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माननीया मुख्यमन्त्री जी द्वारा इटावा, मैनपुरी तथा औरैया जनपदों में विकास कार्यों तथा कानून-व्यवस्था का आकिस्मक निरीक्षण

Posted on 07 February 2011 by admin

  • मैनपुरी के जिला अस्पताल में सफाई व्यवस्था में कमी एवं कम मरीजों की संख्या पर मुख्य चिकित्सा अधीक्षक को कड़ी फटकार
  • मैनपुरी सदर तहसील के उप जिलाधिकारी एवं तहसीलदार द्वारा तहसील दिवस में आए प्रार्थना-पत्रों के उचित रख-रखाव एवं ठोस कार्यवाही न करने पर एक माह में सुधारने की चेतावनी
  • मलिन बस्तियों में सफाई, विद्युत आपूर्ति एवं पेयजल की व्यवस्था ठीक करायी जाए
  • माननीया मुख्यमन्त्री जी ने इटावा के रानीपुरा, मैनपुरी के झण्डेपुर तथा औरैया के नौनिकपुर डा0 अम्बेडकर ग्रामों का निरीक्षण किया
  • िशथिल पर्यवेक्षण के लिए जिलाधिकारी मैनपुरी को तत्काल स्थानान्तरित करने के निर्देश
  • मैनपुरी जिला अस्पताल के अस्थि रोग विशेशज्ञ को रोगियों से धन वसूली करने के आरोप में तत्काल प्रभाव से निलिम्बत
  • बी0एड0 कालेजों में अवैध फीस वसूली की िशकायतों को गम्भीरता से लेते हुए उच्च िशक्षा विभाग को तत्काल कार्यवाही करने के निर्देश
  • औरैया सदर तहसील के नए भवन के लिए तत्काल प्रस्ताव भेजने के निर्देश

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उ0प्र0 की माननीया मुख्यमन्त्री सुश्री मायावती जी 06 फरवरी,2011 को जनपद मैनपुरी में प्राथमिक विद्यालय के छात्र-छात्राओं से पूछताछ करती हुईं।

उत्तर प्रदेश की माननीया मुख्यमन्त्री सुश्री मायावती जी ने आज इटावा, मैनपुरी तथा औरैया जनपदों का आकिस्मक निरीक्षण कर इन जनपदों में विकास कार्यों और कानून-व्यवस्था की जानकारी प्राप्त की। उन्होंने राज्य सरकार की प्राथमिकता वाली सभी जनकल्याणकारी योजनाओं के बारे में लाभार्थियों से सीधे बातचीत कर इनकी वस्तुस्थिति की जानकारी प्राप्त की। उन्होंने कार्याें में िशथिल पर्यवेक्षण के लिए जिलाधिकारी मैनपुरी को तत्काल स्थानान्तरित करने के निर्देश दिए। उन्होंने मैनपुरी जिला अस्पताल के अस्थि रोग विशेशज्ञ डॉ0 रघुवंश अवस्थी को रोगियों से धन वसूली करने के आरोप में तत्काल प्रभाव से निलिम्बत करने के भी निर्देश दिए। माननीया मुख्यमन्त्री जी ने बी0एड0 कालेजों में अवैध फीस वसूली की आ रही िशकायतों को गम्भीरता से लेते हुए उच्च िशक्षा विभाग को तत्काल कार्यवाही करने के निर्देश दिए। इसके अलावा उन्होंने जिन विकास कार्यों एवं जनकल्याणकारी योजनाओं में कमियां पायीं, उनमें शीघ्र सुधार लाने के निर्देश दिये।

माननीया मुख्यमन्त्री जी ने इटावा, मैनपुरी तथा औरैया जनपद मुख्यालयों में आयोजित समीक्षा बैठकों में सभी अधिकारियों के साथ विकास योजनाओं और कानून-व्यवस्था की गहन समीक्षा की। उन्होंने समीक्षा बैठकों में डा0 अम्बेडकर ग्राम सभा विकास योजना के तहत डा0 अम्बेडकर ग्रामों में कराये जा रहे विभिन्न विकास कार्यक्रमों की प्रगति की भी गहन समीक्षा की। उन्होंने सावित्रीबाई फुले बालिका िशक्षा मदद योजना, महामाया गरीब बालिका आशीर्वाद योजना, मान्यवर श्री कांशीराम जी शहरी गरीब आवास योजना, उत्तर प्रदेश मुख्यमन्त्री महामाया गरीब आर्थिक मदद योजना सहित राज्य सरकार की अन्य योजनाओं का लाभ लाभार्थियों तक पहुंचाने के सख्त निर्देश दिये। इस अवसर पर उन्होंने जनहित गारण्टी कानून के प्रभावी क्रियान्वयन के भी निर्देश दिये।

माननीया मुख्यमन्त्री जी ने इटावा, मैनपुरी तथा औरैया जिलों की कानून-व्यवस्था व अपराध नियन्त्रण की स्थिति की समीक्षा के दौरान कहा कि राज्य सरकार कानून-व्यवस्था को सर्वोच्च प्राथमिकता प्रदान करती है। उन्होंने कहा कि गरीब, शोशित और दबे-कुचले लोगों को न्याय दिलाने के लिए उनकी सरकार ने अधिकारियों को कानून के दायरे में काम करने की पूरी आजादी दे रखी है। उन्होंने कहा कि अधिकारी किसी भी दशा में जनसमस्याओं एवं जनकल्याण से जुड़ी योजनाओं की अनदेखी न करें अन्यथा इसे गम्भीरता से लेते हुए सम्बंधित के विरूद्ध कड़ी से कड़ी कार्यवाही की जायेगी।
इसके पूर्व माननीया मुख्यमन्त्री जी ने इटावा जनपद के विकासखण्ड महेवा के डा0 अम्बेडकर ग्राम रानीपुरा में हुए विकास कार्यों का निरीक्षण किया। उन्होंने निरीक्षण के दौरान नाली-खड़ंजा, प्राथमिक विद्यालय का अवलोकन करते हुए इस गांव में हुए अन्य विकास कार्यों को देखा और सन्तोश व्यक्त किया। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिये कि इस गांव की तरह ही जनपद के अन्य ग्रामों में विकास कार्य होने चाहिए। उन्होंने शासन की कल्याणकारी योजनाओें का लाभ समय से पात्र लाभार्थियों को उपलब्ध कराये जाने के निर्देश दिये। उन्होंने प्राथमिक विद्यालय का भी निरीक्षण किया तथा एक ही कक्ष में दो कक्षाओं को चलाये जाने पर अप्रसन्नता व्यक्त करते हुए निर्देश दिए कि हर स्तर की कक्षाएं अलग-अलग कक्षों में चलायी जाएं।
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उ0प्र0 की माननीया मुख्यमन्त्री सुश्री मायावती जी 06 फरवरी, 2011 को इटावा जनपद का आकिस्मक निरीक्षण करती हुईं।

जनपद इटावा मुख्यालय पर माननीया मुख्यमन्त्री जी ने तहसील सदर का निरीक्षण किया और यहां अभिलेखों का बारीकी से निरीक्षण करते हुए उन्होंने कम्प्यूटरीकृत खतौनी उपलब्ध कराने, पट्टा वितरण व उन पर कब्जा दिलाने आदि सहित अन्य कल्याणकारी योजनाओं के बारे में जानकारी प्राप्त की। उन्होंने तहसील के रिकार्ड रूम का निरीक्षण कर वहां की सफाई व्यवस्था तथा अभिलेखों का रख-रखाव भी देखा। इस अवसर पर उन्होंने निर्देश दिए कि अभिलेखों के रख-रखाव में और अधिक सुधार लाया जाए। उन्होंने गरीबों को शासन की योजनाओं का लाभ सही पात्रता सुनििश्चत करते हुए दिलाये जाने के निर्देश सम्बन्धितों को दिये। जिससे कि गांव के अन्तिम व्यक्ति की आर्थिक स्थिति सुदृढ़ हो सके और वह भी समाज में सम्मान से रह सके।
माननीया मुख्यमन्त्री जी ने थाना कोतवाली सदर इटावा का भी निरीक्षण किया तथा जीडी सहित अन्य अभिलेखों को भी देखा। उन्होंने इस अवसर पर निर्देश दिये कि थाने पर आने वाले सभी पीड़ितों को गम्भीरता से सुनकर उन्हें न्याय दिलाया जाये।

माननीया मुख्यमन्त्री जी ने इटावा शहर की मलिन बस्ती मडैया िशवनारायण का भी निरीक्षण किया। इस बस्ती में निर्मित सड़क, नाली, खड़ंजा का अवलोकन किया। उन्होंने मलिन बस्तियों में नियमित रूप से साफ-सफाई की व्यवस्था सुनििश्चत कराने तथा जल निकासी के समुचित एवं ठोस प्रबन्ध करने के निर्देश दिए। उन्होंने जिला अस्पताल के विभिन्न कक्षों एवं वाडोंZ के निरीक्षण के दौरान आकिस्मक कक्ष में जाकर मरीजों से दवा की उपलब्धता एवं चिकित्सकों की उपस्थिति की जानकारी प्राप्त की। उन्होंने मुख्य चिकित्सा अधीक्षक को मरीजों का पूरा ध्यान रखने तथा अस्पताल में सफाई व्यवस्था ठीक रखने के निर्देश दिये। निरीक्षण के दौरान उन्होंने मरीजों का भर्ती रजिस्टर एवं अन्य अभिलेखों को भी देखा। उन्होंने अस्पताल को और अधिक साफ-सुथरा रखने के निर्देश दिए।

माननीया मुख्यमन्त्री जी ने मैनपुरी जनपद के विकास खण्ड-बेवर के डॉ0 अम्बेडकर ग्राम झण्डेपुर में पहुंचकर यहां कराये गये विकास कार्याें का स्थलीय निरीक्षण किया। गांव को जोड़ने वाली मुख्य सड़क की वर्तमान स्थिति पर अप्रसन्नता व्यक्त करते हुए उन्होंने इसे एक माह में ठीक कराने के निर्देश दिए। उन्होंने गांव के प्राथमिक स्कूल में बच्चों से सीधा संवाद स्थापित करते हुए मिड-डे-मील, िशक्षकों की उपस्थिति तथा पढ़ाई के सम्बन्ध में जानकारी प्राप्त की। उन्होंने जिला अस्पताल में व्याप्त गन्दगी एवं मरीजों की कम संख्या पर असन्तोश व्यक्त करते हुए मुख्य चिकित्सा अधीक्षक डॉ0 आर0के0 यादव को कड़ी फटकार लगाते हुए उन्हें सचेत किया कि अस्पताल की व्यवस्था सुधारी जाए, अन्यथा उनके विरूद्ध कठोर कार्यवाही की जायेगी। उन्होंने मरीजों को सभी दवाइयां चिकित्सालय से उपलब्ध कराने तथा उन्हें बेहतर चिकित्सा उपलब्ध कराने का निर्देश दिया। उन्होंने मान्यवर श्री कांशीराम जी शहरी गरीब आवास योजना के अन्तर्गत बने मकानों को भी देखा। उन्होंने इस योजना के तहत बने आवासों के पास स्थित तालाब की वर्तमान स्थिति से असन्तोश जाहिर करते हुए कहा कि तालाब बहुत छोटा है। उन्होंने तालाब की सफाई कराने के भी निर्देश दिए। मान्यवर श्री कांशीराम जी शहरी गरीब आवास योजना से आच्छादित पात्रों को सभी सुविधाएं उपलब्ध कराने का निर्देश दिया। उन्होंने इन आवासों में विद्युत एवं जलापूर्ति सुचारू रूप से करने के भी निर्देश दिए।

माननीया मुख्यमन्त्री जी ने मैनपुरी जनपद के तहसील सदर का निरीक्षण किया। इस अवसर पर तहसील दिवस रजिस्टर के रख-रखाव को असन्तोशप्रद बताते हुए निर्देश दिए कि तहसील दिवस में प्राप्त प्रार्थना-पत्रों पर िशकायतों का विधिवत अंकन किया जाए। इसके अलावा िशकायतों के निस्तारण के बाद निस्तारण की आख्या भी दर्ज की जाए। इससे सम्बन्धित ब्यौरों के रख-रखाव में लापरवाही को गम्भीरता से लेते हुए उप जिलाधिकारी श्री जयशंकर दुबे एवं तहसीलदार श्री विजय प्रताप सिंह को चेतावनी देते हुए एक माह में कार्याें को ठीक ढंग से सम्पादित करने तथा रिकार्ड को ठीक करने के निर्देश दिए। इस अवसर पर उन्होंने निर्देश दिए कि सभी जनपदों में तहसील दिवस तथा थाना दिवस रजिस्टर का रख-रखाव ठीक ढंग से किया जाए और इन दिवसों पर प्राप्त िशकायतों का ठीक ढंग से अंकन करके उनका निस्तारण किया जाए। इस अवसर पर उन्होंने अनुसूचित जाति/जनजाति सहित अन्य लाभार्थियों को दिए गए पट्टे और उस पर वास्तविक लाभार्थियों के कब्जे की जानकारी प्राप्त की। उन्होंने पाया कि ग्राम मडेरी में अनुसूचित जाति के लोगों की संख्या ज्यादा है, परन्तु पट्टा आवंटन की संख्या कम है। उन्होंने जिलाधिकारी को स्वयं दो गांवों का दौरा करके आवास पट्टा आवंटन के निरीक्षण करने तथा वस्तुस्थिति की जानकारी प्राप्त करने के निर्देश दिए।

माननीया मुख्यमन्त्री जी ने मैनपुरी जनपद मुख्यालय स्थित थाना कोतवाली के निरीक्षण के दौरान अनुसूचित जाति उत्पीड़न के मामले में दर्ज मामलों पर हुई कार्यवाही की जानकारी प्राप्त की। उन्होंने रजिस्टर नम्बर-4 के ठीक ढंग से रख-रखाव के भी निर्देश दिए।

जनपद औरैया में भ्रमण के दौरान माननीया मुख्यमन्त्री जी ने सबसे पहले विकास खण्ड अछल्दा के डॉ0 अम्बेडकर ग्राम के नौनिकपुर का निरीक्षण किया। गांव के निरीक्षण के दौरान उन्होंने प्राथमिक विद्यालय में छात्रों से मिड-डे-मील तथा पठन-पाठन के बारे में जानकारी प्राप्त की। उन्होंने मिड-डे-मील बनाने वाले रसोईये से भी बात की। इस गांव में कराए गए विभिन्न विकास कार्याें जैसे सी0सी0 रोड, के0सी0 ड्रेन एवं विभिन्न योजनाओं के तहत बने आवासों का निरीक्षण किया तथा लाभार्थियों से बात की। इसके बाद माननीया मुख्यमन्त्री जी ने जनपद औरैया मुख्यालय स्थित सामुदायिक स्वास्थ्य केन्द्र का निरीक्षण किया। इस अवसर पर उन्होंने मरीजों से उनको उपलब्ध करायी जा रही दवाओं एवं चिकित्सा के बारे में जानकारी प्राप्त की।
माननीया मुख्यमन्त्री जी ने औरैया कोतवाली तथा सदर तहसील का भी निरीक्षण किया। उन्होंने तहसील के विभिन्न अनुभागों में जाकर अभिलेखों के रख-रखाव का जायजा लिया। उन्होंने कहा कि तहसील का वर्तमान भवन अत्यन्त पुराना है। इसलिए उन्होंने इसके स्थान पर नए भवन बनाने के लिए तत्काल प्रस्ताव भेजने के निर्देश दिए। तहसील द्वारा आवास पट्टा आवंटन में अनुसूचित जाति/जनजाति के लाभार्थियों की संख्या कम होने पर अप्रसन्नता व्यक्त करते हुए उन्होंने इस प्रकरण में शीघ्र कार्यवाही करने के निर्देश दिए। उन्होंने तहसील दिवस पर प्राप्त िशकायतों को गम्भीरता से लेने और गुणवत्ता के साथ निस्तारण के निर्देश दिए।

सुरेन्द्र अग्निहोत्री
मो0 9415508695
upnewslive.com

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माननीया मुख्यमन्त्री जी द्वारा महामाया नगर, अलीगढ़ एवं मथुरा जनपदों में विकास कार्यों तथा कानून-व्यवस्था का आकिस्मक निरीक्षण

Posted on 06 February 2011 by admin

  • महामाया नगर जनपद में डॉ0 अम्बेडकर पार्क पर भू-माफियाओं द्वारा कब्जा किये जाने के मामले में प्रभावी कार्यवाही न करने पर एस0डी0एम0 व तहसीलदार सिकन्दराराउ निलिम्बत
  • महामाया नगर के मुख्य विकास अधिकारी, बेसिक शिक्षा अधिकारी तथा थानाध्यक्ष सिकन्दराराउ को स्थानान्तरित करने के निर्देश
  • अलीगढ़ की मलिन बस्ती बेगपुर में आधारभूत नागरिक अवस्थापना सुविधायें उपलब्ध कराने तथा सभी मलिन बस्तियों में सफाई व्यवस्था को चुस्त-दुरूस्त करने के निर्देश
  • मथुरा में तहसील महावन के नवनिर्मित भवन का लोकार्पण
  • मथुरा जिला अस्पताल में गन्दगी और बिस्तर खाली पाये जाने पर
  • मुख्य चिकित्सा अधीक्षक को कड़ी चेतावनी
  • जिलाधिकारी मथुरा को सदर तहसील के नवीन भवन के निर्माण हेतु प्रस्ताव उपलब्ध कराने निर्देश

उत्तर प्रदेश की माननीया मुख्यमन्त्री सुश्री मायावती जी ने आज महामाया नगर, अलीगढ़ तथा मथुरा जनपदों का आकिस्मक निरीक्षण कर इन जिलों में विकास कार्याें और कानून-व्यवस्था की जानकारी प्राप्त की। उन्होंने राज्य सरकार की प्राथमिकता वाली सभी जनकल्याणकारी योजनाओं के बारे में लाभार्थियों से बातचीत कर इनकी वास्तविक स्थिति की जानकारी प्राप्त की और जहां कमियां पायी गईं उसमें तत्काल सुधार लाने के निर्देश दिये।

माननीया मुख्यमन्त्री जी ने महामाया नगर, अलीगढ़ तथा मथुरा जनपद मुख्यालयों में आयोजित समीक्षा बैठकों में सभी अधिकारियों के साथ विकास योजनाओं और कानून-व्यवस्था की गहन समीक्षा की। उन्होंने समीक्षा बैठकों में डा0 अम्बेडकर ग्राम सभा विकास योजना के तहत समस्त डा0 अम्बेडकर ग्रामों में कराये जा रहे विभिन्न विकास कार्यक्रमों की प्रगति की गहन समीक्षा की। उन्होंने सावित्रीबाई फुले बालिका शिक्षा मदद योजना, महामाया गरीब बालिका आशीर्वाद योजना, मान्यवर श्री कांशीराम जी शहरी गरीब आवास योजना, उ0प्र0 मुख्यमन्त्री महामाया गरीब आर्थिक मद्द योजना सहित राज्य सरकार की अन्य योजनाओं का लाभार्थियों तक पहुंचाने के निर्देश दिये। इस मौके पर उन्होंने जनहित गारण्टी कानून के प्रभावी क्रियान्वयन के भी निर्देश दिये।

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माननीया मुख्यमन्त्री जी ने महामाया नगर, अलीगढ़ तथा मथुरा जिलों की कानून व्यवस्था व अपराध नियन्त्रण की स्थिति की समीक्षा के दौरान कहा कि राज्य सरकार कानून-व्यवस्था को सर्वोच्च प्राथमिकता प्रदान करती है। उन्होंने कहा कि गरीब, शोषित और दबे-कुचले लोगों को न्याय दिलाने के लिए उनकी सरकार ने अधिकारियों को कानून के दायरे में काम करने की पूरी आजादी दे रखी है। उन्होंने कहा कि अधिकारी किसी भी दशा में जन समस्याओं एवं जनकल्याण से जुड़ी योजनाओं की अनदेखी न करें अन्यथा इसे गम्भीरता से लिया जायेगा और सम्बन्धित के विरूद्ध कड़ी कार्यवाही की जायेगी।

इसके पूर्व माननीया मुख्यमन्त्री जी जनपद महामाया नगर के अम्बेडकर ग्राम खोकिया का निरीक्षण और उन्होंने इस गांव में स्थित प्राथमिक विद्यालय का भ्रमण कर वहां छात्रों से पढ़ाई-लिखायी, मध्यान्ह भोजन तथा शिक्षकों की उपस्थिति आदि के बारे में जानकारी प्राप्त की। उन्होंने 600 से अधिक आबादी वाले अम्बेडकर गांव की मलिन बस्तियों के सी0सी0रोड, के0सी0डेªन तथा सफाई व्यवस्था का भी निरीक्षण किया, कार्य सन्तोषजनक पाया गया।

माननीया मुख्यमन्त्री जी ने इसके बाद सिन्कदराराउ के तहसील मुख्यालय का निरीक्षण कर अभिलेखों के रख-रखाव के बारे में जानकारी प्राप्त की। अभिलेखों पर धूल जमी होने पर माननीया मुख्यमन्त्री जी ने गम्भीर रूख अपनाते हुए इसमें सुधार लाने के निर्देश दिये। उन्होंने तहसील दिवस से सम्बन्धित शिकायती प्रार्थना पत्रों के निस्तारण का रजिस्टर अवलोकन करते समय अभिलेखों में दर्ज विवरण में (जांच जारी है) लिखा पाये जाने पर अप्रसन्नता व्यक्त की और शिकायतों का गुणवत्तापरक निस्तारण करने के निर्देश दिये। उन्होंने तहसील सिकन्दराराउ में सरकार की प्राथमिकता के अनुसार पात्र लोगों को कृषि भूमि का पट्टा आंवटित न करने पर सख्त नाराजगी जाहिर की। उन्होंने पट्टा आवंटन से सम्बन्धित रजिस्टर देर से उपलब्ध कराने पर तहसीलदार एव एस0डी0एम0 को कड़ी फटकार लगायी तथा रजिस्टर व अभिलेखों की बदहाल स्थिति मिलने पर अप्रसन्नता व्यक्त की और अविलम्ब सुधार लाने की चेतावनी दी। उन्होंने कहा कि यदि क्षेत्र में जमीन उपलब्ध है तो कृषि भूमि का पट्टा आंवटित क्यों नहीं किये गये। उन्होंने पट्टा आंवटन में नियमानुसार अनुसूचित जाति के लोगों को प्राथमिकता दिये जाने के निर्देश दिये। उन्होंने जिलाधिकारी को वर्ष 2010-11 में पट्टा आंवटन के लाभार्थियों की सूची मुहैया कराने के भी निर्देश दिये।

माननीया मुख्यमन्त्री जी ने सिकन्दराराउ कोतवाली का निरीक्षण कर विभिन्न अभिलेखों का अवलोकन किया। थानाध्यक्ष द्वारा जनसमस्याओं के निस्तारण में रूचि न लेने पर उन्हें तत्काल स्थानान्तरित करने के निर्देश दिये। उन्होंने डॉ0 अम्बेडकर पार्क पर भू-माफियाओं द्वारा कब्जे के मामले को लेकर सख्त रूख अपनाते हुए एस0डी0एम0 श्री चन्द्र शेखर मिश्रा तथा तहसीलदार ओमवीर सिंह द्वारा इस मामले में प्रभावी कार्यवाही न करने के आरोप में दोनों अधिकारियों को तत्काल निलिम्बत किये जाने के निर्देश दिये। उन्होंने कहा कि डॉ0 अम्बेडकर पार्क पर कब्जा करने वाले भू-माफियाओं को जेल के अन्दर होना चाहिए। उन्होंने जिलाधिकारी और पुलिस अधीक्षक को निर्देश दिये कि इस मामले में पहले दोनों पक्षों में समझौता कराने का प्रयास करें और समस्या का निस्तारण न होने की दशा में न्यायालय में प्रभावी ढंग से पैरवी सुनिश्चित करें। उन्होंने चेतावनी देते हुए कहा कि इस मामले में लापरवाही बरतने वाले जिम्मेदार अधिकारियों को बख्शा नहीं जायेगा।

cm-photo-05-feb-2011-2इसके पश्चात जिला मुख्यालय पहुंच कर जिला संयुक्त अस्पताल में इमरजेन्सी, पुरूष तथा मेटरनिटी वार्ड का निरीक्षण किया। उन्होंने अस्पताल के उपकरणों में जंग लगे हुए पाये जाने पर अप्रसन्नता व्यक्त की, इसको तत्काल ठीक करने के निर्देश दिये। उन्होंने मुख्य चिकित्सा अधीक्षक से आपरेशन, उपचार एवं औषधियों की उपलब्धता के बारे में जानकारी प्राप्त की और अस्पताल में उपचार आदि की बेहतर व्यवस्था तथा सफाई पर विशेष ध्यान देने के निर्देश दिये। उन्होंने इस मौके पर चिकित्सालय भर्ती मरीजों से इलाज तथा दवाईयों आदि की उपलब्धता के बारे में जानकारी प्राप्त की।

माननीया मुख्यमन्त्री जी ने इसके उपरान्त मान्यवर श्री कांशीराम जी शहरी गरीब आवास योजना के तहत निर्मित कालोनी पहुंच कर लाभार्थियों से पेयजल, विद्युत की आपूर्ति तथा सफाई आदि सुविधाओं के बारे में जानकारी प्राप्त की और सम्बन्धित अधिकारियों को जरूरी निर्देश दिये। उन्होंने कालोनी में प्राथमिक विद्यालय की स्थापना के भी निर्देश दिये। इसके बाद मलिन बस्ती कंचन नगर के निरीक्षण के दौरान गन्दगी दिखायी देने पर सख्त नाराजगी व्यक्त करते हुए मलिन बस्ती में नियमित रूप से साफ-सफाई की व्यवस्था सुनिश्चित कराने तथा जल निकासी के समुचित प्रबन्ध के लिए जिलाधिकारी को निर्देश दिये। उन्होंने शहर में व्याप्त गन्दगी पर अपनी नाराजगी जताते हुए जिलाधिकारी से नगर की सफाई-व्यवस्था तथा तालाबों के चारो ओर फैले कूडे़ की सफाई किये जाने के निर्देश दिये। उन्होंने विकास कार्यों को सरकार की मंशा के अनुरूप संचालित न करने पर मुख्य विकास अधिकारी को तथा प्राथमिक स्कूलों में व्याप्त अव्यस्था के कारण बेसिक शिक्षा अधिकारी को तत्काल स्थानान्तरित करने के निर्देश दिये।

माननीया मुख्यमन्त्री जी ने जनपद अलीगढ की तहसील कोल के डा0 अम्बेडकर ग्राम सलेमपुर माफी में विकास कार्यो का स्थलीय निरीक्षण किया और ग्रामवासियों से वार्ता की। उन्होंने गांव में डा0अम्बेडकर ग्रामसभा विकास योजनान्तर्गत कराये गये कार्यो  विशेश कर सम्पर्क मार्ग का निरीक्षण किया तथा प्राथामिक विद्यालय  का निरीक्षण करते हुये स्कूल के बच्चों से िशक्षा के स्तर के सम्बन्ध में पूछताछ की। उन्होने बच्चो से मध्यान्ह भोजन मिलने और उसकी गुणवत्ता  आदि के विशय में पूछा और अध्यापकों की उपस्थिति एवं कार्यशैली के सम्बन्ध में पूछताछ की उन्होने ग्रामवासियों से उनकी समस्याओं को सुनकर त्वरित समाधान के निर्देश दिये।

माननीया मुख्यमन्त्री जी ने तहसील खैर के भू अभिलेखागार कक्ष व उसके पश्चात सब-रजिस्ट्रार कार्यालय का निरीक्षण किया तथा अभिलेखों के बेहतर रखरखाव के निर्देश दिये। उन्होने इसके पश्चात तहसील खैर के सभी अनुभागों का विधिवत निरीक्षण किया तथा रिकार्डरूम के निरीक्षण के दौरान रिाकाडोZ के सुव्यवस्थित रखरखाव एवं सफाई पर बल देते हुए कहा कि सफाई के अभाव में अभिलेख खराब हो सकते है इस पर सर्तक निगरानी रखी जाय। इसके पश्चात उन्होंने थाना खैर का निरीक्षण करते हुये निर्देश दिये कि आम जनता को पुलिस हर सम्भव राहत पहुंचाना सुनििश्चत करें और जनता से अच्छा व्यवहार कर शासन की छवि सुदृढ़ करने के प्रभावी कदम उठाये ।

माननीया मुख्यमन्त्री जी ने जनपद अलीगढ मुख्यालय पहुंच कर मलखान सिंह जिला चिकित्सालय का निरीक्षण किया तथा इमरजेसी वार्ड तथा जनरल वार्ड में मरीजों से मिलकर उनकी कुशलक्षेम पूंछी तथा दवाओं की उपलब्धता, चिकित्सकों की उपस्थिति आदि के बारे में विस्तृत जानकारी प्राप्त की और मरीजों से पूछा कि दवायें अस्पताल में मिलती है अथवा बाजार से लेनी पडती। उन्होने मरीजों से यह भी पूछा कि चिकित्सक /स्वास्थ्यकमियों द्धारा धनरािश की मॉग तो नहीं की जाती जिस पर मरीजों द्धारा बताया गया कि ऐसी कोई बात नहीं उन्होने चिकित्सालय परिसर में पैदल घूमकर वाडोZ का विधिवत निरीक्षण किया तथा साफ सफाई बनाये रखने पर तथा मरीजों का और अधिक वेहतर एवं गुणात्मक चिकित्सीय उपचार उपलब्ध कराने के आदेश दिये। उन्होंने अस्पताल के वाडोZ की ऊंची सीिढयों पर आपत्ति व्यक्त करते हुये मरीजों हेतु सीढ़ियों को और सुविधा जनक बनबाने मण्डलायुक्त को आदेश दिये।

माननीय मुख्यमन्त्री जी ने विकास भवन अलीगढ़ का भी निरीक्षण किया तथा जिला पंचायत राज अधिकारी एवं जिला समाज कल्याण अधिकारी के कार्यालयों में अभिलेखों के निरीक्षण के दौरान छात्रवृत्ति की स्थिति के सम्बन्ध में गहनता से पूछताछ की तथा पंचायत राज विभाग से आवंटित धनराशियों के व्यय की स्थिति की जानकारी प्राप्त की। उन्होंनेे विकास भवन की सफाई व्यवस्था की प्रशंसा करते हुये इसे बनाये रखने तथा विकास भवन आने वाली ग्रामीण जनता को सरकार की कल्याणकारी योजनाओं के सम्बन्ध में जानकारी उपलब्ध कराकर लक्षित जनसमूह को लाभांवित करने की कार्ययोजना बनाकर क्रियािन्वत करने के भी आदेश दिये।

माननीया मुख्यमन्त्री जी ने विकास भवन के रिकॉर्ड रूम के निरीक्षण के दौरान वहां रखी लकड़ी की अलमारी को बदलकर लोहे की अलमारी में अभिलेखों को संरक्षित रखने की हिदायत दी। इसके पश्चात् उन्होंने अलीगढ़ जनपद मुख्यालय की मलिन बस्ती बेगपुर का भी दौरा करके निरीक्षण किया तथा मलिन बस्ती में रहने वालों को आधारभूत नागरिक अवस्थापना सुविधायें उपलब्ध कराने तथा सभी मलिन बस्तियों में सफाई व्यवस्था को चुस्त-दुरूस्त बनाये रखने के नगर आयुक्त को आदेश दिये।

माननीया मुख्यमन्त्री जी जनपद मथुरा के भ्रमण के अवसर पर डा0 अम्बेडकर ग्राम सेही बॉगर में किये गये विकास कायोंZ का स्थलीय अवलोकन किया। गॉंव में अनुसूचित जाति बस्ती के समीप स्थापित प्राइमरी स्कूल के कक्षाओं में जा-जाकर उन्होंने बच्चों से वार्ता की, उन्हें मध्यान्ह भोजन मिलने की, समय से रोजाना अध्यापकों के आने, पढ़ाने के बारे में पूछा। उन्होंने डॉ0 अम्बेडकर ग्राम सेही में सफाई एवं विकास कायोंZ पर सन्तोश व्यक्त किया।

माननीया मुख्यमन्त्री जी ने 4.38 करोड़ रूपये की लागत से बनाये गये महावन तहसील के नवनिर्मित भवन का लोकार्पण किया। तहसील भवन बनने से अब शीघ्र ही तहसील कार्य अपने नवनिर्मत भवन में संचालित होगा। अभी तक तहसील का कार्य धर्मशाला स्थित भवन में हो रहा था। उन्होंने थाना महावन व महावन की मलिन बस्ती का निरीक्षण किया। मलिन बस्ती में समुचित साफ सफाई सन्तोषजनक पायी गई।

इसकेे बाद मथुरा जिला मुख्यालय आकर माननीया मुख्यमन्त्री जी ने जिला अस्पताल का निरीक्षण किया। अस्पताल में मरीजों की शैय्यायें खाली पाये जाने पर गहरा असन्तोष व्यक्त किया और इसके लिए मुख्य चिकित्सा अधीक्षक को कड़ी चेतावनी दी। अस्पताल में सर्जिकल वार्ड, एमरजेन्सी, जनरल वार्ड, इन्जेक्शन कक्ष में जाकर देखा व मरीजो से उनके नाम, बीमारी तथा कब अस्पताल में भर्ती हुए, डाक्टर आते है, दवा मिलती है, पैसा तो नहीं लिया जाता आदि के बारे में विस्तार से पूछताछ की। उन्होंने कहा कि अस्पताल की व्यवस्था में सुधार आया है अथवा नहीं, इसकी जांच के लिए शासन द्वारा वरिष्ठ अधिकारियों को एक माह बाद  भेज कर रिपोर्ट प्राप्त की जायेगी।

अस्पताल के उपरान्त माननीया मुख्यमन्त्री जी ने आकिस्मक रूप से मथुरा सदर तहसील में जाकर तहसील दिवस रजिस्टर, पट्टा अभिलेख एवं अन्य अभिलेखों का अवलोकन किया तथा कम्प्यूटरीकृत खतौनी कक्ष, रिकार्ड रूम मे जाकर अभिलेखों का निरीक्षण किया। उन्होंने जिलाधिकारी को तहसील परिसर में सफाई-व्यवस्था के बेहतर प्रबन्ध सुनिश्चित करने और नवीन तहसील भवन के निर्माण के लिए शीघ्र प्रस्ताव उपलब्ध कराने निर्देश दिये।

सुरेन्द्र अग्निहोत्री
मो0 9415508695
upnewslive.com

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विधान सभा अध्यक्ष द्वारा सत्र के शंातिपूर्ण संचालन हेतु राजनैतिक दलों के नेताओं से सहयोग का अनुरोध

Posted on 04 February 2011 by admin

माननीया मुख्यमन्त्री जी ने सदन के सुचारू संचालन  में सत्तारूढ़ दल के पूरे सहयोग का आश्वासन दिया
विपक्षी दलों के नेताओं ने सदन के सुव्यवस्थित संचालन में सहयोग का भरोसा दिलाया

विधान सभा अध्यक्ष श्री सुखदेव राजभर ने कल से शुरू हो रहे विधान सभा सत्र के सुचारू एवं शंातिपूर्ण ढंग से संचालन के लिये सभी राजनैतिक दलो के नेताओं से सहयोग का अनुरोध किया है। उन्होंने आज विधान भवन में आहूत एक बैठक में राजनैतिक दलों के नेताओं से संसदीय परम्पराओं के अनुसार सदन को चलाने में सहयोग प्रदान करने का भी अनुरोध किया।

इस मौके पर माननीया मुख्यमन्त्री एवं नेता सदन सुश्री मायावती जी ने विधानसभा अध्यक्ष को सत्तारूढ़ दल की ओर से सदन को सुचारू रूप से संचालन में पूरा सहयोग प्रदान करने का आश्वासन दिया । उन्होंने कहा कि सदन में महामहिम राज्यपाल का अभिभाशण भी होगा, जिसके माध्यम से राज्य सरकार द्वारा जनता के हित में लिए गये तमाम निर्णयों एवं उपलब्धियों का विवरण प्रस्तुत किया जायेगा। उन्होंने कहा कि विधान मण्डल के वर्तमान सत्र में प्रदेश सरकार द्वारा वित्तीय वशZ 2011-12 का बजट भी प्रस्तुत किया जायेगा, जिसके चलते आगामी सत्र का विशेश महत्व है। उन्होनें विश्वास व्यक्त किया कि विधानसभा की गरिमा को कायम रखते हुए प्रतिपक्ष सदन के सुव्यवस्थित संचालन में पूरा सहयोग प्रदान करेगा।

बैठक में मौजूद समाजवादी पार्टी के श्री अिम्बका चौधरी, भारतीय जनता पार्टी के श्री ओम प्रकाश सिंह, कांग्रेस पार्टी के श्री प्रमोद तिवारी तथा राश्ट्रीय लोक दल के श्री कौकब हमीद ने विधानसभा अध्यक्ष को सदन के शान्तिपूर्ण संचालन में अपने-अपने दलों की ओर से सहयोग देने का आश्वासन दिया।
इस अवसर पर संसदीय कार्य मन्त्री श्री लालजी वर्मा एवं सहकारिता मन्त्री श्री बाबू सिंह कुशवाहा भी उपस्थित थे।

सुरेन्द्र अग्निहोत्री
मो0 9415508695
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गणतन्त्र दिवस हषोZल्लास के साथ सम्पन्न

Posted on 26 January 2011 by admin

महामहिम श्री राज्यपाल ने परेड की सलामी ली
गणतन्त्र दिवस पर राष्ट्रीय एकता व अखण्डता पर आधारित आकशZक कार्यक्रम प्रस्तुत किये गये

प्रदेश की राजधानी लखनऊ में गणतन्त्र दिवस आज हषोZल्लास के साथ मनाया गया। मुख्य कार्यक्रम विधान भवन के सामने सम्पन्न हुआ, जहां महामहिम राज्यपाल श्री बी0एल0जोशी ने परेड की सलामी ली। इसके पहले माननीया मुख्यमन्त्री सुश्री मायावती जी ने राज्यपाल का स्वागत किया और उन्हें गणतन्त्र दिवस की हादिZक बधाई दी।

photo-27-01-2011-02गणतन्त्र दिवस समारोह में कर्नल समर सिंह पुण्डीर के नेतृत्व में सेना की विभिन्न यूनिटों के अलावा अर्द्ध सेैनिक बल, पी0ए0सी0, नागरिक पुलिस, होमगार्ड, एन0सी0सी0 के जवानों एवं विभिन्न विद्यालयों के छात्रों द्वारा भव्य एवं आकशZक परेड प्रस्तुत की गई। इस मौके पर भारतीय थल सेना के टी-72 एम टैंक, वी0एम0पी0-1 तथा वी0एम0पी0-2, 105 एम0एम0 लाइट फील्ड गन, पी0एम0एस0 ब्रिज, आधुनिक सुविधाओं से लैस ए0एम0 50 ब्रिज तथा मिसाइल माउन्टेड वाहन (ए0टी0जी0एम0 मिलान) भी प्रदिशZत किये गये।

परेड में 3/11 गोरखा राइफल्स, 16 सिख लाइट इन्फेन्ट्री, केन्द्रीय रिजर्व पुलिस बल, भारत तिब्बत सीमा पुलिस, सशस्त्र सीमा बल, पी0ए0सी0 32वीं बटालियन, यू0पी0 पुलिस तथा होमगार्ड की टुकड़ियों द्वारा आकर्षक मार्च-पास्ट प्रस्तुत किया गया। इस अवसर पर एन0सी0सी0, सैनिक स्कूल, लखनऊ पब्लिक स्कूल राजाजीपुरम तथा सिटी मान्टेसरी स्कूल राजाजीपुरम एवं आर0डी0एस0ओ0 शाखाओं के छात्र-छात्राओं ने अपने बेहतरीन कदम-ताल से यह दिखा दिया कि उन्होंने कितनी लगन और मेहनत से इस राष्ट्रीय पर्व के लिए तैयारी की थी।

photo-27-01-2011परेड में सिख रेजिमेन्टल सेन्टर, डोगरा रेजिमेन्टल सेन्टर, गढ़वाल रेजिमेंटल सेन्टर, 39 जी0टी0सी0, राजपूत रेजिमेन्ट, 19 गढ़वाल राइफल्स, फस्र्ट जैक, ए0एस0सी0 सेन्टर नॉर्थ, केन्द्रीय रिजर्व पुलिस बल, सशस्त्र सीमा बल, पी0ए0सी 35वीं बटालियन, होमगार्ड, सैनिक स्कूल तथा सिटी मान्टेसरी स्कूल (कानपुर रोड) के बैण्डों ने राष्ट्रीय एकता और देशभक्ति पर आधारित मधुर धुनों को प्रस्तुत कर उपस्थित लोगोें का मन मोह लिया।
गणतन्त्र दिवस समारोह में विभिन्न विद्यालयों के बच्चों द्वारा आकशZक सांस्कृतिक कार्यक्रम भी प्रस्तुत किये गये। लखनऊ पब्लिक स्कूल आनन्द नगर शाखा की छात्राओें द्वारा `जननी जन्मभूमि भूमिश्चय स्वगाZदपि गरीयसी´ की भावना से ओत-प्रोत `मॉ तुझे प्रणाम´ गीत, सिटी मान्टेसरी स्कूल चौक शाखा के छोटे बच्चों द्वारा `श्रमेव जयते´, सिटी मान्टेसरी स्कूल महानगर प्रथम शाखा द्वारा देश के वीर शहीदों की गौरवगाथा पर आधारित `म्हारो प्यारो देश´ तथा सिटी मान्टेसरी स्कूल महानगर तृतीय शाखा के बच्चों द्वारा `मॉ तुझे सलाम´ प्रस्तुतियों को दशZकों ने खूब सराहा।

गणतन्त्र दिवस के अवसर पर विभिन्न सरकारी विभागों एवं विद्यालयों द्वारा निकाली गई झांकियों के माध्यम से जहां एक ओर प्रदेश सरकार द्वारा सर्वसमाज के कमजोर वर्गों के विकास हेतु संचालित विभिन्न कल्याणकारी योजनाओं की झलक प्रस्तुत की गई, वहीं दूसरी ओर राज्य के विकास हेतु किये जा रहे प्रयासों को भी बखूबी दर्शाया गया। झांकी में सामाजिक परिवर्तन के लिए ऐतिहासिक योगदान देने वाले महान सन्तों, गुरुओं एवं महापुरुशों के आदर-सम्मान में राज्य सरकार द्वारा राजधानी लखनऊ में बनाये गये स्मारक, संग्रहालयों को नये पर्यटन केन्द्रों के तौर पर बखूबी दशाZया गया है। इसके अलावा ऊर्जा संरक्षण के प्रति जागरूकता उत्पन्न करने के साथ ही प्रदेश के गांवों को पक्के मार्गों से जोड़ने के लिए किये जा रहे प्रयासों को भी प्रदर्शित किया गया। विधान भवन के समक्ष आयोजित समारोह में विभिन्न कार्यक्रमों को देखकर ऐसा प्रतीत हो रहा था कि जैसे विधान भवन के सम्मुख पूरा देश और प्रदेश जीवन्त होकर अनेकता में एकता का सन्देश दे रहा हो।

photo-27-01-2011-01प्रदेश के सूचना एवं जनसम्पर्क विभाग द्वारा `बुद्धम् शरणम् गच्छामि´ झांकी में भगवान गौतम बुद्ध का जीवन दशZन एवं उनसे सम्बन्धित स्थलों को आकर्षक ढंग से प्र्रस्तुत किया गया। ज्ञातव्य है कि विश्व को सत्य, अहिंसा, समानता और सामाजिक भाईचारे का सन्देश देने वाले गौतमबुद्ध ने ज्ञान प्राप्त करने के बाद सबसे पहले सारनाथ में अपना धर्मोपदेश दिया था और कुशीनगर में उन्हें महापरिनिर्वाण प्राप्त हुआ था। इसलिए प्रदेश के ये स्थान देश-विदेश में प्रसिद्ध हैं। प्रदेश सरकार द्वारा गौतमबुद्ध की स्मृति को चिरस्थायी बनाये रखने के प्रयासों को दशाZते हुए झांकी में भगवान बुद्ध को एक दलित महिला के हाथों से जल ग्रहण करते हुए भी दिखाया गया है। इस प्रकार इस झांकी में आधुनिक समाज के लिए छुआ-छूत से दूर रहने और मानव-मानव के बीच कोई भेदभाव न करने का सन्देश निहित है।

इसके अलावा लखनऊ विकास प्राधिकरण द्वारा `लखनऊ के समग्र एवं सुनियोजित विकास एवं सबके लिए आवास के लिए कटिबद्ध´, उ0प्र0 वन विभाग द्वारा `हरे भरे वन, बढ़ते हुए कदम´, उ0प्र0 पावर कारपोरेशन द्वारा `राश्ट्रहित में बिजली बचायें, अंधकार में ज्योति जलायें´, अमीनाबाद इण्टर कालेज द्वारा `सन् 1857 की वीरांगनाएं´, सिटी मान्टेसरी स्कूल द्वारा `विद्यालय है सब धर्माें का एक ही तीरथ धाम-क्लास रुम िशक्षा का मन्दिर, बच्चे देव समान´, समाज कल्याण विभाग द्वारा `सामाजिक समरसता जन-जन की मुस्कान, समाज कल्याण का यही अभियान´, उद्यान एवं खाद्य प्रसंस्करण विभाग द्वारा `समृद्ध बागवान, प्रदेश की शान´ तथा राज्य सूचना िशक्षा संचार ब्यूरो (परिवार कल्याण) द्वारा `बेटा बेटी एक समान, फिर बेटा ही क्यों……र्षोर्षो´ थीम पर आकशZक झांकियां भी प्रस्तुत की गई।

इस मौके पर राजकीय निर्माण निगम द्वारा `उत्तर प्रदेश सरकार की प्राथमिकताओं के अन्तर्गत देश के निर्माण एवं प्रगति में उ0प्र0 राजकीय निर्माण निगम का अभूतपूर्व योगदान´, लोक निर्माण विभाग द्वारा `प्रदेश के शहरी व ग्रामीण क्षेत्र की अवस्थापना सुविधा का तीव्र समग्र विकास एवं सामाजिक समरसता´ उ0प्र0 नवीन एवं नवीकरणीय ऊर्जा विकास अभिकरण (यूपीनेडा) द्वारा `बहन जी का सपना है ऐसा, हर गांव बने शहर जैसा´, लखनऊ पब्लिक स्कूल एण्ड कालेजेज द्वारा `भारत की शान बढ़ाएंगे-कॉमनवेल्थ व एिशयन गेम्स´ तथा पर्यटन विभाग द्वारा `लखनऊ के नव-निर्मित पर्यटक स्थल´ थीम पर आधारित झांकियां भी आकशZण का केन्द्र रहीं। समारोह में प्रदेश पुलिस के घुड़सवार दस्ते, श्वान दल तथा अग्निशमन सेवा दस्ते ने भी शिरकत की।

इस अवसर पर मन्त्रिमण्डल के सदस्यगण, सांसद, विधायकगण, स्वतन्त्रता संग्राम सेनानी, सेना के वरिष्ठ अधिकारियों सहित शासन-प्रशासन के वरिष्ठ अधिकारी तथा भारी संख्या में नागरिकगण उपस्थित थे।

सुरेन्द्र अग्निहोत्री
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माननीया मुख्यमन्त्री जी ने अपने जन्मदिवस के अवसर पर 1964 करोड़ रूपये की 174 सड़कों एवं पुलों का लोकार्पण एवं िशलान्यास किया

Posted on 18 January 2011 by admin

दूर-दराज के ग्रामीण इलाकों में पक्के मार्गों से आवागमन की सुविधा प्राथमिकता पर उपलब्ध करायी जाए-माननीया मुख्यमन्त्री जी
सड़कों एवं पुलों के जाल बिछ जाने से व्यापार एवं कृशि को बढ़ावा मिलेगा
कुकरैल नाले के बायें तटबंध पर छ: लेन मार्ग के निर्माण में संयुक्त उपरिगामी सेतु के लिए 4814.52 लाख रू0 का प्राविधान
माननीया मुख्यमन्त्री जी के प्रयासों के चलते पिछले वित्तीय वशZ में 90 पुलों एवं रेल उपरिगामी सेतुओं का निर्माण कराया गया

उत्तर प्रदेश की माननीया मुख्यमन्त्री सुश्री मायावती जी ने अपने 55वें जन्मदिवस के अवसर पर 1964 करोड़ रूपये की 174 सड़क एवं पुल जैसी आधारभूत परियोजनाओं का लोकार्पण एवं िशलान्यास किया। उन्होंने विगत     15 जनवरी, 2011 को 677 करोड़ रूपये की लागत से बनाये गये 111 मार्गों तथा 74 करोड़ रूपये की लागत के 16 सेतुओं को जनता को समर्पित किये। इसी के साथ उन्होंने 655 करोड़ रूपये की लागत से बनाये जाने वाले 25 मार्गों तथा 558 करोड़ रूपये की लागत से निर्मित होने वाले 22 सेतुओं का िशलान्यास भी किया।

माननीया मुख्यमन्त्री जी के स्पश्ट निर्देश हैं कि राज्य के सभी नागरिकों, खासतौर से दूर-दराज के ग्रामीण इलाकों में रहने वाले लोगों को पक्के मार्गों से आवागमन की सुविधा प्राथमिकता पर उपलब्ध करायी जाए। इसीलिए राज्य सरकार द्वारा ग्रामीण अंचलों में सम्पर्क मार्गों तथा पुलों का तेजी से निर्माण कराया जा रहा है। इसके अलावा ग्राम सभाओं में सी0सी0 सड़कों तथा पक्के नाली निर्माण एवं मजरों को जोड़ने की कार्यवाही भी प्रगति पर है। साथ ही प्रदेश के महत्वपूर्ण मार्गों के चौड़ीकरण एवं सुदृढ़ीकरणं तथा उपरिगामी सेतुओं के निर्माण को भी प्राथमिकता दी गई है।

इस प्रकार लोक निर्माण विभाग एवं उ0प्र0 राज्य सेतु निगम द्वारा राज्य में सड़क एवं पुलों का जाल बिछाए जाने से जहां एक तरफ प्रदेशवासियों को सुगम यातायात की सुविधा उपलब्ध होगी, वहीं दूसरी ओर राज्य में व्यापारिक एवं कृशि गतिविधियों को भी बढ़ावा मिलेगा। सड़कों एवं पुलों की बेहतर व्यवस्था होने से किसानों को अपनी कृशि उपज मण्डियों में पहुंचाकर लाभकारी कीमत प्राप्त करने में सहुलियत होगी और उनकी आमदनी में इजाफा होगा।
माननीया मुख्यमन्त्री जी ने अपने जन्मदिन पर जिन 111 मार्गों का लोकार्पण किया, उनमें लखनऊ की 18, कानपुर नगर की 09, फैजाबाद की 06, आजमगढ़, तथा गौतमबुद्ध नगर की क्रमश: 05-05, सहारनपुर की 03, मिर्जापुर की 08, मुरादाबाद, वाराणसी तथा चन्दौली की क्रमश: 07-07, आगरा, मथुरा, बहराइच, महोबा एवं हरदोई की क्रमश: 04-04 सड़कें, बलिया, बाराबंकी, बिजनौर की क्रमश: 02-02 सड़कें, फिरोजाबाद, महामायानगर, इलाहाबाद, जौनपुर, शाहजहांपुर, बदायूं, गोरखपुर, कुशीनगर, ललितपुर तथा जे0पी0 नगर की क्रमश: 01-01 सड़कें सम्मिलित हैं।
माननीया मुख्यमन्त्री जी ने जिन 25 मार्गों का िशलान्यास किया, उनमें अलीगढ़, फतेहपुर, इलाहाबाद, मऊ, देवरिया, बस्ती, सिद्धार्थनगर, महोबा, रमाबाईनगर, लखनऊ, सहारनपुर, मुरादाबाद तथा चन्दौली की एक-एक सड़क, बिजनौर, उन्नाव, हमीरपुर की दो-दो सड़कें, मुजफ्फरनगर, बलिया की क्रमश: तीन-तीन सड़कें शामिल हैं। इसी प्रकार जिन 16 सेतुओं का लोकार्पण किया, उनमें मेरठ, मुजफ्फरनगर, कानपुर नगर, फैजाबाद, आजमगढ़ तथा इलाहाबाद के एक-एक सेतु, फतेहपुर, हरदोई, लखनऊ, कन्नौज के क्रमश: दो-दो सेतु सम्मिलित हैं।

इसके साथ ही माननीया मुख्यमन्त्री जी द्वारा लखीमपुर खीरी, औरैया, मेरठ, मुजफ्फरनगर, झांसी, मिर्जापुर, कानपुर, इलाहाबाद के एक-एक तथा लखनऊ, आगरा, महामाया नगर, गाजियाबाद, बुलन्दशहर, सुल्तानपुर, बस्ती के क्रमश: दो-दो, इस प्रकार 22 सेतुओं का िशलान्यास भी किया गया। लखनऊ नगर के लिए िशलान्यास किए गए पुलों में लोहिया पथ पर गोमती बैराज से रिंग रोड पर खुर्रम नगर तक कुकरैल नाले के बायें तटबंध पर छ: लेन मार्ग के निर्माण के समरेखण में लखनऊ-बादशाहनगर-बाराबंकी रेलवे लाइन एवं राश्ट्रीय मार्ग-28 के ऊपर संयुक्त उपरिगामी सेतु का निर्माण भी शामिल किया गया है, जिसके लिए 48 करोड़ 14 लाख 52 हजार रूपये (4814.52 लाख) का प्राविधान किया गया है। इसी प्रकार लखनऊ-मोहान मार्ग पर डा0 शकुन्तला मिश्रा पुनर्वास विश्वविद्यालय के निकट सब-वे (अण्डर पास) निर्माण के लिए 11 करोड़ 72 लाख 09 हजार रूपये (1172.09 लाख) की व्यवस्था की गई है।

माननीया मुख्यमन्त्री जी प्रदेश के चहुमुखी विकास में सड़कों एवं पुलों की महत्वपूर्ण भूमिका से पूरी तरह अवगत हैं। इसीलिए उन्होंने बड़े पैमाने पर प्रदेश के दूर-दराज के क्षेत्रों को एक-दूसरे से जोड़ने के लिए विश्वस्तीय एक्सप्रेस-वे के निर्माण को प्राथमिकता दी। उन्होंने निबाZध यातायात को सुलभ बनाने के लिए रेल उपरिगामी सेतुओं तथा विभिन्न नदियों पर सेतुओं के निर्माण को भी प्राथमिकता देने के कड़े निर्देश दिए। माननीया मुख्यमन्त्री जी के प्रयासों के चलते  गत वित्तीय वशZ अर्थात् 2009-10 में राज्य में 90 पुलों एवं रेल उपरिगामी सेतुओं का निर्माण गुणवत्ता के साथ सफलतापूर्वक कराया गया। वर्तमान वित्तीय वशZ मेें कुल 80 सेतुओं को पूर्ण किए जाने का लक्ष्य उत्तर प्रदेश राज्य सेतु निगम द्वारा निर्धारित किया गया है, जिनमें माह दिसम्बर, 2010 तक 32 सेतुओं का निर्माण पूर्ण किया जा चुका है।

सुरेन्द्र अग्निहोत्री
मो0 9415508695
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उ0प्र0 मुख्यमन्त्री महामाया गरीब आर्थिक मदद योजना की धनराशि 300 रू0 से बढ़ाकर 400 रू0 प्रतिमाह की गई

Posted on 15 January 2011 by admin

  • प्रदेश में मुख्यमन्त्री महामाया सचल अस्पताल योजना शुरू
  • उत्तर प्रदेश में जनहित गारण्टी कानून आज से लागू
  • सभी पंचायतों में ग्राम पंचायत सचिवालय  चरणबद्ध तरीके से स्थापित करने का फैसला
  • नवविकसित हजरतगंज व लालबाग तथा भरवारा एस0टी0पी0 का लोकार्पण
  • माननीया मुख्यमन्त्री जी ने अत्याधुनिक सुविधाओं से युक्त देश के सबसे बड़े सभागारों में से एक डॉ0 भीमराव अम्बेडकर सभागार का लोकार्पण किया
  • माननीया मुख्यमन्त्री जी के जन्म दिन पर प्रदेश के 72 ज़िलों में जन-कल्याणकारी िशविरों का आयोजन
  • माननीया मुख्यमन्त्री जी ने अपनी पुस्तक ´मेरे संघशZमय जीवन एवं बी.एस.पी. मूवमेन्ट का सफ़रनामा´ के हिन्दी और  अंग्रेज़ी संस्करण के छठे भाग का विमोचन किया
  • मेरे जन्म दिन को लेकर कुछ न्यूज चैनल तथा समाचार पत्रों में विपक्षी नेताओं द्वारा कही गई बातें उनकी जातिवादी एवं हीनभावना का परिचायक

उत्तर प्रदेश की माननीया मुख्यमन्त्री सुश्री मायावती जी ने आज अपने 55वें जन्म दिन के शुभ अवसर पर आयोजित जन कल्याणकारी दिवस के तहत लखनऊ के आशियाना में डॉ0 भीमराव अम्बेडकर सभागार का लोकार्पण किया। सभी अत्याधुनिक सुविधाओं से सुसज्जित यह सभागार देश के सबसे बड़े सभागारों में से एक है। उन्होंने सभागार परिसर में स्थापित परम पूज्य बाबा साहेब डॉ0 भीमराव अम्बेडकर की प्रतिमा का अनावरण भी किया। उन्होंने इस अवसर पर 04 हजार करोड़ रूपये की विभिन्न विकास योजनाओं का लोकार्पण एवं शिलान्यास भी किया। उन्होंने कहा कि यह सभी परियोजनायें उत्तर प्रदेश के विकास को एक नई गति देंगी और आम जनता का जीवन स्तर बेहतर करने में मददगार साबित होंगी। उन्होंने कहा कि उत्तर प्रदेश में प्रशासनिक व्यवस्था को आम जनता के प्रति और अधिक उत्तरदायी बनाने के लिए शुरू की जा रही उत्तर प्रदेश जनहित गारण्टी कानून को आज से ही पूरे प्रदेश में लागू हो गई है।

माननीया मुख्यमन्त्री जी ने अपने जन्म दिन पर आयोजित कार्यक्रम को लेकर कुछ अखबारों, चैनलों व विपक्षियों द्वारा पिछले कई दिनों से बेबुनियाद एवं तथ्यहीन बातें कहीं जा रही हैं इस पर उन्होंने कड़ा एतराज जताते हुए कहा कि इन समाचारों से दलितों के प्रति इन लोगों की जातिवादी हीनभावना साफ झलकती है। उन्होंने कहा कि इन बेबुनियाद एवं तथ्यहीन बातों के प्रदर्शन में मीडिया के कुछ ही लोग शामिल हैं।

सुश्री मायावती जी आज अपने 55वें जन्मदिवस के शुभ अवसर पर डा0 भीमराव अम्बेडकर सभागार आशियाना में आयोजित एक कार्यक्रम को संबोधित कर रही थीं। इसके पूर्व उन्होंने मुख्यमन्त्री महामाया सचल अस्पताल योजना का उद्घाटन तथा लखनऊ के नव विकसित हजरतगंज व लालबाग का लोकार्पण किया। उन्होंने अपने सम्बोधन के प्रारम्भ में सर्वप्रथम सभी आदरणीय बौद्ध-भिक्षुओं द्वारा दिए गए आशीZवचनों के प्रति अपना हादिZक आभार व्यक्त किया और उन्हें चीवर दान दिया। उन्होंने कहा कि उनका जन्म-दिन हर साल देश में सर्वसमाज में से खासतौर से दलितों, शोषितों, पीड़ितों, उपेक्षितों व गरीबों के हित व कल्याण के लिए समर्पित होता है। उन्होंने कहा कि हमारे देश में अनुसूचित जाति/जनजाति एवं अन्य पिछड़े वगोंZ में समय-समय पर जन्में महान सन्तों, गुरूओं व महापुरूषों में से विशेषतौर से महात्मा ज्योतिबा फुले, छत्रपति शाहूजी महाराज, श्री नारायणा गुरू, बाबा साहेब डा. भीमराव अम्बेडकर व मान्यवर श्री कांशीराम जी ने दलितों, शोषितों एवं उपेक्षित वगोंZ के आत्म-सम्मान के लिए आजीवन कड़ा संघर्ष किया। उन्होंने कहा कि इन महान विभूतियों का त्याग उन्हें देश के इन वर्गों के सशक्तिकरण और इनमें सामाजिक चेतना पैदा करने की दिशा में काम करते रहने हेतु हमेशा तत्पर रहने की प्रेरणा देता है।

s-048माननीया मुख्यमन्त्री जी ने कहा कि उनका जन्मदिन देश में उनकी पार्टी व उत्तर प्रदेश में उनकी पार्टी की सरकार द्वारा जन-कल्याणकारी दिवस के रूप में मनाया जाता है। उन्होंने कहा कि उनका जन्मदिन पूरी तरह से जन-कल्याण व गरीबों के उत्थान के लिए समर्पित है। उन्होंने कहा कि प्रदेश के सभी सरकारी स्तर पर आज प्रदेश के सभी 72 ज़िलों में जन-कल्याणकारी िशविरों का आयोजन सम्बंधित ज़िले के ज़िलाधिकारी की देख-रेख में किया जा रहा है। जिसके तहत आम जनता के कल्याण के लिये प्रदेश सरकार द्वारा चलायी गई अनेक जन-कल्याणकारी योजनाओं से ख़ासकर ग़रीबों, बेसहारा व ज़रूरतमन्द लोगों को लाभािन्वत किया जा रहा है।

सुश्री मायावती जी ने कहा कि उनके जन्मदिन के शुभ अवसर पर हर साल, उनकी पार्टी की सरकार, आम आदमी के हित व कल्याण हेतु कुछ ज़रूरी जन-कल्याणकारी फै़सले लेकर, उन्हें तोहफ़ों के तौर पर आम जनता को देती है। उन्होंने कहा कि ऐसे ही जन-कल्याणकारी फैसलों के तहत वशZ 2009 में महामाया ग़रीब बालिका आशीर्वाद योजना, सवित्री बाई फुले बालिका िशक्षा मदद योजना तथा सर्वजन हिताय शहरी ग़रीब आवास (स्लम एरिया) मालिकाना हक़ योजना जैसी महŸवपूर्ण योजनाओं का शुभारम्भ उनके जन्मदिन के मौक़े पर किया गया है। उन्होंने कहा कि पिछले वशZ भी सन् 2010 में उनके जन्मदिन के शुभ अवसर पर प्रदेश के सर्वसमाज के ग़रीब लोगों को सीधे आर्थिक मदद देने की एक अनूठी व बेमिसाल योजना, उत्तर प्रदेश मुख्यमन्त्री महामाया ग़रीब आर्थिक मदद योजना तथा डा. अम्बेडकर ऊर्जा-कृशि सुधार योजना शुरू की गई हैं।

माननीया मुख्यमन्त्री जी ने कहा कि उत्तर प्रदेश मुख्यमन्त्री महामाया ग़रीब आर्थिक मदद योजना के तहत चयनित 31 लाख ग़रीब परिवारों की महिला मुखिया को तीन सौ रुपये प्रति माह की नगद आर्थिक मदद रािश, छमाही किश्तों में दिये जाने की शुरूआत की गई। ताकि ये सभी ग़रीब परिवार के लोग अपनी रोज़मर्रा की ज़रूरतों को कुछ हद तक पूरा कर सकें। परन्तु पिछले एक साल में जिस तरह से महंगाई बढ़ी है, उसको देखते हुये इन परिवारों को दिये जाने वाली प्रति माह 300 रुपये की धनरािश को बढ़ाकर आज 400 रुपये प्रतिमाह किये जाने का निर्णय हमारी सरकार ने लिया है। इसी के साथ उनकी सरकार ने अपने राज्य कर्मचारियों, पेंशनरों एवं पारिवारिक पेंशनरों को मंहगाई से राहत दिलाने के लिए भी जरूरी निर्णय लिए हैं। इसके तहत राज्य कर्मचारियों को मिल रहे मंहगाई भत्ते और पेंशनरों एवं पारिवारिक पेंशनरों को दी जाने वाली मंहगाई राहत की दरों में दिनांक 01 जुलाई, 2010 से 10 प्रतिशत की बढ़ोत्तरी की गई है।

सुश्री मायावती जी ने कहा कि उनकी सरकार सर्वजन हिताय व सर्वजन सुखाय की नीति के आधार पर चलकर प्रदेश में समतामूलक समाज व्यवस्था की स्थापना के लिये भी गम्भीरता से प्रयास कर रही है। इस व्यवस्था की स्थापना के लिये भयमुक्त, भ्रश्टाचारमुक्त, अन्यायमुक्त, अपराधमुक्त तथा विकासयुक्त वातावरण का होना बेहद ज़रूरी है। ऐसा वातावरण तभी बनाया जा सकता है, जब प्रशासनिक तन्त्र जनता की ज़रूरतों के प्रति संवेदनशील और जागरूक हो तथा उसमें अपने कर्तव्यों के प्रति ज़िम्मेदारी की भावना हो। इसे ध्यान में रखते हुये उनकी सरकार ने सरकारी विभागों में नयी कार्य संस्कृति विकसित करने की दिशा में शुरू से ही अनेकों महŸवपूर्ण क़दम उठाये हैं। उन्होंने कहा कि उनकी सरकार द्वारा अब तक उठाये गये इन क़दमों के बेहतर नतीजे तो ज़रूर मिले हैं, लेकिन उनकी पार्टी की सरकार इतने से ही सन्तुश्ट नहीं होना चाहती।

s-054माननीया मुख्यमन्त्री जी ने कहा कि उत्तर प्रदेश की जनता को एक बेहतरीन और जवाबदेह प्रशासनिक व्यवस्था से लाभािन्वत करने का ऐतिहासिक फैसला लिया है। इसके तहत प्रदेश की आम जनता को उपलब्ध करायी जा रही ज़रूरी सेवाओं को, निर्धारित अवधि में मुहैया कराने की गारण्टी देने का क्रान्तिकारी फैसला लिया है। जिसके लिये हमारी सरकार ने उत्तर प्रदेश जनहित गारण्टी कानून बनाया है। इसके अन्तर्गत अब चििन्हत की गई सरकारी सेवाओं को एक निर्धारित समय में प्राप्त करने के लिये, जैसे जन्म-मृत्यु प्रमाण-पत्र, जाति प्रमाण-पत्र, निवास प्रमाण-पत्र, आय प्रमाण-पत्र, ए0पी0एल0 राशन कार्ड आदि के लिए प्रदेश की जनता को न तो किसी की इच्छा पर निर्भर रहना होगा और ना ही उसे किसी से सिफारिश आदि की ज़रूरत होगी। उन्होंने कहा कि आम जनता के सशक्तिकरण से सम्बंधित उत्तर प्रदेश जनहित गारण्टी कानून को लागू करने के लिए अध्यादेश जारी कर दिया गया है और आज से यह कानून पूरे प्रदेश में लागू भी हो गया है। उन्होंने उम्मीद जाहिर की कि इस फैसले से, उनकी सरकार द्वारा प्रशासनिक तन्त्र को जन-केिन्द्रत बनाने की दिशा में किये जा रहे प्रयासों को और अधिक मज़बूती मिलेगी।

माननीया मुख्यमंत्री जी ने कहा कि आम जनता के द्वार तक स्वास्थ्य सुविधाओं को मुहैया कराने के लिए आज से एक नई योजना मुख्यमंत्री महामाया सचल अस्पताल योजना का भी शुभारम्भ किया जा रहा है। जिसके तहत परिवार कल्याण विभाग द्वारा 15 जिलों के 133 ब्लाकों में सचल अस्पताल चलाये जायेंगे। उनकी सरकार गावों और ाहरों के विकास पर भी पूरा-पूरा ध्यान दे रही है, ताकि ग्रामीण और ाहरी इलाक़ों में रहने वाले लोगों की रोज़मर्रा की ज़िन्दगी बेहतर बन सके। इसके लिये बुनियादी जन-सुविधाओं में ज्य़ादा से ज्य़ादा बढ़ाेारी करने वाली अनेकों परियोजनाओं को पूरा कराया गया है। इसके अलावा तमाम विकास परियोजनायें ऐसी हैं, जिन पर तेज़ी से कार्य कराया जा रहा है।

सुश्री मायावती जी ने कहा कि उनकी सरकार द्वारा विकास योजनाओं तथा सरकारी सुविधाओं को ग्रामीण क्षेत्र की जनता को और अधिक सुलभ ढंग से उपलब्ध कराने के उददेश्य से ग्राम पंचायत सचिवालयों की स्थापना चरणबद्ध ढंग से किये जाने का निर्णय लिया है। इसके तहत प्रथम चरण में अगले एक वर्ष के अन्दर 05 हजार से अधिक जनसंख्या वाले ग्राम पंचायतों में सचिवालय प्रारम्भ कर दिये जायेंगे। इन ग्राम पंचायत सचिवालयों में विभिन्न विभागों के ग्राम स्तर के कर्मचारी निर्धारित कार्यम के अनुसार नियमित रूप से मौजूद रह कर ग्रामीण जनता को अपने विभागों से सम्बन्धित योजनाओं के अन्तर्गत सेवायें उपलब्ध करायेंगे तथा विभिन्न योजनाओं की जानकारी भी देंगे।

माननीया मुख्यमंत्री जी ने कहा कि उत्तर प्रदो में ऐतिहासिक और सांस्कृतिक महव के ऐसे अनेकों महानगर और नगर मौजूद हैं, जिनकी अपनी अलग पहचान है। अफसोस की बात है कि पूर्ववर्ती सरकारों द्वारा इन महवपूर्ण ाहरों के विकास की ओर कोई ख़ास ध्यान नहीं दिया गया, जिसके चलते बढ़ती आबादी के दबाव में इन ाहरों की अवस्थापना सुविधायें पूरी तरह चरमरा गयीं। उनकी सरकार ने इस स्थिति को गम्भीरता से लेते हुए, भविय की ज़रूरतों को ध्यान में रखकर, ाहरों को सभी बुनियादी जन-सुविधाओं तथा ज़रूरी अवस्थापना सुविधाओं से लैस करने का फैसला किया है। इसके तहत पहले चरण में प्रदो के प्राचीन व ऐतिहासिक एवं धार्मिक महव वाले नौ ाहरों- लखन, इलाहाबाद, कानपुर-बिठूर, वाराणसी, मेरठ, आगरा, अयोध्या-फ़ैज़ाबाद, मथुरा-वृन्दावन तथा कन्नौज को चयनित किया गया है। उन्होंने कहा कि सरकार के इस निर्णय को लागू करने के लिए 15 हजार करोड़ रुपये से अधिक धनराा की व्यवस्था करके 355 परियोजनाओं पर काम ाुरू कराया गया है, जो कि काफी प्रगति पर हैं।

सुश्री मायावती जी ने कहा कि इसी म में, लखन को पहले चरण में चयनित कर इसे समस्त अवस्थापना सुविधाओं से लैस किया जा रहा है। प्रदो की राजधानी होने के साथ-साथ, दो-विदो में लखन की अपनी अनूठी ऐतिहासिक व सांस्कृतिक पहचान है और अब तो अनेकों भव्य स्थलों व पार्कों के कारण लखन को और ज्य़ादा आर्काक व नई पहचान मिली है। इसके साथ ही समाज में अनुसूचित जाति/जनजाति एवं अन्य पिछड़े वर्गों में जन्में महान सन्तों, गुरुओं व महापुरुााें के आदर-सम्मान में, हमारी सरकार द्वारा लखन में बनायेे गये स्थलों, संग्रहालय, पार्क, गैलरी आदि के कारण भी यहा आने वाले पर्यटकों की संख्या में काफी बढ़ाेारी हुयीं है। उनकी सरकार द्वारा इन सब बातों को ध्यान में रखते हुये, लखन में बुनियादी सुविधाओं के विकास के लिये 3,984 करोड़ रुपये से अधिक धनराा की कुल 53 परियोजनाओं को मंजूरी प्रदान कर लखन ाहर का काया-कल्प करने की कोाा उनकी सरकार द्वारा की गयी है। जिसमें लखन के लिए 345 एम-एल-डी- क्षमता का नवनिर्मित एस0टी0पी0 भी शामिल हैं।

माननीया मुख्यमंत्री जी ने कहा कि कि ाहरी अवस्थापना सुविधाओं के मामले में, आने वाले समय में लखन की गिनती दो के अग्रणी ाहरों में अवय ही होने लगेगी। इसके अलावा, लखन की आर्थिक और सांस्कृतिक गतिविधियों का केन्द्र कहे जाने वाले ऐतिहासिक हज़रतगंज के 200 र्वा पूरे होने के अवसर पर उनकी सरकार ने हज़रतगंज और इससे जुड़े लालबाग़ क्षेत्र को सुन्दर व आर्काक बनाने के लिये इसके पुराने गौरव के अनुरूप अनेकों कार्य रिकार्ड समय में कराये हैं। जिसमें सम्बन्धित कार्यों से जुड़े अधिकारियों का व उत्तर प्रदेश राज्य सलाहकार परिषद के अध्यक्ष श्री सतीश चन्द्र मिश्रा जी का भी सराहनीय योगदान रहा है। उन्होंने कहा कि प्रदो सरकार के इन तमाम प्रयासों की बदौलत ही एक बेहतर और बदले हुये स्वरूप में नव-विकसित हज़रतगंज नवर्वा में सभी का स्वागत करने के लिये तैयार है।

सुश्री मायावती जी ने कहा कि इसी तरह उनके द्वारा 15 अप्रैल, 2008 को आगरा भ्रमण के दौरान आगरा के जूता बनाने वाले छोटे-छोटे कारीगरों की समस्याओं के निदान के लिए जूतों की बिक्री के लिए जूता मण्डी का निर्माण कराये जाने की घोषणा की गयी थी, जो अब बनकर तैयार हो गयी है। इस जूता मण्डी के आवंटी जूता कारीगरों द्वारा किये गये अनुरोध को ध्यान में रखते हुए। उन्होंने कहा कि सरकार ने अब दुकानों में भूमि की लागत को सम्मिलित नहीं किये जाने का निर्णय लिया है। जिससे आवंटियों को काफी राहत मिलेगी और वह अब इस जूता मण्डी से अपना कारोबार अच्छी तरह से चला सकेंगे।

माननीया मुख्यमंत्री जी ने कहा कि राज्य सरकार द्वारा पुरुा-महिला सिद्ध दाेा बन्दियों में से अनेकों बीमार, असहाय एवं वृद्ध बन्दियों की रिहाई हेतु कार्यवाही की गयी है। उन्होंने आशा व्यक्त किया है कि आज शिलान्यास की गयी विभिन्न विकास योजनाओं को माननीय मंत्रिगण व छोटे-बड़े अधिकारी लागू व पूरा कराने के लिये आज से ही जी-जान से लग जायेंगे। उन्होंने विश्वसपूर्वक कहा कि जनकल्याणकारी दिवस के तहत प्रदो के हर ज़िले में जो भी कार्यम हो रहे हैं, उसका फ़ायदा ख़ासकर समाज के ग़रीब, ााेात, पीड़ित एवं उपेक्षित वर्गों के लोगों को अवय ही मिलेगा व उनका जीवन थोड़ा ज़रूर बेहतर होगा।

सुश्री मायावती जी ने इस अवसर पर ’मेरे संर्घामय जीवन एवं बी-एस-पी- मूवमेन्ट का सफ़रनामा’ नामक पुस्तक के हिन्दी और अंग्रेज़ी संस्करण के छठे भाग का विमोचन भी किया। इस अवसर पर उत्तर प्रदेश सरकार द्वारा विकास के मोर्चे पर अर्जित की गयी तमाम उपलब्धियों पर आधारित लघु फिल्म का प्रदर्शन किया गया। मुख्य सचिव श्री अतुल कुमार गुप्ता ने अतिथियों के प्रति आभार व्यक्त किया।

इस अवसर पर सिटी मान्टेसरी स्कूल की गोमती नगर शाखा के बच्चों ने रंगारंग एवं आकर्षक सांस्कृतिक कार्यम प्रस्तुत किया। माननीया मुख्यमंत्री जी ने इन बच्चों को 10 लाख रूपये की धनराशि पुरस्कार के रूप में दिए जाने की घोषणा की। इसके साथ ही उन्होंने गीतकार, संगीतकार तथा निर्देशक को एक-एक लाख रूपये की धनराशि देने की भी घोषणा की।

इस अवसर पर उत्तर प्रदेश राज्य सलाहकार परिषद के अध्यक्ष श्री सतीश चन्द्र मिश्र, कैबिनेट मंत्री श्री नसीमुद्दीन सिद्दीकी तथा श्री बाबू सिंह कुशवाहा सहित सांसद, विधायक, पार्टी पदाधिकारी सहित शासन के वरिष्ठ अधिकारी तथा अन्य गणमान्य जन मौजूद थे।

सुरेन्द्र अग्निहोत्री
मो0 9415508695
upnewslive.com

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सदीZ को देखते हुए सभी प्रमुख चिकित्सा अधीक्षकों को रैन बसेरों की आवश्यक मरम्मत एवं उसमें अन्य जरूरी सुविधायें उपलब्ध कराने के निर्देश

Posted on 09 January 2011 by admin

प्रदेश के चिकित्सा एवं स्वास्थ्य मन्त्री श्री अनन्त कुमार मिश्र ने प्रदेश में कड़ाके की सदीZ को देखते हुए सभी प्रमुख चिकित्सा अधीक्षकों को रैन बसेरों की आवश्यक मरम्मत एवं उसमें अन्य जरूरी सुविधायें उपलब्ध कराने के निर्देश दिये हैं। उन्होंने कहा है कि रोगियों के तीमारदारों के लिए अलाव आदि की समुचित व्यवस्था सुनिश्चित करायी जाये। इसके साथ ही रैन बसेरों की दरवाजे, खिड़कियां, शीशे, जल निकासी की व्यवस्था ठीक करायी जाये। उन्होंने रैन बसेरों की सफाई, प्रकाश एवं रख-रखाव आदि की समुचित व्यवस्था किये जाने के भी निर्देश दिये।

श्री मिश्र आज मुख्य चिकित्सा अधिकारी लखनऊ के सभागार में आयोजित समस्त जनपदों के मुख्य चिकित्सा अधीक्षकों तथा मण्डलीय अपर निदेशकों की समीक्षा बैठक को सम्बोधित कर रहे थे। उन्होंने राजधानी स्थित रानी लक्ष्मीबाई संयुक्त चिकित्सालय राजाजीपुरम तथा लोकबन्धु राजनारायण संयुक्त चिकित्सालय, एल0डी0ए0 कालोनी कानपुर रोड में तत्काल ब्लड बैंक स्थापित किये जाने के निर्देश दिये। उन्होंने इस मौके पर दवाओं के क्रय में पारदर्शिता बरतने, यूजर चार्जेज की धनराशि का सदुपयोग करने, इमरजेन्सी वार्ड का समुचित रख-रखाव, डेथ आडिट तथा हेल्थ की पी0आई0पी0 तैयार करने जैसे बिन्दुओं पर जिला चिकित्सालय वार गहन समीक्षा की तथा आवश्यक निर्देश दिये।

समीक्षा बैठक में प्रमुख सचिव चिकित्सा एवं स्वास्थ्य सुश्री नीता चौधरी ने जिला चिकित्सालयों में की जा रही सर्जरी व्यवस्था की गहराई से समीक्षा की तथा अधिकांश सर्जनों द्वारा कोई भी सर्जरी न किये जाने पर गहरा असन्तोष व्यक्त किया। उन्होंने सभी मुख्य चिकित्साधीक्षकों को सर्जनों द्वारा मासिक मानक के अनुसार सर्जरी कराने के निर्देश दिये। उन्होंने इस स्थिति में इस माह के अन्त तक सुधार लाने की चेतावनी दी और कहा कि सर्जरी के मामले में मानक के अनुसार तत्काल सुधार न आने पर 50 वर्ष से अधिक आयु वाले सर्जनों को अनिवार्य रूप से सेवा निवृत्त किया जायेगा। उन्होंने अन्य चिकित्सकों के विरूद्ध कठोर अनुशासनात्मक कार्यवाही किये जाने की चेतावनी भी दी। उन्होंने मुख्य चिकित्साधीक्षक सुल्तानपुर तथा कई अन्य को उनकी व्यक्तिगत पत्रावली पर लिखित चेतावनी जारी की।

प्रमुख सचिव ने नये स्थापित होने वाले ब्लड बैंकों में तैनात किये जाने वाले चिकित्सकों एवं पैरामेडिकल स्टाफ को तत्काल प्रशिक्षण दिये जाने के भी निर्देश दिये। उन्होंने समस्त जनपदों के सी0एम0एस0 को निर्देश दिये कि उपकरणों की उपलब्धता तथा क्रियाशीलता के सम्बन्ध में दो दिन के अन्दर रिपोर्ट महानिदेशक चिकित्सा एवं स्वास्थ को उपलब्ध करायी जाये। उन्होंने कहा कि सभी सी0एम0एस0 अपने चिकित्सालय की आवश्यक सूचनाओं को अपर मण्डलीय निदेशक को उपलब्ध करायें। उन्होंने कहा कि चिकित्सालयों से भेजी जाने वाली सूचनाओं में एक रूपता सुनिश्चित की जानी चाहिए।

सुश्री नीता चौधरी ने शासन के अधिकारियों को प्रत्येक मासिक बैठकों में प्रत्येक चिकित्सक, सर्जन, सी0एम0एस0, सी0एम0ओ0 तथा अपर निदेशक आदि के कार्य निष्पादन का पूर्ण विवरण रखने के निर्देश दिये, ताकि किसी प्रकार की शिथिलता अथवा कमी पाये जाने पर उनके विरूद्ध अनुशासनात्मक कार्यवाही तुरन्त की जा सके।

बैठक में निदेशक प्रशासन श्रीमती अलका श्रीवास्तव, निदेशक चिकित्सा एवं स्वास्थ डॉ0 शोभनाथ तथा सभी जनपदों से आये सी0एम0एस0 एवं अपर निदेशक उपस्थित थे।

सुरेन्द्र अग्निहोत्री
मो0 9415508695
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उत्तर प्रदेश की माननीया मुख्यमन्त्री सुश्री मायावती जी की अध्यक्षता में आज लाल बहादुर शास्त्री एनेक्सी भवन स्थित मन्त्रिपरिषद कक्ष में सम्पन्न मन्त्रिपरिषद की बैठक में निम्न महत्वपूर्ण फैसले लिये गये।

Posted on 30 December 2010 by admin

मन्त्रिपरिषद द्वारा सैनिक कैंटीन स्टोर डिपार्टमेंट तथा संघ के कतिपय सशस्त्र बलों को मदिरा लाइसेंस जारी करनें सम्बंधी प्रस्ताव अनुमोदित

मन्त्रिपरिषद ने सैनिक कैंटीन स्टोर डिपार्टमेंट तथा संघ के कतिपय सशस्त्र बलों को मदिरा लाइसेंस जारी करने सम्बंधी प्रस्ताव को अनुमोदित कर दिया है।

मन्त्रिपरिषद द्वारा लिये गये निर्णय के अनुसार आबकारी विभाग द्वारा पूर्व में जारी अधिसूचना दिनांक 29 मार्च, 2010 तथा 01 अप्रैल 2010 के स्थान पर दिनांक 1 जुलाई 2010 से प्रभावी मानी जायेगी। इसमें प्रतिबन्ध यह होगा कि किसी भी अनुज्ञाधारी द्वारा उक्त अधिसूचना के प्राविधानों के तहत दिनांक 01 जुलाई, 2010 से पूर्व जमा की गई लाइसेंस फीस की धनराशि न तो वापस होगी और न ही समायोजित की जायेगी।

ज्ञातव्य है कि सशस्त्र सुरक्षा बल के उच्चाधिकारियों द्वारा लगातार भारत-तिब्बत सीमा पुलिस की भान्ति सशस्त्र सुरक्षा बल के भी श्रेणीवार निर्धारित प्रतिफल फीस में 50 प्रतिशत की छूट पर विदेशी मदिरा उपलब्ध कराने का अनुरोध किया जा रहा था। इन उच्चाधिकारियों के अनुरोध को दृष्टिगत रखते हुए भारत-तिब्बत सीमा पुलिस की भान्ति सशस्त्र सुरक्षा बल को भी श्रेणीवार निर्धारित प्रतिफल फीस में 50 प्रतिशत की छूट पर विदेशी मदिरा की आपूर्ति हेतु थोक/फुटकर अनुज्ञापन प्रदान किये जाने सम्बंधी प्रस्ताव को मंजूरी आज मन्त्रिपरिषद द्वारा प्रदान कर दी गई हैै।

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सिविल संकर्म संविदाकारों एवं विद्युत संविदाकारों हेतु देय कर के विकल्प में एक मुश्त धनराशि प्राप्त करने के लिए लागू समाधान योजना में संशोधन सम्बंधी प्रस्ताव को मंजूरी

मन्त्रिपरिषद ने सिविल संकर्म संविदाकारों तथा विद्युत संविदाकारों के सम्बंध में देय कर के विकल्प में उ0प्र0 मूल्य संविर्धत कर अधिनिमय 2008 की धारा 6 की उपधारा (1) के अन्तर्गत देय कर के विकल्प में एक मुश्त धनराशि प्राप्त करने के लिए लागू समाधान योजना में संशोधन किये जाने सम्बंधी प्रस्ताव को मंजूरी प्रदान कर दी है।

मन्त्रिपरिषद द्वारा लिये गये निर्णय के अनुसार शासनादेश दिनांक 9 जून, 2009 द्वारा सिविल संकर्म संविदाकारों तथा विद्युत संविदाकारों के लिए लागू समाधान योजना में इस सीमा तक संशोधन प्रस्तावित किया गया है कि जिन मामलों में संविदाकार द्वारा वित्तीय वर्ष में निष्पादित ठेके की कुल धनराशि के 5 प्रतिशत तक आयातित माल का प्रयोग किया गया हो, उसमें आंगणित धनराशि के 4 प्रतिशत की दर से एवं जिन मामलो में संविदाकार द्वारा वित्तीय वर्ष में निष्पादित ठेके के कुल धनराशि के 5 प्रतिशत से अधिक आयातित माल का प्रयोग किया गया हो, उसमें आंगठित धनराशि के 6 प्रतिशत की दर से समाधान राशि देय होगी।

उक्त संशोधन के सम्बंध में शासनादेश जारी होने की तिथि से पूर्व, व्यापारी द्वारा समाधान हेतु दिये गये प्रार्थना पत्रों के सम्बंध में सभी शर्ते पूर्ववत रहेंगी।

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25 लाख रुपये तक के स्टाक रखने वाले टेंट व्यवसाईयों द्वारा मूल्य संविर्धत कर के विकल्प में समाधान योजना लागू करने सम्बंधी प्रस्ताव मंजूर

मन्त्रिपरिषद ने 25 लाख रुपये तक के स्टाक रखने वाले टेन्ट व्यवसाइयों द्वारा टेन्ट, कनात, मेज, कुर्सी, कालीन, दरी, चादर, गद्दा रजाई, तकिया, बेड तथा सजावट के सामान के उपयोग के अधिकार के अन्तरण पर देय मूल्य संविर्धत कर के विकल्प में समाधान योजना लागू करने सम्बंधी प्रस्ताव को मंजूरी प्रदान कर दी है। इस योजना से राज्य सरकार को एक करोड़ रुपये के अतिरिक्त राजस्व की प्राप्ति सम्भावित है।

मन्त्रिपरिषद द्वारा लिये गये निर्णय के अनुसार इस समाधान योजना में व्यवसाइयों द्वारा टेन्ट, कनात, मेज, कुर्सी, कालीन, दरी, चादर, गद्दा रजाई, तकिया, बेड तथा सजावट के सामान सम्मलित है। इन सभी वस्तुओं को स्टाक में शामिल करते हुए समाधान शुल्क की गणना की जायेगी। द्वितीय वर्ष 2007-08 की 3 माह की अवधि (1 जनवरी से 31 मार्च 2008 तक), 2008-09 या 2009-10 में यदि किसी व्यवसायी द्वारा समाधान राशि से अधिक की धनराशि नक्शा/रुपपत्र-24 के साथ स्वीकृत कर के रुप में जमा की गई है तो ऐसी अधिक धनराशि वापसी योग्य नहीं होगी। जिन मामलों में उपयुZक्त अवधि का एक पक्षीय रुप से कर निर्धारण नहीं करते हुए सुनवाई के उपरान्त कर निर्धारण कार्यवाही सम्पादित की गई हो, उसमें समाधान योजना की सुविधा अनुमन्य नहीं होगी।

मूल्य संविर्धत कर अधिनियम के अधीन देय कर के विकल्प में समाधान योजना के तहत विकल्प देने वाले टेन्ट व्यवसाइयों द्वारा आयुक्त व्यापार कर द्वारा इस योजना को निर्गत किये जाने की तिथि से 45 दिन के अन्दर निर्धारित प्रारुप मे विकल्प, प्रार्थना-पत्र एवं शपथ-पत्र निर्धारित समाधान राशि के जमा के ट्रेजरी चालान के साथ अपने कर निर्धारण अधिकारी के समक्ष प्रस्तुत किया जायेगा। 45 दिन की अवधि समाप्त होने के बाद अगले 30 दिन की अवधि में 15 प्रतिशत वाषिZक ब्याज सहित समाधान राशि एवं विकल्प प्रार्थना पत्र/शपथ पत्र स्वीकार किया जायेगा। समाधान योजना अपनाने वाले व्यवसाइयों द्वारा कोई टैक्स, इनवाईस, सेल इनवाईस जारी नहीं किया जायेगा तथा ऐसे व्यवसाइयों को किसी प्रकार की आईटीसी की सुविधा अनुमन्य नहीं होगी।

यह योजना केवल टेन्ट व्यवसाईयों द्वारा टेन्ट, कनात, मेज, कुर्सी, कालीन, दरी, चादर, गद्दा रजाई, तकिया, बेड तथा सजावट के सामान के उपयोग करने के अधिकार के अन्तरण पर देय मूल्य संविर्धत कर के विकल्प के लिए ही अनुमन्य होगी। यदि किसी टेन्ट व्यवसायी द्वारा इन वस्तुओं की खरीद अथवा बिक्री की जाती है अथवा अन्य वस्तुओं की खरीद या बिक्री की जाती है, तो ऐसी खरीद अथवा बिक्री पर नियमानुसार उ0प्र0 मूल्य संविर्धत कर अधिनियम के अन्तर्गत कर का दायित्व होगा।

समाधान योजना के प्रार्थना पत्र एवं शपथ पत्र का प्रारुप कमिश्नर वाणिज्य कर द्वारा निर्धारित किया जायेगा। समाधान योजना अपनाने वाले व्यापारियों द्वारा प्रत्येक वित्तीय वर्ष के लिए समाधान योजना प्रारम्भ की प्रथम तिथि को अपना स्टाक समाधान योजना के प्रार्थना पत्र के साथ घोषित किया जायेगा। समाधान योजना के प्रार्थना पत्र एवं शपथ पत्र में अंकित तथ्यों के सम्बंध में वाणिज्य कर विभाग के अधिकारी जांच करने के लिए स्वतन्त्र होगें। जांच के समय टेन्ट व्यवसाईयों एवं उनके किसी प्रतिनिधि अथवा किसी कर्मचारी द्वारा जांच कार्य में किसी प्रकार का व्यवधान उत्पन्न नहीं किया जायेगा एवं जांच में पूर्ण सहयोग दिया जायेगा। जांच में व्यवधान उत्पन्न करने अथवा असहयोग करने की दशा में प्रार्थना-पत्र एवं शपथ पत्र में अंकित तथ्यों की विश्वसनीयता सन्दिग्ध मानते हुए कर निर्धारण अधिकारी द्वारा प्रार्थना पत्र अस्वीकार किया जा सकता है तथा उ0प्र0 मूल्य संविर्धत कर अधिनियम के तहत अन्य विधिक कार्यवाही की जा सकती है।

जो व्यापारी समाधान योजना एक बार अपना लेगें, उन्हें इस बात की अनुमति नहीं होगी कि वह समाधान योजना का विकल्प वापस ले लें। जो व्यापारी एक से अधिक जनपदों में काम करते हैं, वह अपने मुख्यालय की घोषणा सम्बंधित मुख्यालय के कर निर्धारक अधिकारी को देंगे तथा अन्य जिलों के ऐसे वाणिज्य कर अधिकारियों जिनके क्षेत्र में उनका उप-व्यापार स्थल स्थित है, को भी सूचित करेगें। जिन व्यापारियों का मुख्यालय उ0प्र0 अथवा देश के बाहर हो तथा उनके द्वारा प्रदेश के अन्दर भी विभिन्न जिलों में कार्य किया जाता है, तो ऐसे व्यापारी प्रदेश के अन्दर किसी एक कार्यस्थल को अपना प्रदेशीय मुख्यालय घोषित करेंगे।

समाधान राशि, उस पर देय ब्याज तथा अर्थदण्ड की वसूली उ0प्र0 मूल्य संविर्धत कर अधिनियम 2008 के प्राविधानों के अन्तर्गत भू-राजस्व की बकाया के रुप में की जायेगी। विवादित बिन्दुओं पर कमिश्नर, वाणिज्य कर का निर्णय अन्तिम होगा। शासन द्वारा वर्ष के दौरान समाधान योजना कभी भी पुनरीक्षित की जा सकती है या वापस ली जा सकती है। ऐसी दशा में समानुपातिक रुप से समाधान राशि देय होगी।

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उ0प्र0 राज्य सीमेंट निगम लि0 के छंटनीशुदा कार्मिकों को मा0 उच्चतम न्यायालय के आदेशों/संवीक्षण के अनुक्रम में सुविधायें प्रदान करने का निर्णय

मन्त्रिपरिषद ने उ0प्र0 राज्य सीमेंट निगम लि0 (परिसमापनाधीन) के छंटनीशुदा कार्मिकों को मा0 उच्चतम न्यायालय के आदेशों/संवीक्षण के अनुक्रम में सुविधायें प्रदान करने का निर्णय लिया है।

मन्त्रिपरिषद के निर्णय के अनुसार मा0 उच्चतम न्यायालय के आदेश 31 जनवरी, 2008 से आच्छादित सभी याचीगण एवं कार्मिको को उ0प्र0 राज्य सीमेंट निगम से छंटनी की तिथि से ही राजकीय सेवा में समायोजित माना जायेगा। इन कार्मिको को छंटनी के दिनांक से एडेड इंक्रीमेंट तथा उक्त तिथि से एरियर भी अनुमन्य होगा।

अवमानना याचीगण एवं मा0 उच्चतम न्यायालय के आदेश दिनांक 31 जनवरी, 2008 से आच्छादित कार्मिकों को उनके द्वारा पूर्व में उ0प्र0 राज्य सीमेंट निगम में गई सेवा का लाभ पेंशनरी लाभों के प्रयोजनार्थ आंगणित नही की जायेगी।

सालिड वेस्ट मैनेजमेंट परियोजना के लिए कृषि विभाग की 19 हे. भूमि नगर विकास विभाग को नि:शुल्क हस्तान्तरित करने का निर्णय

मन्त्रिपरिषद ने सालिड वेस्ट मैनेजमेंट परियोजना के अन्तर्गत लैण्ड फिल साइट हेतु कृषि विभाग की भूमि नगर विकास विभाग को नि:शुल्क हस्तान्तरित करने का निर्णय लिया है।

मन्त्रिपरिषद द्वारा लिए गये निर्णय के अनुसार जनपद लखनऊ स्थित ग्राम सभा शिवरी में 44.929 हेक्टेयर भूमि सचिव, कृषि विभाग उ0प्र0 लखनऊ ऊसर सुधार के नाम दर्ज है, जिसमें से 19 हेक्टेयर भूमि को सालिड वेस्ट मैनेजमेंट परियोजना के क्रियान्वयन हेतु नगर विकास विभाग को नि:शुल्क प्रदान की जायेगी।

ज्ञातव्य है कि नगर विकास विभाग द्वारा सालिड वेस्ट मैनेजमेंट परियोजना के क्रियान्वयन हेतु प्रथम चरण (प्रथम 3 वषोंZ के लिए) के लिए आवश्यक 19 हेक्टेयर भूमि तत्काल उपलब्ध कराने का अनुरोध शासन से किया गया है।

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उ0प्र0 सहकारी ग्राम विकास बैंंक लि0 लखनऊ द्वारा ऋणपत्रों के निर्गमन हेतु शासन द्वारा नाबार्ड के पक्ष में 3400 करोड़ रुपये की शासकीय गारण्टी मंजूर

मन्त्रिपरिषद ने उत्तर प्रदेश सहकारी ग्राम विकास बैंक लिमिटेड लखनऊ द्वारा ऋणपत्रों के निर्गमन हेतु शासन द्वारा नाबार्ड के पक्ष में वर्ष 2010-11 के लिए 3400 करोड़ रुपये की शासकीय गारण्टी स्वीकृत करने सम्बंधी प्रस्ताव को मंजूरी प्रदान कर दी है।

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मन्त्रिपरिषद द्वारा उ0प्र0 सहकारी समिति अधिनियम में संशोधन हेतु अध्यादेश जारी करने तथा यथासमय इसका प्रतिस्थानी विधेयक लाने हेतु अधिसूचना सम्बंधी प्रस्ताव अनुमोदित

मन्त्रिपरिषद ने उ0प्र0 सहकारी समिति अधिनियम 1965 की धारा 29क, 64, 31-क एवं धारा 104 में संशोधन किये जाने हेतु अध्यादेश जारी किये जाने तथा यथासमय इसका प्रतिस्थानी विधेयक लाये जाने हेतु अधिसूचना सम्बंधी प्रस्ताव को अनुमोदित कर दिया है।

मन्त्रिपरिषद द्वारा लिये गये निर्णय के अनुसार इस अधिसूचना में उ0प्र0 सहकारी समिति अधिनियम 1965 की धारा 29(क), जिसमें प्रारिम्भक कृषि ऋण सहकारी समितियों, केन्द्रीय बैकों एवं शीर्ष बैक के प्रबन्ध कमेटी के शक्तियों तथा कर्तव्यों का प्राविधान है, में उपखण्ड-सोलह-क जोड़ते हुए प्रबन्ध कमेटी द्वारा आन्तरिक नियन्त्रण व्यवस्था निर्धारित करने, अंकेक्षकों को नियुक्त करने तथा अंकेक्षण की प्रतिपूर्ति करने का प्राविधान होगा। इसी प्रकार उक्त अधिनियम की धारा 31-क में खण्ड ग्यारह को संशोधित करते हुए यह प्राविधान होगा कि प्रबन्ध निदेशक, प्रबन्ध समिति द्वारा बनाये गये विनियमों के अधीन रहते हुए, निर्माण कार्य के दौरान 10 लाख रुपये तक की प्रत्येक और उसके पश्चात 5 लाख रुपये तक की प्रत्येक संविदा को स्वीकृत करेगें।

उक्त अधिनियम के धारा-64 में उप धारा (1) में उपलब्ध प्रतिबन्धात्मक खण्ड को संशोधित करते हुए यह प्राविधान किया जायेगा कि सहकारी बैंको के खातो की लेखा परीक्षा राष्ट्रीय बैंक द्वारा अनुमोदित पैनल के चार्टर्ड एकाउटेंट द्वारा की जायेगी। इसी अधिनियम की धारा-104 में संशोधन करते हुए धारा-8 की उपधारा-2 या धारा 106 के उपबन्धों का उल्लंघन करने पर अर्थदण्ड की राशि को बढ़ाये जाने का प्राविधान होगा।

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औद्योगिक विकास प्राधिकरण द्वारा निष्पादित होने वाले एग्रीमेंट विलेखों पर स्टाम्प शुल्क छूट अनुमन्य करने का निर्णय

मन्त्रिपरिषद ने औद्योगिक विकास प्राधिकरण द्वारा निष्पादित होने वाले एग्रीमेंट विलेखों पर स्टाम्प शुल्क छूट अनुमन्य करने का निर्णय लिया है।

मन्त्रिपरिषद द्वारा लिये गये निर्णय के अनुसार औद्योगिक विकास प्राधिकरणों द्वारा निष्पादित ऐसे इकरारनामे, जिनके अनुसार द्वितीय पक्ष को देय भूमि का कब्जा नहीं मिल पाया है और कब्जा दिया जाना सम्भव नहीं है, जिसमें द्वितीय पक्ष की कोई त्रुटि भी नहीं है तथा द्वितीय पक्ष इकरारनामे के आधार पर भूमि पर अपने अधिकार का दावा प्राधिकरण के पक्ष में छोड देता है, तो ऐसे विलेखों के सम्बंध में भारतीय स्टाम्प अधिनियम की धारा-9 के अन्तर्गत स्टाम्प शुल्क अथवा परिणामी दण्ड तथा ब्याज से छूट प्रदान की जायेगी। ऐसे किसी विलेख पर सन्दत्त स्टाम्प शुल्क वापस नहीं किया जायेगा।

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बरगढ़ में 660 मेगावाट की तीन परियोजनाओं हेतु समझौता ज्ञापन करने का निर्णय

राज्य सरकार ने ऊर्जा नीति-2009 के प्राविधानों के अन्तर्गत एम0ओ0यू0 रूट के माध्यम से बरगढ़ में 660 मेगावाट की तीन परियोजनाओं हेतु समझौता ज्ञापन करने का निर्णय लिया है। इस आशय के प्रस्ताव को उत्तर प्रदेश की माननीया मुख्यमन्त्री सुश्री मायावती जी की अध्यक्षता में आज सम्पन्न हुई मन्त्रिपरिषद की बैठक में अनुमोदित किया गया।

मन्त्रिपरिषद के निर्णय के अनुसार ऊर्जा नीति के प्राविधानों के अनुसार बरगढ़ तापीय परियोजना से शत-प्रतिशत विक्रय योग्य ऊर्जा नियामक आयोग द्वारा निर्धारित की जाने वाली दरों को क्रय करने के प्राविधान के साथ मेसर्स बजाज हिन्दुस्तान लिमिटेड के कन्सोर्टियम से समझौता ज्ञापन इस प्रतिबन्ध के साथ किया जायेगा कि वे पानी की सीमित उपलब्धता को ध्यान में रखते हुए परियोजना में एयर कूलिंग सिस्टम का प्रयोग करेंगे।

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ईंंट भट्‌ठा सीजन वर्ष 2010-2011 में एक मुश्त धनराशि लिये जाने संबंधी समाधान योजना कतिपय शर्तो के साथ लागू करने का निर्णय

मंत्रिपरिषद ने ईंट भट्‌ठा सीजन वर्ष 2010-2011 में दिनांक 1 अक्टूबर 2010 से 30 सितम्बर, 2011 तक की अवधि हेतु उ0प्र0 मूल्य संवर्धित कर अधिनियम 2008 के अन्तर्गत ईंट निर्माता व्यापारियों द्वारा निर्मित ईंटो, ईंट भट्‌ठों में निर्मित टाइल्स, ईंट के रोड़ों तथा राबिस की बिक्री पर और ईंटो के निर्माण में प्रयुक्त कोयला, बालू तथा लकड़ी के बुरादे की खरीद पर इस अधिनियम के अधीन देय कर तथा उ0प्र0 स्थानीय क्षेत्र में माल के प्रवेश पर कर अधिनियम 2007 के अधीन कोयले पर देय प्रवेश कर के विकल्प में एक मुश्त धनराशि लिये जाने संबंधी समाधान योजना कतिपय शर्तो के साथ लागू करने का निर्णय लिया है।

मंत्रिपरिषद द्वारा लिये गये निर्णय के अनुसार सीजन वर्ष 2010-11 1 अक्टूबर 2010 से 30 सितम्बर, 2011 तक की अवधि के लिए समाधान राशि सीजन वर्ष 2009-2010 की अवधि में लिये गये विभिन्न पायों के भट्‌ठो के लिए निर्धारित समाधान राशि के बराबर निर्धारित की जायेगी। कतिपय ईंट भट्‌ठो में फुंकाई शीघ्र पूरी करने के उद्देश्य से हाई डाट तकनीक वाले भट्‌ठों के लिए समाधान राशि नॅान हाई डाट भट्‌ठो के लिए निर्धारित समाधान राशि से 10 प्रतिशत अधिक होगी। कोयले की खरीद पर देय प्रवेश कर के विकल्प के रुप में समाधान राशि निर्धारित समाधान राशि का 10 प्रतिशत अतिरिक्त देय होगी तथा कोयले पर प्रवेश कर के विकल्प के रुप में समाधान योजना अपनाने के लिए तदनुसार समाधान राशि जमा करनी होगी।

सीजन वर्ष 2010-11 के प्रारम्भ अर्थात दिनांक दिनांक 1 अक्टूबर 2010 से पूर्व स्थापित एवं विभाग में पंजीकृत ईंट भट्‌ठों की ओर से कम से कम 320 करोड़ रुपये की धनराशि जमा की जायेगी। समाधान योजना के कमिश्नर वाणिज्य कर उ0प्र0 द्वारा परिपत्रित करने के 20 दिन के अन्दर ईंट भट्‌ठा व्यवसाइयों द्वारा समाधान योजना हेतु विकल्प का प्रार्थना पत्र निर्धारित समाधान धनराशि के जमा प्रमाण-पत्र के साथ संबंधित कर निर्धारण अधिकारी के समक्ष प्रस्तुत किया जायेगा।

समाधान योजना अपनाने वाले ईंट भट्‌ठा व्यापारियों को आई0टी0सी0 का लाभ अनुमन्य नहीं होगा। व्यापारियों द्वारा समाधान की अवधि में न तो कोई कर वसूल किया जायेगा और न ही कोई इनवाईस जारी की जायेगी। आई0टी0सी अनुमन्य नहीं होने के कारण यदि कोई मांग सृजित होती है, तो उसे माफ करने का अधिकार संबंधित कर निर्धारण अधिकारी को होगा। व्यापारी जिस भट्‌ठे के लिए समाधान योजना का विकल्प चुनता है, समाधान योजना केवल उसी भट्‌ठे के लिए लागू मांगी जायेगी। व्यापारी यदि उससे भिन्न किसी भट्‌ठे से भी निर्मित किसी माल की बिक्री करते हैं या अन्य प्रकार के क्रय-विक्रय के कार्य करते है तो अन्य भट्‌ठे पर निर्मित माल अथवा अन्य प्रकार के क्रय-विक्रय पर देय कर इस समाधान योजना से आच्छादित नहीं होगा।

यदि किसी ईंंट निर्माता द्वारा गत सीजन वर्षों में समाधान योजना अपनायी गयी थी, परन्तु समाधान राशि की सभी किश्तें जमा नहीं की गयी है, तो उक्त बकाया समाधान राशि ब्याज सहित जमा करने के प्रमाण पत्र के साथ ही इस सीजन वर्ष के लिए दिये गये समाधान प्रार्थना पत्र को समाधान राशि के साथ जमा करने पर स्वीकार किया जायेगा, अन्यथा समाधान योजना का लाभ अनुमन्य नहीं होगा। केवल पंजीकृत व्यापारी तथा ऐसे व्यापारी, जिन्होंने पंजीयन प्रार्थना पत्र प्रस्तुत कर दिया और वह अस्वीकृत नहीं हुआ है, इस योजना के पात्र होंगे। योजना में भाग लेने वाले व्यापारियों द्वारा निर्मित माल की बिक्री पर उ0प्र0 मूल्य संवर्धित कर अधिनियम 2008 के अन्य किसी प्राविधान की कोई भी अन्य रियायत अनुमन्य नहीं होगी। सीजन वर्ष के दौरान नये खुदे हुये ईंट भट्‌ठे में फुंकाई आरम्भ होने की तिथि से 30 दिन के अन्दर समाधान योजना हेतु प्रार्थना पत्र प्रस्तुत किया जायेगा।

यदि सीजन वर्ष के दौरान 31 मार्च तक फुंकाई आरम्भ कर दी जाती है, तो पूरे सीजन वर्ष के लिए नियत समाधान राशि देय होगी। यदि नये खुदे भट्‌ठे में फुंकाई 31 मार्च के बाद की जाती है तो समाधान राशि पूरे सीजन वर्ष के लिए नियत समाधान राशि के 75 प्रतिशत के बराबर देय होगी। यदि ईंट भट्‌ठा सीजन वर्ष 2010-11 के पूर्व स्थापित एवं विभाग में पंजीकृत भट्‌ठों से 320 करोड़ रुपये से कम धनराशि के लिए समाधान के विकल्प प्रार्थना पत्र प्राप्त होते हैं तो, समाधान योजना अपनाने वाले ऐसे भट्‌ठों द्वारा अवशेष राशि के समानुपातिक रुप से इसकी क्षतिपूर्ति की जायेगी। आयुक्त वाणिज्य कर द्वारा आगामी किश्तों का निर्धारण फरवरी, 2011 के बाद अनुपातिक रुप से किया जायेगा अथवा समाधान योजना अस्वीकार करनें पर भी शासन विचार कर सकता है।

यदि सीजन वर्ष के पूर्व स्थापित एवं पंजीकृत ईंट भट्‌ठों से 31 मई 2011 तक 320 करोड़ रुपये से अधिक समाधान राशि सीजन वर्ष 2010-11 के लिए प्राप्त होती है, तो अधिक प्राप्त धनराशि का 50 प्रतिशत समानुपातिक रुप से समाधान योजना स्वीकार करनें वाले ईंट निर्माताओं को अगले वर्ष देय होने वाले समाधान धनराशि में अन्तिम किश्त में समायोजित की जायेगी। जिन भट्‌ठों के बारे में अगले सीजन वर्ष में समाधान योजना नही अपनाई जायेगी, उन्हें यह समायोजन अनुमन्य नहीं होगा।

सीजन वर्ष 2009-10 के पूर्व स्थापित एवं विभाग में पंजीकृत ईंट भट्‌ठों द्वारा सीजन वर्ष 2009-10 के लिए 31 दिसम्बर, 2010 तक जमा समाधान राशि 252 करोड़ रुपये से जितनी अधिक होगी, उसका 50 प्रतिशत धनराशि समानुपातिक रुप से सीजन वर्ष 2010-11 की समाधान योजना की अन्तिम किश्त में समायोजित की जायेगी। यदि ऐसे व्यापारी द्वारा ऐसे ईंट भट्‌ठे के लिए सीजन वर्ष 2010-11 में समाधान योजना स्वीकार की गयी है।

प्रार्थना पत्र तथा शपथ पत्र आदि में अंकित तथ्यों के संबंध मेंं वाणिज्य कर विभाग के अधिकारी ईंट भट्‌ठों आदि की जांच करने के लिए स्वतंत्र होंगे। ऐसी जांच के समय ईंट निर्माता, व्यापारी अथवा उनके कोई कर्मचारी या प्रतिनिधि जांच कार्य में किसी प्रकार का व्यवधान उत्पन्न नहीं करेंगे और जांच में पूरा सहयोग देंगे। व्यवधान उत्पन्न होने अथवा असहयोग करने की स्थित में प्रार्थना पत्र तथा शपथ पत्र में अंकित तथ्यों के बारे में विपरीत निष्कर्ष निकाला जायेगा। साथ ही यदि कर निर्धारण अधिकारी द्वारा ऐसा उचित समझा जाय, जो प्रार्थना पत्र अस्वीकार किया जा सकता है तथा उ0प्र0 मूल्य संवर्धित कर अधिनियम के अन्तर्गत अन्य विधिक कार्यवाही भी की जा सकती है। समाधान प्रार्थना पत्र, शपथ पत्र/अनुबन्ध पत्र का प्रारुप कमिश्नर, वाणिज्य कर द्वारा निर्धारित किया जायेगा। विवादित बिन्दु पर कमिश्नर, वाणिज्य कर, उ0प्र0 का निर्णय अन्तिम होगा।

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खादी वस्त्रों पर 10 प्रतिशत की विशेष छूट

उत्तर प्रदेश की माननीया मुख्यमंत्री सुश्री मायावती जी की अध्यक्षता में आज यहां सम्पन्न हुई मंत्रिपरिषद की बैठक में वर्ष 2010-11 में गांधी जयंती के अवसर पर खादी वस्त्रों की फुटकर बीि पर 10 प्रतिशत की विशेष छूट प्रदान करने का निर्णय लिया गया।

मंत्रिपरिषद द्वारा लिए गए निर्णय के अनुसार सूती, रेशमी व पॉली खादी वस्त्रों की बीि पर 03 अक्टूबर, 2010 से 60 कार्य दिवसों के लिए छूट अनुमन्य रहेगी। नी कम्बल, कम्बली सहित की बीि पर भी 01 नवम्बर 2010 से 60 कार्य दिवसों के लिए विशेष छूट अनुमन्य होगी।

उल्लेखनीय है कि प्रदेश में खादी की कुल 617 मान्यता प्राप्त संस्थाएं खादी के उत्पादन एवं बीि में लगी हुई हैं। वित्तीय वर्ष 2009-10 में इन्हीं संस्थाओं द्वारा 198 करोड़ रूपये का उत्पादन एवं 223 करोड़ रूपये की बीि की गयी, जिससे लगभग 8-93 लाख कत्तिन/बुनकर एवं अन्य व्यक्तियों को रोजगार के अवसर उपलब्ध हुए।

खादी उत्पादन व विकास को बढ़ावा देने के उद्देश्य से प्रतिवर्ष राज्य सरकार द्वारा गांधी जयंती के अवसर पर निर्धारित अवधि में की जाने वाली खादी वस्त्रों की फुटकर बीि पर 10 प्रतिशत की विशेष छूट प्रदान की जाती रही है। वर्ष 2009-10 में भी राज्य सरकार द्वारा गांधी जयंती के अवसर पर सूती, रेशमी, पाली खादी एवं नी खादी कम्बल, कम्बली पर 10 प्रतिशत की विशेष छूट प्रदान की गयी है।
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सुरेन्द्र अग्निहोत्री
मो0 9415508695
upnewslive.com

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आदरणीय अटल बिहारी बाजपेयी के 87वें जन्म दिन के अवसर पर कुड़ियाघाट पर एक भब्य आयोजन

Posted on 25 December 2010 by admin

6भारत के पूर्व प्रधानमन्त्री आदरणीय अटल बिहारी बाजपेयी के 87वें जन्म दिन के अवसर पर पार्टी के लखनऊ महानगर इकाई ने लखनऊ के वरिष्ठ नेता सांसद लाल जी टण्डन के मुख्य संरक्षकत्व में कुड़ियाघाट पर एक भब्य आयोजन किया। जिसमें मुख्य अतिथि के रूप में पार्टी के राज्य सभा में नेता प्रतिपक्ष श्री अरूण जेटली सम्मिलित हुये। कार्यक्रम का प्रारम्भ किशोर चतुर्वेदी और स्वाति के संगीतमय सांस्कृतिक कार्यक्रम के साथ प्रारम्भ हुआ। सूरदास के पद ´सबसे बड़ी पे्रम सगाई´ और ´हिन्दू तन मन, हिन्दू जीवन, रग-रग हिन्दू मेरा परिचय´ तथा मैं अखिल विश्व गुरू मेरे वेदों का ज्ञान अमर, के गीतों से जहां समा बांधा वहीं वाहिद अली वाहिद और अनपढ़ ने अपनी कविता प्रेम पन्थ वाला ही मेरा अभ्यागत है, जन्म दिवस की इस वेला पर अभिनन्दन है स्वागत है तथा हार न माना कभी, रार न ठाना कभी, लखनऊ की शान अटल बिहारी जी भारती का स्वाभिमान के माध्यम से उपस्थित विशाल जन समुदाय के मन को मोह लिया।

सांस्कृतिक कार्यक्रम के साथ अटल जी के सहयोगी रहे पूर्व महापौर पदमश्री डा0 एस0सी0राय, श्री बजरंग शरण तिवारी उदयनारायण मेहरोेत्रा, श्रीनिवास तिवारी, राघवराम मिश्र, वंशीलाल गुप्ता, लाजपतराय चोपड़ा, पूर्व सभासद तथा पूर्व शासकीय अधिवक्ता बृज बहादुर सक्सेना, एल0बी0वाष्णेZव, बद्रीप्रसाद अवस्थी, सुराज बहादुर रस्तोगी, ईशचन्द्र सक्सेना (जिसके यहां अटल जी ने 1954 के चुनाव की पहली बैठक की थी) डा0 रास बिहारी, पे्रमचन्द अग्रवाल, आदि लोगों को माला पहना कर और शाल भेंट कर अरूण जेटली और टण्डन जी ने सम्मानित किया। इस अवसर पर शान्ति के प्रतीक कबूतर और तोते आसमान में उड़ाये गये। इस कार्यक्रम को संबोधित करते हुये श्री लाल जी टण्डन ने कहा अटल जी को लखनऊ का सान्ताक्लाज कहा जाता है। लखनऊ अटल जी की कर्मभूमि है। पत्रकार, कवि और फिर राष्ट्र नेता, वह ऐसे महापुरूष हैं जिन्होंने भारत का दिशाचक्र बदल दिया। मुख्य अतिथि के रूप में कार्यक्रम को संबोधित करते हुये अरूण जेटली ने कहा कि अटल जी एक ऐसे युग पुरूष हैं जिन्होंने अपने कृत्तिव, व्यक्तित्व, भाषा, और कार्यशैली से लम्बे अरसे से समाज को प्रभावित किया। पिछले 60 वषोZ में भारत में कोई ऐसा महान नेता नहीं हुआ। वह राजनेता से स्टेटसमेन बने और विभिन्न मुद्दों पर राष्ट्र की आवाज बने। उन्होंने उनके साथ अनुभवों की चर्चा करते हुये कहा कि संसद में जब वो बोलते थे तो वातावरण एकदम शान्त हो जाता था। यह उनकी विश्वसनीयता और देशभक्त, राष्ट्रीय छवि के नाते था। हम लोगों ने उनसे सीखा कि वह कभी व्यक्ति पर टिप्पणी नहीं करते थे मुद्दों पर बहस करते थे और छोटी बात और छोटी बहस में कभी नहीं पड़ते थे। उनकी चुप रहने की कला ऐसी विलक्षण थी जो कई बार स्वत: अनेक प्रश्नों का उत्तर दे देती थी। उन्होंने कश्मीर मुद्दे को लेकर वर्तमान सरकार द्वारा भेजे गये सर्वदलीय प्रतिनिधि मण्डल में अपने अनुभवों की चर्चा करते हुये कहा कि कश्मीर में हमसे मिलने वाला शायद ही कोई ऐसा प्रतिनिधि मण्डल हो जिसने स्वत: अटल जी की चर्चा न की हो। ऐसा विलक्षण व्यक्तित्व अटल जी का है। प्रधानमन्त्री के रूप में अटल जी की कश्मीर यात्रा को लेकर पूछे गये प्रश्न का जिक्र करते हुये श्री जेटली ने कहा कि अटल जी का जवाब था तकनीक से हटकर वो इंसानियत के दायर में बात करेंगे। सभी ने अटल जी के जन्मदिन के अवसर पर उनके उत्तम स्वास्थ्य और दीघZ जीवन की इ्रZश्वर से कामना की।

12कार्यक्रम का संचालन रमेश कपूर बाबा और धन्यवाद ज्ञापन महापौर डा0 दिनेश शर्मा ने किया। श्री विन्ध्यवासिनी कुमार, नरेन्द्र सिंह, सुरेश श्रीवास्तव, सुरेश तिवारी, विद्यासागर गुप्ता, गोमती यादव, आशुतोष टण्डन, सन्तोष सिंह, दयाशंकर सिंह, राजेन्द्र तिवारी, राजेन्द्र सिंह, हरीशचन्द्र श्रीवास्तव, दिलीप श्रीवास्तव, मनीष दीक्षित, दिवाकर सेठ, हरीश द्विवेदी, नीरज गुप्ता, दिनेश तिवारी, मनीष शुक्ला, गोविन्द पाण्डेय, राजीव मिश्रा, आलोक अवस्थी, डा0 अनुपम आलोक, हीरो बाजपेई, रमेश तुफानी, संजय शुक्ला, अनुपमा जायसवाल, रंजना द्विवेदी, रूमाना सिददकी आदि अनेक प्रमुख नेता और कार्यकर्ता कार्यक्रम में उपस्थित थे।

सुरेन्द्र अग्निहोत्री
मो0 9415508695
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माननीया मुख्यमन्त्री जी ने सशस्त्र सेना झण्डा दिवस पर सभी भूतपूर्व एवं वर्तमान सैनिकों को हादिZक शुभकामनाएं दीं

Posted on 07 December 2010 by admin

सशस्त्र सेना झण्डा दिवस निधि में प्रदेशवासियों से माननीया मुख्यमन्त्री जी ने उदारतापूर्वक सहयोग की अपील की

राज्य सरकार सैनिकों के कल्याण के प्रति पूरी तरह संवेदनशील -माननीया मुख्यमन्त्री जी

उत्तर प्रदेश की माननीया मुख्यमन्त्री सुश्री मायावती जी ने सशस्त्र सेना झण्डा दिवस के अवसर पर सभी भूतपूर्व और वर्तमान सैनिकों को हादिZक शुभकामनाएं दी हैं।

untitled-11माननीया मुख्यमन्त्री जी नेे देश के लिए सर्वोच्च बलिदान देने वाले वीर सैनिकों को अपनी भावभीनी श्रद्धांजलि अर्पित करते हुए प्रदेशवासियों से सशस्त्र सेना बलों के जवानों और उनके परिवारों के कल्याण के लिए स्थापित Þसशस्त्र सेना झण्डा दिवस निधिß में उदारतापूर्वक सहयोग करने की अपील की है।

माननीया मुख्यमन्त्री सुश्री मायावती जी आज यहां अपने सरकारी आवास-5 कालीदास मार्ग पर सशस्त्र सेना झण्डा दिवस के अवसर पर सशस्त्र सेना झण्डा दिवस नीधि में दान करने के बाद सैनिक कल्याण विभाग के अधिकारियोें से बातचीत कर रहीं थीं। इस मौके पर माननीया मुख्यमन्त्री जी को फ्लैग लगाया गया।

माननीया मुख्यमन्त्री जी ने कहा कि राज्य सरकार सैनिकों के कल्याण के लिए पूरी तरह संवेदनशील है। उन्होंने कहा कि भूतपूर्व सैनिकों और उनके आश्रितों को समाज में उचित स्थान देना और वैकल्पिक रोजगार के अवसर उपलब्ध कराना एक राष्ट्रीय जिम्मेदारी है। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार सेवारत सैनिकों के परिवारों तथा भूतपूर्व सैनिकों तथा शहीद सैनिकों के आश्रितों तक कल्याणकारी योजनाओं का लाभ पहुंचाने के प्रति पूरी तरह सजग है।

माननीया मुख्यमन्त्री जी ने कहा कि आन्तरिक सुरक्षा तथा प्राकृतिक आपदाओं एवं आपातकालीन स्थिति से मुकाबला करने में सशस्त्र सेना बलों के जवानों का सराहनीय योगदान है। उन्होंने कहा कि आज का अवसर उन सभी वीर सैनिकों को याद करने का दिन है, जिन्होंने देश की रक्षा के लिए अपने प्राण न्योछावर कर दिये और शौर्य अलंकरण प्राप्त कर प्रदेश तथा देश का गौरव बढ़ाया है।

सुरेन्द्र अग्निहोत्री
मो0 9415508695
upnewslive.com

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