्थनाथ सिंह ने सम्बोधित करते हुए कहा कि राज्य सरकार गरीबों को अच्छी स्वास्थ्य सेवाएं मुहैया कराने के लिए प्रतिबद्ध है। हम टेक्नोलाॅजी का बेहतर उपयोग स्वास्थ सेवाएं उपलब्ध कराने में करेंगे। आज उपलब्ध करायी गयी 150 एम्बुलेंस में से 75 एम्बुलेंस वर्ष 2014-15 के दौरान तथा 75 एम्बुलेंस वर्ष 2015-16 के दौरान एन0एच0एम0 के तहत केन्द्र सरकार ने उपलब्ध करायी थीं, जिनका उपयोग पिछली सरकार ने नहीं किया और प्रदेश की जनता इस महत्वपूर्ण सेवा से वंचित रह गयी। प्रदेश की स्वास्थ्य सेवाओं को बेहतर बनाने के लिए केन्द्र सरकार द्वारा पूरा समर्थन दिया गया है। इस सेवा का उपयोग करते हुए दिल्ली से 200 कि0मी0 के दायरे में किसी मरीज को आवश्यकता पड़ने पर दिल्ली तक भी पहुंचाने की व्यवस्था इसके तहत की गयी है। राज्य सरकार इस बात का पूरा प्रयास करेगी कि राज्य के सभी अस्पताल उच्च कोटि के बनें, जहां मरीजों को बेहतर स्वास्थ्य सेवाएं मिलें, ताकि उन्हें राज्य से बाहर न जाना पड़े।
इससे पूर्व कार्यक्रम का शुभारम्भ मुख्यमंत्री ने दीप प्रज्ज्वलित कर किया। उन्होंने इस सेवा के ड्राइवरों को वाहनों की चाभियां भी मुहैया करवायीं। उन्होंने एक एम्बुलेंस का अवलोकन करने के पश्चात सभी वाहनों को झण्डी दिखाकर रवाना भी किया। उन्होंने अन्तिम एम्बुलेंस के सहायक के कंधे पर हाथ रखकर बधाई दी और सभी कर्मचारियों से ये कामना की कि वे मरीजों के लिए पूरी ईमानदारी व मेहनत से काम करेंगे। इस अवसर पर उप मुख्यमंत्री श्री केशव प्रसाद मौर्य, परिवार कल्याण मंत्री श्रीमती रीता बहुगुणा जोशी, परिवार कल्याण राज्य मंत्री (स्वतंत्र प्रभार) श्रीमती स्वाती सिंह सहित मंत्रिमण्डल के कई अन्य सदस्य तथा वरिष्ठ अधिकारी मौजूद थे।
उल्लेखनीय है कि इस सेवा के तहत कुल 150 एम्बुलंेस का संचालन किया जा रहा है। भविष्य में 100 और एम्बुलेंस को इस सेवा के तहत शामिल किया जाना प्रस्तावित है। वर्तमान में 108 सेवा के अन्तर्गत 1488 बी0एल0एस0 एम्बुलेंस संचालित हैं, जिनका संचालन जी0वी0के0-ई0एम0आर0आई0 के माध्यम से होता है। इनकी संचालन अवधि 05 वर्ष है और इनका इमरजेन्सी रिस्पाॅन्स सेण्टर लखनऊ में स्थापित है। इमरजेन्सी रिस्पाॅन्स सेण्टर में इन्टीग्रेटेड कम्प्यूटर टेक्नोलाॅजी, वाॅयस लोगर सिस्टम की व्यवस्था होगी।
press-4इन एम्बुलेंस में ट्रांसपोर्ट वेंटिलेर, मल्टी पैरा माॅनीटर, डिफिब्रिलंेटर, फीटल डाप्लर जैसे विशिष्ट उपकरण लगाये गये हैं। इसके साथ ही इनमें अति गम्भीर रोगों के उपचार हेतु औषधियांे के साथ-साथ प्रशिक्षित इमरजेन्सी मेडिकल टेक्नीशियन की भी व्यवस्था की गयी है। प्रत्येक एम्बुलेंस वातानुकूलित है और इनमें जी0पी0एस0 की भी व्यवस्था है।
अति गम्भीर रोगियों हेतु एम्बुलेंस का बेस लोकेशन जनपद मुख्यालय होगा। जिले के सी0एम0ओ0/सी0एम0एस0 के संदर्भन पर एम्बुलेंस उपलब्ध करायी जायेगी। 108 पर प्राप्त होने वाली सामान्य जनता की कालों हेतु भी आवश्यकतानुसार ए0एल0एस0 एम्बुलंेस उपलब्ध करायी जायेगी। दिल्ली से 200 किलोमीटर के अन्दर आने वाले जनपदों के मरीजों को दिल्ली के चिकित्सालयों में भेजने की भी व्यवस्था की जाएगी।
सेवा प्रदाता को एम्बुलेंस द्वारा माह में कुल तय की गयी दूरी के आधार पर भुगतान किया जाएगा। तय की गयी दूरी की गणना जी0पी0एस0 के आधार पर की जायेगी। दिन में काॅल प्राप्त होने के 5 मिनट के अन्दर (सुबह 8 से शाम 8) एवं रात्रि में 10 मिनट के अन्दर (शाम 8 से सुबह 8) एम्बुलंेस रवाना कर दी जायेगी। जिला चिकित्सालय के रोगियों को तत्काल एम्बुलंेस उपलब्ध करायी जायेगी।press-5
यदि रोगी को जिला चिकित्सालय के अलावा किसी अन्य स्थान से पिकअप किया जाना है तो शहरी क्षेत्र में 30 मिनट एवं ग्रामीण क्षेत्र 45 मिनट में एम्बुलेंस को रोगी तक पहुंचाया जायेगा। यदि एम्बुलंेस के सामान्य उपकरणांे, औषधियों, कंज्यूमेबल आदि में कमी पायी जाती है तो 1000 रुपए प्रति डिफाल्ट की पैनाल्टी लगायी जायेगी। यदि एयरकन्डीशनर, एडवांस उपकरणों मंे कमी पायी जाती है तो 10,000 रुपए प्रति डिफाल्ट की पैनाल्टी लगायी जायेगी।

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आगामी 21 जून को अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस कार्यक्रम को सफल बनाने हेतु आवश्यक व्यवस्थायें समय से सुनिश्चित करा ली जायें: मुख्य सचिव

Posted on 13 April 2017 by admin

अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस कार्यक्रम में लगभग 50 हजार लोगों के प्रतिभाग करने की सम्भावना को दृष्टिगत रखते हुए रमाबाई मैदान अथवा अन्य उपयुक्त स्थल का चयन करने हेतु स्थलीय निरीक्षण तत्काल कर सम्बंधित वरिष्ठ अधिकारियों को अवगत कराया जाये: राहुल भटनागर

योगार्थियों की सुविधा के लिए शू-बैग, टी-शर्ट, शुद्ध पेयजल हेतु छोटी बिसलरी की बोतलें सहित अन्य आवश्यक सामग्री उपलब्ध कराने हेतु आवश्यक व्यवस्थायें समय से सुनिश्चित करा ली जायें: मुख्य सचिव

अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस कार्यक्रम में भाग लेने हेतु प्रत्येक मण्डल से कम से कम माध्यमिक शिक्षा के 100-100 छात्रों की भागीदारी सुनिश्चित कराने के लिए
मण्डल से लखनऊ लाने एवं भेजने की व्यवस्था भी सुनिश्चित करायें: राहुल भटनागर

योग कार्यक्रम में सीनियर सिटीजन के साथ-साथ कम से कम 400 या 500 दिव्यांग बच्चे एवं आशा आँगनबाड़ी एन0एम0ए0 कार्यकत्रियों को भी भाग लेने हेतु प्रेरित किया जाये: मुख्य सचिव

अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस को सफल बनाने हेतु सेण्ट्रल कण्ट्रोल रूम खोलने के साथ-साथ सम्बंधित विभागों में नोडल अधिकारी तत्काल नामित किये जायें: राहुल भटनागर

अंर्तराष्ट्रीय योग दिवस 21 जून, 2017 के सफल क्रियान्वयन हेतु आगामी 18 एवं 19 जून को रिहर्सल अवश्य करा लिया जाये: मुख्य सचिव

उत्तर प्रदेश के मुख्य सचिव श्री राहुल भटनागर ने निर्देश दिये हैं कि आगामी 21 जून को अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस कार्यक्रम को सफल बनाने हेतु आवश्यक व्यवस्थायें समय से सुनिश्चित करा ली जायें। उन्होंने कहा कि अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस कार्यक्रम में लगभग 50 हजार लोगों के प्रतिभाग करने की सम्भावना को दृष्टिगत रखते हुए रमाबाई मैदान अथवा अन्य उपयुक्त स्थल में आवश्यकतानुसार योग कार्यक्रम सम्पन्न कराने हेतु पर्याप्त स्थान का स्थलीय निरीक्षण तत्काल कर सम्बंधित वरिष्ठ अधिकारियों को अवगत करायें। उन्होंने कहा कि अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस कार्यक्रम में भाग लेने हेतु छात्रों को प्रेरित करने के लिए प्रत्येक मण्डल से कम से कम माध्यमिक शिक्षा के 100-100 छात्रों की भागीदारी सुनिश्चित कराने के लिए मण्डल से लखनऊ लाने एवं भेजने की व्यवस्था भी सुनिश्चित कराई जाये। उन्होंने कहा कि चयनित स्थल पर योग करने वाले लोगों के लिए शुद्ध पेय जल आपूर्ति सुनिश्चित कराने हेतु 500 मिली की बिस्लेरी बोतलें आवश्यकतानुसार पर्याप्त संख्या में उपलब्ध कर्राइं जायें। उन्होंने योगार्थियों की सुविधा के लिए शू-बैग, टी-शर्ट आदि सामग्री उपलब्ध कराने हेतु आवश्यक व्यवस्थायें समय से सुनिश्चित करा ली जायें। उन्होंने कहा कि योग कार्यक्रम में सीनियर सिटीजन के साथ-साथ कम से कम 400 या 500 दिव्यांग बच्चे एवं आशा आँगनबाड़ी एन0एम0ए0 कार्यकत्रियों को भी भाग लेने हेतु प्रेरित किया जाये।
मुख्य सचिव आज शास्त्री भवन स्थिति अपने कार्यालय कक्ष के सभागार में आगामी 21 जून, 2017 को आयोजित होने वाले अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस कार्यक्रम को सफल बनाने हेतु विभागीय अधिकारियों के साथ बैठक कर आवश्यक निर्देश दे रहे थे। उन्होंने कहा कि अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस कार्यक्रम में भारत के मा0 प्रधानमंत्री के भी भाग लेने की पूर्ण सम्भावना है। उन्होंने कहा कि योगार्थियों के वाहनों की पार्किंग हेतु पर्याप्त पार्किंग व्यवस्था भी सुनिश्चित की जानी होगी। उन्होंने कहा कि कार्यक्रम स्थल की आवश्यतानुसार सफाई व्यवस्था सुनिश्चित कराने के लिए पर्याप्त कूड़ेदान भी निश्चित स्थानों पर रखवाना सुनिश्चित किया जाये।
श्री भटनागर ने निर्देश दिये हैं कि अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस को सफल बनाने हेतु सेण्ट्रल कण्ट्रोल रूम खोलने के साथ-साथ सम्बंधित विभागों में नोडल अधिकारी तत्काल नामित कर दिये जायें। उन्होंने कहा कि अंर्तराष्ट्रीय योग दिवस 21 जून, 2017 के सफल क्रियान्वयन हेतु 18 एवं 19 जून, 2017 को रिहर्सल कार्यक्रम भी आयोजित करा लिये जायें, ताकि किसी भी प्रकार की कमी रहने न पाये।
बैठक में अपर मुख्य सचिव चिकित्सा शिक्षा, श्रीमती अनीता भटनागर जैन, भारत सरकार के संयुक्त सचिव आयुष श्री अनुराग श्रीवास्तव सहित अन्य वरिष्ठ अधिकारीगण उपस्थित थे।

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आगामी 24 अप्रैल को उत्तर प्रदेश के लखनऊ में होगा राष्ट्रीय पंचायत दिवस का आयोजन

Posted on 13 April 2017 by admin

  • कार्यक्रम में पंचायत क्षेत्र में विशिष्ट उपलब्धि अर्जित करने वाले लगभग 550 पंचायत जनप्रतिनिधि होंगे सम्मानित
  • राष्ट्रीय पंचायत दिवस में मुख्य अतिथि प्रदेश के मुख्यमंत्री श्री योगी आदित्यनाथ तथा कार्यक्रम की अध्यक्षता भारत सरकार के केन्द्रीय पंचायतीराज, पेयजल एवं स्वच्छता तथा ग्रामीण विकास मंत्री श्री नरेन्द्र सिंह तोमर करेंगे
  • राष्ट्रीय पंचायत दिवस कार्यक्रम में उत्तर प्रदेश के लगभग 2500 तथा अन्य प्रदेशों के 700 व्यक्तियों द्वारा किया जायेगा प्रतिभाग
  • मुख्य सचिव ने बैठक कर विभागीय अधिकारियों को आयोजन को सफल बनाने के लिये दिये कड़े निर्देश

dsc_2865आगामी 24 अप्रैल को राष्ट्रीय पंचायत दिवस के अवसर पर भारत सरकार के निर्देशानुसार उत्तर प्रदेश में राष्ट्रीय स्तर का राष्ट्रीय पंचायत दिवस कार्यक्रम का आयोजन किया जाना है। राष्ट्रीय पंचायत दिवस का कार्यक्रम वर्ष 2010 से प्रारम्भ किया गया था और भारत सरकार के निर्देशानुसार प्रत्येक वर्ष भारत वर्ष के किसी एक प्रदेश में मनाया जाता है। राष्ट्रीय पंचायत दिवस कार्यक्रम में पंचायत सशक्तीकरण के अन्तर्गत उत्कृष्ट कार्य करने वाली त्रिस्तरीय पंचायतों के पदाधिकारियों व अन्य विशिष्ट लगभग 3200 व्यक्तियों द्वारा प्रतिभाग किया जायेगा, जिसमें उत्तर प्रदेश के लगभग 2500 तथा अन्य प्रदेशों के 700 व्यक्तियों द्वारा प्रतिभाग किया जायेगा।
राष्ट्रीय पंचायत दिवस कार्यक्रम के मुख्य अतिथि प्रदेश के मुख्यमंत्री श्री योगी आदित्यनाथ तथा कार्यक्रम की अध्यक्षता भारत सरकार के केन्द्रीय पंचायतीराज, पेयजल एवं स्वच्छता तथा ग्रामीण विकास मंत्री श्री नरेन्द्र सिंह तोमर करेंगे। कार्यक्रम में पंचायत क्षेत्र में विशिष्ट उपलब्धि अर्जित करने वाले लगभग 550 पंचायत जनप्रतिनिधियों को सम्मानित किया जायेगा।
उत्तर प्रदेश के मुख्य सचिव श्री राहुल भटनागर आज शास्त्री भवन स्थित अपने कार्यालय कक्ष के सभागार में आगामी 24 अप्रैल को आयोजित होने वाले राष्ट्रीय पंचायत दिवस के सफल क्रियान्वयन हेतु विभागीय अधिकारियों की बैठक कर आवश्यक निर्देश दे रहे थे। उन्होंने कहा कि राष्ट्रीय पंचायत दिवस कार्यक्रम में समाचार पत्रिका ‘ग्रामोदय संकल्प’ का लोकार्पण, पंचायती राज मंत्रालय के यू-ट्यूब चैनल का शुभारम्भ एवं क्षमता निर्माण के लिये प्रमाण पत्र पाठ्यक्रम का शुभारम्भ कराया जायेगा। उन्होंने स्वास्थ्य, परिवहन, सूचना एवं अन्य सम्बन्धित विभागों के अधिकारियों को निर्देश दिये कि राष्ट्रीय पंचायत दिवस के अवसर पर डाॅ0 राम मनोहर लोहिया विधि विश्वविद्यालय, आशियाना, लखनऊ में आयोजित कार्यक्रम में अपने विभाग से सम्बन्धित तैयारियों सम्बन्धी आवश्यक कार्यवाहियां सुनिश्चित करा ली जायें, ताकि कार्यक्रम को सफल बनाने में किसी भी प्रकार की बाधा न आने पाये।
कार्यक्रम में ग्रामोदय संकल्प के मोबाइल एप को लांच कराने के साथ-साथ पंचायतों में अच्छे कार्यों का संकलन एवं यू0एन0डी0पी0 की दो पुस्तकों का विमोचन भी प्रस्तावित है।
बैठक में अपर मुख्य सचिव पंचायतीराज श्री चंचल कुमार तिवारी, सचिव पंचायती राज श्री अमित गुप्ता, निदेशक पंचायतीराज श्री महेन्द्र कुमार सहित अन्य वरिष्ठ अधिकारीगण उपस्थित थे।

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सामने आने लगे पूर्ववर्ती अखिलेश यादव सरकार के कारनामे - डा0 चन्द्रमोहन

Posted on 13 April 2017 by admin

प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री और समाजवादी पार्टी (सपा) के राष्ट्रीय अध्यक्ष श्री अखिलेश यादव अभी भी विधानसभा चुनाव में अपनी पार्टी की बुरी हार को स्वीकार नहीं कर पाए हैं। श्री यादव लगातार अपने बयानों से प्रदेश की सम्मानित जनता का अपमान कर रहे हैं। श्री यादव का बार-बार यह कहना कि प्रदेश की भारतीय जनता पार्टी बीजेपी सरकार जनता को बहका रही है, उनकी अस्वस्थ मानसिक स्थिति ही प्रदर्शित कर रही है।
प्रदेश पार्टी मुख्यालय में पत्रकारों से चर्चा करते हुए प्रदेश पार्टी प्रवक्ता डाॅ0 चन्द्रमोहन ने कहा कि प्रदेश की पूज्जनीय जनता बेहद जागरूक और समझदार है। इन्हें कोई भी बहका नहीं सकता है। विधानसभा चुनाव में श्री अखिलेश यादव ने ‘काम बोलता है’ जैस हास्यास्पद नारे के जरिए प्रदेश की जनता को धोखा देने की कोशिश की थी जिसका नतीजा उनके सामने है। प्रदेश की जनता का सम्मान करने की बजाय श्री अखिलेश यादव जी बार-बार प्रदेश की जनता को केंद्र में रखकर अनर्गल बातें कह रहे हैं।
प्रदेश प्रवक्ता डाॅ0 चन्द्रमोहन ने बताया कि असल में जनता के सामने श्री अखिलेश यादव के नेतृत्व वाली पूर्ववर्ती सपा सरकार के कारनामों की पोल खुल रही है। रोज इनकी सरकार के कारनामे सामने आ रहे हैं। इससे घबरा कर श्री अखिलेश यादव ध्यान बंटाने के लिए इधर-उधर की बातें कर रहे हैं। पूर्ववर्ती सपा सरकार की कोई ऐसी योजना नहीं है जिसमें जमकर भ्रष्टाचार और जनता की गाढ़ी कमाई की लूट न हुई हो।
प्रदेश प्रवक्ता ने कहा कि लखनऊ में रिवर फ्रंट डेवलेपमेंट प्रोजेक्ट, जय प्रकाश नारायण इंटरनेशनल कम्युनिटी सेंटर, हुसैनाबाद के सुंदरीकरण समेत सभी प्रोजेक्ट के जरिए सरकारी धन की जमकर लूट हुई है। इस धन से सपा सरकार के नेताओं और माफियाओं ने अपनी तिजोरियां भरी हैं।
प्रदेश में आदरणीय श्री योगी आदित्यनाथ जी की सरकार बनने के बाद जिस तरह से एक-एक करके निर्माण प्रोजेक्ट में भ्रष्टाचार उजागर हो रहा है उससे सपा के शीर्ष नेता घबरा गए हैं। जनेश्वर मिश्र में 40 करोड़ रुपए का काम 400 करोड़ में कराया गया। दस गुना दाम पर पत्थर खरीदे गए। राष्ट्रध्वज के नाम पर भी लूट की गई। अब प्रदेश की बीजेपी सरकार में पोल खुलने के डर से सपा के नेता अनर्गल बयानबाजी करके एक बार फिर जनता का ध्यान बंटाने की कोशिश कर रहे हैं लेकिन प्रदेश की आदरणीय जनता इनकी नीयत भलीभांति समझ रही है।

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गन्ना मंत्री की अध्यक्षता में शोध एवं विकास के प्रभावी तालमेल के लिए बैठक का आयोजन

Posted on 13 April 2017 by admin

भारतीय गन्ना अनुसंधान संस्थान, लखनऊ के परिसर में आज दिनांक 12 अप्रैल, 2017 को संस्थान तथा उत्तर प्रदेश गन्ना अनुसंधान परिषद, शाहजहांपुर तथा गन्ना विकास विभाग के अधिकारियों की एक बैठक,  श्री सुरेश राणा, माननीय गन्ना विकास एवं चीनी उद्योग मंत्री, उत्तर प्रदेश सरकार की अध्यक्षता में सम्पन्न हुई। बैठक में मंत्री महोदय ने वैज्ञानिकों से शोध द्वारा विकसित नवीनतम उन्नत गन्ना प्रौद्योगिकी की जानकारी ली तथा गन्ना उन्नत प्रौद्योगिकी को शीध्र ही किसानों तक पहुंचाने के लिए एक कार्यशाला आयोजित करने का फैसला लिया।  मंत्री महोदय ने इस बात पर बल दिया कि कार्यशाला में प्रदेश के सभी गन्ना वैज्ञानिक एवं शोधकर्ता, उत्तर प्रदेश में स्थित कृषि विज्ञान केन्द्रों के प्रमुख, गन्ना विकास विभाग के सभी जिला गन्ना विकास अधिकारी एवं सभी चीनी मिलों के मुख्य प्रबन्धक तथा मुख्य प्रबन्धक (गन्ना) भाग लेने हेतु आमंत्रित किये जाएंे ताकि जमीनी स्तर तक इस संबंध में जानकारी एवं कार्य योजना एक साथ क्रियान्वित की जा सके। इस कार्यशाला में गन्ना खेती के विभिन्न पहलुओं पर जैसे तकनीकी,  प्रशासनिक, क्रियान्वयन की व्यवहारिकता एवं नीति आधारित पहलुओं पर चर्चा होगी एवं तद्नुसार ही भविष्य में कार्यवाही की जायेगी।  कार्यशाला में प्रधानमंत्र.ी जी के अगले पांच वर्षों में किसानों की आय दोगुनी करने के संकल्प के संदर्भ में गन्ना किसानों की भूमिका पर भी चर्चा होगी।  मंत्री महोदय नेे शोध उपलब्धियों को सरलीकरण करके जन सामान्य की भाषा में गन्ना किसानों तक पहुंचाने की आवश्यकता पर बल दिया।  उन्होंने शोध वैज्ञानिकों से “योजनायुक्त, तनावमुक्त व विचार संयुक्त” के मूल मंत्र पर कार्य करके आगामी सौ दिनों में कार्य योजना बनाने पर बल दिया। मंत्री महोदय ने किसानों के हित में केन्द्र व राज्य सरकारों के शोध संस्थानों के वैज्ञानिकों को मिल-जुल कर कार्य करने की सलाह दी।
press_2म्ंात्री महोदय व अन्य अतिथियों का स्वागत करते हुए संस्थान के निदेशक, डां0 ए0डी0 पाठक ने संस्थान की शोध एवं विकास उपलब्धियों की चर्चा की।  उन्होंने बताया कि संस्थान द्वारा बिहार सरकार के साथ गन्ना बीज उत्पादन करने की योजना के साझा पत्र पर हस्ताक्षर करने के बाद बिहार राज्य में गन्ने की उत्पादकता में दस टन प्रति हेक्टेयर तथा चीनी पर्ता में 0.6 प्रतिशत की वृद्वि हुई है।  उन्होंने भविष्य में संस्थान एवं उत्तर प्रदेश सरकार के बीच भी ऐसे ही समझौते की आवश्यकता पर बल दिया।
बैठक में श्री विपिन कुमार द्विवेदी, गन्ना आयुक्त, उत्तर प्रदेश सरकार तथा डां0 बी0एल0 शर्मा, निदेशक, उत्तर प्रदेश गन्ना अनुसंधान परिषद, शाहजहांपुर के मुख्यालय तथा विभिन्न केन्द्रों पर कार्यरत वैज्ञानिकों सहित गन्ना शोध एवं विकास से जुडे़ वैज्ञानिक एवं उच्च अधिकारी उपस्थित थे।

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