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माननीया मुख्यमंत्री जी ने पूर्वांचल के अतिवृष्टि प्रभावित जिलों का हवाई सर्वेक्षण किया

Posted on 01 October 2011 by admin

  • अतिवृष्टि के कारण क्षतिग्रस्त सार्वजनिक सम्पत्तियों कीे  मरम्मत का कार्य युद्धस्तर पर तत्काल शुरू करने के निर्देश
  • क्षतिग्रस्त सड़कों की मरम्मत हेतु केन्द्र सरकार से  सी0आर0एफ0 के अन्तर्गत धनराशि की मांग की जाए
  • बचाव एवं राहत कार्यों के लिए धन की कोई कमी नहीं-माननीया मुख्यमंत्री जी
  • प्रभावित परिवारों को समुचित सहायता राशि शीघ्र वितरित की जाए

cm-flood-review-30sep2011उत्तर प्रदेश की मुख्यमंत्री माननीया सुश्री मायावती जी ने आज पूर्वांचल के भ्रमण के दौरान पिछले दिनों अतिवृष्टि से प्रभावित सोनभद्र, वाराणसी, चंदौली तथा मिर्जापुर जनपदों का हवाई सर्वेक्षण किया। हवाई सर्वेक्षण के दौरान उन्होंने पाया कि कई स्थानों पर अभी भी जल भराव की स्थिति बनी हुयी है तथा सड़कों की स्थिति भी खराब है। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिये कि क्षतिग्रस्त सड़कों की मरम्मत हेतु केन्द्र सरकार से सी0आर0एफ0 के अन्तर्गत धनराशि की मांग की जाये।
इसके पश्चात माननीया मुख्यमंत्री जी ने वाराणसी के बाबतपुर हवाई अडडे पर वाराणसी तथा मिर्जापुर के मण्डलायुक्तों, आई0जी0 तथा जिलाधिकारियों के साथ बैठक करके अतिवृष्टि से उत्पन्न स्थिति की जानकारी प्राप्त की तथा संचालित किये जा रहे राहत एवं पुनर्वास कार्यों की समीक्षा भी की। उन्होंने अतिवृष्टि से प्रभावितों को समुचित सहायता तथा क्षतिग्रस्त मकानों का आकलन करके युद्धस्तर पर मुआवजा वितरित करने के निर्देश दिये। माननीया मुख्यमंत्री जी ने अधिकारियों को निर्देशित किया कि जिन लोगों के मकान ध्वस्त हो गये हैं, उन्हें पात्रता के आधार पर इंदिरा आवास आवंटित किये जायें। उन्हांेने कहा कि बचाव एवं राहत कार्य के लिए धन की कोई कमी नहीं है। उन्होंने लोक निर्माण विभाग, सिंचाई आदि विभागों की क्षतिग्रस्त सार्वजनिक सम्पत्तियों के मरम्मत का कार्य युद्धस्तर पर तत्काल शुरू करने के निर्देश दिए।
माननीया मुख्यमंत्री जी ने सोनभद्र, वाराणसी, चंदौली तथा मिर्जापुर के जिलाधिकारियों को निर्देश दिये कि बाढ़ग्रस्त क्षेत्रों में बचाव व राहत कार्यों में किसी भी प्रकार की लापरवाही न बरती जाये। उन्होंने कहा कि मूसलाधार बरसात से क्षतिग्रस्त मार्गों, पुलों, बन्धों आदि की शीघ्र मरम्मत कराकर आवागमन को सुचारू बनाया जाये। उन्होंने अतिवृष्टि से हुई फसलों की क्षति का आकलन करके यथाशीघ्र मुआवजा वितरित करने के भी निर्देश दिये। उन्होंने प्रभावित जनपदों के जिलाधिकारियों एवं मण्डलायुक्तों को पूर्व में ही साफ तौर पर बताया जा चुका है कि बाढ़ पीड़ितों को हर सम्भव सहायता उपलब्ध करायी जाये।
माननीया मुख्यमंत्री जी ने प्रभावित क्षेत्रों में बाढ़ का पानी उतरने के बाद वहां टीमें बनाकर पेयजल के क्लोरीनेशन के साथ फाॅगिंग व ब्लीचिंग पाउडर का छिड़काव करने के निर्देश दिये। इसके अलावा उन्होंने जलमग्न क्षेत्रों में दैनिक जरूरतों की सभी चीजों को उपलब्ध कराने तथा संक्रामक रोगों से बचाव के लिए सभी आवश्यक प्रबन्ध करने की हिदायत भी दी। उन्होंने कहा कि बाढ़ग्र्रस्त क्षेत्रों में साफ पेयजल की व्यवस्था तत्काल बहाल की जाये।
उल्लेखनीय है कि माननीया मुख्यमंत्री जी ने इन क्षेत्रों में अतिवृष्टि की जानकारी प्राप्त होते ही पिछले सप्ताह मुख्य सचिव को प्रभावित इलाकों में भेजकर स्थिति का मौके पर जायजा लेने और लौटकर तत्काल रिपोर्ट देने के निर्देश दिए थे। मुख्य सचिव द्वारा उपलब्ध कराए गये फीडबैक के आधार पर माननीया मुख्यमंत्री जी ने प्रभावित जिलों में राहत एवं बचाव कार्य हेतु सोनभद्र व वाराणसी को 50-50 लाख, जौनपुर व गाजीपुर को 25-25 लाख तथा चन्दौली को 30 लाख रूपये की अतिरिक्त धनराशि तत्काल जारी करने के निर्देश दिए। उन्होंने अतिवृष्टि से हुई मौतों की स्थिति में मृतकों के परिवार को 01-01 लाख रूपये की अनुग्रह राशि तत्काल जारी करने के भी निर्देश दिये। इसी के साथ उन्होंने घायलों के समुचित इलाज की व्यवस्था करने के भी निर्देश दिये। उन्होंने मवेशियों को चारे आदि की व्यवस्था तथा बीमारी से बचाव हेतु टीकाकरण करने की व्यवस्था करने के निर्देश दिये।
बैठक में बताया गया कि माननीया मुख्यमंत्री जी के निर्देश पर जनपद मिर्जापुर में मृतकों के परिजनों को 10 लाख रूपये की आर्थिक सहायता वितरित की गयी तथा 25 सितम्बर से अब तक 10 हजार खाने के पैकेट, 38400 पैकेट लाई चना, 06 हजार लीटर मिट्टी का तेल, 03 हजार माचिस के पैकेट एवं 68 हजार गृह अनुदान व 10 लाख रूपये की अनुग्रह सहायता वितरित की गयी। बाढ़ग्रस्त क्षेत्रों में 37 बाढ़ चैकियाँ स्थापित की गयी हैं तथा 10 पी0ए0सी0 बोट लगायी गयी हैं। चिकित्सा सुविधा के लिए चिकित्सकों की टीम गठित कर आवश्यक दवाओं का वितरण करने के साथ ही 03 एम्बुलेंस भी लगायी गयी हैं।
जिलाधिकारी, चन्दौली ने बताया कि अतिवृष्टि से जनपद में कुल 74 ग्राम, करीब 28 हजार जनसंख्या एवं 1600 हेक्टेअर क्षेत्रफल प्रभावित हुआ है। 03 लोगों की मृत्यु हो चुकी है। लगभग 1400 मकान गिरे हैं और 02 करोड़ की सरकारी सम्पत्ति का नुकसान हुआ है। 25.50 लाख रूपये की सहायता राशि वितरित की जा चुकी है। प्रभावित क्षेत्रों में 12 मोटर नाव और 35 सामान्य नावें राहत कार्य में लगी हैं। डाॅक्टरों की 41 टीमें गठित कर प्रभावित क्षेत्रों का भ्रमण किया जा रहा है। लगभग 5900 परिवारों को पिछले एक सप्ताह से दोनों समय पका हुआ खाना दिया जा रहा है और 6400 परिवारों को एक सप्ताह का राशन वितरित किया गया है।
जिलाधिकारी मिर्जापुर ने बताया कि अतिवृष्टि से प्रभावित गांवों की संख्या 247 है। प्रभावित जनसंख्या 14,800 तथा मृतकों की संख्या 10 है। करीब 17,956 हेक्टेयर क्षेत्र में 50 प्रतिशत से अधिक फसलें क्षतिग्रस्त हुई हैं। बाढ़ से अलग पड़े गांवों में आवश्यक सुविधायें, राहत सामग्री एवं दवाओं का वितरण किया जा रहा है। विस्थापित परिवारों को पका भोजन दिया जा रहा है। इसी प्रकार सोनभद्र जनपद में बाढ़ से प्रभावित राबर्ट्सगंज और धोरावल तहसीलों में बचाव एवं राहत कार्य युद्धस्तर पर किया जा रहा है। क्षतिग्रस्त भवनों के अतिरिक्त प्रभावित कृषि क्षेत्र का भी सत्यापन कराया जा रहा है। अतिवृष्टि से प्रभावित गांवों की संख्या 150 है। करीब 8,147 हेक्टेयर कृषि क्षेत्रफल प्रभावित हुआ है।
जनपद वाराणसी में अतिवृष्टि के कारण 06 लोगों की मृत्यु हुई है। जल प्लावन वाले क्षेत्रों में बचाव एवं राहत कार्य निरन्तर किया जा रहा है। जल भराव वाले क्षेत्रों से पानी निकालने की व्यवस्था की गयी है। इसके साथ ही मृतकों के परिजनों को सहायता राशि उपलब्ध करायी जा रही है। अब तक 43.57 लाख रूपये की धनराशि वितरित की जा चुकी है। इस जनपद के चकिया, सदर, सकलडीहा तहसीलें ज्यादा प्रभावित हुई हैं। जिन क्षेत्रों में पानी उतर गया है वहां फाॅगिंग, दवा छिड़काव तथा मेडिकल टीम भेजने के निर्देश दिये गये हैं तथा जनपद को कुल 40 लाख रूपये की अतिरिक्त धनराशि आवंटित की गयी है। वर्तमान में गिरे हुए मकानों के संबंध में तहसील सदर में 35 लाख तथा पिण्डरा में 2,57,500 रूपये  की धनराशि वितरित की जा चुकी है। चन्दौली के प्रभावित गांवों में भी बचाव एवं राहत कार्य बड़े पैमाने पर किया जा रहा है। जनपद जौनपुर में अतिवृष्टि से प्रभावित तहसीलों की संख्या 06 है और 18 लोगों की मृत्यु हुई है। राहत एवं बचाव कार्य किया जा रहा है तथा मृतकों के परिजनों को सहायता राशि उपलब्ध करायी जा रही है।

सुरेन्द्र अग्निहोत्री
मो0 9415508695
upnewslive.com

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