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देश और प्रदेश की हुई दुर्दशा के पीछे कांगे्रस, सपा तथा बहुजन समाज पार्टी जिम्मेदार है

Posted on 15 October 2011 by admin

4सारे भ्रष्टाचार के माले में इन तीनों पार्टी के लोगों का हाथ है। हालात यहां तक है कि देश के गृहमंत्री भी जेल जाने वाले हैं। चार केन्द्रीय मंत्री पहले से ही जेल के अन्दर हंै।
जन स्वाभिमान यात्रा के दूसरे दिन पत्रकारों से बातचीत करते हुए भारतीय जनता पार्टी के पूर्व राष्ट्रीय अध्यक्ष राजनाथ सिंह ने कहा कि पूरे देश में अन्ना हजारे के आंदोलन की सराहना हुई है। हम चाहते हैं कि देश के अन्दर सख्त जन लोकपाल लागू होना चाहिए। अगर अन्ना चाहेंगे तो हम अंगद के पैर की तरह अन्ना का समर्थन करेंगे।
श्री सिंह ने कहा कि जन स्वाभिमान यात्रा से लग रहा है कि जनता परिवर्तन चाहती है और अच्छा शासन सिर्फ भाजपा ही दे सकती है। उ0प्र0 में भाजपा सरकार जनता ने देखी है। सभी पार्टियों में कोई अच्छा शासन दे सकती है तो वह भाजपा है। अटल जी के छःवर्ष के शासन में कोई भी घोटाले सामने नहीं आए। सर्वेक्षण में भी साफ हुआ है कि बेहतर सरकार भाजपा ही दे सकती है। भाजपा व्यक्ति और परिवार की पार्टी नहीं है। यह कार्यकर्ताओं की पार्टी है।
श्री राजनाथ सिंह ने कहा कि उ0प्र0 में केवल एनडीए का ही गठबंधन है और किसी से गठबंधन नहीं करेंगे। यहां भ्रष्टाचार अहंम मुद्दा है। प्रशान्त भूषण पर हमला निन्दनीय है लेकिन भारत कश्मीर का अभिन्न अंग है। उ0प्र0 में भाजपा सरकार बनने पर मायावती सरकार के घोटालों की जांच होगी और दोषी जेल जाएंगे।
इस अवसर पर भाजपा के राष्ट्रीय उपाध्यक्ष विनय कटियार ने कहा कि जब तक देश में कांगे्रस के हाथ खूनी पंजा रहेगा तब तक देश खुशहाल नहीं रह सकता। देश के अन्दर जितने भी घोटाले हुए हैं उन सब में कांगे्रस का हाथ है। देश में बढ़ती महंगाई के लिए कांगे्रस जिम्मेदार है। जिस तरह हनुमान जी ने लंका जलाई थी उसी प्रकार उ0प्र0 की जनता से कहना चाहूंगा कि अब प्रदेश में कांगे्रस का खूनी पंजा, मुलायम सिंह की साइकिल और मायावती का हाथी का चुनाव में दहन कर देना।
जन स्वाभिमान यात्रा के दूसरे दिन आज राजनाथ सिंह ने आठ विधानसभा क्षेत्रों में पहुंची तथा भारी संख्या में उमड़े युवाओं, किसानों और व्यापारियों के साथ संवाद स्थापित किया। श्री सिंह ने आज हाथरस, सादाबाद, सिकन्दराराऊ, अकराबाद तथा अलीगढ़ में 5 बड़ी सभाओं एवं जगह-जगह में बड़ी संख्या में उमड़ी भीड़ की 16 बड़ी स्वागत सभाओं को संबोधित किया। आगरा में मुख्य चैराहे पर स्वागत किया गया। लाल बहादुर चैक, अवन्तिका बाई चैराहा, राबली मंदिर, बाल्मीकि वाटिका, सेन्ट जोन्स चैराहे, हरी पर्वत, दीवानी न्यायालय आदि स्थानों पर अल्पसंख्यक वर्ग सहित विभिन्न समाज के द्वारा जोरदार स्वागत किया गया। यात्रा में भारतीय जनता पार्टी में पूर्व प्रदेश अध्यक्ष डा0 रमापति राम त्रिपाठी, संतोष गंगवार, सुभाष पटेल, प्रदेश प्रवक्ता हरद्वार दुबे, महानगर अध्यक्ष अनिल महाजन, राजकुमार सांभा, सांसद राजशंकर कठेरिया, मेयर अंजुला ंिसह माहौर, विधायक जगन गर्ग आदि प्रमुख रूप से उपस्थित थे।

सुरेन्द्र अग्निहोत्री
मो0 9415508695
upnewslive.com

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मान्यवर श्री कांशीराम जी का सम्पूर्ण जीवन सामाजिक सदभाव के आधार पर देश में समतामूलक समाज की स्थापना के लिए समर्पित रहा- सुश्री मायावती

Posted on 09 October 2011 by admin

  • मान्यवर श्री कांशीराम जी की याद में भव्य स्मारक बनवाने के लिए लोगों ने मुख्यमंत्री की भूरि-भूरि प्रशंसा की
  • मुख्यमंत्री ने लगभग 6035 करोड़ रुपये की484 योजनाओं का लोकार्पण तथा शिलान्यास किया
  • आम जनता की भावनाओं को देखते हुए सभी स्मारक गर्मियों में (मार्च से अक्टूबर तक) प्रातः 11 बजे से सायं 9 बजे तक तथा जाड़े में (नवम्बर से फरवरी तक) प्रातः 11 बजे से सायं 8 बजे तक खुले रहेंगे- मुख्यमंत्री

cm-photo-3देश के करोड़ों दलितों, पिछड़ों और दबे-कुचले लोगों को सम्मानपूर्वक जीवन जीने का हक दिलाने के लिए आजीवन संघर्ष करने वाले बहुजन नायक मान्यवर श्री कांशीराम जी को आज उनकी पांचवीं पुण्यतिथि पर कृतज्ञ राष्ट्र ने बेहद आदर व सम्मान के साथ उन्हें याद किया है। उत्तर प्रदेश की मुख्यमंत्री एवं बी0एस0पी0 की राष्ट्रीय अध्यक्ष सुश्री मायावती जी के नेतृत्व में पूरे देश के करोड़ों बी0एस0पी0 कार्यकर्ताओं, पदाधिकारियों, समर्थकों, अनुयायियों, प्रशंसकों तथा सर्व समाज के सभी वर्गों के लोगों ने बामसेफ, डी0एस0-4 एवं बी0एस0पी0 के जन्मदाता एवं संस्थापक मान्यवर श्री कांशीराम जी को भावभीनी श्रद्धांजलि अर्पित की।
मान्यवर श्री कांशीराम जी की पांचवीं पुण्यतिथि पर आज ा मुख्यमंत्री सबसे पहले बहुजन समाज प्रेरणा केन्द्र गयीं, जहां मान्यवर श्री कांशीराम जी का अस्थि-कलश रखा गया है। वहां उन्होंने अस्थि-कलश पर पुष्पांजलि अर्पित कर मान्यवर श्री कांशीराम जी को भावभीनी श्रद्धांजलि दी। इस अवसर पर अन्य गणमान्य लोगों ने भी बहुजन नायक को श्रद्धांजलि अर्पित की।
तत्पश्चात मुख्यमंत्री ने उत्तर प्रदेश सरकार द्वारा निर्मित मान्यवर श्री कांशीराम जी स्मारक स्थल पर पहुंचकर वहां पर स्थापित मान्यवर श्री कांशीराम जी की प्रतिमा पर पुष्प अर्पित कर, उन्हें श्रद्धांजलि अर्पित की। इस मौके पर वरिष्ठ मंत्रीगण, अध्यक्ष उ0प्र0 राज्य सलाहकार परिषद, सांसद, विधायकगण, पार्टी पदाधिकारी एवं वरिष्ठ अधिकारियों ने भी बहुजन नायक को श्रद्धा-सुमन अर्पित किये। इस कार्यक्रम में बौद्ध भिक्षुओं द्वारा शांतिपाठ एवं प्रार्थना की गयी, जिसकेे बाद मुख्यमंत्री ी ने सभी बौद्ध भिक्षुओं को चीवर दान किया।
इस अवसर पर मान्यवर श्री कांशीराम जी स्मारक स्थल में भारी संख्या में लोग उपस्थित थे। मुख्यमंत्री ने मान्यवर श्री कांशीराम जी स्मारक स्थल का विस्तृत निरीक्षण किया और जन समूह का अभिवादन स्वीकार किया।
इसके बाद मुख्यमंत्री ने यहीं से मान्यवर श्री कांशीराम जी की पांचवीं पुण्यतिथि पर लगभग 6035 करोड़ रुपये के विकास एवं कल्याणकारी कार्यक्रमों की 484 योजनाओं का शिलान्यास एवं लोकार्पण किया। इस अवसर पर मंत्रीगण, अन्य जनप्रतिनिधि, पार्टी पदाधिकारी एवं वरिष्ठ अधिकारीगण उपस्थित थे। इस मौके पर जनता ने मान्यवर श्री कांशीराम जी की याद में माननीया मुख्यमंत्री जी द्वारा योजनाओं के लोकार्पण एवं शिलान्यास से भावुक होकर उनकी याद में ‘‘मान्यवर श्री कांशीराम जी अमर रहें’’ के नारे लगा रही थी।
यहां उपस्थित लोग, मान्यवर कांशीराम जी की याद में काफी भावुक थे और देश में अनुसूचित जाति/जनजाति, अन्य पिछड़ा वर्ग एवं अन्य उपेक्षित वर्गाें को अपने पैरों पर खड़ा करने हेतु अपना सम्पूर्ण जीवन समर्पित कर देने वाले मान्यवर श्री कांशीराम जी को आदर पूर्वक याद कर रहे थे। इन लोगों ने मान्यवर श्री कांशीराम जी के आदर और सम्मान में मुख्यमंत्री द्वारा इस भव्य स्मारक स्थल का निर्माण कराये जाने पर उनकी भूरि-भूरि प्रशंसा की और इस महत्वपूर्ण कार्य के लिए उन्हें ( मुख्यमंत्री सुश्री मायावती को) बधाई भी दी। मुख्यमंत्री के प्रस्थान के बाद वहां उपस्थित भीड़ भावुक होकर मान्यवर श्री कांशीराम जी को श्रद्धा-सुमन अर्पित करने के लिए उमड़ पड़ी। उल्लेखनीय है कि राज्य सरकार द्वारा बनवाये गये सभी स्मारकों को आज आम-जनता के लिए निःशुल्क दर्शनार्थ खोल दिया गया।
ज्ञातव्य है कि मुख्यमंत्री ने मान्यवर श्री कांशीराम जी की स्मृतियों को चिरस्थायी बनाने के लिए उनकी याद में अनेकों जनकल्याणकारी कार्यक्रम एवं परियोजनायें चलायीं हैं। इनके माध्यम से समाज के गरीब व कमजोर वर्गों का उत्थान हो रहा है और प्रदेश के लोग लाभान्वित हो रहे हैं। विकास व जनहित से जुड़े इन समस्त कार्यों की चर्चा पूरे देश में हो रही है। लखनऊ में मान्यवर श्री कांशीराम जी स्मारक स्थल तथा मान्यवर श्री कांशीराम जी ग्रीन (ईको) गार्डन का निर्माण कराया गया। साथ ही मान्यवर श्री कांशीराम जी यादगार विश्राम स्थल एवं बहुजन नायक पार्क का निर्माण भी कराया गया और बौद्ध विहार शांति उपवन में मान्यवर श्री कांशीराम जी की प्रतिमा स्थापित की गयी। इस मौके पर माननीया मुख्यमंत्री जी ने कहा कि अक्सर विरोधी पार्टियां जनता को गुमराह करने के लिए इन स्मारकों पर व्यय की आलोचना करती हैं। उन्होंने कहा कि यहां पर उमड़े जन-सैलाब को देखकर विरोधी पार्टियांे को अहसास हो गया होगा कि जनता के दिल में इन स्मारकों को लेकर कितनी आस्था है। उन्होंने कहा कि विरोधी पार्टियों को मालूम होना चाहिए कि इन स्मारकों को देखने के लिए प्रतिदिन भारी संख्या में भीड़ उमड़ रही है और 01 अक्टूबर, 2011 से इन स्मारकों को देखने के लिए टिकट की व्यवस्था की गयी है। जल्द ही टिकटों की बिक्री से आय, स्मारकों के निर्माण पर हुए व्यय से कई गुना अधिक हो जाएगी। टिकटों से प्राप्त इस आय को स्मारकों की देख-रेख में लगे लोगों पर होने वाले खर्च तथा स्मारकों के रख-रखाव पर लगाया जायेगा। इसके अतिरिक्त इन टिकटों की बिक्री से प्राप्त आय को गरीबों के उत्थान एवं विकास में भी खर्च किया जाएगा। वहां पर उपस्थित जनसमूह ने मुख्यमंत्री से स्मारकों में प्रवेश करने के लिए निर्धारित समय में विस्तार करने का अनुरोध किया। उनकी भावनाओं को देखते हुए मुख्यमंत्री ने स्मारकों को देखने के लिए गर्मियों में (मार्च से अक्टूबर तक) प्रातः 11 बजे से सायं 9 बजे तक तथा जाड़े में (नवम्बर से फरवरी तक) प्रातः 11 बजे से सायं 8 बजे तक जनता के दर्शनार्थ खुला रखने का अधिकारियों को निर्देश दिया।
इसके अलावा प्रदेश सरकार द्वारा मान्यवर श्री कांशीराम जी पर्यटन प्रबन्ध संस्थान स्थापित किया गया, जिसमें वर्ष 2010-11 से बी0बी0ए0 एवं बी0बी0ए0 (टूरिज्म) के नये पाठ्यक्रम प्रारम्भ हो गये हैं। इसके अलावा मान्यवर श्री कांशीराम जी पर्यावरण भवन का निर्माण एवं मान्यवर श्री कांशीराम जी बाल चिकित्सालय की स्थापना के महत्वपूर्ण निर्णय भी लिये गये। साथ ही, मान्यवर श्री कांशीराम जी अन्तर्राष्ट्रीय खेल पुरस्कार, मान्यवर श्री कांशीराम जी सामाजिक परिवर्तन सम्बन्धी पुरस्कार एवं मान्यवर श्री कांशीराम जी राज्य हथकरघा पुरस्कार की शुरूआत की गई।
राज्य सरकार द्वारा मान्यवर श्री कांशीराम जी की याद में कला सम्मान पुरस्कार तथा निर्यात प्रोत्साहन हेतु मान्यवर श्री कांशीराम जी निर्यात पुरस्कार दिये जाने का निर्णय भी लिया गया। मान्यवर श्री कांशीराम जी के जन्मदिन 15 मार्च एवं उनके परिनिर्वाण दिवस 09 अक्टूबर को सार्वजनिक अवकाश घोषित किया गया। इसके अलावा नोयडा में निर्मित राष्ट्रीय दलित प्रेरणा स्थल में डाॅ0 भीमराव अम्बेडकर के मानवतावादी मूवमेन्ट को गति प्रदान करने वाले मान्यवर श्री कांशीराम जी को भी पूरा-पूरा आदर-सम्मान दिया गया।
cm-photo-1मान्यवर श्री कांशीराम जी कृषि एवं प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय, बांदा की स्थापना हो चुकी है। इसके अलावा मान्यवर श्री कांशीराम जी के नाम से जनपद कांशीराम नगर का गठन, मान्यवर श्री कांशीराम जी राजकीय मेडिकल काॅलेज की सहारनपुर में स्थापना व मान्यवर श्री कांशीराम जी शहरी गरीब आवास योजना के अन्तर्गत गरीबों के लिए लगभग 1.5 लाख आवासों का निर्माण कराया गया। इसके साथ मान्यवर श्री कांशीराम जी यू0पी0 इंस्टीट्यूट आॅफ टेक्नोलाॅजी की स्थापना तथा लखनऊ में मान्यवर श्री कांशीराम जी उर्दू-अरबी-फारसी विश्वविद्यालय की भी स्थापना की गयी। शहरी दलित बाहुल्य बस्तियों के विकास के लिए मान्यवर श्री कांशीराम जी शहरी दलित बाहुल्य बस्ती समग्र विकास योजना प्रारम्भ की गयी।
मुख्यमंत्री का मानना है कि यह सभी विकास व जनकल्याणकारी कार्यक्रम एवं परियोजनाएं सामाजिक परिवर्तन आन्दोलन को नई गति देने वाले मान्यवर श्री कांशीराम जी को उनकी सरकार की ओर से विनम्र श्रंद्धाजलि है। परमपूज्य बाबा साहेब डा0 भीमराव अम्बेडकर के निधन के पश्चात मान्यवर श्री कांशीराम जी ने बाबा साहेब डा0 अम्बेडकर के मानवतावादी मूवमेन्ट को गम्भीरता से समझा और इनके अधूरे मूवमेन्ट को योजनाबद्ध तरीके से आगे बढ़ाया। मान्यवर श्री कांशीराम जी ने दलितों, पिछड़ों व समाज के अन्य कमजोर वर्गाें को संगठित करने के उद्देश्य से बाबा साहेब डा0 अम्बेडकर की जयन्ती पर 14 अप्रैल, 1984 को बहुजन समाज पार्टी का गठन किया। मान्यवर श्री कांशीराम जी अपने जीवनकाल में ही बहुजन समाज पार्टी की जिम्मेदारी ऐसे कुशल नेतृत्व के हाथों में सौंप कर गये हैं, जिसके कारण विरोधी पार्टियों के लोग बी0एस0पी0 को कभी खत्म करने में कामयाब नहीं हो पायेंगे।
बी0एस0पी0 के मूवमेन्ट को लेकर मान्यवर श्री कांशीराम जी के त्याग-तपस्या एवं संघर्ष को कभी भुलाया नहीं जा सकता। मुख्यमंत्री की यह भी सोच है कि बाबा साहेब डा0 अम्बेडकर के रूके कारवां को बहुजन नायक ने अपनी सूझ-बूझ एवं समर्पण भाव से आगे बढ़ाया, जिससे समाज में दबे-कुचले लोगों को ऊपर उठने का मौका मिला। उनका सम्पूर्ण जीवन सामाजिक सद्भाव के आधार पर देश में समतामूलक समाज की स्थापना के लिए समर्पित रहा। यही कारण है कि उत्तर प्रदेश में बी0एस0पी0 की सरकार मान्यवर श्री कांशीराम जी के बताये रास्ते पर चलकर, गैर-बराबरी वाली सामाजिक व्यवस्था को समाप्त करने एवं सर्वजन हिताय व सर्वजन सुखाय की नीति के आधार पर सर्वसमाज के सभी वर्गों के हितों के लिए काम कर रही है।

सुरेन्द्र अग्निहोत्री
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जन चेतना यात्रा 12 अक्टूबर से

Posted on 09 October 2011 by admin

कुशासन तथा स्वच्छ राजनीति के लिए समुचे देश में जनजागरण के उद्देश्य को लेकर उप प्रधानमंत्री लालकृष्ण आडवाणी की जन चेतना यात्रा 12 अक्टूबर नौबतपुर से उ0प्र0 में प्रवेश करेगी। 12 अक्टूबर को मुगलसराय में आडवाणी जी जनसभा को संबोधित करेंगे। श्री आडवाणी के नेतृत्व में जनचेतना यात्रा के स्वागत के लिए राष्ट्रीय उपाध्यक्ष कलराज मिश्र, मैं स्वयं नेता विधानमंडल दल ओम प्रकाश सिंह तथा अनेक प्रमुख नेता और कार्यकर्ता उपस्थित रहेंगे।
प्रदेश अध्यक्ष सूर्य प्रताप शाही ने पे्रस वार्ता को संबोधित करते हुए आज मुख्यालय पर कहा कि 13 अक्टूबर को श्री आडवाणी जी, कलराज मिश्र के नेतृत्व में उ0प्र0 में निकलने वाली जन स्वाभिमान यात्रा को अपना आशीर्वाद देंगे। इस अवसर भाजपा के पूर्व राष्ट्रीय अध्यक्ष डा0 मुरली मनोहर जोशी वाराणसी रहेंगे और सभा का संबोधित करेंगे। जनसभा का आयोजन भारतमाता मंदिर में किया गया है श्री आडवाणी की जन चेतना यात्रा 13 अक्टूबर को मिर्जापुर होते हुए हनुमना से म0प्र0 में प्रवेश करेगी तथा 18 नवम्बर को हरिद्वार से विजनौर में प्रवेश कर 20 नवम्बर को गाजियाबाद होेते हुए दिल्ली पहुंचेगी।
भाजपा प्रदेश अध्यक्ष ने बताया कि प्रदेश में दो चरणों में हो रही जन स्वाभिमान यात्रा के कार्यक्रम की घोषणा की है। जनस्वाभिमान यात्रा 13 अक्टूवर पूर्व राष्ट्रीय अध्यक्ष राजनाथ सिंह के नेतृत्व में दीनदयाल धाम मथुरा से प्रारम्भ होगी। जन स्वाभिमान यात्रा के अवसर पर नेता प्रतिपक्ष सुषमा स्वराज, अरूण जेटली, जनता दल यू के अध्यक्ष शरद यादव राष्ट्रीय उपाध्यक्ष विनय कटियार, पूर्व प्रदेश अध्यक्ष डा0 रमापति राम त्रिपाठी, समेत अनेक वरिष्ठ नेतागण उपस्थित रहेंगे। इस यात्रा का संयोजक राष्ट्रीय मंत्री संतोष गंगवार को बनाया गया है।
jan-swabhimaan-yatra-route13 अक्टूबर को वाराणसी के भारत माता मंदिर से प्रारम्भ होने वाली राष्ट्रीय उपाध्यक्ष कलराज मिश्र की जन स्वाभिमान यात्रा को पूर्व उप प्रधानमंत्री लालकृष्ण आडवाणी रवाना करेंगे। डा0 मुरली मनोहर जोशी, नरेन्द्र सिंह तोमर, साध्वी उमा भारती, वह स्वयं अनन्त कुमार, ओमप्रकाश सिंह समेत अनेक प्रदेश की वरिष्ठ नेता उपस्थित रहेंगे। इस यात्रा का संयोजक शिव प्रताप शुक्ल को बनाया गया है।
श्री शाही ने कहा कि जन स्वाभिमान यात्रा प्रदेश के 34 जिले, 216 विधानसभा क्षेत्रों से गुजरेगी और लगभग 3 लाख 56 हजार से अधिक लोगों से सम्पर्क करेंगे। पिछले दस वर्षो में उ0प्र0 में भ्रष्टाचार अत्याचार, अनाचार, व्यभिचार, दुराचार जैसी आपराधिक घटनाओं में सर्वाधिक वृद्धि हुई है। प्रदेश में कानून का राज खत्म हो गया हेै। प्रदेश सरकार पर से आम जनता का विश्वास हट गया है। मंहगाई, भ्रष्टाचार, महिला उत्पीड़न की घटनाओं से आमजन में भय एवं आक्रोश व्याप्त हो गया है। भ्रष्टाचार के कारण गरीबी, अशिक्षा, बेराजगारी, भय, असुरक्षा की भावना से प्रदेश त्रस्त है। भ्रष्टाचार के परिणाम स्वरूप उ0प्र0 विकास में पिछड़ता जा रहा है। सरकार के अनेक मंत्री भ्रष्टाचार में लिप्त होने के कारण सरकार से बर्खास्त हुए। मायावती सहित अनेक मंत्री भ्रष्टाचार में लिप्त हैं। सुशासन और स्वच्छ छवि की सरकार के लिए भाजपा प्रतिबद्ध है। बसपा सरकार में जनता का घोर अपमान हुआ है। जिसके कारण पार्टी ने जन स्वाभिमान यात्रा निकालने का निर्णय लिया है।
प्रथम चरण में 13 अक्टूबर को मथुरा से श्री राजनाथ सिंह के नेतृत्व में शुरू होने वाली यात्रा 22 अक्टूबर तक कुल 1295 किमी0 जिसमें मथुरा, आगरा, हाथरस, अलीगढ़, बुलन्दशहर, गौतमबुद्धनगर, गाजियाबाद, बागपत, मेरठ, मुजफ्फरनगर, सहारनपुर, बिजनौर, जेपी नगर, सम्भल, चंदौसी, बदायूं, बरेली, शाहजहांपुर जनपदों में तथा दूसरे चरण में 9 नवम्बर से 17 नवम्बर तक 1145 किमी0 तय कर यह यात्रा बहराइच, श्रावस्ती, बलरामपुर, गोण्डा, बस्ती, सिद्धार्थनगर, महराजगंज, गोरखपुर, कुशीनगर, देवरिया, बलिया, गाजीपुर, मऊ, आजगढ़, अम्बेडकरनगर, 16 नवम्बर 2011 को फैजाबाद पहुंचेगी।
श्री कलराज मिश्र के नेतृत्व में शुरू होने वाली यात्रा प्रथम चरण में वाराणसी, चंदौली, सोनभ्रद, भदोही, जौनपुर, सुल्तानपुर, प्रतापगढ, इलाहाबाद, बांदा, महोबा, झांसी तथा दुसरे चरण में हमीरपुर, फतेहपुर, कानपुर नगर, कानपुर देहात, ओरैया, इटावा, मैनपुरी, कन्नौज, फर्रूखाबाद, हरदोई, सीतापुर, उन्नाव, रायबरेली, होते हुए फैजाबाद पहुंचेगी। श्री कलराज मिश्र के नेतृत्व में यह यात्रा दोनों चरणों में 2530 किमी0 की यात्रा तय करेगी। यात्रा के समापन के अवसर पर 17 नवम्बर को अयोध्या में एक बड़ी रैली का आयोजन किया गया है जिसे विजय संकल्प समागम नाम दिया गया है। इस समागम से लोग उ0प्र0 की सत्ता परिवर्तन तथा  सुशासन का संकल्प लेकर गांव-गांव जाएंगे।
जन स्वाभिमान यात्रा 61 जनपदों की 371 विधानसभा क्षेत्रों में जाएगी और लगभग 4 करोड़ 35 लाख मतदाताओं से सीधे संवाद करेगी। प्रदेश अध्यक्ष सूर्य प्रताप शाही 13-14-15 अक्टूबर को कलराज मिश्र के नेतृत्व वाली जन स्वाभिमान वाली यात्रा में तथा 20-21-22 को राजनाथ सिंह के नेतृत्व वाली यात्रा में साध्वी उमा भारती 13-14-15-16 अक्टूबर को काशी से शुरू होने वाली यात्रा तथा 19-20-21 को राजनाथ सिंह जी की यात्रा तथा विनय कटियार 14-15 अक्टूबर को काशी से शुरू होने वाली यात्रा में रहेंगे।

सुरेन्द्र अग्निहोत्री
मो0 9415508695
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अल्पसंख्यक स्वाभिमान सम्मेलन

Posted on 03 October 2011 by admin

भारतीय जनता पार्टी की सरकार ही अल्पसंख्यक समुदाय के लोगों को ”िाक्षा, सुरक्षा, तरक्की और सु”ाासन की गारण्टी दे सकती है। यह विचार भारतीय जनता पार्टी के रा’ट्रीय उपाध्यक्ष एवं चुनाव अभियान समिति के संयोजक कलराज मिश्र ने प्रदे”ा अल्पसंख्यक मोर्चे द्वारा आयोजित ’img_2632’ में व्यक्त किये। श्री मिश्र ने कहा कि डाॅ0 मनमोहन सिंह की हुकुमत में गरीबों की संख्या में 15 करोड़ की वृद्धि हुई है। अटल जी के “ाासन काल में यह सख्ंया 26 करोड़ थी जो आज बढ़कर 41 करोड़ हो गई। उन्होंने अर्थ”ाास्त्री अर्जुन सेन गुप्ता की रिपोर्ट का हवाला देते हुए कहा कि 78 प्रति”ात लोग 20 रूपए प्रतिदिन में गुजर बसर करते हैं। उन्होंने योजना आयोग की रपट को गरीबी का मखौल बताया और कहा कि 32 रू0 और ग्रामीण क्षेत्र में 26 रू0 प्रतिदिन जीवन-यापन
असंभव है।

श्री मिश्र ने कहा कि मायावती को आज आपकी गरीबी की याद आ रही है। यह आपको भड़काने की साजि”ा है। भाजपा ने अल्पसंख्यक और बहुसंख्यक के बीच बिना मजहबी भेद के काम किया। हमने कभी भी तु’िटकरण की नीति नहीं अपनाई। अटल जी की सरकार में हुए कार्य इस बात के स्प’ट प्रमाण हैं। उन्होंने कहा कि हमारा वादा है अक्लियत के लोगों को हम तालीम, तरक्की और तहफ्फुज की गारण्टी देंगे। श्री मिश्र ने कहा कि हमारी पार्टी जाति, धर्म और पंथ के आधार पर भेद-भाव नहीं करती।  उन्होंने कहा कि अल्पसंख्यक वर्ग के लोग भाजपा के साथ एकजुट हो रहे हैं,उसका कारण है कि अल्पसंख्यक वर्ग के लोगों के समझ में यह बात आ गई है कि भ्र’टाचार, घोटाला और काले धन के खिलाफ केवल भाजपा ही लड़ाई लड़ सकती है।

रा’ट्रीय उपाध्यक्ष एवं चुनाव प्रबन्धन के प्रभारी श्री मुख्तार अब्बास नकवी ने कहा कि सपा, बसपा और कांगे्रस अल्पसंख्यकों की कनपटी पर धर्मनिरपेक्षता की बन्दूक लगाकर ’वोट’ को लूटने की होड़ में है। पिछले छह द”ाकों से दे”ा वि”ो’ाकर उत्तर प्रदे”ा के मुसलमान हर दिन प्रगति की मुख्यधारा से दूर होते रहे। वोट के सौदागर उनके पिछड़ेपन का राजनैतिक “ाो’ाण करते हैं। बसपा का बहुजन सुखाय, सर्वजन सुखाय का नारा मुख्यमंत्री मायावती के हिताय और सुखाय तक सीमित रहा। विभिन्न संस्थाओं की रिपोर्र्ट में कहा गया है कि पिछले पाॅंच वर्’ाो में राज्य का मुसलमान आर्थिक-सामाजिक-”ौक्षणिक रूप से पूरी तरह पिछड़ा है। उसके सरोकार की
अपराधिक अनदेखी की गई है।
श्री नकवी ने कहा कि भ्र’टाचार में डूबी हुई सरकार की मुखिया को जब अपनी नाकामी और अल्पसंख्यकों के हितों की अनदेखी के जवाब देने का वक्त आया तो उन्होंने फिर से एक बार ’आरक्षण’ झुनझुना दिखाना “ाुरू किया है। जो सरकार अपने कार्यकाल में प्रदे”ा के मुसलमानों के हितों की अनदेखी करती रही वह फिर से आरक्षण का सब्जबाग दिखाकर उनका वोट हासिल करना चाहती है। पिछले चार वर्’ाो में पिछड़ों, कमजोर तबकों, अल्पसख्यकों को भारी संख्या में फर्जी मुकदमों में फंसाया गया। श्री नकवी ने पूछा मुख्यमंत्री बताएं कि उन्होंने कितने मुसलमानों को सरकारी नौकरियां दी हैं? कितने अल्पसंख्यकों के लिए ”िाक्षा की वि”ो’ा व्यवस्था की? बुनकरों, दस्तकारों के उजड़ते हुए कारोबार, रोजगार की सुरक्षा के लिए क्या कदम उठाए? आज प्रदे”ा का अल्पसंख्यक आर्थिक सामाजिक विकास का ठोस जवाब चाहता है।

श्री नकवी ने कहा कि यह सम्मेलन मुुस्लिम वोटों पर अपना पेटेण्ट मानने वाले राजनैतिक दलों के लिए एक स्प’ट संदे”ा है कि उ0प्र0 की जनता अहंकारी सरकार के समक्ष कान पकड़कर उठने बैठने के लिए तैयार नहीं है। उ0प्र0 और दे”ा में भ्र’टाचार,अपराध, राज के खात्मे के लिए भाजपा कृत संकल्प है।
भाजपा ही उनकी और दे”ा की सुरक्षा, समृद्ध और सु”ाासन की गारण्टी है।
भाजपा के रा’ट्रीय प्रवक्ता “ाहनवाज हुसैन ने सम्मेलन को संबोधित करते हुए कहा कि अल्पसंख्यक स्वाभिमान सम्मेलन की तस्वीर देखकर ही वोटों के ठेकेदार सपा, बसपा और कांगे्रस की नींद हराम हो जाएगी। इन दलों ने अकलियतों के भलाई और बेहतरी के काम नहीं किए बल्कि भाजपा का डर दिखाकर वोट लूटते रहे। न हम कल फिरकापरस्त थे न आज। भाजपा अकलियतों की बेहतरी के लिए काम करना अपना फर्ज समझती है। आज इस सम्मेलन का संदे”ा पूरे हिन्दुस्तान में जाएगा कि धर्म के नाम पर भेदभाव जो नहीं करती वह पार्टी भाजपा है। अल्पसंख्यक स्वाभिमान सम्मेलन का यह संदे”ा छंदम सेकुलरिस्ट ताकतों को पस्त कर भाजपा को ताकत देगा।
भाजपा के वरि’ठ नेता एवं सांसद लालजी टण्डन ने पूछा कि भाजपा का भय दिखाकर वोट लेने वाले राजनैतिक दलों से आंखिर आप कब तक ठगे जाएंगे और कब तक गुमराह होते रहेंगे। उन्होंने कहा कि यह कैसा मजाक हो रहा है कि कुछ पार्टियां आपको गुमराह करें कि तुम हमारे रहमोकरम पर हो । उन्होंने उदाहरण देते हुए कहा कि लखनऊ नगर निगम में सबसे पहले अपना एजेण्डा उर्दू में बनाया था और 1967 में रामप्रका”ा गुप्त के उप मुख्यमंत्रित्व काल में सरकारी गजट उर्दू भा’ाा में प्रका”िात किया गया। उन्होंने लखनऊ से हज के लिए जाने के लिए उड़ान के सुविधा मुहैया कराए जाने के लिए पूर्व प्रधानमंत्री अटल जी एवं “ाहनवाज हुसैन के योगदान का उल्लेख किया तथा यह भी याद दिलाया कि अटल जी ने अपने विदे”ा मंत्रित्वकाल में अरब दे”ाों में रोजगार के अवसर के लिए अवसर प्रदान किया था।
सम्मेलन को प्रदे”ा महामंत्री तथा अल्पसंख्यक मोर्चा के प्रभारी डा0 महेन्द्र पाण्डेय ने भी संबोधित किया। मोर्चा के रा’ट्रीय अध्यक्ष तनवीर अहमद ने सम्मेलन में आए प्रतिनिधियों का उत्साहवर्धन किया और यह अपील की कि भाजपा की मजबूती अल्पसंख्यकों की समृद्धि और उन्नति का रास्ता प्र”ास्त करेगी। सम्मेलन का संचालन मोर्चा के प्रदे”ा उपाध्यक्ष रईस खान ने किया। सम्मेलन में प्रमुख रूप से प्रदे”ा महामंत्री विन्ध्यवासिनी कुमार, प्रदे”ा प्रवक्ता राजेन्द्र तिवारी, मोर्चा के प्रदे”ा अध्यक्ष सफायत हुसैन, उत्तराखंड के वक्फ वोर्ड के अध्यक्ष हाजी याकूब खान, मोर्चा
के रा’ट्रीय महामंत्री गैरूल हसन रिजवी, मोर्चा के रा’ट्रीय उपाध्यक्ष रसीद के अतिरिक्त मोर्चा के महानगर अध्यक्ष मो0 नईम, मोर्च के प्रदे”ामहामंत्री जावेद एवं नईम अख्तर, इमरान तुर्की, नाजिरा हुसैन, अजमल जैदी,सरफराज अली, सहनाज तरन्नुम, जुबेर सिद्दीकी, फैसल सिददीकी, “ामीम एड0, “ाम”ोर खान, रूमान सिददीकी, डा0 आय”ाा आदि लोग “ाामिल थे।

सुरेन्द्र अग्निहोत्री
मो0 9415508695
upnewslive.com

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U.P. Governor and Chief Minister pay tributes to Mahatma Gandhi

Posted on 03 October 2011 by admin

The Uttar Pradesh Governor Mr. B.L. Joshi and Chief Minister Hon’ble Ms. Mayawati paid their tributes to father of the Nation Mahatma Gandhi by garlanding his portrait in a programme organised at Tilak Hall, Vidhan Bhawan here today on the occasion of Gandhi Jayanti.
The programme was started by reciting of “Vande Matram” followed by the devotional songs liked by Bapu. The programme came to an end by singing of national anthem.
On this occasion, Cabinet Secretary Mr. Shashank Shekhar Singh, Chief Secretary Mr. Anoop Mishra, freedom fighters, social activists and media persons were present, besides other senior administrative and police officers.

सुरेन्द्र अग्निहोत्री
मो0 9415508695
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माननीया मुख्यमंत्री जी द्वारा आजमगढ़ तथा जौनपुर जनपदों के आकस्मिक निरीक्षण के दौरान विकास कार्यों तथा कानून-व्यवस्था की स्थिति की समीक्षा की

Posted on 01 October 2011 by admin

  • माफियाओं, कुख्यात अपराधियों व गुण्डा तत्वों के विरूद्ध अभियान चलाकर कार्यवाही की जाए-माननीया मुख्यमंत्री जी
  • पट्टा लाभार्थियों की फोटो राजस्व अभिलेखों में अवश्य चस्पा की जाए
  • माननीया मुख्यमंत्री जी ने जौनपुर के डा0 अम्बेडकर ग्राम खुटहना में करंट से मरे बालक के परिजनों को 01 लाख रू0 की आर्थिक सहायता देने के निर्देश दिए
  • डा0 अम्बेडकर ग्राम खुटहना में सी0सी0 रोड की नाली तथा सम्पर्क मार्ग में सुधार व आदर्श तालाब का सुदृढ़ीकरण करने के भी निर्देश
  • आजमगढ़ की कोतवाली सदर के अधूरे नवीन भवन को कार्यदायी संस्था शीघ्र पूरा करे
  • उ0प्र0 जनहित गारण्टी कानून के दायरे में लायी गयी  सेवाओं को निर्धारित समय में जनता को उपलब्ध करायें

cm-azamgarh30sep2011उत्तर प्रदेश की मुख्यमंत्री माननीया सुश्री मायावती जी ने आज आजमगढ़ तथा जौनपुर जनपदों का आकस्मिक निरीक्षण कर इन जिलों में विकास कार्याें और कानून-व्यवस्था की जमीनी हकीकत को मौके पर परखा। उन्होंने इस अवसर पर राज्य सरकार की प्राथमिकता वाली जनहित की सभी योजनाओं के बारे में लाभार्थियों से बातचीत कर इन योजनाओं के क्रियान्वयन की वास्तविक स्थिति की जानकारी भी प्राप्त की।
माननीया मुख्यमंत्री जी ने फील्ड में तैनात पुलिस एवं प्रशासनिक अधिकारियों को माफियाओं, कुख्यात पेशेवर एवं ईनामी अपराधियों तथा गुण्डा तत्वों के खिलाफ अभियान चलाकर कार्यवाही करने के निर्देश दिए हैं, ताकि ऐसे तत्व न तो कोई वारदात कर सकें और न ही कमजोर लोगों को उत्पीड़ित कर सकें। उन्होंने कहा कि ऐसेे अपराधी, जिनका आपराधिक इतिहास तो कम है, किन्तु अपनी दबंगई के कारण कमजोर लोगों को परेशान करते हैं, ऐसे अपराधियों के विरूद्ध धारा-107/16 सी0आर0पी0सी0 के तहत कार्यवाही करते हुए मुचलके से पाबंद कराया जाये। उन्होंने सीमावर्ती राज्यों से आकर प्रदेश में आपराधिक वारदातों को अंजाम देने वाले अपराधियों के विरूद्ध प्रभावी कार्यवाही सुनिश्चित करने के भी निर्देश दिए हैं। उन्होंने यह भी निर्देश दिए कि जनपदों से प्रत्येक 10 दिन में कृत कार्यवाही से शासन को अवगत कराया जाए और शासन स्तर पर इसका प्रभावी अनुश्रवण सुनिश्चित किया जाए।
जनपद आजमगढ़ के भ्रमण के दौरान माननीया मुख्यमंत्री जी ने सदर तहसील व कोतवाली का निरीक्षण किया। तहसील के मुआयने के दौरान उन्होंने राजस्व कार्यों की प्रगति की जानकारी प्राप्त की और कृषि एवं आवसीय पट्टा कब्जा सम्बन्धी रजिस्टर का गहन निरीक्षण किया। उन्होंने अनुसूचित जाति के लोगों के लिए पट्टा आवंटन की स्थिति की खासतौर पर पड़ताल करते हुए निर्देश दिए कि पट्टा लाभार्थियों की फोटो राजस्व अभिलेखों में अवश्य चस्पा की जाए।
माननीया मुख्यमंत्री जी ने तहसील के मुआयने के दौरान जन समस्याओं के गुणवत्तापरक समाधान पर विशेष बल देते हुए कहा कि समस्याओं का निस्तारण प्रत्येक दशा में निर्धारित समय सीमा में किया जाए। उन्होंने तहसील दिवस रजिस्टर में शिकायतकर्ता का पूरा विवरण एवं मोबाइल नम्बर दर्ज किए जाने के निर्देश दिए, ताकि शासन स्तरीय एवं अन्य वरिष्ठ प्रशासनिक अधिकारियों द्वारा रैण्डम चैकिंग के माध्यम से समस्या/शिकायत के गुणवत्तापरक समाधान की वास्तविक स्थिति के बारे में शिकायतकर्ता से सीधी जानकारी प्राप्त की जा सके। उन्होंने कहा कि यदि किसी के पास मोबाइल फोन आदि न हो तो उसके निकट सम्बन्धी/पड़ोसी का मोबाइल नम्बर व पूरा पता अंकित किया जाए। उन्होंने राजस्व अधिकारियों को निर्देशित किया कि वे प्रार्थना पत्रों का निस्तारण गुणवत्ता के आधार पर करें और इसमें किसी प्रकार की ढिलाई किसी भी दशा में न करें। उन्होंने तहसील के अभिलेखागार का भी निरीक्षण कर वहां अभिलेखों के रख-रखाव में सुधार लाने के निर्देश दिये।
आजमगढ़ में कोतवाली सदर के निरीक्षण के मौके पर माननीया मुख्यमंत्री जी ने वहां अभिलेखों की जांच-पड़ताल की। उन्होंने अपराध रजिस्टर व केस डायरी के रख-रखाव को परखा और क्षेत्र की कानून-व्यवस्था व अपराध नियंत्रण की स्थिति की जानकारी प्राप्त की। उन्होंने कहा कि आपराधिक मामलों में गिरफ्तारी के लिए वांछित लोगों को तत्काल गिरफ्तार किया जाए। उन्होंने थाना दिवस के मौके पर प्राप्त जन समस्याओं के निस्तारण की स्थिति की जानकारी प्राप्त करते हुए पुलिस अधिकारियों को शिकायतकर्ता का मोबाइल नम्बर भी अनिवार्य रूप से अभिलेखों में दर्ज करने के निर्देश दिए। उन्होंने पुलिस अधीक्षक, क्षेत्राधिकारी व थानाध्यक्ष से एस0सी0, एस0टी0 मुकदमों आदि की बारे में जानकारी प्राप्त की और निर्देश दिए कि दलित व महिलाओं सहित समाज के गरीब व कमजोर वर्गों के लोगों का न्याय दिलाने मंे विशेष ध्यान दिया जाए। उन्होंने थाना कोतवाली के अधूरे नवीन भवन को शीघ्र पूरा करने के निर्देश कार्यदायी संस्था को दिए हैं।
माननीया मुख्यमंत्री जी ने आजमगढ़ नगर के निरीक्षण के दौरान सड़कों व नालियों की मरम्मत के निर्देश दिए। उन्होंने उपजिलाधिकारी को निर्देशित किया कि वे सफाई कार्य के साथ-साथ सड़कों व नालियों के रख-रखाव का नियमित तौर पर निरीक्षण करें। उन्होंने ग्रामीण इलाकों में सड़कों के उचित रख-रखाव तथा मरम्मत पर विशेष बल देते हुए कहा कि इस कार्य हेतु शासन हेतु पर्याप्त धनराशि उपलब्ध करायी जाती है। सरकार द्वारा जनहित के विभिन्न कार्यों के लिए उपलब्ध करायी गयी धनराशि का सदुपयोग सुनिश्चित कराने के लिए उन्होंने जिलाधिकारी को नियमित तौर पर इन कार्यों का निरीक्षण करने के निर्देश भी दिए।
माननीया मुख्यमंत्री जी ने आज जौनपुर जनपद का भी भ्रमण किया। इस अवसर पर उन्होंने जिले की तहसील कैराकत के विकास खण्ड जलालपुर के डाॅ0 अम्बेडकर ग्राम खुटहना  का निरीक्षण किया। उन्होंने डा0 अम्बेडकर ग्राम का भ्रमण कर वहां सी0सी0 रोड, नाली, सम्पर्क मार्ग आदि की स्थिति को देखा। उन्होंने सी0सी0 रोड की नाली तथा सम्पर्क मार्ग की स्थिति पर नाराजगी व्यक्त करते हुए इसमें अविलम्ब सुधार करने के निर्देश दिए। उन्होंने गांव के आदर्श तालाब के निर्माण पर असंतोष व्यक्त करते हुए तत्काल इसका सुदृढ़ीकरण सुनिश्चित करने के निर्देश भी दिए।
माननीया मुख्यमंत्री जी डा0अम्बेडकर ग्राम के प्राथमिक विद्यालय भी गयीं, जहां उन्होंने बच्चों से बातचीत कर उनसे पढ़ाई, मध्यान्ह भोजन तथा पेयजल के बारे में जानकारी प्राप्त की। उन्होंने इस मौके पर विद्यालय में अध्यापकों की उपस्थिति तथा छात्रवृत्ति वितरण की स्थिति की जानकारी प्राप्त की। उन्होंने पेंशन योजनाओं सहित राज्य सरकार द्वारा संचालित विभिन्न जन-कल्याणकारी योजनाओं के बारे में ग्रामीणों से पूछताछ की और उनकी समस्याओं का निस्तारण किया। इस दौरान जब उन्हें पता चला कि गांव के एक लड़के की बिजली के करंट से मृत्यु हो गयी तो उन्होंने ऊर्जा विभाग के अधिकारियों को प्रभावित परिवार को आर्थिक सहायता के रूप में एक लाख रूपये की धनराशि तत्काल उपलब्ध कराने के निर्देश दिए। उन्होंने गांव में पट्टा आवंटन की स्थिति की भी समीक्षा की।
माननीया मुख्यमंत्री जी ने इस मौके पर थाना व तहसील के कार्याें की भी समीक्षा की। उन्होंने थाना दिवस और तहसील दिवस रजिस्टरों का अवलोकन किया, तो उन्होंने पाया कि इनमें प्रविष्टियों का अंकन निर्धारित प्रारूप में नहीं किया गया था। उन्होंने इस कमी को तत्काल दुरूस्त करने के निर्देश दिए। उन्होंने जिलाधिकारी को तहसील व सरकारी अस्पताल का नियमित रूप से निरीक्षण करने के निर्देश भी दिए।
आजमगढ़ व जौनपुर जनपदों के निरीक्षण के दौरान माननीया मुख्यमंत्री जी ने समस्त मण्डल स्तरीय एवं जनपद स्तरीय अधिकारियों के साथ विकास योजनाओं और कानून-व्यवस्था की स्थिति की भी गहन समीक्षा की। इस अवसर पर उन्होंने अपने पिछले निरीक्षण के दौरान जनपद से सम्बन्धित पायी गयी कमियों को दूर करने के सम्बन्ध में की गयी कार्यवाही की जानकारी प्राप्त की। उन्हें अवगत कराया गया कि पिछले निरीक्षण के दौरान पायी गयी खामियों को दूर कर दिया गया है और उस समय माननीया मुख्यमंत्री जी द्वारा प्रदान किए गये सभी निर्देशों का अनुपालन सुनिश्चित कराया जा रहा है। उन्होंने हिदायत दी कि प्रदेश सरकार विकास और जनहित से जुड़े कार्यों में गुणवत्ता को लेकर बेहद संवेदनशील है और इस मामले में ढिलाई बरतने वाले अधिकारियों और कर्मचारियों के खिलाफ कठोर दण्डात्मक कार्यवाही में कोई विलम्ब नहीं करती।
माननीया मुख्यमंत्री जी ने उत्तर प्रदेश जनहित गारण्टी कानून के प्रभावी क्रियान्वयन पर बल देते हुए कहा कि इस कानून के दायरे में लायी गयी विभिन्न सेवाओं को निर्धारित समय में आम जनता को उपलब्ध कराया जाए। इस अवसर पर उन्होंने बी0पी0एल0 कार्ड धारकों तथा उ0प्र0 मुख्यमंत्री महामाया गरीब आर्थिक मदद योजना के लाभार्थियों को उनके मुकदमों की निःशुल्क पैरवी के लिए सरकारी वकील उपलब्ध कराने सम्बन्धी राज्य सरकार की योजना का क्रियान्वयन पूरी निष्ठा व लगन के साथ करने के निर्देश भी दिए।
समीक्षा बैठकों में माननीया मुख्यमंत्री जी ने डा0 अम्बेडकर ग्राम सभा विकास योजना के तहत समस्त डा0 अम्बेडकर ग्रामों में कराये जा रहे विभिन्न विकास कार्यक्रमों की प्रगति की गहन समीक्षा की। उन्होंने सावित्रीबाई फुले बालिका शिक्षा मदद योजना, महामाया गरीब बालिका आशीर्वाद योजना, मान्यवर श्री कांशीराम जी शहरी गरीब आवास योजना, उ0प्र0 मुख्यमंत्री महामाया गरीब आर्थिक मद्द योजना, मान्यवर श्री कांशीराम जी शहरी दलित बाहुल्य बस्ती समग्र विकास योजना सहित राज्य सरकार की अन्य योजनाओं का उल्लेख करते हुए कहा कि इन योजनाओं के माध्यम से लाभान्वित होने वाले जरूरतमन्द और गरीब लोगों को किसी भी दशा में कोई दिक्कत नहीं होनी चाहिए।
माननीया मुख्यमंत्री जी ने आजमगढ़ तथा जौनपुर जिलों की कानून व्यवस्था व अपराध नियंत्रण की स्थिति की समीक्षा करते हुए कहा कि राज्य सरकार कानून-व्यवस्था को सर्वोच्च प्राथमिकता प्रदान करती है। उन्होंने कहा कि गरीब, शोषित और दबे-कुचले लोगों को न्याय दिलाने के लिए उनकी सरकार ने अधिकारियों को कानून के दायरे में काम करने की पूरी आजादी प्रदान की है। उन्होंने कहा कि अधिकारी किसी भी दशा में जन समस्याओं एवं जनकल्याण से जुड़ी योजनाओं की अनदेखी न करें अन्यथा इसे गम्भीरता से लिया जायेगा और सम्बन्धित के विरूद्ध कड़ी कार्यवाही की जायेगी।

सुरेन्द्र अग्निहोत्री
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माननीया मुख्यमंत्री जी ने पूर्वांचल के अतिवृष्टि प्रभावित जिलों का हवाई सर्वेक्षण किया

Posted on 01 October 2011 by admin

  • अतिवृष्टि के कारण क्षतिग्रस्त सार्वजनिक सम्पत्तियों कीे  मरम्मत का कार्य युद्धस्तर पर तत्काल शुरू करने के निर्देश
  • क्षतिग्रस्त सड़कों की मरम्मत हेतु केन्द्र सरकार से  सी0आर0एफ0 के अन्तर्गत धनराशि की मांग की जाए
  • बचाव एवं राहत कार्यों के लिए धन की कोई कमी नहीं-माननीया मुख्यमंत्री जी
  • प्रभावित परिवारों को समुचित सहायता राशि शीघ्र वितरित की जाए

cm-flood-review-30sep2011उत्तर प्रदेश की मुख्यमंत्री माननीया सुश्री मायावती जी ने आज पूर्वांचल के भ्रमण के दौरान पिछले दिनों अतिवृष्टि से प्रभावित सोनभद्र, वाराणसी, चंदौली तथा मिर्जापुर जनपदों का हवाई सर्वेक्षण किया। हवाई सर्वेक्षण के दौरान उन्होंने पाया कि कई स्थानों पर अभी भी जल भराव की स्थिति बनी हुयी है तथा सड़कों की स्थिति भी खराब है। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिये कि क्षतिग्रस्त सड़कों की मरम्मत हेतु केन्द्र सरकार से सी0आर0एफ0 के अन्तर्गत धनराशि की मांग की जाये।
इसके पश्चात माननीया मुख्यमंत्री जी ने वाराणसी के बाबतपुर हवाई अडडे पर वाराणसी तथा मिर्जापुर के मण्डलायुक्तों, आई0जी0 तथा जिलाधिकारियों के साथ बैठक करके अतिवृष्टि से उत्पन्न स्थिति की जानकारी प्राप्त की तथा संचालित किये जा रहे राहत एवं पुनर्वास कार्यों की समीक्षा भी की। उन्होंने अतिवृष्टि से प्रभावितों को समुचित सहायता तथा क्षतिग्रस्त मकानों का आकलन करके युद्धस्तर पर मुआवजा वितरित करने के निर्देश दिये। माननीया मुख्यमंत्री जी ने अधिकारियों को निर्देशित किया कि जिन लोगों के मकान ध्वस्त हो गये हैं, उन्हें पात्रता के आधार पर इंदिरा आवास आवंटित किये जायें। उन्हांेने कहा कि बचाव एवं राहत कार्य के लिए धन की कोई कमी नहीं है। उन्होंने लोक निर्माण विभाग, सिंचाई आदि विभागों की क्षतिग्रस्त सार्वजनिक सम्पत्तियों के मरम्मत का कार्य युद्धस्तर पर तत्काल शुरू करने के निर्देश दिए।
माननीया मुख्यमंत्री जी ने सोनभद्र, वाराणसी, चंदौली तथा मिर्जापुर के जिलाधिकारियों को निर्देश दिये कि बाढ़ग्रस्त क्षेत्रों में बचाव व राहत कार्यों में किसी भी प्रकार की लापरवाही न बरती जाये। उन्होंने कहा कि मूसलाधार बरसात से क्षतिग्रस्त मार्गों, पुलों, बन्धों आदि की शीघ्र मरम्मत कराकर आवागमन को सुचारू बनाया जाये। उन्होंने अतिवृष्टि से हुई फसलों की क्षति का आकलन करके यथाशीघ्र मुआवजा वितरित करने के भी निर्देश दिये। उन्होंने प्रभावित जनपदों के जिलाधिकारियों एवं मण्डलायुक्तों को पूर्व में ही साफ तौर पर बताया जा चुका है कि बाढ़ पीड़ितों को हर सम्भव सहायता उपलब्ध करायी जाये।
माननीया मुख्यमंत्री जी ने प्रभावित क्षेत्रों में बाढ़ का पानी उतरने के बाद वहां टीमें बनाकर पेयजल के क्लोरीनेशन के साथ फाॅगिंग व ब्लीचिंग पाउडर का छिड़काव करने के निर्देश दिये। इसके अलावा उन्होंने जलमग्न क्षेत्रों में दैनिक जरूरतों की सभी चीजों को उपलब्ध कराने तथा संक्रामक रोगों से बचाव के लिए सभी आवश्यक प्रबन्ध करने की हिदायत भी दी। उन्होंने कहा कि बाढ़ग्र्रस्त क्षेत्रों में साफ पेयजल की व्यवस्था तत्काल बहाल की जाये।
उल्लेखनीय है कि माननीया मुख्यमंत्री जी ने इन क्षेत्रों में अतिवृष्टि की जानकारी प्राप्त होते ही पिछले सप्ताह मुख्य सचिव को प्रभावित इलाकों में भेजकर स्थिति का मौके पर जायजा लेने और लौटकर तत्काल रिपोर्ट देने के निर्देश दिए थे। मुख्य सचिव द्वारा उपलब्ध कराए गये फीडबैक के आधार पर माननीया मुख्यमंत्री जी ने प्रभावित जिलों में राहत एवं बचाव कार्य हेतु सोनभद्र व वाराणसी को 50-50 लाख, जौनपुर व गाजीपुर को 25-25 लाख तथा चन्दौली को 30 लाख रूपये की अतिरिक्त धनराशि तत्काल जारी करने के निर्देश दिए। उन्होंने अतिवृष्टि से हुई मौतों की स्थिति में मृतकों के परिवार को 01-01 लाख रूपये की अनुग्रह राशि तत्काल जारी करने के भी निर्देश दिये। इसी के साथ उन्होंने घायलों के समुचित इलाज की व्यवस्था करने के भी निर्देश दिये। उन्होंने मवेशियों को चारे आदि की व्यवस्था तथा बीमारी से बचाव हेतु टीकाकरण करने की व्यवस्था करने के निर्देश दिये।
बैठक में बताया गया कि माननीया मुख्यमंत्री जी के निर्देश पर जनपद मिर्जापुर में मृतकों के परिजनों को 10 लाख रूपये की आर्थिक सहायता वितरित की गयी तथा 25 सितम्बर से अब तक 10 हजार खाने के पैकेट, 38400 पैकेट लाई चना, 06 हजार लीटर मिट्टी का तेल, 03 हजार माचिस के पैकेट एवं 68 हजार गृह अनुदान व 10 लाख रूपये की अनुग्रह सहायता वितरित की गयी। बाढ़ग्रस्त क्षेत्रों में 37 बाढ़ चैकियाँ स्थापित की गयी हैं तथा 10 पी0ए0सी0 बोट लगायी गयी हैं। चिकित्सा सुविधा के लिए चिकित्सकों की टीम गठित कर आवश्यक दवाओं का वितरण करने के साथ ही 03 एम्बुलेंस भी लगायी गयी हैं।
जिलाधिकारी, चन्दौली ने बताया कि अतिवृष्टि से जनपद में कुल 74 ग्राम, करीब 28 हजार जनसंख्या एवं 1600 हेक्टेअर क्षेत्रफल प्रभावित हुआ है। 03 लोगों की मृत्यु हो चुकी है। लगभग 1400 मकान गिरे हैं और 02 करोड़ की सरकारी सम्पत्ति का नुकसान हुआ है। 25.50 लाख रूपये की सहायता राशि वितरित की जा चुकी है। प्रभावित क्षेत्रों में 12 मोटर नाव और 35 सामान्य नावें राहत कार्य में लगी हैं। डाॅक्टरों की 41 टीमें गठित कर प्रभावित क्षेत्रों का भ्रमण किया जा रहा है। लगभग 5900 परिवारों को पिछले एक सप्ताह से दोनों समय पका हुआ खाना दिया जा रहा है और 6400 परिवारों को एक सप्ताह का राशन वितरित किया गया है।
जिलाधिकारी मिर्जापुर ने बताया कि अतिवृष्टि से प्रभावित गांवों की संख्या 247 है। प्रभावित जनसंख्या 14,800 तथा मृतकों की संख्या 10 है। करीब 17,956 हेक्टेयर क्षेत्र में 50 प्रतिशत से अधिक फसलें क्षतिग्रस्त हुई हैं। बाढ़ से अलग पड़े गांवों में आवश्यक सुविधायें, राहत सामग्री एवं दवाओं का वितरण किया जा रहा है। विस्थापित परिवारों को पका भोजन दिया जा रहा है। इसी प्रकार सोनभद्र जनपद में बाढ़ से प्रभावित राबर्ट्सगंज और धोरावल तहसीलों में बचाव एवं राहत कार्य युद्धस्तर पर किया जा रहा है। क्षतिग्रस्त भवनों के अतिरिक्त प्रभावित कृषि क्षेत्र का भी सत्यापन कराया जा रहा है। अतिवृष्टि से प्रभावित गांवों की संख्या 150 है। करीब 8,147 हेक्टेयर कृषि क्षेत्रफल प्रभावित हुआ है।
जनपद वाराणसी में अतिवृष्टि के कारण 06 लोगों की मृत्यु हुई है। जल प्लावन वाले क्षेत्रों में बचाव एवं राहत कार्य निरन्तर किया जा रहा है। जल भराव वाले क्षेत्रों से पानी निकालने की व्यवस्था की गयी है। इसके साथ ही मृतकों के परिजनों को सहायता राशि उपलब्ध करायी जा रही है। अब तक 43.57 लाख रूपये की धनराशि वितरित की जा चुकी है। इस जनपद के चकिया, सदर, सकलडीहा तहसीलें ज्यादा प्रभावित हुई हैं। जिन क्षेत्रों में पानी उतर गया है वहां फाॅगिंग, दवा छिड़काव तथा मेडिकल टीम भेजने के निर्देश दिये गये हैं तथा जनपद को कुल 40 लाख रूपये की अतिरिक्त धनराशि आवंटित की गयी है। वर्तमान में गिरे हुए मकानों के संबंध में तहसील सदर में 35 लाख तथा पिण्डरा में 2,57,500 रूपये  की धनराशि वितरित की जा चुकी है। चन्दौली के प्रभावित गांवों में भी बचाव एवं राहत कार्य बड़े पैमाने पर किया जा रहा है। जनपद जौनपुर में अतिवृष्टि से प्रभावित तहसीलों की संख्या 06 है और 18 लोगों की मृत्यु हुई है। राहत एवं बचाव कार्य किया जा रहा है तथा मृतकों के परिजनों को सहायता राशि उपलब्ध करायी जा रही है।

सुरेन्द्र अग्निहोत्री
मो0 9415508695
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भारतीय जनता पार्टी द्वारा आयोजित दलित अधिकार महा सम्मेलन

Posted on 01 October 2011 by admin

img_2445भारतीय जनता पार्टी द्वारा आयोजित दलित अधिकार महा सम्मेलन ने दलितों के वोटों का सौदा करने वाली मायावती पर दलितों के सर्वाधिक शोषण का आरोप लगाया और मायावती को सत्ता से बाहर करने का संकल्प लिया। पार्टी के पूर्व राष्ट्रीय अध्यक्ष राजनाथ सिंह ने सम्मेलन को संबोधित करते हुए कहा कि आजादी की लड़ाई में अनेक दलित वर्ग के लोगों के गौरवशाली योगदान तथा बलिदान की चर्चा करते हुएकहा कि वर्ष 1804 में अलीगढ़ के उपइया चमार मछली शहर, जौनपुर के बांके जिनके ऊपर उस समय बरतानियां सरकार ने 5000/- का इनाम घोषित कर रखा था, एटा के चेतराम जाटव जिन्होंने 1857 में अपने 10 साथियों के साथ अंगे्रजों के साथ खुला विद्रोह किया था। झांसी की वीरांगना झलकारी बाई, शहीद मंगल पाण्डेय को क्रान्ति की पे्ररणा देने वाले क्रान्तिकारी मातादीन बाल्मीकि जिन्हें बाद में फांसी की सजा हुई। इसी तरह 5 जून 1858 में हुए बिठ्र विद्रोह के विल्लू मेहतर, महवीरी देवी जिन्होंने 22 महिलाओं के साथ अग्रेेजों पर हमला बोला था, पासी राजा गंगा बख्स रावत, रायबरेली के क्रांन्तिवीर वीरापासी हरदोई के मदारी पासी जिनका चिन्ह कमल और रोटी जो एक आंदोलन के जनक थे तथा वीरांगना ऊदा देवी के बलिदान की चर्चा करते हुए कहा कि आप के त्याग और बलिदान के कारण आजादी मिली। उनहोंने कहा कि दलित समाज का गौरवशाली इतिहास है। भाजपा सत्ता में आने पर पाठ्य पुस्तकों की विषय वस्तु में परिवर्तन करेगी। उन्होंने कहा कि सामाजिक समरसता के बिना कुछ सम्भव नहीं। श्री सिंह ने मायावती पर आरोप लगाया कि दलितों के नाम पर राजनीति कर मायावती ने दलितों को छला है जबकि भाजपा ने उन्हें तीन बार समर्थन देकर मुख्यमंत्री बनाया तथा सामाजिक समरसता को केवल भाजपा क्रियान्वित कर सकती है।

img_2465 राष्ट्रीय नेता उमा भारती ने कहा सत्ता बदलने की जिम्मेदारी आपकी व्यवस्था बदलने की जिम्मेदारी हमारी होगी। उन्होंने कहा कि कन्नौज के गुरूसहाॅंयगंज जहां 4 सैनी बच्चों को ट्रक से कुचल जाने पर प्रदर्शन कर रहे विपिन जाटव की पुलिस की गोली से मृत्यु के पश््चात परिवार के लोगों को शव न देकर नदी में फेंक देना और बसपा नेताओं के दबाव में ट्रक ड्राइवर को छोड़ दिए जाने की घटना की चर्चा करते हुए कहा कि जब में गुरूसहाॅंयगंज गई तो घटना को सुनकर इतनी क्षुब्ध हुई कि मैने संकल्प किया कि अब में मायावती को कभी मुख्यमंत्री नहीं बनने दूंगी। साध्वी उमा भारती ने कहा कि मायाराज में दलालों ने मलाई खाई और दलितों को सूखी रोटी मिली। उन्होंने कहा कि अपने स्वाभिमान के लिए दलितों को वोट बैंक की राजनीति से निकलना होगा। उन्होंने कहा कि दलित वर्ग की जेब काटकर माया सरकार ने पत्थरों के हाथी खड़े किए। शिक्षा, स्वास्थ्य, रोजगार आदि योजनाओं के पैसे से पत्थर की मूर्ति खड़ी की जिनका सर्वाधिक प्रभाव गरीबों पर हुआ। साध्वी ने दलित वर्ग के लोगों से अपील कि जिस दिन पिछड़े और दलित, सामान्य वर्ग की सीटों से जीतकर सदन में आना प्रारम्भ करेंगे उसी दिन उनमें वर्ग के साथ दलित शब्द हट जाएगा और सुराज तथा पं0 दीनदयाल की परिकल्पना साकार होगी।

img_2455 पार्टी के राष्ट्रीय उपाध्यक्ष कलराज मिश्र ने संबोधित करते हुए कहा कि स्वस्थ्य समाज की रचना के लिए भाजपा सभी के साथ बिना किसी भेदभाव या मदभेद के राष्ट्र निर्माण के लिए कृत संकल्प है। श्री मिश्र ने कहा कि महर्षि बाल्मीकि, रैदास भगत और व्यास जी, समूची दुनियाॅं को पे्ररित किया उन्होंने कहा कि आर्थिक व्यवस्था का लाभ दलित तथा पिछड़े वर्ग को मिलना चाहिए। दलितों और पिछड़ों की उन्नति कैसे हो ऐसे कार्यक्रम की रचना और क्रियान्वयन भाजपा ने सुनिश्चित किया है। श्री मिश्र ने कहा कि हमने मायावती को इएलिए नहीं बैठाया था कि उनकेराज में सर्वाधिक उत्पीड़न दलितों का होगा। चिन्ता इस बात की है कि आजादी के 65 वर्ष बाद दलित अधिकार सम्मेलन की आवश्यकता पड़ रही है जबकि प्रदेश की मुखिया स्वतः दलित समाज से है। उन्होंने उत्तर प्रदेश की हालात की चर्चा करते हुए कहा कि आज इन्दिरा आवास और कांशीराम आवास योजना के लिए लोगों को घूस देना पड़ रहा है तथा लोगों के पास राशन कार्ड नहीं है, विधवा, वृद्धा अवस्था पेंशन के लिए लोग मारे-मारे फिर रहे हैं।
img_2449 प्रदेश अध्यक्ष सूर्य प्रताप शाही ने कहा कि दलित वर्ग के लोगों से अधिकार दूर कर समृद्धि की तरफ ले जाने का दृष्टिकोण भाजपा के पास है। गुजरात सरकार के निर्णयों की चर्चा करते हुए उन्होंने कहा कि दलित परिवार के प्रत्येक बच्चा जो  विदेश अध्ययन के लिए जाता है उसे 15 लाख की आर्थिक सहायता दिए जाने के कार्यक्रम की चर्चा की। श्री शाही ने अटल सरकार द्वारा सभी को आश्रय उपलब्ध कराए जाने की योजना की चर्चा की। उन्होंने कहा कि प्रदेशभर से आए दलित वर्ग के लोगों से अपील है कि वे भाजपा को सत्ता में लाए। भाजपा उनके मान,सम्मान,स्वाभिमान, शिक्षा, रोजगार के लिए कार्य करेगी तथा शोषण मुक्त, स्वच्छ प्रशासन देगी।

मोर्चे के राष्ट्रीय अध्यक्ष दुष्यंत गौतम ने अपने उद्घाटन भाषण में कहा कि इतनी बड़ी संख्या में आपका राजधानी में इकट्ठा होना इस बात का संदेश है कि प्रदेश से बीएसपी जाएगी, बीजेपी आएगी। उन्होंने कहा कि दलित वर्ग के 90 फीसदी लोग गरीब और पिछड़े हैं। बाबा साहेब अम्बेडकर ने नगर निगम से लेकर संसद तक संसद में जाने के लिए आरक्षण दिया था। सभी पार्टिया आज पैसा लेकर उम्मीदवारी तय कर रहे हैं। बीजेपी केवल एक ऐसी पार्टी है जो समाज में सक्रियता के आधार पर लोगों की उम्मीदवारी तय करती है। उन्होंने आरोप लगाया कि दलितों के नाम पर राजनीति करने वाले लोग दोनों हाथों से दानव की तरह जनता को लूट रहे हैं। उ0प्र0 में उनका एक हाथ सपा है तो दूसरा बसपा और यह दोनों मिलकर कांगे्रस के लिए काम करते हैं। उनसे सचेत रहने की आवश्यकता है। उन्होंने कहा कि आरक्षित वर्ग के सबसे अधिक लोग भाजपा के टिकट पर चुने जाते हैं।

राष्ट्रीय प्रवक्ता रामनाथ ने कहा कि मायावती के शासनकाल में दलित अधिकारों का जो हन्न हुआ उसके लिए यह सम्मेलन बुलाने की आवश्यकता पड़ी। बसपा सरकार ने अत्याचारियों को संरक्षण दिया और मायावती जाटों और मुसलमानों के आरक्षण के लिए प्रधानमंत्री को पत्र लिखती हैं कि लेकिन अनुसूचित वर्ग के पदोन्नति में आरक्षण का आधा कोटा भी पूरा नहीं करती। श्री कोविन्द ने कहा कि मायावती अम्बेडकर के अनुयायी होने का केवल ढकोसला करती हैं क्योंकि बाबा साहेब मुसलमानों को आरक्षण देने के शक्त खिलाफ थे।

सम्मेलन को जिन प्रमुख लोगों ने संबोधित किया उनमें पूर्व मंत्री एवं प्रदेश उपाध्यक्ष रमापति शास्त्री, पूर्व केन्द्रीय मंत्री एवं राष्ट्रीय सचिव अशोक प्रधान, पूर्व सांसद, विद्यासागर सोनकर, पूर्व सांसद पूर्णिमा वर्मा, सूर्या फाउण्डेशन के अध्यक्ष जयप्रकाश अग्रवाल, पूर्व केन्द्रीय मंत्री श्रीराम चैहान, पूर्व विधायक एवं मोर्चे के प्रदेश उपाध्यक्ष शिवपूजन पासवान, बहराइच की सावित्री फूले, प्रशिक्षण सहप्रभारी शांतप्रकाश, प्रदेश मंत्री राजेन्द्र कुमार, अनुसूचित मोर्चे के राष्ट्रीय महामंत्री दिवाकर सेठ, मोर्चे के राष्ट्रीय उपाध्यक्ष रमेश रतन, प्रदेश मंत्री निर्मला पासवान और गोपाल अलबेला ने अपनी गीत से सम्मेलन को संदेश दिया। सम्मेलन में आए प्रमुख लोगों में चुनाव प्रभारी संजय जोशी, पूर्व प्रदेश अध्यक्ष केसरीनाथ त्रिपाठी, डा0 रमापति राम त्रिपाठी, प्रदेश महामंत्री विन्ध्यवासिनी कुमार और नरेन्द्र सिंह, प्रदेश उपाध्यक्ष वीरेन्द्र सिंह सिरोही, विधान परिषद रामनेरश रावत, विधायिका कृष्णा राज, मोर्चे के प्रदेश महामंत्री राजकिशोर वर्मा शामिल थे। सम्मेलन की अध्यक्षता मोर्चे के प्रदेश अध्यक्ष पूर्व सांसद भानु प्रताप सिंह वर्मा तथा संचालन मोर्चे के प्रदेश उपाध्यक्ष गौतम चैधरी ने किया।

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भारतीय जनता पार्टी द्वारा आयोजित दलित अधिकार महा सम्मेलन में आज एक प्रस्ताव पारित किया गया। प्रदेश प्रवक्ता राजेन्द्र तिवारी ने बताया कि आठ सूत्रीय प्रस्ताव भाजपा के राष्ट्रीय प्रवक्ता रामनाथ कोविन्द द्वारा प्रस्तुत किया गया। जिसमें कहा गया है कि भाजपा सरकार में आने पर इन प्रस्तावों को लागू करेगी:-

1.    वाल्मिकी जयन्ती पर राजकीय अवकाश घोषित करना।
2.    सरकारी नौकरियों में रिक्त आरक्षित पदों को प्राथमिकता के आधार पर निश्चित समय में 23प्रतिशत जनसंख्या के अनुपात में आरक्षित पदों को पूर्ण करेंगे।
3.    नागरिक सेवा गारण्टी कानून को बनाएंगेे जिसके अन्तर्गत अनुसूचित जातियों के जन्म प्रमाण‘-पत्र, जाति प्रमाण पत्र, राशन कार्ड, बी0पी0एल0 कार्ड, छात्रवृति को निश्चित समय सीमा में उपलब्ध कराने की व्यवस्था करेंगे। यदि कोई सरकारी कर्मचारी इसका उल्लघन करताह ै तो उसे आर्थिक जुर्माना देना होगा।
4.    दलित उत्पीड़न के कानून को शक्ति से लागू करेंगे। ताकि प्रदेश में अनुसूचित जातियों पर होने वाले उत्पीड़न को रोका जा सके।
5.    विशेष घटक योजना हेतु आवंटित धनराशि के दुरूपयोग अथवा अन्य मदों पर खर्च करने जैसा प्रकरणों पर पूरी तरह रोक लगाऐंगे।
6.    अनूसूचित वर्ग के अंतर्गत आने वाली सभी जातियों के बगैर किसी भेदभाव के सबके अधिकारों को पूर्ण संरक्षण देंगे।
7.    असंगठित क्षेत्र के कार्य करने वाले अनुसूचित जाति के लोगों को असंगठित मजदूर, सामाजिक सुरक्षा, अधिनियम 2008 के अंतर्गत पूर्ण लाभ मिले ऐसा प्रयास करेंगे।
8.    अनुसूचित जाति के भाई जो अपने पुश्तैनी कार्यो को कर रहे हैं। मायावती की नीतियों के कारण बड़े पैमाने पर युवक बेराजगार हो रहे हैं। उनके परिवार उजड़ रहे हैं। भाजपा उनके रोजगार व सृजन हेतु कृत संकल्प है।

सुरेन्द्र अग्निहोत्री
मो0 9415508695
upnewslive.com

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माननीया मुख्यमंत्री जी ने नये जनपद बनाने की घोषणा की

Posted on 28 September 2011 by admin

  • माननीया मुख्यमंत्री जी ने मुजफ्फरनगर जनपद की तहसील शामली तथा कैराना को मिलाकर प्रबुद्धनगर के नाम से नया जिला बनाने की घोषणा की
  • माननीया मुख्यमंत्री जी ने तहसील सम्भल, चन्दौसी तथा गुन्नौर को मिलाकर भीमनगर नाम से नया जनपद बनाने की घोषणा की
  • माननीया मुख्यमंत्री जी ने जनपद गाजियाबाद की तहसील हापुड़, गढ़मुक्तेश्वर तथा धौलाना को मिलाकर नया जनपद पंचशील नगर तथा धौलाना को नयी तहसील बनाने की घोषणा की

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  • माननीया मुख्यमंत्री जी ने मुजफ्फरनगर जनपद की तहसील शामली तथा कैराना को मिलाकर प्रबुद्धनगर के नाम से नया जिला बनाने की घोषणा की
  • छोटी प्रशासनिक इकाईयों के गठन से कानून-व्यवस्था एवं  विकास कार्यों की स्थिति और बेहतर बनाने में प्रशासनिक तंत्र तथा उस इलाके की जनता को काफी सुविधा होगी -माननीया मुख्यमंत्री जी
  • माननीया मुख्यमंत्री जी ने विकास कार्यों तथा कानून-व्यवस्था की गहन समीक्षा करते हुए अधिकारियों को जन-अपेक्षाओं के अनुरूप कार्य करने तथा कानून-व्यवस्था को और बेहतर बनाने के निर्देश दिए
  • केन्द्र सरकार के पास उत्तर प्रदेश के कई हजार करोड़ रूपये लम्बित हैं, इसके बावजूद भी राज्य सरकार ने अपने सीमित संसाधनों के जरिये ही  प्रदेश में विकास व जनहित के काफी कार्य किये -माननीया मुख्यमंत्री जी

cm-photo-28-09-2011उत्तर प्रदेश की मुख्यमंत्री माननीया सुश्री मायावती जी ने आज पश्चिमी उत्तर प्रदेश के भ्रमण के दौरान जनपद मुजफ्फरनगर की तहसील शामली तथा कैराना को सम्मिलित कर प्रबुद्धनगर के नाम से एक नये जनपद के गठन की घोषणा की। इसका मुख्यालय शामली होगा। इसके साथ ही शामली कस्बे का नाम शामली ही बना रहेगा और इसके नाम में कोई परिवर्तन नहीं किया जाएगा। उन्होंने विकास कार्यों तथा कानून-व्यवस्था की गहन समीक्षा करते हुए अधिकारियों को जन-अपेक्षाओं के अनुरूप कार्य करने तथा कानून-व्यवस्था को और बेहतर बनाने के निर्देश दिए।
सुश्री मायावती जी ने कानून-व्यवस्था एवं विकास कार्यों की समीक्षा के उपरान्त शामली तहसील में आयोजित कार्यक्रम को सम्बोधित करते हुए कहा कि उनकी सरकार बाबा साहेब भीमराव अम्बेडकर की सोच के मुताबिक चलकर उनकी पार्टी व सरकार हमेशा से छोटी प्रशासनिक इकाईयों के गठन की पक्षधर रही है। ऐसा इसलिए है क्योंकि प्रशासनिक इकाईयां छोटी होंगी, तो फिर कानून-व्यवस्था एवं विकास कार्यों की स्थिति ज्यादा बेहतर बनाने में प्रशासनिक तंत्र तथा उस इलाके की जनता को काफी सुविधा होगी। इसी सोच के आधार पर चलकर उनकी सरकार ने अपने सभी कार्यकालों के दौरान प्रदेश में अनेक मण्डलों, जनपदों व तहसीलों का गठन किया है। उन्होंने कहा कि जनपद मुजफ्फरनगर मुख्यालय से तहसील शामली व कैराना की दूरी लगभग क्रमशः 40 व 60 किलो मीटर है।
माननीया मुख्यमंत्री जी ने कहा कि मुजफ्फरनगर जनपद मुख्यालय से शामली तथा कैराना की अधिक दूरी होने के कारण क्षेत्रवासियों को मुख्यालय से सम्बन्धित शासकीय कार्यों, न्यायिक कार्यों एवं अन्य कार्यों को कराने हेतु आने-जाने में काफी कठिनाईयों का सामना करना पड़ता था। इन समस्याओं को ध्यान में रखकर ही आज नये जिले का गठन किया गया है। नवगठित जनपद प्रबुद्धनगर की दोनों तहसीलों में आम जनता के आवागमन की सुविधा हेतु रोडवेज/रेलवे के साधन उपलब्ध हैं।
माननीया मुख्यमंत्री जी ने कहा कि इसके साथ ही यहां आम जनता की सुविधा के लिए औद्योगिक इकाईयाॅं, बैंक, पोस्ट आफिस, बीमा कम्पनी आदि संस्थान उपलब्ध है। उन्होंने कहा कि वर्ष 2011 की जनगणना के अनुसार मुजफ्फरनगर जिले की जनसंख्या 41 लाख 36 हजार 605 है तथा नवसृजित जनपद की जनसंख्या 12 लाख 91 हजार 541 है। उन्होंने कहा कि इस नये जनपद के सृजन से कानून-व्यवस्था की स्थिति को और बेहतर बनाने में मदद मिलेगी। जनपद मुजफ्फरनगर में आपराधिक स्थिति को दृष्टिगत रखते हुए शामली को नया जनपद बनाने से न केवल मुजफ्फरनगर जिले की कानून व्यवस्था पर अनुकूल प्रभाव पड़ेगा, बल्कि नव सृजित जनपद में भी चुस्त-दुरूस्त प्रशासन एवं बेहतर पुलिस व्यवस्था भी सुनिश्चित होगी।
cm-photo-28-09-2011-0011सुश्री मायावती जी ने कहा कि नये जनपद के सृजन से शामली तथा कैराना तहसीलों का तेजी से औद्योगिक एवं आर्थिक विकास संभव हो सकेगा, जिससे समाज के दलित एवं अन्य पिछड़े वर्ग, धार्मिक अल्पसंख्यक तथा सर्वसमाज में से गरीब लोग खासतौर से लाभान्वित होंगे। उन्होंने जनता को विश्वास दिलाया कि उनकी सरकार इस नये जनपद के चहुमुखी विकास के लिए धन की कमी आड़े आने नहीं देगी। उन्होंने इस मौके पर इस नये जनपद की परिधि में आने वाले सभी लोगों से इस जनपद के विकास में पूरा-पूरा सहयोग देने की अपील की।
माननीया मुख्यमंत्री जी ने कहा कि उत्तर प्रदेश के समस्त क्षेत्रों में संतुलित व समग्र विकास उपलब्ध हो तथा प्रदेश की सम्पूर्ण जनता को बेहतर भविष्य मिले, इसके लिए उनकी पार्टी, उत्तर प्रदेश का पुर्नगठन करके पूर्वांचल, बुन्देलखण्ड व पश्चिमी उत्तर प्रदेश को अलग से राज्य गठित करने की हमेशा ही पक्षधर रही है। जिनका गठन करना केन्द्र सरकार के अधिकार क्षेत्र में आता है। उन्होंने अफसोस व्यक्त करते हुए कहा कि इस मामले में केन्द्र में कांग्रेस व बीजेपी ने अपने-अपने शासनकाल के दौरान अभी तक भी कोई सार्थक कदम नहीं उठाये हैं, जबकि इस सन्दर्भ में उनकी पार्टी व सरकार कई बार केन्द्र सरकार को चिट्ठी लिख चुकी है।
सुश्री मायावती जी ने कहा कि इसके अलावा उनकी सरकार ने प्रदेश में अन्य पिछड़े वर्गों की कुछ जातियों को अनुसूचित जाति की सूची में, और साथ ही देश में मुस्लिम व जाट समाज के लोगों को, अन्य पिछड़े वर्गों की केन्द्रीय सूची में, इनके आरक्षण के कोटे को बढ़ाये जाने व इनकी आबादी के हिसाब से इनका अलग से कोटा निर्धारित करने की शर्त के साथ इन्हें शिक्षा, नौकरियों व अन्य और जरूरी क्षेत्रों में भी आरक्षण दिये जाने तथा देश में अपरकास्ट समाज में से गरीब लोगों को भी आर्थिक आधार पर सभी मामलों में, इन्हें अलग से आरक्षण दिये जाने के लिए भी हमारी पार्टी की सरकार ने केन्द्र सरकार को कई बार चिट्ठी लिखी है।
माननीया मुख्यमंत्री जी ने कहा कि देश में अनुसूचित जाति /जनजाति की बढ़ी हुई आबादी के हिसाब से, इनके आरक्षण के कोटे में बढ़ोत्तरी करने व इनका केन्द्रीय व ज्यादातर राज्यों में राज्य स्तरीय सरकारी नौकरियों में वर्षों से अधूरा पड़ा आरक्षण का कोटा पूरा करने के लिए    और साथ ही प्राईवेट सेक्टर व मा0 न्यायपालिका एवं अन्य जिन भी क्षेत्रों में, इन वर्गों को अभी तक भी आरक्षण की सुविधा नहीं मिली है, ऐसे सभी क्षेत्रों में, इनको आरक्षण की सुविधा उपलब्ध कराने हेतु भी केन्द्र सरकार को बार-बार लिखित आग्रह किया गया है। लेकिन इन सभी मामलों को केन्द्र सरकार ने अभी तक भी ठण्डे बस्ते में डाला हुआ है।
सुश्री मायावती जी ने कहा कि उनकी सरकार ने अपने आर्थिक सीमित संसाधनों को देखते हुए प्रदेश में पूर्वांचल व बुन्देलखण्ड की तरह पश्चिमी उ.प्र. के विकास के लिये भी प्राईवेट सेक्टर के माध्यम से पब्लिक-प्राईवेट-पार्टनरशिप (पी0पी0पी0) जेवर अन्तर्राष्ट्रीय एयरपोर्ट, गंगा एक्सप्रेस-वे एवं अपर गंगा कैनाल एक्सप्रेस-वे आदि जैसी अनेकों अति महत्वपूर्ण योजनायें बनाई है। जिनसे पश्चिमी उ.प्र. के विकास के साथ-साथ इस क्षेत्र के सभी जिलों के लोगों को भी काफी ज्यादा लाभ पहुँचता, जबकि इन परियोजनाओं में केन्द्र सरकार का कोई भी पैसा नहीं लगना था। केवल उनको कुछ मामलों में मंजूरी ही देनी थी, जो आज तक भी नहीं दी गयी है। इसके साथ ही पश्चिमी उ.प्र. में मा0 इलाहाबाद उच्च न्यायालय की एक खण्डपीठ की स्थापना का मामला भी केन्द्र सरकार के समक्ष अभी तक भी लम्बित पड़ा हुआ है।
माननीया मुख्यमंत्री जी ने कहा कि इसके अलावा पूर्व की सरकारों की विरासत में मिली प्रदेश की कमजोर आर्थिक स्थिति को ध्यान में रखकर हमने सन् 2007 में, अपनी सरकार के बनते ही केन्द्र सरकार से 80,000 करोड़ रूपयों का विशेष आर्थिक सहायता पैकेज देने की भी मांग की थी। लेकिन हमारी सरकार की इस माँग पर केन्द्र सरकार ने आज तक भी कोई सकारात्मक निर्णय नहीं लिया है। इसके बावजूद विरोधी पार्टियों द्वारा जनता में शुरू से ही यह भ्रम फैलाने का लगातार प्रयास किया जाता रहा है कि केन्द्र सरकार द्वारा प्रदेश को निर्धारित मापदण्डों से हटकर अतिरिक्त सहायता राशि दी जा रही है, जो कि पूर्णतयाः गलत व तथ्यहीन है। जबकि इस मामले में सच्चाई यह है कि उत्तर प्रदेश में 13 मई सन् 2007 का हमारी पार्टी की सरकार बनी है।
सुश्री मायावती जी ने कहा कि तब से केन्द्र सरकार द्वारा पिछले चार वर्षों में केन्द्रीय अंश जो निश्चित तौर पर यहाँ प्रदेश सरकार को यथासमय पर मिल जाना चाहिये था, उसे भी समय पर नहीं दिया गया है और आज भी केन्द्र सरकार के पास अपने प्रदेश का कई हजार करोड़ रूपया लम्बित पड़ा हुआ है। ऐसी स्थिति में भी उनकी पार्टी की सरकार ने अपने सीमित संसाधनों के जरिये ही प्रदेश में विकास व जनहित के काफी कार्य किये हैं। साथ ही कानून-व्यवस्था व अपराध नियन्त्रण के मामले में भी उनकी सरकार ने अनेकों ठोस कदम उठाये हैं।
सुश्री मायावती जी ने कहा कि उनकी सरकार द्वारा मुजफ्फरनगर जिले में से जो एक और नया जिला बनाया गया है। इससे दोनों जिलों के लोगों को हर मामले में काफी ज्यादा लाभ मिलेगा। उन्होंने कहा कि देश में समय-समय पर दलित एवं अन्य पिछड़े वर्गों में जन्में महान् सन्तों, गुरूओं व महापुरूषों में भी खासतौर से महात्मा ज्योतिबा फुले, छत्रपति शाहूजी महाराज, नारायणा गुरू, बाबा साहेब डा. भीमराव अम्बेडकर व मान्यवर श्री कांशीराम जी आदि के बताये हुये रास्तों पर चलकर उनकी पार्टी की सरकार सर्वजन हिताय व सर्वजन सुखाय की नीति के अनुसार सरकार चला रही है, जिससे प्रदेश में पहली बार हर मामले में व हर स्तर पर यहाँ सर्वसमाज के लोगों को आगे बढ़ने का मौका मिला है।
माननीया मुख्यमंत्री जी ने इससे पूर्व जनपद मुजफ्फरनगर के विकास एवं कानून-व्यवस्था की स्थिति एवं अन्य कार्यों की गहन समीक्षा की। उन्होंने कहा कि प्रदेश सरकार जनहित से जुड़ी योजनाओं एवं विकास कार्यों की गुणवत्ता को लेकर बेहद संवेदनशील है और इस मामले में किसी प्रकार की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। उन्होंने अनुसूचित जाति/जनजाति व गरीबों को आवंटित कृषि एवं आवासीय पट्टों की जमीनों पर अवैध कब्जा हटाने तथा लाभार्थियों को भौतिक कब्जा दिलाने के साथ ही अवैध कब्जा धारकों के खिलाफ कार्यवाही करने के निर्देश दिये। इसके साथ ही उन्होंने उत्तर प्रदेश जनहित गारण्टी कानून के प्रभावी क्रियान्वयन तथा इसके अन्तर्गत आच्छादित सेवाओं को निर्धारित समय के अन्तर्गत आम जनता को उपलब्ध कराने के निर्देश दिए।
माननीया मुख्यमंत्री जी ने डा0 अम्बेडकर ग्राम सभा विकास योजना के तहत अम्बेडकर ग्रामों में कराये जा रहे विभिन्न विकास कार्यों के बारे में जानकारी प्राप्त की। उन्होंने कहा कि सावित्री बाई फुले बालिका शिक्षा मदद योजना, महामाया गरीब बालिका आशीर्वाद योजना, मान्यवर श्री कांशीराम जी शहरी गरीब आवास योजना, उ0प्र0 मुख्यमंत्री महामाया गरीब आर्थिक मदद योजना सहित राज्य सरकार की अन्य योजनाओं के माध्यम से लाभान्वित होने वाले गरीब लोगों को इन योजनाओं का लाभ आसानी से मिलना चाहिए।
सुश्री मायावती जी ने कानून-व्यवस्था की समीक्षा करते हुए इसे और बेहतर बनाने के निर्देश देते हुए कहा कि उनकी सरकार गरीब, शोषित और दबे-कुचले लोगों को न्याय दिलाने के लिए कटिबद्ध है। इसको दृष्टिगत रखते हुए पुलिस प्रशासन से जुड़े अधिकारियों को पूरी संवेदनशीलता से कार्य करना चाहिए। उन्होंने कहा कि उनकी सरकार ने अधिकारियों को कानून के दायरे में रहकर बिना दबाव के काम करने की पूरी आजादी दे रखी है। इसके बावजूद भी यदि गरीबों, दलितों, महिलाओं का उत्पीड़न होता है, तो उनके खिलाफ कड़ी कार्यवाही की जाएगी। उन्होंने तहसील दिवस एवं थाना दिवस पर आने वाली जन-समस्याओं का निस्तारण पूरी गम्भीरता एवं गुणवत्ता से करने के निर्देश दिए।

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  • माननीया मुख्यमंत्री जी ने तहसील सम्भल, चन्दौसी तथा गुन्नौर को मिलाकर भीमनगर नाम से नया जनपद बनाने की घोषणा की
  • नवसृजित जनपद बन जाने से मुरादाबाद जिले के साथ-साथ भीम नगर की भी कानून-व्यवस्था को चुस्त-दुरूस्त रखने में काफी सहूलियत होगी - माननीया मुख्यमंत्री जी
  • मुरादाबाद जनपद के विकास कार्यों एवं कानून-व्यवस्था की समीक्षा के दौरान विकास कार्यों की गति तेज करने एवं कानून-व्यवस्था को और बेहतर बनाने के निर्देश
  • तहसील एवं थाना दिवस के रजिस्टर में शिकायत कर्ताओं के मोबाइल नम्बर भी दर्ज किये जायें - माननीया मुख्यमंत्री जी

cm-photo-28-09-2011-003उत्तर प्रदेश की मुख्यमंत्री माननीया सुश्री मायावती जी ने आज अपने भ्रमण के दौरान मुरादाबाद की तहसील सम्भल तथा चन्दौसी व जनपद बदायूं की तहसील गुन्नौर को मिलाकर एक नया जिला भीमनगर के बनाने की घोषणा की। नवसृजित भीम नगर में 03 तहसीलें तथा 07 विकासखण्ड होंगे। उन्होंने कहा कि इस जिले का मुख्यालय इन तीनों तहसीलों के केन्द्र बिन्दु पर होगा, ताकि लोगों को जिला मुख्यालय आने-जाने में असुविधा न हो। साथ ही इससे पूरे जनपद के प्रशासनिक नियंत्रण में भी सुविधा रहेगी। उन्होंने कहा कि इस जिले में आने वाले सम्भल, चन्दौसी व गुन्नौर कस्बों के नाम में कोई भी परिवर्तन नहीं किया जायेगा। इन तीनों कस्बों के नाम पुराने ही बने रहेंगे। उन्होंने मुरादाबाद जनपद के विकास कार्यों एवं कानून-व्यवस्था की समीक्षा के दौरान विकास कार्यों की गति तेज करने एवं कानून-व्यवस्था को और बेहतर बनाने के निर्देश दिए।
माननीया मुख्यमंत्री जी ने सम्भल के तहसील परिसर में आयोजित कार्यक्रम को सम्बोधित कर रहीं थी। उन्होंने नव सृजित जनपद के मुख्यालय के लिए भूमि अधिग्रहण की कार्यवाही शीघ्र करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि जब तक नव सृजित जनपद का मुख्यालय अस्तित्व में नहीं आ जाता, तब तक इस जनपद के समस्त प्रशासनिक कार्य चंदौसी से संचालित किए जाएंगे, क्योंकि चंदौसी में तमाम अवस्थापना सुविधाएं पहले से ही उपलब्ध हैं। उन्होंने कहा कि भारतीय संविधान के निर्माता ‘‘परमपूज्य बाबा साहेब डा. भीमराव अम्बेडकर‘‘ की सोच के मुताबिक चलकर उनकी पार्टी व सरकार शुरू से ही छोटे राज्यों व छोटी प्रशासनिक इकाईयों के गठन की पक्षधर रही है। उनका मानना है कि छोटी प्रशासनिक इकाईयों के गठन होने से जहाँ एक ओर कानून-व्यवस्था और विकास कार्यों की स्थिति बेहतर होती है, वहीं दूसरी ओर क्षेत्र की जनता को भी काफी सुविधा प्राप्त हो जाती है।    इसे ध्यान में रखते हुये ही उनकी सरकार ने अपने सभी कार्यकालों के दौरान प्रदेश में अनेकों ‘‘मण्डल, जनपद व तहसीलों‘‘ का गठन किया है।
सुश्री मायावती जी ने कहा कि उनकी सरकार ने मुरादाबाद जिले की ‘‘सम्भल, चन्दौसी  व गुन्नौर‘‘ इन तीनों तहसीलों को शामिल करके नये जनपद के गठन करने का फैसला लिया है और इस नये जिले का नाम ‘‘भीम नगर‘‘ रखा गया है, जिसका मुख्यालय केन्द्र बिन्दु पर होगा। उन्होंने विश्वास दिलाया कि अब नये भीम नगर जनपद के गठन के बाद सम्भल, चन्दौसी व गुन्नौर का तेजी से आर्थिक, औद्योगिक एवं शैक्षणिक विकास होगा, जिससे समाज के दलित व अन्य पिछड़े वर्ग, धार्मिक अल्पसंख्यक वर्ग तथा सर्वसमाज में से गरीब तबके के लोग खासतौर से लाभान्वित होगें। इसके साथ ही इस नये जनपद के गठन का एक लाभ यह भी होगा कि तहसील गुन्नौर के लोगों को अब जिला मुख्यालय आने के लिए लम्बी दूरी तय नहीं करनी पड़ेगी।
माननीया मुख्यमंत्री जी ने कहा कि वर्तमान जनपद बदायूँ से तहसील गुन्नौर की दूरी 80 किलोमीटर है, जिस कारण वहाँ के लोगों को जनपद मुख्यालय पर आने-जाने में काफी परेशानी का सामना करना पड़ता था। इसके अलावा कानून-व्यवस्था के नजरिये से जनपद मुरादाबाद काफी संवेदनशील है। लेकिन नवसृजित जनपद भीम नगर के बन जाने से मुरादाबाद जिले के साथ-साथ नवसृजित जनपद की भी कानून-व्यवस्था को चुस्त-दुरूस्त रखने में काफी सहूलियत होगी और इस नवसृजित जनपद में यहाँ पहले से ही आवश्यक आधारभूत सुविधायें मौजूद है। उदाहरण के तौर पर यहाँ अपर जिलाधिकारी एवं पुलिस अधीक्षक, नगर के पद सृजित हैं तथा सौ बेड वाला राजकीय चिकित्सालय भी संचालित किया जा रहा है।
cm-photo-28-09-2011-002सुश्री मायावती जी ने कहा कि वर्ष 2011 की जनगणना के अनुसार जनपद मुरादाबाद की आबादी 4773138 है, जो नये जनपद के गठन के बाद अब 3091043 तीस लाख इक्यानबे हजार तैतालीस रह जायेगी। इसी प्रकार जनपद बदायूँ की आबादी वर्ष 2011 की जनगणना के मुताबिक 3712738 है, जो नये जनपद के बन जाने से अब 3182073 होगी और अब इस नवसृजित ‘‘भीम नगर‘‘ जनपद की आबादी 2212760 होगी। उन्होंने कहा कि इस नये जनपद भीम नगर का गठन करके उनकी पार्टी की सरकार ने इस क्षेत्र की जनता की लम्बे अर्से से चली आ रही मांग को आज पूरा कर दिया है। उन्हांेने विश्वास दिलाया कि जनपद भीम नगर के तेजी से विकास के लिए उनकी सरकार हर सम्भव पूरा-पूरा प्रयास करेगी। उन्होंने इस नये जनपद की परिधि में आने वाले सभी लोगों से इस जनपद के विकास में पूरा सहयोग देने की अपील की।
माननीया मुख्यमंत्री जी ने कहा कि उ.प्र. के समस्त क्षेत्रों में ‘‘संतुलित व समग्र विकास‘ उपलब्ध हो तथा उ.प्र. की जनता को बेहतर भविष्य मिले। इसके लिए उनकी पार्टी उ.प्र. का पुर्नगठन करके ‘‘पूर्वांचल, बुन्देलखण्ड व पश्चिमी उत्तर प्रदेश‘‘ को अलग से राज्य गठित करने की हमेशा ही पक्षधर रही है। जिनका गठन करना केन्द्र सरकार के अधिकार क्षेत्र में आता है। उन्होेंने अफसोस व्यक्त करते हुए कहा कि दुःख की बात यह है कि इस मामले में केन्द्र में कांग्रेस व बीजेपी ने अपने-अपने शासनकाल के दौरान अभी तक भी कोई सार्थक कदम नहीं उठाये हैं। जबकि इस सन्दर्भ में उनकी पार्टी व सरकार कई बार केन्द्र सरकार को चिट्ठी लिख चुकी है। इसके साथ-साथ उनकी सरकार ने प्रदेश में अन्य पिछड़े वर्गों की कुछ जातियों को ‘अनुसूचित जाति की सूची में,‘‘ और साथ ही देश में ‘‘मुस्लिम व जाट समाज‘‘ के लोगों को, अन्य पिछड़े वर्गों की केन्द्रीय सूची में, इनके आरक्षण के कोटे को बढ़ाये जाने व इनकी आबादी के हिसाब से इनका अलग से कोटा निर्धारित करने की शर्त के साथ इन्हें शिक्षा, नौकरियों व अन्य और जरूरी क्षेत्रों में भी आरक्षण दिये जाने तथा देश में ‘‘अपरकास्ट समाज‘‘ में से गरीब लोगों को भी आर्थिक आधार पर सभी मामलों में, इन्हें अलग से आरक्षण दिये जाने के लिए भी हमारी पार्टी की सरकार ने केन्द्र सरकार को कई बार चिट्ठी लिखी है।
सुश्री मायावती जी ने कहा कि इसके अलावा देश में ‘‘अनुसूचित जाति /जनजाति‘‘ की बढ़ी हुई आबादी के हिसाब से, इनके आरक्षण के कोटे में बढ़ोत्तरी करने व इनका केन्द्रीय व देश के ज्यादातर राज्यों में राज्य स्तरीय सरकारी नौकरियों में वर्षों से अधूरा पड़ा आरक्षण का कोटा पूरा करने के लिए और साथ ही प्राईवेट सेक्टर व माननीय न्यायपालिका एवं अन्य जिन भी क्षेत्रों में, इन वर्गों को अभी तक भी आरक्षण की सुविधा नहीं मिली है। ऐसे सभी क्षेत्रों में, इनको आरक्षण की सुविधा उपलब्ध कराने हेतु भी केन्द्र सरकार को बार-बार लिखित आग्रह किया गया है। लेकिन इन सभी मामलों को केन्द्र सरकार ने अभी तक भी ठण्डे बस्ते में डाला हुआ है।
माननीया मुख्यमंत्री जी ने कहा कि उनकी सरकार ने ‘‘अपने आर्थिक सीमित संसाधनों‘‘ को देखते हुये। प्रदेश में पूर्वांचल व बुन्देलखण्ड की तरह पश्चिमी उ.प्र. के विकास के लिये भी प्राईवेट सेक्टर के माध्यम से (पब्लिक प्राईवेट पार्टनरशिप - (पी0पी0पी0)) ‘‘जेवर अन्तर्राष्ट्रीय एयरपोर्ट, गंगा एक्सप्रेस-वे एवं अपर गंगा कैनाल एक्सप्रेस-वे’’ आदि जैसी अनेकों अति महत्वपूर्ण योजनायें बनाई है। जिनसे पश्चिमी उ.प्र. के विकास के साथ-साथ इस क्षेत्र के सभी जिलों के लोगों को भी काफी ज्यादा लाभ पहुँचता, जबकि इन परियोजनाओं में केन्द्र सरकार का कोई भी पैसा नहीं लगना था, केवल उनको कुछ मामलों में मंजूरी देनी थी, जो आज तक भी नहीं दी गयी है। इसके साथ ही पश्चिमी उ.प्र. में ‘‘माननीय इलाहाबाद उच्च न्यायालय’’ की एक खण्डपीठ की स्थापना का मामला भी केन्द्र सरकार के समक्ष अभी तक भी लम्बित पड़ा हुआ है।
सुश्री मायावती जी ने कहा कि पूर्व की सरकारों की विरासत में मिली प्रदेश की कमजोर आर्थिक स्थिति को ध्यान में रखकर उन्होंने सन् 2007 में, अपनी सरकार के बनते ही केन्द्र सरकार से ‘‘80,000 करोड़ रूपयों’’ का विशेष आर्थिक सहायता पैकेज देने की भी मांग की थी। लेकिन उनकी सरकार की इस माँग पर केन्द्र सरकार ने आज तक भी कोई सकारात्मक निर्णय नहीं लिया है। इसके बावजूद भी विरोधी पार्टियों द्वारा जनता में शुरू से ही यह भ्रम फैलाने का लगातार प्रयास किया जाता रहा है कि केन्द्र सरकार द्वारा प्रदेश को निर्धारित मापदण्डों से हटकर ‘अतिरिक्त‘ सहायता राशि दी जा रही है, जो कि पूर्णतयाः ‘‘गलत व तथ्यहीन‘‘ है।
माननीया मुख्यमंत्री जी ने कहा कि उत्तर प्रदेश में 13 मई सन् 2007 से उनकी पार्टी की सरकार बनी है, तब से केन्द्र सरकार द्वारा पिछले चार वर्षों में केन्द्रीय अंश जो निश्चित तौर पर यहाँ प्रदेश सरकार को यथासमय पर मिल जाना चाहिये था, उसे भी समय पर नहीं दिया गया है और आज भी केन्द्र सरकार के पास अपने प्रदेश का कई हजार करोड़ रूपया लम्बित पड़ा हुआ है। ऐसी स्थिति में भी हमारी पार्टी की सरकार ने अपने सीमित संसाधनों के जरिये ही प्रदेश में विकास व जनहित के काफी कार्य किये हैं।
सुश्री मायावती जी ने कहा कि देश में समय-समय पर दलित एवं अन्य पिछड़े वर्गों में जन्में महान् सन्तों, गुरूओं व महापुरूषों में भी खासतौर से ‘‘महात्मा ज्योतिबा फूले, छत्रपति शाहूजी महाराज, नारायणा गुरू, बाबा साहेब डा. भीमराव अम्बेडकर व मान्यवर श्री कांशीराम जी‘‘ आदि के बताये हुये रास्तों पर चलकर उनकी पार्टी की सरकार ‘‘सर्वजन हिताय व सर्वजन सुखाय‘‘ की नीति के अनुसार सरकार चला रही है। जिससे प्रदेश में पहली बार हर मामले में व हर स्तर पर यहाँ सर्वसमाज के लोगों को आगे बढ़ने का मौका मिला है।
माननीया मुख्यमंत्री जी ने इससे पूर्व जनपद मुरादाबाद के विकास कार्यों एवं कानून-व्यवस्था की स्थिति की गहन समीक्षा की। उन्होंने अनुसूचित जाति/जनजाति के लाभार्थियों को पट्टो के वितरण का प्रतिशत कम पाये जाने पर गहरी नाराजगी व्यक्त की और इसमें सुधार लाने के निर्देश दिये। इसके अलावा चुनाव कार्यालय तथा मतदाता पंजीकरण के कार्याें को संतोषजनक न पाये जाने पर इसमें सुधार लाये जाने के निर्देश दिये। उन्होंने कहा कि तहसील एवं थाना दिवस के रजिस्टर में शिकायत कर्ताओं के मोबाइल नम्बर भी दर्ज किये जायें, जिससे रेन्डम चैकिंग के दौरान समस्याओं का निस्तारण की जानकारी प्राप्त की जा सके। उन्होंने उत्तर प्रदेश जनहित गारण्टी कानून के प्रभावी क्रियान्वयन तथा इसके अन्तर्गत आच्छादित सेवाओं को निर्धारित समय के अन्तर्गत आम जनता को उपलब्ध कराने के भी निर्देश दिए।
माननीया मुख्यमंत्री जी ने डा0 अम्बेडकर ग्राम सभा विकास योजना के तहत अम्बेडकर ग्रामों में कराये जा रहे विभिन्न विकास कार्यों के बारे में जानकारी प्राप्त की। उन्होंने कहा कि सावित्री बाई फुले बालिका शिक्षा मदद योजना, महामाया गरीब बालिका आशीर्वाद योजना, मान्यवर श्री कांशीराम जी शहरी गरीब आवास योजना, उ0प्र0 मुख्यमंत्री महामाया गरीब आर्थिक मदद योजना सहित राज्य सरकार की अन्य योजनाओं के माध्यम से लाभान्वित होने वाले गरीब लोगों को इन योजनाओं का लाभ आसानी से मिलना चाहिए।
सुश्री मायावती जी ने कानून-व्यवस्था की समीक्षा करते हुए इसे और बेहतर बनाने के निर्देश देते हुए कहा कि उनकी सरकार गरीब, शोषित और दबे-कुचले लोगों को न्याय दिलाने के लिए कटिबद्ध है। इसको दृष्टिगत रखते हुए पुलिस प्रशासन से जुड़े अधिकारियों को पूरी संवेदनशीलता से कार्य करना चाहिए। उन्होंने सम्भल के थानों में वाहन चोरी घटनाएं ज्यादा पाये जाने पर कड़ी नाराजगी व्यक्त की और संबंधित पुलिस अधिकारियों को इस पर प्रभावी नियत्रंण स्थापित करने के निर्देश दिये।

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  • माननीया मुख्यमंत्री जी ने जनपद गाजियाबाद की तहसील हापुड़, गढ़मुक्तेश्वर तथा धौलाना को मिलाकर नया जनपद पंचशील नगर तथा धौलाना को नयी तहसील बनाने की घोषणा की
  • राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र में नये जनपद के गठन से इस पूरे इलाके का तेजी से विकास होगा
  • हापुड़ को जिला बनाने से लोगों में खुशी की लहर
  • माननीया मुख्यमंत्री जी ने जनपद गाजियाबाद के विकास एवं कानून-व्यवस्था की स्थिति एवं अन्य कार्यों की गहन समीक्षा की

cm-photo-28-09-2011-001उत्तर प्रदेश की मुख्यमंत्री माननीया सुश्री मायावती जी ने आज पश्चिमी उत्तर प्रदेश के भ्रमण के दौरान जनपद गाजियाबाद की तहसील हापुड़, गढ़मुक्तेश्वर एवं धौलाना को शामिल कर हापुड़ जनपद बनाने एवं इसका नाम ‘‘पंचशील नगर’’ रखने की घोषणा की। इसके अलावा उन्होंने एक नयी तहसील भी बनाने की घोषणा की है। उन्होंने कहा कि इस नवगठित जनपद का मुख्यालय हापुड़ होगा, लेकिन हापुड़ कस्बे का नाम हापुड़ ही बना रहेगा। उन्होंने कहा कि नवसृजित तहसील का नाम धौलाना होगा।
यह घोषणा माननीया मुख्यमंत्री जी ने आज हापुड़ तहसील प्रांगण में एक सभा को सम्बोधित करते हुए की। इस अवसर पर उन्होंने कहा कि उनकी पार्टी व सरकार परमपूज्य बाबा साहेब डा. भीमराव अम्बेडकर की सोच के मुताबिक ही छोटे राज्यों व छोटी प्रशासनिक इकाईयों के गठन की प्रबल समर्थक है। उन्होंने कहा कि यदि प्रशासनिक ईकाइयां छोटी होगीं तो कानून-व्यवस्था एवं विकास कार्यों की स्थिति को और ज्यादा बेहतर बनाने में प्रशासनिक तन्त्र को काफी आसानी होगी। इसी के साथ इलाके की जनता को भी काफी सुविधा होगी। उन्होंने कहा कि इसी सोच के आधार पर उनकी पार्टी की सरकार ने अपने सभी शासनकाल के दौरान उत्तर प्रदेश में अनेकों मण्डल, जनपद व तहसीलों का गठन किया है।
माननीया मुख्यमंत्री जी ने कहा कि तहसील हापुड़ का क्षेत्रफल 660 वर्ग किलोमीटर और जनसंख्या लगभग 10 लाख है। साथ ही नवसृजित तहसील धौलाना में शामिल किये जा रहे 91 ग्रामों में से आधे से अधिक ग्राम तहसील मुख्यालय हापुड़ से काफी दूरी पर हैं। इस नई गठित तहसील मुख्यालय धौलाना पर आम जनता की सुविधा के लिये विकास खण्ड पशु-चिकित्सालय, सामुदायिक स्वास्थ्य केन्द्र, सहकारिता तथा गन्ना विभाग के कार्यालय व शिक्षण संस्थायें पहले से ही मौजूद हैं। उन्होंने कहा कि मौजूदा जनपद गाजियाबाद की सीमायें राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली व यमुना नदी से प्रारम्भ होकर तहसील गढ़मुक्तेश्वर में गंगा नदी तक फैली हुयी हैं, जिसकी लम्बाई लगभग 100 से 125 किलोमीटर है।
माननीया मुख्यमंत्री जी ने कहा कि जनपद मुख्यालय से तहसील गढ़मुक्तेश्वर एवं ग्रामीण क्षेत्रों की दूरी 80 से 90 किलोमीटर है। वर्ष 2011 की जनगणना के अनुसार गाजियाबाद की जनसंख्या 46 लाख 61 हजार 452 है तथा नवसृजित जनपद की आबादी अब 14 लाख 22 हजार 43 होगी। उन्होंने कहा कि जनपद गाजियाबाद राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली के निकट होने के कारण यहाँ जनसंख्या का घनत्व अब काफी ज्यादा बढ़ गया है। इसके अलावा जनपद गाजियाबाद मुख्यालय से काफी दूरी पर स्थित तहसील हापुड़ व गढ़मुक्तेश्वर के ग्रामीण इलाकों की समस्याओं के तेजी से समाधान करने व इन क्षेत्रों में विकास कार्यों को अपेक्षित गति प्रदान करने में भी काफी कठिनाइयां आ रही थी। इतना ही नहीं बल्किी गाजियाबाद के शहरी इलाकों सहित इसके आस-पास के क्षेत्रों के औद्योगिक विकास तथा यहाँ काफी तादाद में शैक्षणिक संस्थानों के होने से कानून-व्यवस्था सम्बन्धी समस्यायें भी ज्यादा उत्पन्न हो रही थीं।
माननीया मुख्यमंत्री जी ने कहा कि इसके फलस्वरूप पुलिस एवं जिला प्रशासन की व्यस्ततायें और भी ज्यादा बढ़ जाती हैं। जिन्हें ध्यान में रखकर ही, आज नये जिले का गठन किया गया है। उन्होंने कहा कि नये जनपद ‘‘पंचशील नगर‘‘ के बन जाने से यहाँ कानून-व्यवस्था तथा विकास सम्बन्धी समस्याओं के समाधान को अपेक्षित गति मिलेगी। इससे समाज के दलित व अन्य पिछड़े वर्ग, धार्मिक अल्पसंख्यक तथा सर्वसमाज में से गरीब लोग खासतौर से लाभान्वित होेंगे। इसके साथ-साथ राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र में नये जनपद पंचशील नगर के गठन होने से इसके सम्पूर्ण इलाके का तेजी से विकास होगा और यहाँ शान्ति व्यवस्था कायम रखने में प्रशासन को काफी मदद मिलेगी। उन्हांेने कहा कि उनकी सरकार इस नये जनपद के चहुंमुखी विकास के लिए धन की कमी नहीं होने देगी। उन्होंने लोगों से अपील की कि वे इस जनपद के विकास में पूरा सहयोग दें।
इस मौके पर माननीया मुख्यमंत्री जी ने अपने सम्बोधन में कहा कि उत्तर प्रदेश के समस्त क्षेत्रों में संतुलित व समग्र विकास उपलब्ध कराने तथा प्रदेश की सम्पूर्ण जनता के बेहतर भविष्य के लिए उनकी पार्टी उत्तर प्रदेश का पुनर्गठन करके पूर्वांचल, बुन्देलखण्ड व पश्चिमी उत्तर प्रदेश को अलग राज्य गठित करने की हमेशा पक्षधर रही है। उन्होंने कहा कि राज्यों का गठन केन्द्र सरकार के अधिकार क्षेत्र में आता है। उन्होंने अफसोस जताते हुए कहा कि इस मामले में केन्द्र में कांग्रेस व बीजेपी ने अपने-अपने शासनकाल के दौरान अभी तक कोई सार्थक कदम नहीं उठाये हैं। जबकि इस सन्दर्भ में उनकी पार्टी व सरकार कई बार केन्द्र सरकार को चिट्ठी भी लिख चुकी है।
माननीया मुख्यमंत्री जी ने कहा कि उनकी सरकार ने प्रदेश में अन्य पिछड़े वर्गों की कुछ जातियों को अनुसूचित जाति की सूची में तथा देश में मुस्लिम व जाट समाज के लोगों को, अन्य पिछड़े वर्गों की केन्द्रीय सूची में, इनके आरक्षण के कोटे को बढ़ाये जाने व इनकी अर्थात् जिनको शामिल करना है, उनकी आबादी के हिसाब से इनका अलग से कोटा निर्धारित करने की शर्त के साथ इन्हें शिक्षा, नौकरियों व अन्य और जरूरी क्षेत्रों में भी आरक्षण दिये जाने तथा देश में अपरकास्ट समाज में से गरीब लोगों को भी आर्थिक आधार पर सभी मामलों में, इन्हें अलग से आरक्षण दिये जाने के लिए भी उनकी पार्टी की सरकार ने केन्द्र सरकार को कई बार चिट्ठी लिखी है।
माननीया मुख्यमंत्री जी ने कहा कि इसके अलावा देश में अनुसूचित जाति /जनजाति की बढ़ी हुई आबादी के हिसाब से, इनके आरक्षण के कोटे में बढ़ोत्तरी करने व इनका केन्द्रीय व ज्यादातर राज्यों में राज्य स्तरीय सरकारी नौकरियों में वर्षों से अधूरा पड़ा आरक्षण का कोटा पूरा करने और साथ ही प्राईवेट सेक्टर व माननीय न्यायपालिका एवं अन्य जिन भी क्षेत्रों में, इन वर्गों को अभी तक आरक्षण की सुविधा नहीं मिली है। ऐसे सभी क्षेत्रों में, इनको आरक्षण की सुविधा उपलब्ध कराने हेतु भी केन्द्र सरकार को बार-बार लिखित आग्रह किया गया है। लेकिन इन सभी मामलों को केन्द्र सरकार ने अभी तक ठण्डे बस्ते में डाला हुआ है।
माननीया मुख्यमंत्री जी ने कहा कि इतना ही नहीं बल्कि उनकी सरकार ने अपने सीमित आर्थिक संसाधनों को देखते हुये प्रदेश में पूर्वांचल व बुन्देलखण्ड की तरह पश्चिमी उत्तर प्रदेश के विकास के लिये भी प्राईवेट सेक्टर के माध्यम से (पब्लिक प्राईवेट पार्टनरशिप) जेवर अन्तर्राष्ट्रीय एयरपोर्ट, गंगा एक्सप्रेस-वे एवं अपर गंगा कैनाल एक्सप्रेस-वे आदि अनेकों अति महत्वपूर्ण योजनायें बनाई हैं। उन्होंने कहा कि इन योजनाओं से पश्चिमी उत्तर प्रदेश के विकास के साथ-साथ इस क्षेत्र के सभी जिलों के लोगों को काफी लाभ पहुँचता। उन्होंने कहा कि इन परियोजनाओं में केन्द्र सरकार का कोई पैसा नहीं लगना था, केवल उनको कुछ मामलों में मंजूरी ही देनी थी, लेकिन केन्द्र ने आज तक मंजूरी नहीं दी। इसके साथ ही पश्चिमी उत्तर प्रदेश में माननीय इलाहाबाद उच्च न्यायालय की एक खण्डपीठ की स्थापना का मामला भी केन्द्र सरकार के समक्ष अभी तक लम्बित पड़ा है।
माननीया मुख्यमंत्री जी ने कहा कि इसके अलावा पूर्व की सरकारों की विरासत में मिली प्रदेश की कमजोर आर्थिक स्थिति को ध्यान में रखकर सन् 2007 में, उनकी सरकार के बनते ही केन्द्र सरकार से 80,000 का विशेष आर्थिक सहायता पैकेज देने की भी मांग की थी। लेकिन उनकी सरकार की इस माँग पर केन्द्र सरकार ने आज तक कोई सकारात्मक निर्णय नहीं लिया है। इसके बावजूद विरोधी पार्टियों द्वारा जनता में शुरू से ही यह भ्रम फैलाने का लगातार प्रयास किया जाता रहा है कि केन्द्र सरकार द्वारा प्रदेश को निर्धारित मापदण्डों से हटकर अतिरिक्त सहायता राशि दी जा रही है, जो कि पूर्णतयाः गलत व तथ्यहीन है। उन्होंने कहा कि इस मामले में सच्चाई यह है कि 13 मई, 2007 से उत्तर प्रदेश में उनकी पार्टी की सरकार बनने के बाद से ही केन्द्र सरकार द्वारा पिछले चार वर्षों में जो केन्द्रीय अंश निश्चित तौर पर प्रदेश सरकार को यथासमय पर मिल जाना चाहिये था, उसे भी समय पर नहीं दिया गया है।
माननीया मुख्यमंत्री जी ने कहा कि इस समय भी केन्द्र सरकार के पास प्रदेश का कई हजार करोड़ रूपया लम्बित पड़ा है। ऐसी स्थिति में भी उनकी पार्टी की सरकार ने अपने सीमित संसाधनों के जरिये ही प्रदेश में विकास व जनहित के काफी कार्य किये हैं। साथ ही कानून-व्यवस्था व अपराध नियन्त्रण के मामले में भी उनकी सरकार ने अनेकों ठोस कदम उठाये हैं। उन्होंने कहा कि इन सभी बातों की विस्तार से जानकारी 13 मई, 2011 को उनकी सरकार द्वारा जारी की गई सरकारी किताब में दी गयी है।
माननीया मुख्यमंत्री जी ने आशा व्यक्त की कि उनकी सरकार द्वारा गाजियाबाद जिले में से जो एक और नया जिला बनाया है, इससे दोनों जिलों के लोगों को हर मामले में काफी ज्यादा लाभ मिलेगा। उन्होंने कहा कि देश में समय-समय पर दलित एवं अन्य पिछड़े वर्गों में जन्में महान् सन्तों, गुरूओं व महापुरूषों में भी खासतौर से महात्मा ज्योतिबा फूले, छत्रपति शाहूजी महाराज, नारायणा गुरू, बाबा साहेब डा. भीमराव अम्बेडकर व मान्यवर श्री कांशीराम जी आदि के बताये हुये रास्तों पर चलकर उनकी पार्टी की सरकार सर्वजन हिताय व सर्वजन सुखाय की नीति के अनुसार सरकार चल रही है। जिससे प्रदेश में पहली बार हर मामले में व हर स्तर पर यहाँ सर्वसमाज के लोगों को आगे बढ़ने का मौका मिला है।
इस अवसर पर माननीया मुख्यमंत्री जी ने कहा कि कुछ महीने पूर्व उन्होंने स्वयं राज्य के सभी 72 जिलों में जाकर विकास व जनहित एवं कानून-व्यवस्था व अपराध नियन्त्रण के कार्यों की जमीनी हकीकत जानने के लिए समीक्षा की थी। समीक्षा के दौरान, जिन जिलों में उन्हें ज्यादा कमियां मिली थी, उन कमियों से जुड़े अधिकारियों के खिलाफ उनकी सरकार द्वारा काफी सख्त कार्यवाही की गयी। साथ ही सरकार के वरिष्ठ अधिकारियों को ऐसे जिलों में ज्यादा ध्यान देने के लिए निर्देंशित भी किया गया है। उन्होंने कहा कि जिन जिलों में ठीक कार्य किये गये थे, वहाँ के अधिकारियों की प्रशंसा भी की गयी। उन्होंने कहा कि निरीक्षण के दौरान अधिकारियों को यह स्पष्ट तौर पर कहा गया था कि उनके द्वारा कुछ महीनों के बाद कार्यांे की पुनः समीक्षा की जायेगी। इसी क्रम में आज जनपद गाजियाबाद के विकास एवं कानून-व्यवस्था की स्थिति एवं अन्य कार्यों की गहन समीक्षा की गई।
समीक्षा बैठक में माननीया मुख्यमंत्री जी ने कहा कि प्रदेश सरकार जनहित से जुड़ी योजनाओं एवं विकास कार्यों की गुणवत्ता को लेकर बेहद संवेदनशील है और इस मामले में किसी प्रकार की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। उन्होंने अनुसूचित जाति/जनजाति व गरीबों को आवंटित कृषि एवं आवासीय पट्टों की जमीनों पर अवैध कब्जा हटाने तथा लाभार्थियों को भौतिक कब्जा दिलाने के साथ ही अवैध कब्जा धारकों के खिलाफ कार्यवाही करने के निर्देश दिये। इसके साथ ही उन्होंने उत्तर प्रदेश जनहित गारण्टी कानून के प्रभावी क्रियान्वयन तथा इसके अन्तर्गत आच्छादित सेवाओं को निर्धारित समय के अन्तर्गत आम जनता को उपलब्ध कराने के निर्देश दिए।
माननीया मुख्यमंत्री जी ने डा0 अम्बेडकर ग्राम सभा विकास योजना के तहत कराये जा रहे विभिन्न विकास कार्यों के बारे में जानकारी प्राप्त की, उन्होंने कहा कि सावित्री बाई फुले बालिका शिक्षा मदद योजना, महामाया गरीब बालिका आशीर्वाद योजना, मान्यवर श्री कांशीराम जी शहरी गरीब आवास योजना, उ0प्र0 मुख्यमंत्री महामाया गरीब आर्थिक मदद योजना सहित राज्य सरकार की अन्य योजनाओं के माध्यम से लाभान्वित होने वाले गरीब लोगों को इन योजनाओं का लाभ आसानी से मिलना चाहिए। उन्होंने कहा कि तहसील एवं थाना दिवस के रजिस्टर में शिकायतकर्ताओं के मोबाइल नम्बर भी दर्ज किये जायें, जिससे रैण्डम चेकिंग के दौरान समस्याओं के निस्तारण की जानकारी प्राप्त की जा सके।
माननीया मुख्यमंत्री जी ने कानून-व्यवस्था की समीक्षा करते हुए इसे और बेहतर बनाने के निर्देश देते हुए कहा कि उनकी सरकार गरीब, शोषित और दबे-कुचले लोगों को न्याय दिलाने के लिए कटिबद्ध है, इसको दृष्टिगत रखते हुए पुलिस प्रशासन से जुड़े अधिकारियों को पूरी संवेदनशीलता से कार्य करना चाहिए। उन्होंने कहा कि उनकी सरकार ने अधिकारियों को कानून के दायरे में रहकर बिना दबाव के काम करने की पूरी आजादी दे रखी है, इसके बावजूद भी यदि गरीबों, दलितों, महिलाओं का उत्पीड़न होता है, तो उनके खिलाफ कड़ी कार्यवाही की जाएगी। उन्होंने तहसील दिवस एवं थाना दिवस पर आने वाली जन-समस्याओं का निस्तारण पूरी गम्भीरता एवं गुणवत्ता से करने के निर्देश दिए। उन्होंने थाना हापुड़ में खराब सफाई व्यवस्था पर असन्तोष व्यक्त करते हुए थानाध्यक्ष को फटकार लगाई तथा पुलिस अधीक्षक को इन कार्यों में सुधार लाने के निर्देश दिये। उन्होंने हापुड़ तहसील दिवस रजिस्टर में मोबाईल नम्बर अंकित न किये जाने को गंभीरता से लेते हुए निर्देशित किया कि तहसील एवं थाना दिवस रजिस्टर में शिकायतकर्ताओं के मोबाईल नम्बर अवश्य दर्ज किये जायें। इस अवसर पर उन्होंने पिछले निरीक्षण के दौरान जनपद से सम्बन्धित पायी गयी कमियों की जानकारी प्राप्त की। उन्हें बताया गया कि पिछले भ्रमण के दौरान पायी गयी खामियों को दूर कर दिया गया है और उस समय दिये गये सभी निर्देर्शाें का अनुपालन सुनिश्चित कराया जा रहा है।

सुरेन्द्र अग्निहोत्री
मो0 9415508695
upnewslive.com

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माननीया मुख्यमंत्री जी ने मा0 प्रधानमंत्री जी को पत्र लिखा

Posted on 28 September 2011 by admin

  • माननीया मुख्यमंत्री जी प्रधानमंत्री जी से उ0प्र0 की मांग के अनुरूप यूरिया, डी0ए0पी0, एन0पी0के0 तथा अन्य उर्वरक उपलब्ध कराने का अनुरोध किया
  • किसानांे की खुशहाली के बगैर प्रदेश का विकास और समृद्धि संभव नहीं - माननीया मुख्यमंत्री जी
  • प्रदेश की जरूरत के मुताबिक उर्वरकों की आपूर्ति न किये जाने से उत्पादकता प्रभावित होने के साथ ही किसानों में रोष व्याप्त होगा

उत्तर प्रदेश की मुख्यमंत्री माननीया सुश्री मायावती जी ने मा0 प्रधानमंत्री डाॅ0 मनमोहन सिंह को पत्र लिखकर उत्तर प्रदेश की मांग के अनुरूप यूरिया, डी0ए0पी0, एन0पी0के0 तथा अन्य उर्वरक उपलब्ध कराने का अनुरोध किया है, ताकि प्रदेश अपेक्षित उत्पादन प्राप्त कर सके एवं प्रदेश के किसानों में असंतोष व्याप्त न हो।
सुश्री मायावती जी ने अपने पत्र में कहा है कि प्रदेश में रबी फसलों की अपेक्षित उत्पादकता प्राप्त करने के दृष्टिकोण से प्रदेश द्वारा भारत सरकार से 40 लाख मी0टन यूरिया, 12 लाख मी0टन डी0ए0पी0, 0.50 लाख मी0टन एम0ए0पी0, 01 लाख मी0टन डी0ए0पी0 लाइट, 8.50 लाख मी0टन एन0पी0के0, 2.50 लाख मी0टन एम0ओ0पी0, 2.50 लाख मी0टन एस0एस0पी0 इस प्रकार कुल 67 लाख मी0टन उर्वरकों की मांग की गयी थी, जिसके सापेक्ष जोनल कांफ्रेंस एवं नेशनल कांफ्रेंस में प्रदेश द्वारा दृढ़तापूर्वक अपनी मांग प्रस्तुत किये जाने के बावजूद प्रदेश को मात्र 33 लाख मी0टन यूरिया, 9.15 लाख मी0टन डी0ए0पी0, 6 लाख मी0टन एन0पी0के0, 2.50 लाख मी0टन एम0ओ0पी0 तथा 2.50 लाख मी0टन एस0एस0पी0 इस प्रकार कुल 53.15 लाख मी0टन का आवंटन किये जाने हेतु सहमति प्रदान की गयी। उन्होंने कहा है कि उर्वरक एवं रसायन मंत्रालय भारत द्वारा यह भी अवगत कराया गया है कि उर्वरकों की गत् वर्ष प्राप्त 47.41 लाख मी0टन मात्रा तक की आपूर्ति हो पाएगी।
माननीया मुख्यमंत्री जी ने प्रधानमंत्री जी को अवगत कराया है कि इस वर्ष खरीफ में अच्छी वर्षा होने तथा पूर्वी उत्तर प्रदेश में हरित क्रान्ति योजना के 28 जनपदों में किसानों को कृषि निवेशों की प्रचुर उपलब्धता सुनिश्चित कराने हेतु निष्क्रिय 1200 सरकारी समितियों को सुदृढ़ किया गया है, जिसके फलस्वरूप उर्वरकों की मांग बढ़ गयी है। भारत सरकार द्वारा मांग के अनुरूप आवंटन न किये जाने से जहां एक ओर रबी फसलों का अपेक्षित उत्पादन प्राप्त करना सम्भव नहीं हो पायेगा, वहीं दूसरी ओर उर्वरकों की समय से उपलब्धता न होने से किसानों में रोष व्याप्त होगा।
उल्लेखनीय है कि प्रदेश सरकार द्वारा किसानांें को दी गयी विभिन्न सुविधाओं के फलस्वरूप उत्तर प्रदेश पूरे देश में खाद्यान्न उत्पादन के क्षेत्र में सर्वश्रेष्ठ राज्य (बेस्ट परफारमिंग स्टेट) का दर्जा हासिल करने में सफल रहा है। प्रदेश के किसानों की आय दोगुनी करने के लिए बीज, उर्वरक की समुचित व्यवस्था, सिंचाई की सुविधा तथा बिजली की सुचारू आपूर्ति सुनिश्चित की जा रही है। प्रदेश सरकार किसानों की मांग के अनुरूप उर्वरकों की आपूर्ति सुनिश्चित करने के लिए कटिबद्ध है, किन्तु केन्द्र सरकार इसमें सहयोग नहीं दे रही है।
माननीया मुख्यमंत्री जी का स्पष्ट मत है कि किसानांे की खुशहाली के बगैर प्रदेश का विकास और समृद्धि संभव नहीं है। इसलिए उन्होंने अपने हर कार्यकाल के दौरान किसानों की खुशहाली और कृषि सेक्टर के विकास को सर्वोच्च प्राथमिकता प्रदान की है। उन्होंने वर्तमान कार्यकाल की शुरूआत में ही किसानों की आमदनी को दोगुना करने के लिए एक कार्य येाजना तैयार करते हुए इसके क्रियान्वयन के लिए अनेक योजनाओं को अमली जामा पहनाया। इसके परिणाम स्वरूप उत्तर प्रदेश, हरियाणा एवं पंजाब जैसे राज्यों को पीछे छोड़ते हुए, पूरे देश में खाद्यान्न उत्पादन के क्षेत्र में बेस्ट परफारमिंग स्टेट का दर्जा हासिल करने में सफल रहा।

  • माननीया मुख्यमंत्री ने पत्र लिखकर प्रधानमंत्री का ध्यान प्रदेश के  राष्ट्रीय मार्गों की खराब दशा की ओर आकृष्ट कराया
  • जर्जर राष्ट्रीय मार्गों की स्थलीय वीडियोग्राफी की डी0वी0डी0 भी भेजी
  • माननीया मुख्यमंत्री जी ने राष्ट्रीय मार्गों की मरम्मत/सुधार के लिए आवंटित धनराशि शीघ्र अवमुक्त करने का अनुरोध किया
  • सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्रालय, भारत सरकार द्वारा  वर्ष 2010-11 की वार्षिक योजना धनराशि 900 करोड़  रुपये के सापेक्ष मात्र 50.50 करोड़ रुपये की  धनराशि ही अभी तक अवमुक्त की गयी

उत्तर प्रदेश की मुख्यमंत्री माननीया सुश्री मायावती जी ने प्रदेश के राष्ट्रीय मार्गों की बरसात के कारण हुई खराब दशा की ओर प्रधानमंत्री डाॅ0 मनमोहन सिंह का ध्यान एक पत्र के माध्यम से आकृष्ट कराया है। इस पत्र के साथ उन्होंने जर्जर राष्ट्रीय मार्गों की स्थलीय वीडियोग्राफी की डी0वी0डी0 भी अवलोकनार्थ संलग्न की है। 26 सितम्बर 2011 को लिखे गये इस पत्र में माननीया मुख्यमंत्री जी ने लिखा है कि विगत कई महीनों में भीषण बारिश के चलते प्रदेश के राष्ट्रीय मार्गों की हालत अत्यन्त दयनीय हो गयी है। ऐसे में, इन मार्गों की शीघ्र मरम्मत अत्यन्त आवश्यक है। माननीय प्रधानमंत्री जी का ध्यान आकृष्ट कराते हुए माननीया मुख्यमंत्री जी ने कहा कि सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्रालय, भारत सरकार द्वारा वर्ष 2010-11 की वार्षिक योजना धनराशि 900 करोड़ रुपये के सापेक्ष मात्र 50.50 करोड़ रुपये की धनराशि ही अभी तक अवमुक्त की गयी है।
सुश्री मायावती जी ने पत्र में आगे कहा है कि वर्ष 2011-12 की वार्षिक योजना की धनराशि 737 करोड़ रुपये के सापेक्ष 683.64 करोड़ रुपये के आगणन भारत सरकार को प्रेषित किये जा चुके हैं परन्तु अभी तक कोई भी धनराशि अवमुक्त नहीं की गयी है। इसके अतिरिक्त इस वर्ष भीषण वर्षा के कारण 41 करोड़ रुपये की संसूचित क्षतियों के सापेक्ष अपरिहार्य मरम्मत हेतु 30 करोड़ रुपये की धनराशि तत्काल अवमुक्त किये जाने का अनुरोध भी उत्तर प्रदेश सरकार ने किया था, परन्तु इस कार्य के लिए भी भारत सरकार द्वारा कोई भी धनराशि अभी तक अवमुक्त नहीं की गयी है। साथ ही, इस मद में विगत वर्ष की अवशेष धनराशि 15.75 करोड़ रुपये भी अभी तक अवमुक्त नहीं की गयी है।
माननीया मुख्यमंत्री जी ने माननीय प्रधानमंत्री जी को लिखे अपने पत्र में उल्लिखित किया है कि उनके सुलभ सन्दर्भ के लिए प्रदेश के राष्ट्रीय मार्गों की अत्यन्त दयनीय स्थिति के दृष्टिगत लोक निर्माण विभाग, उत्तर प्रदेश के अधीन 09 राष्ट्रीय मार्गों तथा भारतीय राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण के अधीन 09 राष्ट्रीय राजमार्गों के विभिन्न क्षतिग्रस्त भागों की स्थलीय वीडियोग्राफी की डी0वी0डी0 भारत सरकार को भेजी जा रही है। उन्होंने कहा कि संलग्न स्थलीय वीडियोग्राफी की डी0वी0डी0 के अवलोकन से स्वतः स्पष्ट हो जायेगा कि प्रदेश में राष्ट्रीय मार्गों के विभिन्न भागों की स्थिति अत्यन्त दयनीय हो चुकी है। माननीया मुख्यमंत्री जी ने माननीय प्रधानमंत्री से अनुरोध किया कि मरम्मत मद में अपेक्षित धनराशि शीघ्र स्वीकृत की जाये, ताकि क्षतिग्रस्त मार्गों पर मरम्मत/सुधार कार्य कराया जा सके, जिससे प्रदेश के जनसामान्य को सुगम यातायात की सुविधा सुलभ हो सके।
माननीया मुख्यमंत्री जी ने माननीय प्रधानमंत्री जी से प्रदेश में राष्ट्रीय राजमार्गांे के सुधार/मरम्मत के लिए प्राथमिकता के आधार पर अपेक्षित वित्तीय स्वीकृति जारी करने के लिए सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्रालय, भारत सरकार के वरिष्ठ अधिकारियों को निर्देशित करने का अनुरोध किया है, ताकि इन मार्गों की मरम्मत/सुधार शीघ्रातिशीघ्र कराया जा सके जिससे लोगों को सुगम यातायात की सुविधा उपलब्ध हो सके और प्रदेश का विकास भी बाधित न हो।
उल्लेखनीय है कि उत्तर प्रदेश सरकार द्वारा प्रदेश के राष्ट्रीय मार्गों की लगातार खराब होती स्थिति का हवाला देते हुए विगत 26 अगस्त को भी एक पत्र सचिव, सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्रालय, भारत सरकार को भेजा गया था। इस पत्र के माध्यम से अवगत कराया गया था कि उत्तर प्रदेश में कुल 43 राष्ट्रीय मार्ग हैं, जिनकी कुल लम्बाई 6681 किमी0 है, जिसमें से वर्तमान में 3178 किमी0 लम्बाई लोक निर्माण विभाग के अधीन है।
पत्र में कहा गया था कि भारत सरकार के सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्रालय द्वारा अभी तक न तो राष्ट्रीय मार्गों की वार्षिक योजना अनुमोदित की गयी है और न ही अपेक्षित वित्तीय स्वीकृतियां ही निर्गत की गई हैं जिसके कारण प्रदेश में राष्ट्रीय राजमार्गों की स्थिति दिन-प्रतिदिन अत्यन्त दयनीय होती जा रही है। इससे जहां एक ओर प्रदेश का विकास बाधित हो रहा है, वहीं दूसरी ओर जनसामान्य को अनावश्यक रूप से असुविधा का सामना भी करना पड़ रहा है। इस सन्दर्भ में 09 राष्ट्रीय मार्गों (सं0-93, 119, 74, 72ए, 73, 76, 76ई, 75ई, 7,19, 232, 91ए, 92, 97 व 74) के विभिन्न क्षतिग्रस्त चैनेजों की स्थलीय वीडियोग्राफी की सी0डी0 भी भेजी गयी थी। इस सी0डी0 के अवलोकन से स्वतः स्पष्ट था कि प्रश्नगत राष्ट्रीय राजमार्गों के विभिन्न चैनेजों की स्थिति अत्यन्त दयनीय हो चुकी थी।

सुरेन्द्र अग्निहोत्री
मो0 9415508695
upnewslive.com

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