Archive | राज्य

पूर्व सचिव के कार्यो की पुनरावृत्ति न होःश्री वर्मा

Posted on 05 August 2011 by admin

ऽ    लापरवाह पूर्व सचिव के चलते मण्डी हुई शर्मशार
ऽ    पूर्व लागू व्यवस्थाओं पर लगे पावन्दी

जनपद की चर्चित अमहट कृषि मण्डी वर्षो से मुशीबतों का पहाड तले दबी अब  नया रूप देखने को मिल रहा है। जहां नव निर्वाचित सचिव श्री वर्मा ने पुराने व्यवस्थाओं को दर किनार कर अव्यवस्थाओं से निजात दिलाने का प्रयास किया, जो लोगों में चर्चा का विषय बना हुआ है।
ज्ञात हो कि अमहट कृषि मण्डी में तैनात सचिव ने बताया कि पुलिस विभाग से लेकर सिविल नौकरियों को छोडते हुए अनुभव लेकर कार्य करने के सारे तरीके सीखा है। वाराबंकी और सुल्तानपुर की मण्डी का कार्यभार एक साथ दोनो देखते हुए बडी जिम्मेदारी से कार्य हो रहा है। अब अवैैध वसूली व गन्दगी का पर्याय बनी व्यवस्थाआंे से त्रस्त दूकानदार व ग्रांहकों को अब सुलभ सुविधा उपलब्ध करने के प्रयास में नव निर्वाचित सचिव आर.के.वर्मा ने महत्वपूर्ण कदम उठायें हैं। जिन्होने पूर्व सचिव द्वारा लागू व्यवस्थाओ ंकेा दरकिनार कर लाइसेन्स का पंजीयन,ठेकेदारी व्यवस्था, व्यापारियों के हित में गुणवत्ता पूर्ण जलपान की व्यवस्था, अवैैध वसूली आदि को रोकने में  पारदर्शिता बनाने का अथक प्रयास किया है। कई वर्षो से स्वच्छता का जिम्मा लेने वाले ठेकेदारों पर किसी भी समय गाज गिरने के आसार हैं। मानक के अनुसार सफाई कर्मियों के मानदेय नगर पालिका अनुसर 130 रूपये निर्धारित है,जिसका दोहन अभी तक के ठेकेदारो ने पूर्व सचिव के शह पर करते रहे है और वहीं पटरी गुमटी दुकानदारो से अवैैध वसूली भी जोरो  से होती रही। जिस पर अकुंश लगा कर पटरी दूकानदारो को परिधि के बाहर दुकान लगाने की हिदायत दी। जिससे जाम की समस्या व गन्दगी से व्यापारियों को न जूझना पडे। कर्मचारियों की कमी पर श्री वर्मा ने बताया कि कर्मचारियों की कार्यशैली में काफी कुछ परिर्वतन कर विभाग मंे लिपिक की तैनाती कराकर रूके कार्यो को निपटाने का प्रण लिया है। अपने अक्रामक भाव में कहा कि हर किसी को नियमानुसार ही छूट दिया गया है। कर्मचारी बिना इजाजत  के व कार्य पूर्ण की जानकारी देने के बाद ही वह कहीं जा सकता है। वहीं सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार पूर्व सचिव के तीन वर्षो का कार्यकाल प्रश्न चिन्ह बना रहा, व्यापारी दुकानदार व फडिया की कुछ पुकार अजीब सी रही। लोगो का कहना है कि लाइसेन्स बनावाने के नाम अवैध धन की वसूली, पुनः पंजीयन कराने की वसूली, दस वर्षो से तैनात प्र्यवेक्षक द्धारा व्यापारियों का दोहन, मण्डियो ंमें व्यापारियों की माल से भरी गाडी की अवैध वसूली पर 60 प्रतिशत के धन की वसूली  ठेले,गुमटी से वसूली करना विभाग की कमजोरी बना हुआ है। मण्डी के व्यापारी मो0शमीम विगत कई बार से अपनी कुछ माग पत्रों को लेकर व्यापारियों की समस्या व किसानों की विश्रमालय की सुविधा मुहैया कराये जाने के लिये अडे रहे।

सुरेन्द्र अग्निहोत्री
मो0 9415508695
upnewslive.com

Comments (0)

स्वच्छता का प्रतीक कूड़ों मे तब्दील

Posted on 05 August 2011 by admin

ऽ    मामला एसडीएम सदर के कार्यालय से सटा सुलभ शौंचालय का

एसडीएम सदर कार्यालय से सटकर बना सुलभ शौचालय कूडों की ढे़र में तब्दील हो गया है। प्रतिदिन सैकड़ों की तादात में आने वाले अधिवक्ता व बादकारियों को असुविधाओं को सामना करना पडता है। जिसकी सुध लेने वाला कोई नही है।
गौरतलब हो कि बर्षा ऋतु मे संक्रामक बीमारियों का प्रकोप बढ़ जाता है। शासन प्रशासन से लेकर स्थानीय लोग उक्त बीमारियों से निजात पाने के लिये हर सम्भव प्रयास करते रहते हंै। सूत्रों की माने तो सफाई के नाम पर लाखों रूपये पानी की तरह बहाये जा चुके हंै, परन्तु एसडीएम सदर कार्यालय उपहास बन कर रह गया है। जहां एसडीएम सदर कार्यालय से सटकर बना सुलभ शौचांलय अपनी यथा स्थित कुछ और ही बंया कर रहा है। स्वच्छता का प्रतीक सुलभ शौंचालय के सामने लगा कूडों का ढ़ेर तथा उसमें लटक रहे ताले आवागमन करने वाले लोगों का ध्यान बरबस अपनी ओर आकर्षित कर रहे हैं, वहीं प्रतिदिन सैकडो की तादात में उपस्थित अधिवक्ता व वादकारियेां को असुविधाओं का सामना करना पड़ता है,तथा गन्दगी के लगे अम्बार से संक्रामक बीमारियों का खतरा उत्पन्न हो गया  है, ऐसे में न तो कोई सफाई कर्मी अपनी जिम्मेदारी समझ रहा और न ही केाई  अधिकारी व कर्मचारी उक्त समस्याओं पर ध्यान दिया। जानकारो की माने तो वहीं एसडीएम संक्रामक बीमारियो पर अकुंश लगाने के लिये अपने मातहतां को हिदायत देते रहते हैं लेकिन यहाॅ तो वही है कि चिराग तले अधेरें वाली कहावत चरित्रार्थ करते हुए एसडीएम सदर आंख मूॅद लिए हैं।

सुरेन्द्र अग्निहोत्री
मो0 9415508695
upnewslive.com

Comments (0)

खराब नलकूप के चलते किसान परेशान, सिर्फ कागजों पर बहता पानी

Posted on 05 August 2011 by admin

पात्र व्यक्तियों को चयन कर जगह जगह क्षेत्र में नलकूप लगवाने का कार्य चुनाव परिणाम आने के बाद बडी तेजी से यह योजना रफ्तार पकडा था, तब किसानो ंमे एक आश जगी कि अब खेतो में पानी आसानी से पहुंचेगा। लेकिन विभाग की निष्क्रियता के चलते यह कार्य मात्र दिखावा बन कर रह गया। किसानों  का धान की रोपाई,फसलो की पैदावार बढाने के लिये जिस उम्मीद से सरकार पर  आशा बनाये रखा था उसे विभाग के अधिकारी व कर्मचारी धता बता कर ठन्डे बस्ते मे डाल दिया। एक ओर महकमा नलकूपों की शत प्रतिशत ठीक रखने का दावा कर रहा है। उसके दावे के सच माने तो खेत मे पानी सिर्फ कागजों पर ही बह रहा है। क्षेत्र के बरौसा, पीढी, कूरेभार, दियरा, जयसिंहपुर, पहाडपुर,सरैया आदि गावों के क्षेत्र मे तैनात पतरौल सिर्फ किसानो के खेत जाकर कागजों पर सिचाई चढ़ा अवैध वसूली कर रहे है, विभाग  बिगड़े नलकूप बनवाने की जहमत नही उठाते हैं। जयसिंहपुर के क्षेत्र मे ंलगभग 15 से अधिक नलकूप है जिसमे से काफी विगडे व नालिया टूटी हैं। मौजूदा किसान इसका लाभ उठा नही पा रहा है। क्षेत्र में राम मिलन, त्रिजुगी नाथ, हरीराम सहित कई किसान सरकार की इस योजना का लाभ न पाने से आक्रोशित हैं।

सुरेन्द्र अग्निहोत्री
मो0 9415508695
upnewslive.com

Comments (0)

राष्ट्रीय स्वास्थ्य बीमा योजना में सरकारी अस्पतालों की संख्या बढ़ी,निजी अस्पतालों का पत्ता साफ

Posted on 05 August 2011 by admin

बीते वित्तीय वर्ष में राष्ट्रीय स्वास्थ्य बीमा योजना के तहत मरीजों के इलाज के लिये चयनित कई निजी अस्पतालों में व्यापक अनियमितता के चलते जिला प्रशासन द्वारा ब्लैक लिस्टेड करके इस बार उनका पत्ता साफ कर सरकारी अस्पतालों की संख्या बढ़ा दिया है। प्राप्त सूचना के अनुसारे राष्ट्रीय स्वास्थ्य बीमा योजना में कई निजी अस्पतालों के स्मार्ट कार्ड के द्वारा गरीबों के इलाज के लिये चयनित किया गया था। परन्तु भारी अनियमितता के चलते उनके स्मार्ट कार्ड का नवीनीकरण नही किया गया। निजी अस्पतालों मे स्मार्ट कार्ड पर ऐसे रोगों का इलाज एवं आपरेशन कर दिया जो सुविधा उन अस्पतालेां में थी ही नही। यही नही एक -एक दिन में भर्ती मरीजांें की सख्ंया बेडों से अधिक दिखा दी गयी थी। इस तरह फर्जीवाड़ा कर कुछ अस्पतालों ने सरकार के लाखों रूपये डकार गये। योजना के तहत इस बार ऐसे अस्पतालों को बाहर कर दिया गया। जिन्होंने नियमतः कार्य नहीं किया । चालू वर्ष में स्मार्ट कार्ड पर इलाज के लिये नये अस्पतालों मंे सरकारी चिकित्सालयेां केा वरीयता दी गयी है । इसबार सात सरकारी अस्पतालों को इस योजना में और शामिल किया गया। अब स्मार्ट कार्ड पर इलाज करने वालो में सरकारी अस्पतालों की संख्या 23 हो गयी है। इस प्रकार 14 निजी एंव 9 सरकारी अस्पताल शामिल हैं। सरकारी अस्पतालो में जिला महिला एंव जिला चिकित्सालय भी शामिल हैं।

सुरेन्द्र अग्निहोत्री
मो0 9415508695
upnewslive.com

Comments (0)

डीएम रिणवा ने ली कानून व्यवस्था को लेकर बैठक

Posted on 05 August 2011 by admin

रमजान व श्रावणमास पर चाक चैाबंद व्यवस्था के निर्देष
spn-05जिलाधिकारी नवदीप रिणवा की अध्यक्षता में विकास भवन सभागार में कानून एवं शान्ति व्यवस्था की बैठक सम्पन्न हुई। बैठक को सम्बोधित करते हुए जिलाधिकारी ने इस माह पड़ने वाले रक्षा बंधन, रमजान, श्री कृष्ण जन्माष्टमी पर्वो को ध्यान शान्ति एवं प्रशासनिक अधिकारियों को कड़े निर्देश दिये कि वे अपने-अपने क्षेत्रों में नियमित रूप से भ्रमण करते रहें तथा अवांछनीय तथ्यों पर कड़ी नजर रखें। उन्होंने 26 अगस्त को जुमे की नमाज के अवसर पर सभी आवश्यक कदम उठाये जाने के भी निर्देश दिये। जिलाधिकारी ने कहा कि श्रावण मास में कांवरियों का बहुतायत आवागमन हो रहा है। ऐसे में मुख्य सड़क मार्ग जहां पर भट्टे हों या सड़क खराब हो उसे तुरन्त ठीक करायी जाये। अधिशासी अधिकारी नगर पालिका के निर्देश दिये कि बरेली मोड़ तथा पुत्तूलाल चैाराहा की व्यवस्था सुनिश्चित करायें उन्होंने पूरे माह साफ सफाई का कार्य एक अभियान के रूप में कराये जाने के निर्देश दिये। जिलाधिकारी ने कहा कि महिला उत्पीड़न की जो शिकायतें आती हैं उसमें दोषी को देखा जाये कि वह कहीं पूर्व में भी तो चिन्हित अपराधी नहीं है। पुलिस अधीक्षक ने सभी पुलिस उपाधीक्षकों को निर्देष दिये कि अपने-अपने क्षेत्रों में अवांछनीय तत्वों पर गहरी निगरानी रखें। उन्होंने अफवाह फैलाने वालों पर कड़ी नजर रखने के निर्देश दिये। इस अवसर पर अपर जिलाधिकारी कृष्ण कुमार अपर पुलिस अधीक्षक सुरेन्द्र कुमार वर्मा, एसपी सिटी दयाराम सरोज, सीओ सिटी शिवराज, उपजिलाधिकारी राम प्रकाश नगर मजिस्ट्रेट विनय कुमार पाठक सहित अन्य अधिकारीगण मौजूद थे।

सुरेन्द्र अग्निहोत्री
मो0 9415508695
upnewslive.com

Comments (0)

कुकुरमुत्तों की तरह उगे कोचिंग सेन्टर

Posted on 05 August 2011 by admin

बिना पंजीकरण चल रहे हैं सैकड़ों कोचिंग सेन्टर

शहर में गली-गली कोचिंग सेन्टरों का फैला जाल छात्रों और अभिभावकों की जेब पर करोड़ों रूपये का डाका डाल कर प्रतिवर्ष राजस्व विभाग को लाखों का चूना लगा रहे हैं। शिक्षा विभाग के अफसर इन अवैध कोचिंग संचालकों से माहवारी वसूल कर उन्हें राजस्व चोरी करने व अभिभावकों व छात्रों को दोनों हाथों से लूटने की खुली छूट दिये हुये हैं।
प्रतिवर्ष करोड़ों के कोचिंग कारोबार को व्यवस्थित कर उसे कर के दायरे में लाने के लिये प्रदेश सरकार ने नीति निर्धारित कर कोचिंग सेन्टरों का पंजीकरण अनिवार्य कर दिया और छात्र/छात्राओं की संख्या के आधार पर उसकी फीस तय कर दी लेकिन इसका अनुपालन नहीं हुआ। नाम मात्र की छात्र संख्या दर्शाकर कुछेक कोचिंग संचालकों ने पंजीकरण कराया। आज भी शहर में 99 फीसदी कोचिंग सेन्टर अवैध रूप से अपंजीकृत चल रहे हैं। जिनमें छात्रों की बेशुमार संख्या है। कोचिंग में पढ़ना आज का स्टेटस सिम्बल बन गया है और यही कोचिंग सेन्टर अश्लीलता के अड्डे बन गये। छात्र-छात्रायें कोचिंग के बाहर निकलते ही मौज मस्ती के वातावरण में डूब जाते हैं।
कोचिंग संचालकों का नजरिया पूरी तरह से व्यवसायिक हो चुका है। शिक्षा की गुणवत्ता से उन्हें कोई सरोकार नहीं है। अपरिपक्व शिक्षक और सरकारी स्कूलों में सेवारत शिक्षक इन कोचिंग सेन्टरों में पढ़ा कर अकूत धन जमा कर रहे हैं। कोचिंग सेन्टरों का कारोबार अब करोड़ों का व्यापार बन गया है। जहां केवल धन उगाही और मौज मस्ती का साधन है। अभिभावक भी इस लूट खसोट से परेशान हैं लेकिन प्रशासन और शिक्षा विभाग हाथ पर हाथ धरे बैठा है।

सुरेन्द्र अग्निहोत्री
मो0 9415508695
upnewslive.com

Comments (0)

शिक्षकों ने सौंपा भ्रष्ट बी.एस.ए. के खिलाफ ज्ञापन

Posted on 05 August 2011 by admin

ऽ    अवैैध धन वसूली व उत्पीडन का लगाया आरोप
ऽ    अक्रोशित महिलाओं ने की शोषण के खिलाफ उच्चस्तरीय जांच किये जाने की मांग

photo-nउत्तर प्रदेश प्राथमिक शिक्षक संध जूनियर हाई स्कूल सुल्तानपुर के बैनरतले सैकडों शिक्षकों का समूह व सैकडों महिला शिक्षकों का समूह एकत्रित होकर तिकोनिया पार्क में एक जुट हुए और बैठक को सम्बोधित करते हुए कहा कि जिला बेशिक शिक्षा अधिकारी द्वारा किये जा रहे शिक्षकों व शिक्षा मित्रों के उत्पीडन शोषण की कार्यवाही शिक्षक कभी बर्दास्त नहीं करेगें।  अब शिक्षक जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी से आर पार की लड़ाई लड़ने के लिये तैयार हैं।

सभा को सम्बोधित करते हुए काशी प्रसाद तिवारी अध्यक्ष क्षे0प्रा0शि0संध दूबेपुर ने कहा कि जनपद के विद्यालयांे को वर्ष 2008/.09 में विद्युती करण हेतु लगभग 27000 हजार ग्राम शिक्षा निधि खाते में भेजी गयी थी किन्तु शासन के आन्तरिक वायरिंग कराये जाने के आदेश के विरूद्व बेसिक शिक्षा अधिकारी ने 21 फरवरी 2009 को एक आदेश जारी कर निर्देशित किया कि दीवाल काटकर वायरिंग न कराई जाय। उक्त धनराशि में 1800 रूपये विजली का विल छोडकर शेष धनराशि 25188.00 कुछ चिन्हित ऐजन्सियों के माध्यम से वायरिंग कराते हुए वाह्य वायरिंग कराते हुए दबाव डालकर एजन्सियांे ंको भुगतान करा दिया गया था। दो वर्ष पश्चात जनपद के प्रधानाध्यापकों पर अनुचित दबाव बनाकर निलम्बन व वेतन रोके जाने की कार्यवाही करने की धमकी देते हुए बिना कोई धनराशि उपलब्ध कराये आन्तरिक वायरिंग हेतु वाध्य किया जा रहा है। शिक्षकांे का वेतन रोकने निलम्बन करने की कार्यवाही किसी न किसी बहाने से की जा रही है। और उनका उत्पीडन किया जा रहा है जैसी कई मागों केा लेकर उत्तर प्रदेश प्राथमिक शिक्षक संध ने जिला बेसिक शिक्षा photo-n1अधिकारी के खिलाफ मोर्चा खोलते हुए 5 सूत्रीय मागों केा प्रेषित करते हुए उपजिलाधिकारी सदर के माध्यम से महामहिम राज्यपाल महोदय केा प्रेषित किया और मांग किया कि शासकीय निर्देश के बावजूद कक्षा 5 और कक्षा 8 के वार्षिक परीक्षा वर्ष 2010-011 के पश्चात टेबुलेशन सीट अंकपत्र नही उपलब्ध कराये गये थे। उक्त मदद की धनराशि का भारी दुर्पयोग किये जाने की प्रबल सम्भावना से इन्कार नही किया जा सकता। शिक्षा मित्रों को निरीक्षण मे ंउपस्थित रहने पर भी उन्हे अनुपस्थित किया जा रहा है । इस अवसर पर सुरेन्द्र प्रताप पाण्डेय अध्यक्ष क्षेत्रीय प्राथमिक शिक्षक संघ कुड़वार राजेन्द्र प्रसाद पाण्डेय अध्यक्ष प्रा0शि0संध धनपदगंज,राजीव कुमार ंिमश्र अध्यक्ष कूरेभार, राजेन्द्र प्रसाद मिश्र, मालती सिंह,समीमअहमद,राजेन्द्र प्रसाद तिवारी,राम अशीष मौर्या, श्याम लाल वर्मा,श्यामविहारी, लालजी राव, आनन्द प्रकाश शुक्ला, राम इकबाल द्विबेदी,राम अवध यादव, केशवराम पाण्डेय,रणधीर सिहं,काशी प्रसाद वर्मा,सुख लाल,रामकलप, तुरन्ती राम,कमरूददीन खां,मेा0राशिद आदि सैकड़ों की संख्या में शिक्षक मौजूद रहे।

सुरेन्द्र अग्निहोत्री
मो0 9415508695
upnewslive.com

Comments (0)

विद्युत समस्या से किसान आहत,किसानों ने किया प्रर्दशन

Posted on 05 August 2011 by admin

भारतीय किसान मजदूर फाउण्डेशन अराजनैतिक के राष्ट्रीय अध्यक्ष चैधरी हृदय राम वर्मा के नेतृत्व में सैकड़ांे किसानों व दर्जनांे महिलाओं का समूह भारतीय किसान यूनियन कार्यालय से निकलकर जिलाधिकारी कार्यालय पहुंच कर प्रदेश सरकार की किसान विरोधी नीतियांे के खिलाफ नारे वाजी की गयी व किसानों पर हो रहे अत्याचार व थानों में दर्ज फर्जी मुकदमों मे फंसाये जाने के खिलाफ जिलाधिकारी सुल्तानपुर के माध्यम से महामहिम राज्यपाल महेादय को प्रेषित ज्ञापन सौंपा गया और आरोप लगाया गया कि किसानो ंएंव मजदूरों ने आप को कई शिकायती पत्र  प्रस्तुत किये, पर सम्बन्धित विभाग द्वारा न तो कार्यवाही करवाई गयी और न ही वार्ता की गयी। 21.जुलाई.2011 को दिये गये मांग पत्र पर पुनः कार्यवाही करायी जाय। जनपद में प्राथमिक व जूनियर स्तर के विद्यालयों में खाना बनाने वाली नियुक्ति रसोइंया जो मानक के अनुसार कार्य करती हैं, उन पर ग्राम प्रधानों ंद्वारा चुनावी रजिंश निकालने की नियत से कार्यवाही की जा रही है। उन्हें शीध्र ही पुनःअपने स्थान पर नियुक्त किया जाय। गलत तरीके से पद से हटाने वाले ग्राम प्रधान,प्रधानाध्यपक के उपर कार्यवाही की जाय। जनपद में विद्युत सप्लाई मानक के अनुसार नही दी जा रही है। लो बोल्टेज की समस्या पूरे जनपद में व्याप्त है। जिससे किसानो के मोटर,पम्पसेट,पंखे आदि चलने में समस्या हो रही है। किसान अपनी खेती नहीं कर पा रहंे ।ं विद्युत सप्लाई रोस्टर मानक  के अनुसार दिलाई जाय, आदि समस्याओं का समाधान कराया जाय नही तो भारतीय किसान मजदूर फाउण्डेशन अराजनैतिक गुट धरना प्रर्दशन के लिये वाध्य हेागा। इस अवसर पर जिलाअध्यक्ष रमा शंकर चैधरी,ओमप्रकाश,मीना,आदि सैकडों की संख्या में किसान व महिलायें मौजूद रही।

सुरेन्द्र अग्निहोत्री
मो0 9415508695
upnewslive.com

Comments (0)

फैशन का रूप में उभर रहा है नशा, कब बंद होगा यह नशे का खेल ?

Posted on 03 August 2011 by admin

देश का भविष्य दांव पर, सिगरेट व स्मैक का खुलेआम धुआं उड़ाते नजर आते है युवा

आखिर कहां गया नशा अन्मूलन अभियान? क्यो नहीं थम रही हैं नशीले पदार्थों की बिक्री, क्या यूहीं चलता रहेगा यह नशे का खेल। अगर हां तो समझ लीजिए कि देश का भविष्य कहलाने वाले नौनिहाल छोटे-छोटे बच्चे इसकी चपेट में आकर अपना व देश का भविष्य चैपट करने पर आमादा है। वहीं सरकारी कम्पनियों से मोटा कमीशन लेकर इनको बढ़ावा दे रही है। जहां आज पान मसाला, गुटका, सिगरेट स्मैक अब फैशन का रूप लेता जा रहा है। वहीं युवा वर्ग अब खुले आम गुटके की पिचकारी व सिगरेट का धुआं उड़ाते नजर आ रहे हैं। अधुनिकता की दौड़ में जहां नशे ने फैशन का रूप ले लिया है। वहीं युवा वर्ग इस नशे को अपनी शान समझते हैं। अब तो फैशन का आलम यह है कि जहां पहले पुरूषों में था। वहीं अब युवा छात्र, छात्रायें व महिलायें भी इसकी दौड़ में पूरी भागीदारी निभा रही है। जिसका परिणाम यह है कि आज देश का भविष्य कहलाने वाले युवा खुलेआम सिगरेट का कश लेते नजर आ रहे हैं। इन नशीले पदार्थों ने लोगों के दिलों में इस तरह से घर बना लिया रखा है। कि स्कूली छात्र,छात्रायें व महिलायें पान की दुकान पर जाकर इसे खरीदनें में हिचक महसूस नहीं करतीं। और यही कारण है कि निरन्तर विक्री बढ़ने के कारण पान मसाला, गुटका व सिगरेट के मूल्यों में वृद्वि हो गयी है। इसके बाद भी इसकी विक्री पर कोई फर्क नही पड़ा जिस कारण बाजार में ऐसी नशीली पदार्थों की विक्री के अनगिनत कम्पनियां उतर आयी हैं। वरहाल जहां इन नशीले पदार्थों पर अंकुश लगना नामुमकिन लग रहा है। वहीं युवा पीढ़ी इस नशीले अंधेरे कुऐं में गिरकर अपना जीवन बर्वाद करने पर तुले हैं। वहीं यह कम्पनियां दोनों हांथो से धन बटोर रहे हैं।

सुरेन्द्र अग्निहोत्री
मो0 9415508695
upnewslive.com

Comments (0)

मूलभूत सुविधाओं से आज भी वंचित है ग्राम मरेना

Posted on 03 August 2011 by admin

spn-02जैसे-जैसे मानसून सक्रिय होता है वैसे-वैसे कस्बा मीरानपुर कटरा के ग्राम मरेना में समस्यायें उत्पन्न हो जाती हैं। जहां ग्राम के सम्पर्क मार्ग बंद हो जाते हैं। वहीं ग्राम की गलियां नालियां चोक होने के कारण तालाब में तब्दील हो जाती है तथा गांव के चारों ओर पानी हो जाने के कारण ग्रामवासियों के आवागमन का रास्ता बंद हो जाता है।
जहां केन्द्र सरकार ग्रामीण क्षेत्रों के लिए अधिक से अधिक वजट भेज कर प्रदेश सरकार द्वारा ग्रामीण क्षेत्रों में सौन्दर्यीकरण व शहरीकरण लाने का प्रयास कर रही है। वहीं नगर के समीप सटा ग्राम पंचायत वीरमपुर के अन्तर्गत आने वाला ग्राम मरेना आज भी अपनी मूलभूत सुविधाओं से वंचित नजर आ रहा है। जहां ग्राम में जाने के लिए शारदा नहर की पटरी से निकाला गया सम्पर्क मार्ग इस बरसात के पानी से लबालब है। वहीं ग्रामीण कस्बा आने के लिए खेतों की पगडंडी से होकर गुजर रहे हैं। जैसे तैसे गांव में पहुंचने पर अगर दृष्टिपात किया जाये तो साफ नजर आयेगा कि बीसवीं सदी में बसे गांव आज भी त्रासदी की तरह नजर आ रहे हैं। गांव में बिजली के नाम पर जहां खाली पोल खड़े नजर आ रहे हैं। वहीं पूरे गांव के मार्ग कीचड़ व पानी से लबाजब भरे हुए हैं तथा लोग उसी कीचड़ उक्त मार्ग से आवागमन कर रहे हैं। पढ़ने लिखने वाले छोटे-छोटे spn-03बच्चे उस कीचड़ में खेल रहे हैं। पूछने पर ग्रामीणों ने बताया कि ग्राम मंे एक प्राथमिक विद्यालय है, परन्तु आज वह अपनी दुर्दशा पर आंसू बहा रह है। विद्यालय जरा सी बरसात में टपकने लगता है। पूरा विद्यालय जर्जर अवस्था में खड़ा है। जिसके भय के कारण ग्रामवासी बच्चों को भेजने से कतरा रहे हैं। ग्राम वासियों की सबसे बड़ी गम्भीर समस्या सरकार द्वारा दी जाने वाली योजना का है। ग्राम प्रधान ने किसी भी ग्रामवासी का वृद्धापेंशन, विधवा पेंशन व राशन कार्ड जैसी योजनाओं में अभी तक सम्मिलित नहीं किया गया। जिस कारण ग्रामीणों मंे जनप्रतिनिधियों के विरूद्ध आक्रोश उबल रहा है।

सुरेन्द्र अग्निहोत्री
मो0 9415508695
upnewslive.com

Comments (0)

Advertise Here

Advertise Here

 

September 2026
M T W T F S S
« Sep    
 123456
78910111213
14151617181920
21222324252627
282930  
-->









 Type in